पाकिस्तान की ड्रामेबाज़ी की असली कीमत! PCB की 7 साल की कमाई = IND vs PAK का एक मैच
भारत-पाकिस्तान मैच आईसीसी टूर्नामेंट का सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर है, जिसकी कीमत लगभग 250 मिलियन डॉलर आंकी जाती है. पाकिस्तान के बहिष्कार के फैसले से आईसीसी, ब्रॉडकास्टर्स और पीसीबी को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है.
टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत से ठीक *5 दिन पहले* पाकिस्तान के एक चौंकाने वाले फैसले ने पूरी क्रिकेट दुनिया को हिलाकर रख दिया है. पाकिस्तान ने कोलंबो में 15 फरवरी को होने वाले हाई-वोल्टेज भारत-पाक मुकाबले में खेलने से साफ इनकार कर दिया है. इस अप्रत्याशित कदम ने आईसीसी से लेकर ब्रॉडकास्टर्स तक सबको सकते में डाल दिया है, क्योंकि इस मैच के रद्द होते ही अरबों रुपये का भारी आर्थिक तूफान खड़ा हो सकता है.
दरअसल, एक अकेला भारत-पाक मैच आईसीसी के लिए 250 मिलियन डॉलर यानी 2200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कमाई करवाता है. कई रिपोर्ट तो इस आंकड़े को 3000 करोड़ रुपये से ऊपर बताती हैं. ऐसे में अगर यह महामुकाबला नहीं खेला जाता है, तो इसका सीधा असर सभी हितधारकों पर पड़ेगा और नुकसान करोड़ों में नहीं, बल्कि हजारों करोड़ में मापा जाएगा.
पीसीबी की जेब पर कितना बड़ा वार?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की पूरी सालाना कमाई 35-45 मिलियन डॉलर यानी करीब 300-400 करोड़ रुपये के बीच रहती है. उनकी आय में PSL, सीरीज रेवन्यू, टिकट सेल और स्पॉन्सरशिप शामिल है, लेकिन असली सहारा आईसीसी का ही है. पीसीबी की *80% से ज्यादा कमाई* सिर्फ आईसीसी के रेवन्यू शेयर से आती है, और ऐसे में भारत-पाक मैच का रद्द होना उनके लिए आर्थिक भूकंप जैसा झटका है.
एक मैच = 7 साल की कमाई!
भारत-पाकिस्तान के एक मुकाबले से अकेले 2200-3000 करोड़ रुपये तक का रेवन्यू पैदा होता है. ये वही रकम है जिसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड करीब *7 साल* में मिलकर कमाता है. ऐसे में इस मैच को छोड़ना मतलब है अपनी ही आर्थिक नींव को खुद उखाड़ देना.
पूरी दुनिया जानती है कि आईसीसी की कमाई की रीढ़ भारत-पाक मुकाबले हैं. विशाल दर्शक संख्या, करोड़ों के विज्ञापन और वैश्विक मार्केट—सब कुछ इसी मैच के इर्द-गिर्द घूमता है. इसी वजह से आईसीसी हमेशा मल्टी-नेशनल टूर्नामेंट्स में दोनों को एक ही ग्रुप में रखता है.
10 सेकंड का एड = 40 लाख!
ब्रॉडकास्टर्स के लिए यह मैच सोने की खान है. सिर्फ एक 10 सेकंड का विज्ञापन स्लॉट *40 लाख रुपये* में बिकता है. अगर यह मुकाबला नहीं हुआ, तो अकेले विज्ञापन से ही 200-250 करोड़ रुपये तक का घाटा हो सकता है. ऐसे में ब्रॉडकास्टर्स और स्पॉन्सर्स दोनों के लिए यह फैसला एक बड़े झटके जैसा है.
अगर पाकिस्तान मैच से पीछे हटता है, तो आईसीसी की तरफ से भारी कार्रवाई तय मानी जा रही है. नुकसान की भरपाई का बोझ पाकिस्तान पर डाला जा सकता है या फिर बोर्ड पर गंभीर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. ऐसी स्थिति में पीसीबी का आर्थिक ढांचा पूरी तरह चरमरा सकता है.
भारत को बिना खेले मिलेंगे दो अंक
अगर मैच नहीं होता है, तो टीम इंडिया को बिना मैदान में उतरे ही वॉकओवर मिलेगा और दो आसान अंक उसकी जेब में चले जाएंगे. वहीं पाकिस्तान को नेट रन रेट का नुकसान झेलना पड़ेगा, जो वर्ल्ड कप में उसकी राह बेहद मुश्किल बना सकता है.
पाकिस्तान का समझौता तोड़ने वाला कदम
पाकिस्तान पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में उलझा हुआ है. एशिया कप में भी उसने बहिष्कार की धमकी दी थी लेकिन बाद में खुद ही खेलने उतर आया. अब बांग्लादेश और भारत के बीच चल रही टकराहट में पाकिस्तान ने आग में घी डालने का काम किया और फिर खुद ही भारत के खिलाफ मैच न खेलने की बात कह दी.
यह फैसला उस समय लिया गया है जब आईसीसी, बीसीसीआई और पीसीबी के बीच 2027 तक हाइब्रिड मॉडल को लेकर सहमति बनी हुई है, जिसके तहत सभी मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेले जाने तय हैं. यानी पाकिस्तान का यह कदम सीधे-सीधे समझौते की अवहेलना है, जिसे सही ठहराना उसके लिए बेहद मुश्किल होगा.
आईसीसी ने इस पूरे विवाद को लेकर तुरंत एक अहम बैठक बुला ली है, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कदम उठाने पर चर्चा होने की संभावना है.
आईसीसी क्या बड़े कदम उठा सकता है?
* पीएसएल से विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक और अंतरराष्ट्रीय मान्यता खत्म करना.
* पाकिस्तान को मिलने वाले आईसीसी रेवन्यू शेयर में तेज कटौती.
* भारत-पाक मुकाबला टलने पर आर्थिक नुकसान की भरपाई का आदेश.
* भविष्य के टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान पर कठोर प्रतिबंध लगाने पर विचार.