पेट्रोल-डीजल पर सरकार का ऐसा फैसला, कीमतें सुनकर रह जाएंगे हैरान!

Petrol Diesel : ऊर्जा संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला; पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर 3 किया, डीजल पर शून्य government cut petrol diesel excise duty amid energy

Mar 27, 2026 - 10:51
पेट्रोल-डीजल पर सरकार का ऐसा फैसला, कीमतें सुनकर रह जाएंगे हैरान!

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बेतहाशा बढ़ोतरी ने देश की तेल कंपनियों की कमर तोड़ दी थी, लेकिन अब सरकार ने ऐसा फैसला लिया है जिसने माहौल ही बदल दिया। केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती कर एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी जैसी कंपनियों को जबरदस्त राहत दे दी है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ रहा था और ईंधन की कीमतें स्थिर रखने का दबाव बढ़ता जा रहा था।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट के बीच वित्त मंत्रालय ने 26 मार्च को चौंकाने वाला ऐलान करते हुए पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐतिहासिक फैसला किया। इसके बाद पेट्रोल पर टैक्स 13 रुपये से घटकर सिर्फ 3 रुपये रह गया, जबकि डीजल पर लगाया जाने वाला 10 रुपये प्रति लीटर का टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 50% तक उछल गई थीं, जिससे सरकारी तेल कंपनियों पर भारी दबाव था। बावजूद इसके, सरकार ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखीं, जिससे कंपनियों को भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा था। यह राहतकारी कदम उन्हें कुछ सांस लेने का मौका देगा और बाजार में स्थिरता लाने में भी मदद करेगा।

रेटिंग एजेंसी ICRA के ताजा आकलन ने स्थिति की गंभीरता को और साफ किया है। उनके अनुसार यदि कच्चे तेल के दाम 100-105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास टिके रहे, तो पेट्रोल पर प्रति लीटर 11 रुपये और डीजल पर 14 रुपये तक का नुकसान ईंधन कंपनियों को झेलना पड़ सकता है। हाल ही में वैश्विक भाव 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचे थे, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर पर आए। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।

भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 88% और प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरतें आयात पर निर्भर करता है, जिनमें से अधिकतर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती हैं। लेकिन संघर्ष बढ़ने पर ईरान द्वारा इस मार्ग को अवरुद्ध कर देने से तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक गई, जिससे संकट और गहरा गया।

नायरा एनर्जी, जो देशभर में 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है, ने बढ़ती लागत का कुछ असर उपभोक्ताओं पर डाल दिया है। अब उसके पंपों पर पेट्रोल 100.71 रुपये और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं जियो-बीपी, जिसके 2,185 आउटलेट हैं, भारी नुकसान के बावजूद अभी तक कीमतें नहीं बढ़ा रहा। सरकारी तेल कंपनियां, जो बाजार का करीब 90% हिस्सा नियंत्रित करती हैं, भी कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं।

दरअसल पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण टैक्स है, जिससे बड़ी मात्रा में राजस्व जुटता है। यही पैसा देश के बुनियादी ढांचे, रक्षा जरूरतों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाता है। सरकार के इस बड़े फैसले से न केवल कंपनियों को राहत मिलेगी, बल्कि देश की आर्थिक नाड़ी पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।