बजट 2026 में काशी पर मोदी सरकार का मेगाप्लान! 2 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर + शिप रिपेयर स्टेशन, पूरा इलाका बदलेगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने बजट 2026-27 में वाराणसी के लिए दो हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है. इसके अलावा उन्होंने वाराणसी में इनलैंड वॉटरवे इको सिस्टम के लिए एक शिप रिपेयर सिस्टम बनाने की घोषणा की है.
केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वाराणसी के लिए ऐसी घोषणाएं की हैं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को अब हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है. इस बजट में सरकार ने 7 मेगा हाई स्पीड रेल रूट्स का रोडमैप पेश किया है, जिनमें से दो सीधे वाराणसी से जुड़ने वाले हैं. इससे काशी की कनेक्टिविटी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने वाली है.
वित्त मंत्री ने बताया कि हाई स्पीड रेल नेटवर्क को देशभर में तेजी से विस्तार दिया जाएगा. इसके तहत दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर एक बड़ा गेमचेंजर साबित होगा. वहीं उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत को मजबूती देने के लिए वाराणसी से सिलीगुड़ी तक दूसरा हाई स्पीड रूट बनाया जाएगा. इन दोनों प्रोजेक्ट्स से वाराणसी आने-जाने का सफर बेहद तेज और सुविधाजनक हो जाएगा.
सरकार ने जिन अन्य हाई स्पीड रेल कॉरिडोरों की रूपरेखा पेश की है, उनमें शामिल हैं–
मुंबई-पुणे हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
पुणे-हैदराबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
हैदराबाद-चेन्नई हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
हैदराबाद-बेंगलुरु हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
चेन्नई-बेंगलुरु हाई स्पीड रेल कॉरिडोर
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होगी. उन्होंने कहा कि पर्यावरण के अनुकूल, तेज़ और टिकाऊ पैसेंजर सिस्टम बनाने के उद्देश्य से 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर देश की ग्रोथ स्टोरी के नए कनेक्टर बनेंगे. इससे ग्रीन ट्रांसपोर्ट को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
वाराणसी के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए सीतारमण ने शहर में अत्याधुनिक जहाज मरम्मत सुविधा केंद्र बनाने की बात कही. इससे गंगा जलमार्ग पर चलने वाले जहाजों को बड़ी राहत मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा.
बजट में पर्यावरण हितैषी कार्गो मूवमेंट पर भी जोर दिया गया. इसके तहत पूर्वी भारत के डंकुनी को पश्चिमी भारत के सूरत से जोड़ने वाला नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनाया जाएगा. अगले 5 सालों में 20 नए जलमार्गों को शुरू करने की योजना भी पेश की गई है. इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे 5 से होगी, जो खनिज क्षेत्रों और औद्योगिक हब्स को सीधे प्रमुख बंदरगाहों से जोड़ेगा.
वित्त मंत्री ने बताया कि वाराणसी और पटना में इनलैंड वॉटरवे के लिए शिप रिपेयर इकोसिस्टम भी विकसित किया जाएगा. इससे दोनों शहरों को व्यापार, रोजगार और जलमार्ग विकास में बड़े अवसर मिलेंगे.
3 महत्वपूर्ण कर्तव्यों का ऐलान
सीतारमण ने कहा कि यह बजट कर्तव्य भवन से पेश किया गया पहला बजट है और इसे तीन प्रमुख कर्तव्यों की भावना से तैयार किया गया है. पहला कर्तव्य है—भारत की आर्थिक विकास रफ्तार को और तेज करना तथा वैश्विक अस्थिरता के बीच भी देश को मजबूत बनाना.
दूसरा कर्तव्य है—भारत के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करना, उनकी क्षमताओं को बढ़ाना और उन्हें राष्ट्र की प्रगति में मजबूत भागीदार बनाना. यह कदम भारत को एक सक्षम और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर ले जाएगा.
तीसरा कर्तव्य है—सबका साथ, सबका विकास की भावना को धरातल पर उतारना, ताकि हर क्षेत्र, हर समुदाय और हर परिवार तक संसाधन, सुविधाएं और अवसर समान रूप से पहुंच सकें. सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे.
हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से वाराणसी के विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है (Photo-Pexels)