लालू यादव को बड़ा झटका! लैंड फॉर जॉब स्कैम में कोर्ट ने तय किए आरोप, बढ़ी मुश्किलें
लालू परिवार से जुड़े लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में कोर्ट को पुख्ता सबूत मिले हैं.
पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को दिल्ली की अदालत से ऐसा झटका लगा है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. राउज एवेन्यू की स्पेशल कोर्ट ने बहुचर्चित ‘लैंड फॉर जॉब स्कैम’ में लालू यादव, उनके करीबी रिश्तेदारों और कई अन्य आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय करने का आदेश दे दिया है. रेल मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के बदले जमीन लेने के इस कथित घोटाले ने एक बार फिर सियासी हलचल मचा दी है.
अदालत ने अपने आदेश में साफ किया कि शुरुआती जांच में लालू यादव और उनके परिवार द्वारा एक बड़े पैमाने पर साजिश रचे जाने के संकेत मिले हैं. चार्जशीट के मुताबिक उनके बेहद नजदीकी सहयोगियों ने भी जमीन अधिग्रहण और नौकरी दिलाने की डील में अहम भूमिका निभाई, जिसे कोर्ट ने साजिश का हिस्सा माना है.
लालू यादव और परिवार की ओर से दायर ‘डिस्चार्ज’ की मांग पर भी कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि मामला खारिज करने का कोई आधार नहीं नजर आता. अदालत के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि परिवार के सदस्य सरकारी पद से हटने के बाद भी एक सुनियोजित आपराधिक नेटवर्क की तरह काम कर रहे थे.
52 लोग बरी, 41 पर मुकदमा जारी...
अदालत ने अपने फैसले में बताया कि संवैधानिक अधिकारों और सरकारी विवेक का दुरुपयोग साफ तौर पर दिखता है. कोर्ट ने 41 आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप तय किए हैं, जिन पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(1)(डी) और 13(2) के तहत अब मुकदमा चलेगा. वहीं, 52 आरोपियों को राहत मिली है, जिन्हें साक्ष्य न मिलने के कारण बरी कर दिया गया है.
इस फैसले के बाद जहां लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं, वहीं 52 लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित हुई है. हालांकि अब मुख्य आरोपियों समेत 41 व्यक्तियों पर मुकदमे की प्रक्रिया तेज़ होगी, जिससे पूरा मामला एक निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ता दिख रहा है. अदालत का रुख साफ है—यह मामला अब बेहद गंभीर चरण में प्रवेश कर चुका है.
जमीन के बदले नौकरी घोटाले में लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार फिर सुर्खियों में आ गया है. दिल्ली की अदालत ने आरोप तय करते हुए यह तक कह दिया कि शुरुआती नजर में यह पूरा परिवार एक ‘क्रिमिनल एंटरप्राइज’ की तरह संचालित होता दिखता है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है.