वेनेजुएला अटैक के बाद किस डर के साये में जी रहे डोनाल्ड ट्रंप, खतरे में राष्ट्रपति पद? हो सकता है बड़ा खेल
Donald Trump fears Impeachment: डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त अमेरिका फर्स्ट के नाम पर ऐसे-ऐसे काम कर रहे हैं कि उनके घर में भी उनका विरोध हो रहा है. हालांकि वे अपने फैसलों से पीछे नहीं हटने वाले लेकिन अब उन्होंने खुद बताया है कि वे किस बात को लेकर चिंता में हैं. उन्हें डर है कि कहीं मिडटर्म चुनावों में कुछ गड़बड़ हुई तो बड़ा खेल हो सकता है.
अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज है, और इसकी वजह बने हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्हें अब अपने पद पर बने रहने का बड़ा खतरा दिखाई देने लगा है. वेनेजुएला में राष्ट्रपति को गिरफ्तार करवाने के बाद ट्रंप को आशंका है कि यह कदम उनके लिए भारी पड़ सकता है और उन पर महाभियोग चलाने की कोशिश तेज हो सकती है. इसी डर को देखते हुए उन्होंने रिपब्लिकन सांसदों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर मिडटर्म चुनावों में पार्टी फिसली, तो व्हाइट हाउस की कुर्सी सीधे उनके हाथ से जा सकती है. ट्रंप का दावा है कि अगर डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलता है, तो वे पलभर में impeachment की प्रक्रिया शुरू कर देंगे.
वॉशिंगटन में रिपब्लिकन सांसदों की बैठक में ट्रंप ने चुनावों को सीधा-सीधा ‘रेड लाइन’ बताते हुए माहौल में खलबली मचा दी. उन्होंने साफ कहा कि पार्टी को इन चुनावों में हर हाल में जीतना होगा, वरना विरोधी महाभियोग लगाने का मौका ढूंढ ही लेंगे. ट्रंप को डर है कि उनके खिलाफ साज़िशें लगातार बढ़ सकती हैं, और अगर रिपब्लिकन पार्टी कमजोर हुई, तो उन्हें रोकना असंभव हो जाएगा. उनकी यह चेतावनी दर्शाती है कि राष्ट्रपति खुद भी राजनीतिक तूफान की आहट महसूस कर रहे हैं.
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर मिडटर्म चुनावों से ट्रंप इतने चिंतित क्यों हैं? असल में, राष्ट्रपति को तुरंत हटाना आसान नहीं होता, लेकिन इन चुनावों का नतीजा सत्ता संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है. अगर रिपब्लिकन पकड़ ढीली पड़ती है, तो ट्रंप के लिए कानून पास करना और बड़े फैसलों को लागू करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. सबसे बड़ी बात यह कि प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को बहुमत मिलते ही उन्हें महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार मिल जाता है, और यही ट्रंप की सबसे बड़ी चिंता है.
अब बात करते हैं कि आखिर ये मिडटर्म चुनाव होते क्या हैं, जिन पर इतना शोर है. ये चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के ठीक बीच में आयोजित किए जाते हैं और इन्हें अमेरिका की सबसे अहम राजनीतिक परीक्षाओं में से एक माना जाता है. इनमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर वोटिंग होती है, जबकि सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों पर चुनाव कराया जाता है. इतना ही नहीं, 34 राज्यों में राज्यपाल चुने जाते हैं और कई राज्यों में स्थानीय निकायों से लेकर विधानसभाओं तक नई सरकारें बनती हैं. कुल मिलाकर, मिडटर्म चुनाव अमेरिका की सत्ता का पूरा गणित बदलने की ताकत रखते हैं.