चंपावत सामूहिक दुष्कर्म का मामला निकला षड्यंत्र, आरोपित से पूछताछ; FIR में होगा बदलाव
चंपावत में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मामला पुरानी रंजिश के चलते एक षड्यंत्र निकला। पुलिस ने मास्टरमाइंड पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत और उसकी महिला मित्र को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है, एफआईआर में संशोधन किया जाएगा।
चंपावत में सामने आई इस सनसनीखेज साजिश ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। रंजिश के नाम पर रची गई इस चौंकाने वाली प्लानिंग में पूर्व मंडल अध्यक्ष और उसकी महिला साथी की भूमिका सबसे ज्यादा चर्चा में है। पुलिस दोनों से लगातार पूछताछ कर रही है, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे षड्यंत्र में इन दो लोगों के अलावा कम से कम तीन और अज्ञात चेहरे शामिल हैं। पहले दर्ज की गई एफआईआर में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है और नए नाम जोड़े जाएंगे। संभावना है कि पुलिस आज इन सभी आरोपितों को कोर्ट में पेश कर सकती है, जिससे पूरे मामले पर बड़ा अपडेट सामने आ सकता है।
बुधवार देर रात जिले के मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर एक गांव में 10वीं की छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया था।
पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर पर पुलिस ने सल्ली निवासी विनोद रावत, नवीन रावत और पूर्व प्रधान एवं पूर्व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष पूरन रावत के खिलाफ पोक्सो समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया। लेकिन एसआईटी की जांच आगे बढ़ी, तो पूरा मामला एक पुराने निजी विवाद की साजिश जैसा दिखाई देने लगा।
जांच में बड़ा मोड़ तब आया जब पता चला कि पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत ही इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड था। उसने अपनी पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए इस पूरी घटना की स्क्रिप्ट तैयार की और इसे सामूहिक दुष्कर्म का रूप दे दिया, जबकि असल में ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं थी। पुलिस ने कमल रावत और 112 नंबर पर सूचना देने वाली उसकी महिला मित्र को गुरुवार को गिरफ्तार कर सख्त पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि कमल ने पीड़िता को उसके पिता का इलाज कराने का लालच देकर इस साजिश में फंसाया। इस षड्यंत्र में और भी कई लोग शामिल बताए जा रहे हैं, जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है और पूछताछ जारी है। आज इस केस में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। एसपी रेखा यादव ने बताया कि पहले दर्ज मुकदमे में संशोधन होगा और नए आरोपितों के नाम भी जोड़े जाएंगे।