माइक्रोसॉफ्ट छोड़ रूस में झाड़ू उठाने को मजबूर भारतीय इंजीनियर! सैलरी जानकर उड़ जाएंगे होश
Jobs in Russia: रूस में वर्कर्स की कमी हो गई है, जिस वजह से अब विदेशी वर्कर्स हायर किए जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर वर्कर्स भारत से पहुंच रहे हैं।
रूस में इस समय मजदूरों की इतनी भारी कमी है कि कंपनियां विदेशों से तेजी के साथ वर्कर्स बुला रही हैं, और हैरानी की बात यह है कि भारतीय युवक इस दौड़ में सबसे आगे निकल चुके हैं। देश में तरह-तरह की नौकरियां खाली पड़ी हैं, जिनमें सड़क साफ करने जैसे बुनियादी काम भी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं।
खास बात यह है कि रूस में सड़क सफाई करने वालों की अचानक मांग आसमान छूने लगी है। स्थानीय लोगों की कमी ने कंपनियों को मजबूर कर दिया है कि वे भारत जैसे देशों से युवाओं की भर्ती करें, ताकि कामकाज बिना रुके चलता रहे।
इसी बीच एक भारतीय युवक की कहानी सुर्खियां बटोर रही है, जिसने माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर रूस में क्लीनिंग का काम शुरू कर दिया। अब वह वहां सड़कों पर झाड़ू लगाने और उन्हें साफ रखने की जिम्मेदारी निभा रहा है।
उस युवक के अनुसार, रूस में मिलने वाली मजदूरी इतनी जबरदस्त है कि उसे अब छह फिगर की सैलरी मिल रही है—इतनी कमाई उसे भारत में अपनी इंजीनियरिंग जॉब से भी नहीं मिल पाती थी। उसका कहना है कि आर्थिक स्थिरता ने उसकी लाइफ पूरी तरह बदल दी है।
उसने यह भी खुलासा किया कि कोडिंग की नौकरी ने उसे मानसिक रूप से थका दिया था, जबकि क्लीनिंग का काम भले ही शारीरिक हो, लेकिन दिमाग को शांति देता है। रूस में स्थिर कमाई और शानदार वर्क-लाइफ बैलेंस अब उसे इस नए पेशे में टिके रहने की ताकत दे रहे हैं।