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<title>Pratinidhi &amp; News Magazine &amp; Latest News</title>
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<description>Pratinidhi &amp; News Magazine &amp; Latest News</description>
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<dc:rights>Copyright 2023 Pratinidhi &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>नोएडा हिंसा मामला: दो घंटे में आग फैली, 7.5 घंटे तक कई क्षेत्रों में उपद्रव जारी</title>
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<description><![CDATA[ आपके द्वारा दिया गया लेख अधूरा है, इसलिए 3–4 लाइन का पूरा और सटीक SEO‑optimized meta description बनाना संभव नहीं है। कृपया पूरा न्यूज़ आर्टिकल या पूर्ण कंटेंट भेजें, ताकि मैं सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करते हुए ठीक 150–160 कैरेक्टर में आकर्षक और पूर्ण विवरण तैयार कर सकूं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 09:51:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नोएडा हिंसा खबर, wage hike protest Noida, मजदूर प्रदर्शन नोएडा, Noida industrial area unrest, वेतन बढ़ोतरी विवाद, factory workers protest India, नोएडा आगजनी घटना, police lathicharge Noida, Gautam Buddh Nagar news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>चार दिनों से सुलग रहा वेतन वृद्धि का विवाद सोमवार की सुबह अचानक भड़क उठा और पूरा गौतमबुद्धनगर मानो आग के धधकते मैदान में बदल गया। सुबह करीब 9 बजे फेज-2 स्थित मदरसन कंपनी से शुरू हुआ शांत प्रदर्शन कुछ ही मिनटों में उग्र रूप ले बैठा। देखते ही देखते स्थिति ऐसी बेकाबू हुई कि शहर के कई हिस्सों में तनाव फैल गया। हालात को थामने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।</p>
<p>वेतन बढ़ोतरी की मांग ने सोमवार को हिंसक रूप तब लिया जब नोएडा की 300 से ज्यादा कंपनियां मजदूरों के आक्रोश का निशाना बन गईं। सड़क पर उतरे गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने 100 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ की और 20 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। इस पूरे बवाल में 10 पुलिसकर्मियों सहित 30 से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।</p>
<p>दिनभर मचे हंगामे के बाद सरकार ने देर रात बड़ा कदम उठाते हुए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि का ऐलान कर दिया। नई मजदूरी दरें एक अप्रैल 2026 से लागू होंगी और विभिन्न श्रेणियों में मजदूरों के वेतन में करीब 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसे तत्काल राहत के रूप में देखा जा रहा है, जबकि सरकार ने वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही है।</p>
<p>नोएडा आंत्रप्रिन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन के अनुसार, इस बेकाबू प्रदर्शन में 300 से अधिक कंपनियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी है और उससे जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।</p>
<p>चार दिनों से simmer कर रहे असंतोष ने सोमवार को तब विस्फोटक रूप ले लिया जब मदरसंस कंपनी फेज-2 में मजदूरों ने पुलिस की गाड़ियों पर जमकर गुस्सा निकाला। कुछ मिनटों में ही कई वाहनों को आग लगा दी गई और देखते ही देखते प्रदर्शन पूरे शहर में तूफान की तरह फैल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि शहर का हर बड़ा औद्योगिक सेक्टर तनाव की गिरफ्त में आ गया।</p>
<p>फेज-2 और एनएसईजेड के बाद सेक्टर-57, 58, 59, 62, 63, 64 और 65 तक मजदूरों का विशाल जत्था सड़कों पर उतर आया। जुलूस आगे बढ़ता गया और रास्ते में पड़ने वाली कंपनियों के कांच और गेट टूटते चले गए। कई फैक्ट्रियों के अंदर घुसकर भी तोड़फोड़ की गई, जिससे उद्योग जगत में हड़कंप मच गया।</p>
<p>सेक्टर-63 में मौजूद मारुति सर्विस सेंटर भी प्रदर्शनकारियों के निशाने पर आ गया, जहां कई गाड़ियों में आग लगा दी गई और शोरूम को नुकसान पहुंचाया गया। पूरे दिन सड़कों पर भीड़ भटकती रही, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस अधिकारियों ने समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन हालात उनके काबू से बाहर रहे। दोपहर बाद पीएसी और पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और शहर में धीरे-धीरे शांति बहाल करने की कोशिशें शुरू कीं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उत्तराखंड में शर्मनाक मामला, तीरंदाजी कोच पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप</title>
<link>https://pratinidhi.in/uttarakhand-minor-trainee-sexual-assault-archery-trainer-booked</link>
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<description><![CDATA[ कनखल थाना क्षेत्र में एक तीरंदाजी कोच पर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म का आरोप लगा है। यह घटना दीपावली के आसपास की बताई जा रही है, जिसके बाद छात्रा डर के कारण चुप रही। अब परिवार को बताने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने आरोपी कोच पवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जो फिलहाल फरार है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 14:18:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>उत्तarakhand minor case, नाबालिग छात्रा यौन उत्पीड़न, Haridwar coaching incident, तीरंदाजी कोच आरोप, Kanakhल police case, sexual assault investigation India, Uttarakhand crime news, archery coach misconduct, Diwali incident report, child safety awareness India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कनखल थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां तीरंदाजी कोच पर नाबालिग छात्रा को धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म करने का संगीन आरोप लगा है। ये घटना दीपावली के समय की बताई जा रही है, लेकिन डर के साए में जी रही बच्ची महीनों तक चुप रही। आखिर जब हिम्मत जुटाकर उसने घरवालों को पूरी सच्चाई बताई, तो परिवार सदमे में आ गया। स्वजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने कोच के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच का पहिया तेज कर दिया है।</p>
<p>पुलिस के अनुसार, पीड़िता कनखल की रहने वाली है और जगजीतपुर स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती है, जहां छात्राओं को तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया जाता है। लंबे समय से वह उसी कोच से तीरंदाजी सीख रही थी। आरोप है कि बीते अक्टूबर में कोच ने उसे डराया-धमकाया और जबरन गलत काम किया, साथ ही चेतावनी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा। डर के कारण बच्ची हर दिन अंदर ही अंदर टूटती रही और किसी से कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाई।</p>
<p>आखिरकार पीड़िता ने हिम्मत कर परिवार को पूरा सच बताया, जिसे सुनते ही उनके होश उड़ गए। छात्रा के पिता ने तुरंत कनखल थाने पहुंचकर आरोपी कोच पवन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार इस घटना से बेहद सदमे में है और बच्ची की मानसिक हालत को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।</p>
<p>शिकायत के बाद पुलिस टीम आरोपी के जगजीतपुर स्थित घर पहुंची, लेकिन वहां दरवाजे पर ताला लटका मिला। पड़ोसियों ने बताया कि कोच मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है और यहां किराये पर रह रहा था। बताया गया कि कुछ दिन पहले ही वह अपने परिवार के साथ गांव चला गया है। पुलिस अब उसके हरियाणा में किस जिले या गांव का निवासी होने की जानकारी जुटा रही है, ताकि जल्द से जल्द उसे पकड़कर पूछताछ की जा सके।</p>
<p>कनखल इंस्पेक्टर देवेंद्र रावत ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी करवा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राघव चड्ढा ने AAP विवाद के बीच नई रील साझा कर अगले राजनीतिक कदम का संकेत दिया</title>
<link>https://pratinidhi.in/raghav-chadha-hints-at-next-political-move-amid-aap-controversy</link>
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<description><![CDATA[ AAP और राघव चड्ढा के बीच खींचतान जारी है। चड्ढा ने नई &#039;Gen-Z पार्टी&#039; बनाने के सुझाव को &#039;दिलचस्प&#039; बताया है और एक किताब के जरिए AAP नेतृत्व पर तंज कसा है। जानिए क्या है चड्ढा का अगला कदम और AAP के साथ विवाद की असल वजह।, India News in Hindi - Hindustan ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 14:14:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राघव चड्ढा AAP विवाद, AAP political crisis, राघव चड्ढा next move, Gen-Z पार्टी idea, दिल्ली राजनीति news, new political party India, AAP leadership clash, youth politics India, raghav chadha latest update</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी के भीतर मचे तूफ़ान के बीच अब हर किसी की निगाहें सिर्फ एक नाम पर टिकी हैं—राघव चड्ढा। पार्टी के शीर्ष नेताओं संग टकराव के बाद चड्ढा का अगला कदम क्या होगा, इसे लेकर माहौल में जबरदस्त सस्पेंस है। इसी बीच उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे उनके भविष्य को लेकर नए कयासों की बाढ़ आ गई है।</p>
<p>राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील साझा की, जिसे उन्होंने “दिलचस्प आइडिया” बताया। यह वीडियो कंटेंट क्रिएटर ‘seedhathok’ के रिहान ने बनाया था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि चड्ढा को अब अपनी खुद की पार्टी लॉन्च कर देनी चाहिए। वीडियो में क्रिएटर सीधे राघव को संबोधित करते हुए कहता है कि देश के युवा चाहते हैं कि वह ‘जेन-जी पार्टी’ जैसे किसी दमदार नाम के साथ अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू करें। ऐसा करने पर उन्हें अभूतपूर्व जनसमर्थन मिलने का दावा भी किया गया।</p>
<p>क्रिएटर ने यह भी कहा कि यदि चड्ढा किसी दूसरी पार्टी का हिस्सा बनते हैं, तो शायद उन्हें वह प्यार और समर्थन न मिले, बल्कि आलोचना भी झेलनी पड़ सकती है। वहीं, अपनी पार्टी बनाने की सलाह को युवाओं के भारी समर्थन की गारंटी बताया गया। हालांकि चड्ढा ने यह रील शेयर कर हलचल जरूर मचाई, लेकिन अभी तक उन्होंने इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।</p>
<p>करीब एक सप्ताह पहले, AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाते हुए अशोक कुमार मित्तल को नया उपनेता नियुक्त कर दिया था। इतना ही नहीं, संसद में पार्टी के हिस्से का समय उपयोग करने पर भी चड्ढा को रोक लगा दी गई, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया।</p>
<p>पार्टी और राघव चड्ढा के बीच पनपा यह विवाद कई गंभीर मुद्दों से भरा है, जो अब सतह पर आ चुके हैं और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।</p>
<p><strong>बीजेपी पर नरमी का आरोप:</strong> AAP ने आरोप लगाया कि चड्ढा संसद में बीजेपी के प्रति नरम रुख अपना रहे थे। पार्टी का कहना था कि उन्होंने गंभीर मुद्दों की जगह ‘हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत’ जैसे विषयों पर बहस की, जो सोशल मीडिया पर जमकर मीम्स का कारण बना।</p>
<p><strong>CEC के खिलाफ महाभियोग से इनकार:</strong> सबसे बड़ा विवाद तब बना जब विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव आया, लेकिन चड्ढा ने इस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इस कदम ने पार्टी के भीतर नाराज़गी और बढ़ा दी।</p>
<p><strong>अतिशी के तीखे सवाल:</strong> AAP नेता अतिशी ने सार्वजनिक मंच पर चड्ढा से सवाल पूछते हुए कहा कि वह बीजेपी और पीएम मोदी से सवाल करने से क्यों कतराते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या चड्ढा ने कभी लोकतंत्र पर होते हमलों या संशोधित वोटर लिस्ट पर सवाल उठाने की हिम्मत दिखाई है।</p>
<p><strong>केजरीवाल की गिरफ्तारी पर चुप्पी:</strong> इसी कड़ी में अतिशी और सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि जब अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया और पूरी पार्टी सड़कों पर थी, तब चड्ढा की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए।</p>
<p>इन तमाम आरोपों से घिरे राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी उन्हें “चुप” कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि वह संसद में जनता की आवाज उठाते हैं और यदि यही गलती है तो वह इस गलती को बार-बार दोहराएंगे। विवाद के दौरान उन्होंने अपनी एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह रॉबर्ट ग्रीन की चर्चित किताब ‘The 48 Laws of Power’ पढ़ रहे थे। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “किसी ने यह किताब गिफ्ट की… पहला चैप्टर खोला—‘नेवर आउटशाइन द मास्टर’। कुछ किताबें बिल्कुल सही वक्त पर ही आती हैं।”</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CM धामी का क्रिकेट अवतार! बल्ला घुमाते ही लगा जोरदार शॉट, टूर्नामेंट का धमाकेदार आगाज़!</title>
<link>https://pratinidhi.in/press-club-cricket-tournament-begins-with-cm-dhami-opening-shot</link>
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<description><![CDATA[ देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में द्वितीय मंजूल सिंह मांजिला स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उन्होंने खेलों को शारीरिक और मानसिक विकास का अहम माध्यम बताया। पहले दिन दून डेयरडेविल्स ने दून सुपर किंग्स को 62 रन से हराया और दून सुपर जायंट्स ने दून कैपिटल्स को पांच विकेट से मात दी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 10:59:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सीएम धामी क्रिकेट टूर्नामेंट, Dehradun sports news, उत्तरांचल प्रेस क्लब मैच, Manjul Singh Smriti cricket, Maharana Pratap Sports College event, Doon Daredevils vs Doon Super Kings, Uttarakhand cricket highlights, खेलो इंडिया अभियान, Pushkar Singh Dhami news, Dehradun cricket tournament</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तरांचल प्रेस क्लब की खास क्रिकेट प्रतियोगिता की शुरुआत इस बार कुछ अलग ही अंदाज़ में हुई, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद मैदान पर उतरे और हाथ में बल्ला थामकर शानदार शॉट लगाते ही पूरे स्टेडियम में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।</p>
<p>देहरादून में आयोजित द्वितीय मंजूल सिंह मांजिला स्मृति अंतर क्रिकेट प्रतियोगिता का उद्घाटन महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में जबरदस्त उत्साह के बीच हुआ। सीएम धामी के द्वारा लगाए गए दमदार शॉट ने जैसे पूरे टूर्नामेंट में जोश भर दिया। पहले ही दिन दून डेयरडेविल और दून सुपर जायंट्स ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरकर उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि खेल सिर्फ शारीरिक फिटनेस ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती और अनुशासन का भी आधार हैं। उन्होंने पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए बताया कि इन पहलों ने देश में खेलों को नई ऊर्जा और मजबूत पहचान दी है।</p>
<p>इस मौके पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, सीएयू के पूर्व सचिव महिम वर्मा, एलआईसी के वीके थपलियाल, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल, पैनेसिया हॉस्पिटल के चेयरमैन रणवीर सिंह चौहान और कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और खास बना दिया।</p>
<p><strong>उद्घाटन मैच में दून डेयरडेविल्स की धमाकेदार जीत</strong><br>पहले मुकाबले में दून डेयरडेविल्स ने तूफानी खेल दिखाते हुए 20 ओवर में 165 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। टीम के स्टार खिलाड़ी ठाकुर नेगी ने 74 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली और चार विकेट चटकाकर मैन ऑफ द मैच बन गए। कप्तान विजय जोशी और मनवर रावत ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। जवाब में दून सुपर किंग्स महज 103 रन पर ढेर हो गई और डेयरडेविल्स ने 62 रन से मैच अपने नाम कर लिया।</p>
<p>दूसरे मुकाबले में दून कैपिटल्स ने 120 रन का लक्ष्य रखा, जिसे दून सुपर जायंट्स ने सिर्फ 14.4 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मैच के हीरो रहे साकेत पंत, जिन्होंने 30 रन बनाने के साथ तीन विकेट भी झटके। दून कैपिटल्स के लिए सोबन सिंह गुसाईं ने 83 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम जीत नहीं दिला सके।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>15 साल में टीम इंडिया के दरवाज़े खुले! क्या वैभव सूर्यवंशी तोड़ देंगे सचिन का महारिकॉर्ड?</title>
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<description><![CDATA[ बिहार के समस्तीपुर के &#039;वंडर बॉय&#039; वैभव सूर्यवंशी 15 साल के हो गए. अब उनके भारत के सीनियर टीम की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए आईसीसी का आखिरी रोड़ा भी हट गया है. आईपीएल में 14 की उम्र में शतक और रणजी में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले वैभव अब सीनियर टीम इंडिया के लिए पूरी तरह एलिजिबल हैं. क्या यह &#039;रन मशीन&#039; अब महान सचिन तेंदुलकर का सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड तोड़ पाएगा. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 10:56:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वैभव सूर्यवंशी cricket, Bihar young talent, भारत का rising star, सचिन तेंदुलकर रिकॉर्ड, 15 year old cricketer India, आईपीएल youngest centurion, Ranji youngest debut, ICC age rule India, Under-19 World Cup hero</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय क्रिकेट के आसमान पर एक नया सूरज उभर चुका है, जिसकी चमक ने दिग्गजों को भी रोमांचित कर दिया है. बिहार के समस्तीपुर के ताजपुर से उठने वाला यह नन्हा टैलेंट—वैभव सूर्यवंशी—अब दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट स्टेज पर कदम रखने के कगार पर खड़ा है. 27 मार्च 2026 का दिन न सिर्फ उनके लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए भी मील का पत्थर बन गया है. अपने 15वें जन्मदिन के साथ ही वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए आधिकारिक रूप से योग्य हो चुके हैं.</p>
<p>साल 2020 में ICC ने एक अहम नियम लागू किया था, जिसके मुताबिक 15 साल से कम उम्र का कोई भी खिलाड़ी सीनियर इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेल सकता. यह फैसला युवा खिलाड़ियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया था. वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था, और आज 15 साल पूरे होते ही चयनकर्ताओं के लिए उनके चयन में कोई बाधा नहीं बची. अब BCCI के लिए वैभव को टीम इंडिया में शामिल करने का रास्ता पूरी तरह खुल चुका है.</p>
<p>अंडर-19 वर्ल्ड कप के रोमांचक फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने जो तूफान मचाया, वह इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. सिर्फ एक मैच नहीं—175 रनों की विस्फोटक पारी, टूर्नामेंट में 439 रन और 169 प्लस का स्ट्राइक रेट—इन सबने उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब दिलाया. अब उनका अगला पड़ाव साफ है: टीम इंडिया की नीली जर्सी.</p>
<p>आईपीएल में वैभव ने जो धमाका किया, उसने दुनिया को चौंका दिया. महज़ 13 साल की उम्र में 1.1 करोड़ रुपये की डील, और डेब्यू मैच में 38 गेंदों पर 101 रन की गगनभेदी सेंचुरी—इतिहास में सबसे कम उम्र में टी20 शतक का रिकॉर्ड भी उसी रात उनका हो गया. पहले मैच की पहली गेंद पर छक्के से शुरुआत कर उन्होंने करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया.</p>
<p>सिर्फ 12 साल 284 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी में कदम रखने वाले वैभव ने यहां भी कमाल कर दिखाया. घरेलू क्रिकेट में 332 रनों की नाबाद तिहरी सेंचुरी बनाकर उन्होंने बड़े-बड़ों को पीछे छोड़ दिया. उनकी इस अद्भुत प्रतिभा ने क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी है.</p>
<p>सचिन तेंदुलकर ने 16 साल 205 दिन में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था. लेकिन अब पूरा देश उत्सुक है, क्योंकि यदि वैभव अगले एक साल के भीतर टीम इंडिया से खेलते हैं, तो वह ‘भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू’ का रिकॉर्ड तोड़कर नया इतिहास रच देंगे.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>धुरंधर 3 से बड़ा झटका! संजय दत्त और अर्जुन रामपाल OUT, एक साथ कटे 10 बड़े स्टार्स!</title>
<link>https://pratinidhi.in/dhurandhar-3-update-ranveer-new-film-ten-roles-decision</link>
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<description><![CDATA[ Dhurandhar 3 News: &#039;धुरंधर 2&#039; को मिली सफलता के बाद अब आदित्य धर की जासूसी थ्रिलर &#039;धुरंधर 3&#039; का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. लेकिन इस फिल्म के कुछ ऐसे किरदार हैं, जो धुरंधर 3 में नहीं नजर आएंगे. फिल्म के तीसरे हिस्से में अब नए दुश्मनों के साथ बदले की एक अनोखी दास्तां देखने को मिलेगी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 10:53:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Dhurandhar 3 update, रणवीर सिंह नई फिल्म, धुरंधर 3 cast news, Bollywood spy thriller, संजय दत्त रोल खत्म, Arjun Rampal character exit, धुरंधर सीरीज अपडेट, Ranveer Singh spy franchise, Bollywood action thriller news, धुरंधर 3 characters list</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रणवीर सिंह की दमदार जासूसी फ्रेंचाइजी ‘धुरंधर’ ने बॉलीवुड में तहलका मचाया है. पहली फिल्म से लेकर ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ तक हर फ्रेम में धमाकेदार एक्शन, झकझोर देने वाले ट्विस्ट और खतरनाक दुश्मनों ने दर्शकों की धड़कनें बढ़ाए रखीं. अब जब फैंस तीसरे पार्ट का इंतजार करते-करते बेचैन हो चुके हैं, वहीं एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है—‘धुरंधर 3’ में आपको पिछले दो पार्ट्स के 10 जबरदस्त किरदार नहीं दिखने वाले हैं.</p>
<p>दूसरे पार्ट के क्लाइमैक्स ने कई दमदार चेहरों की कहानी पर फुल स्टॉप लगा दिया. ये वही किरदार थे जिन्होंने ‘धुरंधर’ की दुनिया को और भी रोमांचक बनाया, पर अब उनकी यात्रा यहीं खत्म हो चुकी है. आइए नजर डालते हैं उन 10 बड़े नामों पर जिनका अध्याय अब हमेशा के लिए बंद हो गया है.</p>
<p>सबसे पहले बात करते हैं एसपी चौधरी असलम की, जिन्हें संजय दत्त ने गजब की शिद्दत से निभाया था. ‘धुरंधर 2’ में एक दिल दहला देने वाले आत्मघाती हमले ने उनके किरदार को खत्म कर दिया. हमजा के सबसे बड़े दुश्मनों में से एक असलम की गैरमौजूदगी तीसरे पार्ट में साफ-साफ महसूस होगी.</p>
<p>ISI के चालाक और खतरनाक मेजर इकबाल की कहानी भी दूसरे भाग में हमेशा के लिए खत्म हो गई. अर्जुन रामपाल ने इस ग्रे-शेड वाले विलेन को यादगार बना दिया था, लेकिन तेल के टैंकर वाले धमाकेदार सीन ने उनके किरदार को उड़ा दिया. अब ‘धुरंधर 3’ में इस मास्टरमाइंड की वापसी नामुमकिन है.</p>
<p>गौरव गेरा द्वारा निभाया गया मोहम्मद आलम दर्शकों के लिए एक सुखद सरप्राइज था. मजाकिया छवि से हटकर उनकी गंभीर भूमिका फैंस को पसंद आई, लेकिन अपनी टीम को बचाने के लिए गोली खाते ही उनकी कहानी खत्म हो गई. फिल्म में उनकी वीरगति ने कई दिलों को छू लिया.</p>
<p>उदयवीर संधू का पिंडा वाला किरदार भले ही विरोधी था, लेकिन उसकी एंट्री से लेकर वॉशरूम फाइट तक हर दृश्य ने रोमांच बढ़ा दिया था. हमजा के साथ हुई जोरदार भिड़ंत के दौरान उसकी मौत ने कहानी को नया मोड़ दिया. इसलिए ये चेहरा भी ‘धुरंधर 3’ में नजर नहीं आएगा.</p>
<p>अंडरवर्ल्ड की कड़ी जावेद खनानी को खत्म करना हमजा के सबसे जोखिम भरे मिशनों में से एक था. अंकित सागर द्वारा निभाया गया यह किरदार छोटा जरूर था, लेकिन बेहद असरदार. खनानी की मौत ने कहानी के कई छिपे पहलुओं को उजागर कर दिया.</p>
<p>सलीम सिद्दीकी का आतिफ अहमद वाला रोल भी बेहद खतरनाक और आक्रामक था. मिशन धुरंधर में टीम द्वारा घेरकर ढेर किए जाने के बाद आतंकी नेटवर्क की एक बड़ी जड़ उखड़ गई. इस तरह आतिफ का अध्याय भी फ्रेंचाइजी से मिट चुका है.</p>
<p>अर्शाद पप्पू की मौत तो फिल्म की सबसे डराने वाली और झकझोर देने वाली घट—नाओं में से एक थी. उज़ैर बलोच द्वारा उनकी निर्मम हत्या और उसके बाद की भयावह हरकत को देखकर दर्शक भी दंग रह गए. इसी सीन के साथ अश्विन धर का किरदार भी स्क्रीन से हमेशा के लिए गायब हो गया.</p>
<p>IC 814 हाईजैकर का किरदार हमजा के निजी बदले से जुड़ा हुआ था. अपनी हिट-लिस्ट में उसे सबसे ऊपर रखकर हमजा ने इस दुश्मन का अंत किया और अपनी अधूरी प्रतिशोध की कहानी को पूरा किया.</p>
<p>लश्कर-ए-तैयबा के उस मास्टरमाइंड की मौत भी दूसरे भाग के अंतिम क्षणों में दिखा दी गई, जो पूरी साजिश के पीछे छिपा हुआ था. उसकी मौत के साथ फिल्म की काली परतें और भी उजागर हुईं.</p>
<p>मेजर इकबाल के पिता का किरदार भी बेहद चौंकाने वाले अंदाज में खत्म हुआ. सुविन्दर द्वारा निभाए गए इस किरदार को उसके अपने ही बेटे के हाथों मौत मिली, जिससे फिल्म का इमोशनल ग्राफ और भी मजबूत हो गया.</p>
<p>अब जब इतने चेहरे कहानी से बाहर हो चुके हैं, सवाल ये उठता है कि ‘धुरंधर 3’ में हमजा किन नई मुसीबतों का सामना करेगा. खबरों की मानें तो इस बार उज़ैर बलोच के आतंक को और भी बड़े लेवल पर दिखाया जा सकता है. साथ ही कुछ नए दमदार एक्टर्स की एंट्री भी तय मानी जा रही है, जो हमजा की नई टीम का हिस्सा बनेंगे.</p>
<p>रणवीर सिंह ने इस फ्रेंचाइजी के लिए अपनी बॉडी, लुक और एक्शन स्किल्स में जो बदलाव किए हैं, उसने उन्हें नया ‘एक्शन किंग’ बना दिया है. ‘धुरंधर 2’ के सस्पेंस ने साफ कर दिया है कि तीसरे पार्ट में लड़ाई और भी खूनखराबे वाली होगी. हालांकि मेकर्स ने अभी तक कहानी पर कोई राज नहीं खोला, पर फैंस का उत्साह आसमान पर है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>पेट्रोल&amp;डीजल पर सरकार का ऐसा फैसला, कीमतें सुनकर रह जाएंगे हैरान!</title>
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<description><![CDATA[ Petrol Diesel : ऊर्जा संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला; पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर 3 किया, डीजल पर शून्य
government cut petrol diesel excise duty amid energy ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 10:51:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पेट्रोल डीजल कीमत अपडेट, petrol excise duty cut, डीजल टैक्स शून्य, crude oil price hike, ऊर्जा संकट भारत, government fuel price decision, पेट्रोल डीजल टैक्स कटौती, HPCL BPCL IOC news, petrol diesel latest news, finance ministry announcement</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बेतहाशा बढ़ोतरी ने देश की तेल कंपनियों की कमर तोड़ दी थी, लेकिन अब सरकार ने ऐसा फैसला लिया है जिसने माहौल ही बदल दिया। केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती कर एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी जैसी कंपनियों को जबरदस्त राहत दे दी है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ रहा था और ईंधन की कीमतें स्थिर रखने का दबाव बढ़ता जा रहा था।</p>
<p>पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट के बीच वित्त मंत्रालय ने 26 मार्च को चौंकाने वाला ऐलान करते हुए पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐतिहासिक फैसला किया। इसके बाद पेट्रोल पर टैक्स 13 रुपये से घटकर सिर्फ 3 रुपये रह गया, जबकि डीजल पर लगाया जाने वाला 10 रुपये प्रति लीटर का टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।</p>
