ICC को सिरदर्द! पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों का भारत वीजा फंसा, T20 World Cup में खेलने पर सस्पेंस

टी-20 विश्व कप से पहले, पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को भारतीय वीजा न मिलने के कारण अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद आईसीसी के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। भारत के सख्त आव्रजन नियमों के चलते अमेरिकी टीम के चार खिलाड़ियों सहित यूएई, ओमान और अन्य कई टीमों के प्रमुख खिलाड़ी प्रभावित हुए हैं।    

Jan 14, 2026 - 12:24
ICC को सिरदर्द! पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों का भारत वीजा फंसा, T20 World Cup में खेलने पर सस्पेंस

टी-20 विश्व कप की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन मैदान पर मुकाबले से पहले ही एक बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। भारत के वीजा नियमों को लेकर आईसीसी पर दबाव बढ़ गया है, क्योंकि टूर्नामेंट में उतरने वाली आठ से ज्यादा टीमों ने तत्काल दखल की मांग की है। वजह चौंकाने वाली है—अमेरिकी टीम के चार पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों को भारत ने वीजा देने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे विश्व कप की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत इस फैसले से हिल गया है, क्योंकि भारत के कड़े इमिग्रेशन कानून और पाकिस्तान से तनावपूर्ण रिश्ते इस पूरे विवाद की जड़ बन चुके हैं। जिन अमेरिकी खिलाड़ियों की एंट्री रोक दी गई है, उनमें शयान जहांगीर, मोहम्मद मोहसिन, एहसान आदिल और अली खान शामिल हैं। भारतीय नियमों के मुताबिक, अगर खिलाड़ी या उसके माता-पिता-पिता का जन्म पाकिस्तान में हुआ हो, तो वीजा केवल पाकिस्तानी पासपोर्ट से ही दिया जा सकता है—और यही नियम अब कई टीमों पर भारी पड़ रहा है।

यूएई की टीम पर तो मानो संकट टूट पड़ा है, क्योंकि कप्तान मोहम्मद वसीम सहित सात खिलाड़ी पाकिस्तान में पैदा हुए हैं। चूंकि यूएई नागरिकता नहीं देता, इस वजह से सबको पाकिस्तानी पासपोर्ट पर ही सफर करना पड़ता है, जिससे वीजा प्रक्रिया और भी पेचीदा हो जाती है। ओमान की टीम भी इसी मुश्किल में फंसी है, जहां ऑलराउंडर फैयाज बट समेत कई अहम खिलाड़ियों की उपलब्धता पर प्रश्न चिन्ह लग चुका है।

कनाडा, इटली, नीदरलैंड्स और अमेरिका सहित कई देशों ने आईसीसी को आधिकारिक पत्र भेजकर तुरंत मदद की गुहार लगाई है। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी खिलाड़ियों के वीजा आवेदन पहले ही जमा कर दिए गए हैं, लेकिन बिना उच्चस्तरीय हस्तक्षेप के समय पर मंजूरी मिलना लगभग असंभव माना जा रहा है। अगर समाधान नहीं हुआ, तो कई टीमें अपने स्टार खिलाड़ियों के बिना उतरने को मजबूर हो सकती हैं।

यह कोई पहली बार नहीं है जब खिलाड़ियों को ऐसी अड़चनों का सामना करना पड़ा है। पिछले साल इंग्लैंड के स्पिनर शोएब बशीर को भी उनके पारिवारिक मूल के कारण भारत का वीजा काफी देर से मिला था। ऑस्ट्रेलिया के उस्मान ख्वाजा को भी 2023 में भारत आने से पहले बड़े प्रशासनिक झंझटों से गुजरना पड़ा था, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

2019 में भी नीदरलैंड्स के सिकंदर और साकिब जुल्फिकार भाइयों का वीजा पाकिस्तानी मूल होने के चलते रोक दिया गया था, जबकि टीम के बाकी खिलाड़ियों को अनुमति मिल चुकी थी। भारत-पाकिस्तान के राजनीतिक तनाव का असर क्रिकेट पर पहले भी पड़ता रहा है, जिसमें चैंपियंस ट्रॉफी, महिला विश्व कप और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट प्रभावित हो चुके हैं।

अब यह पूरा मामला आईसीसी की कूटनीतिक ताकत की सबसे बड़ी परीक्षा बन चुका है। विश्व कप दरवाजे पर दस्तक दे रहा है और समय तेजी से निकल रहा है। अगर जल्द हल नहीं निकला, तो कई देशों को अपने मुख्य खिलाड़ियों के बिना मैदान में उतरने की कड़वी हकीकत झेलनी पड़ सकती है, और इससे टूर्नामेंट की चमक फीकी पड़ सकती है।