AI Impact Summit 2026: भारत ने रचा इतिहास! पहली बार हुआ ऐसा कि दुनिया रह गई दंग

India AI Impact Summit 2026 के दौरान भारत ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है. समिट के दौरान 24 घंटे के भीतर बड़ी संख्या में लोगों ने AI प्लेज लिया और Guinness World Records बनाया. इसमें 2,50,946 लोगों ने AI प्लेज लिया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल का पूरा क्रेडिट प्रधानमंत्री को दिया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

Feb 19, 2026 - 10:21
AI Impact Summit 2026: भारत ने रचा इतिहास! पहली बार हुआ ऐसा कि दुनिया रह गई दंग

AI इम्पैक्ट समिट ने इस बार इतिहास रच दिया, क्योंकि सिर्फ 24 घंटे में चौंकाने वाले 2,50,946 लोगों ने AI प्लेज लेकर नई रिकॉर्ड बुक लिख डाली. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अद्भुत उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हुए कहा कि यह पहल देश को भविष्य की टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से आगे बढ़ा रही है. इस प्लेज का उद्देश्य था—लाखों लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति और इसके सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरुक करना. प्लेज लेने वालों को खास ऑनलाइन बैज देने का भी वादा किया गया था, जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.

AI प्लेज के लिए बनाया गया स्पेशल पोर्टल

सरकार ने AI प्लेज को आसान और सभी तक पहुंचाने के लिए AI इम्पैक्ट पोर्टल पर एक अलग माइक्रोसाइट तैयार की थी. सोमवार सुबह से लेकर मंगलवार सुबह तक लोग अपने मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप से कुछ ही क्लिक में इस कैंपेन का हिस्सा बन सकते थे. प्लेज के बाद एक छोटा सा क्विज भी आयोजित किया गया, जिसमें भाग लेने वालों को डिजिटल बैज देकर सम्मानित किया गया. इस पहल ने युवाओं से लेकर प्रोफेशनल तक सभी में AI सीखने की लहर पैदा कर दी.

AI Impact Summit को मिला एक दिन का एक्सटेंशन

भारत में चल रहा AI Impact Summit इतना लोकप्रिय साबित हुआ कि सरकार ने इसकी अवधि 20 फरवरी से बढ़ाकर 21 फरवरी कर दी. इस समिट में दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियों के सीईओ शामिल हुए और भारत में AI, क्लाउड और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े इनवेस्टमेंट का ऐलान किया. गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गजों ने भी भारत की टेक जर्नी में नई ऊर्जा भरने का वादा किया. ये आयोजन भारत के AI सेक्टर को ग्लोबल लेवल पर नई पहचान दे रहा है.

चीनी रोबोट को लेकर समिट में मचा बवाल

समिट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा एक चीनी रोबोट, जिसे ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी लेकर आई थी. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी ने इस रोबोट को खुद बनाने की फर्जी घोषणा की है, जिसके बाद विवाद अचानक भड़क गया. हालांकि गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई दावा नहीं किया, लेकिन तब तक मामला गर्म हो चुका था. अंततः आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को भारत मंडपम में दी गई जगह खाली करने के निर्देश जारी कर दिए.