<p>युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 50% तक उछल गई थीं, जिससे सरकारी तेल कंपनियों पर भारी दबाव था। बावजूद इसके, सरकार ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखीं, जिससे कंपनियों को भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा था। यह राहतकारी कदम उन्हें कुछ सांस लेने का मौका देगा और बाजार में स्थिरता लाने में भी मदद करेगा।</p>
<p>रेटिंग एजेंसी ICRA के ताजा आकलन ने स्थिति की गंभीरता को और साफ किया है। उनके अनुसार यदि कच्चे तेल के दाम 100-105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास टिके रहे, तो पेट्रोल पर प्रति लीटर 11 रुपये और डीजल पर 14 रुपये तक का नुकसान ईंधन कंपनियों को झेलना पड़ सकता है। हाल ही में वैश्विक भाव 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचे थे, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर पर आए। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।</p>
<p>भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 88% और प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरतें आयात पर निर्भर करता है, जिनमें से अधिकतर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती हैं। लेकिन संघर्ष बढ़ने पर ईरान द्वारा इस मार्ग को अवरुद्ध कर देने से तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक गई, जिससे संकट और गहरा गया।</p>
<p>नायरा एनर्जी, जो देशभर में 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है, ने बढ़ती लागत का कुछ असर उपभोक्ताओं पर डाल दिया है। अब उसके पंपों पर पेट्रोल 100.71 रुपये और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं जियो-बीपी, जिसके 2,185 आउटलेट हैं, भारी नुकसान के बावजूद अभी तक कीमतें नहीं बढ़ा रहा। सरकारी तेल कंपनियां, जो बाजार का करीब 90% हिस्सा नियंत्रित करती हैं, भी कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं।</p>
<p>दरअसल पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण टैक्स है, जिससे बड़ी मात्रा में राजस्व जुटता है। यही पैसा देश के बुनियादी ढांचे, रक्षा जरूरतों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाता है। सरकार के इस बड़े फैसले से न केवल कंपनियों को राहत मिलेगी, बल्कि देश की आर्थिक नाड़ी पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;अब धुरंधर धामी कहिए&amp;apos;, उत्तराखंड में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बांधे सीएम की तारीफों के पुल</title>
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<description><![CDATA[ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हल्द्वानी में सीएम धामी की जमकर तारीफ की, उन्हें &#039;धुरंधर धामी&#039; बताया। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की चार साल की उपलब्धियां गिनाईं, जिसमें यूसीसी, अवैध कब्जे हटाना और विकास कार्य शामिल हैं। सीएम धामी ने भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति, रक्षा निर्यात और राज्य के विकास पर प्रकाश डाला, साथ ही कांग्रेस पर भी निशाना साधा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 21 Mar 2026 16:02:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Rajnath Singh Haldwani rally, धामी नेतृत्व उत्तराखंड, Uttarakhand politics news, धुरंधर धामी बयान, Rajnath Singh speech highlights, उत्तराखंड विकास कार्य, Dhami government achievements, India defence export growth, Uttarakhand 2027 mission</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हल्द्वानी में आज का दिन राजनीति के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने धुआंधार अंदाज़ में विशाल जनसभा को संबोधित किया। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने सीएम धामी की कार्यशैली की जमकर सराहना की और कहा कि उत्तराखंड के लोग जितने सरल स्वभाव के होते हैं, उतने ही दृढ़ भी। राजनाथ सिंह ने मज़ाकिया लहजे में कहा कि धामी अब सिर्फ ‘धाकड़ धामी’ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर धामी’ कहलाने के योग्य हैं।</p>
<p>भाषण के दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध पर गंभीर चिंता जताई। उनके मुताबिक पूरा विश्व संकट से जूझ रहा है और इसका प्रभाव किसी भी देश पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि हालात मुश्किल हैं, लेकिन भारत में हालात काबू में इसलिए हैं क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने संभावित संकटों को शुरू में ही रोक दिया। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि आज दुनिया भारत की बात ध्यान से सुनने को मजबूर है।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने धामी सरकार के चार साल के कार्यकाल को अद्भुत बताया। उन्होंने कहा कि धामी ने चार वर्षों में ऐसा चौका मारा है जिसे छह साल पूरा होने तक ‘छक्के’ में बदल दिया जाएगा। उत्तराखंड बनने के बाद संसाधनों की कमी का जो रोना रोया जाता था, उस मिथक को इन वर्षों में विकास की रफ्तार ने तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की की है।</p>
<p>उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि, तपोभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि यहां के लोगों ने हमेशा देश के लिए योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए धामी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जो अन्य राज्यों के लिए मिसाल हैं।</p>
<p>जनसभा में उन्होंने चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना को उत्तराखंड के लिए गेम चेंजर बताया। इस परियोजना से न सिर्फ श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा मिलेगी बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई उड़ान मिलेगी। उन्होंने गर्व से कहा कि उत्तराखंड को विकसित राज्य बनने से अब कोई नहीं रोक पाएगा। साथ ही यूसीसी लागू करने को उन्होंने धामी सरकार का साहसिक और दूरदर्शी फैसला कहा।</p>
<p>राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में अवैध घुसपैठ और कब्जों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने जानकारी दी कि 10 हजार से अधिक अवैध कब्जों को हटाया गया है, जो किसी अन्य राज्य के लिए संभव नहीं था। कुमाऊं के विकास को उन्होंने पूरे प्रदेश की प्रगति से जोड़कर देखा और कहा कि जमरानी परियोजना क्षेत्र की बड़ी जरूरत थी, जिसे गति मिल चुकी है।</p>
<p>सभा में सीएम धामी ने भी जोशीले अंदाज़ में संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत का स्वाभिमान फिर से जागा है और देश तेज़ी से विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से उभरती आर्थिक ताकतों में शामिल है और वैश्विक मंच पर उसकी आवाज़ पहले से कहीं ज़्यादा बुलंद है।</p>
<p>सीएम ने बताया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का पैसा अब बिना भ्रष्टाचार जनता के खाते में सीधे पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ के पुनर्निर्माण ने हिमालयी आस्था को नया जीवन दिया है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सनातन संस्कृति से कोई मतलब नहीं, जबकि भारत आज रक्षा सामग्री निर्यात करने वाले देशों में शामिल हो चुका है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में सैनिकों के सम्मान के लिए सैन्यधाम बनाया जा रहा है और इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के प्रयास तेज़ी से जारी हैं। चार साल में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना बढ़ गई और प्रति व्यक्ति आय में 41% की छलांग लगी है।</p>
<p>सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड आज स्टार्टअप, पर्यटन, खेल और रोजगार प्रदान करने में सबसे आगे है। 30 हजार से ज़्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दे दी गई है और भ्रष्टाचारियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।</p>
<p>उन्होंने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य की लोकतांत्रिक संतुलन को बिगाड़ा है और बनभूलपुरा इसका बड़ा उदाहरण है। धामी ने कहा कि कांग्रेस को वोट बैंक के लिए लैंड जिहाद और दंगाई पसंद आते हैं, लेकिन वे राज्य को आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाने के लिए किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>‘सरके चुनर’ पर बवाल! राष्ट्रीय महिला आयोग का एक्शन, नोरा फतेही और संजय दत्त समेत 5 को समन</title>
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<guid>https://pratinidhi.in/ncw-action-sarke-chunar-case-notices-nora-fatehi-sanjay-dutt</guid>
<description><![CDATA[ राष्ट्रीय महिला आयोग NCW ने &#039;सरके चुनर तेरी सरके&#039; गाने में अश्लीलता के आरोपों पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए अभिनेत्री नोरा फतेही, रकीब आलम, अभिनेता संजय दत्त, वेंकट के. नारायण निर्माता और किरण कुमार निर्देशक को समन जारी किया है। यह कार्रवाई गाने में अभद्रता की मीडिया रिपोर्टों के बाद की गई है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:09:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राष्ट्रीय महिला आयोग action, Sarake Chunar controversy, Nora Fatehi summons, Sanjay Dutt NCW notice, अभद्रता गाना विवाद, Delhi NCW investigation, POCSO IT Act case, बॉलीवुड song controversy, KVN group producer director notice</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाते हुए ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने पर फैल रही अश्लीलता और अभद्रता की चर्चाओं का स्वतः संज्ञान ले लिया है। आयोग ने राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस पूरे मामले की गंभीर जांच शुरू कर दी है, जिससे मनोरंजन जगत में हलचल मच गई है।</p>
<p>इस विवादित गाने से जुड़े नामी कलाकारों और निर्माताओं—नोरा फतेही, रकीब आलम, संजय दत्त, वेंकट के. नारायण (प्रोड्यूसर, KVN ग्रुप) और निर्देशक किरण कुमार—को आयोग ने सीधे समन भेजते हुए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। यह निर्णय आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है।</p>
<p>महिला आयोग ने प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट जारी करते हुए बताया कि पहली नजर में यह गाना न सिर्फ आपत्तिजनक लगता है, बल्कि भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और POCSO कानून के कई प्रावधानों का संभावित उल्लंघन भी कर सकता है। इसी गंभीरता को देखते हुए आयोग ने बिना देर किए कार्रवाई तेज कर दी है।</p>
<p>समन के अनुसार नोरा फतेही, संजय दत्त और गाने से जुड़े अन्य लोग 24 मार्च को दोपहर 12:30 बजे आयोग के सामने सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ पेश होंगे। आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न करने पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।</p>
<p>इस विवाद के चलते NHRC ने भी तुरंत सक्रियता दिखाते हुए सेंसर बोर्ड (CBFC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया तक को नोटिस भेज दिया है। गाने पर उठे सवालों का दायरा अब काफी बड़ा हो चुका है।</p>
<p>‘सरके चुनर’ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का प्रमोशनल गाना है, लेकिन इसके बोल और फिल्माए गए दृश्यों को लेकर उठे बवाल ने निर्माताओं को इसे यूट्यूब से हटाने पर मजबूर कर दिया। मंगली की आवाज में रिकॉर्ड इस गाने को रकीब आलम ने लिखा था और इसका संगीत अर्जुन जन्या ने तैयार किया था। अब इस पूरे विवाद ने फिल्म की रिलीज से पहले ही जबरदस्त सुर्खियां बटोर ली हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जमुई में नीतीश का बड़ा संकेत! सम्राट चौधरी पर रखा हाथ, बोले – अब सब कुछ यही संभालेंगे</title>
<link>https://pratinidhi.in/nitish-kumar-signals-support-samrat-choudhary-in-jamui</link>
<guid>https://pratinidhi.in/nitish-kumar-signals-support-samrat-choudhary-in-jamui</guid>
<description><![CDATA[ जमुई में समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बयान ने बिहार की सियासत को गरमा दिया है. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, “अब यही सब काम करेंगे।” इस बयान के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. राजनीतिक जानकार इसे भविष्य की जिम्मेदारियों के संकेत के रूप में देख रहे हैं. वहीं, सियासी गलियारों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि क्या सम्राट चौधरी को आगे बड़ी भूमिका देने की तैयारी चल रही है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 14:54:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नीतीश कुमार बयान, बिहार राजनीति news, सम्राट चौधरी future role, जमुई political event, leadership change Bihar, समृद्धि यात्रा बिहार, Bihar CM succession, नीतीश सम्राट controversy, Bihar sarkar politics, deputy CM Samrat Chaudhary</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>जमुई और पटना के बीच से उठी एक बड़ी सियासी हलचल ने पूरे बिहार की राजनीति को झकझोर दिया है. समृद्धि यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने जमुई की जमीन पर ऐसा बयान दे डाला, जिसने सत्ता के गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. कार्यक्रम में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखते हुए नीतीश ने मुस्कुराकर कहा– “अब यही सब काम करेंगे.” बस, इतना कहना था कि सूबे की राजनीति में तूफ़ान सा आ गया. हर तरफ एक ही सवाल गूंजने लगा– क्या बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है?</p>
<p>जमुई में आयोजित कार्यक्रम में नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी जब एक ही मंच पर पहुंचे तो माहौल पहले से ही गर्म था. तभी नीतीश का सार्वजनिक बयान आते ही चर्चाओं को जैसे पंख लग गए. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीतीश का यह कमेंट किसी साधारण बातचीत का हिस्सा नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति का संकेत है. कई विशेषज्ञ इसे सम्राट चौधरी की बढ़ती ताकत से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे सत्ता के अगले पड़ाव की तैयारी का इशारा मान रहे हैं. कुल मिलाकर बिहार की राजनीति इन दिनों एक नए मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है.</p>
<p>इसी बीच राज्यसभा चुनाव समाप्त हो चुके हैं और एनडीए ने पाँचों सीटों पर कब्ज़ा जमाकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. इसी जीत के साथ अब नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन गए हैं, और यह फैसला अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रहा है. सबसे बड़ा सवाल यही– आखिर बिहार की कमान अब किसके हाथ में जाएगी? नीतीश कुमार लगातार अपनी यात्राओं में सम्राट चौधरी का नाम और भूमिका बढ़ा रहे हैं, जिससे यह कयास और तेज हो गए हैं कि आने वाले समय में सम्राट को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.</p>
<p>यह पहला मौका नहीं जब नीतीश ने सम्राट चौधरी की भूमिका को लेकर संकेत दिया हो. मधेपुरा, किशनगंज, कटिहार, बेगूसराय—हर मंच पर वे उन्हें आगे लाकर जनता से कहते नज़र आते हैं कि जैसे आपने मुझे सहयोग दिया, वैसे ही इन्हें भी समर्थन दें. सहरसा में तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि अब आगे सब कुछ यही लोग संभालेंगे. भागलपुर की समृद्धि यात्रा में भी नीतीश ने मंच से सम्राट को बुलाकर हाथ पकड़कर आगे किया और मुस्कुराते हुए उन्हें लोगों के बीच पेश किया. खास बात यह रही कि मंच पर सभी नेता हाथ उठाकर अभिवादन कर रहे थे, जबकि सम्राट चौधरी हाथ जोड़कर विनम्रता से जनता का अभिवादन करते दिखे. उनकी यह छवि अब हर जिले की यात्रा में सुर्खियां बटोर रही है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मुंबई इंडियंस के अफगानी क्रिकेटर ने आईपीएल से पहले ही पाकिस्तान को दे डाली धमकी</title>
<link>https://pratinidhi.in/allah-ghazanfar-warns-pakistan-after-kabul-incident-calls-india-reliable-partner</link>
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<description><![CDATA[ पाकिस्तान द्वारा काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल पर किए गए हवाई हमले में 400 लोगों की मौत और 250 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई। अफगान क्रिकेटर अल्लाह गजनफर ने इस अमानवीय हमले की तीखी निंदा की। घटना ने क्षेत्र में तनाव और मानवीय संकट को और गहरा कर दिया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 10:49:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अल्लाह गजनफर बयान, Kabul airstrike news, पाकिस्तान अफगानिस्तान तनाव, Afghanistan hospital attack, भारत अफगान दोस्ती, Pakistan warning statement, Afghan cricket controversy, Kabul humanitarian crisis, Mumbai Indians 2026 player</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>काबुल में 2,000 बेड वाले नशा मुक्ति अस्पताल पर हुए विनाशकारी हवाई हमले ने पूरे अफगानिस्तान को झकझोर दिया। लगभग 400 निर्दोष लोगों की मौत और 250 से ज्यादा घायल, यह खबर सुनकर पूरा देश सदमे में है। अस्पताल का बड़ा हिस्सा मलबे में बदल चुका है। इस भीषण त्रासदी के बाद अफगान क्रिकेटर अल्लाह गजनफर गुस्से में फट पड़े और इस हमले को अमानवीय बताते हुए पाकिस्तान पर गंभीर सवाल खड़े किए।</p>
<p>गजनफर ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि गरीब मरीजों की जिंदगी बचाने वाली जगह को निशाना बनाना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने अफगानिस्तान के इतिहास को याद दिलाते हुए दो-टूक कहा कि अगर वही गलती फिर दोहराई गई, तो इसका अंजाम पाकिस्तान के लिए बेहद खतरनाक होगा। साथ ही उन्होंने भारत को अफगानिस्तान का सबसे सच्चा दोस्त बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की।</p>
<p>आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस की जर्सी पहनने जा रहे अल्लाह गजनफर ने एक इंटरव्यू में अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि वहां के लोगों के पास इलाज कराने तक के पैसे नहीं हैं, और अब उनकी अंतिम उम्मीद—अस्पताल—को भी तबाह कर दिया गया। उन्होंने इस घटना को अफगानिस्तान की जनता के लिए अस्वीकार्य बताया।</p>
<p><strong>वहां लोग पहले ही गरीबी से जूझ रहे हैं, और अब उनके अस्पतालों को बर्बाद कर देना… यह किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।</strong></p>
<p>— अल्लाह गजनफर</p>
<p>उन्होंने तीखे लहजे में पूछा कि आखिर आम नागरिकों को मारने से कोई कौन-सी ताकत साबित करना चाहता है? गजनफर ने चेतावनी देते हुए कहा, <em><strong>"दुनिया अफगानिस्तान का इतिहास अच्छी तरह जानती है। अगर इतिहास फिर पलट गया, तो इसका अंजाम पाकिस्तान के लिए बेहद बुरा होगा।"</strong></em></p>
<p>मुंबई इंडियंस का हिस्सा बनने जा रहे गजनफर ने आगे कहा कि भारत हमेशा अफगानिस्तान का सबसे करीबी दोस्त रहा है, और अफगान जनता उम्मीद करती है कि भारत इस मुश्किल वक्त में कदम बढ़ाए। उन्होंने कहा कि दुनिया पहले ही अनगिनत संकटों से गुजर रही है, ऐसे में युद्ध और हिंसा किसी भी देश का भला नहीं कर सकती।</p>]]> </content:encoded>
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<title>फ्लाइट यात्रियों के लिए बड़ी राहत! अब 60% सीटों पर नहीं देना होगा चार्ज</title>
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<description><![CDATA[ नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को नए निर्देश दिए हैं। इनमें कम से कम 60 सीटें मुफ्त देने, एक ही PNR पर यात्रियों को साथ बैठाने और पालतू जानवरों व खेल के सामान के लिए पारदर्शी नीतियां बनाने को कहा गया है। मंत्रालय ने यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने, उन्हें क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदर्शित करने पर जोर दिया। UDAN यात्री कैफे, Flybrary और मुफ्त Wi-Fi जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 10:46:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>उड़ान में 60 प्रतिशत free seats, aviation ministry new rules India, DGCA passenger rights India, free seating policy flights, PNR par saath baithna rule, airline pet policy India, sports equipment baggage rules, India domestic flights news, civil aviation guidelines India, flight travel नई नीतियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत की उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ऐलान किया है कि अब हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि हर वर्ग के यात्रियों को बराबर मौका मिल सके। यह कदम हवाई यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा निष्पक्ष और सभी के लिए आसान बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।</p>
<p>मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि एक ही पीएनआर पर टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को अब अलग-अलग जगह बैठने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। DGCA के नए नियमों के तहत ऐसे सभी यात्रियों को एक-दूसरे के पास बैठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ये दिशानिर्देश देशभर की एयरलाइनों में एक जैसी प्रक्रिया और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा लाने की कोशिशों का अहम हिस्सा हैं।</p>
<p>इसके अलावा, मंत्रालय ने एयरलाइंस को खेल का सामान और संगीत वाद्यों को ले जाने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाने का आदेश दिया है। साथ ही पालतू जानवरों को साथ ले जाने की नीतियों को भी साफ, यात्री-अनुकूल और सभी के लिए समझने योग्य बनाने पर जोर दिया गया है। इन नए कदमों से यात्रियों का यात्रा अनुभव और भी सहज होने की उम्मीद है।</p>
<p>आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है UDAN योजना, जिसने दूर-दराज के इलाकों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ कर यात्रा को सुलभ बनाया। लगातार बढ़ती मांग और विस्तार को देखते हुए सरकार यात्रियों को बेहतरीन अनुभव देने के लिए अब और भी सख्त और सुधारवादी कदम उठा रही है।</p>
<p>नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि उड़ान में देरी, कैंसिलेशन या बोर्डिंग से मना किए जाने जैसी स्थितियों में एयरलाइंस को यात्रियों के अधिकारों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एयरलाइन वेबसाइटों, ऐप्स, बुकिंग पोर्टल्स और एयरपोर्ट काउंटरों पर इन अधिकारों को साफ-साफ प्रदर्शित करना होगा। खास बात यह कि अब यह जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध करानी होगी, ताकि देश के हर कोने का यात्री जागरूक हो सके।</p>
<p>आधिकारिक बयान में कहा गया कि यात्रियों की सुविधा मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत सरकार ने कई यात्री-केंद्रित पहलें शुरू की हैं, जिनमें किफायती भोजन के लिए 'UDAN यात्री कैफे', किताबें पढ़ने के लिए मुफ्त 'Flybrary' और एयरपोर्ट पर उपलब्ध फ्री Wi-Fi जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सबका मकसद हवाई सफर को न सिर्फ आरामदायक बल्कि यादगार बनाना है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली में दर्दनाक हादसा! 4 मंजिला इमारत बनी मौत का जाल, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत</title>
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<description><![CDATA[ दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के साध नगर में एक चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आग लगने के बाद नौ लोग इमारत में फंस गए थे। दमकल विभाग और पुलिस ने बचाव अभियान चलाया। आग के कारणों की जांच जारी है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 10:44:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली साध नगर आग, Palam fire incident, चार मंजिला इमारत आग, Delhi family death news, भीषण आग हादसा, Delhi rescue operation, साध नगर building fire, Delhi fire investigation, Hospitalised fire victims, South West Delhi accident</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के साध नगर, पालम में बुधवार की सुबह एक खौफनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, जिसकी चपेट में आकर एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, तीन लोग गंभीर रूप से झुलसकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अचानक लगी आग ने अंदर मौजूद परिवार को घेर लिया और देखते ही देखते इमारत धुएं से भर गई। कुल नौ लोग अंदर फंसे हुए थे। जैसे ही हादसे की खबर फैली, दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और एंबुलेंस की कई टीमें मौके पर दौड़ पड़ीं और राहत-बचाव का बड़ा अभियान शुरू किया गया।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि तीन घायलों को तुरंत पालम स्थित दिव्य प्रस्‍थ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। घटना स्थल की संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियों के कारण कुछ एंबुलेंसों को दूरी पर ही रुकना पड़ा, जबकि तीन एंबुलेंस अंदर तक पहुंच पाईं और घायलों को निकालने में मदद की।</p>
<p>आग इमारत के एक हिस्से में शुरू हुई, लेकिन तेज धुएं ने पूरी बिल्डिंग को अपनी गिरफ्त में ले लिया। परिवार के सदस्य घबराहट में बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन धुएं और लपटों ने उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया। दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की।</p>
<p>फिलहाल आग लगने की वजह रहस्य बनी हुई है। पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी लगातार मौके पर जांच में जुटे हैं। उनका कहना है कि घटनास्थल की विस्तृत जांच और तकनीकी परीक्षणों के बाद ही आग की असली वजह सामने आ सकेगी।</p>
<h3>पालम के निजी अस्पताल में भर्ती हैं तीन घायल</h3>
<h3>चार मंजिला इमारत में मचा था हड़कंप</h3>
<h3>आग की वजह जानने के लिए जांच तेज</h3>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 13 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा को दी इच्छामृत्यु की इजाजत</title>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने भारत में पहली बार पैसिव यूथेनेशिया को मंजूरी दी है। यह फैसला 13 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा के लिए आया है, जिनकी जिंदगी मशीनों पर थी। कोर्ट ने उनके पिता की गुहार पर लाइफ सपोर्ट हटाने की इजाजत दी। यह निर्णय 2018 के कॉमन कॉज जजमेंट पर आधारित है, जो &#039;गरिमा के साथ मरने के मौलिक अधिकार&#039; को मान्यता देता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुप्रीम कोर्ट passive euthanasia, पैसिव यूथेनेशिया इंडिया केस, कोमा पेशेंट rights India, हरिश राणा सुप्रीम कोर्ट केस, right to die with dignity भारत, Common Cause judgment India, लाइफ सपोर्ट removal case, ईच्छामृत्यु कानून India, Delhi Supreme Court news, वेजिटेटिव स्टेट मरीज अधिकार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>2013 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हरीश राणा अपनी जिंदगी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सपना देख रहे थे, लेकिन किस्मत ने अचानक ऐसा मोड़ लिया जिसने सब कुछ बदल दिया।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने 13 लंबे साल से कोमा में पड़े 32 वर्षीय हरीश राणा के लिए बड़ी संवेदनशील राहत देते हुए पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी है। मशीनों और ट्यूबों के सहारे चल रही हरीश की जिंदगी अब उनके पिता की फरियाद पर गरिमापूर्वक खत्म करने की इजाजत कोर्ट ने दे दी, जिसे देश में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।</p>
