पैरों तले रखी ट्रॉफी का ‘अपमान’ पड़ा भारी! 3 साल बाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम पर टूटा ‘कुदरत का निजाम’, फैंस बोले, कर्मों का फल
वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेलिया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो मिचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वालिफाई नहीं कर पाई. जिसे फैन्स कह रहे कि आखिरकार कुदरत के निजाम (बारिश) ने जिम्बाब्वे का साथ दिया और मिचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ हो गई.
साल 2026 का रोमांच चरम पर है, लेकिन खेलप्रेमियों की यादों में 19 नवंबर 2023 की शाम आज भी ताजा है, जब ऑस्ट्रेलिया ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत को हराकर वनडे वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया था. उसी जीत के बाद मिचेल मार्श की वह विवादित तस्वीर पूरे देश में आग की तरह फैल गई थी, जिसमें उन्होंने ट्रॉफी को अपने पैरों के नीचे रखकर तस्वीर खिंचवाई थी. सोशल मीडिया पर तूफान मच गया था और फैंस भड़क उठे थे.
तब मार्श ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था और शायद वह दोबारा भी ऐसा कर दें. उन्होंने माना कि उन्होंने उस फोटो के बारे में सोचा भी नहीं था और यह इतना वायरल हो जाएगा, इसका अंदाजा उन्हें बिल्कुल नहीं था. उनका कहना था कि इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन देशभर के क्रिकेट प्रेमियों ने इसे अनादर के रूप में लिया था.
आज, 17 फरवरी को किस्मत का करारा तमाचा ऑस्ट्रेलिया पर फिर पड़ा है, क्योंकि वही पूर्व चैंपियन टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 तक भी नहीं पहुंच पाई. सोशल मीडिया पर लोग इसे सीधा-सीधा ‘कुदरत का निजाम’ बता रहे हैं—तीन साल पुराने अहंकार का बदला मानो अब जाकर मिला हो.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना किसी मैच से नहीं, बल्कि आयरलैंड और जिम्बाब्वे के बीच बारिश से रद्द हुए मुकाबले के बाद तय हुआ. जैसे प्रकृति ने खुद फैसला दिया हो कि अब समय है हिसाब बराबर करने का.
फैंस लगातार कमेंट कर रहे हैं कि जिस टीम ने 2023 में जीत के नशे में ट्रॉफी को पैरों तले रख दिया था, वह आज सुपर-8 में जगह बनाने के लिए भी जूझती दिखी. और अंत में ‘कुदरत का सिस्टम’ ऐसा चला कि कंगारू टीम को टूर्नामेंट से बाहर ही होना पड़ा.
‘कुदरत का निजाम’—एक ताकतवर उर्दू वाक्यांश, जिसका मतलब है प्रकृति का नियम, यानी Nature taking its course. जिस पर इंसान का कोई बस नहीं चलता.
बारिश बनी रियल लाइफ विलेन, जिम्बाब्वे की जबरदस्त किस्मत
जिम्बाब्वे मंगलवार को सीधे सुपर-8 में पहुंच गया, क्योंकि आयरलैंड के खिलाफ मैच लगातार बारिश से रद्द हो गया. इस एक फैसले ने पूरी ग्रुप की तस्वीर ही बदल दी और ऑस्ट्रेलिया तथा आयरलैंड दोनों की उम्मीदें यहीं खत्म हो गईं.
एक-एक अंक ने पलट दी पूरी कहानी
मैच रद्द होने पर दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला और जिम्बाब्वे के कुल पांच अंक हो गए. यही पांच अंक उन्हें सुपर-8 में पहुंचाने के लिए काफी रहे. अब 26 फरवरी को वह चेन्नई में भारत से भिड़ेगा. वह सुपर-8 में पहुंचने वाली सातवीं टीम बन गई है, जहां पहले से साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसे दिग्गज मौजूद हैं.
ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें पानी में बह गईं
बारिश से पहले समीकरण साफ था—ऑस्ट्रेलिया तभी आगे बढ़ सकता था, जब जिम्बाब्वे अपने दोनों बचे मैच हार जाए. लेकिन बादलों ने उनकी सारी उम्मीदों को धोकर बहा दिया और उनका अभियान बिना लड़े ही खत्म हो गया.
टॉस तक नहीं हो सका, मैदान पानी-पानी
पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मुकाबला हल्की बूंदाबांदी के कारण शुरू ही नहीं हो सका. मैदान लंबे समय तक कवर से ढका रहा और आउटफील्ड खेलने लायक नहीं बनी. आखिरकार बिना एक भी गेंद फेंके मैच रद्द करना पड़ा.
श्रीलंका पहले ही बना चुका था जगह
ग्रुप बी में शीर्ष पर बैठे श्रीलंका ने पहले ही सुपर-8 का टिकट हासिल कर लिया था. इसलिए यह मैच जिम्बाब्वे और आयरलैंड के लिए करो या मरो वाला था. लेकिन बारिश ने फैसला कर दिया कि जिम्बाब्वे अब सीधे श्रीलंका के खिलाफ अपना अंतिम ग्रुप मैच खेलेगा, सुपर-8 की जगह पहले ही पक्की कर चुका है.
बिना एक भी गेंद खेले जिम्बाब्वे को मिला यह ऐतिहासिक मौका, जबकि ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड के लिए यह अंत बेहद निराशाजनक रहा. अब सुपर-8 में जिम्बाब्वे की असली परीक्षा शुरू होगी, जहां उसका पहला मुकाबला भारत जैसी महाशक्ति से है.