राघव चड्ढा ने AAP विवाद के बीच नई रील साझा कर अगले राजनीतिक कदम का संकेत दिया

AAP और राघव चड्ढा के बीच खींचतान जारी है। चड्ढा ने नई 'Gen-Z पार्टी' बनाने के सुझाव को 'दिलचस्प' बताया है और एक किताब के जरिए AAP नेतृत्व पर तंज कसा है। जानिए क्या है चड्ढा का अगला कदम और AAP के साथ विवाद की असल वजह।, India News in Hindi - Hindustan

Apr 9, 2026 - 14:14
राघव चड्ढा ने AAP विवाद के बीच नई रील साझा कर अगले राजनीतिक कदम का संकेत दिया

आम आदमी पार्टी के भीतर मचे तूफ़ान के बीच अब हर किसी की निगाहें सिर्फ एक नाम पर टिकी हैं—राघव चड्ढा। पार्टी के शीर्ष नेताओं संग टकराव के बाद चड्ढा का अगला कदम क्या होगा, इसे लेकर माहौल में जबरदस्त सस्पेंस है। इसी बीच उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे उनके भविष्य को लेकर नए कयासों की बाढ़ आ गई है।

राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील साझा की, जिसे उन्होंने “दिलचस्प आइडिया” बताया। यह वीडियो कंटेंट क्रिएटर ‘seedhathok’ के रिहान ने बनाया था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि चड्ढा को अब अपनी खुद की पार्टी लॉन्च कर देनी चाहिए। वीडियो में क्रिएटर सीधे राघव को संबोधित करते हुए कहता है कि देश के युवा चाहते हैं कि वह ‘जेन-जी पार्टी’ जैसे किसी दमदार नाम के साथ अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू करें। ऐसा करने पर उन्हें अभूतपूर्व जनसमर्थन मिलने का दावा भी किया गया।

क्रिएटर ने यह भी कहा कि यदि चड्ढा किसी दूसरी पार्टी का हिस्सा बनते हैं, तो शायद उन्हें वह प्यार और समर्थन न मिले, बल्कि आलोचना भी झेलनी पड़ सकती है। वहीं, अपनी पार्टी बनाने की सलाह को युवाओं के भारी समर्थन की गारंटी बताया गया। हालांकि चड्ढा ने यह रील शेयर कर हलचल जरूर मचाई, लेकिन अभी तक उन्होंने इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।

करीब एक सप्ताह पहले, AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाते हुए अशोक कुमार मित्तल को नया उपनेता नियुक्त कर दिया था। इतना ही नहीं, संसद में पार्टी के हिस्से का समय उपयोग करने पर भी चड्ढा को रोक लगा दी गई, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया।

पार्टी और राघव चड्ढा के बीच पनपा यह विवाद कई गंभीर मुद्दों से भरा है, जो अब सतह पर आ चुके हैं और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

बीजेपी पर नरमी का आरोप: AAP ने आरोप लगाया कि चड्ढा संसद में बीजेपी के प्रति नरम रुख अपना रहे थे। पार्टी का कहना था कि उन्होंने गंभीर मुद्दों की जगह ‘हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत’ जैसे विषयों पर बहस की, जो सोशल मीडिया पर जमकर मीम्स का कारण बना।

CEC के खिलाफ महाभियोग से इनकार: सबसे बड़ा विवाद तब बना जब विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव आया, लेकिन चड्ढा ने इस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इस कदम ने पार्टी के भीतर नाराज़गी और बढ़ा दी।

अतिशी के तीखे सवाल: AAP नेता अतिशी ने सार्वजनिक मंच पर चड्ढा से सवाल पूछते हुए कहा कि वह बीजेपी और पीएम मोदी से सवाल करने से क्यों कतराते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या चड्ढा ने कभी लोकतंत्र पर होते हमलों या संशोधित वोटर लिस्ट पर सवाल उठाने की हिम्मत दिखाई है।

केजरीवाल की गिरफ्तारी पर चुप्पी: इसी कड़ी में अतिशी और सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि जब अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया और पूरी पार्टी सड़कों पर थी, तब चड्ढा की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए।

इन तमाम आरोपों से घिरे राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी उन्हें “चुप” कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि वह संसद में जनता की आवाज उठाते हैं और यदि यही गलती है तो वह इस गलती को बार-बार दोहराएंगे। विवाद के दौरान उन्होंने अपनी एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह रॉबर्ट ग्रीन की चर्चित किताब ‘The 48 Laws of Power’ पढ़ रहे थे। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “किसी ने यह किताब गिफ्ट की… पहला चैप्टर खोला—‘नेवर आउटशाइन द मास्टर’। कुछ किताबें बिल्कुल सही वक्त पर ही आती हैं।”