<p>यह ऐतिहासिक फैसला 2018 के कॉमन कॉज जजमेंट की नींव पर टिका है, जिसमें लोगों को ‘गरिमा के साथ मृत्यु का अधिकार’ प्रदान किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इस महत्वपूर्ण गाइडलाइन का यह पहला वास्तविक उपयोग है और इसने भारतीय न्याय व्यवस्था में एक नई मिसाल कायम की है।</p>
<p>कभी ऊर्जावान और होनहार छात्र रहे हरीश की दुनिया 2013 में तब उजड़ गई जब वह चंडीगढ़ में अपने पीजी हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। गंभीर ब्रेन इंजरी ने उन्हें वेजिटेटिव स्टेट में धकेल दिया, और उनका शरीर 100 प्रतिशत क्वाड्रिप्लेजिक हो गया, जिससे वे पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो गए।</p>
<p>बीते 13 वर्षों में हरीश की हालत लगातार बिगड़ती रही। सांस लेने से लेकर पोषण तक हर जरूरत मशीनों पर टिकी रही। ट्रेकियोस्टॉमी और PEG ट्यूब के सहारे चल रही उनकी जिंदगी मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार अब किसी सुधार की ओर बढ़ ही नहीं सकती थी। डॉक्टरों ने साफ कहा कि रिकवरी की कोई संभावना शेष नहीं है।</p>
<p>अपने बेटे की यह दर्दनाक स्थिति वर्षों तक देखते रहने के बाद हरीश के पिता ने हिम्मत जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। दिल्ली हाईकोर्ट से निराश लौटने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने AIIMS के विशेषज्ञों से युक्त प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड गठित किए, ताकि हरीश की स्थिति पर निष्पक्ष राय ली जा सके।</p>
<p>दोनों मेडिकल बोर्ड ने एकमत होकर कहा कि हरीश की हालत कभी बदलने वाली नहीं है और इलाज जारी रखना सिर्फ उसके शरीर को खींचता रहेगा, जिंदगी नहीं लौटाएगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने रिपोर्ट पढ़ते हुए यह स्वीकार किया कि किसी इंसान को ऐसी अवस्था में रखना बेहद पीड़ादायक है, और उसे इस तरह जीने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।</p>
<p>कोर्ट ने कहा कि जब दोनों बोर्ड सहमत हों तो कोर्ट की दखल जरूरी नहीं, लेकिन चूंकि यह मामला अभूतपूर्व था, इसलिए फैसला खुद सुनाया गया। कोर्ट ने विशेष तौर पर कहा कि पूरा प्रक्रिया गरिमा और संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाए।</p>
<h3>हरीश राणा की दर्द से भरी अनकही दास्तान</h3>
<h3>एक पिता की मजबूरी: बेटे के जीवन अंत की गुहार</h3>
<h3>सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या अहम आदेश दिए?</h3>
<ul>
<li>हरीश को मिल रहे सभी लाइफ-सपोर्ट इलाज, जिसमें CAN शामिल है, तुरंत बंद किए जाएं।</li>
<li>AIIMS अपने पेलिएटिव केयर सेंटर में हरीश को शिफ्ट कर उसकी हर जरूरत का ध्यान रखे।</li>
<li>इलाज हटाने की प्रक्रिया इस तरह हो कि मरीज की गरिमा पूरी तरह सुरक्षित रहे।</li>
<li>उच्च न्यायालयों को निर्देश दिया गया है कि वे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट्स को मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों से अवगत कराएं।</li>
<li>केंद्र सरकार प्रत्येक जिले के CMO को सेकंडरी मेडिकल बोर्ड हेतु रजिस्टर्ड डॉक्टर्स की सूची उपलब्ध कराए।</li>
<li>कोर्ट ने केंद्र से इस विषय पर एक विस्तृत और स्पष्ट कानून लाने की सिफारिश भी की है।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हरिद्वार को अमित शाह की बड़ी सौगात! 1129.91 करोड़ की योजनाओं से गूंजेगा विकास का शंखनाद</title>
<link>https://pratinidhi.in/uttarakhand-update-amit-shah-to-inaugurate-projects-worth-1129-91-crore-in-haridwar</link>
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<description><![CDATA[ हरिद्वार में अमित शाह ने सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने पर 1129 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया। धामी सरकार ने UCC लागू कर बड़ा कदम उठाया। राज्य ने SDG रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त कर अपनी उपलब्धि दर्ज की। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 14:43:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अमित शाह हरिद्वार दौरा, उत्तराखंड विकास परियोजनाएं, धामी सरकार उपलब्धियां, UCC Uttarakhand Update, Haridwar mega event, Uttarakhand SDG ranking, 1129 crore projects launch, Devbhoomi Uttarakhand news, Pushkar Singh Dhami सरकार, Uttarakhand four years celebration</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देवभूमि उत्तराखंड के शानदार चार साल पूरे होने पर हरिद्वार आज जश्न में डूबा है, जहां एक विशाल समारोह में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच माहौल बेहद उत्साहपूर्ण दिखाई दिया. इस ऐतिहासिक मौके पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे, जो पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बन गया. कार्यक्रम के दौरान वे 1129.91 करोड़ रुपये की विशाल लागत से तैयार 39 बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए विकास की नई राहें खोलने वाले हैं. मंच पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस यात्रा को नई ऊर्जा दी है.</p>
<p>हरिद्वार में हो रहा यह आयोजन धामी सरकार के चार वर्षों की सफलता को जनता के सामने पेश करने का एक सुनहरा अवसर माना जा रहा है. सरकार का दावा है कि इन चार वर्षों में राज्य ने कई बड़े फैसलों के साथ इतिहास रच दिया है और विकास के नए अध्याय लिखे हैं. उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त जनता के समक्ष रखी जा रही है, जिससे यह कार्यक्रम एक तरह से राज्य की प्रगति का उत्सव बन गया है. पूरे उत्तराखंड में इस आयोजन को लेकर लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है.</p>
<p>सीएम पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में सरकार ने कई नीतिगत मोर्चों पर ऐसे कदम उठाए हैं, जिनकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में ठोस पहल करके उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया, जिससे पूरे राष्ट्र में इसकी सराहना हो रही है. धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी विधेयक लागू कर राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक शक्तिशाली बनाने का प्रयास किया गया. इन फैसलों ने धामी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को मजबूती से प्रदर्शित किया है.</p>
<p>सरकार का कहना है कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए प्रदेश में विकास कार्यों को तेज रफ्तार दी गई है. सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में उत्तराखंड का देशभर में पहला स्थान हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि राज्य का विकास मॉडल कितना प्रभावी रहा है. वहीं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर्स’ कैटेगरी में जगह बनाकर राज्य ने निवेश और उद्योगों के लिए अपना दरवाज़ा और अधिक मजबूत किया है. इन उपलब्धियों ने उत्तराखंड की पहचान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है.</p>
<p>पर्यटन और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने देश में अलग ही छाप छोड़ी है. लगातार चार वर्षों तक ‘मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट’ का खिताब जीतना इस बात का सबूत है कि यह राज्य फिल्मकारों की पहली पसंद बन चुका है. हर साल चारधाम यात्रा में नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, जिससे न सिर्फ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी जबरदस्त मजबूती मिल रही है. धामी सरकार ने पहली बार 12 हजार एकड़ से अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर इतिहास रच दिया, साथ ही खेल सुविधाओं और खिलाड़ियों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गईं.</p>
<p>युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खोलना सरकार की प्राथमिकता में रहा है, जिसके तहत नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया. इसी के चलते 28 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियों का सुनहरा अवसर मिला, जिससे पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई. हरिद्वार का यह भव्य आयोजन उत्तराखंड की चार वर्ष की उपलब्धियों को समर्पित है, जहां सुशासन, विकास और भविष्य की बड़ी योजनाओं की झलक स्पष्ट दिखाई देती है. सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाकर विकास की एक नई कहानी लिखना है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू: घर बैठे ऐसे करें आवेदन, जानें पूरा स्टेप&amp;बाय&amp;स्टेप प्रोसेस</title>
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<description><![CDATA[ उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है. श्रद्धालु वेबसाइट, मोबाइल ऐप या व्हाट्सएप के जरिए घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. रजिस्ट्रेशन कैसे होगा, इसका स्टेप-बाय-स्टेप पूरा प्रॉसेस आप यहां देख सकते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:39:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन online, Uttarakhand Char Dham Yatra 2026, चारधाम यात्रा online process, Char Dham Yatra whatsapp registration, Tourist Care Uttarakhand app, चारधाम यात्रा पंजीकरण कैसे करें, Uttarakhand yatra booking, Char Dham offline registration counters, चारधाम यात्रा step by step guide, Char Dham Yatra latest update</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस साल एक नई रफ्तार के साथ शुरू हो रही है, और इसकी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया भी जोरों पर है. सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना पंजीकरण किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी. 19 अप्रैल से आरंभ हो रही इस पवित्र यात्रा के लिए श्रद्धालु अब घर बैठे सिर्फ कुछ क्लिक में वेबसाइट, मोबाइल ऐप या व्हाट्सऐप के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं.</p>
<p>यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन का विकल्प भी दिया गया है. ऑफलाइन प्रक्रिया के लिए 50 विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं, जहां सीधे जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. हालांकि, ज्यादातर यात्री ऑनलाइन माध्यम को चुन रहे हैं क्योंकि यह तेज, आसान और समय बचाने वाला विकल्प है.</p>
<p><strong>मोबाइल ऐप और व्हाट्सऐप से होगा सेकंडों में रजिस्ट्रेशन</strong></p>
<p>श्रद्धालु अपने फोन पर 'Tourist Care Uttarakhand' ऐप डाउनलोड कर तुरंत रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जो पूरी तरह सरल और यूज़र-फ्रेंडली है. इतना ही नहीं, अब केवल व्हाट्सऐप नंबर 8394833833 पर एक मैसेज भेजकर भी यात्रा का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है, जिससे प्रक्रिया और भी आसान हो गई है.</p>
<p><strong>किसी भी समस्या के लिए हेल्पलाइन हमेशा उपलब्ध</strong></p>
<p>यात्रा के दौरान किसी भी जानकारी, सवाल या परेशानी के लिए श्रद्धालु अब सीधे हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 पर संपर्क कर सकते हैं. यह हेल्पलाइन लगातार सक्रिय रहती है और यात्रियों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराती है.</p>
<p><strong>रजिस्ट्रेशन में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब</strong></p>
<p>रजिस्ट्रेशन शुरू होते ही श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. पहले ही दिन शाम 5 बजे तक 1 लाख 23 हजार 788 से ज्यादा लोगों ने यात्रा के लिए अपना पंजीकरण करा लिया था. आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और इस बार रिकॉर्ड तोड़ भीड़ की उम्मीद की जा रही है.</p>
<p>इस साल की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से आधिकारिक रूप से शुरू होने जा रही है.</p>
<ul>
<li>वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाएं.</li>
<li>होमपेज पर दिख रहे 'Register/Sign In' विकल्प पर क्लिक करें और अपनी मूल जानकारी डालकर एक नई आईडी बनाएं.</li>
<li>लॉग इन के बाद 'Create/Manage Tour' सेक्शन में जाएं और अपनी यात्रा की तारीख व धामों का चयन करते हुए प्लान बनाएं.</li>
<li>'Add Pilgrim' पर क्लिक कर सभी यात्रियों का विवरण भरें और पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी आदि) अपलोड करें.</li>
<li>अंत में आपको एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) प्राप्त होगा. इसके बाद अपना 'यात्रा पंजीकरण पत्र' डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें.</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>JDU में एंट्री के संकेत? सुबह&amp;सुबह पार्टी नेताओं संग बैठक कर निशांत ने बढ़ाई सियासी हलचल</title>
<link>https://pratinidhi.in/nishant-kumar-meets-leaders-before-joining-jdu-political-activity-rises</link>
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<description><![CDATA[ जेडीयू सूत्रों का कहना है कि बातचीत के दौरान निशांत कुमार ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, कार्यशैली और नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही राजनीतिक रणनीति को समझने की कोशिश की. साथ ही बिहार की जमीनी राजनीतिक परिस्थितियों और युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा हुई. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:37:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>निशांत कुमार राजनीति, JDU joining update, बिहार political news, नीतीश कुमार son, पटना सियासी हलचल, JDU leaders meeting, Bihar youth politics, संजय झा मुलाकात, JDU internal strategy, Bihar political developments</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार की राजनीति इन दिनों नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है, और इस उथल-पुथल के केंद्र में हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार. लंबे समय तक सुर्खियों से दूर रहने वाले निशांत अब अचानक अपनी बढ़ती गतिविधियों से राजनीतिक गलियारों में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गए हैं. जेडीयू में आधिकारिक प्रवेश से पहले ही उनकी चालें सत्ता के समीकरण बदलने का संकेत दे रही हैं.</p>
<p>शनिवार की सुबह माहौल तब और गर्म हो गया जब निशांत कुमार बिना किसी पूर्व सूचना के जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा के आवास पर पहुंच गए. यहां उन्होंने पार्टी के बड़े चेहरों और जोश से भरे युवा विधायकों के साथ कई घंटों तक अनौपचारिक बातचीत की, जिसने पटना से दिल्ली तक सियासत में हलचल मचा दी.</p>
<p>अब तक राजनीति की चमक-दमक से दूरी बनाए रखने वाले निशांत की यह अचानक सक्रियता साफ दिखा रही है कि वे संगठन में ओहदा संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं. बैठक में नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले एमएलसी संजय गांधी और ललन सर्राफ की मौजूदगी ने भी इस मुलाकात को बेहद अहम बना दिया. कई युवा विधायकों की भागीदारी ने इस संकेत को और मजबूत किया कि पार्टी का अंदरूनी स्वरूप तेजी से बदल रहा है.</p>
<p>सूत्र बताते हैं कि इस बैठक का मुख्य फोकस बिहार की मौजूदा राजनीतिक नब्ज को समझना और जेडीयू के सांगठनिक ढांचे को नए सिरे से मजबूत करने पर था. निशांत ने नेताओं से सरकार के कामकाज, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत और आने वाली चुनौतियों के लिए संगठन को कैसे तैयार किया जाए, इस पर गहन चर्चा की. उनकी बातों से साफ लगा कि वे सिर्फ औपचारिक ज्वाइनिंग के लिए नहीं, बल्कि नेतृत्व संभालने के इरादे से आगे बढ़ रहे हैं.</p>
<p>विशेषज्ञों का मानना है कि निशांत का यह 'प्री-ज्वाइनिंग ऐक्शन' कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा जगाने की रणनीति का हिस्सा है. संजय झा की मौजूदगी में हुई यह मुलाकात पार्टी के भीतर निशांत की भूमिका को और स्पष्ट कर गई है. अब सबकी नजरें उस दिन पर टिकी हैं जब उनकी औपचारिक एंट्री होगी — एक ऐसा क्षण जो जेडीयू की राजनीति में ऐतिहासिक मोड़ ला सकता है.</p>
<p><strong>8 मार्च को जेडीयू में एंट्री — पार्टी में नए युग की शुरुआत?</strong></p>
<p>खबरें जोर पकड़ रही हैं कि निशांत कुमार 8 मार्च को जेडीयू की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करेंगे. पटना में होने वाले एक विशेष कार्यक्रम में राज्य के कोने-कोने से नेता और कार्यकर्ता जुटेंगे, जिसे पार्टी के भीतर बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना माना जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम उस समय हो रहा है जब नीतीश कुमार ने अभी-अभी राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया है, जिससे नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं और तेज हो गई हैं.</p>
<p>राजनीतिक हल्कों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि जेडीयू अब आने वाले दशक को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की ओर बढ़ रही है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी मानना है कि वर्षों से नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति को अब नए चेहरे और नई सोच की जरूरत है. ऐसे में निशांत का सक्रिय होना सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि सुविचारित राजनीतिक रणनीति बताया जा रहा है.</p>
<p>निशांत ने अब तक खुद को सार्वजनिक जीवन से काफी दूर रखा था, और उनकी छवि एक शांत, लो-प्रोफाइल व्यक्ति की रही है. 1975 में बख्तियारपुर में जन्मे निशांत ने अपनी पढ़ाई पटना से पूरी की और फिर BIT मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री ली. अब उनका राजनीति में उतरना बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव ला सकता है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईरान युद्ध की आहट के बीच बड़ा सवाल: क्या पाकिस्तान कूदेगा जंग में? सऊदी की घबराहट, मुनीर संग तेहरान पर बड़ी रणनीति</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिका-इजरायल और ईरान में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब भी सीधे निशाने पर आ गया है. सऊदी ऑयल फील्ड पर ड्रोन हमल हो रहे हैं. इस बीच सऊदी रक्षा मंत्री और पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की अहम बैठक हुई. इसमें ईरान के हमलों को रोकने और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की गई, जिससे पाकिस्तान की संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:35:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ईरान सऊदी तनाव news, Pakistan Saudi meeting, आसिम मुनीर ईरान crisis, Gulf region security, सऊदी ऑयल फील्ड attacks, Middle East tensions, ईरान हमले रोकने की रणनीति, US Israel Iran conflict, पाकिस्तान की भूमिका geopolitics</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान का गुस्सा अब खाड़ी देशों पर फट पड़ा है, खासकर उन मुल्कों पर जो वॉशिंगटन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं. शुरुआत में ईरान केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा था, लेकिन ताजा हालात ने दुनिया को चौंका दिया है—अब सऊदी अरब के तेल कुओं तक को टारगेट किया जा रहा है. इसी तनाव के बीच सऊदी अरब के रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान और पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की मुलाकात ने भू-राजनीतिक समीकरणों में बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या पाकिस्तान भी ईरान के खिलाफ खुलकर मैदान में उतरेगा?</p>
<p>रियाद में हुई ये मुलाकात सिर्फ कूटनीति की औपचारिकता नहीं थी, बल्कि दोनों देशों के बीच मौजूद सामरिक रक्षा समझौते के तहत बेहद अहम बातचीत हुई. ईरान के बढ़ते हमलों को रोकने, सुरक्षा उपायों को मजबूत करने और आने वाली चुनौतियों का सामना करने को लेकर इस मीटिंग में गहन चर्चा की गई. इस बैठक ने साफ कर दिया कि हालात पहले ही बेहद गंभीर हो चुके हैं और अब किसी भी पल बड़ा फैसला सामने आ सकता है.</p>
<p>सऊदी रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके पुष्टि की कि बातचीत का केंद्र बिंदु ईरान के हमले और उन्हें रोकने के जरूरी कदम थे. उन्होंने कहा कि यह चर्चा ‘ज्वाइंट स्ट्रैटेजिक डिफेंस एग्रीमेंट’ के तहत हुई है और इस तरह की कार्रवाई पूरे क्षेत्र की स्थिरता को हिला देती है. इस बयान ने संकेत दे दिया कि सऊदी अब किसी भी संभावित खतरे को हल्के में नहीं ले रहा और पाकिस्तान का रोल अब पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गया है.</p>
<p><strong>सऊदी के ऑयल फील्ड और एयरपोर्ट पर धावा, तनाव चरम पर</strong></p>
<p>हालिया हमलों ने खाड़ी क्षेत्र को हिला कर रख दिया है. सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने छह ड्रोन मार गिराए, जो सीधे शायबा ऑयल फील्ड की ओर बढ़ रहे थे—यह वही विशाल तेल क्षेत्र है जो यूएई की सीमा से सटा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, चार अलग-अलग अटैक वेव में कुल 16 ड्रोन दागे गए थे, जिन्हें रेगिस्तान में इंटरसेप्ट किया गया. इसके बाद दो बैलिस्टिक मिसाइलें भी लॉन्च की गईं, लेकिन उन्हें प्रिंस सुल्तान एयर बेस के पास ही तबाह कर दिया गया.</p>
<p>ये पहला मौका है जब ईरान ने सीधे सऊदी के तेल भंडारों को निशाना बनाया है. 2019 में जरूर इसी क्षेत्र पर हमला हुआ था, लेकिन तब हमलावर हूती विद्रोही थे—ईरान की सीधी कार्रवाई नहीं. अब जबकि हमला ईरान की ओर से हुआ है, खतरे का स्तर कई गुना बढ़ चुका है. हालांकि ड्रोन किस दिशा से आए, इस पर आधिकारिक जानकारी अभी तक जारी नहीं की गई है.</p>
<p>المتحدث الرسمي لـ #وزارة_الدفاع: اعتراض وتدمير 4 مسيّرات في الربع الخالي متجهة إلى حقل شيبة. pic.twitter.com/dWdDaGgcTv</p>
<p><strong>ईरान-सऊदी तनाव में पाकिस्तान की नई भूमिका</strong></p>
<p>इस तेजी से बदलते हालात में पाकिस्तान भी अब अपने पत्ते खुलकर खेलता दिखाई दे रहा है. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने संसद में बड़ा दावा किया कि सऊदी पर ईरान की कम प्रतिक्रिया के पीछे पाकिस्तानी कूटनीति का हाथ है. उन्होंने कहा कि अपने रणनीतिक रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान ने ईरान को चेतावनी दी कि वह सऊदी के खिलाफ हमले बढ़ाने से पहले इस समझौते को ध्यान में रखे.</p>
<p>इशाक डार के मुताबिक, ईरान ने यह आश्वासन मांग लिया था कि सऊदी की जमीन पाकिस्तान की तरफ से उसके खिलाफ इस्तेमाल नहीं होगी, और पाकिस्तान ने यह भरोसा दे भी दिया. यह बयान बताता है कि पाकिस्तान अब सिर्फ मध्यस्थ नहीं, बल्कि इस पूरे विवाद में एक निर्णायक खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है.</p>
<p><strong>क्या अब युद्ध का दायरा और बढ़ेगा?</strong></p>
<p>अब तक खाड़ी देश सीधे इस तनाव में शामिल नहीं थे, और अमेरिका ने भी इन देशों की जमीन का उपयोग अपने हमलों के लिए नहीं किया. लेकिन अगर ईरान के हमले इसी तरह बढ़ते रहे और सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौता सक्रिय हो गया तो पूरा क्षेत्र एक बड़े भू-रणनीतिक टकराव में फंस सकता है. यह संघर्ष सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दक्षिण एशिया तक इसका असर पहुंचेगा—जहां पाकिस्तान और ईरान की लंबी साझा सीमा है.</p>
<p>फिलहाल पाकिस्तान ने कूटनीति के जरिए हालात शांत करने की कोशिश की है, लेकिन यदि ईरान ने सऊदी पर बड़े पैमाने पर हमले जारी रखे, तो रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान पर कार्रवाई का दबाव बढ़ना तय है. आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में जाएगा, यह पूरी दुनिया की नजर में सबसे बड़ा सवाल है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईरान युद्ध के बीच ट्रंप से खफा खाड़ी देश! दो बड़े मुद्दों पर बढ़ा जबरदस्त टकराव</title>
<link>https://pratinidhi.in/trump-stance-gulf-nations-ire-two-issues-iran-conflict</link>
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<description><![CDATA[ मिडिल ईस्ट की जंग अब अमेरिका के लिए भी मुश्किल बनती दिख रही है. खाड़ी देशों का आरोप है कि यूएस और इजरायल ने ईरान पर हमले से पहले उन्हें भरोसे में नहीं लिया. अब ईरान के पलटवार में वही देश सबसे ज्यादा निशाने पर हैं, जिससे वॉशिंगटन और उसके अरब सहयोगियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:33:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अमेरिका ईरान conflict, खाड़ी देशों की नाराज़गी, Middle East tensions, ईरान पर हमला controversy, US Israel strategy criticism, Gulf countries security concerns, मध्य पूर्व युद्ध अपडेट, Iran retaliation news, अमेरिकी विदेश नीति विवाद, West Asia crisis</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई जंग अब अनिश्चितता की धुंध में घिरती जा रही है. हालात इतने तगड़े हो चुके हैं कि खाड़ी देशों में भी नाराजगी उबलने लगी है. उनका आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर होने वाले बड़े हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं दी, और अगर मिल जाती, तो वे अपने बचाव की तैयारी कर सकते थे. अचानक हुए पलटवार ने उन्हें चौकन्ना और परेशान कर दिया है.</p>
<p>पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दो खाड़ी देशों के शीर्ष अधिकारियों ने साफ कहा कि वे अमेरिका के युद्ध प्रबंधन से बेहद निराश हैं, खासकर 28 फरवरी को हुए शुरुआती हमले के बाद. उनका कहना है कि न तो उन्हें इस ऑपरेशन की जानकारी दी गई और न ही उनकी चेतावनियों को गंभीरता से लिया गया कि ये युद्ध पूरे क्षेत्र को तबाह कर सकता है. उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा.</p>
<p>एक अधिकारी ने तो ये तक कह दिया कि अमेरिका ने खाड़ी देशों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर दिया है. उनके अनुसार, ऑपरेशन का फोकस सिर्फ अमेरिकी और इजरायली सुरक्षा पर रहा, जबकि खाड़ी देशों को मुश्किल हालात में खुद को संभालने के लिए छोड़ दिया गया. इंटरसेप्टर्स जैसी महत्वपूर्ण रक्षा प्रणाली भी तेजी से खत्म हो रही है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है.</p>
<p>इन अधिकारियों ने गोपनीयता की शर्त पर ये बातें बताते हुए साफ किया कि मामला बेहद संवेदनशील है. दूसरी ओर बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई से आधिकारिक बयान लेने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने भी प्रतिक्रिया नहीं दी. ये चुप्पी भी बहुत कुछ कह रही है.</p>
<p><strong>अमेरिका और इजरायल पर खुला हमला</strong></p>
<p>भले ही सरकारी बयान सामने न आए हों, लेकिन खाड़ी देशों से जुड़े प्रभावशाली चेहरे अमेरिका पर खुलकर निशाना साध रहे हैं. उनका आरोप है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक खतरनाक और अनावश्यक जंग में ढकेल दिया है. ये आरोप अब वैश्विक बहस का हिस्सा बन चुके हैं.</p>
<p>सऊदी अरब के पूर्व जासूस प्रमुख प्रिंस तुर्की अल-फैसल ने तो सीएनएन पर कह दिया कि यह युद्ध पूरी तरह से नेतन्याहू की देन है, और किसी तरह उन्होंने ट्रंप को अपने एजेंडे का समर्थन करने के लिए मना लिया. यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भूचाल की तरह फैल गया है.</p>
