भारत आगे बढ़े, चीन भी आए!’ दुनिया में वेनेजुएला का तेल बेचने को बेताब ट्रंप — दिया चौंकाने वाला खुला ऑफर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत ईरान और रूस से दूरी बनाकर वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. वैश्विक ऊर्जा व्यापार में बदलाव और बढ़ते प्रतिबंध भारत को वैकल्पिक सस्ते तेल स्रोत खोजने के लिए मजबूर कर रहे हैं. टैरिफ दबाव के बीच यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बनकर उभर रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि भारत अब ईरान नहीं, बल्कि वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शनिवार शाम पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने इशारा दिया कि ऊर्जा बाज़ार में तेज़ बदलाव के बीच भारत अपने रिफाइनिंग सेक्टर के लिए सस्ता और स्थायी विकल्प तलाश रहा है, और वेनेजुएला इस समय उसके लिए महत्वपूर्ण पार्टनर बन सकता है।
ट्रंप ने कहा, “चीन चाहे तो आगे आकर तेल पर शानदार डील कर सकता है। हम पहले ही अपनी डील फाइनल कर चुके हैं। भारत भी आगे बढ़ रहा है और ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इस समझौते की बुनियादी बातें पहले ही तय हो चुकी हैं।” उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार में हलचल बढ़ा दी है।
US President Donald J Trump added, “India is stepping in, and they're going to be buying Venezuelan oil instead of sourcing it from Iran.” इस बयान को विशेषज्ञ वैश्विक ऊर्जा संतुलन में बड़े बदलाव का संकेत मान रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब कई देशों की नजरें सस्ते और भारी क्रूड पर टिकी हैं।
गुजरात में स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की दो विशाल रिफाइनरियां हर दिन करीब 14 लाख बैरल कच्चा तेल प्रोसेस कर सकती हैं। ये प्लांट भारी, सस्ता और कठिन श्रेणी के कच्चे तेल को रिफाइन करने की उत्कृष्ट क्षमता रखते हैं। वेनेजुएला का ‘मेरे क्रूड’ इसी श्रेणी में आता है, जिसे पहले भी रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ाने के लिए रियायती दरों पर खरीदा जाता रहा है।
भारत की नई रणनीति: तेल आयात में संतुलन की बड़ी कोशिश
रूस से तेल आयात घटाने की तैयारी
हाल ही में खबर आई थी कि वॉशिंगटन द्वारा रूसी तेल पर टैरिफ बढ़ाए जाने के बाद भारत अब रूस से तेल खरीद कम करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले महीनों में भारत रोजाना कई लाख बैरल रूसी तेल आयात घटा सकता है, जिससे उसकी ऊर्जा नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
वेनेजुएला के तेल पर ट्रंप का नया ऑफर
मार्च 2025 में ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला से तेल लेने वाले देशों पर 25% टैरिफ लागू कर दिया था, जिसमें भारत भी शामिल था। साथ ही अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ दबाव बढ़ा दिया, जिन्हें 3 जनवरी को अमेरिकी बलों ने हिरासत में लिया था। इसके बाद अमेरिका के रुख में नरमी दिखाई देने लगी।
नई दिल्ली को संकेत दिए गए कि रूस से आयात में कमी की भरपाई के लिए वह वेनेजुएला का तेल फिर खरीद सकता है। इस रणनीति का उद्देश्य रूस की तेल कमाई को सीमित करना है, जो यूक्रेन युद्ध में आर्थिक सहारा बन रही है।
इसी बीच ट्रंप ने चीन को भी तेल पर खास डील का ऑफर दिया है, जिससे माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वैश्विक तेल बाज़ार में बड़ी हलचल हो सकती है।