WPL 2026 फ़ाइनल में इमोशनल ट्विस्ट! मंधाना के हाथों टूटा दोस्त जेमिमा का खिताबी सपना
आरसीबी ने महिला प्रीमियर लीग के इतिहास के सबसे बड़े लक्ष्य 204 को छह विकेट बाक़ी रहते हासिल कर लिया.
दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान जेमिमा रोड्रिग्ज और आरसीबी की कमान संभालने वाली स्मृति मंधाना बचपन की जिगरी दोस्त मानी जाती हैं, और दोनों की जड़ें मुंबई की गलियों से ही जुड़ती हैं.
दोनों ने अपनी-अपनी टीम के लिए बेहतरीन पारी खेलकर मैदान में आग लगा दी, लेकिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया कि जेमिमा का अपनी टीम को पहली बार चैंपियन बनाने का सपना उनकी ही सबसे करीबी दोस्त ने तोड़ दिया.
दिल्ली कैपिटल्स लगातार तीसरे सीजन में ट्रॉफी को छूते-छूते चूक गई, जबकि आरसीबी ने अपना दबदबा दिखाते हुए पिछले तीन सालों में तीसरी बड़ी ट्रॉफी अपने नाम कर ली, जिसमें पिछली आईपीएल जीत भी शामिल है.
स्मृति मंधाना और जॉर्जिया वॉल की धमाकेदार पार्टनरशिप ने मैच को लगभग एकतरफा मोड़ दिया था, लेकिन 19वें ओवर में हेनरी ने पहले स्मृति को बोल्ड कर हलचल मचा दी, और अगली ही गेंद पर राधा यादव ने गलत शॉट खेलते हुए कैच दे दिया, जिसे एक्स्ट्रा कवर पर खड़ी मिन्नू ने टपका दिया.
अगर उस समय राधा आउट हो जातीं तो मैच का रुख पूरी तरह बदल सकता था, लेकिन कैच छूटते ही दिल्ली के हाथों से मौका फिसल गया और दो रन जुड़ते ही आरसीबी का पलड़ा भारी हो गया. राधा ने मिले इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए अगले ओवर में लगातार दो चौके जड़कर आरसीबी को दूसरी बार चैंपियन बना दिया.
राधा के विजयी चौका लगाते ही टीवी स्क्रीन पर दिखा कि स्टंप की बेल्स गिर चुकी हैं, पर रीप्ले में साफ हुआ कि बेल्स विकेटकीपर लिजेल ली के हाथ से टकराने के कारण गिरी थीं, इसलिए राधा नॉट-आउट रहीं.
कैच छोड़ने के बावजूद मिन्नू वही खिलाड़ी थीं जिन्होंने दिल्ली को फिर से मुकाबले में लौटाया. 17वें ओवर में उन्होंने जॉर्जिया वॉल का अहम विकेट निकालकर दिल्ली के खेमे में उम्मीद की लौ जलाई. वहीं नंदिनी शर्मा ने ऋचा घोष का खूबसूरत कैच पकड़कर मैच में रोमांच भर दिया.
जब किसी टीम के सामने 200 से ऊपर का विशाल टारगेट हो, तो दबाव का बढ़ना लाजिमी है. लेकिन दिल्ली की बल्लेबाज़ ग्रेस हैरिस जल्दी आउट होकर लौट गईं, इसके बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं छोड़ी और मुकाबले को जिंदा रखा.
जॉर्जिया वॉल ने आते ही धुआंधार शॉट खेलने शुरू कर दिए, जिससे दिल्ली के गेंदबाजों को दबाव बनाने का कोई मौका ही नहीं मिला. उनके तेज रनगति ने स्मृति को भी खुलकर खेलने का आत्मविश्वास दिया.
स्मृति ने मैच खत्म होते ही माना कि उनकी और जॉर्जिया की 165 रनों की साझेदारी ही निर्णायक साबित हुई, और इसी ने आरसीबी के हाथों जीत सुनिश्चित की.
जॉर्जिया वॉल ने 54 गेंदों में 79 रन ठोकते हुए 14 चौके जड़े और उनकी ये साझेदारी इस लीग में अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई.
उन्होंने इस धमाकेदार पारी को मानो फाइनल के लिए बचाकर रखा था, क्योंकि इससे पहले पांच मैचों में वे सिर्फ 91 रन ही बना सकी थीं, लेकिन निर्णायक मुकाबले में उन्होंने अपनी असली ताकत दिखा दी.
ट्रॉफी उठाने से पहले मंधाना ने कहा, "आरसीबी के फैंस दुनिया में सबसे शानदार हैं. हम जहां भी जाते हैं, लोग हमारा हौसला बढ़ाते हैं. हमारी फ्रेंचाइजी ने पिछले तीन सालों में तीन ट्रॉफियां जीती हैं. पिच बल्लेबाज़ी के लिए बेहतरीन थी, लेकिन हमारे गेंदबाज़ों—खासकर लॉरेन बेल—ने कमाल कर दिया."
"हमारी जीत में सपोर्ट स्टाफ ने बड़ी भूमिका निभाई. हर खिलाड़ी को उसकी जिम्मेदारी साफ-साफ बताई गई थी. मैदान पर पहुंचते ही हमें बस उस प्लान को लागू करना था. पूरी टीम में जबरदस्त आत्मविश्वास था, और इसी भरोसे ने हमें किसी भी लक्ष्य को हासिल करने लायक बना दिया."
फाइनल से पहले भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर 342 रनों के साथ ऑरेंज कैप की रेस में सबसे आगे थीं, लेकिन स्मृति मंधाना ने 41 गेंदों में 87 रन ठोककर कुल 377 रन पूरे किए और ऑरेंज कैप अपने नाम कर ली.
कमेंटेटर सबा करीम ने भी तारीफ करते हुए कहा, "स्मृति भले ही शतक से चूक गईं, लेकिन उन्होंने मैच जिताने वाली पारी खेलकर अपनी क्लास साबित कर दी."
मैच के बाद राधा यादव ने बताया कि वह पिछले साल तक दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा थीं, लेकिन इस बार उसी टीम के खिलाफ विजयी रन बनाना उनके लिए बेहद भावुक पल रहा.
उन्होंने कहा, "टीम मैनेजमेंट ने हमें बेहतरीन तरीके से तैयार किया. हमें जो भी जरूरत थी, सब उपलब्ध कराया गया."
"हमें हालात के हिसाब से तैयारी कराई गई. हमें कम गेंदों में ज्यादा रन बनाने के टारगेट दिए जाते थे. हर खिलाड़ी को अपने कौशल के मुताबिक बेहतर बनना था, और उसी तैयारी का फायदा आज हमें बड़े मंच पर मिला."