<p>उधर, पेंटागन ने भी सांसदों के साथ हुई गुप्त बैठक में माना कि वे ईरान के लगातार आ रहे ड्रोन हमलों से निपटने में संघर्ष कर रहे हैं. इन हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों समेत कई अहम लक्ष्यों को खतरे में डाल दिया है. सुरक्षा व्यवस्था डगमगाती दिख रही है.</p>
<p>ईरान की नजर में खाड़ी देश आसान निशाने हैं, क्योंकि वे उसकी कम दूरी की मिसाइलों की पहुंच में आते हैं. साथ ही इन जगहों पर अमेरिकी सेना के बेस भी मौजूद हैं. इससे ईरान के हमलों से तेल आपूर्ति में भारी अव्यवस्था पैदा हो रही है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है.</p>
<p>एपी के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान अब तक पांच खाड़ी देशों पर कम से कम 380 मिसाइलें और 1,480 से अधिक ड्रोन दाग चुका है. लोकल अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 13 लोगों की जान जा चुकी है. ये आंकड़े खुद बताते हैं कि हालात कितने भयावह हैं.</p>
<p>कुछ दिन पहले कुवैत में भी एक बड़ा हमला हुआ, जिसमें छह अमेरिकी सैनिक मारे गए. ईरानी ड्रोन ने सेना बेस से कई मील दूर स्थित एक ऑपरेशन सेंटर को निशाना बनाया था. इस घटना ने खाड़ी में अमेरिकी सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.</p>
<p>इतना ही नहीं, ईरान ने हाल ही में सऊदी अरब पर भी सीधा हमला किया, जिसमें रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास को लक्ष्य बनाया गया. ये कदम खतरे को कई गुना बढ़ा चुका है और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल पैदा हो गया है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>IND vs SA: सुपर&amp;8 में भारत क्रिकेट टीम की हार के 5 गुनहगार, एक खिलाड़ी के फ्लॉप शो ने बढ़ाई टेंशन</title>
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<description><![CDATA[ IND vs SA T20 World Cup 2026 में भारत को सुपर 8 में साउथ अफ्रीका से हार मिली। टीम 188 रनों का लक्ष्य चेज नहीं कर सकी। यह हार डिफेंडिंग चैंपियन के लिए बड़ा झटका बनी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:01:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>IND vs SA Super 8, India South Africa match, भारत की हार T20 World Cup, Team India flop show, Marco Jansen 4 wickets, Keshav Maharaj bowling, Shivam Dube innings, Abhishek Sharma flop, T20 World Cup 2026 India, Narendra Modi Stadium match</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 में भारत का आगाज़ किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। अहमदाबाद के विशाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मिली 76 रनों की करारी हार ने करोड़ों फैन्स को सदमे में डाल दिया। 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया 18.5 ओवर में सिर्फ 111 रन बनाकर ढह गई, और उम्मीदों का पहाड़ एक झटके में धराशायी हो गया।</p>
<p>डिफेंडिंग चैंपियन भारत के पांच धुरंधर तो दहाई तक भी नहीं पहुंच पाए, जिससे हालात और बिगड़ गए। शिवम दुबे ने जरूर संघर्ष दिखाते हुए 37 गेंदों पर 42 रन बनाए, लेकिन टीम को गिरती हुई इमारत से बचा नहीं सके। दूसरी तरफ साउथ अफ्रीका के मार्को यान्सेन ने आग उगलती गेंदों से 4 विकेट उड़ा दिए, जबकि स्पिनर केशव महाराज ने 3 महत्वपूर्ण शिकारी किए। अब जानते हैं, इस शर्मनाक हार के पीछे कौन रहे टीम इंडिया के बड़े विलेन!</p>
<p>अभिषेक शर्मा का फ्लॉप शो एक बार फिर चर्चा में रहा। तीन मैचों में लगातार शून्य पर आउट होने के बाद इस बार उन्होंने खाता तो खोला, लेकिन सिर्फ 12 गेंद में 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। पांचवें ओवर में यान्सेन की गेंद पर कॉर्बिन बॉश ने उनका कैच दबोच लिया और भारत की शुरुआत फिर लड़खड़ा गई।</p>
<p>ईशान किशन से फैन्स को विस्फोटक शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वे तो बिना खाता खोले ही लौट गए। महज 4 गेंद खेलने के बाद वह पहले ओवर में ही डक का शिकार बने। साउथ अफ्रीका के कप्तान एडन मार्करम की गेंद पर रयान रिकेल्टन ने उनका कैच पकड़कर भारत को शुरुआती झटका दे दिया।</p>
<p>वॉशिंगटन सुंदर भी टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। अक्षर पटेल को ड्रॉप कर उन्हें मौका दिया गया था, लेकिन 11 गेंद में सिर्फ 11 रन ही निकाल पाए। गेंदबाजी में भी वे बेरंग रहे—2 ओवर में 17 रन दे दिए और हाथ कोई विकेट नहीं लगा। यह प्रदर्शन काफी निराश करने वाला रहा।</p>
<p>हार्दिक पांड्या का प्रदर्शन भी भारत की मुश्किलें बढ़ा गया। गेंदबाजी में उन्होंने 4 ओवर में 45 रन लुटा दिए और कोई विकेट नहीं चटका पाए। बैटिंग में भी हार्दिक की चमक फीकी रही। 17 गेंदों पर सिर्फ 18 रन, वह भी एकमात्र छक्के की मदद से। एक ऑलराउंडर से ऐसी उम्मीद नहीं थी।</p>
<p>सबसे निराशाजनक प्रदर्शन रहा वरुण चक्रवर्ती का, जो टीम के सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए। उन्होंने 4 ओवर में 47 रन दे डाले, हालांकि डेविड मिलर का एक विकेट जरूर मिला, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था। उनकी लय ने टीम की गेंदबाजी को पूरी तरह कमजोर कर दिया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>2000 KM रेंज, ब्रह्मोस से तेज रफ्तार! दिल्ली से बटन दबते ही किराना हिल्स बनेगा मलबा, सामने आएगा तबाही का खौफनाक मंजर</title>
<link>https://pratinidhi.in/hypersonic-missile-6100-kmph-speed-2000-km-range-remote-attack-kirana-hills</link>
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<description><![CDATA[ Golden Horizon ALBM: भारत अपने मिसाइल सिस्टम को नई टेक्नोलॉजी से लगातार अपडेट कर रहा है. अग्नि सीरीज, ब्रह्मोस, अस्त्र जैसी कैटेगरी की मिसाइलें दुश्मनों की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं. इस बीच, इज़रायल ने भारत को ऐसी मिसाइल का ऑफर दिया है, जो सात तहों में छुपे दुश्मन के सैन्य ठिकानों को पलक झपकते ही मलबा बना सकती है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 10:55:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गोल्डन होराइजन ALBM, हाइपरसोनिक मिसाइल भारत, Israel India defence deal, डीप स्ट्राइक मिसाइल क्षमता, एयर लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल, ब्रह्मोस vs ALBM comparison, भारतीय सैन्य तकनीक अपडेट, अग्नि सीरीज missile power, bunker buster missile India, high speed missile 6100 kmph</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज की हाई-टेक जंग में मिसाइलें युद्ध की दिशा और नतीजे दोनों बदलने की ताकत रखती हैं. सिर्फ एक कमांड से हजारों किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के सबसे सुरक्षित ठिकाने को कुछ ही मिनटों में ध्वस्त किया जा सकता है. दुनिया की कई ताकतें इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों पर निर्भर हैं, जिनकी मारक क्षमता और सटीकता दोनों हैरत में डाल देती हैं. भारत भी अग्नि सीरीज जैसी विध्वंसक मिसाइलों के जरिए इस क्लब का मजबूत हिस्सा बन चुका है. अब भारतीय वैज्ञानिक ऐसी नई तकनीक पर काम कर रहे हैं जो बंकर बस्टर हथियारों को नई परिभाषा दे सकती है.</p>
<p>इसी बीच इज़रायल ने भारत के सामने एक चौंका देने वाला प्रस्ताव रखा है—‘गोल्डन होराइजन’ एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (ALBM), जिसे अब तक की सबसे खतरनाक और रणनीतिक मिसाइलों में गिना जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह मिसाइल डीप स्ट्राइक क्षमता में ब्रह्मोस जैसे मशहूर हथियार को भी पीछे छोड़ सकती है. इसकी घातक क्षमता और स्पीड ने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है.</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक गोल्डन होराइजन को लड़ाकू विमानों से दागा जा सकता है, जिससे दूर बैठे दुश्मन के हाई-सिक्योरिटी टार्गेट भी आसानी से निशाने पर आ जाएंगे. इसकी मारक दूरी 1500 से 2000 किलोमीटर तक मानी जा रही है, जबकि न्यूनतम रेंज लगभग 1000 किलोमीटर बताई जाती है. यह क्षमता भारत को दुश्मन की धरती के भीतर गहराई तक वार करने की ताकत देने वाली है.</p>
<p>इस मिसाइल को भारतीय वायुसेना के Su-30MKI युद्धक विमानों में इंटीग्रेट करने की योजना सामने आई है. गोल्डन होराइजन खासतौर पर भूमिगत न्यूक्लियर फैसिलिटी, हैवी-प्रोटेक्टेड कमांड बंकर और कंक्रीट से घिरे दुश्मन के स्ट्रक्चर को चकनाचूर करने के लिए डिजाइन की गई है. यह एक ऐसी स्ट्राइक वेपन कैटेगरी होगी जिसे रोकना लगभग नामुमकिन माना जाएगा.</p>
<p>भारतीय वायुसेना पहले से इज़रायल की कई हाई-प्रिसिजन मिसाइलों का इस्तेमाल कर रही है, जैसे एयर लोरा (400 किमी) और रैम्पेज (250 किमी). लेकिन गोल्डन होराइजन इन सब से कई गुना ज्यादा घातक, एडवांस्ड और रणनीतिक रूप से निर्णायक हथियार माना जा रहा है. इसकी शक्ति इसे पूरी तरह अलग लीग में खड़ा करती है.</p>
<p>यह मिसाइल बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी में उड़ान भरती है और अंतिम फेज में 6100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हाइपरसोनिक स्पीड हासिल कर लेती है. इतनी जबरदस्त रफ्तार से टकराने पर जो ऊर्जा पैदा होती है, वह गहरे भूमिगत ठिकानों और बेहद मजबूत संरचनाओं को भी ध्वस्त कर सकती है. यही वजह है कि इसे इंटरसेप्ट करना लगभग असंभव बताया जाता है.</p>
<p>हालांकि भारत की ओर से इस मिसाइल की खरीद पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन शुरुआती स्तर की बातचीत जरूर जारी है. अगर यह हथियार भविष्य में भारतीय हथियारागार का हिस्सा बनता है, तो भारत की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी और देश की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाई मिलेगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Border 2 बॉक्स ऑफिस: क्या बॉर्डर से ज्यादा कमा पाई सनी देवल की फिल्म बॉर्डर&amp;2 या रह गई पीछे</title>
<link>https://pratinidhi.in/border-2-box-office-sunny-deol-earnings-day-29-report</link>
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<description><![CDATA[ सनी देओल स्टारर &#039;बॉर्डर 2&#039; साल 1997 में आई फिल्म &#039;बॉर्डर 2&#039;का सीक्वल है। आज फिल्म को रिलीज हुए 27 दिन हो गए हैं। &#039;बॉर्डर 2&#039; के कलेक्शन की बात करें तो इसने ओपनिंग डे पर 30 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी।, Bollywood Hindi News - Hindustan ]]></description>
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<pubDate>Sat, 21 Feb 2026 10:32:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Border 2 box office collection, बॉर्डर 2 कलेक्शन रिपोर्ट, Sunny Deol new movie, सनी देओल बॉर्डर 2 कमाई, Border 2 day 29 report, बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस अपडेट, देशभक्ति फिल्म Border 2, Anurag Singh Border 2, Border 2 sequel news, 2026 Bollywood releases</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सनी देओल की दमदार वापसी वाली फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर तूफानी शुरुआत की थी। अनुराग सिंह के निर्देशन और जेपी दत्ता की धुन पर तैयार यह फिल्म सालों से इंतजार कर रहे फैंस के लिए किसी जश्न से कम नहीं थी। हालांकि चौथे हफ्ते में इसकी स्पीड थोड़ी धीमी पड़ती दिखी, लेकिन फिल्म की पॉपुलैरिटी अब भी दर्शकों में बनी हुई है। 23 जनवरी 2026 को रिलीज हुई यह देशभक्ति से भरी फिल्म अब 29 दिनों का सफर पूरा कर चुकी है।</p>
<p>1997 में आई कल्ट क्लासिक ‘बॉर्डर’ के सीक्वल के रूप में ‘बॉर्डर 2’ ने पहले ही दिन 30 करोड़ रुपये की धमाकेदार कमाई कर सबको चौंका दिया था। Sacnilk की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 29वें दिन फिल्म ने लगभग 0.30 लाख रुपये का बिजनेस किया। इसी के साथ इसका कुल भारतीय कलेक्शन 324.65 करोड़ रुपये के भव्य आंकड़े पर पहुंच गया है, जो इसकी जबरदस्त पकड़ को दर्शाता है।</p>
<p>रिलीज के बाद भी दर्शकों में ‘बॉर्डर 2’ को लेकर जोश कम नहीं हुआ, हालांकि इसके कलेक्शन में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिले। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म को ‘मर्दानी 3’, ‘ओ रोमियो’ और ‘तू या मैं’ जैसी बड़ी फिल्मों से कड़ी चुनौती मिली, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया। इसके बावजूद सनी देओल की दमदार मौजूदगी ने फिल्म की पकड़ को मजबूती दी।</p>
<p>अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म को जेपी दत्ता की बेटी निधि दत्ता ने को-प्रोड्यूस किया है। कहानी भारत-पाकिस्तान युद्ध 1997 की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां पहली फिल्म सिर्फ लोंगेवाला की लड़ाई पर केंद्रित थी, वहीं इस सीक्वल में कई मोर्चों की झलक दिखाई देती है। सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी, मोना सिंह, अन्या सिंह, मेधा राणा और सोनम बाजवा ने स्क्रीन पर शानदार उपस्थिति दर्ज कराई है।</p>
<p>‘बॉर्डर 2’ का डे-वाइज कलेक्शन</p>
<p>डे 1: 30 करोड़ रुपये<br>पहला हफ्ता: 224.25 करोड़ रुपये<br>दूसरा हफ्ता: 70.15 करोड़ रुपये<br>तीसरा हफ्ता: 23.35 करोड़ रुपये<br>चौथा हफ्ता: 6.6 करोड़ रुपये<br>डे 29: 0.30 लाख रुपये<br>कुल कलेक्शन: 324.65 करोड़ रुपये</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पुष्कर सिंह धामी का ‘जन&amp;जन की सरकार’ अभियान छाया! सुशासन मॉडल की इंटरनेट पर हो रही जमकर चर्चा</title>
<link>https://pratinidhi.in/dhami-government-jan-jan-ki-sarkar-program-good-governance-model-online-discussion</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का &#039;जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार&#039; अभियान उत्तराखंड में सुशासन की मिसाल बन गया है। यह अभियान इंटरनेट पर भी ट्रेंड कर रहा है, जो इसकी लोकप्रियता दर्शाता है। इसके तहत अधिकारी मौके पर जनसमस्याएं सुलझाते हैं, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक योजनाओं का लाभ पहुंचता है। यह पहल प्रशासन को सक्रिय और जनोन्मुखी बनाकर जनता का विश्वास बढ़ा रही है, जिससे प्रदेश में पारदर्शिता और विकास को बढ़ावा मिल रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 11:30:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जन-जन की सरकार अभियान, Uttarakhand good governance, पुष्कर सिंह धामी government, जनसमस्याओं का समाधान, governance model India, उत्तराखंड development news, सुशासन in Uttarakhand, government doorstep service, जनता की समस्याएं समाधान, online trending campaign</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रहा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान इन दिनों सुशासन की एक अनोखी और दमदार मिसाल बन चुका है। हैरानी की बात यह है कि यह पहल सिर्फ मैदान में ही नहीं, बल्कि इंटरनेट पर भी जोरदार तरीके से ट्रेंड कर रही है, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।</p>
<p>यह कार्यक्रम महज सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि शासन को सीधे लोगों की दहलीज तक पहुंचाने की एक क्रांतिकारी शैली के रूप में उभरकर सामने आया है। जनता को महसूस हो रहा है कि सरकार अब कागजी कार्यवाही से निकलकर उनके बीच पहुंच चुकी है।</p>
<p>अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनकल्याण योजनाएं सिर्फ फाइलों में न रह जाएं, बल्कि पहाड़ों के सुदूर इलाकों से लेकर सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इनका असली लाभ बिना देरी मिले।</p>
<p>इस मुहिम के दौरान अधिकारी खुद गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं को मौके पर ही सुलझा रहे हैं। इससे हजारों लोगों को तुरंत राहत मिली है और लाभार्थियों की रिकॉर्ड संख्या ने अभियान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।</p>
<p>यह प्रयास प्रशासनिक तंत्र को और ज्यादा जिम्मेदार, चुस्त और जनता के प्रति संवेदनशील बनाता नजर आ रहा है। लोगों को पहली बार महसूस हो रहा है कि उनकी समस्याएं सुनी भी जा रही हैं और हल भी हो रही हैं।</p>
<p>शिकायतों के तेज निपटारे, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनता से खुला संवाद बनाए रखने से सरकार पर लोगों का भरोसा पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है। यह भरोसा ही अभियान की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है।</p>
<p>सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और खाद्य सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ प्रदेश में पारदर्शिता और सुशासन की एक नई परंपरा कायम कर रहा है, जो भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p>इस पहल ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम कर दिया है और उत्तराखंड को अधिक जनकेंद्रित, उन्नत और प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में एक सशक्त आधार तैयार किया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बिहार में सियासी भूचाल! 42 विधायकों की सदस्यता पर संकट, एनडीए के 32, आरजेडी के 8… किसकी जाएगी कुर्सी!</title>
<link>https://pratinidhi.in/bihar-membership-case-high-court-notice-42-mlas-false-affidavit-nda-rjd-list</link>
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<description><![CDATA[ Bihar MLA Court Notice बिहार विधानसभा के बजट सत्र के बीच पटना हाईकोर्ट में 42 विधायकों के खिलाफ चुनावी हलफनामे में गलत या अधूरी जानकारी देने को लेकर याचिकाएं दायर हुई हैं। अदालत ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:43:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बिहार हाईकोर्ट नोटिस, Bihar MLA affidavit case, चुनावी हलफनामा विवाद, बिहार राजनीति news, NDA RJD विधायक सूची, Patna High Court hearing, Bihar election affidavit issue, विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार मामला, Bihar political controversy, गलत हलफनामा case</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार की सियासत में बड़ा धमाका! विधानसभा के स्पीकर समेत पूरे 42 विधायक अब पटना हाईकोर्ट के निशाने पर आ गए हैं। चुनावी हलफनामों में गड़बड़ी के आरोपों ने पूरे राजनीतिक गलियारे में खलबली मचा दी है। हाईकोर्ट ने सभी विधायकों को नोटिस भेजकर जवाब तलब कर लिया है, जिससे बजट सत्र के बीच तनाव और बढ़ गया है।</p>
<p>दरअसल, अलग-अलग तारीखों पर विभिन्न जजों की बेंचें इन याचिकाओं पर सुनवाई कर चुकी हैं। चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामों की सत्यता पर सवाल खड़े करते हुए ये याचिकाएं दायर की गई थीं। दावा है कि कई विजयी उम्मीदवारों ने आपराधिक केस, संपत्ति और अन्य जरूरी सूचनाओं को सही तरीके से सार्वजनिक नहीं किया।</p>
<p>सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन याचिकाओं में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार का नाम भी शामिल है। सत्ता और विपक्ष दोनों तरफ से कुल 42 विधायक इस विवाद की जद में हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि यह पूरा मामला आने वाले दिनों में बड़ा तूफान खड़ा कर सकता है।</p>
<p>चुनाव हार चुके कई प्रत्याशियों ने भी विजयी उम्मीदवारों पर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। चुनाव परिणामों को चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि मतदान से लेकर मतगणना तक कई नियमों का सही पालन नहीं हुआ। इन आरोपों ने पूरे घटनाक्रम को और पेचीदा बना दिया है।</p>
<p>अदालत ने फिलहाल नोटिस जारी कर विधायकों से विस्तृत जवाब मांगा है। आगे की सुनवाई अलग-अलग तारीखों पर तय होगी। जवाब और साक्ष्यों की जांच के बाद ही पता चलेगा कि यह मामला किस मोड़ पर जाकर रुकेगा।</p>
<p>1. माधव आनंद- भारतीय जनता पार्टी<br>2. अजय कुमार- भारतीय जनता पार्टी<br>3. राजेश कुमार सिंह- भारतीय जनता पार्टी<br>4. रितुराज कुमार- भारतीय जनता पार्टी<br>5. डॉ. सुनील कुमार- भारतीय जनता पार्टी<br>6. जितेन्द्र कुमार- भारतीय जनता पार्टी<br>7. बाबुलाल सौहारिया- भारतीय जनता पार्टी<br>8. आई. पी. गुप्ता- भारतीय जनता पार्टी<br>9. सतीश कुमार सिंह- भारतीय जनता पार्टी<br>10. कविता देवी- भारतीय जनता पार्टी<br>11. हरि नारायण सिंह- भारतीय जनता पार्टी<br>12. रितेश कुमार सिंह- भारतीय जनता पार्टी<br>13. अभिषेक आनंद- भारतीय जनता पार्टी<br>14. राजेश कुमार सिंह- भारतीय जनता पार्टी<br>15. अजय कुमार- भारतीय जनता पार्टी<br>16. रमा निषाद- भारतीय जनता पार्टी<br>17. राज कुमार राय- भारतीय जनता पार्टी<br>18. प्रेम कुमार- भारतीय जनता पार्टी<br>19. विशिष्ट सिंह- भारतीय जनता पार्टी<br>20. जीवेश मिश्रा- भारतीय जनता पार्टी<br>21. सुभानंद मुकेश- भारतीय जनता पार्टी<br>22. विनोद नारायण झा- भारतीय जनता पार्टी<br>23. विजय सिंह- भारतीय जनता पार्टी<br>24. अनिल कुमार- भारतीय जनता पार्टी<br>25. पंकज कुमार राम- भारतीय जनता पार्टी</p>
<p>26. फैजल रहमान- राष्ट्रीय जनता दल<br>27. देवयंती यादव- राष्ट्रीय जनता दल<br>28. अभिषेक रंजन- राष्ट्रीय जनता दल<br>29. मनोज विश्वास- राष्ट्रीय जनता दल<br>30. चेतन आनंद- राष्ट्रीय जनता दल<br>31. अनिता- राष्ट्रीय जनता दल<br>32. एमडी तौशिफ आलम- राष्ट्रीय जनता दल<br>33. अमरेन्द्र कुमार- राष्ट्रीय जनता दल</p>
<p>34. कौशल किशोर- जनता दल (यूनाइटेड)<br>35. संगीता कुमार- जनता दल (यूनाइटेड)<br>36. कृष्ण मुरारी शरण- जनता दल (यूनाइटेड)<br>37. विनय कुमार चौधरी- जनता दल (यूनाइटेड)<br>38. बिजेन्द्र यादव- जनता दल (यूनाइटेड)<br>39. वैद्यनाथ प्रसाद- जनता दल (यूनाइटेड)<br>40. रत्नेश सदा- जनता दल (यूनाइटेड)</p>
<p>41. प्रवेज आलम- कांग्रेस (INC)<br>42. संदीप सौरभ- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी–लेनिनवादी) [CPI(ML)]</p>
<p>आपको याद दिला दें कि 14 नवंबर को घोषित हुए बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों में एनडीए ने बहुमत हासिल किया था। लेकिन हार झेलने वाले कई प्रत्याशी अब कोर्ट के दरवाजे पर पहुंच चुके हैं। आने वाली सुनवाईयों में अदालत के सामने पेश किए गए जवाब और साक्ष्यों से ही तय होगा कि यह राजनीतिक भूचाल कितना गहरा होगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>टी&amp;20 वर्ल्ड कप 2026: भारतीय क्रिकेट टीम की बड़ी कमजोरी उजागर, नेपाल&amp;ओमान जैसे हाल!</title>
<link>https://pratinidhi.in/t20-world-cup-2026-indias-spin-challenge-off-spinners-concern-in-super</link>
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<description><![CDATA[ भारतीय टीम टी20 विश्व कप के ग्रुप चरण में ऑफ स्पिन के खिलाफ संघर्ष करती दिखी है। ऑफ स्पिन के विरुद्ध भारत का रन रेट केवल 6.23 रहा और औसत 13.25 रहा, जो नेपाल और ओमान से ही बेहतर है। विपक्षी टीमें अब पावरप्ले में ऑफ स्पिन का उपयोग कर बाएं हाथ के बल्लेबाजों को निशाना बना रही हैं। सहायक कोच रयान टेन डोएशे ने इस कमजोरी को स्वीकार किया है और सुपर-8 में सुधार की उम्मीद जताई है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 20 Feb 2026 10:38:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>T20 World Cup 2026 India, भारत ऑफ स्पिन कमजोरी, Indian team spin challenge, सुपर‑8 भारत क्रिकेट न्यूज़, off spin vs India analysis, बाएं हाथ बल्लेबाज़ समस्या, India batting struggle spin, powerplay off spin strategy, Ryan ten Doeschate statement India, भारत क्रिकेट टीम प्रदर्शन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय क्रिकेट टीम इस वक्त सुपर-8 में जगह बनाकर पूरे टूर्नामेंट में धमाल मचा रही है, लेकिन इसी बीच एक ऐसी कमजोरी सामने आई है जिसने सबको चिंता में डाल दिया है। पिछले चैंपियन भारत ने भले ही अपने सभी ग्रुप मैच जीत लिए हों, लेकिन ऑफ स्पिन के सामने टीम की परेशानी साफ नजर आई। टी-20 में जहां 8 से 9 रन प्रति ओवर सामान्य माने जाते हैं, वहीं भारत सिर्फ 6.23 की रन रेट से ऑफ स्पिनरों को खेल पा रहा है, जो आने वाले मुकाबलों के लिए खतरे की घंटी है।</p>
<p>ग्रुप स्टेज में भारतीय बल्लेबाजों ने ऑफ स्पिन की 102 गेंदों का सामना किया और इस दौरान बार-बार विकेट गंवाए। आंकड़े बताते हैं कि ऑफ स्पिन के खिलाफ रन बनाने में भारत सिर्फ नेपाल और ओमान से ही बेहतर रहा—ये तथ्य भारत जैसे दिग्गज के लिए चौंकाने वाला है। सिर्फ रन रेट ही नहीं, बल्लेबाजों का औसत 13.25 तक गिर जाना भी बड़ी चिंता का कारण है। यही वजह है कि हर विपक्षी टीम अब एक ही फॉर्मूले पर काम कर रही है—पावरप्ले में ऑफ स्पिन, बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर दबाव और रन रोकने की रणनीति।</p>
<p>भारत के टॉप ऑर्डर में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा जैसे तीनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जिससे विरोधी टीमें टारगेटेड प्लान बनाकर उतर रही हैं। नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त ने पावरप्ले में तीन ओवर फेंककर अभिषेक और किशन को चलता किया और सिर्फ 19 रन देकर दो विकेट झटके। इससे पहले नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस भी अलग-अलग रिलीज पॉइंट से भारत के बल्लेबाजों को चकमा दे चुके हैं।</p>
<p>पाकिस्तान के खिलाफ मैच में सलमान आगा और सैम अयूब की विविधताओं ने भारतीय बल्लेबाजों को और परेशान किया। कोलंबो की धीमी पिच और अहमदाबाद की स्किडी सतह ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं। वहीं अभिषेक शर्मा की लगातार खराब फॉर्म भी टीम के लिए दर्द बनती जा रही है—तीन मैचों में खाता तक नहीं खोल पाए और दो बार ऑफ स्पिन के खिलाफ तेज शॉट खेलकर आउट हुए। हालांकि सहायक कोच रयान टेन डोएशे अब भी उनके प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त हैं।</p>
<p>डोएशे का कहना है कि अभिषेक ने नेट्स में शानदार बल्लेबाजी की है और जल्द ही रफ्तार पकड़ लेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टीम को फिंगर स्पिन के सामने काफी सुधार की जरूरत है। पाकिस्तान के खिलाफ 14 ओवर फिंगर स्पिन में 78 रन और चार विकेट का गिरना भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरी को साफ-साफ दिखाता है।</p>
<p>अब सुपर-8 में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टीमों से होना है, जिनके पास दमदार फिंगर स्पिनर मौजूद हैं। डोएशे के अनुसार अच्छी पिचों पर बल्लेबाज आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं, लेकिन जहां गेंद रुककर आती है, वहां रणनीति बदलनी ही पड़ेगी। विपक्षी टीमें अब खुलकर भारत की इस कमजोरी को भुनाने की तैयारी कर चुकी हैं, और सुपर-8 में यही चुनौती टीम इंडिया की असली परीक्षा होगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पैरों तले रखी ट्रॉफी का ‘अपमान’ पड़ा भारी! 3 साल बाद आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम पर टूटा ‘कुदरत का निजाम’, फैंस बोले, कर्मों का फल</title>
<link>https://pratinidhi.in/t20-world-cup-kudrat-ka-nizam-back-in-discussion-impact-on-australia</link>
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<description><![CDATA[ वो कहते हैं ना, जब आप जीतें, तो उसकी इज्जत करनी चाहिए, 19 नवंबर 2023 को जब ऑस्ट्रेल‍िया ने जब वनडे वर्ल्ड कप जीता था तो म‍िचेल मार्श ने अपने पैरों तले ट्रॉफी रख ली थी, लेकिन अब यही चैम्प‍ियन ऑस्ट्रेल‍िया टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भी क्वाल‍िफाई नहीं कर पाई. ज‍िसे फैन्स कह रहे कि आख‍िरकार कुदरत के न‍िजाम  (बार‍िश) ने ज‍िम्बाब्वे का साथ द‍िया और म‍िचेल मार्श ने जो 3 साल पहले किया था, उसकी भरपाई ऑस्ट्रेल‍ियाई टीम  के साथ हो गई. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:31:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टी20 वर्ल्ड कप 2026, कुदरत का निजाम controversy, ऑस्ट्रेलिया cricket news, मिचेल मार्श trophy विवाद, rain affected match, सुपर-8 qualification failure, इंडिया बनाम ऑस्ट्रेलिया rivalry, Zimbabwe vs Australia rain, cricket viral moments, world cup controversy</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>साल 2026 का रोमांच चरम पर है, लेकिन खेलप्रेमियों की यादों में 19 नवंबर 2023 की शाम आज भी ताजा है, जब ऑस्ट्रेलिया ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत को हराकर वनडे वर्ल्ड कप पर कब्जा जमाया था. उसी जीत के बाद मिचेल मार्श की वह विवादित तस्वीर पूरे देश में आग की तरह फैल गई थी, जिसमें उन्होंने ट्रॉफी को अपने पैरों के नीचे रखकर तस्वीर खिंचवाई थी. सोशल मीडिया पर तूफान मच गया था और फैंस भड़क उठे थे.</p>
