T20 वर्ल्ड कप से हटते ही बांग्लादेश पर गिरेगी ICC की गाज! करोड़ों का नुकसान तय?

मुस्तफिजुर रहमान की रिलीज के बाद भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों में तनाव बढ़ गया है. T20 वर्ल्ड कप से पहले बांग्लादेश ने भारत आने से इनकार किया है. ऐसे में ICC के पास इससे निपटने के कई रास्ते हैं.

Jan 6, 2026 - 16:37
T20 वर्ल्ड कप से हटते ही बांग्लादेश पर गिरेगी ICC की गाज! करोड़ों का नुकसान तय?

टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव ने ऐसा मोड़ ले लिया है कि पूरा क्रिकेट जगत सांसें थामकर देख रहा है. जिस मुद्दे को पहले सिर्फ मतभेद माना जा रहा था, अब उसने विवाद का रूप ले लिया है और इसकी सीधी चोट आईसीसी टूर्नामेंट पर पड़ रही है. बांग्लादेश ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह भारत में मैच खेलने में सहज नहीं है और उसने अपने मुकाबले श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग आईसीसी के सामने रख दी है. इस कदम ने आईसीसी को एक बड़े और मुश्किल फैसले की कगार पर धकेल दिया है.

पूरा विवाद आखिर शुरू कैसे हुआ? इसकी जड़ें हाल ही में बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हुई हिंसा की घटनाओं से जुड़ी हैं, जिस पर भारत में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली. इसी माहौल के बीच आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स द्वारा तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को खरीदने पर भारी विरोध भड़क उठा. सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बाद बीसीसीआई को दखल देना पड़ा और अंतत: केकेआर को मुस्तफिजुर को रिलीज करना पड़ा. यहीं से हालात कुछ ही घंटों में तनावपूर्ण हो गए.

अब बड़ा सवाल यह है कि आईसीसी के पास क्या विकल्प बचते हैं. पहला रास्ता यह है कि वह बांग्लादेश की मांग को हरी झंडी दिखा दे और उसके सभी मैच श्रीलंका में आयोजित कराए. हालांकि इससे टूर्नामेंट के पूरे ढांचे में बड़ा बदलाव होगा और लॉजिस्टिक चुनौतियां कई गुना बढ़ जाएंगी. यह फैसला आसान नहीं होगा और आईसीसी को हर पहलू पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा.

दूसरा विकल्प कड़ा है—आईसीसी किसी तरह का बदलाव न करे. अगर ऐसा होता है और बांग्लादेश भारत आने से मना कर देता है, तो उसके मैच रद्द माने जा सकते हैं और विरोधी टीमों को वॉकओवर से अंक मिल सकते हैं. इतिहास में ऐसी मिसालें मौजूद हैं. 1996 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका में खेलने से इनकार किया था, जिसके बाद श्रीलंका को सीधे अंक दिए गए थे. 2003 वर्ल्ड कप में भी इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने कुछ मुकाबले नहीं खेले थे और दूसरों को फायदा मिला था.

लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगेगा जब बांग्लादेश पूरे टूर्नामेंट से हटने का फैसला कर दे. ऐसी स्थिति में आईसीसी किसी दूसरी योग्य टीम को उसकी जगह शामिल कर सकता है. 2016 अंडर-19 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के हटने के बाद आयरलैंड को मौका दिए जाने का मामला अभी भी याद किया जाता है. यह कदम टी20 वर्ल्ड कप की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है.

फिलहाल बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से हटने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उसका कठोर रुख माहौल को गर्माए रखने के लिए काफी है. अब नजरें टिकी हैं आईसीसी पर, जो इस संवेदनशील और उलझे हुए मुद्दे पर क्या फैसला लेता है—यही आने वाले दिनों में क्रिकेट जगत की सबसे बड़ी सुर्खी बनने वाला है.