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<title>Pratinidhi &amp; News Magazine &amp; : लाइफस्टाइल</title>
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<description>Pratinidhi &amp; News Magazine &amp; : लाइफस्टाइल</description>
<dc:language>en</dc:language>
<dc:rights>Copyright 2023 Pratinidhi &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>Chaturgrahi Rajyog 2026: मकर संक्रांति के बाद इन 4 राशियों का बदलेगा भाग्य, चमक जाएगा धन&amp;सौभाग्य</title>
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<description><![CDATA[ Chaturgrahi Rajyog 2026: मकर संक्रांति के आसपास बनने वाला चतुर्ग्रही राजयोग ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद दुर्लभ और प्रभावशाली माना जा रहा है. सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र की एक ही राशि में युति न सिर्फ करियर और धन के नए अवसर खोलेगी, बल्कि भाग्य का भी पूरा साथ दिला सकती है. तो आइए जानते हैं उन लकी राशियों के बारे में. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:27:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Chaturgrahi Rajyog 2026, मकर संक्रांति ज्योतिष, चार ग्रहों का योग, मकर राशि फल, rare astrological conjunction, Surya Mangal Budh Shukra yuti, धन और करियर योग, lucky zodiac signs 2026, कुंडली राशिफल 2026, astrology horoscope Hindi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आने वाली मकर संक्रांति 14 जनवरी 2026, बुधवार को बेहद शुभ संयोग लेकर आ रही है. सूर्य उपासना का यह पावन पर्व इस बार सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत शक्तिशाली माना जा रहा है. स्नान-दान के पुण्य के साथ इस वर्ष एक दुर्लभ खगोलीय घटना घटने वाली है, क्योंकि मकर राशि में चार बड़े ग्रह एक साथ विराजमान होंगे. शुक्र, सूर्य, बुध और मंगल की यह अनोखी युति मिलकर एक प्रबल चतुर्ग्रही राजयोग का निर्माण करेगी, जो कई राशियों की किस्मत बदलने वाला साबित हो सकता है.</p>
<p>द्रिक पंचांग के मुताबिक 13 जनवरी को शुक्र के मकर राशि में प्रवेश के साथ इस विशेष योग की शुरुआत हो जाएगी. इसके बाद 14 जनवरी को सूर्य, 16 जनवरी को मंगल और आखिर में 17 जनवरी को बुध भी मकर राशि में पहुंचकर इस अद्भुत संयोग को पूर्ण करेंगे. माना जा रहा है कि इस चतुर्ग्रही राजयोग का प्रभाव कई लोगों को अप्रत्याशित सफलता, धन और सम्मान दिला सकता है. आइए देखते हैं किन भाग्यशाली राशियों पर इस दुर्लभ राजयोग की खास कृपा बरसेगी.</p>
<p>मेष राशि वालों के लिए यह चतुर्ग्रही योग किसी सुनहरे मोड़ से कम नहीं होगा. करियर में बड़ा अवसर मिलने, नई जिम्मेदारियां संभालने और प्रमोशन जैसे शुभ संकेत प्रबल रहेंगे. व्यवसायियों को सरकारी कामकाज या बड़े प्रोजेक्ट्स से लाभ के मजबूत योग बनेंगे. सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और पिता या किसी वरिष्ठ का समर्थन नई दिशा देगा. यह समय मेष जातकों के लिए उन्नति और पहचान का दौर साबित हो सकता है.</p>
<p>कन्या राशि के जातकों के लिए यह शक्तिशाली योग भाग्य का ताला खोलने जैसा होगा. पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और कोर्ट मामलों में सफलता की संभावना तेज हो जाएगी. रुके हुए काम अचानक गति पकड़ेंगे, जिससे आत्मविश्वास कई गुना बढ़ेगा. धार्मिक झुकाव बढ़ेगा और किसी लंबी यात्रा का शुभ अवसर भी मिल सकता है. आर्थिक लाभ और पारिवारिक सुकून इस अवधि को और भी खास बना देगा.</p>
<p>सिंह राशि वालों के लिए यह समय आय, करियर और स्वास्थ्य – तीनों क्षेत्रों में जबरदस्त सकारात्मकता लेकर आएगा. नौकरी में स्थिरता और सहकर्मियों का बढ़ता सहयोग कार्यक्षेत्र में उन्नति दिलाएगा. व्यापार में विस्तार की राह खुलेगी और पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं. सेहत में सुधार और जीवनशैली में अनुशासन आने से मानसिक संतुलन भी बेहतर होगा.</p>
<p>ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो इस वर्ष की मकर संक्रांति कई लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, नए अवसर और शुभ फल लेकर आने वाली है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मकर संक्रांति से पहले शुक्र का बड़ा गोचर! इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, खुलेंगे धन&amp;सौभाग्य के द्वार</title>
<link>https://pratinidhi.in/shukra-gochar-2026-makar-sankranti-changes-auspicious-for-three-zodiac-signs</link>
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<description><![CDATA[ Shukra Gochar 2026 Rashifal: मकर संक्रांति से एक दिन पहले 13 जनवरी यानी आज शुक्र ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेगा, जो कई राशियों के जीवन में सुख, धन और संबंधों में सकारात्मक बदलाव लाएगा. ज्योतिष के अनुसार, यह गोचर आर्थिक स्थिरता, करियर में प्रगति और पारिवारिक जीवन में मधुरता का संकेत दे रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:26:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Shukra Gochar 2026, मकर राशि गोचर, Venus transit effects, राशिफल 2026 predictions, मकर संक्रांति 2026, आर्थिक स्थिरता astrology, प्रेम संबंध ज्योतिष, Taurus rashifal benefits, career growth astrology, शुभ ग्रह परिवर्तन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>13 जनवरी का दिन एक बड़ी खगोलीय हलचल लेकर आया है, क्योंकि आज वैभव, प्रेम और समृद्धि के कारक ग्रह शुक्र मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं. ज्योतिष की मान्यता के अनुसार यह परिवर्तन कई लोगों के जीवन में धन, रिश्तों और सुख-सुविधाओं से जुड़े चौंकाने वाले बदलाव ला सकता है. शुक्र के प्रभाव से न सिर्फ प्रेम जीवन रोशन होता है, बल्कि करियर और पारिवारिक स्थितियों में भी बड़ा सुधार आता है. हालांकि मकर शनि की राशि है, जहां शुक्र पूरी तरह सहज नहीं कहलाता, फिर भी इस ग्रह परिवर्तन के कई शुभ संकेत दिखने लगे हैं. खास बात यह है कि मकर संक्रांति से पहले का यह गोचर भौतिक सुख-संपन्नता और आर्थिक स्थिरता के नए द्वार खोल सकता है, विशेषकर जब इस समय किए गए धार्मिक उपाय बेहद फलदायी होते हैं.</p>
<p><strong>इन राशियों पर बरसेगी किस्मत की बारिश</strong></p>
<p><strong>वृषभ राशि</strong></p>
<p>वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर किसी सुनहरे दौर की शुरुआत जैसा साबित हो सकता है. लंबे समय से डाला गया प्रयास अब शानदार सफलता में बदल सकता है, जिससे नौकरी और करियर में बड़ी उन्नति दिख सकती है. पारिवारिक माहौल पहले से ज्यादा शांत और खुशनुमा रहेगा, जिससे रिश्तों में गर्माहट और भरोसा बढ़ेगा. मानसिक तनाव में कमी और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी आपको हर चुनौती का सामना करने का दम देगी. आर्थिक रूप से भी यह समय मजबूत दिखाई दे रहा है, इसलिए नए निवेश या योजनाओं की शुरुआत आपके लिए लाभकारी होगी.</p>
<p><strong>तुला राशि</strong></p>
<p>तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह बदलाव किसी रुके हुए काम पर ‘तेजी का बूस्टर’ साबित हो सकता है. पिछले वर्ष जो इच्छाएं अधूरी रह गई थीं, इस समय उनके पूर्ण होने की संभावनाएं बेहद प्रबल हैं. घरेलू जीवन में प्रेम और सामंजस्य का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे रिश्तों में पुरानी दूरियां मिट सकती हैं. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए यह समय सुनहरा अवसर लेकर आएगा, साथ ही साझेदारी में नया काम शुरू करने वालों को भी लाभ मिलने के संकेत हैं. धन प्राप्ति के योग मजबूत हैं और जीवन में संतुलन स्थिरता के साथ बना रहेगा.</p>
<p><strong>मीन राशि</strong></p>
<p>मीन राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक मजबूती और रुके हुए लाभ के मिलने का अद्भुत समय ले कर आया है. पुराने निवेश, संपत्ति या किसी अटके हुए काम से अप्रत्याशित फायदा मिल सकता है. परिवार से जुड़ी पुरानी दिक्कतें धीरे-धीरे खत्म होंगी और घर-परिवार में सकारात्मक माहौल बनेगा. दांपत्य जीवन में समझ और प्रेम में बढ़ोत्तरी होगी, जिससे भविष्य की योजनाएं साफ और मजबूत बनेंगी. सेहत में सुधार और मन की शांति आपके आत्मविश्वास को नए आयाम तक पहुंचाएगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>CNG में ऑटोमेटिक! टाटा पंच ने मचा दी हलचल—बोल्ड लुक, स्मार्ट फीचर्स और कीमत जानकर चौंक जाएंगे</title>
<link>https://pratinidhi.in/tata-punch-cng-automatic-launch-new-design-updated-features-price-revealed</link>
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<description><![CDATA[ Tata Punch Launched: टाटा पंच के नए फेसलिफ्ट मॉडल में कंपनी ने एक से बढ़कर एक कई एडवांस फीचर्स को शामिल किया है. ख़ास बात ये है कि, इस माइक्रो एसयूवी का लुक और डिज़ाइन काफी हद तक Nexon और Harrier जैसे मॉडलों से मेल खाता है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:20:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Tata Punch facelift price, टाटा पंच CNG ऑटोमेटिक, Tata Punch 2025 model features, नई टाटा पंच डिजाइन, Tata Punch safety test India, टाटा पंच माइक्रो SUV, Tata Punch CNG automatic launch, नई Punch long tail lights, Tata Motors new SUV India, टाटा पंच updated features</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div>
<p>टाटा मोटर्स ने आखिरकार पर्दा उठा दिया है अपनी धमाकेदार माइक्रो एसयूवी Tata Punch के नए फेसलिफ्ट मॉडल से, जिसका लोग महीनों से इंतजार कर रहे थे. जबरदस्त लुक, नए फीचर्स और दमदार इंजन के साथ यह एसयूवी अब 5.59 लाख रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हो चुकी है. कंपनी ने इस मॉडल में ऐसे बदलाव किए हैं, जो इसे पुराने वर्जन से कहीं ज्यादा एडवांस और आकर्षक बनाते हैं. लॉन्च के बाद से ही यह बाजार में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुकी है.</p>
<p>नई टाटा पंच भारत की पहली ऐसी सब-कॉम्पैक्ट एसयूवी बन गई है जो CNG के साथ ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन में आती है, जो इसे सीधा अपनी कैटेगरी में यूनिक बनाता है. सुरक्षा के मामले में भी कंपनी ने कोई समझौता नहीं किया है. असली सड़क पर इसके क्रैश टेस्ट को टाटा के एक ट्रक के साथ 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पर टेस्ट किया गया, और चौंकाने वाली बात यह रही कि सभी चार डमी पूरी तरह सुरक्षित पाए गए. अब तक 7 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री का रिकॉर्ड अपने आप में इसकी लोकप्रियता बयान करता है.</p>
<p>फेसलिफ्ट मॉडल के फ्रंट में आपको बिल्कुल नया लाइटिंग सेटअप, पियानो ब्लैक टच, नया लोअर ग्रिल और फ्रेश स्किड प्लेट्स देखने को मिलेंगे. इसका फ्रंट अब नेक्सॉन, हैरियर और सफारी जैसे बड़े मॉडल्स की तरह ज्यादा स्टाइलिश नजर आता है. पीछे के हिस्से में नए टेललैंप और रिडिजाइन बंपर इस एसयूवी को और भी मस्कुलर लुक देते हैं. छह नए कलर ऑप्शंस – जैसे सायंटैफिक ब्लू, कैरमेल येलो और बंगाल रूज रेड – इसे और ज्यादा स्टैंडआउट बनाते हैं.</p>
<p>अंदर का केबिन भी पूरी तरह नया और प्रीमियम बना दिया गया है. ट्विन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील पर दिया गया इल्यूमिनेटेड टाटा लोगो इसे और क्लासी टच देता है. पुराने बटन की जगह अब टॉगल स्टाइल स्विच लगाए गए हैं, जो आधुनिकता का एहसास कराते हैं. 26.03 सेमी का इंफोटेनमेंट सिस्टम और 7-इंच की TFT स्क्रीन पूरी ड्राइविंग को हाई-टेक एक्सपीरियंस में बदल देती है. कुल मिलाकर, केबिन अब पहले से काफी ज्यादा रिच और कम्फर्टेबल महसूस होता है.</p>
<p>टाटा ने पंच फेसलिफ्ट को कुल 6 नए वेरिएंट्स में उतारा है – स्मार्ट, प्योर, प्योर प्लस, एडवेंचर, अकॉम्पलिश्ड और अकॉम्पलिश्ड प्लस. अलग-अलग बजट, जरूरतों और पसंद को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए ये वेरिएंट ग्राहकों को बेहतरीन ऑप्शंस देते हैं. यह रेंज इस एसयूवी को अपने सेगमेंट में और भी मजबूत प्रतियोगी बनाती है.</p>
<p>सबसे बड़ा अपग्रेड इसके इंजन ऑप्शंस में देखने को मिलता है. कंपनी ने इसमें कुल 3 इंजन विकल्प दिए हैं – 1.2-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन, 1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन और यही नैचुरली एस्पिरेटेड इंजन CNG के साथ भी उपलब्ध है. टर्बो इंजन वही है जो नेक्सॉन में मिलता है और अपनी पावर के लिए पहले से ही काफी मशहूर है.</p>
<p>कई ग्राहकों की शिकायत रहती थी कि पंच की पावर थोड़ी कम है, लेकिन अब टाटा ने इस कमी को दूर करने की पूरी कोशिश की है. नए फेसलिफ्ट में दिया गया 1.2-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 120hp की पावर और 170Nm का टॉर्क जनरेट करता है. कंपनी का दावा है कि यह एसयूवी 0 से 100 किमी प्रति घंटा की स्पीड सिर्फ 11.1 सेकंड में पकड़ सकती है. इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स दिया गया है, जो ड्राइविंग को और मजेदार बनाता है.</p>
<p><strong>CNG के साथ ऑटोमेटिक</strong></p>
<p>1.2-लीटर नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन अब भी मौजूद है, जो 88 बीएचपी और 115Nm का टॉर्क देता है. CNG वेरिएंट 73 बीएचपी की पावर और 103Nm का टॉर्क जनरेट करता है. पेट्रोल और CNG दोनों वेरिएंट 5-स्पीड मैनुअल के साथ आते हैं, लेकिन सबसे बड़ा सरप्राइज यह है कि अब CNG वेरिएंट में भी AMT ऑटोमेटिक ऑप्शन मिलेगा. शहर में बिना झंझट के ड्राइविंग चाहने वालों के लिए यह एक गेम चेंजर साबित होने वाला है.</p>
<p>टाटा ने इसमें अपनी डुअल सिलिंडर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है, जैसा कि टिएगो और टिगोर CNG ऑटोमेटिक में दिया जाता है. कार के बूट के नीचे दो अलग-अलग सिलिंडर लगाए गए हैं, जिससे बूट स्पेस कम होने की समस्या खत्म हो गई है. कंपनी का कहना है कि CNG वेरिएंट में पूरा 210 लीटर बूट स्पेस मिल जाता है, जो इस कैटेगरी में काफी शानदार है.</p>
<p>कुल मिलाकर देखा जाए तो Tata Punch Facelift अब ज्यादा पावरफुल, फीचर-लद और बेहतरीन ड्राइविंग अनुभव के साथ बाजार में तहलका मचाने को तैयार है. नई कीमत, नए इंजन और नए फीचर्स के साथ यह एसयूवी ग्राहकों के लिए एक बेहद आकर्षक पैकेज बनकर आई है.</p>
</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एक घूंट और दिमाग का कंट्रोल खत्म! क्यों शराब छोड़ना बन जाता है सबसे मुश्किल जंग? साइंस ने खोले राज़</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-alcohol-dependence-develops-and-why-quitting-becomes-difficult-scientific-reasons</link>
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<description><![CDATA[ 2019 में भारत में शराब की वजह से 3.40 लाख लोगों की जानें गई। &#039;Why We Drink Too Much: The Impact of Alcohol on Our Bodies and Culture&#039; नाम की किताब में डॉक्टर चार्ल्स नोल्स ने बताया है कि शराब की लत क्यों पड़ती है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:44:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>शराब की लत के कारण, alcohol addiction science, भारत में alcohol consumption, शराब छोड़ने में मुश्किल क्यों, alcohol dependency reasons, Delhi alcohol habits, शराब के नुकसान health effects, why we drink too much book, Charles Knowles alcohol research, urban lifestyle drinking India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>साल 2000 से 2018 के बीच भारत में शराब की खपत ने ऐसा उछाल मारा कि आंकड़े देखकर कोई भी चौंक जाए। जहां दो दशक पहले प्रति व्यक्ति खपत महज़ 2.3 लीटर थी, वहीँ 2018 तक बढ़कर 5.5 लीटर तक पहुंच गई। करीब 35 बिलियन डॉलर के वैल्यू वाला भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अल्कोहल मार्केट बन चुका है। 2019 के सरकारी सर्वे ने भी चौंकाया था कि 10 से 75 साल की उम्र के हर सात में से एक भारतीय शराब का सेवन करता है। बढ़ती कमाई, शहरी जीवन और बदलती जीवनशैली ने इस खपत को तेज़ी से बढ़ाया है, लेकिन इसका अंधेरा सच भी उतना ही कड़वा है।</p>
<p>'Why We Drink Too Much: The Impact of Alcohol on Our Bodies and Culture' में डॉक्टर चार्ल्स नोल्स ने बताया कि शराब की लत आखिर पकड़ती क्यों है और छूटती क्यों नहीं। वह अपने निजी अनुभवों के जरिए बताते हैं कि कैसे शराबखोरी ने उनकी शादीशुदा जिंदगी को टूटने की कगार पर ला दिया और वह एक अच्छे पिता भी नहीं बन पाए। वह यह भी स्वीकारते हैं कि नशे की हालत में उन्हें खुद का होश तक नहीं रहता था और कई बार जीवन खत्म करने जैसे खतरनाक खयाल भी आए। उनकी कहानी पढ़कर समझ आता है कि शराब सिर्फ शरीर को नहीं, पूरे जीवन को हिलाकर रख देती है।</p>
<p>किताब में दिए गए व्यक्तिगत अनुभव इसे सिर्फ एक वैज्ञानिक विश्लेषण बनने से रोकते हैं और इसे बेहद भावनात्मक और असरदार बना देते हैं। चार्ल्स बताते हैं कि कैसे शराब की लत धीरे-धीरे इंसान के रिश्तों, मानसिक शांति और आत्मविश्वास को चाटती चली जाती है। हर घूंट आपको तबाही के और करीब ले जाता है। उनकी साफ राय है कि शराब आज दुनिया का सबसे पसंदीदा ड्रग है—चाहे जश्न मनाना हो, सामाजिक मेलजोल बढ़ाना हो या दर्द दबाना हो। लेकिन इसी पसंद की आड़ में इसके नुकसान हमेशा छिप जाते हैं।</p>
<p>इस किताब में चार्ल्स शराब छोड़ने के टिप्स देने के बजाय यह बताते हैं कि यह दिमाग और शरीर के भीतर कैसी उथल-पुथल पैदा करती है। वह स्पष्ट करते हैं कि कई लोग तो सिर्फ सोशलाइजेशन के लिए पीना शुरू करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत नियंत्रण से बाहर हो जाती है। उन्होंने यह भी समझाया है कि कुछ लोग शराब में आनंद क्यों महसूस करते हैं जबकि कुछ को इसका स्वाद तक पसंद नहीं आता। इसके पीछे जेनेटिक्स, माहौल और समाज द्वारा बनाई गई उम्मीदों का बड़ा हाथ होता है।</p>
<p>इन रहस्यों को खोलने के लिए चार्ल्स ने न्यूरोसाइंस और एपिडेमियोलॉजी जैसी जटिल साइंस का सहारा लिया, लेकिन भाषा इतनी आसान रखी है कि अनजान पाठक भी सब समझ सके। वह बताते हैं कि जेनेटिक वेरिएंट्स शराब को शरीर में कैसे तोड़ते हैं, तनाव कैसे नशे की ओर धकेलता है और रोमांच की चाह कैसे शराब की लत पैदा करती है। यानी शराबखोरी की कोई एक वजह नहीं होती, बल्कि कई कारण मिलकर इसे जन्म देते हैं।</p>
<p>चार्ल्स आधुनिक दुनिया की उस संस्कृति पर भी चोट करते हैं, जो हर जश्न और हर ऑफिस पार्टी में शराब को मुख्य केंद्र बना देती है। वह बताते हैं कि विज्ञापन इंडस्ट्री किस तरह आकर्षक पैकेजिंग और ग्लैमरस इमेज बनाकर लोगों को पीने के लिए प्रेरित करती है। वह शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं हैं और न ही किसी चमत्कारिक “30 दिनों में इलाज” का दावा करते हैं। लेकिन उन्होंने ऐसे तथ्य सामने रखे हैं जो किसी भी पढ़ने वाले को सोचने पर मजबूर कर दें कि शराब के साथ उसका रिश्ता आखिर कैसा है—दोस्ती का या विनाश का।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ना जिम, ना डाइट, ना ट्रेनर! सिर्फ 3 महीने में 27 Kg वजन कम &amp; ChatGPT के बताए ये 7 तरीके वायरल</title>
<link>https://pratinidhi.in/man-loses-27-kg-in-3-months-with-chatgpt-7-weight-loss-tips</link>
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<description><![CDATA[ टेक प्रोफेशनल ने ChatGPT की मदद से अपना 27 किलो वजन कम किया है. उन्होंने बताया है कि कौन प्रॉम्प्ट की मदद से उन्हें सजेशन मिले और उन्होंने अपना वजन कम किया. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 08 Jan 2026 11:06:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ChatGPT weight loss tips, वजन घटाने के उपाय, AI fitness guide, 27 kilo weight loss story, बिना जिम वजन कम करना, ChatGPT prompts for fitness, फिटनेस जर्नी प्रेरणा, weight loss transformation India, आसान डाइट और वर्कआउट, AI health guidance</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नए साल की शुरुआत होते ही लोग फिटनेस के लिए बड़े-बड़े गोल सेट कर लेते हैं—कोई जिम जॉइन करता है, कोई महंगी डाइट्स पर चला जाता है, तो कोई ट्रेनर्स पर ढेरों पैसे खर्च करता है. लेकिन एक टेक प्रोफेशनल ने सबको चौंका दिया है. उन्होंने बताया कि उन्होंने सिर्फ ChatGPT को अपना पर्सनल फिटनेस गाइड बनाकर 3 महीनों में पूरे 27 किलो वजन घटा लिया. बिना जिम, बिना पेड ऐप और बिना स्ट्रिक्ट डाइट!</p>
<p>‘हसन’ नाम के इस प्रोफेशनल ने X पर अपनी जर्नी शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने रोज़ाना सिर्फ अनुशासन रखा और कुछ खास AI प्रॉम्प्ट्स का सही इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि ये प्रॉम्प्ट्स उनके लिए गेम-चेंजर साबित हुए, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि किसी भी प्लान को फॉलो करने से पहले सर्टिफाइड ट्रेनर से सलाह लेना जरूरी है. अब जानिए वही AI प्रॉम्प्ट्स जिन्होंने उनकी जिंदगी बदल दी.</p>
<p><strong>पहला प्रॉम्प्ट: शरीर को समझना और सही गोल सेट करना</strong></p>
<p>हसन ने सबसे पहले अपने शरीर का सही विश्लेषण करवाया. इसके लिए उन्होंने ChatGPT को अपनी हाइट, वजन, उम्र और फिटनेस गोल बताए और कहा कि एक एक्सपर्ट की तरह 12 हफ्तों का ऐसा प्लान तैयार करे जो बिना जिम की मदद से भी काम कर सके. यानी AI से पूरा बॉडी-बेस्ड फिटनेस ब्लूप्रिंट तैयार करवाया.</p>
<p><strong>दूसरा प्रॉम्प्ट: 7 दिनों का पर्सनलाइज्ड मील प्लान</strong></p>
<p>इसके बाद हसन ने ChatGPT से ऐसा वीकली मील प्लान बनाने को कहा जिसमें 1800 कैलोरी, 120 ग्राम से ज्यादा प्रोटीन और कम प्रोसेस्ड कार्ब्स हों. उन्होंने सस्ती और जल्दी बनने वाली रेसिपी की डिमांड भी रखी. AI ने उनके खान-पान और न पसंद वाली चीजों के आधार पर पूरा मैक्रो-बैलेंस्ड प्लान तैयार कर दिया.</p>
<p><strong>तीसरा प्रॉम्प्ट: घर बैठे आसान वर्कआउट रूटीन</strong></p>
<p>जिम में घंटों बिताने की बजाय हसन ने होम वर्कआउट को चुना. इसके लिए उन्होंने ChatGPT से 4 दिनों की ऐसी रूटीन मांगी जिसे बिना किसी इक्विपमेंट के घर पर किया जा सके. हर सेशन 25-35 मिनट का और 12 हफ्तों में धीरे-धीरे लेवल बढ़ता रहे—AI ने उनके लिए परफेक्ट कैलोरी-कटिंग और स्ट्रेंथ-बिल्डिंग रूटीन बनाया.</p>
<p><strong>चौथा प्रॉम्प्ट: मीठा खाने की तलब पर कंट्रोल</strong></p>
<p>सबसे मुश्किल हिस्सा था मीठे की क्रेविंग. इसे संभालने के लिए हसन ने AI से 200 कैलोरी से कम वाले 10 बड़े, लो-कैलोरी स्नैक्स की लिस्ट मांगी जो क्रेविंग को तुरंत शांत कर दें. ये स्नैक्स उन्हें ओवरईटिंग से बचाने में बेहद मददगार साबित हुए.</p>
<p><strong>पांचवा प्रॉम्प्ट: डेली ट्रैकिंग की स्मार्ट तकनीक</strong></p>
<p>हसन ने अपनी कंसिस्टेंसी बढ़ाने के लिए ChatGPT से रोजाना चेक-इन करवाने का सिस्टम बनाया. AI उन्हें हर दिन पांच जरूरी सवाल पूछता—क्या खाना फॉलो किया? कितनी एक्सरसाइज की? नींद कैसी रही? इसी ट्रैकिंग ने उन्हें चीटिंग से दूर रखा और फ़ोकस बनाए रखा.</p>
<p><strong>छठवां प्रॉम्प्ट: माइंडसेट और मोटिवेशन को स्ट्रॉन्ग रखना</strong></p>
<p>हसन ने हर सुबह 5 मिनट की जर्नलिंग शुरू की जो ChatGPT ने ही उनके लिए डिजाइन की थी. इसमें गोल्स, दिन का एक अहम काम, आभार की बातें और फिटनेस से जुड़े पॉजिटिव कोट्स शामिल थे. यही जर्नलिंग उनका रोज़ का मोटिवेशन बन गई और उन्हें रास्ते पर टिकाए रखा.</p>
<p>हसन ने हर हफ्ते अपना रिव्यू भी AI की मदद से किया—वजन, कमर और कंसिस्टेंसी स्कोर को 1-10 के पैमाने पर नोट करते और उसी आधार पर अगले हफ्ते के सुधार प्लान लेते. इसी स्मार्ट टेक्निक ने उनकी प्रगति को और तेज कर दिया.</p>
<p>आज भी बहुत लोग सोचते हैं कि वजन कम करने के लिए जिम, ट्रेनर और महंगे प्लान जरूरी हैं. लेकिन हसन की कहानी साबित करती है कि सही माइंडसेट और सही AI टूल्स से भी आप कमाल कर सकते हैं—वो भी बिना भारी खर्च किए.</p>
<p><em><strong>Disclaimer: </strong>यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है. किसी भी डाइट, वर्कआउट या हेल्थ बदलाव से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.</em></p>]]> </content:encoded>
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<title>New Year 2026 Rashifal: मेष से मीन तक हिलाएगा शनि! किसकी चमकेगी किस्मत, किस पर भारी पड़ेगा साल?</title>
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<description><![CDATA[ New Year 2026 Rashifal में सूर्य‑शनि की चाल खास ज्योतिषीय बदलाव लाएगी. शनि को छोड़ बाकी प्रमुख ग्रह वर्ष भर राशि बदलेंगे. मीन में स्थित शनि से कुंभ, मीन, मेष पर साढ़ेसाती और सिंह, धनु पर ढैय्या का असर दिखेगा. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:30:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>New Year 2026 rashifal, shani saadhesati 2026, Mesh Aries horoscope 2026, Vrishabh Taurus rashifal, 2026 astrology prediction, saade saati effects 2026, rashi fal Hindi English mix, shani transit 2026, yearly horoscope 2026 India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष (Mesh/Aries Horoscope)</strong>– साढ़ेसाती के बीच भी 2026 आपके लिए कई सुनहरे मोड़ लेकर आएगा. साल की शुरुआत जितनी मजबूत होगी, उतना ही आत्मविश्वास भी बढ़ेगा. अचानक मिलने वाले लाभ और दूर की यात्राएं आपको चकित कर सकती हैं। काम के कारण स्थान परिवर्तन के योग बनेंगे, जबकि आय और निवेश दोनों गति पकड़ेंगे। रिश्तों में मिठास रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दें। कानूनी मामलों में तेजी आएगी और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रियता बढ़ेगी। साल का पहला हिस्सा आशा से ज्यादा शुभ रहेगा, जबकि बाद के महीनों में अपनों की भावनाओं को समझने से स्थितियां अनुकूल रहेंगी।</p>
<p><strong>वृष (Vrishabh/Taurus Horoscope)</strong>– 2026 आपके लिए किसी स्वर्णिम वर्ष से कम नहीं होगा। परिवार में खुशियों की झड़ी लगेगी और घर में उत्सव के कई मौके बनेंगे। योग्य लोगों को शानदार प्रस्ताव मिलेंगे और करियर में तरक्की के द्वार खुलेंगे। काम का विस्तार और प्रशासनिक सहयोग हर कदम पर आपको बढ़त दिलाएगा। साल का आरंभ बेहद शुभ होगा, जबकि मई और जून आपकी प्रगति को कई गुना बढ़ा देंगे। अगस्त—सितंबर में थोड़ा संभलकर चलना होगा, लेकिन उसके बाद किस्मत आपको बड़े अवसरों से नवाजेगी। रचनात्मकता, संग्रह और सुरक्षा पर ध्यान देंगे तो सफलता लगातार साथ चलेगी।</p>
<p><strong>मिथुन (Mithun/Gemini Horoscope)</strong>– यह वर्ष आपकी निरंतर उन्नति की पगडंडी बनेगा। शुरुआत भले सामान्य हो, लेकिन धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव आपका आत्मविश्वास बढ़ाएंगे। सहयोगियों का भरोसा मिलेगा और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा नई ऊंचाइयों को छुएगी। प्रशासनिक स्तर पर शुभ संकेत मिलेंगे और व्यावसायिक योजनाएं तेजी पकड़ेंगी। न्यायिक मामलों में राहत मिलेगी और पैतृक विषय आपके पक्ष में जाएंगे। गुरु के कर्क राशि में प्रवेश से सफलता और अधिक मजबूत होगी, साथ ही संतान भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी। नए कार्यों की शुरुआत के अवसर बनेंगे और प्रतियोगिता में जीत आपका मनोबल बढ़ाएगी।</p>
<p><strong>कर्क (Kark/Cancer Horoscope)</strong>– 2026 की शुरुआत भले सामान्य रहे, लेकिन समय बढ़ने के साथ किस्मत का ग्राफ ऊंचा चढ़ता जाएगा। मार्च से परिस्थितियां आपके फेवर में होना शुरू होंगी। नियम, अनुशासन और योजनाबद्ध फैसले लाभदायक साबित होंगे। करियर में प्रमोशन और प्रतिष्ठा बढ़ने के योग बन सकते हैं। जून—जुलाई में थोड़ा धैर्य आपको बड़ी गलतियों से बचाएगा। गुरु के कर्क में प्रवेश के बाद शुभता बढ़ेगी, लेकिन अनचाहे खर्च भी सिर उठा सकते हैं। ऐसे में वरिष्ठों की सलाह अमूल्य सिद्ध होगी। अहंकार और जिद से दूर रहें और विपक्षियों से सावधानी बरतें।</p>
<p><strong>सिंह (Singh/Leo Horoscope)</strong>– 2026 की शुरुआत आपके लिए बेहद फायदे वाली रहेगी, इसलिए जरूरत के काम जुलाई से पहले निपटा लें। योग्य लोगों को शानदार प्रस्ताव मिलेंगे, लेकिन शनि की ढैय्या स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने का संकेत देती है। गुरु का कर्क में प्रवेश खर्च और निवेश बढ़ा देगा, इसलिए आर्थिक फैसलों में सावधानी जरूरी होगी। पारिवारिक मसलों में धैर्य और सरलता बरतें। नवंबर के मध्य से दिसंबर तक अतिरिक्त सतर्कता रखें। विदेश संबंधी मामलों में उम्मीदों के अनुरूप प्रगति होगी, बस कागजी प्रक्रियाओं में स्पष्टता बनाए रखें। परिवार का समर्थन मिलेगा, लेकिन नियमित स्वास्थ्य जांच अनिवार्य होगी।</p>
<p><strong>कन्या (Kanya/Virgo Horoscope)</strong>– यह वर्ष आपका घर—मकान का सपना पूरा कर सकता है। विवाह योग्य लोगों के लिए स्वर्णिम अवसर आएंगे। बिजनेस में औद्योगिक गतिविधियां मजबूत होंगी और साझेदारी में शुभता बढ़ेगी। भूमि और भवन से जुड़े निर्णय आपके पक्ष में रहेंगे। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और आप हर लक्ष्य को पाने में सक्षम रहेंगे। स्थानीय राजनीति से जुड़े लोग शानदार प्रदर्शन करेंगे और प्रबंधन कौशल सबको प्रभावित करेगा। अगस्त—सितंबर में थोड़ा सावधान रहें, लेकिन उसके बाद वर्षांत तक अनुकूलता का दौर जारी रहेगा। उद्यमिता बढ़ेगी और वरिष्ठों का सहयोग आपको नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>एक शख्स ने सालभर में खरीदे ₹1 लाख से ज्यादा के कंडोम! इतनी बार किया ऑर्डर कि सब रह गए हैरान</title>
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<description><![CDATA[ स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 रिपोर्ट में रोजमर्रा से लेकर महंगे सामान तक ऑनलाइन खरीद में जोरदार वृद्धि दिखी. कुछ ग्राहकों के अप्रत्याशित खर्च ने सभी को चौंकाया. रिपोर्ट ने उपभोक्ताओं की बदलती आदतों और डिजिटल शॉपिंग के बढ़ते रुझान को स्पष्ट किया. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 25 Dec 2025 16:40:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चेन्नई इंस्टामार्ट रिपोर्ट, swiggy instamart trends, online shopping इंडिया, कंडोम खरीद ट्रेंड, quirky shopping habits, Chennai customer story, digital shopping growth India, instamart condom demand, quick commerce India, ऑनलाइन खर्च बढ़ोतरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ऑनलाइन शॉपिंग ने इस साल भारतीयों की खरीदारी की ऐसी हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने रखी है, जिसे पढ़कर कोई भी दंग रह जाए. स्विगी इंस्टामार्ट की 2025 की लास्ट रिपोर्ट ने साफ दिखा दिया कि इस साल लोगों ने क्विक कॉमर्स पर कितनी बेपरवाही और जोश के साथ खर्च किया. जरूरतों से लेकर चाहतों तक—हर चीज बस एक क्लिक में घर पहुंचाई गई.</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीयों ने दूध और सब्जियों जैसी रोजमर्रा की essentials से लेकर सोना और iPhone जैसी लग्जरी चीजों तक का ऑर्डर बिना किसी हिचक के दिया. लेकिन सबसे चौंकाने वाली कहानी रही चेन्नई के एक कस्टमर की, जिसने अकेले ही सालभर में 1 लाख रुपये से ज्यादा सिर्फ कंडोम पर खर्च कर दिए. पूरे 228 ऑर्डर्स के बाद उसका कुल बिल 1,06,398 रुपये पर जा पहुंचा—सोचकर ही लोग हैरान रह जाएं!</p>
<p><strong>इंस्टामार्ट पर दूध और कंडोम की जबरदस्त मांग</strong><br>स्विगी की रिपोर्ट बताती है कि कंडोम इस साल इंस्टामार्ट का सुपरहिट प्रोडक्ट बन गया. हर 127 में से 1 ऑर्डर में कंडोम शामिल था, जबकि सितंबर में इसकी बिक्री में 24% की उछाल देखी गई. वहीं दूध ने फिर साबित कर दिया कि वह भारत की सबसे जरूरी चीज है—हर सेकंड चार से ज्यादा दूध के पैकेट ऑर्डर किए गए. कंपनी का कहना है कि इतना दूध 26,000 ओलंपिक साइज स्विमिंग पूल भरने के लिए काफी है.</p>
<p><strong>पेट लवर्स और फिटनेस फ्रीक्स ने खर्च किए जमकर पैसे</strong><br>पालतू जानवरों के लिए भी भारतीयों ने इस साल दिल खोलकर खरीदारी की. चेन्नई के एक पेट पैरेंट ने अकेले ही 24.1 लाख रुपये सिर्फ पालतू सामान पर खर्च कर दिए और उन्हें ‘साल का बेस्ट पेट ओनर’ कहा गया. उधर फिटनेस के दीवानों में नोएडा का एक यूजर सुर्खियों में रहा, जिसने 1,343 प्रोटीन सप्लीमेंट्स ऑर्डर किए और कुल 28 लाख रुपये उड़ा दिए. लग्जरी शॉपिंग भी पीछे नहीं रही—मुंबई के एक शख्स ने इंस्टामार्ट से 15.16 लाख रुपये का सोना खरीदकर सबको चौंका दिया.</p>
<p>इसके उलट बेंगलुरु के एक यूजर ने साल का सबसे छोटा ऑर्डर किया—सिर्फ 10 रुपये का प्रिंटआउट. कुल मिलाकर, 2025 की यह रिपोर्ट बताती है कि आज का भारतीय ग्राहक क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि अपनी हर छोटी-बड़ी जरूरत, शौक और लग्जरी को पूरा करने के लिए करता है—चाहे बात दूध की हो, कंडोम की या फिर चमचमाते सोने की.</p>
<p>2025 में भारतीयों ने जरूरतों से आगे बढ़कर शौक और लग्जरी पर भी दिल खोलकर खर्च किया, जिससे क्विक कॉमर्स की लोकप्रियता नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई.</p>]]> </content:encoded>
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<title>Baba Ramdev Health Tips: बेहतर सेहत और सफलता के लिए ज़रूरी है डिजिटल फास्टिंग, बाबा रामदेव का दावा</title>
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<description><![CDATA[ Baba Ramdev Health Tips: योग गुरु स्वामी रामदेव ने लोगों को पेट के साथ ही दिल और दिमाग की सेहत के लिए डिजिटल उपवास करने की सलाद दी. उन्होंने बताया कि इससे इंसान सेहतमंद जिंदगी जी सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 15:02:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बाबा रामदेव health tips, डिजिटल फास्टिंग benefits, mental health सुधार टिप्स, योग गुरु Ramdev advice, healthy lifestyle secrets, इंटरमिटेंट फास्टिंग vs digital fasting, mobile addiction control tips, दिमाग और दिल की सेहत, youth wellness motivation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>शरीर को फिट रखने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का नाम तो हर किसी ने सुना है, लेकिन अब वक्त आ गया है एक नई शक्ति को जानने का – डिजिटल फास्टिंग! एजेंडा आजतक 2025 के मंच पर योग गुरु बाबा रामदेव ने युवाओं को ऐसा मंत्र दिया, जिसे अपनाकर जिंदगी में जबरदस्त बदलाव लाया जा सकता है।</p>
<p><strong>पेट, दिल और दिमाग को दें असली छुट्टी</strong></p>
<p>रामदेव ने कहा कि हल्का भोजन और थोड़ी देर मोबाइल से दूरी, जिंदगी को चमत्कारिक रूप से बदल सकती है। उनका कहना है कि रात 8 बजे से सुबह 10 बजे तक 10–12 घंटे की डिजिटल फास्टिंग हर इंसान के लिए जरूरी है। दुनिया के बड़े और सफल लोग यही करते हैं—वे रोज 8 से 10 घंटे मोबाइल को हाथ भी नहीं लगाते!</p>
<p><strong>मेंटल हेल्थ को बनाएं नंबर 1 प्राथमिकता</strong></p>
<p>उनके मुताबिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य उतना ही जरूरी है जितना शारीरिक फिटनेस। उन्होंने कहा कि लोग जैसे शरीर की दिक्कतों से छुटकारा पाना चाहते हैं, वैसे ही बढ़ती मानसिक डिफिशिएंसी से भी निकलना बेहद जरूरी है। अपने लिए कुछ शांत पल निकालें—सोचने, समझने और खुद को मजबूत बनाने के लिए।</p>
<p>उन्होंने यह भी दोहराया कि उपवास सिर्फ पेट का नहीं, दिल और दिमाग का भी होना चाहिए। 10 घंटे का डिजिटल उपवास दिमाग के लिए अमृत जैसा है, जबकि इंटरमिटेंट फास्टिंग शरीर को स्वस्थ बनाती है। दिन में एक ही बार भोजन करने की सलाह देते हुए उन्होंने वाणी का उपवास यानी मौनव्रत को भी बेहद शक्तिशाली बताया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>पति&amp;पत्नी पर प्रेमानंद महाराज की चेतावनी: कब अलग होना उचित, जानें असली वजह</title>
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<description><![CDATA[ Premanand Maharaj on Husband Wife relationships: वृंदावन के प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि पति-पत्नी का रिश्ता बहुत पवित्र होता है उसे हमेशा अटूट रखना चाहिए. लेकिन पति और पत्नी को भी कभी भी एक स्थिति में अपने जीवनसाथी के साथ नहीं रहना चाहिए. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 12:43:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Premanand Maharaj husband wife, पति पत्नी रिश्ता सलाह, विवाह संबंध समस्याएं, marriage separation reasons, प्रेमानंद महाराज प्रवचन, husband wife relationship tips, दांपत्य जीवन guidance, toxic relationship signs Hindi, Vrindavan spiritual teachings</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>वृंदावन के प्रसिद्ध स्वामी प्रेमानंद महाराज, जिनके प्रवचन सुनने के लिए लोग मीलों का सफर तय करते हैं, ने एक बार अपने discourse में पति‑पत्नी के रिश्ते को लेकर बेहद चौंकाने वाली और जीवन बदल देने वाली बातें कहीं। उन्होंने जोर देकर बताया कि यह संबंध जितना पवित्र है, उतना ही नाज़ुक भी है, और इसे किसी भी परिस्थिति में हल्के में नहीं लेना चाहिए। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि कौन सी खतरनाक स्थिति में जीवनसाथियों को एक-दूसरे से दूरी बना लेनी चाहिए।</p>
<p><strong>अगर ये घातक दोष दिखें, तो रिश्ता तुरंत तोड़ दें</strong></p>
<p>महाराजजी कहते हैं, “यदि पति अपनी मर्यादा भूलकर व्यभिचार में लिप्त हो जाए, यानी अपने साथी के अलावा किसी और से अवैध संबंध बनाए, तो ऐसे पुरुष का त्याग करना ही जीवन रक्षा के समान है। यदि पत्नी भी इसी राह पर चली जाए, तो उससे तुरंत संबंध विच्छेद कर देना चाहिए, क्योंकि ऐसे व्यवहार से जीवन में भारी संकट खड़ा हो सकता है।”</p>
<p>साथ ही वे यह भी समझाते हैं कि रिश्ते की असली शक्ति एक-दूसरे के दोष नहीं, बल्कि प्रेम, सहनशीलता और क्षमा में छिपी होती है। सच्चे जीवनसाथी वही कहलाते हैं जो कठिनाइयों में साथ खड़े रहें और छोटी-मोटी गलतियों को दिल से न लगाएँ।</p>
<p>महाराजजी का कहना है कि पत्नी को चाहे जितना भी गुस्सा आ जाए या पति-पत्नी के बीच तकरार हो जाए, फिर भी त्याग का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। लेकिन वे यह भी चेतावनी देते हैं कि पति चाहे कितना भी सुंदर, धनवान या प्रभावशाली क्यों न हो, अगर वह चरित्रहीन है तो उसके साथ रहना विनाश को निमंत्रण देने जैसा है।</p>
<p><strong>“पूजा में इतना मत खो जाइए कि घर उजड़ जाए”</strong></p>
<p>वे आगे सलाह देते हैं, “दंपति अपनी भक्ति को दुनिया से नहीं, बल्कि एक-दूसरे की भावनाओं से छुपाएँ। भक्ति इतनी भी न हो कि आपका साथी ही उससे परेशान होकर दूर होने लगे। भक्ति का काम जोड़ना है, तोड़ना नहीं। यह तलाक नहीं करवाती, बल्कि परिवार बचाती है। दिनभर घर में पूजा स्थापित कर देना और साथी को कष्ट में डालना गलती है। असली पूजा तो भीतर राधा-नाम का स्मरण करने में है।”</p>
<p>पति‑पत्नी के रिश्तों पर स्वामी प्रेमानंद महाराज के ये विचार आज भी लाखों लोगों के दिल को छूते हैं और वैवाहिक जीवन को समझने का एक नया दृष्टिकोण देते हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>इस महीने वृषभ राशि वालों को मिलेंगे लाभदायक मौके, पढ़ें वित्त राशिफल</title>
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<description><![CDATA[ इस दिसंबर, वित्त राशिफल के अनुसार स्थिरता और अनुशासन की ओर बढ़ें। ग्रहों का प्रभाव आपके निवेश और वित्तीय निर्णयों को संजीवनी देगा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 03 Dec 2025 10:58:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वित्त राशिफल, दिसंबर वित्तीय योजनाएं, स्थिरता, ग्रहों का प्रभाव, निवेश के अवसर, मीन राशि, वृश्चिक राशि, खर्चों में सावधानी, वित्तीय निर्णय, लंबी अवधि की लेनदेन, शुक्र देव, गुरु देव, वित्तीय अंतर्ज्ञान, जोखिम प्रबंधन, आर्थिक अनुशासन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>इस महीने वित्त राशिफल के अनुसार, कुछ जातकों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन और नई स्पष्टता देखने को मिलेगी। वृश्चिक राशि की ऊर्जा आपके मानसिक और भावनात्मक ध्यान को मजबूत करेगी। चलिए, दिसंबर महीने के मासिक वित्त राशिफल पर नजर डालते हैं।</p>
<p>वित्तीय दृष्टिकोण से यह माह स्थिरता और अनुशासन लाने वाला है। शनि देव मीन राशि में आपकी वित्तीय योजनाओं को व्यवस्थित करने में सहायता करेंगे। 20 दिसंबर को शुक्र देव का धनु राशि में प्रवेश आपके वित्तीय अंतर्ज्ञान को बढ़ाएगा, जो निवेश और संपत्ति से जुड़ी गतिविधियों के लिए शुभ साबित होगा।</p>
<p>मध्य महीने में खर्चों में सावधानी बरतना आवश्यक है, हालांकि सोच-समझकर किए गए जोखिम लाभदायक हो सकते हैं। वक्री गुरु देव पुराने वित्तीय निर्णयों की समीक्षा का अवसर प्रदान करेंगे। माह के अंत में लंबी अवधि की लेनदेन में सफलता प्राप्त करने की संभावना है।</p>
<p>वित्तीय दृष्टिकोण से यह समय अनुकूल है, लेकिन सतर्कता और योजना की आवश्यकता है। शुक्र देव की वृश्चिक राशि में स्थिति साझेदारी और निवेश के मामले में सावधानी बरतने का संकेत देती है। 20 दिसंबर को शुक्र का धनु राशि में प्रवेश वित्तीय आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और लाभदायक अवसरों की संभावना बढ़ाएगा।</p>
<p>इस माह वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन ध्यान और अनुशासन आवश्यक हैं। ग्रहों का प्रभाव कर्ज, बीमा और साझी वित्तीय जिम्मेदारियों की समीक्षा को प्रेरित करेगा। प्रारंभिक दिनों में शुक्र का वृश्चिक राशि में होना खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता को बढ़ाएगा।</p>
<p>20 दिसंबर को शुक्र का धनु राशि में प्रवेश साझेदारी और निवेश के नए अवसर ला सकता है। मिथुन राशि में वक्री गुरु पुराने वित्तीय विकल्पों पर पुनर्विचार करने का अवसर देंगे। महीने के अंत में जल्दबाजी में खर्च करने से बचना चाहिए, विशेषकर धनु राशि की ऊर्जा के कारण।</p>
<p>आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे स्थिरता की ओर बढ़ेगी। वृश्चिक राशि में सूर्य का गोचर रचनात्मक निवेश और बच्चों से जुड़े खर्चों पर ध्यान केंद्रित करेगा। खर्चों में विवेक और सतर्कता आवश्यक है। 20 दिसंबर को शुक्र के धनु राशि में प्रवेश से वित्तीय योजना को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।</p>
<p>वक्री गुरु पिछले वित्तीय निर्णयों की समीक्षा में सहायता करेंगे। अनुशासित और लचीले दृष्टिकोण से वित्तीय स्थिरता संभव हो सकेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्मृति&amp;पलाश की 7 दिसंबर को होगी शादी? स्टार क्रिकेटर के भाई ने बता दिया सच</title>
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<description><![CDATA[ स्मृति मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी की नई तारीख का इंतजार जारी। स्वास्थ्य में सुधार के बाद, अफवाहों और स्थगन के बावजूद उम्मीदें बनी हैं! ]]></description>
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<pubDate>Wed, 03 Dec 2025 10:56:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>स्मृति मंधाना, पलाश मुच्छल, शादी की तारीख, शादी स्थगित, स्वास्थ्य सुधार, अफवाहें, परिवार, शादी की योजना, भारतीय महिला क्रिकेट, हार्ट अटैक, सोशल मीडिया, नई शादी की तारीख, श्रवण मंधाना, पलाश की तबीयत, शादी की उम्मीद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय महिला क्रिकेट टीम की प्रमुख खिलाड़ी स्मृति मंधाना और संगीतकार पलाश मुच्छल की शादी की नई तारीख का सभी को इंतजार है। हाल ही में स्मृति के पिता के हार्ट अटैक के चलते उनकी शादी, जो कि 23 नवंबर 2025 को निर्धारित थी, को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद पलाश की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।</p>
<p>हालांकि, अब दोनों की सेहत में सुधार आ चुका है। फिर भी, स्मृति और पलाश के परिवारों ने अभी तक शादी की नई तारीख की घोषणा नहीं की है। इस बीच, सोशल मीडिया पर 7 दिसंबर को उनकी शादी होने की अफवाहें उड़ने लगीं। लेकिन स्मृति के भाई श्रवण मंधाना ने इन खबरों को खारिज कर दिया।</p>
<p>श्रवण मंधाना ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि 7 दिसंबर को शादी की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें इन अफवाहों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वर्तमान में, यह शादी स्थगित ही है।</p>
<p>पलाश की मां भी शादी के स्थगित होने के कारणों के बारे में बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों परिवार इस शादी को जल्द से जल्द आयोजित करने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शादी के दिन की घटनाओं ने स्मृति और पलाश को दुखी किया है। शादी के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने उनके लिए एक विशेष स्वागत समारोह की योजना बनाई थी।</p>
<p>शादी की तारीख टलने के बाद, पलाश मुच्छल का नाम कुछ अन्य लड़कियों के साथ भी जोड़ा गया। एक सोशल मीडिया चैट के कारण पलाश को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप उनकी तबीयत फिर से खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। हालाँकि, अब 10 दिन बाद एक बार फिर स्मृति और पलाश की शादी की चर्चा शुरू हो गई है।</p>
<p>इस स्थिति का समाधान जल्द ही होने की उम्मीद है, जिससे दोनों परिवारों में खुशी लौट सके।</p>]]> </content:encoded>
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<title>क्या पीरियड्स में पूजा वर्जित है? प्रेमानंद महाराज का जवाब सुनकर आप चौंक जाएंगे!</title>
<link>https://pratinidhi.in/premanand-maharaj-mahilaon-ko-masik-dharm-ke-dauran-pooja-ya-bhagwan-ke-darshan-karna-uchit-hai</link>
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<description><![CDATA[ Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज के विचार में, मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। इन दिनों मंदिर में जाना या पूजा की वस्तुओं को छूना वर्जित है। हालांकि, इस समय भक्ति और नामजप को नहीं छोड़ना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 12:16:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्रेमानंद महाराज, मासिक धर्म, महिलाओं के लिए पूजा, पीरियड्स और पूजा, मंदिर में जाना, भक्ति और नामजप, मासिक धर्म के नियम, शारीरिक स्वास्थ्य, पूजा सामग्री, श्रद्धा और स्वच्छता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हमेशा से यह कहा जाता रहा है कि पीरियड्स या मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को मंदिर नहीं जाना चाहिए और पूजा नहीं करनी चाहिए। वास्तव में, कई व्यक्तियों का मानना है कि मासिक धर्म और पीरियड्स के दौरान महिलाओं का शारीरिक स्वास्थ्य काफी कमजोर हो जाता है, जिसके चलते उन्हें इस समय आराम करने की सलाह दी जाती है। शास्त्रों में भी मासिक धर्म से संबंधित कई नियमों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, वृंदावन मथुरा के प्रसिद्ध प्रेमानंद महाराज ने भी मासिक धर्म के नियमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान पूजा करना चाहिए या नहीं।</p>
<p><strong>क्या पीरियड्स में पूजा करनी चाहिए?</strong></p>
<p>प्रेमानंद महाराज ने इस प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि, 'मासिक धर्म एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो हर महिला के शरीर में स्वाभाविक रूप से होती है। यह हर महीने एक बार होती है और शरीर के शुद्धिकरण का प्रतीक है। इस अवधि में महिला को स्नान कर खुद को स्वच्छ रखना चाहिए और श्रद्धा के साथ भगवान के दर्शन दूर से करना चाहिए। इस समय पूजा सामग्री को सीधे छूने या मंदिर में सेवा करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन मन में भक्ति और श्रद्धा बनी रहनी चाहिए। भगवान तक पहुँचने के लिए शारीरिक निकटता की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि भावनात्मक शुद्धता सबसे बड़ा माध्यम होती है।</p>
<p><strong>मासिक धर्म एक शारीरिक प्रक्रिया है</strong></p>
<p>आगे प्रेमानंद महाराज ने कहा कि, 'शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि मासिक धर्म के पहले तीन दिनों में महिलाओं को भगवान का प्रसाद नहीं बनाना चाहिए। यदि कोई महिला गृहस्थ है, तो उसे इस मासिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ता है। शास्त्रों के अनुसार, इन तीन दिनों में महिला को पूरी तरह से विश्राम करना चाहिए और धार्मिक कार्यों से दूर रहकर केवल ईश्वर का नाम जपना चाहिए।</p>
<p><strong>मासिक धर्म के नियम</strong></p>
<p>अंत में प्रेमानंद महाराज ने बताया कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं और बहनों को तीन दिनों तक मन से ठाकुर जी का नाम जप, भजन और भक्ति पूरे मन से करनी चाहिए। किसी भी स्थिति में भजन को नहीं छोड़ना चाहिए।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>घुटनों के दर्द से राहत पाने के लिए 3 आसान व्यायाम</title>
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<description><![CDATA[ उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में घुटनों का दर्द आम है, जिसके कारण दैनिक कार्य मुश्किल हो जाते हैं और सर्जरी का खतरा बढ़ जाता है। फिटनेस कोच नवनीत रामप्रसाद ने 3 आसान व्यायामों की सिफारिश की है: सीट टू स्टैंड, जो जांघों और ग्लूट्स को मजबूत करता है; वॉल स्क्वैट्स, जो जोड़ों में स्थिरता लाते हैं; और सीटेड बैंड लेग एक्सटेंशन, जो क्वाड्रिसेप्स को मजबूत करते हैं। इन व्यायामों को नियमित रूप से करके घुटनों के दर्द से राहत पाई जा सकती है और सर्जरी से बचा जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:27:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>घुटनों का दर्द, व्यायाम, जोड़ों का दर्द, घुटने की सर्जरी, महिलाओं के लिए एक्सरसाइज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>घुटनों के दर्द से राहत के लिए 3 आसान व्यायाम</strong><br><br>उम्र बढ़ने के साथ, 45 वर्ष की आयु के बाद ज्यादातर महिलाओं में घुटनों के दर्द की समस्या आम है। इस समस्या से निपटने के लिए, इन 3 व्यायामों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।<br><br>विशेषज्ञों के अनुसार, महिलाओं और पुरुषों की शारीरिक संरचना में अंतर होता है, जिसके कारण महिलाओं में घुटनों के दर्द का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं के कूल्हे पुरुषों की तुलना में चौड़े होते हैं, जिसके कारण उनके जांघ की हड्डियां घुटनों की ओर अंदर की तरफ मुड़ी होती हैं। यह स्थिति जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालती है।<br><br>लगातार दर्द के कारण महिलाओं के लिए दैनिक कार्य करना और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है, जिससे घुटनों की सर्जरी का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन, कुछ आसान व्यायामों से इस स्थिति से बचा जा सकता है। फिटनेस कोच नवनीत रामप्रसाद ने 3 ऐसे व्यायामों के बारे में बताया है जो घुटनों के दर्द से राहत दिलाते हैं और जोड़ों में स्थिरता बढ़ाते हैं:<br><br>1. <strong>सीट टू स्टैंड (Sit-to-Stand):</strong> इस व्यायाम में खड़े होकर बैठना होता है। इसके लिए किसी उपकरण की आवश्यकता नहीं होती, केवल एक कुर्सी की आवश्यकता होती है। कुर्सी से खड़े होकर धीरे-धीरे बैठ जाएं। इसे हर भोजन के बाद 10 बार दोहराएं। यह जांघों और ग्लूट्स को मजबूत करता है और घुटनों के लिए सहायक होता है।<br><br>2. <strong>वॉल स्क्वैट्स (Wall Squats):</strong> इस व्यायाम को दिन में 3 बार करें। दीवार के सहारे बैठें, अपनी पीठ को दीवार से सटाकर बैठने की स्थिति में आएं। घुटने 90 डिग्री पर होने चाहिए। इस स्थिति को 30 सेकंड तक बनाए रखें और सांस लें। यह जोड़ों में स्थिरता लाता है और सीढ़ियां चढ़ने या चलने के दौरान दर्द कम होता है।<br><br>3. <strong>सीटेड बैंड लेग एक्सटेंशन एक्सरसाइज (Seated Band Leg Extensions):</strong> इस व्यायाम को करने के लिए एक रेजिस्टेंस बैंड या तौलिया का उपयोग करें। कुर्सी पर बैठ जाएं, पैर फैलाएं और बैंड को ऊपर से पकड़ें। यह क्वाड्रिसेप्स (घुटने की रक्षा करने वाली मांसपेशी) के पुनर्निर्माण में मदद करता है। इसे दोनों पैरों पर 12 बार दोहराएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शिशु का पॉटी न करना: कारण और उपाय</title>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर पवन मंदाविया के अनुसार, नवजात शिशु का 7 से 10 दिनों तक पॉटी न करना सामान्य है। यदि बच्चा 10 दिनों तक पॉटी नहीं करता है, तो माता-पिता को बच्चे के पेट की जांच करनी चाहिए। अगर पेट मुलायम है, बच्चा उल्टी नहीं कर रहा है, और दूध ठीक से पी रहा है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है। आमतौर पर शिशु को कब्‍ज होने पर उसे ग्राइप वॉटर पिलाया जाता है लेकिन डॉक्‍टर पवन ने कहा कि सात से दस दिन तक आपको बच्‍चे को कोई दवा देने की जरूरत नहीं है। यदि बच्‍चे को बार-बार उल्‍टी हो रही है, उसे पॉटी किए हुए 10 दिन से ऊपर हो गए हैं, पेट फूला या टाइट है, और शिशु ने तरल लेना कम कर दिया है, तो उसे डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/121288617/newborn-baby-has-not-passed-stool-since-7-days-what-parents-should-do-121288617.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:27:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>न्यूबॉर्न बेबी, पॉटी प्रॉब्लम, शिशु, पॉटी, डॉक्टर पवन मंदाविया, कब्ज, ग्राइप वॉटर, कोलिक पेन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>न्यूबॉर्न बेबी को पॉटी न आने पर क्या करें: डॉक्टर पवन मंदाविया के सुझाव</strong><br><br>नवजात शिशु के माता-पिता अक्सर इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनका बच्चा कितने दिनों में पॉटी करता है। डॉक्टर पवन मंदाविया ने इस विषय पर जानकारी दी है।<br><br><strong>शिशु को पॉटी न आने पर क्या करें?</strong><br><br>डॉक्टर पवन मंदाविया के अनुसार, यदि 1 से 2 महीने का बच्चा 7 से 10 दिनों तक पॉटी नहीं करता है, तो यह सामान्य है। हालांकि, उन्होंने यह भी सलाह दी है कि अगर बच्चा 10 दिनों तक पॉटी नहीं करता है, तो माता-पिता को बच्चे के पेट की जांच करनी चाहिए। अगर पेट मुलायम है, बच्चा उल्टी नहीं कर रहा है, और दूध ठीक से पी रहा है, तो चिंता करने की कोई बात नहीं है।<br><br><strong>क्या ग्राइप वॉटर दे सकते हैं?</strong><br><br>डॉक्टर पवन मंदाविया का कहना है कि 7 से 10 दिनों तक बच्चे को कोई दवा देने की जरूरत नहीं है। बच्चा अपने आप गैस निकालने की कोशिश करता है। यदि बच्चे को बहुत ज्यादा गैस है, तो डॉक्टर से कोलिक पेन की दवाई लिखवा सकते हैं।<br><br><strong>डॉक्टर को कब दिखाएं?</strong><br><br>यदि बच्चे को बार-बार उल्टी हो रही है, उसे पॉटी किए हुए 10 दिन से ऊपर हो गए हैं, पेट फूला या टाइट है, और शिशु ने तरल लेना कम कर दिया है, तो उसे डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कोरोना के JN.1 वैरिएंट से कैसे बचें: लक्षण, कारण और उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-prevent-coronavirus-jn1-variant-symptoms-causes-and-prevention</link>
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<description><![CDATA[ भारत में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं, जिसके लिए JN.1 वैरिएंट को ज़िम्मेदार माना जा रहा है। यह ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है और तेज़ी से फैल रहा है। इसके लक्षणों में दस्त, बुखार, नाक बहना और गले में खराश शामिल हैं। भारत में इसके 257 सक्रिय मामले हैं, लेकिन ज़्यादातर हल्के हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतें, टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से सलाह लें। नियमित रूप से हाथ धोएं, मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:27:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>JN.1 Variant, Coronavirus, Symptoms, Prevention, India, Health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>कोरोना के JN.1 वैरिएंट से बचाव: लक्षण, कारण और उपाय</strong><br><br>सिंगापुर और हॉन्ग कॉन्ग के बाद भारत में भी कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। इस बार JN.1 वैरिएंट को मामलों में वृद्धि का कारण माना जा रहा है। यह ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट है और एशिया के कुछ देशों में तेज़ी से फैल रहा है।<br><br><strong>JN.1 वैरिएंट: कितना खतरनाक?</strong><br>सिंगापुर में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है, जबकि हॉन्ग कॉन्ग में मौतें भी हुई हैं। भारत में 257 सक्रिय मामले हैं और दो मौतें हुई हैं।<br><br><strong>JN.1 वैरिएंट के लक्षण:</strong><br>JN.1 वैरिएंट के लक्षण अन्य कोरोना वैरिएंट्स के समान हैं, लेकिन दस्त इसका सबसे आम लक्षण है। अन्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश और सिरदर्द शामिल हैं।<br><br><strong>भारत में JN.1 वैरिएंट की स्थिति:</strong><br>भारत में 19 मई 2025 तक 257 सक्रिय मामले थे, जिनमें से ज़्यादातर हल्के हैं। सबसे ज़्यादा मामले केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में हैं।<br><br><strong>क्या करें बचाव के लिए:</strong><br>विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन JN.1 जैसे नए वैरिएंट्स के कारण सावधानी ज़रूरी है। हल्के लक्षण दिखने पर टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से सलाह लें। नियमित रूप से हाथ धोएं, मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हड्डियों को लोहे सा ठोस बनाएंगी ये 6 चीजें</title>
<link>https://pratinidhi.in/high-calcium-rich-foods-for-strong-and-healthy-bones-hindi</link>
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<description><![CDATA[ हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी है। कैल्शियम की गोलियां या सिर्फ दूध पीना ही काफी नहीं है, बल्कि कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज, फैटी फिश, टोफू, दालें, डेयरी उत्पाद, बीज, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें अपनी डाइट में शामिल करके हड्डियों को मजबूत बनाया जा सकता है। उम्र के हिसाब से रोजाना 700 से 1300 ग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:27:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कैल्शियम, हड्डियां, स्वास्थ्य, आहार, पोषक तत्व, मजबूत हड्डियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम से भरपूर आहार</strong><br><br>हड्डियां हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये हमें सहारा देने के साथ-साथ चलने-फिरने और सामान उठाने में भी मदद करती हैं। इसलिए हड्डियों को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम की गोलियां या सिर्फ दूध पीना ही काफी नहीं है। ऐसे कई खाद्य पदार्थ हैं जिनमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है और जिन्हें हम अपनी डाइट में शामिल करके हड्डियों को मजबूत बना सकते हैं।<br><br><strong>कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ</strong><br><br><strong>साबुत अनाज:</strong> ब्राउन राइस, ओट्स और क्विनोआ जैसे अनाज मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं, जो शरीर में कैल्शियम को अच्छी तरह से सोखने में मदद करते हैं।<br><br><strong>फैटी फिश:</strong> सैल्मन और सार्डिन जैसी मछलियों में विटामिन डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो कैल्शियम को सोखने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।<br><br><strong>टोफू, दालें और बीन्स:</strong> ये प्रोटीन के साथ-साथ कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम के भी अच्छे स्रोत हैं।<br><br><strong>डेयरी और प्लांट-बेस्ड फूड:</strong> दूध, दही और पनीर कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। सोया, बादाम और ओट मिल्क जैसे विकल्प भी हड्डियों के लिए फायदेमंद हैं।<br><br><strong>सीड्स और नट्स:</strong> बादाम, तिल, सूरजमुखी और अलसी के बीज कैल्शियम और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं।<br><br><strong>हरी पत्तेदार सब्जियां:</strong> पालक, केल और बोक चॉय जैसी सब्जियां कैल्शियम, विटामिन K और मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>प्रियंका चोपड़ा के फैशन पर लिसा का स्टाइल भारी</title>
