अविश्वसनीय चोरी! रातों-रात गायब हो गया पूरा पुल—सुबह उठे तो रह गए दंग, पुलिस भी हैरान

Korba Bridge Theft News: छत्तीसगढ़ के कोरबा में 60 फीट लंबा और 30 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी हो गया. गैस कटर से काटकर पुल ले जाने वाले चोरों की तलाश में पुलिस ने SIT गठित की है.

Jan 23, 2026 - 10:32
अविश्वसनीय चोरी! रातों-रात गायब हो गया पूरा पुल—सुबह उठे तो रह गए दंग, पुलिस भी हैरान

छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। सिविल लाइन थाने की CSEB पुलिस चौकी में दर्ज हुई इस शिकायत में दावा किया गया है कि करीब 60 फीट लंबा लोहे का पुल mysteriously गायब हो गया। कलेक्टर कुणाल दुदावत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी तक शिकायत पहुंचते ही पूरा पुलिस महकमा अलर्ट मोड में आ गया। मामला इतना सनसनीखेज है कि इसे सुलझाने के लिए तुरंत एक विशेष जांच दल तैनात कर दिया गया है।

शहर के बीचोंबीच बहने वाली हसदेव बाईं तट नहर पर बना यह पुल पिछले चार दशकों से हजारों लोगों की आवाजाही का सहारा था। रातों-रात उसका इस तरह गायब हो जाना लोगों के लिए किसी सदमे से कम नहीं। 40 साल पुराना यह पुल इलाके की रोजमर्रा की जिंदगी का बड़ा हिस्सा था, लेकिन चोरों ने इसे पल भर में उखाड़कर रख दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी।

रात में मौजूद, सुबह गायब – चमत्कार या अपराध?

करीब 60 फीट लंबा और 5 फीट चौड़ा यह मजबूत पुल रात 11 बजे तक बिल्कुल सुरक्षित था। वार्ड 17 के लोग इसी पुल से होकर अपने घर पहुंचे थे। लेकिन सुबह जब लोग बाहर निकले, तो पुल की जगह सिर्फ खालीपन था। चौंके हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी खबर वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास को दी, जो मौके पर पहुंचे और देख दंग रह गए—पुल सचमुच चोरी हो चुका था।

लक्ष्मण श्रीवास ने बिना समय गंवाए दोनों बड़े अफसरों—एसपी सिद्धार्थ तिवारी और कलेक्टर कुणाल दुदावत—के पास पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत मिलते ही प्रशासन में जैसे भूचाल आ गया। पुलिस ने मामले को हाई-प्रायोरिटी पर रखते हुए एक स्पेशल टीम तैयार की और जांच बिजली की रफ्तार से शुरू कर दी।

जिस पुल को चोरी किया गया, वह बेहद मजबूत लोहे के गार्डरों से बना था—लगभग रेल पटरियों जितना मजबूत। निर्माण के बाद पिछले 40 वर्षों में इस पुल पर समय का कोई असर नहीं पड़ा था। लेकिन चोर इतने माहिर निकले कि गैस कटर की मदद से पुल को कई हिस्सों में काटकर ले गए और घटनास्थल पर सिर्फ जलने के निशान छोड़ गए।

30 टन लोहा, कीमत लगभग 15 लाख! कौन ले गया?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कारनामा किसी छोटे-मोटे चोर का नहीं, बल्कि एक संगठित स्क्रैप माफिया का है। पुल में मौजूद लोहे का वजन 25 से 30 टन बताया जा रहा है, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बैठती है। इतनी बड़ी मात्रा में लोहे को रात में गायब कर देना किसी बड़े गैंग की प्लानिंग का ही नतीजा हो सकता है।

शहर पर बड़ा जल संकट टल गया

चोरों की दुस्साहस भरी करतूत यहीं तक नहीं रुकी। उन्होंने पानी की पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए लगाए गए तीन दिशाओं के लोहे के कवच को भी कतरकर उड़ा दिया। सौभाग्य से पानी की मुख्य पाइपलाइन सही सलामत बच गई, वरना कोरबा की ढाई लाख आबादी पानी की बूंद-बूंद को तरस जाती और पूरा शहर हाहाकार में डूब जाता।

प्रशासन सन्न, SIT तैयार – लेकिन माफिया अब भी सक्रिय?

कोरबा पुलिस का दावा है कि शहर में स्क्रैप का अवैध कारोबार बंद कर दिया गया है, लेकिन हाल के महीनों में खुलेआम चल रही स्क्रैप दुकानों ने इस दावे की पोल खोल दी है। पुल चोरी की यह घटना साबित करती है कि जिले में संगठित स्क्रैप माफिया सक्रिय है और बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे रहा है। पुलिस ने दो कबाड़ी दुकानों पर छापेमारी भी की, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सफलता हाथ नहीं लगी।

15 लाख रुपये का लोहा रात में गायब हो जाना सिर्फ चोरी नहीं—यह प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल, पूरा शहर सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है: आखिर 60 फीट का पुल बिना किसी के देखे कैसे गायब हो सकता है?