कर्तव्य पथ पर गरजा भारत का पराक्रम! ब्रह्मोस-आकाश-सूर्यास्त्र की दहाड़, दुनिया ने देखी सेना की अजेय ताकत

कर्तव्य पथ पर परेड में टी-90 और अर्जुन टैंक, हेलिकॉप्टर, स्पेशल फोर्सेज़, रोबोटिक डॉग्स, आधुनिक ड्रोन और स्वदेशी मिसाइल और तोप प्रणालियां शामिल होंगी. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर का इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर, हिम योद्धाओं का एनिमल कंटिन्जेंट और विभिन्न रेजिमेंट्स की मार्चिंग टुकड़ियां भी परेड में हिस्सा लेंगी.

Jan 26, 2026 - 10:44
कर्तव्य पथ पर गरजा भारत का पराक्रम! ब्रह्मोस-आकाश-सूर्यास्त्र की दहाड़, दुनिया ने देखी सेना की अजेय ताकत

देश आज अपने गौरवशाली 77वें गणतंत्र दिवस का अलौकिक जश्न मना रहा है, और राजधानी दिल्ली का कर्तव्य पथ एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस भव्य राष्ट्रीय समारोह की कमान संभालेंगी, जबकि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहकर इस पल को और यादगार बनाएंगे. इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष, भारत की अद्भुत विकास गाथा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य सामर्थ्य एक साथ मिलकर ऐसा नज़ारा पेश करेंगे, जिसे देखकर हर भारतीय का दिल गर्व से भर उठेगा.

भारतीय सेना का दमदार शक्ति प्रदर्शन

इस बार परेड में पहली बार सेना का धांसू फेज़्ड बैटल ऐरे फॉर्मैट देखने को मिलेगा, जिसने पहले ही लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. रिकी एलिमेंट में 61 कैवेलरी के जवान पूरी तरह एक्टिव कॉम्बैट गियर में नजर आएंगे, मानो युद्धभूमि पर उतरने को तैयार हों. इसके बाद आएगा भारत का पहला स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल, हाई मोबिलिटी रिकॉनैसेंस व्हीकल, जिसने देश की तकनीकी प्रगति को नए स्तर पर पहुंचा दिया है. हवा में स्वदेशी DHRUV हेलिकॉप्टर और हथियारबंद RUDRA का ताकतवर प्रहार फॉर्मेशन युद्धक क्षमता की चौंकाने वाली झलक दिखाएगा.

टी-90 भीष्म और मेन बैटल टैंक अर्जुन जब सलामी मंच के सामने से गुजरेंगे, तो गर्व की लहर पूरे कर्तव्य पथ पर दौड़ उठेगी. आसमान में प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर और अपाचे AH-64E की गड़गड़ाहट रोमांच बढ़ा देगी. इसके बाद युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले BMP-2 इन्फैंट्री व्हीकल, नाग मिसाइल सिस्टम और स्पेशल फोर्सेज़ के हाई-टेक वाहन लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेंगे. रोबोटिक डॉग्स, अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स और स्वचालित सिस्टम निग्रहा, भैरव, भूविरक्षा और कृष्णा का प्रदर्शन यह संदेश देगा कि भविष्य की लड़ाइयाँ अब और भी स्मार्ट होंगी.

नजर आएंगे भविष्य की जंग लड़ने वाले वॉरहेड सिस्टम

कॉम्बैट सपोर्ट एलिमेंट में भारत के उन्नत अनमैन्ड वॉरहेड सिस्टम पहली बार इतने बड़े मंच पर दिखाए जाएंगे. शक्तिबाण और दिव्यास्त्र जैसे हाई-टेक सिस्टम आधुनिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म पर सजे होंगे, जो किसी भी चुनौती का मुकाबला करने में सक्षम हैं. स्वॉर्म ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन और टैक्टिकल हाइब्रिड यूएवी ZOLT की मदद से इनकी निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ गई है. ZOLT यूएवी तोपखाने की सटीक फायर डाइरेक्शन तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.

हारोप, मिनी हार्पी, पीसकीपर और स्काई स्ट्राइकर जैसे लॉइटरिंग म्यूनिशन इन सिस्टम की लक्ष्य भेदने की क्षमता को और धारदार बनाते हैं. ये हथियार गहरे युद्ध क्षेत्र में भी भयावह सटीकता के साथ हमला करने में सक्षम हैं. इसके साथ ही लंबी दूरी वाले ड्रोन और स्वॉर्म तकनीक इनका खतरा और मारक क्षमता पहले से कई गुना बढ़ा देती है.

एयर डिफेंस की रीढ़ – आकाश और ABHRA सिस्टम

परेड में आगे बढ़ते हुए धनुष गन सिस्टम और अमोघ एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन अपनी घातक फायरपावर का प्रदर्शन करेंगे. सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और स्वदेशी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर मिलकर भारत की डीप स्ट्राइक क्षमता का ऐसा प्रदर्शन करेंगे जिसे देखकर दुनिया भी दंग रह जाएगी. इसके बाद आएंगे देश की हवाई सुरक्षा के दो सबसे बड़े स्तंभ – आकाश वेपन सिस्टम और ABHRA मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल.

इनके तुरंत बाद नजर आएगी हाई-टेक ड्रोन शक्ति लॉरी, जिसे कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स ने विकसित किया है और जो भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जीवंत प्रदर्शन

कर्तव्य पथ पर कांच से ढंका इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर भी गुजरेगा, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया जाएगा. इस मिशन में विरासत, विविधता और विकास की अनूठी एकता ही सफलता का मुख्य आधार रही. ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन पर निर्णायक वार किए, जबकि आकाश मिसाइल सिस्टम और एस-400 ने अदम्य सुरक्षा कवच प्रदान किया.

इसके बाद हिमालय के वीर योद्धा अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे. एनिमल कंटिन्जेंट में बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर पोनी, ब्लैक काइट्स और भारत की पारंपरिक नस्ल के उच्च प्रशिक्षित कुत्ते जैसे मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बाई और राजापालयम दर्शकों को रोमांचित कर देंगे. इनके साथ अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण और ग्लेशियर एटीवी भी खास आकर्षण होगा.

मार्च के अंत में मिक्स्ड स्काउट्स कंटिन्जेंट, राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट और जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री अपनी शौर्यगाथा का प्रतीक बनकर आगे बढ़ेंगे.