पाकिस्तान में हड़कंप! आसिम मुनीर ने घबराकर चीन से मिसाइलें-हथियार मंगवाने भेजा एयरफोर्स का प्लेन
पाकिस्तान एयरफोर्स के Il-78 विमान चीन पहुंचे हैं. आशंका है कि पाकिस्तान भारत के संभावित ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के डर से चीन से मिसाइल और हथियार मंगवा रहा है.
दक्षिण एशिया की सुरक्षा हवा में एक बार फिर तनाव घुल गया है, क्योंकि पाकिस्तान एयरफोर्स की एक चौंकाने वाली गतिविधि अचानक सुर्खियों में आ गई है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के Il-78 हवाई रिफ्यूलिंग विमान गुपचुप तरीके से चीन के सिचुआन प्रांत में स्थित एक अहम एयरबेस पर उतरे और थोड़े ही समय में वापस लौट भी गए. इस रहस्यमयी गतिविधि ने अंदेशा बढ़ा दिया है कि शायद पाकिस्तान चीन से मिसाइलों, हथियारों या किसी हाई-टेक सैन्य सिस्टम की नई खेप हासिल करने गया था.
Military Watch Magazine की रिपोर्ट ने इस घटना पर और भी सनसनी बढ़ा दी है. 19 और 20 जनवरी को पाकिस्तान के कई Il-78 विमान सिचुआन पहुंचते देखे गए, जहां कम से कम दो विमान एयरबेस पर खड़े पाए गए. उड़ान से पहले उनमें लोडिंग जैसी गतिविधियां भी नोट की गईं, जिससे यह कयास और मजबूत हो गया कि इनका मिशन सिर्फ सैन्य आपूर्ति लाना था. हालांकि, दोनों देशों ने अभी तक इस पर आधिकारिक रूप से चुप्पी साध रखी है.
चीन और पाकिस्तान के गहरे सैन्य रिश्तों की कहानी अब किसी से छिपी नहीं. लंबे समय से चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बना हुआ है. सिचुआन क्षेत्र वैसे भी चीन का अहम सैन्य गढ़ माना जाता है, जहां J-10C फाइटर जेट की मैन्युफैक्चरिंग से लेकर कई टॉप-सीक्रेट सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. विशेषज्ञों का दावा है कि पाकिस्तान चीन से PL-15 लंबी दूरी की मिसाइलें, एडवांस्ड मिसाइल सिस्टम और J-10C जेट के लिए जरूरी सपोर्ट सिस्टम खरीदने की कोशिश कर रहा है. हालांकि स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
Il-78 विमान पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक रिफ्यूलिंग टैंकर नहीं, बल्कि रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण मोहरा माना जाता है. सोवियत युग के Il-76 पर आधारित यह विमान हवा में लड़ाकू जेट को ईंधन भरने की क्षमता रखता है, जिससे उनकी रेंज दोगुनी हो जाती है. किसी संभावित युद्ध या तनाव के माहौल में यह क्षमता पाकिस्तान के लड़ाकू बेड़े को लगातार ऑपरेशन चलाने की ताकत देती है. इसी वजह से Il-78 को PAF की स्ट्रैटेजी का ‘पावर मल्टीप्लायर’ कहा जाता है.
कई रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान की इस जल्दबाज़ी की वजह भारत को लेकर बढ़ती चिंता भी है. सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर reportedly इस बात से आशंकित हैं कि भारत भविष्य में 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसा कोई नया सैन्य अभियान शुरू कर सकता है. पिछले ऑपरेशन में भारतीय सेना की सटीक स्ट्राइक क्षमता और टेक्नोलॉजी ने पाकिस्तान को हिला दिया था. तभी से पाकिस्तान अपनी एयर डिफेंस और मिसाइल क्षमताओं को तेज़ी से अपग्रेड कर रहा है.
याद दिला दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पहले से चीन के J-10C फाइटर जेट और कई चीनी मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा था. अब चीन से संभावित नई खेप इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान किसी भी नए टकराव की स्थिति में पहले से तैयार रहना चाहता है. यह स्थिति पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव का नया अध्याय खोल सकती है.
इसी बीच खबरें यह भी हैं कि पाकिस्तान अब चीन के 5वीं पीढ़ी के J-35 स्टील्थ फाइटर जेट पर नजर गड़ाए बैठा है. यदि यह डील आगे बढ़ती है तो दक्षिण एशिया का सैन्य संतुलन पूरी तरह बदल सकता है और भारत-पाकिस्तान-चीन का त्रिकोणीय समीकरण और अधिक पेचीदा हो सकता है. विशेषज्ञ इसे आने वाले समय की सबसे बड़े रणनीतिक बदलावों में से एक मान रहे हैं.