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<description><![CDATA[ प्रियंका चोपड़ा, जो अपनी एक्टिंग के साथ-साथ फैशन के लिए भी जानी जाती हैं, हाल ही में एक इवेंट में 14 साल छोटी लिसा के स्टाइल के सामने फीकी पड़ गईं। लिसा ने ऑफ वाइट कलर की बॉडीकॉन ड्रेस पहनी थी, जबकि प्रियंका चोपड़ा ने न्यूड कलर की गाउन पहनी थी। कुछ लोगों को प्रियंका की ड्रेस का कलर पसंद नहीं आया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/121309723/lisa-steal-limelight-in-front-of-priyanka-chopra-with-off-shoulder-gown-and-serpenti-sunburst-necklace-at-bvlgari-event-121309723.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:23:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्रियंका चोपड़ा, लिसा, बुल्गारी इवेंट, फैशन, स्टाइल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>प्रियंका चोपड़ा के फैशन को लिसा ने दी मात, बुल्गारी इवेंट में छाया लिसा का जलवा</strong><br><br>प्रियंका चोपड़ा, जो अपनी एक्टिंग के साथ-साथ फैशन के लिए भी जानी जाती हैं, हाल ही में एक इवेंट में 14 साल छोटी लिसा के स्टाइल के सामने फीकी पड़ गईं। प्रियंका चोपड़ा इटैलियन लग्जरी ब्रांड बुल्गारी की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं।<br><br>19 मई को, ताओरमिना, सिसिली में बुल्गारी के पोलिक्रोम हाई ज्वैलरी कलेक्शन के लॉन्च के दौरान प्रियंका चोपड़ा नजर आईं। लेकिन इस इवेंट में लिसा ने अपनी स्टाइल से सबका ध्यान खींचा। लिसा ने ऑफ वाइट कलर की बॉडीकॉन ड्रेस पहनी थी, जिसमें फ्लावर एम्ब्रॉयडरी थी। <br><br>वहीं, प्रियंका चोपड़ा ने न्यूड कलर की गाउन पहनी थी, जिसे जॉन गैलियानो ने डिजाइन किया था। प्रियंका ने डायमंड नेकलेस, मैचिंग ब्रेसलेट और रिंग पहनी थी। मेकअप में डेवी स्किन, ग्लॉसी न्यूड लिप्स और सॉफ्ट ब्राउन कोहल के साथ उन्होंने अपने लुक को पूरा किया था।<br><br>हालांकि, कुछ लोगों को प्रियंका की ड्रेस का कलर पसंद नहीं आया। एक यूजर ने लिखा कि यह कलर प्रियंका के लिए नहीं है, जबकि दूसरे ने कहा कि डायमंड नेकलेस इससे बेहतर नेकलाइन डिजर्व करता है।]]> </content:encoded>
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<title>भारत में 5 पसंदीदा चाय: एक स्वाद अनुभव</title>
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<description><![CDATA[ अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस 21 मई को मनाया जाता है। भारत में कई प्रकार की चाय लोकप्रिय हैं, जिनमें असम चाय अपने अनोखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, मसाला चाय इलायची और अन्य मसालों से बनाई जाती है, ग्रीन टी एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती है, कश्मीरी कहवा केसर और बादाम जैसे मसालों से बनाई जाती है, और ब्लैक टी उन लोगों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है जो अपना वजन कम करना चाहते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:23:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>International Tea Day, Indian Tea Varieties, Assam Tea, Masala Chai, Green Tea, Kashmiri Kahwa, Black Tea</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस: भारत की 5 लोकप्रिय चाय</strong><br><br>21 मई को अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस मनाया जाता है। भारत में कई प्रकार की चाय लोकप्रिय हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना अनूठा स्वाद और सुगंध है।<br><br><strong>असम चाय:</strong> असम की चाय अपने अनोखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे असम के तापमान और वर्षा के कारण मिलता है। इसका गहरा रंग और मजबूत स्वाद इसे नाश्ते के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनाता है।<br><br><strong>मसाला चाय:</strong> मसाला चाय इलायची, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च और अदरक जैसे मसालों से बनाई जाती है। यह चाय अपने स्वाद और सुगंध के लिए जानी जाती है, और इसे अक्सर स्नैक्स के साथ परोसा जाता है।<br><br><strong>ग्रीन टी:</strong> ग्रीन टी अपने स्वास्थ्य लाभों के लिए जानी जाती है। यह एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती है और इसे बिना दूध और चीनी के पिया जाता है।<br><br><strong>कश्मीरी कहवा:</strong> कश्मीरी कहवा एक विशेष चाय है जो केसर, बादाम और पिस्ता जैसे मसालों से बनाई जाती है।<br><br><strong>ब्लैक टी:</strong> ब्लैक टी बिना दूध के बनाई जाती है और यह उन लोगों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है जो अपना वजन कम करना चाहते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>रस्सी कूदने के अद्भुत फायदे: एक महीने में पाएं स्वास्थ्य में जबर्दस्त सुधार</title>
<link>https://pratinidhi.in/amazing-benefits-of-rope-jumping-get-tremendous-health-improvement-in-one-month</link>
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<description><![CDATA[ रस्सी कूदना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। रोजाना 10-15 मिनट रस्सी कूदने से शरीर में कई कमाल के बदलाव आते हैं। यह कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए फायदेमंद है, फैट बर्न करने में मददगार है, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, शरीर को फुर्तीला बनाता है और स्ट्रेस को कम करता है। रस्सी कूदने से ब्लड फ्लो बेहतर होता है, स्टैमिना बढ़ता है, फेफड़ों की क्षमता में सुधार होता है और दिल भी मजबूत बनता है। यह वजन कम करने का भी एक बेहतरीन तरीका है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:23:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रस्सी कूदना, कार्डियो एक्सरसाइज, वेट लॉस, हेल्दी लाइफस्टाइल, स्ट्रेस रिलीफ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> क्या आप जानते हैं कि रस्सी कूदना आपकी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है? अगर आप एक महीने तक रोजाना 10-15 मिनट रस्सी कूदते हैं, तो आपके शरीर में कमाल के बदलाव आएंगे। रस्सी कूदने से होने वाले ये 5 जबरदस्त फायदे आपको इसकी आदत छोड़ने नहीं देंगे।<br><br><strong>कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए फायदेमंद:</strong> रस्सी कूदना एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है। तेजी से रस्सी कूदने से शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होता है। एक महीने तक रेगुलर रस्सी कूदने से आपका स्टैमिना बढ़ेगा, फेफड़ों की क्षमता में सुधार होगा और दिल मजबूत बनेगा। यह आपको लंबे समय तक हेल्दी रखने और हार्ट डिजीज के खतरे को कम करने में मदद करेगा।<br><br><strong>फैट बर्न करने में मददगार:</strong> अगर आप वजन कम करने की सोच रहे हैं, तो रस्सी कूदना आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है। यह तेजी से कैलोरी बर्न करता है। सिर्फ 10 मिनट की स्किपिंग एक्सरसाइज लगभग 30 मिनट की जॉगिंग के बराबर कैलोरी बर्न कर सकती है। इसे अपने रूटीन में शामिल करके आप एक महीने में ही वजन कम होते देखेंगे।<br><br><strong>हड्डियां और मांसपेशियां बनती हैं मजबूत:</strong> रस्सी कूदना एक वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज है, जो हड्डियों पर हल्का दबाव डालती है। यह दबाव बोन डेंसिटी को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है। साथ ही, यह पैरों, पिंडलियों, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।<br><br><strong>फुर्तीला बनेगा शरीर:</strong> रस्सी कूदने के लिए हाथ, पैर और आंखों के बीच तालमेल जरूरी है। शुरुआती दिनों में मुश्किल हो सकती है, लेकिन एक महीने तक रोजाना प्रैक्टिस करने से आपके शरीर का बैलेंस बेहतर हो जाएगा। यह आपको रोजमर्रा की एक्टिविटीज में भी ज्यादा फुर्तीला बनाएगा।<br><br><strong>स्ट्रेस में आएगी कमी:</strong> किसी भी फिजिकल एक्टिविटी की तरह, रस्सी कूदना भी हैप्पी हार्मोन्स को रिलीज करता है। ये हार्मोन स्ट्रेस को कम करने, चिंता दूर करने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। कुछ मिनट की स्किपिंग एक्सरसाइज आपको ताजगी और एनर्जी से भर सकती है।]]> </content:encoded>
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<title>मॉन्स्टेरा पौधे की देखभाल: 5 आसान टिप्स</title>
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<description><![CDATA[ मॉन्स्टेरा पौधे को घर पर उगाने और उसकी देखभाल करने के लिए यहां 5 आसान टिप्स दिए गए हैं। पीली पत्तियों को हटा दें ताकि पौधा उन पर पोषक तत्व बर्बाद न करे। ऊपरी जड़ों को पानी में डुबोएं ताकि वे अधिक पोषक तत्व अवशोषित कर सकें। पत्तियों को ताजा रखने के लिए पानी का छिड़काव करें और कीटों से बचाने के लिए नीम के तेल का उपयोग करें। पत्तियों को साफ रखें ताकि वे अधिक रोशनी अवशोषित कर सकें, और पौधे के पास पानी से भरी कंकड़ वाली ट्रे रखकर नमी बढ़ाएं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:20:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Monstera plant, gardening tips, indoor plants, plant care, home decor</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>मॉन्स्टेरा पौधे की देखभाल के 5 आसान टिप्स</strong><br><br>मॉन्स्टेरा का पौधा, जो अपने बड़े और आकर्षक पत्तों के लिए जाना जाता है, घर को एक आलीशान लुक देता है। अगर आपका मॉन्स्टेरा ठीक से नहीं बढ़ रहा है, तो चिंता न करें! यहां कुछ आसान टिप्स दिए गए हैं जिनसे आप इसकी देखभाल कर सकते हैं:<br><br><strong>1. पीली पत्तियों को हटा दें:</strong><br>अगर आपके पौधे में पीली पत्तियां हैं, तो उन्हें तुरंत काट दें। इससे पौधे को अनावश्यक पोषक तत्वों को बर्बाद करने से बचाया जा सकता है।<br><br><strong>2. ऊपरी जड़ों को बढ़ावा दें:</strong><br>पौधे की ग्रोथ को बढ़ाने के लिए, ऊपरी जड़ों को पानी की बोतल में डुबोएं। इससे जड़ों को अधिक पोषक तत्व मिलेंगे।<br><br><strong>3. पानी का छिड़काव करें:</strong><br>मॉन्स्टेरा को ताजा रखने के लिए, समय-समय पर पत्तियों पर पानी का छिड़काव करें। कीटों से बचाने के लिए नीम के तेल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।<br><br><strong>4. पत्तियों को साफ रखें:</strong><br>अच्छी ग्रोथ के लिए पत्तियों को साफ रखना जरूरी है, ताकि वे पर्याप्त रोशनी अवशोषित कर सकें।<br><br><strong>5. नमी बढ़ाएं:</strong><br>मॉन्स्टेरा नमी में अच्छी तरह से बढ़ता है, इसलिए पौधे के पास पानी से भरी कंकड़ वाली ट्रे रखें।]]> </content:encoded>
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<title>स्किन के लिए सही फेस वॉश कैसे चुनें?</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-choose-the-right-face-wash-according-to-skin-type</link>
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<description><![CDATA[ इस आर्टिकल में डर्मेटोलॉजिस्ट द्वारा स्किन टाइप के अनुसार सही फेस वॉश चुनने की सलाह दी गई है। इसमें एक्ने-प्रोन स्किन (सैलिसिलिक एसिड), पिगमेंटेशन (ग्लाइकोलिक एसिड), ऑयली स्किन (वाटर-बेस्ड) और ड्राई स्किन (ऑयल-बेस्ड या सेरामाइड-बेस्ड) के लिए फेस वॉश के विकल्पों पर चर्चा की गई है। साथ ही, एक प्राकृतिक विकल्प सुझाया गया है: बेसन और दूध का मिश्रण। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 21 May 2025 15:20:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Face Wash, Skin Type, Dermatologist, Acne-prone skin, Salicylic Acid, Pigmentation, Glycolic Acid, Oily Skin, Water-Based Face Wash, Dry Skin, Oil Based Face Wash, Ceramide-Based Face Wash, Besan, Milk</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सही फेस वॉश का चुनाव आपकी त्वचा के स्वास्थ्य और चमक के लिए महत्वपूर्ण है। <br><br><b>एक्ने-प्रोन स्किन:</b><br>अगर आपकी त्वचा पर मुंहासे हैं, तो सैलिसिलिक एसिड युक्त फेस वॉश चुनें। यह एसिड त्वचा के रोमछिद्रों को गहराई से साफ करता है, अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है और मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ता है।<br><br><b>पिगमेंटेशन के लिए:</b><br>काले धब्बे या झाइयां हैं तो ग्लाइकोलिक एसिड बेस्ड फेस वॉश बेहतर है। यह एसिड त्वचा की ऊपरी परत को एक्सफोलिएट करता है, जिससे त्वचा की रंगत एक समान होती है।<br><br><b>ऑयली स्किन:</b><br>ऑयली स्किन के लिए वाटर-बेस्ड फेस वॉश सबसे उपयुक्त है। जेल-बेस्ड या फोमिंग क्लींजर अतिरिक्त तेल को हटाते हैं, लेकिन त्वचा को ड्राई नहीं करते।<br><br><b>ड्राई स्किन:</b><br>ड्राई स्किन के लिए ऑयल बेस्ड या सेरामाइड-बेस्ड फेस वॉश चुनें। ऑयल-बेस्ड क्लींजर त्वचा को ड्राई किए बिना मेकअप हटाते हैं, जबकि सेरामाइड-बेस्ड फेस वॉश नमी बनाए रखते हैं।<br><br><b>नेचुरल ऑप्शन:</b><br>बेसन और दूध का मिश्रण एक प्राकृतिक विकल्प है। बेसन त्वचा को एक्सफोलिएट करता है और दूध नमी प्रदान करता है।]]> </content:encoded>
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<title>चिलचिलाती गर्मी में राहत: ये चटनियां खाने में स्वाद और सेहत में लाजवाब</title>
<link>https://pratinidhi.in/beat-the-scorching-heat-delicious-chutneys-shield</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में चटनियां खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं। धनिया-पुदीने की चटनी पेट को ठंडक देती है, जबकि कच्चे आम की चटनी और प्याज-कैरी की चटनी लू से बचाने में मदद करती हैं। इन चटनियों को आसानी से घर पर बनाया जा सकता है और यह गर्मी में स्वस्थ रहने का एक स्वादिष्ट तरीका हैं। चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए ये चटनियां एक स्वादिष्ट और सेहतमंद उपाय हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 17 May 2025 11:21:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चटनी, गर्मी, धनिया-पुदीना, कच्चा आम, प्याज-कैरी, लू, स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[चिलचिलाती गर्मी में राहत पाने के लिए चटनियां एक बेहतरीन विकल्प हैं। चटनियां न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती हैं। गर्मियों में विशेष रूप से कुछ खास चटनियों को अपनी डाइट में शामिल करके आप लू से बच सकते हैं और अपने शरीर को ठंडा रख सकते हैं।
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<strong>धनिया-पुदीने की दही वाली चटनी</strong><br>
यह चटनी बनाने में आसान है और पेट को ठंडक पहुंचाती है। इसे बनाने के लिए आपको एक कप पुदीना की पत्तियां, आधा कप धनिया पत्ती, अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, दही और नमक की आवश्यकता होगी। सभी सामग्रियों को मिक्सर में पीस लें और दही व चाट मसाला मिलाकर ठंडा होने के लिए फ्रिज में रख दें।
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<strong>कच्चे आम की चटनी</strong><br>
कच्चे आम की चटनी गर्मियों में बहुत लोकप्रिय है। इसे बनाने के लिए आपको कच्चा आम, हरी मिर्च, अदरक, जीरा, धनिया, चीनी और नमक चाहिए। आम को छीलकर टुकड़ों में काट लें और फिर सभी सामग्रियों को मिक्सर में पीसकर चटनी बना लें।
<br><br>
<strong>प्याज-कैरी की चटनी</strong><br>
यह चटनी लू से बचाने में मदद करती है। इसे बनाने के लिए आपको प्याज, हरी मिर्च, कच्चा आम, पुदीना, लाल मिर्च पाउडर और नमक की आवश्यकता होगी। आम और प्याज को काटकर बाकी सामग्रियों के साथ पीस लें।
<br><br>
इन चटनियों को अपनी डाइट में शामिल करके आप गर्मी के मौसम में स्वस्थ और तरोताजा रह सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सुष्मिता सेन: कुंवारी मां का आलीशान घर</title>
<link>https://pratinidhi.in/sushmita-sen-unmarried-mother-lavish-house-with-daughters-mothers-day-special</link>
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<description><![CDATA[ मदर्स डे पर, हम आपको उन सफल माताओं के घर दिखाने जा रहे हैं, जिन्होंने अकेले अपने दम पर घर बनाया और अविवाहित रहकर बेटियों को पाला। हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे होता है। इस मदर्स डे से पहले, हम आपको कुछ खास माताओं और उनके घरों से परिचित कराने जा रहे हैं। ये महिलाएं न केवल आदर्श सिंगल मॉम हैं, बल्कि उन्होंने करियर में सफलता के साथ आलीशान घर भी बनाए हैं। उनके घर का हर कोना उनकी विशिष्टता को दर्शाता है। 49 वर्ष की सुष्मिता सेन ने शादी नहीं की और दो बेटियों को गोद लिया। वह मुंबई में बेटियों के साथ रहती हैं। उनके लिविंग एरिया में मिस यूनिवर्स की तस्वीरें हैं। डाइनिंग रूम में प्राचीन लकड़ी की अलमारी है। उनके बेडरूम में लकड़ी के पैनल हैं। छत पर विभिन्न पौधे हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-120897640,imgsize-17318,width-540,height-405,resizemode-7/120897640.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 06 May 2025 17:04:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Sushmita Sen, Mother&#039;s Day, Luxury Home, Single Mom, Bollywood, Lifestyle</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मदर्स डे के अवसर पर, इस साल हम आपको कुछ ऐसी सफल माताओं के घरों की झलक दिखाने जा रहे हैं, जिन्होंने अकेले अपने दम पर न केवल अपने घरों का निर्माण किया बल्कि अविवाहित रहते हुए भी अपनी बेटियों का पालन-पोषण कर रही हैं।<br><br>हर साल मई महीने के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। इस साल यह 11 मई को है। दुनिया भर में हर व्यक्ति के लिए उसकी माँ सबसे खास होती है। माँ, जो साये की तरह जीवन की कठिनाइयों से अवगत कराती है, उसके लिए हर दिन खास होता है, लेकिन माँ के साथ विशेष बंधन को दर्शाने के लिए एक विशेष दिन समर्पित है।<br><br>इस मदर्स डे से पहले, हम आपको कुछ खास माताओं और उनके घरों से परिचित कराने जा रहे हैं। ये महिलाएं न केवल आदर्श सिंगल मॉम हैं, बल्कि उन्होंने अपने करियर में सफलता प्राप्त करने के साथ-साथ अपने दम पर आलीशान घर भी बनाए हैं। उनके घरों का हर कोना उनकी विशिष्टता को दर्शाता है और सजावट के लिए प्रेरणा प्रदान करता है।<br><br><b>अविवाहित सुष्मिता सेन का आलीशान घर</b><br>49 वर्ष की आयु पार करने के बाद भी सुष्मिता सेन ने विवाह नहीं किया है और दो बेटियों को गोद लेकर उनका पालन-पोषण कर रही हैं। वह मुंबई के वर्सोवा में अपनी बेटियों, रेनी और अलीशा सेन के साथ एक अपार्टमेंट में रहती हैं। इस घर को शानदार और स्टाइलिश ढंग से सजाया गया है। सुष्मिता ने न केवल अपने दम पर एक शानदार घर बनाया है, बल्कि अपनी फिटनेस के साथ-साथ अपने घर को भी आधुनिक बनाए रखा है। इसका उदाहरण उनके लिविंग रूम में देखा जा सकता है।<br><br><b>लिविंग एरिया की विशेषताएं</b><br>सुष्मिता सेन का लिविंग एरिया उनकी कला के प्रति प्रेम को दर्शाता है। यहाँ मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता की यादों की तस्वीरें, फ्रेम किए गए चारकोल चित्र और धातु की मूर्तियाँ हैं। लिविंग एरिया के केंद्र में एक मलाईदार, ऑफ-व्हाइट रंग का सोफा है, जिसके ऊपर गहरे भूरे रंग के कुशन रखे गए हैं। यह सोफा लकड़ी की टेबल से मेल खाता है, जिस पर फोटो फ्रेम और अन्य सजावटी वस्तुएँ रखी हैं।<br><br><b>डाइनिंग एरिया की खासियत</b><br>सुष्मिता सेन के घर की सादगी और सुंदरता में लकड़ी का फर्नीचर, कलाकृतियाँ और यादगार वस्तुएँ चार चाँद लगाती हैं। डाइनिंग रूम भी इससे अछूता नहीं है। इस कमरे के एक कोने में प्राचीन लकड़ी की अलमारी है, जिसके सामने एक कांच की अलमारी है। इस अलमारी में सुष्मिता सेन के क्रॉकरी का संग्रह प्रदर्शित है। क्रिस्टल सितारों से जड़ा एक झूमर डाइनिंग टेबल के ऊपर लटका हुआ है।<br><br><b>मास्टर बेडरूम की सजावट</b><br>सुष्मिता सेन के मास्टर बेडरूम में लकड़ी के पैनलों से ढकी दीवारें हैं और आंशिक रूप से ढलान वाली छत है, जो कमरे को देहाती और आरामदायक बनाती है। कमरे को अधिक आकर्षक बनाने के लिए, उन्होंने सफेद रंग का बिस्तर लगवाया है, जिस पर मुलायम तकिए रखे हैं। कमरे की एक दीवार पर किताबों की अलमारियाँ, बुद्ध की मूर्तियाँ और अन्य छोटी-छोटी वस्तुएँ हैं।<br><br><b>हर कोने में सुंदरता</b><br>हर कोई जानता है कि सुष्मिता सेन फिटनेस के प्रति जुनूनी हैं। वह अपने घर के अलग-अलग हिस्सों में व्यायाम करना पसंद करती हैं। उनका पसंदीदा स्थान शायद उनका बेडरूम है। वह अक्सर अपने बॉयफ्रेंड और मॉडल रोहमन शॉल के साथ मचान जैसे कक्ष में वर्कआउट करते हुए तस्वीरें साझा करती हैं।<br><br>नारंगी और सुनहरे रंग की कलाकृतियों के साथ-साथ लटकी हुई पेंटिंग सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करती है। गहरे रंग के लकड़ी के फ्रेम में मिस यूनिवर्स का ताज पहने हुए सुष्मिता सेन का चित्र है। यह पेंटिंग 1994 की प्रतियोगिता की याद दिलाती है, जब सुष्मिता सेन यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।<br><br><b>सबसे सुंदर छत</b><br>सुष्मिता सेन ने अपने घर की छत को बालकनी की तरह सजाया है। यहां विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए हैं और लकड़ी के फर्श से इसे क्लासी लुक मिल रहा है। अक्सर सुष्मिता सेन अपनी दोनों बेटियों के साथ यहां समय बिताती नजर आती हैं। यह शांत वातावरण वाला क्षेत्र गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए आदर्श है।]]> </content:encoded>
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<title>बार&amp;बार पेशाब: कारण, लक्षण और उपचार</title>
<link>https://pratinidhi.in/frequent-urination-causes-symptoms-and-treatment</link>
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<description><![CDATA[ बार-बार पेशाब आना एक सामान्य समस्या है, लेकिन यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। आकाश हेल्थकेयर के यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर विकास अग्रवाल ने इस समस्या के कारणों, लक्षणों और उपचारों के बारे में जानकारी दी है। कारणों में उम्र, हार्मोनल बदलाव, ज्यादा पानी पीना, यूटीआई, प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन और डायबिटीज शामिल हैं। लक्षणों में दिन में 8-10 बार से अधिक पेशाब आना, पेशाब के दौरान जलन या दर्द, रात में बार-बार उठना आदि शामिल हैं। डॉक्टर से परामर्श लें, तरल पदार्थ संतुलित मात्रा में लें, कैफीन और एल्कोहॉल का सेवन सीमित करें। डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के कारण पेशाब से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120921588/urologist-from-akash-healthcare-dr-vikas-told-causes-of-frequent-urine-risk-factors-and-test-treatment-prevention-tips-120921588.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 06 May 2025 17:01:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Frequent urination, Diabetes, UTI, Prostate, Health, Symptoms, Treatment</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बार-बार पेशाब आना: कारण, लक्षण और उपचार<br><br>बार-बार पेशाब आना एक सामान्य समस्या है, लेकिन यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। आकाश हेल्थकेयर के यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर विकास अग्रवाल ने इस समस्या के कारणों, लक्षणों और उपचारों के बारे में जानकारी दी है।<br><br><strong>कारण:</strong><br><br><ul><li>उम्र</li><li>हार्मोनल बदलाव</li><li>ज्यादा पानी पीना</li><li>यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)</li><li>प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन (Prostatitis)</li><li>डायबिटीज</li></ul><br><strong>लक्षण:</strong><br><br><ul><li>दिन में 8-10 बार से अधिक पेशाब आना</li><li>पेशाब के दौरान जलन या दर्द</li><li>रात में बार-बार उठना</li><li>पेशाब रुक-रुक कर आना या कमजोरी महसूस होना</li><li>प्यास बहुत लगना या मुंह सूखना (डायबिटीज का संकेत)</li></ul><br><strong>क्या करें?</strong><br><br><ul><li>डॉक्टर से परामर्श लें और ब्लड शुगर व यूरिन टेस्ट करवाएं</li><li>तरल पदार्थ संतुलित मात्रा में लें</li><li>कैफीन और एल्कोहॉल का सेवन सीमित करें</li><li>किसी भी असामान्य लक्षण को अनदेखा न करें</li></ul><br><strong>कब डॉक्टर से मिलें?</strong><br><br><ul><li>पेशाब में जलन या दर्द हो</li><li>पेशाब में खून आए</li><li>बहुत ज्यादा प्यास और वजन घट रहा हो</li><li>पेशाब बार-बार आने के साथ बुखार हो</li><li>यह समस्या अगर लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।</li></ul><br><strong>डायबिटीज में पेशाब की समस्या:</strong><br><br>डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के कारण पेशाब से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जब शरीर में शुगर ज्यादा होती है, तो किडनी उसे फिल्टर करने की कोशिश करती है, जिससे ज्यादा मात्रा में पेशाब बनने लगता है। इसे मेडिकल भाषा में पॉलीयूरिया कहा जाता है। डायबिटीज के मरीजों को पेशाब से जुड़ी कोई भी असामान्य दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।<br><br>यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>ईशा अंबानी के मेट गाला लुक ने खींचा ध्यान, 839 करोड़ के हार से लूटी लाइमलाइट</title>
<link>https://pratinidhi.in/isha-ambani-met-gala-2025-maharaja-of-nawanagar-necklace-nita-ambani-jewels</link>
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<description><![CDATA[ ईशा अंबानी मेट गाला 2025 में अनामिका खन्ना की डिजाइन की हुई पोशाक में नजर आईं, जिसमें महाराजा ऑफ नवानगर से प्रेरित 839 करोड़ रुपये का हीरा हार था। नीता अंबानी की बेटी, जो फैशन और बिजनेस में अपनी पहचान रखती हैं, ने डायमंड-स्टडेड लुक से सबका ध्यान खींचा। स्टाइलिस्ट अनायता श्रॉफ अदजानिया ने बताया कि पोशाक को रिलायंस के स्वदेश स्टोर से लिए गए हाथ से बुने कपड़े से बनाया गया था, जिसे 20,000 घंटों में तैयार किया गया। ईशा ने सफेद कोर्सेट और फ्लोर-टचिंग केप पहनी थी, जिसमें हीरे की अंगूठियां और एक बड़ा हार शामिल था। जूलिया चाफे ने बताया कि ज्यादातर गहने नीता अंबानी के हैं, लेकिन लोगों का ध्यान महाराजा दिग्विजयसिंहजी जडेजा के कार्टियर हार पर गया, जिसकी कीमत 839 करोड़ रुपये है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120928119/met-gala-2025-isha-ambani-maharaja-of-nawanagar-inspired-necklace-and-mom-nita-ambani-jewels-grabs-attention-120928119.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 06 May 2025 16:59:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Isha Ambani, Met Gala 2025, Nita Ambani, Fashion, Diamond Necklace, Anamika Khanna</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>ईशा अंबानी का मेट गाला 2025 लुक:</strong> ईशा अंबानी ने मेट गाला 2025 में अनामिका खन्ना द्वारा डिजाइन किया गया एक विशेष पोशाक पहना था, जिसमें महाराजा ऑफ नवानगर से प्रेरित हार और उनकी मां, नीता अंबानी के गहने शामिल थे। इस हीरे के हार की कीमत ₹839 करोड़ बताई जा रही है।<br><br>मुकेश और नीता अंबानी की बेटी ईशा अंबानी अपनी फैशन सेंस और व्यावसायिक कौशल के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने मेट गाला में अपने हीरे जड़ित लुक से एक खास पहचान बनाई।<br><br>ईशा अंबानी की शैली, उनके हीरों की चमक के साथ, कैमरों का ध्यान आकर्षित किया जब वह मेट के नीले कालीन पर दिखाई दीं। उन्हें अनामिका खन्ना द्वारा डिजाइन किए गए एक विशेष पोशाक में देखा गया।<br><br>स्टाइलिस्ट अनायता श्रॉफ अदजानिया ने खुलासा किया कि हाथ से बुने हुए चेक्ड कपड़े को रिलायंस के हथकरघा स्टोर, स्वदेश से लिया गया था, और डिजाइनर को दिया गया, जिन्होंने कार्यक्रम से सिर्फ दो दिन पहले (3 मई) पोशाक तैयार की थी।<br><br>ईशा को सुंदर कढ़ाई के साथ एक सफेद कोर्सेट पहने देखा गया। इसमें सुनहरे सेक्विन सितारों से बने धनुष जैसा डिज़ाइन था, जिसमें सफेद मोतियों के साथ सीमा को उजागर करते हुए केंद्र में एक लाल पत्थर था। इसके साथ एक काली टेलर्ड ट्राउजर पहनी थी, जिसके किनारे पर हरे पत्थर से हाइलाइट किया गया था।<br><br>लुक को निखारने के लिए, ईशा के फ्लोर-टचिंग केप को हाथ से कढ़ाई करने में 20,000 घंटे लगे। इसमें एक सुनहरा चेक्ड डिज़ाइन था, जबकि कोर्सेट की तरह धनुष और पत्ती कट-आउट डिज़ाइन बहुत अच्छा लग रहा था। लाल धागे के काम ने काले और सफेद रंग के लुक में रंग जोड़ा, जिससे यह शानदार लग रहा था। ईशा को कभी-कभी अपना ओवरकोट-स्टाइल जैकेट पहने देखा गया, और कभी-कभी इसे सिर्फ स्टाइल के लिए अपने कंधों पर ले जाते हुए देखा गया।<br><br>कई हीरे की अंगूठियों से लेकर एक बड़े आकार के हीरे के हार तक, ईशा का मेट गाला लुक अपनी छाप छोड़ने में सफल रहा। दो परतों वाले हीरे के हार को तीन हीरों के साथ जोड़ा गया था, जिसके नीचे तीन अलग-अलग आकार के हीरे लटक रहे थे। साइड पार्टिंग के साथ स्टाइल की गई उनकी पोनीटेल में पक्षी अद्भुत दिख रहा था। ब्रोच ने भी ईशा के लुक को क्लासी बना दिया।<br><br>ज्वेलरी इन्फ्लुएंसर जूलिया चाफे ने ईशा को बताया कि उनके अधिकांश गहने उनकी मां नीता के हैं, जिनमें उनका हार और उनकी पतलून पर ब्रोच शामिल हैं। हालाँकि, लोगों का ध्यान 1931 में महाराजा दिग्विजयसिंहजी जडेजा और नवानगर के रणजीतसिंहजी के लिए कार्टियर द्वारा बनाए गए हार की ओर गया, जिसकी एक प्रति ईशा पहने हुए देखी गई थी।<br><br>महाराजा अपने हार में 136 कैरेट का क्वीन ऑफ हॉलैंड हीरा प्रदर्शित करना चाहते थे, जिसमें एक नीला हीरा (26 कैरेट) और एक हरा हीरा (12 कैरेट) भी था। नीता अंबानी के पास एक प्रेरित हार है, जिसे ईशा पहने हुए देखा गया था। इसकी कीमत इंटरनेट पर 100 मिलियन अमरीकी डालर, यानी ₹839 करोड़ बताई गई है। ईशा अंबानी का शाही अंदाज, सिर पर सफेद टोपी पहने हुए, हिट रहा।]]> </content:encoded>
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<title>मेट गाला 2025: सितारों के अतरंगी फैशन ने किया हैरान</title>
<link>https://pratinidhi.in/met-gala-2025-the-bizarre-looks-of-celebs</link>
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<description><![CDATA[ मेट गाला 2025 में सितारों ने फैशन का प्रदर्शन किया, लेकिन कुछ अजीबोगरीब लुक्स चर्चा में रहे। गेल किंग की गुलाबी ड्रेस, उमर अपोलो का तेंदुए वाला सूट, गुस्ताव विट्ज़ो का अजीब पहनावा, किम कार्दशियन का ब्लैक लुक और पामेला एंडरसन का क्रिस्टल गाउन शामिल थे। इन लुक्स ने सोशल मीडिया पर खूब ध्यान खींचा और लोगों को हैरान कर दिया। कुल मिलाकर, मेट गाला 2025 में फैशन के कई रंग देखने को मिले, लेकिन कुछ सितारों के अतरंगी लुक्स ने सभी को चौंका दिया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 May 2025 16:59:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Met Gala 2025, fashion, celebs, bizarre looks, red carpet</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>Met Gala 2025: सितारों के अतरंगी फैशन ने किया हैरान</strong><br><br>हर साल की तरह, मेट गाला 2025 में भी फैशन का जलवा देखने को मिला। रेड कार्पेट पर सितारे एक से बढ़कर एक डिजाइनर कपड़ों में नजर आए, लेकिन कुछ सेलेब्स अपने अजीबोगरीब लुक्स के कारण चर्चा में रहे।<br><br>लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मेट गाला 2025 में कुछ ऐसे फैशन स्टेटमेंट देखने को मिले, जिन्हें देखकर लोग हैरान रह गए। न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट में हुए इस इवेंट में कुछ सितारों ने अपने स्टाइल से सबका दिल जीता, तो कुछ के लुक्स देखकर लोग दंग रह गए।<br><br><strong>गेल किंग (Gayle King)</strong><br>स्पेस से लौटने के बाद गेल किंग मेट गाला 2025 में गुलाबी रंग की हॉल्टर ड्रेस में पहुंचीं, जो डीकंस्ट्रक्टेड सूट जैसी लग रही थी। इस ड्रेस में मेन्सवियर के कुछ एलिमेंट्स थे, लेकिन कुछ स्टाइल डिटेल्स ने इसे थोड़ा पुराना बना दिया।<br><br><strong>उमर अपोलो (Omar Apollo)</strong><br>डिजाइनर वेल्स बॉनर ने उमर अपोलो के लिए जो सूट बनाया, उसमें छोटी जैकेट, सीधी पतलून और तेंदुए के डिजाइन वाली शाइनी शर्ट थी। यह शर्ट उनके बालों के पीले रंग से मेल नहीं खा रही थी, जिससे लुक थोड़ा अजीब लग रहा था।<br><br><strong>गुस्ताव मैग्नर विट्ज़ो (Gustav Magnar Witzøe)</strong><br>नॉर्वे के अरबपति गुस्ताव विट्ज़ो क्रीम रंग के सूट, लेटेक्स जैसे दिखने वाले ओवरकोट, चौड़े किनारे वाली टोपी और ताबी बूट्स में पहुंचे। उनका पहनावा ऐसा लग रहा था जैसे इसे फिटिंग की जरूरत हो।<br><br><strong>किम कार्दशियन (Kim Kardashian)</strong><br>किम कार्दशियन हमेशा मेट गाला में चर्चा का विषय होती हैं, लेकिन इस बार काले रंग के कपड़ों में वह लाइमलाइट नहीं बटोर पाईं। उन्होंने काले चमड़े की ड्रेस पहनी थी और साथ में चौड़ी किनारी वाली फेडोरा टोपी लगाई थी।<br><br><strong>पामेला एंडरसन (Pamela Anderson)</strong><br>पामेला एंडरसन टोरी बर्च के क्रिस्टल से जड़े गाउन में नजर आईं। वह गाउन चांदी के रंग का था, उसमें लंबी आस्तीनें थीं और वह काफी घेरदार था। उन्होंने अपने बालों को भी एक नए बॉब कट में स्टाइल किया था।]]> </content:encoded>
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<title>मेट गाला 2025: क्यूटनेस से सितारों को मात देने वाला डॉग</title>
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<description><![CDATA[ मेट गाला 2025 में एक प्यारे से डॉग, टाकोमा ने अपनी क्यूटनेस से सबका ध्यान खींचा। म्यूजियम का सिक्योरिटी डॉग होने के साथ-साथ, टाकोमा इंटरनेट पर भी छा गया है। सेलेब्स के बीच, उसने बिना किसी प्रयास के लोगों का दिल जीत लिया। लोग उसकी ड्यूटी के प्रति समर्पण और अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, और उसे &#039;स्टार ऑफ द नाइट&#039; बता रहे हैं। टाकोमा की क्यूटनेस ने सेलेब्स को भी टक्कर दे दी है, और इंटरनेट पर उसकी जमकर चर्चा हो रही है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 May 2025 16:59:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Met Gala 2025, Security Dog, Tacoma, celebrities, cute, viral video, fans, hilarious reactions, dog, क्यूटनेस, छुपा रुस्तम स्टार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मेट गाला 2025 में, सितारों ने अपनी खास शैली दिखाने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन एक प्यारे से डॉग, टाकोमा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। <br><br>टाकोमा, जो कि एक म्यूजियम का सिक्योरिटी डॉग है, अपनी क्यूटनेस और अंदाज से इंटरनेट पर छाया हुआ है। लोग उसकी मतवाली चाल और ड्यूटी के प्रति समर्पण की तारीफ कर रहे हैं। <br><br>शाहरुख खान से लेकर रिहाना तक, सभी सेलेब्स के लुक सोशल मीडिया पर छाए रहे, लेकिन टाकोमा ने बिना किसी प्रयास के सबका दिल जीत लिया। <br><br>लोग टाकोमा के लिए मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं और उसे 'स्टार ऑफ द नाइट' बता रहे हैं। कुछ यूजर्स ने उसे बो और टाई पहनाने का सुझाव भी दिया है। <br><br>टाकोमा की क्यूटनेस ने सेलेब्स को भी टक्कर दे दी, और इंटरनेट पर उसकी जमकर चर्चा हो रही है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कश्मीर में ट्यूलिप गार्डन: रंगों का अद्भुत संगम</title>
<link>https://pratinidhi.in/tulip-garden-srinagar-a-visual-delight-for-nature-lovers-plan-visit</link>
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<description><![CDATA[ श्रीनगर का ट्यूलिप गार्डन, सिराज बाग, डल झील के किनारे स्थित एशिया का सबसे बड़ा गार्डन है, जहाँ 74 किस्मों के ट्यूलिप फूल हैं। मार्च में खुलने वाला यह गार्डन हॉलैंड के ट्यूलिप गार्डन जैसा है। इंदिरा गांधी ट्यूलिप गार्डन में ट्यूलिप फेस्टिवल मनाया जाता है। यहाँ मल्टी कलर और डबल लेयर ट्यूलिप जैसे विभिन्न प्रकार के ट्यूलिप हैं। श्रीनगर एयरपोर्ट सबसे पास है, और प्रवेश शुल्क 75 रुपए है। वीकडेज में जाएँ, टिकट पहले से बुक करें, और गर्म कपड़े साथ रखें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:51:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Tulip Garden, Srinagar, Kashmir, Travel, Tourism, Tulip Festival, Indira Gandhi Tulip Garden</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>श्रीनगर: ट्यूलिप गार्डन में रंगों का अद्भुत संगम</strong><br><br>श्रीनगर का ट्यूलिप गार्डन, जिसे सिराज बाग के नाम से भी जाना जाता है, डल झील के किनारे स्थित है। यह एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है, जहाँ 74 किस्मों के ट्यूलिप फूल मौजूद हैं। मार्च में खुलने वाला यह गार्डन, हॉलैंड के ट्यूलिप गार्डन जैसा ही खूबसूरत है।<br><br><strong>ट्यूलिप गार्डन: एक स्वर्ग प्रकृति प्रेमियों के लिए</strong><br><br>इंदिरा गांधी ट्यूलिप गार्डन जबरवान पर्वत की तलहटी में है। यहाँ हर साल ट्यूलिप फेस्टिवल मनाया जाता है। मार्च के अंत से अप्रैल के बीच, ट्यूलिप के फूल पूरी तरह खिले होते हैं। वसंत के बाद गार्डन बंद हो जाता है।<br><br><strong>मल्टी कलर ट्यूलिप और सांस्कृतिक कार्यक्रम</strong><br><br>इस गार्डन में विभिन्न प्रकार के ट्यूलिप, जैसे मल्टी कलर और डबल लेयर ट्यूलिप मौजूद हैं। यह गार्डन फोटोग्राफी के लिए भी प्रसिद्ध है। यहाँ कश्मीर के पारंपरिक नृत्य और संगीत का आनंद भी लिया जा सकता है।<br><br><strong>ट्यूलिप गार्डन कैसे पहुंचे?</strong><br><br>श्रीनगर एयरपोर्ट, ट्यूलिप गार्डन से सबसे पास है। दिल्ली से श्रीनगर के लिए सीधी ट्रेन भी है, लेकिन फ्लाइट से जाना अधिक सुविधाजनक है। गार्डन में प्रवेश के लिए टिकट की कीमत 75 रुपए है।<br><br><strong>ध्यान रखने योग्य बातें</strong><br><br>गार्डन में शांति से घूमने के लिए वीकडेज में जाएँ। टिकट और रहने का इंतजाम पहले से कर लें। फूलों को छूना या तोड़ना मना है। गर्म कपड़े साथ रखें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>केएल राहुल&amp;आथिया ने अपनी बेटी का अनूठा नाम बताया</title>
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<description><![CDATA[ केएल राहुल और आथिया शेट्टी ने अपनी बेटी का नाम &#039;इवारा&#039; रखा है, जिसका अर्थ है &#039;ईश्वर का उपहार&#039;। यह नाम बहुत ही अनोखा है। 18 अप्रैल को सोशल मीडिया पर बेटी के साथ तस्वीर साझा करते हुए नाम का ऐलान किया गया। यदि आप अपनी बेटी के लिए &#039;अ&#039; अक्षर से शुरू होने वाला नाम ढूंढ रहे हैं, तो आशी और अबीशा नाम आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। ईनामी और हरनूर नामों पर भी विचार कर सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:51:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Athiya Shetty, KL Rahul, Baby Girl Name, Unique Name, Gift of God, Ivara</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केएल राहुल और आथिया शेट्टी ने अपनी बेटी का नाम बताया है, जो कि बहुत ही अनोखा है और इसका अर्थ सुनकर भगवान भी प्रसन्न हो जाएंगे। हाल ही में माता-पिता बने आथिया और केएल राहुल ने अपनी बेटी के लिए एक विशेष नाम चुना है, जो शायद ही पहले कभी सुना गया हो। इस जोड़े से प्रेरणा लेकर, आप भी अपनी बेटी के लिए ऐसा ही एक अनूठा नाम चुन सकते हैं।<br><br>पिछले महीने, आथिया शेट्टी और केएल राहुल एक बेटी के माता-पिता बने, और अब इस लोकप्रिय जोड़े ने अपनी बेटी के नाम का खुलासा किया है। 18 अप्रैल को, आथिया और केएल राहुल ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी के साथ एक प्यारी तस्वीर साझा करते हुए उसके नाम का ऐलान किया।<br><br>आथिया और केएल ने अपनी बेटी का नाम 'इवारा' रखा है, जिसका अर्थ है 'ईश्वर का उपहार'। यह नाम वास्तव में बहुत ही अनूठा है और संभवतः पहले कभी नहीं सुना गया होगा। आप भी अपनी बेटी को ऐसा ही एक अनोखा नाम दे सकते हैं, जिसका अर्थ ईश्वर का उपहार हो। इस लेख में, हम आपको कुछ ऐसे ही अनूठे नामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो लड़कियों के लिए उपयुक्त हैं।<br><br>अगर आप अपनी बेटी के लिए 'अ' अक्षर से शुरू होने वाला नाम ढूंढ रहे हैं, तो आशी और अबीशा नाम आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। आशी लड़कियों के लिए एक लोकप्रिय नाम है, जिसका अर्थ है 'आशीर्वाद', जबकि अबीशा का अर्थ है 'ईश्वर की ओर से मिला उपहार'।<br><br>यदि आप भी आथिया और केएल राहुल की तरह अपनी बेटी को एक अलग नाम देना चाहते हैं, और वह आपके लिए ईश्वर का एक तोहफा है, तो आप ईनामी और हरनूर नामों पर विचार कर सकते हैं। ईनामी नाम का अर्थ है 'ईश्वर का उपहार'। वहीं, हरनूर एक पंजाबी नाम है, जिसका अर्थ है 'ईश्वर से मिला तोहफा'।<br>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लद्दाख: भारत का मिनी तिब्बत, खूबसूरत नजारों का अनुभव</title>
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<description><![CDATA[ लद्दाख, जिसे भारत का मिनी तिब्बत कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, बौद्ध संस्कृति और रोमांचक टूरिस्ट स्पॉट्स के लिए जाना जाता है। यहां की संस्कृति, भाषा और परंपराएं तिब्बत से काफी मिलती-जुलती हैं। लद्दाख में शांति स्तूप, पैंगोंग झील, नुब्रा वैली, सो मोरिरी झील और लामायुरू मठ जैसे कई खूबसूरत जगहें हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। शांति स्तूप लेह शहर में स्थित है और बौद्ध धर्म का प्रतीक है। पैंगोंग झील भारत और चीन की सीमा पर स्थित है और अपने नीले पानी के लिए प्रसिद्ध है। नुब्रा वैली अपने रेगिस्तानी इलाके और दो कूबड़ वाले ऊंटों के लिए मशहूर है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:49:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लद्दाख, मिनी तिब्बत, पर्यटन, शांति स्तूप, पैंगोंग झील, नुब्रा वैली, सो मोरिरी झील, लामायुरू मठ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[लद्दाख, जिसे भारत का 'मिनी तिब्बत' कहा जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और बौद्ध संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। <strong>यह स्थान पर्यटकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है।</strong><br><br><b>लद्दाख के मुख्य आकर्षण</b><br><b>शांति स्तूप:</b> लेह शहर में स्थित यह बौद्ध स्तूप शांति और सद्भाव का प्रतीक है। यहां से हिमालय की बर्फीली चोटियों का शानदार दृश्य दिखाई देता है।<br><br><b>पैंगोंग झील:</b> यह खूबसूरत झील भारत और चीन की सीमा पर स्थित है। नीले पानी और पहाड़ों की परछाई पर्यटकों को आकर्षित करती है।<br><br><b>नुब्रा वैली:</b> यह घाटी अपने रेगिस्तानी इलाके और दो कूबड़ वाले ऊंटों के लिए प्रसिद्ध है। यहां दिस्कित मठ और पनामिक हॉट स्प्रिंग्स भी देखने लायक हैं।<br><br><b>सो मोरिरी झील:</b> यह झील चांगथांग क्षेत्र में स्थित है और अपने प्राकृतिक नजारों के लिए जानी जाती है। यहां प्रवासी पक्षियों को भी देखा जा सकता है।<br><br><b>लामायुरू मठ:</b> यह लद्दाख के सबसे पुराने मठों में से एक है, जिसे 'मूनलैंड' भी कहा जाता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>गर्मियों में खाने को जहर बनने से कैसे बचाएं: डॉ. नरेंद्र सिंगला की सलाह</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-prevent-food-poisoning-in-summer-dr-narendra-singla-advice</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में जरा सी लापरवाही आपके खाने को बीमारियों का कारण बना सकती है। सही तरीके से खाने को स्टोर करके और साफ सफाई का ध्यान रखकर फूड पॉइजनिंग से बचा जा सकता है। तापमान बढ़ने से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, खुले में रखा खाना बीमारियों को बढ़ावा देते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग आसानी से फूड पॉइजनिंग का शिकार हो सकते हैं। गर्मियों में खाने को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। सही जानकारी और कुछ आसान उपाय अपनाकर आप और आपका परिवार स्वस्थ रह सकते हैं। बासी खाना तुरंत फेंक दें और मांस, अंडा और दूध जैसे खाद्य पदार्थों को हमेशा 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:49:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>food poisoning, summer, bacteria, food storage, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में जरा सी लापरवाही आपके खाने को बीमारियों का कारण बना सकती है। सही तरीके से खाने को स्टोर करके और साफ सफाई का ध्यान रखकर फूड पॉइजनिंग से बचा जा सकता है।
<br><br>
गर्मियां आते ही हमारी दिनचर्या और खानपान में बदलाव आ जाता है। गर्मी से राहत पाने के लिए हम ठंडी चीजें खाना पसंद करते हैं, लेकिन इस मौसम में फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है। गर्मियों में पेट खराब, उल्टी-दस्त और गैस्ट्रो जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं।
<br><br>
दिल्ली के सीके बिरला अस्पताल के डॉक्टर नरेंद्र सिंगला के अनुसार, तापमान बढ़ने से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। खुले में रखा खाना, गंदा पानी और अधपका स्ट्रीट फूड बीमारियों को बढ़ावा देते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग आसानी से फूड पॉइजनिंग का शिकार हो सकते हैं।
<br><br>
गर्मियों में खाने को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। सही जानकारी और कुछ आसान उपाय अपनाकर आप और आपका परिवार स्वस्थ रह सकते हैं।
<br><br>
गर्म मौसम बैक्टीरिया के लिए अनुकूल होता है। 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान होने पर साल्मोनेला और कैम्पिलोबैक्टर जैसे बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। खुला खाना और फ्रिज से बाहर रखा दूध-मांस जल्दी खराब हो जाते हैं। एक घंटे से ज्यादा समय तक बाहर रखा खाना जहरीला हो सकता है। इसलिए खाने को तुरंत ठंडे वातावरण में रखना चाहिए।
<br><br>
गर्मियों में अगर खाना फ्रिज में ठीक से स्टोर न किया जाए, तो बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। डेयरी उत्पाद, मीट और अंडे जल्दी खराब हो जाते हैं। फ्रिज का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होने पर खाना सुरक्षित नहीं रहता। खाने को ताजा रखने के लिए सही स्टोरेज जरूरी है।
<br><br>
बरसात के मौसम में नालियों और जलस्रोतों का पानी गंदा हो जाता है। इस पानी में विब्रियो और कैम्पिलोबैक्टर जैसे बैक्टीरिया होते हैं जो शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। ये बैक्टीरिया संक्रमित पानी से सींची गई सब्जियों और फलों के माध्यम से भी फैल सकते हैं। इसलिए, सब्जियों और फलों को अच्छी तरह धोकर साफ पानी से इस्तेमाल करना चाहिए।
<br><br>
गर्मियों में लोग ठंडा, अधपका और बाहर का खाना ज्यादा पसंद करते हैं। सलाद, स्ट्रीट फूड और अधपके सीफूड में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। कच्ची मछली या झींगे खाने से विब्रियो संक्रमण हो सकता है। खाना बनाते समय साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
<br><br>
फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए बासी खाना तुरंत फेंक दें। मांस, अंडा और दूध जैसे खाद्य पदार्थों को हमेशा 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे रखें। खाने को कूलर या आइस पैक के साथ बाहर ले जाएं। फ्रिज या कूलर को बार-बार न खोलें और डिलीवरी किया गया खाना तुरंत फ्रिज में रखें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>गर्मियों में क्या खाएं और क्या नहीं: स्वस्थ रहने के लिए जरूरी टिप्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/summer-diet-foods-to-avoid-heat-body</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे आहारों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो और जो पोषक तत्वों से भरपूर हों। कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना आवश्यक है, अन्यथा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। मसालेदार और जंक फूड, मांसाहारी भोजन, कैफीन और अल्कोहल युक्त पेय, मिठाइयाँ, खजूर और किशमिश, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड जैसे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/19042025/19_04_2025-food_items_23921479.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:46:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गर्मियों के खाद्य पदार्थ, स्वास्थ्य, खान-पान, डिहाइड्रेशन, आयुर्वेद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में इन खाद्य पदार्थों से करें परहेज, वरना शरीर बन जाएगा 'हीटर'<br><br>गर्मियों के मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दौरान, ऐसे आहारों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो और जो पोषक तत्वों से भरपूर हों। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जिनसे परहेज करना आवश्यक है, अन्यथा स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।<br><br>गर्मी के मौसम में कुछ चीजों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। मौसम विभाग ने इस बार भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की है, इसलिए स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना जरूरी है। आहार में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करें और जिनमें पौष्टिक गुण हों। अक्सर लोग तली-भुनी चीजें खाकर गलती कर बैठते हैं, जिससे शरीर को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसलिए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि गर्मियों में किन चीजों से बचना चाहिए, ताकि शरीर बीमारियों से बचा रहे, पाचन तंत्र ठीक रहे और डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।<br><br><strong>मसालेदार और जंक फूड</strong><br><br>गर्मियों में अधिक मसालेदार या डीप फ्राइड खाद्य पदार्थ खाने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है। समोसे, पकौड़े, चाट और मसालेदार सब्जियां न केवल पेट पर बुरा असर डालती हैं, बल्कि शरीर को भी नुकसान पहुंचाती हैं। इनसे पसीना अधिक आता है और शरीर जल्दी थक जाता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है।<br><br><strong>मांसाहारी भोजन</strong><br><br>कई लोगों को मांसाहारी भोजन पसंद होता है, लेकिन मटन, चिकन और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ गर्म तासीर के होते हैं। गर्मियों में इनका अधिक सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यदि मांसाहारी भोजन का सेवन करना ही है, तो इसे 10 से 15 दिनों में एक बार सीमित मात्रा में ही करें।<br><br><strong>कैफीन और अल्कोहल युक्त पेय</strong><br><br>भारत में चाय और कॉफी के शौकीनों की कमी नहीं है, लेकिन गर्मियों में चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और अल्कोहल शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं। इनके सेवन से बार-बार पेशाब लगती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। गर्मियों में इनके स्थान पर नींबू पानी, नारियल पानी या ठंडे फलों का जूस पीना अधिक फायदेमंद होता है।<br><br><strong>मिठाइयाँ</strong><br><br>मिठाइयों में मौजूद प्रोसेस्ड शुगर शरीर में गर्मी पैदा करती है। इसलिए, गर्मियों में मिठाई, चॉकलेट, पैकेज्ड स्नैक्स और बेकरी उत्पादों से दूरी बनाए रखना बेहतर है। इनके सेवन से तेजी से वजन बढ़ सकता है और अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। साथ ही, ये चीजें शरीर की ऊर्जा को भी कम कर देती हैं।<br><br><strong>खजूर और किशमिश</strong><br><br>आमतौर पर, सूखे मेवे सर्दियों में खाने के लिए बेहतर माने जाते हैं। फिर भी, काजू, बादाम और पिस्ता गर्मियों में खाए जा सकते हैं, लेकिन खजूर, किशमिश और अखरोट जैसे सूखे मेवों से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में गर्मी पैदा करते हैं। यदि गर्मियों में इनका सेवन करना ही है, तो इन्हें बहुत सीमित मात्रा में और भिगोकर ही लें।<br><br><strong>फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड</strong><br><br>बर्गर, पिज्जा, इंस्टैंट नूडल्स और चिप्स जैसे स्नैक्स भी शरीर का तापमान बढ़ा सकते हैं। इनमें नमक और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर के तापमान को असंतुलित कर सकती है।]]> </content:encoded>
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<title>विश्व धरोहर दिवस 2025: भारत की 7 अद्भुत इमारतें</title>
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<description><![CDATA[ हर साल 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाया जाता है। भारत में कई ऐतिहासिक इमारतें यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं, जो अपनी सुंदरता से मन मोह लेती हैं। भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। इन धरोहरों में सूर्य मंदिर, ताज महल, अजंता-एलोरा की गुफाएँ, रानी की वाव, हुमायूं का मकबरा, फतेहपुर सीकरी और महाबोधि मंदिर शामिल हैं। ये सभी स्थल वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास का अद्भुत संगम हैं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:46:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>World Heritage Day, UNESCO, Indian monuments, historical sites, tourism</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>विश्व धरोहर दिवस 2025: भारत की 7 अद्भुत इमारतें</strong><br><br>हर साल 18 अप्रैल को विश्व धरोहर दिवस मनाया जाता है, जो पर्यटन के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। भारत में कई ऐतिहासिक इमारतें हैं जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं और अपनी सुंदरता से मन मोह लेती हैं।<br><br>भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यहाँ की इमारतें वास्तुकला, संस्कृति और इतिहास के कारण पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इस विश्व धरोहर दिवस पर, आइए भारत की 7 विश्व धरोहर स्थलों के बारे में जानते हैं।<br><br><strong>भारत की 7 विश्व धरोहर स्थल:</strong><br><br><strong>1. सूर्य मंदिर, कोणार्क (ओडिशा):</strong> कोणार्क का सूर्य मंदिर भारतीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। 13वीं शताब्दी में बना यह मंदिर एक विशाल रथ के आकार में है, जिसमें 12 जोड़ी पहिए और 7 घोड़े हैं।<br><br><strong>2. ताज महल, आगरा (उत्तर प्रदेश):</strong> ताज महल प्यार का प्रतीक है, जिसे शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। यह सफेद संगमरमर से बना है और अपनी नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।<br><br><strong>3. अजंता और एलोरा की गुफाएँ (महाराष्ट्र):</strong> ये गुफाएँ प्राचीन कला और धर्म का संगम हैं। अजंता में बौद्ध धर्म से जुड़े चित्र हैं, जबकि एलोरा में हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म से संबंधित गुफाएँ हैं।<br><br><strong>4. रानी की वाव, गुजरात:</strong> रानी की वाव एक खूबसूरत बावड़ी है, जिसे 11वीं शताब्दी में रानी उदयमति ने बनवाया था।<br><br><strong>5. हुमायूं का मकबरा, दिल्ली:</strong> यह मकबरा मुगल वास्तुकला का पहला बड़ा उदाहरण है, जो ताजमहल के निर्माण की प्रेरणा बना।<br><br><strong>6. फतेहपुर सीकरी, उत्तर प्रदेश:</strong> अकबर ने फतेहपुर सीकरी को अपनी राजधानी बनाया था, जो हिंदू-इस्लामिक वास्तुकला का मिश्रण है।<br><br><strong>7. महाबोधि मंदिर, बोधगया (बिहार):</strong> यह बौद्ध धर्म का पवित्र स्थल है, जहाँ बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था।]]> </content:encoded>
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<title>इम्‍युन‍िटी बढ़ाने के लिए 6 मसाले</title>
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<description><![CDATA[ भारतीय रसोई में पाए जाने वाले मसाले न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, अदरक, लौंग और हींग जैसे मसाले प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, सूजन को कम करने, संक्रमण से लड़ने और पाचन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इन मसालों को अपनी डाइट में शामिल करके आप कई प्रकार की मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं। इन मसालों का सेवन अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि भोजन में मिलाकर, चाय या काढ़े के रूप में, या सीधे भी खा सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:43:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मसाले, इम्युनिटी, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, अदरक, लौंग, हींग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>भारतीय रसोई में मौजूद मसाले: आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए वरदान</strong><br><br>भारतीय रसोई में कई ऐसे मसाले पाए जाते हैं, जो न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि हमारे स्वास्थ्य का भी ध्यान रखते हैं। यदि आप अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना चाहते हैं, तो इन मसालों को अपनी डाइट में अवश्य शामिल करें। इससे आप कई प्रकार की मौसमी बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।<br><br><strong>मसालों के गुण</strong><br><br>हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जो सूजन को कम करता है और शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है। काली मिर्च में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो गले की खराश, जुकाम और खांसी से राहत दिलाते हैं। दालचीनी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। अदरक शरीर को गर्मी प्रदान करता है और वायरल व फ्लू जैसी बीमारियों में फायदेमंद होता है। लौंग में एंटीसेप्टिक और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो सर्दी, खांसी और सांस संबंधी समस्याओं से राहत दिलाते हैं। हींग पाचन को बेहतर बनाता है और बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करता है।<br><br><strong>कैसे करें मसालों का सेवन</strong><br><br>हल्दी को भोजन में या हल्दी वाले दूध में इस्तेमाल किया जा सकता है। काली मिर्च को काढ़े के रूप में या सलाद और दही में इस्तेमाल किया जा सकता है। दालचीनी को चाय में मिलाकर या खाना बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। अदरक को चाय या काढ़े में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन गर्मियों में सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए। लौंग को सीधे या चाय और सब्जियों में इस्तेमाल किया जा सकता है। हींग को सब्जी, दाल या कढ़ी में डालकर रोजाना खाया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>खीरा और कढ़ी पत्ते के जूस से पाएं गर्मियों में निखरी त्वचा</title>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में निखरी त्वचा पाने के लिए खीरा और कढ़ी पत्ते का जूस एक सरल और प्रभावी उपाय है। यह जूस त्वचा को अंदर से पोषण देता है, हाइड्रेट रखता है और प्राकृतिक चमक प्रदान करता है। खीरे में 95% पानी होता है, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है, जबकि कढ़ी पत्ता एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इस जूस को आसानी से घर पर बनाया जा सकता है और सुबह खाली पेट इसका सेवन करना सबसे अच्छा होता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:43:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Cucumber, Curry Leaves, Juice, Glowing Skin, Summer, Hydrated Skin, Natural Glow, Skin Detox, खीरा, कढ़ी पत्ता, जूस, ग्लोइंग स्किन, गर्मियों, हाइड्रेटेड स्किन, नेचुरल ग्लो, स्किन डिटॉक्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में त्वचा को चमकदार बनाए रखने के लिए खीरा और कढ़ी पत्ते के जूस का सेवन एक बेहतरीन उपाय है। महंगे स्किन केयर उत्पादों का इस्तेमाल करने के बजाय, अपनी डाइट में खीरा और कढ़ी पत्ते का जूस शामिल करें। यह जूस त्वचा को अंदर से पोषण देता है, हाइड्रेट रखता है और प्राकृतिक चमक लाने में मदद करता है।

