Donald Trump का गुस्सा फूटा: ‘वेनेजुएला में पैसा डाला तो अंजाम भुगतोगे!’ अमेरिकी तेल कंपनी के CEO को खुली चेतावनी
Donald Trump ने अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों को Venezuela Oil Sector में निवेश की योजनाओं के संबंध में बुलाया था, लेकिन बैठक के बाद दिग्गज एक्सॉन मोबिल के सीईओ पर राष्ट्रपति भड़के हुए नजर आए.
अमेरिका की धमाकेदार स्ट्राइक के बाद वेनेजुएला की सियासत में भूचाल आ चुका है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के तुरंत बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े Venezuea Oil Sector पर अपना कब्जा जमाने का दावा कर माहौल और गरमा दिया। अब इस तेल के अपार खजाने से अरबों कमाने की तैयारी में उन्होंने अपने प्लान को तेज़ी से आगे बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में ट्रंप ने अमेरिका की 17 दिग्गज तेल कंपनियों के CEOs को व्हाइट हाउस बुलाकर अपना मास्टर प्लान सामने रख दिया। लेकिन इसी मीटिंग में एक बयान ने ट्रंप का पारा आसमान पर पहुंचा दिया।
17 तेल कंपनियों के दिग्गजों संग ट्रंप की हाई-लेवल मीटिंग
वेनेजुएला के करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार को फिर से दुनिया के सामने चमकाने के लिए ट्रंप ने तेल उद्योग के 17 दिग्गज नेताओं को एक अहम बैठक में तलब किया। उन्होंने कंपनियों को वेनेजुएला में हालिया राजनीतिक उलटफेर के बाद लगभग 100 अरब डॉलर झोंकने पर विचार करने को कहा। मगर इसी दौरान Exxon Mobil के CEO डैरेन वुड्स ने अपने पुराने कड़वे अनुभवों का हवाला देकर माहौल एक झटके में बदल दिया।
Exxon CEO ने सुनाए पुराने दर्द, गिनाई मुश्किलें
वुड्स ने मीटिंग में साफ कहा कि उनकी संपत्तियां वेनेजुएला में दो बार जब्त की जा चुकी हैं और तीसरी बार जाने से पहले बेहद बड़े कानूनी बदलाव जरूरी हैं। उन्होंने सख्त स्वर में बताया कि मौजूदा कानून और बिजनेस स्ट्रक्चर निवेश को सुरक्षित नहीं बनाते और इस माहौल में कोई भी कंपनी वहां पैसा लगाने का जोखिम नहीं उठाएगी। वुड्स ने वेनेजुएला के हाइड्रोकार्बन एक्ट में बड़े सुधार की मांग भी सामने रखी।
CEO वुड्स ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक कानूनी सुधार नहीं होते, वेनेजुएला में टिकाऊ निवेश की बात करना नामुमकिन है। उन्होंने ट्रंप को सलाह देते हुए कहा कि देश को निवेश के लिहाज से आकर्षक बनाने से पहले खुद वेनेजुएला सरकार को अपने नियम-कानून में बड़े बदलाव करने ही होंगे।
ट्रंप भड़के, एक्सॉन को दी बड़ी धमकी
वुड्स की बात ट्रंप को इतनी नागवार गुजरी कि मीटिंग खत्म होते ही उन्होंने प्रेस के सामने खुलकर अपना गुस्सा भी जताया। ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा कि एक्सॉन का रवैया उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया और वे कंपनी को वेनेजुएला प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर करने का फैसला भी ले सकते हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि एक्सॉन मोबिल ने "बहुत चालाकी" दिखाई है और इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ सकता है।
ट्रंप का ऐलान– ‘कौन वेनेजुएला में काम करेगा, यह हम तय करेंगे’
ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि पिछले नुकसान की भरपाई की मांग करने वाली कंपनियों का वह साथ देंगे, लेकिन पुरानी गलतियों का ठीकरा अमेरिका के सिर पर नहीं फोड़ा जाएगा। उन्होंने दोहराया कि वेनेजुएला में किस कंपनी को परमिशन मिलेगी और किसे नहीं– यह पूरी तरह उनके प्रशासन की मर्जी पर निर्भर करेगा। यानी अब तेल के इस खेल में असली खिलाड़ी सिर्फ व्हाइट हाउस होगा।
जानकारी के मुताबिक, एक्सॉन, कॉनोकोफिलिप्स और शेवरॉन कभी वेनेजुएला की सरकारी कंपनी PDVSA के मजबूत पार्टनर थे, लेकिन 2004 से 2007 के बीच राष्ट्रीयकरण की प्रक्रिया ने हालात बदल दिए। इसके बाद कंपनियों ने कानूनी लड़ाई शुरू की और अदालतों ने वेनेजुएला पर इन तीन दिग्गजों का करीब 13 अरब डॉलर से अधिक बकाया मान लिया।