बंगाल रैली में PM मोदी का बयान, मतुआ नागरिकता पर आश्वासन और TMC शासन में बदलाव की बात

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान मतुआ और नामशूद्र शरणार्थियों को सीएए के तहत नागरिकता देने का वादा किया। उन्होंने ठाकुरनगर में जनसभा को संबोधित करते हुए टीएमसी सरकार पर भी निशाना साधा और कोलकाता में रोड शो किया।

Apr 27, 2026 - 12:44
बंगाल रैली में PM मोदी का बयान, मतुआ नागरिकता पर आश्वासन और TMC शासन में बदलाव की बात

बंगाल के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मतुआ और नामशूद्र समुदाय को ऐसा भरोसा दिया, जिसने चुनावी माहौल में हलचल मचा दी। मोदी ने साफ कहा कि संशोधित नागरिकता कानून यानी सीएए के तहत हर योग्य शरणार्थी को नागरिकता मिलकर रहेगी—यह उनका अटूट वादा है।

सीमा से सटे उत्तर 24 परगना के ठाकुरनगर में भारी भीड़ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि शरणार्थियों की पीड़ा और संघर्ष को समझना भारत का ऐतिहासिक दायित्व है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्षों से उपेक्षित इन परिवारों के जीवन में सम्मान और सुरक्षा लौटाना ही उनकी सरकार का संकल्प है।

मतुआ समुदाय को साधते हुए पीएम ने याद दिलाया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कभी शरणार्थियों की आवाज माना जाता था। मोदी ने कहा कि वही भावना आज भी भाजपा की धड़कन में है, इसलिए विभाजन के बाद से हर शरणार्थी परिवार की जिम्मेदारी सरकार महसूस करती रही है। इसी सोच से सीएए लागू किया गया, वरना यह काम दशकों तक अधूरा पड़ा रहा।

मोदी ने मंच से ऐलान किया कि मतुआ, नामशूद्र और सभी शरणार्थी परिवारों को न केवल नागरिकता मिलेगी बल्कि वे हर वह सुविधा और अधिकार पाएंगे, जो एक भारतीय नागरिक को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा—यह सिर्फ वादा नहीं, बल्कि ‘मोदी की गारंटी’ है।

यह भरोसा ऐसे समय आया है जब विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में हजारों नाम कटने से मतुआ समुदाय में गहरी बेचैनी है। मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान से आए हिंदू मतुआ विभाजन और बांग्लादेश बनने के बाद भारत आकर बसे थे और अब भी पहचान से जुड़े संकट झेल रहे हैं।

करीब डेढ़ करोड़ की आबादी वाला मतुआ समुदाय बंगाल की 70 से ज्यादा सीटों पर निर्णायक प्रभाव रखता है। 2019 के लोकसभा और 2021 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिले अभूतपूर्व समर्थन में इन्हीं का बड़ा योगदान रहा। ऐसे में चुनाव से पहले ठाकुरनगर में पीएम की यह रणनीतिक यात्रा राजनीतिक तौर पर बेहद अहम मानी जा रही है।

सभा से पहले पीएम मोदी ने ठाकुरबाड़ी पहुँचकर मतुआ संप्रदाय के पवित्र मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। यहां गुरु हरिचांद और गुरुचांद ठाकुर की प्रतिमाओं के दर्शन के बाद उन्होंने बड़ो मां को प्रणाम किया। यह मंदिर दौरा उनकी 2019 यात्रा और 2021 के बांग्लादेश स्थित ओराकंडी तीर्थ के बाद एक और महत्वपूर्ण अध्याय बन गया।

ठाकुरनगर के बाद पीएम ने हुगली जिले के हरिपाल में भी जनसभा की और ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले चरण के भारी मतदान ने टीएमसी का घमंड चूर कर दिया है और दूसरे चरण में भाजपा की प्रचंड जीत तय है। उन्होंने सवाल उठाया कि ‘मां, माटी, मानुष’ बोलकर सत्ता में आए लोग अब इन शब्दों को याद भी क्यों नहीं करते?

मोदी ने आरोप लगाया कि अगर टीएमसी इन शब्दों का जिक्र करेगी, तो उनके पाप सामने आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि टीएमसी की नीतियों ने मां को रुला दिया, माटी को सिंडिकेट और घुसपैठियों के हवाले कर दिया और मानुष को पलायन पर मजबूर कर दिया।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर हमला तेज करते हुए पीएम ने कहा कि टीएमसी सरकार के ‘महाजंगलराज’ की सबसे बड़ी पीड़ित बहनें और बेटियां हैं। सैंडेशखाली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जहां-जहां अत्याचार हुआ, वहां टीएमसी ने पीड़ितों का साथ देने के बजाय गुंडों की ढाल बनकर काम किया।

मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार बंगाल को आजादी दिलाने का हथियार जनता का एक-एक वोट है। उन्होंने कहा कि 4 मई के बाद भाजपा सरकार गुंडों और दुष्कर्मियों से चुन-चुनकर हिसाब लेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब अत्याचार अपनी सीमा पार कर जाता है, तब जनता मां दुर्गा का रूप धारण कर अन्याय का विनाश करती है।

शाम को पीएम मोदी ने कोलकाता के बीके पाल इलाके में विशाल रोड शो करके माहौल गरमा दिया। रोड शो से पहले उन्होंने प्रसिद्ध ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की और जीत का आशीर्वाद मांगा।