ऋषिकेश में उज्जैन एक्स्प्रेस पटरी से उतरा, समय रहते खतरा टला, सुरक्षा टीमें पहुंचीं

ऋषिकेश योग नगरी रेलवे स्टेशन के पास खांड गांव में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन कोच पटरी से उतर गए। हालांकि हादसे के वक्त कोई यात्री ट्रेन में मौजूद नहीं था।, Uttarakhand Hindi News - Hindustan

May 19, 2026 - 10:56
ऋषिकेश में उज्जैन एक्स्प्रेस पटरी से उतरा, समय रहते खतरा टला, सुरक्षा टीमें पहुंचीं

ऋषिकेश की शांत वादियों में बुधवार देर रात एक ऐसा धमाका हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। योग नगरी रेलवे स्टेशन के पास खांड गांव में अचानक उज्जैनी एक्सप्रेस के तीन कोच पटरी से उछलकर बाहर जा गिरे। गनीमत रही कि उस वक्त ट्रेन में एक भी यात्री मौजूद नहीं था, वरना रात एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

घटना की भनक मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस टीमें मौके की ओर दौड़ पड़ीं। गुरुवार तड़के से ही ट्रैक को दुरुस्त करने और कोचों को वापस लाइन पर चढ़ाने की जद्दोजहद शुरू हो गई। आसपास रहने वालों में डर और अफरा-तफरी का माहौल कुछ देर तक बना रहा, क्योंकि पूरी रात वही आवाजें गूंजती रहीं।

पहली नजर में मामला ब्रेक सिस्टम फेल होने की ओर इशारा कर रहा है। बताया गया कि ट्रेन नियमित मेंटेनेंस प्रक्रिया में थी, तभी अचानक नियंत्रण खो बैठी और तीन डिब्बे एक झटके में उतर गए। इस दुर्घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग नाराज हैं कि करीब ढाई घंटे तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

रेलवे की ओर से सफाई दी गई कि ट्रेन यार्ड में खड़ी थी और अचानक ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण कोच पटरी से उतर गए। हालांकि चश्मदीदों के मुताबिक ट्रेन उस समय स्थिर नहीं थी, बल्कि बोगियां धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं, जिससे घटनाक्रम और भी संदिग्ध लग रहा है।

हादसे की खबर जंगल में आग की तरह फैलते ही लोग बड़ी संख्या में रेलवे ट्रैक पर उमड़ पड़े। भीड़ को काबू में करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ को मैदान में उतरना पड़ा और लोगों को किसी तरह ट्रैक से हटाया गया। मंगलवार सुबह तक रेलवे की तकनीकी टीमों ने बिना रुके बहाली का काम जारी रखा।

रेलवे के अनुसार यह घटना किसी भी ट्रेन सेवा को प्रभावित नहीं कर पाई है और सभी ट्रेनों का संचालन सामान्य रूप से हो रहा है। क्षतिग्रस्त कोचों को अलग कर दिया गया है, जबकि पटरी से उतरे डिब्बों को वापस ट्रैक पर लाने का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। तकनीकी टीमें मौके पर मौजूद हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।