T20 वर्ल्ड कप पर बवाल! ICC अल्टीमेटम के बाद BCB चीफ बुलबुल का बड़ा दावा– ‘भारत में नहीं खेलेंगे’
ICC के अल्टीमेटम के बाद BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने साफ किया कि बांग्लादेश सरकार पर कोई दबाव नहीं डालेगा. उन्होंने भारत को असुरक्षित बताते हुए श्रीलंका में T20 वर्ल्ड कप मैच कराने की मांग दोहराई. बुलबुल ने वोटिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और ICC से ‘मिरेकल’ की उम्मीद जताई.
ICC के कड़े अल्टीमेटम के बाद भी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल अपने फैसले पर अडिग हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह सरकार पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डालना चाहते, लेकिन भारत में T20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने को लेकर उनकी राय बिल्कुल नहीं बदली है. बता दें कि इस मेगा टूर्नामेंट का आगाज़ 7 फरवरी से होने जा रहा है, और उससे पहले ही ये बड़ा विवाद सुर्खियों में है.
ICC से आधिकारिक नोटिस मिलते ही बुलबुल की मुलाकात बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल से हुई. तय हुआ कि आसिफ नजरुल 22 जनवरी, गुरुवार दोपहर से पहले वर्ल्ड कप टीम के खिलाड़ियों के साथ अहम बैठक करेंगे. इस मीटिंग में पूछा जाएगा कि खिलाड़ी भारत में खेलना चाहते हैं या नहीं, और उनकी राय अंतिम फैसले पर कितना असर डाल सकती है.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर खिलाड़ी खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं, तो क्या BCB अपना रुख बदलेगा? बुलबुल का जवाब बिल्कुल स्पष्ट था. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की आधिकारिक स्थिति पूरी तरह वही है—वे भारत की जगह श्रीलंका में मैच खेलना चाहते हैं और फिलहाल इस निर्णय में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
खेल सलाहकार से बैठक के बाद मीडिया से ऑफ कैमरा बातचीत में बुलबुल ने चौंकाने वाला बयान दिया. उन्होंने कहा कि वह ICC से अब भी किसी “मिरेकल” की उम्मीद कर रहे हैं. उनके मुताबिक, हर टीम वर्ल्ड कप खेलना चाहती है, लेकिन भारत उनके लिए सुरक्षित नहीं है. इसलिए उनकी प्राथमिकता श्रीलंका ही है और वह इस मुद्दे पर सरकार को किसी दबाव में नहीं डालना चाहते.
बुलबुल ने यह भी बताया कि ICC ने उन्हें सरकार से बातचीत के लिए 24-48 घंटे का समय दिया है. इसके बावजूद उनका कहना है कि सरकार को सिर्फ खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि हर पहलू को ध्यान में रखकर फैसला लेना होगा. उन्होंने माना कि ICC ने उनकी मांग ठुकरा दी है, लेकिन उम्मीद की एक किरण अभी भी बाकी बताई.
BCB का बड़ा सवाल: ICC की वोटिंग प्रोसेस ही गलत?
वोटिंग प्रक्रिया को लेकर भी BCB अध्यक्ष ने खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि वोटिंग शुरू होने से पहले ही उन्होंने ICC बोर्ड को अपने कारण विस्तार से समझा दिए थे और इस मुद्दे पर वोटिंग न करने की अपील की थी. साथ ही उन्होंने अनुरोध किया था कि उनके मैच श्रीलंका में शिफ्ट कर दिए जाएं.
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि BCB ने एक वैकल्पिक प्लान बनाया था—आयरलैंड या जिम्बाब्वे के साथ ग्रुप स्वैप करने का प्रस्ताव. उनके मुताबिक यह सबसे सरल समाधान था, लेकिन श्रीलंका ने साफ कह दिया कि वह अपने ग्रुप में कोई नई टीम शामिल नहीं करेगा, जिससे यह विकल्प भी खत्म हो गया.
अब सबकी नज़र खिलाड़ियों की बैठक और सरकार के अगले कदम पर टिकी है. लेकिन एक बात तय है—फिलहाल BCB अपने रुख से पीछे हटने के मूड में नहीं है और ICC से किसी बड़े ‘चमत्कार’ की उम्मीद लगाए बैठे है.