World’s Unique Model of E-Governance in the Largest Democracy is ready to Launch Paid Trial of Pratinidhi is running on
BDCS ग्रुप पेश करते हैं प्रतिनिधि; भारत के भविष्य के लीडरशिप का सबसे बड़ा प्लेटफार्म और मानक-तंत्र साथ ही चरमराते सरकारी-तंत्र से पैदा हो रहे अधिकांश लाइलाज समस्याओं का समाधान| हमें पूरा विश्वास है कि प्रतिनधि के द्वारा हम एक नए सामाजिक, राजनैतिक और व्यवस्थागत क्रांति का सूत्रपात करने जा रहे हैं | संचार के विभिन्न लोकप्रिय माध्यमों को एकीकृत कर तथा लगभग सभी भाषाओँ से जोड़ कर, इसे जनता के हर तबके के लिए उपलब्ध कराया गया है | जन-प्रतिनिधि की तरफ से उनके द्वारा चुनी गयी भाषाओ में जनता को उनका अपना एक मोबाइल एप्लीकेशन, एक कंप्यूटर एप्लीकेशन, जन-प्रतिनिधि का वेब पेज और एक फ़ोन नंबर दिया जाता है| जनता इन में से किसी भी माध्यम द्वारा उनसे जुड़ी रह सकती है और जन-प्रतिनिधि भी इन सारे माध्यमो के द्वारा अपनी जनता से जुड़े रह सकते हैं| जनता के अलावा जन-प्रतिनिधि अपने कार्यकर्ताओं, प्रेस और सरकारी-तंत्र से भी इस प्रतिनिधि तंत्र के द्वारा जुड़े रह सकते हैं | जन-प्रतिनिधि अपने वेब पेज को अपने वेबसाइट की तरह भी इस्तमाल कर सकते हैं| इस वेब पेज पर पहुँचने के लिए www डॉट के बाद जन-प्रतिनिधि की यूजर आईडी जो कि सामान्यतः उनके ही नाम का होता है अथवा जनता को समर्पित उनका प्रतिनिधि फ़ोन नंबर तथा उसके बाद फिर डॉट लगाकर प्रतिनिधि डॉट इन लिखना होता है| उदहारण के लिए अगर किसी जन-प्रतिनिधि की यूजर आईडी अगर abcd हो तो उसके लिए www.abcd.प्रतिनिधि.इन और अगर फ़ोन नंबर 1234 हो तो www.1234.प्रतिनिधि.इन पर जन-प्रतिनिधि का वेब पेज मिल जाता है| आईए अब हम जानते है की भारत के भविष्य को बदलने की क्षमता रखने वाले तथा आगामी नेतृत्व के सबसे महत्वपूर्ण प्लेटफार्म बनने जा रहे प्रतिनिधि का निर्माण कैसे और क्यों किया गया है |अगर फीचर्स के लिहाज़ से बात करें तो प्रतिनिधि अपनी तरह के अपने आस पास के किसी भी संचार-तंत्र से कम से कम पचास गुना बड़ा है| वस्तुतः इस विशाल संचार-तंत्र की तुलना अन्य किसी भी संचार तंत्र से हो ही नहीं हो सकती, क्योंकि दुनिया का यह एकमात्र तंत्र है जो कि संचार के सामान्यतः सभी लोकप्रिय साधनों पर एकीकृत और लगभग समान रूप से मौजूद है| इसके फीचर्स को जनता-जन-प्रतिनिधि, कार्यकर्ता-जन-प्रतिनिधि, मीडिया-जन-प्रतिनिधि और जनता-सरकारी तंत्र-मीडिया-जन-प्रतिनिधि आदि के लिहाज़ से चार अलग-अलग बहुआयामी संबंधों के परिप्रेक्ष्य में समझा जा सकता है|जनता-जन-प्रतिनिधि के सम्बन्ध के लिहाज़ से अगर बात करें तो जनता चाहे तो जन-प्रतिनिधि के सम्बन्ध में विभिन्न जानकारियाँ जैसे उनकी बायोग्राफी, अचीवमेंट, विज़न, सोशल मीडिया, सोशल एक्टिविटी और उनका संपर्क विवरण आदि जन-प्रतिनिधि के उनके अपने पैनल से पा सकती है|पब्लिक फोरम सेक्शन में जाकर जनता पब्लिक पोस्ट, पब्लिक इनविटेशन, लोकल प्रॉब्लम, और जन-प्रतिनिधि द्वारा सरकारी-तंत्र और मीडिया के लिए फ़ॉर्वर्डेड मामलों को देख सकती है, या उन्हें सपोर्ट भी कर सकती है साथ ही इसी सेक्शन के लाइव चौपाल के द्वारा कोई व्यक्ति अपने जन-प्रतिनिधि से तथा अपने क्षेत्र की जनता से जब चाहे चैट कर सकती है| पब्लिक फोरम का मतलब होता है वो हिस्सा जो पूरी दुनिया के सामने है और उस पर जन-प्रतिनिधि से जुड़े लोग उस सेक्शन के विभिन्न फीचर्स