बांग्लादेशी खिलाड़ी मामले पर शाहरुख खान की भूमिका चर्चा में, बीसीसीआई की प्रतिक्रिया अब तक लंबित

बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने को लेकर कोलकाता नाइटराइडर्स केकेआर के मालिक और अभिनेता शाह रुख खान विवादों में घिर गए हैं और उन पर मुस्तफिजुर रहमान को हटाने का दबाव बढ़ गया है। आध्यात्मिक गुरु रामभद्राचार्य और कथावाचकदेवकी नंदन के विरोध के बाद अब भाजपा और शिवसेना नेताओं ने कहा कि वे रहमान को इंडियन प्रीमियरलीग आइपीएल में नहीं खेलने देंगे। 

Jan 3, 2026 - 12:10
बांग्लादेशी खिलाड़ी मामले पर शाहरुख खान की भूमिका चर्चा में, बीसीसीआई की प्रतिक्रिया अब तक लंबित

बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने के बाद शाहरुख खान अचानक विवादों के तूफान के बीच घिर गए हैं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक, हर जगह इस मुद्दे ने आग पकड़ ली है और चर्चा तेज़ होती जा रही है। मुस्तफिजुर रहमान को टीम का हिस्सा बनाने पर अब किंग खान पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।

रामभद्राचार्य और देवकी नंदन के विरोध के बाद भाजपा और शिवसेना के कई नेताओं ने भी खुलकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को देखते हुए रहमान को आइपीएल में खेलने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए। जैसे-जैसे यह विवाद बढ़ रहा है, लोगों में गुस्सा और आक्रोश साफ झलक रहा है।

इस पूरे मामले पर बीसीसीआई ने हैरानी भरी चुप्पी साध रखी है। बोर्ड की ओर से साफ कहा गया है कि अभी तक सरकार की तरफ से बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाने का कोई आदेश नहीं मिला है। इसके बावजूद विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, जबकि केकेआर ने पिछले महीने की नीलामी में रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों के बाद कई राजनीतिक नेताओं का गुस्सा सामने आया है। भाजपा के संगीत सोम ने तो यहां तक कह दिया कि ऐसे खिलाड़ियों को खरीदना देश से गद्दारी है और शाहरुख खान जैसे लोग देशद्रोही हैं। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और बहस को और भड़का रहा है।

आध्यात्मिक गुरु रामभद्राचार्य ने अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए कहा कि शाहरुख खान का झुकाव हमेशा देशविरोधी रुख की ओर रहा है। वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी अत्याचारों के बीच किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम में लेना हिंदू समाज को गहरा आघात पहुंचाता है।

आल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख उमर अहमद इलियासी ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शाहरुख को देश से माफी मांगनी चाहिए और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों की निंदा करते हुए मुस्तफिजुर को टीम से बाहर करना चाहिए। इलियासी का बयान विवाद में एक नया मोड़ लेकर आया है।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने शाहरुख से अपील की है कि वे तुरंत बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से हटाएं। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे का कहना है कि न सिर्फ बांग्लादेशी बल्कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को भी आइपीएल में खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। इस बयान के बाद बहस और तीखी हो गई है।

एएनआई के अनुसार, आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि इस मुद्दे को सिर्फ धर्म से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि भारत के मुसलमान भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा को लेकर उतने ही चिंतित हैं जितना कोई और समुदाय।

इमाम एसोसिएशन के प्रमुख मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि जब भी किसी मुस्लिम का नाम आता है, विरोध का सिलसिला शुरू हो जाता है। उन्होंने साफ कहा कि शाहरुख और रहमान दोनों मुस्लिम हैं, इसीलिए यह अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। रशीदी ने देवकीनंदन पर कार्रवाई की मांग भी कर डाली है।

कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार को घेरा है और सवाल उठाया है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों को आखिर अनुमति क्यों दी गई। पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ती बर्बरता पर सरकार खामोश क्यों है और प्रधानमंत्री मोदी इस गंभीर मसले पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।