प्रतिनिधि परिवार क्या है ?

एक देशव्यापी आंदोलन, जो आपकी-हमारी जिंदगी की पीड़ा और एकाकीपन को हरने की और आँसू पोंछने के लिए चल रहा है।

हमारा सिद्धांत-

“हम सब, हम सबके साथ”

हमारा उद्देश्य-

व्यक्ति, समाज और व्यवस्था तीनों स्तर पर आमूल-चूल सुधार

व्यक्ति सुधार का लक्ष्य-

  व्यक्ति के अंदर प्रेम,सत्य, कर्तव्य और अच्छाई की स्थापना तथा आत्मकेंद्रित सोच और स्वार्थ का नाश करना

समाज सुधार के लक्ष्य-

 जाति को अवैज्ञानिक और धर्म को निजी आस्था का विषय मानने वाले समाज की स्थापना

 जातीय पहचान वाले सारे प्रतीकों को नष्ट करना. जाती और धर्म की बात करने वाले के लिए सजा का प्रावधान

 एक ऐसी सामाजिक मुख्यधारा का निर्माण करना, जिसमें वैज्ञानिकता हो, तार्किकता हो, हर व्यक्ति की गरिमा हो तथा हर नागरिक राष्ट्र के लिए हो और राष्ट्र भी हर नागरिक के लिए हो

 संपत्ति, निजी की बजाय परिवार की होनी चाहिए. इस एक कदम से समाज को ढेर सारी समस्याओं से निजात मिल जायेगी

व्यवस्था सुधार के लक्ष्य-

 दिन-रात दोषियों को खोजने की प्राथमिकता रखने वाली व्यवस्था (सरकारी तंत्र) को बदल कर पीड़ितों के आंसू पोछने की प्राथमिकता वाली व्यवस्था (सरकारी तंत्र) की स्थापना

 व्यवस्था को निरपेक्ष, जिम्मेदार और पारदर्शी बनाना

 न्यायपालिका और कार्यपालिका में आमूल-चूल सुधार

 जांच-अनुसंधान, न्यायप्रक्रिया और दंडसंहिता में आमूल-चूल बदलाव.

 वंचितों और पीड़ितों की जरूरतों को पूरा करना करना व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए

 जनसँख्या नियंत्रण व्यवस्था की प्राथमिकता होगी. इसके लिए एक बहुत सुन्दर फ़ॉर्मूले को अपनाया जा सकता है. दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले को तमाम सरकारी सब्सिडीज से महरूम कर दिया जाएगा, और दो के बाद के जितने भी बच्चे पैदा हों, वो सरकार गोद ले ले. ऐसे किसी बच्चे की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जायेगी और उसका लालन-पालन बिना किसी धार्मिक और जातीय पहचान के केवल और केवल देश के लिए होगा

 शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों का पूर्ण सरकारीकरण. कुछेक अपवादों को छोड़कर, देश में डिग्री प्राप्त लोगों को ही सरकारी नौकरी अर्हता हो. हर सरकारी अथवा न्यायिक-अधिकारी के लिए देश में ही अपने बच्चों को शिक्षा प्रदान करने की अनिवार्यता. हर सरकारी अथवा न्यायिक-अधिकारी के लिए देश में ही अपने तथा अपने परिवार के लिए इलाज कराने की अनिवार्यता.

प्रतिनिधि परिवार की कार्यशैली-

 हम हर एक जिले के नाम से प्रतिनिधि परिवार की शाखा स्थापित कर रहे हैं।

 हर एक जिले के प्रतिनिधि परिवार का अपना हेल्पलाइन नंबर होता है।

 पर, महानगरों में जिले का फॉर्मूला लागू नहीं होता, हर महानगर का अपना प्रतिनिधि परिवार होता है।

 किसी भी जिले के प्रतिनिधि परिवार के हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करने के लिए आपका रजिस्टर होना अनिवार्य है

 रजिस्ट्रेशन के सात दिन बाद ही आप हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 इस्तेमाल करना बड़ा आसान है।

 पहले तरह का इस्तेमाल है –

 जब भी कभी सरकारी तंत्र या पुलिस आपकी बात को अनसुना करती हो तो आप अपने प्रतिनिधि परिवार के फ़ोन नंबर पर एक मिस कॉल भर कर दें।

 वहां से एक कॉल बैक आएगा, जिसे रिसीव कर आपको अपनी समस्या संक्षेप में 20 सेकंड के अन्दर रिकॉर्ड करनी होती है।

 आपके द्वारा समस्या की रिकॉर्डिंग पूरी होते ही आपकी समस्या आपके जिले के प्रतिनिधि परिवार के जिम्मेदार लोगों तक पहुँच जाती है।

 जो उस समस्या पर तत्काल बिना कोई समय गंवाए कार्रवाई करते हुए सम्बंधित एसपी या डीएम के साथ मीडिया और सोशल मीडिया हर जगह भेज देता है।

 संबंधित एसपी या डीएम से तुरंत कार्रवाई करने को कहा जाता है, अगर उचित कार्रवाई उनके द्वारा नहीं की गयी तो 15 मिनट के बाद सभी उच्चाधिकारियों को मामले को प्रेषित कर दिया जाता है।

 प्रतिनिधि परिवार हर हालत में हर समस्या को हल करने के लिए जी-जान लगा देता है।

 आवश्यकता पड़ने पर पीड़ित व्यक्ति के आस-पास मौजूद सभी प्रतिनिधि परिवार के सदस्यों को तत्काल पीड़ित व्यक्ति के पास भेजा जाता है।

 सरकारी तंत्र से पीड़ा के अलावा प्रतिनिधि परिवार का कोई भी सदस्य अगर अन्य बहुत सारे सामाजिक-आर्थिक कारणों से बहुत पीड़ित हो तो भी उसी हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करते हुए समस्याओं का निबटारा किया जाता है।

प्रतिनिधि परिवार से कैसे जुड़ें?

 प्रतिनिधि परिवार से जुड़ने की इच्छा रखने वाले हर एक व्यक्ति को अपने आप को पंजीकृत करना पड़ता है और 650 रुपये की शुरूआती आर्थिक भागीदारी देनी होती है।

 इसके बाद की कोई भी आर्थिक भागीदारी सदस्य की स्वेच्छा पर निर्भर करता है।

 प्रतिनिधि स्वरोजगार योजना अपनाने के लिए अपने जिले/महानगर के हेल्पलाइन नंबर पर मिस कॉल करने के अलावा 011-66977778 पर भी मिस कॉल करें|

 जो लोग आर्थिक तौर पर बिल्कुल विपन्न हैं और आर्थिक भागीदारी करने में असमर्थ हैं, उनके लिए कोई भी शुरूआती अनिवार्य आर्थिक भागीदारी नहीं है।

 अगर आप प्रतिनिधि परिवार से नहीं जुड़े हुए हैं तो आपको सिर्फ इतना करना है कि सम्बंधित जिले अथवा महानगर के प्रतिनिधि परिवार के नंबर पर मिस कॉल भर कर दें, बाकी की प्रक्रिया हम आपको खुद समझा देंगे।

प्रतिनिधि परिवार का हिस्सा बनें-

 जुड़ने के लिए मिस कॉल कीजिए अपने जिले के संबंधित नंबर पर। इसके लिए क्लिक करें

 अपने जिले/महानगर के हेल्पलाइन नंबर की सूची के लिए मिस कॉल करें – 011-66977778