NZ सीरीज से पहले पंत–सिराज पर गिरी गाज? चयन में होगा बड़ा फैसला, टीम इंडिया के अंदरूनी ‘राज़’ आने वाले हैं सामने!
न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए शनिवार को भारतीय टीम का चयन होगा, जिसमें सबसे बड़ी चर्चा ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज के भविष्य को लेकर होगी.
भारतीय क्रिकेट में शनिवार को होने वाली 15 सदस्यीय टीम की घोषणा सिर्फ नामों की लिस्ट नहीं होगी, बल्कि कई बड़े और चुभते सवालों का आईना साबित होगी. सुर्खियां खिलाड़ियों से ज्यादा उन रहस्यों और दुविधाओं पर होंगी, जो इस चयन का असली सार बनेंगी. वनडे टीम की दिशा, खिलाड़ियों की कीमत और पूरी रणनीति—सब कुछ एक बार फिर जांच के कठघरे में होगा. इसी तूफान के केंद्र में हैं ऋषभ पंत और मोहम्मद सिराज, जिनका भविष्य अब चयनकर्ताओं की सोच पर निर्भर करता दिख रहा है.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत दर्ज करने वाली टीम में बड़े बदलाव की उम्मीद कम है, लेकिन अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति दो मुश्किल पहेलियों को नजरअंदाज नहीं कर सकती. पहली—क्या वनडे में ऋषभ पंत अब भी उतने ही अहम हैं? और दूसरी—मोहम्मद सिराज का 50 ओवर वाले फॉर्मेट में अचानक गायब हो जाना आखिर किस दिशा की ओर इशारा करता है?
ODI: पंत को टीम से ऐसे गायब किया गया जैसे कभी थे ही नहीं
वनडे में विकेटकीपर-बल्लेबाज का रोल टीम की रीढ़ माना जाता है, और पंत इस भूमिका के लिए हमेशा से पहली पसंद रहे हैं. लेकिन पिछले डेढ़ साल में जिस तरह उन्हें लगभग सूची से मिटा ही दिया गया, उसने हर किसी को चौंका दिया है. जुलाई 2024 से दिसंबर 2025—सिर्फ एक वनडे! यह किसी भी खिलाड़ी का आत्मविश्वास डगमगा देने के लिए काफी है. 31 मैच और 35 से कम औसत पंत की क्षमता नहीं, बल्कि चयनकर्ताओं की ठंडे रवैये की कहानी कहते हैं.
ईशान किशन और ध्रुव जुरेल की घरेलू क्रिकेट में दमदार पारियां जोरदार संदेश भेज रही हैं. लेकिन सवाल यह है—क्या सिर्फ ताज़ा फॉर्म ही फैसला करेगा, या लंबे समय की क्षमता, दबाव झेलने की ताकत और मैच बदलने की कला भी मायने रखेगी? पंत इस कसौटी पर आज भी भारी पड़ते हैं. गुवाहाटी टेस्ट में उनकी बैटिंग ने शायद चयनकर्ताओं को ना प्रभावित किया हो, पर एक टेस्ट पारी को आधार बनाकर वनडे भविष्य तय करना बिल्कुल जल्दबाजी होगी.
तेज गेंदबाजी में भी संशय साफ नजर आता है. टी20 वर्ल्ड कप देखते हुए हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह को आराम देना समझ में आता है, लेकिन इसके आगे चयनकर्ताओं की योजना धुंधली हो जाती है. क्या हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह को भी आराम दिया जाएगा, या फिर यह मौका उन्हें वनडे टीम में मजबूत जगह बनाने का दिया जाएगा?
सबसे उलझी हुई गुत्थी—मोहम्मद सिराज
2023 वनडे वर्ल्ड कप का अहम हिस्सा रहे मोहम्मद सिराज अचानक टीम से ऐसे गायब हुए जैसे कोई अदृश्य स्क्रिप्ट चल रही हो. चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए हालात का हवाला दिया गया, दक्षिण अफ्रीका सीरीज में उन्हें किनारे लगा दिया गया, और विजय हजारे के शुरुआती मैचों में भी उनकी गैरमौजूदगी ने सबको हैरान कर दिया. आखिर यह आराम है, रणनीति है या एक चुपचाप किया जा रहा फेज-आउट?
उधर मोहम्मद शमी चोट से उबरकर घरेलू क्रिकेट में लगातार खेल रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका रोल क्या होगा—उस पर चयन समिति कभी साफ जवाब नहीं देती. शमी के अनुभव को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है, या उन्हें किसी खास योजना के तहत रोका जा रहा है—ये सवाल भी बिना जवाब तैर रहे हैं.
घरेलू क्रिकेट में सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल के प्रदर्शन ने दरवाज़ा खटखटाया है, लेकिन रोहित, गिल और जायसवाल की तिकड़ी के चलते पडिक्कल के लिए अभी भी रास्ता मुश्किल है. सरफराज के नंबर दमदार हैं, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाने वाले ऋतुराज गायकवाड़ फिलहाल चयनकर्ताओं की पहली पसंद दिखाई देते हैं.
अगर चयनकर्ता इस बार भी सब कुछ जस का तस छोड़ देते हैं, तो यह चयन नहीं बल्कि सवालों से भागने की रणनीति कहलाएगी. पंत और सिराज जैसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को अनिश्चितता में रखकर भारतीय वनडे टीम किसी ठोस दिशा की उम्मीद नहीं कर सकती. आने वाला शनिवार सिर्फ 15 खिलाड़ियों की सूची नहीं होगा—यह तय करेगा कि भारतीय क्रिकेट सवालों का सामना करेगा या उनसे लगातार बचता रहेगा.