के अंतर्गत विभिन्न मतों से जुड़े पोस्ट डालते हैं|पब्लिक इन्फो वाले सेक्शन में जाकर जनता प्लानिंग फीचर के अंतर्गत विभिन्न प्लानिंग्स यानि योजनाओं की जानकारी तथा सिटीजन्स जोन फीचर के द्वारा वह बहुपयोगी वेब साइट्स के लिंक को पा सकती है, तथा सीधे उन वेब साइट्स को वहीँ पर विजिट भी कर सकती है|इसी सेक्शन में जाकर वो ऑडियो-वीडियो गैलरी तथा पिछले और आगामी प्रेस रिलीज़ और प्रेस कांफ्रेंस को देख-सुन सकती है|अगला फीचर एक्शन टेकन एक पूरा का पूरा सेक्शन ही है| जन-प्रतिनिधि के पब्लिक फोरम में उठाई गयी लोकल प्रोब्लम्स यानी कि स्थानीय समस्याओं पर जन-प्रतिनिधि ने जो एक्शन लिया है या उन्होंने खुद अपनी पहल पर जो कदम उठाये हैं, उन सबकी जानकारी जनता को एक्शन टेकन फीचर के द्वारा होती है|पार्टिसिपेट सेक्शन में जाकर जनता जन-प्रतिनिधि के द्वारा रखे गए सर्वे के सवालों से रूबरू होती है तथा उन सवालों का उत्तर देकर अन्य लोगों द्वारा दिए गए विभिन्न उत्तरों के मतों का प्रतिशत देख सकती है|इसी सेक्शन में जाकर जनता जन-प्रतिनिधि के द्वारा बनाये गए अथवा चलाये जा रहे विभिन्न संगठनों को ज्वाइन कर सकती है या जन-प्रतिनिधि के लिए कार्यकर्ता बनने का चुनाव भी कर सकती है|पोस्ट-पोस्टेड सेक्शन में जाकर जनता जन-प्रतिनिधि के पब्लिक फोरम पर पब्लिक पोस्ट, पब्लिक इनविटेशन या किसी लोकल प्रॉब्लम को पोस्ट कर सकती है|अगर कोई व्यक्ति पब्लिक फोरम में पोस्ट करने की बजाय अपनी बात केवल जन-प्रतिनिधि तक पहुँचाना चाहता है, तो इसके लिए उसके पास मैसेज अथवा पर्सनल प्रॉब्लम भेजने का विकल्प होता है, या वह चाहे तो जन-प्रतिनिधि को किसी अवसर विशेष पर आमंत्रित कर सकता है या उनसे मिलने का वक़्त भी मांग सकता है|जनता जब भी अपनी पर्सनल प्रॉब्लम को जन-प्रतिनिधि के पास भेजती है अथवा किसी लोकल प्रॉब्लम को जन-प्रतिनिधि के पब्लिक फोरम पर पोस्ट करती है तो उसे एक यूनिक कम्युनिकेशन नंबर मिल जाता है| यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण फीचर है, जिसके बारे में इसी प्रेजेंटेशन में बाद विस्तार से चर्चा की गयी है| जनता के पास जन-प्रतिनिधि से संपर्क करने के सारे विकल्प मौजूद होते हैं| जिनके पास इंटरनेट आधारित सुविधाएं हैं, यानी कि मोबाइल एप्लीकेशन, कंप्यूटर एप्लीकेशन या जन-प्रतिनिधि के वेब पेज की पहुँच हो, उनके लिए तो सारे द्वार खुले हुए हैं, यानी वो चाहें तो अपनी बात सर्वर पर वेब ऑडियो या वेब विडियो कॉल द्वारा रिकॉर्ड कर दें, या जन-प्रतिनिधि द्वारा निर्धारित भाषाओँ में से किसी एक भाषा में लिख कर पोस्ट कर दें|जिनके पास इंटरनेट की पहुँच नहीं है, उनके लिए सबसे सरल और आसन तरीका है की वो जन-प्रतिनिधि को प्रतिनिधि द्वारा प्रदान किये गए फ़ोन नंबर पर कॉल कर तथा आई वी आर पर उचित विकल्प चुनकर 30 सेकंड्स की रिकॉर्डिंग के द्वारा अपनी बात जन-प्रतिनिधि तक पहुंचा सकते हैं| वैसे लोग भी जो शुरू-शुरू में आई वी आर का इस्तेमाल नहीं जानते, उनकी रिकॉर्डिंग्स भी ये अपने आप ले लेता है, परन्तु फिर जन-प्रतिनिधि के एडमिन को बाद में उन रिकॉर्डिंग्स को उचित विकल्पों से जोड़ना होता है, बस|ये आई वी आर आधारित फ़ोन नंबर कुछ ऐसे काम करता है .................... ये तो हुई जनता की बात| अब अगर जनता-जन-प्रतिनिधि के ही सम्बन्ध के परिप्रेक्ष्य में अगर हम जन-प्रतिनिधि के पहलू से बात करें तो, जनता से आये हुए सभी इनपुट्स पर