जमुई में नीतीश का बड़ा संकेत! सम्राट चौधरी पर रखा हाथ, बोले – अब सब कुछ यही संभालेंगे
जमुई में समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, “अब यही सब काम करेंगे।” इस बयान के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. राजनीतिक जानकार इसे भविष्य की जिम्मेदारियों के संकेत के रूप में देख रहे हैं. वहीं, सियासी गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि क्या सम्राट चौधरी को आगे बड़ी भूमिका देने की तैयारी चल रही है.
जमुई और पटना के बीच से उठी एक बड़ी सियासी हलचल ने पूरे बिहार की राजनीति को झकझोर दिया है. समृद्धि यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने जमुई की जमीन पर ऐसा बयान दे डाला, जिसने सत्ता के गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. कार्यक्रम में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते हुए नीतीश ने मुस्कुराकर कहा– “अब यही सब काम करेंगे.” बस, इतना कहना था कि सूबे की राजनीति में तूफ़ान सा आ गया. हर तरफ एक ही सवाल गूंजने लगा– क्या बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है?
जमुई में आयोजित कार्यक्रम में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी जब एक ही मंच पर पहुंचे तो माहौल पहले से ही गर्म था. तभी नीतीश का सार्वजनिक बयान आते ही चर्चाओं को जैसे पंख लग गए. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश का यह कमेंट किसी साधारण बातचीत का हिस्सा नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति का संकेत है. कई विशेषज्ञ इसे सम्राट चौधरी की बढ़ती ताकत से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे सत्ता के अगले पड़ाव की तैयारी का इशारा मान रहे हैं. कुल मिलाकर बिहार की राजनीति इन दिनों एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है.
इसी बीच राज्यसभा चुनाव समाप्त हो चुके हैं और एनडीए ने पाँचों सीटों पर कब्ज़ा जमाकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. इसी जीत के साथ अब नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन गए हैं, और यह फैसला अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रहा है. सबसे बड़ा सवाल यही– आखिर बिहार की कमान अब किसके हाथ में जाएगी? नीतीश कुमार लगातार अपनी यात्राओं में सम्राट चौधरी का नाम और भूमिका बढ़ा रहे हैं, जिससे यह कयास और तेज हो गए हैं कि आने वाले समय में सम्राट को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.
यह पहला मौका नहीं जब नीतीश ने सम्राट चौधरी की भूमिका को लेकर संकेत दिया हो. मधेपुरा, किशनगंज, कटिहार, बेगूसराय—हर मंच पर वे उन्हें आगे लाकर जनता से कहते नज़र आते हैं कि जैसे आपने मुझे सहयोग दिया, वैसे ही इन्हें भी समर्थन दें. सहरसा में तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि अब आगे सब कुछ यही लोग संभालेंगे. भागलपुर की समृद्धि यात्रा में भी नीतीश ने मंच से सम्राट को बुलाकर हाथ पकड़कर आगे किया और मुस्कुराते हुए उन्हें लोगों के बीच पेश किया. खास बात यह रही कि मंच पर सभी नेता हाथ उठाकर अभिवादन कर रहे थे, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर विनम्रता से जनता का अभिवादन करते दिखे. उनकी यह छवि अब हर जिले की यात्रा में सुर्खियां बटोर रही है.