दिल्ली में गर्मी बढ़ते ही बिजली खपत रिकॉर्ड पर, मांग 6650 मेगावाट पार हुई
दिल्ली में बढ़ती गर्मी और लू के कारण बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। रविवार रात मांग 6650 मेगावाट तक पहुंच गई, जो अप्रैल में पहली बार 6500 मेगावाट के पार गई थी, और इसके 7000 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना है।
राजधानी दिल्ली में तापमान की रफ्तार इस कदर बढ़ रही है कि इसका सीधा असर अब बिजली की खपत पर जोरदार तरीके से दिख रहा है। गुरुवार को पहली बार अप्रैल महीने में बिजली की मांग 6500 मेगावाट के पार निकल गई, जिसने पिछले सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। इससे पहले अप्रैल 2022 में मांग 6197 मेगावाट दर्ज हुई थी।
गुरुवार को बना यह रिकॉर्ड ज्यादा देर नहीं टिक पाया और इसके बाद से लगातार बिजली की पीक डिमांड 6500 मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। रविवार देर रात 11:24 बजे यह आंकड़ा छलांग लगाकर 6650 मेगावाट तक पहुंच गया। मौसम का तेवर ऐसा ही रहा तो सोमवार को यह मांग और भी ऊपर जाने की उम्मीद है।
बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि तपिश बढ़ते ही लोग बड़ी संख्या में एसी, कूलर और अन्य कूलिंग उपकरणों का उपयोग करने लगते हैं, जिससे बिजली की खपत तेजी से चढ़ जाती है। दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल में छह हजार मेगावाट से ऊपर की मांग अब तक सिर्फ 2022 और 2025 में ही दर्ज हुई थी, लेकिन इस बार पिछले चार दिनों में मांग में अभूतपूर्व उछाल देखा गया है।
22 अप्रैल को जहां अधिकतम मांग 6020 मेगावाट थी, वहीं न्यूनतम मांग में भी बढ़ोतरी जारी है। गुरुवार सुबह की न्यूनतम मांग 4124 मेगावाट थी, जो सोमवार को बढ़कर 4612 मेगावाट पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गर्मी का यही मिजाज बना रहा तो जल्द ही पीक डिमांड 7000 मेगावाट का आंकड़ा पार कर सकती है। इसी संभावना को देखते हुए बिजली कंपनियां तेजी से तैयारी में जुटी हैं।
इस महीने के दौरान बिजली की अधिकतम मांग इस प्रकार रही: 26 अप्रैल – 6650 मेगावाट 25 अप्रैल – 6517 मेगावाट 24 अप्रैल – 6578 मेगावाट 23 अप्रैल – 6323 मेगावाट 22 अप्रैल – 6020 मेगावाट पिछले वर्षों में अप्रैल महीने की अधिकतम बिजली मांग भी कई दिलचस्प रुझान दिखाती है—2025 में 6014 मेगावाट, 2024 में 5447 मेगावाट, 2023 में 5422 मेगावाट और 2022 में 6197 मेगावाट जैसे रिकॉर्ड दर्ज किए गए थे।
- 26 अप्रैल - 6650 मेगावाट
- 25 अप्रैल - 6517 मेगावाट
- 24 अप्रैल - 6578 मेगावाट
- 23 अप्रैल - 6323 मेगावाट
- 22 अप्रैल - 6020 मेगावाट