7 घंटे की पूछताछ, 5 कैमरे ON! अंकिता भंडारी केस में ‘VIP’ नाम खोलने वाली उर्मिला से सवालों की बौछार

अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े दावों और वायरल ऑडियो विवाद के बीच उर्मिला सनावर से एसआईटी ने हरिद्वार में करीब 7 घंटे तक पूछताछ की. पांच कैमरों की निगरानी में हुई जांच में उर्मिला से ऑडियो, वीडियो को लेकर सवाल किए गए. पूछताछ के बाद उर्मिला ने निष्पक्ष जांच का भरोसा जताया, जबकि पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पूरे मामले को साजिश करार दिया.

Jan 9, 2026 - 11:22
7 घंटे की पूछताछ, 5 कैमरे ON! अंकिता भंडारी केस में ‘VIP’ नाम खोलने वाली उर्मिला से सवालों की बौछार

उत्तराखंड की राजनीति में मचा तूफ़ान एक बार फिर ज़ोर पकड़ रहा है। चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड और उससे जुड़े आरोपों के बीच उभरा विवाद अब नए मोड़ ले रहा है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़े वायरल ऑडियो–वीडियो मामले में उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर से एसआईटी ने हरिद्वार में करीब सात घंटे तक लंबी और कड़ी पूछताछ की। बाहर निकलते ही उर्मिला ने निष्पक्ष जांच का समर्थन करते हुए दोहराया कि वह अंकिता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगी, जबकि दूसरी ओर सुरेश राठौर ने पूरे प्रकरण को ब्लैकमेलिंग और राजनीतिक साजिश बताते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप जड़ दिए। अब पूरा राज्य इस हाई-प्रोफाइल मामले में एसआईटी की अगली कार्रवाई पर टकटकी लगाए बैठा है।

हरिद्वार में दर्ज कई मामलों को लेकर एसआईटी ने उर्मिला से लगातार 6–7 घंटे सवाल-जवाब किए, और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की पैनी नज़र के बीच चली। उर्मिला का कहना है कि कमरे में चार से पांच कैमरे लगे थे और हर सवाल का जवाब रिकॉर्ड किया जा रहा था। उनसे वायरल ऑडियो–वीडियो की उत्पत्ति, समय, स्रोत और संदर्भ तक हर पहलू पर पूछताछ हुई। बाहर आकर उर्मिला ने खुलकर कहा कि उन्होंने अब तक की सारी रिकॉर्डिंग और उपलब्ध सबूत एसआईटी को सौंप दिए हैं, जबकि बाकी तकनीकी डेटा पूर्व विधायक राठौर उपलब्ध कराएंगे।

मैं किसी पार्टी की कठपुतली नहीं — उर्मिला

अपने वीडियो और बयानों पर उठ रहे सवालों को लेकर उर्मिला ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि वह न भाजपा की मोहरा हैं और न ही कांग्रेस की। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि उनके तेवर बदल गए—उर्मिला ने इसे पूरी तरह झूठ बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ बेहद अहम सबूत थे, जिन्हें सुरक्षित रखना था, इसलिए उन्हें कुछ समय छिपकर रहना पड़ा। उनके मुताबिक यह भागदौड़ डर के कारण नहीं, बल्कि रणनीतिक मजबूरी थी। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश तक रची गई, जिसकी वजह से पुलिस की गाड़ियां रात भर उनके घर के बाहर घूमती रहीं।

भावुक होकर उर्मिला ने बताया कि 29 दिसंबर की रात वह मुश्किल से बचकर निकलीं और लगातार जगह बदलती रहीं—कभी गुरुद्वारे में, कभी रैन बसेरे में। उनके शब्दों में, नया साल उन्होंने सड़क पर गुजार दिया, और केवल भगवान ही जानते हैं कि उन्होंने क्या-क्या सहा। एसआईटी पूछताछ के दौरान उनका बुखार तेज था, उल्टियां हो रही थीं, लेकिन फिर भी उन्होंने पूरा सहयोग किया। वह कहती हैं कि इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उन्हें 'बिक चुकी' कहना दिल को तोड़ देने वाला है।

उर्मिला ने साफ कहा कि वह पूरी मजबूती के साथ अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता केवल एक घर की बेटी नहीं, बल्कि पूरे देश की बेटी थी। उनका दावा है कि उत्तराखंड की जनता सच्चाई के साथ खड़ी है, और वह खुद भी लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरने की कोशिश कर रही हैं। उर्मिला के वकील अंकुज कुमार ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है और कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत चल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां भी कानूनी औपचारिकताएं लागू होंगी, उन्हें विधि अनुसार निपटाया जाएगा और उर्मिला हर जांच में सहयोग दे रही हैं।

सुरेश राठौर का पलटवार: यह सब एक सुनियोजित खेल

दूसरी ओर, पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने पूरे विवाद को राजनीतिक और व्यक्तिगत षड्यंत्र बताते हुए कड़ा हमला बोला। उनका कहना है कि उन्होंने आज तक किसी नेता, अधिकारी या सरकार के खिलाफ कोई ऑडियो–वीडियो जारी नहीं किया और वह भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ता रहे हैं। राठौर का दावा है कि दो लोगों के बीच हुई निजी बातचीत को साजिशन रिकॉर्ड किया गया, उसमें छेड़छाड़ की गई और एआई तकनीक का सहारा लेकर वीडियो गढ़े गए। उनके मुताबिक, माहौल बिगाड़ने वालों की पहचान…