बीजेपी–कांग्रेस एक साथ! अंबरनाथ में ऐसा क्या हुआ कि शिंदे का पूरा खेल पलट गया?
महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे) का खेल बिगाड़ने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है. शिंदे की पार्टी ने इसे विश्वासघात बताया है.
क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय राजनीति के दो ध्रुव—बीजेपी और कांग्रेस—एक ही मंच पर साथ खड़े हों और मिलकर सत्ता संभालें? यह विचार किसी राजनीतिक फैंटेसी से कम नहीं लगता. अधिकांश लोग तुरंत कह देंगे कि ऐसा होना नामुमकिन है. लेकिन अब सोचिए, अगर हम बताएं कि महाराष्ट्र के एक शहर में यह ‘असंभव’ सच में हो चुका है, तो?
महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद के चुनावों में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. यहां धुर विरोधी बीजेपी और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है और साथ मिलकर सत्ता पर काबिज हो गए हैं. ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ का नारा लगाने वाली बीजेपी ने इसी शहर में कांग्रेस का साथ थामकर सत्ता की राह चुन ली—जो अब चर्चा का सबसे बड़ा कारण बन चुका है.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस अनोखे गठबंधन का असली उद्देश्य एकनाथ शिंदे की शिवसेना (शिंदे गुट) को सत्ता से दूर रखना है. कांग्रेस के साथ रिश्ता जोड़ते ही बीजेपी की स्थिति मजबूत हो गई है, और अब अंबरनाथ की नगर परिषद में उनका बहुमत लगभग तय माना जा रहा है. सत्ता समीकरणों में यह उलटफेर हर किसी को चौंका रहा है.
अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी की तेजश्री करंजुले अध्यक्ष बनकर उभरी हैं. आंकड़ों पर नज़र डालें तो बीजेपी के 16, कांग्रेस के 12 और एनसीपी (अजित पवार गुट) के 4 पार्षदों के साथ कुल 32 का मजबूत समर्थन तैयार हो चुका है. कांग्रेस के बिना बीजेपी के पास सिर्फ 20 पार्षदों का साथ था—जो बहुमत से काफी दूर था. लेकिन अब गठबंधन की बदौलत बीजेपी की अध्यक्ष को स्पष्ट बहुमत मिल गया है, जिससे सदन में कामकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ सकता है.
शिंदे गुट भड़का, बताया ‘अभद्र गठबंधन’
बीजेपी और कांग्रेस की इस साझेदारी ने शिवसेना (शिंदे) के कैंप में आग लगा दी है. पार्टी नेताओं ने इसे सीधे-सीधे ‘अभद्र गठबंधन’ करार देते हुए अपने सहयोगी बीजेपी पर खुला हमला बोला है. शिवसेना (शिंदे) के विधायक डॉ. बालाजी किनीकर ने इसे विश्वासघात बताते हुए कहा कि कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली बीजेपी द्वारा कांग्रेस से हाथ मिलाना उनकी पार्टी के साथ धोखा है—मानो पीठ में छुरा घोंपने जैसा.
बीजेपी ने दिया करारा जवाब
शिंदे गुट के आरोपों का बीजेपी ने तुरंत जवाब देते हुए उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया. बीजेपी उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि असली ‘अभद्र गठबंधन’ तो वह होता अगर वे 25 साल से भ्रष्टाचार में डूबे शिंदे गुट के साथ सत्ता में आते. उन्होंने साफ किया कि बीजेपी ने कई बार महायुति के तहत गठबंधन की कोशिश की, लेकिन शिंदे गुट ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिए.
अंबरनाथ बना महायुति में तनाव का नया केंद्र
जहां अंबरनाथ में बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन से सत्ता की तस्वीर साफ होती दिख रही है, वहीं यह समीकरण महायुति के भीतर बड़े तनाव की वजह बन गया है. यह गठबंधन राजनीति की ‘मजबूरी’ है या ‘गैर-वाजिब चाल’, इस पर आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं. कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रदीप पाटिल से इस मसले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.