500% टैरिफ की धमकी! भारत की तेज़ रफ्तार ग्रोथ से बौखलाए ट्रंप, क्या ट्रेड वॉर की हदें पार करेंगे?

रूस से तेल खऱीदने के नाम अमेरिका भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ थोपने की तैयारी कर चुका है. इस संबंध में ट्रंप को अधिकार देने वाले बिल को अप्रूवल मिल चुका है. पर सवाल उठता है कि आखिर ऐसा क्यूं है? क्या भारत की तरक्की से अमेरिकी राष्ट्रपति जल भुन गए है?

Jan 8, 2026 - 17:34
500% टैरिफ की धमकी! भारत की तेज़ रफ्तार ग्रोथ से बौखलाए ट्रंप, क्या ट्रेड वॉर की हदें पार करेंगे?

डोनाल्ड ट्रंप की नई नीतियों ने एक बार फिर पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। ताज़ा कदम के रूप में उन्होंने ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025’ पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसके तहत रूस से पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वाले देशों पर आसमान छूने वाले टैरिफ लगाने की शक्ति मिल गई है। हैरानी की बात यह है कि भारत और चीन जैसे देशों से आने वाले सामान पर यह टैरिफ 500% तक पहुंच सकता है। यह दंडात्मक कार्रवाई उन देशों के खिलाफ है, जो रूस के तेल और यूरेनियम व्यापार में शामिल रहते हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है—क्या ट्रंप यह सब सिर्फ रूस-यूक्रेन विवाद के लिए कर रहे हैं, या फिर भारत की तेज़ी से बढ़ती ताकत उन्हें बेचैन कर रही है?

भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार दुनिया को चौंका रही है। अनुमान है कि 2025-26 में भारत की जीडीपी 7.4% की अविश्वसनीय रफ्तार से बढ़ेगी, जो वैश्विक मंदी के दौर में किसी चमत्कार से कम नहीं। ऐसे में चर्चा यह भी गर्म है कि क्या ट्रंप का यह टैरिफ बम भारत की आर्थिक उड़ान को रोकने का तरीका है। क्या भारत की उभरती ताकत दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश को चुनौती देती दिख रही है?

1-ट्रंप की सैंक्शन पॉलिसी का असली खेल

ट्रंप हमेशा से ‘अमेरिका फर्स्ट’ के मुखर समर्थक रहे हैं, और 2025 में सत्ता में लौटते ही उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को अपने एजेंडे का केंद्र बना दिया। सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ मिलकर तैयार किया गया यह बिल उन देशों को निशाना बनाता है जो रूस से सस्ता तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को मज़बूत कर रहे हैं। खास तौर पर भारत, चीन और ब्राजील को इस कानून में प्रमुख टारगेट बनाया गया है क्योंकि ये तीनों रूसी तेल के बड़े आयातक हैं।

कानून का नियम बिल्कुल साफ है—अगर रूस शांति वार्ता से पीछे हटता है या बातचीत से इनकार करता है, तो उसके तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक का टैरिफ लगाया जा सकता है। यह टैरिफ सीधे उन देशों के निर्यात पर लगेगा। हालांकि, अगर कभी शांति समझौता हो जाता है या युद्धविराम लागू होता है, तो इन नियमों में ढील मिल सकती है। लेकिन अभी के माहौल में यह बिल रूस पर दबाव डालने के साथ-साथ बाकी देशों को झुकाने का भी साधन बन चुका है। ट्रंप पहले ही भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा चुके हैं, जिससे कुछ भारतीय उत्पादों पर टैक्स 50% तक पहुंच गया है। वजह वही—रूस के साथ भारत का ऊर्जा व्यापार।

ट्रंप का कहना है कि अगर भारत रूसी तेल पर लगाम नहीं लगाता तो टैरिफ और बढ़ेंगे, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि भारत पहले ही अपनी खरीद घटा चुका है। भारत ने साफ कहा कि पीएम मोदी की ओर से रूसी तेल बंद करने का कोई आश्वासन नहीं दिया गया था। वहीं, सीनेटर ग्राहम के मुताबिक भारत के राजदूत ने 25% टैरिफ हटाने की मांग की थी। इन सबके बीच एक बात साफ है—ट्रंप का लक्ष्य सिर्फ रूस नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार का संतुलन अमेरिका की ओर मोड़ना है।

2-रूस तो बहाना है, असली निशाना कोई और

ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह बिल रूस को दंडित करने के लिए है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि खुद अमेरिका रूस से यूरेनियम और कई महत्वपूर्ण खनिज खरीदता रहता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने उजागर किया कि अमेरिकी कंपनियां परमाणु उद्योग के लिए यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पैलेडियम, उर्वरक और कई रसायन रूस से आयात कर रही हैं। ऐसे में भारत पर तेल व्यापार रोकने का दबाव बनाना, भारतीय दृष्टिकोण से पूरी तरह दोहरा रवैया लगता है।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब भारतीय पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम खरीदता है और भारत की आलोचना क्यों करता है, तो ट्रंप ने सवाल टालते हुए कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। यह प्रतिक्रिया पूरी दुनिया में सवाल खड़े करने के लिए काफी थी।

3-भारत की 6.5% ग्रोथ नहीं, बल्कि एक ‘आर्थिक विस्फोट’

ताज़ा आर्थिक अनुमानों के अनुसार भारत की GDP 2025-26 में 7.4% तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष की 6.5% वृद्धि से कहीं अधिक है। रॉयटर्स, CNBC और इकोनॉमिक टाइम्स जैसी एजेंसियों का कहना है कि यह तेज़ी तब देखने को मिल रही है जब दुनिया अमेरिकी टैरिफ और महंगाई से जूझ रही है। यह उछाल साबित करता है कि भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का नया ऊर्जा केंद्र बन चुका है और आने वाले वर्षों में दुनिया की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।