<p>तब मार्श ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका इरादा किसी का अपमान करने का नहीं था और शायद वह दोबारा भी ऐसा कर दें. उन्होंने माना कि उन्होंने उस फोटो के बारे में सोचा भी नहीं था और यह इतना वायरल हो जाएगा, इसका अंदाजा उन्हें बिल्कुल नहीं था. उनका कहना था कि इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन देशभर के क्रिकेट प्रेमियों ने इसे अनादर के रूप में लिया था.</p>
<p>आज, 17 फरवरी को किस्मत का करारा तमाचा ऑस्ट्रेलिया पर फिर पड़ा है, क्योंकि वही पूर्व चैंपियन टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 तक भी नहीं पहुंच पाई. सोशल मीडिया पर लोग इसे सीधा-सीधा ‘कुदरत का निजाम’ बता रहे हैं—तीन साल पुराने अहंकार का बदला मानो अब जाकर मिला हो.</p>
<p>सबसे दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया का बाहर होना किसी मैच से नहीं, बल्कि आयरलैंड और जिम्बाब्वे के बीच बारिश से रद्द हुए मुकाबले के बाद तय हुआ. जैसे प्रकृति ने खुद फैसला दिया हो कि अब समय है हिसाब बराबर करने का.</p>
<p>फैंस लगातार कमेंट कर रहे हैं कि जिस टीम ने 2023 में जीत के नशे में ट्रॉफी को पैरों तले रख दिया था, वह आज सुपर-8 में जगह बनाने के लिए भी जूझती दिखी. और अंत में ‘कुदरत का सिस्टम’ ऐसा चला कि कंगारू टीम को टूर्नामेंट से बाहर ही होना पड़ा.</p>
<p><em><strong>‘कुदरत का निजाम’—एक ताकतवर उर्दू वाक्यांश, जिसका मतलब है प्रकृति का नियम, यानी Nature taking its course. जिस पर इंसान का कोई बस नहीं चलता.</strong></em></p>
<p><strong>बारिश बनी रियल लाइफ विलेन, जिम्बाब्वे की जबरदस्त किस्मत</strong><br>जिम्बाब्वे मंगलवार को सीधे सुपर-8 में पहुंच गया, क्योंकि आयरलैंड के खिलाफ मैच लगातार बारिश से रद्द हो गया. इस एक फैसले ने पूरी ग्रुप की तस्वीर ही बदल दी और ऑस्ट्रेलिया तथा आयरलैंड दोनों की उम्मीदें यहीं खत्म हो गईं.</p>
<p><strong>एक-एक अंक ने पलट दी पूरी कहानी</strong><br>मैच रद्द होने पर दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला और जिम्बाब्वे के कुल पांच अंक हो गए. यही पांच अंक उन्हें सुपर-8 में पहुंचाने के लिए काफी रहे. अब 26 फरवरी को वह चेन्नई में भारत से भिड़ेगा. वह सुपर-8 में पहुंचने वाली सातवीं टीम बन गई है, जहां पहले से साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसे दिग्गज मौजूद हैं.</p>
<p><strong>ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदें पानी में बह गईं</strong><br>बारिश से पहले समीकरण साफ था—ऑस्ट्रेलिया तभी आगे बढ़ सकता था, जब जिम्बाब्वे अपने दोनों बचे मैच हार जाए. लेकिन बादलों ने उनकी सारी उम्मीदों को धोकर बहा दिया और उनका अभियान बिना लड़े ही खत्म हो गया.</p>
<p><strong>टॉस तक नहीं हो सका, मैदान पानी-पानी</strong><br>पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मुकाबला हल्की बूंदाबांदी के कारण शुरू ही नहीं हो सका. मैदान लंबे समय तक कवर से ढका रहा और आउटफील्ड खेलने लायक नहीं बनी. आखिरकार बिना एक भी गेंद फेंके मैच रद्द करना पड़ा.</p>
<p><strong>श्रीलंका पहले ही बना चुका था जगह</strong><br>ग्रुप बी में शीर्ष पर बैठे श्रीलंका ने पहले ही सुपर-8 का टिकट हासिल कर लिया था. इसलिए यह मैच जिम्बाब्वे और आयरलैंड के लिए करो या मरो वाला था. लेकिन बारिश ने फैसला कर दिया कि जिम्बाब्वे अब सीधे श्रीलंका के खिलाफ अपना अंतिम ग्रुप मैच खेलेगा, सुपर-8 की जगह पहले ही पक्की कर चुका है.</p>
<p><em><strong>बिना एक भी गेंद खेले जिम्बाब्वे को मिला यह ऐतिहासिक मौका, जबकि ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड के लिए यह अंत बेहद निराशाजनक रहा. अब सुपर-8 में जिम्बाब्वे की असली परीक्षा शुरू होगी, जहां उसका पहला मुकाबला भारत जैसी महाशक्ति से है.</strong></em></p>]]> </content:encoded>
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<title>सलमान खान के पिता सलीम खान के पिता कौन थे? ब्रिटिश हुकूमत में इस बड़े पद पर थे… सच जानकर चौंक जाएंगे!</title>
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<description><![CDATA[ सलमान खान के दादा अब्दुल रशीद खान ब्रिटिश काल में सरकार से जुड़े थे. वो कौन थे, क्या थे, ये सवाल फैंस के मन में उठने लगे हैं. सलीम खान जबसे अस्पताल में एडमिट हुए हैं उनके और उनके परिवार के बारे में जानने को हर कोई बेकरार है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:27:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सलमान खान family history, सलीम खान health update, अब्दुल रशीद खान ब्रिटिश era, Bollywood celebrity news, खान परिवार biography, सलमान खान latest अपडेट, British India family background, सलीम खान interview highlights, Bollywood trending खबरें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत और दुनिया भर की हर बड़ी खबर, हर ट्रेंडिंग कहानी और हर ब्रेकिंग अपडेट—सब कुछ अब एक ही जगह पर! यहां आपको मिलता है राजनीति, राज्यों की हलचल, T20 वर्ल्ड कप की धड़कनें, और देश-दुनिया की हर बड़ी सुर्खी का सबसे तेज और दमदार कवरेज। दिल्ली से लेकर गुजरात, कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक—हर कोने की ताज़ा जानकारी अब बस एक क्लिक की दूरी पर।</p>
<p>मनोरंजन की दुनिया हो या साउथ सिनेमा का धमाका, टीवी शो के ट्विस्ट हों या भोजपुरी फिल्मों का तड़का—हर खबर यहां मिलती है सबसे मसालेदार अंदाज़ में। बिग बॉस की हलचल, फिल्म रिव्यू, वेब स्टोरीज़ और वायरल वीडियो—सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर सुपर क्विक अपडेट्स के साथ!</p>
<p>अगर आप राशिफल, टैरो, लव लाइफ या करियर से जुड़े भविष्यफल पढ़ना पसंद करते हैं, तो यहां हर सुबह के साथ मिलता है आपका शानदार एस्ट्रो गाइड। वास्तु टिप्स, त्यौहारों की पूरी जानकारी, आरती-चालीसा से लेकर पूजा-पाठ तक—धर्म और अध्यात्म की दुनिया का सबसे भरोसेमंद संग्रह यहीं उपलब्ध है।</p>
<p>खेल प्रेमियों के लिए भी यह जगह किसी खजाने से कम नहीं! IPL की उठापटक, विजुअल स्टोरीज़, हाई-वोल्टेज मैचों का रोमांच और खेल जगत की हर चौंकाने वाली अपडेट—सब कुछ सबसे तेज, सबसे सटीक और सबसे रोमांचक अंदाज़ में पेश किया जाता है।</p>
<p>बिजनेस की बात हो तो यहां आपको मिलता है शेयर मार्केट के हॉट स्टॉक्स, क्रिप्टो की हलचल, रियल एस्टेट ट्रेंड्स, गोल्ड- सिल्वर रेट और हर वह आर्थिक अपडेट जो आपकी जेब और भविष्य दोनों पर असर डाल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर इनकम टैक्स तक—यहां सब कुछ आसान भाषा में समझाया जाता है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>AI Impact Summit में 5 मेगा डील्स का धमाका! डेटा सेंटर से AI चिप फैक्ट्री तक, भारत बनने जा रहा टेक सुपरपावर</title>
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<description><![CDATA[ भारत में AI Impact Summit का आज चौथा दिन है और अब तक कई बड़े-बड़े इनवेस्मेंट का ऐलान हो चुका है. ये इनवेस्टमेंट भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर आदि बनाने में मदद करेगा. इसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं. आइए इनके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:22:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>AI Impact Summit India, भारत में AI investment, Google mega AI hub Vizag, Microsoft AI infrastructure इंडिया, Nvidia tech investment India, Qualcomm AI data center भारत, AI मॉडल development India, भारत ग्लोबल AI power, Indian AI tech growth, Vishakhapatnam AI data center</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>AI Impact Summit के चौथे दिन भारत के लिए खुशखबरी पर खुशखबरी आती रही। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों ने ऐसा इनवेस्टमेंट बरसाया है, जिसने आने वाले वर्षों में भारत को ग्लोबल AI पावर बनाने की नींव रख दी है। Google, Microsoft, Nvidia और Qualcomm जैसी कंपनियों ने साफ कर दिया है कि अब भारत ही वह जगह है जहां अगली टेक क्रांति जन्म लेगी। समिट में इन कंपनियों ने बताया कि वे देश में अत्याधुनिक डेटा सेंटर, हाई-एंड AI मॉडल और नई पीढ़ी की टेक्नोलॉजी तैयार करेंगी।</p>
<p>बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा जब Google के CEO सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि गूगल अगले 5 सालों में भारत में 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर डालने वाला है। इस दौरान गूगल के CEO के साथ गूगल डीपमाइंड के प्रमुख जीफ डेमिस हासाबिस भी भारत में मौजूद रहे, जिससे इस इनवेस्टमेंट की अहमियत और भी बढ़ गई।</p>
<p><strong>भारत में बनेगा Google का विशाल AI हब</strong></p>
<p>गूगल की यह इनवेस्टमेंट भारत के पहले मेगा AI हब की नींव रखेगी। इसका सबसे बड़ा केंद्र विशाखापत्तनम में बनने वाला विशाल AI डेटा सेंटर होगा, जहां दुनिया के सबसे शक्तिशाली AI मॉडल ट्रेन किए जाएंगे। यही हब क्लाउड सर्विस, AI कंप्यूटिंग और हाई-एंड डेटा प्रोसेसिंग का नया कमांड सेंटर बनने वाला है।</p>
<p><strong>Microsoft का शॉकिंग ऐलान – 50 बिलियन डॉलर का प्लान</strong></p>
<p>AI Impact Summit में Microsoft ने एक ऐसा ऐलान किया जिसने सबको हैरान कर दिया। कंपनी ने कहा कि वह अगले चार सालों में ग्लोबल साउथ में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। यह राशि माइक्रोसॉफ्ट के अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक होगी। पिछले साल कंपनी ने भारत में 17.5 बिलियन डॉलर लगाने का प्लान साझा किया था, जिसे अब और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p><strong>Nvidia की धांसू पार्टनरशिप – Yotta और L&amp;T के साथ बिग प्लान</strong></p>
<p>Yotta Data Services ने घोषणा की है कि वह Nvidia के नए-नए सुपर-चिप्स के डेवलपमेंट पर 2 अरब डॉलर से ज्यादा की भारी-भरकम इनवेस्टमेंट करेगा। इसके लिए एक विशाल AI कंप्यूटिंग हब खड़ा किया जाएगा, जो शुरुआती AI स्टार्टअप्स और बड़े प्रोजेक्ट्स को जबरदस्त ताकत देगा। इसके साथ ही Yotta लगभग 1.2 अरब डॉलर अपने विस्तार के लिए जुटाने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p><strong>L&amp;T के साथ मिलकर बनेगी भारत की मेगा AI फैक्ट्री</strong></p>
<p>समिट के दौरान दुनिया भर की टेक कंपनियों की मौजूदगी के बीच Nvidia ने संकेत दिया कि वह भारत में एक विशाल AI फैक्ट्री बनाने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट के लिए वह भारत की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&amp;T) के साथ हाथ मिलाएगी। यह फैक्ट्री भारत को AI उत्पादन के वैश्विक नक्शे पर सबसे आगे लाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।</p>
<p><strong>भारतीय स्टार्टअप Neysa AI ने किया बड़ा धमाका</strong></p>
<p>देशी स्टार्टअप Neysa AI ने फंडिंग की दुनिया में बड़ा कमाल कर दिखाया है। कंपनी ने 1.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाकर सभी को चौंका दिया। इस निवेश में दुनिया की दिग्गज इनवेस्टमेंट फर्म Blackstone भी शामिल है। Neysa AI एक हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो उन्नत तकनीकी ढांचा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>AI Impact Summit 2026: भारत ने रचा इतिहास! पहली बार हुआ ऐसा कि दुनिया रह गई दंग</title>
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<description><![CDATA[ India AI Impact Summit 2026 के दौरान भारत ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है.  समिट के दौरान 24 घंटे के भीतर बड़ी संख्या में लोगों ने AI प्लेज लिया और Guinness World Records बनाया. इसमें  2,50,946 लोगों ने AI प्लेज लिया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल का पूरा क्रेडिट प्रधानमंत्री को दिया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:21:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>AI Impact Summit 2026, AI pledge India record, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता, Guinness World Record India, अश्विनी वैष्णव AI initiative, AI microsite portal, भारत AI tech future, digital badge AI campaign, youth AI learning India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>AI इम्पैक्ट समिट ने इस बार इतिहास रच दिया, क्योंकि सिर्फ 24 घंटे में चौंकाने वाले 2,50,946 लोगों ने AI प्लेज लेकर नई रिकॉर्ड बुक लिख डाली. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अद्भुत उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हुए कहा कि यह पहल देश को भविष्य की टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से आगे बढ़ा रही है. इस प्लेज का उद्देश्य था—लाखों लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति और इसके सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरुक करना. प्लेज लेने वालों को खास ऑनलाइन बैज देने का भी वादा किया गया था, जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.</p>
<p><strong>AI प्लेज के लिए बनाया गया स्पेशल पोर्टल</strong></p>
<p>सरकार ने AI प्लेज को आसान और सभी तक पहुंचाने के लिए AI इम्पैक्ट पोर्टल पर एक अलग माइक्रोसाइट तैयार की थी. सोमवार सुबह से लेकर मंगलवार सुबह तक लोग अपने मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप से कुछ ही क्लिक में इस कैंपेन का हिस्सा बन सकते थे. प्लेज के बाद एक छोटा सा क्विज भी आयोजित किया गया, जिसमें भाग लेने वालों को डिजिटल बैज देकर सम्मानित किया गया. इस पहल ने युवाओं से लेकर प्रोफेशनल तक सभी में AI सीखने की लहर पैदा कर दी.</p>
<p><strong>AI Impact Summit को मिला एक दिन का एक्सटेंशन</strong></p>
<p>भारत में चल रहा AI Impact Summit इतना लोकप्रिय साबित हुआ कि सरकार ने इसकी अवधि 20 फरवरी से बढ़ाकर 21 फरवरी कर दी. इस समिट में दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियों के सीईओ शामिल हुए और भारत में AI, क्लाउड और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े इनवेस्टमेंट का ऐलान किया. गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गजों ने भी भारत की टेक जर्नी में नई ऊर्जा भरने का वादा किया. ये आयोजन भारत के AI सेक्टर को ग्लोबल लेवल पर नई पहचान दे रहा है.</p>
<p><strong>चीनी रोबोट को लेकर समिट में मचा बवाल</strong></p>
<p>समिट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा एक चीनी रोबोट, जिसे ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी लेकर आई थी. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी ने इस रोबोट को खुद बनाने की फर्जी घोषणा की है, जिसके बाद विवाद अचानक भड़क गया. हालांकि गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई दावा नहीं किया, लेकिन तब तक मामला गर्म हो चुका था. अंततः आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को भारत मंडपम में दी गई जगह खाली करने के निर्देश जारी कर दिए.</p>]]> </content:encoded>
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<title>बांग्लादेशी टका पर भारी पड़ा भारतीय रुपया! पड़ोसी मुल्क में 1 लाख की कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश!</title>
<link>https://pratinidhi.in/indian-rupee-strong-position-new-info-on-1-lakh-taka-in-bangladesh</link>
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<description><![CDATA[ भारत-बांग्लादेश करेंसी तुलना में लोग जानना चाहते हैं कि किस देश की मुद्रा ज्यादा मजबूत है। यह रिपोर्ट बताती है कि 1 भारतीय रुपया बांग्लादेश में कितने टका के बराबर होता है। इसमें दोनों देशों की विनिमय दर और आर्थिक अंतर के मुख्य तथ्य भी शामिल हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:27:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय रुपया बांग्लादेश टका, India Bangladesh currency rate, रुपये से टका conversion, बांग्लादेश चुनाव news, BNP election victory Bangladesh, टका value comparison India, Bangladesh economy update, करेंसी विनिमय दर जानकारी, South Asia politics update</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बांग्लादेश में हुए 13वें राष्ट्रीय चुनावों के नतीजों ने पूरे क्षेत्र की राजनीति में हलचल मचा दी है. इस ऐतिहासिक वोटिंग में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐसा धमाका किया कि विपक्ष के होश उड़ गए. पार्टी ने दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता पर शानदार वापसी की, जबकि जमात-ए-इस्लामी और उसके साथी दल मात्र 59 सीटों तक सीमित रह गए. हाल के महीनों में देश में कई बड़े परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें नए नोटों की लॉन्चिंग सबसे ज्यादा चर्चा में रही. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर बांग्लादेश की करेंसी कैसी है और भारत के मुकाबले उसकी कीमत कितनी है.</p>
<p>बांग्लादेश की मुद्रा को टका कहा जाता है, जो वहां की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है. देश का केंद्रीय बैंक, जिसे बांग्लादेश बैंक कहा जाता है, देश में नोटों के संचालन और मुद्रानीति को नियंत्रित करता है. दिलचस्प बात यह है कि वहां दो अलग-अलग संस्थाएं करेंसी जारी करती हैं—10 टका से ऊपर के नोट केंद्रीय बैंक छापता है, जबकि 1, 2 और 5 टका की छोटी करेंसी वित्त मंत्रालय जारी करता है, जिसे सरकारी नोट कहा जाता है. इस अनोखी व्यवस्था को लेकर हमेशा देश में चर्चा बनी रहती है.</p>
<p>पुराने नोटों पर नजर डालें तो आपको देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर साफ दिखाई देती थी. लेकिन 1 जून 2025 को अंतरिम सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1000, 50 और 20 टका के नए नोट जारी किए, जिनसे मुजीबुर रहमान की तस्वीर हटा दी गई. नए नोटों पर अब प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक धरोहरों की झलक दिखाई देती है, जिससे लोग इसे एक "नई पहचान" के रूप में देख रहे हैं. इस बदलाव ने जनता में खूब हलचल और चर्चा पैदा कर दी है.</p>
<p>अब सबसे बड़ा सवाल—भारत और बांग्लादेश की करेंसी में किसकी वैल्यू ज्यादा है? भारत के रुपये का करेंसी कोड INR है, जबकि बांग्लादेशी टका का कोड BDT है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के अनुसार 9 फरवरी 2026 को एक अमेरिकी डॉलर की कीमत भारत में 90.4163 रुपये थी. वहीं बांग्लादेश में एक डॉलर पाने के लिए 122.49 टका खर्च करने पड़ते थे. इसका मतलब है कि भारत का 1 रुपया बांग्लादेश के करीब 1.35 टका के बराबर होता है. यानी अगर आपके पास 1 लाख भारतीय रुपये हैं, तो वे बांग्लादेश में लगभग 1,35,150.18 टका बन जाते हैं.</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>दिल्ली में हड़कंप! कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां, अलर्ट पर राजधानी!</title>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार सुबह कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे हड़कंप मच गया। पुलिस, दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ते तुरंत मौके पर पहुंचे और गहन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। सोमवार को भी नौ स्कूलों को ईमेल के जरिए ऐसी ही धमकियां मिली थीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर टीम भी स्रोत का पता लगा रही है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:25:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली स्कूल बम धमकी, Delhi bomb threat news, स्कूल सुरक्षा जांच दिल्ली, police investigation Delhi, bomb squad search Delhi, email threat to schools, दिल्ली में सुरक्षा अलर्ट, स्कूल evacuation news Delhi, cyber team investigation, Delhi morning incident news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी मिली, जिससे पूरी राजधानी में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुक्रवार सुबह जैसे ही यह खबर फैली, अभिभावकों से लेकर प्रशासन तक सबके होश उड़ गए और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड में आ गईं।</p>
<p>सुबह ठीक 9:13 बजे झंडेवालान में स्थित बीडी तमिल एजुकेशन स्कूल पर पहली धमकीभरी कॉल आई, जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया। कॉल मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचा और स्कूल परिसर की बारीकी से तलाशी शुरू कर दी।</p>
<p>अब तक राहत की बात यह है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी टीमें हर कोने की दोबारा जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके।</p>
<p>चौंकाने वाली बात यह है कि इससे पहले बीते सोमवार को भी नौ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। ये ईमेल सुबह 8:30 बजे से 9:00 के बीच भेजे गए थे, जिनके बाद पूरे शहर में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की दौड़भाग बढ़ गई थी।</p>
<p>लोदी रोड का एयर फोर्स स्कूल, केआर मंगलम स्कूल, सादिक नगर का द इंडियन स्कूल—इन प्रतिष्ठित संस्थानों को भी निशाने पर लिया गया था, जिससे अभिभावकों और स्कूल प्रशासन में भारी बेचैनी देखी गई।</p>
<p>इसके अलावा लोरेटो कॉन्वेंट, श्रीनिवासपुरी का कैम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर स्कूल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का कैम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी का सीएम स्कूल, आईएनए का डीटीए स्कूल और बाल भारती स्कूल भी इन धमकी भरे ईमेल की चपेट में आए थे।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि सभी प्रभावित स्कूलों में बेहद सख्त सुरक्षा जांच की जा रही है। साथ ही साइबर विशेषज्ञों को धमकी भरी कॉल और ईमेल के असली स्रोत का पता लगाने में लगाया गया है। फिलहाल जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>भारत के लिए क्यों अहम मानी जा रही है तारिक रहमान की वापसी? 5 प्वाइंट में समझें</title>
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<description><![CDATA[ बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री होंगे। भारत इसे चुनौती से अधिक संतुलित अवसर मानता है। पीएम मोदी ने रहमान को बधाई दी, सहयोग पर जोर दिया। जमात-ए-इस्लामी को बहुमत न मिलना, बांग्लादेश की आर्थिक चुनौतियां, भारत की पूर्व संपर्क पहल और क्षेत्रीय संपर्क परियोजनाएं इसके प्रमुख कारण हैं, जो बदलते वैश्विक परिदृश्य में रणनीतिक संतुलन स्थापित करेंगे। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:24:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बांग्लादेश चुनाव analysis, तारिक रहमान Bangladesh politics, भारत-बांग्लादेश संबंध, South Asia geopolitics, BNP जीत अपडेट, Modi Rahman ties, Bangladesh economic challenges, भारत की foreign policy, regional connectivity projects, दक्षिण एशिया राजनीति news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><span>बांग्लादेश में बदलती सत्ता समीकरणों ने भारत के लिए सहयोग और साझेदारी का एक नया दरवाज़ा खोल दिया है (फोटो रॉयटर्स)</span></p>
<p><strong>जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली।</strong> बांग्लादेश के आम चुनावों ने दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। बीएनपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है जबकि जमात-ए-इस्लामी स्पष्ट बहुमत से दूर रह गई, जिससे क्षेत्रीय सत्ता संतुलन में नई हलचल पैदा हुई है। आवामी लीग की अनुपस्थिति ने इस चुनाव को ऐतिहासिक रूप से अलग बना दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान अब देश की कमान संभालने वाले हैं।</p>
<p>बदलते वैश्विक समीकरणों और बांग्लादेश की आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए यह परिणाम भारत के लिए नई उम्मीद की तरह हैं। नई दिल्ली ने भी संकेत दे दिया है कि वह तारिक रहमान के नेतृत्व वाली सरकार के साथ तालमेल बढ़ाने को तैयार है।</p>
<p>चुनाव परिणाम स्पष्ट होते ही पीएम नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को बधाई दी और कहा कि बांग्लादेश की जनता ने उनके नेतृत्व पर भरोसा दिखाया है। प्रधानमंत्री ने यह भी वादा किया कि भारत हमेशा एक लोकतांत्रिक, स्थिर और प्रगतिशील बांग्लादेश के साथ खड़ा रहेगा और दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए तैयार है।</p>
<p>बीएनपी के पिछले कार्यकाल भारत के लिए ज्यादा सहज नहीं रहे थे, लेकिन फिर भी भारत के रणनीतिक हितों की दृष्टि से यह स्थिति जमात-ए-इस्लामी के मुकाबले कहीं बेहतर मानी जा रही है। जमात-ए-इस्लामी का पाकिस्तान समर्थक राजनीति और कट्टरपंथी समूहों के प्रति झुकाव लंबे समय से भारत के लिए चिंता का कारण रहा है। यदि उसे बहुमत मिलता, तो भारत की पूर्वोत्तर सीमाओं पर खतरे कई गुना बढ़ सकते थे।</p>
<p>हालांकि इस चुनाव में जमात ने भारत को लेकर नरम रुख दिखाने की कोशिश की, लेकिन उसका पुराना इतिहास भारत विरोधी नारों और उग्र रैलियों से भरा रहा है। बहुमत न मिलना इस बात का संकेत है कि बांग्लादेश के मतदाता कट्टरपंथी राजनीति को पूर्ण समर्थन देने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे भारत को सुरक्षा मोर्चे पर तत्काल राहत मिली है।</p>
<p>बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था इस समय भारी दबाव में है—विदेशी मुद्रा की कमी, निर्यात में गिरावट और मुद्रास्फीति ने हालात कठिन बना दिए हैं। ऐसे माहौल में बीएनपी सरकार के लिए सबसे पहली चुनौती अर्थव्यवस्था को स्थिर करना होगी। भारत-बांग्लादेश के बीच बीते दशक में व्यापार, ऊर्जा सहयोग, बिजली आपूर्ति, रेलवे-कनेक्टिविटी और पाइपलाइन प्रोजेक्ट जैसे कई अहम क्षेत्रों में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। भारतीय कंपनियों का निवेश भी लगभग पांच अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।</p>
<p>नई सरकार के लिए इन परियोजनाओं को जारी रखना मजबूरी नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक जरूरत है। बीएनपी के घोषणा पत्र में भी भारत के प्रति किसी टकरावपूर्ण नीति का संकेत नहीं दिया गया, जिससे यह साफ होता है कि पार्टी आर्थिक हितों को प्राथमिकता देना चाहती है। भारत की निवेश क्षमता और ऊर्जा सहयोग बांग्लादेश की आर्थिक पुनर्बहाली के लिए जीवनरेखा साबित हो सकते हैं।</p>
<p>दिल्ली ने पिछले महीनों में यह रणनीति बना ली थी कि वह आवामी लीग से आगे बढ़कर हर राजनीतिक दल से संवाद के रास्ते खोले रखेगी। बैकचैनल संपर्क, राजनयिक बातचीत और राजनीतिक स्तर पर संतुलित संदेशों ने इस समय सत्ता परिवर्तन को सहज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p><span>विदेश मंत्री एस. जयशंकर का खालिदा जिया के निधन के बाद ढाका जाना और भारतीय संसद में उनके लिए शोक प्रस्ताव पारित होना इस बड़े कूटनीतिक प्रयास का हिस्सा था। इस तैयारी का लाभ अब साफ दिखाई दे रहा है—नई सरकार के लिए भारत-विरोधी रुख अपनाना आसान बिल्कुल नहीं है।</span></p>
