सूर्य ग्रहण 2025: दुनिया देखेगी अद्भुत खगोलीय घटना
शनिवार, 29 मार्च को, दुनिया के कई हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा गया, जो लगभग 3 घंटे 56 मिनट तक चला। यह घटना उत्तरी अमेरिका, कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और यूरोप में दिखाई दी, लेकिन भारत में नहीं। अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त, 2026 को होगा। इस वर्ष में दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे, जिसमें 7 सितंबर को पूर्ण चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के कुछ भाग को ढकता है, जिसके लिए विशेष चश्मों की आवश्यकता होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है, जिससे सूर्य का प्रकाश अवरुद्ध होता है।
शनिवार को दुनिया के कई देशों में साल का पहला सूर्य ग्रहण देखा गया। भारतीय समयानुसार, यह ग्रहण दोपहर 2:20 बजे से शाम 6:14 बजे तक चला, हालांकि भारत में यह दिखाई नहीं दिया। आंशिक सूर्य ग्रहण में, चंद्रमा सूर्य के एक हिस्से को ढकता है, जिससे एक अर्धचंद्र जैसा दृश्य बनता है।
मुख्य बातें:
- 29 मार्च को उत्तरी गोलार्ध में आंशिक सूर्य ग्रहण हुआ।
- लाखों लोगों ने आसमान में इस अद्भुत घटना को देखा।
- अगला पूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त, 2026 को होगा।
- सूर्य ग्रहण में वैज्ञानिकों की दिलचस्पी बनी रहती है।
वॉशिंगटन: 29 मार्च को दुनिया के एक बड़े हिस्से ने आंशिक सूर्य ग्रहण देखा। यह सूर्य ग्रहण लगभग 3 घंटे और 56 मिनट तक चला। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों को अब ऐसे नज़ारे के लिए लगभग छह महीने इंतजार करना होगा। शनिवार का सूर्य ग्रहण इस साल का पहला ग्रहण था। इसके बाद, अगला सूर्य ग्रहण इसी साल 21 सितंबर को होगा। सूर्य ग्रहण तब होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीधी रेखा में आते हैं। आंशिक सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से नहीं ढकता है, इसलिए सूर्य का कुछ हिस्सा दिखाई देता रहता है। इस खगोलीय घटना को देखने के लिए विशेष चश्मों की आवश्यकता होती है। सीधी आँखों से सूर्य को देखने से नुकसान हो सकता है।
उत्तरी गोलार्ध के स्काईवॉचर्स ने शनिवार को आंशिक सूर्य ग्रहण देखा। यह ग्रहण उत्तरी अमेरिका, कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई दिया। आंशिक ग्रहण के दौरान, सूर्य का एक हिस्सा चंद्रमा द्वारा ढका हुआ दिखाई देता है। उत्तरी अमेरिका में यह ग्रहण सबसे स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस साल दो सूर्य ग्रहण होने वाले हैं। शनिवार का सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2:20 बजे शुरू हुआ, दोपहर 4:17 बजे चरम पर पहुंचा, और शाम 6:14 बजे समाप्त हुआ। यह आंशिक सूर्य ग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई दिया, लेकिन भारत में नहीं। 2025 में, दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे। पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च को हुआ था। अब, 7 सितंबर को एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जो पूरे भारत में दिखाई देगा। इसके बाद, साल का दूसरा सूर्य ग्रहण सितंबर में होगा। यह 2025 का अंतिम ग्रहण होगा, जो कि एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण 21 और 22 सितंबर को न्यूजीलैंड, पूर्वी मेलानेशिया, दक्षिणी पोलिनेशिया और पश्चिमी अंटार्कटिका में देखा जा सकता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है। इससे सूर्य का कुछ या पूरा प्रकाश अवरुद्ध हो जाता है और छाया बनती है। आंशिक ग्रहण में, सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी पूरी तरह से एक सीध में नहीं होते हैं, इसलिए सूर्य का केवल एक हिस्सा ढका हुआ दिखाई देता है।