CM Yogi से गुहार… और 24 घंटे में चमत्कार! करोड़ों का घर मिला, अंजना फूट-फूटकर रोई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस ने 24 घंटे में मेजर की बेटी अंजना को इंदिरा नगर स्थित उसका करोड़ों का मकान भूमाफिया से मुक्त कराकर वापस दिला दिया। अंजना, जो मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं, ने सीएम से न्याय की गुहार लगाई थी। फर्जी दस्तावेजों से कब्जा करने वाले बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। अंजना ने घर पाकर सीएम योगी का आभार व्यक्त किया।

Jan 2, 2026 - 11:39
CM Yogi से गुहार… और 24 घंटे में चमत्कार! करोड़ों का घर मिला, अंजना फूट-फूटकर रोई

नए साल की सुबह मेजर की बेटी अंजना के लिए ऐसा मौका लेकर आई, जिसकी उन्होंने शायद कभी कल्पना भी नहीं की थी। मानो किस्मत ने अचानक करवट ली हो—24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सीधे हस्तक्षेप पर पुलिस ने इंदिरा नगर में करोड़ों की कीमत वाला उनका घर भूमाफियाओं से छुड़ाकर वापस दिला दिया। वर्षों से अत्याचार और तनाव झेल रही अंजना जैसे ही अपने घर के आंगन में पहुंचीं, उनकी आंखों से खुशी के आंसू झरने लगे। भावुक होकर उनके होंठों से बस इतना निकला—“थैंक्यू योगी अंकल… गॉड ब्लेस यू!”

अंजना के पिता, स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात थे, लेकिन 1994 में उनके निधन ने पूरे परिवार को टूटकर रख दिया। समय बीतने के साथ उन्होंने अपने भाई और बहन दोनों को खो दिया, और जिंदगी में बस अकेलापन रह गया। इसी सदमे में वह गंभीर मानसिक बीमारी ‘सीजोफ्रेनिया’ की मरीज हो गईं और 2016 से लगातार रिहैब सेंटर में इलाज करा रही हैं। इसी कमज़ोरी का फायदा उठाते हुए चंदौली के बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने फर्जी कागज़ों के भरोसे इंदिरा नगर स्थित ए-418 मकान पर जालसाजी से कब्जा जमा लिया।

बुधवार को जब अंजना ने हिम्मत जुटाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और अपनी दास्तान सुनाई, तो माहौल एक पल को थम-सा गया। उन्होंने बताया कि 6 दिसंबर को थाने में गुहार लगाई थी, पर कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए आखिरी उम्मीद लेकर वे सीएम के पास पहुंचीं। सैनिक की बेटी की पीड़ा सुनते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया और भरोसा दिलाया कि 24 घंटे में न्याय मिलेगा। आदेश मिलते ही प्रशासन और पुलिस फुर्ती से सक्रिय हुए, और गुरुवार दोपहर तक जांच पूरी कर अवैध कब्जा हटवा दिया गया।

जैसे ही अंजना अपने घर के अंदर पहुंचीं, उनकी भावनाएं जैसे बांध तोड़कर बह निकलीं। उन्होंने दीवारों को छू-छूकर अपने बीते सालों की यादें ताज़ा कीं, नारियल फोड़ा, दीप जलाया और पड़ोस की महिलाओं के गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़ीं। वहां मौजूद हर किसी की आंखें उस क्षण की भावनाओं से नम हो गईं। माहौल में राहत और खुशी की अद्भुत मिलीजुली लहर दौड़ गई।

अंजना बार-बार मुख्यमंत्री योगी का धन्यवाद करती नहीं थक रहीं थीं, कहती रहीं—“योगी अंकल सच में महान हैं… उन्होंने मेरा सहारा बनकर मेरे जीवन में उम्मीद लौटा दी।” इस पूरे मामले में पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने वालों पर अब कड़ी कानूनी कार्रवाई तय है।