<p>भारत और बांग्लादेश के रिश्ते केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि भूगोल और अर्थव्यवस्था के जरिए गहराई से जुड़े हैं। पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी बांग्लादेश के मार्गों और जलमार्गों पर काफी निर्भर करती है। सीमा हाट, सड़क कॉरिडोर, रेल नेटवर्क और कार्गो रूट दोनों देशों के स्थानीय कारोबार को मजबूत करते हैं।</p>
<p>ऐसे में बीएनपी के लिए इन परियोजनाओं को रोकना आर्थिक आत्मघाती कदम साबित होगा। इसके विपरीत, इन्हें आगे बढ़ाने से उसे घरेलू स्तर पर विकासकारी सरकार की पहचान भी मिल सकती है—जो उसकी सबसे बड़ी राजनीतिक जीत होगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>125 साल की ब्रिटिश छाया का अंत! पीएम मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का करेंगे ऐतिहासिक उद्घाटन!</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-administrative-changes-seva-tirth-kartavya-bhavan-inauguration</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए पीएमओ भवन &#039;सेवा तीर्थ&#039; और &#039;कर्तव्य भवन&#039; एक व दो का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले, वे दक्षिण ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो 125 साल बाद ब्रिटिश काल की छाप का अंत होगा। पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को &#039;युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय&#039; में बदला जाएगा। यह कदम प्रशासनिक वास्तुकला को उपनिवेशीकरण से मुक्त करने की सरकार की पहल का हिस्सा है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:21:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सेवा तीर्थ उद्घाटन, कर्तव्य भवन Delhi, PM Modi new PMO, प्रशासनिक बदलाव भारत, South Block last meeting, औपनिवेशिक वास्तुकला परिवर्तन, New PMO complex inauguration, भारतीय शासन सुधार, युगे युगेन भारत संग्रहालय, Modi government reforms</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत के प्रशासनिक इतिहास का नया अध्याय खोलने जा रहे हैं। वह भव्य ‘सेवा तीर्थ’ परिसर और कर्तव्य भवन–1 व 2 का उद्घाटन करेंगे, जो देश की शासन व्यवस्था को एक बिल्कुल नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।</p>
<p>13 फरवरी की शाम को होने वाला यह आयोजन सिर्फ एक उद्घाटन नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासन के भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला क्षण होगा। लंबे समय से प्रतीक्षित इस अत्याधुनिक पीएमओ परिसर को लेकर देशभर में उत्सुकता चरम पर है।</p>
<p>उद्घाटन से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण ब्लॉक में एक विशेष कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसे ब्रिटिश शासनकाल में बने इस भवन में आयोजित आखिरी बैठक माना जा रहा है। करीब 125 साल से चली आ रही औपनिवेशिक पहचान से मुक्त होकर भारत के शासन तंत्र में नए दौर की शुरुआत यहीं से होगी।</p>
<p>आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह वही ऐतिहासिक पीएमओ है, जिसे 1900 के शुरुआती दशक में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। शुक्रवार शाम 4 बजे बैठक खत्म होते ही इसका उपयोग औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।</p>
<p>बैठक के तुरंत बाद पीएमओ का पूरा स्टाफ नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में शिफ्ट हो जाएगा। 1921 से सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली करने के साथ ही भारत एक युग का अंत और नए प्रशासनिक युग की शुरुआत दर्ज करेगा।</p>
<p>सरकार इन प्रतिष्ठित भवनों को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित करने जा रही है, जहां भारत की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास को विश्वस्तरीय अंदाज में प्रदर्शित किया जाएगा। यह कदम उपनिवेशीकरण की छाप मिटाकर शासन तंत्र में भारतीय आत्मा का संचार करने की एक बड़ी पहल है।</p>
<p>नॉर्थ और साउथ ब्लॉक लगभग सवा सौ वर्षों से सत्ता का धड़कता केंद्र रहे हैं। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय पहले ही रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक से हटकर नई जगह स्थानांतरित हो चुका है।</p>
<p>पीएमओ के अनुसार ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवनों का उद्घाटन देश के प्रशासनिक ढांचे में एक क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक है। लंबे समय से कई मंत्रालय केंद्रीय विस्टा क्षेत्र में बिखरे, पुराने व अप्रभावी भवनों से काम कर रहे थे—लेकिन अब सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक ही क्षेत्र में एकत्र होंगे।</p>
<p>सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही कैंपस में होंगे। वहीं कर्तव्य भवन–1 और 2 में रक्षा, वित्त, कानून, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं।</p>
<p>डिजिटल रूप से एकीकृत ये भवन आधुनिक रिसेप्शन, स्मार्ट पब्लिक इंटरफेस ज़ोन और उन्नत वर्कस्पेस के साथ भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तिहाड़ जाएंगे राजपाल यादव! कोर्ट ने ठुकराई जमानत, दलीलों का नहीं पड़ा कोई असर, बढ़ी मुश्किलें!</title>
<link>https://pratinidhi.in/rajpal-yadav-bail-rejected-court-sends-to-tihar-jail</link>
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<description><![CDATA[ राजपाल यादव की रिहाई की उम्मीदों पर पानी फिरा है. उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली है. दिल्ली कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान राजपाल की ओर से कई दलीलें दी गईं लेकिन कोर्ट ने बदले में उन्हें जमकर फटकार लगाई. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:05:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राजपाल यादव bail news, Delhi High Court सुनवाई, तिहाड़ जेल मामला, Rajpal Yadav loan case, अस्थायी जमानत hearing, Bollywood actor controversy, कोर्ट की फटकार details, 9 करोड़ कर्ज dispute, Rajpal Yadav judicial custody, Delhi court latest update</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>फिल्मी दुनिया के मशहूर एक्टर और कॉमेडी के बादशाह राजपाल यादव इन दिनों जिंदगी के सबसे बड़े संकट से जूझ रहे हैं. 9 करोड़ रुपये का कर्ज न चुका पाने के मामले में उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया हुआ है. 12 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई, लेकिन उम्मीदों के उलट उन्हें जमानत नहीं मिली. अदालत ने उनकी दलीलों पर सख्त रुख अपनाया और साफ कहा कि गलती उनकी खुद की है.</p>
<p><strong>जमानत की उम्मीद टूटी, कोर्ट ने लगाई फटकार</strong></p>
<p>राजपाल की सजा को रोककर जमानत पर रिहा करने की याचिका पर हाई कोर्ट ने मुरली प्रोजेक्ट कंपनी को नोटिस तो जारी किया, लेकिन तत्काल राहत देने से मना कर दिया. अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी. राजपाल ने शाहजहांपुर में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी जमानत मांगी थी. बता दें कि 5 फरवरी से एक्टर न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं.</p>
<p>सुनवाई के दौरान राजपाल के वकील ने कोर्ट को बताया कि अभी भी पैसों की बात एक्टर से करनी बाकी है. इस पर अदालत नाराज हो गई और जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि राजपाल जेल में कोर्ट की वजह से नहीं, बल्कि अपनी गलतियों की वजह से हैं. कोर्ट ने साफ कर दिया कि जब उन्होंने खुद अपना दोष स्वीकार किया है, तो सजा को निलंबित करने का कोई आधार नहीं बनता.</p>
<p>जस्टिस शर्मा ने आगे कहा कि राजपाल कई दफा मान चुके हैं कि उन्होंने ये रकम ली थी और लौटाने का वादा भी किया था. तय समय तक भुगतान न करने के कारण ही 6 महीने की कैद की सजा सुनाई गई है. अदालत का कहना था कि वादाखिलाफी करने पर ही उन्हें जेल में रहना पड़ रहा है.</p>
<p>राजपाल के वकील ने दलील दी कि 3 करोड़ से ज्यादा की रकम चुका दी गई है. लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए दो टूक कहा कि आपको 25-30 मौके दिए गए थे, फिर भी आपने खुद बताया था कि आप भुगतान करने में असमर्थ हैं. ऐसे में अब अचानक जमानत की मांग क्यों की जा रही है?</p>
<p><strong>कोर्ट में राजपाल की ओर से रखी गई दलीलें</strong></p>
<p><strong>हाई कोर्ट का सवाल–</strong> जब आप मान चुके हैं कि पैसा उधार लिया था, गुनाह कबूल कर चुके हैं और चुकाने का वादा भी किया था, तो अब सजा रोकने की मांग क्यों?</p>
<p><strong>राजपाल के वकील–</strong> उस समय हमने कहा था कि हम समझौता करना चाहते हैं. राजपाल ने कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए खुद सरेंडर किया है. फिल्म के लिए लिए गए 5 करोड़ के निवेश को लौटाने के लिए ही संघर्ष कर रहे हैं. 3 करोड़ से ज्यादा राशि चुका भी चुके हैं.</p>
<p><strong>हाई कोर्ट–</strong> ये बहस आखिर हो क्यों रही है? खुद आपने कहा था कि राशि लौटाएंगे, लेकिन सालों तक भुगतान नहीं किया. आदेश का पालन न करने के कारण ही जेल जाना पड़ा. आप बार-बार मौके मिलने के बाद भी वादा नहीं निभा पाए, इसलिए अब केस को फिर से खोलने का सवाल नहीं उठता.</p>
<p>अदालत ने यह भी कहा कि आप समझौते की संभावनाएं तलाशते रहे, लेकिन 25-30 मौकों के बाद भी रकम चुकाने में देरी की. सहानुभूति अपनी जगह है, लेकिन कानून सब पर समान है.</p>
<p><strong>राजपाल के वकील–</strong> हमें 2.10 करोड़ रुपये जमा करने हैं और हमें उद्योग जगत व पब्लिक से मदद मिल रही है.</p>
<p><strong>हाई कोर्ट–</strong> इसका मामले से कोई लेना-देना नहीं. अगर आप राशि जमा करने को तैयार हैं, तो सुनवाई आगे बढ़ेगी.</p>
<p><strong>वकील–</strong> हम सिक्योरिटी अमाउंट जमा करने को तैयार हैं, लेकिन परिवार में शादी है इसलिए जमानत जरूरी है.</p>
<p><strong>क्या है पूरा विवाद?</strong></p>
<p>राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए लगभग 9 करोड़ रुपये कर्ज में लिए थे. खुद डायरेक्ट की यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई, जिसकी वजह से वे तय समय पर पैसा नहीं लौटा पाए. इसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा और बिजनेसमैन की शिकायत पर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई.</p>
<p>अदालत ने राजपाल को कई बार रकम चुकाने का मौका दिया, लेकिन भुगतान न होने पर आखिरकार उन पर सख्त कार्रवाई हुई और उन्हें जेल की सजा मिली.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>टीम इंडिया पर ‘इंजरी बम’! बुमराह की खतरनाक यॉर्कर से ईशान किशन घायल, मैच से पहले बढ़ी टेंशन!</title>
<link>https://pratinidhi.in/team-india-injury-bumrah-yorker-injures-ishan-kishan</link>
<guid>https://pratinidhi.in/team-india-injury-bumrah-yorker-injures-ishan-kishan</guid>
<description><![CDATA[ नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अभ्यास के दौरान जसप्रीत बुमराह की यॉर्कर से ईशान किशन के बाएं पैर के अंगूठे में चोट लग गई. उनकी उपलब्धता पर सस्पेंस बना हुआ है. वहीं अभिषेक शर्मा भी हालिया बीमारी से उबर रहे हैं और उनकी फिटनेस पर अंतिम फैसला होना बाकी है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:17:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टीम इंडिया injury update, बुमराह यॉर्कर injury, ईशान किशन चोट news, T20 World Cup India-Namibia, दिल्ली मैच preview, Abhishek Sharma fitness, India practice session injury, cricket player injury update, भारत vs नामीबिया मैच news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>टी20 वर्ल्ड कप में गुरुवार को नई दिल्ली की गर्माहट के बीच भारत और नामीबिया की टीमें आमने-सामने होंगी, लेकिन मुकाबले से ठीक पहले टीम इंडिया पर मुश्किलों का साया गहराता जा रहा है. पहले से ही खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ी हुई थी और अब एक और नई चोट ने माहौल और तनावपूर्ण बना दिया है. ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार अभ्यास के दौरान ईशान किशन के बाएं पैर के अंगूठे में गंभीर चोट लग गई, जिससे टीम कैंप में हलचल मच गई है.</p>
<p><strong>बुमराह की घातक यॉर्कर ने बिगाड़ी हालत</strong></p>
<p>सूत्रों के मुताबिक नेट प्रैक्टिस के दौरान जसप्रीत बुमराह की एक तूफानी यॉर्कर सीधे ईशान किशन के अंगूठे पर जा लगी और वह तुरंत दर्द से तड़पते नजर आए. बाएं हाथ का यह विस्फोटक बल्लेबाज इतना तकलीफ में दिखा कि उसे बीच अभ्यास में ही रुकना पड़ा. फिलहाल यह साफ नहीं है कि वह नामीबिया के खिलाफ मैदान पर उतर पाएंगे या नहीं, लेकिन टीम के लिए यह निश्चित रूप से बड़ा झटका बनकर सामने आया है.</p>
<p><strong>टीम पहले ही फिटनेस के संकट में फंसी</strong></p>
<p>टीम इंडिया के लिए परेशानी यहीं खत्म नहीं होती. ओपनर अभिषेक शर्मा की उपलब्धता पर भी सवाल बना हुआ है. पेट की गंभीर परेशानी के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था और हाल ही में छुट्टी मिली है, लेकिन उनकी मैच फिटनेस पर निर्णय अभी बाकी है. टीम मैनेजमेंट ने साफ कहा है कि वह तभी खेलेंगे जब खुद को पूरी तरह तैयार महसूस करेंगे.</p>
<p>अभिषेक ने अमेरिका के खिलाफ पहला मैच बीमार होने के बावजूद खेला था, लेकिन जल्दी आउट होने के बाद वह फील्डिंग के लिए भी मैदान पर नहीं उतरे. इसके बाद उन्होंने ट्रेनिंग सेशन तक मिस कर दिया. ऐसे में उनका फिट न होना टीम की रणनीति बदलने पर मजबूर कर सकता है.</p>
<p><strong>ओपनिंग और मिडिल ऑर्डर में बड़ा फेरबदल?</strong></p>
<p>अगर ईशान किशन और अभिषेक शर्मा दोनों ही उपलब्ध नहीं होते हैं, तो प्लेइंग इलेवन में भारी बदलाव देखने को मिल सकता है. संजू सैमसन को एक बड़े विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, वहीं वॉशिंगटन सुंदर को ओपनिंग में भेजने की भी चर्चा तेज है. पाकिस्तान के खिलाफ 15 फरवरी का रोमांचक मुकाबला सामने है, इसलिए टीम किसी भी तरह का रिस्क लेने से बचना चाहेगी.</p>
<p>ईशान की चोट इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि वह न सिर्फ आक्रामक बल्लेबाज हैं, बल्कि विकेटकीपिंग में भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाते हैं. अगर उनका अंगूठा ज्यादा प्रभावित होता है, तो दोनों विभागों में अचानक बदलाव करना पड़ सकता है.</p>
<p>गौरतलब है कि भारत ने अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका को हराकर की थी, लेकिन सूर्या के अलावा कोई भी बल्लेबाज चमक नहीं सका था. ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज भिड़ंत से पहले नामीबिया वाला मुकाबला टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अलीगढ़ में रिश्तों का महाभारत! दामाद संग फरार सास 10 महीने बाद जीजा के साथ हुई रफूचक्कर, 2 लाख कैश भी लेकर गायब!</title>
<link>https://pratinidhi.in/aligarh-woman-missing-again-with-brother-in-law-2-lakh</link>
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<description><![CDATA[ अलीगढ़ में चर्चित ‘सास-दामाद’ वाले केस ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है. बेटी की शादी से पहले होने वाले दामाद राहुल के साथ फरार हुई सास करीब दस महीने तक बिहार में उसके साथ रही, लेकिन अब वह उसे छोड़कर अपने जीजा के साथ भाग गई. राहुल का दावा है कि वह दो लाख रुपये कैश और जेवर साथ ले गई. शिकायत लेकर अलीगढ़ पहुंचे राहुल को पुलिस ने घटनास्थल बिहार का बताकर लौटा दिया. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:15:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अलीगढ़ महिला गायब केस, sas damaad story, जीजा संग फरार news, Aligarh missing woman, family dispute case Aligarh, Bihar police jurisdiction, cash jewellery theft case, sas damaad controversy, Aligarh viral story, शादी से पहले फरार मामला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अलीगढ़ की वही सास, जिसने पिछले साल अपने होने वाले दामाद के साथ फरार होकर पूरे इलाके में सनसनी मचा दी थी, एक बार फिर सुर्खियों में है. करीब दस महीने तक बिहार में राहुल के साथ पति-पत्नी की तरह रहने के बाद अब उसने एक नया कदम उठा लिया है. इस बार वो अपने ही जीजा संग गायब हो गई और जाते-जाते घर से दो लाख रुपये नकद और कीमती जेवर भी समेट ले गई. हक्काबक्का राहुल जब शिकायत लेकर अलीगढ़ पहुंचा, तो पुलिस ने साफ कहा– ये मामला बिहार का है. रिश्तों की ये चौंकाने वाली कहानी अब एक और अनपेक्षित मोड़ पर पहुंच चुकी है.</p>
<p><strong>बेटी की शादी से पहले पलट गया पूरा खेल</strong></p>
<p>पूरी दास्तान की शुरुआत अप्रैल 2025 में होती है, जब 16 अप्रैल को महिला की बेटी की शादी तय थी. घर में तैयारियों की धूम थी—रंगाई-पुताई, रिश्तेदारों की चहल-पहल और शादी का उत्साह. लेकिन शादी से ठीक 12 दिन पहले ऐसा तूफान आया जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. बेटी के होने वाले दूल्हे राहुल के साथ ही सास घर से फरार हो गई. परिवार ने आरोप लगाया कि वो करीब पांच लाख रुपये के जेवर और साढ़े तीन लाख की नकदी लेकर गई. बेटी ने मीडिया के सामने कहा था—मां घर में दस रुपये तक नहीं छोड़कर गईं.</p>
<p><strong>एक मोबाइल ने बढ़ा दी नजदीकियां</strong></p>
<p>परिवार का कहना था कि महिला ने राहुल को एक स्मार्टफोन दिलाया था, और यहीं से दोनों के बीच बातों का सिलसिला शुरू हुआ. पहले शादी की तैयारियों का बहाना, फिर घंटों-घंटों लंबी कॉलें. महिला के पति जितेंद्र ने बताया कि शादी की तैयारियों के दौरान उन्हें पता चला कि राहुल और उनकी पत्नी दिन में 15–20 घंटे फोन पर बात कर रहे हैं. शुरुआत में उन्होंने इसे हल्के में लिया, पर धीरे-धीरे शक गहराता चला गया.</p>
<p><strong>फरार होने के बाद कहां-कहां पहुंचे</strong></p>
<p>जब मामला मीडिया में उछला और पुलिस हरकत में आई, तब पता चला कि दोनों अलीगढ़ से कासगंज, फिर बरेली और वहां से बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे. कुछ दिन वहीं ठहरे और नेपाल बॉर्डर तक जाने की तैयारी भी कर डाली. बाद में राहुल ने बताया कि जब उन्होंने फोन खोला, तो देखा—दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल थीं. हर जगह चर्चा फैल चुकी थी. घबराकर दोनों ने खुद ही लौटने का फैसला किया और मुजफ्फरपुर से बस पकड़कर यूपी लौटते हुए थाना दादों में सरेंडर कर दिया.</p>
<p><strong>पुलिस के सामने क्या बोली थी सास</strong></p>
<p>थाने में पूछताछ के दौरान महिला ने अपने पति पर घरेलू हिंसा का गंभीर आरोप लगाया. उसने बताया कि पति शराब पीकर मारपीट करता, अपमानित करता और घर से निकाल देने की धमकी देता था. उसने कहा कि कभी राहुल से बेटी बात करती थी, कभी वो खुद—बस इसी बात पर घर में रोज झगड़े होने लगे. पति ताना देता था कि अब तो राहुल के साथ भाग जाओ. उसने कहा कि हालात असहनीय हो गए थे, इसलिए वह घर छोड़कर चली गई. राहुल ने भी बताया कि वह महिला को पहले से जानता था और उसके कहने पर साथ गया था. वह रोती थी और कहती थी कि अब जीने का मन नहीं करता. पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें साथ रहने की अनुमति दे दी थी.</p>
<p><strong>दस महीने बाद कहानी में नया ट्विस्ट</strong></p>
<p>करीब दस महीनों तक दोनों बिहार में साथ रहे और स्थानीय लोगों के मुताबिक पति-पत्नी की तरह जिंदगी गुजारते रहे. लेकिन अब राहुल का दावा है कि महिला उसे छोड़कर अपने जीजा के साथ फरार हो गई है. राहुल के अनुसार, वह उसके दो लाख रुपये कैश और कुछ महत्वपूर्ण जेवर भी उठा ले गई. राहुल का दर्द साफ झलकता है—कारण समाज की तानों के बीच उसने सबकुछ छोड़ा, पर बदले में उसे फिर से धोखा मिला.</p>
<p><strong>शिकायत करने पहुंचा तो मिला ये जवाब</strong></p>
<p>राहुल शिकायत दर्ज कराने अलीगढ़ के थाना दादों पहुंचा, लेकिन वहां पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए. उन्होंने कहा कि घटना तो बिहार की है, इसलिए कार्रवाई भी वहीं की पुलिस करेगी. अब राहुल बिहार जाकर शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है. कहानी अब किस दिशा में जाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पाकिस्तान ने फिर लीक किया परमाणु सीक्रेट? आखिर सऊदी अरब ने कैसे बनाया बम</title>
<link>https://pratinidhi.in/pakistan-nuclear-info-leak-claims-questions-saudi-bomb-making</link>
<guid>https://pratinidhi.in/pakistan-nuclear-info-leak-claims-questions-saudi-bomb-making</guid>
<description><![CDATA[ 2025 के रक्षा समझौते के बाद पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब को परमाणु मदद देने की अफवाहें तेज हुईं। अब्दुल कादिर खान और उत्तर कोरिया मामले की यादें फिर ताजा हो गईं। हालांकि कोई सबूत नहीं मिले और सऊदी के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, वह केवल सिविल न्यूक्लियर कार्यक्रम पर फोकस कर रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:13:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पाकिस्तान परमाणु लीक, Saudi nuclear claims, सऊदी सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम, Pakistan Saudi defence deal, Abdul Qadeer Khan controversy, परमाणु अप्रसार NPT, nuclear proliferation debate, Middle East nuclear news, Pakistan Saudi rumours, nuclear intelligence reports</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक सनसनीखेज दावा आग की तरह फैल रहा है—"पाकिस्तान ने फिर से अपने परमाणु राज बेच दिए, और सऊदी अरब अब परमाणु बम रखने वाला नया देश बन गया!" पुरानी यादों को हवा देते हुए लोग अब्दुल कादिर खान वाले विवाद को दोबारा उठा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि जैसे पाकिस्तान ने उत्तर कोरिया को मदद देकर बम दिलाया था, वैसे ही अब उसने सऊदी अरब को भी ताकतवर बना दिया है. लेकिन इन वायरल दावों के पीछे असली सच्चाई क्या है?</p>
<p><strong>क्या सच में सऊदी अरब के पास परमाणु बम है?</strong></p>
<p>साफ और सीधी बात—नहीं. आज तक किसी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी, चाहे वह IAEA हो या अमेरिकी खुफिया विभाग—किसी ने भी यह पुष्टि नहीं की है कि सऊदी अरब ने परमाणु हथियार बना लिए हैं. खुद सऊदी अरब बार-बार कह चुका है कि उसका उद्देश्य बिजली उत्पादन के लिए परमाणु तकनीक विकसित करना है, हथियार बनाना नहीं. यह बात इसलिए और पक्की हो जाती है क्योंकि सऊदी अरब परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का सदस्य है, जो परमाणु हथियार बनाने पर सख्त रोक लगाती है.</p>
<p>पिछले दो सालों में सऊदी अरब और अमेरिका के बीच सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन का बड़ा समझौता हुआ है—नवंबर 2025 का ऐतिहासिक करार. इसके तहत सऊदी अरब यूरेनियम को सीमित स्तर पर एनरिच कर पाएगा, लेकिन सिर्फ ऊर्जा उत्पादन के लिए, हथियारों के लिए बिल्कुल नहीं. हां, इतना जरूर है कि यदि ईरान कभी परमाणु बम बना लेता है, तो सऊदी भी पीछे नहीं रहेगा—यह क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान खुद कह चुके हैं. मगर अभी तक जमीन पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है.</p>
<p><strong>अब्दुल कादिर खान का पुराना और विवादास्पद अध्याय</strong></p>
<p>यह सच है कि पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान दुनिया के सबसे बड़े न्यूक्लियर स्कैंडल से जुड़े नाम रहे हैं. 2004 में खुलासा हुआ कि उन्होंने गुप्त नेटवर्क बनाकर उत्तर कोरिया, ईरान और लीबिया को परमाणु तकनीक बेची थी. इसके बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया. उसी तकनीकी मदद की बदौलत उत्तर कोरिया ने अपना परमाणु कार्यक्रम आगे बढ़ाया. लेकिन सऊदी अरब को लेकर जो अफवाहें फैली थीं—कि उसने पाकिस्तान को पैसे दिए और बदले में बम 'बुक' किया—उनका कोई ठोस सबूत आज तक नहीं मिला. BBC की 2013 की रिपोर्ट भी सिर्फ दावे पर टिकी थी, प्रूफ पर नहीं.</p>
<p><strong>क्या पाकिस्तान ने फिर से परमाणु सीक्रेट लीक कर दिए?</strong></p>
<p>2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुआ स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट चर्चा में आ गया. वजह थी कुछ अधिकारियों के बयान—जिनमें कहा गया कि ‘सभी सैन्य साधन’ उपलब्ध कराए जाएंगे. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान ने आग में घी डाल दिया, जब उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान की परमाणु क्षमता भी ‘डिटरेंस’ के लिए सऊदी के साथ शेयर की जा सकती है. बस इतना कहना था, और इंटरनेट पर अफवाहों का तूफान उठ गया.</p>
<p><strong>असलियत क्या है?</strong></p>
<p>यह समझौता असल में पारंपरिक सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और हथियारों की सप्लाई तक ही सीमित है. सऊदी अरब चीन से नई बैलिस्टिक मिसाइलें जरूर खरीद रहा है, लेकिन वे गैर-परमाणु हैं. ना पाकिस्तान ने कोई सीक्रेट ट्रांसफर किया और ना ही सऊदी के पास कोई छिपा हुआ न्यूक्लियर कार्यक्रम चल रहा है.</p>
<p><strong>तो फिर सऊदी अरब क्यों चर्चा में है?</strong></p>
<p><strong>क्योंकि अफवाहें तेज हैं, लेकिन सच्चाई कमजोर.</strong> पुराने विवादों और राजनीतिक बयानों के कारण लोग मान लेते हैं कि पर्दे के पीछे कोई बड़ा खेल चल रहा है. पर हकीकत यह है—न तो पाकिस्तान ने नया परमाणु राज लीक किया है, और न ही सऊदी अरब ने कोई परमाणु बम तैयार किया है. 2025 का डिफेंस एग्रीमेंट सिर्फ रणनीतिक साझेदारी है, न्यूक्लियर ट्रांसफर नहीं. आज की तारीख में यह पूरी कहानी बस सोशल मीडिया की गूंज है—जिसमें शोर ज्यादा है, सबूत बहुत कम.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत&amp;पाक मैच पर बड़ा यू&amp;टर्न? BCCI के दबाव में झुका बांग्लादेश! BCB चीफ ‘बुलबुल’ का गुप्त प्लान आया सामने!</title>
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<description><![CDATA[ टी20 वर्ल्ड कप से हटने के विवाद के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड अब भारत से रिश्ते सुधारने की कोशिश में है. BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम &#039;बुलबुल&#039; ने संकेत दिए हैं कि 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाला भारत-पाकिस्तान मैच &#039;आइस ब्रेकर&#039; साबित हो सकता है, जहां एशिया के पांचों प्रमुख क्रिकेट बोर्ड साथ बैठकर बातचीत करेंगे. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:12:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>India Pakistan match 2026, भारत पाकिस्तान क्रिकेट तनाव, BCB Bulbul statement, India BCB relations, Colombo T20 blockbuster, एशियाई क्रिकेट राजनीति, ICC coordination meeting, भारत पाकिस्तान हाई वोल्टेज मुकाबला, Bangladesh cricket board news, Asia cricket ice breaker</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान बढ़ते तनाव को खत्म करने की उम्मीद जगाते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एक बड़ा संकेत दिया है. BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम 'बुलबुल' ने कहा कि 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाने वाला भारत-पाकिस्तान का हाई-वोल्टेज मुकाबला, भारत और BCCI के साथ रिश्तों की जमी बर्फ पिघला सकता है. उन्होंने इसे एक सुनहरा मौका बताते हुए माहौल बदलने की उम्मीद जताई.</p>
<p>प्रोथोम आलो से बातचीत में अमीनुल ने खुलासा किया कि ICC चाहता है कि एशिया के पांचों दिग्गज—भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान—इस ब्लॉकबस्टर मैच को एकसाथ देखें. उनका कहना है कि इस मुलाकात के जरिए टीमों के बीच संवाद बढ़ेगा और गलतफहमियां दूर होंगी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसे देशों के बीच “आइस ब्रेकर” की तरह देखा जाए.</p>
<p><strong>लाहौर की बैठक में BCB की बड़ी भूमिका</strong></p>
