Oh Sh*t… प्लेन क्रैश से ठीक पहले क्या बोले थे क्रू? अजित पवार हादसे से जुड़ा वो पल जिसने सब कुछ बदल दिया

महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर बिजनेस जेट क्रैश में उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई। DGCA के अनुसार क्रू के अंतिम शब्द ‘Oh Sh*t’ थे। हादसे की जांच में पायलट के निर्णय, रनवे की स्थिति और संभावित तकनीकी खामियों की गहन पड़ताल हो रही है।

Jan 29, 2026 - 10:35
Oh Sh*t… प्लेन क्रैश से ठीक पहले क्या बोले थे क्रू? अजित पवार हादसे से जुड़ा वो पल जिसने सब कुछ बदल दिया

महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार को जो दर्दनाक विमान हादसा हुआ, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की जिंदगी कुछ ही पलों में खत्म हो गई. जांच टीमों ने जब ब्लैक बॉक्स की शुरुआती रिकॉर्डिंग सुनी, तो क्रू की अंतिम पुकार ‘Oh Sh*t…’ सुनकर सभी सन्न रह गए. यह साफ संकेत देता है कि विमान अचानक किसी बड़े संकट में फंस गया था.

यह विमान मुंबई से बारामती की ओर आ रहा था और लैंडिंग से कुछ क्षण पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में अजित पवार के अलावा कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन सांभवी पाठक, सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली सवार थे. सभी अपनी मंजिल से बस कुछ ही मीटर दूर थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें मौका नहीं दिया.

DGCA अधिकारियों के अनुसार विमान रनवे की दहलीज तक पहुंचते-पहुंचते नियंत्रण खो बैठा और एयरोड्रम की सीमा के भीतर ही जोरदार टक्कर के साथ गिर पड़ा. टक्कर इतनी भीषण थी कि प्लेन कुछ ही सेकंड में आग की समंदर जैसी लपटों में समा गया. बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा था.

ग्राउंड कंट्रोल और एयरपोर्ट का पूरा मामला

बारामती एयरपोर्ट का ग्राउंड कंट्रोल दो निजी एविएशन अकादमियों—Redbird Aviation और Carver Aviation—के कैडेट्स संभालते हैं. हादसे से पहले क्रू की आखिरी बातचीत इन्हीं के साथ हुई थी. DGCA ने पुष्टि की कि विमान पहले प्रयास में लैंड नहीं कर पाया और दूसरी कोशिश में यह दुर्घटना घट गई. Flightradar24 के डाटा ने भी इसकी पुष्टि की है.

चश्मदीदों ने बताया कि जैसे ही विमान धरती से टकराया, तेज धमाके के साथ आग की लपटें आसमान तक उठ गईं. आसपास मौजूद लोग सदमे में आ गए—लगातार चार से पांच धमाकों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. किसानों और ग्रामीणों ने बताया कि विमान देखते-ही-देखते राख में बदल गया, और वहाँ का नज़ारा किसी बुरे सपने जैसा था.

DGCA अधिकारियों ने कहा कि हादसा रनवे से बेहद कम दूरी पर हुआ, लेकिन यह अभी भी एक बड़ा रहस्य है कि अनुभवी क्रू के बावजूद विमान संतुलन कैसे खो बैठा. अब जांच एजेंसियां मौसम स्थिति, रनवे की तैयारी और लैंडिंग के वक्त लिए गए फैसलों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.

दुर्भाग्य की बात यह है कि विमान में बैठे सभी पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इनमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पायलट, को-पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट और सुरक्षा अधिकारी शामिल थे. इस हादसे ने महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश को शोक में डूबो दिया.

DGCA की बड़ी कार्रवाई और आगे की पड़ताल

DGCA ने इस दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है. क्रू की अंतिम आवाज में घबराहट भरा ‘Oh Sh*t…’ यह दर्शाता है कि लैंडिंग के क्षणों में कोई अचानक तकनीकी या नियंत्रण संबंधी समस्या उत्पन्न हुई थी. अब रनवे की स्थिति, ग्राउंड कंट्रोल की तैयारी और एयरपोर्ट सिस्टम की क्षमता को भी जांच के दायरे में ले लिया गया है.

सबसे बड़ा सवाल यह है कि विमान की दूसरी लैंडिंग कोशिश क्यों नाकाम हुई. बताया जाता है कि बारामती एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक लैंडिंग एड्स की कमी है, जो किसी भी खराब परिस्थिति में लैंडिंग को और चुनौतीपूर्ण बना देती है.

एयरपोर्ट अधिकारी, निजी एविएशन अकादमियां और DGCA की टीमें मिलकर हर तकनीकी रिकॉर्ड, वॉइस लॉग और डेटा की बारीकी से जांच कर रही हैं. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस भयावह हादसे की असली वजह सामने आ जाएगी.