320 की रफ्तार से बदलेगा भारत! 508 KM का सफर पलक झपकते, 15 अगस्त 2027 से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारत में बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से चलेगी। पहले चरण में यह सूरत से वापी के बीच 100 किमी की दूरी तय करेगी। अहमदाबाद-मुंबई मार्ग पर 55 काम पूरा हो चुका है, जिससे 508 किमी की दूरी 2 घंटे 17 मिनट में तय होगी। यह ट्रेन 320 किमीघंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। साथ ही, पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन गुवाहाटी-कोलकाता के बीच जल्द शुरू होगी।
नए साल की शुरुआत भारत के लिए किसी उत्सव से कम नहीं, क्योंकि देश का बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन सपना अब सच बनने के बेहद करीब है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रोमांच बढ़ाने वाली बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 15 अगस्त 2027 से भारत की पहली बुलेट ट्रेन पटरियों पर रफ्तार भरने लगेगी। यह ऐलान होते ही देशभर में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
उन्होंने हंसी-ठिठोली करते हुए कहा कि अगले स्वतंत्रता दिवस पर बुलेट ट्रेन की सवारी करनी है तो अभी से टिकट বুক करने की तैयारी कर लीजिए। शुरुआत में यह हाई-स्पीड ट्रेन सूरत से वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर के रूट पर दौड़ेगी, जो तकनीक और आधुनिक भारत का नया चेहरा दुनिया को दिखाएगी।
बुलेट ट्रेन में बैठने का सपना हर भारतीय की आंखों में चमकता है, और अब वह पल आने ही वाला है जब देश भी जापान और फ्रांस जैसे देशों की कतार में शामिल हो जाएगा। अहमदाबाद-मुंबई कॉरिडोर पर तैयार हो रही यह हाई-स्पीड रेल भारत में नई उम्मीद और नई ऊर्जा की शुरुआत मानी जा रही है, जिसे लेकर उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।
पूरा प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद अहमदाबाद से मुंबई की लगभग 508 किमी की दूरी सिर्फ 2 घंटे 17 मिनट में तय की जा सकेगी—यानी हवाई यात्रा जैसा अनुभव, वो भी रेल में। फिलहाल इस मेगा प्रोजेक्ट का लगभग 55% काम पूरा हो चुका है, जबकि नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सूरत में जाकर निर्माण की प्रगति की समीक्षा की थी।
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा-नगर हवेली से होकर गुजरेगा, जबकि 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में पड़ेगा। पूरे प्रोजेक्ट को जापान की मदद से नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) तैयार कर रहा है, जिससे इसकी तकनीक विश्वस्तरीय मानी जा रही है।
जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन ट्रेन की तर्ज पर बन रही यह बुलेट ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की शानदार रफ्तार से दौड़ेगी। पूरे रूट पर 12 बड़े स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, वापी, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। खास बात यह है कि 85% रूट, यानी करीब 465 किमी हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिसमें से 326 किमी निर्माण पूरा भी हो चुका है।
दुनियाभर में चीन, जापान, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, इटली और ताइवान जैसे देशों में बुलेट ट्रेनें पहले ही धड़ाधड़ दौड़ रही हैं। इनमें चीन सबसे बड़ा बुलेट ट्रेन नेटवर्क रखता है, जबकि जापान ने 1964 में इस तकनीक की नींव रखी थी। अमेरिका, इंडोनेशिया और मोरक्को भी इन देशों की कतार में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
इसी बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक और खुशखबरी दी है। देश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, और यह ट्रेन 18-19 जनवरी से गुवाहाटी से कोलकाता के बीच पटरी पर दौड़ सकती है। ट्रायल रन में 16 कोचों वाली इस ट्रेन ने 182 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार हासिल की, जिसे जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी हरी झंडी दिखाएंगे।
मंत्री ने बताया कि गुवाहाटी-हावड़ा स्लीपर वंदे भारत का थर्ड एसी किराया लगभग 2300 रुपये रहेगा, जबकि हवाई यात्रा पर यही खर्च 6 से 10 हजार तक पहुंच जाता है। इसी तरह सेकंड एसी का किराया करीब 3000 रुपये और फर्स्ट एसी का किराया लगभग 3600 रुपये तक हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि साल खत्म होने से पहले देश में कुल 12 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें ट्रैकों पर दौड़ती नजर आएंगी। यानी आने वाले महीनों में भारतीय रेलवे यात्रियों को एक नई हाई-स्पीड और आरामदायक रेल यात्रा का रोमांचक अनुभव देने जा रहा है।