<p>सूत्रों के अनुसार, लाहौर में हुई त्रिपक्षीय बैठक में पाकिस्तान को भारत के खिलाफ खेलने के फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए तैयार कराने में बांग्लादेश की अहम भूमिका रही. यह कदम एशियाई क्रिकेट राजनीति में एक अप्रत्याशित लेकिन बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसने कई अटके हुए समीकरण बदल दिए.</p>
<p><strong>कैसे बिगड़े थे हालात?</strong><br>बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत आने से साफ इनकार कर दिया था.<br>जब ICC ने मैच भारत से बाहर कराने की BCB की मांग ठुकराई, तो बोर्ड ने टूर्नामेंट से हटने का ऐतिहासिक फैसला ले लिया.<br>ICC बोर्ड ने मतदान के बाद स्पष्ट कर दिया कि अगर बांग्लादेश भारत नहीं जाएगा, तो उसकी जगह किसी और टीम को शामिल किया जाएगा. नतीजतन बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में जगह मिल गई. इसी विवाद की जड़ आईपीएल से मुस्ताफिजुर रहमान का हटाया जाना माना जाता है.</p>
<p><strong>ICC का नरम रुख—बांग्लादेश पर नहीं लगा कोई प्रतिबंध</strong><br>लाहौर में हुई चर्चा में ICC ने चौंकाते हुए बांग्लादेश पर किसी तरह की कार्रवाई न करने का फैसला लिया. इतना ही नहीं, 2028 से 2031 के बीच एक बड़े ICC इवेंट की मेजबानी बांग्लादेश को दिए जाने पर भी सहमति बन गई, जिसने माहौल को और सहज कर दिया.</p>
<p><strong>अब MoU से तय होगी क्रिकेट की नई दिशा</strong><br>अमीनुल इस्लाम ने बताया कि BCB अब एक औपचारिक MoU तैयार कर रहा है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि लाहौर बैठक में लिए गए फैसलों से कोई पीछे न हटे. उन्होंने कहा कि यह समझौता लाइन-दर-लाइन तैयार किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनिश्चितता न रहे.</p>
<p>उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ढाका में हुई ACC की सालाना बैठक में भी इसी तरह का दस्तावेज तैयार किया गया था, ताकि कोई भी सदस्य देश बीच में समझौते से न मुड़ सके.</p>
<p>BCB अध्यक्ष के अनुसार, ICC के साथ यह MoU लगभग अंतिम चरण में है और इसे एशियाई क्रिकेट सहयोग को नई मजबूती देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कर्ज़ में डूबे राजपाल यादव को मिला बॉलीवुड का सहारा! सलमान&amp;अजय ने बढ़ाया हाथ, अब तक किन सितारों ने किया मदद का ऐलान?</title>
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<description><![CDATA[ बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मदद के लिए कई बड़े सितारे एकजुट होकर आगे आए हैं। उनकी यह पहल फिल्म उद्योग में मानवीय संवेदना को उजागर करती है। मशहूर हस्तियों का समर्थन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशंसक भी इस सकारात्मक कदम की सराहना कर रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:11:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राजपाल यादव मदद मामला, Salman Khan support, Ajay Devgan news, Bollywood celebrities support, फिल्म इंडस्ट्री मदद, Rajpal Yadav bail hearing, Bollywood humanitarian gesture, Varun Dhawan Sonu Sood support, तिहाड़ जेल अपडेट, Bollywood trending news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>तिहाड़ में बंद कॉमेडी किंग राजपाल यादव के लिए बॉलीवुड एकजुट! सलमान ख़ान और अजय देवगन जैसे दिग्गज सितारे अब उनके समर्थन में खुलकर आगे आ चुके हैं, जिससे इस पूरे मामले में नई हलचल मच गई है।</p>
<p>बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बातचीत में राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने चौंकाने वाला दावा किया कि इंडस्ट्री के कई बड़े नाम इस मुश्किल घड़ी में राजपाल के साथ खड़े होने को तैयार हैं।</p>
<p>गोल्डी ने खुलासा किया कि सलमान ख़ान, अजय देवगन, वरुण धवन और सोनू सूद समेत कई नामचीन कलाकारों ने आर्थिक रूप से टूट चुके राजपाल को मदद देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में हर कोई उनकी स्थिति को लेकर बेहद चिंतित है।</p>
<p>गोल्डी ने यह भी बताया कि सिर्फ कुछ स्टार्स ही नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े निर्माता-निर्देशक भी राजपाल यादव की मदद को तैयार हैं, हालांकि उन्होंने सभी नाम बताने से मना कर दिया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राजपाल की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होने वाली है और उन्हें पूरी उम्मीद है कि कोर्ट से राहत मिलेगी।</p>
<p>बीबीसी ने मदद करने वाले सेलिब्रिटीज़ से संपर्क करने की कोशिश की, जिसके बाद सलमान ख़ान की पीआर एजेंसी स्पाइस ने इस खबर की पुष्टि कर दी।</p>
<p>नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की टीम ने भी मैसेज भेजकर बताया कि वे भी इस मुश्किल समय में राजपाल यादव के साथ खड़े हैं।</p>
<p>यह पूरा मामला 2010 में आई फिल्म ‘अता पता लापता’ के दौरान लिए गए 5 करोड़ रुपये के कर्ज़ और उसके बढ़कर 9 करोड़ होने पर भी न चुका पाने से जुड़ा है।</p>
<p>दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक आत्मसमर्पण का समय दिया था और 5 फरवरी को राजपाल सीधे तिहाड़ जेल पहुंचे। बताया जाता है कि जेल में सरेंडर से पहले वह भावुक हो गए थे और यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।</p>
<p>एक्टर सोनू सूद ने राजपाल को “असाधारण प्रतिभा वाला कलाकार” बताते हुए कहा कि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को यादगार किरदार दिए हैं।</p>
<p>सोनू सूद ने एक्स पर पोस्ट डालकर बताया कि उन्होंने राजपाल को एक फिल्म के लिए साइनिंग अमाउंट दिया है और इंडस्ट्री से भी साथ आने की अपील की है।</p>
<p>उन्होंने लिखा कि यह कोई दान नहीं बल्कि सम्मान है—यह याद दिलाने का तरीका है कि कोई भी अकेला नहीं है।</p>
<p>उधर तेज प्रताप यादव ने भी 11 लाख रुपये देने की घोषणा की, जिसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा की।</p>
<p>एक्टर गुरमीत चौधरी ने भी मदद का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि हमारी इंडस्ट्री एक परिवार है और परिवार अपने लोगों को मुश्किल में अकेला नहीं छोड़ता।</p>
<p>उन्होंने लिखा कि इतने अनुभवी और प्रतिभाशाली कलाकार को ऐसे कठिन दौर से गुजरते देखना बेहद दुखद है, क्योंकि उन्होंने दर्शकों को अनगिनत मुस्कानें और यादें दी हैं।</p>
<p>एक म्यूज़िक कंपनी के मालिक राव इंद्रजीत ने भी इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा करके 1.11 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।</p>
<p>कोर्ट के दस्तावेज़ बताते हैं कि मामला फिल्म ‘अता-पता-लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दिए गए 5 करोड़ रुपये से शुरू हुआ था, जिसे राजपाल वापस नहीं कर पाए।</p>
<p>फिल्म फ्लॉप होने से उन्हें भारी नुकसान हुआ और कंपनी को दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके चलते मामला दर्ज हुआ। 2018 में निचली अदालत ने उन्हें दोषी ठहराकर छह महीने की जेल की सज़ा सुनाई।</p>
<p>बाद में मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां उनकी सज़ा पर फिलहाल रोक लगी हुई है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या तारिक रहमान बनने जा रहे हैं बांग्लादेश के नए PM? भारत पर BNP का बड़ा बयान, शेख हसीना खेमे में मचा घमासान!</title>
<link>https://pratinidhi.in/bangladesh-election-bnp-jamaat-contest-impact-on-indias-strategy</link>
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<description><![CDATA[ बांग्लादेश में 12 फरवरी को नई सरकार के लिए चुनाव हो रहे हैं, जिसमें तारिक रहमान की बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच कड़ा मुकाबला है। जुलाई-अगस्त 2024 के हिंसक आंदोलन के बाद यह पहला चुनाव है। भारत इन परिणामों पर करीब से नजर रख रहा है, क्योंकि यह भारत-बांग्लादेश संबंधों, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत किसी भी नई सरकार के साथ संबंधों को आगे बढ़ाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 12 Feb 2026 11:05:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बांग्लादेश चुनाव 2026, BNपी जमात मुकाबला, Bangladesh politics news, भारत-बांग्लादेश संबंध, सीमा सुरक्षा India Bangladesh, तारिक रहमान BNP, जमात-ए-इस्लामी updates, South Asia geopolitics, Bangladesh election impact India, ढाका चुनाव 2026</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>12 फरवरी बांग्लादेश के इतिहास में एक ऐसा दिन बनने वाला है, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा। सत्ता से शेख हसीना की विदाई और जुलाई–अगस्त 2024 के उथल–पुथल भरे विरोध प्रदर्शनों के बाद पहली बार जनता अपने नए नेता का चुनाव करने जा रही है। यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि वह फैसला है जो आने वाले समय में बांग्लादेश की दिशा और दशा दोनों तय करेगा।</p>
<p>राजनीतिक तस्वीर पर नजर डालें तो तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी को शुरुआती बढ़त मिलती दिख रही है। लेकिन माहौल पूरी तरह अनिश्चित है, क्योंकि जमात-ए-इस्लामी अपने मजबूत जनाधार की वजह से बड़ा राजनीतिक धमाका कर सकती है। कई सर्वेक्षण इस बात की पुष्टि करते हैं कि बीएनपी और जमात के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटे का होने वाला है।</p>
<p>भारत भी इस चुनाव पर पूरे ध्यान के साथ नजर टिकाए बैठा है। वजह साफ है—सत्ता में कौन आता है, इसका सीधा असर भारत-बांग्लादेश संबंधों, सीमा सुरक्षा, पूर्वोत्तर भारत की स्थिरता और पूरे क्षेत्र के भू-राजनीतिक संतुलन पर पड़ सकता है। ऐसे में यह चुनाव सिर्फ ढाका तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशिया के लिए बेहद अहम बन गया है।</p>
<p><span>भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ढाका में आने वाली किसी भी सरकार के साथ सहयोग और रिश्तों को मजबूती देने की नीति जारी रहेगी, ठीक उसी तरह जैसे शेख हसीना के समय में था।</span> मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, अब तक बीएनपी या जमात—दोनों की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि वे भारत के साथ संबंधों की अपनी रणनीति को कमजोर करने का इरादा रखते हों।</p>
<p>बीएनपी की संभावित वापसी के साथ चीन और अमेरिका की बढ़ती दिलचस्पी भी इस चुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बना देती है। भारत के आर्थिक व सामरिक हितों के बीच यह चुनाव दक्षिण एशिया की राजनीति का एक नया अध्याय खोल सकता है। यही कारण है कि जहां ढाका की जनता परिणाम को लेकर बेचैन है, वहीं नई दिल्ली में भी उत्सुकता का माहौल किसी भी तरह कम नहीं है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कयामत की बात करने वालों को सीधा संदेश अब कभी नहीं बनेगी बाबरी, बाराबंकी में गरजे सीएम योगी</title>
<link>https://pratinidhi.in/barabanki-program-cm-yogi-says-no-question-of-babri-being-rebuilt-again</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में अराजकता थी और हर चौथे दिन कर्फ्यू लगता था, लेकिन अब विकास और सुदृढ़ कानून व्यवस्था है। उन्होंने सनातन संस्कृति पर हमलों के प्रति सचेत रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं का जिक्र किया और बाराबंकी को विकास प्राधिकरण देने की घोषणा की। उन्होंने सामूहिक विवाह में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद भी दिया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>योगी आदित्यनाथ बयान, बाराबंकी यूपी राजनीति, Babri issue statement, रामलला मंदिर विवाद, UP law and order, सनातन संस्कृति news, योगी आदित्यनाथ speech, Ayodhya temple update, यूपी विकास योजनाएं, CM Yogi latest news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बाराबंकी में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया। सीएम योगी ने बेहद कठोर अंदाज में कहा कि जो लोग कयामत आने या बाबरी संरचना दोबारा खड़ी होने का सपना देख रहे हैं, उन्हें अब सच्चाई समझ लेनी चाहिए—न कयामत आने वाली है और न ही बाबरी ढांचा कभी लौटने वाला है। उन्होंने साफ कहा कि इस देश में रहना है तो कानून का सम्मान करना ही होगा, क्योंकि नियम मानने वालों को सम्मान मिलेगा और कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं बचेगा।</p>
<p>सीएम योगी ने आगे स्पष्ट किया कि रामलला का मंदिर उसी स्थान पर बना है, जहां सदियों से उनकी उपस्थिति मानी जाती रही है, और यह मंदिर अब हमेशा वहीं स्थायी रूप से विराजमान रहेगा। उन्होंने उन लोगों पर तंज कसा जो पुनर्निर्माण का सपना लेकर बैठे हैं—योगी ने कहा कि ऐसे सपने कभी पूरे नहीं होंगे, चाहे कितनी भी कोशिश की जाए।</p>
<p>अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पुराने हालात भी याद दिलाए। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में स्थिति इतनी खराब थी कि हर चौथे दिन कर्फ्यू लगाना पड़ता था, और त्योहारों पर भी लोग शांति से घरों से बाहर नहीं निकल पाते थे। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है—अराजकता खत्म हो चुकी है और विकास की रफ्तार हर दिशा में महसूस की जा सकती है।</p>
<p>मुख्यमंत्री टिकैतनगर के दुल्हदेपुर कुटी में आयोजित दशम श्री हनुमत विराट महायज्ञ और श्रीरामार्चा पूजन में शामिल हुए। यज्ञ स्थल पर उन्होंने विधि-विधान से आहुति दी। संत बलराम दास ने मुख्यमंत्री का स्वागत मखाने और लावा की भव्य माला पहनाकर किया, जिससे पूरा परिसर आध्यात्मिक माहौल से भर उठा।</p>
<p>योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और सनातन संस्कृति एक-दूसरे के लिए प्राणवायु की तरह हैं। आज दुनिया भर से सनातन पर हमले हो रहे हैं, इसलिए हर नागरिक को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की तरक्की से जिन लोगों को तकलीफ होती है, वही लोग लगातार साजिशें रच रहे हैं, लेकिन उनकी मंशा कभी सफल नहीं होगी।</p>
<p>कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि अब प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत और सख्त है। जहां कभी त्योहारों पर डर का माहौल रहता था, आज वही त्योहार शांति, उत्साह और बिना किसी बाधा के मनाए जाते हैं। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश बदला है और आज कानून का राज मजबूती से खड़ा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य के एक करोड़ 16 लाख परिवार पेंशन का लाभ ले रहे हैं, 15 से 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है और आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 करोड़ 46 लाख लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने बाराबंकी को विकास प्राधिकरण देने की घोषणा कर वहां मौजूद लोगों को बड़ी सौगात दी।</p>
<p>कार्यक्रम में बाराबंकी के साथ अयोध्या, गोंडा, बलरामपुर, सुल्तानपुर, श्रावस्ती और बहराइच से आए हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। संत-महंतों और भाजपा पदाधिकारियों की उपस्थिति से कार्यक्रम का महत्व और अधिक बढ़ गया। आयोजन में 79 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया, जहां मुख्यमंत्री योगी ने सभी दंपतियों को आशीर्वाद देकर उनके नए जीवन की शुभकामनाएं दीं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में बड़ा ट्विस्ट! राहुल गांधी ने क्यों नहीं किए साइन, कांग्रेस ने बताई अंदरूनी वजह</title>
<link>https://pratinidhi.in/om-birla-no-confidence-issue-rahul-gandhi-absence-congress-clarification</link>
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<description><![CDATA[ राहुल गांधी ने संसदीय परंपराओं के कारण स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। कांग्रेस ने 118 सांसदों के साथ नोटिस देकर स्पीकर पर पक्षपात के आरोप लगाए। टीएमसी ने इससे पहले स्पीकर से बातचीत की अपील की थी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:28:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राहुल गांधी no confidence motion, ओम बिरला अविश्वास विवाद, लोकसभा speaker controversy, संसद की राजनीति Delhi, Congress no confidence notice, विपक्ष बनाम स्पीकर मामला, parliamentary traditions India, TMC appeal to speaker, Rahul Gandhi non‑signing issue, Lok Sabha political news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>संसद की गरम होती सियासत के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव वाले नोटिस पर हस्ताक्षर करने से खुद को अलग रखा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई हलचल मच गई है।</p>
<p>सूत्र बताते हैं कि संसदीय मर्यादाओं और लंबे समय से चली आ रही परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कोई भी विपक्षी नेता आमतौर पर स्पीकर को हटाने की मांग पर अपनी सहमति नहीं देता—और राहुल गांधी का कदम भी इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>इसी बीच खबर है कि स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा सचिवालय को नोटिस की विस्तृत जांच करने और स्थिति के मुताबिक आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। इससे आगामी सत्र और भी राजनीतिक रूप से तपा हुआ नजर आ रहा है।</p>
<p>उधर, कांग्रेस ने स्पीकर के खिलाफ आधिकारिक तौर पर अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस थमा दिया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने दावा किया कि “आज दोपहर 1:14 बजे हमने रूल 94C के तहत स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस जमा किया।”</p>
<p>पार्टी से मिली जानकारी के अनुसार, इस नोटिस पर अब तक 118 सांसदों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया है। वहीं शशि थरूर ने भी पार्टी की रणनीति का समर्थन किया और कहा कि वे पूरी तरह तैयार हैं और जो भी निर्णय पार्टी ले रही है, वे उसके साथ मजबूती से खड़े हैं।</p>
<p>कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जो नोटिस साझा किया, उसमें स्पीकर पर ‘पक्षपात’ करने और विपक्षी नेताओं को बोलने का मौका न देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है।</p>
<p>नोटिस में चार बड़ी घटनाओं का उल्लेख है—सबसे प्रमुख वह पल जब राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान राहुल ने 2020 के चीन स्टैंडऑफ का जिक्र करते हुए जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित यादों का हवाला दिया था।</p>
<p>नोटिस में आठ सांसदों के निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई टिप्पणी और स्पीकर के उस बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था—ये सभी मुद्दे अब राजनीतिक तूफान को और तेज कर रहे हैं।</p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने खुलासा किया कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से अनुरोध किया था कि अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले स्पीकर से वार्ता की जाए, ताकि समाधान की कोई गुंजाइश निकले।</p>
<p>टीएमसी ने साफ कहा है कि अगर दो से तीन दिनों के भीतर स्पीकर विपक्ष की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते, तो पार्टी बिना हिचकिचाहट इस नोटिस पर हस्ताक्षर कर देगी, जिससे सियासी हलचल और तेज होना तय है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Box Office पर ‘Border 2’ का तूफान! Day 18 पर भी नहीं टूटी रफ्तार, अब सलमान–ऋतिक की फिल्मों के रिकॉर्ड खतरे में</title>
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<description><![CDATA[ Border 2 BO Day 18: सनी देओल की फिल्म &#039;बॉर्डर 2&#039; ने तीसरे संडे को जबरदस्त कमाई की थी हालांकि तीसरे मंडे को फिल्म की कमाई में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 10:46:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस, Border 2 day 18 collection, सनी देओल नई फिल्म कमाई, Border 2 तीसरा सोमवार कलेक्शन, बॉर्डर 2 वॉर ड्रामा earnings, Sunny Deol box office report, Border 2 weekend collection, तीसरे हफ्ते की कमाई Border 2, Border 2 latest update, Border 2 300 crore club</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सनी देओल की दमदार फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के तीसरे सप्ताह में भी बॉक्स ऑफिस पर धमाका मचाना जारी रखा है। तीसरे ही वीकेंड में इस वॉर ड्रामा ने 300 करोड़ रुपये की जबरदस्त कमाई पार कर ली, जिससे यह सनी देओल के करियर की ‘गदर 2’ के बाद दूसरी 300 करोड़ी फिल्म बन गई है। दर्शकों में इसका क्रेज तीसरे हफ्ते में भी उतना ही तेज़ है और हर कोई जानना चाहता है कि फिल्म ने 18वें दिन यानी तीसरे मंडे को कैसा प्रदर्शन किया।</p>
<p>18वें दिन के कलेक्शन की बात करें तो ‘बॉर्डर 2’ ने पहले ही हफ्ते में रिकॉर्डतोड़ 224.5 करोड़ रुपये बटोरकर धमाकेदार शुरुआत की थी। दूसरे हफ्ते की कमाई हालांकि गिरावट के साथ 70.15 करोड़ रही, लेकिन वर्ड ऑफ माउथ की ताकत ने तीसरे हफ्ते में इसकी कमाई फिर उठाई। तीसरे फ्राइडे को 2.85 करोड़, शनिवार को 5.25 करोड़ और रविवार को 7.25 करोड़ जोड़कर फिल्म ने बेहतरीन रन जारी रखा। हालांकि तीसरे मंडे को हर फिल्म की तरह इसमें भी गिरावट आई और इसकी कमाई काफी कम हुई।</p>
<p>सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के 18वें दिन 1.85 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन अब 311.60 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है, जो इसे इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल कर रहा है।</p>
<p>अब बड़ा सवाल यह है कि क्या ‘बॉर्डर 2’ सलमान खान की ‘बजरंगी भाईजान’ (320 करोड़) और ऋतिक रोशन की ‘वॉर’ (318 करोड़) को पछाड़ पाएगी? रविवार को इस फिल्म ने पहले ही ‘पद्मावत’ के 303 करोड़ रुपये के लाइफटाइम कलेक्शन को पार कर लिया है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कुछ ही दिनों में ‘बॉर्डर 2’ इन दोनों फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई उपलब्धि हासिल कर लेगी।</p>
<p>‘बॉर्डर 2’ का जादू इसलिए भी छाया हुआ है क्योंकि यह 1997 में रिलीज हुई जेपी दत्ता की आइकॉनिक वॉर फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है। इस नई कहानी में सनी देओल के साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की धमाकेदार परफॉर्मेंस देखने को मिल रही है। अनुराग सिंह के निर्देशन ने इस फिल्म को फिर से दर्शकों के दिलों में देशभक्ति की आग जला दी है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>IND vs PAK T20 WC विवाद में पाकिस्तान को करना पड़ा ‘सरेंडर’, पाई&amp;पाई का हिसाब जुड़ा तो अक्ल आई ठिकाने!</title>
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<description><![CDATA[ आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत-पाकिस्तान मैच का विवाद अब सुलझता हुआ दिख रहा है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने पाकिस्तान क्रिकेट के चीफ मोहसिन नकवी से औपचारिक अपील की है कि वह भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की मांग को खत्म करें और 15 फरवरी को मैदान पर उतरे. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 10:45:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टी20 विश्व कप 2026, India Pakistan match, पाकिस्तान बहिष्कार विवाद, Colombo match news, PCB Mohsin Naqvi, Bangladesh Cricket Board, ICC decision update, हाई वोल्टेज मुकाबला इंडिया पाकिस्तान, Pakistan financial loss issue, cricket controversy news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली से बड़ी खबर सामने आ रही है! आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले का बहिष्कार करने की धमकी देने वाला पाकिस्तान अब सिर्फ 24 घंटे के भीतर अपना फैसला पलटने जा रहा है. हालात ने इतनी तेजी से करवट ली है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम को खुद लाहौर पहुंचकर पीसीबी चीफ मोहसिन नकवी से मुलाकात करनी पड़ी और पाकिस्तान को बहिष्कार छोड़ने की अपील करनी पड़ी.</p>
<p>इस पूरे विवाद की जड़ में बांग्लादेश का सुरक्षा कारणों का हवाला देकर भारत में न खेलने का फैसला था, जिसके बाद आईसीसी ने कड़ा कदम उठाते हुए बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को विश्व कप में शामिल कर लिया. पाकिस्तान ने इसी के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला किया था. लेकिन अब स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि पीसीबी को बहिष्कार जारी रखने पर करोड़ों का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ सकता है, वहीं आईसीसी की सख्त कार्रवाई भी सिर पर मंडरा रही है.</p>
<p>नकवी से मुलाकात के बाद अमीनुल इस्लाम ने कहा कि पाकिस्तान का बांग्लादेश के समर्थन में खड़े होना भावुक कर देने वाला है और इस भाईचारे पर उन्हें गर्व है. लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में सलाह दी कि पूरे वैश्विक क्रिकेट तंत्र के हित में पाकिस्तान को भारत के खिलाफ मुकाबला जरूर खेलना चाहिए. इस्लाम ने यह भी जताया कि यह विवाद बढ़ा तो बांग्लादेश को भी कड़ी सजा मिल सकती है, इसलिए फैसले में सुधार बेहद जरूरी है.</p>
<p>हालांकि कहानी यहीं खत्म नहीं होती. रिपोर्ट्स का दावा है कि नकवी ने खुद बांग्लादेश के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर उनसे पाकिस्तान को मैच खेलने की अपील करने के लिए कहा, ताकि इस तूफान को गरिमा के साथ शांत किया जा सके. आईसीसी ने पहले ही नकवी की शर्तें ठुकरा दी थीं, जिससे मामला और बिगड़ गया था. लेकिन अब दोनों बोर्ड आपसी बातचीत के बाद बैकफुट पर आते दिख रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि अगले 24 घंटों में पाकिस्तान बहिष्कार वापस लेने का आधिकारिक ऐलान कर देगा, जिससे इस विवाद पर पूर्ण विराम लग सकता है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट सख़्त! ममता की याचिका पर दो टूक, ‘किसी भी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं’</title>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। ममता ने 1.36 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम गलत स्पेलिंग या पते बदलने के कारण हटाने की आशंका जताई है। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त 8,300 माइक्रो-ऑब्जर्वर पर भी सवाल उठाए हैं, जिन्हें केंद्र सरकार के अधिकारी बताया गया है। कोर्ट ने बंगाल सरकार से अधिकारियों के नाम भेजने में देरी पर सवाल किया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 09 Feb 2026 18:14:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>SIR प्रक्रिया West Bengal, सुप्रीम कोर्ट आदेश, मतदाता सूची revision, Mamata Banerjee petition, West Bengal politics news, voter list discrepancies, Election Commission monitoring, micro observers controversy, Supreme Court hearing update, Bengal voter list issue</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देश की सबसे ऊंची अदालत ने सोमवार को एक बेहद सख्त संदेश देते हुए साफ कर दिया कि विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया में अब किसी भी तरह की रुकावट या राजनीतिक दखल को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह बयान उस समय आया जब सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल में जारी SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली अहम याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।</p>
<p>मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूरे जोर के साथ कहा कि SIR प्रक्रिया हर हाल में बिना किसी व्यवधान, बिना किसी दबाव और बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के पूरी की जानी चाहिए। अदालत ने सभी राज्यों को स्पष्ट चेतावनी दी कि इस प्रक्रिया में सहयोग करें, वरना कड़े निर्देश जारी किए जा सकते हैं।</p>