<strong>खीरे के फायदे:</strong><br>
खीरे में 95% पानी होता है, जो त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है। गर्मियों में यह नेचुरल कूलिंग एजेंट की तरह काम करता है और त्वचा को रूखा होने से बचाता है। खीरे में एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर होते हैं, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालते हैं। यह विटामिन C, K और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता है, जो स्किन की मरम्मत और नमी बनाए रखने में सहायक है।

<strong>कढ़ी पत्ते के फायदे:</strong><br>
कढ़ी पत्ता एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो पिंपल्स और स्किन एलर्जी से राहत दिलाने में मदद करता है। यह स्किन की अंदरूनी सफाई करता है और मेलानिन उत्पादन को संतुलित करता है, जिससे स्किन टोन सुधरती है और नेचुरल ग्लो आता है। कढ़ी पत्ते में आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन A, B, C की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो स्किन की कोशिकाओं को रिपेयर करते हैं और एजिंग को धीमा करते हैं।

<strong>जूस बनाने की विधि:</strong><br>
खीरे को छीलकर काट लें और मिक्सर में कढ़ी पत्तों के साथ पीस लें। इसमें नींबू और नमक मिलाएं। इस जूस को सुबह खाली पेट पिएं। हफ्ते में तीन से चार बार इस जूस का सेवन करें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>शहद और आंवला: थायरॉइड के लिए सही या मिथ?</title>
<link>https://pratinidhi.in/honey-and-amla-powder-for-thyroid-truth-or-myth</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख थायरॉइड के इलाज के लिए शहद और आंवला पाउडर के उपयोग के बारे में सोशल मीडिया पर किए गए दावों की सच्चाई की जांच करता है। सजग फैक्ट चेक टीम ने पाया कि इन दावों का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और थायरॉइड डिसऑर्डर के लिए चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। लेख में बताया गया है कि भारत में 40-42 मिलियन लोग थायरॉइड डिसऑर्डर से पीड़ित हैं और इस समस्या से निपटने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 17:56:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>थायरॉइड, शहद, आंवला, घरेलू इलाज, फैक्ट चेक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>फैक्ट चेक: क्या शहद और आंवला पाउडर थायरॉइड के इलाज में कारगर हैं?</p><br><br><p>आजकल थायरॉइड के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और कई लोगों को जीवन भर दवाएं खानी पड़ती हैं। ऐसे में, कुछ लोग घरेलू उपचारों की ओर रुख करते हैं। सोशल मीडिया पर आंवला पाउडर और शहद के सेवन को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। सजग फैक्ट चेक टीम ने इन दावों की सच्चाई जानने के लिए एक जांच की है, ताकि लोग अपनी सेहत के बारे में सही जानकारी रख सकें।</p><br><br><p><b>मुख्य बातें:</b></p><br><br><ul><li>दावा: शहद और आंवला पाउडर थायरॉइड को संतुलित करते हैं।</li><li>जांच: डॉक्टर ने इस दावे को गलत बताया है।</li></ul><br><br><p>भारत में लगभग 40-42 मिलियन लोग थायरॉइड डिसऑर्डर से पीड़ित हैं। यह समस्या महिलाओं में अधिक आम है, लेकिन अब बच्चों में भी देखी जा रही है। इसलिए, थायरॉइड को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। सोशल मीडिया पर कई घरेलू उपचार उपलब्ध हैं, जिनमें से एक शहद और आंवला पाउडर का सेवन है। इस दावे के अनुसार, इन दोनों सामग्रियों को रोज सुबह खाने से थायरॉइड ग्रंथि सक्रिय हो जाती है और जल्द ही फायदा दिखने लगता है। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए गहन जांच की गई है।</p><br><br><p><b>शहद और आंवला पाउडर की समान मात्रा:</b></p><br><br><p>इस दावे में शहद और आंवला पाउडर को बराबर मात्रा में लेने की सलाह दी गई है। पोस्ट के अनुसार, 1 चम्मच आंवला पाउडर और 1 चम्मच शहद मिलाकर रोज सुबह खाली पेट खाना चाहिए। यह नुस्खा इम्युनिटी में सुधार करने का भी दावा करता है।</p><br><br><p><b>एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सी:</b></p><br><br><p>गुरुग्राम के मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में एसोसिएट कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. सुनील सेखरी बताते हैं कि आंवले में एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन सी होता है, जबकि शहद में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं। हालांकि, उनका कहना है कि थायरॉइड को ठीक करने का दावा सही नहीं है।</p><br><br><p><b>वैज्ञानिक प्रमाण का अभाव:</b></p><br><br><p>डॉक्टर सेखरी के अनुसार, इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। थायरॉइड डिसऑर्डर एक जटिल हार्मोनल असंतुलन है, जिसके लिए चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है। बिना चिकित्सा उपचार के इस समस्या को ठीक करना मुश्किल है।</p><br><br><p><b>निष्कर्ष:</b></p><br><br><p>विशेषज्ञों का कहना है कि थायरॉइड होने पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा होता है। नियमित निगरानी और जीवनशैली में बदलाव जरूरी हैं। प्राकृतिक उपचार स्वास्थ्य के लिए अच्छे हो सकते हैं, लेकिन वे दवाओं का विकल्प नहीं हैं। इसलिए, सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को गलत पाया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>टमाटर के पौधे को स्वस्थ और तेजी से बढ़ाने का रहस्य</title>
<link>https://pratinidhi.in/secrets-to-grow-healthy-tomato-plant-and-increase-growth-faster</link>
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<description><![CDATA[ फार्मिंग एक्सपर्ट पारुल ने टमाटर के पौधे की ग्रोथ बढ़ाने और ज्यादा फल पाने का एक रहस्य बताया है। उनके अनुसार, गमले में टमाटर उगाने के लिए चॉक का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि चॉक में कैल्शियम होता है, जो पौधे के लिए जरूरी है। चॉक को मिट्टी में मिलाने से पौधे को कैल्शियम मिलता है, जिससे उसकी ग्रोथ अच्छी होती है। छाछ भी टमाटर के पौधे के लिए फायदेमंद होती है, क्योंकि इसमें कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व होते हैं। छाछ को पानी में मिलाकर पौधे में डालने से उसकी ग्रोथ अच्छी होती है। गोबर की खाद, नीम की खली और सूखे पत्तों की खाद भी इस्तेमाल की जा सकती है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120376926/farming-expert-parul-shared-a-secret-of-tomato-plant-to-make-it-healthy-and-increase-growth-faster-120376926.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 15:44:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टमाटर, पौधा, कैल्शियम, खाद, बागवानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल लोग अपने घरों में ऑर्गेनिक सब्जियां उगाने के लिए किचन गार्डन बना रहे हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में उन्हें अच्छी ग्रोथ नहीं मिल पाती।</p><br><p>ऐसे में फार्मिंग एक्सपर्ट पारुल ने टमाटर के पौधे की ग्रोथ बढ़ाने और ज्यादा फल पाने का एक रहस्य बताया है।</p><br><p>पारुल के अनुसार, गमले में टमाटर उगाने के लिए चॉक का इस्तेमाल करना चाहिए। चॉक में कैल्शियम होता है, जो टमाटर के पौधे के लिए बहुत जरूरी है।</p><br><p>चॉक को मिट्टी में मिलाने से पौधे को कैल्शियम मिलता है, जिससे उसकी ग्रोथ अच्छी होती है और ज्यादा फल लगते हैं।</p><br><p>इसके अलावा, छाछ भी टमाटर के पौधे के लिए बहुत फायदेमंद होती है। छाछ में भी कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो पौधे को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।</p><br><p>छाछ को पानी में मिलाकर पौधे में डालने से उसकी ग्रोथ अच्छी होती है और ज्यादा फल लगते हैं।</p><br><p>इसके साथ ही गोबर की खाद, नीम की खली और सूखे पत्तों की खाद भी टमाटर के पौधे के लिए अच्छी होती हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गर्मियों के लिए 5 हेल्‍दी ड‍िनर रेस‍िपी</title>
<link>https://pratinidhi.in/healthy-dinner-recipes-for-summer</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में रात का खाना हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला होना चाहिए। ऐसी 5 हेल्‍दी रेस‍िपीज हैं जो न केवल आपकी नींद को बेहतर बनाएंगी, बल्क‍ि आसानी से डाइजेस्‍ट भी हो जाएंगी। गर्मियों में आपको हेल्‍दी डाइट लेनी चाह‍िए और तली-भुनी चीजों से दूर रहना चाह‍िए। मिक्स्ड वेजिटेबल सूप, मूंग दाल की खिचड़ी, ककड़ी टमाटर का सलाद, ओट्स चीला और दही पोहा गर्मियों के लिए बेहतरीन विकल्प हैं, क्योंकि ये न केवल पेट को ठंडक देते हैं बल्कि आसानी से पच भी जाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 15:40:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>healthy recipes, dinner, summer, digestion, cooling foods</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में, रात का खाना ऐसा होना चाहिए जो हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला हो। हम आपके लिए लाए हैं 5 हेल्‍दी रेस‍िपीज, ज‍िन्‍हें आपको अपनी डाइट में जरूर शाम‍िल करना चाह‍िए। ये न केवल आपकी नींद को बेहतर बनाएंगी, बल्क‍ि आसानी से डाइजेस्‍ट भी हो जाएंगी। गर्मियों के मौसम के लिए ये बेहतरीन हैं।
<br><br>
गर्मियों में आपको हेल्‍दी डाइट लेनी चाह‍िए। रात के खाने में हल्‍का खाना ही खाना चाह‍िए। तली-भुनी चीजों से दूर रहना चाह‍िए।
<br><br>
लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली: गर्मियों का मौसम आ गया है, और लोग अपने शरीर को ठंडा रखने के लिए ज्‍यादा पानी वाली चीजें अपनी डाइट में शाम‍िल करते हैं। इस मौसम में, हाइड्रेटेड और ठंडा रहना जरूरी है, साथ ही हल्‍का और हेल्‍दी खाना खाने की सलाह दी जाती है, जो आसानी से डाइजेस्‍ट हो सके। रात में, हमें भारी या तली हुई चीजों से बचना चाह‍िए। अगर आप रात में हैवी डाइट लेते हैं, तो इससे आपकी नींद खराब हो सकती है, साथ ही पेट में भारीपन, गैस और अपच जैसी समस्‍याएं भी हो सकती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी र‍ेस‍िपीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके पेट को ठंडक देंगी और आसानी से डाइजेस्‍ट हो जाएंगी।
<br><br>
<b>मिक्स वेजिटेबल सूप</b>
<br><br>
गर्मियों में हल्‍की और पोषण से भरपूर चीजें खानी चाह‍िए। वेजिटेबल सूप एक शानदार ड‍िनर है। आप गाजर, बीन्‍स, श‍िमला म‍िर्च, टमाटर और पत्तागोभी जैसी सब्‍ज‍ियां डालकर सूप बना सकते हैं। अदरक और नींबू का रस डालकर आप इसका स्‍वाद बढ़ा सकते हैं।
<br><br>
<b>मूंग दाल की खिचड़ी</b>
<br><br>
अगर क‍िसी को पेट से जुड़ी कोई समस्‍या है, तो उसे मूंग दाल की ख‍िचड़ी खाने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद में, मूंग दाल की ख‍िचड़ी आसानी से पचने वाला भोजन है। यह पेट के ल‍िए हल्‍की होती है और प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होती है, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। आप इसे दही या छाछ के साथ खा सकते हैं।
<br><br>
<b>ककड़ी टमाटर का सलाद</b>
<br><br>
अगर आप फ‍िटनेस के बारे में सोच रहे हैं, तो सलाद भी एक अच्‍छा विकल्‍प है। गर्मियों में खीरा और ककड़ी बहुतायत में म‍िलते हैं। आप खीरे, टमाटर, ककड़ी, प्‍याज और नींबू के रस से सलाद बना सकते हैं। आप इसमें काली म‍िर्च और चाट मसाला भी डाल सकते हैं। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखेगा और पाचन को बेहतर बनाएगा।
<br><br>
<b>ओट्स चीला</b>
<br><br>
गर्मियों में आप ओट्स चीला भी ट्राई कर सकते हैं। यह हल्‍का होता है और वजन घटाने में भी मदद करता है। आप अपनी पसंदीदा सब्‍ज‍ियां भी काटकर म‍िक्‍स कर सकते हैं। यह हेल्‍दी और टेस्‍टी होता है।
<br><br>
<b>दही पोहा</b>
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गर्मियों में दही और पोहा का कॉम्बिनेशन बहुत अच्‍छा होता है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है और आसानी से पच भी जाता है। आप इसमें कढ़ी पत्‍ता, राई और हरी म‍िर्च डालकर इसका स्‍वाद बढ़ा सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>रिश्तों में प्यार बढ़ाने के आसान उपाय</title>
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<description><![CDATA[ रिश्तों में दूरियां आना सामान्य है, पर इन्हें कम किया जा सकता है। प्यार और समझदारी से रिश्ते को मिठास दें। बातचीत जरूरी है; बैठकर मसले सुलझाएं। पुराने पलों को याद कर सुकून पाएं और साथ बिताएं समय। पार्टनर की तारीफ करें, ईगो दूर रखें और गलती होने पर माफी मांगें। इन उपायों से रिश्ते मजबूत होंगे और प्यार बढ़ेगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 14:17:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रिश्ता, प्यार, दूरी, बातचीत, समय, ईगो, गलतफहमी, समझदारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[क्‍या आपका र‍िश्‍ता टूटने की कगार पर है? यहां 5 आसान ट‍िप्‍स हैं जो रिकनेक्‍ट करने में मदद करेंगे।
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रिश्‍तों में दूर‍ियां आना स्‍वाभाविक है, लेक‍िन इन दूर‍ियों को कम करना आपके हाथ में है। अगर आप चाहें तो प्‍यार और समझदारी से अपने र‍िश्‍ते को पहले जैसी मिठास दे सकते हैं। यह याद रखना जरूरी है क‍ि प्‍यार में हमेशा साथ रहना जरूरी नहीं है, कभी-कभी एक-दूसरे को स्‍पेस देने से भी समस्‍याएं सुलझ जाती हैं।
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<strong>1. खुलकर बात करें:</strong>
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बातचीत क‍िसी भी र‍िश्‍ते का सबसे महत्‍वपूर्ण पहलू है। अगर आपके बीच कुछ ठीक नहीं है, तो बैठकर बात करने और मामले को सुलझाने की कोश‍िश करें। इससे आपका र‍िश्‍ता मजबूत होगा और प्‍यार बना रहेगा।
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<strong>2. पुराने पलों को याद करें:</strong>
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अगर आपके र‍िश्‍ते में दूर‍ियां आ गई हैं, तो साथ बैठकर पुराने और यादगार पलों को याद करें। इससे आपको सुकून म‍िलेगा और र‍िश्‍ते में आई दूर‍ियां कम होंगी।
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<strong>3. एक साथ समय ब‍िताएं:</strong>
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आज की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में कपल्‍स एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते हैं, ज‍िससे दूर‍ियां बढ़ने लगती हैं। द‍िन में कुछ समय न‍िकालकर एक-दूसरे के साथ समय ब‍िताएं। साथ में घूमनें जाएं, खाना बनाएं या फ‍िल्‍म देखें।
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<strong>4. एक-दूसरे की तारीफ करें:</strong>
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कभी-कभी हम अपने पार्टनर की अच्‍छाइयों को अनदेखा कर देते हैं, ज‍िससे र‍िश्‍तों में दूर‍ियां आने लगती हैं। अपने पार्टनर की तारीफ करने से न ह‍िचक‍िचाएं। तारीफ करने से र‍िश्‍तों में प्‍यार बढ़ता है।
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<strong>5. ईगो को दूर रखें:</strong>
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ईगो क‍िसी भी र‍िश्‍ते को खत्‍म कर सकता है। अगर आपके ल‍िए र‍िश्‍ता जरूरी है, तो ईगो को दूर रखना होगा। अगर आपसे कोई गलती हुई है, तो सॉरी बोलने में संकोच न करें। इससे आपके र‍िश्‍ते मजबूत होंगे।]]> </content:encoded>
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<title>विटामिन डी की कमी: लक्षण और सुपरफूड्स से इलाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/vitamin-d-deficiency-symptoms-and-treatment-with-superfoods</link>
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<description><![CDATA[ विटामिन डी हड्डियों, मानसिक स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा के लिए जरूरी है। भारत में इसकी कमी आम है, लेकिन कुछ फूड्स से इसे पूरा किया जा सकता है। यह कैल्शियम अवशोषण में मदद करता है और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता है। ICRIER के अनुसार, हर 5 में से 1 भारतीय प्रभावित है। इसके लक्षणों में थकान, हड्डी दर्द, और मांसपेशियों की कमजोरी शामिल हैं। सूरज की रोशनी के अलावा, फोर्टिफाइड जूस, अंडे, ऑयली फिश और रेड मीट जैसे सुपरफूड्स से भी इसकी पूर्ति की जा सकती है। स्वास्थ्य सलाह के लिए डॉक्टर से मिलें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120278451/signs-and-symptoms-of-vitamin-d-deficiency-also-know-5-best-superfoods-to-increase-vitamin-d-level-120278451.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 11:19:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>विटामिन डी, सुपरफूड्स, स्वास्थ्य, पोषक तत्व, हड्डियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[विटामिन डी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, साथ ही यह मानसिक स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत करता है। भारत में विटामिन डी की कमी एक आम समस्या है, लेकिन कुछ खास खाद्य पदार्थों के सेवन से इसकी पूर्ति की जा सकती है।
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विटामिन डी शरीर में कैल्शियम को अवशोषित करने में मदद करता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक है। कैल्शियम के साथ मिलकर, यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से भी बचाता है, जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में, इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) की एक रिपोर्ट में पाया गया कि भारत में प्रत्येक पांच में से एक व्यक्ति विटामिन डी की कमी से प्रभावित है।
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यह कमी केवल बुजुर्गों या कुपोषित लोगों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सभी उम्र और व्यवसायों के लोगों को प्रभावित करती है। विटामिन डी की कमी के लक्षणों में थकान, हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और मूड में बदलाव शामिल हैं। हालांकि, कुछ लोगों में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते।
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विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए सूरज की रोशनी सबसे अच्छा स्रोत है, लेकिन कुछ सुपरफूड्स भी मदद कर सकते हैं। फोर्टिफाइड संतरे का जूस, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड फूड्स (जैसे फैट स्प्रेड और ब्रेकफास्ट सीरियल्स), ऑयली फिश (जैसे सैल्मन और मैकेरल), और रेड मीट विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं। इन खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करके विटामिन डी की कमी को दूर किया जा सकता है।
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<b>डिस्क्लेमर:</b> यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>चिया सीड: खाने का सही तरीका और फायदे</title>
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<description><![CDATA[ चिया सीड्स सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं, लेकिन इनका सही सेवन जरूरी है। डॉक्टर सौरभ सेठी के अनुसार, गलत तरीके से खाने पर अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है। चिया सीड्स ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कम करने, पाचन को सुधारने, वजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इन्हें हमेशा भिगोकर खाना चाहिए, क्योंकि सूखे चिया सीड्स पेट में फूलकर एसोफैगस में फंस सकते हैं। चिया सीड्स अपने वजन से 27 गुना अधिक पानी सोखते हैं, इसलिए इन्हें भिगोकर खाना जरूरी है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120280614/are-you-eating-your-chia-seeds-right-way-doctor-informs-many-people-hospitalized-after-eating-dry-chia-seeds-120280614.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 11:19:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>chia seeds, health benefits, diet, digestion, hydration</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>चिया सीड: खाने का सही तरीका और फायदे</strong><br><br>चिया सीड्स सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, लेकिन इनका सही तरीके से सेवन करना जरूरी है। डॉक्टर सौरभ सेठी के अनुसार, गलत तरीके से चिया सीड्स खाने पर अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ सकती है।<br><br><strong>चिया सीड्स के फायदे:</strong><br>चिया सीड्स फाइबर, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कम करने, पाचन को सुधारने, वजन को नियंत्रित करने, सूजन को कम करने, डायबिटीज को कंट्रोल करने, और चिंता व डिप्रेशन को दूर करने में मदद करते हैं।<br><br><strong>चिया सीड्स खाने का सही तरीका:</strong><br>चिया सीड्स को हमेशा भिगोकर खाना चाहिए। अगर आप रात में भिगोना भूल जाते हैं, तो कम से कम 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखें। सूखे चिया सीड्स खाने से नुकसान हो सकता है, क्योंकि ये पेट में फूलकर एसोफैगस में फंस सकते हैं।<br><br>चिया सीड्स अपने वजन से 27 गुना अधिक पानी सोखते हैं, इसलिए इन्हें भिगोकर खाना जरूरी है। इससे वे जेल जैसी बनावट बनाते हैं, जो पाचन के लिए अच्छी होती है। शुरुआत में 1 चम्मच से शुरू करें और धीरे-धीरे मात्रा बढ़ाएं।]]> </content:encoded>
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<title>गर्भावस्था में पपीता और अनानास: पहली तिमाही में सावधानी</title>
<link>https://pratinidhi.in/pregnancy-papaya-pineapple-first-trimester-precaution</link>
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<description><![CDATA[ गर्भावस्था में महिलाओं को खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। सोशल मीडिया दावों के अनुसार, पहली तिमाही में अनानास और पपीता से गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है। डॉ. मंजू गोयल के अनुसार, इस दौरान भ्रूण विकसित हो रहा होता है, इसलिए कच्चा पपीता (लेटेक्स, पपेन) और अनानास (ब्रोमेलैन) से बचना चाहिए, क्योंकि ये गर्भाशय को नुकसान पहुंचा सकते हैं। गर्भावस्था में हानिकारक खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 11:17:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>pregnancy, papaya, pineapple, miscarriage, first trimester, diet</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यह उनके और शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था में फलों का सेवन फायदेमंद होता है, लेकिन अनानास और पपीता को लेकर कुछ धारणाएं हैं। <br><br>सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार, गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में महिलाओं को अनानास और पपीता का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है। <br><br>जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल की ऑब्‍स्‍टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजी की सीनियर कंसल्‍टेंट डॉ. मंजू गोयल इस दावे का समर्थन करती हैं। उनके अनुसार, गर्भावस्था की पहली तिमाही में महिलाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि इस दौरान भ्रूण का विकास हो रहा होता है और कुछ खाद्य पदार्थ भ्रूण के विकास में बाधा डाल सकते हैं। इसलिए, कच्चा पपीता और अनानास खाने से बचना चाहिए।<br><br>कच्चे पपीते में लेटेक्स की मात्रा अधिक होती है, जो गर्भाशय के संकुचन को उत्तेजित कर सकता है। इसके अतिरिक्त, इसमें पपेन नामक एक एंजाइम होता है, जो भ्रूण के विकास को रोक सकता है। पके पपीते का सेवन अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है।<br><br>अनानास में ब्रोमेलैन नामक एंजाइम होता है, जो प्रोटीन को तोड़ने के लिए जाना जाता है। यह एंजाइम गर्भाशय ग्रीवा को नरम कर सकता है, जिससे समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ जाता है।<br><br>डॉक्टरों का सुझाव है कि गर्भावस्था के दौरान उन खाद्य पदार्थों से दूर रहना चाहिए जो मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान पपीता और अनानास जैसे फलों से परहेज करना बेहतर है।]]> </content:encoded>
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<title>घर पर रखीं 3 चीजों से बालों को सिल्की और शाइनी बनाएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-make-hair-silky-shiny-with-3-kitchen-natural-ingredients</link>
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<description><![CDATA[ हर कोई चमकदार, घने और बिना झड़ने वाले बाल चाहता है, जिसके लिए महंगे उत्पादों का इस्तेमाल किया जाता है, पर प्राकृतिक चमक नहीं मिल पाती। इस लेख में, घर पर मौजूद 3 चीजों के बारे में बताया गया है जो बालों को स्वस्थ, सुंदर और रेशमी बनाने में मदद करती हैं। मोरिंगा पाउडर बालों को मजबूत और घना बनाता है, प्याज का रस बालों के विकास को बढ़ावा देता है, और गुड़हल बालों को मोटा और स्कैल्प को स्वस्थ रखता है। ये सभी बालों का झड़ना रोकने में भी सहायक हैं। त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद ही इनका प्रयोग करें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-120282425,imgsize-179159,width-540,height-405,resizemode-75/120282425.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 11:17:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बालों की देखभाल, घरेलू नुस्खे, सिल्की बाल, शाइनी बाल, मोरिंगा पाउडर, प्याज का रस, गुड़हल का फूल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हम सब चाहते हैं कि हमारे बाल हमेशा स्वस्थ और चमकदार रहें, बिना दोमुंहे बालों के, घने हों, और बिना बाल झड़े बढ़ते रहें। इसके लिए हम कई ब्रांड के शैंपू, तेल और कंडीशनर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन प्राकृतिक चमक नहीं मिल पाती।<br><br>अब आपकी बालों की चाहत पूरी होगी। इस लेख में, हम घर पर रखी 3 चीजों के बारे में बताएंगे जो बालों को स्वस्थ, सुंदर और सिल्की बनाने में मदद करेंगी।<br><br>पहला है <strong>मोरिंगा पाउडर</strong>, जो बालों को मजबूत और घना बनाता है, बालों का झड़ना रोकता है और रूसी कम करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व होते हैं जो बालों को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं।<br><br>दूसरा है <strong>प्याज का रस</strong>, जिसमें सल्फर होता है, जो बालों के स्वास्थ्य और विकास को बेहतर बनाता है। हफ्ते में दो-तीन बार प्याज के रस से स्कैल्प पर मसाज करने से बाल झड़ना रुकता है और बाल बढ़ते हैं। यह पतले और कमजोर बालों के लिए भी असरदार है। प्याज का रस आसानी से पेस्ट बनाकर निकाला जा सकता है।<br><br>तीसरा है <strong>गुड़हल के फूल का पाउडर</strong>, जो बालों और त्वचा दोनों के लिए उपयोगी है। यह हेयर फॉलिकल्स को मजबूत करता है, जड़ों को मजबूत बनाता है, बालों को मोटा करता है, और स्कैल्प को स्वस्थ रखता है। गुड़हल बालों का झड़ना रोकने में भी मदद करता है। इसे सुखाकर पाउडर बनाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।<br><br>(Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। हर किसी की त्वचा अलग होती है, इसलिए कोई भी उपाय अपनाने से पहले पैच टेस्ट करें। संवेदनशील त्वचा या एलर्जी होने पर, पहले त्वचा विशेषज्ञ से बात करें। एनबीटी इसकी सत्यता की जिम्मेदारी नहीं लेता है।)]]> </content:encoded>
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<title>बुजुर्गों में डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से बचाव के 6 तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/preventing-diabetes-and-high-blood-pressure-in-elderly-6-ways</link>
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<description><![CDATA[ भारत में बुजुर्गों की आबादी में हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज एक गंभीर समस्या है। शहरों में 26% और गांवों में 9.3% बुजुर्ग शुगर से पीड़ित हैं, जबकि 32% हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं। ये बीमारियां साइलेंट किलर हैं, इसलिए जागरूकता और बचाव जरूरी है। नमक-चीनी कम करें, पौष्टिक भोजन लें, व्यायाम करें, और नियमित जांच कराएं। घरवालों और समाज को बुजुर्गों की सेहत पर ध्यान देना चाहिए। जागरूकता की कमी से बीमारी बढ़ सकती है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120298105/dr-ritu-rana-from-helpage-india-told-6-ways-to-prevent-diabetes-and-high-blood-pressure-120298105.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 11:17:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>diabetes, blood pressure, health, elderly, prevention, lifestyle</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>नई दिल्ली:</b> भारत में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है, और उनके स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, शहरों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 26% बुजुर्ग शुगर की समस्या से पीड़ित हैं, जबकि गांवों में यह आंकड़ा 9.3% है। इसी तरह, लगभग 32% बुजुर्ग हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं।<br><br>ये बीमारियां धीरे-धीरे बढ़ती हैं और कई बार लक्षण भी नहीं दिखातीं, जिससे इन्हें 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। हेल्पएज इंडिया की डॉक्टर ऋतु राणा के अनुसार, ज्यादातर बुजुर्गों को हाई ब्लड प्रेशर या शुगर के बारे में पता ही नहीं चलता, क्योंकि शुरुआती लक्षण जैसे हल्का सिर दर्द या थकान को वे नजरअंदाज कर देते हैं।<br><br><b>बचाव के उपाय:</b><br>1. <b>नमक और चीनी कम करें:</b> खाने में नमक और चीनी की मात्रा कम करें।<br>2. <b>पौष्टिक भोजन:</b> बुजुर्गों के लिए पौष्टिक भोजन सबसे अच्छा है।<br>3. <b>नियमित व्यायाम:</b> रोजाना थोड़ी देर टहलना या हल्का व्यायाम करना चाहिए।<br>4. <b>जांच:</b> जल्दी जांच कराना जरूरी है ताकि इलाज समय पर शुरू हो सके।<br>5. <b>जीवनशैली में बदलाव:</b> सही खान-पान, समय पर दवाइयाँ और थोड़ी बहुत एक्सरसाइज फायदेमंद होती है।<br>6. <b>नियमित जांच:</b> ब्लड प्रेशर और शुगर की नियमित जांच बहुत जरूरी है।<br><br>डॉक्टर स्वप्निल शिखा का कहना है कि घरवालों और समाज दोनों को बुजुर्गों की सेहत पर ध्यान देना चाहिए। इन बीमारियों का सही समय पर इलाज न हो पाने का एक कारण यह भी है कि बहुत से बुजुर्ग डॉक्टर के पास जाने से बचते हैं। जागरूकता की कमी के कारण भी कई बार बीमारी बढ़ जाती है।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>नमक: हेल्दी या हार्मफुल? डॉ. गीता से जानें सही विकल्प</title>
<link>https://pratinidhi.in/is-salt-healthy-dr-geeta-explains-right-option</link>
<guid>https://pratinidhi.in/is-salt-healthy-dr-geeta-explains-right-option</guid>
<description><![CDATA[ डॉ. गीता श्रॉफ बताती हैं कि नमक का चुनाव सेहत के अनुसार करना चाहिए। पिंक नमक में मिनरल्स, व्हाइट नमक में आयोडीन और ब्लैक नमक डाइजेशन के लिए अच्छा होता है। बच्चों के लिए व्हाइट नमक और बुजुर्गों के लिए ब्लैक या पिंक नमक बेहतर है। डाइट में सभी नमकों को बैलेंस करके इस्तेमाल करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 12 Apr 2025 12:35:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>pink salt, white salt, black salt, health, salt benefits, ayurveda</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>क्या नमक भी हो सकता है हेल्दी? डॉ. गीता ने बताया आपके लिए कौन सा नमक है सही</strong><br><br>आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सजग हो गए हैं, इसलिए वे हर चीज को सोच-समझकर इस्तेमाल करते हैं। नमक, जो हर घर में इस्तेमाल होता है, अब सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी जरूरी हो गया है। बाजार में तीन तरह के नमक मिलते हैं: पिंक (हिमालयन), व्हाइट (साधारण) और ब्लैक (काला)।<br><br><strong>पिंक, व्हाइट या ब्लैक: कौन सा नमक है बेहतर?</strong><br>अक्सर लोग सोचते हैं कि पिंक नमक हेल्दी होता है, लेकिन क्या यह सच है? या फिर ब्लैक नमक, जो आयुर्वेद में इस्तेमाल होता है, सबसे अच्छा है? डॉ. गीता श्रॉफ के अनुसार, हर नमक का अपना महत्व है, और यह जानना जरूरी है कि आपकी सेहत और लाइफस्टाइल के लिए कौन सा नमक सही है।<br><br><strong>नमक का चुनाव: सेहत के अनुसार</strong><br>नमक चुनते समय सिर्फ ट्रेंड को न देखें, बल्कि अपनी सेहत की जरूरतों को ध्यान में रखें। पिंक नमक में मिनरल्स अधिक होते हैं, व्हाइट नमक आयोडीन का अच्छा स्रोत है, और ब्लैक नमक डाइजेशन में मदद करता है। इसलिए, अगली बार नमक खरीदते समय, ध्यान से चुनाव करें।<br><br><strong>पिंक नमक: मिनरल्स से भरपूर</strong><br>पिंक नमक में 80 से ज्यादा मिनरल्स होते हैं, जो शरीर के कई कार्यों में मदद करते हैं। लेकिन इसमें आयोडीन कम होता है, जो थायरॉयड के लिए जरूरी है। इसलिए, अगर आपके शरीर में आयोडीन की कमी है, तो इसका कम इस्तेमाल करें।<br><br><strong>व्हाइट नमक: जरूरी और साधारण</strong><br>यह नमक हर घर में पाया जाता है। इसमें आयोडीन होता है, जो थायरॉयड ग्रंथि को ठीक से काम करने में मदद करता है। लेकिन, ज्यादा नमक खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।<br><br><strong>ब्लैक नमक: डाइजेशन के लिए अच्छा</strong><br>ब्लैक नमक आयुर्वेद में गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें सोडियम कम होता है, इसलिए यह हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए बेहतर है।<br><br><strong>बच्चों और बुजुर्गों के लिए कौन सा नमक है सही?</strong><br>बच्चों के विकास के लिए आयोडीन जरूरी है, इसलिए व्हाइट नमक उनके लिए सही है। बुजुर्गों को हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा होता है, इसलिए ब्लैक या थोड़ा पिंक नमक उनके लिए बेहतर हो सकता है।<br><br><strong>कैसे करें सही चुनाव</strong><br>डॉ. गीता का कहना है कि सिर्फ एक नमक पर निर्भर न रहें। आप इन सभी नमकों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सलाद में ब्लैक नमक, खाने में व्हाइट नमक और स्पेशल ड्रिंक्स में पिंक नमक का इस्तेमाल करें। इससे आपकी सेहत और स्वाद दोनों बने रहेंगे।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ऑस्ट्रेलियाज नेक्स्ट टॉप मॉडल लूसी मार्कोविक का निधन, दिमाग की बीमारी से थीं पीड़ित</title>
<link>https://pratinidhi.in/australias-next-top-model-lucy-markovic-passes-away-after-battling-rare-brain-condition</link>
<guid>https://pratinidhi.in/australias-next-top-model-lucy-markovic-passes-away-after-battling-rare-brain-condition</guid>
<description><![CDATA[ ऑस्ट्रेलिया की मॉडल लूसी मार्कोविक, जो &#039;ऑस्ट्रेलियाज नेक्स्ट टॉप मॉडल&#039; की फाइनलिस्ट थीं, का 27 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले चार सालों से दिमाग की एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, जिसके बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी थी। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120225615/120225615.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 12 Apr 2025 12:34:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लूसी मार्कोविक, ऑस्ट्रेलियाज नेक्स्ट टॉप मॉडल, मॉडलिंग, दिमाग की बीमारी, निधन, फैशन मॉडल, सेलिब्रिटी डेथ, वर्सचे, एलीट मॉडल मैनेजमेंट, Arteriovenous Malformations (AVM)</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ऑस्ट्रेलिया की मॉडल लूसी मार्कोविक का 27 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लूसी 'ऑस्ट्रेलियाज नेक्स्ट टॉप मॉडल' की फाइनलिस्ट थीं। वे पिछले चार सालों से दिमाग की एक गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उन्होंने वर्साचे जैसे कई बड़े ब्रांडों के लिए मॉडलिंग की थी। लूसी ने अपनी बीमारी के बारे में सोशल मीडिया पर भी जानकारी दी थी। उनके माता-पिता ने इंस्टाग्राम पर उनके निधन की पुष्टि की। लूसी की मॉडलिंग एजेंसी ने उन्हें 'ब्राइट शाइनिंग लाइट' बताया। लूसी ने बताया था कि वह Arteriovenous Malformations (AVM) नामक बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें दिमाग की रक्त वाहिकाएं उलझ जाती हैं, जिससे ब्रेन डैमेज या स्ट्रोक का खतरा होता है। उन्होंने बताया था कि उन्हें दौरे भी पड़ने लगे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>प्राग में दुनिया का सबसे विशाल किला: एक अद्भुत धरोहर</title>
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<description><![CDATA[ प्राग में स्थित, प्राग किला दुनिया का सबसे बड़ा और पुराना किला है, जो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसकी स्थापना 870 ईस्वी में हुई थी, यह बोहेमिया के राजाओं और रोमन सम्राटों का केंद्र था। आज, यह चेक राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है। किले के मुख्य आकर्षणों में सेंट विटस कैथेड्रल, ओल्ड रॉयल पैलेस, गोल्डन लेन और सेंट जॉर्ज बेसिलिका शामिल हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, हर साल 30 लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। प्रवेश शुल्क लगभग 1600 रुपये है, और यह सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:31:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Prague Castle, Czech Republic, UNESCO World Heritage Site, St. Vitus Cathedral, Old Royal Palace, Golden Lane, St. George&#039;s Basilica</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्राग, चेक गणराज्य की राजधानी, अपनी सुंदरता और अनूठी वास्तुकला के साथ-साथ दुनिया के सबसे बड़े और पुराने किले के लिए प्रसिद्ध है। हर साल लाखों पर्यटक इस किले को देखने आते हैं। इस लेख में, हम प्राग में स्थित इस किले की विशेषताओं, टिकट की कीमतों और यात्रा के समय पर प्रकाश डालेंगे।<br><br>प्राग किला, 870 ईस्वी में स्थापित, बोहेमिया के राजाओं, रोमन सम्राटों और हैब्सबर्ग शासकों का केंद्र था। वर्तमान में, यह चेक राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है और दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थलों में से एक है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, यह किला 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है।<br><br>किले की मुख्य विशेषताएं:<br><br><strong>सेंट विटस कैथेड्रल:</strong> यह गॉथिक शैली का एक शानदार चर्च है, जो किले के अंदर स्थित है। चेक गणराज्य के राजाओं और रानियों का यहां राज्याभिषेक हुआ करता था।<br><br><strong>ओल्ड रॉयल पैलेस:</strong> यह प्राग किले का सबसे पुराना हिस्सा है, जहां बोहेमिया के शासक रहते थे।<br><br><strong>गोल्डन लेन:</strong> यह एक रंगीन गली है, जहां कभी शाही सुनार और सैनिक रहते थे।<br><br><strong>सेंट जॉर्ज बेसिलिका:</strong> यह प्राग के सबसे पुराने चर्चों में से एक है, जिसका निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था।<br><br>प्राग किला यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है और हर साल 30 लाख से अधिक पर्यटक इसे देखने आते हैं। किले में प्रवेश शुल्क लगभग 1600 रुपये प्रति व्यक्ति है और यह सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है।]]> </content:encoded>
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<title>आलू के पापड़ बनाने की आसान विधि: टाइल्स की ट्रिक</title>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में पापड़ बनाना मुश्किल है, लेकिन शोभिता सिंह ने टाइल्स की मदद से इसे आसान बना दिया है। टाइल्स को पॉलिथिन में लपेटकर लोई को दबाकर पापड़ बनाएं, जिससे समय और मेहनत बचेगी। यह ट्रिक गर्मी में भी आसानी से पापड़ बनाने में मदद करती है, क्योंकि तेज धूप में पापड़ जल्दी सूख जाते हैं और नमी न रहने से लंबे समय तक खराब नहीं होते। शोभिता का दावा है कि यह ट्रिक आलू के पापड़ बनाने का काम आसान करती है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:31:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आलू के पापड़, शोभिता सिंह, टाइल्स ट्रिक, गर्मी, पॉलिथिन, लोई, डो, चिप्स, धूप, आसान तरीका, कंटेंट क्रिएटर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भीषण गर्मी में पापड़ बनाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन कंटेंट क्रिएटर शोभिता सिंह ने एक आसान उपाय बताया है। <br><br>शोभिता सिंह ने टाइल्स की मदद से पापड़ बनाने की विधि बताई है। <br><br>गर्मियों में महिलाएं आलू के पापड़ इसलिए बनाती हैं क्योंकि तेज धूप में ये जल्दी सूख जाते हैं और नमी न रहने से ये लंबे समय तक खराब नहीं होते।<br><br>शोभिता सिंह की टाइल्स वाली ट्रिक से पापड़ बनाना आसान हो जाएगा। <br><br><b>क्या है टाइल्स वाली ट्रिक:</b><br>पारंपरिक तरीके में दो पॉलिथिन के बीच लोई रखकर पापड़ बेलने में वक्त लगता है। शोभिता ने छोटे आकार की टाइल्स को पॉलिथिन में लपेटकर, लोई को दबाकर पापड़ बनाने का तरीका सिखाया है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है। <br><br>इस ट्रिक से गर्मी में भी आसानी से पापड़ बनाए जा सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>भाई&amp;बहन का प्यार: जीवन के खजाने से कम नहीं, हमेशा साथ निभाता है</title>
<link>https://pratinidhi.in/siblings-day-2025-importance-of-brother-sister-relationship</link>
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<description><![CDATA[ हर साल 10 अप्रैल को सिबलिंग डे मनाया जाता है, जो भाई-बहनों के अनमोल रिश्ते को समर्पित है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि भाई-बहन सिर्फ़ परिवार नहीं, बल्कि जीवन भर के साथी होते हैं। वे हमारे सुख-दुख में साथ देते हैं, हमें सहारा देते हैं और हमेशा हमारा हौसला बढ़ाते हैं। इस रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए खुली बातचीत, एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाना, माफ़ करना और पुरानी यादों को ताज़ा करना ज़रूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:31:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Siblings Day 2025, भाई-बहन का प्‍यार, रिश्‍ते को मजबूत, सिबलिंग, भाई-बहन, रिश्‍ते को मधुर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भाई-बहन का रिश्ता अनमोल होता है, यह सिर्फ खून का नहीं, बल्कि दिल का रिश्ता होता है। सिबलिंग डे हमें याद दिलाता है कि इस रिश्ते को संजोना कितना जरूरी है। भाई-बहन एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त, मार्गदर्शक और संकटमोचक होते हैं। वे हमारे जीवन में खुशियां और सहारा दोनों लाते हैं।
<b>खुली बातचीत:</b> अपने भाई-बहनों के साथ खुलकर बात करें। अपनी भावनाएं, सपने और डर साझा करें। एक-दूसरे को बिना किसी डर के समझने की कोशिश करें।<br><br><b>सफलता का जश्न:</b> अपने भाई-बहनों की सफलताओं पर खुश हों। उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाएं और उन्हें बताएं कि आपको उन पर कितना गर्व है।<br><br><b>माफी और मेल:</b> गलतियों को माफ करना सीखें। मन में कोई कड़वाहट न रखें। रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए माफी मांगना और देना दोनों जरूरी है।<br><br><b>पुरानी यादें ताजा करें:</b> बचपन की मजेदार यादें ताजा करें। पुरानी तस्वीरें देखें और कहानियां सुनाएं। इससे आपके बीच का बंधन और भी मजबूत होगा।<br><br><b>प्यार जताएं:</b> अपने भाई-बहनों को बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। उन्हें गले लगाएं, उनकी तारीफ करें और उन्हें बताएं कि वे आपके लिए कितने खास हैं।]]> </content:encoded>
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<title>गर्मियों में घूमने के लिए हिमाचल की 5 ऑफबीट जगहें</title>
<link>https://pratinidhi.in/himachal-pradesh-top-5-offbeat-destinations-for-peaceful-summer-trip</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश में कई शानदार जगहें हैं। शिमला, मनाली जैसे मशहूर स्थलों पर बहुत भीड़ होती है, इसलिए कुछ ऑफबीट डेस्टिनेशन्स पर जाना बेहतर है। तोष, जलोरी पास, चित्कुल, बरोट और मलाणा जैसी जगहें शांत और प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं। तोष हिप्पी कल्चर और ट्रेकिंग के लिए लोकप्रिय है, जबकि जलोरी पास ट्रेकिंग और सरोल्सर झील के लिए जाना जाता है। चित्कुल भारत का आखिरी गांव है, और बरोट ट्राउट फिशिंग के लिए मशहूर है। मलाणा अपनी अनोखी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:31:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Himachal Pradesh, Offbeat Destinations, Summer Trip, Tosh, Jalori Pass, Chitkul, Barot, Malana</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में हिल स्टेशन जाने का मन तो करता है, लेकिन भीड़-भाड़ से दूर सुकून मिले, ऐसी जगह मिलना मुश्किल है। अगर आप भी हिमाचल प्रदेश में ऐसी ही किसी जगह की तलाश में हैं, तो यहां कुछ ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में बताया गया है।<br><br>
<strong>तोष:</strong> कुल्लू घाटी में पार्वती घाटी के पास बसा तोष गांव, हिप्पी कल्चर और ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए शानदार जगह है। यहां झरने, सेब के बागान और हिमालय के खूबसूरत नज़ारे आपका मन मोह लेंगे।<br><br>
<strong>जलोरी पास:</strong> 10,800 फीट की ऊंचाई पर कुल्लू और शिमला के बीच स्थित जलोरी पास, ट्रेकिंग के लिए बेहतरीन है। यहां से सरोल्सर झील तक का ट्रेक भी बहुत खूबसूरत है।<br><br>
<strong>चित्कुल:</strong> किन्नौर जिले में भारत का आखिरी गांव चित्कुल, तिब्बत सीमा के पास है। बर्फ से ढके पहाड़, लकड़ी के घर और नदी का शांत नज़ारा यहां की पहचान है।<br><br>
<strong>बरोट:</strong> मंडी जिले में उज्लान नदी के किनारे बसा बरोट, ट्राउट फिशिंग और ट्रेकिंग के लिए जाना जाता है। यहां नौराधार ट्रेक पर कई शानदार दृश्य देखने को मिलेंगे।<br><br>
<strong>मलाणा:</strong> कुल्लू घाटी का मलाणा गांव अपनी अनोखी संस्कृति और रीति-रिवाजों के लिए मशहूर है। यहां के लोग अपने कानून और संस्कृति को आज भी सहेज कर रखे हुए हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तरबूज के बीज: दवा से भी ज़्यादा ताकतवर!</title>
<link>https://pratinidhi.in/watermelon-seeds-benefits-and-how-to-eat</link>
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<description><![CDATA[ तरबूज के बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। ये विटामिन, मिनरल्स, आयरन, हेल्दी फैट, जिंक और मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं। ये शरीर की कमजोरी को दूर करने, खून की कमी को दूर करने, दिमाग और दिल को मजबूत बनाने, हड्डियों को मजबूत बनाने, पाचन क्रिया को सुधारने और वजन घटाने में मदद करते हैं। तरबूज के बीजों को धोकर साफ कर लें, फिर उन पर थोड़ा सा ऑलिव ऑयल और नमक छिड़ककर ओवन में रोस्ट कर लें। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:31:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तरबूज के बीज, आयरन, जिंक, मैग्नीशियम, वेट लॉस, हेल्दी फैट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[तरबूज एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट फल है, लेकिन ज्यादातर लोग इसके बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं। जबकि तरबूज के बीज पोषक तत्वों का भंडार होते हैं और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं।
<br><br>
<strong>विटामिन और मिनरल्स:</strong> तरबूज के बीज विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं, जो शरीर की कमजोरी को दूर करने में मदद करते हैं। ये बीज सप्लीमेंट से भी बेहतर विकल्प हैं।
<br><br>
<strong>आयरन का स्रोत:</strong> तरबूज के बीज आयरन का अच्छा स्रोत हैं, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में सहायक होते हैं।
<br><br>
<strong>स्वस्थ वसा:</strong> इन बीजों में हेल्दी फैट पाया जाता है, जो दिमाग और दिल को मजबूत बनाता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
<br><br>
<strong>जिंक और मैग्नीशियम:</strong> तरबूज के बीज जिंक और मैग्नीशियम के भी अच्छे स्रोत हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, पाचन क्रिया को सुधारते हैं और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखते हैं।
<br><br>
<strong>वजन घटाने में मददगार:</strong> तरबूज के बीज कम कैलोरी वाले होते हैं और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और वजन घटाने में मदद करते हैं।
<br><br>
<strong>कैसे खाएं:</strong> तरबूज के बीजों को धोकर साफ कर लें, फिर उन पर थोड़ा सा ऑलिव ऑयल और नमक छिड़ककर ओवन में रोस्ट कर लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अंडा उबालने का सही फंडा: आसान टिप्स और ट्रिक्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/the-unexpected-trick-to-perfect-hard-boiled-eggs-you-never-knew-in-hindi</link>
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<description><![CDATA[ अंडा एक पौष्टिक आहार है और प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। अंडे उबालने से पहले, उन्हें एक सप्ताह तक फ्रिज में रखें और उबालने के लिए गहरे बर्तन का उपयोग करें। पानी में थोड़ा नमक डालने से अंडे टूटते नहीं हैं। अंडों को 30 सेकंड तक उबालें, फिर गैस बंद कर दें और 12 मिनट तक ढककर रखें। उबले अंडों को बर्फ के पानी में डालकर ठंडा करें और छिलके निकालें। अंडे की गुणवत्ता जांचना ज़रूरी है - टूटे हुए अंडे न खरीदें और उन्हें फ्रिज में स्टोर करें। अच्छी तरह उबले हुए अंडे सलाद या नाश्ते के रूप में खाए जा सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:31:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अंडा उबालने का तरीका, हार्ड बॉयल एग, अंडे के फायदे, प्रोटीन, हेल्दी डाइट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अंडा एक पौष्टिक आहार है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। यह प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है, इसलिए बहुत से लोग इसे विभिन्न तरीकों से अपने आहार में शामिल करते हैं। आमतौर पर, लोग उबले अंडे खाना पसंद करते हैं। आइए, अंडे उबालने से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जानते हैं।<br><br><strong>अंडा उबालने का सही तरीका</strong><br>अंडा उबालने के लिए, कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। पुराने अंडे आसानी से छिल जाते हैं, इसलिए अंडे लाने के बाद उन्हें एक सप्ताह तक फ्रिज में रखें। अंडा उबालने के लिए गहरे और बड़े बर्तन का उपयोग करें। बर्तन में इतना पानी डालें कि अंडे 2 इंच तक डूब जाएं। ठंडे पानी में धीरे-धीरे उबालने से अंडे टूटने से बचते हैं।<br><br>पानी में थोड़ा नमक डालने से अंडे नहीं टूटेंगे और आसानी से छिल जाएंगे। अंडों को 30 सेकंड तक तेज़ आंच पर उबालें और फिर गैस बंद कर दें। बर्तन को आंच से उतार लें। उबले अंडों को ढक्कन से ढककर 12 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। फिर, उन्हें छन्नीदार चम्मच से निकालकर बर्फ के पानी में डालें। जब अंडे ठंडे हो जाएं, तो उन्हें सूखे कपड़े पर निकाल लें। अंत में, अंडों को सख्त सतह पर हल्का-हल्का फोड़कर छिलके निकालें।<br><br><strong>अंडे की गुणवत्ता जांचना ज़रूरी</strong><br>अंडे को उबालने या कोई व्यंजन बनाने से पहले, यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि अंडा अच्छा है या नहीं। खराब अंडा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अंडे के कार्टन पर लिखी तारीख जांचें और टूटे हुए अंडे न खरीदें, क्योंकि इनसे बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा होता है। अंडे को फ्रिज के ठंडे हिस्से में स्टोर करें और खाने से पहले सुनिश्चित करें कि वे अच्छी तरह उबले हुए हों।<br><br>हार्ड बॉयल अंडे को सलाद में या नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पनीर: ब्लड प्रेशर के लिए अमृत या विष?</title>
<link>https://pratinidhi.in/paneer-good-or-bad-for-blood-pressure-a-fact-check-by-indian-news-firm</link>
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<description><![CDATA[ एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि पनीर खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की जाँच की और इसे सच पाया। पनीर में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे तत्व होते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने और वजन घटाने में मदद करते हैं। पनीर में मौजूद पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। प्रोसेस्ड पनीर से बचना चाहिए क्योंकि इसमें नमक और फैट्स की मात्रा अधिक होती है। स्वस्थ जीवनशैली और सही खानपान का भी ध्यान रखना जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:28:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पनीर, ब्लड प्रेशर, हेल्थ, फैक्ट चेक, सोडियम, पोटेशियम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि पनीर खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की जाँच की और पाया कि यह सच है। <strong>दिल्ली के एक डॉक्टर साकेत कांत ने बताया कि पनीर में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे तत्व होते हैं</strong>, जो इम्युनिटी बढ़ाने और वजन घटाने में मदद करते हैं।<br><br>पनीर में मौजूद पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। <br><br><strong>हालांकि, प्रोसेस्ड पनीर में नमक और फैट्स की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती है</strong>। इसलिए, कम नमक और हेल्दी तरीके से तैयार किया गया पनीर खाना ही फायदेमंद होता है। इसके साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली, एक्सरसाइज और सही खानपान का भी ध्यान रखना जरूरी है। सजग फैक्ट चेक टीम लोगों से फ़ेक न्यूज़ और वायरल पोस्ट के प्रति सजग रहने की अपील करती है और संदिग्ध मैसेज की पुष्टि के लिए उन्हें भेजने का आग्रह करती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कम पानी में उगने वाले 5 पौधे: गर्मी में घर को सुंदर बनाएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/kam-pani-mein-ugne-wale-paudhe</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में पौधों की देखभाल को लेकर लोग चिंतित रहते हैं, लेकिन कुछ पौधे कम पानी में भी आसानी से उग सकते हैं। केंटिया पाम, मस्टर्ड प्लांट, जेड प्लांट, स्पाइडर प्लांट और पीस लिली जैसे पौधे कम पानी और कम रोशनी में भी अच्छी तरह से बढ़ सकते हैं, और घर की सुंदरता को भी बढ़ाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:28:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कम पानी वाले पौधे, गर्मियों में पौधे, केंटिया पाम, मस्टर्ड प्लांट, जेड प्लांट, स्पाइडर प्लांट, पीस लिली, हाउसप्लांट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में पौधों की देखभाल को लेकर लोग अक्सर चिंतित रहते हैं क्योंकि पानी की कमी से पौधे मुरझा जाते हैं। लेकिन, कुछ ऐसे पौधे हैं जिन्हें कम पानी में भी आसानी से उगाया जा सकता है। ये पौधे न केवल कम पानी में जीवित रहते हैं, बल्कि घर की सुंदरता को भी बढ़ाते हैं।<br><br><strong>केंटिया पाम</strong> एक खूबसूरत पौधा है जो अपनी सुंदरता से लोगों को आकर्षित करता है। इसे बेडरूम या लिविंग रूम में लगाना पसंद किया जाता है। इस पौधे को रोजाना पानी देने की आवश्यकता नहीं होती है, और यह हल्की रोशनी और लगभग 24 डिग्री सेल्सियस के तापमान में अच्छी तरह से बढ़ता है।<br><br><strong>मस्टर्ड प्लांट</strong> एक लोकप्रिय पौधा है जो कम पानी में भी अच्छी तरह से जीवित रहता है। इसे घर में लगाने पर नियमित रूप से पानी देने की आवश्यकता नहीं होती है, सप्ताह में एक या दो बार पानी देना पर्याप्त है।<br><br><strong>जेड प्लांट</strong> एक प्रसिद्ध हाउसप्लांट है जो अपनी मजबूत और चमकदार पत्तियों के लिए जाना जाता है। इसे कम देखभाल और कम पानी की आवश्यकता होती है। गर्मियों में इसे सप्ताह में एक या दो बार पानी देना पर्याप्त है, और यह कम रोशनी में भी जीवित रह सकता है।<br><br><strong>स्पाइडर प्लांट</strong> अपने लंबे और पतले पत्तों के लिए जाना जाता है। यह किसी भी स्थिति में पनप सकता है। इसे सप्ताह में एक या दो बार पानी देना पर्याप्त है, और इसे कम रोशनी में भी उगाया जा सकता है।<br><br><strong>पीस लिली</strong> एक खिलने वाला हाउसप्लांट है जो अपने खूबसूरत सफेद फूलों के लिए प्रसिद्ध है। इसे बहुत कम रखरखाव की आवश्यकता होती है और यह कम पानी में भी अच्छी तरह से बढ़ता है। इसे सप्ताह में एक या दो बार पानी देना पर्याप्त है, और यह कम रोशनी में भी बढ़ सकता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>पढ़ाई में फोकस बढ़ाने के आसान तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-tips-to-increase-focus-on-studies</link>
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<description><![CDATA[ अगर आपका बच्चा नई कक्षा में गया है, तो उसे पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना होगा। माता-पिता को घर में ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिससे उसे पढ़ाई में सहायता मिले। पोमोडोरो तकनीक में 25 मिनट तक पढ़ना और 5 मिनट का ब्रेक लेना होता है। पढ़ाई के लिए एक शांत कोना बनाएं और दिमाग तेज करने वाले नाश्ते दें। शारीरिक गतिविधि और रंगीन चार्ट का उपयोग करें। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:26:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पढ़ाई, फोकस, बच्चे, पोमोडोरो, स्टडी कॉर्नर, स्नैक्स, एक्टिविटी, कलर्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अगर आपका बच्चा अभी-अभी पास होकर नई कक्षा में आया है, तो अब उसे पढ़ाई पर अधिक ध्यान देना होगा। कुछ ऐसे उपाय हैं जिनसे बच्चा पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकता है और आप इन उपायों को आसानी से अपना सकते हैं।<br><br>आपका बच्चा भी नई कक्षा में गया होगा, उसे नई पुस्तकें, नई ड्रेस मिली होगी। नई कक्षा में जाने पर बच्चे पर पढ़ाई का भार बढ़ जाता है। अब यह माता-पिता का कर्तव्य है कि वे घर में ऐसा माहौल बनाएं जिससे बच्चे को पढ़ने में सहायता और प्रोत्साहन मिले।<br><br>इस लेख में, हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी सहायता से आप अपने बच्चे को पढ़ाई में अधिक समय तक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं।<br><br><strong>पोमोडोरो टाइमर:</strong><br>यह एक मजेदार टमाटर के आकार का टाइमर है जो फोकस हीरो बन गया है। इसे पोमोडोरो तकनीक के रूप में भी जाना जाता है। इसमें बच्चे को 25 मिनट तक पढ़ना होता है और फिर उसे 5 मिनट का ब्रेक लेना होता है। इस छोटे ब्रेक से बच्चे का मन तरोताजा हो जाता है और उसे तनाव महसूस नहीं होता है।<br><br><strong>पढ़ाई का कोना आवश्यक है:</strong><br>बच्चे के लिए पढ़ने का माहौल कैसा है, इससे उसका ध्यान बन सकता है या बिगड़ सकता है। बच्चे के लिए पढ़ने का एक ऐसा कोना बनाएं जहां अच्छी रोशनी हो, उसके पास आरामदायक कुर्सी हो, उसकी पसंदीदा स्टेशनरी हो। इससे बच्चे की पढ़ाई में रुचि बढ़ती है।<br><br><strong>दिमाग तेज करने वाले नाश्ते:</strong><br>ध्यान केंद्रित करने के बाद मस्तिष्क को बहुत अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। बच्चे को बादाम, केला या जामुन डालकर एक कटोरी दही खाने को दें। पढ़ने के लिए बैठने से पहले उसे ये नाश्ते खिला सकते हैं।<br><br><strong>घूमना आवश्यक है:</strong><br>देर तक बैठे रहना शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है। कुछ मिनट के लिए नृत्य करने, 10 जंपिंग जैक करने या थोड़ी देर टहलने से ही शरीर को बहुत आराम मिल सकता है।<br><br><strong>रंगों और चार्ट के साथ पढ़ाई:</strong><br>बच्चों को दृश्य पसंद आते हैं। रंगीन हाइलाइटर्स, फ़्लैशकार्ड और माइंड मैप बच्चों को जानकारी को तेज़ी से समझने में सहायता करते हैं। अलग-अलग रंगों में नोट्स बनाकर रखने से पढ़ाई करना एक काम के बजाय कला बन जाती है।]]> </content:encoded>
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<title>इस लड़की ने तो पापा की शादी के कपड़े पहनकर शुरू कर दिया नया ट्रेंड</title>
<link>https://pratinidhi.in/social-media-influencer-niveshi-styled-her-dad-wedding-outfit</link>
<guid>https://pratinidhi.in/social-media-influencer-niveshi-styled-her-dad-wedding-outfit</guid>
<description><![CDATA[ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निवेशी ने अपने पापा के वेडिंग आउटफिट को पहनकर सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया है। उन्होंने अपने पिता के पुराने कोट-पैंट को नए अंदाज में स्टाइल किया, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। निवेशी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने अपने पापा के ब्राउन कलर के कोट-पैंट को चुना और उसे ब्लैक स्पेगेटी वियर के साथ पेयर किया। लोगों को उनका यह बॉस लेडी वाला अंदाज काफी पसंद आ रहा है। निवेशी का यह रूप लोगों को काफी यूनिक लग रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:26:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फैशन, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, वेडिंग आउटफिट, बॉस लेडी, कोट-पैंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर निवेशी का अनोखा अंदाज: पापा के वेडिंग आउटफिट में छाईं</strong><br><br>सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड देखने को मिला है, जहां एक लड़की, निवेशी, अपने पापा के शादी के कपड़ों में नजर आई। उन्होंने अपने पिता के पुराने कोट-पैंट को पहनकर एक नया फैशन स्टेटमेंट बनाया है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं।<br><br><strong>पापा के वेडिंग लुक को किया कॉपी</strong><br><br>निवेशी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने बताया कि वह हमेशा से अपने पापा के वेडिंग लुक को कॉपी करना चाहती थीं। उन्होंने अपने पापा के ब्राउन कलर के कोट-पैंट को चुना और उसे अपने अंदाज में स्टाइल किया। निवेशी ने शर्ट की जगह ब्लैक स्पेगेटी वियर की और कोट की स्लीव्स को ऊपर चढ़ाकर उसे और भी स्टाइलिश बना दिया।<br><br><strong>ओल्ड इज गोल्ड</strong><br><br>निवेशी ने पापा के कपड़ों को पहनकर 'ओल्ड इज गोल्ड' वाले वाइब्स दिए। लोगों को उनका यह बॉस लेडी वाला अंदाज काफी पसंद आया। निवेशी का यह रूप लोगों को काफी यूनिक और हटके लग रहा है।]]> </content:encoded>
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<title>बवासीर में राहत: होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह</title>
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<description><![CDATA[ बवासीर एक आम समस्या है, जिसमें गुदा और मलाशय के निचले हिस्से की नसें सूज जाती हैं। सही खानपान लक्षणों को कम कर सकता है. होम्योपैथी डॉक्टर बवासीर और कब्ज से राहत पाने के लिए पालक, लौकी, गाजर, टिंडा, ब्रोकली और क्रूसीफेरस जैसी सब्जियां खाने की सलाह देते हैं। पालक मल को नरम करता है और नियमित मल त्याग को बढ़ावा देता है। लौकी मल त्याग को स्वस्थ बनाए रखती है और कब्ज को रोकती है। गाजर मल को नरम करने में मदद करता है। टिंडा अपने शीतलन और पाचन गुणों के लिए जाना जाता है। ब्रोकली और आर्टिचोक पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:26:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बवासीर, कब्ज, फाइबर, सब्जियां, होम्योपैथी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बवासीर एक ऐसी समस्या है जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। इस रोग में गुदा और मलाशय के निचले हिस्से में नसों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण दर्द, जलन, खुजली और कभी-कभी खून भी निकलने लगता है। सही खान-पान से इन लक्षणों को कम किया जा सकता है और बवासीर को बढ़ने से रोका जा सकता है.<br><br>बवासीर में खान-पान का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह समस्या कब्ज़ के कारण होती है, इसलिए कब्ज़ को खत्म करना ज़रूरी है। कब्ज से राहत पाने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ सब्जियों को शामिल कर सकते हैं।<br><br>आज वर्ल्ड होमियोपैथी डे के मौके पर भारत के होमियोपैथी डॉक्टर बता रहे हैं कि बवासीर और कब्ज से राहत पाने के लिए आप अपनी डाइट में कौन-कौन सी सब्जियां शामिल कर सकते हैं:<br><br><strong>पालक:</strong><br>पालक में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो मल को नरम करने और नियमित मल त्याग को बढ़ावा देने में मदद करता है। इससे बवासीर को नियंत्रित किया जा सकता है, तनाव कम होता है और बवासीर के बढ़ने का खतरा कम होता है।<br><br><strong>लौकी:</strong><br>लौकी में पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो बवासीर के लिए फायदेमंद होती है। यह मल त्याग को स्वस्थ बनाए रखती है और कब्ज को रोकती है, जो इस स्थिति का एक मुख्य कारण है। लौकी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो मल को भारी बनाती है, जिससे मल त्यागना आसान हो जाता है और मल त्याग के दौरान तनाव कम होता है, जो बवासीर को बढ़ा सकता है। लौकी में पानी की उच्च मात्रा पाचन तंत्र को हाइड्रेटेड रखने में मदद करती है और नियमित मल त्याग को बढ़ावा देती है, जिससे कब्ज को रोकने में मदद मिलती है।<br><br><strong>गाजर:</strong><br>गाजर में फाइबर की अधिक मात्रा होने के कारण यह बवासीर के उपचार के लिए आहार में लाभकारी हो सकता है, जो मल को नरम करने में मदद करता है और नियमित मल त्याग को बढ़ावा देता है, जिससे बवासीर को खराब करने वाले तनाव को रोका जा सकता है।<br><br><strong>टिंडा:</strong><br>यह एक ऐसी सब्जी है जिसका पारंपरिक उपयोग विभिन्न बीमारियों में किया जाता है। यह बवासीर के लिए एक सीधा उपचार है। हालाँकि, यह अपने शीतलन और पाचन गुणों के लिए जाना जाता है, जो बवासीर से जुड़े कुछ लक्षणों में मदद कर सकता है।<br><br><strong>ब्रोकली और क्रूसीफेरस सब्जियां:</strong><br>इनमें भी अच्छा फाइबर होता है और पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखती हैं। इसके अलावा आर्टिचोक की सब्जी में इन्यूलिन नाम का घुलनशील फाइबर होता है जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाता है।<br><br>डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।]]> </content:encoded>
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<title>थर्मोकोल से गर्मी में राहत: घर को ठंडा रखने का आसान उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/thermocol-ceiling-for-summer-heat-easy-way-to-keep-house-cool</link>
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<description><![CDATA[ गर्मी के महीने में घर को ठंडा रखने के लिए लोग चिंतित हैं, खासकर सीमेंट और टीन की छत वाले घरों में। एक सरल उपाय है थर्मोकोल सीलिंग, जो न केवल तापमान को 20 डिग्री तक कम कर सकती है बल्कि छत को भी सुंदर बनाती है। इसे लगाने में 2 से 3 हजार रुपये का खर्च आता है। थर्मोकोल एक अच्छा इंसुलेटर है और बाहरी तापमान को अंदर आने से रोकता है। इसके अलावा, छत पर सफेद रंग का पेंट या चूने का लेप लगाने और पौधे लगाने से भी घर को ठंडा रखा जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:26:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गर्मी, थर्मोकोल, घर को ठंडा रखना, आसान उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अप्रैल के महीने में गर्मी की शुरुआत के साथ ही लोगों की चिंता बढ़ने लगी है, खासकर सीमेंट और टीन की छतों वाले घरों में रहने वालों की। <br><br>लेकिन, एक आसान उपाय है जिससे न केवल घर का तापमान कम किया जा सकता है, बल्कि छत को भी सुंदर बनाया जा सकता है, और वो भी सिर्फ 2 से 3 हजार रुपये में।
<br><br>अप्रैल अभी आधा भी नहीं बीता है और तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे मई में पड़ने वाली भीषण गर्मी का अंदाजा लगाया जा सकता है। तपती धूप में छत गर्म होकर घर के अंदर के तापमान को बढ़ा देती है, खासकर टीन की छत वाले घरों में।<br><br>थर्मोकोल की सीलिंग एक सरल उपाय है जिससे तापमान को 20 डिग्री तक कम किया जा सकता है। इससे न केवल छत आकर्षक दिखेगी, बल्कि कमरा भी ठंडा रहेगा। यह तरीका टीन की छत वाले घरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।<br><br>थर्मोकोल सीलिंग के लिए अधिक खर्च की आवश्यकता नहीं होती। 2 से 3 हजार रुपये में पूरी छत को कवर किया जा सकता है। थर्मोकोल शीट को सिलिकॉन या थर्मोकोल के लिए बने चिपकने वाले केमिकल से चिपकाया जा सकता है। इसके बाद, पीओपी सीलिंग में इस्तेमाल होने वाली जॉइंट पट्टी का उपयोग करें। अपनी पसंद का रंग करने के बाद, छत बहुत सुंदर दिखेगी।<br><br>थर्मोकोल एक उत्कृष्ट इंसुलेटर है, जो बाहरी तापमान को अंदर आने से रोकता है। एक वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि थर्मोकोल लगाने से पहले कमरे का तापमान बहुत अधिक था, लेकिन थर्मोकोल लगाने के बाद यह लगभग 20 डिग्री तक कम हो गया। थर्मोकोल को खिड़कियों और दरवाजों पर भी लगाया जा सकता है। यह पानी की टंकी को ठंडा रखने में भी मदद करता है।<br><br>कमरे को ठंडा रखने के लिए दीवारों पर पेंट का भी उपयोग किया जा सकता है। छत को धूप में ज्यादा गर्म होने से बचाने के लिए सफेद रंग या चूने का लेप लगाया जा सकता है। सफेद रंग सूर्य की किरणों को परावर्तित करता है, जिससे छत ठंडी रहती है। यह एक सस्ता और प्रभावी तरीका है।<br><br>छत पर पौधे लगाना भी घर को ठंडा रखने का एक शानदार तरीका है। पौधे छत की गर्मी को कम करते हैं और ठंडक बनाए रखते हैं। साथ ही, हरे-भरे पौधे छत को सुंदर बनाते हैं। आप चाहें तो फल और सब्जी के पौधे भी लगा सकते हैं।<br><br>**डिस्क्लेमर:** इस लेख में दी गई जानकारी इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर आधारित है। एनबीटी इसकी सटीकता के लिए ज़िम्मेदार नहीं है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पाकिस्तानी एक्ट्रेस आयशा उमर का ब्यूटी सीक्रेट: 9 स्टेप स्किन केयर रूटीन</title>
<link>https://pratinidhi.in/pakistani-actress-ayesha-omar-skin-care-routine-secrets</link>
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<description><![CDATA[ पाकिस्तानी एक्ट्रेस आयशा उमर 43 साल की उम्र में भी अपनी खूबसूरती और बेदाग त्वचा के लिए जानी जाती हैं। वह अपनी त्वचा की देखभाल के लिए एक 9-चरणीय स्किन केयर रूटीन का पालन करती हैं, जिसमें मेकअप हटाना, फेस वॉश, टोनर, फेस मास्क, एक्ने सीरम, नाइट फेस सीरम, मॉइस्चराइजर और लिप बाम शामिल हैं। इस रूटीन को अपनाकर, आप भी क्लियर, ग्लोइंग और फ्लॉलेस स्किन पा सकते हैं। आयशा हमेशा नेचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने पर जोर देती हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120147113/pakistani-actress-ayesha-omar-share-her-9-step-skin-care-routineof-young-beautiful-skin-120147113.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:26:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Ayesha Omar, skin care routine, Pakistani actress, beauty secrets, skin care tips</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>पाकिस्तानी अभिनेत्रियों की खूबसूरती हमेशा चर्चा में रहती है, और उनकी त्वचा की देखभाल के रहस्य जानने के लिए कई लोग उत्सुक रहते हैं। इस लेख में, हम आपको पाकिस्तानी अभिनेत्री आयशा उमर के 9-चरणीय स्किन केयर रूटीन के बारे में बताएँगे, जिसे अपनाकर वह 43 साल की उम्र में भी खूबसूरत और बेदाग त्वचा पाने में सफल रही हैं।</p><br><p>आयशा उमर का स्किन केयर रूटीन:</p><br><strong>1. मेकअप रिमूव करना:</strong><p>आयशा सबसे पहले कॉटन पैड और मेकअप रिमूवर का उपयोग करके अपने चेहरे से मेकअप हटाती हैं।</p><br><strong>2. फेस वॉश:</strong><p>इसके बाद, वह नीम, ग्रीन टी एक्सट्रेक्ट और ब्लैक सीड्स से युक्त फोमिंग फेस वॉश का उपयोग करती है।</p><br><strong>3. टोनर:</strong><p>फेस वॉश के बाद, वह अपने चेहरे पर टोनर लगाती है, खासकर मास्क लगाने के बाद।</p><br><strong>4. फेस मास्क:</strong><p>आयशा मुल्तानी मिट्टी से बना फेस मास्क लगाती है, जिसे वह पानी और शहद के साथ मिलाकर बनाती है। वह इसे आमतौर पर शनिवार या रविवार को लगाती है।</p><br><strong>5. टोनर (फिर से):</strong><p>फेस मास्क हटाने के बाद, वह फिर से टोनर लगाती है।</p><br><strong>6. एक्ने सीरम:</strong><p>एक्ने को नियंत्रित करने के लिए, वह केवल प्रभावित क्षेत्रों पर एक्ने सीरम लगाती है।</p><br><strong>7. नाइट फेस सीरम:</strong><p>वह लैवेंडर एक्सट्रेक्ट वाला नाइट फेस सीरम लगाती है, जो त्वचा को शांत करता है।</p><br><strong>8. मॉइस्चराइजर:</strong><p>सीरम के बाद, वह गुलाब से युक्त मॉइस्चराइजर लगाती है और इसे चेहरे पर धीरे से थपथपाती है।</p><br><strong>9. लिप बाम:</strong><p>अंत में, वह चॉकलेट, एवाकाडो शिया बटर और कोको बटर से युक्त लिप बाम लगाती है।</p><br><p>आयशा उमर के इन 9 स्किन केयर स्टेप्स को फॉलो करके आप भी पा सकते हैं क्लियर, ग्लोइंग और फ्लॉलेस स्किन।</p>]]> </content:encoded>
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<title>&amp;apos;मीम से मोहब्बत&amp;apos; की रोशी: सादगी से जीता दिल</title>
<link>https://pratinidhi.in/meem-se-mohabbat-roshi-dananeer-mobeen-simplicity-wins-hearts</link>
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<description><![CDATA[ एक्ट्रेस दानानीर मोबीन, जिन्हें &#039;पौरी गर्ल&#039; के नाम से भी जाना जाता है, अपनी सादगी और पारंपरिक परिधानों के साथ लोगों का दिल जीत रही हैं। कई लोग उन्हें नाटकों में देखने के बाद भी पहचान नहीं पाए, लेकिन उनका अंदाज सबसे अलग है। उन्होंने व्हाइट और गोल्डन सूट में ढीली-ढाली सिल्हूट के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिसमें राउंड नेकलाइन और फुल स्लीव कुर्ती शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने प्रिंटेड पैटर्न में आइस ब्लू सूट पहना है, जो उनके लुक को और भी कलरफुल बनाता है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:26:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Dananeer Mobeen, traditional outfit, simplicity, fashion, style</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>'मीम से मोहब्बत' की रोशी: सादगी से जीता दिल</strong><br><br>एक्ट्रेस दानानीर मोबीन, जो 'पौरी गर्ल' के नाम से मशहूर हैं, अपनी सादगी और ट्रेडिशनल अटायर से सबका दिल जीत रही हैं। ड्रामा देखने के बाद भी कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए, लेकिन उनके स्टाइल और अंदाज की बात ही कुछ और है।<br><br><strong>व्हाइट और गोल्डन सूट में एलिगेंट लुक</strong><br><br>दानानीर का व्हाइट और गोल्डन सूट ढीली-ढाली सिल्हूट में डिजाइन किया गया है। राउंड नेकलाइन, फुल स्लीव वाली स्ट्रेट कुर्ती और प्लाजो के साथ उन्होंने दुपट्टा स्टाइल किया है। व्हाइट अटायर में गोल्डन कढ़ाई उनके लुक को और भी ग्रेसफुल बना रही है। उन्होंने मिनिमल एक्सेसरीज से अपने लुक को कंप्लीट किया।<br><br><strong>प्रिंटेड सूट में खूबसूरत अंदाज</strong><br><br>दानानीर को प्लेन के साथ प्रिंटेड पैटर्न भी पसंद है। उनका आइस ब्लू सूट Hussain Rehar के कलेक्शन से है, जिसकी कीमत लगभग 6 हजार से ज्यादा है। आइस ब्लू कुर्ती और प्लाजो पर ब्लैक प्रिंट है और उन्होंने ग्रीन कलर का फ्लावर प्रिंट वाला दुपट्टा ओढ़ा है, जो उनके लुक को कलरफुल बना रहा है।]]> </content:encoded>
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<title>मेगन मार्कल का प्रेगनेंसी के बाद वेट लॉस: आसान डाइट और फिटनेस रूटीन</title>
<link>https://pratinidhi.in/meghan-markle-weight-loss-after-pregnancy-diet-and-fitness-routine</link>
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<description><![CDATA[ मेगन मार्कल ने प्रेगनेंसी के बाद 10 किलो वजन कम किया, जिसके लिए उन्होंने बैलेंस्ड डाइट और आसान फिटनेस रूटीन अपनाया। उन्होंने बिना किसी क्रैश डाइट के &#039;माइंडफुल ईटिंग&#039; और एक्टिव लाइफस्टाइल को महत्व दिया। मेगन ने खुद पर वजन कम करने का दबाव नहीं डाला और शरीर को रिकवर करने का समय दिया। उन्होंने हेल्दी डाइट ली, जिसमें हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल थे। मेगन ने योग, स्ट्रेचिंग और वॉक को अपनी दिनचर्या में शामिल किया। मानसिक स्वास्थ्य को भी उन्होंने उतना ही महत्व दिया जितना शारीरिक स्वास्थ्य को। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/120129468/how-meghan-markle-lost-10-kilos-after-pregnancy-without-extreme-workouts-120129468.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:24:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मेगन मार्कल, प्रेगनेंसी, वेट लॉस, डाइट, फिटनेस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मेगन मार्कल ने गर्भावस्था के बाद सहजता से 10 किलो वजन कम किया, बिना खुद को थकाए, संतुलित आहार और सरल फिटनेस रूटीन का पालन किया। गर्भावस्था के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं, और वजन बढ़ना एक बड़ी चुनौती होती है। मेगन मार्कल ने इस प्रक्रिया को सकारात्मकता और शालीनता से अपनाया।<br><br>उन्होंने बिना क्रैश डाइट और तीव्र कसरत के 10 किलो वजन कम किया, उनका ध्यान 'माइंडफुल ईटिंग', सक्रिय रहने और खुद से प्यार करने पर था। मेगन की यात्रा उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हो सकती है जो मातृत्व के बाद अपनी फिटनेस हासिल करना चाहती हैं।<br><br>मेगन ने खुद पर वजन कम करने का दबाव नहीं डाला, उन्होंने अपने शरीर को ठीक होने का समय दिया और माना कि 'हीलिंग एक प्रक्रिया है, दौड़ नहीं'। इस सोच ने उन्हें तनाव-मुक्त और प्रेरित रखा। मेगन का आहार सरल और प्राकृतिक था, जिसमें हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और स्वस्थ वसा शामिल थे। उन्होंने जैविक भोजन को प्राथमिकता दी और 'कम खाएं, लेकिन सही खाएं' के सूत्र का पालन किया।<br><br>मेगन ने भारी कसरत के बजाय दैनिक योग, स्ट्रेचिंग और पैदल चलने को अपनी जीवनशैली में शामिल किया, जिससे उनका शरीर सक्रिय और दिमाग शांत रहा। उन्होंने खुद को फिट रखने के लिए 'धीमी लेकिन नियमित एक्सरसाइज' को चुना। मेगन के लिए मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण था जितना शारीरिक स्वास्थ्य।<br><br>ध्यान, सकारात्मक विचारों और 'मॉम गिल्ट' से बाहर आकर, उन्होंने खुद से प्यार करना सीखा। 'स्वस्थ मन = स्वस्थ शरीर' उनकी सफलता का मंत्र बन गया। मेगन ने कोई शॉर्टकट नहीं लिया, उन्होंने धीरे-धीरे स्वस्थ आदतों को अपनाया और उन्हें अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बना लिया, जैसे समय पर खाना, पर्याप्त नींद और स्क्रीन टाइम कम करना, जिससे उनका परिवर्तन टिकाऊ और तनाव मुक्त रहा।]]> </content:encoded>
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<title>कद्दू के बीज: PCOS में रामबाण, खाने का सही तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/pumpkin-seeds-benefits-in-pcos-hindi</link>
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<description><![CDATA[ कद्दू के बीज महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, खासकर पीसीओएस (PCOS) से परेशान महिलाओं के लिए। इनमें जिंक, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हार्मोनल संतुलन बनाए रखने, इंसुलिन को नियंत्रित करने, वजन घटाने, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने और मूड को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। आप इन्हें सुबह खाली पेट भिगोकर खा सकते हैं या स्मूदी, सलाद, दही या ओट्स में मिलाकर भी ले सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:24:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PCOS, कद्दू के बीज, हार्मोनल संतुलन, लाइफस्टाइल, डाइट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली।</strong></p><br><p>आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और गलत खानपान के कारण महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की समस्‍या आम हो गई है। पीसीओएस (PCOS) एक ऐसी ही समस्‍या है, ज‍िससे आजकल ज्‍यादातर मह‍िलाएं परेशान हैं।</p><br><p>इसकी वजह से अचानक वजन बढ़ना या कम होना, पीरियड्स में अनियमितता और स्‍क‍िन से जुड़ी द‍िक्‍कतें होने लगती हैं।</p><br><p>लाइफस्‍टाइल और डाइट में बदलाव करके पीसीओएस के लक्षणों को कम क‍िया जा सकता है। अगर आप भी इस समस्‍या से जूझ रही हैं, तो कद्दू के बीज को अपनी डाइट में जरूर शाम‍िल करें।</p><br><p>कद्दू के बीज में ज‍िंक, मैग्नीशियम, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।</p><br><p><strong>कद्दू के बीज के फायदे:</strong></p><br><p><strong>हार्मोनल बैलेंस:</strong> कद्दू के बीज में मौजूद ज‍िंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन को बैलेंस करते हैं।</p><br><p><strong>इंसुलिन कंट्रोल:</strong> कद्दू के बीज ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करते हैं और शरीर की इंसुलिन इस्‍तेमाल करने की क्षमता को बढ़ाते हैं। इससे डायबिटीज का खतरा कम होता है।</p><br><p><strong>वजन घटाना:</strong> कद्दू के बीज फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होते हैं, ज‍िससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।</p><br><p><strong>स्‍क‍िन और बालों के ल‍िए:</strong> कद्दू के बीज में एंटीऑक्सीडेंट्स और ज‍िंक पाया जाता है, जो स्‍क‍िन और बालों को हेल्‍दी रखते हैं।</p><br><p><strong>मूड को बेहतर बनाए:</strong> कद्दू के बीज में मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन जैसे तत्‍व पाए जाते हैं, जो मूड को बेहतर बनाते हैं और अच्‍छी नींद लाने में मदद करते हैं।</p><br><p><strong>कैसे करें डाइट में शाम‍िल:</strong> आप कद्दू के बीजों को सुबह खाली पेट भिगोकर खा सकते हैं या फ‍िर स्‍मूदी, सलाद, दही या ओट्स में म‍िलाकर भी खा सकते हैं।</p><br><p>द‍िनभर में एक से दो चम्‍मच कद्दू के बीज का सेवन करना फायदेमंद होता है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>छिपकली भगाने के आसान तरीके: शिप्रा राय की खास ट्रिक</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-trick-to-get-rid-of-lizards-from-home-shipra-rai-tips</link>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर शिप्रा राय ने छिपकलियों को भगाने का एक आसान तरीका बताया है। इसके लिए कपूर की गोली, एंटीसेप्टिक लिक्विड (डेटॉल), पानी और एक स्प्रे बोतल की आवश्यकता होगी। सबसे पहले कपूर की गोली को पीसकर पाउडर बना लें, फिर इसे स्प्रे बोतल में डालें और एंटीसेप्टिक लिक्विड व पानी मिलाएं। इस घोल को दीवारों पर छिड़कें, खासकर उन जगहों पर जहां छिपकलियां ज्यादा दिखती हैं। शिप्रा राय का दावा है कि इस तरीके से आप आसानी से छिपकलियों को भगा सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119788909/shipra-rai-share-useful-trick-to-get-rid-of-lizards-or-chipkali-from-home-119788909.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 01 Apr 2025 18:19:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>छिपकली, Lizard, घरेलू उपाय, शिप्रा राय, कपूर, एंटीसेप्टिक लिक्विड, स्प्रे बोतल, घोल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>दीवारों पर घूमती छिपकली की अब खैर नहीं! शिप्रा राय ने बताया आसान तरीका</strong><br><br>हर घर में दीवारों पर छिपकली दिखना आम बात है, लेकिन इनसे छुटकारा पाना हर कोई चाहता है। कंटेंट क्रिएटर शिप्रा राय ने छिपकलियों को भगाने का एक आसान तरीका बताया है।<br><br><strong>छिपकलियों से क्यों डरते हैं लोग?</strong><br><br>लोगों को छिपकलियों से डर लगने के कई कारण हैं। कुछ लोगों को उनके गिरने का डर होता है, तो कुछ को उनके फर्श पर चलने से पैरों में आने की चिंता होती है। बाथरूम में छिपकली होने पर अंदर जाने की भी हिम्मत नहीं होती।<br><br><strong>छिपकलियों को भगाने का आसान तरीका</strong><br><br>शिप्रा राय ने छिपकलियों को भगाने का एक आसान तरीका बताया है। इसके लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी:<br><br>* कपूर की गोली<br>* एंटीसेप्टिक लिक्विड (डेटॉल)<br>* पानी<br>* स्प्रे बोतल<br><br><strong>घोल बनाने की विधि</strong><br><br>1. सबसे पहले 4 कपूर की गोली को पीसकर पाउडर बना लें।<br>2. अब इस पाउडर को एक स्प्रे बोतल में डालें।<br>3. इसमें एक ढक्कन एंटीसेप्टिक लिक्विड मिलाएं।<br>4. थोड़ा सा पानी भी मिलाएं।<br><br>इस तरह आपका छिपकली भगाने का होममेड घोल तैयार हो जाएगा।<br><br><strong>इस्तेमाल करने का तरीका</strong><br><br>इस घोल को स्प्रे बोतल की मदद से दीवारों पर छिड़कें। जिस जगह पर छिपकलियां सबसे ज्यादा दिखाई देती हैं, वहां स्प्रे करें। शिप्रा राय का दावा है कि इस तरीके से आप आसानी से छिपकलियों को भगा सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>नारियल तेल से पाएं चमकदार बाल: आसान घरेलू नुस्खा</title>
<link>https://pratinidhi.in/get-shiny-hair-with-coconut-oil-easy-home-remedy</link>
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<description><![CDATA[ रूखे और बेजान बालों को सिल्की और शाइनी बनाने के लिए नारियल तेल से बने हेयर मास्क का इस्तेमाल करें। नारियल तेल बालों को पोषण देता है, मॉइस्चराइज़ करता है, टूटने से बचाता है और डैंड्रफ से छुटकारा दिलाता है। हेयर मास्क बनाने के लिए नारियल तेल, अंडा और उबले हुए चावल को मिक्स करके बालों में लगाएं और 30 मिनट बाद धो लें। इस नुस्खे को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल करें। अंडे में प्रोटीन होता है, जो बालों को मजबूत बनाता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119802769/how-to-make-hair-silky-and-shiny-with-natural-home-remedies-119802769.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 01 Apr 2025 18:16:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>silky hair, shiny hair, hair mask, coconut oil, hair care, natural remedies</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>नारियल तेल से पाएं चमकदार बाल: आसान घरेलू नुस्खा</b><br><br>आज हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आपके रूखे और बेजान बाल सिल्की और शाइनी हो जाएंगे। इस नुस्खे को बनाना बहुत ही आसान है और इसका इस्तेमाल हफ्ते में सिर्फ दो बार करना है। तो चलिए जानते हैं इस हेयर मास्क को बनाने का तरीका।<br><br><b>नारियल तेल के फायदे</b><br><br>नारियल का तेल बालों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपचार है। यह बालों को पोषण देता है, उन्हें मॉइस्चराइज करता है, टूटने से बचाता है, हेयर ग्रोथ को बढ़ाता है और डैंड्रफ से छुटकारा दिलाता है।<br><br><b>हेयर मास्क बनाने की सामग्री</b><br><ul><li>नारियल का तेल- 1 छोटी आधी कटोरी</li><li>अंडा- 1</li><li>उबले हुए चावल- 1</li></ul><br><b>हेयर मास्क बनाने की विधि</b><br><ol><li>सबसे पहले नारियल का तेल, उबले हुए चावल और अंडा लें।</li><li>अब मिक्सी में इन सभी चीजों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें।</li><li>लीजिए, आपका नेचुरल हेयर मास्क तैयार है।</li><li>अब इसे अपने बालों पर लगाएं और 30 मिनट बाद धो लें।</li></ol><br>पहले इस्तेमाल के बाद ही आपके बालों में शाइन आ जाएगी। आप इस नुस्खे को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल कर सकते हैं। अंडे में प्रोटीन होता है, जो बालों को मजबूत बनाता है और टूटने से बचाता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>अदरक से पाएं गर्मियों में निखरी त्वचा: 3 आसान तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/ginger-benefits-for-clear-and-glowing-skin-hindi</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में हेल्‍दी और ग्‍लोइंग स्‍क‍िन पाना मुश्‍क‍िल है, पर अदरक इसमें मदद कर सकता है। अदरक फेस पैक, टोनर या ड्रिंक के रूप में स्‍क‍िन को फायदा पहुंचाता है। यह स्‍क‍िन को ड‍िटॉक्‍स करता है, मुंहासों से बचाता है, रंगत न‍िखारता है और टैनिंग कम करता है। अदरक और गुलाब जल का टोनर इस्‍तेमाल करें, एलोवेरा फेस पैक लगाएं या अदरक वाली डिटॉक्स ड्रिंक प‍िएं। गर्मी में सीमित मात्रा में ही अदरक का सेवन करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:24:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अदरक, त्‍वचा, रंगत, गर्मी, इस्‍तेमाल, चेहरा, स्‍क‍िन, मुंहासे, टैनिंग, डिटॉक्स, फेस पैक, टोनर, एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में हेल्‍दी और ग्‍लोइंग स्‍क‍िन पाना एक चुनौती है, लेक‍िन अदरक इसमें आपकी मदद कर सकता है। अदरक, चाहे फेस पैक में हो, टोनर में हो या डिटॉक्स ड्रिंक में, हर तरह से आपकी स्‍क‍िन को फायदा पहुंचाता है। अदरक का इस्‍तेमाल स्‍क‍िन की कई समस्‍याओं से न‍िजात द‍िला सकता है।<br><br><strong>अदरक के फायदे:</strong><br><ul><li><strong>त्‍वचा को डिटॉक्स करे:</strong> गर्मियों में धूल, पसीने और प्रदूषण से स्‍क‍िन पर गंदगी जम जाती है। अदरक का सेवन करने या फेस पैक लगाने से स्‍क‍िन डिटॉक्‍स होती है।</li><li><strong>मुंहासों और इंफेक्‍शन से बचाए:</strong> अदरक में एंटीबैक्‍टीर‍ियल गुण होते हैं, जो बैक्‍टीर‍िया को खत्‍म करके मुंहासों और रैशेज को कम करते हैं।</li><li><strong>त्‍वचा की रंगत न‍िखारे:</strong> अदरक स्‍क‍िन के व‍िषाक्‍त पदार्थों को बाहर न‍िकालता है, ज‍िससे ब्‍लड सर्कुलेशन अच्‍छा होता है और स्‍क‍िन पर नेचुरल ग्‍लो आता है।</li><li><strong>टैनिंग कम करे:</strong> अदरक में स्‍क‍िन ब्राइटनिंग गुण होते हैं, जो टैनिंग को कम करके चेहरे की रंगत न‍िखारते हैं।</li></ul><br><strong>अदरक का इस्‍तेमाल कैसे करें?</strong><br><ul><li>अदरक और गुलाब जल का टोनर बनाकर इस्‍तेमाल करें।</li><li>अदरक और एलोवेरा का फेस पैक बनाकर लगाएं।</li><li>अदरक वाली डिटॉक्स ड्रिंक प‍िएं।</li></ul>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>नवसंवत्सर: बच्चों को अपनी परंपराओं से कराएं रूबरू</title>
<link>https://pratinidhi.in/introducing-children-to-indian-traditions-on-navsamvatsar</link>
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<description><![CDATA[ नवसंवत्सर बच्चों को अपनी परंपराओं से परिचित कराने का एक उत्कृष्ट अवसर है। आजकल बच्चे विदेशी परंपराओं के बारे में अधिक जानते हैं, इसलिए उन्हें अपनी संस्कृति, धर्म और मूल्यों के बारे में बताना महत्वपूर्ण है। सनातन धर्म में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और जीवों का सम्मान करने का महत्व है। बच्चों को समझाएं कि हर प्राणी महत्वपूर्ण है और हमें प्रकृति का सम्मान करना चाहिए। उन्हें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित करें। परिवार के मूल्यों को समझने और उनका सम्मान करने का महत्व बताएं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:22:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नवसंवत्सर, संस्कार, परंपरा, बच्चे, संस्कृति, धर्म, प्रकृति, परिवार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नवसंवत्सर: बच्चों को अपनी परंपराओं से कराएं रूबरू</strong><br><br>परिवार में हर बात पर पड़ोसी की तारीफ कब तक बर्दाश्त करेंगे? यही बात संस्कारों पर भी लागू होती है। नवसंवत्सर पर बच्चों में सनातन संस्कारों का विकास करें, ताकि आत्मविश्वास से भरी पीढ़ी और गर्व से उन्नत भाल वाला देश बन सके।<br><br>आजकल, बच्चे विदेशी परंपराओं के बारे में तो जानते हैं, लेकिन अपने धर्म के बारे में नहीं। अपनी परंपराओं के बारे में नई पीढ़ी को बताने का सही समय है नवसंवत्सर। यह हिंदू नववर्ष की शुरुआत है, इसलिए बच्चों को अपनी संस्कृति के बारे में बताएं।<br><br>होली, दीपावली और नवरात्र में प्रकृति के प्रति कृतज्ञता अर्पित की जाती है। बच्चों को अपनी संस्कृति में शामिल प्रकृति के बारे में बताएं। सूर्योदय से पहले उठने की सनातन परंपरा को बच्चों में डालें। सनातन धर्म में धरती माता पर सुबह पहला कदम रखने से पहले क्षमा मांगी जाती है। उन्हें कृतज्ञ भाव से धरती का सम्मान करने के बारे में बताएं, क्योंकि धरती, सूर्य और पेड़-पौधे हमारे जीवन में बहुत योगदान करते हैं।<br><br>आजकल बच्चे हर बात का लॉजिक समझते हैं, इसलिए उन्हें पूरी बात बताएं। अगर आपका लॉजिक उनकी सोच से मिल गया, तो वे आपके संस्कारों को आसानी से अपना लेंगे।<br><br>आज मनुष्य खुद को सर्वशक्तिमान मानकर अन्य प्राणियों का निरादर करने लगे हैं। बच्चों को समझाएं कि यह धरती सिर्फ इंसानों के लिए नहीं है। ईश्वर ने जीवों को भी इस धरती का अहम हिस्सा बनाया है। सिर्फ पालतू जानवर ही नहीं, बल्कि तितली, भंवरे, हाथी और समुद्री जीव भी जरूरी हैं। मनुष्य जीवों को नुकसान न पहुंचाए, इसलिए हमारी परंपराओं में जीवों को देवताओं के वाहन और अवतार के रूप में बताया गया है।<br><br>पौराणिक कथाओं में हर देवता शक्ति के साथ आता है। इसलिए बच्चों को बताएं कि हम सब किसी न किसी क्षमता के साथ पैदा हुए हैं। उन्हें शरीर को बलशाली बनाने, मन को नियंत्रित करने और भावनात्मक क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रेरित करें। उन्हें बताएं कि क्षमा उसी को शोभा देती है जिसके पास शक्ति हो।<br><br>हमारी संस्कृति का पहला पाठ है परिवार के मूल्यों को समझना। भगवान श्रीराम भी बाल्यकाल में अपने परिवार के बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करते थे। बच्चों को ऐसी कहानियों और किताबों से समझाएं। कई प्रकाशक और एप हैं जो हमारी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>मासिक धर्म कप: सुरक्षित उपयोग और दुष्प्रभाव</title>
<link>https://pratinidhi.in/menstrual-cup-safe-use-and-side-effects-hindi</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में, हमने मेंस्ट्रुअल कप के साइड इफेक्ट्स के बारे में बताया है। मेंस्ट्रुअल कप का सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। अगर इसे सही तरीके से साफ़ नहीं किया जाता है तो इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। कुछ महिलाओं को इससे एलर्जी भी हो सकती है। लंबे समय तक अंदर रखने से टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (TSS) का खतरा भी हो सकता है। इससे पेशाब की दिक्कतें और वजाइनल ड्राइनेस की समस्या भी हो सकती है। बचाव के लिए सही साइज चुनें, हाइजीन मेंटेन रखें, ज्यादा देर तक न पहनें। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/31032025/31_03_2025-menstrual_cup_23909042.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:19:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Menstrual Cup, periods, side effects, infection, allergy, TSS, vaginal dryness</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मासिक धर्म के दौरान सैनिटरी पैड की जगह मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करने से आपकी सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। हालांकि, इसके कुछ फायदे भी हैं, और इन्हें इस्तेमाल करने का सही तरीका मालूम होना चाहिए।

<strong>मेस्ट्रुअल कप क्या है?</strong><br><br>यह कप नुमा आकार का होता है, जो सिलिकॉन से बना होता है। इसे महिलाओं की वजाइना में डाला जाता है। ये काफी मुलायम भी होता है और वजाइना में जाने के बाद कप की तरह शेप में आ जाता है। इसके अंदर पीरियड्स का ब्लड जमा होने लगता है।

<strong>इस्तेमाल के खतरे</strong><br><br>अगर मेंस्ट्रुअल कप को सही तरीके से साफ नहीं किया जाता, या बार-बार हाथ धोए बिना इसे लगाया और निकाला जाता है, तो आपको इंफेक्‍शन होने का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर अगर कप को लंबे समय तक बिना धोए इस्तेमाल किया जाए, तो बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकता है। कुछ महिलाओं को सिलिकॉन, लेटेक्स या रबर से एलर्जी हो सकती है, जिससे वजाइना में जलन, खुजली या रैशेज हो सकते हैं।

टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (TSS) एक गंभीर संक्रमण होता है, जो लंबे समय तक मेंस्ट्रुअल कप को अंदर रखने से हो सकता है। इसके अलावा, कुछ महिलाओं को मेंस्ट्रुअल कप लगाने के बाद बार-बार पेशाब आने या हल्का दबाव महसूस होने की शिकायत होती है। कुछ महिलाओं को वजाइनल ड्राइनेस की समस्या से भी जूझना पड़ सकता है।

<strong>कैसे करें बचाव</strong><br><br>सही साइज चुनें, हाइजीन मेंटेन रखें, ज्यादा देर तक न पहनें, और अगर असहज महसूस हो तो हटा दें। मेंस्ट्रुअल कप को सी आकार में फोल्ड करके वजाइना में डाला जाता है। कप के अंदर जाने के बाद इसे छोड़ दें। अंदर जाते ही यह कप नुमा आकार में आ जाएगा और अंदर जाकर चिपक जाएगा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अंबानी की समधन ने लूटी महफिल, जाह्नवी का ग्लैमर फीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/janhvi-kapoor-mona-mehta-lakme-fashion-week</link>
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<description><![CDATA[ जाह्नवी कपूर लैक्मे फैशन वीक में डिजाइनर राहुल मिश्रा के शो में शोस्टॉपर बनीं। उन्होंने ब्लैक कलर का स्ट्रैपलेस गाउन पहना था, जिसमें वह बेहद ग्लैमरस लग रही थीं। हालांकि, अंबानी की समधन मोना मेहता ने भी अपनी शानदार स्टाइल से सबका ध्यान खींचा। जाह्नवी के गाउन में सिल्वर एम्बेलिश्मेंट से फ्लोरल पैटर्न बना हुआ था, और उन्होंने मिनिमल जूलरी के साथ अपने लुक को पूरा किया था। मोना मेहता ने क्रीम बेज शेड वाली शर्ट और प्लीटेड स्कर्ट पहनी थी, जिसमें वह कमाल की लग रही थीं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119766833/janhvi-kapoor-stuns-in-black-gown-at-lakme-fashion-week-but-shloka-mehta-mother-mona-mehta-steals-the-spotlight-119766833.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:19:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Janhvi Kapoor, Mona Mehta, Lakme Fashion Week, Fashion, Bollywood, Style</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>जाह्नवी कपूर का जलवा लैक्मे फैशन वीक में</strong><br><br>जाह्नवी कपूर अपनी खास स्टाइल के लिए जानी जाती हैं। वह जहां भी जाती हैं, अपनी सिजलिंग अदाओं से लाइमलाइट चुरा लेती हैं। लेकिन, इस बार अंबानी की समधन की एक झलक ने उन पर भारी पड़ गई।<br><br><strong>जाह्नवी का फैशन सेंस</strong><br><br>जाह्नवी कपूर किसी फैशनिस्टा से कम नहीं हैं। फिल्मी दुनिया में आने के बाद से उनका स्टाइल और भी बेहतर हुआ है। वह सादे सूट में भी दिल जीत लेती हैं, तो गाउन में उनका सिजलिंग अंदाज कातिलाना होता है। हाल ही में लैक्मे फैशन वीक में उन्होंने रैंप पर जलवा बिखेरा, लेकिन मोना मेहता ने अपनी एक झलक से बाजी मार ली।<br><br><strong>रैंप पर जाह्नवी</strong><br><br>जाह्नवी ने रैंप पर कैमरामैन के साथ एंट्री ली। उन्होंने गाउन के ऊपर श्रग उतारकर अपना ग्लैमर दिखाया। लेकिन, जैसे ही उन्होंने मोना को गले लगाया, सबका ध्यान उन पर चला गया, जिन्होंने बढ़ती उम्र में भी फैशन गोल्स दिए।<br><br><strong>डिजाइनर राहुल मिश्रा के शो में</strong><br><br>जाह्नवी फैशन वीक में डिजाइनर राहुल मिश्रा के शो के लिए शोस्टॉपर बनीं। उन्होंने ब्लैक कलर के स्ट्रैपलेस गाउन में रैंप पर एंट्री मारी। थाई हाई स्लिट कट गाउन में जाह्नवी का ग्लैमरस रूप देखने लायक था।<br><br><strong>गाउन की डिटेल</strong><br><br>जाह्नवी के गाउन के अपर पोर्शन को कॉरसेट स्टाइल फिनिश दिया गया था और सिल्वर एम्बेलिश्मेंट से फ्लोरल पैटर्न बना था। नेकलाइन को वी लोकट डिजाइन और थाई हाई स्लिट कट दिया गया था।<br><br><strong>मोना मेहता का स्टाइल</strong><br><br>जाह्नवी के रैंप वॉक के बाद, वह मोना मेहता से मिलने गईं। मोना ने क्रीम बेज शेड वाली शर्ट और प्लीटेड स्कर्ट पहनी थी, जिसमें वह शानदार लग रही थीं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>लो&amp;कट ब्लाउज में करीना का रॉयल लुक, लैक्मे फैशन वीक में बिखेरा जलवा</title>
<link>https://pratinidhi.in/kareena-kapoor-khan-stuns-in-ivory-saree-at-lakme-fashion-week-2025</link>
<guid>https://pratinidhi.in/kareena-kapoor-khan-stuns-in-ivory-saree-at-lakme-fashion-week-2025</guid>
<description><![CDATA[ करीना कपूर खान अपनी शानदार शैली के कारण हमेशा चर्चा में रहती हैं। इस बार, उन्होंने फैशन वीक में साड़ी पहनकर, पटौदी खानदान की शाही बहू के रूप में अपनी पहचान बनाई। करीना ने फैशन वीक के लिए मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई आइवरी साड़ी पहनी थी, जिसे लेस और सफेद मोतियों से सजाया गया था। करीना की साड़ी में सफेद फूलों के पैटर्न थे, जिन्हें मोतियों और धागे की कढ़ाई के साथ डिजाइन किया गया था। उन्होंने विंटेज फ्रेंच लेस ब्लाउज पहना था, जिसकी लो-कट नेकलाइन ने लुक को और भी आकर्षक बना दिया. ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119773040/kareena-kapoor-khan-stuns-like-a-royal-queen-in-ivory-saree-by-manish-malhotra-at-lakme-fashion-week-2025-119773040.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:19:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>करीना कपूर, आइवरी साड़ी, मनीष मल्होत्रा, लैक्मे फैशन वीक 2025, लो-कट ब्लाउज, पटौदी खानदान, फैशन वीक, साड़ी, शाही ठाठ, डिजाइनर, स्वारोवस्की, डायमंड जूलरी, मेकअप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>Kareena Kapoor Khan</strong> अपनी शानदार शैली के कारण हमेशा चर्चा में रहती हैं। इस बार, उन्होंने <strong>फैशन वीक</strong> में साड़ी पहनकर, पटौदी खानदान की शाही बहू के रूप में अपनी पहचान बनाई।
<br><br>
<strong>करीना कपूर खान</strong> किसी परिचय की आवश्यकता नहीं हैं। उन्होंने फिल्म उद्योग में अपनी अनूठी पहचान बनाई है और आज भी अपने विशेष अंदाज से प्रशंसकों की पसंदीदा बनी हुई हैं। 4 साल बाद, <strong>करीना</strong> ने <strong>लैक्मे फैशन वीक</strong> में वापसी की और सबका ध्यान आकर्षित किया।
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<strong>सैफ अली खान</strong> की पत्नी, <strong>करीना</strong> फैशन वीक के लिए सुंदर रूप से तैयार होकर पहुंचीं। उन्होंने लो-कट ब्लाउज और फूलों से সজ্জিত साड़ी में बहुत ही खूबसूरत लुक दिया, जिससे वह एक आधुनिक दुल्हन की तरह लग रही थीं।
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<strong>मनीष मल्होत्रा</strong> की साड़ी
<strong>करीना</strong> ने फैशन वीक के लिए <strong>मनीष मल्होत्रा</strong> द्वारा डिजाइन की गई आइवरी साड़ी पहनी थी, जिसे लेस और सफेद मोतियों से सजाया गया था। इस साड़ी में वह एक महारानी की तरह लग रही थीं, जिसे <strong>रिया कपूर</strong> ने खूबसूरती से स्टाइल किया था।
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<strong>स्वारोवस्की</strong> और मोतियों से सजी साड़ी
<strong>करीना</strong> की साड़ी में सफेद फूलों के पैटर्न थे, जिन्हें मोतियों और धागे की कढ़ाई के साथ डिजाइन किया गया था। उन्होंने विंटेज फ्रेंच लेस ब्लाउज पहना था, जिसकी लो-कट नेकलाइन ने लुक को और भी आकर्षक बना दिया। <strong>स्वारोवस्की</strong> और मोती की कढ़ाई से सजी साड़ी ने उनके सौंदर्य को निखारा।
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दो दुपट्टे
<strong>करीना</strong> ने इस आधुनिक साड़ी के साथ दो दुपट्टे स्टाइल किए, जिन्हें उन्होंने अपने कंधों पर खुला रखा। एक दुपट्टे को पीछे से ले जाकर कलाई पर बांधा, जबकि दूसरे को खुला छोड़ दिया, जिससे उनका लुक और भी शाही लग रहा था।]]> </content:encoded>
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<title>पोस्टपार्टम हाइपरटेंशन: कारण, खतरे और नियंत्रण के 10 तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/postpartum-hypertension-causes-risks-and-10-ways-to-control</link>
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<description><![CDATA[ डिलिवरी के बाद महिलाओं में पोस्टपार्टम हाइपरटेंशन एक आम समस्या है, जिसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे हार्मोनल बदलाव और नींद की कमी। हाई बीपी से ब्रेन स्ट्रोक और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, कम नमक का सेवन, व्यायाम और तनाव कम करना जरूरी है। समस्या बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:17:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Postpartum Hypertension, High BP, ब्लड प्रेशर, प्रेग्नेंसी, डिलिवरी, हेल्थ टिप्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>डिलिवरी के बाद महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर: कारण, खतरे और बचाव के उपाय</strong><br><br>डिलिवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिनमें से एक है पोस्टपार्टम हाइपरटेंशन, यानी डिलीवरी के बाद हाई ब्लड प्रेशर। यह समस्या गंभीर हो सकती है, इसलिए समय रहते इसे नियंत्रित करना जरूरी है।<br><br><strong>पोस्टपार्टम हाइपरटेंशन के कारण:</strong><br><br><ul><li>प्रेग्नेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर</li><li>हार्मोनल बदलाव</li><li>नींद की कमी और तनाव</li><li>कुछ दवाओं का प्रभाव</li><li>अधिक वजन और असंतुलित खानपान</li><li>किडनी की समस्या</li></ul><br><br><strong>हाई बीपी से होने वाले खतरे:</strong><br><br><ul><li>ब्रेन स्ट्रोक</li><li>दिल की बीमारी</li><li>किडनी फेलियर</li></ul><br><br><strong>पोस्टपार्टम हाइपरटेंशन को कैसे करें कंट्रोल:</strong><br><br><ul><li>संतुलित आहार लें</li><li>नमक कम खाएं</li><li>हरी सब्जियां खाएं</li><li>कैफीन और जंक फूड से बचें</li><li>व्यायाम और योग करें</li><li>गहरी सांस लें</li><li>पैदल चलें</li><li>वजन कंट्रोल करें</li><li>पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें</li><li>डॉक्टर की सलाह पर दवाएं लें</li></ul>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>ऑफिस में करें ये 7 आसान एक्सरसाइज, कम होगी तोंद और मूड रहेगा फ्रेश</title>
<link>https://pratinidhi.in/7-easy-desk-exercises-for-office-workers-to-stay-fit-and-fresh</link>
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<description><![CDATA[ ऑफिस में काम करते हुए सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। कुछ आसान एक्सरसाइज जैसे गर्दन की एक्सरसाइज, कंधे घुमाना, सीटेड लेग लिफ्ट, डेस्क पुश-अप्स, क्रॉस-लेग स्क्वाट्स, सीट ट्विस्ट और गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करके आप फिट रह सकते हैं। ये एक्सरसाइज न केवल वजन को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, बल्कि तनाव को भी कम करती हैं और मूड को फ्रेश रखती हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:17:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Desk Exercises, Office Workers, Belly Fat, Neck Stretch, Shoulder Rolls, Seated Leg Lifts, Desk Push-Ups, Seat Twist</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ऑफिस में काम के दौरान सेहत का ध्यान रखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन कुछ आसान एक्सरसाइज से आप अपनी फिटनेस बरकरार रख सकते हैं। डेस्क पर बैठे-बैठे की जाने वाली ये एक्सरसाइज न केवल आपके वजन को नियंत्रित करने में मदद करती हैं, बल्कि आपके मूड को भी फ्रेश रखती हैं।