जन-प्रतिनिधि अपनी उचित प्रतिक्रिया दे सकते हैं| जैसे, वे अगर चाहें तो संपर्क करने वाले व्यक्ति को वेब ऑडियो, विडियो या टेक्स्ट के द्वारा मेसेज भेज सकते हैं, या अपने प्रतिनिधि वाले फ़ोन नंबर पर कॉल कर तथा अपना मैसेज रिकॉर्ड कर आई वी आर फ़ोन कॉल द्वारा भी अपना जवाब मैसेज के रूप में भेज सकते हैं, या वो चाहें तो लाइव वेब ऑडियो, विडियो कॉल या सामान्य कांफ्रेंस फ़ोन कॉल पर भी सीधी बातचीत भी कर सकते हैं|जन-प्रतिनिधि अगर चाहें तो जनता से आये इनपुट्स को फॉरवर्ड कर दें या सोशल साईट के वेब पेज पर पोस्ट भी कर दें|एक गौरतलब बात यह है कि जन-प्रतिनिधि के पब्लिक फोरम पर जनता के द्वारा डाले गए पोस्ट्स तब तक लाइव नहीं होते जब तक जन-प्रतिनिधि का एडमिन उसे इज़ाज़त नहीं दे देता|ऑफिसियल पब्लिक इनविटेशन फीचर के द्वारा जन-प्रतिनिधि किसी अवसर विशेष पर जनता को आमंत्रित कर सकते हैं या किसी निर्धारित स्थल पर जनता को बुला भी सकते हैं और साथ ही साथ जो लोग उनका निमंत्रण स्वीकार कर चुके हैं, उनकी लिस्ट भी देख सकते हैं|जन-प्रतिनिधि लाइव चौपाल पर जा कर जनता से चैट कर सकते हैं तथा जब वो ऑनलाइन होते हैं तो उस वक़्त पेज पर मौजूद लोगों को इसकी सूचना मिल जाती है|इसके अलावा जन-प्रतिनिधि उनसे जुड़े सभी लोगों से जिनके पास उनका मोबाइल एप्लीकेशन अथवा कंप्यूटर एप्लीकेशन हो, उनसे ग्रुप-इंटरेक्शन नामक सेक्शन के तहत अन्य बहुत सारे कारणों और तरीकों से संपर्क कर सकते हैं, जैसे वेब विडियो, ऑडियो द्वारा अथवा टेक्स्ट द्वारा मैसेज भेजना, वेब ऑडियो या वीडियो कांफ्रेंस कॉल करना, विभिन्न तरीकों से ट्रैकिंग के फीचर्स का इस्तेमाल करना इत्यादि |ट्रैकिंग के अदभुत फीचर्स का इस्तेमाल केवल उन्हीं लोगों के साथ हो सकता है, जिनके पास मोबाइल एप्लीकेशन हो|ग्रुप-इंटरेक्शन सेक्शन के बाकी के फीचर्स का इस्तेमाल मोबाइल एप्लीकेशन और कंप्यूटर एप्लीकेशन दोनों पर हो सकता है| इस सेक्शन की एक खूबी यह है कि जन-प्रतिनिधि को यह चुनने की आजादी होती है कि वह एक साथ सभी लोगों के साथ या चुनिन्दा ग्रुप्स अथवा संगठनों या कार्यकर्ताओं के साथ, जिनके साथ चाहें उनके साथ इस सेक्शन के विभिन्न फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं |इसी सेक्शन पर मौजूद वेब ऑडियो कांफ्रेंस कॉल को जनता रेडियो दरबार और वेब विडियो कांफ्रेंस कॉल को जनता टीवी दरबार के नाम से जाना जाता है|जनता रेडियो दरबार और जनता टीवी दरबार को बेहतरीन तरीके से इस प्रकार डिजायन किया गया है कि इन फीचर्स को प्रसारण शुरू करने के पहले श्रोताओं अथवा दर्शकों की संख्या तथा जरुरत के अनुसार कस्टमाइज किया जा सकता है |बड़ी खूबी यह कि पूरे प्रसारण के दौरान हर वक़्त श्रोताओं अथवा दर्शकों की बदलती मानसिकता का अनुमान जन-प्रतिनिधि को मिलता रहता है|प्रसारण शुरू करने के तीन विकल्प होते हैं; पूर्ण अनुमति के साथ, आंशिक अनुमति के साथ और बिना किसी अनुमति के|जहां पूर्ण अनुमति के साथ शुरू किये गए जनता रेडियो अथवा टीवी दरबार में कोई भी श्रोता अथवा दर्शक सीधे प्रसारण को ज्वाइन कर अपनी बात रख सकता है, वहीँ आंशिक अनुमति के साथ शुरू किये गए प्रसारण को ज्वाइन करने के लिए श्रोता अथवा दर्शक को अपनी रिक्वेस्ट भेजनी पड़ती है|बिना अनुमति के साथ शुरू किये गए प्रसारण को तो किसी को ज्वाइन करने की अनुमति ही नहीं होती|जाहिर तौर पर अगर श्रोता अथवा दर्शक की संख्या कम हो तो