<p>सुनवाई के दौरान कोर्ट पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस याचिका पर भी विचार कर रहा था, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची में मौजूद ‘तार्किक विसंगतियों’ को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। इन मुद्दों पर गहराई से चर्चा करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने SIR प्रक्रिया की समय-सीमा में एक सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दे दी है।</p>
<p>ममता बनर्जी ने अदालत में दावा किया कि मतदान सूची में 1.36 करोड़ से अधिक नाम ऐसे हैं जिन्हें चुनाव आयोग ने 'लॉजिकल एरर' बताकर संदेह के दायरे में रखा है, और यह संख्या किसी भी राज्य की राजनीति को हिलाने के लिए काफी है।</p>
<p>उनका कहना है कि गलत स्पेलिंग, शादी के बाद बेटियों के पते बदलने या अन्य तकनीकी त्रुटियों की वजह से लाखों लोगों के वोट काटे जाने की आशंका बन रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह सब योजनाबद्ध ढंग से किया जा रहा है, जिससे मतदाताओं के अधिकारों पर सीधा प्रहार हो रहा है।</p>
<p>यही नहीं, ममता ने चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त किए गए 8,300 माइक्रो-ऑब्जर्वर्स पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इनमें से अधिकांश केंद्र सरकार के अधिकारी हैं। उनकी मान्यता है कि इनकी तैनाती बिना संवैधानिक अधिकार और पूरी प्रक्रिया को प्रभावित करने की नीयत से की गई है, जिसके जरिये वोटर्स के नाम हटाने की कोशिशें की जा रही हैं।</p>
<p>इसी बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर यह आरोप भी लगाया गया कि ममता बनर्जी का व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना और SIR मामले पर बहस करना संवैधानिक रूप से अनुचित है। चार फरवरी को वह सुप्रीम कोर्ट में दलील देने वाली देश की पहली सेवारत मुख्यमंत्री बनी थीं, जिसने देशभर में जोरदार चर्चा छेड़ दी।</p>
<p>प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजानिया की तीन जजों की पीठ ने सोमवार को इस पूरे मामले पर विस्तार से सुनवाई की, जिसमें ममता बनर्जी की वह याचिका भी शामिल थी जो चुनाव आयोग की SIR कवायद का जोरदार विरोध करती है।</p>
<p>सतीश कुमार अग्रवाल, जो अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके हैं, ने याचिका दायर कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि ममता की याचिका किसी निजी विवाद से नहीं जुड़ी, बल्कि यह राज्य शासन और चुनाव आयोग के संवैधानिक अधिकारों से संबंधित एक बड़ा मुद्दा है।</p>
<p>अग्रवाल का तर्क है कि मुख्यमंत्री व्यक्तिगत क्षमता का दावा नहीं कर सकतीं, क्योंकि यह मामला पूरे राज्य और उसकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ा है। इसलिए बंगाल का प्रतिनिधित्व केवल अधिकृत वकीलों द्वारा ही होना चाहिए और वे पहले से ही अदालत में मौजूद हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रूस से तेल खरीदेगा या नहीं भारत? ट्रेड डील के बाद ट्रंप की धमकियों से सियासी–कूटनीतिक बहस तेज़</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-russia-oil-import-stance-trade-deal-trump-warning</link>
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<description><![CDATA[ भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में रूस से तेल खरीद पर विवाद बढ़ा है। ट्रंप ने भारत से रूसी तेल न लेने का दावा किया। सरकार की चुप्पी के बीच टैरिफ, रक्षा और ऊर्जा नीति पर बहस जारी है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 12:32:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारत रूस तेल आयात, India US trade deal, ट्रंप मोदी तेल बयान, रूस से तेल खरीद विवाद, US pressure on India oil, भारत अमेरिकी ऊर्जा नीति, वेनेजुएला तेल import India, Indo Russia relations energy, भारत अमेरिका टैरिफ मुद्दा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. बीते दिन वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे फ्रेमवर्क को खुलकर बताया, जहां कई अहम मुद्दों पर दोनों देशों की सहमति सामने आई. हालांकि, इसी बीच रूस से तेल खरीदने को लेकर उठे सवालों पर भारत की चुप्पी अब भी बनी हुई है, जिससे चर्चाएं और तेज हो गई हैं. केंद्र सरकार अब तक इस विवादित मुद्दे पर कोई स्पष्ट बयान देने से बच रही है.</p>
<p>अमेरिका की ओर से पहले ही दबाव था कि भारत रूस से तेल खरीद बंद करे, तभी किसी बड़े समझौते की राह आगे बढ़ पाएगी. इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अहम एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद भारत पर लगाए गए 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया. यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब दोनों देशों के बीच ऊर्जा मामलों को लेकर संवेदनशील बहस जारी है.</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस से तेल न खरीदने पर सहमति जताई है और अब भारत अमेरिकी व वेनेजुएला के तेल पर अधिक निर्भर करेगा. हालांकि, अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने इस फैसले के बदले भारत पर लगे अतिरिक्त टैरिफ में ढील को लेकर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी. उनके इस बयान ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल जरूर बढ़ा दी.</p>
<p><strong>ट्रंप का बड़ा दावा—भारत ने रूसी तेल छोड़ने का दिया भरोसा</strong></p>
<p>नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में ट्रंप ने कहा कि भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूस से तेल न खरीदने का आश्वासन दिया है. साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि आने वाले दस वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पहले से कई गुना मजबूत होगा. यह बयान इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत रक्षा क्षेत्र में दशकों से रूस का प्रमुख साझेदार रहा है.</p>
<p>ऑर्डर में यह भी चेतावनी दी गई कि अगर अमेरिकी वाणिज्य मंत्री को किसी भी स्तर पर ये जानकारी मिली कि भारत अभी भी रूसी तेल ले रहा है, तो ट्रंप प्रशासन भारत पर दोबारा 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने या किसी कड़े कदम पर विचार कर सकता है. इस शर्त ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.</p>
<p><strong>भारत की खामोशी—ट्रंप के दावों पर अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं</strong></p>
<p>पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार की ओर से ट्रंप की इन टिप्पणियों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भारत ने अमेरिकी दबाव के चलते रूसी तेल खरीद बंद की है, कम की है, या पहले की तरह जारी रखी है. हालांकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल यह साफ कर चुके हैं कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा जरूरतें सरकार की शीर्ष प्राथमिकता हैं, लेकिन वह जरूरत कैसे पूरी होगी—इस पर वह कुछ नहीं बोले.</p>
<p>रूस से तेल खरीद लंबे समय से भारत-अमेरिका संबंधों में एक बड़ा विवाद रहा है. कई अमेरिकी अधिकारी यह आरोप लगाते रहे हैं कि भारत की यह खरीद रूस की यूक्रेन युद्ध में आर्थिक मदद करती है. जबकि भारत बार-बार यह कह चुका है कि ऊर्जा खरीद पूरी तरह उसके राष्ट्रीय हित और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करती है.</p>
<p>फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाए और रूसी तेल आयात में तेजी से कमी कर दी. इसके बाद भारत ने भारी छूट पर उपलब्ध रूसी कच्चे तेल को खरीदना शुरू किया. हालांकि हाल के हफ्तों में भारत की रूसी तेल खरीद में अचानक गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन सरकार की ओर से इस बदलाव पर कोई टिप्पणी नहीं आई.</p>
<p>कुल मिलाकर, रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की चुप्पी कई नए सवाल खड़े कर रही है और दुनिया की निगाहें अब भारत के अगले कदम पर टिक गई हैं.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>‘ब्राह्मण होना योग्यता नहीं!’ संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, किसी भी जाति का व्यक्ति बन सकता है प्रमुख</title>
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<description><![CDATA[ मुंबई में आयोजित RSS की व्याख्यानमाला में सरसंघचालक मोहन भागवत ने संगठन की फंडिंग, जाति व्यवस्था, भाषा विवाद, घर वापसी और अवैध प्रवासियों जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि संघ स्वयंसेवकों के सहयोग से चलता है और सभी जातियों के लिए काम करता है. कार्यक्रम में कई चर्चित हस्तियां भी मौजूद रहीं. ]]></description>
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<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 12:30:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मोहन भागवत बयान, RSS caste system debate, संघ नेतृत्व चयन प्रक्रिया, Mumbai Vyakhyanmala event, RSS funding controversy, जाति व्यवस्था चर्चा, Mohan Bhagwat speech Mumbai, RSS ideology explained, Sangh volunteers support, social issues India debate</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई में चल रही ‘मुंबई व्याख्यानमाला’ के दूसरे दिन माहौल तब और गर्मा गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंच से कई बड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ में किसी भी जाति का व्यक्ति शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकता है। न तो अनुसूचित जाति या जनजाति होना रुकावट है, और न ही ब्राह्मण होना कोई विशेष योग्यता। भागवत ने बताया कि शुरुआती दौर में ब्राह्मणों की संख्या अधिक थी, लेकिन आज संघ हर वर्ग और हर समुदाय के लिए काम कर रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम में भागवत ने आरएसएस की फंडिंग को लेकर वर्षों से उठते सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोगों में जिज्ञासा रहती है कि संघ को पैसा कहां से मिलता है, जबकि सच यह है कि संगठन अपने स्वयंसेवकों के सहयोग और सादगीपूर्ण परंपराओं से चलता है। यात्रा के दौरान कार्यकर्ता बाहर खर्च करने के बजाय स्वयंसेवकों के घर रुकते हैं और वही भोजन करते हैं, जिससे संगठन का ढांचा मजबूत और आत्मनिर्भर बना रहता है।</p>
<p>‘100 Years of Sangh Journey – New Horizons’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में संघ की कार्यशैली से लेकर जाति व्यवस्था, भाषा विवाद, धर्मांतरण और अवैध प्रवासियों जैसे संवेदनशील विषयों पर गहन चर्चा हुई। भागवत ने कहा कि अंग्रेजी भाषा से किसी तरह की दुश्मनी नहीं है, लेकिन जहां संभव हो, मातृभाषा या हिंदी का उपयोग करना ही भारतीय आत्मा के करीब ले जाता है।</p>
<p>मुस्लिम बहुल इलाकों में काम करने की चुनौतियों पर बोलते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अपशब्दों या उकसावे पर प्रतिक्रिया देने से टकराव बढ़ता है, इसलिए संयम ही बेहतर रास्ता है। भाषा विवाद पर उन्होंने साफ कहा कि यह “स्थानीय बीमारी” है, जिसे फैलने से रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है।</p>
<p>घर वापसी पर भागवत ने दोटूक कहा कि अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं का सम्मान होना चाहिए, लेकिन जहां जबरन धर्मांतरण हुआ है, वहां लोगों को उनकी इच्छा के अनुसार वापस लाना जरूरी है। उन्होंने नारायण वामनराव का उदाहरण देते हुए बताया कि वे ईसाई बने और उनकी पसंद का सम्मान किया गया, लेकिन जिनकी मर्जी के खिलाफ धर्म बदला गया, उन्हें पूरी गरिमा के साथ वापस लाया जाना चाहिए।</p>
<p>अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाए, ताकि देश की जनसंख्या और संसाधनों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवसाय का अवसर हमेशा भारतीयों को मिलना चाहिए, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो।</p>
<p>कार्यक्रम में फिल्मी दुनिया और प्रशासनिक सेवा की कई जानी-मानी हस्तियां भी उपस्थित रहीं, जिनमें अनन्या पांडे, करण जौहर, जैकी श्रॉफ, वरिष्ठ IAS अधिकारी मिलिंद म्हैस्कर और मनीषा म्हैस्कर शामिल थे। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह आयोजन बेहद खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>India–US ट्रेड डील का बड़ा खुलासा! क्या आएगा, क्या जाएगा, शिवराज ने गिनाए किसानों को मिलने वाले ज़बरदस्त फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-us-trade-deal-shivraj-statement-benefits-for-farmers</link>
<guid>https://pratinidhi.in/india-us-trade-deal-shivraj-statement-benefits-for-farmers</guid>
<description><![CDATA[ भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया है कि इस समझौते में किसानों, कृषि और डेयरी हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है. GM उत्पादों से लेकर अनाज, डेयरी और डिब्बाबंद सब्जियों तक, भारत ने अपनी रेड लाइन साफ खींच दी है. ]]></description>
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<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 12:28:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>India-US trade deal India, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, किसान हित agriculture, Shivraj Singh Chouhan बयान, GM products ban India, कृषि और डेयरी सेक्टर इंडिया, sensitive agri products India, भोपाल प्रेस कॉन्फ्रेंस, भारतीय खेती संरक्षण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील को लेकर ऐसा भरोसा दिया, जिसने किसानों के दिलों में नई उम्मीद जगा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि पूरी दुनिया को यह साफ संदेश देता है कि भारत बातचीत करता है, लेकिन अपने हितों की कीमत पर कभी नहीं झुकता। चौहान ने दोहराया कि किसानों के फायदे पर एक खरोंच तक नहीं आने दी जाएगी और यह डील उसी सोच को मजबूत करती है।</p>
<p>मंत्री चौहान ने स्पष्ट ऐलान किया कि भारत किसी भी कीमत पर देश में आनुवंशिक रूप से संशोधित यानी GM कृषि उत्पादों को प्रवेश नहीं देगा। उन्होंने बताया कि यह फैसला भारतीय खेती, मिट्टी, बीज और कृषि परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखने के लिए बेहद अहम है। उनके अनुसार यह कदम भारत की दीर्घकालिक कृषि सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।</p>
<p><strong>'किसानों के हित सर्वोपरि'</strong></p>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ट्रेड डील में भारत ने अपने सभी संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा है। सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चावल, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, साइट्रस फल, हरी मटर, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू सहित कई उत्पादों पर किसी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जिन उत्पादों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता थी, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।</p>
<p>उन्होंने दोहराया कि भारत ने अमेरिका के लिए अपने प्रमुख अनाज, फल और डेयरी उत्पादों का दरवाजा बिल्कुल भी नहीं खोला है। मंत्री ने बताया कि अमेरिकी गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, बीन्स, खीरा, मशरूम, दालें, फ्रोजन सब्जियां, संतरा, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी जैसे कृषि उत्पाद भारत में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इतना ही नहीं, मिक्स डिब्बाबंद सब्जियों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।</p>
<p><strong>डेयरी उत्पादों को भी ‘नो एंट्री’</strong></p>
<p>कृषि मंत्री ने साफ कहा कि भारत अपने डेयरी सेक्टर को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेगा। अमेरिका से आने वाले लिक्विड मिल्क, मिल्क पाउडर, क्रीम, योगर्ट, मक्खन, घी, पनीर और चीज जैसे किसी भी उत्पाद को भारत में अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका कहना था कि यह प्रतिबंध देश के करोड़ों किसान परिवारों की आय और रोज़गार को सुरक्षित रखेगा।</p>
<p><strong>भारतीय उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क</strong></p>
<p>शिवराज ने बताया कि इस ऐतिहासिक डील के बाद भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों पर अमेरिका ने अपना टैरिफ 50% से घटाकर सीधा शून्य कर दिया है। इसका अर्थ है कि भारतीय किसानों के सामान अब बिना किसी शुल्क के अमेरिकी बाजार में भेजे जा सकेंगे, जबकि अमेरिकी उत्पादों को भारत में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है।</p>
<p>उन्होंने गर्व से कहा कि मसालों के निर्यात में भारत ने रिकॉर्डतोड़ 88% की वृद्धि दर्ज की है। आज भारतीय मसाले 200 देशों तक पहुंच रहे हैं और 2024-25 में मसाला निर्यात 4.45 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू चुका है, जो भारतीय कृषि ताकत की बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p><strong>पीएम मोदी के नेतृत्व में 9 FTA</strong></p>
<p>चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा दो बातों पर ज़ोर दिया—भारत किसी के सामने झुकेगा नहीं और किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं होगा। वर्तमान ट्रेड डील में इन दोनों बातों का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार अब तक अमेरिका, UAE के 27 देश, ओमान, न्यूजीलैंड और UK सहित 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुकी है, जबकि कई अन्य देशों से बातचीत जारी है।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि ये समझौते अगले दो दशकों में भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे किसानों, मजदूरों, गरीबों, उद्योगों, निर्यातकों और देश के उत्पादन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><strong>टेक्सटाइल और MSME को बड़ी राहत</strong></p>
<p>कृषि मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में भारत का टैरिफ अब प्रतिस्पर्धी देशों से काफी कम होकर केवल 18% रह गया है। इससे कपास किसानों, टेक्सटाइल उद्योग, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग वस्तुओं और MSME सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।</p>
<p><strong>'किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित'</strong></p>
<p>बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक भारत ने अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, साइट्रस फल और हरी मटर जैसे उत्पादों पर किसी तरह की छूट नहीं दी है। यह किसानों के भविष्य की सुरक्षा का बड़ा कदम है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत को बड़ी राहत! अमेरिकी एक्स्ट्रा टैरिफ आज से खत्म, 30 लाख करोड़ डॉलर का बाज़ार खुलेगा, 500 अरब डॉलर की होगी ऐतिहासिक डील</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-thanks-trump-us-india-trade-deal-make-in-india-impact</link>
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<description><![CDATA[ India-US Trade Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनने को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास, गहराई और मजबूत साझेदारी को दर्शाता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 10:53:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>India US trade deal, भारत अमेरिका व्यापार समझौता, मेक इन इंडिया benefits, PM Modi trade update, US tariff reduction India, भारत US partnership news, Donald Trump Modi statement, India US economic relations, व्यापार समझौता इंडिया, Delhi trade news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली से एक बड़ी और रोमांचक खबर सामने आई है। भारत और अमेरिका ने आखिरकार उस ट्रेड डील पर सहमति कर ली है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। इस समझौते के तहत अमेरिका अब भारत पर लगने वाले शुल्क को घटाकर सिर्फ 18 प्रतिशत कर देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक पड़ाव बताते हुए कहा कि यह कदम भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते भरोसे और गहरी होती साझेदारी का सच्चा प्रमाण है। उन्होंने शनिवार सुबह एक्स पर पोस्ट कर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास तौर पर धन्यवाद भी दिया।</p>
<p>पीएम मोदी ने इस डील को 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए नई ऊर्जा बताते हुए कहा कि यह समझौता देश के किसानों, स्टार्टअप्स, एमएसएमई सेक्टर, उद्यमियों और मछुआरों को नए अवसरों के बड़े दरवाजे खोलकर देगा। इस फैसले से महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार का विशाल नया बाजार तैयार होगा, जो देश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने वाला साबित हो सकता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका इनोवेशन और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए पहले से ज्यादा प्रतिबद्ध हैं। यह ट्रेड फ्रेमवर्क दोनों देशों के बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को एक नई ऊंचाई देगा। साथ ही, यह मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन का निर्माण करेगा, जो पूरी दुनिया के आर्थिक विकास को गति प्रदान करेगा। मोदी ने इसे 'विकसित भारत' के रास्ते में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।</p>
<p>वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस समझौते को भारत के लिए अभूतपूर्व अवसर बताते हुए कहा कि इस डील से करीब 30,000 अरब डॉलर का अमेरिकी बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए खुल जाएगा। इससे खास तौर पर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों को भारी फायदा मिलेगा। गोयल ने दावा किया कि बढ़ते निर्यात के साथ देश में लाखों नए रोजगार, खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए, तैयार होंगे।</p>
<p>इस ऐतिहासिक घोषणा से पहले दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी करते हुए बताया कि अमेरिका भारत पर लगने वाले शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह रूपरेखा 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी द्वारा शुरू किए गए व्यापक व्यापार समझौते के प्रति दोनों देशों की मजबूत प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। इसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच और सप्लाई चेन को मजबूत करने वाली कई नई नीतियां शामिल होंगी।</p>
<p>संयुक्त बयान में कहा गया कि यह अंतरिम समझौता दोनों देशों की साझेदारी को एक नए मुकाम पर ले जाएगा। यह द्विपक्षीय व्यापार में संतुलन, निष्पक्षता और पारस्परिक हितों को बढ़ावा देगा। इसे दोनों राष्ट्रों के बीच आर्थिक संबंधों का एक मील का पत्थर माना जा रहा है।</p>
<p>समझौते के तहत भारत अमेरिका के कई औद्योगिक उत्पादों और खाद्य एवं कृषि वस्तुओं पर शुल्क में भारी कटौती करेगा। इसमें सूखे अनाज, मेवे, प्रॉसेस्ड और ताजे फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट्स सहित कई उत्पाद शामिल हैं। यह कदम दोनों देशों के व्यापार को नई दिशा और नई गति देने वाला साबित होगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>31 साल पुराना मामला फिर ज़िंदा! पूर्णिया सांसद पप्पू यादव गिरफ्तार—किराए के मकान पर कब्ज़े का आरोप</title>
<link>https://pratinidhi.in/purnia-mp-pappu-yadav-detained-31-year-old-rented-house-encroachment-case</link>
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<description><![CDATA[ पटना पुलिस ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया है. किराये के घर पर कब्जा करने से जुड़े 31 साल पुराने मामले में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 07 Feb 2026 10:50:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पप्पू यादव गिरफ्तारी, Purnea MP arrest case, पटना पुलिस एक्शन, 31 साल पुराना मामला, Bihar politics news, किराए के मकान कब्जा विवाद, Patna court warrant, बिहार सियासत अपडेट, Pappu Yadav latest news, midnight arrest Patna</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बिहार की राजनीति में शुक्रवार की रात मानो किसी रोमांचक फिल्म का क्लाइमैक्स देखने को मिला, जब अचानक पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने उस विवाद से जुड़ी है, जिसमें उन पर आरोप है कि साल 1995 में पटना स्थित जिस मकान में वे किरायेदार बनकर गए थे, उस पर बाद में कब्जा कर लिया. बताया जाता है कि पहले उन्होंने उसी घर को अपना दफ्तर बनाया और फिर धीरे-धीरे पूरी संपत्ति पर नियंत्रण कर लिया, जिसके बाद मकान मालिक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.</p>
<p>अदालत की कई बार की समन भेजने के बावजूद पप्पू यादव हाजिर नहीं हुए, जिससे नाराज होकर कोर्ट ने हाल ही में उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया और गिरफ्तारी वारंट भी निकल गया. इसी के बाद आधी रात पटना पुलिस उन्हें उठाने पहुंची, जहां उनके समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. अब उन्हें रात पुलिस लॉकअप में बितानी होगी और शनिवार सुबह उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जिससे सियासी हलकों में हलचल और बढ़ गई है.</p>
<p>गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने भावुक बयान दिया और कहा कि उन्हें नहीं पता आगे उनके साथ क्या होने वाला है. उन्होंने दावा किया कि NEET छात्रा के लिए आवाज उठाने के कारण बिहार सरकार और गृह मंत्री सम्राट चौधरी उन्हें लगातार धमका रहे हैं. ‘आजतक’ से बातचीत में उन्होंने यहां तक कह दिया कि वे जान दे देंगे, लेकिन झुकने वाले नहीं हैं और उनके अनुसार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी उनकी हत्या करवाने की कोशिश कर रहे हैं.</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वर्दी के पुलिसकर्मी अचानक आए और धमकाने लगे, जिससे उन्हें लगा कि जान का खतरा है. पप्पू यादव का कहना है कि लोकसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद वे कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए सीधे पटना आए थे. उन्होंने सफाई दी कि यह 35 साल पुराना मामला है और सिर्फ बेल टूटने के कारण उन्हें बुलाया गया था. उनका आरोप है कि सादी वर्दी में आए पुलिसकर्मियों से उन्हें लगा कि कभी भी गोली चल सकती है. उन्होंने कहा कि मर जाएंगे लेकिन सच के रास्ते से हटना मंजूर नहीं, जबकि सम्राट चौधरी अपराधियों को पकड़ने के बजाय उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं.</p>
<p><strong>31 साल पुराना है पूरा विवाद</strong></p>
<p>पटना की अदालत ने 31 साल पुराने इस केस पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त कदम उठाया है. यह मामला गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के एफआईआर नंबर 552/1995 से जुड़ा है, जिसमें शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लिया गया और उसे दफ्तर में बदल दिया गया. इस आरोप के बाद से ही मामला लंबित चल रहा है और इसी में पप्पू यादव के खिलाफ वारंट जारी किया गया था.</p>
<p>लगातार पेशी नहीं होने पर पहले गिरफ्तारी वारंट निकला, फिर आरोपियों के ठिकानों पर इश्तेहार लगाने का आदेश आया. लेकिन जब इसके बाद भी कोर्ट में हाजिरी नहीं हुई, तो अदालत ने आखिरकार उनकी संपत्ति जब्त करने का सख्त आदेश दे दिया. 1995 से लंबित यह मामला अब अपने सबसे बड़े कानूनी मोड़ पर पहुंच चुका है और पप्पू यादव के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है.</p>]]> </content:encoded>
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