<strong>गर्दन की एक्सरसाइज:</strong> कुर्सी पर सीधे बैठकर अपनी गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाएं। फिर ऊपर और नीचे की ओर झुकाएं। इस प्रक्रिया को 10-10 बार दोहराएं। इससे गर्दन और कंधों की जकड़न दूर होती है, सिरदर्द कम होता है और तनाव से राहत मिलती है।

<strong>कंधे घुमाना:</strong> दोनों कंधों को एक साथ ऊपर उठाएं और फिर पीछे की ओर घुमाएं। इसके बाद, इसी प्रक्रिया को आगे की ओर दोहराएं। इसे 10-10 बार करें। यह कंधों की अकड़न को कम करता है और शरीर को आराम देता है।

<strong>सीटेड लेग लिफ्ट:</strong> कुर्सी पर सीधे बैठें और एक पैर को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाएं। इसे 5 सेकंड तक रोकें और फिर नीचे रखें। दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं। प्रत्येक पैर से कम से कम 10-10 बार करें। यह पैरों की मांसपेशियों को मजबूत करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।

<strong>डेस्क पुश-अप्स:</strong> अपने हाथों को डेस्क पर रखें और थोड़ा पीछे हटें। अपने शरीर को नीचे झुकाएं और फिर वापस ऊपर आएं। इसे 10-15 बार दोहराएं। यह हाथ और कंधे को मजबूत करता है और कोर मसल्स को एक्टिव रखता है।

<strong>क्रॉस-लेग स्क्वाट्स:</strong> अपने दाहिने पैर को बाएं पैर पर रखें और फिर बैठने की कोशिश करें। एक पैर से 4 से 5 बार करने के बाद दूसरे पैर से यही एक्सरसाइज दोहराएं। इस एक्सरसाइज को करते समय अपनी पीठ को सीधा रखें। इससे पैरों में ताकत आती है।

<strong>सीट ट्विस्ट:</strong> अपनी कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं और दोनों हाथों को अपने सिर के पीछे रखें। अब अपने शरीर को बाईं ओर घुमाएं, कुछ सेकंड रुकें और फिर दाईं ओर घुमाएं। इस प्रक्रिया को कम से कम 10 से 15 बार दोहराएं। यह साइड फैट को कम करता है और एब्स को मजबूत बनाता है।

<strong>गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज:</strong> अपनी आंखें बंद करें और गहरी सांस लें। 5 सेकंड तक सांस रोकें और धीरे-धीरे छोड़ें। इसे कम से कम 10 बार दोहराएं। गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज से तनाव और थकान कम होती है, और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है।]]> </content:encoded>
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<title>उच्च रक्तचाप: किडनी पर गंभीर प्रभाव, नई स्टडी का खुलासा</title>
<link>https://pratinidhi.in/silent-high-blood-pressure-damaging-kidneys-new-study-reveals</link>
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<description><![CDATA[ एक नई स्टडी में पता चला है कि साइलेंट हाई ब्लड प्रेशर किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और इसके लक्षण भी दिखाई नहीं देते हैं। ऑस्ट्रिया की मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ विएना के रिसर्चर्स के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी में मौजूद पोडोसाइट्स नामक कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। यह स्टडी ‘Hypertension’ नामक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है। क्रिस्टोफर पासचेन ने बताया कि हाई बीपी वाले मरीजों में पोडोसाइट्स की संख्या बेहद कम पाई गई। नियमित रूप से ब्लड प्रेशर को मॉनिटर करें। संतुलित आहार, नमक कम खाना, नियमित व्यायाम और तनाव न लेने से हाई बीपी कंट्रोल किया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:15:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>high blood pressure, kidney, health, study, hypertension, silent high blood pressure, kidney health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> किडनी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। आजकल कई कारणों से किडनी में बीमारियां हो रही हैं, इसलिए समय रहते किडनी खराब होने के संकेतों को पहचानना जरूरी है। एक नई स्टडी में पता चला है कि साइलेंट हाई ब्लड प्रेशर किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है और इसके लक्षण भी दिखाई नहीं देते हैं।<br><br>ऑस्ट्रिया की मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ विएना के रिसर्चर्स के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडनी में मौजूद पोडोसाइट्स नामक कोशिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। रिसर्चर्स रेनर ओबरबाउर और हेंज रेगेले का कहना है कि अगर समय रहते हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को पहचान लिया जाए तो इसका इलाज किया जा सकता है और किडनी को खराब होने से बचाया जा सकता है।<br><br><strong>क्या कहती है स्टडी?</strong><br>यह स्टडी ‘Hypertension’ नामक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई है। इसमें 99 मरीजों के किडनी टिशू का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें कुछ को हाई ब्लड प्रेशर और टाइप 2 डायबिटीज थी, जबकि कुछ पूरी तरह से स्वस्थ थे। शोधकर्ताओं ने इन मरीजों के किडनी के टिश्यूज का विश्लेषण विशेष इमेजिंग तकनीक और कंप्यूटर से किया है।<br><br><strong>डीप-लर्निंग एल्गोरिदम का इस्तेमाल</strong><br>इस स्टडी में पोडोसाइट्स और ग्लोमेरुली की संरचना और घनत्व को मापने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डीप-लर्निंग एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया गया। इस प्रक्रिया में, टिशू के डिजिटल सेक्शन को खुद से विश्लेषित किया गया और किडनी की सूक्ष्म संरचना को समझा गया।<br><br>स्टडी के प्रमुख लेखक क्रिस्टोफर पासचेन ने बताया कि हाई बीपी वाले मरीजों में पोडोसाइट्स की संख्या बेहद कम पाई गई, जबकि उनकी कोशिकाओं के सेल न्यूक्लियस का आकार बढ़ा हुआ था। इससे पता चलता है कि हाई बीपी अपने आप किडनी को नुकसान पहुंचाने में सक्षम है। उन्होंने यह भी बताया कि यह नुकसान काफी पहले शुरू हो जाता है, जब तक मरीज को कोई लक्षण महसूस भी नहीं होते।<br><br>किडनी का काम शरीर से टॉक्सिन्स और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना है। जब ब्लड प्रेशर बढ़ता है, तो किडनी के छोटे-छोटे ब्लड वेसेल्स पर दबाव पड़ता है, जिससे किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती है। लंबे समय तक हाई बीपी रहने से किडनी धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है और इससे क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) का खतरा बढ़ जाता है।<br><br><strong>हाई बीपी को कैसे कंट्रोल करें?</strong><br>नियमित रूप से ब्लड प्रेशर को मॉनिटर करें। अगर हाई बीपी है, तो इसे कंट्रोल में रखना जरूरी है। संतुलित आहार, नमक कम खाना, नियमित व्यायाम और तनाव न लेने से हाई बीपी कंट्रोल किया जा सकता है। अगर परिवार में किसी को किडनी से जुड़ी समस्या रही हो तो समय-समय पर किडनी की जांच करानी चाहिए। अगर हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय से बना हुआ है तो डॉक्टर से जरूर मिलें।]]> </content:encoded>
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<title>त्योहारों में निखार: फहद सुल्तान के नुस्खे से चेहरा चमकाएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/natural-beauty-remedies-for-festivals-get-glowing-skin-for-navratri-eid</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में, कंटेंट क्रिएटर फहद सुल्तान द्वारा बताए गए एक प्राकृतिक फेस पैक के बारे में जानकारी दी गई है, जिसका उपयोग किसी भी त्योहार पर चेहरे को चमकदार बनाने के लिए किया जा सकता है। यह फेस पैक आलू, टमाटर, नींबू, दही, मुल्तानी मिट्टी और बेसन जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से बनाया जाता है, जो त्वचा को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। लेख में, आलू और टमाटर के त्वचा के लिए फायदों के बारे में बताया गया है, जैसे कि आलू दाग-धब्बों को कम करता है और टमाटर त्वचा को हाइड्रेट और चमकदार बनाता है। फेस पैक बनाने की विधि में, सभी सामग्रियों को मिलाकर चेहरे पर 10-15 मिनट के लिए लगाना और फिर धोना शामिल है। यह फेस पैक ईद और नवरात्रि जैसे त्योहारों के दौरान त्वचा को निखारने में मदद करता है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:19:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Natural beauty remedies, Festivals, Fahad Sultan, Navratri, Eid, Glowing skin, Face pack, Potato, Tomato, Multani mitti, Besan, चेहरा, त्योहार, निखार, त्वचा, नुस्खा, दाग-धब्बे, हाइड्रेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[त्योहारों के मौसम में हर कोई चाहता है कि उनकी त्वचा हमेशा खूबसूरत और चमकदार बनी रहे। अक्सर लोग केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जो त्वचा को रूखा और बेजान बना सकते हैं।<br><br>इसलिए, कंटेंट क्रिएटर फहद सुल्तान ने एक खास फेस पैक नुस्खा बताया है। इस फेस पैक के इस्तेमाल से चेहरे के दाग-धब्बे कम होते हैं और त्वचा में निखार आता है। ईद से लेकर नवरात्रि तक, यह नुस्खा हर त्योहार में त्वचा को सुंदर बनाने के लिए उपयोगी है।<br><br>यह फेस पैक आलू, टमाटर और मुल्तानी मिट्टी जैसी प्राकृतिक चीजों से बनाया जाता है, जो त्वचा को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं। आलू त्वचा के दाग-धब्बों को कम करता है, जबकि टमाटर त्वचा को हाइड्रेट और चमकदार बनाता है।<br><br><b>फेस पैक बनाने की सामग्री:</b><br><ul><li>आलू - 1</li><li>टमाटर - 1</li><li>नींबू - 1/2</li><li>दही - 1 चम्मच</li><li>मुल्तानी मिट्टी - 1 चम्मच</li><li>बेसन - 1 चम्मच</li></ul><br><b>फेस पैक बनाने की विधि:</b><br>सबसे पहले आलू और टमाटर का रस निकाल लें। फिर, एक कटोरी में आलू और टमाटर का रस, नींबू, दही, मुल्तानी मिट्टी और बेसन डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 10-15 मिनट बाद धो लें।<br><br>इस फेस पैक से त्वचा में निखार आता है, डार्क स्पॉट्स कम होते हैं, और त्वचा चमकदार बनती है।]]> </content:encoded>
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<title>रिश्तों में दरार: इन गलतियों से बचें</title>
<link>https://pratinidhi.in/relationship-mistakes-that-can-lead-to-breakup</link>
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<description><![CDATA[ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्तों में गलतफहमियां और झगड़े आम हैं, क्योंकि कपल्स एक दूसरे को समय नहीं दे पाते, जिससे दूरियां बढ़ने लगती हैं। रिश्ते में विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है, शक करने से रिश्ता कमजोर होता है। एक दूसरे को समय न देने से रिश्ता कमजोर होता है, इसलिए साथ में वक्त बिताना जरूरी है। बातचीत न होने से दूरियां बढ़ती हैं, इसलिए अपनी बातें शेयर करना महत्वपूर्ण है। पार्टनर को बदलने की कोशिश न करें, उन्हें वैसे ही स्वीकार करें जैसे वे हैं। झगड़ों को लंबा न खींचें, उन्हें सुलझा लें। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:10:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Relationship mistakes, Breakup</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्तों में गलतफहमियां और झगड़े आम हैं।</strong> कपल्स एक दूसरे को समय नहीं दे पाते, जिससे दूरियां बढ़ने लगती हैं। कुछ गलतियां ऐसी होती हैं जो रिश्ते को तोड़ देती हैं।<br><br><strong>विश्वास की कमी:</strong> रिश्ते में विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। शक करने से रिश्ता कमजोर होता है।<br><br><strong>समय की कमी:</strong> एक दूसरे को समय न देने से रिश्ता कमजोर होता है। साथ में वक्त बिताना जरूरी है।<br><br><strong>बातचीत की कमी:</strong> बातचीत न होने से दूरियां बढ़ती हैं। अपनी बातें शेयर करना महत्वपूर्ण है।<br><br><strong>बदलने की चाह:</strong> पार्टनर को बदलने की कोशिश न करें, उन्हें वैसे ही स्वीकार करें जैसे वे हैं।<br><br><strong>झगड़े को खींचना:</strong> झगड़ों को लंबा न खींचें, उन्हें सुलझा लें।]]> </content:encoded>
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<title>सेहत और सौंदर्य के लिए अनार के जूस के फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/benefits-of-pomegranate-juice-for-health-and-beauty</link>
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<description><![CDATA[ अनार का जूस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह पाचन शक्ति बढ़ाता है, हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा है, वजन कम करने में मदद करता है, कैंसर से बचाव कर सकता है, त्वचा की रंगत निखारता है, और इम्युनिटी को मजबूत बनाता है। गर्मी में रोजाना एक गिलास अनार का जूस पीने से सेहत और त्वचा दोनों को फायदे मिलते हैं। इसमें विटामिन-सी भी होता है, जो डार्क स्पॉट्स और सन डैमेज से बचाव करता है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:10:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अनार, जूस, सेहत, त्वचा, हार्ट, वजन, कैंसर, इम्युनिटी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अनार का जूस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। अनार खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है, और गर्मी में रोजाना एक गिलास अनार का जूस पीने से सेहत और त्वचा दोनों को फायदे मिलते हैं।

<strong>हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद</strong><br>अनार का जूस हार्ट हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह सीने की जलन को कम कर सकता है और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण हार्ट को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे दिल सेहतमंद रहता है।

<strong>वेट लॉस में फायदेमंद</strong><br>अनार का जूस वजन कम करने में मददगार है। इसमें पॉलीफेनोल्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाते हैं और फैट बर्न करने में मदद करते हैं। यह भूख को दबाकर लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है।

<strong>कैंसर से करे बचाव</strong><br>अनार का जूस कैंसर के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। इसमें एंटी कैंसर गुण होते हैं, जो कैंसर सेल्स को खत्म कर सकते हैं।

<strong>रंगत भी निखारे</strong><br>अनार का जूस त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। इसमें विटामिन-सी होता है, जो डार्क स्पॉट्स और सन डैमेज से बचाव करता है। साथ ही, इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं।

<strong>इम्युनिटी मजबूत बनाता है</strong><br>अनार के जूस में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो फ्री रेडिकल डैमेज को कम करके इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इससे इन्फेक्शन का खतरा कम होता है।]]> </content:encoded>
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<title>नवरात्रि रंगोली: 2 आसान डिजाइन जो त्योहार को बना देंगे खास</title>
<link>https://pratinidhi.in/navratri-rangoli-2-easy-designs-that-will-make-the-festival-special</link>
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<description><![CDATA[ चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू हो रही है, जिसमें माता के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। इस दौरान रंगोली बनाने का विशेष महत्व है, क्योंकि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है। नवरात्रि में माता के चरणों और उनके चेहरे की रंगोली बनाना शुभ माना जाता है। फूलों और स्वास्तिक से सजी रंगोली भी बनाई जा सकती है, जो घर को प्राकृतिक और आकर्षक बनाती है। नौ देवियों के चरणों को फूलों के अंदर बनाकर रंगोली को और भी विशेष बनाया जा सकता है। इन रंगोली डिज़ाइनों से त्योहार का महत्व और भी बढ़ जाता है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:05:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Navratri, Rangoli, Chaitra Navratri, Rangoli Designs, Festival, Indian Culture</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[चैत्र नवरात्रि के लिए सर्वश्रेष्ठ और महत्वपूर्ण रंगोली डिजाइन: <b>नवरात्रि</b> के दौरान आप कितनी भी सुंदर रंगोली क्यों न बना लें, कुछ खास डिज़ाइनों के बिना सब कुछ अधूरा लगता है, जबकि उन्हें बनाने में ज़्यादा समय भी नहीं लगता। साल 2025 की चैत्र नवरात्रि 30 मार्च, रविवार से शुरू हो रही है। इन नौ दिनों में, 7 अप्रैल तक माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाएगी। पहले दिन, कलश स्थापना और ज्वारे बोने के साथ-साथ रंगोली भी बनाई जाएगी। कई लोग माँ को प्रसन्न करने और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए पूरे नौ दिनों तक रंगोली बनाते हैं, क्योंकि हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि रंगोली बनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।<br><br>वैसे तो किसी भी त्योहार पर रंगोली बनाने से घर की सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं, लेकिन हर त्योहार के लिए अलग-अलग रंगोली बनाना ज़रूरी है, ताकि पता चले कि कौन सा त्योहार है। नवरात्रि के दिनों में, रंगोली बनाते समय लोग बेहतर और खूबसूरत रंगोली बनाने के चक्कर में ज़रूरी रंगोली बनाना भूल जाते हैं, जबकि इन रंगोली के बिना नवरात्रि का त्योहार अधूरा रहता है। तो चलिए, हम आपको बताते हैं कि वे कौन सी रंगोली हैं जिन्हें बनाना ज़रूरी है।<br><br><b>माता के चरण बनाना सबसे ज़रूरी:</b><br><br>नवरात्रि में रंगोली बनाने के लिए माता के चरणों से बेहतर कोई डिज़ाइन नहीं हो सकती। रंगोली के रूप में माता के चरण बनाना बहुत शुभ माना जाता है। आप चाहें तो सरल तरीके से माता के चरण बनाकर उनके आस-पास एक-दो फूल बना सकते हैं। इस तरह की रंगोली बनाने में कम समय लगता है। या फिर माता के चरणों के साथ एक खूबसूरत डिज़ाइन बनाने के लिए, पहले किसी चीज़ से एक गोल घेरा बनाएँ। अपनी पसंद के रंग से भरने के बाद, अंदर माता के चरण बनाएँ। रंगोली को और बढ़ाने के लिए, घेरे की परतें बढ़ाएँ और उनमें फूलों के पैटर्न की डिज़ाइन बनाएँ।<br><br><b>माता का चेहरा भी बनाना चाहिए:</b><br><br>माता के चरणों के बाद, आपको रंगोली के अंदर उनका चेहरा भी बनाना चाहिए। दरअसल, नवरात्रि के अवसर पर माँ दुर्गा का चेहरा रंगोली में बनाने से यह पता चलता है कि किस त्योहार के लिए कौन सी रंगोली बनाई गई है। इस तरह की रंगोली बनाने के लिए, आप एक घेरा बनाने के बाद साँचे की मदद से माता का चेहरा बना सकते हैं। रंगोली को आसान तरीके से पूरा करने के लिए, परतों में घेरे बनाकर उन्हें भर दें। चाहें तो कुछ फूल बनाकर रंगोली की सुंदरता को बढ़ा सकते हैं। हालाँकि, ध्यान रखें कि माता के चेहरे की रंगोली उस जगह पर बनाएँ जहाँ गलती से भी किसी का पैर न पड़े।<br><br><b>फूलों वाली रंगोली लगेगी खास:</b><br><br>त्योहारों पर घर और मंदिर की सजावट में फूल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए नवरात्रि के अवसर पर फूलों की रंगोली बनाना भी ज़रूरी हो जाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि अलग-अलग खूबसूरत और रंगीन फूलों से बनी रंगोली घर को प्राकृतिक एहसास देती है। आसान तरीके से रंगोली बनाने के लिए, गेंदा और गुलाब जैसे दो फूलों से भी खूबसूरत डिज़ाइन बनाए जा सकते हैं।<br><br><b>स्वास्तिक वाली रंगोली लगेगी खूबसूरत:</b><br><br>नवरात्रि के त्योहार पर आप रंगोली के अंदर स्वास्तिक भी बना सकते हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं। एक घेरा बनाने के बाद उसके अंदर कोई रंग भर दें, और फिर सफ़ेद रंग से स्वास्तिक बना दें। चाहें तो बॉक्स पैटर्न की रंगोली के अंदर भी स्वास्तिक बनाकर इसे अनोखा और खूबसूरत दिखा सकते हैं।<br><br><b>फूलों के अंदर बना सकते हैं 9 देवियों के चरण:</b><br><br>अगर आप चाहते हैं कि आपकी रंगोली सबसे अलग और खूबसूरत हो, तो आप कुछ नया आज़मा सकते हैं। दरअसल, एक बड़ी रंगोली बनाकर उसमें 9 फूल बना दें। इन फूलों के अंदर आप नौ देवियों के छोटे-छोटे चरण बना सकते हैं। इससे आपकी रंगोली सबसे अच्छी दिखेगी, और खास बात यह है कि माता के चरणों के बिना रंगोली अधूरी भी नहीं रहेगी।]]> </content:encoded>
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<title>खर्राटों से पाएं राहत: 3 आसान एक्सरसाइज</title>
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<description><![CDATA[ खर्राटे एक आम समस्या है जिससे नींद खराब होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे वजन बढ़ना, एलर्जी, या गलत तरीके से सोना। खर्राटों से स्लीप एपनिया, हृदय रोग, डायबिटीज और स्ट्रोक जैसी बीमारियां हो सकती हैं। जीभ, गले और सांस लेने की एक्सरसाइज से खर्राटों को कम किया जा सकता है। शहद, हल्दी और प्याज जैसे खाद्य पदार्थ भी खर्राटों से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:05:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>खर्राटे, एक्सरसाइज, नींद, शहद, हल्दी, प्याज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सोते समय खर्राटे: कारण, खतरे और आसान उपाय</strong><br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खर्राटे एक आम समस्या बन गई है, जिससे पीड़ित व्यक्ति के साथ-साथ उनके आस-पास सोने वालों को भी परेशानी होती है। खर्राटों को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है, लेकिन कुछ आसान एक्सरसाइज और घरेलू उपायों से इसे कम किया जा सकता है।<br><br><strong>खर्राटे आने के कारण:</strong><br><ul><li>वजन बढ़ने से गले और गर्दन के आसपास चर्बी जमा होना।</li><li>एलर्जी, सर्दी-जुकाम या साइनस के कारण नाक बंद होना।</li><li>पीठ के बल सोना।</li><li>शराब और सिगरेट का सेवन।</li></ul><br><strong>खर्राटों से होने वाली बीमारियां:</strong><br><ul><li>स्लीप एपनिया</li><li>दिल की बीमारी का खतरा</li><li>डायबिटीज</li><li>स्ट्रोक</li></ul><br><strong>खर्राटों से छुटकारा पाने के लिए एक्सरसाइज:</strong><br><ul><li><strong>जीभ की एक्सरसाइज:</strong> जीभ को बाहर निकालकर 10 सेकंड तक पकड़ें, दिन में 10-15 बार दोहराएं।</li><li><strong>गले की एक्सरसाइज:</strong> आ, ई, ऊ का उच्चारण 5 मिनट तक दोहराएं।</li><li><strong>सांस लेने की एक्सरसाइज:</strong> मुंह बंद करके नाक से गहरी सांस लें।</li></ul><br><strong>खर्राटों से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय:</strong><br><ul><li><strong>शहद:</strong> रात को सोने से पहले गर्म पानी या दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पिएं।</li><li><strong>हल्दी:</strong> रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं।</li><li><strong>प्याज:</strong> रात को खाना खाने से पहले प्याज का सेवन करें।</li></ul>]]> </content:encoded>
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<title>कीवी के छिलके: वजन घटाने का चमत्कारी उपाय</title>
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<description><![CDATA[ एक अमेरिकन रिसर्च में पाया गया है कि कीवी के छिलकों में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पेट की चर्बी को तेजी से कम करने में मदद करते हैं। ये शरीर को डिटॉक्स करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं। कीवी के छिलके में पॉलीफेनोल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो फैट सेल्स को तोड़ते हैं, पेट फूलना कम करते हैं, और इंसुलिन के स्तर को संतुलित करते हैं। इन्हें स्मूदी या जूस में मिलाकर सेवन किया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:05:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कीवी के छिलके, वजन घटाना, अमेरिकन रिसर्च, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, मेटाबॉलिज्म, पेट की चर्बी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>कीवी के छिलके: वजन घटाने का एक नया तरीका</b><br><br>आजकल, लोग स्वस्थ जीवनशैली की ओर बढ़ रहे हैं और सुपरफूड्स को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। कीवी उनमें से एक है। यह न केवल स्वाद में अच्छा है, बल्कि इसके छिलकों में भी कई गुण हैं। <br><br>हाल ही में, एक अमेरिकी शोध में पाया गया है कि कीवी के छिलके खाने से पेट की चर्बी तेजी से कम हो सकती है और भूख भी कम लगती है। नई दिल्ली के जनरल फिजिशियन डॉ. सुरेंद्र कुमार के अनुसार, ज्यादातर लोग कीवी के छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को डिटॉक्स करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाते हैं। <br><br>यह उन लोगों के लिए एक आसान उपाय हो सकता है जो पेट की चर्बी से परेशान हैं। कीवी के छिलकों में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। <br><br>कीवी के छिलके में मौजूद पॉलीफेनोल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में जमा फैट सेल्स को तोड़ने में मदद करते हैं। यह पेट फूलना और सूजन को कम करता है, और धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है। यह शरीर में इंसुलिन के स्तर को भी संतुलित करता है, जिससे अचानक लगने वाली भूख कम हो जाती है। कीवी के छिलकों को स्मूदी, शेक या जूस में मिलाकर खाया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>चिकमगलूर: कर्नाटक का शांत हिल स्टेशन</title>
<link>https://pratinidhi.in/chikkamagaluru-karnataka-hill-station-travel-guide</link>
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<description><![CDATA[ चिकमगलूर कर्नाटक का एक खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो गर्मियों में घूमने के लिए आदर्श है। यह अपने शांत वातावरण, कॉफी के बागानों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है। यहां मुल्लायनगिरी पर्वत, बाबा बुदनगिरी हिल्स और हेब्बे फॉल्स जैसे कई दर्शनीय स्थल हैं। चिकमगलूर को &#039;कर्नाटक का कॉफी लैंड&#039; भी कहा जाता है और यहां कॉफी संग्रहालय में कॉफी बनाने की प्रक्रिया को देखा जा सकता है। मार्च से जून तक का समय यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:02:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चिकमगलूर, कर्नाटक, हिल स्टेशन, पर्यटन, मुल्लायनगिरी, बाबा बुदनगिरी, कॉफी बागान, एडवेंचर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में सुकून बिताने के लिए कर्नाटक का चिकमगलूर एक बेहतरीन विकल्प है। यहां का मौसम, कॉफी के बागान और प्राकृतिक सौंदर्य इसे खास बनाते हैं। घूमने का सबसे अच्छा समय मार्च से जून है।

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों में लोग अक्सर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जाते हैं, लेकिन वहां भीड़ बहुत होती है। चिकमगलूर कर्नाटक में एक शांत हिल स्टेशन है, जहां समुद्र, पहाड़ और हरियाली का संगम है। इसे 'कर्नाटक का कॉफी लैंड' भी कहते हैं।

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चिकमगलूर समुद्र तल से 3,400 फीट ऊपर है और यहां साल भर मौसम सुहावना रहता है। यह नेचर और एडवेंचर प्रेमियों दोनों के लिए परफेक्ट है। यहां ट्रैकिंग, कैंपिंग और वाइल्डलाइफ सफारी का आनंद लिया जा सकता है।

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<b>मुल्लायनगिरी पर्वत:</b> यहां ट्रैकिंग का अनुभव शानदार होता है। यह पर्वत 1,930 मीटर ऊंचा है और यहां से चारों ओर का दृश्य बहुत सुंदर दिखता है। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त देखना अद्भुत है।

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<b>बाबा बुदनगिरी हिल्स:</b> यह एक धार्मिक स्थल है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। यहां दत्तात्रेय पीठ और बाबा बुदन दरगाह हैं, जो हिंदू और मुस्लिम दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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<b>हेब्बे फॉल्स:</b> यह झरना हरे-भरे जंगलों के बीच में है और इसके पानी में औषधीय गुण माने जाते हैं।

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<b>कॉफी संग्रहालय:</b> चिकमगलूर कॉफी के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। इस संग्रहालय में कॉफी बनाने की प्रक्रिया को करीब से देखा जा सकता है।