पूर्ण अनुमति के साथ, औसत हो तो आंशिक अनुमति के साथ और अगर ज्यादा हो तो बिना अनुमति के साथ प्रसारण शुरू किया जाता है|सबसे अच्छी बात यह है कि जनता रेडियो अथवा टीवी दरबार को इस कदर इंटरैक्टिव बनाया गया है कि कोई प्रसारण चाहे किसी भी तरह की अनुमति के साथ शुरू किया गया हो, उससे जुड़े हर श्रोता अथवा दर्शक को अपनी बात जन-प्रतिनिधि तक अपनी बात एक लाइव मैसेज पैनल के द्वारा पहुँचाने की व्यवस्था होती है| इससे जन-प्रतिनिधि बिना डिस्टर्ब हुए प्रसारण के दौरान ही, बहुत बड़ी संख्या में जनता के मनोभावों से लाइव परिचित होते रहते हैं|जनता टीवी दरबार की बहुत बड़ी विशेषता यह है कि वैसे है तो यह विडियो कांफ्रेंस कॉल पर, यह अहसास देता है बिलकुल टीवी चैनल जैसा| एक ऐसा अपना टीवी चैनल जो दोतरफा बातचीत का आनंद देता हो | अब बात करते हैं ग्रुप-इंटरेक्शन सेक्शन के ही अंतर्गत आने वाले ट्रैकिंग के कई अदभुत फीचर्स की| ट्रैकिंग के फीचर्स का इस्तेमाल करते वक़्त बस एक बात का ध्यान रखना पड़ता है; कार्यकर्ताओं के साथ तो इन फीचर्स का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति के कर सकते हैं, परन्तु आम जनता के साथ इनका इस्तेमाल करने से पूर्व उनकी अनुमति आवश्यक है|जहां करंट लोकेशन फीचर द्वारा कई लोगों की तात्कालिक लोकेशंस को तुरंत देखा जा सकता है,वहीँ ‘कीप ट्रैकिंग’ फीचर द्वारा किसी एक व्यक्ति के पूरे मूवमेंट रूट को मैप पर देखा जा सकता है|शेयर लोकेशन एक जबरदस्त फीचर है, इस के द्वारा जन-प्रतिनिधि की मैप पर फिक्स की गई लोकेशन को अथवा उनके लगातार बदलते लोकेशंस को, जैसा भी जन-प्रतिनिधि चाहें, लोग मैप पर लगातार देख रहे होते हैं और जन-प्रतिनिधि भी उन सभी लोगों के बदलते लोकेशंस को लगातार मैप पर देख रहे होते हैं|ट्रैकिंग के अगले फीचर ग्रुप शेयर लोकेशन में शामिल हर व्यक्ति-हर व्यक्ति के बदलते लोकेशंस को लगातार देख रहा होता है| इस फीचर में भी जन-प्रतिनिधि को ये आज़ादी होती है कि वो अपनी कोई फिक्स लोकेशंस को या फिर अपनी बदलती लोकेशंस को जनता को दिखाएँ|ट्रैकिंग का ही बड़ा सुन्दर फीचर है, ‘पुश माय लोकेशन’| इसके तहत जन-प्रतिनिधि अपनी वास्तविक या किसी अन्य लोकेशन को लोगों को एक बार भेज देते हैं|ट्रैकिंग के किसी भी फीचर को इस्तेमाल करते वक़्त जन-प्रतिनिधि के पास ये विकल्प होता है कि वो उसको शुरू करने करने के पहले सम्बंधित लोगों को उसको शुरू करने का कारण अथवा उद्द्येश्य किसी भी वैकल्पिक भाषा में भेज सकते हैं|ऑडियो-विडियो कॉलिंग और ट्रैकिंग का मिलाजुला एक विशिष्ट फीचर है; कार्यकर्ता-वर्कर्स सेशन| इसकी चर्चा हम बाद में करेंगे| अभी हम जनता के उन लोगों की बात करते हैं, जिनके पास इन्टरनेट की सुविधा या पहुँच नहीं है| इन लोगों से सामूहिक तौर पर संपर्क करने के लिए जन-प्रतिनिधि आई वी आर संचालित फ़ोन कॉल का सहारा ले सकते हैं|ऐसे समूह फ़ोन कॉलिंग द्वारा जन-प्रतिनिधि लोगों को कोई मैसेज या एक्शन टेकन की रिपोर्ट भेज सकते हैं, या फिर उन लोगों से किसी सर्वे पर ओपिनियन भी ले सकते हैं| साथ ही साथ जन-प्रतिनिधि लोगों को खुद से अथवा अपनी किसी संस्था से भी समूह फ़ोन कॉलिंग का इस्तेमाल करते हुए जोड़ सकते हैं| सबसे इंट्रेस्टिंग बात यह है कि माध्यम चाहे कोई भी हो सभी तक वही बात पहुँचती है जो पहुंचना चाहिए क्योंकि पूरे सिस्टम का डेटा बेस एक ही है|अब बात करते हैं, कार्यकर्ता-नेता के