‘मैदान नहीं छोड़ूंगी!’ काराकाट से हार के बाद भी ज्योति सिंह के तेवर सख्त, क्या लड़ेंगी लोकसभा चुनाव?
भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह ने 6 जनवरी को अपना जन्मदिन मनाया था. पिछले साल हुए इलेक्शन में ज्योति सिंह को काराकाट सीट से हार का सामना करना पड़ा था. हार के बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है और उन्होंने फिर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.
पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनावों में पावर स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह को बड़ी शिकस्त झेलनी पड़ी थी. काराकाट सीट से निर्दलीय मैदान में उतरकर उन्होंने दमदार कोशिश जरूर की, लेकिन CPI (माले) के उम्मीदवार डॉक्टर अरुण सिंह कुशवाहा ने 2836 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. नतीजों में ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं, जबकि उन्होंने पूरे जोश के साथ घर-घर जाकर वोट की अपील की थी. मेहनत और जनसंपर्क के बावजूद जीत उनकी झोली में नहीं आ सकी.
ज्योति फिर मैदान में लौटने को तैयार
लेकिन इस हार से ज्योति का हौसला बिल्कुल भी कमजोर नहीं पड़ा. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कर दिया कि उनका राजनीतिक सफर यहीं खत्म नहीं होने वाला. A TO Z BIHAR से बातचीत में ज्योति ने कहा कि जिंदगी में हार-जीत लगी रहती है, लेकिन मैदान छोड़ना विकल्प नहीं. उन्होंने गर्व से बताया कि लोगों ने भरोसा दिखाते हुए उन्हें 27 हजार वोट दिए, और वो इन उम्मीदों को कभी टूटने नहीं देंगी. ज्योति ने कहा—अगर मैं पीछे हट गई तो लोग यही सोचेंगे कि मैं डर गई, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है.
ज्योति ने आगे कहा कि काराकाट उनके लिए सिर्फ एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं बल्कि परिवार है. 30 दिनों के अंदर मिले 27 हजार वोटों ने उन्हें हैरान भी किया और भावुक भी. उनका कहना है कि काराकाट की जनता उनके हर सुख-दुख में साथ खड़ी रहती है, और इसलिए वह भी इस क्षेत्र को कभी नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने साफ किया कि वो फिर से वहीं से चुनावी मैदान में उतरेंगी और मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ेंगी.
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले चुनाव में वो कोशिश करेंगी कि इस बार किसी राजनीतिक पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ें. लेकिन अगर हालात अनुकूल नहीं हुए तो वो खुद रास्ता निकालेंगी. बातचीत के दौरान ज्योति ने बड़ा बयान देते हुए यह भी संकेत दे दिया कि विधानसभा के बाद वे भविष्य में लोकसभा चुनाव लड़ने पर भी विचार कर सकती हैं.
दिल छू लेने वाला पोस्ट किया था शेयर
चुनावी हार के बाद ज्योति ने सोशल मीडिया पर हाथ जोड़कर एक भावुक तस्वीर साझा की थी. इसके साथ उन्होंने कैप्शन में अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की पंक्तियां लिखकर अपनी मन:स्थिति जाहिर की—"हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा." उन्होंने कहा कि काराकाट की जनता के अपार समर्थन ने उन्हें पहले से ज्यादा मजबूत और दृढ़ बना दिया है. उन्होंने सभी लोगों का हृदय से धन्यवाद भी किया.
ज्योति ने अपने पोस्ट में साफ शब्दों में लिखा था कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति को हराने या जीतने के लिए नहीं थी, बल्कि महिलाओं, शोषितों और वंचितों की आवाज बुलंद करने के लिए थी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है और हार-जीत जीवन का हिस्सा है. वो आगे भी अपने क्षेत्र के लिए लगातार काम करती रहेंगी और पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देती रहेंगी.