रिकॉर्ड गया तो क्या…! वैभव सूर्यवंशी पिच पर ‘भड़के’, साउथ अफ्रीका में बल्ले से मचा दी तबाही
पाकिस्तान के समीर मिन्हास ने वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन वैभव को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. पिच पर उनका ध्यान सिर्फ टीम और अपनी पारी पर था. कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उन्होंने संयम और समझदारी दिखाते हुए गैर-जरूरी जोखिम से बचा और अपने खेल से साबित कर दिया कि रिकॉर्ड टूटने से भी ‘बेबी बॉस’ का मूड नहीं टूटा.
वैभव सूर्यवंशी को इस बात की ज़रा भी खबर नहीं थी कि उनका पुराना रिकॉर्ड टूट चुका है, लेकिन साउथ अफ्रीका अंडर-19 के खिलाफ तीसरे यूथ वनडे में उन्होंने एक बार फिर वही कर दिखाया, जिसके लिए पूरी दुनिया उन्हें जानती है—धमाकेदार खेल और टीम की जरूरत को सबसे ऊपर रखना.
यूथ क्रिकेट में हाल ही में बड़ा उलटफेर हुआ था… पाकिस्तान के समीर मिन्हास ने सिर्फ 42 गेंदों में शतक ठोककर वैभव का बीते साल इंग्लैंड के खिलाफ बनाया गया 52 गेंदों वाला रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया. लेकिन बुधवार को मैदान पर उतरे वैभव के चेहरे पर इसका रत्ती भर असर नहीं दिखा.
महज 14 साल 286 दिन की उम्र में बेनोनी की पिच पर उतरे वैभव ने हालात को पढ़ते हुए गियर बदला और सिर्फ 63 गेंदों में तूफानी शतक जमा दिया. उनके बल्ले से 8 गगनचुंबी छक्के और 6 दमदार चौके निकले. शतक पूरा होते ही उन्होंने ‘पुष्पा’ स्टाइल में सेलिब्रेशन कर ऐसा माहौल बनाया कि स्टेडियम तालियों से गूंज उठा.
- 63 गेंदों में नाबाद 100 रन
- 8 छक्के, 6 चौके… मैदान पर हड़कंप
शतक के बाद वैभव का गियर और तेज हो गया. दूसरी तरफ उनके साथी आरोन जॉर्ज भी पूरे रंग में दिखे और दोनों के बीच जबरदस्त तालमेल नजर आया. हालांकि वैभव का तूफान ज्यादा देर नहीं रुका और वह 127 रन पर आउट हुए, लेकिन तब तक 10 छक्के और 9 चौके जड़ चुके थे. जॉर्ज भी पीछे नहीं रहे और 118 रन (106 गेंद, 16 चौके) का शानदार शतक ठोक डाला.
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया अंडर-19 को वैभव और जॉर्ज ने सपने जैसी शुरुआत दिलाई. दोनों ने बिना घबराए पारी को संभाला. खासतौर पर वैभव ने साउथ अफ्रीका की तेज रफ्तार गेंदों के सामने अपने बेसिक्स पर अडिग रहते हुए हर गेंद को बखूबी खेला.
कप्तान होने के नाते वह समझते थे कि एक गलत फैसला पूरे मैच का रुख बदल सकता है, इसलिए उन्होंने बेवजह जोखिम लेने से दूरी बनाए रखी और पारी को संतुलित अंदाज में आगे बढ़ाया.
संयम और आक्रामकता के इस कमाल के मेल ने वैभव को सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक तक पहुंचा दिया, जिसमें 4 शानदार छक्के और 5 चौके शामिल थे. इसके बाद तो मानो उनके शॉट्स में बिजली दौड़ गई—6 और छक्के उड़कर मैदान के बाहर गए और भारतीय रन रेट आसमान छू गया. जॉर्ज के साथ उनकी 227 रन की साझेदारी ने टीम इंडिया को दहाड़ता हुआ प्लेटफॉर्म दे दिया.
सच कहें तो ‘बेबी बॉस’ वैभव अब किसी भी गेंदबाज के लिए डर का दूसरा नाम बन चुका है. कम उम्र में उनकी पावर, नैचुरल टैलेंट और बेखौफ अंदाज उन्हें अनोखा बनाते हैं. सोशल मीडिया पर पहले से छाए इस नन्हे तूफान ने अब मैदान पर भी साबित कर दिया है—यह बच्चा नहीं, वर्ल्ड क्रिकेट का आने वाला सुपरस्टार है.