सम्बन्ध के लिहाज़ से प्रतिनिधि की भूमिका की| कार्यकर्ताओं के पास पोस्ट-पोस्टेड सेक्शन के अन्दर अपने जन-प्रतिनिधि से इंटरेक्ट करने के बहुत सारे फीचर होते हैं, जैसे जेनरल अथवा एक्टिविटी रिपोर्टिंग द्वारा यह बताना कि उन्होंने किस किस मद में क्या-क्या काम किया है|जन-प्रतिनिधि से कॉल पाने के लिए रिक्वेस्ट भेजना तथा उनको इन- वर्क या ऑफ-वर्क बटन द्वारा यह बताना कि कब से उन्होंने काम करना शुरू किया तथा कब उन्होंने काम करना बंद कर दिया|कार्यकर्ता-नेता के सम्बन्ध को अगर जन-प्रतिनिधि के दृष्टिकोण से देखें तो जन-प्रतिनिधि अपने एडमिन पैनल पर जाकर अपने तमाम अथवा चुनिन्दा कार्यकर्ताओं के एक कार्यकर्ता-वर्कर्स सेशन शुरू कर सकते हैं| ये शुरू होते ही जन-प्रतिनिधि उस सेशन से सभी समबन्धित कार्यकर्ताओं को मैप पर न केवल की देख सकते हैं, बल्कि उनसे वेब ऑडियो कॉल के द्वारा बात अथवा चैट भी कर सकते हैं| यहाँ तक की अपने हर कार्यकर्त्ता के छोर पर जो हो रहा है, उसका लाइव प्रसारण भी रिवर्स विडियो कॉल द्वारा देख सकते हैं| इसके अलावा जन-प्रतिनिधि जितने कार्यकर्त्ता इन-वर्क या ऑफ-वर्क हैं, उनकी लिस्ट भी देख सकते हैं, तथा उनसे हर तरीके से इंटरेक्ट भी कर सकते हैं| यानी कि हर कार्यकर्ता का का रूट मैप देख सकते हैं, तात्कालिक लोकेशन देख सकते हैं| उसका लोकेशन देखते हुए चैट भी कर सकते हैं और किसी उसकी किसी खास दिन की ट्रैकिंग हिस्ट्री भी देख सकते हैं|इनके अलावा अलावा जन-प्रतिनिधि इन-वर्क या ऑफ-वर्क की लिस्ट के कार्यकर्ताओं से एक-एक करके अथवा कुछ को चुन कर एक साथ वेब ऑडियो कॉल, विडियो कॉल कर सकते हैं|या चाहें तो एक-एक करके सभी से रिवर्स विडियो कॉल भी मंगा करके वहाँ का लाइव नजारा देख सकते हैं, या फिर उन लोगों के रजिस्टर्ड नंबर ले कर उन पर सामान्य फ़ोन कॉल भी कर सकते हैं|कार्यकर्ता-जन-प्रतिनिधि के सम्बन्ध से आगे बढ़ते हुए अब हम बात करते हैं, प्रेस-जन-प्रतिनिधि के सम्बन्ध की और देखते हैं कि प्रतिनिधि के द्वारा इस सन्दर्भ में क्या क्या फीचर्स उपलब्ध कराये गए हैं|जन-प्रतिनिधि को प्रतिनिधि द्वारा उपलब्ध कराये गए फ़ोन नंबर पर ही मीडिया के लोग भी कॉल कर अपना सवाल पूछ सकते हैं, अथवा अपनी बात रख सकते हैं|वहीँ दूसरी तरफ जन-प्रतिनिधि अपने से जुड़े प्रेस के लोगों को अपना ऑन लाइन प्रेस रिलीज भेज सकते हैं, अथवा उनके साथ लाइव ऑन लाइन प्रेस कांफ्रेंस भी कर सकते हैं| ऑन लाइन प्रेस रिलीज़ और और ऑन लाइन प्रेस कांफ्रेंस जन-प्रतिनिधि के एडमिन द्वारा नियंत्रित और संचालित होता है और परम्परागत प्रेस रिलीज़ और प्रेस कांफ्रेंस की सीमाओं और कमियों से मुक्त होते हुए जन-प्रतिनिधि को अत्यंत हाई-टेक बना देता है|प्रतिनिधि इस बात के लिए प्रयासरत है कि जल्दी ही ऐसी कोई व्यवस्था हो जिससे कि इसके जन-प्रतिनिधि घर बैठे टीवी डिबेट्स में हिस्सा ले पायें|अब हम बात करने जा रहे हैं की इस प्रतिनिधि तंत्र का जनता के सबसे बड़ा आकर्षण क्या है और कैसे यह तंत्र इस देश में सामाजिक, राजनैतिक और व्यवस्थागत क्रांति का सूत्रपात करने जा रहा है|जी हाँ हम बात करने जा रहे हैं जनता-सरकारी तंत्र-मीडिया-जन-प्रतिनिधि के संबंधों के परिप्रेक्ष्य में|असल में ये हमारा सरकारी तंत्र और पूरी व्यवस्था बढती जनाकांक्षाओं के सामने पूरी तरह चरमरा चुकी है|हमारी केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारें इस व्यवस्था