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गर्मी में, मार्च से जून के बीच यहां का तापमान 15 से 25 डिग्री सेल्सियस रहता है, जो इसे एक आदर्श हिल स्टेशन बनाता है।]]> </content:encoded>
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<title>तनाव से माइग्रेन: 5 आसान उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/can-stress-trigger-migraine-manage-headache-with-these-5-ways</link>
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<description><![CDATA[ माइग्रेन मानसिक तनाव और गलत खानपान के कारण हो सकता है, खासकर गर्मी में इसका खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए तनाव कम करना जरूरी है। हेल्‍दी खाना खाएं और पर्याप्‍त नींद लें। माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक तरफ तेज दर्द होता है। तनाव में शरीर में हार्मोन र‍िलीज होते हैं, ज‍िससे माइग्रेन अटैक की आशंका बढ़ जाती है। तनाव कम करने के ल‍िए मेड‍िटेशन, एक्‍सरसाइज और योग करें। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 12:08:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>migraine, stress, headache, yoga, exercise, sleep, diet</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>क्‍या तनाव से माइग्रेन बढ़ सकता है? इन 5 तरीकों से स‍िरदर्द से पाएं राहत</strong><br><br>माइग्रेन, मानसिक तनाव और गलत खानपान की वजह से भी हो सकता है। गर्मी के मौसम में माइग्रेन का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तनाव लेने से बचना चाहिए। हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिनसे आप तनाव से बच सकते हैं और माइग्रेन की समस्‍या को भी कम कर सकते हैं।<br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास हेल्‍दी चीजें खाने और पर्याप्‍त नींद लेने का समय नहीं है। जिसकी वजह से उन्‍हें कई तरह की बीमार‍ियां हो रही हैं। इसका सीधा असर उनके द‍िमाग पर पड़ता है और वे तनाव का श‍िकार हो जाते हैं। माइग्रेन भी इनमें से एक है। कुछ लोगों को लगातार स‍िरदर्द की समस्‍या होती है, जो घंटों या दिनों तक बनी रहती है। ऐसे में स‍िरदर्द माइग्रेन का संकेत हो सकता है। इसलिए इसे हल्‍के में नहीं लेना चाहिए।<br><br>माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल समस्‍या है, ज‍िसमें स‍िर के एक तरफ तेज दर्द होता है। कई बार यह दर्द इतना ज्‍यादा होता है क‍ि लोग क‍िसी काम पर फोकस नहीं कर पाते। रिसर्च के अनुसार, जब कोई व्‍यक्‍त‍ि तनाव में होता है, तो उसके शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन ज्‍यादा र‍िलीज होते हैं। ये हार्मोन ब्‍लड वेसेल्‍स को प्रभाव‍ित करते हैं, ज‍िससे द‍िमाग में ब्‍लड फ्लो प्रभाव‍ित होता है और माइग्रेन अटैक की आशंका बढ़ जाती है।<br><br><strong>माइग्रेन से बचने के उपाय:</strong><br><ul><li>तनाव कम करने के ल‍िए मेड‍िटेशन, डीप ब्रीद‍िंग और योग करें।</li><li>न‍ियम‍ित रूप से हल्‍की एक्‍सरसाइज करें।</li><li>पर्याप्‍त नींद लें।</li><li>कैफीन और प्रोसेस्‍ड फूड से बचें।</li><li>लैपटॉप और मोबाइल स्‍क्रीन से ब्रेक लें।</li></ul>]]> </content:encoded>
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<title>गर्मी में यात्रा: सेहत का ख्याल</title>
<link>https://pratinidhi.in/travel-tips-for-staying-fit-and-fine-while-travelling-in-summer</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में यात्रा करते समय सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। हाइड्रेटेड रहने के लिए खूब पानी पिएं और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें। हल्का और पौष्टिक भोजन करें, तैलीय भोजन से बचें और फल, सलाद जैसे स्वस्थ स्नैक्स चुनें। ढीले कपड़े पहनें और सनस्क्रीन का उपयोग करें। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें और चाय-कॉफी का सेवन कम करें। भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, एयर कंडीशनिंग में समय बिताएं और ठंडे पानी से नहाएं। इन सुझावों का पालन करके आप अपनी यात्रा को यादगार और स्वस्थ बना सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 12:06:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गर्मी, ट्रैवल, सेहत, हाइड्रेट, पौष्टिक खाना, ढीले कपड़े, धूप, चाय-कॉफी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में यात्रा करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तेज धूप से चक्कर आना और पेट खराब होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि आप गर्मी में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं कि आप यात्रा करते समय अपनी सेहत का ख्याल कैसे रख सकते हैं।<br><br><b>हाइड्रेटेड रहें:</b><br>गर्मी में यात्रा करते समय डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पिएं। हर आधे घंटे में पानी पीने की कोशिश करें और अपने साथ पानी की बोतल रखें। नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय भी आपको हाइड्रेटेड रखने में मदद कर सकते हैं।<br><br><b>हल्का और पौष्टिक भोजन करें:</b><br>तैलीय भोजन से बचें, क्योंकि इससे एसिडिटी और कब्ज हो सकती है। फल, सलाद और नट्स जैसे स्वस्थ स्नैक्स चुनें। बाहर का खाना खाते समय स्वच्छता का ध्यान रखें।<br><br><b>ढीले कपड़े पहनें:</b><br>अपनी त्वचा को सूरज से बचाने के लिए ढीले, हल्के कपड़े पहनें। सनबर्न और टैनिंग से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। धूप में गॉगल्स, हैट या स्कार्फ पहनें।<br><br><b>धूप में कम समय बिताएं:</b><br>सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। यदि आपको बाहर जाना है, तो छाता लेकर जाएं।<br><br><b>चाय और कॉफी से बचें:</b><br>चाय और कॉफी में कैफीन होता है, जो डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है।<br><br><b>अन्य सुझाव:</b><br>भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, एयर कंडीशनिंग में समय बिताएं और ठंडे पानी से नहाएं।]]> </content:encoded>
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<title>गर्मी में Sun Melon: हेल्‍दी हार्ट और वेट लॉस के लिए इसके फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/sun-melon-benefits-for-healthy-heart-and-weight-loss-in-summer</link>
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<description><![CDATA[ गर्मी में सन मेलन का सेवन शरीर को हाइड्रेटेड रखने और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने का एक शानदार तरीका है। इसमें 90% पानी होता है, जो डिहाइड्रेशन से बचाता है। पोटैशियम और एडिनोसिन हृदय को स्वस्थ रखते हैं, फाइबर वजन घटाने में मदद करता है, और पाचन क्रिया को सुधारता है। विटामिन A और C से भरपूर, यह फल इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और त्वचा और आंखों के लिए भी फायदेमंद है। पीरियड्स के दर्द से राहत और गर्भावस्था में फोलिक एसिड की कमी को पूरा करने में भी सहायक। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 11:47:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Sun Melon, Health Benefits, Summer Fruits, Weight Loss, Heart Health, Digestion</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मी के मौसम में सन मेलन (सरदा) का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह फल शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ-साथ कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। <strong>सन मेलन में लगभग 90% पानी होता है</strong>, जो शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाता है।<br><br><strong>सन मेलन में एडिनोसिन और पोटैशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं</strong>, जो हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। पोटैशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है, जबकि एडिनोसिन रक्त के थक्के जमने से रोकता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है।<br><br>अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो सन मेलन आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। <strong>इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है और कैलोरी कम होती है</strong>, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन कम करने में मदद मिलती है।<br><br>सन मेलन पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखने में मदद करता है। <strong>इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है</strong>, जो पाचन क्रिया को सुधारती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है।<br><br>सन मेलन विटामिन A, C और पोटैशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। <strong>विटामिन C इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है</strong>, जबकि विटामिन A त्वचा और आंखों के लिए फायदेमंद होता है।<br><br>पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन से राहत पाने के लिए भी सन मेलन का सेवन किया जा सकता है। <strong>यह गर्भावस्था में फोलिक एसिड की कमी को पूरा करने में भी सहायक है</strong>।]]> </content:encoded>
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<title>वजन घटाने वाली दवाओं का खतरा: एक्सपर्ट्स की राय</title>
<link>https://pratinidhi.in/can-weight-loss-drugs-mounjaro-cause-harm-experts-advice</link>
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<description><![CDATA[ मोटापे की समस्या से निपटने के लिए भारत में मौनजारो नामक नई दवा लॉन्च की गई है। अमेरिकी कंपनी Eli Lilly द्वारा निर्मित, यह दवा डायबिटीज और वजन घटाने में सहायक है। मैक्स हेल्थकेयर के डॉ. अम्बरीश मिथल के अनुसार, यह GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट्स समूह की है, जो पहले डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होती थी। अब भारत में उपलब्ध होने से यह दवा सस्ती होगी, लेकिन इसका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए। डॉ. मिथल ने स्वस्थ जीवनशैली और व्यायाम पर भी जोर दिया। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 17:00:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>obesity, weight loss, Mounjaro, diabetes, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मोटापे की समस्या आजकल आम हो गई है, जिससे दुनियाभर में कई लोग प्रभावित हैं। यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है, जिससे लोग अपने वजन को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं। कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी वजन कम नहीं होता। इसलिए, भारत में मोटापे को कम करने वाली दवाएँ लॉन्च की गई हैं।
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हाल ही में, अमेरिकी दवा कंपनी Eli Lilly ने भारत में अपनी डायबिटीज और वजन घटाने वाली दवा मौनजारो (Mounjaro) को लॉन्च किया है। यह दवा साप्ताहिक रूप से ली जाती है और इससे वजन घटाने में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। मौनजारो के 5 MG vial की कीमत 4,375 रुपये और 2.5 MG vial की कीमत 3,500 रुपये होगी।
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मौनजारो टिरज़ेपेटाइड (Tirzepatide) नामक सक्रिय तत्व से बनी है। यह एक नई पीढ़ी की दवा है जो मोटापे और डायबिटीज की समस्या से निजात दिलाने में प्रभावी है। मैक्स हेल्थकेयर में एंडोक्राइनोलॉजी एवं डायबिटीज के चेयरमैन डॉ. अम्बरीश मिथल ने मोटापे को कम करने वाली दवाओं पर बात की।
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डॉ. मिथल ने बताया कि मोटापा कम करने के लिए कई दवाएँ बनाई गई हैं, लेकिन ज़्यादातर दवाएँ लंबे समय तक प्रभावी नहीं रहीं। GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट्स नामक दवाओं ने नई उम्मीद जगाई है। पहले इनका इस्तेमाल डायबिटीज के इलाज के लिए होता था, लेकिन बाद में पता चला कि ये मोटापा कम करने में भी कारगर हैं।
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इन दवाओं में सेमाग्लूटाइड (Ozempic और Wegovy) और टिर्जेपाटाइड (Mounjaro) सबसे ज़्यादा चर्चित हैं। पहले ये दवाएँ विदेशों से मंगवानी पड़ती थीं, जो महंगी होती थीं, लेकिन अब ये भारत में भी उपलब्ध होंगी और कम कीमत पर मिलेंगी।
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डॉ. मिथल ने यह भी कहा कि इन दवाओं का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। ये दवाएँ केवल उन्हीं लोगों के लिए हैं जिनका वजन बहुत ज़्यादा है और इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है। इन दवाओं को सिर्फ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट या योग्य डॉक्टर की देखरेख में ही लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वजन कम करने के लिए सबसे पहले अपनी जीवनशैली में बदलाव करें, स्वस्थ आहार लें, नियमित व्यायाम करें और डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा न लें।]]> </content:encoded>
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<title>जेली कंडीशनर: घर पर बनाएं और पाएं सिल्की बाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/jelly-conditioner-make-at-home-and-get-silky-hair</link>
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<description><![CDATA[ घर पर नेचुरल हेयर कंडीशनर बनाने का तरीका अपनाएं और पाएं सिल्की, शाइनी बाल। बाजार के कंडीशनर में केमिकल होने से बाल झड़ते हैं, जबकि गोंद कतीरा और गुड़हल जैसे आयुर्वेदिक तत्व बालों को मजबूती, चमक और ग्रोथ देते हैं। इस कंडीशनर को बनाने के लिए गुड़हल के फूल, फ्लैक्स सीड्स, गोंद कतीरा और रोज बायो एंजाइम का उपयोग करें। फूलों और बीजों को भिगोकर, पीसकर और छानकर पेस्ट बनाएं। हेयर वॉश के बाद इस कंडीशनर का इस्तेमाल करें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 16:56:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हेयर कंडीशनर, आयुर्वेदिक कंडीशनर, सिल्की बाल, शाइनी बाल, घरेलू नुस्खा, गोंद कतीरा, गुड़हल के फूल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>जेली कंडीशनर: घर पर बनाएं और पाएं सिल्की बाल</strong><br><br>आजकल हर कोई अपने बालों को सिल्की और शाइनी बनाना चाहता है। इसके लिए लोग बाजार में मिलने वाले कई तरह के कंडीशनर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, इन कंडीशनर में केमिकल होने की वजह से बाल झड़ने लगते हैं। ऐसे में घर पर बना नेचुरल कंडीशनर आपके बालों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।<br><br>इस लेख में हम आपको आयुर्वेदिक कंडीशनर बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं। इस कंडीशनर को बनाने के लिए गोंद कतीरा और गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल किया जाता है। ये दोनों ही चीजें बालों के लिए बहुत अच्छी होती हैं। गोंद कतीरा बालों को मजबूत बनाता है और उन्हें घना और चमकदार बनाता है। वहीं, गुड़हल के फूल बालों की ग्रोथ को बढ़ाते हैं और उन्हें यूवी रेज से बचाते हैं।<br><br><strong>कंडीशनर बनाने के लिए आपको चाहिए:</strong><br><ul><li>गुड़हल के फूल- 15</li><li>फ्लैक्स सीड्स- 2 चम्मच</li><li>पानी- 1 गिलास (350ml)</li><li>गोंद कतीरा- 1 चम्मच</li><li>रोज बायो एंजाइम- 1 चम्मच</li></ul><br><strong>कंडीशनर बनाने का तरीका:</strong><br><ol><li>सबसे पहले गुड़हल के फूलों की पंखुड़ियों को अलग कर लें और उन्हें पानी में भिगो दें।</li><li>इसके बाद फ्लैक्स सीड्स को भी पानी में डालकर 24 घंटे के लिए भिगो दें।</li><li>अगले दिन फूलों वाले पानी को छानकर अलग कर लें।</li><li>अब फूलों, बीजों और भीगी हुई गोंद कतीरा को एक साथ मिक्सी में डालकर पीस लें।</li><li>इसमें रोज बायो एंजाइम भी डालें।</li><li>तैयार पेस्ट को फूलों वाले पानी में डालकर अच्छी तरह मिला लें।</li><li>अब इस पानी को छानकर एक अलग बाउल में जमा कर लें।</li></ol><br>ये कंडीशनर आपके बालों को चमकदार बनाने के लिए तैयार है। जब भी आप हेयर वॉश करें तो इस कंडीशनर का इस्तेमाल जरूर करें।]]> </content:encoded>
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<title>&amp;apos;इससे अच्छा कुत्ते वॉक करते हैं&amp;apos;, काले कपड़ों में मलाइका को देख लोगों ने किए भद्दे कमेंट, आंटी कह लिए मजे</title>
<link>https://pratinidhi.in/malaika-arora-trolled-for-stealing-the-spotlight-in-black-shimmery-outfit-at-lakme-fashion-show</link>
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<description><![CDATA[ मलाइका अरोड़ा को हाल ही में लैक्मे फैशन वीक में डिजाइनर नम्रता जोशीपुरा के लिए शोस्टॉपर बनते हुए देखा गया, जहाँ उन्होंने काले रंग के चमकीले कपड़ों में रैंप वॉक किया। हालाँकि, कुछ लोगों को उनका यह अंदाज़ पसंद नहीं आया और उन्होंने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने उनकी उम्र और पहनावे को लेकर नकारात्मक टिप्पणियाँ कीं, यहाँ तक कि उनकी तुलना गली के कुत्तों की वॉक से भी कर दी। डिजाइनर नम्रता जोशीपुरा ने यह कलेक्शन खास महिलाओं के लिए बनाया था, और मलाइका ने ब्लैक टैंक टॉप और बॉडीसूट के साथ मैचिंग जैकेट पहनकर रैंप पर सबका ध्यान खींचा। उनकी फिटनेस, खूबसूरती और आत्मविश्वास की खूब चर्चा हुई, लेकिन ट्रोलिंग के कारण उनका स्टाइलिश लुक दब गया। वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों ने उनकी उम्र और फैशन सेंस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ दीं, कुछ ने प्रशंसा की तो कुछ ने आलोचना। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 13:15:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Malaika Arora, Lakme Fashion Week, Fashion, Trolling, Bollywood, Fashion Show, Black Dress</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मलाइका अरोड़ा इंडस्ट्री में अपने फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। 50 साल से ज्यादा उम्र होने के बावजूद, वह हर लुक में शानदार दिखती हैं। इस बार, जब उन्होंने रैंप पर एंट्री की, तो सभी उन्हें देखते रह गए। <br><br>मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में लैक्मे फैशन वीक चल रहा है, जहाँ कई डिज़ाइनर अपने लेटेस्ट कलेक्शन पेश कर रहे हैं। बी-टाउन की कई मशहूर हस्तियाँ शोस्टॉपर बन रही हैं। मलाइका अरोड़ा, डिज़ाइनर नम्रता जोशीपुरा के लिए शोस्टॉपर बनीं और काले, चमकीले कपड़ों में रैंप पर उतरीं। उनका आकर्षक अंदाज़ कुछ लोगों को पसंद नहीं आया और उन्होंने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। <br><br>मलाइका ने शिमरी आउटफिट में रैंप पर एंट्री की, और बढ़ती उम्र में भी उनकी शानदार वॉक को देखकर कई फैंस प्रभावित हुए, लेकिन कुछ लोगों ने भद्दे कमेंट करना शुरू कर दिया। कुछ ने उन्हें 'आंटी' कहा और कुछ ने सर्जरी की बात की, जबकि कुछ ने उनकी तुलना गली के कुत्तों की वॉक से कर दी। नम्रता ने यह कलेक्शन उन खास महिलाओं के लिए डिज़ाइन किया है जो हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। मलाइका ने बॉडी सूट के साथ जैकेट पहनकर रैंप वॉक किया और सभी का ध्यान खींचा। कुब्रा सैत ने भी अपनी चमक बिखेरी। मलाइका के स्टाइलिश लुक से ज्यादा उनके कमेंट्स की चर्चा हुई। <br><br>मलाइका ने ब्लैक टैंक टॉप के साथ बॉडीसूट पहना था और इसे मैचिंग जैकेट के साथ स्टाइल किया था। टॉप की प्लंजिंग नेकलाइन और बॉडी-हगिंग फिटिंग उनके कर्व्स को कॉम्प्लिमेंट कर रही थी। जैकेट पर बनी लहरों और सितारे शाइन कर रहे थे। 51 साल की उम्र में उनकी फिटनेस, खूबसूरती और आत्मविश्वास का संयोजन देखने लायक था। मलाइका पर हर तरह के कपड़े अच्छे लगते हैं, लेकिन काला रंग उन्हें खास तौर पर सूट करता है। उन्होंने अपने लुक को हाइलाइट करने के लिए कोई ज्वेलरी नहीं पहनी थी। काली हील्स उनके लुक को और ग्लैमरस बना रही थीं। <br><br>स्टाइल के मामले में मलाइका हमेशा आगे रहती हैं, और उनके एक्सप्रेशन और अदाएं भी कमाल के हैं। बालों को साइड पार्टिशन करके ब्रैड के साथ हाई पोनीटेल में बांधा गया था। न्यूड मेकअप में उनके शार्प फीचर्स और चेहरे के हाव-भाव उनकी हॉटनेस को बढ़ा रहे थे। लेकिन, फिर भी लोग उन्हें ट्रोल करने से पीछे नहीं हटे। मलाइका का वीडियो सामने आते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं वायरल होने लगीं। कुछ ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि वह 51 नहीं, 15 साल की लग रही हैं, जबकि कुछ ने उन्हें 'आंटी' कहकर उनका मजाक उड़ाया। हैरानी की बात यह है कि पुरुष ही नहीं, महिलाएं भी उन पर कमेंट कर रही हैं। एक यूजर ने उनकी तुलना कंगना से करते हुए कहा कि उनकी रैंप वॉक खराब थी और पीछे से वल्गर दिख रही थीं। दूसरे ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि उनकी गली के कुत्ते उनसे बेहतर वॉक करते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>एडेड शुगर: कितनी मात्रा है सही, और क्यों है ये नुकसानदायक?</title>
<link>https://pratinidhi.in/added-sugar-how-much-is-too-much-and-why-is-it-harmful</link>
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<description><![CDATA[ एडेड शुगर का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और कई बीमारियों का कारण बन सकता है। सीमित मात्रा में चीनी का सेवन ठीक है, लेकिन अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। एडेड शुगर उन शर्कराओं और सिरप को कहा जाता है जो खाद्य पदार्थों में मिठास और स्वाद बढ़ाने के लिए मिलाए जाते हैं, जिससे हृदय रोग और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं को प्रतिदिन 100 कैलोरी और पुरुषों को 150 कैलोरी से अधिक एडेड शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 13:15:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>added sugar, health risks, harvard experts, sugar consumption, diet</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[एडेड शुगर का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह कई बीमारियों का कारण बन सकता है। सीमित मात्रा में चीनी का सेवन करना ठीक है, लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।<br><br>एडेड शुगर का सेवन अनजाने में भी हो सकता है। नेचुरल शुगर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना बेहतर है, क्योंकि उनमें फाइबर, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। हार्वर्ड के अनुसार, फल, सब्जियां और साबुत अनाज मधुमेह और हृदय रोग के खतरे को कम करते हैं।<br><br>एडेड शुगर उन शर्कराओं और सिरप को कहा जाता है जो खाद्य पदार्थों में मिठास और स्वाद बढ़ाने के लिए मिलाए जाते हैं। यह प्राकृतिक चीनी से अलग होती है। एडेड शुगर के अधिक सेवन से हाई बीपी, सूजन, वजन बढ़ना, डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।<br><br>रेगुलर सॉफ्ट ड्रिंक्स, सोडा, मीठी चाय, एनर्जी ड्रिंक्स, कैंडी, आइसक्रीम और ब्रेकफास्ट सीरियल्स में एडेड शुगर होती है। एडेड शुगर के सेवन से जल्दी मौत का खतरा बढ़ जाता है। 2019 के एक अध्ययन में पाया गया कि शुगर-स्वीटन्ड सोडा पीने वालों में मरने का जोखिम अधिक होता है। इसके अलावा, यह हार्ट डिजीज और मोटापे का भी कारण बन सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, महिलाओं को प्रतिदिन 100 कैलोरी और पुरुषों को 150 कैलोरी से अधिक एडेड शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>सोच&amp;विचार की आदत: थैरेपियूटिक लेजीनेस से बिगड़ सकती है जिंदगी</title>
<link>https://pratinidhi.in/therapeutic-laziness-thinking-habit-can-spoil-life</link>
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<description><![CDATA[ आज की तेज़-रफ़्तार ज़िंदगी में लोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए ब्रेक लेते हैं, पर ये थैरेप्यूटिक लेजीनेस बन जाए तो काम से दूरी होने लगती है। डॉ. आस्तिक जोशी के मुताबिक, ये एक मानसिक जाल है, जहाँ व्यक्ति खुद को सही ठहराता है पर विकास रोकता है। इसके लक्षणों में काम टालना, ओवरथिंकिंग, और कम्फर्ट जोन से बाहर न निकलना शामिल हैं, जिससे करियर और रिश्ते प्रभावित होते हैं। इस फंदे से बचने के लिए छोटे बदलाव करें, रूटीन बनाएं, और माइंडफुलनेस का अभ्यास करें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 13:15:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>थेरेपियूटिक लेजीनेस, मानसिक स्वास्थ्य, आलस, तनाव, रिलैक्सेशन, ओवरथिंकिंग, कम्फर्ट जोन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में,</strong> लोग अपनी मानसिक सेहत को दुरुस्त रखने के लिए ब्रेक और आराम को अहमियत देने लगे हैं। लेकिन, जब यह जरूरत से ज्यादा हो जाता है, तो यह 'थैरेपियूटिक लेजीनेस' में तब्दील हो सकता है, जिससे काम, जिम्मेदारियों और लक्ष्यों से दूरी बनने लगती है।<br><br>दिल्ली के चाइल्ड एडोलिसेंट और फोरेंसिक साइकैटरिस्ट <strong>डॉक्टर आस्तिक जोशी</strong> के अनुसार, यह एक ऐसा मानसिक जाल है, जहाँ व्यक्ति खुद को यह कहकर दिलासा देता है कि वह अपना भला कर रहा है, जबकि हकीकत में वह अपने विकास को अवरुद्ध कर रहा होता है। थैरेपियूटिक लेजीनेस के लक्षण धीरे-धीरे प्रकट होते हैं, जैसे काम को लगातार टालना, हर चीज के बारे में बहुत ज्यादा सोचना, कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने से बचना और दूसरों से भावनात्मक रूप से दूर रहना। समय रहते इस समस्या को पहचानना जरूरी है, वरना यह करियर, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है।<br><br>इसलिए, इसके लक्षणों को समझना और सही कदम उठाना जरूरी है। आराम और आलस के बीच का फर्क समझना जरूरी है, क्योंकि इस सीमा को पार करने से जिंदगी नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है।
<br><br><strong>थैरेपियूटिक लेजीनेस: एक खतरनाक जाल</strong><br>यह सामान्य आलस नहीं है, बल्कि एक मानसिक फंदा है, जहाँ व्यक्ति अत्यधिक आराम को प्राथमिकता देता है, जिससे विकास रुक जाता है और नए कदम उठाने में डर लगता है। लोग अक्सर 'मैं अपनी मेंटल हेल्थ का ख्याल रख रहा हूँ' यह सोचकर जरूरी कामों से बचने लगते हैं, और ब्रेक हफ्तों या महीनों तक खिंच सकते हैं। वे यह भी सोचने लगते हैं कि ज्यादा मेहनत करने से तनाव बढ़ेगा, जिससे वे हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से दूर रहने लगते हैं।<br><br><strong>पहचानें कि आप जाल में हैं या नहीं</strong><br>यदि आप लगातार काम टालते हैं, अनुशासन की कमी महसूस करते हैं, हर चीज पर बहुत ज्यादा सोचते हैं, अपने कम्फर्ट जोन से बाहर नहीं निकलते हैं, और छोटी-छोटी बातों पर तनाव लेते हैं, तो यह थैरेप्यूटिक लेजीनेस का संकेत हो सकता है।
<br><br><strong>कैसे निकलें इस जाल से?</strong><br>इस मानसिक फंदे से बचने के लिए छोटे-छोटे बदलाव करें, रूटीन में अनुशासन लाएं, ब्रेक लें लेकिन संतुलन बनाए रखें, माइंडफुलनेस का अभ्यास करें और हर हफ्ते खुद को नई चुनौती दें।]]> </content:encoded>
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<title>US भारतीयों के लिए: अंडे की कमी में 5 सुपरफूड</title>
<link>https://pratinidhi.in/superfoods-for-indians-in-usa-egg-substitutes</link>
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<description><![CDATA[ अमेरिका में अंडे की कमी के कारण, भारतीयों के लिए 5 सुपरफूड्स बहुत उपयोगी हैं। ये अंडे के बराबर पोषण, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मांसपेशियों को मजबूत करते हैं। दाल, राजमा, ग्रीक योगर्ट, टोफू, सोया प्रोडक्ट्स, क्विनोआ, मूंगफली और नट्स जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन, अमीनो एसिड, विटामिन और फाइबर से भरपूर हैं। ये शरीर को ऊर्जा देते हैं, कमजोरी दूर करते हैं और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। ये सुपरफूड्स भारतीय खाने में आसानी से शामिल हो सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://static.toiimg.com/thumb/msid-119661695,imgsize-134163,width-400,height-300/119661695.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:56:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>superfoods, Indian diet, egg substitutes, protein sources, healthy eating</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अमेरिका में अंडे की कमी के चलते, वहां रहने वाले भारतीयों के लिए कुछ खास सुपरफूड्स बहुत उपयोगी हो सकते हैं। ये सुपरफूड्स न सिर्फ अंडे के बराबर पोषण देंगे, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और मांसपेशियों को भी मजबूत करेंगे.<br><br>अंडे हमेशा से भारतीय परिवारों के भोजन का एक जरूरी हिस्सा रहे हैं, क्योंकि ये प्रोटीन और पोषण से भरपूर होते हैं। लेकिन, अमेरिका में अंडों की कमी होने की वजह से, अब इनके विकल्प ढूंढना जरूरी हो गया है।<br><br>ऐसे में, सवाल यह है कि जब अंडे आसानी से नहीं मिल रहे हैं, तो उनकी जगह किन सुपरफूड्स को इस्तेमाल किया जा सकता है? अच्छी बात यह है कि कई प्राकृतिक और आसानी से मिलने वाले फूड्स हैं, जो न केवल अंडे जितना प्रोटीन देते हैं, बल्कि शरीर को पूरा पोषण भी देते हैं।<br><br>आज हम आपको 5 ऐसे सुपरफूड्स के बारे में बताएंगे जो भारतीय खाने में आसानी से शामिल हो सकते हैं और अंडे की कमी को पूरा कर सकते हैं। ये आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएंगे और कमजोरी को भी दूर करेंगे।<br><br><strong>दाल और राजमा: शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत</strong><br><br>दालें और राजमा भारतीय भोजन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और प्रोटीन के बहुत अच्छे स्रोत भी हैं। मूंग दाल, मसूर दाल, चना दाल और राजमा में काफी मात्रा में अमीनो एसिड्स होते हैं, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर की मरम्मत करते हैं। इन्हें नियमित रूप से खाने से शरीर को भरपूर पोषण मिलता है और कमजोरी नहीं होती। खासकर, जब अंडे कम हों तो ये भारतीयों के लिए बहुत ही बढ़िया विकल्प हो सकते हैं।<br><br><strong>ग्रीक योगर्ट: दही का बेहतर विकल्प</strong><br><br>भारतीय खाने में दही का महत्व हमेशा से रहा है, पर ग्रीक योगर्ट इसे और भी बेहतर बना देता है। इसमें साधारण दही से दोगुना प्रोटीन होता है, जो हड्डियों और पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है। आप इसे रायता, स्मूदी या मिठाई के तौर पर खा सकते हैं। जो लोग अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए ग्रीक योगर्ट एक स्वस्थ और स्वादिष्ट विकल्प है। साथ ही, यह शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।<br><br><strong>टोफू और सोया प्रोडक्ट्स: शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत</strong><br><br>जो लोग मांसाहारी नहीं हैं, उनके लिए टोफू और सोया एक शानदार विकल्प हैं। इनमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है, फैट कम होता है और विटामिन बी12 भरपूर होता है, जिससे कमजोरी दूर होती है और शरीर को ऊर्जा मिलती है। सोया चंक्स, सोया मिल्क और टोफू को आसानी से अपने भोजन में शामिल किया जा सकता है। खासकर, जो लोग व्यायाम करते हैं और फिटनेस का ध्यान रखते हैं, उनके लिए यह बहुत अच्छा है, क्योंकि यह मांसपेशियों के विकास में मदद करता है।<br><br><strong>क्विनोआ: चावल का हेल्दी विकल्प</strong><br><br>क्विनोआ को सुपरफूड कहा जाता है, क्योंकि इसमें सभी 9 जरूरी अमीनो एसिड्स होते हैं। इसे भारतीय खाने में चावल की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में मदद करता है। यह उन लोगों के लिए भी बहुत अच्छा है, जो ग्लूटेन-फ्री डाइट फॉलो कर रहे हैं। क्विनोआ से खिचड़ी, उपमा, सलाद और पराठे भी बनाए जा सकते हैं, जिससे यह स्वादिष्ट और सेहतमंद बन जाता है।<br><br><strong>मूंगफली और नट्स: छोटे पैकेट में बड़ा धमाका</strong><br><br>मूंगफली, बादाम, अखरोट और चिया सीड्स प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर से भरपूर होते हैं। ये शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देते। आप इन्हें स्नैक्स के तौर पर या दूध के साथ अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं। अंडे की कमी के दौरान, ये छोटे सुपरफूड्स शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। रोजाना एक मुट्ठी नट्स खाने से न केवल कमजोरी दूर होती है, बल्कि दिमाग भी तेज होता है।]]> </content:encoded>
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<title>लौकी के बीज: फायदे और उपयोग</title>
<link>https://pratinidhi.in/do-not-make-mistake-by-discarding-bottle-gourd-seeds-know-amazing-benefits</link>
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<description><![CDATA[ लौकी के बीज आयुर्वेद में महत्वपूर्ण हैं, जिनमें फाइबर, विटामिन सी, आयरन, और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर होते हैं। ये डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। हृदय के लिए लाभकारी मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं और हृदय रोगों के खतरे को कम करते हैं। हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और वजन घटाने में सहायक होते हैं क्योंकि इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है।लौकी के बीज ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में भी सहायक हैं। इन्हें धूप में सुखाकर भूनकर खाया जा सकता है या सलाद और स्मूदी में मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:56:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लौकी के बीज, लौकी, बीज, फायदे, सेहत, पोषक तत्व, फाइबर, विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक, थायमिन, राइबोफ्लेविन, मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स, पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स, हार्ट, हड्डियों, वजन, डायबिटीज, पाचन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[लौकी के बीज आयुर्वेद में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनका स्वाद थोड़ा अलग होता है, पर इनमें भरपूर फाइबर होता है। ये बीज डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। लौकी के बीजों में कई पोषक तत्व जैसे विटामिन सी, आयरन, मैग्नीशियम, फाइबर, मैंग्नीज, जिंक, थायमिन और राइबोफ्लेविन पाए जाते हैं।<br><br>
<b>हृदय के लिए लाभकारी:</b><br>
लौकी के बीज मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होते हैं, जो हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। ये कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करते हैं और हृदय रोगों के खतरे को कम करते हैं। इनमें मौजूद मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।<br><br>
<b>हड्डियों के लिए फायदेमंद:</b><br>
लौकी के बीज कैल्शियम, जिंक और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव होता है, साथ ही जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में भी मदद मिलती है।<br><br>
<b>वजन घटाने में सहायक:</b><br>
लौकी के बीज वजन कम करने में भी मददगार हो सकते हैं। इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। ये मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाते हैं, जिससे फैट तेजी से बर्न होता है।<br><br>
<b>पाचन क्रिया में सुधार:</b><br>
लौकी के बीज फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फाइबर कब्ज, गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर रखता है।<br><br>
<b>डायबिटीज नियंत्रण:</b><br>
लौकी के बीज ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में भी सहायक हैं। इनमें मौजूद फाइबर शुगर को धीरे-धीरे अवशोषित करता है, जिससे ब्लड शुगर में अचानक वृद्धि नहीं होती और डायबिटीज का खतरा कम होता है।<br><br>
<b>सेवन कैसे करें:</b><br>
लौकी के बीजों को धूप में सुखाकर भूनकर खाया जा सकता है। इन्हें सलाद, स्मूदी या दाल में मिलाकर भी खा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, इनका पाउडर बनाकर भी उपयोग किया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>राधे मां की बहू मेघा सिंह: फैशन और स्टाइल का जलवा</title>
<link>https://pratinidhi.in/radhe-maa-daughter-in-law-megha-singh-stylish-looks</link>
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<description><![CDATA[ राधे मां की बहू मेघा भूपेंद्र सिंह सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। बीबीसी को दिए इंटरव्यू में मेघा ने अपनी सास राधे मां के बारे में बात की। लोगों को मेघा का प्रजेंटेशन और उनका स्टाइल बहुत पसंद आया। उनके इंस्टाग्राम पर उनके फैशनेबल लुक्स देखे जा सकते हैं, जिनमें वह कभी साड़ी तो कभी ड्रेस में नजर आती हैं। उन्होंने व्हाइट कलर का हाइनेक टॉप और ब्लैक ट्राउजर पहना है। उन्होंने साटन की गोल्डन ड्रेस पहनी है, जिसमें वन शोल्डर लुक और पीछे ट्रेल की तरह दुपट्टा है। मेघा ने व्हाइट टॉप के साथ फ्लोरल पैटर्न वाली स्कर्ट पहनी है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119655293/radhe-maa-daughter-in-law-megha-bhupinder-singh-stylish-looks-in-western-and-traditional-outfits-119655293.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:51:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राधे मां, मेघा सिंह, स्टाइलिश लुक्स, बहू, साड़ी, ड्रेस, गाउन, फैशन, सोशल मीडिया, इंस्टाग्राम, वेस्टर्न आउटफिट, ट्रेडिशनल आउटफिट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राधे मां, जो खुद को गॉडवुमन कहती हैं, हमेशा चर्चा में रहती हैं। इस बार उनकी बहू मेघा भूपेंद्र सिंह सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। बीबीसी को दिए इंटरव्यू में मेघा ने अपनी सास राधे मां के बारे में बात की।<br><br>लोगों को मेघा का प्रजेंटेशन और उनका स्टाइल बहुत पसंद आया। उनके इंस्टाग्राम पर उनके फैशनेबल लुक्स देखे जा सकते हैं, जिनमें वह कभी साड़ी तो कभी ड्रेस में नजर आती हैं।<br><br><b>जींस-टॉप में दिखा शानदार अंदाज:</b><br>मेघा ने व्हाइट कलर का हाइनेक टॉप और ब्लैक ट्राउजर पहना है। उन्होंने माथे पर चुनरी बांधी है और हाथ में घड़ी, रिंग्स, ईयररिंग्स और चेन पहनी है।<br><br><b>गोल्डन ड्रेस में लगीं कमाल:</b><br>मेघा ने साटन की गोल्डन ड्रेस पहनी है, जिसमें वन शोल्डर लुक और पीछे ट्रेल की तरह दुपट्टा है। वेस्ट पर सितारों वाली बेल्ट और मैचिंग स्ट्रैपी स्लीव्स हैं। स्कर्ट में फ्लेयर्स और साइड स्लिट कट है। उन्होंने स्टाइलिश जूलरी पहनी है।<br><br><b>स्कर्ट ही नहीं ड्रेस में भी दिखा स्टाइलिश रूप:</b><br>मेघा ने व्हाइट टॉप के साथ फ्लोरल पैटर्न वाली स्कर्ट पहनी है। लेस डीटेलिंग वाली मेगा स्लीव्स ड्रेस भी उन पर खूब जची। उन्होंने मैचिंग हेयर बैंड लगाया है।<br><br><b>सफेद कपड़ों में लगीं सुंदर:</b><br>मेघा ने पति भूपेंद्र के साथ ऑल वाइट लुक अपनाया। उन्होंने हाफ स्लीव्स चोली पहनी है, जिस पर थ्रेड एम्ब्रॉयडरी से पत्तियों का डिजाइन है। लहंगे की वेस्ट पर वर्क किया गया है। उन्होंने डायमंड जूलरी पहनी है और गले में राधा मां का ब्रेसलेट भी नजर आ रहा है।<br><br><b>यहां दिखा ग्लैमरस रूप:</b><br>मेघा ने रफल डीटेलिंग वाला ऑफ शोल्डर साड़ी स्टाइल गाउन पहना है। एक फ्रिल प्लेन है, तो दूसरी पर सितारों से शिमरी टच है। साड़ी की प्लीट्स के अपर पोर्शन पर सितारे लगे हैं। उन्होंने वेस्ट पर बेल्ट लगाई है और क्लासी जूलरी और परफेक्ट मेकअप किया है।<br><br><b>कैजुअल लुक भी है बढ़िया:</b><br>मेघा ने पिंक ऑफ शोल्डर टॉप के साथ रिप्ड जींस पहनी है, तो येलो टॉप और मैचिंग ट्रैक पैंट्स में उनका अंदाज बढ़िया लगा। उन्होंने वेस्ट पर ब्लैक बैग टाई किया है और क्रॉक्स पहने हैं।]]> </content:encoded>
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<title>उम्र के हिसाब से सीरम: डॉक्टर जूशिया भाटिया ने बताया सही तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-choose-right-face-serum-according-to-your-age</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में, डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर जुशिया भाटिया सरीन ने उम्र के अनुसार सही फेस सीरम चुनने के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि विटामिन सी और सैलिसिलिक एसिड जैसे सीरम हर उम्र के लिए उपयुक्त हैं, जबकि मिड 20s में रेटिनॉल और नियासिनैमाइड, 25-26 की उम्र में पेप्टाइड्स, और 30 की उम्र के बाद हाइलूरोनिक और ग्लाइकोलिक एसिड का उपयोग फायदेमंद होता। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:48:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>face serum, skin care, dermatologist, aging, hyaluronic acid, glycolic acid, retinol, niacinamide</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल लोग स्किन केयर के प्रति जागरूक हो गए हैं और ऑनलाइन प्रोडक्ट्स ऑर्डर करते हैं। यदि आप अपनी त्वचा को समझते हैं तो यह ठीक है, लेकिन गलत सीरम का उपयोग हानिकारक हो सकता है। <br><br>डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर जुशिया भाटिया सरीन ने उम्र के अनुसार सही सीरम का उपयोग करने की सलाह दी है, जिससे चेहरे का ग्लो बना रहे। <br><br>डॉक्टर जुशिया भाटिया सरीन के अनुसार, विटामिन सी (सन प्रोटेक्शन के लिए) और सैलिसिलिक एसिड (ब्लैकहेड्स के लिए) जैसे सीरम हर उम्र के लिए उपयुक्त हैं।<br><br>मिड 20s में, कोलेजन को ठीक करने के लिए रेटिनॉल और स्किन टोन को इवन करने के लिए नियासिनैमाइड सीरम का उपयोग करना चाहिए।<br><br>25-26 की उम्र में, जब स्किन पर झुर्रियां दिखने लगती हैं, तो पेप्टाइड्स सीरम का उपयोग करना फायदेमंद होता है।<br><br>30 की उम्र के बाद, हाइलूरोनिक और ग्लाइकोलिक एसिड स्किन को हाइड्रेट करने और हाइपरपिगमेंटेशन को कम करने में मदद करते हैं। इसलिए, सही सीरम का उपयोग करना महत्वपूर्ण है.]]> </content:encoded>
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<title>चैत्र नवरात्रि: ज्वारे उगाने का सही तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/right-way-to-grow-barley-or-jaware-on-chaitra-navratri-in-easy-steps</link>
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<description><![CDATA[ चैत्र नवरात्रि में ज्वारे उगाने की विधि यूट्यूबर प्रीति शर्मा ने साझा की है। उन्होंने बीज तैयार करने, बोने और उगाने का सही तरीका बताया है। मिट्टी के बर्तन में शुद्ध मिट्टी का उपयोग करें, बीजों को रात भर भिगोएं और फिर मिट्टी में छिड़क दें। कलश रखने के लिए जगह छोड़ें। बीजों को ढंकने के लिए मिट्टी या रेत की हल्की परत डालें और अंकुरित होने तक सूखा रखें, फिर नियमित रूप से पानी दें। उचित विकास के लिए खाद का प्रयोग करें। चूहों और अत्यधिक गर्मी से पौधों की रक्षा करें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119657158/preeti-sharma-share-right-way-to-grow-barley-or-jaware-on-chaitra-navratri-119657158.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 12:48:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नवरात्रि, जौ, ज्वारे, प्रीति शर्मा, उगाने का तरीका, चैत्र नवरात्रि</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>चैत्र नवरात्रि: ज्वारे उगाने का आसान तरीका</strong><br><br>चैत्र नवरात्रि में हर कोई चाहता है कि उसके ज्वारे हरे-भरे हों, लेकिन कई बार जौ अंकुरित होने में ही बहुत समय लग जाता है। यूट्यूबर प्रीति शर्मा ने ज्वारे उगाने का सही तरीका बताया है, जिससे पहले ही दिन बीज अंकुरित हो जाएंगे।<br><br><strong>क्या-क्या चाहिए?</strong><br><ul><li>मिट्टी का बर्तन</li><li>छनी हुई मिट्टी या रेत</li><li>जौ या गेहूं</li><li>खाद</li></ul><br><strong>बीज कैसे तैयार करें?</strong><br>जौ या गेहूं को एक रात पहले पानी में भिगो दें। अगर भूल जाएं तो 2-3 घंटे पहले भी भिगो सकते हैं। धोने के बाद भिगोने से कचरा और बेकार बीज ऊपर आ जाते हैं, जिन्हें अलग कर दें।<br><br><strong>जौ कैसे बोएं?</strong><br>मिट्टी के बर्तन में शुद्ध मिट्टी डालें, जिसमें पत्थर-कंकड़ न हों। उपजाऊ मिट्टी से बीज जल्दी अंकुरित होते हैं। मिट्टी या बालू को छानकर कंकड़ निकाल दें। मिट्टी के ऊपर बीज छिड़क दें और कलश रखने के लिए थोड़ी जगह छोड़ दें।<br><br><strong>ज्वारे कैसे उगाएं?</strong><br>बीज बोने के बाद हल्का पानी डालें। फिर मिट्टी या रेत की एक पतली परत बीज के ऊपर डालें, ताकि वे पूरी तरह से ढके न रहें। पहले दिन इस परत को सूखा रखें और अंकुरित होने के बाद रोज पानी डालें। अच्छी ग्रोथ के लिए खाद भी मिला सकते हैं। चूहों से बचाने के लिए मिट्टी के बर्तन को सुरक्षित रखें और तेज धूप से भी बचाएं।]]> </content:encoded>
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<title>गुड़ी पड़वा: महाराष्ट्र की खास डिशेज, त्योहार का मजा करें दोगुना</title>
<link>https://pratinidhi.in/gudi-padwa-2025-traditional-dishes-to-try-this-festive-season</link>
<guid>https://pratinidhi.in/gudi-padwa-2025-traditional-dishes-to-try-this-festive-season</guid>
<description><![CDATA[ गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का प्रसिद्ध त्योहार है। इस दिन कई प्रकार के पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनमें पूरन पोली, श्रीखंड-पूरी, बासुंदी, साबुदाना खिचड़ी, मटकी उसल, कोकोनट लड्डू, थालीपीठ और आंबील शामिल हैं। पूरन पोली एक मीठा पराठा है, जबकि श्रीखंड दही से बनने वाला मीठा व्यंजन है। बासुंदी गाढ़े दूध से बनने वाली मिठाई है और साबुदाना खिचड़ी व्रत में खाई जाती है। मटकी उसल प्रोटीन से भरपूर होती है और कोकोनट लड्डू नारियल और गुड़ से बनाए जाते हैं। थालीपीठ आटे, मसाले और सब्जियों से बनता है, जबकि आंबील रागी के आटे से तैयार किया जाता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 09:03:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Gudi Padwa, Traditional Dishes, Maharashtra, Pooran Poli, Shrikhand-Puri, Basundi, Sabudana Khichdi, Matki Usal, Coconut Ladoo, Thalipeeth, Aambil, Hindu New Year, Festive Recipes</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>गुड़ी पड़वा: महाराष्ट्र की खास डिशेज</strong><br><br>गुड़ी पड़वा महाराष्ट्र का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन कई प्रकार के पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। इन व्यंजनों में से कुछ के बारे में तो लोग जानते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जिनके बारे में कम ही जानकारी है।<br><br><strong>पूरण पोली:</strong> यह गुड़ी पड़वा की शान है। यह एक मीठा पराठा है जो चने की दाल, गुड़ और इलायची पाउडर के मिश्रण से भरा होता है। इसे घी में सेंककर परोसा जाता है।<br><br><strong>श्रीखंड-पूरी:</strong> श्रीखंड एक ठंडा और मीठा व्यंजन है। इसे दही, केसर, इलायची और चीनी से तैयार किया जाता है। इसे गरमा-गरम पूरी के साथ परोसा जाता है।<br><br><strong>बासुंदी:</strong> बासुंदी गाढ़े दूध से बनने वाली मिठाई है। इसे चीनी, इलायची और केसर मिलाकर बनाया जाता है। इसमें बादाम, पिस्ता और काजू भी डाले जाते हैं।<br><br><strong>साबुदाना खिचड़ी:</strong> साबुदाना खिचड़ी व्रत के दौरान खाई जाती है। यह मूंगफली, जीरा और हरी मिर्च के तड़के के साथ बनाई जाती है।<br><br><strong>मटकी उसल:</strong> मटकी (मोठ) को भिगोकर ताजे मसालों और नारियल के साथ तैयार किया जाता है। यह प्रोटीन से भरपूर होती है।<br><br><strong>कोकोनट लड्डू:</strong> नारियल और गुड़ से बने लड्डू गुड़ी पड़वा पर बनाए जाते हैं। ये लड्डू पोषण से भरपूर होते हैं।<br><br><strong>थालीपीठ:</strong> थालीपीठ महाराष्ट्र का एक पारंपरिक व्यंजन है। यह आटे, मसाले और सब्जियों को मिलाकर बनाया जाता है।<br><br><strong>आंबील:</strong> आंबील रागी के आटे से तैयार किया जाता है। यह पचने में आसान और पोषण से भरपूर होता है।]]> </content:encoded>
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<title>Olive Oil: शरीर की नसों में ताकत, सेहत के 8 फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/olive-oil-health-benefits-include-in-your-diet</link>
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<description><![CDATA[ Olive Oil सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है, त्वचा से लेकर खाना बनाने तक इस्तेमाल होता है। इसमें विटामिन ई, के, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह हृदय के लिए हेल्दी है, मोनोअनसैचुरेटेड फैट से भरपूर, खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। दिमाग को स्वस्थ रखता है, डाइजेशन में सुधार करता है, त्वचा को निखारता है, बालों को घना बनाता है, वजन घटाने में सहायक है और हड्डियों को मजबूत बनाता है। रोजाना डाइट में शामिल करने से कई फायदे मिलते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 09:03:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Olive Oil, health benefits, diet, Vitamin E, antioxidants, heart health, digestion, skin, hair, weight loss, bones</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>Olive Oil: शरीर की नसों में ताकत, सेहत के 8 फायदे</strong><br><br>Olive Oil को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसका इस्तेमाल त्वचा से लेकर खाना बनाने तक में किया जाता है। इसमें पोषक तत्वों का भंडार होता है, जैसे कि विटामिन ई, के, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स। अगर आप इसे रोजाना अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो आपको कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। यह हृदय के लिए भी काफी हेल्दी माना जाता है।<br><br><strong>Olive Oil के फायदे:</strong><br><br><strong>1. हेल्दी फैट का स्रोत:</strong> Olive Oil में मोनोअनसैचुरेटेड फैट भरपूर मात्रा में होता है, जो हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाता है।<br><br><strong>2. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर:</strong> Olive Oil में विटामिन ई और पॉलीफेनॉल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं।<br><br><strong>3. दिमाग के लिए फायदेमंद:</strong> जैतून का तेल दिमाग को स्वस्थ रखता है और अल्जाइमर जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है।<br><br><strong>4. डाइजेशन में सुधार:</strong> Olive Oil डाइजेशन के लिए भी अच्छा माना जाता है। यह पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है और कब्ज, अपच और एसिडिटी की समस्या को दूर करने में मदद करता है।<br><br><strong>5. त्वचा को निखारे:</strong> Olive Oil में विटामिन ई होता है, जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है, हाइड्रेटेड रखता है और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है।<br><br><strong>6. बालों को घना बनाए:</strong> Olive Oil बालों को नमी प्रदान करता है, चमकदार बनाता है और डैंड्रफ और खुजली से राहत दिलाता है।<br><br><strong>7. वजन घटाने में सहायक:</strong> Olive Oil पेट को अधिक समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है।<br><br><strong>8. हड्डियों को मजबूत बनाए:</strong> Olive Oil में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>30 दिन में वजन कम करने का रहस्य: डॉ. राजू राम गोयल की डाइट योजना</title>
<link>https://pratinidhi.in/dr-raju-ram-goyal-30-day-weight-loss-diet-plan</link>
<guid>https://pratinidhi.in/dr-raju-ram-goyal-30-day-weight-loss-diet-plan</guid>
<description><![CDATA[ डॉ. राजू राम गोयल ने 30 दिन में वजन घटाने का सीक्रेट खोला है। उन्होंने 7 दिन की डाइट योजना बताई है, जिसे एक महीने तक पालन करने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। इस डाइट में नाश्ते, दोपहर के भोजन, रात के खाने और स्नैक्स के लिए अलग-अलग विकल्प शामिल हैं। इसके अलावा, डाइट में प्रोटीन और फाइबर शामिल करने, चीनी और जंक फूड से बचने, खूब पानी पीने, कार्डियो और वेट ट्रेनिंग करने, 7-8 घंटे की नींद लेने, तनाव कम करने और समय पर खाने की सलाह दी गई है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 18:23:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वेट लॉस, डाइट, हेल्थ, फिटनेस, डॉक्टर राजू राम गोयल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>डॉ. राजू राम गोयल ने 30 दिन में वजन घटाने का सीक्रेट खोला: सुबह से रात तक क्या खाएं</strong><br><br>अगर आप वजन कम करने के लिए सही डाइट की तलाश में हैं, तो यह लेख आपके लिए है। डॉ. राजू राम गोयल ने 7 दिनों की डाइट योजना बताई है, जिसे एक महीने तक पालन करने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है। वजन को नियंत्रित करके बीमारियों से दूर रहा जा सकता है और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाया जा सकता है।<br><br><strong>वजन घटाने का अनूठा तरीका</strong><br><br>वजन घटाने से बीमारियों का खतरा कम होता है। यह आपको अधिक ऊर्जा, बेहतर ध्यान और सहनशक्ति प्रदान करता है। हालांकि, कई लोगों को वजन कम करने में कठिनाई होती है। तमाम कोशिशों के बावजूद उनके वजन में कोई बदलाव नहीं आता, और उनकी सारी मेहनत और डाइटिंग बेकार हो जाती है। डॉ. राजू राम गोयल ने 30 दिनों में वजन कम करने का एक तरीका साझा किया है। उन्होंने एक महीने तक एक डाइट योजना का पालन करने की सलाह दी है, जिसमें प्रत्येक दिन सुबह से रात तक क्या खाना है, यह बताया गया है।<br><br><strong>यहां 7 दिनों की डाइट योजना दी गई है:</strong><br><br><strong>पहला दिन:</strong><br><strong>नाश्ता:</strong> एक कटोरी ओट्स, 1 सेब या केला, 5-6 बादाम<br><strong>मिड-मॉर्निंग स्नैक:</strong> 1 कप ग्रीन टी, 1 सेब<br><strong>दोपहर का भोजन:</strong> 1 कटोरी ब्राउन राइस, हरी सब्जियां, 1 कटोरी दाल<br><strong>शाम का स्नैक:</strong> 1 कप ग्रीन टी, 1 खीरा या गाजर<br><strong>रात का खाना:</strong> 1 कटोरी सलाद (खीरा, टमाटर, प्याज, नींबू का रस) और 1 कटोरी दही<br><br><strong>दूसरा दिन:</strong><br><strong>नाश्ता:</strong> एक कटोरी उपमा, 1 कप दूध<br><strong>मिड-मॉर्निंग स्नैक:</strong> 1 पपीता<br><strong>दोपहर का भोजन:</strong> 2 चपाती, मिक्स वेज करी, 1 कटोरी दाल<br><strong>शाम का स्नैक:</strong> मिक्स्ड नट्स, 1 कप ग्रीन टी<br><strong>रात का खाना:</strong> पनीर टिक्का और सलाद<br><br><strong>तीसरा दिन:</strong><br><strong>नाश्ता:</strong> एक कटोरी दलिया, 1 केला<br><strong>मिड-मॉर्निंग स्नैक:</strong> 1 नारंगी<br><strong>दोपहर का भोजन:</strong> क्विनोआ सलाद, 1 कटोरी दही<br><strong>शाम का स्नैक:</strong> 1 कप ग्रीन टी, भुना चना<br><strong>रात का खाना:</strong> सब्जी का सूप और सलाद<br><br><strong>चौथा दिन:</strong><br><strong>नाश्ता:</strong> वेजिटेबल ऑमलेट, 1 टोस्ट<br><strong>मिड-मॉर्निंग स्नैक:</strong> 1 सेब<br><strong>दोपहर का भोजन:</strong> 2 मल्टीग्रेन रोटी, पनीर भुर्जी, हरी सब्जियां<br><strong>शाम का स्नैक:</strong> 1 कप छाछ या नारियल पानी<br><strong>रात का खाना:</strong> टोफू स्टिर फ्राई और सलाद<br><br><strong>पांचवां दिन:</strong><br><strong>नाश्ता:</strong> मूंग दाल चीला, हरी चटनी<br><strong>मिड-मॉर्निंग स्नैक:</strong> 1 गाजर या खीरा<br><strong>दोपहर का भोजन:</strong> 1 कटोरी ब्राउन राइस, सोया चंक्स करी और दाल<br><strong>शाम का स्नैक:</strong> 1 कप ग्रीन टी, 1 मुट्ठी नट्स<br><strong>रात का खाना:</strong> सब्जी का सूप और ग्रिल्ड वेजिटेबल्स<br><br><strong>छठा दिन:</strong><br><strong>नाश्ता:</strong> एक प्लेट इडली, सांभर और नारियल चटनी<br><strong>मिड-मॉर्निंग स्नैक:</strong> 1 संतरा<br><strong>दोपहर का भोजन:</strong> 2 रोटी, पालक पनीर और दाल<br><strong>शाम का स्नैक:</strong> 1 कप छाछ, मुरमुरे या भुना चना<br><strong>रात का खाना:</strong> वेजिटेबल सलाद और 1 कटोरी दही<br><br><strong>सातवां दिन:</strong><br><strong>नाश्ता:</strong> एक कटोरी फल (तरबूज, सेब, अंगूर)<br><strong>मिड-मॉर्निंग स्नैक:</strong> 1 कप ग्रीन टी, 1 मुट्ठी नट्स<br><strong>दोपहर का भोजन:</strong> सब्जी का सूप, हरी सब्जियां, 1 चपाती<br><strong>शाम का स्नैक:</strong> 1 कप नारियल पानी, भुना मखाना<br><strong>रात का खाना:</strong> हल्की सब्जी, 1 कटोरी दाल और सलाद<br><br><strong>इन टिप्स का रखें ध्यान</strong><br><br>अपनी डाइट में प्रोटीन और फाइबर शामिल करें। चीनी और जंक फूड से बचें और खूब पानी पिएं। कार्डियो (दौड़ना, साइकिल चलाना), वेट ट्रेनिंग और योग करें। 7-8 घंटे की नींद लें, तनाव कम करें और समय पर खाएं। लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें, बार-बार थोड़ा-थोड़ा खाएं। नियमितता और अनुशासन बनाए रखें।]]> </content:encoded>
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<title>रूखी त्वचा से पाएं निजात: सन्यासी आयुर्वेदा के 5 आसान टिप्स</title>
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<description><![CDATA[ यह लेख सन्यासी आयुर्वेदा द्वारा साझा किए गए रूखी और बेजान त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने के पाँच तरीकों पर केंद्रित है। लेख में, त्वचा को हाइड्रेटेड रखने, चमकदार बनाने और झुर्रियों को कम करने के लिए बादाम के तेल से मालिश करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। शहद के उपयोग के बारे में भी बताया गया है, क्योंकि शहद में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा को ताज़ा, मुलायम और चमकदार बनाते हैं और निशान को कम करने में मदद करते हैं। लेख में यह भी चेतावनी दी गई है कि गर्म पानी से चेहरा धोने से त्वचा और अधिक रूखी हो सकती है और रासायनिक सौंदर्य उत्पादों के उपयोग से त्वचा पर दरारें और संक्रमण हो सकते हैं। अंत में, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के महत्व पर जोर दिया गया है, क्योंकि यह त्वचा से विषाक्त पदार्थों को निकालने और रूखेपन की समस्या को कम करने में मदद करता है। इन सुझावों का पालन करके, कोई भी अपनी त्वचा को स्वस्थ बना सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 18:23:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रूखी त्वचा, आयुर्वेद, सन्यासी आयुर्वेदा, त्वचा की देखभाल, घरेलू उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[इस लेख में, हम सन्यासी आयुर्वेदा द्वारा साझा किए गए रूखी और बेजान त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने के पाँच तरीकों के बारे में जानेंगे। इन तरीकों को अपनाकर, आप अपनी त्वचा को प्राकृतिक रूप से सुंदर बना सकते हैं।<br><br>हर कोई अपने चेहरे पर चमक लाना चाहता है, लेकिन प्राकृतिक चीजों को अपनाने से पहले ही हम रासायनिक सौंदर्य उत्पादों का उपयोग करना शुरू कर देते हैं। आज हम सन्यासी आयुर्वेदा द्वारा बताए गए 5 महत्वपूर्ण सुझावों के बारे में जानेंगे, जिन्हें अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करके आप अपनी त्वचा को स्वाभाविक रूप से चमकदार बना सकते हैं।<br><br>सन्यासी आयुर्वेद शरीर से लेकर त्वचा तक की सभी समस्याओं को आयुर्वेद से ठीक करने के तरीके बताता है। आज हम उनके द्वारा बताए गए ड्राई स्किन को ठीक करने के 5 नुस्खों के बारे में जानेंगे, जो प्रभावी साबित होंगे।<br><br>जब हमारी त्वचा ठीक से पोषित नहीं होती है और जब हमारा शरीर पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड नहीं रहता है, तो त्वचा रूखी होने लगती है। ऐसे में चेहरे पर बार-बार केमिकल लोशन लगाने से बेहतर है कि आप प्राकृतिक उपचारों का उपयोग करें।<br><br>रूखी और बेजान त्वचा को पोषण देने के लिए बादाम के तेल से मालिश करना आवश्यक है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ई होता है, जो हमारी त्वचा को हाइड्रेटेड रखने, चमकदार बनाने और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है।<br><br>सन्यासी आयुर्वेदा ने अपने इंस्टाग्राम पर ड्राई स्किन को ठीक करने का दूसरा तरीका शहद का उपयोग करना बताया है। शहद में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा को ताज़ा, मुलायम और चमकदार बनाते हैं। यह निशान को कम करने में भी मदद करता है।<br><br>गर्म पानी से चेहरा धोने से आपकी त्वचा और अधिक रूखी हो जाएगी, उम्र बढ़ने के संकेत बढ़ेंगे और चेहरे पर लालिमा और खुजली होगी।<br><br>हम सभी किसी न किसी रासायनिक सौंदर्य और त्वचा देखभाल उत्पादों का उपयोग करते हैं, जो अनजाने में हमारी त्वचा को और अधिक रूखा बना सकते हैं, त्वचा पर दरारें पैदा कर सकते हैं और संवेदनशील त्वचा के लिए संक्रमण का कारण बन सकते हैं।<br><br>जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीना शुरू करते हैं, तो यह हमारी त्वचा से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, अधिक पानी पीने से हमारी त्वचा हाइड्रेटेड रहती है और रूखेपन की समस्या कम होती है। इसलिए, आयुर्वेदा सन्यासी द्वारा बताए गए इन 5 सुझावों को ध्यान में रखें और अपनी त्वचा को स्वस्थ बनाएं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>गर्मी में शहतूत: माइग्रेन और लिवर के लिए बेमिसाल फल</title>
<link>https://pratinidhi.in/health-benefits-of-mulberry-in-summer-for-migraine-and-liver</link>
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<description><![CDATA[ गर्मी में शहतूत का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। यह माइग्रेन से राहत दिलाता है, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखता है, और शरीर को ठंडक प्रदान करता है। शहतूत में पानी की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। इसके अलावा, यह लू लगने से बचाता है, आंखों की रोशनी बढ़ाता है, लिवर को साफ रखता है, और पाचन को सुधारता है। गर्मियों में शहतूत का नियमित सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मददगार है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 18:23:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>शहतूत, गर्मी, माइग्रेन, लिवर, सेहत, डाइट, हाइड्रेशन, एंटीऑक्सीडेंट्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मी का मौसम आ गया है, और इस दौरान सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। बाजार में कई फल उपलब्ध हैं जो स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं, जिनमें से एक है शहतूत। गर्मियों में शहतूत का सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि यह माइग्रेन की समस्या से राहत दिला सकता है। आजकल लोगों में डार्क सर्कल और बाल झड़ने की समस्या आम हो गई है, और शहतूत इन समस्याओं से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। यह त्वचा और बालों के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है, त्वचा को रूखेपन से बचाता है और बालों में प्राकृतिक चमक लाता है, साथ ही बालों का झड़ना भी कम करता है। गर्मियों में लू और तेज धूप सिरदर्द को बढ़ा सकती है, इसलिए शहतूत को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। यह माइग्रेन से छुटकारा दिलाता है और शरीर को ठंडक प्रदान करता है। शहतूत में पानी की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। गर्मियों में लू लगने की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन शहतूत के ठंडक देने वाले गुण शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं और हीट स्ट्रोक के खतरे को भी कम करते हैं। गर्मियों में आंखों में जलन होना आम है, शहतूत में विटामिन ए और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आंखों की रोशनी बढ़ाते हैं और ड्राई आई सिंड्रोम से बचाते हैं। ऑयली और मसालेदार भोजन करने से लिवर पर बुरा प्रभाव पड़ता है, लेकिन शहतूत डिटॉक्सिफाइंग फूड के रूप में काम करता है और लिवर को साफ रखता है। गर्मियों में पेट में जलन, एसिडिटी, कब्ज और गैस की समस्या बढ़ जाती है, शहतूत फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन को सुधारता है और पेट की समस्याओं को कम करता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>व्रत के लिए 6 विशेष व्यंजन: स्वाद और सेहत का संगम</title>
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<description><![CDATA[ चैत्र नवरात्र में व्रत के दौरान कुछ खास और स्वादिष्ट खाने की इच्छा रखने वालों के लिए यहां 6 विशेष व्यंजन दिए गए हैं। इनमें व्रत वाला पिज्जा, कुट्टू के आटे की इडली, समा के चावल का पुलाव, सिंघाड़े के आटे का चीला, कुट्टू के आटे का पराठा और मखाना खीर शामिल हैं। ये सभी व्यंजन बनाने में आसान हैं और व्रत के दौरान आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं। कुट्टू का आटा और मखाना जैसे तत्व सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 18:23:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Navratri Vrat, Fasting Dishes, Chaitra Navratri, Kuttu Atta, Makhana Kheer, Vrat Recipes</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>चैत्र नवरात्र</strong> के दौरान अगर आप कुछ विशेष और स्वादिष्ट व्यंजन बनाने की सोच रहे हैं, तो यहां आपके लिए 6 आसान और हेल्दी रेसिपीज हैं:<br><br><strong>1. व्रत वाला पिज्जा:</strong> कुट्टू के आटे की रोटी पर पनीर और व्रत में खाई जाने वाली सब्जियां डालकर बनाइए व्रत वाला पिज्जा।<br><br><strong>2. कुट्टू के आटे की इडली:</strong> कुट्टू के आटे में दही, अदरक, हरी मिर्च और मसाले मिलाकर इडली बनाइए, जो हेल्दी और टेस्टी होती है।<br><br><strong>3. समा के चावल का पुलाव:</strong> समा के चावल को सब्जियों और पनीर के साथ पकाकर पुलाव बनाइए, जो आसानी से पचने वाला और ऊर्जा से भरपूर होता है।<br><br><strong>4. सिंघाड़े के आटे का चीला:</strong> सिंघाड़े के आटे में दही और सेंधा नमक मिलाकर चीला बनाइए, जिसे हरी चटनी के साथ परोसिये।<br><br><strong>5. कुट्टू के आटे का पराठा:</strong> कुट्टू के आटे में आलू या पनीर भरकर पराठा बनाइए, जो फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है।<br><br><strong>6. मखाना खीर:</strong> मखाने को दूध में पकाकर ड्राई फ्रूट्स और शहद डालकर खीर बनाइए, जो स्वादिष्ट और सेहतमंद होती है।<br><br>ये सभी व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, बल्कि व्रत के दौरान आपको ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सद्गुरु: बच्चों को दिल्ली&amp;मुंबई नहीं, प्रकृति के करीब ले जाएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/sadhguru-suggests-parents-take-children-to-nature-not-delhi-mumbai</link>
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<description><![CDATA[ सद्गुरु का कहना है कि बच्चों को दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में न ले जाकर प्रकृति के करीब ले जाएं। प्रकृति के संपर्क में रहने से बच्चों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, जिससे मूड में सुधार, तनाव में कमी और अकेलापन दूर होता है। सद्गुरु पहाड़ों पर जाने की सलाह देते हैं, जहां प्रकृति के करीब रहने का मौका मिलता है और प्रदूषण कम होता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:07:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सद्गुरु, बच्चों की छुट्टियां, वेकेशन, पेरेंट्स, प्रकृति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को घुमाने ले जाने की योजना बना रहे हैं? तो सद्गुरु की सलाह जरूर सुनें।</p><br><p>सद्गुरु का कहना है कि बच्चों को दिल्ली, मुंबई, बनारस या बैंगलोर जैसे शहरों में न ले जाकर, प्रकृति के करीब ले जाएं।</p><br><p><b>प्रकृति के करीब क्यों?</b></p><br><p>सद्गुरु के अनुसार, बच्चे प्रकृति को देखकर उत्साहित होते हैं, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ता है। प्रकृति के तत्वों के संपर्क में रहने से व्यक्ति संतुलित बनता है।</p><br><p><b>क्या हैं फायदे?</b></p><br><p><ul><li>मूड में सुधार</li><li>तनाव और गुस्से में कमी</li><li>रिलैक्स महसूस करना</li><li>शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव</li><li>अकेलापन दूर होना</li></ul></p><br><p><b>कहां जाएं घूमने?</b></p><br><p>सद्गुरु की सलाह है कि बच्चों को पहाड़ों पर ले जाएं, जहां प्रकृति के करीब रहने का मौका मिले और प्रदूषण भी कम हो।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>साड़ी और शर्ट: करिश्मा का जलवा, उम्र सिर्फ एक नंबर!</title>
<link>https://pratinidhi.in/karisma-kapoor-saree-look-lakme-fashion-week-shirt-style</link>
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<description><![CDATA[ 50 साल की करिश्मा कपूर ने लैक्मे फैशन वीक में डिजाइनर सत्या पॉल के लिए शोस्टॉपर बनकर रैंप पर धूम मचा दी। उन्होंने ब्लैक एंड वाइट साड़ी को शर्ट के साथ स्टाइल किया और बेल्ट से लुक को यूनिक बनाया। सत्या पॉल का कलेक्शन महिलाओं को समर्पित है, जिसमें कई तरह के आउटफिट हैं। करिश्मा ने मिनिमल जूलरी और रेड लिपस्टिक से लुक को पूरा किया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119635024/karisma-kapoor-looks-stunning-in-saree-and-shirt-as-she-turns-showstopper-for-satya-paul-at-lakme-fashion-week-119635024.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:06:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Karishma Kapoor, Lakme Fashion Week, Saree, Fashion, Style</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[करिश्मा कपूर, जो 50 साल की हैं, उन्होंने हाल ही में लैक्मे फैशन वीक में डिजाइनर <b>सत्या पॉल</b> के लिए शोस्टॉपर बनकर रैंप पर जलवा बिखेरा। <br><br><b>करिश्मा कपूर</b> ने ब्लैक एंड वाइट साड़ी पहनी थी, जिसे उन्होंने ब्लाउज के बजाय शर्ट के साथ स्टाइल किया था। उन्होंने अपने लुक को बेल्ट से और भी यूनिक बना दिया। <br><br>डिजाइनर <b>सत्या पॉल</b> का लेटेस्ट कलेक्शन महिलाओं को समर्पित है और इसमें काफ्तान, ड्रेस, साड़ी और वाइब्रेट ट्यूनिक जैसे आउटफिट शामिल हैं, जिन्हें साटन, ऑर्गेंजा, शिफॉन, क्रेप और लेनिन फैब्रिक से बनाया गया है। <br><br>करिश्मा ब्लैक एंड वाइट कॉम्बिनेशन की दीवानी हैं, इसलिए उन्हें यह साड़ी बहुत पसंद आई। उन्होंने अपने लुक को मिनिमल जूलरी और रेड लिपस्टिक के साथ पूरा किया, जो काफी आकर्षक लग रहा था।]]> </content:encoded>
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<title>दीपिका पादुकोण की खूबसूरती का राज: न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह का ब्यूटी सीक्रेट</title>
<link>https://pratinidhi.in/deepika-padukone-beauty-secret-nutritionist-shweta-shah-reveals-recipe-for-glowing-skin</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में दीपिका पादुकोण की शादी से पहले चमकती त्वचा पाने का ब्यूटी सीक्रेट बताया गया है। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने धनिया, नीम की पत्तियां, करी पत्तियां और चुकंदर से बने एक विशेष जूस की रेसिपी साझा की। इन सामग्रियों को पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से सेवन करने से रंगत में निखार आता है, जैसा कि दीपिका की शादी की तस्वीरों में देखा गया था। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119632805/nutritionist-shweta-shah-share-deepika-padukone-beauty-secret-of-glowing-skin-119632805.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:06:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Deepika Padukone, beauty secrets, glowing skin, nutritionist Shweta Shah, juice recipe, coriander, neem leaves, curry leaves, beetroot</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, दीपिका पादुकोण ने अपनी शादी से पहले एक खास जूस पीना शुरू किया था, जिससे उनकी त्वचा पर चमक आई। लेख में इस जूस की रेसिपी साझा की गई है, जिसमें धनिया, नीम की पत्तियां, करी पत्तियां और चुकंदर शामिल हैं। यह सुझाव दिया गया है कि इन सामग्रियों को पानी के साथ मिलाकर नियमित रूप से जूस पीने से त्वचा में चमक आती है। दीपिका की शादी से पहले उनकी न्यूट्रिशनिस्ट उनसे मिलीं, और दीपिका ने उनसे कहा कि वह चमकती त्वचा चाहती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट ने एक जूस का सुझाव दिया जिसे दीपिका ने अपनी शादी से 3 महीने पहले पिया था, और परिणाम आश्चर्यजनक थे।<br><br>जूस बनाने के लिए आपको एक मुट्ठी धनिया, 5-6 नीम की पत्तियां, 10-12 करी पत्तियां और 1 चुकंदर की आवश्यकता होगी। सबसे पहले सभी सामग्री को एक ब्लेंडर में डालें। 1 गिलास पानी डालकर अच्छी तरह ब्लेंड कर लें। इस जूस का सेवन दीपिका ने 3 महीने तक किया था। अगर आप भी दीपिका जैसी ग्लोइंग स्किन पाना चाहते हैं तो आज से ही इस जूस को पीना शुरू कर दें।]]> </content:encoded>
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<title>गर्भावस्था में स्वस्थ रहने के उपाय: डॉ. चंचल शर्मा के सुझाव</title>
<link>https://pratinidhi.in/healthy-pregnancy-diet-and-exercise-tips-from-dr-chanchal-sharma</link>
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<description><![CDATA[ प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक भोजन करना चाहिए, जिसमें ताजे फल, सब्जियां, नट्स और डेयरी उत्पाद शामिल हों। शरीर को हाइड्रेटेड रखना भी महत्वपूर्ण है, इसलिए दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए। नियमित स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज कमर और पीठ के दर्द से राहत दिला सकती हैं। तनाव से दूर रहने के लिए मेडिटेशन और योग का अभ्यास करें। गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से डॉक्टर से संपर्क में रहना जच्चा और बच्चा दोनों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:06:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>pregnancy, healthy diet, exercise, Dr. Chanchal Sharma, women&#039;s health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्रेग्नेंसी एक महिला के जीवन का खास पल होता है, जिसमें शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक बदलाव आते हैं। इस समय काम और लाइफस्टाइल को संभालना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, इसलिए एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है। डॉ. चंचल शर्मा बता रही हैं कि प्रेग्नेंसी में क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए।<br><br><b>पौष्टिक खाना खाएं:</b><br>मां जो खाती है, उससे बच्चे का डेवलपमेंट होता है। इसलिए प्रेग्नेंसी में पौष्टिक खाना खाना चाहिए। इसका मतलब है कि खाने में सभी जरूरी चीजें सही मात्रा में हों। फल, सब्जियां, नट्स, दालें, दूध और दही जैसी चीजें डाइट में शामिल करें। इनमें प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स होते हैं, जो मां और बच्चे दोनों के लिए जरूरी हैं। ऑफिस जाने वाली महिलाएं घर का बना खाना साथ लेकर जाएं।<br><br><b>पानी की कमी न होने दें:</b><br>प्रेग्नेंसी में पानी की कमी से थकान महसूस होती है। इसलिए दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। आप चाहें तो फलों का जूस और नारियल पानी भी पी सकती हैं। इससे डाइजेशन सही रहता है और कब्ज की प्रॉब्लम भी नहीं होती।<br><br><b>स्ट्रेचिंग करें:</b><br>अगर आप दिनभर बैठी रहती हैं, तो कमर और पीठ में दर्द हो सकता है। इसलिए हर आधे घंटे में 5 मिनट का ब्रेक लें और स्ट्रेचिंग या वॉक करें। हल्की एक्सरसाइज भी कर सकती हैं।<br><br><b>तनाव से दूर रहें:</b><br>प्रेग्नेंसी में मां की मानसिक स्थिति का असर बच्चे पर भी पड़ता है। इसलिए खुश रहें और तनाव न लें। मेडिटेशन, योग और जॉर्नलिंग जैसी एक्टिविटीज से मानसिक रूप से स्वस्थ रहें।<br><br><b>डॉक्टर के टच में रहें:</b><br>प्रेग्नेंसी में बॉडी में कई तरह के बदलाव होते हैं। इसलिए डॉक्टर से रेगुलर चेकअप कराती रहें, ताकि मां और बच्चे दोनों हेल्दी रहें।]]> </content:encoded>
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<title>राधिका मर्चेंट ने अनंत अंबानी के सामने ब्लैक ट्राउजर में दिखाया जलवा</title>
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<description><![CDATA[ राधिका मर्चेंट ने जामनगर में एक कार्यक्रम में अपने फैशन से सबका ध्यान खींचा। उन्होंने ब्लैक पोल्का डॉट शर्ट और ट्राउजर पहना था, जिसे सिल्वर बेल्ट के साथ स्टाइल किया था। वहीं, अनंत अंबानी ट्रेडिशनल अटायर में नजर आए। राधिका ने पैटर्न वाले आउटफिट को बेल्ट के साथ पहनकर और बालों को खुला रखकर एक नया फैशन ट्रेंड बनाया। राधिका मर्चेंट का यह अंदाज लोगों को खूब पसंद आया। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 28 Mar 2025 14:06:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Radhika Merchant, Anant Ambani, Fashion, Style, Jamnagar, Traditional attire, Western outfit, Black trousers, Polka dots, Fashion inspiration</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>जामनगर में राधिका मर्चेंट का छाया जलवा, अनंत अंबानी से खींचा ध्यान</strong><br><br>जामनगर में अंबानी परिवार के एक कार्यक्रम में राधिका मर्चेंट ने अपने फैशन से सबका ध्यान खींचा।<br><br><strong>राधिका का वेस्टर्न लुक</strong><br> राधिका ने ब्लैक पोल्का डॉट शर्ट और ट्राउजर पहना था, जिसमें वह बेहद स्टाइलिश लग रही थीं। उन्होंने सिल्वर बेल्ट से अपने लुक को और भी आकर्षक बनाया।<br><br><strong>अनंत का ट्रेडिशनल अवतार</strong><br> वहीं, अनंत अंबानी ने ब्लैक कुर्ता-पजामा और ब्लू जैकेट में ट्रेडिशनल लुक अपनाया।<br><br><strong>फैशन इंस्पिरेशन</strong><br> राधिका ने पैटर्न वाले आउटफिट को बेल्ट के साथ पेयर करके एक नया फैशन ट्रेंड सेट किया। उन्होंने यह भी दिखाया कि कैसे बालों को खुला रखकर फॉर्मल लुक को बरकरार रखा जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>पीरियड के दर्द से राहत: डॉ. चंचल शर्मा के 5 फूड टिप्स</title>
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<description><![CDATA[ पीरियड्स में होने वाले क्रैम्प्स से राहत पाने के लिए डॉ. चंचल शर्मा ने कुछ खास फूड्स का सेवन करने की सलाह दी है। पानी वाले फल, मछली, डार्क चॉकलेट, दही और हरी सब्जियां पीरियड्स के दौरान होने वाले क्रैम्प्स से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। इन फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके और लाइफस्टाइल में बदलाव करके पीरियड्स के क्रैम्प्स से राहत पाई जा सकती है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 16:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>periods, cramps, food, health, women, menstruation, diet, fruits, vegetables, dark chocolate, yogurt, fish</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[पीरियड्स के दौरान महिलाओं को होने वाले क्रैम्प्स एक आम समस्या है, जिससे राहत पाने के लिए डॉ. चंचल शर्मा ने कुछ खास फूड्स का सेवन करने की सलाह दी है।<br><br><strong>पानी वाले फल:</strong> पीरियड्स में हार्मोनल बदलाव के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसलिए तरबूज, खीरा और नारियल पानी जैसे फल खाने चाहिए।<br><br><strong>मछली:</strong> ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर मछली पीरियड्स के क्रैम्प्स में फायदेमंद होती है। इसमें प्रोटीन और आयरन भी पाया जाता है।<br><br><strong>डार्क चॉकलेट:</strong> यह एंजायटी कम करने के साथ-साथ पीरियड्स के क्रैम्प्स से भी राहत दिलाती है। इसमें मैग्नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व होते हैं।<br><br><strong>दही:</strong> प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही वजाइनल इंफेक्शन से बचाता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है।<br><br><strong>हरी सब्जियां:</strong> फाइबर और विटामिन बी से भरपूर हरी सब्जियां पाचन तंत्र को सही रखती हैं और क्रैम्प्स से राहत दिलाती हैं। ब्रोकली, पत्तागोभी और पालक जैसी सब्जियां फायदेमंद हैं।<br><br>डॉ. शर्मा के अनुसार, इन फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके और लाइफस्टाइल में बदलाव करके पीरियड्स के क्रैम्प्स से राहत पाई जा सकती है।]]> </content:encoded>
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<title>ईद पर &amp;apos;सिकंदर&amp;apos; बनने की चाहत, बाजार में सलमान खान के कुर्ते की धूम</title>
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<description><![CDATA[ ईद के मौके पर सलमान खान की आने वाली फिल्म सिकंदर में उनके लुक को लेकर काफी क्रेज है। खासकर, फिल्म में सलमान खान द्वारा पहने गए काले कुर्ते की बाजार में खूब डिमांड है। इस कुर्ते में कढ़ाई का काम किया गया है और यह अलग-अलग रेंज में उपलब्ध है। दुकानदार बताते हैं कि इस कुर्ते को 20 से 45 साल तक के लोग खरीद रहे हैं और यह कुछ दिनों में दो बार आउट ऑफ स्टॉक भी हो चुका है। इसके अलावा, इस बार कुर्ता-सलवार का भी ट्रेंड है और लोग पायजामा की जगह सलवार खरीद रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 16:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Salman Khan, Eid, Kurta, Fashion, Sikandar, Trend</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ईद के अवसर पर सलमान खान की फिल्म 'सिकंदर' रिलीज होने वाली है, जिसे लेकर उनके प्रशंसक बहुत उत्साहित हैं। फिल्म में सलमान खान द्वारा पहने गए काले कुर्ते ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इस वजह से, बाजार में इस कुर्ते की मांग तेजी से बढ़ रही है.<br><br>हर ईद पर, नमाज के लिए कुर्ता पहनना एक पारंपरिक रिवाज है, और इसके लिए हर घर में कुर्ता-पायजामा खरीदा जाता है। बाजार में हर साल नए फैशन के कुर्ते आते हैं, लेकिन इस बार 'सिकंदर' फिल्म में सलमान खान के लुक वाला कुर्ता सबसे अधिक मांग में है। इस काले कुर्ते के ऊपरी भाग पर कढ़ाई की गई है। चौक, अमीनाबाद, नजीराबाद, नक्खास और अन्य बाजारों में इस कुर्ते की भारी मांग है, और यह लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न मूल्य श्रेणियों में उपलब्ध है।<br><br>चौक में चिकन के कपड़े बेचने वाले अनिल मोहन बताते हैं कि लगभग हर दूसरा ग्राहक सलमान खान के लुक वाले कुर्ते की मांग कर रहा है। इस कुर्ते की सटीक प्रति 2500 रुपये से 3000 रुपये में बिक रही है। इसी तरह के कुर्ते, जिनमें डिजाइन, कढ़ाई और काम में थोड़ा अंतर है, एक से डेढ़ हजार रुपये में मिल रहे हैं। कपड़ों के विक्रेता अशफाक का कहना है कि 20 से 45 वर्ष की आयु के लोग इस कुर्ते को खरीद रहे हैं, और यह कुर्ता कुछ दिनों में दो बार स्टॉक से बाहर भी हो चुका है।<br><br>कुर्ता-सलवार भी इस बार काफी पसंद किया जा रहा है। चौक में चिकनकारी कपड़ों के विक्रेता शैलेंद्र प्रकाश दीक्षित के अनुसार, इस ईद पर लोग कुर्ता-पायजामा के अलावा कुर्ता-सलवार भी खरीद रहे हैं। फिल्म 'सिकंदर' में सलमान खान ने कुर्ते के साथ सलवार पहनी है, जिसके कारण इस बार बड़ी संख्या में लोग कुर्ता-सलवार सिलवा रहे हैं। जो लोग काले कुर्ते की जगह अन्य पारंपरिक कुर्ते खरीद रहे हैं, वे भी इस बार पायजामा के बजाय सलवार खरीद रहे हैं। इसके अतिरिक्त, चिकन का कुर्ता हमेशा की तरह फैशन में है। इसी तरह, पठानी सूट और छोटे कुर्ते भी मांग में हैं।<br><br>इस बार ईद पर काले कुर्ते का चलन सबसे अधिक है। रेडीमेड कुर्तों के साथ-साथ लोग सिलवाने के लिए भी सबसे अधिक काले कपड़े खरीद रहे हैं। बंगला बाजार के दर्जी मो. रानू का कहना है कि लगभग एक तिहाई ग्राहक काला कपड़ा लेकर आ रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>दस्त से राहत: 5 घरेलू उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/home-remedies-for-loose-motion-diarrhea</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में लूज मोशन की समस्या से राहत पाने के लिए डायटीशियन ने कुछ घरेलू उपाय बताए हैं। लूज मोशन पाचन तंत्र में गड़बड़ी के कारण होता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इससे राहत पाने के लिए ओआरएस घोल, केला, दही, अदरक की चाय और चावल का पानी जैसे घरेलू उपाय आजमाए जा सकते हैं। ये उपाय बिना किसी साइड इफेक्ट के दस्त को रोकने और पाचन को सुधारने में मदद करते हैं। हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 16:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लूज मोशन, दस्त, घरेलू उपाय, ओआरएस, केला, दही, अदरक, चावल का पानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मियों में लूज मोशन की समस्या आम है। डायटीशियन के अनुसार, कुछ घरेलू उपाय इस समस्या से राहत दिला सकते हैं। लूज मोशन, जिसे दस्त भी कहा जाता है, पाचन तंत्र में गड़बड़ी के कारण होता है और इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।</p><br><p>लूज मोशन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि खराब भोजन, दूषित पानी, या एलर्जी। इसके लक्षणों में बार-बार पतला मल, पेट दर्द, कमजोरी, और चक्कर आना शामिल हैं।</p><br><p><b>दस्त से राहत पाने के घरेलू उपाय:</b></p><br><p><b>ओआरएस घोल:</b> शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ओआरएस घोल पिएं। एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी और एक चुटकी नमक मिलाकर धीरे-धीरे पिएं।</p><br><p><b>केला:</b> केला पोटेशियम और पेक्टिन से भरपूर होता है, जो दस्त के दौरान खोए हुए पोषक तत्वों को पूरा करता है और मल को सख्त बनाता है।</p><br><p><b>दही:</b> दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और पाचन को सुधारते हैं।</p><br><p><b>अदरक की चाय:</b> अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पेट को शांत करते हैं।</p><br><p><b>चावल का पानी:</b> चावल का पानी पाचन तंत्र को आराम देता है और मल को सख्त करने में मदद करता है।</p><br><p><b>डिस्क्लेमर:</b> यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मलाइका अरोड़ा ने होली पर पहना 1 लाख का अनारकली, तस्वीरें वायरल</title>
<link>https://pratinidhi.in/malaika-arora-ivory-anarkali-holi-celebrations-stuns-in-expensive-outfit</link>
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<description><![CDATA[ मलाइका अरोड़ा ने होली के मौके पर आइवरी अनारकली सूट पहना, जिसकी कीमत 1 लाख 7 हजार 500 रुपये थी। इस अनारकली में फुल स्लीव्स और डीप नेकलाइन थी, जिसे डोरी और लटकन से सजाया गया था। मलाइका ने वाइट मोतियों का चोकर और मैचिंग ईयररिंग्स पहने थे, और ग्लॉसी न्यूड लिप्स के साथ सटल मेकअप किया था। उन्होंने साइड पार्टीशन करके चोटी बनाई और उसे मोतियों से सजाया था। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119576937/malaika-arora-looks-beautiful-in-ivory-anarkali-and-organza-dupatta-for-holi-celebrations-119576937.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 16:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Malaika Arora, अनारकली, बॉलीवुड फैशन, होली सेलिब्रेशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>मलाइका अरोड़ा अपनी फिटनेस और फैशन सेंस के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। इस बार उन्होंने होली के मौके पर अनारकली सूट पहनकर सभी को अपना दीवाना बना लिया, जिससे उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया।</p><br><p>मलाइका अरोड़ा ने एक शानदार अनारकली सूट पहना था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। होली के एक इवेंट में मलाइका ने अपनी देसी अदाओं और सिजलिंग अंदाज से सभी को मोहित कर लिया।</p><br><p>मलाइका ने सुरीली जी लेबल का आइवरी अनारकली पहना था, जिसे आस्था शर्मा ने स्टाइल किया था। इस अनारकली की कीमत 85,000 रुपये थी, और दुपट्टे की कीमत 22,500 रुपये थी, जिससे इस पूरे आउटफिट की कीमत 1,07,500 रुपये हो गई।</p><br><p>मलाइका के अनारकली में फुल स्लीव्स थीं और चोली की नेकलाइन डीप थी, जिसमें डोरी की मदद से लटकन लगाई गई थी। स्कर्ट में पतली प्लीट्स थीं और मैचिंग दुपट्टे के बॉर्डर पर किरण लेस लगाई गई थी।</p><br><p>मलाइका ने अपने लुक को Ishhaara और Ascend कम्युनिकेशन लेबल की जूलरी से पूरा किया। उन्होंने वाइट मोतियों का चोकर और मैचिंग ईयररिंग्स पहने थे।</p><br><p>मलाइका ने ग्लॉसी न्यूड लिप्स के साथ सटल मेकअप किया था और माथे पर काली बिंदी लगाई थी। उन्होंने साइड पार्टीशन करके चोटी बनाई और उसे मोतियों से सजाया था, जिससे उनका हेयर स्टाइल बहुत खूबसूरत लग रहा था।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>व्रत में कमजोरी से बचने के लिए मखाना: फायदे और उपयोग</title>
<link>https://pratinidhi.in/navratri-fasting-makhana-benefits-and-how-to-include-in-diet</link>
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<description><![CDATA[ चैत्र नवरात्र में मखाना खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। मखाना हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को पोषण देते हैं और कमजोरी से बचाते हैं। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है, पाचन को दुरुस्त करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है और दिल को स्वस्थ रखता है। मखाने को रोस्ट करके या खीर बनाकर भी खा सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 16:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Navratri, Makhana, Fasting, Health, Dry Fruit, Energy</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>चैत्र नवरात्र 2025: व्रत में मखाना - कमजोरी का समाधान</strong><br><br>चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू होकर 6 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। व्रत के दौरान खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहे और कमजोरी न हो। मखाना एक ऐसा ड्राई फ्रूट है, जो आपको पूरे दिन तरोताजा रखेगा और ऊर्जा की कमी नहीं होने देगा।<br><br><strong>मखाने के फायदे</strong><br><br>मखाने में प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह व्रत के दौरान शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करता है और कमजोरी से बचाता है। यह आसानी से पच भी जाता है। मखाने में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है और ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है।<br><br><strong>पाचन और हड्डियों के लिए</strong><br><br>मखाने में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है। कैल्शियम की भरपूर मात्रा हड्डियों को मजबूत बनाती है।<br><br><strong>दिल के लिए फायदेमंद</strong><br><br>मखाने में कोलेस्ट्रॉल, सोडियम और फैट की मात्रा कम होती है, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित रखता है।<br><br><strong>मखाने को डाइट में कैसे शामिल करें</strong><br><br>मखाने को रोस्ट करके, खीर बनाकर, चिवड़ा के रूप में या फिर एक साधारण स्नैक के रूप में भी खा सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>डायबिटीज में दवा से कम नहीं ये 6 फल, ब्‍लड शुगर रहेगा कंट्रोल</title>
<link>https://pratinidhi.in/6-fruits-no-less-than-medicine-for-diabetes-patients-control-blood-sugar</link>
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<description><![CDATA[ डायबिटीज रोगियों के लिए जामुन, बेरीज, अमरूद, कीवी, संतरा और पपीता जैसे फल फायदेमंद हैं क्योंकि वे ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। जामुन में जंबोलिन और जंबोसिन होता है, बेरीज एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती हैं, अमरूद में फाइबर होता है, कीवी विटामिन C का स्रोत है, संतरा मीठे की क्रेविंग को शांत करता है, और पपीता पाचन को स्वस्थ रखता है। डायबिटीज रोगियों को केला, अंगूर, आम और अनानास जैसे मीठे फलों का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 12:30:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Diabetes, ब्लड शुगर, Fruits for Diabetics, डायबिटीज, फल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>डायबिटीज के रोगियों के लिए 6 फल जो दवा से कम नहीं, ब्लड शुगर को रखते हैं नियंत्रित</strong><br><br>आजकल, डायबिटीज एक सामान्य बीमारी बन गई है। डायबिटीज रोगियों को शुगर का स्तर सामान्य रखने के लिए अपने खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना चाहिए। यहां कुछ ऐसे फल बताए गए हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।<br><br><strong>जामुन:</strong> डायबिटीज के रोगियों के लिए जामुन सबसे अच्छा फल माना जाता है। इसमें जंबोलिन और जंबोसिन नामक तत्व होते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं। यह इंसुलिन की कार्यक्षमता को बढ़ाता है और पैंक्रियाज को स्वस्थ रखता है।<br><br><strong>बेरीज:</strong> ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और चेरी जैसी बेरीज डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होती हैं। बेरीज एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर से भरपूर होती हैं।<br><br><strong>अमरूद:</strong> अमरूद में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। इसमें मौजूद विटामिन C इम्युनिटी को मजबूत करता है।<br><br><strong>कीवी:</strong> कीवी विटामिन C का अच्छा स्रोत है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर होते हैं। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है और दिल के लिए भी फायदेमंद होता है।<br><br><strong>संतरा:</strong> संतरा डायबिटीज रोगियों के लिए एक अच्छा विकल्प है। यह मीठे की क्रेविंग को शांत करता है और ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता। इसमें फाइबर और विटामिन C होता है।<br><br><strong>पपीता:</strong> पपीता डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। खाली पेट खाने से पाचन स्वस्थ रहता है और डायबिटीज कंट्रोल में मदद मिलती है।<br><br>डायबिटीज रोगियों को केला, अंगूर, आम और अनानास जैसे मीठे फलों का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>डायबिटीज में प्याज: ब्लड शुगर को कम करने का प्राकृतिक उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/onion-for-diabetes-a-natural-way-to-reduce-blood-sugar-levels</link>
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<description><![CDATA[ प्याज एक ऐसी सब्जी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं, खासकर डायबिटीज रोगियों के लिए। एक अध्ययन में पाया गया कि प्याज के अर्क के सेवन से ब्लड शुगर लेवल 50% तक कम हो सकता है। प्याज में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं और यह कैंसर, हृदय रोग और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से भी बचाता है। प्याज में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 12:30:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>onion, diabetes, blood sugar, health benefits, आयुर्वेद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्याज एक ऐसी सब्जी है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं और यह डायबिटीज रोगियों के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है। <strong>डायबिटीज दुनिया में बढ़ती हुई स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है</strong>, जिससे हर साल लाखों लोगों की जान जाती है। डायबिटीज के खतरे को बढ़ाने में खानपान की आदतें और आरामदायक जीवनशैली का भी योगदान होता है।<br><br>एक बार डायबिटीज होने पर इसे दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव करके ही कंट्रोल किया जा सकता है। <strong>डायबिटीज को कंट्रोल करने में डाइट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है</strong>। कई सब्जियां और फल हैं जो शुगर लेवल को कम करने में मदद करते हैं।<br><br>एक स्टडी में पाया गया है कि प्याज के सेवन से डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। एक अध्ययन में दावा किया गया कि प्याज के अर्क के सेवन से ब्लड शुगर लेवल को 50% तक कम किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने चूहों पर की गई स्टडी के आधार पर यह दावा किया और प्याज को डायबिटीज का सबसे सस्ता और आसानी से उपलब्ध इलाज बताया। वैज्ञानिकों का कहना है कि प्याज का अर्क स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा हो सकता है।<br><br>ब्रिटिश वेबसाइट एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्याज का अर्क एंटी-डायबिटिक ड्रग मेटफॉर्मिन के साथ दिए जाने पर हाई ब्लड ग्लूकोज को कम करने में सक्षम था। मेटफॉर्मिन टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मुख्य दवा है।<br><br>यह सब्जी न केवल डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है, बल्कि इसके अन्य फायदे भी हैं जैसे कि यह कैंसर के खतरे को कम करती है। Clevelandclinic की रिपोर्ट के अनुसार, 2019 के एक अध्ययन में पाया गया कि हर साल 35 पाउंड प्याज और अन्य एलियम सब्जियों का सेवन करने से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा लगभग 80% तक कम हो सकता है।<br><br>प्याज में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जिनमें क्वेरसेटिन नामक एक फ्लेवोनोइड भी शामिल है, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। <strong>इसके अलावा, प्याज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट हड्डियों को भी मजबूत बनाते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस को कम करते हैं</strong>।]]> </content:encoded>
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<title>ऋषभ पंत की बहन की शादी में ईशा नेगी ने लूटी महफिल, लहंगा पहनकर बटोरी लाइमलाइट</title>
<link>https://pratinidhi.in/isha-negi-stole-limelight-at-rishabh-pant-sister-wedding-with-stunning-lehenga-look</link>
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<description><![CDATA[ ऋषभ पंत की रूमर्ड गर्लफ्रेंड ईशा नेगी ने अपनी खूबसूरती और फैशन सेंस से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने साक्षी पंत की शादी में एक खूबसूरत लहंगा पहना था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। ईशा ने मसूरी में हुई शादी के लिए रंग-बिरंगा लहंगा चुना। इस लहंगे पर फ्लोरल पैटर्न बना हुआ था, और सितारों और सीक्वेन से इसे सजाया गया था। ईशा ने स्टेटमेंट जूलरी भी पहनी थी, जो उनके लुक को और भी खूबसूरत बना रही थी। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119553062/when-rishabh-pant-rumoured-girlfriend-isha-negi-stunning-lehenga-look-at-sakshi-pant-wedding-stole-limelight-119553062.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 12:28:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ऋषभ पंत, ईशा नेगी, साक्षी पंत, शादी, लहंगा, फैशन, सेलिब्रिटी, क्रिकेटर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ऋषभ पंत की बहन की शादी में, उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड ईशा नेगी ने सबका ध्यान खींचा। ईशा ने एक खूबसूरत लहंगा पहना था, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
<br><br>
ईशा नेगी ने मसूरी में हुई शादी के लिए रंग-बिरंगा लहंगा चुना। इस लहंगे पर फ्लोरल पैटर्न बना हुआ था, और सितारों और सीक्वेन से इसे सजाया गया था। ईशा ने स्टेटमेंट जूलरी भी पहनी थी, जो उनके लुक को और भी खूबसूरत बना रही थी। उन्होंने ग्लॉसी मेकअप किया था, जिसमें पिंक लिप्स और शाइनी आईशैडो शामिल थे।
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ईशा नेगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, और लोग उनकी खूबसूरती की तारीफ कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मिलावटी कुट्टू के आटे से कैसे बचें: आसान पहचान के तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-identify-real-and-fake-kuttu-ka-atta-during-navratri</link>
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<description><![CDATA[ नवरात्रि में व्रत रखने वाले लोग कुट्टू के आटे का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसमें मिलावट की आशंका रहती है। असली और नकली कुट्टू के आटे की पहचान करने के लिए रंग की जांच करें; शुद्ध आटा गहरे भूरे रंग का होता है। पानी में मिलाकर परीक्षण करें; मिलावटी आटा तैरता हुआ दिखाई देगा। गूंथकर देखें; शुद्ध आटा बंध जाएगा, जबकि मिलावटी आटा बिखर जाएगा। पैकेट पर FSSAI मार्क और एक्सपायरी डेट की जांच करें। इन तरीकों से आप मिलावटी आटे से बच सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 12:28:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कुट्टू का आटा, मिलावट, नवरात्रि, व्रत, असली और नकली, पहचान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>नवरात्रि में कुट्टू के आटे की मिलावट से कैसे बचें:</b><br><br>नवरात्रि के दौरान, बहुत से लोग व्रत रखते हैं और कुट्टू के आटे का सेवन करते हैं। हालांकि, इस आटे में मिलावट होना आम बात है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप असली और नकली कुट्टू के आटे की पहचान कर सकते हैं।<br><br><b>रंग से पहचान:</b><br>शुद्ध कुट्टू का आटा गहरे भूरे रंग का होता है। यदि आटा ग्रे या हरे रंग का दिखाई दे, तो यह मिलावटी हो सकता है।<br><br><b>पानी का परीक्षण:</b><br>एक गिलास पानी में एक चम्मच आटा मिलाएं। यदि आटे में मिलावट है, तो अशुद्धियाँ पानी में तैरती हुई दिखाई देंगी।<br><br><b>गूंधकर देखें:</b><br>आटे को गूंथकर भी मिलावट का पता लगाया जा सकता है। शुद्ध कुट्टू का आटा आसानी से बंध जाएगा, जबकि मिलावटी आटा बिखर जाएगा।<br><br><b>लेबल की जांच करें:</b><br>पैकेट वाले आटे का लेबल ध्यान से पढ़ें। FSSAI मार्क की तलाश करें और सुनिश्चित करें कि आटे की एक्सपायरी डेट अभी नहीं निकली है।<br><br>इन सरल तरीकों से, आप नवरात्रि के दौरान मिलावटी कुट्टू के आटे से बच सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या नियमित गैस पास होना हेल्दी पेट की निशानी है?</title>
<link>https://pratinidhi.in/is-regular-farting-a-sign-of-a-healthy-gut-fact-check-in-hindi</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार, नियमित रूप से गैस पास होना एक स्वस्थ पेट का संकेत हो सकता है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की जांच की और पाया कि यह सच है। फरीदाबाद के मेट्रो हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. विशाल खुराना के अनुसार, गैस पास होना पाचन का एक सामान्य हिस्सा है। यह गैस, भोजन के टूटने से उत्पन्न होती है। कुछ अध्ययनों में यह भी माना गया है कि एक दिन में 25 बार तक गैस पास होना सामान्य है। डॉक्टर खानपान और जीवनशैली में सावधानी बरतने की सलाह देते। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 12:28:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गैस पास होना, हेल्दी पेट, पाचन, गट हेल्थ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गैस पास होने को लेकर अक्सर मजाक बनाया जाता है, लेकिन यह हमारे पाचन क्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार, नियमित रूप से गैस पास होना एक स्वस्थ पेट का संकेत हो सकता है।

सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की जांच की और पाया कि यह सच है। फरीदाबाद के मेट्रो हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. विशाल खुराना के अनुसार, गैस पास होना पाचन का एक सामान्य हिस्सा है। यह गैस, भोजन के टूटने से उत्पन्न होती है।

डॉ. खुराना का कहना है कि अगर पाचन सही है, तो गैस बनना स्वाभाविक है। बड़ी आंत में मौजूद बैक्टीरिया बिना पचे भोजन को तोड़कर गैस बनाते हैं। कुछ अध्ययनों में यह भी माना गया है कि एक दिन में 25 बार तक गैस पास होना सामान्य है।

हालांकि, अगर गैस बनने के साथ ब्लोटिंग और पेट में दर्द जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं, तो यह पाचन संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में बीन्स, मटर, दालें, पत्तागोभी, मशरूम, साबुत अनाज और कार्बोनेटेड ड्रिंक जैसे गैस बनाने वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए।

<br><br><b>निष्कर्ष:</b> सजग फैक्ट चेक टीम ने इस पोस्ट को सही पाया है। डॉक्टर खानपान और जीवनशैली में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गर्मी के सिरदर्द से राहत: तरबूज का जूस, एक्सपर्ट की राय में है सुपर चॉइस</title>
<link>https://pratinidhi.in/heat-wave-headache-watermelon-juice-expert-opinion</link>
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<description><![CDATA[ गर्मी में हीट वेव से होने वाले सिरदर्द के लिए तरबूज का जूस एक बेहतरीन उपाय है। इसमें 90% पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और डिहाइड्रेशन को कम करता है। तरबूज में पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी होते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखते हैं। इससे हीट के कारण होने वाले सिरदर्द और मसल क्रैम्प्स से राहत मिलती है। तरबूज का जूस ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर करता है और इसमें लाइकोपीन और विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। बेहतर फायदे के लिए तरबूज के जूस में काला नमक और नींबू मिलाकर पिएं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 12:28:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>heat wave, headache, watermelon juice, dehydration, electrolytes</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>हीट वेव में सिरदर्द: तरबूज के जूस से पाएं राहत</strong><br><br>गर्मी के मौसम में हीट वेव के कारण होने वाले सिरदर्द से परेशान हैं? तो दवा लेने से पहले तरबूज का जूस जरूर ट्राई करें। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के अनुसार, तरबूज का जूस सिरदर्द को दूर करने में मदद कर सकता है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की पड़ताल की है।<br><br><strong>एक्सपर्ट की राय</strong><br><br>हैदराबाद के ग्लेनीगल्स अस्पताल के डॉ. मनीन्द्र का कहना है कि तरबूज का जूस हीट एक्सपोजर और डिहाइड्रेशन से होने वाले सिरदर्द के लिए फायदेमंद है। तरबूज में 90% पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और डिहाइड्रेशन को कम करता है, जिससे सिरदर्द में आराम मिलता है।<br><br><strong>इलेक्ट्रोलाइट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर</strong><br><br>तरबूज में पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को बनाए रखते हैं। इससे हीट के कारण होने वाले सिरदर्द और मसल क्रैम्प्स से राहत मिलती है। तरबूज का जूस ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर करता है। इसमें लाइकोपीन और विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं, जो ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करके सिरदर्द से आराम दिलाते हैं।<br><br><strong>कैसे करें सेवन</strong><br><br>डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्मी में नियमित रूप से तरबूज का सेवन करें। बेहतर फायदे के लिए तरबूज के जूस में काला नमक और नींबू मिलाकर पिएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जापानी बच्चों के खास बैग: भूकंप में भी सुरक्षा, भारत में बैग नियम</title>
<link>https://pratinidhi.in/japanese-children-randoseru-school-bags-indian-bags-health</link>
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<description><![CDATA[ जापान में बच्चे रैंडोसेरु नामक खास स्कूल बैग का इस्तेमाल करते हैं, जो उन्हें भूकंप से बचाता है। यह 100 साल पुराना बैग मीजी युग में शुरू हुआ और नीदरलैंड के सैन्य बैकपैक से प्रेरित है। यह जापानी संस्कृति में अनुशासन और शिक्षा का प्रतीक है। भारत में, बच्चों के भारी स्कूल बैग एक चिंता का विषय है, क्योंकि वे अपने शरीर के वजन का 45% तक ढोते हैं, जबकि शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह 10% से अधिक नहीं होना चाहिए। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119526983/japanese-children-use-special-randoseru-school-bags-how-indian-bags-affect-children-health-119526983.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 12:27:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>स्‍कूल बैग, जापानी बच्‍चे, randoseru, स्‍पेशल स्‍कूल बैग, randoseru school bags, indian bags, children health, School bag</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[जापान में, बच्चे एक विशेष प्रकार का स्कूल बैग इस्तेमाल करते हैं, जो उन्हें भूकंप से बचाने में सहायक होता है। इस बैग का नाम रैंडोसेरु है। यह बैग न केवल किताबें रखने के लिए है, बल्कि यह भूकंप के दौरान सुरक्षा भी प्रदान करता है।<br><br>रैंडोसेरु बैग, जो 100 साल से अधिक पुराना है, मीजी युग (1868-1912) में शुरू हुआ था। यह नीदरलैंड के सैन्य बैकपैक से प्रेरित है और अब यह जापान में अनुशासन, एकता और शिक्षा का प्रतीक बन गया है।<br><br>भारत में, बच्चों के स्कूल बैग का वजन एक चिंता का विषय है, क्योंकि वे भारी बोझ लेकर जाते हैं जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ता है। एक अध्ययन के अनुसार, अधिकांश बच्चे अपने शरीर के वजन का 45% से अधिक भार ढोते हैं, जबकि शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, स्कूल बैग का वजन बच्चे के वजन का 10% से अधिक नहीं होना चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ठंडा पानी: गर्मियों में ठंडा पानी पीने के नुकसान</title>
<link>https://pratinidhi.in/side-effects-of-drinking-cold-water-in-summer-in-hindi</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में फ्र‍िज का ठंडा पानी पीने से कब्ज, हार्ट रेट कम होना, गले में खराश, सिर दर्द और वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ठंडा पानी पीने से खाना शरीर में सख्‍त हो जाता है, आंतें सिकुड़ जाती हैं और वेगस नर्व उत्तेजित होती है। इससे बलगम बनता है, स्पाइन की तंत्रिकाओं को ठंडक पहुंचती है और शरीर की चर्बी सख्‍त हो सकती है। इसलिए, गर्मियों में फ्र‍िज का पानी पीने से बचना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 17:28:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ठंडा पानी, गर्मी, सेहत, कब्ज, हार्ट रेट, गले में खराश, सिर दर्द, वजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में फ्र‍िज का ठंडा पानी पीने से होने वाले नुकसान

गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है, लेकिन फ्र‍िज का पानी पीने से सेहत को नुकसान हो सकता है।

<strong>कब्ज की समस्या:</strong> ठंडा पानी पीने से खाना शरीर में सख्‍त हो जाता है, जिससे आंतें सिकुड़ जाती हैं और कब्ज होता है।<br><br><strong>हार्ट रेट कम होना:</strong> ठंडा पानी पीने से वेगस नर्व उत्तेजित होती है, जिससे दिल की धड़कने कम हो सकती हैं।<br><br><strong>गले में खराश:</strong> रोजाना ठंडा पानी पीने से गले में खराश, बलगम और सर्दी हो सकती है।<br><br><strong>सिर दर्द:</strong> धूप से आने के बाद ठंडा पानी पीने से स्पाइन की तंत्रिकाओं को ठंडक पहुंचती है, जिससे सिर दर्द होता है।<br><br><strong>वजन बढ़ना:</strong> ठंडा पानी पीने से शरीर की चर्बी सख्‍त हो सकती है और वजन कम होने में रुकावट आ सकती है।

