'सर, प्लीज़ क्या मैं आपसे मिल सकता हूं', ट्रंप ने पीएम मोदी को लेकर अब क्या नई बात कही

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन दिनों में पीएम नरेंद्र मोदी और टैरिफ़ पर कई दावे किए हैं. उन्होंने व्यापार तनाव का मुद्दा भी उठाया. इसके बावजूद हर बयान में मोदी संग अपने मजबूत रिश्तों को दोहराया.

Jan 8, 2026 - 12:13
'सर, प्लीज़ क्या मैं आपसे मिल सकता हूं', ट्रंप ने पीएम मोदी को लेकर अब क्या नई बात कही

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जिसने भारतीय राजनीति से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक हलचल मचा दी है.

कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने भारत को चेताया था कि अगर वह रूस के साथ अपना व्यापार धीमा नहीं करता, तो अमेरिका किसी भी वक्त टैरिफ़ बढ़ा सकता है. अब उन्होंने एक नया दावा जोड़ते हुए कहा है कि पीएम मोदी खुद उनसे मिलने की गुज़ारिश करने आए थे और कहा था— “सर, प्लीज़ क्या मैं आपसे मिल सकता हूं?”

ट्रंप का दावा है कि भारत पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ़ का असर इतना गहरा है कि अब भारत रूस से तेल की खरीद कम करने पर मजबूर हुआ है. हालांकि भारतीय मीडिया इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रहा है और तथ्यों के साथ बता रहा है कि ट्रंप द्वारा बताए गए आंकड़े सही नहीं हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट साफ करती है कि भारत ने 68 नहीं, बल्कि सिर्फ 28 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदे हैं— जिनमें से 22 की डील 2015 में ओबामा प्रशासन के दौरान हुई थी, जबकि बाकी छह हेलीकॉप्टर का सौदा 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल में हुआ था.

एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि मोदी उन्हें खुश रखना चाहते थे और इसी वजह से तेल आयात घटाया गया. उन्होंने मोदी को “बहुत अच्छा इंसान” बताते हुए कहा कि भारत उन्हीं को खुश करने की कोशिश कर रहा था.

कैनेडी सेंटर में हाउस रिपब्लिकन कार्यक्रम के दौरान भी ट्रंप भारत और मोदी का ज़िक्र करने से नहीं रुके. उन्होंने कहा कि एफ-35 लड़ाकू विमान पाने में समय लगता है और भारत ने अपाचे हेलीकॉप्टर को लेकर उनसे शिकायत की थी कि वे पाँच साल से इंतज़ार कर रहे हैं.

यहीं नहीं, ट्रंप ने फिर अपना 68 हेलीकॉप्टर वाला दावा दोहराते हुए जोड़ा कि मोदी उनसे मिलने खुद आए थे. उन्होंने कहा— “मैंने हां कहा क्योंकि हमारे रिश्ते बहुत अच्छे हैं, भले ही टैरिफ़ के कारण वे मुझसे खुश नहीं रहते।”

ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अमेरिका की कमाई अब इन टैरिफ़ से “बहुत तेजी से बढ़ रही है” और भारत को रूस से तेल आयात कम करने पर मजबूर होना पड़ा है.

ट्रंप के इन बयानों पर भारत की राजनीति तुरंत गरमा गई. कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर ट्रंप का वीडियो साझा करते हुए मोदी पर निशाना साधा और लिखा— “ट्रंप कहते हैं मोदी ने खुद उनसे मिलने की भीख मांगी। याद है? यही वजह थी कि ट्रंप गेट पर उन्हें रिसीव करने तक नहीं आए थे।”

कांग्रेस ने पीएम मोदी के कई कैरिकेचर भी पोस्ट किए, जिनमें वह पूछते दिख रहे हैं— “सर, क्या मैं आपसे मिलने आ सकता हूं प्लीज़?” यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

इसी बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बॉल्टन ने भी ट्रंप को आड़े हाथों लिया. एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि ट्रंप को जियोपॉलिटिक्स की समझ नहीं है और वे सिर्फ टैरिफ़ व तेल की बिक्री में उलझे रहते हैं.

बॉल्टन ने कहा, “चीन, जापान, भारत, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों से तालमेल मजबूत करना जरूरी है, लेकिन ट्रंप ने भारत पर तो टैरिफ़ लगाया, चीन पर नहीं— जबकि चीन रूस से कई गुना ज्यादा तेल खरीदता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की नीतियों ने अमेरिका-भारत संबंधों को नुकसान पहुंचाया है और काश दोनों नेताओं के बीच दोबारा बातचीत बहाल करने का कोई रास्ता होता.

रविवार की फ्लाइट में ट्रंप के साथ मौजूद अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी बड़ा दावा जोड़ा. उन्होंने कहा कि 25% टैरिफ़ की वजह से भारत के राजदूत उनसे मिलने पहुंचे थे और उन्हें बताया कि भारत अब रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है— ताकि ट्रंप टैरिफ़ में ढील देने के लिए तैयार हो जाएं.

भारत, अमेरिका, रूस और टैरिफ़ की इस राजनीति में आगे क्या मोड़ आएगा, यह पूरी दुनिया की निगाहों में है— लेकिन ट्रंप के बयान ने एक बार फिर वैश्विक बहस को नई आग दे दी है.