ना जिम, ना डाइट, ना ट्रेनर! सिर्फ 3 महीने में 27 Kg वजन कम - ChatGPT के बताए ये 7 तरीके वायरल

टेक प्रोफेशनल ने ChatGPT की मदद से अपना 27 किलो वजन कम किया है. उन्होंने बताया है कि कौन प्रॉम्प्ट की मदद से उन्हें सजेशन मिले और उन्होंने अपना वजन कम किया.

Jan 8, 2026 - 11:06
ना जिम, ना डाइट, ना ट्रेनर! सिर्फ 3 महीने में 27 Kg वजन कम - ChatGPT के बताए ये 7 तरीके वायरल

नए साल की शुरुआत होते ही लोग फिटनेस के लिए बड़े-बड़े गोल सेट कर लेते हैं—कोई जिम जॉइन करता है, कोई महंगी डाइट्स पर चला जाता है, तो कोई ट्रेनर्स पर ढेरों पैसे खर्च करता है. लेकिन एक टेक प्रोफेशनल ने सबको चौंका दिया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने सिर्फ ChatGPT को अपना पर्सनल फिटनेस गाइड बनाकर 3 महीनों में पूरे 27 किलो वजन घटा लिया. बिना जिम, बिना पेड ऐप और बिना स्ट्रिक्ट डाइट!

‘हसन’ नाम के इस प्रोफेशनल ने X पर अपनी जर्नी शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने रोज़ाना सिर्फ अनुशासन रखा और कुछ खास AI प्रॉम्प्ट्स का सही इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि ये प्रॉम्प्ट्स उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुए, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि किसी भी प्लान को फॉलो करने से पहले सर्टिफाइड ट्रेनर से सलाह लेना जरूरी है. अब जानिए वही AI प्रॉम्प्ट्स जिन्होंने उनकी जिंदगी बदल दी.

पहला प्रॉम्प्ट: शरीर को समझना और सही गोल सेट करना

हसन ने सबसे पहले अपने शरीर का सही विश्लेषण करवाया. इसके लिए उन्होंने ChatGPT को अपनी हाइट, वजन, उम्र और फिटनेस गोल बताए और कहा कि एक एक्सपर्ट की तरह 12 हफ्तों का ऐसा प्लान तैयार करे जो बिना जिम की मदद से भी काम कर सके. यानी AI से पूरा बॉडी-बेस्ड फिटनेस ब्लूप्रिंट तैयार करवाया.

दूसरा प्रॉम्प्ट: 7 दिनों का पर्सनलाइज्ड मील प्लान

इसके बाद हसन ने ChatGPT से ऐसा वीकली मील प्लान बनाने को कहा जिसमें 1800 कैलोरी, 120 ग्राम से ज्यादा प्रोटीन और कम प्रोसेस्ड कार्ब्स हों. उन्होंने सस्ती और जल्दी बनने वाली रेसिपी की डिमांड भी रखी. AI ने उनके खान-पान और न पसंद वाली चीजों के आधार पर पूरा मैक्रो-बैलेंस्ड प्लान तैयार कर दिया.

तीसरा प्रॉम्प्ट: घर बैठे आसान वर्कआउट रूटीन

जिम में घंटों बिताने की बजाय हसन ने होम वर्कआउट को चुना. इसके लिए उन्होंने ChatGPT से 4 दिनों की ऐसी रूटीन मांगी जिसे बिना किसी इक्विपमेंट के घर पर किया जा सके. हर सेशन 25-35 मिनट का और 12 हफ्तों में धीरे-धीरे लेवल बढ़ता रहे—AI ने उनके लिए परफेक्ट कैलोरी-कटिंग और स्ट्रेंथ-बिल्डिंग रूटीन बनाया.

चौथा प्रॉम्प्ट: मीठा खाने की तलब पर कंट्रोल

सबसे मुश्किल हिस्सा था मीठे की क्रेविंग. इसे संभालने के लिए हसन ने AI से 200 कैलोरी से कम वाले 10 बड़े, लो-कैलोरी स्नैक्स की लिस्ट मांगी जो क्रेविंग को तुरंत शांत कर दें. ये स्नैक्स उन्हें ओवरईटिंग से बचाने में बेहद मददगार साबित हुए.

पांचवा प्रॉम्प्ट: डेली ट्रैकिंग की स्मार्ट तकनीक

हसन ने अपनी कंसिस्टेंसी बढ़ाने के लिए ChatGPT से रोजाना चेक-इन करवाने का सिस्टम बनाया. AI उन्हें हर दिन पांच जरूरी सवाल पूछता—क्या खाना फॉलो किया? कितनी एक्सरसाइज की? नींद कैसी रही? इसी ट्रैकिंग ने उन्हें चीटिंग से दूर रखा और फ़ोकस बनाए रखा.

छठवां प्रॉम्प्ट: माइंडसेट और मोटिवेशन को स्ट्रॉन्ग रखना

हसन ने हर सुबह 5 मिनट की जर्नलिंग शुरू की जो ChatGPT ने ही उनके लिए डिजाइन की थी. इसमें गोल्स, दिन का एक अहम काम, आभार की बातें और फिटनेस से जुड़े पॉजिटिव कोट्स शामिल थे. यही जर्नलिंग उनका रोज़ का मोटिवेशन बन गई और उन्हें रास्ते पर टिकाए रखा.

हसन ने हर हफ्ते अपना रिव्यू भी AI की मदद से किया—वजन, कमर और कंसिस्टेंसी स्कोर को 1-10 के पैमाने पर नोट करते और उसी आधार पर अगले हफ्ते के सुधार प्लान लेते. इसी स्मार्ट टेक्निक ने उनकी प्रगति को और तेज कर दिया.

आज भी बहुत लोग सोचते हैं कि वजन कम करने के लिए जिम, ट्रेनर और महंगे प्लान जरूरी हैं. लेकिन हसन की कहानी साबित करती है कि सही माइंडसेट और सही AI टूल्स से भी आप कमाल कर सकते हैं—वो भी बिना भारी खर्च किए.

Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है. किसी भी डाइट, वर्कआउट या हेल्थ बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.