इसलिए, गर्मियों में फ्र‍िज का पानी पीने से बचना चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रोहेन नदी: दुनिया की सबसे छोटी नदी</title>
<link>https://pratinidhi.in/rohen-river-the-shortest-river-in-the-world</link>
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<description><![CDATA[ रोहेन नदी, जो मोंटाना, अमेरिका में स्थित है, दुनिया की सबसे छोटी नदी है, जिसे कुछ सेकंड में पार किया जा सकता है। यह नदी सिर्फ 61 मीटर लंबी है और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। यह ग्रेस फॉल्स में गायंट स्प्रिंग्स से निकलती है और मिसौरी नदी में मिलती है। तमब्रासी नदी को भी सबसे छोटी नदी माना जाता है, लेकिन रोहेन नदी आधिकारिक तौर पर सबसे छोटी है। अन्य छोटी नदियों में डूडी नदी और अज़ुल नदी शामिल हैं। रोहेन नदी का दौरा करना एक अनूठा अनुभव हो सकता है। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/26032025/26_03_2025-worlds_smallest_river_23906361.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 17:28:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Roe River, World&#039;s Shortest River, Montana, United States, ग्रेस फॉल्स, गायंट स्प्रिंग्स, मिसौरी नदी, तमब्रासी नदी, इंडोनेशिया, डूडी नदी, ओरेगॉन, अज़ुल नदी, अर्जेंटीना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रोहेन नदी: दुनिया की सबसे छोटी नदी</strong><br><br>नदियों की जब भी बात होती है, तो हमारे मन में विशाल जलधाराओं का दृश्य आता है, जो पहाड़ों से निकलकर हजारों किलोमीटर तक बहती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी नदी भी है जिसे कुछ ही सेकंड में पार किया जा सकता है? यह नदी है रोहेन नदी, जो अमेरिका के मोंटाना राज्य में स्थित है।<br><br>गंगा, ब्रह्मपुत्र, नील और अमेजन जैसी नदियां अपनी विशालता के लिए जानी जाती हैं, लेकिन रोहेन नदी इतनी छोटी है कि इसे कुछ सेकंड में पार किया जा सकता है। मोंटाना में स्थित यह नदी सिर्फ 61 मीटर लंबी है और दुनिया की सबसे छोटी नदी के रूप में प्रसिद्ध है।<br><br>रोहेन नदी ग्रेस फॉल्स, मोंटाना में गायंट स्प्रिंग्स से निकलती है और मिसौरी नदी में मिल जाती है। गायंट स्प्रिंग्स अमेरिका के सबसे बड़े झरनों में से एक है। रोहेन नदी में निरंतर जल प्रवाह होता है और इसका अपना स्रोत और संगम है, इसलिए इसे आधिकारिक तौर पर नदी माना जाता है।<br><br>इसकी लंबाई सिर्फ 61 मीटर है, यानी इसे पैदल पार करने में केवल 10-15 सेकंड लगते हैं। यह छोटी सी जलधारा कई बार झील जैसी दिखती है, लेकिन यह वास्तव में एक नदी है। रोहेन नदी अपनी सुंदरता और स्वच्छता के लिए भी जानी जाती है।<br><br>यह नदी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया की सबसे छोटी नदी के रूप में दर्ज है। इसका पानी साफ और ठंडा है, क्योंकि यह गायंट स्प्रिंग्स से निकलती है। रोहेन नदी का दौरा करना एक अनूठा अनुभव हो सकता है।<br><br>इंडोनेशिया में तमब्रासी नदी को भी दुनिया की सबसे छोटी नदी माना जाता है, जिसकी लंबाई लगभग 20 मीटर है, लेकिन इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं मिली है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, रोहेन नदी अभी भी दुनिया की सबसे छोटी नदी है।<br><br>अन्य छोटी नदियों में इंडोनेशिया की तमब्रासी नदी, ओरेगॉन, अमेरिका की डूडी नदी और अर्जेंटीना की अज़ुल नदी शामिल हैं। वैज्ञानिक लगातार नई नदियों की खोज कर रहे हैं, इसलिए भविष्य में रोहेन नदी का रिकॉर्ड टूट सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>मनप्रीत कौर का सीक्रेट: घर पर बनाएं चारकोल फेस मास्क</title>
<link>https://pratinidhi.in/manpreet-kaur-secret-make-charcoal-face-mask-at-home</link>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर मनप्रीत कौर ने घर पर चारकोल पाउडर बनाने का आसान तरीका बताया है। यह फेस मास्क ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स को साफ करता है, लेकिन बाजार के मास्क त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। घर पर चारकोल पाउडर बनाने के लिए कोयला, फिल्टर पानी, थाली, छलनी और नींबू चाहिए। कोयले को धोकर पीस लें, पानी से साफ करें, नींबू का रस निचोड़कर सुखा लें, फिर पीसकर छान लें। इस पाउडर को पानी, शहद या दही के साथ इस्तेमाल करें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119534002/how-to-make-active-charcoal-powder-for-face-mask-to-get-glowing-skin-by-content-creator-manpreet-kaur-119534002.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 17:28:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चारकोल पाउडर, फेस मास्क, मनप्रीत कौर, स्किन केयर, ब्यूटी टिप्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप घर पर ही <Strong>चारकोल पाउडर</Strong> बना सकते हैं, जैसा कि कंटेंट क्रिएटर मनप्रीत कौर ने अपने इंस्टाग्राम पर बताया है। यह तरीका बहुत ही आसान है और इसका इस्तेमाल करना भी बेहद सरल है। तो चलिए, बिना देर किए जानते हैं कि कैसे आप अपने चेहरे पर निखार ला सकते हैं।<br><br>आपके पास भी कई तरह के <Strong>फेस पैक</Strong> और मास्क होंगे, जो आपके चेहरे को निखारने में मदद करते होंगे। उन्हीं में से एक है <Strong>चारकोल फेस मास्क</Strong>, जो ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स को साफ करता है। लेकिन, बाजार में मिलने वाले ये फेस मास्क कभी-कभी हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जैसे कि त्वचा का छिलना या लालिमा फैलना।<br><br>हम चाहते हैं कि आपकी त्वचा हीरे की तरह चमके, इसलिए आज हम आपको <Strong>कंटेंट क्रिएटर मनप्रीत कौर</Strong> का बताया हुआ नुस्खा बताने जा रहे हैं। उन्होंने खुद घर पर <Strong>चारकोल पाउडर</Strong> बनाने का तरीका बताया है, जिसका इस्तेमाल आप आसानी से कर सकते हैं। मनप्रीत का कहना है कि यह नुस्खा दुनिया के हर ब्रांड के चारकोल मास्क को फेल कर देगा। तो फिर देर किस बात की, आइए जानते हैं इसे घर पर कैसे बनाएं।<br><br><Strong>चारकोल फेस मास्क क्या होता है?</Strong><br>चारकोल फेस मास्क के लिए एक्टिव चारकोल का इस्तेमाल किया जाता है। यह पोर्स से अतिरिक्त तेल और ब्लैकहेड्स-वाइटहेड्स को साफ करने में मदद करता है। वैसे तो आप इसे बाजार से भी खरीद सकते हैं, लेकिन घर पर प्राकृतिक तरीके से बने फेस मास्क की बात ही अलग होती है। इसलिए, आज हम आपको मनप्रीत कौर का बताया <Strong>चारकोल पाउडर</Strong> बनाने का तरीका बताने वाले हैं।<br><br><Strong>चारकोल फेस पाउडर बनाने के लिए क्या चाहिए?</Strong><br><ul><li>कोयला</li><li>फिल्टर पानी</li><li>थाली</li><li>छलनी</li><li>नींबू</li></ul><br><Strong>ऐसे तैयार करें चारकोल पाउडर</Strong><br>सबसे पहले कोयले को पानी से धो लें, फिर उसे दरदरा पीस लें। इसके बाद, एक थाली में कोयले का पाउडर और पानी डालकर अच्छी तरह साफ करके छान लें। आखिर में, कोयले को थाली में फैलाकर नींबू का रस निचोड़ें और सूखने के लिए छोड़ दें।<br><br><Strong>घर पर चारकोल पाउडर बनाने का तरीका</Strong><br>नींबू का इस्तेमाल चारकोल को एक्टिवेट करने के लिए किया जाता है। जब कोयला सूख जाए, तो उसे मिक्सी में पीसकर छान लें। अब आपका <Strong>एक्टिव चारकोल पाउडर</Strong> तैयार है, जिसे आप पानी, शहद या दही के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>प्रोटीन की कमी: कारण, लक्षण और निवारण</title>
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<description><![CDATA[ शरीर में हेल्‍दी मसल्‍स और सेल्‍स के लिए पर्याप्‍त मात्रा में प्रोटीन होना जरूरी है। प्रोटीन की कमी से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, बार-बार बीमार पड़ना, बालों का झड़ना, त्‍वचा की समस्‍याएं, भूख बढ़ना, वजन घटना, सूजन और थकान जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। एक स्‍वस्‍थ व्‍यस्‍क को रोजाना 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से लेना चाहिए। प्रोटीन के लिए अंडे, चिकन, मछली, दूध, दही, पनीर, दालें, राजमा, सोयाबीन, मूंगफली, बादाम और क्विनोआ का सेवन करें। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/26032025/26_03_2025-protein_deficiency_23906286.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 16:45:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्रोटीन, प्रोटीन की कमी, प्रोटीन की कमी के स्वास्थ्य जोखिम, प्रोटीन की कमी के चेतावनी संकेत, कितना प्रोटीन चाहिए?, दैनिक प्रोटीन की आवश्यकता, प्रोटीन के अच्छे स्रोत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>प्रोटीन की कमी: कारण, लक्षण और निवारण</strong><br><br>शरीर में हेल्‍दी मसल्‍स और सेल्‍स के लिए पर्याप्‍त मात्रा में प्रोटीन होना जरूरी है। कई लोग अपनी डाइट से पर्याप्‍त प्रोटीन नहीं ले पाते, जिससे मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। प्रोटीन शरीर के कई कार्यों में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता है।<br><br><strong>प्रोटीन की कमी से होने वाली समस्‍याएं:</strong><br><br><strong>मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द:</strong> प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और मरम्‍मत के लिए जरूरी है। इसकी कमी से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे थकान और दर्द होता है।<br><br><strong>बार-बार बीमार पड़ना:</strong> प्रोटीन इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करता है। इसकी कमी से शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।<br><br><strong>बालों का झड़ना और त्‍वचा की समस्‍याएं:</strong> प्रोटीन की कमी से बाल झड़ने लगते हैं, रूखे हो जाते हैं और नाखून कमजोर हो जाते हैं। त्‍वचा पर रैशेज और घाव भरने में देरी भी हो सकती है।<br><br><strong>भूख बढ़ना और वजन घटना:</strong> प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। इसकी कमी से बार-बार भूख लगती है, लेकिन वजन घटने लगता है, क्‍योंकि शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को तोड़ने लगता है।<br><br><strong>सूजन:</strong> प्रोटीन की कमी से शरीर में सूजन आ सकती है, खासकर पैरों, हाथों और चेहरे पर।<br><br><strong>थकान और कमजोरी:</strong> प्रोटीन की कमी से शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है।<br><br><strong>रोजाना कितना प्रोटीन लेना चाहिए:</strong><br><br>एक स्‍वस्‍थ व्‍यस्‍क को रोजाना 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम वजन के हिसाब से लेना चाहिए। प्रोटीन के लिए अंडे, चिकन, मछली, दूध, दही, पनीर, दालें, राजमा, सोयाबीन, मूंगफली, बादाम और क्विनोआ का सेवन करें।]]> </content:encoded>
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<title>आंखों की रोशनी के लिए: ग्लूकोमा के आयुर्वेदिक उपचार</title>
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<description><![CDATA[ ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है जिससे अंधापन हो सकता है, लेकिन शुरुआती पहचान और प्रबंधन से इसे रोका जा सकता है। डॉ. मन्दीप सिंह बसु के अनुसार, ग्लूकोमा के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए समय पर जांच जरूरी है। इसके दो मुख्य प्रकार हैं, ओपन-एंगल और एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा। आयुर्वेद में प्राकृतिक उपचारों जैसे आहार, जड़ी-बूटियों, व्यायाम और योग के माध्यम से इसका इलाज किया जाता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण दोषों के असंतुलन को ठीक करने पर केंद्रित है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119517057/dr-from-basu-eye-care-centre-mandeep-told-best-ayurvedic-treatment-of-glaucoma-119517057.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 16:45:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>glaucoma, ayurvedic treatment, eye care, vision, herbal remedies</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है जो धीरे-धीरे अंधापन का कारण बन सकता है। हालांकि इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन समय पर पहचान और उचित प्रबंधन से इसे रोका जा सकता है। यदि आपको ग्लूकोमा का खतरा है, तो जल्द से जल्द आयुर्वेदिक चिकित्सक और नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह लें ताकि आपकी आंखों की रोशनी सुरक्षित रह सके। <br><br>डॉ. मन्दीप सिंह बसु के अनुसार, 2020 में लगभग 64.3 मिलियन लोग ग्लूकोमा से प्रभावित थे, और 2040 तक यह संख्या 111.8 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इसलिए, इसे समय पर पहचानना और इलाज करवाना बहुत जरूरी है। <br><br>ग्लूकोमा धीरे-धीरे विकसित होता है, और इसकी शुरुआती अवस्था में कोई साफ लक्षण नहीं होते। अधिकतर लोग तब तक कोई परेशानी महसूस नहीं करते जब तक कि उनकी ऑप्टिक नर्व को गंभीर नुकसान नहीं पहुंच जाता। इस कारण से, नियमित आंखों की जांच करवाना बेहद जरूरी है, क्योंकि यदि एक बार दृष्टि चली गई, तो उसे वापस नहीं लाया जा सकता। हालांकि, अगर समय रहते इस बीमारी का पता चल जाए, तो इलाज से आगे होने वाले नुकसान को रोका जा सकता है। <br><br>ग्लूकोमा के दो मुख्य प्रकार हैं: ओपन-एंगल ग्लूकोमा और एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा। ओपन-एंगल ग्लूकोमा सबसे सामान्य प्रकार है, जिसमें आंखों में तरल पदार्थ सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाता, जिससे आंखों का दबाव धीरे-धीरे बढ़ता है। एंगल-क्लोजर ग्लूकोमा कम सामान्य लेकिन ज्यादा खतरनाक होता है, जिसमें आंख का तरल अचानक जमा हो जाता है, जिससे आंखों का दबाव तेजी से बढ़ जाता है। <br><br>आयुर्वेद में ग्लूकोमा के इलाज के लिए प्राकृतिक और समग्र दृष्टिकोण अपनाया जाता है। इसमें आहार परिवर्तन, हर्बल दवाएं, व्यायाम और योग शामिल होते हैं, जो आंखों की सेहत को बनाए रखने में मदद करते हैं। सही डाइट, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, आंखों के व्यायाम, नस्य चिकित्सा और तनाव प्रबंधन ग्लूकोमा के इलाज में सहायक हो सकते हैं। आयुर्वेद ग्लूकोमा को दोषों के असंतुलन के आधार पर दो भागों में बांटता है: वातजा अधिमंत और पित्तजा अधिमंत।]]> </content:encoded>
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<title>दिव्यांका त्रिपाठी बनीं &amp;apos;मगर रानी&amp;apos;: बेबी क्रोकोडाइल के साथ दिखा दिलकश अंदाज</title>
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<description><![CDATA[ टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी ने पति विवेक दहिया के साथ श्रीलंका वेकेशन की तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें वह बेबी मगरमच्छ के साथ नजर आ रही हैं। फ्लोरल ड्रेस में दिव्यांका का सादगी भरा अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है। फैंस ने उन्हें &#039;मगर रानी&#039; बताया है। विवेक दहिया भी पिंक शर्ट और डेनिम जींस में कूल दिखे। दिव्यांका ने मिनिमल जूलरी और खुले बालों के साथ अपने लुक को कंप्लीट किया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119530355/divyanka-tripathi-simplicity-in-white-and-blue-printed-dress-grabs-attention-as-she-posed-with-baby-crocodile-119530355.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 16:10:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Divyanka Tripathi, Fashion, Lifestyle, Sri Lanka, Vacation, Baby Crocodile</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>दिव्यांका त्रिपाठी बनीं 'मगर रानी': दिखा दिलकश अंदाज</strong><br><br>दिव्यांका त्रिपाठी, जो टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं, अपनी फैशन सेंस के लिए भी जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्होंने अपने वेकेशन की कुछ तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह एक बेबी मगरमच्छ के साथ नजर आ रही हैं। इन तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खूब धमाल मचाया है।<br><br>इन तस्वीरों में दिव्यांका श्रीलंका में अपने पति विवेक दहिया के साथ छुट्टियां मना रही हैं। उन्होंने फ्लोरल प्रिंटेड ड्रेस पहनी हुई है, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही हैं। दिव्यांका ने कभी मगरमच्छ को अपने सिर पर तो कभी हाथ में उठाकर पोज दिए, जिससे उनके फैंस काफी प्रभावित हुए।<br><br>विवेक ने भी इस दौरान पिंक शर्ट और डेनिम जींस पहनी थी, जिसमें वह काफी कूल लग रहे थे। दिव्यांका ने अपने लुक को मिनिमल जूलरी और खुले बालों के साथ पूरा किया था। फैंस ने दिव्यांका की इन तस्वीरों पर खूब प्यार बरसाया और उन्हें 'मगर रानी' की उपाधि दी।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>उम्र को मात देती बॉलीवुड हसीनाएं: नेहा धूपिया, दिव्या दत्ता और शेफाली शाह का प्रेरणादायक अंदाज</title>
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<description><![CDATA[ बॉलीवुड अभिनेत्रियां नेहा धूपिया, दिव्या दत्ता और शेफाली शाह ने हाल ही में एक अवार्ड शो में अपनी खूबसूरती से सबको मोहित किया। 40 की उम्र पार कर उन्होंने साबित किया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। नेहा रेड गाउन में 25 की लग रही थीं, दिव्या रेड लिपस्टिक में हसीन, और शेफाली ब्लैक ड्रेस में खूबसूरत थीं। इन तीनों ने बढ़ती उम्र के साथ खूबसूरती बनाए रखने की प्रेरणा दी। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119521538/neha-dhupia-divya-dutta-and-shefali-shah-give-inspiration-to-40s-women-to-look-beautiful-in-all-age-119521538.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 14:23:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Neha Dhupia, Divya Dutta, Shefali Shah, Bollywood, beauty, fashion, ageing, inspiration</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बॉलीवुड की तीन दिग्गज अभिनेत्रियां, नेहा धूपिया, दिव्या दत्ता और शेफाली शाह, ने हाल ही में एक अवार्ड शो में अपनी खूबसूरती से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। 40 की उम्र पार कर चुकीं इन अभिनेत्रियों ने साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है।
<br><br>
<strong>नेहा धूपिया:</strong> 44 साल की नेहा धूपिया रेड कलर के गाउन में 25 साल की युवती जैसी दिख रही थीं। उन्होंने लाइट मेकअप और मेसी हेयरस्टाइल से अपने लुक को कंप्लीट किया था।
<br><br>
<strong>दिव्या दत्ता:</strong> 47 साल की दिव्या दत्ता टोमैटो रेड कलर की लिपस्टिक और फ्लॉलेस मेकअप में बेहद हसीन लग रही थीं। उन्होंने साड़ी के साथ ब्रेड हेयरस्टाइल कैरी किया था, जो उनकी खूबसूरती को और बढ़ा रहा था।
<br><br>
<strong>शेफाली शाह:</strong> 52 साल की शेफाली शाह काली ड्रेस, लाल लिपस्टिक और खुले बालों में अवार्ड शो में पहुंची थीं। उन्होंने भी अपनी खूबसूरती से सबको आकर्षित किया।
<br><br>
इन तीनों अभिनेत्रियों ने यह साबित कर दिया कि उम्र बढ़ने के साथ खूबसूरती और भी बढ़ सकती है। उन्होंने 40 की उम्र पार कर चुकीं महिलाओं को प्रेरणा दी है कि वे अपनी खूबसूरती का ख्याल रखें और हमेशा आत्मविश्वास से भरी रहें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हल्दी की पत्तियों के 6 अद्भुत फायदे</title>
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<description><![CDATA[ हल्दी की पत्तियां एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाती हैं और सर्दी-खांसी से बचाती हैं। इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करते हैं। ये पत्तियां पाचन को सुधारती हैं, त्वचा को खूबसूरत बनाती हैं, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करती हैं, और खून को साफ करती हैं। हल्दी की पत्तियों का काढ़ा बनाकर या पीसकर त्वचा पर लगाया जा सकता है, या फिर इन्हें खाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 14:23:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हल्दी की पत्तियां, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल, रोग प्रतिरोधक क्षमता, सूजन, पाचन, त्वचा, डायबिटीज, ब्लड शुगर लेवल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>हल्दी की पत्तियों के 6 अद्भुत फायदे</b><br><br>हल्दी, जिसे आमतौर पर एक मसाले के रूप में जाना जाता है, इसके पौधे के पत्ते भी कई स्वास्थ्य लाभों से भरपूर होते हैं। हल्दी की पत्तियों का उपयोग विभिन्न रोगों से बचाव के लिए किया जा सकता है।<br><br><b>इम्युनिटी बूस्टर:</b> हल्दी की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं और सर्दी-खांसी जैसे संक्रमणों से बचाते हैं।<br><br><b>सूजन कम करे:</b> हल्दी की पत्तियों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करते हैं और जोड़ों के दर्द और गठिया के लक्षणों से राहत दिलाते हैं।<br><br><b>पाचन तंत्र को दुरुस्त रखे:</b> हल्दी की पत्तियां पाचन को सुधारती हैं और पेट की गैस और सूजन जैसी समस्याओं से राहत दिलाती हैं।<br><br><b>त्वचा को बनाए खूबसूरत:</b> हल्दी की पत्तियों का पेस्ट त्वचा को मुलायम, चिकना और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है और चेहरे के दाग-धब्बों को दूर करता है।<br><br><b>डायबिटीज में फायदेमंद:</b> हल्दी की पत्तियां ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करती हैं और इंसुलिन के स्तर में सुधार करती हैं, जिससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिलता है।<br><br><b>खून की सफाई करे:</b> हल्दी की पत्तियों का पानी पीने से खून साफ होता है और ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा रहता है।<br><br><b>इस्तेमाल कैसे करें:</b> हल्दी की पत्तियों को पानी में उबालकर काढ़ा बना लें और शहद मिलाकर पिएं। त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए इन पत्तियों को पीसकर प्रभावित जगहों पर लगाएं। आप इनका इस्तेमाल खाने में भी कर सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>काजोल का रेड ड्रेस में दिखा जलवा</title>
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<guid>https://pratinidhi.in/kajol-red-maxi-dress-stylish-look-qua-label-mohit-rai</guid>
<description><![CDATA[ काजोल ने हाल ही में लाल रंग की मैक्सी ड्रेस में अपनी कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही हैं। इस ड्रेस को सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट मोहित राय ने स्टाइल किया था, और यह QUA लेबल की थी। काजोल ने अपने लुक को मिनिमल एक्सेसरीज और ब्लैक लोफर्स के साथ पूरा किया था। उन्होंने मेकअप भी बहुत कम किया था, जिससे उनकी नेचुरल ब्यूटी और भी उभर कर आ रही थी। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 14:20:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>काजोल, रेड मैक्सी ड्रेस, क्लासी लुक, फैशन, बॉलीवुड, स्टाइलिश, मोहित राय, QUA लेबल, ब्लैक लोफर्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल अपनी अदाओं और फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्होंने लाल रंग की मैक्सी ड्रेस में अपनी कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर कीं, <br><br>जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही हैं। इस ड्रेस को सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट मोहित राय ने स्टाइल किया था, और यह QUA लेबल की थी। <br><br>काजोल ने अपने लुक को मिनिमल एक्सेसरीज और ब्लैक लोफर्स के साथ पूरा किया था। उन्होंने मेकअप भी बहुत कम किया था, जिससे उनकी नेचुरल ब्यूटी और भी उभर कर आ रही थी। <br><br>काजोल की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं, और फैंस उनकी खूबसूरती की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। <br><br> <strong>यहां देखिए काजोल की कुछ तस्वीरें:</strong> <br><br> <img src='https://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119521122/119521122.jpg?imgsize=2175070&width=700&height=394&resizemode=75' alt='Kajol in Red Dress'> <br><br>काजोल की इस ड्रेस की बात करें तो यह QUA लेबल की रेड कलर की मैक्सी ड्रेस है, जिसमें ब्राउन अंडरटोन भी दिया गया है। यह ड्रेस डे और नाइट दोनों इवेंट्स के लिए एकदम परफेक्ट है। <br><br>इस ड्रेस को सेलिब्रिटी स्टाइलिस्ट मोहित राय ने स्टाइल किया है। काजोल ने अपने लुक को मिनिमल एक्सेसरीज के साथ पूरा किया है। उन्होंने हैवी जूलरी नहीं पहनी है, बल्कि सिर्फ वैवी डिजाइन वाली गोल्डन रिंग और ईयररिंग्स पहने हैं। <br><br>इसके साथ ही, उन्होंने मैटेलिक डीटेलिंग के साथ ब्लैक लोफर पहने हैं, जो उनके लुक को क्लासी वाइब्स दे रहे हैं। काजोल ने मेकअप भी बहुत कम किया है, जिससे उनकी नेचुरल ब्यूटी और भी उभर कर आ रही है।]]> </content:encoded>
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<title>उर्वशी रौतेला: डेनिम ड्रेस और बूट्स में क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड में छाईं</title>
<link>https://pratinidhi.in/urvashi-rautela-denim-dress-and-boots-at-critics-choice-awards</link>
<guid>https://pratinidhi.in/urvashi-rautela-denim-dress-and-boots-at-critics-choice-awards</guid>
<description><![CDATA[ बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपनी फैशन चॉइस के लिए जानी जाती हैं। क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड में डेनिम ड्रेस और बूट्स में पहुंचीं, जहाँ उनके लुक पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ फैंस ने उनकी तारीफ की, तो कुछ ने उनके स्टाइल और चेहरे पर सवाल उठाए। उन्होंने स्टिच स्टोरीज की 7,400 रुपये की डेनिम ड्रेस पहनी थी और जारा के डेनिम बूट्स के साथ डायमंड जूलरी को स्टाइल किया था। सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर कई तरह के कमेंट्स आए। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119518784/urvashi-rautela-style-in-denim-dress-and-denim-boots-at-critics-choice-awards-grabs-attention-119518784.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:55:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>उर्वशी रौतेला, डेनिम ड्रेस, डेनिम बूट्स, फैशन, क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड, बॉलीवुड एक्ट्रेस, स्टाइलिश लुक, डायमंड जूलरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अक्सर अपने फैशन सेंस और बयानों के कारण चर्चा में रहती हैं।</strong> हाल ही में, एक इवेंट में उनकी ड्रेस और हीरों से ज्यादा लोगों का ध्यान उनके चेहरे पर गया।<br><br>उर्वशी रौतेला, जो इंडस्ट्री की फैशनेबल एक्ट्रेसेस में से एक हैं, क्रिटिक्स चॉइस अवॉर्ड में डेनिम ड्रेस और हाथ में सूरजमुखी का फूल लेकर पहुंचीं। उनके डेनिम बूट्स और हीरों ने भी सबका ध्यान खींचा। फैंस ने उनके लुक की तारीफ की, लेकिन कुछ लोगों को उनका स्टाइल पसंद नहीं आया, और कुछ ने उनके चेहरे पर सूजन की बात कही।<br><br>उर्वशी ने स्टिच स्टोरीज लेबल की डेनिम स्पार्कल ड्रेस पहनी थी, जिसकी कीमत 7,400 रुपये बताई जा रही है। इस शर्ट स्टाइल डेनिम ड्रेस में कॉलर डिजाइन, फ्रंट में बटन, पफी फुल स्लीव्स और स्पार्कल स्टोन लगे थे। उन्होंने डायमंड जूलरी के साथ अपने लुक को स्टाइल किया, जिसमें पेंडेंट, स्टाइलिश ईयररिंगस, बो स्टाइल वाली रिंग्स, लग्जरी वॉच और ब्रेसलेट शामिल थे।<br><br>इसके अलावा, उन्होंने जारा के डेनिम बूट्स पहने, जो देखने में आधी कटी हुई जींस की तरह लग रहे थे। उन्होंने ग्लॉसी लिप्स के साथ लाउड मेकअप किया था, जिसमें बड़ी लैशिज और ब्लश्ड चीक्स शामिल थे। बालों को साइड पार्टिशन में कर्ल करके खुला छोड़ा गया था।<br><br>सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उर्वशी की तारीफ की, तो कुछ ने उनके स्टाइल पर सवाल उठाए।]]> </content:encoded>
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<title>पालक: आयरन और कैल्शियम का खजाना</title>
<link>https://pratinidhi.in/palak-amazing-health-benefits-of-iron-and-calcium</link>
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<description><![CDATA[ पालक एक पोषक तत्वों से भरपूर पत्तेदार हरी सब्जी है जिसके अनेक स्वास्थ्य लाभ हैं। प्रतिदिन पालक खाने से आपके शरीर को कई फायदे हो सकते हैं। यह आयरन, फाइबर, फोलेट और विटामिन ए, सी और के जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यह पाचन में सुधार और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। यह रक्तचाप को कम करने, पाचन में सुधार करने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसका हल्का स्वाद और कोमल बनावट इसे विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में शामिल करना आसान बनाता है। पालक आयरन की मात्रा बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत करने और दैनिक सब्जी की खपत के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए फायदेमंद है। पालक में नाइट्रेट की मात्रा के कारण रक्तचाप कम हो सकता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:55:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>spinach, iron, calcium, health, benefits, vitamins, digestion, bones, blood pressure</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[पालक, पोषक तत्वों से भरपूर एक पत्तेदार हरी सब्जी है, जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। नियमित सेवन से पाचन क्रिया में सुधार, हड्डियां मजबूत होती हैं और आयरन, फाइबर, फोलेट और विटामिन की भरपूर मात्रा के कारण रक्तचाप कम होता है। इसका हल्का स्वाद इसे विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में बहुमुखी बनाता है। विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों वाले या कुछ दवाएं लेने वाले व्यक्तियों को पालक के सेवन के संबंध में अपने डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है। पालक आयरन के स्तर को बढ़ाने, हड्डियों की ताकत को बढ़ावा देने और दैनिक सब्जी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता करता है। अध्ययनों से संकेत मिलता है कि पालक की नाइट्रेट सामग्री रक्तचाप को कम करके हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने में योगदान करती है। इसकी उच्च फाइबर और पानी सामग्री भी कब्ज को दूर करने में मदद करती है। जबकि पालक हड्डी के स्वास्थ्य के लिए विटामिन के का एक अच्छा स्रोत है, इसकी ऑक्सालेट सामग्री कैल्शियम के अवशोषण में हस्तक्षेप कर सकती है, जिससे पता चलता है कि इसे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों से अलग सेवन किया जाए। इसके अतिरिक्त, पालक आयरन से भरपूर होता है, जो कमी से लड़ता है और थकान को कम करता है, और यह विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट, ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन के साथ आंखों के स्वास्थ्य का समर्थन करता है। पालक का आनंद विभिन्न रूपों में लिया जा सकता है, जैसे सूप, सलाद, स्मूदी और अंडे के व्यंजन।<br><br><strong>पालक के फायदे:</strong><br>1. आयरन से भरपूर, थकान दूर करे<br>2. हड्डियों को बनाए मजबूत<br>3. पाचन क्रिया को सुधारे<br>4. आंखों के लिए फायदेमंद<br>5. रक्तचाप को नियंत्रित करे]]> </content:encoded>
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<title>एसिडिटी में इन 3 चीजों से करें परहेज</title>
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<description><![CDATA[ एसिडिटी एक आम समस्या है जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट वैद्य मिहिर खत्री के अनुसार, टमाटर, दही और अदरक की चाय जैसे खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ा सकते हैं। टमाटर एसिडिक होते हैं, दही पचने के बाद एसिड बनाता है, और अदरक की चाय बार-बार पीने से एसिडिटी बढ़ सकती है। इन चीजों से परहेज करके एसिडिटी को नियंत्रित किया जा सकता है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:09:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एसिडिटी, हाइपरएसिडिटी, टमाटर, दही, अदरक की चाय, आयुर्वेदिक उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>एसिडिटी: कारण और बचाव</strong><br><br>एसिडिटी एक सामान्य समस्या है जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। वैद्य मिहिर खत्री के अनुसार, कुछ खाद्य पदार्थ एसिडिटी को बढ़ा सकते हैं।<br><br><strong>टमाटर:</strong> टमाटर एसिडिक होते हैं और एसिडिटी में नुकसानदायक हो सकते हैं।<br><br><strong>दही:</strong> दही की तासीर गर्म होती है और यह पचने के बाद एसिड बनाता है, जिससे एसिडिटी बढ़ सकती है।<br><br><strong>अदरक की चाय:</strong> बार-बार अदरक की चाय पीने से भी एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है।<br><br><strong>सलाह:</strong> लेख में दी गई जानकारी इंस्टाग्राम रील पर आधारित है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>सफेद चावल: फायदे और नुकसान, मधुमेह रोगियों के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प</title>
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<description><![CDATA[ फिट ट्यूबर के अनुसार, रोजाना सफेद चावल खाने से शरीर में वसा बढ़ सकती है और मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि इसमें फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होती है। यदि आप रोजाना सफेद चावल खाते हैं, तो इसे फाइबर और प्रोटीन युक्त सब्जी या कढ़ी और घी के साथ मिलाकर खाएं। मधुमेह रोगियों के लिए ब्राउन राइस, ब्लैक राइस और रेड राइस सर्वश्रेष्ठ विकल्प हैं, क्योंकि इनमें कम जीआई स्तर और अधिक फाइबर होता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:09:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सफेद चावल, मधुमेह, ब्राउन राइस, ब्लैक राइस, रेड राइस, फिटनेस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सफेद चावल और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव</strong><br><br>भारत में, रोटी, सब्जी और दाल के साथ चावल भी एक महत्वपूर्ण भोजन है। सफेद चावल, विशेष रूप से, हर जगह खाया जाता है। फिट ट्यूबर के अनुसार, रोजाना सफेद चावल खाने से शरीर पर कुछ प्रभाव पड़ सकते हैं।<br><br><strong>विवेक मित्तल की राय</strong><br><br>फिटनेस उत्साही और कंटेंट क्रिएटर विवेक मित्तल ने बताया कि रोजाना बिना नियंत्रण के चावल खाने से शरीर में वसा बढ़ सकती है और मधुमेह का खतरा भी बढ़ सकता है, क्योंकि सफेद चावल में फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी होती है।<br><br><strong>सफेद चावल के साथ क्या खाएं</strong><br><br>विवेक मित्तल सलाह देते हैं कि यदि आप रोजाना सफेद चावल खाते हैं, तो इसे फाइबर और प्रोटीन युक्त सब्जी या कढ़ी और घी के साथ मिलाकर खाएं।<br><br><strong>मधुमेह रोगियों के लिए सर्वश्रेष्ठ चावल</strong><br><br>विवेक मित्तल ने मधुमेह रोगियों के लिए तीन सर्वश्रेष्ठ चावल विकल्प बताए हैं: ब्राउन राइस, ब्लैक राइस और रेड राइस। इन चावलों में कम जीआई स्तर होता है और फाइबर, बीकॉम्प्लेक्स, सीलेनियम और मैग्नीशियम जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स अधिक होते हैं, जो उन्हें मधुमेह के अनुकूल बनाते हैं।<br><br>(डिस्क्लेमर: यह जानकारी वीडियो पर आधारित है और एनबीटी इसकी सटीकता के लिए जिम्मेदार नहीं है।)]]> </content:encoded>
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<title>चेरी या स्ट्रॉबेरी: सेहत के लिए कौन सा फल है बेहतर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/cherry-vs-strawberry-which-fruit-is-more-beneficial-for-health</link>
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<description><![CDATA[ चेरी और स्ट्रॉबेरी दोनों ही स्वादिष्ट और सेहतमंद फल हैं। चेरी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, हृदय रोगों के जोखिम को कम करती है, अच्छी नींद में मदद करती है और वजन घटाने में सहायक है। स्ट्रॉबेरी विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, त्वचा को निखारती है, पाचन को बेहतर बनाती है, और कैंसर सेल्स के विकास को रोकने में मदद करती है। चेरी अच्छी नींद और वजन घटाने के लिए बेहतर है, जबकि स्ट्रॉबेरी इम्युनिटी और त्वचा के लिए अधिक फायदेमंद है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 12:06:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चेरी, स्ट्रॉबेरी, सेहत, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, फाइबर, स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>चेरी या स्ट्रॉबेरी: कौन सा फल है आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर?</strong><br><br>बाजार में चेरी और स्ट्रॉबेरी दोनों ही आसानी से मिल जाते हैं, और दोनों के अपने-अपने स्वास्थ्य लाभ हैं। चेरी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो हृदय रोगों के जोखिम को कम करती है और वजन घटाने में भी मदद करती है। वहीं, स्ट्रॉबेरी विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।<br><br><strong>चेरी के फायदे:</strong><br><ul><li>चेरी में एंथोसाइनिन और क्वेरसेटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करते हैं।</li><li>यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है।</li><li>चेरी में मेलाटोनिन होता है, जो अच्छी नींद के लिए फायदेमंद है।</li><li>यह गठिया और जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए भी फायदेमंद है।</li><li>चेरी में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जो वजन घटाने में सहायक है।</li></ul><br><strong>स्ट्रॉबेरी के फायदे:</strong><br><ul><li>स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।</li><li>यह त्वचा में निखार लाने में मदद करती है।</li><li>स्ट्रॉबेरी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखती है और हृदय रोगों के खतरे को कम करती है।</li><li>यह पाचन को बेहतर बनाती है और कब्ज की समस्या को दूर करती है।</li><li>स्ट्रॉबेरी वजन घटाने में भी सहायक है।</li><li>यह आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।</li><li>स्ट्रॉबेरी कैंसर सेल्स के विकास को रोकने में मदद करती है।</li></ul><br>अगर आप अच्छी नींद, जोड़ों के स्वास्थ्य और वजन घटाने के लिए फल खोज रहे हैं, तो चेरी बेहतर विकल्प है। यदि आपकी प्राथमिकता इम्युनिटी, त्वचा की सेहत और ब्लड शुगर को कंट्रोल करना है, तो स्ट्रॉबेरी अधिक फायदेमंद हो सकती है।]]> </content:encoded>
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<title>फिटनेस के नाम पर क्रैश डाइट और वर्कआउट: फर्टिलिटी पर असर</title>
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<description><![CDATA[ आजकल वजन बढ़ने की समस्या से ज्यादातर लोग परेशान हैं, और इससे निपटने के लिए क्रैश डाइट और वर्कआउट का सहारा लेते हैं। डॉ. ज्योति गुप्ता के अनुसार, ये तरीके फर्टिलिटी पर बुरा असर डाल सकते हैं। शरीर में पोषक तत्वों की कमी और फिजिकल स्ट्रेस बढ़ने से रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर सीधा असर पड़ता है। खराब लाइफस्टाइल से हार्मोन असंतुलन होता है, जिससे कंसीव करने में दिक्कत आती है। क्रैश डाइट में कैलोरी कम करने से पोषक तत्वों की कमी होती है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। कम फैट गर्भधारण न कर पाने का संकेत हो सकता है। ज्यादा वर्कआउट से एस्ट्रोजन लेवल कम हो जाता है। मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखना जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 11:46:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Crash Diet, Workout, Fertility, Reproductive System, Hormone Imbalance, PCOS, Ovulation, Mental Health, Yoga, Diet, Pregnancy, Paushatik tatva, Balance, Nutrition, Stress</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[फिटनेस के लिए <strong>क्रैश डाइट और इंटेंस वर्कआउट: फर्टिलिटी पर असर</strong><br><br>आजकल वजन बढ़ने की समस्या से ज्यादातर लोग परेशान हैं, और इससे निपटने के लिए क्रैश डाइट और वर्कआउट का सहारा लेते हैं। लेकिन, <strong>डॉ. ज्योति गुप्ता</strong> के अनुसार, ये तरीके फर्टिलिटी पर बुरा असर डाल सकते हैं।<br><br><strong>रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर प्रभाव:</strong><br>शरीर में पोषक तत्वों की कमी और फिजिकल स्ट्रेस बढ़ने से रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए, सही संतुलन बनाए रखना जरूरी है।<br><br><strong>फिजिकल हेल्थ होती है खराब:</strong><br>हार्मोन का सही संतुलन प्रजनन क्षमता के लिए जरूरी है। खराब लाइफस्टाइल से हार्मोन असंतुलन होता है, जिससे कंसीव करने में दिक्कत आती है।<br><br><strong>क्रैश डाइट से पोषक तत्वों की कमी:</strong><br>क्रैश डाइट में कैलोरी कम करने से पोषक तत्वों की कमी होती है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।<br><br><strong>पीसीओएस का खतरा:</strong><br>कम फैट गर्भधारण न कर पाने का संकेत हो सकता है, जबकि ज्यादा वजन से पीसीओएस जैसी स्थितियां हो सकती हैं।<br><br><strong>प्रेग्नेंसी में रिस्क:</strong><br>क्रैश डाइट से पोषक तत्वों की कमी होती है, जिससे अंडों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है और प्रेग्नेंसी में खतरा हो सकता है।<br><br><strong>रूक सकता है ओव्यूलेशन:</strong><br>ज्यादा वर्कआउट से एस्ट्रोजन लेवल कम हो जाता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और प्रेग्नेंसी में दिक्कत आती है।<br><br><strong>मेंटल लोड को कम करेगा योग:</strong><br>फिट रहने के लिए वर्कआउट करने से शरीर पर दबाव पड़ता है, जिससे थकान और मेंटल लोड बढ़ जाता है। इसलिए, मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखना जरूरी है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>हरा नमक: शेफ सारांश गोइला की आसान रेसिपी से अब घर पर बनाएं पहाड़ी नमक</title>
<link>https://pratinidhi.in/chef-saransh-goila-easy-recipe-to-make-green-salt-or-pahadi-loon-at-home</link>
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<description><![CDATA[ हरा नमक, जिसे पहाड़ी नून भी कहते हैं, उत्तराखंड का एक खास नमक है। शेफ सारांश गोइला ने इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताई है। इसके लिए आपको हरा लहसुन, हरा धनिया, हरी मिर्च, जीरा और नमक चाहिए। सभी सामग्री को मिक्सर में पीसकर पेस्ट बना लें, फिर इसे धूप में सुखाकर या ओवन में एयर फ्रायर करके भुरभुरा कर लें। अब इस हरे नमक को आम, सलाद या रायता में डालकर स्वाद बढ़ाएं। यह नमक सफेद नमक से भी ज्यादा मजेदार होता है और खाने में नया ट्विस्ट लाता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 11:31:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हरा नमक, पहाड़ी नून, सारांश गोइला, ग्रीन साल्ट, पिजून लून, उत्तराखंड, आम, सलाद, रायता, हरा लहसुन, हरा धनिया, जीरा, नमक, रेसिपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>हरा नमक: सफेद से ज्यादा मजेदार, शेफ सारांश गोइला ने बताई रेसिपी</strong><br><br>सफेद, काला और सेंधा नमक तो सब जानते हैं, लेकिन क्या आपने हरा नमक यानी पहाड़ी नून के बारे में सुना है? शेफ सारांश गोइला ने इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताई है। <br><br><strong>उत्तराखंड का खास नमक</strong><br>उत्तराखंड का पहाड़ी नमक, जिसे पिजून लून भी कहते हैं, स्वाद में सफेद नमक से भी ज्यादा मजेदार होता है। अगर आप खाने में नया ट्विस्ट चाहते हैं, तो यह नमक आपके काम आ सकता है।<br><br><strong>हरा नमक बनाने की सामग्री:</strong><br><ul><li>½ कप हरा लहसुन या कलियां</li><li>1/4 कप ताजा हरा धनिया</li><li>2 हरी मिर्च</li><li>एक टेबल स्पून जीरा</li><li>2 टेबल स्पून नमक</li></ul><br><strong>बनाने की विधि:</strong><br><ol><li>हरा लहसुन, हरा धनिया और मिर्च को मिक्सर में पीस लें।</li><li>जीरा और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।</li><li>पेस्ट को धूप में सुखाकर भुरभुरा कर लें या ओवन में एयर फ्रायर करें।</li></ol><br>अब आपका हरा नमक तैयार है! इसे आम, सलाद या रायता में डालकर स्वाद बढ़ाएं।]]> </content:encoded>
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<title>नवरात्रि में माता के चरण: आसान रंगोली डिजाइन</title>
<link>https://pratinidhi.in/mata-charan-rangoli-designs-for-chaitra-navratri</link>
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<description><![CDATA[ चैत्र नवरात्रि में माता के चरणों की रंगोली बनाना शुभ माना जाता है। यह न केवल मंदिर को सुंदर बनाता है, बल्कि माता के आगमन का प्रतीक भी है। 2025 में, चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होकर 7 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान, लोग अपने घरों को साफ़ करते हैं और रंगोली बनाते हैं, जिससे सकारात्मक ऊर्जा आती है। नवरात्रि में माता के चरणों की रंगोली बनाना एक उत्कृष्ट विचार है। फूलों से सजे वृत्त के मध्य में माता के चरण, अंगूठे की छाप वाली तकनीक, छोटी और सरल रंगोली, और रंगोली के पैटर्न में बदलाव जैसे विभिन्न डिजाइनों का उपयोग किया जा सकता है। बड़ी रंगोली बनाना भी आसान है, खासकर कन्या पूजन के लिए। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 18:09:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Navratri, Rangoli Designs, Mata Charan, Chaitra Navratri, Hindu Festival</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में माता की आराधना के लिए मंदिरों को विभिन्न प्रकार से सजाया जाता है। इस दौरान यदि नौ देवियों के स्वागत में माता के चरणों की रंगोली बनाई जाए तो यह विशेष रूप से शुभ होता है। ऐसा करने से न केवल आपका मंदिर सुंदर दिखेगा, बल्कि यह माता के चरणों के आगमन का भी प्रतीक होगा।<br><br>वर्ष 2025 में, चैत्र नवरात्रि का पहला दिन 30 मार्च को है, जो कि एक रविवार है। इन नौ दिनों में, यानी 7 अप्रैल तक, माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाएगी। इस अवधि में, लोग माता रानी के स्वागत के लिए अपने घरों की साफ़-सफ़ाई करते हैं और रंगोली बनाते हैं। हिंदू धर्म में यह मान्यता है कि रंगोली बनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अतिरिक्त, रंगोली घर की सुंदरता को भी बढ़ाती है। त्योहारों के अवसर पर रंगोली बनाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।<br><br>अगर नवरात्रि में रंगोली बनाने की बात हो, तो माता के चरणों से बेहतर और कोई डिज़ाइन नहीं हो सकती। यदि आप अपने मंदिर के प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाने की योजना बना रही हैं, तो दुर्गा माँ के चरणों की आसान और सुंदर डिज़ाइन के कुछ उदाहरण यहाँ दिए गए हैं। रंगोली के रूप में माता के चरणों का निर्माण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, इन चरणों की उपस्थिति से आपको अपने घर में माता के आगमन का अनुभव भी होगा।<br><br>फूलों से सजे वृत्त के मध्य में माता के चरण<br>इस प्रकार की रंगोली बनाने के लिए, सबसे पहले किसी गोल वस्तु की सहायता से एक वृत्त बनाएँ। अपनी पसंद के रंग से इसे भरने के बाद, इसके भीतर माता के चरण बनाएँ। आप साँचे का भी उपयोग कर सकती हैं। अब, वृत्त के बाहर, आप चाहें तो हरे-गीले फूल या अपनी पसंद के किसी भी फूल से रंगोली को सजा सकती हैं।<br><br>अंगूठे की छाप वाली तकनीक<br>इन दोनों रंगोलियों को बनाने में अंगूठे की छाप वाली तकनीक का उपयोग किया गया है। वृत्त में माता के चरण बनाने के बाद, चारों ओर रंग की सहायता से बिंदु बनाए जाते हैं, फिर उन्हें अंगूठे से दबाकर डिज़ाइन बनाया जाता है। आप चाहें तो इस तकनीक का उपयोग करके फूल भी बना सकती हैं। इसके लिए, केंद्र में एक बिंदु बनाने के बाद, चारों ओर दूसरे रंग से बिंदु बनाने होंगे। यदि आप लाल, सफ़ेद और पीले रंगों का उपयोग करती हैं, तो रंगोली बहुत ही आकर्षक लगेगी।<br><br>छोटी, सरल और सुंदर रंगोली<br>यदि आप मंदिर के प्रवेश द्वार पर एक छोटी और सुंदर रंगोली बनाना चाहती हैं, तो यह डिज़ाइन बहुत उपयोगी होगी। इसके लिए, किसी एक रंग से एक वृत्त या आयत बनाएँ और उसे भर दें। फिर, माता के चरण बनाने के बाद, अंदर कुछ रंग भरें या डिज़ाइन बनाएँ। इसके बाद, आपको माता के चरणों के आस-पास कुछ डिज़ाइन बनाने होंगे। इस प्रकार, एक सरल और सुंदर रंगोली बन जाएगी।<br><br>रंगोली के पैटर्न में बदलाव<br>अभी तक आपने वृत्त या आयत बनाने के बाद माता के चरणों वाली रंगोली देखी है। लेकिन आप कुछ और डिज़ाइन भी आज़मा सकती हैं। उदाहरण के लिए, यहाँ लाल रंग से माता के चरण बनाने के बाद, पीले रंग से रूपरेखा बनाई गई है, जबकि दूसरी रंगोली में बिना वृत्त के ही माता के बड़े चरण बनाए गए हैं। इस प्रकार, दोनों डिज़ाइन अद्वितीय और सुंदर हैं।<br><br>बड़ी रंगोली बनाना भी है आसान<br>यदि आपका मंदिर बड़ा है या आप आँगन में एक बड़ी रंगोली बनाना चाहती हैं, तो यह डिज़ाइन बहुत आसान है। सबसे पहले, एक वृत्त बनाएँ और माता के चरण बनाएँ। अब, आप जितनी बड़ी रंगोली बनाना चाहती हैं, उसके अनुसार वृत्त की परतों को बढ़ाती जाएँ, और सभी अलग-अलग रंगों को बारीकी से भरें। यदि संभव हो, तो बीच में कोई डिज़ाइन भी बनाएँ; इससे एक दिलचस्प तत्व जुड़ेगा और रंगोली की सुंदरता भी बढ़ेगी। इस प्रकार की रंगोली नवरात्रि में कन्या पूजन के लिए भी बनाई जा सकती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गणगौर स्पेशल: झटपट बनाएं मीठे गुने</title>
<link>https://pratinidhi.in/gangaur-vrat-2025-quickly-make-delicious-meethe-gune-for-puja</link>
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<description><![CDATA[ गणगौर व्रत 2025 के अवसर पर मीठे गुने बनाने की आसान विधि यहाँ दी गई है। यह पारंपरिक व्यंजन न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि गणगौर माता के प्रसाद के रूप में भी शुभ माना जाता है। इसे बनाने के लिए गेहूं का आटा, सूजी, चीनी, सौंफ, घी, इलायची पाउडर और तिल का उपयोग किया जाता है। चीनी की चाशनी तैयार करें, आटे को गूंथें, गुने बनाएं और तलें। कुरकुरे गुने बनाने के लिए थोड़ा अधिक घी डालें और तिल-सौंफ का उपयोग अवश्य करें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 18:09:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Gangaur, Meethe Gune, Recipe, Traditional Dish, Rajasthan, गणगौर, मीठे गुने, रेसिपी, पारंपरिक व्यंजन, राजस्थान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>गणगौर व्रत 2025: गणगौर पूजा के लिए झटपट बनाएं मीठे गुने, स्वाद ऐसा कि हर कोई कहेगा वाह!</strong><br><br>गणगौर व्रत 2025 के इस खास अवसर पर, अगर आप कुछ विशेष बनाना चाहते हैं, तो मीठे गुने की यह पारंपरिक रेसिपी आपके लिए बिल्कुल सही है। यह न केवल स्वाद में अद्भुत है, बल्कि गणगौर माता के प्रसाद के रूप में भी इसे बहुत शुभ माना जाता है।<br><br><strong>सामग्री:</strong><br><ul><li>गेहूं का आटा - 1 कप</li><li>सूजी (रवा) - ¼ कप</li><li>चीनी - ½ कप</li><li>सौंफ - 1 चम्मच</li><li>घी - 2 बड़े चम्मच</li><li>इलायची पाउडर - ½ चम्मच</li><li>तिल - 1 चम्मच</li><li>बेकिंग सोडा - 1 चुटकी (वैकल्पिक)</li><li>पानी - आवश्यकतानुसार</li><li>तेल या घी - तलने के लिए</li></ul><br><strong>विधि:</strong><br><ol><li><strong>चीनी की चाशनी तैयार करें:</strong> एक पैन में ½ कप पानी और ½ कप चीनी डालकर धीमी आंच पर पकाएं। चीनी को पूरी तरह घुलने तक हिलाते रहें। जब चाशनी हल्की गाढ़ी हो जाए, तो इसे ठंडा होने दें।</li><li><strong>आटा गूंथें:</strong> एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी, सौंफ, इलायची पाउडर और तिल मिलाएं। फिर, पिघली हुई चीनी की चाशनी और घी डालकर अच्छी तरह मिलाएं। थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें। आटे को 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें।</li><li><strong>गुने बनाएं और तलें:</strong> आटे से छोटे-छोटे गोले बनाएं और उन्हें हल्का चपटा करें। एक कड़ाही में तेल या घी गरम करें और गुने को मध्यम आंच पर तलें। सुनहरा और कुरकुरा होने तक धीमी आंच पर तलें।</li><li><strong>अतिरिक्त तेल निकालें:</strong> जब गुने अच्छी तरह से तल जाएं, तो उन्हें टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।</li></ol><br>अब आपके मीठे गुने तैयार हैं! इन्हें गरमागरम या ठंडा परोसें और गणगौर की पूजा के बाद इस स्वादिष्ट प्रसाद का आनंद लें।<br><br><strong>गुने बनाने के खास टिप्स:</strong><br><ul><li>अधिक कुरकुरे गुने बनाने के लिए, थोड़ा अधिक घी डालें।</li><li>बेकिंग सोडा गुने को हल्का और फूला हुआ बनाता है, लेकिन यह वैकल्पिक है।</li><li>तिल और सौंफ गुने के स्वाद को बढ़ाते हैं, इसलिए उन्हें जरूर मिलाएं।</li></ul>]]> </content:encoded>
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<title>सर्जरी के बाद कब्ज से राहत: डॉ. के 5 प्रभावी उपाय</title>
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<description><![CDATA[ सर्जरी के बाद कब्ज एक आम समस्या है, जो कई कारणों से हो सकती है। डॉ. हितेंद्र शर्मा के अनुसार, सही जानकारी और सावधानी से इससे जल्दी ठीक हुआ जा सकता है। कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं, फाइबर युक्त आहार लें, और हल्की फिजिकल एक्टिविटी करें। गंभीर लक्षणों दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119453571/dr-from-manipal-hospital-told-5-effective-ways-to-treat-constipation-after-surgery-119453571.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 18:09:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कब्ज, सर्जरी, स्वास्थ्य, उपाय, आंत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सर्जरी के बाद कब्ज की समस्या होना एक आम बात है, और ज्यादातर मामलों में यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है। आमतौर पर सर्जरी की आवश्यकता बहुत ही कम मामलों में होती है। कब्ज से बचने के लिए सही खानपान रखना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और हल्के-फुल्के काम करना जरूरी है।<br><br>गाजियाबाद के मणिपाल अस्पताल के जनरल सर्जरी सलाहकार डॉ. हितेंद्र शर्मा के अनुसार, यह जानना महत्वपूर्ण है कि कब्ज कब सामान्य है और कब यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। सही जानकारी होने से आप आवश्यक कदम उठाकर जल्दी ठीक हो सकते हैं। यदि कब्ज लंबे समय तक बना रहता है या गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही जानकारी और सावधानी बरतकर जल्दी ठीक होना संभव है।<br><br>सर्जरी के बाद कब्ज होने के कई कारण होते हैं। एनेस्थेसिया का असर आंतों की मांसपेशियों की गति को धीमा कर देता है, जिससे पाचन प्रभावित होता है। दर्द निवारक दवाएं भी आंतों की गतिविधि को धीमा कर सकती हैं, जिससे कब्ज हो सकता है। ऑपरेशन के बाद खाने-पीने की इच्छा कम हो जाती है, जिससे शरीर को जरूरी फाइबर नहीं मिल पाता और आंतें सुस्त हो जाती हैं। सर्जरी के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे मल कठोर हो जाता है और उसे निकालना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, ऑपरेशन के बाद लोग ज्यादा हिल-डुल नहीं पाते, जिससे आंतों की गति और धीमी हो जाती है।<br><br>सर्जरी के बाद कब्ज के कुछ सामान्य लक्षण हैं: मल का कठोर और सूखा होना, पेट फूला हुआ महसूस होना, मल त्यागने में कठिनाई होना और आंतों की गति धीमी हो जाना।<br><br>हालांकि हल्का कब्ज सामान्य है और इसे आहार और दिनचर्या में बदलाव करके ठीक किया जा सकता है, लेकिन कुछ मामलों में यह चिंता का कारण बन सकता है। यदि पेट में तेज दर्द या सूजन हो, मितली या उल्टी हो, मल में खून आए, या कब्ज 3-4 दिनों तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।<br><br>कब्ज से बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। रोजाना 6-8 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। फाइबर युक्त आहार लेना चाहिए, जिसमें फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों। डॉक्टर की सलाह से लैक्सेटिव का उपयोग किया जा सकता है। हल्की फिजिकल एक्टिविटी करना भी फायदेमंद होता है। गंभीर मामलों में, आंतों की रुकावट को हटाने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।<br><br>यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी तरह से दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।]]> </content:encoded>
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<title>रेखा: गुलाबी लहंगे में &amp;apos;उमराव जान&amp;apos; का जादू</title>
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<description><![CDATA[ रेखा अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी दिलकश अदाओं के लिए भी जानी जाती हैं। 70 साल की उम्र में भी उनका खूबसूरत अंदाज लोगों को दीवाना बना देता है, जैसे कि गुलाबी लहंगे में &#039;उमराव जान&#039; बनकर उन्होंने किया। बॉलीवुड की सदाबहार ब्यूटी रेखा ने साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। 70 साल की उम्र में भी उनका रूप और निखरता जा रहा है, और स्टाइल के मामले में भी वह पीछे नहीं हैं। रेखा ने 44 साल पहले की अपनी अदाएं फिर से दिखाईं, जिससे लगा ही नहीं कि वह दादी-नानी की उम्र की हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119463747,imgsize-134189,width-540,height-405,resizemode-75/119463747.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 18:07:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रेखा, गुलाबी लहंगा, उमराव जान, मनीष मल्होत्रा, बॉलीवुड, फैशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रेखा: गुलाबी लहंगे में 'उमराव जान' का जादू</strong><br><br>रेखा उन अभिनेत्रियों में से हैं जो अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी आकर्षक अदाओं के लिए भी जानी जाती हैं। चाहे उनके करियर की शुरुआत हो या अब जब वह 70 साल की हैं, उनका खूबसूरत अंदाज हमेशा लोगों का दिल जीत लेता है। हाल ही में, उन्होंने गुलाबी लहंगे में 'उमराव जान' बनकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।<br><br>बॉलीवुड की सदाबहार सुंदरता रेखा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। 70 साल की होने के बावजूद, उनकी चमक दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, और वह अपनी स्टाइलिंग में भी कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। इसका उदाहरण हर जगह देखने को मिलता है। रेखा ने 44 साल पहले वाली अपनी अदाएं फिर से दिखाईं, जिससे उन्हें देखकर यह बिल्कुल नहीं लगा कि वह दादी-नानी की उम्र की हैं।<br><br>प्रसिद्ध सेलिब्रिटी फोटोग्राफर डब्बू रतनानी ने रेखा के खूबसूरत फोटोशूट की तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों को देखकर 1981 में आई फिल्म 'उमराव जान' की याद ताजा हो गई, जिसमें 'इन आंखों की मस्ती के, मस्ताने हजारों हैं...' गाने पर रेखा की अदाओं ने सभी को मदहोश कर दिया था। अब, गुलाबी लहंगे में, उन्होंने फिर से अपना पुराना अवतार दिखाकर सभी के दिलों को घायल कर दिया।<br><br>अक्सर कांजीवरम साड़ियों में अपनी देसी अदाएं दिखाने वाली रेखा इस बार मनीष मल्होत्रा के खूबसूरत गुलाबी बनारसी कल्ली लहंगे में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। इस लहंगे को पहनकर उन्होंने पिछले साल आईफा के मंच पर प्रस्तुति दी, जिससे हर कोई उनका दीवाना हो गया। मनीष मल्होत्रा ने इसे खास तौर पर डिजाइन किया था, और अब डब्बू रतनानी ने इसकी खूबसूरत तस्वीरें साझा की हैं।<br><br>इस लहंगे की चोली को हाफ स्लीव्स का बनाया गया था, जिस पर सुनहरा प्रिंट, जरदोजी और एम्ब्रॉयडरी का बॉर्डर बहुत सुंदर लग रहा था। लहंगे में बहुत घेर दिया गया था और बॉर्डर को चौड़ा और भारी रखा गया था। रेखा ने इसे अनारकली की तरह पहना था। कपिल शर्मा के शो में रेखा ने बताया था कि उन्होंने अपने लहंगे और चोली को एक साथ सिलवा लिया था, जिससे इसे पहनना आसान हो गया था।<br><br>उन्होंने अपने लहंगे के साथ गुलाबी चूड़ीदार भी पहनी थी, जिस पर सुनहरे सितारों से फ्लोरल बूटियां बनी थीं। सिल्क का दुपट्टा भी इसके साथ बहुत जंच रहा था। दुपट्टे को हल्का गुलाबी रखते हुए बॉर्डर पर एम्ब्रॉयडरी की गई थी, और रेखा ने इसे सिर पर ओढ़कर कमर पर पिनअप किया था।<br><br>अपने लुक को स्टाइल करने के लिए रेखा ने बेशकीमती गहनों का इस्तेमाल किया। स्टेटमेंट नेकपीस, माथा पट्टी, झुमके, हाथ फूल, नथ, कंगन, बाजू बंद और कमर बंद कमाल के लग रहे थे। उन्होंने गुलाबी और हरी चूड़ियाँ पहनी थीं और अपने पैरों में बेहद सुंदर पायल पहनी थी, जिससे उनका लुक शाही लग रहा था।<br><br>रेखा के कपड़े और गहने तो अद्भुत थे ही, लेकिन उन्होंने इसे अपनी खूबसूरत चोटी के साथ स्टाइल करके अपने लुक में जान डाल दी। उन्होंने बीच से बाल निकालकर हेयर एक्सटेंशन लगाए और फिर एक बड़ी चोटी बनाई। गोटे और एक्सेसरीज से सजाकर उन्होंने आखिर में परांदे से इसे सजाया। गुलाबी लिप्स और परफेक्ट आई मेकअप के साथ, रेखा ने बढ़ती उम्र में भी अपना जलवा बिखेरा।<br><br>रेखा की तस्वीरें देखने के बाद उनके प्रशंसक भी उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि उनकी उम्र बढ़ने के बजाय घट रही है, जबकि कुछ ने उनकी सुंदरता को कालातीत बताया है और कहा है कि उनसे प्रेरणा मिलती है। इस तरह के कई शानदार कमेंट्स के साथ लोग उन पर अपना प्यार बरसा रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>महाराष्ट्र के स्वादिष्ट व्यंजन: एक बार ज़रूर आजमाएँ</title>
<link>https://pratinidhi.in/maharashtrian-veg-dishes-to-try-this-winter-season</link>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र अपने खाने के लिए मशहूर है। यहां कई स्वादिष्ट व्यंजन हैं जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। इस लेख में, हम कुछ ऐसे ही व्यंजनों के बारे में जानेंगे। महाराष्ट्र अपनी राजनीतिक गतिविधियों के कारण आजकल चर्चा में है, लेकिन यहां का भोजन भी लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। मराठी व्यंजन स्वादिष्ट होते हैं और व्यापक रूप से पसंद किए जाते हैं। यहां कुछ कम प्रसिद्ध मराठी शाकाहारी व्यंजन दिए गए हैं जिन्हें आपको अवश्य आज़माना चाहिए, जैसे वरण भात, मसाले भात, वांगी भात, डोक्याची भाजी, तिखट शीरा, घेवड़ा भाजी, भरली वांगी, झुणका और थालीपीठ। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/25032025/25_03_2025-marathi_dishes_23905678.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 18:07:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मराठी व्यंजन, महाराष्ट्र, शाकाहारी व्यंजन, भारतीय भोजन, पारंपरिक भोजन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[महाराष्ट्र अपने कई पहलुओं के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें से एक वहां का अनूठा भोजन है। कई व्यंजन ऐसे हैं जो स्वादिष्ट तो हैं, लेकिन उनके बारे में जानकारी कम ही लोगों को है। इस लेख में, हम कुछ ऐसे ही व्यंजनों के बारे में जानेंगे।<br><br>महाराष्ट्र अपनी राजनीतिक गतिविधियों के कारण आजकल चर्चा में है, लेकिन यहां का भोजन भी लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। मराठी व्यंजन स्वादिष्ट होते हैं और व्यापक रूप से पसंद किए जाते हैं। जबकि कुछ व्यंजन प्रसिद्ध हैं, कई अद्भुत व्यंजन हैं जो कम प्रसिद्ध हैं लेकिन स्वाद में उत्कृष्ट हैं। ये व्यंजन महाराष्ट्र की पाक विरासत का हिस्सा हैं और अपने विशिष्ट स्वादों के लिए जाने जाते हैं। यहां कुछ कम प्रसिद्ध मराठी शाकाहारी व्यंजन दिए गए हैं जिन्हें आपको अवश्य आज़माना चाहिए।<br><br><strong>वरण भात</strong>, अरहर की दाल और चावल से बना एक सरल व्यंजन, मराठी घरों में एक प्रधान भोजन है। घी और नींबू के साथ परोसे जाने वाला यह भोजन हल्का और पौष्टिक होता है।<br><br><strong>मसाले भात</strong> एक मसालेदार चावल का व्यंजन है जिसमें मूंगफली, नारियल और घर के बने मसालों का एक अनूठा मिश्रण होता है, जो इसे स्वाद और पोषण दोनों में असाधारण बनाता है। यह विशेष रूप से उत्सवों के दौरान तैयार किया जाता है।<br><br><strong>वांगी भात</strong> बैंगन और मसालों से तैयार एक चावल का व्यंजन है जिसका स्वाद अद्भुत होता है, जिसे अक्सर पापड़ या दही के साथ परोसा जाता है।<br><br><strong>डोडक्याची भाजी</strong>, लौकी से बनी एक हल्की और स्वादिष्ट सब्जी है, जो मराठी परिवारों में एक आम व्यंजन है, जिसे रोटी या भाकरी के साथ खाया जाता है।<br><br><strong>तिखट शीरा</strong>, हलवे का एक तीखा संस्करण है जो आपको आश्चर्यचकित कर देगा, जो सूजी, सब्जियों और मसालों से बनाया जाता है, और नाश्ते के लिए बिल्कुल सही है।<br><br><strong>घेवड़ा भाजी</strong> सेम से बनाया जाता है और नारियल और मसालों के साथ पकाया जाता है, जो इसे एक विशिष्ट स्वाद देता है और भाकरी के साथ सबसे अच्छा लगता है।<br><br><strong>भरली वांगी</strong> में बैंगन को मूंगफली, तिल और नारियल के मसालेदार मिश्रण से भरा जाता है, जो एक विशिष्ट मराठी स्वाद प्रदान करता है, और इसे रोटी या चावल के साथ परोसा जाता है।<br><br><strong>झुणका</strong> बेसन और मसालों से बनी एक सूखी सब्जी है, जिसे भाकरी के साथ पसंद किया जाता है, और महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में लोकप्रिय है।<br><br>थालीपीठ, ज्वार, बाजरा और चने के आटे से बना होता है, और इसे पिठला (बेसन की करी) के साथ परोसा जाता है, जो स्वाद और पोषण का एक आदर्श संयोजन है, जो इसे अवश्य आज़माने योग्य व्यंजन बनाता है।]]> </content:encoded>
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<title>घर पर उगाएं मीठे तरबूज: आसान तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/grow-sweet-watermelon-easily-at-home</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में तरबूज खाना हर किसी को पसंद होता है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और स्वाद में भी अच्छा होता है। बाजार से तरबूज खरीदने के बजाय, इसे घर पर उगाना अधिक फायदेमंद होता है। शालिनी कपरुवान ने घर पर तरबूज उगाने का आसान तरीका बताया है। इसके लिए दोमट मिट्टी, अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और उचित धूप की आवश्यकता होती है। बीजों को अंकुरित करके गमले में बोएं और गोबर की खाद का प्रयोग करें। 65 से 100 दिनों में तरबूज उगने लगेंगे। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119464327/how-to-grow-watermelon-or-tarbuj-in-pot-at-home-with-shalini-kapruwan-easy-trick-119464327.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 18:07:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तरबूज, खेती, शालिनी कपरुवान, बागवानी, गर्मी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में तरबूज खाना किसे पसंद नहीं होता? यह फल न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, बल्कि स्वाद में भी लाजवाब होता है। अगर आप अब तक बाजार से तरबूज खरीदते आए हैं, तो शायद आपने असली स्वाद का अनुभव नहीं किया है। इसलिए, हम आपको घर की छत पर तरबूज उगाने का एक आसान तरीका बता रहे हैं।<br><br>मार्च के बाद अप्रैल में गर्मी बढ़ने के साथ ही, लोग ऐसे फलों की तलाश में होंगे जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहतमंद भी हों। तरबूज एक ऐसा ही फल है, जिसमें 92% पानी होता है, जो गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। हालांकि, मांग बढ़ने के कारण, बाजार में मिलने वाले तरबूज अक्सर रसायनों से उगाए जाते हैं।<br><br>कई बार, दिखने में लाल होने के बावजूद, तरबूज मीठा और रसीला नहीं होता। यदि आप वर्षों से बाजार से तरबूज खरीद रहे हैं, तो आपको घर पर उगाए गए तरबूज का असली स्वाद नहीं पता होगा। अपने हाथों से तरबूज के बीज बोना और उन्हें धूप में पकने देना एक संतोषजनक अनुभव होता है। अगर आपको लगता है कि यह मुश्किल है, तो ऐसा नहीं है। शालिनी कपरुवान ने पौधा लगाने का एक सरल तरीका बताया है।<br><br><strong>जगह और मिट्टी का चुनाव</strong><br><br>तरबूज के पौधे के लिए 6-6.8 PH वाली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। तरबूज की बेलें किस्म के आधार पर 18 से 20 फीट तक फैल सकती हैं। इसलिए, तरबूज को ऐसे क्षेत्र में लगाएं जहाँ भरपूर धूप मिले, जैसे कि घर की छत। मिट्टी में खाद या उर्वरक डालने से पहले, उसकी जांच कर लें ताकि पता चल सके कि किन पोषक तत्वों की आवश्यकता है और कितनी मात्रा में।<br><br><strong>अच्छी गुणवत्ता वाले बीज</strong><br><br>मिट्टी तैयार करने के बाद, अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का चुनाव करें। आप चाहें तो घर पर तरबूज खाते समय बीजों को निकालकर रख सकते हैं, या नर्सरी से उच्च गुणवत्ता वाले बीज खरीद सकते हैं। बोने से पहले, बीजों को अंकुरित भी किया जा सकता है। इसके लिए, बीजों को टिश्यू पेपर में लपेटकर पानी छिड़कें और नमी बनाए रखने के लिए पॉलीथिन में डालकर धूप में रखें, क्योंकि तरबूज को गर्म वातावरण की आवश्यकता होती है।<br><br><strong>अंकुरित बीजों को बोना</strong><br><br>4 से 6 दिनों में, तरबूज के बीज अंकुरित हो जाएंगे, जिन्हें आप गमले में बो सकते हैं। आप चाहें तो बिना अंकुरित किए भी बीजों को सीधे गमले में डाल सकते हैं। शालिनी कपरुवान के अनुसार, बीज बोते समय ध्यान रखें कि उन्हें ज़्यादा गहराई में न बोएं। मिट्टी से ढकने के बाद, पानी छिड़क दें; कुछ ही दिनों में पौधा उग जाएगा।<br><br><strong>पौधे को लगाना</strong><br><br>अब पौधे को एक बड़े गमले या ग्रो बैग में स्थानांतरित करें। यदि आप बड़ा तरबूज चाहते हैं, तो पौधे को 15×15 के कंटेनर में लगाएं। सुनिश्चित करें कि पौधा तेज धूप में रहे। तरबूज के लिए गोबर की खाद सबसे अच्छी मानी जाती है। पौधों की वृद्धि के दौरान, जब वे फूलने और फलने लगें, तो धीरे-धीरे खाद डालते रहें। खाद को सीधे पौधों की जड़ों के पास न डालें, बल्कि इसे मिट्टी में अच्छी तरह मिलाएं। 65 से 100 दिनों में तरबूज उगने लगेंगे।]]> </content:encoded>
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<title>आयुर्वेद: 15 दिन में बालों का झड़ना रोके?</title>
<link>https://pratinidhi.in/ayurveda-can-stop-hair-fall-in-15-days</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में शहनाज हुसैन द्वारा बताए गए प्रभावी घरेलू उपचारों के बारे में बताया गया है, जो 15 दिनों में बालों के झड़ने की समस्या को रोक सकते हैं। बालों का झड़ना एक आम समस्या है, जिसके कई कारण हैं, जैसे एलोपेसिया, मेल पैटर्न बाल्डनेस, कमजोर जड़ें और खराब आहार। शहनाज हुसैन के अनुसार, प्रकृति में हर बीमारी का इलाज है, इसलिए आयुर्वेद को अपनाना चाहिए। प्याज का रस, ग्रीन टी और रोजमेरी तेल जैसे घरेलू उपचार बालों के झड़ने को कम करने में मदद करते हैं। जोजोबा तेल बालों और स्कैल्प को पोषण देता है, जिससे बालों का विकास होता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119460126/can-ayurveda-stop-hair-fall-in-just-15-days-know-what-beauty-expert-shahnaz-husain-says-119460126.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 17:57:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बालों का झड़ना, आयुर्वेद, शहनाज हुसैन, हेयर केयर, घरेलू उपचार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आज के लेख में, हम आपको शहनाज हुसैन द्वारा बताए गए प्रभावी घरेलू उपचारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो 15 दिनों में आपके बालों के झड़ने की समस्या को रोक सकते हैं। इसके साथ ही, हम यह भी बताएंगे कि बाल क्यों झड़ते हैं और इसके लिए आयुर्वेद कितना फायदेमंद है।<br><br>बालों का झड़ना आज एक आम समस्या बन गई है, जिससे छुटकारा पाने के लिए लोग बाजार में उपलब्ध रासायनिक उत्पादों का उपयोग करने लगे हैं। इस विषय पर, ब्यूटी और हेयर केयर एक्सपर्ट शहनाज हुसैन का कहना है कि, "यह हमेशा से साबित होता रहा है कि प्रकृति के पास सभी बीमारियों का जवाब है, इसलिए आयुर्वेद को बढ़ावा देने और अपने उत्पाद निर्माण में इसके सिद्धांतों को लागू करने में मेरी रुचि मुख्य ध्यान केंद्रित रही है।"<br><br>शहनाज हुसैन आगे कहती हैं, "उदाहरण के लिए, बालों का झड़ना या बालों का गिरना सभी उम्र के लोगों द्वारा सामना की जाने वाली एक आम समस्या है, और दोनों लिंग इससे प्रभावित होते हैं। सबसे पहले, मूल समस्या या कारण पर ध्यान केंद्रित करना और बालों के झड़ने के पीछे के कारण को समझना बहुत महत्वपूर्ण है।" इसलिए, आज हम आपको एक्सपर्ट द्वारा बताए गए कुछ ऐसे एंटी-हेयर फॉल उपचारों के बारे में बताने जा रहे हैं जो 15 दिनों में बालों का झड़ना कम कर सकते हैं।<br><br><b>बालों के झड़ने का कारण क्या है?</b><br>बालों का झड़ना कुछ स्थितियों जैसे एलोपेसिया, मेल पैटर्न बाल्डनेस, बालों की जड़ों का कमजोर होना और खराब आहार के कारण हो सकता है। कई पर्यावरणीय और आनुवंशिक कारक भी बालों के झड़ने के लिए जिम्मेदार होते हैं।<br><br>इसके अतिरिक्त, विटामिन, फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्वों की कमी से आपके बालों के स्वास्थ्य को काफी नुकसान पहुँचता है, जिससे धीरे-धीरे बाल झड़ने लगते हैं।<br><br>सही आहार के बारे में बताने से पहले, शहनाज हुसैन ने कुछ घरेलू उपचार साझा किए हैं जो बालों के झड़ने को रोकने में फायदेमंद होंगे।<br><br><b>प्याज के रस का उपयोग</b><br>प्याज के रस का उपयोग बालों के झड़ने के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से मौजूद सल्फर कंपाउंड रोमछिद्रों को मजबूत करने, बालों के विकास को बढ़ावा देने और बालों के पतले होने को कम करने में मदद करते हैं।<br><br>इसके अतिरिक्त, जब आप सीधे अपने स्कैल्प पर प्याज के रस का उपयोग करते हैं, तो यह बालों के विकास को उत्तेजित करने में मदद करता है।<br><br><b>ग्रीन टी का उपयोग</b><br>ग्रीन टी पीने के फायदे तो सभी जानते हैं, लेकिन बहुत से लोग अभी भी नहीं जानते कि यह बालों का झड़ना रोकने में कैसे मदद करती है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं, जो स्कैल्प को स्वस्थ बनाने, सूजन को कम करने और हेयर फॉलिकल्स पर सीधा असर करके हेयर ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं।<br><br>इसे इस्तेमाल करने के लिए, आप ग्रीन टी का एक बैग या एक बड़ा चम्मच लें और उसे गर्म पानी में डालकर ठंडा होने दें, फिर छान लें। हेयर वॉश करने के लिए शैम्पू के बाद इस पानी का इस्तेमाल करें।<br><br><b>रोज़मेरी तेल का उपयोग</b><br>रोज़मेरी एक जादुई जड़ी बूटी है जिसके कई फायदे हैं। यह बालों के झड़ने का इलाज करने के लिए भी फायदेमंद है। रोज़मेरी एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल स्कैल्प को स्वस्थ बनाता है क्योंकि इसमें बैक्टीरिया को रोकने की क्षमता होती है, साथ ही जलन और खुजली को कम करता है। साथ ही, यह हेयर ग्रोथ को भी बढ़ावा देता है।<br><br>बालों का झड़ना रोकने के लिए, आप रोज़मेरी एसेंशियल ऑयल की 4-5 बूंदें अपने डेली इस्तेमाल होने वाले तेल में मिलाकर लगाएं, मालिश करें और 10 मिनट तक लगा रहने के बाद हेयर वॉश कर लें।<br><br><b>जोजोबा ऑयल से रोकें हेयर फॉल</b><br>बहुत कम लोग जानते हैं कि जोजोबा ऑयल बालों के झड़ने को रोकने के लिए बहुत अच्छा है। जोजोबा तेल का उपयोग करने से यह सुनिश्चित होता है कि आपके बालों और स्कैल्प में विटामिन बी, सी और ई के साथ-साथ कॉपर और जिंक की भी पूर्ति होती है।<br><br>ये वही पोषक तत्व हैं जो बालों के विकास के लिए जिम्मेदार हैं। आपको बस अपने शैम्पू या कंडीशनर में जोजोबा तेल की 3-4 बूंदें डालनी हैं और इस्तेमाल करना है। यह हेयर फॉल के लिए फायदेमंद होगा।]]> </content:encoded>
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<title>परीक्षा परिणाम से पहले बच्चों में तनाव: उपाय</title>
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<description><![CDATA[ परीक्षा परिणाम की चिंता बच्चों में तनाव और एंग्जायटी पैदा कर सकती है, खासकर बिहार बोर्ड 12वीं के परिणाम जल्द घोषित होने वाले हैं। माता-पिता और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करें, उन्हें सकारात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखें, योग और ध्यान का अभ्यास कराएं, दूसरों से तुलना करने से बचें, और भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद करें। असफलता को सीखने का एक हिस्सा बताएं और उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 17:57:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Exam Result Anxiety, Stress Management, Parenting Tips, Children&#039;s Health, Mental Health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[परीक्षा के परिणाम की चिंता बच्चों में तनाव और एंग्जायटी का कारण बन सकती है। बिहार बोर्ड 12वीं के परिणाम जल्द ही घोषित होने वाले हैं, जिसके चलते कई बच्चे भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इस स्थिति में, माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों का समर्थन करना महत्वपूर्ण है। यहां 5 तरीके दिए गए हैं जिनसे आप बच्चों में परीक्षा के तनाव को कम कर सकते हैं:
<br><br>
<b>1. खुलकर बात करें:</b> बच्चों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्हें बताएं कि परिणाम चाहे जो भी हो, उनके प्रयासों की सराहना की जाएगी।
<br><br>
<b>2. सकारात्मक गतिविधियों में शामिल करें:</b> बच्चों को पसंदीदा गतिविधियों में व्यस्त रखें जैसे कि खेल खेलना, किताबें पढ़ना या संगीत सुनना।
<br><br>
<b>3. योग और ध्यान:</b> बच्चों को प्रतिदिन कुछ मिनटों के लिए ध्यान और योग करने के लिए प्रेरित करें।
<br><br>
<b>4. तुलना से बचें:</b> बच्चों की तुलना दूसरों से न करें, क्योंकि हर व्यक्ति की अपनी अनूठी क्षमताएं होती हैं।
<br><br>
<b>5. भविष्य की योजना बनाएं:</b> बच्चों को बताएं कि परिणाम चाहे जो भी हो, उनके लिए हमेशा नए अवसर होते हैं। उन्हें आगे बेहतर करने के लिए प्रेरित करें।]]> </content:encoded>
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<title>सुबह उठकर क्यों नहीं करने चाहिए ब्रश?</title>
<link>https://pratinidhi.in/why-you-should-not-brush-your-teeth-in-the-morning</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर भास्वती भट्टाचार्य के अनुसार, सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीना चाहिए, ब्रश नहीं। रात भर मुंह में जमा माइक्रोबायोम पाचन क्रिया को दुरुस्त रखते हैं और शरीर को बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार करते हैं। पानी पीने से पाचन अग्नि उत्तेजित होती है और इम्यून सिस्टम को सिग्नल मिलता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 17:53:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुबह, ब्रश, आयुर्वेद, पानी, सेहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>सुबह उठकर क्यों नहीं करने चाहिए ब्रश? जानिए आयुर्वेदिक कारण</strong></p><br><p>क्या आप भी सुबह उठते ही अपने मुंह को तरोताजा करने के लिए ब्रश करते हैं? अगर हां, तो आपको अपनी इस आदत को बदलने की जरूरत है। डॉक्टर भास्वती भट्टाचार्य ने इसके पीछे 2 बड़े कारण बताए हैं।</p><br><p>डॉक्टर भास्वती के अनुसार, आयुर्वेद में सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि रात भर सोने के बाद हमारे मुंह में कई तरह के माइक्रोबायोम जमा हो जाते हैं। ये माइक्रोबायोम हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं।</p><br><p><strong>पानी पीने से पहले ब्रश न करने के फायदे</strong></p><br><p>डॉक्टर भास्वती ने पानी पीने से पहले ब्रश न करने के दो मुख्य कारण बताए हैं:</p><br><ol><li>पाचन अग्नि को उत्तेजित करता है: सुबह उठकर पानी पीने से पेट की पाचन अग्नि उत्तेजित होती है, जो हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम को एक्टिव करती है।</li><br><li>इम्यून सिस्टम को सिग्नल: मुंह में मौजूद बैक्टीरिया पेट में जाकर हमारे ब्रेन और इम्यून सिस्टम को सिग्नल देते हैं, जिससे शरीर को पता चलता है कि उसे किस चीज की जरूरत है।</li></ol><br><p>उदाहरण के लिए, अगर आपको सर्दी है, तो मुंह में मौजूद बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को सिग्नल भेजेंगे और आपका शरीर इससे लड़ने के लिए तैयार हो जाएगा।</p><br><p>इसलिए, डॉक्टर भास्वती भट्टाचार्य सुबह उठकर पानी पीने से पहले ब्रश न करने की सलाह देती हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>माइक्रो वेडिंग: कम बजट में यादगार शादी का नया ट्रेंड</title>
<link>https://pratinidhi.in/micro-wedding-trend-benefits-details</link>
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<description><![CDATA[ माइक्रो वेडिंग एक छोटे स्तर पर आयोजित की जाने वाली शादी है, जिसमें 20-50 मेहमान शामिल होते हैं। कोरोना महामारी के बाद लोगों ने इसे खूब पसंद किया है, क्योंकि यह सुरक्षित और कम तनाव वाला विकल्प है। इसमें पारंपरिक शादियों की तुलना में खर्च भी कम होता है, जिससे दूल्हा-दुल्हन अपने करीबियों के साथ क्वालिटी टाइम बिता पाते हैं। इसे बीच, गार्डन या घर जैसे अनोखे लोकेशन पर आयोजित किया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 17:53:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Micro Wedding, शादी, ट्रेंड, फायदे, सेलिब्रेशन, इंटिमेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>माइक्रो वेडिंग: कम बजट में यादगार शादी का नया ट्रेंड</strong><br><br>माइक्रो वेडिंग एक ऐसा विवाह है जिसमें कम लोगों के साथ छोटे पैमाने पर खास और निजी उत्सव मनाया जाता है। यह छोटे स्तर पर आयोजित होने वाली शादी है, जिसमें लगभग 20 से 50 मेहमान शामिल होते हैं।<br><br>कोरोना महामारी के दौरान सामाजिक दूरी और प्रतिबंधों ने लोगों को छोटे आयोजनों की ओर प्रेरित किया। पारंपरिक शादियों में लाखों रुपये खर्च होते हैं, जबकि माइक्रो वेडिंग में भोजन, सजावट और स्थल का खर्च काफी कम हो जाता है। कम लोगों के साथ जश्न मनाने से दूल्हा-दुल्हन अपने करीबियों के साथ अच्छा समय बिता पाते हैं। छोटी शादी होने के कारण इसे बीच, बगीचे, छत या पारिवारिक घर जैसे अनोखे स्थानों पर आयोजित किया जा सकता है। बड़ी शादियों में महीनों पहले से योजना और प्रबंधन की चिंता रहती है, लेकिन माइक्रो वेडिंग में कम लोगों के कारण व्यवस्था कम करनी होती है, जिससे तनाव-मुक्त शादी की योजना बनती है। कम मेहमानों के कारण भोजन की बर्बादी, सजावट की बर्बादी और यात्रा प्रदूषण कम होता है, जो इस शादी को पर्यावरण के लिए बेहतर बनाता है।]]> </content:encoded>
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<title>ककड़ी: गर्मियों में सेहत का खजाना</title>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में ककड़ी का सेवन शरीर को ठंडक और हाइड्रेशन प्रदान करता है। यह हाई बीपी को नियंत्रित करने, डिहाइड्रेशन से बचाने, वजन घटाने में मदद करने, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने, पाचन क्रिया को सुधारने और किडनी को स्वस्थ रखने में सहायक है। ककड़ी में विटामिन ए, सी, के, पोटेशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे एक बेहतरीन स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बनाते हैं। इसे सलाद के रूप में या जूस बनाकर भी लिया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:29:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ककड़ी, गर्मी, सेहत, हाइड्रेशन, बीपी, वजन, कोलेस्ट्रॉल, पाचन, किडनी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में शरीर को ठंडक और हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। ककड़ी एक बेहतरीन विकल्प है, जो न केवल शरीर में पानी की कमी को दूर करती है, बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है। इसमें विटामिन ए, सी, के, पोटेशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

<strong>ककड़ी के फायदे:</strong><br><br><strong>हाई बीपी में मददगार:</strong> ककड़ी में मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक होता है।<br><br><strong>डिहाइड्रेशन से बचाव:</strong> 96% पानी की मात्रा के साथ, ककड़ी शरीर को हाइड्रेटेड रखती है।<br><br><strong>वजन घटाने में सहायक:</strong> कम कैलोरी और उच्च फाइबर सामग्री के कारण, ककड़ी वजन घटाने में मदद करती है।<br><br><strong>कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण:</strong> ककड़ी में मौजूद स्टेरॉल कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।<br><br><strong>पाचन क्रिया में सुधार:</strong> फाइबर से भरपूर ककड़ी पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है।<br><br><strong>किडनी के लिए फायदेमंद:</strong> ककड़ी शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर किडनी को स्वस्थ रखने में मदद करती है।<br><br><strong>अन्य लाभ:</strong> ककड़ी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाती है, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है, और आंखों की जलन को कम करती है।
<br><strong>ककड़ी को डाइट में कैसे शामिल करें:</strong><br><br>ककड़ी को सलाद के रूप में या नींबू, काला नमक और पुदीने के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। इसका जूस भी एक स्वादिष्ट और हाइड्रेटिंग विकल्प है।]]> </content:encoded>
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<title>एवोकाडो: कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज का अचूक उपाय</title>
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<description><![CDATA[ एवोकाडो एक सुपरफूड है जो हृदय स्वास्थ्य, वजन प्रबंधन, मस्तिष्क कार्य, और पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। डाइटीशियन शिखा अग्रवाल शर्मा के अनुसार, यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। एवोकाडो वजन कम करने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और सूजन को कम करने में भी सहायक है क्योंकि इसमें फाइबर और हेल्दी फैट भरपूर मात्रा में होते हैं। यह मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:26:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एवोकाडो, कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज, वजन कम करना, स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[एवोकाडो एक ऐसा फल है जो हृदय को स्वस्थ रखने, वजन को नियंत्रित करने, मस्तिष्क के कार्य को बढ़ाने, त्वचा और बालों को पोषण देने, पाचन क्रिया को सुधारने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, हड्डियों को मजबूत करने, सूजन को कम करने और आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।<br><br>डाइटीशियन शिखा अग्रवाल शर्मा के अनुसार, एवोकाडो एक सुपरफूड है क्योंकि यह हृदय के लिए बहुत अच्छा है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (एचडीएल) को बढ़ाता है।<br><br>एवोकाडो वजन कम करने में भी मदद करता है। इसमें कैलोरी अधिक होती है, लेकिन फाइबर और हेल्दी फैट भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और क्रेविंग कम होती है।<br><br>यह मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है, याददाश्त को बेहतर बनाता है और संज्ञानात्मक गिरावट को रोकने में मदद करता है। फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण, यह कब्ज को रोकता है और स्वस्थ गट बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा देता है।<br><br>एवोकाडो ब्लड शुगर को भी नियंत्रित करता है क्योंकि इसमें हेल्दी फैट और फाइबर होते हैं। यह हड्डियों और जोड़ों को मजबूत करता है और सूजन को कम करने में भी सहायक है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>किचन से कॉकरोच को दूर भगाने के आसान उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-ways-to-get-rid-of-cockroaches-from-kitchen</link>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर दीप्ति कपूर ने किचन से कॉकरोच को दूर करने के 4 आसान टिप्स बताए हैं। बर्तन को हमेशा सूखा रखें, किचन कैबिनेट को सफेद सिरके से साफ करें, अलमारी में तेज पत्ता रखें और अखबार बिछाने से बचें। ये घरेलू ट्रिक्स कॉकरोच को दूर रखने में मदद करते हैं, क्योंकि कॉकरोच नमी और गंध से आकर्षित होते हैं। इन उपायों से आप अपने किचन को कॉकरोच से मुक्त रख सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119435041/deepti-kapoor-share-easy-way-to-get-rid-of-cockroaches-and-keep-away-from-kitchen-119435041.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:23:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कॉकरोच, किचन, दीप्ति कपूर, घरेलू ट्रिक्स, सफेद सिरका, तेज पत्ता, अलमारी, अखबार, बर्तन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[किचन में कॉकरोच दिखना एक आम समस्या है, जिससे हर कोई परेशान रहता है। कंटेंट क्रिएटर दीप्ति कपूर ने किचन से कॉकरोच को दूर करने के कुछ आसान तरीके बताए हैं।<br><br><b>दीप्ति कपूर के टिप्स:</b><br><br>1. <b>बर्तन को गीला न रखें:</b> कॉकरोच नमी वाली जगहों पर ज्यादा पनपते हैं। इसलिए बर्तन धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह से पोंछकर सुखा लें।<br><br>2. <b>सफेद सिरके से पोंछें:</b> किचन कैबिनेट और अलमारियों को सफेद सिरके से साफ करें। सिरका न सिर्फ सफाई करता है, बल्कि कॉकरोच को भी दूर रखता है।<br><br>3. <b>तेज पत्ता का इस्तेमाल:</b> किचन की अलमारी में तेज पत्ता रखें। कॉकरोच को तेज पत्ते की गंध पसंद नहीं होती।<br><br>4. <b>अलमारी में अखबार न बिछाएं:</b> किचन की अलमारी में अखबार बिछाने से कॉकरोच आकर्षित होते हैं।<br><br>इन आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने किचन को कॉकरोच से मुक्त रख सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मंदिर में हुई शाही शादी: दुल्हन ने अंबानी की शादी को दी टक्कर</title>
<link>https://pratinidhi.in/bride-stuns-in-red-lehenga-at-baps-shri-swaminarayan-mandir-wedding-competes-with-ambani-wedding</link>
<guid>https://pratinidhi.in/bride-stuns-in-red-lehenga-at-baps-shri-swaminarayan-mandir-wedding-competes-with-ambani-wedding</guid>
<description><![CDATA[ गुजरात के एक मंदिर में हुई शादी ने अंबानी की 5000 करोड़ की शादी को टक्कर दी। दुल्हन लाल जोड़े में खूबसूरत लग रही थी। BAPS श्री स्वामीनारायण शिखरबद्ध मंदिर में हुई इस शादी में दूल्हा-दुल्हन का अंदाज राजघराने वाला था। दुल्हन ने लाल लहंगा और दूल्हे ने ऑफ वाइट शेरवानी पहनी थी। दुल्हन ने दो दुपट्टे और सुंदर जूलरी पहनी थी। मेकअप को न्यूड रखा गया था और माथे पर लाल बिंदी लगाई गई थी। मेघा चौधरी को मीडिया में 6 साल का अनुभव है और उन्हें फैशन, ब्यूटी और होम डेकोर लिखने का शौक है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119439129/bride-looks-stunning-in-red-lehenga-as-she-got-married-in-baps-shri-swaminarayan-mandir-sarangpur-119439129.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:23:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>शादी, दुल्हन, मंदिर, तुलना, स्थान, परिधान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गुजरात के एक 109 साल पुराने मंदिर में हुई शादी ने अंबानी की 5000 करोड़ की शादी को टक्कर दी। इस शादी में दुल्हन लाल जोड़े में बेहद खूबसूरत लग रही थी।

<strong>दुल्हन का शाही अंदाज</strong><br><br>मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में 5000 करोड़ रुपये का खर्चा हुआ था। लेकिन, इस मंदिर में हुई शादी में दूल्हा-दुल्हन का अंदाज राजघराने वाला था।

<strong>मंदिर की भव्यता</strong><br><br>गुजरात के सारंगपुर में स्थित BAPS श्री स्वामीनारायण शिखरबद्ध मंदिर 1916 में बनवाया गया था। यह राज्य का दूसरा सबसे ऊंचा मंदिर है।

<strong>दुल्हन और दूल्हे की पोशाक</strong><br><br>दुल्हन ने लाल रंग का लहंगा पहना था, जिस पर सुनहरी कढ़ाई की गई थी। दूल्हे ने ऑफ वाइट शेरवानी पहनी थी, जिस पर थ्रेड एम्ब्रॉयडरी की गई थी।

