मुंबई की सत्ता में भूकंप! BMC चुनाव के रुझानों में उद्धव सेना धराशायी, BJP+ ने बनाई तूफानी बढ़त
विभिन्न एग्जिट पोल्स ने मुंबई बीएमसी चुनावों में बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) गठबंधन की बड़ी जीत की भविष्यवाणी की है. अब यह एग्जिट पोल्स कितने सही साबित हो पाते हैं, इसका पता अब से कुछ देर बाद चलेगा जब मतगणना शुरू होगी. मतगणना के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सभी काउंटिंग सेंटर्स पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
मुंबई की सत्ता की सबसे बड़ी जंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. सुबह 10 बजे से महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के वोटों की गिनती शुरू होते ही राजनीतिक माहौल अचानक बारूद की तरह गर्म हो गया. लेकिन सबसे ज्यादा रोमांच उस निगम पर है, जिसे देश की सबसे अमीर नगर पालिका कहा जाता है—BMC! गुरुवार को 227 वार्डों में हुई करीब 52.94% वोटिंग अब किसकी किस्मत चमकाएगी, यह आज साफ हो जाएगा.
मतगणना के लिए बनाए गए 23 विशाल काउंटिंग सेंटरों में सुबह से ही सियासत की धड़कनें तेज हो चुकी हैं. हर कमरे में तनाव, हर टेबल पर मुकाबला! और हम लगातार आपको दे रहे हैं हर राउंड, हर वार्ड का पल-पल का अपडेट—कौन आगे, कौन पीछे और कौन बनने वाला है मुंबई का नया ताजदार.
शुरुआती रुझानों ने जैसे ही स्क्रीन पर दस्तक दी, माहौल हिल गया. बीजेपी–शिवसेना गठबंधन ने जबरदस्त शुरुआत करते हुए बढ़त बना ली है. अब तक 20 वार्डों में बीजेपी आगे निकल चुकी है, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को फिलहाल 14 सीटों पर ही बढ़त मिल पाई है.
मुंबई की सत्ता वापस हासिल करने का सपना देखने वाले बीजेपी–शिवसेना गठबंधन का रास्ता अब और साफ होता दिख रहा है. वहीं एग्जिट पोल पहली बार ठाकरे परिवार के लिए खतरे की घंटी बजा रहे हैं, क्योंकि शिवसेना UBT और राज ठाकरे की ताकत को सिर्फ 58–68 सीटों के बीच आंका गया है—जो बीएमसी पर उनकी पकड़ के लिए बड़ा झटका हो सकता है.
लगातार आए एग्जिट पोल्स में साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस बार BMC की चाबी बीजेपी–शिंदे शिवसेना गठबंधन के हाथों में जा सकती है. दूसरी ओर उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की एमएनएस का गठबंधन बड़ी मुश्किलों में फंसता नजर आ रहा है, जिसका असर पूरे मुंबई की राजनीति पर दिखेगा.
दशकों तक बीएमसी पर राज करने वाली शिवसेना के लिए यह चुनाव किसी अग्निपरीक्षा जैसा बन चुका है. पार्टी टूटने के बाद अब ठाकरे परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और बीजेपी ने इस लड़ाई को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे मुकाबला और भी तीखा हो गया है.
इस बार मुकाबला बिल्कुल सीधा है—बीजेपी–शिंदे शिवसेना गठबंधन बनाम उद्धव–राज ठाकरे का मोर्चा. और आज तय हो जाएगा कि मुंबई की कमान किसके हाथ जाएगी!