ट्रंप की कैद में फंसा चीन का ‘सदाबहार दोस्त’! UN में अमेरिका से सीधी भिड़ंत, दी खुली चेतावनी
अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया है जिससे चीन बेहद गुस्से में है. चीन ने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की आलोचना की है. इससे पहले विदेश मंत्री वांग यी ने भी अमेरिका को निशाना बनाया था.
पिछले हफ्ते वेनेजुएला में वह सब हुआ जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर रातों-रात राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को उनके बेडरूम से उठाकर ले जाया गया. दोनों को सीधे न्यूयॉर्क पहुंचाकर कड़ी सुरक्षा में कैद कर दिया गया, जहां उन पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े गंभीर आरोपों का मुकदमा चल रहा है.
इस घटना से वेनेजुएला के सबसे अहम ट्रेड पार्टनर चीन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. चीन के शीर्ष राजनयिक ने संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की और साफ कहा कि यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय नियमों और संबंधों को तोड़ने वाला है. वेनेजुएला में चीन के बड़े निवेश को देखते हुए बीजिंग की नाराजगी पूरी तरह जायज बताई जा रही है.
चीन हमेशा से ‘नॉन-इंटरफेरेंस’ यानी दूसरे देशों के मामलों में दखल न देने की नीति पर चलता आया है. ऐसे में उसे यह बिल्कुल मंजूर नहीं कि बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी किसी देश में सैन्य हस्तक्षेप हो. अपने ‘ऑल-वेदर पार्टनर’ माने जाने वाले देश के राष्ट्रपति को आधी रात राजधानी से उठाया जाना चीन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
बीजिंग ने सीधे-सीधे अमेरिका पर खुद को ‘दुनिया का जज’ समझने का आरोप जड़ दिया है. चीन ने संयुक्त राष्ट्र में इस कार्रवाई की वैधता पर बड़ा सवाल उठाते हुए अमेरिका को कठघरे में खड़ा कर दिया.
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान कहा कि कोई भी देश खुद को दुनिया का पुलिसवाला या जज घोषित नहीं कर सकता. उन्होंने इशारों में अमेरिका को निशाने पर लिया और कहा कि सभी देशों की संप्रभुता की सुरक्षा करना अंतरराष्ट्रीय कानून की पहली शर्त है.
वांग यी ने बिना नाम लिए वेनेजुएला में हुए ‘अचानक और चौंकाने वाले’ कदम की ओर इशारा किया और कहा कि किसी भी राष्ट्र की स्वायत्तता को ठेस पहुंचाना गंभीर नतीजे ला सकता है. उनकी यह टिप्पणी दुनिया भर में तेजी से चर्चा का विषय बन गई है.
शनिवार को 63 वर्षीय मादुरो को आंखों पर पट्टी बांधकर, हाथों में हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क लाया गया. कैद से आई उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गईं और दुनियाभर में भूचाल ला दिया.
मादुरो ने सोमवार को न्यूयॉर्क की अदालत में ड्रग्स से जुड़े सभी आरोपों को खारिज कर दिया. इस बीच कुछ ब्लॉक दूर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक हुई, जिसमें चीन और रूस ने भी हिस्सा लेकर अमेरिका की कार्रवाई पर सवाल उठाए. संयुक्त राष्ट्र प्रमुख गुटेरेस ने चेतावनी दी कि यह कदम भविष्य के लिए बेहद ‘खतरनाक मिसाल’ बन सकता है.
यूएन में चीन के स्थायी मिशन के प्रभारी सुन लेई ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है—सैन्य ताकत कभी समाधान नहीं लाती, बल्कि अंधाधुंध बल प्रयोग हालात और बिगाड़ देता है.
रॉयटर्स के मुताबिक विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते चीन कई देशों को अमेरिका की इस कार्रवाई के खिलाफ एकजुट करने की ताकत रखता है. यह मामला वैश्विक राजनीति में नया मोड़ ला सकता है.
चीन-ग्लोबल साउथ प्रोजेक्ट के सह-संस्थापक एरिक ओलैंडर का कहना है कि चीन चाहे वेनेजुएला की अभी बहुत मदद न कर सके, लेकिन विकासशील देशों के बीच अमेरिका के खिलाफ माहौल बनाने में उसकी रणनीतिक भूमिका बेहद अहम साबित होगी.
उधर, वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने कोलंबिया और मैक्सिको के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई की धमकी दे डाली है, जिससे लैटिन अमेरिका में भय और तनाव बढ़ गया है. खास बात यह है कि ये वही देश हैं जो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ग्लोबल सिक्योरिटी इनिशिएटिव का हिस्सा हैं.
सोमवार को शी जिनपिंग ने सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर का पालन करने की अपील की. बिना नाम लिए उन्होंने अमेरिका को संदेश दिया कि बड़ी ताकतों को दुनिया के लिए मिसाल बनना चाहिए, धमकियां नहीं देनी चाहिए.
वेनेजुएला और चीन के रिश्तों की बात करें तो यह दोस्ती 1974 में शुरू हुई और ह्यूगो चावेज के दौर में और मजबूत हो गई. 2013 में मादुरो के सत्ता में आने के बाद यह साझेदारी और गहरी होती गई.
चीन ने वेनेजुएला की तेल रिफाइनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर में अरबों डॉलर झोंक दिए, खासकर 2017 के बाद जब अमेरिका ने उस पर सख्त प्रतिबंध लगाए. 2024 में चीन ने वेनेजुएला से करीब 1.6 अरब डॉलर का आयात किया, जिसमें आधा हिस्सा सिर्फ तेल का था.
एक चीनी अधिकारी ने साफ कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी बीजिंग के लिए एक बड़ा झटका है. यह घटना चीन के रणनीतिक हितों और वैश्विक राजनीतिक समीकरणों को हिला सकती है.