को जनोन्मुख, जिम्मेदार और पारदर्शी बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं| फिर भी अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है क्योंकि व्यवस्था की निगरानी और उचित कारवाई करने के लिए जो निकाय बनाये जाते है, वो भी इसी व्यवस्था के अंग बन जाते हैं|प्रतिनिधि ने इन व्यवस्थागत खामियों का एक अचूक राम बाण इलाज इस देश को दिया है |अब जनता ही जनता की ताकत है |जन-प्रतिनिधि अब जनता की समस्याओ को सुलझाने और व्यवस्था को सुधारने के सबसे बड़े वाहक बन चुके हैं |जनता जब अपनी किसी व्यक्तिगत अथवा स्थानीय समस्या को लेकर इस तंत्र के द्वारा जन-प्रतिनिधि से संपर्क स्थापित करती है तब उसे 12 अंको का एक यूनिक कम्युनिकेशन नंबर SMS और EMAIL द्वारा मिल जाता है | कम्युनिकेशन नंबर जारी होते ही उस समस्या अथवा मुद्दे का अपना एक स्वतंत्र वेब पेज बन जाता है|इस वेब पेज पर पहुँचने के लिए www डॉट के बाद कम्युनिकेशन नंबर तथा फिर डॉट लगाकर प्रतिनिधि डॉट इन लिखना होता है, बस !यह कम्युनिकेशन नंबर जन-प्रतिनिधि पर जवाबदेही सुनिश्चित करता है की वो उस समस्या पर संज्ञान लें |संज्ञान ले कर जन-प्रतिनिधि अगर चाहे तो उस समस्या का एक उचित जवाब भेज सकते हैं अथवा उस समस्या को सरकारी तंत्र यानी कि प्रशासन, पुलिस इत्यादी को तथा मीडिया को अपने कमेंट के साथ अथवा बिना कमेंट किये भी फॉरवर्ड कर सकते हैं |जैसे ही जन-प्रतिनिधि किसी समस्या अथवा मुद्दे को फॉरवर्ड करते हैं, उस कम्युनिकेशन नंबर का वह वेब पेज ग्लोबल हो जाता है|वस्तुतः किसी समस्या को फॉरवर्ड करने का मतलब होता है, उसे पूरी दुनिया और मीडिया की निगरानी में सरकारी तंत्र के सामने रखना|अब उस मुद्दे को हर कोई देख सकता है| मीडिया के नजरिये से भी देखें तो उसके पास पीड़ित व्यक्ति की अधिकृत शिकायत सीधे तौर पर आती है|पूरी दुनिया, प्रेस और जन-प्रतिनिधि की लगातार निगरानी में रहते हुए, सरकारी तंत्र को पीड़ित व्यक्ति की समस्या का उचित निदान करना पड़ता है| होता यह है कि उस वेब पेज पर जाकर व्यस्था के जिम्मेदार लोगों को अपनी बात लिखित तौर रखनी पड़ती है|सरकार आपके द्वार का इससे बढ़िया मॉडल क्या होगा कि एक वेब पेज पर पीड़ित व्यक्ति अपनी बात रख रहा है| उसी वेब पेज पर सरकारी अधिकारी उनके द्वारा की गयी करवाई का ब्यौरा लिख रहे है, जन-प्रतिनिधि जी भी अपने ऑब्जरवेशन लिख रहे हैं और आम जनता भी अपने विचार व्यक्त कर रही है|मीडिया को भी उस मुद्दे की सीधी-सीधी और सटीक जानकारी मिल रही है|यही तो है प्रजातंत्र की ताकत, जिसे प्रतिनिधि के द्वारा भारत की जनता अपने मार्गदर्शक नेताओं के नेतृत्व में प्राप्त करती है|एक फ़ॉर्वर्डेड मामले से ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ें, इसलिए जैसे ही एक मामले को फॉरवर्ड किया जाता है, उस कम्युनिकेशन नंबर का वेब लिंक प्रतिनिधि तथा जन-प्रतिनिधि के सोशल साईट वाले पेजेज पर अपने आप पोस्ट हो जाता है|व्यक्तिगत अथवा स्थानीय समस्या के अलावा जनता जन-प्रतिनिधि को कोई मैसेज भी भेज सकती है अथवा कोई पब्लिक पोस्ट भी कर सकती हैं | जन-प्रतिनिधि चाहें तो किसी मैसेज अथवा पब्लिक पोस्ट को भी सीधे ही फॉरवर्ड कर सकते हैं| ऐसे मामले में फॉरवर्ड करते ही ऐसे किसी मैसेज अथवा पब्लिक पोस्ट पर भी कम्युनिकेशन नंबर जारी होते हुए वह फॉरवर्ड हो जाता है|जितनी बार कोई व्यक्ति जन-प्रतिनिधि के द्वारा फॉरवर्ड