राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में हेरफेर के आरोप, जांच के आदेश; खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बादअ ब बदरीनाथ धाम में चढ़ावे एवं दान में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है।

Jul 4, 2026 - 10:35
राम मंदिर के बाद अब बदरीनाथ धाम में हेरफेर के आरोप, जांच के आदेश; खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सुर्खियों में था ही कि अब बदरीनाथ धाम में भी दान और नकद चढ़ावे में बड़ी गड़बड़ी के सनसनीखेज आरोप सामने आ गए हैं। इन आरोपों ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए तत्काल जांच का आदेश दे दिया है। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

जांच कौन करेगा?
समिति ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए एक विशेष जांच समिति गठित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही आरोपों पर संबंधित कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जांच पूरी होने पर यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त दंड दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 2025 में बदरीनाथ धाम में 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे, जिससे दान की राशि भी काफी अधिक रही।

भैरव सेना का क्या आरोप?
भैरव सेना संगठन ने बीकेटीसी से जुड़े एक कर्मचारी पर भारी आर्थिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन की मांग है कि पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करके दोषियों को तुरंत सजा दी जाए। भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन रांगड़ को ज्ञापन भेजकर पूरी हेराफेरी की जांच कराने की गुहार लगाई है। हालांकि संगठन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितनी राशि या किस प्रकार की हेराफेरी की आशंका है, जिससे मामला और रहस्यमय हो गया है।

जांच की शुरुआत कैसे हुई?
बीकेटीसी के सीईओ सोहन रांगड़ ने बताया कि उन्हें भैरव सेना से एक विस्तृत शिकायत पत्र मिला है। उसी आधार पर अब बदरीनाथ मंदिर परिसर सहित कई जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही उच्च स्तर पर जांच समिति गठित करने की सिफारिश भी भेज दी गई है, ताकि हर पहलू को बारीकी से परखा जा सके।

सोशल मीडिया पर किसका जिक्र हो रहा है?
समिति अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर फैल रही सूचनाओं को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिसे उनका निजी सचिव बताया जा रहा है, वह वास्तव में समिति का नियमित सरकारी कर्मचारी है और पहले भी तीन अध्यक्षों के साथ काम कर चुका है। अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप जांच में सही पाए गए, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ इतनी कड़ी कार्रवाई होगी कि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।