<strong>दुल्हन का श्रृंगार</strong><br><br>दुल्हन ने दो दुपट्टे ओढ़े थे। साइड दुपट्टे पर फ्लोरल बेल से स्क्वायर शेप में लाइन्स बनी थीं, और सिर पर ओढ़ने के लिए दुपट्टे को लाइट वेट रखा था। दुल्हन ने स्टेटमेंट हार, मांग टीका, नथ, ईयररिंग्स और माथा पट्टी पहनी थी।]]> </content:encoded>
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<title>5 फूड जो खून में हीमोग्लोबिन और आयरन बढ़ाएंगे</title>
<link>https://pratinidhi.in/foods-to-increase-hemoglobin-and-iron-levels</link>
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<description><![CDATA[ शरीर में हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी को दूर करने के लिए 5 बेहतरीन खाद्य पदार्थों के बारे में बताया गया है। ये खाद्य पदार्थ हैं: अनार और चुकंदर, हलीम के बीज, सूखा आलू बुखारा और खजूर, राजमा, सरसों और मेथी के पत्ते। अनार में आयरन भरपूर होता है और चुकंदर में नाइट्रेट होता है, जो शरीर में आयरन में बदल जाता है। हलीम के बीज आयरन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। सूखा आलू बुखारा और खजूर मीठे की क्रेविंग को दूर करते हैं और आयरन के स्तर को बढ़ाते हैं। राजमा आयरन से भरपूर शाकाहारी भोजन है और प्रोटीन भी प्रदान करता है। सरसों और मेथी के पत्ते आयरन से भरपूर होते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119457205/5-best-foods-told-by-dietician-nmami-agarwal-to-increase-haemoglobin-and-iron-level-in-body-119457205.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:23:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Iron, Hemoglobin, Foods, Diet, Health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[शरीर में हीमोग्लोबिन और आयरन की कमी को दूर करने के लिए, यहां 5 बेहतरीन खाद्य पदार्थों के बारे में बताया गया है।<br><br>
<strong>1. अनार और चुकंदर:</strong><br>अनार में आयरन भरपूर होता है और चुकंदर में नाइट्रेट होता है, जो शरीर में आयरन में बदल जाता है। इन्हें स्मूदी या सलाद के रूप में खाएं।<br><br>
<strong>2. हलीम के बीज:</strong><br>ये छोटे बीज आयरन और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें सलाद, सूप या दही में मिलाकर खाएं।<br><br>
<strong>3. सूखा आलू बुखारा और खजूर:</strong><br>ये दोनों मीठे की क्रेविंग को दूर करते हैं और आयरन के स्तर को बढ़ाते हैं।<br><br>
<strong>4. राजमा:</strong><br>यह आयरन से भरपूर शाकाहारी भोजन है और प्रोटीन भी प्रदान करता है।<br><br>
<strong>5. सरसों और मेथी के पत्ते:</strong><br>ये पत्तेदार सब्जियां आयरन से भरपूर होती हैं और भोजन को स्वादिष्ट बनाती हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गर्मी में भिंडी, खीरा और टमाटर: खाने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें</title>
<link>https://pratinidhi.in/summer-food-safety-tips-for-bhindi-cucumber-and-tomato</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में भिंडी, खीरा और टमाटर का सेवन खूब किया जाता है, लेकिन इन्हें खाने से पहले कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। सब्जियों को अच्छी तरह धोकर, खीरे को छीलकर, भिंडी को सुखाकर और टमाटर के बीज निकालकर खाएं। कटी हुई सब्जियों को ज्यादा देर तक खुला न रखें और हमेशा ताजी सब्जियां ही खाएं। इन सरल उपायों से आप गर्मियों में इन सब्जियों का सुरक्षित और स्वादिष्ट आनंद ले सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:23:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गर्मी, भिंडी, खीरा, टमाटर, सेहत, सब्जियां, बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, एसिडिटी, पेट की समस्या</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में भिंडी, खीरा और टमाटर का सेवन खूब किया जाता है, लेकिन इन्हें खाने से पहले कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। गलत तरीके से सेवन करने पर ये सब्जियां सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
<br><br>
<strong>सब्जियों को धोने का तरीका:</strong>
<br><br>
भिंडी, खीरा और टमाटर को पकाने या खाने से पहले अच्छी तरह धो लें। इनके छिलकों पर मिट्टी, कीटनाशक और बैक्टीरिया हो सकते हैं। धोने से पहले सब्जियों को कुछ देर के लिए पानी में भिगो दें और फिर उन्हें रगड़कर साफ करें।
<br><br>
<strong>खीरे को छीलकर खाएं:</strong>
<br><br>
खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। हालांकि, खीरे को बिना छीले खाने से बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। इसलिए, खीरे को छीलकर खाना बेहतर होता है।
<br><br>
<strong>भिंडी को सुखाकर काटें:</strong>
<br><br>
भिंडी को काटने से पहले धोकर अच्छी तरह सुखा लें। गीली भिंडी काटने से वह चिपचिपी हो जाती है और उसका स्वाद भी खराब हो सकता है।
<br><br>
<strong>टमाटर के बीज निकाल दें:</strong>
<br><br>
टमाटर के बीज एसिडिटी और पेट की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसलिए, टमाटर के बीज निकालकर ही उसका सेवन करें।
<br><br>
<strong>ताजी सब्जियां खाएं:</strong>
<br><br>
कटी हुई सब्जियों को लंबे समय तक खुला न रखें, क्योंकि उनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। हमेशा ताजी सब्जियों का ही सेवन करें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एलन मस्क की एक्स गर्लफ्रेंड ग्रिम्स का पेरेंटिंग पर खुलासा</title>
<link>https://pratinidhi.in/elon-musk-ex-girlfriend-grimes-reveals-parenting-struggles</link>
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<description><![CDATA[ एलन मस्क की एक्स गर्लफ्रेंड ग्रिम्स ने पेरेंटिंग के सबसे मुश्किल पहलू पर बात की। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुलाना एक चुनौतीपूर्ण काम है और वह खुद भी बचपन में अपने माता-पिता को सोने के समय परेशान करती थीं। ग्रिम्स ने सोशल मीडिया पर अपनी पेरेंटिंग यात्रा के बारे में खुलकर बात की और बच्चों को सुलाने के कुछ सुझाव भी दिए, जैसे कि बच्चे के सोने का एक नियमित समय निर्धारित करना। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119417075/elon-musk-ex-girlfriend-said-this-is-the-biggest-problem-in-parenting-119417075.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:22:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एलन मस्क, ग्रिम्स, पेरेंटिंग, बच्चे, नींद, मुश्किल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[एलन मस्क की पूर्व गर्लफ्रेंड ग्रिम्स ने हाल ही में पेरेंटिंग के दौरान आने वाली मुश्किलों पर बात की। उन्होंने बताया कि बच्चों को सुलाना सबसे चुनौतीपूर्ण काम है और इससे वह अक्सर परेशान हो जाती हैं। ग्रिम्स ने यह भी स्वीकार किया कि वह बचपन में अपने माता-पिता को सोने के समय काफी परेशान करती थीं।<br><br>ग्रिम्स, जिनके एलन मस्क से तीन बच्चे हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी पेरेंटिंग यात्रा के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने पेरेंटिंग के सबसे कठिन हिस्से के बारे में अपने विचार साझा किए, जिससे कई माता-पिता सहमत हो सकते हैं।<br><br>ग्रिम्स ने लिखा कि बच्चों को सुलाना इतना मुश्किल क्यों होता है। उन्हें याद है कि वह खुद भी बचपन में सोने के समय बहुत परेशान करती थीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक या विकास संबंधी कारण है और क्या वह कुछ ऐसा समझ नहीं पा रही हैं जो महत्वपूर्ण है। ग्रिम्स ने यह भी कहा कि अगर कहानी बहुत रोचक हो तो बच्चे उत्साहित होकर जाग जाते हैं, और अगर बहुत साधारण हो तो वे दिलचस्पी नहीं लेते।<br><br>ग्रिम्स ने कहा कि ऐसा लगता है कि सोने के लिए जानबूझकर उबाऊ कहानियां सुनानी पड़ती हैं, जो कहीं न कहीं अजीब और गलत लगता है। उन्होंने पूछा कि क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे बच्चों को बिना ज्यादा उत्साहित किए सुलाया जा सके और क्या यह हर माता-पिता की आम समस्या है।<br><br>ग्रिम्स ने यह भी याद दिलाया कि वह अपने माता-पिता को इसी तरह तंग करती थीं, हर रात कहानियां सुनने की जिद करती थीं, सोने में बहुत ज्यादा समय लगाती थीं और अगर वे उसे छोड़कर चले जाते थे तो फिर से उठकर उनके पीछे जाती थीं।<br><br>लेख में बच्चों को सुलाने के कुछ सुझाव भी दिए गए हैं, जैसे कि बच्चे के सोने का एक नियमित समय निर्धारित करना और हर रोज उसी समय पर उसे सुलाना। इसके अतिरिक्त, टॉडलर उम्र तक के बच्चों को लोरी सुनाकर सुलाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इससे वे शांत महसूस करते हैं और उन्हें जल्दी नींद आ जाती है। लोरी सुनने पर बच्चों के शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है, जिससे वे रिलैक्स महसूस कर पाते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कच्ची प्याज: सेहत के लिए वरदान, दिल से पेट तक की बीमारियों में फायदेमंद</title>
<link>https://pratinidhi.in/raw-onion-benefits-for-health-heart-stomach-and-allergy</link>
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<description><![CDATA[ कच्ची प्याज सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो एलर्जी और अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, साथ ही इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। कच्ची प्याज में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो हृदय रोग को रोकने और शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। यह पाचन को दुरुस्त करती है, जिससे पेट की समस्या दूर होती है। कच्ची प्याज को कच्चा खाना ही फायदेमंद होता है, क्योंकि पकाने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:22:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कच्ची प्याज, सेहत, दिल, पेट, बीमारियां, एंटीऑक्सीडेंट, इम्यून सिस्टम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कच्ची प्याज का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। <br><br><strong>कच्ची प्याज के फायदे:</strong><br><br><strong>1. दिल के लिए फायदेमंद:</strong> कच्ची प्याज में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हृदय रोग को रोकने में सहायक होते हैं। नियमित सेवन से हृदय स्वस्थ रहता है और खून का प्रवाह बेहतर होता है।<br><br><strong>2. शुगर कंट्रोल:</strong> कच्ची प्याज में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसे फ्राई करके या सब्जी में पका कर खाने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, इसलिए इसे कच्चा खाना ही फायदेमंद है।<br><br><strong>3. पेट की समस्या:</strong> कच्ची प्याज पाचन को दुरुस्त करती है, जिससे गैस और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं से राहत मिलती है।<br><br><strong>4. एलर्जी से बचाव:</strong> कच्ची प्याज में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो एलर्जी और अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दांतों को कीड़ा लगने से बचाने के लिए सोने से पहले करें ये उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/daily-bedtime-remedy-to-prevent-tooth-decay-and-bad-breath</link>
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<description><![CDATA[ दांतों में कीड़ा लगना और मुंह से बदबू आना एक आम समस्या है। रात को सोने से पहले हमेशा ब्रश करें और माउथवॉश का इस्तेमाल करें। नियमित रूप से दांतों की जांच कराएं और तुलसी के पत्तों को चबाएं। लौंग चबाने से दांत मजबूत होते हैं और दांतों में कीड़ा नहीं लगता। इन उपायों को अपनाकर आप दांतों को स्वस्थ रख सकते हैं और मुंह की बदबू से छुटकारा पा सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>oral hygiene, tooth decay, bad breath, dental care, tulsi, cloves, mouthwash</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दांतों में कीड़ा लगना और मुंह से बदबू आना एक आम समस्या है, लेकिन कुछ आसान उपायों से इससे बचा जा सकता है।</p><br> <strong>सोने से पहले ब्रश करें:</strong> <p>रात को सोने से पहले हमेशा ब्रश करें। यह दांतों में जमा बैक्टीरिया और प्लाक को हटाने में मदद करता है।</p><br> <strong>माउथवॉश का इस्तेमाल करें:</strong> <p>माउथवॉश मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करता है और सांसों को तरोताजा रखता है।</p><br> <strong>डेंटल चेकअप कराएं:</strong> <p>नियमित रूप से दांतों की जांच कराएं ताकि किसी भी समस्या का शुरुआती चरण में पता चल सके।</p><br> <strong>तुलसी का इस्तेमाल करें:</strong> <p>तुलसी के पत्तों को चबाने से मुंह के बैक्टीरिया खत्म होते हैं और सांसों की बदबू दूर होती है।</p><br> <strong>लौंग चबाएं:</strong> <p>लौंग चबाने से दांत मजबूत होते हैं और दांतों में कीड़ा नहीं लगता।</p><br> <p>इन उपायों को अपनाकर आप दांतों को स्वस्थ रख सकते हैं और मुंह की बदबू से छुटकारा पा सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पापमोचनी एकादशी 2025: व्रत में एनर्जी का डबल डोज, ये 5 फलाहार रखेंगे दिनभर हेल्दी</title>
<link>https://pratinidhi.in/papmochani-ekadashi-2025-healthy-falahar-options</link>
<guid>https://pratinidhi.in/papmochani-ekadashi-2025-healthy-falahar-options</guid>
<description><![CDATA[ पापमोचनी एकादशी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है, यह 25 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी पापों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। व्रत रखने वालो के लिए फलाहार के कुछ विकल्प है : साबूदाना खिचड़ी, दही आलू, कुट्टू के आटे का चीला, साबूदाने की टिक्की और लौकी की खीर, ये सभी फलाहार विकल्प आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखेंगे। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एकादशी, व्रत, फलाहार, भगवान विष्णु, साबूदाना, आलू, लौकी, खीर, Papmochani Ekadashi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>पापमोचनी एकादशी 2025: व्रत में एनर्जी का डबल डोज, ये 5 फलाहार रखेंगे दिनभर हेल्दी</b><br><br>हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। पापमोचनी एकादशी साल की अंतिम एकादशी है, जो 25 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।<br><br>अगर आप भी इस एकादशी पर व्रत रखने का विचार कर रहे हैं, तो यहां 5 फलाहार विकल्प दिए गए हैं जो आपको पूरे दिन ऊर्जावान बनाए रखेंगे:<br><br>1. <b>साबूदाना खिचड़ी:</b><br>यह व्रत के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्पों में से एक है। यह बनाने में आसान और स्वादिष्ट होती है, साथ ही लंबे समय तक पेट भरा रखती है।<br><br>2. <b>दही आलू:</b><br>आलू से कई प्रकार की डिशेज बनाई जा सकती हैं और यह भूख को शांत रखने में सहायक होता है। दही आलू एक अच्छा विकल्प है, खासकर यदि आप व्रत में सेंधा नमक नहीं खाते हैं।<br><br>3. <b>कुट्टू के आटे का चीला:</b><br>कुट्टू के आटे का चीला, कुट्टू की पूड़ी से बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है। इसे बनाना भी आसान है और दही के साथ इसका सेवन किया जा सकता है।<br><br>4. <b>साबूदाने की टिक्की:</b><br>साबूदाने की टिक्की एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फलाहार है। इसे बनाने के लिए साबूदाने को भिगोकर और आलू को उबालकर मिलाया जाता है, फिर टिक्की बनाकर डीप फ्राई या शैलो फ्राई किया जा सकता है।<br><br>5. <b>लौकी की खीर:</b><br>लौकी की खीर एक स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट विकल्प है। इसे बनाने के लिए लौकी को कद्दूकस करके घी में भूनें और फिर दूध में पकाएं। आप इसमें अपनी पसंद के ड्राई फ्रूट्स भी मिला सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कड़ाही में उबालकर बनाएं बालों के लिए जादुई तेल</title>
<link>https://pratinidhi.in/kadahi-me-ubalkar-banaye-balo-ke-liye-jadui-tel-hair-growth-oil-recipe</link>
<guid>https://pratinidhi.in/kadahi-me-ubalkar-banaye-balo-ke-liye-jadui-tel-hair-growth-oil-recipe</guid>
<description><![CDATA[ बालों को तेजी से बढ़ाने के लिए प्राकृतिक तेल बनाने का तरीका बताया गया है। इस तेल में मेथी, फ्लैक्स सीड्स, कलौंजी जैसे बीज होते हैं, जो बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। इसे बनाने के लिए एक कड़ाही में नारियल तेल के साथ इन बीजों को 15 मिनट तक पकाएं। यह तेल बालों को मजबूत और घना बनाने में मदद करता है। तिल का तेल और कलौंजी बालों के झड़ने को रोकने और बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119411076/how-to-make-hair-growth-oil-with-beneficial-seeds-which-make-them-grow-faster-119411076.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बालों की ग्रोथ, हेयर ग्रोथ ऑयल, बालों की हेल्थ, मेथी दाना, कलौंजी, तिल का तेल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अगर आप भी अपने बालों को प्राकृतिक रूप से तेजी से बढ़ाना चाहते हैं, तो इस लेख में बताए गए नुस्खे को जरूर आजमाएं। यह नुस्खा विभिन्न प्रकार के बीजों से बनाया गया है और आपके बालों को जड़ से मजबूत करके उन्हें घना और सुंदर बनाने में मदद करता है। आजकल, केमिकल युक्त हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बढ़ने से बालों के झड़ने की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में, प्राकृतिक नुस्खों का उपयोग करके बालों को बढ़ाना एक बेहतर विकल्प है।
<br><br>
इस लेख में, हम आपको कड़ाही में बनाए जाने वाले एक विशेष तेल के बारे में बताएंगे, जो बालों की ग्रोथ को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है। इस तेल को बनाने के लिए मेथी, फ्लैक्स सीड्स और कलौंजी जैसे बीजों का उपयोग किया जाता है, जो बालों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
<br><br>
<b>मेथी दाना:</b> बालों से जुड़ी कई समस्याओं को ठीक करने के लिए मेथी दाने का इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि यह प्रोटीन से भरपूर होता है। प्रोटीन बालों को मजबूत बनाता है, जिससे वे कम टूटते और झड़ते हैं। मेथी में मौजूद पोषक तत्व हेयर फॉलिकल्स को मजबूती देने में भी मदद करते हैं।
<br><br>
<b>सामग्री:</b>
<br>
<ul>
<li>सफेद तिल: 1 चम्मच</li>
<li>फ्लैक्स सीड्स: 1 चम्मच</li>
<li>सरसों के बीज: 1 चम्मच</li>
<li>कलौंजी: 1 चम्मच</li>
<li>मेथी दाना: 1 चम्मच</li>
<li>लौंग: 4-5</li>
<li>नारियल का तेल: 1 कप</li>
</ul>
<br><br>
<b>बनाने की विधि:</b>
<br><br>
<ol>
<li>सबसे पहले एक कड़ाही या गहरा पैन लें और उसमें सभी बीजों को एक-एक चम्मच करके डालें।</li>
<li>अब कड़ाही में 1 कप नारियल का तेल डालें और सभी चीजों को हल्की आंच पर 15 मिनट तक पकाएं।</li>
<li>जब सभी चीजें अच्छी तरह से पक जाएं, तो गैस बंद कर दें और तेल को निकालकर एक कंटेनर में भरकर रख दें।</li>
<li>यह तेल आपके बालों की ग्रोथ को तेज करने के लिए तैयार है।</li>
<li>इस तेल का नियमित इस्तेमाल आपके बालों को स्वस्थ और मजबूत बना सकता है।</li>
</ol>
<br><br>
तिल का तेल बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। रिसर्च गेट की एक स्टडी के अनुसार, तिल के बीज के तेल में सेसमिन नामक प्राइमरी कंपाउंड होता है, जो बालों के झड़ने और केनाइटिस के इलाज में उपयोगी है।
<br><br>
वहीं, दूसरी स्टडी के अनुसार, कलौंजी के बीजों में एंटीमाइक्रोबॉयल, एंटी-एजिंग, हेयर ग्रोथ प्रमोटर, सन प्रोटेक्शन और एंटी कैंसर एक्टिविटी होती है, जो इसे कॉस्मेटिक उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण घटक बनाती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>7 दिन में 8 किलो वजन घटाने का तरीका: पाकिस्तानी एक्ट्रेस का डाइट प्लान</title>
<link>https://pratinidhi.in/pakistani-actress-nimra-khan-weight-loss-diet-plan</link>
<guid>https://pratinidhi.in/pakistani-actress-nimra-khan-weight-loss-diet-plan</guid>
<description><![CDATA[ पाकिस्तानी एक्ट्रेस निमरा खान ने वजन घटाने का डाइट प्लान शेयर किया है, जिससे एक हफ्ते में 8 किलो तक वजन कम किया जा सकता है। इस डाइट में अंडे का सफेद भाग, चिया सीड्स, नींबू-शहद, सेब और ग्रीन टी शामिल हैं। निमरा ने हर तीन घंटे में एक सेब और हर दो घंटे में ग्रीन टी का सेवन किया। यह एक क्रैश डाइट है, इसलिए सावधानी बरतें। स्वस्थ वजन घटाने के लिए प्रोटीन, हेल्दी फैट, साबुत अनाज और सब्जियां महत्वपूर्ण हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>weight loss, diet plan, Nimra Khan, Pakistani actress, health, fitness, natural way</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>वजन घटाने का नेचुरल तरीका: पाकिस्तानी एक्ट्रेस निमरा खान का डाइट प्लान</strong><br><br>अगर आप वजन कम करने के लिए कोई आसान तरीका ढूंढ रहे हैं, तो पाकिस्तानी एक्ट्रेस निमरा खान ने एक डाइट प्लान शेयर किया है। उनका दावा है कि इस डाइट प्लान का पालन करके एक हफ्ते में 8 किलो तक वजन घटाया जा सकता है।<br><br>निमरा खान के डाइट प्लान में शामिल हैं:<ul><li>सुबह: 3 अंडे का सफेद भाग</li><li>पूरे दिन: गुनगुने पानी में भीगे चिया सीड्स, नींबू-शहद, सेब और ग्रीन टी</li></ul><br>निमरा खान का कहना है कि वजन घटाने के लिए सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। उन्होंने हर तीन घंटे में एक सेब और हर दो घंटे में ग्रीन टी का सेवन किया। उन्होंने इस रूटीन को पूरे 7 दिनों तक जारी रखा।<br><br>निमरा खान के अनुसार, कई लोगों ने इस डाइट प्लान को फॉलो करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी लगातार 4 दिनों तक इसे जारी नहीं रख सका। ज्यादातर लोग 3 दिनों तक टिके रहते हैं और चौथे दिन छोड़ देते हैं।<br><br>हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह एक प्रकार की क्रैश डाइट है। इसलिए, इसे सावधानी से फॉलो करना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में पोषण की कमी हो सकती है। इससे जल्दी वजन कम हो सकता है, लेकिन यह स्थायी नहीं होता।<br><br>विशेषज्ञों का सुझाव है कि स्वस्थ वजन घटाने के लिए डाइट में प्रोटीन, हेल्दी फैट, साबुत अनाज और सब्जियों को शामिल करना चाहिए। सख्त डाइटिंग से मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है और मसल्स और पोषण की कमी हो सकती है, जिससे मीठे और जंक फूड की क्रेविंग बढ़ सकती है।<br><br><strong>डिस्क्लेमर:</strong> इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ट्रंप की पोती का जलवा: 17 साल की काई का ग्लैमरस अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/donald-trump-granddaughter-kai-trump-glamorous-style-at-17</link>
<guid>https://pratinidhi.in/donald-trump-granddaughter-kai-trump-glamorous-style-at-17</guid>
<description><![CDATA[ डोनाल्ड ट्रम्प की पोती काई ट्रम्प, जो कि एक प्रोफेशनल गोल्फर हैं, अपनी ग्लैमरस स्टाइल के कारण चर्चा में हैं। 17 वर्षीय काई, न केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, बल्कि करोड़ों रुपये की मालकिन भी हैं। हाल ही में, शिमरी ब्लू गाउन और पर्पल स्ट्रैपलेस ड्रेस में उनकी तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें वह बहुत ही खूबसूरत और ग्लैमरस लग रही थीं। टाइगर वुड्स के साथ वैनेसा ट्रम्प के कथित संबंध के कारण भी काई और उनका परिवार लाइमलाइट में है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119414012/donald-trump-granddaughter-kai-trump-stunning-looks-in-western-dresses-will-win-yours-hearts-119414012.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Donald Trump, Kai Trump, Granddaughter, Western Dresses, Professional Golfer, Glamorous Style, Hollywood Heroine</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>डोनाल्ड ट्रम्प की पोती काई ट्रम्प: एक ग्लैमरस गोल्फर</strong><br><br>डोनाल्ड ट्रम्प का परिवार हमेशा सुर्खियों में रहता है। इस बार, उनके बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर की पूर्व पत्नी वैनेसा ट्रम्प चर्चा में हैं, खासकर गोल्फ खिलाड़ी टाइगर वुड्स के साथ उनके कथित संबंध के कारण।<br><br>वैनेसा की बेटी, 17 वर्षीय काई ट्रम्प, भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। काई एक प्रोफेशनल गोल्फर हैं और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। उनकी सुंदरता और स्टाइल की अक्सर चर्चा होती है। रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 9.96 करोड़ रुपये की मालकिन काई ट्रम्प का अंदाज बहुत ही शानदार है।<br><br><strong>काई ट्रम्प के शानदार लुक्स</strong><br><br>काई ट्रम्प की कुछ शानदार तस्वीरें:<br><br>शिमरी ब्लू गाउन में काई का स्टाइल बहुत ही खूबसूरत है। गाउन की कटआउट डिटेलिंग और बॉडी हगिंग फिट उनके लुक को और भी बेहतर बना रहे हैं। उन्होंने वॉच, नेकपीस, स्टड ईयररिंग्स और एक लग्जरी वाइट बैग भी कैरी किया है।<br><br>पर्पल स्ट्रैपलेस ड्रेस में काई का ग्लैमरस अंदाज दिखा। इस शॉर्ट मिनी लेंथ ड्रेस में एक साइड पर लगा छोटा कट ग्लैम कोशेंट को बढ़ा रहा है, और पर्पल शिमर पैटर्न चमक ला रहा है। उन्होंने एम्बेलिश्ड हील्स, हार्ट ईयररिंग्स, नेकपीस, ब्रेसलेट और वॉच पहनी थी, और खुले बालों में वह एक फैशनिस्टा की तरह लग रही थीं।]]> </content:encoded>
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<title>वजन घटाने के लिए इन 3 चीजों को कहें अलविदा</title>
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<description><![CDATA[ वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं है। बिना एक्सरसाइज किए ही आप वजन को कम कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने के लिए आपको अपने खानपान पर बहुत कंट्रोल करने की जरूरत है। चीनी और मीठे पेय, प्रोसेस्ड फूड और अल्कोहल का सेवन कम करके वजन को कम किया जा सकता है। इन चीजों को अलविदा कहने से आपका वजन कम होने लगेगा और आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>weight loss, diet, exercise, health, food</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज करना जरूरी नहीं है। यह एक आम धारणा है कि आप एक्सरसाइज करके ही वजन कम कर सकते हैं। बिना एक्सरसाइज किए ही आप वजन को कम कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने के लिए आपको अपने खानपान पर बहुत कंट्रोल करने की जरूरत है।<br><br>अगर आप ऐसी चीजें खाते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करत हैं तो ऐसी चीजों पर आपको तुरंत प्रभाव से दूरी बनानी होगी। इसके साथ ही अपनी डाइट प्लान भी तैयार करना होगा। अगर आप ये सब करने में कामयाब हो गए तो आप बिना एक्सरसाइज किए बिना ही वजन को कम कर सकते हैं। आप ये कुछ बदलाव करके अपना वजन कम कर सकते हैं। आज हम आपको यहां 3 चीजों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें आपको वजन कम करने के लिए अलविदा कहना हर हाल में पड़ेगा।<br><br><strong>1. चीनी और मीठे से भरपूर चीजें:</strong><br>चीनी और मीठे पेय या अन्य मीठी चीजें आपके वजन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हें अलविदा कहने से आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा कम होगी और आपका वजन कम होने लगेगा। अगर आप कुछ महीने के लिए ये सब चीजें छोड़ने में सफल हो गए तो तेजी से वजन कम कर सकते हैं।<br><br><strong>2. प्रोसेस्ड फूड को कहें बाय:</strong><br>प्रोसेस्ड फूड में अक्सर उच्च मात्रा में नमक, चीनी, और अस्वस्थ वसा होती है। इन्हें अलविदा कहने से आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा कम होगी और आपका वजन कम होने लगेगा। प्रोसेस्ड फूड वजन बढ़ाने में काफी मददगार होता है। जो लोग इसका रेगुलर सेवन कर रहे हैं वो अपने वजन बढ़ने से खुद चिंतित हैं।<br><br><strong>3. अल्कोहल को कहें NO:</strong><br>अल्कोहल आपका वजन में बढ़ाती है। अगर कोई रेगुलर अल्कोहल का सेवन कर रहा है तो उसका वजन बढ़ना तय है। अल्कोहल में उच्च मात्रा में कैलोरी होती है और यह आपके शरीर को वसा जमा करने के लिए प्रेरित करता है। अल्कोहल को अलविदा कहकर आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा कम हो सकती है। इसके साथ ही वजन कम होने लगेगा। इन चीजों को अलविदा कहने से आपका वजन कम होने लगेगा और आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा।]]> </content:encoded>
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<title>रात में 8 बजे के बाद चावल: नुकसान और समाधान</title>
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<description><![CDATA[ देर रात को चावल खाने से वजन बढ़ना, पाचन संबंधी समस्याएं, ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव और नींद में खलल जैसी समस्याएं हो सकती हैं। रात में चावल खाने से बचने या कम मात्रा में खाने, हल्का भोजन करने, खाने का समय निर्धारित करने और ब्राउन राइस जैसे विकल्पों को चुनने जैसे सुझावों का पालन करके इन जोखिमों को कम किया जा सकता है। देर रात के भोजन के लिए सब्जियों, दाल और सूप जैसे आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों का चयन करना भी बेहतर है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:17:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Late Night Dinner Side Effects, Eating Rice Late Side Effects, Eating Rice After 8 Pm Health Risks, Healthy Dinner Habits</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[देर रात को चावल खाने के नुकसान:<br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में, देर रात को भोजन करना एक आम बात हो गई है। कई लोग अपने रात के खाने में चावल खाना पसंद करते हैं। लेकिन, क्या यह स्वस्थ है? <strong>विशेषज्ञों के अनुसार</strong>, रात में देर से चावल खाने से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।<br><br><strong>चावल और आपका शरीर</strong><br><br>चावल कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है, जो ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत है। यह आसानी से पच भी जाता है, जिससे यह त्वरित ऊर्जा के लिए एक अच्छा विकल्प बन जाता है। हालांकि, रात में, यह पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे चावल को पचाना मुश्किल हो जाता है।<br><br><strong>देर रात को चावल खाने के जोखिम</strong><br><br><ul><li><strong>वजन बढ़ना:</strong> रात में चावल खाने से आपके शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। चूंकि आप सोते समय कम सक्रिय होते हैं, इसलिए ये कैलोरी वसा के रूप में जमा हो जाती हैं, जिससे वजन बढ़ता है।</li><li><strong>पाचन संबंधी समस्याएं:</strong> रात में, आपका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। चावल में उच्च कार्बोहाइड्रेट सामग्री को पचाने के लिए शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे पेट फूलना, गैस और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।</li><li><strong>ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव:</strong> चावल में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) होता है, जो आपके ब्लड शुगर के स्तर को तेजी से बढ़ाता है। यदि आपको मधुमेह है, तो रात में चावल खाने से आपके ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।</li><li><strong>नींद में खलल:</strong> रात में भारी भोजन करने से आपकी नींद भी प्रभावित हो सकती है। चावल खाने के बाद, आपके शरीर को इसे पचाने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जिससे नींद खराब हो सकती है।</li></ul><br><strong>तो, आप क्या कर सकते हैं?</strong><br><br><ul><li><strong>हल्का भोजन करें:</strong> रात में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करें, जैसे सब्जियां, दाल या सूप।</li><li><strong>चावल की मात्रा कम करें:</strong> यदि आप चावल खाना चाहते हैं, तो इसकी मात्रा कम करें और इसे प्रोटीन और फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ मिलाएं।</li><li><strong>खाने का समय निर्धारित करें:</strong> सोने से कम से कम 2-3 घंटे पहले रात का खाना खा लें। इससे पाचन बेहतर होगा और नींद भी अच्छी आएगी।</li><li><strong>ब्राउन राइस चुनें:</strong> यदि आप चावल खाना चाहते हैं, तो सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस या अन्य साबुत अनाज का चुनाव करें। इनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन में मदद करती है।</li></ul>]]> </content:encoded>
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<title>टॉयलेट को 3 मिनट में साफ करने का आसान तरीका</title>
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<description><![CDATA[ टॉयलेट की सफाई को आसान बनाने के लिए, अक्षरा उपाध्याय द्वारा लिखित इस लेख में एक सरल तकनीक बताई गई है। टैरिन मारिया के अनुसार, डिस्टिल्ड व्हाइट विनेगर को स्प्रे बोतल में भरकर टॉयलेट सीट पर छिड़कें। जिद्दी दागों के लिए हार्ड वॉटर स्टेन रिमूवल का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन सिरका भी पर्याप्त है। कुछ देर बाद, ब्रश और कपड़े से साफ करें, और आपका टॉयलेट 3 मिनट में चमक उठेगा। कोनों और नीचे के हिस्से को भी साफ करना न भूलें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:15:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टॉयलेट साफ करना, घरेलू उपाय, सफाई हैक्स, व्हाइट विनेगर, टॉयलेट क्लीनिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[टॉयलेट की सफाई एक मुश्किल काम हो सकता है, लेकिन क्या होगा अगर हम आपको बताएं कि आप इसे सिर्फ 3 मिनट में कर सकते हैं? अक्षरा उपाध्याय द्वारा लिखित इस लेख में, हम आपको एक ऐसी तकनीक के बारे में बताएंगे जिससे आपका टॉयलेट एकदम चकाचक हो जाएगा।

सबसे पहले, आपको सिर्फ एक चीज की जरूरत है: डिस्टिल्ड व्हाइट विनेगर। टैरिन मारिया द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के अनुसार, आपको बस एक स्प्रे बोतल में विनेगर भरना है और इसे पूरी टॉयलेट सीट पर छिड़क देना है।

जिद्दी दागों के लिए, आप हार्ड वॉटर स्टेन रिमूवल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, टैरिन का कहना है कि सिर्फ सिरके से भी टॉयलेट साफ हो जाएगा।

विनेगर को कुछ देर तक लगे रहने दें, फिर ब्रश से अंदर के हिस्से को घिसें और कपड़े से बाकी हिस्से को साफ करें। रिम के अंदर के हिस्से को अच्छी तरह से साफ करना न भूलें।

बाहर के हिस्से को साफ करते समय, कोनों और नीचे के हिस्से को भी साफ करें। और बस 3 मिनट से भी कम समय में, आपका टॉयलेट एकदम चमक उठेगा!

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी पूरी तरह से वीडियो पर आधारित है। एनबीटी इनमें से किसी भी सत्यता, सटीकता और असर की गैरन्टी नहीं लेता है।)]]> </content:encoded>
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<title>&amp;apos;100 सालों तक दिख सकते हैं जवां&amp;apos;: डॉक्टर निशांत गुप्ता का घरेलू नुस्खा, चेहरे से मिटा देगा झाइयों के निशां</title>
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<description><![CDATA[ इस लेख में आयुर्वेदिक डॉक्टर निशांत गुप्ता द्वारा बताए गए एक घरेलू नुस्खे के बारे में बताया गया है, जो त्वचा को युवा और झाई-मुक्त बनाने में मदद करता है। इस नुस्खे में कॉफी पाउडर, हल्दी पाउडर, नारियल का तेल और नींबू के रस का उपयोग किया जाता है। डॉक्टर गुप्ता का दावा है कि इस नुस्खे का एक बार उपयोग करने से त्वचा 100 साल तक जवां दिख सकती है। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा को निखारने और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं। नारियल का तेल त्वचा को ड्राई होने से बचाता है और झाइयों के निशान को हल्का करता है। लेख में यह भी सलाह दी गई है कि किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>झाइयां, आयुर्वेदिक नुस्खा, त्वचा की देखभाल, नारियल तेल, हल्दी, एंटी-एजिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[इस लेख में, हम आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर निशांत गुप्ता द्वारा साझा किए गए एक विशेष नुस्खे को बनाने की विधि बताने जा रहे हैं, जो आपकी त्वचा को युवा और साफ बनाने में सहायता करेगा। आइए, प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार किए गए इस नुस्खे और उसके लाभों के बारे में जानें.<br><br>प्रत्येक महिला की यह इच्छा होती है कि उम्र बढ़ने के बावजूद उसकी त्वचा हमेशा युवा दिखे और चेहरे पर झाइयों के निशान न हों। यद्यपि बाजार में कई प्रकार के सौंदर्य और त्वचा देखभाल उत्पाद उपलब्ध हैं, लेकिन यह संभावना बनी रहती है कि बाजार में मिलने वाले ये उत्पाद हमारी त्वचा को हानि पहुँचा सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनमें ऐसे रसायनों के मौजूद होने की संभावना अधिक होती है जो त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं।<br><br>ऐसे में क्या किया जा सकता है? आपको इसके लिए परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आज हम आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर निशांत गुप्ता द्वारा बताए गए एक ऐसे प्रभावी एंटी-एजिंग नुस्खे के बारे में बताने वाले हैं, जो आपकी त्वचा को सदा युवा बनाए रखेगा और झाइयों को बढ़ने से रोकेगा। उन्होंने इस नुस्खे को अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया है और कहा है कि 'यदि इसे एक बार लगा लिया जाए तो आप 100 वर्षों तक युवा दिख सकते हैं।' तो फिर विलंब किस बात का, आइए हम भी स्वयं को युवा बनाने के इस नुस्खे के बारे में जानें।<br><br>डॉक्टर निशांत द्वारा बताए गए युवा दिखने के नुस्खे के बारे में<br><br>आयुर्वेदिक डॉक्टर निशांत ने अपने इंस्टाग्राम पर झाइयों को हटाने का एक ऐसा नुस्खा साझा किया है जो अत्यंत प्रभावी है। नुस्खा बनाने की विधि बताने के साथ-साथ, उन्होंने अपने वीडियो में यह भी बताया कि 'आज दुनिया के 35 करोड़ लोगों को चेहरे से झाइयों को दूर करने का यह अद्भुत नुस्खा ज्ञात नहीं है। चाहे आपकी आयु 20 वर्ष हो या 50 वर्ष, यदि आप इसे एक बार लगा लेते हैं, तो आप 100 वर्षों तक युवा दिख सकते हैं।' अब हम इस नुस्खे को बनाने की विधि जानने से पहले, इसकी सामग्रियों के बारे में जानते हैं।<br><br>नुस्खा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:<br>* कॉफी पाउडर - 1 चम्मच<br>* हल्दी पाउडर - 1 छोटी चम्मच<br>* नारियल का तेल - 1 चम्मच<br>* नींबू - 1/2 नींबू का रस<br><br>ध्यान दें: हम सभी की त्वचा अलग-अलग प्रकार की होती है, इसलिए यह संभव है कि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा आज़माया गया नुस्खा आपकी त्वचा पर अनुकूल प्रभाव न डाले। इसलिए, किसी भी नुस्खे को सीधे लगाने से पहले, पैच टेस्ट करना न भूलें।<br><br>नुस्खा तैयार करने की विधि:<br>* सबसे पहले, एक कटोरा लें और उसमें कॉफी पाउडर और हल्दी डालें।<br>* अब, इसमें नारियल का तेल और आधे नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिला लें।<br>* सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से मिलाकर एक चिकना पेस्ट तैयार करें, और आपका नुस्खा तैयार है।<br>* अब, इसे अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ समय तक रखने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें।<br>* डॉक्टर ने बताया कि केवल एक बार के उपयोग से ही आपका चेहरा चंद्रमा के समान चमक उठेगा।<br><br>झाइयों को हटाने के लिए हल्दी के लाभ<br><br>हल्दी, जिसका उपयोग घरों में भोजन बनाने में किया जाता है, एक ऐसा मसाला है जो अपने गुणों के कारण त्वचा के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं।<br><br>ये सभी मिलकर हमारी त्वचा को युवा बनाए रखने, दाग-धब्बों को हल्का करने और चेहरे से झाइयों के निशानों को कम करने में सहायता करते हैं। यही कारण है कि विवाह से पूर्व दुल्हन को हल्दी लगाई जाती है, ताकि त्वचा संबंधी कई समस्याओं का निवारण हो सके और चेहरे पर चमक आ जाए।<br><br>चेहरे पर नारियल तेल लगाने के फायदे<br><br>हम आपको बता दें कि नारियल के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा को शुष्क होने से बचाते हैं। इसके अतिरिक्त, यदि आप नारियल के तेल से चेहरे की मालिश करते हैं, तो यह झाइयों के निशानों को हल्का करने में सहायक हो सकता है। यह चेहरे पर चमक लाने का भी कार्य करता है। ऐसे में, बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए धैर्य रखना आवश्यक है।<br><br>(डिस्क्लेमर: लेख में दी गई नुस्खे की जानकारी और दावे पूरी तरह से इंस्टाग्राम पर प्रकाशित वीडियो पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और प्रभावशीलता के लिए उत्तरदायी नहीं है। किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें。)]]> </content:encoded>
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<title>बड़ौदा का लक्ष्मी विलास पैलेस: एंटीलिया से भी महंगा!</title>
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<description><![CDATA[ बड़ौदा की महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ का लक्ष्मी विलास पैलेस, मुकेश अंबानी के एंटीलिया से भी अधिक भव्य है। 30 लाख वर्ग फुट में फैला यह महल, एंटीलिया से 61 गुना बड़ा है और इसकी कीमत 25 हजार करोड़ रुपये है, जबकि एंटीलिया की कीमत 15 हजार करोड़ रुपये है। इस महल में 170 कमरे, खूबसूरत बगीचे, अस्तबल, स्विमिंग पूल और एक प्राइवेट गोल्फ कोर्स भी है। 700 एकड़ में फैला यह पैलेस बकिंघम पैलेस से भी 4 गुना बड़ा है। इसकी खूबसूरती देखकर अमिताभ बच्चन भी हैरान रह गए थे। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लक्ष्मी विलास पैलेस, राधिकाराजे गायकवाड़, मुकेश अंबानी, एंटीलिया, बड़ौदा, शाही महल, भारतीय संस्कृति, आर्किटेक्चर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बड़ौदा: महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ का लक्ष्मी विलास पैलेस, अंबानी के एंटीलिया से भी भव्य</strong><br><br>देश के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के एंटीलिया के बारे में तो सब जानते हैं, लेकिन क्या आपने बड़ौदा की महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ का घर देखा है? लक्ष्मी विलास पैलेस नाम का यह महल एंटीलिया से भी कहीं ज्यादा भव्य और महंगा है। आईये, आज हम आपको इस महल की कुछ तस्वीरें दिखाते हैं।<br><br>महारानी राधिकाराजे गायकवाड़, बड़ौदा के महाराजा समरजीतसिंह गायकवाड़ की पत्नी हैं। 46 वर्ष की राधिकाराजे न केवल बेहद खूबसूरत हैं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े निजी निवासों में से एक, लक्ष्मी विलास पैलेस में रहती हैं। यह महल 30 लाख वर्ग फुट में फैला है, जो एंटीलिया से 61 गुना बड़ा है।<br><br>मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मुंबई स्थित एंटीलिया की कीमत लगभग 15 हजार करोड़ रुपये है, जबकि लक्ष्मी विलास पैलेस की कीमत 25 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। गुजरात के वडोदरा में स्थित, इस महल को बड़ौदा पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। इसकी खूबसूरती देखकर अमिताभ बच्चन भी हैरान रह गए थे।<br><br>महाराजा समरजीत सिंह राव गायकवाड़ बड़ौदा के 16वें महाराजा हैं, जो 2012 से राजपरिवार की गद्दी पर हैं। उनके परिवार में दो बेटियां हैं: श्रीमंत महाराजकुमारी पद्मजा राजे गायकवाड़ और नारायणी राजे। गायकवाड़ परिवार इसी महल में रहता है। 700 एकड़ में फैला यह पैलेस बकिंघम पैलेस से भी 4 गुना बड़ा है।<br><br>1890 में महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने इस महल को 27 लाख रुपये में बनवाया था। ब्रिटिश आर्किटेक्चर मेजर चार्ल्स मंट की देखरेख में यह महल बनकर तैयार हुआ, जो भारतीय राजसी संस्कृति का प्रतीक है। महल में 170 कमरे, खूबसूरत बगीचे, अस्तबल, स्विमिंग पूल और एक प्राइवेट गोल्फ कोर्स भी है। इसके साथ ही, यहां एक शाही संग्रहालय भी है, जिसमें बेशकीमती कलाकृतियां और ऐतिहासिक धरोहरें मौजूद हैं।<br><br>लक्ष्मी विलास पैलेस का लिविंग रूम फ्रेंच फर्नीचर, वेजवुड वेयर, डॉल्टन वेयर और ऑरेफोर्स ग्लास से सजा है। फैमिली फोटोग्राफ के साथ सजे इस कमरे में कालीन और टेबल का रंग शाही अंदाज को दर्शाता है।]]> </content:encoded>
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<title>आयशा कपूर: &amp;apos;ब्लैक&amp;apos; की छोटी बच्ची का खूबसूरत दुल्हन अवतार</title>
<link>https://pratinidhi.in/ayesha-kapur-black-film-child-actress-wedding-look</link>
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<description><![CDATA[ संजय लीला भंसाली की फिल्म &#039;ब्लैक&#039; में नजर आई बाल कलाकार आयशा कपूर ने अपने बॉयफ्रेंड एडम ओबेरॉय से शादी कर ली है। उन्होंने दिल्ली में शादी की, जिसमें आयशा ने गुलाबी रंग का खूबसूरत लहंगा पहना था। डायमंड ज्वैलरी और लाल चूड़ा के साथ उन्होंने अपने ब्राइडल लुक को पूरा किया था। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं, जिसमें फैंस उन्हें शादी की बधाई दे रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आयशा कपूर, ब्लैक फिल्म, अमिताभ बच्चन, वेडिंग, गुलाबी लहंगा, ब्राइडल लुक, गुरुद्वारा वेडिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>अमिताभ बच्चन की 'ब्लैक' की छोटी बच्ची आयशा कपूर बनीं दुल्हन, गुलाबी लहंगे में छाईं</strong><br><br>संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' में बाल कलाकार के रूप में नजर आने वाली आयशा कपूर अब शादी के बंधन में बंध चुकी हैं। उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड एडम ओबेरॉय के साथ दिल्ली में शादी की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।<br><br>आयशा ने अपनी शादी में गुलाबी रंग का लहंगा पहना था, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने डायमंड ज्वैलरी और लाल चूड़ा के साथ अपने ब्राइडल लुक को पूरा किया था। वहीं, एडम ने सफेद रंग की शेरवानी पहनी थी, जिसमें वे भी काफी हैंडसम लग रहे थे।<br><br>आयशा और एडम की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब पसंद की जा रही हैं। फैंस उन्हें शादी की बधाई दे रहे हैं और उनके खुशहाल जीवन की कामना कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>प्रेग्‍नेंसी में ज्‍यादा खाने से शिशु को सांस लेने में दिक्‍कत? जानें सच्‍चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/does-overeating-during-pregnancy-cause-breathing-problems-for-the-fetus-a-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल एक रील में दावा किया गया है कि गर्भावस्था में ज्‍यादा खाने से बच्‍चे को सांस लेने में दिक्‍कत हो सकती है। डॉ. सुनीता बिश्‍नोई ने इस दावे को गलत बताया है। उन्‍होंने कहा कि ज्‍यादा भोजन करने से भ्रूण को सांस लेने में कठिनाई होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मां के खून से मिलते हैं। डॉक्‍टरों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वस्थ और संतुलित आहार लेना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>pregnancy, overeating, fetus, breathing, fact check</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्भावस्था में महिलाओं को अक्‍सर ज्‍यादा भूख लगती है, और कई बार यह डर भी सताता है कि ज्‍यादा खाने से शिशु को सांस लेने में दिक्‍कत हो सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक रील में भी ऐसा ही दावा किया गया है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की पड़ताल की है।
<br><br>
रील में दावा किया गया है कि गर्भावस्था में ज्‍यादा खाने से बच्‍चे को मूवमेंट करने में परेशानी होती है और उसे सांस लेने में भी दिक्‍कत हो सकती है।
<br><br>
जयपुर के कोकून हॉस्पिटल की ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी की सीनियर कंसल्‍टेंट डॉ. सुनीता बिश्‍नोई ने इस दावे को गलत बताया है। उन्‍होंने कहा कि ज्‍यादा भोजन करने से भ्रूण को सांस लेने में कठिनाई होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। गर्भावस्था के दौरान, भ्रूण को ऑक्सीजन और पोषक तत्व मां के खून से मिलते हैं, और मां जो कुछ भी खाती है उसका सीधा असर भ्रूण के विकास पर पड़ता है।
<br><br>
डॉक्‍टरों का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को स्वस्थ और संतुलित आहार लेना चाहिए, जो भ्रूण के विकास के लिए जरूरी है। सजग फैक्ट चेक टीम की जांच में यह दावा गलत पाया गया है। इस तरह की बातें गर्भवती महिलाओं में भ्रम और तनाव पैदा कर सकती हैं। इसलिए, इन बातों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार सेहतमंद खाना खाएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एंडोमेट्रियोसिस: रितिका की दर्दनाक कहानी, गलत निदान और सही इलाज की खोज</title>
<link>https://pratinidhi.in/ritika-gupta-endometriosis-story-misdiagnosis-and-search-for-right-treatment</link>
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<description><![CDATA[ रितिका गुप्ता की कहानी एंडोमेट्रियोसिस नामक बीमारी के गलत निदान और सही इलाज की खोज के बारे में है। CA-125 टेस्ट में कैंसर का खतरा दिखने के बाद, रितिका को दर्दनाक सर्जरी से गुजरना पड़ा, लेकिन बाद में मायफ्लावर वुमन हॉस्पिटल में सही निदान और इलाज मिला। यह कहानी एंडोमेट्रियोसिस के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सही इलाज के महत्व पर जोर देती है। सही जानकारी और मेडिकल काउंसलिंग से मरीजों को अनावश्यक दर्द और डर से बचाया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एंडोमेट्रियोसिस, रितिका गुप्ता, CA-125 टेस्ट, गलत निदान, सर्जरी, जागरूकता, इलाज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[रितिका गुप्ता की कहानी एक ऐसी बीमारी के बारे में है जिसे अक्सर गलत समझा जाता है: एंडोमेट्रियोसिस। <br><br>यह कहानी रितिका के लक्षणों को महसूस करने से शुरू होती है, जो पहले तो हल्के थे, लेकिन बाद में असहनीय दर्द में बदल गए। डॉक्टरों ने CA-125 टेस्ट कराने की सलाह दी, जिसमें कैंसर का खतरा दिखा। इस खबर से परिवार डर गया और वे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली चले गए।<br><br>दिल्ली में, रितिका को एक दर्दनाक सर्जरी से गुजरना पड़ा, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट में कैंसर नहीं निकला। डॉक्टर उसकी असली बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए। बाद में, मायफ्लावर वुमन हॉस्पिटल में, रितिका को सही निदान और इलाज मिला। डॉक्टरों ने उसे एंडोमेट्रियोसिस के बारे में समझाया और उसे मानसिक और भावनात्मक समर्थन भी दिया।<br><br>रितिका की कहानी एंडोमेट्रियोसिस के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सही इलाज के महत्व पर जोर देती है। यह कहानी बताती है कि सही जानकारी और मेडिकल काउंसलिंग से मरीजों को अनावश्यक दर्द और डर से बचाया जा सकता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>टीबी: फेफड़े ही नहीं, दिमाग भी खोखला कर देती है ये बीमारी, जानिए लक्षण और बचाव</title>
<link>https://pratinidhi.in/tb-affects-not-only-lungs-but-also-brain-know-symptoms-and-prevention</link>
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<description><![CDATA[ विश्व टीबी दिवस हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है। भारत में टीबी के मामलों में गिरावट आई है, लेकिन 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य अभी भी दूर है। नियमित दवा और देखभाल से टीबी को हराया जा सकता है। टीबी सांस के जरिए फैलती है और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है। इसके लक्षणों में खांसी, बुखार और वजन कम होना शामिल हैं। टीबी मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकती है। डायबिटीज, कुपोषण, तंबाकू और शराब का सेवन करने वालों को टीबी होने का खतरा अधिक होता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 12:02:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टीबी, तपेदिक, स्वास्थ्य, फेफड़े, दिमाग, लक्षण, बचाव, टीबी दिवस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हर साल 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है, जिसका मकसद टीबी के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में टीबी के मामलों में गिरावट आई है, जो 2015 में प्रति लाख जनसंख्या पर 237 से घटकर 2023 में 195 हो गई है। यह वैश्विक गिरावट से दोगुनी है।<br><br>हालांकि भारत ने टीबी के मामलों को कम करने में अच्छी प्रगति की है, लेकिन 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य अभी भी दूर है। पीएसआरआई की पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. नीतू जैन का कहना है कि नियमित दवा और देखभाल से टीबी को हराया जा सकता है।<br><br>टीबी एक संक्रामक बीमारी है जो सांस के जरिए फैलती है। भारत में यह एक सामान्य बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। यह शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है।<br><br>कमजोर इम्यूनिटी और शुगर वाले लोगों को टीबी होने का खतरा ज्यादा होता है। यह मस्तिष्क और त्वचा तक फैल सकती है, हालांकि हर टीबी संक्रामक नहीं होती है। खराब लाइफस्टाइल वाले लोगों को भी टीबी होने की संभावना अधिक होती है।<br><br>टीबी के लक्षणों में खांसी, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख कम लगना, थकान, कमजोरी और सीने में दर्द शामिल हैं। लक्षणों को अनदेखा नहीं करना चाहिए और तुरंत जांच करानी चाहिए। अधूरा इलाज टीबी को खतरनाक बना सकता है। टीबी संक्रामक है लेकिन ठीक हो सकती है।<br><br>फोर्टिस हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. प्रवीण गुप्ता के अनुसार, टीबी मस्तिष्क को भी प्रभावित कर सकती है। टीबी के बैक्टीरिया धीरे-धीरे मस्तिष्क में प्रवेश करते हैं और गांठ बनाते हैं, जिससे मस्तिष्क की झिल्लियों में सूजन हो सकती है। फेफड़ों की टीबी का इलाज न कराने पर यह मस्तिष्क तक पहुंच सकती है, जिससे पैरालिसिस और कोमा हो सकता है।<br><br>डायबिटीज, कमजोर इम्यून सिस्टम, कुपोषण, तंबाकू और शराब का सेवन करने वालों को टीबी होने का खतरा अधिक होता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पोहा कटलेट: हेल्दी और टेस्टी नाश्ता जो बनाएगा दिन खास</title>
<link>https://pratinidhi.in/poha-cutlet-healthy-and-tasty-breakfast-recipe</link>
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<description><![CDATA[ पोहा कटलेट एक स्वादिष्ट और सेहतमंद नाश्ता है जो बनाने में आसान है। यह पोहा, सब्जियों और मसालों से बनाया जाता है और इसे कम तेल में शैलो फ्राई किया जाता है, जिससे यह एक हल्का और पौष्टिक विकल्प बन जाता है। इस रेसिपी में पोहा को नरम करके, आलू और सब्जियों के साथ मिलाकर, मसालों के साथ स्वादिष्ट बनाया जाता है। फिर इसे कटलेट का आकार देकर सुनहरा होने तक फ्राई किया जाता है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए एक आदर्श नाश्ता है, जिसे हरी चटनी या टमाटर सॉस के साथ परोसा जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Mar 2025 06:50:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Poha Cutlet, Healthy Breakfast, Snacks Recipe, Indian Recipe, Breakfast Recipe</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सुबह का नाश्ता:</strong> दिन की शुरुआत एक एनर्जी बूस्टर और हेल्दी नाश्ते से होनी चाहिए। पोहा कटलेट एक बेहतरीन विकल्प है, जो बनाने में आसान और पौष्टिक होता है।<br><br><strong>सामग्री:</strong> पोहा, उबले आलू, गाजर, शिमला मिर्च, प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, नींबू रस, बेसन या ब्रेड क्रम्ब्स, नमक और तेल।<br><br><strong>बनाने की विधि:</strong><br>1. पोहा को धोकर नरम करें।<br>2. एक बाउल में मैश किए हुए आलू, पोहा और सब्जियां मिलाएं।<br>3. मसाले और नींबू रस डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।<br>4. बेसन या ब्रेड क्रम्ब्स डालकर बाइंडिंग करें।<br>5. कटलेट का आकार दें।<br>6. गरम तेल में सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेकें।<br><br>गरमा-गरम पोहा कटलेट को हरी चटनी या टमाटर सॉस के साथ परोसें और हेल्दी नाश्ते का आनंद लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भूख न लगने के कारण: जानिए 5 संभावित वजहें</title>
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<description><![CDATA[ अगर आप पूरे दिन कुछ नहीं खाते हैं और फिर भी आपको भूख नहीं लगती, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। पाचन तंत्र की समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन, तनाव, कुछ दवाएं और गलत रूटीन भूख न लगने के मुख्य कारण हैं। यदि आपको लगातार भूख नहीं लगती है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। सही समय पर सोना और खाना भूख लगने के लिए बहुत जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 20:18:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भूख न लगना, पाचन तंत्र, हार्मोनल असंतुलन, तनाव, दवाएं, रूटीन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> कई लोगों को अक्सर यह शिकायत रहती है कि उन्हें पूरे दिन कुछ खाने के बाद भी भूख नहीं लगती। इस समस्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। आज हम आपको उन 5 वजहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो भूख न लगने का कारण बन सकती हैं।<br><br><strong>1. पेट की समस्या:</strong><br>पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कि इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस), सीलिएक रोग या क्रोहन रोग भूख न लगने का कारण बन सकती हैं। ऐसे में ब्लड टेस्ट करवाना जरूरी है।<br><br><strong>2. हार्मोनल असंतुलन:</strong><br>हार्मोनल असंतुलन भी भूख न लगने का एक कारण है। हाइपोथायरायडिज्म, हाइपोग्लाइसीमिया और पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) जैसी गंभीर बीमारियां भी भूख न लगने का कारण बन सकती हैं।<br><br><strong>3. तनाव और चिंता:</strong><br>तनाव और चिंता पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे भूख कम लगती है।<br><br><strong>4. दवाएं:</strong><br>कुछ दवाएं जैसे एंटीडिप्रेसेंट, एंटीहिस्टामाइन और स्टेरॉयड भी भूख न लगने का कारण बन सकती हैं।<br><br><strong>5. गलत रूटीन:</strong><br>गलत रूटीन और स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कैंसर, एड्स या क्रोनिक फैटिग सिंड्रोम भी भूख न लगने का कारण बन सकती हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईद 2025: ईद पर 5 तरह की साड़ियां पहनें</title>
<link>https://pratinidhi.in/eid-2025-wear-5-types-of-sarees-for-beautiful-look</link>
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<description><![CDATA[ ईद के त्योहार में लड़कियां और महिलाएं खूबसूरत दिखने के लिए खास तैयारी करती हैं। इस मौके पर सही साड़ी का चुनाव महत्वपूर्ण है। शिफॉन साड़ी हल्की और आरामदायक होती है, जो ग्रेसफुल लुक देती है। बनारसी साड़ी ट्रेडिशनल और रॉयल लुक के लिए उत्तम है। नेट साड़ी ग्लैमरस लुक प्रदान करती है, जबकि कांजीवरम साड़ी हमेशा रॉयल लुक देती है। गोटा पट्टी वर्क साड़ी ट्रेडिशनल और स्टाइलिश लुक का मिश्रण है, जो हल्के रंगों में एलिगेंट दिखती है। इन साड़ियों के साथ सही एक्सेसरीज और मेकअप का चयन करके ईद को और भी खास बनाया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:14:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Eid, Sarees, Fashion, Banarasi, Shiffon, Kanjivaram</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ईद के मौके पर खूबसूरत दिखने के लिए सही साड़ी का चुनाव महत्वपूर्ण है। इस ईद पर आप शिफॉन, बनारसी, नेट, कांजीवरम और गोटा पट्टी वर्क वाली साड़ियां पहन सकती हैं।<br><br><strong>शिफॉन साड़ी:</strong> यह हल्की और आरामदायक होती है, जो आपको ग्रेसफुल और रॉयल लुक देती है। हल्के पेस्टल शेड्स या शाइनी शिफॉन साड़ी ईद के लिए परफेक्ट है।<br><br><strong>बनारसी साड़ी:</strong> यह ट्रेडिशनल और रॉयल लुक के लिए बेहतरीन है। इसका रिच फैब्रिक और खूबसूरत जरी वर्क आपको शाही लुक देगा।<br><br><strong>नेट साड़ी:</strong> यह ग्लैमरस और ट्रेंडी लुक के लिए अच्छी है। हल्के कढ़ाई या एम्बेलिश्ड वर्क वाली नेट साड़ी आपको बेहद खूबसूरत दिखाएगी।<br><br><strong>कांजीवरम साड़ी:</strong> यह आपको हमेशा रॉयल लुक देती है। ईद पर गोल्डन कलर की कांजीवरम साड़ी आपको कमाल का लुक दे सकती है।<br><br><strong>गोटा पट्टी वर्क साड़ी:</strong> यह ट्रेडिशनल और स्टाइलिश लुक का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। हल्के रंगों में यह साड़ियां आपको बेहद एलिगेंट दिखाएंगी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>विटामिन बी12: 5 मसाले जो बढ़ाएंगे बी12 और पाचन शक्ति</title>
<link>https://pratinidhi.in/5-spices-to-increase-vitamin-b12-and-boost-digestion</link>
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<description><![CDATA[ विटामिन बी12 की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिसे कुछ मसालों से दूर किया जा सकता है। हींग, अदरक, लहसुन, दालचीनी और लौंग जैसे मसाले विटामिन बी12 के स्तर को बढ़ाने के साथ पाचन क्रिया को भी सुधारते हैं। विटामिन बी12 के लिए दूध, डेयरी उत्पाद, कलेजी, गुर्दा, अंडे और मछली जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। गट बैक्टीरिया विटामिन बी12 के अवशोषण में मदद करते हैं, इसलिए इन बैक्टीरिया की संख्या को बनाए रखना जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:14:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>विटामिन बी12, मसाले, पाचन शक्ति, स्वास्थ्य, घरेलू उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[विटामिन बी12 की कमी से शरीर में कई दिक्कतें आ सकती हैं। इसे ठीक करने के लिए कुछ मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें हींग, अदरक, लहसुन, दालचीनी और लौंग जैसे मसाले शामिल हैं। ये मसाले सिर्फ विटामिन बी12 का लेवल ही नहीं बढ़ाते, बल्कि पाचन को भी सुधारते हैं।

<br><br>
विटामिन बी12 के लिए क्या खाएं?
<br><br>
अगर आपके शरीर में विटामिन बी12 की कमी है, तो मसालों से पहले कुछ खास फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करें। जैसे कि दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स, जानवरों की कलेजी और गुर्दे, अंडे, मछली और न्यूट्रिशनल यीस्ट। अगर जरूरत हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

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बी12 बढ़ाने में मसालों का रोल
<br><br>
हमारी आंतों में खाने से जरूरी पोषक तत्व निकलते हैं। यह काम गट बैक्टीरिया करते हैं, जो बहुत बड़ी संख्या में आंत के अंदर मौजूद होते हैं। एक रिसर्च के अनुसार, अगर इन गट बैक्टीरिया की संख्या कम हो जाती है, तो विटामिन का अवशोषण और इस्तेमाल ठीक से नहीं हो पाता, जिससे विटामिन बी12 की कमी हो सकती है।
<br><br>
मसाले खाने के फायदे]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>5 साल तक के बच्चों को क्या नहीं खिलाना चाहिए</title>
<link>https://pratinidhi.in/foods-to-avoid-for-children-under-5</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख उन खाद्य पदार्थों पर प्रकाश डालता है जिनसे 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए दूर रहना चाहिए। मसालेदार भोजन पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है, जबकि अत्यधिक चीनी दांतों की समस्याओं, मधुमेह और मोटापे में योगदान करती है। कच्चे अंडे और मांस से साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे जीवाणु संक्रमण हो सकते हैं, और कैफीन अनिद्रा का कारण बनता है। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ मोटापे, मधुमेह और हृदय रोग में योगदान करते हैं। शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए एक स्वस्थ और पौष्टिक आहार सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:10:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बच्चों का स्वास्थ्य, बच्चों का आहार, शिशु आहार, हेल्दी फूड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बच्चों के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थ<br><br>यह लेख 5 साल से कम उम्र के बच्चों को दिए जाने वाले कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में है जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। <br><br><strong>मसालेदार भोजन:</strong> बच्चों को मसालेदार भोजन नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।<br><br><strong>चॉकलेट और मिठाई:</strong> बच्चों को बहुत अधिक चॉकलेट और मिठाई नहीं देनी चाहिए क्योंकि इससे दांत खराब हो सकते हैं और मधुमेह और मोटापा हो सकता है। <br><br><strong>कच्चा अंडा और मांस:</strong> बच्चों को कच्चा अंडा और मांस नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया से संक्रमण हो सकता है।<br><br><strong>कैफीन युक्त पेय:</strong> बच्चों को कैफीन युक्त पेय नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे अनिद्रा हो सकती है। <br><br><strong>प्रोसेस्ड फूड:</strong> बच्चों को प्रोसेस्ड फूड नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग हो सकता है। बच्चों को स्वस्थ और पौष्टिक भोजन देना महत्वपूर्ण है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्वाइन फ्लू से बचाव: लक्षण, कारण और टीकाकरण</title>
<link>https://pratinidhi.in/swine-flu-symptoms-causes-and-prevention-in-india</link>
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<description><![CDATA[ देश में फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है, खासकर स्वाइन फ्लू के मामले। स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों की खांसने, छींकने से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, गले में जलन, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई शामिल हैं। बचाव के लिए बार-बार हाथ धोएं, मास्क पहनें, स्वस्थ आहार लें और संक्रमितों से दूर रहें। सितंबर-अक्टूबर में फ्लू का वैक्सीन लगवाएं, जो बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए जरूरी है। हृदय रोग, अस्थमा या मधुमेह से पीड़ित लोग भी टीका लगवाएं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:10:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>swine flu, H1N1, influenza, vaccination, symptoms, prevention</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[देश में इन दिनों फ्लू का प्रकोप बढ़ रहा है, जिसमें तेज बुखार और खांसी-जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में फ्लू वैक्सीन लेना आवश्यक है, जो न केवल आपको बल्कि आपके परिवार और समाज को भी सुरक्षित रखेगा।
<br><br>
भारत में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनमें इन्फ्लूएंजा बी और एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) प्रमुख हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी इससे बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे फ्लू, खांसी, बुखार जैसी समस्याएं होने लगती हैं। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो यह समस्या बढ़ सकती है। दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु और राजस्थान जैसे राज्य इससे प्रभावित हैं।
<br><br>
<b>कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू?</b><br>
स्वाइन फ्लू नियमित फ्लू वायरस की तरह ही फैलता है, संक्रमित मरीजों की खांसने, छींकने या बोलने से निकलने वाले थूक से यह संक्रमण तेजी से फैलता है।
<br><br>
<b>स्वाइन फ्लू के लक्षण:</b><br>
<ul>
<li>बुखार</li>
<li>गले में जलन, खराश और खांसी</li>
<li>मांसपेशियों में दर्द और थकान</li>
<li>सांस लेने में कठिनाई</li>
</ul>
<br><br>
<b>संक्रमण से बचाव के तरीके:</b><br>
<ul>
<li>बार-बार हाथ धोएं</li>
<li>मास्क पहनें</li>
<li>स्वस्थ आहार लें</li>
<li>संक्रमित व्यक्तियों से दूरी बनाएं</li>
<li>टीका लगवाएं</li>
</ul>
<br><br>
<b>कब लगवाएं फ्लू का वैक्सीन:</b><br>
सितंबर-अक्टूबर का महीना सबसे अच्छा है, लेकिन नवंबर-दिसंबर में भी यह प्रभावी होती है। जनवरी में भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है।
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<b>क्यों जरूरी है वैक्सीन:</b><br>
यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और गंभीर संक्रमण से बचाने में मदद करती है, खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए।
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<b>किन लोगों को जरूर लगवाना चाहिए टीका:</b><br>
6 महीने से अधिक उम्र के सभी लोग, 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और हृदय रोग, अस्थमा या मधुमेह जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>बेसन का आटा: इन 5 चीजों से बनाएं हेल्‍दी और टेस्‍टी</title>
<link>https://pratinidhi.in/make-besan-roti-healthy-and-tasty-with-these-5-ingredients</link>
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<description><![CDATA[ बेसन की रोटी को हेल्‍दी बनाने के लिए कुछ आसान उपाय हैं। बेसन का आटा गूंथने से पहले कुछ खास चीजें मिलाने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं। अजवाइन, मेथी दाना, धनिया, जीरा और काली मिर्च को बेसन में मिलाकर आप पाचन तंत्र को मजबूत कर सकते हैं, ब्‍लड शुगर को नियंत्रित कर सकते हैं और पाचन क्रिया को सुधार सकते हैं। यह रोटी को और भी पौष्टिक और स्‍वादिष्‍ट बना देगा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:10:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बेसन, रोटी, हेल्दी चीजें, अजवाइन, मेथी दाना, धनिया, जीरा, काली मिर्च</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बेसन की रोटी को बनाएं और भी हेल्‍दी</strong><br><br>अगर आप बेसन की रोटी खाने के शौकीन हैं, तो इसे और भी पौष्टिक बनाया जा सकता है। गेहूं के आटे की तुलना में कई लोग बेसन की रोटी खाना पसंद करते हैं। आज हम आपको बेसन की रोटी को हेल्‍दी बनाने के कुछ आसान उपाय बता रहे हैं। बेसन का आटा गूंथने से पहले कुछ खास चीजें मिलाने से शरीर को कई लाभ मिलते हैं।<br><br><strong>1. अजवाइन:</strong> अजवाइन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर करते हैं। इसे बेसन में मिलाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।<br><br><strong>2. मेथी दाना:</strong> मेथी दाना न केवल स्‍वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत को भी सुधारता है। इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो ब्‍लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं।<br><br><strong>3. धनिया:</strong> धनिया स्‍वादिष्‍ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होता है। यह पेट की गर्मी को शांत करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।<br><br><strong>4. जीरा:</strong> जीरा लीवर के लिए बहुत फायदेमंद है और लीवर संबंधी समस्‍याओं को दूर करता है। यह पाचन क्रिया को भी सुधारता है।<br><br><strong>5. काली मिर्च:</strong> काली मिर्च में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं।<br><br>इन चीजों को बेसन में मिलाकर आप पाचन तंत्र को मजबूत कर सकते हैं, ब्‍लड शुगर को नियंत्रित कर सकते हैं और पाचन क्रिया को सुधार सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>गर्मियों में बच्चों को तैराकी सिखाएं: 5 बड़े फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/teach-your-children-swimming-in-this-summer-vacation-5-big-benefits</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को तैराकी सिखाना बहुत जरूरी है। यह एक ऐसी कला है जो हर किसी को आनी चाहिए। तैराकी बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। यह उनके शरीर को मजबूत बनाता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है, जोखिम प्रबंधन सिखाता है, सामाजिक कौशल विकसित करने में मदद करता है, और तनाव और चिंता को कम करता है। तैराकी फेफड़ों को मजबूत करती है और दिमाग को शांत रखती है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:09:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>स्विमिंग, तैराकी, गर्मियों की छुट्टी, शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों के लिए स्विमिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को तैराकी सिखाने के 5 बड़े फायदे:<br><br>लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों को तैराकी सिखाना बहुत जरूरी है। यह एक ऐसी कला है जो हर किसी को आनी चाहिए। आजकल स्विमिंग कोर्स भी चलते हैं। इसलिए इस बार गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों को तैराकी जरूर सिखाएं। यह उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। आज हम आपको तैराकी सीखने के 5 बड़े फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं:<br><br>1. शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार:<br>तैराकी एक अच्छा व्यायाम है जो बच्चों के शरीर को मजबूत और फिट बनाता है। यह हृदय, फेफड़े और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।<br><br>2. आत्मविश्वास बढ़ाना:<br>तैराकी बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाती है। जब बच्चे तैरना सीखते हैं, तो वे अपनी क्षमताओं पर गर्व महसूस करते हैं।<br><br>3. सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन:<br>तैराकी बच्चों को जोखिम प्रबंधन सिखाती है। यह उन्हें पानी में सुरक्षित रहने के तरीके सिखाती है।<br><br>4. सामाजिक कौशल विकसित करना:<br>तैराकी बच्चों को सामाजिक कौशल विकसित करने में मदद करती है। यह उन्हें टीम वर्क और संचार सिखाती है।<br><br>5. तनाव और चिंता कम करना:<br>तैराकी तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है। यह फेफड़ों को मजबूत करती है और दिमाग को शांत रखती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रात में क्या नहीं खाना चाहिए: पेट की जलन से बचने के उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/foods-to-avoid-at-night-to-prevent-heartburn</link>
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<description><![CDATA[ रात को देर से खाना खाने के कई नुकसान होते हैं और कुछ खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए जो पेट में जलन पैदा कर सकते हैं। मसालेदार खाना, पुराने डेयरी उत्पाद, ऑयली फूड, कैफीन और अल्कोहल से रात में बचना चाहिए, क्योंकि ये पेट में जलन, एसिडिटी और पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इन चीजों से परहेज करके पेट की जलन से बचा जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:09:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पेट में जलन, एसिडिटी, मसालेदार खाना, डेयरी उत्पाद, ऑयली फूड, कैफीन, अल्कोहल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रात में क्या नहीं खाना चाहिए: पेट की जलन से बचने के उपाय</strong><br/><br/>लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।<br/><br/>रात को देर से खाना खाने के कई नुकसान होते हैं, जिनसे आपको बचना चाहिए। रात में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों से भी परहेज करना चाहिए जो पेट में जलन पैदा कर सकते हैं। आज हम आपको उन चीजों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें रात में खाने से पेट में जलन हो सकती है।<br/><br/><strong>1. मसालेदार खाना:</strong><br/>रात में मसालेदार खाना खाने से पेट में जलन और एसिडिटी हो सकती है, जिससे पाचन तंत्र परेशान हो सकता है।<br/><br/><strong>2. कई दिन पुराने डेयरी उत्पाद:</strong><br/>दूध, पनीर और दही जैसे पुराने डेयरी उत्पादों को रात में खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये पेट में जलन और एसिडिटी का कारण बन सकते हैं। गर्मियों में ये जल्दी खराब हो जाते हैं।<br/><br/><strong>3. बहुत ज्यादा ऑयली फूड:</strong><br/>ऑयली फूड से परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये पेट में जलन और एसिडिटी पैदा कर सकते हैं और पाचन तंत्र को बिगाड़ सकते हैं।<br/><br/><strong>4. कैफीन:</strong><br/>कैफीन पेट में सूजन और जलन का कारण बन सकता है। कॉफी, चाय और एनर्जी ड्रिंक्स जैसे कैफीन युक्त पेय से रात में बचना चाहिए।<br/><br/><strong>5. अल्कोहल:</strong><br/>अल्कोहल युक्त पेय से रात में परहेज करना चाहिए, क्योंकि ये पेट में जलन और एसिडिटी का कारण बन सकते हैं और पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं।<br/><br/>इन खाद्य पदार्थों और पेयों से बचकर आप पेट में जलन और एसिडिटी से बच सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>फाइबर से भरपूर आहार: स्वस्थ जीवन के लिए</title>
<link>https://pratinidhi.in/eat-these-foods-to-increase-fiber-reduce-obesity-and-keep-stomach-healthy</link>
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<description><![CDATA[ फाइबर शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो कई बीमारियों से बचाता है। फाइबर युक्त आहार खाने से कब्ज दूर होती है और अन्य रोगों से बचाव होता है। एवोकाडो, ब्रोकली, गेहूं का चोकर, चुकंदर, बाजरा और दालें फाइबर से भरपूर होती हैं। फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएं और विभिन्न प्रकार के फाइबर का सेवन करें। यह आहार मोटापा कम करने और पेट को स्वस्थ रखने में सहायक है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:09:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फाइबर, आहार, मोटापा, सेहत, एवोकाडो, ब्रोकली, चुकंदर, बाजरा, दाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[फाइबर एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है जो शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। फाइबर युक्त आहार खाने से कब्ज की समस्या दूर होती है, साथ ही यह अन्य रोगों से बचाने में मदद करता है। इसे डाइट में शामिल करने से पेट की दिक्कतें दूर होती हैं और मोटापा भी कम होता है।
<br><br>
<b>एवोकाडो:</b> एवोकाडो में हेल्दी फैट्स और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसमें 6.7 ग्राम फाइबर होता है। एवोकाडो में विटामिन-सी, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन-ई और कई तरह के विटामिन-बी मौजूद होते हैं। इसे खाने से दिल सेहतमंद रहता है, आंखों की रोशनी भी बेहतर होती है, और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी कम होता है।
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<b>ब्रोकली:</b> ब्रोकली में भी फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है। इसे डाइट में शामिल करने से आंत और पेट को बहुत फायदा मिलता है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए भी इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है।
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<b>गेहूं का चोकर:</b> गेहूं के चोकर में फाइबर मौजूद होता है। इसमें मैंगनीज की मात्रा होती है, जो मेटाबॉलिज्म के लिए सहायक है। फाइबर की कमी को पूरा करने के लिए नियमित रूप से गेहूं के चोकर का सेवन कर सकते हैं।
<br><br>
<b>चुकंदर:</b> चुकंदर में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। इसके सेवन से पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है। फाइबर युक्त आहार के लिए आप डेली डाइट में चुकंदर शामिल कर सकते हैं।
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<b>बाजरा:</b> बाजरे में फाइबर पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, साथ ही यह कॉपर, जिंक और एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को दूर करने में सहायक है।
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<b>दाल:</b> सभी दालें फाइबर से भरपूर होती हैं। इसमें प्रोटीन, आयरन, मैंगनीज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
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फाइबर की मात्रा बढ़ाने के आसान तरीके हैं: एक हफ्ते में 5 ग्राम से ज्यादा फाइबर न बढ़ाएं, ध्यान दें कि कौन सा फाइबर आपको सूट करता है, और अलग-अलग तरह के फाइबर खाएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ट्राइग्लिसराइड: कारण, खतरे और नियंत्रण के उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/triglyceride-causes-risks-and-control-measures</link>
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<description><![CDATA[ डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, ट्राइग्लिसराइड कोलेस्ट्रॉल की तरह ही खतरनाक है और नसों में जम कर ब्लड सर्कुलेशन को रोकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। मुख्य रूप से गलत खान-पान ट्राइग्लिसराइड बढ़ने का कारण है। ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड, सैचुरेटेड और ट्रांस फैट, एल्कोहॉल का सेवन और सुस्त जीवनशैली से यह समस्या बढ़ सकती है। इसे कंट्रोल करने के लिए फाइबर युक्त भोजन, हेल्दी फैट्स, एक्सरसाइज, और चीनी-एल्कोहॉल का कम सेवन जरूरी है। ग्रीन टी और हल्दी का सेवन भी फायदेमंद है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119329858/dr-saleem-zaidi-told-4-causes-of-high-triglycerides-that-can-blocked-arteries-and-causes-heart-attack-119329858.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:09:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ट्राइग्लिसराइड, हार्ट अटैक, कोलेस्ट्रॉल, ब्लॉकेज, चीनी, प्रोसेस्ड फूड, फाइबर, एक्सरसाइज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>ट्राइग्लिसराइड: कोलेस्ट्रॉल से भी ज्यादा खतरनाक</strong><br><br>डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, ट्राइग्लिसराइड कोलेस्ट्रॉल की तरह ही खतरनाक है। यह नसों में जम कर ब्लड सर्कुलेशन को रोकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, इस पर ध्यान देना जरूरी है।<br><br><strong>ट्राइग्लिसराइड बढ़ने के कारण</strong><br><br>डॉ. जैदी बताते हैं कि मुख्य रूप से गलत खान-पान ट्राइग्लिसराइड बढ़ने का कारण है। यह एक प्रकार का फैट है जो खून में घूमता रहता है और शरीर ऊर्जा के लिए इसका उपयोग करता है। लेकिन जब यह बढ़ जाता है, तो हार्ट में ब्लॉकेज का कारण बनता है।<br><br><strong>ट्राइग्लिसराइड बढ़ाने वाली चीजें:</strong><br><br><strong>ज्यादा चीनी और प्रोसेस्ड फूड:</strong> ज्यादा चीनी खाने से डायबिटीज के साथ-साथ ट्राइग्लिसराइड भी बढ़ता है। कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाई और पैकेज्ड स्नैक्स में भी चीनी होती है, इसलिए इनसे बचें।<br><br><strong>सैचुरेटेड और ट्रांस फैट:</strong> डीप फ्राइड और जंक फूड से दूर रहें, क्योंकि ये ट्राइग्लिसराइड को तेजी से बढ़ाते हैं और मोटापे का कारण बनते हैं।<br><br><strong>एल्कोहॉल का सेवन:</strong> ज्यादा शराब पीने से लिवर पर बुरा असर पड़ता है, जिससे ट्राइग्लिसराइड का स्तर बढ़ जाता है।<br><br><strong>स्मोकिंग और सुस्त जीवनशैली:</strong> ये दोनों चीजें भी ट्राइग्लिसराइड को बढ़ाती हैं। स्मोकिंग से फेफड़ों की गुणवत्ता घटती है और कैंसर का खतरा बढ़ता है।<br><br><strong>ट्राइग्लिसराइड को कैसे कंट्रोल करें?</strong><br><br>इसे कंट्रोल करना आसान है। फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियां और ओट्स खाएं। अखरोट, अलसी के बीज और मछली जैसे हेल्दी फैट्स का सेवन करें। रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज या योगा करें। चीनी और एल्कोहॉल का सेवन कम करें, साथ ही ग्रीन टी और हल्दी का सेवन करें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चाय में पहले क्या डालें: दूध या पानी?</title>
<link>https://pratinidhi.in/chai-me-pehle-dudh-dale-ya-pani-perfect-swad-lena-hai-to-door-kar-le-confusion</link>
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<description><![CDATA[ चाय भारत में एक लोकप्रिय पेय है, लेकिन कई लोगों को इस बात को लेकर उलझन है कि इसे सही तरीके से कैसे बनाया जाए। इस लेख में, हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि सही चाय कैसे बनाई जाए और चाय बनाते समय किन गलतियों से बचना चाहिए। यदि आप सही तरीके से चाय बनाना चाहते हैं, तो आपको पहले पानी में चाय की पत्ती उबालनी चाहिए और फिर उसमें दूध डालना चाहिए। 1980 में, ब्रिटिश स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट ने चाय के लिए मानक तय किए। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119313179/what-should-you-add-milk-or-water-first-to-tea-while-making-parfect-and-kadak-chai-119313179.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:07:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>chai, tea, milk, water, recipe, kadak chai, perfect tea</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[चाय भारत में एक लोकप्रिय पेय है, लेकिन 90% लोगों को नहीं पता कि इसे सही तरीके से कैसे बनाया जाता है। कई लोगों को इस बात को लेकर उलझन है कि चाय बनाते समय पहले दूध डालना चाहिए या पानी।
<br><br>
इस लेख में, हम इस बात पर चर्चा करेंगे कि सही चाय कैसे बनाई जाए।<br><br>
<strong>दूध या पानी: पहले क्या डालें?</strong><br><br>
कुछ लोग पहले दूध डालकर उसमें चाय की पत्ती डालते हैं, जबकि कुछ लोग पहले पानी में चाय की पत्ती उबालते हैं और बाद में दूध डालते हैं। यदि आप सही तरीके से चाय बनाना चाहते हैं, तो आपको पहले पानी में चाय की पत्ती उबालनी चाहिए और फिर उसमें दूध डालना चाहिए। यदि आप पहले दूध डालते हैं, तो चाय की पत्ती का सही तरीके से अर्क नहीं निकलेगा, और चाय का स्वाद हल्का रह जाएगा।<br><br>
<strong>परफेक्ट चाय बनाने की विधि</strong><br><br>
1. सबसे पहले एक पैन में पानी उबालें और उसमें चाय की पत्ती डालें।<br><br>
2. यदि आप अदरक वाली चाय पीना चाहते हैं, तो चाय की पत्ती से पहले अदरक डालें।<br><br>
3. जब अदरक और चाय की पत्ती का अर्क मिल जाए तो चीनी मिला दें।<br><br>
4. सभी चीजें अच्छी तरह से मिल जाने पर आपको दूध डालना है।<br><br>
5. चाय को धीमी आंच पर 2-3 मिनट और पकने दें और उसे छानकर सर्व करें।<br><br>
<strong>चाय बनाते समय किन गलतियों से बचें</strong><br><br>
1. दूध उबालने के बाद पानी न डालें।<br><br>
2. चाय की पत्ती को आखिर में न डालें।<br><br>
3. चाय में कच्चापन न रहने दें।<br><br>
1980 में, ब्रिटिश स्टैंडर्ड इंस्टीट्यूट ने चाय के लिए मानक तय किए। संस्थान के अनुसार, चाय का स्वाद बढ़ाने के लिए चाय की पत्ती की क्वालिटी और उसका सही उपयोग बहुत जरूरी है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मटका या फ्रिज: गर्मी में क्या है बेहतर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/matka-vs-fridge-which-is-better-for-health-in-summer</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में मटका और फ्रिज के पानी में से क्या बेहतर है, यह पसंद और जरूरत पर निर्भर करता है। मटका प्राकृतिक रूप से पानी को ठंडा करता है, खनिजों से भरपूर होता है, और पाचन क्रिया को सुधारता है। फ्रिज पानी को तेजी से ठंडा करता है और साफ रखता है, लेकिन इसमें मटके जितने खनिज नहीं होते। मटका प्राकृतिक तरीके से पानी को ठंडा करता है और इसमें मिट्टी के कण खनिजों को पानी में मिलाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। यह पानी पेट के लिए भी अच्छा होता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/22032025/22_03_2025-water_fridge_23903924.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:04:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मटका, फ्रिज, पानी, गर्मी, सेहत, khani</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में ठंडा पानी पीने की इच्छा बढ़ जाती है, और सवाल उठता है कि मटका (मिट्टी का बर्तन) या फ्रिज, किसमें रखा पानी पीना बेहतर है। इसका जवाब आपकी पसंद और जरूरत पर निर्भर करता है।

