रांची में वैभव सूर्यवंशी की गूँज, दुबई से लौटते ही रचा नया इतिहास, छक्कों की बौछार से मैदान को दहला दिया

वैभव सूर्यवंशी ने विजय हज़ारे ट्रॉफी 2025-26 में बिहार की पारी को तहलका मचा दिया. अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने 84 गेंदों में 190 रन बनाए, जिसमें 16 चौके और 15 छक्के शामिल थे. 36 गेंदों में शतक लगाकर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी उभरती प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी का औक और परिचय दिया.

Dec 24, 2025 - 12:01
रांची में वैभव सूर्यवंशी की गूँज, दुबई से लौटते ही रचा नया इतिहास, छक्कों की बौछार से मैदान को दहला दिया

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के प्लेट ग्रुप में जो हुआ, उसने पूरे भारतीय घरेलू क्रिकेट को हिला कर रख दिया. अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ बिहार की पारी सिर्फ रनबोर्ड का खेल नहीं थी, बल्कि 14 साल के एक लड़के की चौंकाने वाली कहानी थी, जिसका नाम है वैभव सूर्यवंशी. फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ उम्मीदों पर खरे न उतर पाने की टीस लिए मैदान में उतरने वाले वैभव ने रांची में ऐसा तूफान मचाया कि हर कोई दंग रह गया. महज 14 साल की उम्र में उन्होंने 190 रन ठोककर एक नई दास्तान लिख दी.

JSCA ओवल ग्राउंड में टॉस जीतकर बिहार ने जब बल्लेबाजी चुनी, किसी ने नहीं सोचा था कि आगे क्या होने वाला है. शुरुआत अच्छी रही, पर उसके बाद वैभव ने खेल को दूसरे ही लेवल पर पहुंचा दिया. 84 गेंदों में 190 रन, 15 छक्के, 16 चौके, 226.19 का स्ट्राइक रेट — यह आंकड़े किसी वीडियो गेम जैसे लग रहे थे. 50 ओवर का मैच था, लेकिन बैटिंग देखकर लग रहा था मानो T20 की आंधी चल रही हो.

ओपनिंग पार्टनर मंगल महरौर ने 33 रन का योगदान दिया और वहीं से वैभव ने मौके को पहचानकर गियर बदल दिया. कवर से बहते शॉट्स हों या लॉन्ग-ऑन की ओर आसमान छूते छक्के — हर स्ट्रोक में जबरदस्त भरोसा झलक रहा था. 158 पर पहला विकेट गिरा, लेकिन वैभव की आतिशबाज़ी तब शुरू हुई जब बाकी बल्लेबाज सिर्फ देख रहे थे. उनका हर शॉट अरुणाचल के गेंदबाजों के लिए मानो सज़ा बन गया था.

सिर्फ 36 गेंदों में शतक! 10 चौके और 8 छक्कों के साथ उन्होंने ऐसा शतक जमाया कि गेंदबाजों के पास सिर्फ हैरानी बची. इसके बाद 59 गेंदों में 150 रन पूरे कर वे और भी खतरनाक लगने लगे. मिबोम मोसू, टीएनआर मोहित से लेकर तेची नेरी तक कोई भी उनके सामने नहीं टिक पाया. नेरी ने अंत में उनका विकेट लिया, पर तब तक बिहार का स्कोर आसमान छू रहा था और वैभव अपना काम कर चुके थे.

सबसे कम उम्र में लिस्ट-A शतक! मात्र 14 साल 272 दिन की उम्र में वैभव ने पुरुष लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जमाकर इतिहास लिख दिया. यह उनका सिर्फ सातवां मैच था और दिसंबर 2024 में उन्होंने अपनी लिस्ट-A यात्रा शुरू की थी. यह पारी बताती है कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल चुका है, जो आने वाले सालों में बड़ा धमाका कर सकता है.

दुनिया का सबसे तेज 150 — डिविलियर्स भी पीछे

वैभव ने 59 गेंदों में 150 रन पूरे किए और इसके साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड बना डाला. यह पुरुष लिस्ट-A क्रिकेट का अब तक का सबसे तेज 150 है. इस रिकॉर्ड ने उन्हें एबी डिविलियर्स (64 गेंद) और जोस बटलर (65 गेंद) जैसे दिग्गजों से भी आगे खड़ा कर दिया. इतनी कम उम्र में ऐसा कारनामा कर पाना उन्हें वैश्विक क्रिकेट की सुर्खियों में ले आया है.

वैभव पिछले कुछ समय से चर्चा में थे — छोटी उम्र, IPL की चमक और बड़े मंच पर पहचान के सवाल. लेकिन अरुणाचल के खिलाफ यह धुआंधार पारी खुद जवाब बन गई. इसमें सिर्फ पावर नहीं थी, बल्कि समझदारी भी थी — कब गैप ढूंढना है और कब गेंद को स्टैंड में पहुंचाना है, वैभव हर पल सही फैसला लेते रहे. यही उन्हें असली स्टार बनाता है.

प्लेट ग्रुप, पर असर प्रीमियम लेवल का

भले ही मैच प्लेट ग्रुप का था, पर इस पारी का प्रभाव उससे कई गुना बड़ा है. 55 गेंदों में 148 रन बनाना कोई मामूली बात नहीं और यह भविष्य की एक झलक जैसा था. चयनकर्ता और क्रिकेट विश्लेषक इस पारी को नोट कर चुके हैं, और इसका असर जल्द देखने को मिलेगा. वैभव ने दिखा दिया कि वह सिर्फ चर्चा का विषय नहीं, बल्कि लगातार प्रदर्शन का प्रतीक हैं.

बिहार बनाम अरुणाचल के इस मैच का स्कोरबोर्ड साफ कहता है — वैभव सूर्यवंशी अभी सिर्फ शुरुआत कर रहे हैं. यह पारी आने वाले सालों की हेडलाइन नहीं, उनकी पहचान बनने जा रही है.