125 साल की ब्रिटिश छाया का अंत! पीएम मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का करेंगे ऐतिहासिक उद्घाटन!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए पीएमओ भवन 'सेवा तीर्थ' और 'कर्तव्य भवन' एक व दो का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले, वे दक्षिण ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो 125 साल बाद ब्रिटिश काल की छाप का अंत होगा। पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को 'युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय' में बदला जाएगा। यह कदम प्रशासनिक वास्तुकला को उपनिवेशीकरण से मुक्त करने की सरकार की पहल का हिस्सा है।

Feb 13, 2026 - 11:21
125 साल की ब्रिटिश छाया का अंत! पीएम मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का करेंगे ऐतिहासिक उद्घाटन!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत के प्रशासनिक इतिहास का नया अध्याय खोलने जा रहे हैं। वह भव्य ‘सेवा तीर्थ’ परिसर और कर्तव्य भवन–1 व 2 का उद्घाटन करेंगे, जो देश की शासन व्यवस्था को एक बिल्कुल नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।

13 फरवरी की शाम को होने वाला यह आयोजन सिर्फ एक उद्घाटन नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासन के भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला क्षण होगा। लंबे समय से प्रतीक्षित इस अत्याधुनिक पीएमओ परिसर को लेकर देशभर में उत्सुकता चरम पर है।

उद्घाटन से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण ब्लॉक में एक विशेष कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसे ब्रिटिश शासनकाल में बने इस भवन में आयोजित आखिरी बैठक माना जा रहा है। करीब 125 साल से चली आ रही औपनिवेशिक पहचान से मुक्त होकर भारत के शासन तंत्र में नए दौर की शुरुआत यहीं से होगी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह वही ऐतिहासिक पीएमओ है, जिसे 1900 के शुरुआती दशक में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। शुक्रवार शाम 4 बजे बैठक खत्म होते ही इसका उपयोग औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।

बैठक के तुरंत बाद पीएमओ का पूरा स्टाफ नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में शिफ्ट हो जाएगा। 1921 से सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली करने के साथ ही भारत एक युग का अंत और नए प्रशासनिक युग की शुरुआत दर्ज करेगा।

सरकार इन प्रतिष्ठित भवनों को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित करने जा रही है, जहां भारत की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास को विश्वस्तरीय अंदाज में प्रदर्शित किया जाएगा। यह कदम उपनिवेशीकरण की छाप मिटाकर शासन तंत्र में भारतीय आत्मा का संचार करने की एक बड़ी पहल है।

नॉर्थ और साउथ ब्लॉक लगभग सवा सौ वर्षों से सत्ता का धड़कता केंद्र रहे हैं। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय पहले ही रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक से हटकर नई जगह स्थानांतरित हो चुका है।

पीएमओ के अनुसार ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवनों का उद्घाटन देश के प्रशासनिक ढांचे में एक क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक है। लंबे समय से कई मंत्रालय केंद्रीय विस्टा क्षेत्र में बिखरे, पुराने व अप्रभावी भवनों से काम कर रहे थे—लेकिन अब सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक ही क्षेत्र में एकत्र होंगे।

सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही कैंपस में होंगे। वहीं कर्तव्य भवन–1 और 2 में रक्षा, वित्त, कानून, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं।

डिजिटल रूप से एकीकृत ये भवन आधुनिक रिसेप्शन, स्मार्ट पब्लिक इंटरफेस ज़ोन और उन्नत वर्कस्पेस के साथ भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।