किये गए कम्युनिकेशन नंबर वाले वेब पेज को पर विजिट करता है, उतनी बार जन-प्रतिनिधि जी का प्रोफाइल पिक्चर उसका स्वागत करती है|तत्पश्चात उस पेज पर वो फ़ॉर्वर्डेड प्रॉब्लम तथा सम्बंधित कमेंट्स चले आते हैं | परन्तु उस वेब पेज ऊपर के बाएं हिस्से में उनके विभिन्न बैनर्स लगातार एक के बाद एक प्रदर्शित होते रहते हैं|सबसे बड़ी बात यह है कि जन-प्रतिनिधि जितने मामलों को सरकारी तंत्र और मीडिया के सामने के सामने फॉरवर्ड करते जाते हैं, उतनी ही अधिक संख्या में लोग उनसे जुड़ने लगते हैं| लोग उठाये गए मुद्दे से परिचित होते हैं| लोग समझ पाते हैं, कि उनके जन-प्रतिनिधि उनके लिए कितने सजग हैं| फॉरवर्ड किये गए कम्युनिकेशन नंबर वाले वेब पेज की लोकप्रियता, जन-प्रतिनिधि की लोकप्रियता को बढाती जाती है| हर कोई देख सकता है की कितने लोगों ने इस वेब पेज को विजिट किया है| उस मुद्दे को सपोर्ट करने करने तथा उस पर कमेंट करने के विकल्प भी हर किसी के लिए खुले हैं|इस पूरे मॉडल इस प्रकार समझा जा सकता है, कि मान लीजिये आज किन्हीं जन-प्रतिनिधि ने परम्परागत तरीके एक महीने में 10 लोगों की मदद की तो उनके इस कार्य के बारे में 10-20-50 या 100 लोग जानते हैं|परन्तु प्रतिनिधि के मॉडल को अपनाने के बाद यही आंकड़ा कुछ इस प्रकार होता है- उन 10 फ़ॉर्वर्डेड कम्युनिकेशन नंबर वाले वेब पेज को कुल जमाँ 10 लाख लोगों ने विजिट किया, 50 हज़ार लोगों ने सपोर्ट किया और 2 हज़ार लोगों ने कमेंट किया| है न ये कमाल का अंतर| वस्तुतः यह एक राजनैतिक और सामाजिक क्रांति है| आम जनता के पास उनके व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए माय पैनल नामक सेक्शन होता है| इसमें मौजूद फीचर्स का इस्तेमाल एक यूजर विभिन्न कारणों से अपने परिवार के लोगों और दोस्तों के अलावा प्रतिनिधि-तंत्र के साथ करता है|लोकेशन-ट्रैकिंग के फीचर्स के द्वारा यूजर अपने उन लोगों को ट्रैक कर सकता है, जिन्होंने उसे अपनी ट्रैकिंग के लिए अधिकृत कर रखा है| जिनकी ट्रैकिंग के लिए यूजर अधिकृत नहीं है, उनसे अस्थायी अनुमति लेकर, उन्हें एक बार अथवा किसी एक सेशन के लिए लगातार ट्रैक किया जा सकता है| यूजर चाहे तो किसी को अपनी खुद की ट्रैकिंग के लिए अधिकृत भी कर सकता है|पूर्व वर्णित ट्रैकिंग के सभी फीचर्स में से केवल ग्रुप शेयर लोकेशन फीचर को छोड़कर बाकी के सभी फीचर्स यानी कि करंट लोकेशन, कीप ट्रैकिंग, शेयर लोकेशन और पुश माय लोकेशन का इस्तेमाल यूजर अपने से जुड़े व्यक्तियों के साथ कर सकता है| माय पैनल के इसी सेक्शन में जाकर यूजर खुद के द्वारा उठाये गए कॉम्युनिकेशन नंबर का तथा अपने द्वारा किसी खास जन-प्रतिनिधि के लिए रिकॉमेंड किये गए यूजर्स का पूरा रिकॉर्ड चेक कर सकता है|इसी सेक्शन में जाकर एक यूजर प्रतिनिधि-तंत्र को अपनाने वाले अन्य नेताओं को सर्च कर सकता है, तथा अपने पसंदीदा नेताओं में अपना इंटरेस्ट शो कर सकता है|एक यूजर जिन नेताओं में इंटरेस्ट शो करता है, उनके वेब ऑडियो, विडिओ कॉल को तथा उनके द्वारा पोस्टेड सर्वे के सवालों को मौजूदा जन-प्रतिनिधि के मोबाइल और कंप्यूटर एप्लीकेशन पर ही रिसीव कर सकता है|इसी पैनल में केवल मोबाइल एप्लीकेशन पर उपलब्ध एक महत्वपूर्ण फीचर है, ‘स्विच टू वेब’ का| इस फीचर के द्वारा एक यूजर प्रतिनिधि के वेब साईट पर बिना कोई यूजर आई डी या पासवर्ड डाले, सीधा सम्बंधित जन-प्रतिनिधि के वेब पेज पर लॉग-इन कर लेता