उत्तराखंड में पुष्कर धामी ने रचा इतिहास, BJP से लगातार 5 वर्ष शासन पूरा करने वाले पहले मुख्यमंत्री
पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में एक और नया सियासी रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। सबसे कम उम्र में सत्ता संभालने के अलावा सीएम के रूप में 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले वह भाजपा के पहले नेता बन गए हैं।, Uttarakhand Hindi News
उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार का दिन इतिहास लिख गया, जब सबसे कम उम्र में सत्ता संभालने वाले पुष्कर सिंह धामी ने एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया, जो अब तक कोई भाजपा नेता नहीं कर पाया था। धामी ने मुख्यमंत्री के रूप में पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा कर एक नया मील का पत्थर छू लिया। 2021 में पहली बार और 2022 में दोबारा जिम्मेदारी मिलने के बाद उनका यह सफर अब आधिकारिक रूप से पांच वर्ष पूरा कर चुका है।
चार जुलाई 2021 का दिन था, जब प्रदेश की जटिल परिस्थितियों के बीच धामी ने पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे ठीक कुछ महीने पहले हाईकमान ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत को जिम्मेदारी दी थी, लेकिन मात्र चार माह में ही नेतृत्व परिवर्तन करते हुए पार्टी ने कमान धामी को सौंप दी। इस निर्णय ने राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश दिया था।
चुनावी वर्ष में मिली भारी जिम्मेदारी को धामी ने न सिर्फ सफलतापूर्वक निभाया, बल्कि भाजपा को पुनः ऐतिहासिक जीत दिलाकर पांच साल में सत्ता परिवर्तन की परंपरा भी तोड़ दी। खटीमा में हार के बावजूद हाईकमान का उन पर भरोसा बरकरार रहा और वे फिर से मुख्यमंत्री बनाए गए। इसके बाद चंपावत उपचुनाव में उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीतकर अपने नेतृत्व को और मजबूत कर दिया। इससे पहले भाजपा के छह मुख्यमंत्रियों को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद छोड़ना पड़ा था।
प्रदेश के 10वें मुख्यमंत्री के रूप में धामी अब 9 जुलाई को एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम करने जा रहे हैं। नारायणदत्त तिवारी ने 2002 से 2007 तक पांच साल पांच दिन सत्ता संभाली थी। धामी आज पांच वर्ष पूरे कर चुके हैं, 8 जुलाई को तिवारी की बराबरी करेंगे और 9 जुलाई को वे उत्तराखंड के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे। इस अवसर पर शनिवार से प्रदेश में सेवा पखवाड़ा शुरू होगा, जिसकी शुरुआत ऋषिकेश के आईडीपीएल में भव्य समारोह के साथ होगी।
जुलाई 2021 में जब धामी ने 45 वर्ष 9 माह 18 दिन की उम्र में मुख्यमंत्री पद संभाला, तो वे उत्तराखंड के सबसे युवा सीएम बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के पास था। धामी पहले ऐसे नेता भी बने, जो बिना मंत्री या किसी बड़े सरकारी पद का अनुभव लिए सीधे विधायक से मुख्यमंत्री बने।
खटीमा से चुनाव हारने के बावजूद 2022 में पूर्ण बहुमत मिलने पर भाजपा ने धामी के नेतृत्व पर फिर भरोसा जताया और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपकर एक अनोखा राजनीतिक उदाहरण पेश किया। यह फैसला राज्य की राजनीति में अभूतपूर्व माना जाता है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री धामी से कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और सौरभ बहुगुणा ने मुलाकात कर उनके पांच साल पूरे होने पर बधाई दी। वहीं विधायक विनोद चमोली, सरिता आर्या, शक्ति लाल शाह, सहदेव पुंडीर और सुरेश गढ़िया ने भी शिष्टाचार भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
2012 में पहली बार विधायक बने।
2021 में सबसे युवा मुख्यमंत्री।
2022 में दोबारा मुख्यमंत्री बने।
1. नित्यानंद स्वामी : 09 नवंबर 2000 से 29 अक्टूबर 2001
2. भगत सिंह कोश्यारी : 30 अक्टूबर 2001 से 01 मार्च 2002
3. नारायण दत्त तिवारी : 02 मार्च 2002 से 07 मार्च 2007
4. भुवन चंद्र खंडूड़ी : 07 मार्च 2007 से 26 जून 2009
5. रमेश पोखरियाल 'निशंक' : 27 जून 2009 से 10 सितंबर 2011
6. विजय बहुगुणा : 13 मार्च 2012 से 31 जनवरी 2014
7. हरीश रावत : 01 फरवरी 2014 से 27 मार्च 2016 — 21 अप्रैल 2016 से 22 अप्रैल 2016 — 11 मई 2016 से 18 मार्च 2017
8. त्रिवेंद्र सिंह रावत : 18 मार्च 2017 से 09 मार्च 2021