है|सबसे गौरतलब बात यह है कि प्रतिनिधि दुनिया की एकमात्र ऐसा सिस्टम है जो एक्टिविटी लॉग-इन देता है| मतलब यह कि यूजर अगर मोबाइल एप्लीकेशन पर जन-प्रतिनिधि के जनता टीवी दरबार का आनंद ले रहा हो और उसे अगर उस प्रसारण को बड़े स्क्रीन पर देखना हो तो वह स्विच टू वेब फीचर के द्वारा सीधे उस प्रसारण को कंप्यूटर के स्क्रीन को देखने लगता है|असल में इस फीचर में करना यह होता है कि प्रतिनिधि डॉट इन की वेब साईट को पहले कंप्यूटर स्क्रीन पर खोलना होता है, फिर उस के लॉग इन वाले लिंक पर क्लिक करना होता है, जिससे एक क्यु आर कोड का एक पैनल वेब साईट पर खुल जाता है| उसके बाद मोबाइल एप्लीकेशन के स्विच टू वेब के विकल्प पर क्लिक करके उसे वो क्यू आर कोड 20-30 सेंटीमीटर दूर से दिखाना यानी स्कैन करना होता है, बस| और पलक झपकते ही किसी जन-प्रतिनिधि के लिए मोबाइल एप्लीकेशन पर हो रही एक्टिविटी सीधे कंप्यूटर स्क्रीन पर ट्रान्सफर हो जाती है|जब हम इतने सारे फीचर्स और इतने विशाल तंत्र की बात करते हैं, तो निश्चित तौर पर इसके लिए एक अत्यंत सशक्त एडमिन की आवश्यकता होगी| प्रतिनिधि शायद दुनिया का सबसे सशक्त और उम्दा एडमिन पैनल देता है|इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये एडमिन पैनल भी सभी माध्यमों पर पर एक साथ उपलब्ध है, यानी कि मोबाईल एप्लीकेशन, कंप्यूटर एप्लीकेशन, वेब पेज हर जगह यहाँ तक कि जन-प्रतिनिधि को प्रतिनिधि द्वारा प्रदान किये गए फ़ोन नंबर पर भी एडमिन पैनल मौजूद होता है|एडमिन पैनल या यूँ कहें की दूसरी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इस पर किये गए बदलाव जन-प्रतिनिधि के मोबाइल एप्लीकेशन और कंप्यूटर एप्लीकेशन पर बिना कोई अपडेट किये, वेब पेज की तरह अपने आप हो जाते हैं|प्रतिनिधि का यह दावा है कि दुनिया में ऐसा कोई मोबाइल एप्लीकेशन या कंप्यूटर एप्लीकेशन नहीं है, जिसमें बदलाव इस प्रकार किया जा सके|एडमिन पैनल की तीसरी सबसे बड़ी खूबी है इसकी डायनेमिज्म| यह एडमिन पैनल को स्वतंत्र रूप से इतने सारे फंक्शन्स की इज़ाज़त देता है कि एक तो जन-प्रतिनिधि को इस पर लगभग सारी सुविधाएं प्राप्त हो जाती हैं तथा साथ ही साथ उन्हें बिना किसी बाहरी मदद के उनके अपने पूर्ण प्रतिनिधि तंत्र का लगभग पूर्ण संचालन का अधिकार मिल जाता है|एडमिन पैनल की चौथी सबसे बड़ी खूबी है कि जन-प्रतिनिधि अपने एडमिन पैनल के संचालन के लिए कितनी भी संख्या में फीचर वाइज सब-एडमिन को नियुक्त कर सकते हैं| किसी एक सब एडमिन को किसी एक या एक से अधिक फीचर अथवा सभी फीचर्स के लिए अधिकृत किया जा सकता है|अपने पूर्ण स्वरुप को प्राप्त करने से पहले प्रतिनिधि को ब्रेन स्टॉर्मिंग के कई दौर से गुजरना पड़ा|हम उन सभी भविष्य द्रष्टा नेताओं को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने हमारे साथ कई-कई घंटे बिताकर कई प्रैक्टिकल अनुभवों और जरूरतों को हमसे साझा किया|हमें कई तकनीकी बाधाओं से गुजरना पड़ा| कई मनोवैज्ञानिक बाधाओं को पार करना पडा|हमने अपनी पूरी टीम के साथ एक संकल्प को बार-बार दोहराया कि हाँ हम बी डी सी ग्रुप के लोग, हम भारतीय, इस दुनिया का सबसे नायाब और क्रांतिकारी संचार तंत्र संसार के सबसे बड़े लोकतंत्र को समर्पित करने जा रहे हैं|आज ये सपना साकार हो चूका है|आईये इससे जुड़ कर हम एक नए भारत की रचना करें| धन्यवाद|
 
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