<br><br>

<strong>मटके के पानी के फायदे</strong><br><br>

मटका प्राकृतिक तरीके से पानी को ठंडा करता है और इसमें मिट्टी के कण खनिजों को पानी में मिलाते हैं, जो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। यह पानी पेट के लिए भी अच्छा होता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। मटके का पानी प्राकृतिक रूप से फिल्टर भी होता है।

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<strong>फ्रिज के पानी के फायदे</strong><br><br>

फ्रिज पानी को तेजी से ठंडा करता है और इसमें फिल्टरेशन सिस्टम होता है जिससे पानी साफ रहता है। फ्रिज में पानी लंबे समय तक ठंडा रहता है।

<br><br>

<strong>निष्कर्ष</strong><br><br>

अगर आप प्राकृतिक रूप से ठंडा और खनिजों से भरपूर पानी पीना चाहते हैं, तो मटका बेहतर है। यदि आप जल्दी ठंडा पानी चाहते हैं, तो फ्रिज बेहतर है। हालांकि, फ्रिज का पानी मटके के पानी जितना खनिजों से भरपूर नहीं होता।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या गर्मियों में नारियल तेल बालों के लिए अच्छा है? जानें इसके फायदे और नुकसान</title>
<link>https://pratinidhi.in/should-coconut-oil-be-applied-to-hair-in-summers-benefits-and-disadvantages</link>
<guid>https://pratinidhi.in/should-coconut-oil-be-applied-to-hair-in-summers-benefits-and-disadvantages</guid>
<description><![CDATA[ गर्मियों में बालों में नारियल तेल लगाने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। नारियल तेल बालों को एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण प्रदान करता है, मजबूत बनाता है, ग्रोथ में मदद करता है और चमकदार बनाता है। हालांकि, यह बालों को भारी बना सकता है, जमाव पैदा कर सकता है, एलर्जी का कारण बन सकता है और बालों का रंग बदल सकता है। गर्मियों में नारियल तेल लगाने से पहले, अपने बालों के प्रकार और आवश्यकताओं को ध्यान में रखें। यदि आपके बाल मोटे या भारी हैं, तो नारियल तेल का उपयोग करने से पहले सावधानी बरतें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:00:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नारियल तेल, बालों की देखभाल, गर्मियों में नारियल तेल, बालों के फायदे, बालों के नुकसान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>क्या गर्मियों में बालों में नारियल तेल लगाना चाहिए?</strong><br><br>गर्मियों में बालों में नारियल तेल लगाने के फायदे और नुकसान दोनों हैं। नारियल तेल लगाने से बालों को कई तरह के लाभ मिलते हैं, लेकिन कुछ नुकसान भी हो सकते हैं।<br><br><strong>नारियल तेल लगाने के फायदे:</strong><br><br>1.  <strong>बालों की देखभाल:</strong> नारियल तेल में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बालों की देखभाल में मदद करते हैं।<br><br>2.  <strong>बालों को मजबूत बनाना:</strong> नारियल तेल में प्रोटीन और विटामिन ई होते हैं, जो बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।<br><br>3.  <strong>बालों की ग्रोथ:</strong> नारियल तेल में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो बालों की ग्रोथ में मदद करते हैं।<br><br>4.  <strong>बालों को चमकदार बनाना:</strong> नारियल तेल में विटामिन ई और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो बालों को चमकदार बनाने में मदद करते हैं।<br><br><strong>नारियल तेल के नुकसान:</strong><br><br>1.  <strong>बालों को भारी बनाना:</strong> नारियल तेल बालों को भारी बना सकता है, खासकर यदि आपके बाल पहले से ही मोटे हैं।<br><br>2.  <strong>बालों में जमाव:</strong> नारियल तेल बालों में जमाव पैदा कर सकता है, जिससे बालों की देखभाल मुश्किल हो सकती है।<br><br>3.  <strong>एलर्जी:</strong> कुछ लोगों को नारियल तेल से एलर्जी हो सकती है, जिससे बालों में खुजली और लालिमा हो सकती है।<br><br>4.  <strong>बालों का रंग बदलना:</strong> नारियल तेल बालों का रंग बदल सकता है, खासकर यदि आपके बाल पहले से ही रंगे हुए हैं।<br><br>गर्मियों में बालों में नारियल तेल लगाने से पहले, अपने बालों के प्रकार और आवश्यकताओं को ध्यान में रखें। यदि आपके बाल मोटे या भारी हैं, तो नारियल तेल का उपयोग करने से पहले सावधानी बरतें।]]> </content:encoded>
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<title>लाइफस्टाइल में बदलाव करके 10 दिन में वजन कम करें</title>
<link>https://pratinidhi.in/lose-weight-in-10-days-control-five-habits</link>
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<description><![CDATA[ वजन घटाने के लिए महंगी डाइट या कठिन वर्कआउट जरूरी नहीं, बल्कि आदतों में बदलाव जरूरी है। टेबल पर बैठकर खाना, धीरे-धीरे चबाना, सही समय पर भोजन करना, हाइड्रेटेड रहना और फिजिकल एक्टिविटीज को शामिल करना महत्वपूर्ण है। भागदौड़ भरी जिंदगी में खान-पान में लापरवाही बरतने से पाचन और वजन पर असर पड़ता है। सही आदतों से वजन को कंट्रोल किया जा सकता है।रात का भोजन सोने से दो-तीन घंटे पहले करें और दोपहर के भोजन के बाद हल्की फिजिकल एक्टिविटी करें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:00:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वजन घटाना, लाइफस्टाइल, आदतें, डाइट, एक्सरसाइज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग खान-पान में लापरवाही बरतते हैं, जिसका सीधा असर पाचन और वजन पर पड़ता है। <br><br>टेबल और चेयर पर बैठकर खाने से व्यक्ति अनुशासित होता है और ओवरईटिंग से बचता है। डॉ. सुरेंद्र कुमार के अनुसार, आराम से खाना खाने से शरीर सही मात्रा में भोजन ग्रहण करता है।<br><br>वजन घटाने के लिए डाइटिंग और एक्सरसाइज के साथ खान-पान की आदतों में सुधार जरूरी है। टेबल पर बैठकर खाने के अलावा, धीरे-धीरे चबाकर खाना, सही समय पर भोजन करना, हाइड्रेटेड रहना और फिजिकल एक्टिविटीज को रूटीन में शामिल करना महत्वपूर्ण है।<br><br>टेबल और चेयर पर बैठकर खाने से खाने की स्पीड कंट्रोल में रहती है और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। धीरे-धीरे चबाकर खाने से खाना पचाने में आसानी होती है और कम खाने के बावजूद संतुष्टि मिलती है।<br><br>सही समय पर भोजन करना भी वजन घटाने में महत्वपूर्ण है। रात का भोजन सोने से दो-तीन घंटे पहले करें और दोपहर के भोजन के बाद हल्की फिजिकल एक्टिविटी करें। पर्याप्त पानी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज रहता है और भूख कंट्रोल में रहती है।<br><br>नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनाने से मनचाहे परिणाम मिलते हैं। रोजाना 30-40 मिनट एक्सरसाइज करें और ऑफिस में थोड़ी-थोड़ी देर में टहलें।]]> </content:encoded>
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<title>लेमनग्रास चाय: तनाव और डिहाइड्रेशन से राहत</title>
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<description><![CDATA[ लेमनग्रास की चाय एक पौष्टिक और औषधीय पेय है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने, पाचन को सुधारने, वजन को नियंत्रित करने और तनाव को कम करने में मदद करती है। गर्मियों में इसका सेवन विशेष रूप से फायदेमंद होता है। लेमनग्रास में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। इसे खाली पेट पीने से और भी अधिक लाभ मिलते हैं। लेमनग्रास चाय तनाव और सिरदर्द से भी राहत दिलाती है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 10:57:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लेमनग्रास, चाय, स्वास्थ्य, हाइड्रेशन, तनाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[लेमनग्रास एक पौष्टिक औषधीय पौधा है जिसमें शरीर के लिए आवश्यक लगभग सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में पाए जाते हैं। गर्मियों में लेमनग्रास की चाय पीने से कई फायदे मिलते हैं, और इसे सुबह खाली पेट भी पिया जा सकता है, हालांकि डॉक्टर की सलाह लेना महत्वपूर्ण है।<br><br>गर्मियों में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना जरूरी है, और लेमनग्रास की चाय एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह सुगंधित जड़ी बूटी अपनी ताज़ा खुशबू और औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। गर्मियों में लेमनग्रास की चाय न केवल शरीर को ठंडा रखती है, बल्कि पेट की समस्याओं, तनाव और सिरदर्द से भी राहत दिलाती है। यह पाचन को सुधारने, वजन घटाने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने में भी सहायक है। यदि आप गर्मियों के लिए एक स्वस्थ पेय की तलाश में हैं, तो लेमनग्रास चाय को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। यहां लेमनग्रास चाय पीने के कुछ फायदों के बारे में विस्तार से बताया गया है:<br><br><strong>शरीर को हाइड्रेटेड रखे:</strong><br>लेमनग्रास चाय एक स्वस्थ और हाइड्रेटिंग पेय है। गर्मियों में रोजाना एक कप लेमनग्रास चाय पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है, और इसे खाली पेट पीने से और भी अधिक लाभ मिलता है।<br><br><strong>पेट को स्वस्थ रखे:</strong><br>लेमनग्रास चाय पेट के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। यह आंतों की सूजन को कम करती है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करती है। यह पेट संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक है।<br><br><strong>शरीर को डिटॉक्सिफाई करे:</strong><br>रोज सुबह खाली पेट लेमनग्रास चाय पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं। यह फ्री रेडिकल्स और अन्य हानिकारक कणों को नष्ट करने में मदद करती है। इस चाय को पीने से रक्त शुद्ध होता है, जिससे त्वचा चमकदार बनती है।<br><br><strong>वजन को नियंत्रित करे:</strong><br>लेमनग्रास में मौजूद सिट्रल मोटापे को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह पेट की चर्बी को तेजी से कम करता है। रोजाना लेमनग्रास चाय पीने से वजन कम करने में मदद मिलती है, लेकिन इसे डॉक्टर की सलाह से ही अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।<br><br><strong>तनाव से राहत दिलाए:</strong><br>लेमनग्रास चाय तनाव को कम करने में मदद कर सकती है। इसमें एंटीडिप्रेसेंट गुण होते हैं जो चिंता और अवसाद के लक्षणों से राहत प्रदान करते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>प्रेग्‍नेंसी में बैंगन और कटहल: क्या ये सचमुच हानिकारक हैं? डॉक्टर की राय</title>
<link>https://pratinidhi.in/pregnancy-brinjal-jackfruit-harmful-doctor-advice</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर एक रील में दावा किया गया है कि गर्भावस्‍था में बैंगन और कटहल के सेवन से बचना चाहिए। लेकिन, बेंगलुरु के एस्‍टर व्हाइटफील्ड हॉस्पिटल की चीफ क्‍लीनिकल डायटीशियन मिस वीना वी के अनुसार, यह एक मिथक है। बैंगन में विटामिन ए, विटामिन ई और फोलिक एसिड होता है, जो बच्‍चे में रेड ब्‍लड सेल्‍स के प्रोडक्‍शन को बढ़ाता है। कटहल में विटामिन सी, पोटेशियम और डायट्री फाइबर भी होता है, जो पाचन में मददगार है और गर्भवती महिलाओं को एनर्जी देता है। डॉक्‍टर की सलाह है कि किसी भी चीज का ज्‍यादा मात्रा में सेवन हानिकारक हो सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:18:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्रेग्‍नेंसी, बैंगन, कटहल, गर्भावस्‍था, पोषक तत्‍व, विटामिन, फोलिक एसिड, आयरन, फोलेट, डायट्री फाइबर, इम्‍यून सिस्‍टम, ब्‍लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, रेड ब्‍लड सेल्‍स, साइटोहॉर्मोन्‍स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>प्रेग्‍नेंसी में बैंगन और कटहल: क्‍या ये सचमुच हानिकारक हैं?</strong><br><br>सब्जियां सेहत के लिए अच्‍छी होती हैं, लेकिन कुछ सब्‍जियां प्रेग्‍नेंसी में नुकसानदायक मानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर एक रील में दावा किया गया है कि गर्भावस्‍था में बैंगन और कटहल से बचना चाहिए।<br><br>गर्भवती महिला के लिए अच्‍छा खानपान जरूरी है। उसे नौ महीने पोषक तत्‍वों से भरपूर चीजें खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन कुछ चीजें अवॉइड करने के लिए भी कही जाती हैं। इंस्‍टाग्राम पर एक रील में बैंगन और कटहल जैसी सब्‍जियों का सेवन न करने की सलाह दी गई है। वैसे तो ये दोनों सब्‍जियां पोषण देकर शिशु के विकास में मदद कर सकती हैं, लेकिन इस दावे की पड़ताल जरूरी है।<br><br><strong>दावा क्‍या है?</strong><br><br>रील में कहा गया है कि गर्भावस्‍था में बैंगन और कटहल जैसी सब्‍जियां खाने से बचना चाहिए क्‍योंकि बैंगन में साइटोहॉर्मोन्‍स होते हैं, जो पीरियड लाने में मदद करते हैं, और कटहल में शुगर ज्‍यादा होती है, जिससे प्रेग्‍नेंसी प्रभावित हो सकती है।<br><br><strong>दावे का सच क्‍या है?</strong><br><br>बेंगलुरु के एस्‍टर व्हाइटफील्ड हॉस्पिटल की चीफ क्‍लीनिकल डायटीशियन मिस वीना वी के अनुसार, यह एक मिथक है। उनके अनुसार, इस दावे का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि गर्भवती महिलाओं को बैंगन और कटहल खाने से बचना चाहिए।<br><br><strong>पोषक तत्‍वों से भरपूर बैंगन</strong><br><br>बैंगन में कई विटामिन और पोषक तत्‍व होते हैं, जो मां के स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखते हैं और बच्‍चे के विकास में मदद करते हैं। इसमें विटामिन ए, विटामिन ई और फोलिक एसिड होता है, जो बच्‍चे में रेड ब्‍लड सेल्‍स के प्रोडक्‍शन को बढ़ाता है। एक्‍सपर्ट के अनुसार, बैंगन खाने से गर्भवती महिलाओं की इम्‍यूनिटी मजबूत होती है और यह हाई ब्‍लड प्रेशर को कम करने और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है।<br><br><strong>कटहल से मिलती है एनर्जी</strong><br><br>कटहल में विटामिन सी, पोटेशियम और डायट्री फाइबर भी होता है, जो पाचन में मददगार है और गर्भवती महिलाओं को एनर्जी देता है। कटहल में फाइटोन्यूट्रिएंट्स, आयरन, फोलेट, नियासिन, कैलोरी और विटामिन बी भी होते हैं, जो इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करके ब्‍लड प्रेशर को कम करने में हेल्‍प करते हैं। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्‍व एनर्जी मेटाबॉलिज्‍म, दस्‍त, बुखार और हड्डियों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी अच्‍छे हैं।<br><br>डॉक्‍टर की सलाह है कि किसी भी चीज का ज्‍यादा मात्रा में सेवन हानिकारक हो सकता है, जिससे अपच, एसिडिटी और कुछ लोगों में एलर्जी हो सकती है। लेकिन प्रेग्‍नेंसी में बैंगन और कटहल का सेवन न करना एक मिथक है। इन्‍हें निश्चित मात्रा में प्रेग्‍नेंसी डाइट में शामिल किया जा सकता है।<br><br>डॉक्टर ने इस दावे को सच नहीं माना है। सजग फैक्ट चेक टीम की जांच में यह दावा मिथक पाया गया है। डॉक्टर मानते हैं कि कटहल और बैंगन में कई पोषक तत्‍व होते हैं, जो गर्भवती की सेहत और गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए फायदेमंद हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>स्वरा भास्कर: फहद से शादी, बेटी को रामायण का पाठ, परवरिश का यूनिक अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/swara-bhaskar-unique-parenting-style-teaching-ramayana-to-daughter-after-marriage-with-fahad</link>
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<description><![CDATA[ स्वरा भास्कर ने अपनी बेटी राबिया की परवरिश के बारे में बताया है कि वह उसे कैसे पाल रही हैं। उन्होंने रामायण और महाभारत की कहानियों के माध्यम से उसे अपनी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। स्वरा ने फहद अहमद से शादी की है, और वे अपनी बेटी को सभी धर्मों के रीति-रिवाजों का सम्मान करना सिखा रही हैं। स्वरा का मानना है कि बच्चों को अपनी संस्कृति और धर्म का ज्ञान होना चाहिए, ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं। श्रीकृष्ण और भगवान राम की कहानियों के माध्यम से बच्चों को सही मार्गदर्शन मिल सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:18:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>स्वरा भास्कर, फहद अहमद, राबिया, रामायण, महाभारत, पैरेंटिंग, परवरिश, संस्कृति, धर्म, इंटरफेथ मैरिज, यूनिक पैरेंटिंग स्टाइल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>स्वरा भास्कर का अनूठा पैरेंटिंग स्टाइल: रामायण के पाठ से परवरिश</strong><br><br>एक्ट्रेस स्वरा भास्कर और फहद अहमद की बेटी राबिया की परवरिश को लेकर स्वरा ने हाल ही में अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि वे अपनी बेटी को एक विशेष तरीके से पाल रही हैं, जिससे वह खुले विचारों वाली बन सके।<br><br>स्वरा ने बताया कि उनकी शादी 2023 में फहद अहमद से हुई थी, और उसी साल उन्होंने अपनी बेटी को जन्म दिया। चूंकि यह एक इंटरफेथ मैरिज थी, इसलिए लोगों को यह जानने में दिलचस्पी थी कि स्वरा अपनी बेटी का पालन-पोषण कैसे करेंगी। स्वरा ने अपनी बेटी का नाम राबिया रखा है, जो अब लगभग डेढ़ साल की हो चुकी है।<br><br>स्वरा ने एक इंटरव्यू में बताया कि वह अपनी बेटी की परवरिश में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। उन्होंने एक ऐसा तरीका अपनाया है, जो उनकी बेटी को खुले विचारों वाले माहौल में बढ़ने में मदद करेगा।<br><br>स्वरा ने 'द सुवीर सरन शो' पर बताया कि जब वह छोटी थीं, तो खाना खाने में बहुत नखरे करती थीं। उनके पिता उन्हें रामायण और महाभारत की कहानियाँ सुनाते थे, लेकिन कहानियों को अक्सर क्लाइमेक्स पर ही छोड़ देते थे। जब स्वरा अपने पिता से पूछती थीं कि आगे क्या हुआ, तो वह उससे पहले खाना खाने के लिए कहते थे। स्वरा ने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति के बारे में बताने का यह एक बहुत ही सुंदर तरीका है, और वह भी अपनी बेटी को ऐसे ही बड़ा करेंगी।<br><br>स्वरा ने यह भी बताया कि जब उनकी बेटी बीमार होती है, तो वह अपने पति फहद से दुआ पढ़ने के लिए कहती हैं, ताकि उनकी बेटी को हर धर्म के रीति-रिवाजों का सुकून मिल सके। स्वरा का मानना है कि बच्चों को अपनी संस्कृति और धर्म का ज्ञान होना चाहिए, ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं। श्रीकृष्ण और भगवान राम की कहानियों के माध्यम से बच्चों को सही रास्ते पर चलने और जीवन में आने वाली मुश्किलों का सामना करने के लिए हिम्मत और मार्गदर्शन दोनों दिए जा सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>फर्टिलिटी और स्ट्रेस&amp;एंग्जायटी के लिए नेचुरल ड्रिंक</title>
<link>https://pratinidhi.in/natural-drink-to-boost-fertility-and-reduce-stress-anxiety</link>
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<description><![CDATA[ न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए एक नेचुरल ड्रिंक के बारे में बताया है, जो हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है। इस ड्रिंक को बनाने के लिए उबला दूध, केसर और इलायची की जरूरत होती है। यह ड्रिंक ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने, स्ट्रेस को कम करने और प्रजनन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह एग क्वालिटी को भी बढ़ाता है और गर्भाशय को मजबूत बनाता है। इनफर्टिलिटी आजकल एक आम समस्या है, इसलिए सही डाइट और लाइफस्टाइल का ध्यान रखना जरूरी है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119293927/how-to-boost-fertility-naturally-at-home-best-remedy-119293927.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:18:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फर्टिलिटी, स्ट्रेस, एंग्जायटी, नेचुरल ड्रिंक, हार्मोन, केसर, इलायची, दूध</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल इनफर्टिलिटी एक आम समस्या है, जिसके कई कारण हो सकते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने एक खास ड्रिंक के बारे में बताया है जो <strong>हार्मोन को संतुलित</strong> करने और <strong>फर्टिलिटी</strong> बढ़ाने में मदद करता है।<br><br>पेरेंट्स बनने के लिए प्रजनन स्वास्थ्य का अच्छा होना जरूरी है। फर्टिलिटी की समस्या होने पर गर्भधारण मुश्किल हो सकता है। यह समस्या आजकल महिलाओं और पुरुषों दोनों में बढ़ रही है। बांझपन के कई कारण हो सकते हैं, जैसे उम्र, हार्मोन का असंतुलन, लाइफस्टाइल, कुछ बीमारियां और प्रजनन अंगों की समस्याएं।<br><br>अगर डाइट और लाइफस्टाइल का ध्यान रखा जाए, तो फर्टिलिटी को बढ़ाया जा सकता है। श्वेता शाह ने एक पावरफुल ड्रिंक के बारे में बताया है जो <strong>फर्टिलिटी को नेचुरली बूस्ट</strong> कर सकता है। इस ड्रिंक को बनाने के लिए एक कप उबला दूध (या प्लांट-बेस्ड मिल्क), केसर की 3-4 स्ट्रैंड्स और 3-4 इलायची की कुटी हुई फलियां चाहिए।<br><br>इसे बनाने के लिए, गर्म दूध में केसर और इलायची डालकर मिलाएं। यह ड्रिंक हार्मोन को संतुलित करने, ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने, स्ट्रेस और एंग्जायटी को कम करने, रिलैक्सेशन और नींद को बढ़ावा देने, एग क्वालिटी को बढ़ाने और गर्भाशय को मजबूत बनाने में मदद करता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जल्दी प्रेग्‍नेंट होने के लिए: सिगरेट, शराब छोड़ें, डॉक्‍टर ने बताया सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/quit-smoking-alcohol-for-conceiving-quickly-doctor-reveals-truth</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल रील में दावा किया गया कि जल्‍दी प्रेग्‍नेंट होने के लिए शराब और धूम्रपान छोड़ना होगा। डॉ. कविता कोवी के अनुसार, धूम्रपान और शराब का सेवन पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। धूम्रपान से अंडों की गुणवत्ता में कमी, हार्मोनल असंतुलन और मिसकैरेज का खतरा बढ़ता है, पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता कम होती है। शराब महिलाओं में ओव्यूलेशन और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन को प्रभावित करती है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:18:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>pregnancy, smoking, alcohol, fertility, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>क्या धूम्रपान और शराब सच में प्रेग्नेंसी में बाधक हैं?</strong><br><br>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक रील में दावा किया गया है कि जल्दी प्रेग्नेंट होने के लिए शराब और धूम्रपान छोड़ना जरूरी है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की सच्चाई जानने के लिए डॉक्टर से बात की।<br><br>डॉक्टर कविता कोवी का कहना है कि प्रेग्नेंसी की कोशिश करते समय धूम्रपान और शराब का सेवन पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता पर बुरा असर डालता है। धूम्रपान से महिलाओं में अंडों की गुणवत्ता कम होती है, हार्मोनल संतुलन बिगड़ता है और मिसकैरेज का खतरा बढ़ता है। पुरुषों में यह शुक्राणुओं की संख्या और गुणवत्ता को कम करता है।<br><br>शराब महिलाओं में ओव्यूलेशन और हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करती है, जिससे गर्भधारण में दिक्कत आती है। पुरुषों में यह टेस्टोस्टेरोन लेवल को कम करती है और शुक्राणुओं की गुणवत्ता को खराब करती है।<br><br>डॉक्टरों का सुझाव है कि जो कपल्स प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें धूम्रपान और शराब का सेवन कम कर देना चाहिए। साथ ही, संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 चाय: स्वाद और सेहत</title>
<link>https://pratinidhi.in/5-teas-for-rapid-weight-loss-a-guide-to-healthy-and-tasty-weight-management</link>
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<description><![CDATA[ विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ खास चाय मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद कर सकती हैं। ग्रीन टी, ब्लैक टी, लेमन हनी टी, अदरक की चाय और दालचीनी टी वजन घटाने में सहायक हैं। ग्रीन टी मेटाबॉलिज्म बूस्ट करती है, ब्लैक टी फैट स्टोरेज कम करती है, लेमन हनी टी पेट की चर्बी घटाती है, अदरक की चाय भूख को नियंत्रित करती है, और दालचीनी टी ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करती है। इन चायों को अपनी डाइट में शामिल करके आप आसानी से वजन घटा सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:18:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वजन घटाना, ग्रीन टी, ब्लैक टी, लेमन हनी टी, अदरक की चाय, दालचीनी टी, मेटाबॉलिज्म</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>वजन घटाने के लिए 5 तरह की चाय: स्वाद और सेहत का संगम</strong><br><br>क्या आप वजन घटाने के लिए डाइटिंग और एक्सरसाइज करके थक गए हैं? तो अपनी सुबह की चाय में बदलाव करके देखिए! कुछ खास तरह की चाय आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम करने में मदद कर सकती हैं। ये चाय न सिर्फ कैलोरी बर्न करती हैं, बल्कि शरीर को डिटॉक्स भी करती हैं।<br><br><strong>1. ग्रीन टी: मेटाबॉलिज्म बूस्टर</strong><br>ग्रीन टी सबसे प्रभावी वेट लॉस ड्रिंक है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर कैलोरी बर्निंग प्रोसेस को तेज करती है।<br><br><strong>2. ब्लैक टी: फैट बर्निंग का सीक्रेट</strong><br>ब्लैक टी शरीर में फैट स्टोरेज को कम करती है और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाती है।<br><br><strong>3. लेमन हनी टी: पेट की चर्बी कम करने में असरदार</strong><br>नींबू और शहद वाली चाय शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर पेट की चर्बी घटाने में मदद करती है।<br><br><strong>4. अदरक की चाय: भूख को करे कंट्रोल</strong><br>अदरक की चाय भूख को नियंत्रित करने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाती है।<br><br><strong>5. दालचीनी टी: ब्लड शुगर लेवल करे मेंटेन</strong><br>दालचीनी की चाय ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करके वजन घटाने में मदद करती है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सुपरफूड: सेहत का वरदान या सिर्फ हाइप?</title>
<link>https://pratinidhi.in/superfoods-miracle-for-health-or-just-a-hype-revealed</link>
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<description><![CDATA[ आजकल हेल्थ इंडस्ट्री में सुपरफूड्स का चलन है, लेकिन डॉक्टर नेने के अनुसार हर सुपरफूड सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता। कुछ सुपरफूड्स पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत तरीके से खाने पर नुकसान कर सकते हैं। हेल्दी लाइफ के लिए बैलेंस्ड डाइट, एक्सरसाइज, अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट जरूरी है। सुपरफूड्स का चुनाव करते समय देसी खाने को प्राथमिकता देना फायदेमंद होता है और किसी भी नई चीज को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119281019/superfoods-miracle-for-health-or-just-a-hype-dr-nene-reveals-the-truth-119281019.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:18:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>superfood, health, nutrition, diet, vitamins, minerals, antioxidants</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल हेल्थ इंडस्ट्री में 'सुपरफूड' का चलन बढ़ गया है। सोशल मीडिया और फिटनेस एक्सपर्ट्स इन्हें जादुई उपाय बता रहे हैं, जिससे लोग चिया सीड्स, क्विनोआ जैसे फूड्स बिना सोचे-समझे डाइट में शामिल कर रहे हैं।<br><br>डॉक्टर नेने के अनुसार, हर सुपरफूड सभी के लिए फायदेमंद नहीं होता। कुछ सुपरफूड्स पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन गलत तरीके से खाने पर नुकसान कर सकते हैं। इसलिए, किसी भी फूड को आंख मूंदकर हेल्दी मानने से पहले उसकी उपयोगिता और मात्रा जानना जरूरी है।<br><br>इस लेख में हम सुपरफूड्स की वास्तविकता और सही तरीके से सेवन करने के बारे में जानेंगे, ताकि अधिकतम लाभ मिल सके और साइड इफेक्ट्स से बचा जा सके। सुपरफूड्स में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं। हालांकि, सिर्फ एक चीज खाने से सेहतमंद रहना मुमकिन नहीं है। हेल्दी लाइफ के लिए बैलेंस्ड डाइट और सही लाइफस्टाइल जरूरी है।<br><br>डॉक्टर नेने का कहना है कि हमारी देसी डाइट में हल्दी, दालें, घी और बादाम जैसे कई सुपरफूड्स पहले से ही मौजूद हैं। इसलिए, महंगे और विदेशी सुपरफूड्स की जरूरत नहीं है। किसी भी ट्रेंडिंग फूड को अपनाने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह आपकी सेहत के लिए कितना जरूरी है। ग्रीन टी, एवोकाडो, क्विनोआ और चिया सीड्स जैसे सुपरफूड्स को ज्यादा खाने से नुकसान हो सकता है।<br><br>अच्छी सेहत के लिए बैलेंस्ड डाइट, एक्सरसाइज, अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट जरूरी है। सिर्फ सुपरफूड्स पर निर्भर रहने से पूरा फायदा नहीं मिलेगा। सुपरफूड्स का चुनाव करते समय देसी खाने को प्राथमिकता देना फायदेमंद होता है, क्योंकि वे हमारी बॉडी के हिसाब से ज्यादा अनुकूल होते हैं। किसी भी नई चीज को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>नारियल पानी: हाइड्रेशन और बीपी कंट्रोल, गर्मी में सावधानी!</title>
<link>https://pratinidhi.in/coconut-water-benefits-and-how-it-helps-control-blood-pressure</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में नारियल पानी का सेवन शरीर को हाइड्रेटेड रखने के साथ-साथ उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व जैसे मैग्नीशियम, कैल्शियम, और पोटेशियम शरीर को स्वस्थ रखते हैं। नारियल पानी किडनी को अतिरिक्त सोडियम निकालने में मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है और वैस्कुलर हेल्थ बेहतर होती है। इसे सुबह पीना सबसे अच्छा होता है और रात में पीने से बचना चाहिए। भोजन के तुरंत बाद या साथ में इसका सेवन न करें और अधिक मात्रा में सेवन से बचें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119300152/coconut-water-can-lower-the-blood-pressure-know-right-way-and-time-to-consume-119300152.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:18:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नारियल पानी, बीपी, ब्लड प्रेशर, हाइड्रेशन, पोटेशियम, गर्मियों, स्वास्थ्य, कोकोनट वाटर, मैग्निशियम, कैलशियम, विटामिन सी, फॉस्फोरस, सोडियम, एंटीऑक्सीडेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में नारियल पानी का सेवन शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, बल्कि उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।<br><br><b>नारियल पानी के पोषक तत्व:</b><br>नारियल पानी में मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन सी, पोटेशियम, फास्फोरस, सोडियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।<br><br><b>ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक:</b><br>नारियल पानी पीने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। गर्मियों में हाई बीपी की समस्या आम होती है, इसलिए नारियल पानी का सेवन लाभकारी हो सकता है।<br><br><b>नारियल पानी कैसे करता है बीपी को कंट्रोल:</b><br>रिसर्च गेट की रिपोर्ट के अनुसार, नारियल पानी में मौजूद पोटेशियम किडनी को शरीर से अतिरिक्त सोडियम निकालने में मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है। साथ ही, यह वैस्कुलर हेल्थ को भी बेहतर बनाता है और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है।<br><br><b>नारियल पानी पीते समय ध्यान रखने योग्य बातें:</b><br><ul><li>नारियल पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है।</li><li>रात में इसका सेवन करने से नींद में खलल पड़ सकता है।</li><li>भोजन के तुरंत बाद या साथ में इसे न पिएं, बल्कि 30 मिनट का अंतराल रखें।</li><li>अधिक मात्रा में सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल और वजन बढ़ सकता है।</li><li>नारियल से निकालकर ही पानी पिएं, सीधे नारियल से पीने से अशुद्धियाँ शरीर में प्रवेश कर सकती हैं।</li></ul><br><b>डिस्क्लेमर:</b> यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>गौरी संग रिश्ते पर आमिर खान, बच्चों पर क्या होगा असर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/aamir-khan-gauri-spratt-relationship-impact-on-children</link>
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<description><![CDATA[ आमिर खान इन दिनों अपनी पार्टनर गौरी के साथ चर्चा में हैं, जिनका 6 साल का बेटा है। पैरेंट्स के नए रिश्ते का बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे उनका शादी और प्यार से विश्वास उठ सकता है। बच्चे गुस्से और तनाव से भर सकते हैं, आत्मविश्वास गिर सकता है और व्यवहार संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। उन्हें अवसाद, चिंता और नींद संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। बच्चों से संभलकर बात करें, उन्हें आसान भाषा में समझाएं और इमोशनल सपोर्ट दें। उनकी भावनाओं को महत्वपूर्ण समझें और उन्हें किसी से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119252508/aamir-khan-girlfriend-gauri-spratt-had-6-year-old-son-how-parental-affair-affects-children-119252508.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:16:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Aamir Khan, Gauri Spratt, Parental Affair, Children&#039;s Psychology, Family Relationships</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बॉलीवुड एक्टर आमिर खान इन दिनों अपनी पार्टनर गौरी के साथ चर्चा में हैं।</strong><br><br>खबर है कि गौरी का एक 6 साल का बेटा है। ऐसे में पैरेंट्स के नए रिश्ते का बच्चों पर क्या असर होता है, यह जानना जरूरी है।<br><br><strong>नए रिश्ते का बच्चों पर प्रभाव:</strong><br><br><br>रिसर्चगेट के अनुसार, जब किसी बच्चे के एक पैरेंट का अफेयर होता है, तो उसका विश्वास शादी और प्यार से उठ सकता है। बच्चा अपने उस पैरेंट से गुस्सा और नफरत करने लगता है, जिससे घर का माहौल खराब हो जाता है।<br><br>एवॉल्वथेरेपीएमएन के अनुसार, पैरेंट्स के अफेयर से बच्चों का आत्मविश्वास गिर सकता है। उन्हें अपनी भावनाएं व्यक्त करने में परेशानी होती है और वे डरा हुआ महसूस करते हैं। गुस्सा और तनाव जैसी भावनाओं को संभालने में भी दिक्कत होती है, जिससे व्यवहार संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।<br><br>कुछ बच्चे खुद को दोषी मानने लगते हैं और सोचते हैं कि क्या उन्होंने कुछ गलत किया। इससे अपराधबोध और आत्म-संदेह पैदा हो सकता है, जो उनके आत्म-सम्मान को प्रभावित करता है। कई बार बच्चे गुस्से और आक्रोश से भर जाते हैं और माता-पिता के प्रति नकारात्मक रवैया अपना सकते हैं।<br><br>बच्चों में अवसाद, चिंता और नींद संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। वे अकेला महसूस कर सकते हैं और अपनी भावनाओं को किसी से शेयर नहीं कर पाते हैं।<br><br><strong>क्या करें:</strong><br><br>बच्चों से इस बारे में संभलकर बात करें। उन्हें आसान भाषा में समझाएं और इमोशनल सपोर्ट दें। उन्हें महसूस कराएं कि उनकी भावनाएं महत्वपूर्ण हैं और वे किसी से भी बात कर सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुंह के छालों से पाएं तुरंत आराम: 3 आसान घरेलू उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-home-remedies-for-mouth-ulcers-during-summer</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में मुंह के छाले एक आम समस्या है, जिसका कारण पेट की गर्मी है। ठंडे पानी से कुल्ला, एलोवेरा जेल, और दही-शहद का मिश्रण जैसे घरेलू नुस्खे छालों से तुरंत आराम दिला सकते हैं। ठंडा पानी छालों को शांत करता है, एलोवेरा जेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, और दही-शहद प्रोबायोटिक्स और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। यदि छाले बने रहते हैं, तो डॉक्टर से परामर्श करें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:16:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>mouth ulcers, summer, home remedies, cold water, aloe vera, yogurt, honey</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में अक्सर मुंह में छाले की समस्या हो जाती है, जिसका मुख्य कारण पेट की गर्मी होती है। इन छालों के कारण मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है और जुबान में बेचैनी महसूस होती है। महंगी दवाइयों की जगह, कुछ घरेलू नुस्खे अपनाकर इनसे आराम पाया जा सकता है।<br><br><strong>1. ठंडे पानी से कुल्ला:</strong> ठंडा पानी छालों को शांत करने और दर्द को कम करने में मदद करता है। दिन में कई बार ठंडे पानी से कुल्ला करने से छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं।<br><br><strong>2. एलोवेरा जेल:</strong> एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो छालों को शांत करते हैं। एलोवेरा जेल को सीधे छालों पर लगाया जा सकता है या खाया भी जा सकता है।<br><br><strong>3. दही और शहद:</strong> दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो मुंह में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं, जबकि शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो संक्रमण को रोकते हैं। दही पेट को ठंडा रखने में भी मदद करता है।<br><br>अगर छाले लंबे समय तक बने रहते हैं या बहुत दर्द करते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>जीरा पानी: 30 दिन में जीरो फिगर और सेहतमंद फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/jeera-water-benefits-zero-figure-and-health-benefits</link>
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<description><![CDATA[ जीरा पानी, नींबू और नमक का मिश्रण स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। यह पाचन को सुधारता है, इम्युनिटी को मजबूत करता है, वजन घटाने में मदद करता है, शरीर को हाइड्रेटेड रखता है, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, और त्वचा को स्वस्थ बनाता है। इसे बनाना भी बहुत आसान है। एक गिलास पानी में एक चम्मच जीरा डालकर रात भर भिगो दें, फिर सुबह छानकर गुनगुना करें और उसमें नींबू का रस और नमक मिलाकर पी लें। यह ड्रिंक शरीर को डिटॉक्स करने और ऊर्जा प्रदान करने में भी सहायक है। नियमित सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:16:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जीरा पानी, नींबू, नमक, वजन घटाना, पाचन, इम्युनिटी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>जीरा पानी: एक चमत्कारी ड्रिंक जो 30 दिनों में जीरो फिगर दिलाए और सेहत को कई फायदे पहुंचाए</strong><br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहना एक चुनौती है। ऐसे में कुछ आसान तरीके हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। खाली पेट जीरा पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीना एक ऐसा ही उपाय है। यह न केवल आसान है, बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।<br><br>जीरा, भारतीय रसोई में पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण मसाला है, जो न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। जीरे का तड़का लगने से खाने का स्वाद दोगुना हो जाता है। जीरा पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीने से इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं। यह मिश्रण शरीर को डिटॉक्स करने, पाचन को सुधारने और वजन घटाने में मदद करता है।<br><br><strong>डाइजेशन को सुधारे</strong><br>जीरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। इसमें नींबू और नमक मिलाने से एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। रोजाना इस ड्रिंक को पीने से भोजन को पचाने में मदद मिलती है और कब्ज से छुटकारा मिलता है।<br><br><strong>इम्युनिटी को बनाए मजबूत</strong><br>नींबू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो इम्युनिटी को मजबूत करता है। जीरा पानी के साथ मिलाकर पीने से यह शरीर को सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों से बचाने में मदद करता है। एक चुटकी नमक मिलाने से इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं। यह मिश्रण शरीर के लिए एक प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और ऊर्जा बनाए रखता है।<br><br><strong>वजन घटाने में मददगार</strong><br>जीरा पानी में नींबू और नमक मिलाकर पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और कैलोरी बर्न होती है। नींबू शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है, जबकि नमक इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है।<br><br><strong>शरीर को रखे हाइड्रेट</strong><br>यह ड्रिंक शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और डिहाइड्रेशन से बचाता है। एक्सरसाइज के बाद इसे पीने से इलेक्ट्रोलाइट्स तुरंत ऊर्जा देते हैं।<br><br><strong>ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल</strong><br>जीरा और नींबू रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं, जबकि नमक सोडियम बैलेंस बनाए रखता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।<br><br><strong>स्किन के लिए भी जरूरी</strong><br>यह ड्रिंक त्वचा को ग्लोइंग और बालों को मजबूत बनाता है। नींबू का रस डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करता है, जिससे त्वचा साफ और चमकदार बनी रहती है।<br><br><strong>बनाने का तरीका</strong><br>एक गिलास पानी में 1 चम्मच जीरा डालकर रात भर भिगो दें। सुबह छानकर हल्का गुनगुना करें और उसमें एक चुटकी सेंधा नमक और 1 चम्मच नींबू का रस मिलाकर खाली पेट पी लें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>&amp;apos;तारक मेहता&amp;apos; की बबीता जी: मोतियों और क्रिस्टल में मुनमुन का हसीन अवतार</title>
<link>https://pratinidhi.in/munmun-dutta-stuns-in-pearl-and-crystals-cape-set</link>
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<description><![CDATA[ मुनमुन दत्ता, जो &#039;तारक मेहता का उल्टा चश्मा&#039; में बबीता जी के रोल से फेमस हैं, एक इवेंट में अपने शानदार मोतियों और क्रिस्टल वाले केप सेट में नजर आईं। लोगों को जेठालाल की याद आ गई क्योंकि मुनमुन 37 साल की उम्र में भी बहुत खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने SAAKS लेबल की ड्रेस पहनी थी, जिसकी कीमत 92,949.64 रुपये थी। ड्रेस में न्यूड कलर के साथ मोती और क्रिस्टल का काम था, जो उनके फिगर को कॉम्प्लीमेंट कर रहा था। उन्होंने कम जूलरी पहनी थी और मेकअप को ग्लॉसी रखा था। उनके बाल हाई पोनीटेल में बंधे हुए थे। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119301575/taarak-mehta-ka-ooltah-chashmah-babita-ji-aka-munmun-dutta-stuns-in-pearl-and-crystals-cape-set-at-an-event-119301575.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:14:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मुनमुन दत्ता, तारक मेहता का उल्टा चश्मा, बबीता जी, मोती और क्रिस्टल के कपड़े, फैशन, स्टाइलिश लुक, जेठालाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[लोकप्रिय टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बबीता जी के किरदार से मशहूर हुईं मुनमुन दत्ता जब एक अवॉर्ड नाइट में पहुंचीं तो सबकी निगाहें उन पर टिक गईं। लोग उन्हें उनके असली नाम से कम, बबीता जी के नाम से ज्यादा जानते हैं। रेड कार्पेट पर उनका शानदार और स्टाइलिश अंदाज देखने लायक था।<br><br>मुनमुन दत्ता, जो शो में भी अपने फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं, असल जिंदगी में भी काफी स्टाइलिश हैं। इस इवेंट में उन्होंने मोतियों और क्रिस्टल से सजी एक खूबसूरत ड्रेस पहनी थी। 37 साल की मुनमुन की अदाएं कमाल की लग रही थीं, और उनसे नजरें हटाना मुश्किल हो रहा था। कई लोगों को तो जेठालाल की भी याद आ गई, क्योंकि वे बबीता जी को इस रूप में देखकर बहुत खुश होते।<br><br>इस इवेंट के लिए, मुनमुन ने SAAKS लेबल का एक शानदार आउटफिट चुना था, जिसमें वह बेहद ग्लैमरस लग रही थीं। उन्होंने पर्ल्स और क्रिस्टल कैप सेट को ग्रेस और एलिगेंस के साथ कैरी किया। ड्रेस में मोतियों और क्रिस्टल का काम बहुत ही सुंदर था, और यह उनके बॉडी कर्व्स को खूबसूरती से निखार रहा था।<br><br>इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुनमुन की इस ड्रेस की कीमत 92,949.64 रुपये है। ड्रेस में बॉडी हगिंग डिजाइन था और कैप पर भी मोतियों का खूबसूरत काम किया गया था। क्रिस्टल ने ड्रेस को और भी चमकदार बना दिया था।<br><br>ड्रेस पर न्यूड स्किन जैसा कलर था, और वी कर्व डिजाइन में मोती और क्रिस्टल लगाए गए थे। स्कर्ट में तीन जगहों पर वाइट थ्रेड से फर डीटेलिंग भी की गई थी, जिससे यह और भी स्टाइलिश लग रही थी। कैप पर भी सेम मोतियों से डिजाइन बना हुआ था, और उसके कर्व कट बॉर्डर को मोतियों की लटकन से फिनिशिंग टच दिया गया था। कुल मिलाकर, ड्रेस पर किया गया काम बहुत ही बढ़िया था।<br><br>मुनमुन ने अपनी ड्रेस को ध्यान में रखते हुए जूलरी को मिनिमल रखा था, ताकि कुछ भी ओवर द टॉप न लगे। उन्होंने स्टेटमेंट ईयररिंग्स और मैचिंग रिंग्स पहने थे, और एम्बेलिश्ड गोल्डन ब्लॉक हील्स के साथ इसे फाइनल टच दिया था।<br><br>मेकअप की बात करें तो, उन्होंने ग्लॉसी टच दिया था। पिंक लिप्स, ब्लश्ड चीक्स और पिंकिश आईशैडो के साथ उनका मेकअप फ्लॉलेस लग रहा था। बालों को मिडिल पार्टिशन करके फ्लिक्स निकाले गए थे, और हाई पोनीटेल स्टाइल में बांधकर कर्ल किया गया था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नमक से जला बर्तन चुटकियों में साफ करें</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-salt-hack-to-clean-burnt-utensils</link>
<guid>https://pratinidhi.in/easy-salt-hack-to-clean-burnt-utensils</guid>
<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर आरती आनंद ने जले हुए बर्तनों को साफ करने के लिए नमक का उपयोग करने की एक आसान ट्रिक साझा की है। इस ट्रिक के अनुसार, कॉफी पाउडर, नमक और लिक्विड सोप को मिलाकर एक पेस्ट बनाएं और इसे जले हुए बर्तन पर लगाएं। एक घंटे बाद, स्क्रबर से रगड़कर साफ करें। इस ट्रिक से बर्तन आसानी से साफ हो जाएगा। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119292772/aarti-anand-shared-easy-hack-to-clean-jala-bartan-by-using-salt-119292772.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 22:34:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>jala bartan, bartan saaf karne ka tarika, home cleaning hacks, salt cleaning hack</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>किचन में काम करते समय थोड़ी सी असावधानी भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। यदि कोई बर्तन जल जाए, तो उसे साफ करने में काफी समय और मेहनत लग सकती है।</p><br><p>लेकिन, कंटेंट क्रिएटर आरती आनंद ने इस समस्या को हल करने के लिए एक आसान उपाय बताया है। उन्होंने नमक का उपयोग करके जले हुए बर्तनों को साफ करने की एक ट्रिक साझा की है, जिससे बिना ज्यादा मेहनत किए ही बर्तनों से मोटी परत को हटाया जा सकता है।</p><br><p>आरती आनंद के अनुसार, जले हुए बर्तनों को साफ करने के लिए आपको कॉफी पाउडर, नमक और लिक्विड सोप की आवश्यकता होगी। सबसे पहले, एक कटोरे में दो पैकेट कॉफी पाउडर निकालें। फिर, इसमें एक चम्मच नमक और एक चम्मच लिक्विड सोप मिलाएं। तीनों सामग्रियों को अच्छी तरह से मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें।</p><br><p>अब इस पेस्ट को जले हुए बर्तन की मोटी परत पर लगाएं और इसे एक घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। एक घंटे बाद, स्क्रबर का उपयोग करके बर्तन को अच्छी तरह से रगड़ें। कुछ ही देर में, आपका बर्तन पूरी तरह से साफ हो जाएगा और नया जैसा चमकने लगेगा।</p><br><p>आरती आनंद का दावा है कि इस ट्रिक का उपयोग करके आप जले हुए बर्तनों को आसानी से साफ कर सकते हैं और उन्हें नया जैसा बना सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कच्चा प्याज: सेहत के लिए वरदान या अभिशाप?</title>
<link>https://pratinidhi.in/is-eating-raw-onion-daily-really-boost-new-blood-formation-in-the-body</link>
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<description><![CDATA[ कच्चे प्याज को लेकर एक दावा किया जा रहा है कि यह शरीर में नया खून बनाने में मददगार है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की पड़ताल की और इसे सही पाया। डॉ. मृगांका बोहरा का कहना है कि कच्चे प्याज में विटामिन सी, फोलेट और आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। प्याज के फायदे उम्र, लिंग और समग्र स्वास्थ्य पर निर्भर करते हैं, और इसे संतुलित आहार के हिस्से के रूप में सेवन किया जाना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 22:32:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कच्चा प्याज, नया खून, हेल्थ, आयरन, विटामिन सी, फोलेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>कच्चा प्याज: एक स्वास्थ्यवर्धक दावा</strong><br><br>कच्चे प्याज को लेकर आजकल एक दावा खूब चल रहा है कि यह शरीर में नया खून बनाने में सहायक होता है। <br><br>सजग फैक्ट चेक टीम ने जब इस दावे की पड़ताल की, तो परिणाम सकारात्मक निकले। जयपुर के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. मृगांका बोहरा के अनुसार, कच्चे प्याज में विटामिन सी, फोलेट और आयरन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी होते हैं।<br><br>डॉ. बोहरा बताती हैं कि आयरन, विशेष रूप से, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे शरीर में नए खून के निर्माण को बढ़ावा मिलता है। <br><br>हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि प्याज के फायदे व्यक्ति की उम्र, लिंग और उसकी सेहत पर भी निर्भर करते हैं। इसलिए, इसे हमेशा संतुलित आहार के भाग के रूप में ही खाना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>कैंसर को स्टेज 2 पर भी हराया जा सकता है: एक महिला की प्रेरणादायक कहानी</title>
<link>https://pratinidhi.in/woman-overcomes-stage-2-colon-cancer-by-recognizing-key-symptoms</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में बताया गया है कि कैसे 44 वर्षीय एक महिला ने चार प्रमुख लक्षणों - पेट में तेज दर्द, अस्पष्टीकृत वजन घटना, थकान और मलाशय से खून बहना - को पहचानकर और उन पर कार्रवाई करके सफलतापूर्वक स्टेज 2बी कोलन कैंसर को मात दी। लेख में कैंसर के उपचार के परिणामों को बेहतर बनाने में शीघ्र पता लगाने और नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया गया है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119300228/44-years-old-woman-didnt-ignored-4-symptoms-of-stage-2-colon-cancer-and-successfully-becomes-cancer-free-119300228.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 22:32:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Cancer, Colon Cancer, Early Detection, Health, Symptoms</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>न्यू जर्सी की 44 वर्षीय महिला, एलेन ग्रिफिन, छह बच्चों की मां, ने चार प्रमुख लक्षणों पर ध्यान देकर सफलतापूर्वक स्टेज 2बी कोलन कैंसर से लड़ाई जीती।</strong> 2024 के वसंत में निदान होने के बाद, वह शुरुआती पहचान और उपचार के कारण सितंबर 2024 तक कैंसर से मुक्त हो गई। <strong>लक्षण, हालांकि सामान्य थे, उन्होंने उसे तुरंत चिकित्सा सलाह लेने के लिए प्रेरित किया।</strong> इनमें भोजन के बाद पेट में तेज दर्द, अस्पष्टीकृत वजन घटना, लगातार थकान और मल में खून आना शामिल थे। <strong>समय पर पता लगाना और नियमित जांच सफल कैंसर उपचार की संभावना बढ़ाने में महत्वपूर्ण हैं।</strong><br><br>कैंसर का इलाज होगा या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इस बीमारी का पता कब चला है। <strong>अगर शुरुआती स्टेज पर यह पकड़ ली जाए तो मरीज के ठीक होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।</strong> इसे जल्दी पकड़ने के लिए रेगुलर स्क्रीनिंग और लक्षणों के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।<br><br>महिला ने बताया कि उन्हें नाश्ता या खाने के बाद पेट में तेज दर्द होता था। शुरुआत में उन्हें लगा कि उम्र बढ़ने की वजह से शायद कुछ फूड इनटॉलरेंस हो गया है। <strong>मगर यह दर्द बहुत तेज था और ऐसा लगता था कि पेट के अंदर कोई कांच नुकसान कर रहा है।</strong><br><br>उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 में उन्होंने 20 पाउंड कम हो गए। वो ना तो एक्सरसाइज कर रही थी और ना ही वेट लॉस करना चाहती थीं। <strong>इसके बाद उन्हें कुछ अजीब लगा और अच्छे अस्पताल में जाकर जांच करवाना सही समझा।</strong><br><br>ग्रिफिन खुद को काफी एक्टिव और फुर्तीली बताती हैं। लेकिन धीरे-धीरे उन्हें काफी थकान रहने लगी। <strong>कुछ सीढ़िया चढ़ने या उतरने या थोड़ा काम करने पर ही गंभीर थकान और कमजोरी महसूस होने लगती थी।</strong><br><br>उन्होंने बताया कि पेट दर्द के साथ उन्हें ब्लोटिंग की समस्या रहती थी। हर वक्त पेट फूला हुआ रहता था। <strong>बैठने या खड़े होने में काफी दिक्कत होती थी और फिर मल में खून आने लगा। जो कि बिल्कुल सामान्य नहीं था।</strong>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>बेटे की चाहत में चीनी कपल को हुईं 9 बेटियां</title>
<link>https://pratinidhi.in/chinese-couple-names-nine-daughters-ending-with-di-reflecting-desire-for-a-brother</link>
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<description><![CDATA[ चीन के एक कपल ने बेटे की चाहत में 9 बेटियों को जन्म दिया, जिनके नाम &#039;डि&#039; अक्षर से खत्म होते हैं, जो भाई की इच्छा दर्शाते हैं। पूर्वी वीन के इस कपल की बेटियों में सबसे बड़ी और सबसे छोटी के बीच 20 साल का अंतर है। जियांग्सू प्रांत में पली-बढ़ीं इन बेटियों के नाम हैं: झाओडी, पांडी, वांगडी, शियांगडी, लैडी, यिंगडी, नियांडी, चौडी, और मेंगडी, जिनके अर्थ भाई की कामना, प्रतीक्षा, इंतजार, सोचना, आगमन, स्वागत, याद करना, नफरत करना और सपना देखना हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119297109/chinese-couple-named-their-nine-daughters-with-names-ending-in-di-which-shows-deep-desire-for-a-brother-119297109.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 22:32:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Chinese couple, daughters, names, brother, family, culture</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>चीन में एक दंपत्ति ने बेटे की तमन्ना में नौ बेटियों को जन्म दिया। दिलचस्प बात यह है कि उनकी सभी बेटियों के नाम 'डि' अक्षर से खत्म होते हैं, जो भाई की इच्छा को दर्शाते हैं।</p><br><p>पूर्वी वीन के एक दंपत्ति ने पुत्र की उम्मीद में नौ बेटियों का स्वागत किया। उनकी बेटियों के नामों में चीनी अक्षर 'डि' (भाई) शामिल है, जो उनकी प्रबल इच्छा को व्यक्त करता है। इन नौ बहनों में सबसे बड़ी और सबसे छोटी के बीच 20 साल का अंतर है।</p><br><p>ये बेटियां जियांग्सू प्रांत के एक गांव में पली-बढ़ीं। उनके 81 वर्षीय पिता ने सभी बेटियों के लिए 'डि' से समाप्त होने वाले नाम चुने। इन नामों के अर्थ इस प्रकार हैं: सबसे बड़ी बेटी का नाम झाओडी (भाई की कामना), दूसरी बेटी पांडी (भाई की प्रतीक्षा), तीसरी बेटी वांगडी (भाई का इंतजार), चौथी बेटी शियांगडी (भाई के बारे में सोचना), पांचवीं बेटी लैडी (भाई का आगमन), छठी बेटी यिंगडी (भाई का स्वागत), सातवीं बेटी नियांडी (भाई को याद करना), आठवीं बेटी चौडी (भाई से नफरत), और नौवीं बेटी मेंगडी (भाई का सपना देखना)।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>रात में नींद टूटने के कारण: जानिए खतरे और समाधान</title>
<link>https://pratinidhi.in/reasons-for-sudden-wake-up-between-2-am-to-3-am</link>
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<description><![CDATA[ रात में 2-3 बजे नींद टूटने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें कोर्टिसोल हार्मोन का असंतुलन, ब्लड शुगर का अनियंत्रित होना और मैग्नीशियम की कमी शामिल हैं। कोर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन है, जिसका स्तर रात में 2 बजे सबसे कम होता है और सुबह 8 बजे बढ़ना शुरू होता है। अनियंत्रित ब्लड शुगर और मैग्नीशियम की कमी हार्मोन के स्तर को बिगाड़ सकते हैं, जिससे नींद में बाधा आती है। स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना, थ्रिलर फिल्में देखना, लिवर पर ज्यादा भार पड़ना और धूप की कमी भी रात में नींद टूटने के कारण हो सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119302834,imgsize-16915,width-540,height-405,resizemode-75/119302725.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:27:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नींद, कोर्टिसोल, ब्लड शुगर, मैग्नीशियम, स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रात में 2-3 बजे नींद टूटने के कारण:</strong><br/><br/>अगर आपको रात में 2 से 3 बजे के बीच अचानक नींद टूट जाती है, तो इसे अनदेखा न करें। यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। हेल्थ कोच डॉक्टर एरिक बर्ग के अनुसार, रात में नींद टूटने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें कोर्टिसोल हार्मोन का असंतुलन, ब्लड शुगर का अनियंत्रित होना और मैग्नीशियम की कमी शामिल हैं।<br/><br/><strong>कोर्टिसोल हार्मोन:</strong><br/><br/>कोर्टिसोल एक स्ट्रेस हार्मोन है, जिसका स्तर रात में 2 बजे सबसे कम होता है और सुबह 8 बजे बढ़ना शुरू होता है। लेकिन, कुछ कारणों से इसका स्तर रात में बढ़ सकता है, जिससे नींद टूट जाती है।<br/><br/><strong>अनियंत्रित ब्लड शुगर और मैग्नीशियम की कमी:</strong><br/><br/>अनियंत्रित ब्लड शुगर और मैग्नीशियम की कमी हार्मोन के स्तर को बिगाड़ सकते हैं, जिससे नींद में बाधा आती है। मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में तनाव और दर्द भी हो सकता है, जिससे नींद खुल सकती है।<br/><br/><strong>अन्य कारण:</strong><br/><br/>स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताना, थ्रिलर फिल्में देखना, लिवर पर ज्यादा भार पड़ना और धूप की कमी भी रात में नींद टूटने के कारण हो सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे: स्वस्थ दांत, स्वस्थ मन, दिमाग़ी सेहत का राज!</title>
<link>https://pratinidhi.in/world-oral-health-day-oral-and-mental-health-connection-how-to-keep-teeth-and-gums-healthy</link>
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<description><![CDATA[ हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मुंह की सही सफाई के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस वर्ष की थीम &#039;स्वस्थ दांत, स्वस्थ मन&#039; है, जो मौखिक और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध को दर्शाती है। डॉ. हामिद रेहान के अनुसार, स्वस्थ दांतों और मसूड़ों के लिए नियमित रूप से ब्रश और फ्लॉसिंग करना आवश्यक है। मौखिक स्वास्थ्य की अनदेखी से आत्मविश्वास में कमी आती है और अवसाद व चिंता बढ़ती है। इसलिए, नियमित दांतों की सफाई से आत्मसम्मान बढ़ता है और तनाव कम होता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119239907/on-world-health-day-dr-hamid-told-connection-between-oral-and-mental-health-and-how-to-keep-your-teeth-and-gums-health-strong-119239907.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:26:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Oral Health, Mental Health, World Oral Health Day, Teeth, Gums, Dr. Hamid Rehan, Oral Hygiene, Dental Checkup, Oral Cancer, Mouthwash</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे: स्वस्थ दांत, स्वस्थ मन</strong><br><br>हर साल 20 मार्च को वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे मनाया जाता है। इसका मकसद मुंह की सही सफाई के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस साल की थीम 'स्वस्थ दांत, स्वस्थ मन' है, जो ओरल हेल्थ और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध को दर्शाती है।<br><br>डॉ. हामिद रेहान के अनुसार, हेल्दी दांतों और मसूढ़ों के लिए ओरल हाइजीन जरूरी है, जिसके लिए नियमित रूप से ब्रश और फ्लॉसिंग करना चाहिए।<br><br>ओरल हेल्थ की अनदेखी से आत्मविश्वास में कमी आती है, अवसाद और चिंता बढ़ती है। इसलिए, नियमित रूप से दांतों की सफाई से आत्मसम्मान बढ़ता है और स्ट्रेस कम होता है। ओरल हेल्थ को प्राथमिकता देकर आत्मविश्वास बढ़ाएं।<br><br><strong>ओरल हेल्थ और मेंटल हेल्थ को बनाए रखने के उपाय:</strong><br><ul><li>रोजाना दो बार ब्रश करें और फ्लॉस का इस्तेमाल करें</li><li>हर छह महीने में डेंटल चेकअप कराएं</li><li>धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों से बचें</li><li>मीठे और अम्लीय खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन न करें</li><li>स्वस्थ आहार लें, जिसमें कैल्शियम और विटामिन डी भरपूर मात्रा में हो</li><li>बिना चिकित्सकीय परामर्श के किसी भी प्रकार का माउथवॉश या दवा न लें</li></ul><br><strong>इन समस्याओं को ना करें इग्नोर:</strong><br>सांसों से लगातार दुर्गंध आना, मसूड़ों से खून बहना, दांतों में सड़न की समस्या, ढीले दांत, मुंह में बार-बार छाले पड़ना, लगातार दांत में दर्द रहना, जबड़े में सूजन आना]]> </content:encoded>
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<item>
<title>हैंडबैग: फैशन से कम्फर्ट तक, हर मौके के लिए खास चुनाव</title>
<link>https://pratinidhi.in/stylish-and-comfortable-handbags-a-guide-for-every-occasion</link>
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<description><![CDATA[ हर लड़की फैशन के प्रति सजग होती है, और हैंडबैग उनके लुक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं है, बल्कि सुविधा के लिए भी जरूरी है। टोट बैग महिलाओं के लिए जरूरी है, क्योंकि इसमें जरूरत की सभी चीजें रखी जा सकती हैं। क्रॉसबॉडी बैग उन महिलाओं के लिए सही है, जो बेफिक्र होकर घूमना चाहती हैं। क्लच बैग क्लासी लुक देते हैं और सैचल बैग ऑफिस के लिए परफेक्ट है। स्टेटमेंट हैंडबैग आपके स्टाइल को दर्शाता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:26:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Handbags, Fashion, Comfort, Occasion, Tote Bag, Crossbody Bag, Clutch Bag, Satchel Bag, Statement Handbag, Accessories, Style</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>हैंडबैग: फैशन और कम्फर्ट का संगम</strong><br><br>हर लड़की फैशन के प्रति सजग होती है, और हैंडबैग उनके लुक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं है, बल्कि सुविधा के लिए भी जरूरी है। अलग-अलग अवसरों के लिए अलग-अलग हैंडबैग्स का चयन करना महत्वपूर्ण है।<br><br><strong>टोट बैग: हर दिन का साथी</strong><br><br>टोट बैग हर महिला की जरूरत है। यह बड़ा होता है, जिसमें आप अपनी जरूरत की सभी चीजें रख सकती हैं, चाहे ऑफिस जाना हो या शॉपिंग करना हो। मजबूत और न्यूट्रल रंग का टोट बैग चुनें।<br><br><strong>क्रॉसबॉडी बैग: बेफिक्र होकर घूमें</strong><br><br>क्रॉसबॉडी बैग उन महिलाओं के लिए बिल्कुल सही है, जो बेफिक्र होकर घूमना पसंद करती हैं। इसे स्टाइल करना आसान है और इसमें वॉलेट, फोन और चाबियों जैसी जरूरी चीजें रखी जा सकती हैं।<br><br><strong>क्लच बैग: खास मौकों के लिए</strong><br><br>क्लच बैग फॉर्मल अवसरों के लिए क्लासी लुक देते हैं। ये छोटे होते हैं, लेकिन आपके आउटफिट की खूबसूरती बढ़ाते हैं। शादी, डिनर पार्टी या नाइट आउट के लिए क्लच एकदम सही है।<br><br><strong>सैचल बैग: प्रोफेशनल लुक</strong><br><br>सैचल बैग ऑफिस के लिए परफेक्ट है। इसमें डॉक्यूमेंट्स, टैबलेट या छोटा लैपटॉप रखा जा सकता है।<br><br><strong>स्टेटमेंट हैंडबैग: खास पहचान</strong><br><br>स्टेटमेंट हैंडबैग आपके पूरे लुक को बेहतर बनाता है। बोल्ड कलर और अनोखे टेक्सचर वाले डिजाइन चुनें, जो आपके स्टाइल को दर्शाते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मार्च&amp;अप्रैल में यादगार हिल स्टेशन: शिमला, कश्मीर, कूर्ग और मेघालय</title>
<link>https://pratinidhi.in/march-april-india-top-6-hill-stations-unforgettable-experience</link>
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<description><![CDATA[ मार्च-अप्रैल में भारत के 6 हिल स्टेशनों की यात्रा यादगार हो सकती है। गर्मी से बचने के लिए लोग ठंडी जगहों पर जाते हैं। दिल्ली के पास रहने वाले उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को पसंद करते हैं, लेकिन भीड़ से बचने के लिए अन्य विकल्प भी हैं। शिमला में हरी-भरी वादियां और एडवेंचर स्पोर्ट्स हैं, कश्मीर को &#039;धरती का स्वर्ग&#039; कहा जाता है, कूर्ग झरनों और कॉफी बागानों के लिए प्रसिद्ध है, पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन है, मेघालय एडवेंचर और नेचर प्रेमियों के लिए स्वर्ग है, और दार्जिलिंग में सूर्योदय का अद्भुत दृश्य और टॉय ट्रेन की सवारी है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:26:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Hill Stations, Travel, Tourism, April, India, Vacation, Shimla, Kashmir, Coorg, Meghalaya, Pachmarhi, Darjeeling</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>भारत में मार्च-अप्रैल: 6 यादगार हिल स्टेशन</strong><br><br>गर्मियों की शुरुआत के साथ, लोग ठंडी जगहों की तलाश में रहते हैं। मौसम विभाग ने भीषण गर्मी की चेतावनी दी है, इसलिए यात्रा की योजना बनाना एक अच्छा विचार है। दिल्ली के आसपास के लोग उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को पसंद करते हैं, लेकिन वहां बहुत भीड़ होती है। यहां कुछ अन्य विकल्प दिए गए हैं:<br><br><strong>शिमला:</strong> पहाड़ों की ठंडी हवा और हरियाली पसंद है तो हिमाचल आएं। अप्रैल में मौसम रोमांटिक होता है और हरी-भरी वादियां मन को मोह लेती हैं। एडवेंचर स्पोर्ट्स में भी भाग ले सकते हैं।<br><br><strong>कश्मीर:</strong> मार्च-अप्रैल में कश्मीर की हरी-भरी वादियों का आनंद लें। इसे 'धरती का स्वर्ग' कहा जाता है। मानसून को छोड़कर कभी भी जाएं, लेकिन अप्रैल सबसे अच्छा है। पहलगाम, गुलमर्ग, और सोनमर्ग जैसे स्थान रोमांच से भर देंगे।<br><br><strong>कूर्ग:</strong> कूर्ग झरनों, धुंधले पहाड़ों और कॉफी बागानों के लिए प्रसिद्ध है। ट्रैकिंग, कैंपिंग और रिवर राफ्टिंग जैसी गतिविधियों में भाग लें। यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से जून तक है।<br><br><strong>पचमढ़ी:</strong> मध्य प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सतपुड़ा की पहाड़ियों पर स्थित है। यहां कई झरने और गुफाएं हैं, और ट्रैकिंग का भी मौका मिलता है।<br><br><strong>मेघालय:</strong> अप्रैल में मेघालय की यात्रा सबसे अच्छी होती है। यहां न ज्यादा सर्दी होती है और न गर्मी। एडवेंचर और नेचर प्रेमियों के लिए यह स्वर्ग है। यहां कई झरने हैं, और दुनिया का सबसे साफ-सुथरा गांव भी है।<br><br><strong>दार्जिलिंग:</strong> पश्चिम बंगाल में स्थित दार्जिलिंग बहुत खूबसूरत है। टाइगर हिल से सूर्योदय का अद्भुत दृश्य देखें और हिमालयन रेलवे (टॉय ट्रेन) की सवारी करें। यहां कई मठ और मंदिर भी हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पौधों की पिंचिंग: क्या है और क्यों है जरूरी?</title>
<link>https://pratinidhi.in/gardener-ananya-thakur-explained-what-is-pinching-and-why-it-is-important-for-the-plant</link>
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<description><![CDATA[ आजकल हर कोई गार्डनिंग का शौक रखता है, लेकिन पौधों की देखभाल और उनसे जुड़ी खास बातें कम ही लोगों को पता होती हैं। उन्हीं में से एक है पिंचिंग, जो पौधा लगाते समय बहुत जरूरी है। गार्डनर अनन्या ठाकुर ने पिंचिंग के बारे में बताते हुए इसके फायदे भी बताए हैं। पिंचिंग करने से पौधे में ज्यादा टहनियां आती हैं, जिससे अधिक फल और फूल लगते हैं। इससे पौधा घना और हरा-भरा दिखता है, साथ ही उसे अच्छा आकार भी मिलता है। अगर पिंचिंग न की जाए, तो पौधा सिर्फ लंबाई में बढ़ता है और उसमें एक ही टहनी निकलती है। पिंचिंग एक तरह से पौधे की छटाई है। ]]></description>
<enclosure url="http://static.toiimg.com/thumb/msid-119245230,width-1200,height-900,resizemode-4/119245230.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:26:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पिंचिंग, गार्डनिंग, पौधे, अनन्या ठाकुर, बागवानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल गार्डनिंग का शौक तो सबको है, लेकिन पौधों की देखभाल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। पिंचिंग एक ऐसा तरीका है जो पौधा लगाते समय जरूरी है, पर ज्यादातर लोगों को इसके बारे में पता नहीं होता। एक माली ने पिंचिंग के बारे में बताते हुए इसके फायदे भी बताए हैं।<br><br>हर किसी को अपने घर में हरियाली पसंद होती है। शहरों में हरियाली कम होने की वजह से लोग अपने घर में गार्डन बनाते हैं। जिनके पास जगह होती है, वो पेड़-पौधे लगाते हैं, और जिनके पास जगह कम होती है, वो बालकनी या छत पर गार्डनिंग करते हैं। पौधा लगाना तो आसान है, लेकिन उसकी देखभाल करना उतना ही मुश्किल।<br><br>कई लोगों की शिकायत होती है कि उनके पड़ोसी के पौधे अच्छे से बढ़ रहे हैं, जबकि उनके पौधे नहीं बढ़ रहे। ऐसा देखभाल की कमी की वजह से होता है। पौधों की देखभाल अलग-अलग तरीकों से की जाती है, और पिंचिंग उनमें से एक है जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता होता है।<br><br><b>पिंचिंग क्या होती है?</b><br><br>गार्डनर अनन्या ठाकुर ने बताया कि पिंचिंग का मतलब है, जब हम कोई नया पौधा लगाते हैं तो उसके ऊपर के हिस्से को तोड़ देते हैं। इसे आसान भाषा में पौधे की छटाई भी कह सकते हैं।<br><br><b>पिंचिंग के फायदे:</b><br><br>*   अगर पौधे की पिंचिंग नहीं करते हैं तो वो सिर्फ लंबाई में बढ़ता है और उसमें एक ही टहनी निकलती है।<br>*   पिंचिंग करने से पौधे में बहुत सारी टहनियां निकलती हैं, जिससे ज्यादा फल और फूल लगते हैं।<br>*   पिंचिंग करने से पौधा घना होता है और हरा-भरा दिखता है।<br>*   पिंचिंग से पौधे को अच्छा आकार मिलता है, जिससे वो सुंदर दिखता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>घर के बड़ों की आदतें जो बच्चों को तनाव देती हैं</title>
<link>https://pratinidhi.in/ghar-ke-badon-ki-ye-5-aadaten-bachchon-ke-liye-ban-jati-hain-pareshani-ka-sabab-jindagi-bhar-rehte-hain-tanav-mein</link>
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<description><![CDATA[ घर के बड़ों की कुछ आदतें बच्चों के जीवन में तनाव का कारण बन सकती हैं। बच्चों की आलोचना, अत्यधिक उम्मीदें, और उनसे ठीक से बात न करना, उन्हें भावनात्मक रूप से अकेला कर सकता है। उनकी भावनाओं को नजरअंदाज करना और अत्यधिक सख्ती बरतना भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, बच्चों को प्रोत्साहित करना और उनकी भावनाओं को समझना महत्वपूर्ण है। ऐसा करने से उनका आत्म-सम्मान बढ़ेगा और वे गलत रास्ते पर जाने से बचेंगे। बुजुर्गों को चाहिए कि वे बच्चों के साथ स्नेहपूर्ण और समझदारी भरा व्यवहार करें। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:26:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बच्चों की आदतें, तनाव, चिंता, आत्म-सम्मान, उम्मीदें, आलोचना, इमोशनल सपोर्ट, सख्ती</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[घर के बुजुर्गों की कुछ आदतें बच्चों के लिए जीवन भर तनाव का कारण बन सकती हैं। <strong>बच्चों की आलोचना</strong> करने से उनका आत्म-सम्मान कम होता है और वे हमेशा अपर्याप्त महसूस करते हैं, जिससे तनाव और चिंता बढ़ती है। इसलिए, उन्हें प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है।<br><br>बुजुर्गों की कुछ आदतें बच्चों के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। <strong>अत्यधिक उम्मीदें</strong> रखने से बच्चे दबाव में आ सकते हैं और असफल होने पर आत्म-संदेह का शिकार हो सकते हैं।<br><br><strong>बच्चों की लगातार आलोचना</strong> करने से वे हीन भावना से ग्रस्त हो सकते हैं, जिससे तनाव और चिंता बढ़ती है।<br><br>बुजुर्गों द्वारा <strong>बच्चों से ठीक से बात न करने</strong> पर वे भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करते हैं, जिससे उनमें खालीपन और अकेलेपन की आदत विकसित हो सकती है। इसलिए, उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।<br><br><strong>बच्चों की भावनाओं को नजरअंदाज</strong> करने से उनका आत्म-सम्मान कम हो सकता है। प्रत्येक बच्चे को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और समझने की आवश्यकता होती है, और इसकी कमी से तनाव और चिंता हो सकती है।<br><br><strong>अत्यधिक सख्ती</strong> बच्चों को परेशान कर सकती है और उन्हें गलत रास्ते पर ले जा सकती है। इसलिए, बड़ों को बच्चों के साथ अत्यधिक सख्त नहीं होना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>गर्म पानी: गर्मियों में बीमारियों से राहत</title>
<link>https://pratinidhi.in/warm-water-benefits-a-natural-remedy-for-summer-health-issues</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में गर्म पानी पीने के कई फायदे हैं। यह पाचन तंत्र को सुधारता है और पेट की समस्याओं से राहत दिलाता है। गर्म पानी गले की सूजन को कम करके सर्दी और खांसी से भी छुटकारा दिलाता है। यह शरीर की चर्बी को कम करने और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे वजन कम होता है। गर्म पानी त्वचा को साफ करता है और त्वचा की समस्याओं को कम करता है, साथ ही जोड़ों के दर्द से भी राहत दिलाता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:26:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गर्म पानी, गर्मियों में गर्म पानी, पेट की समस्याएं, सर्दी और खांसी, वजन कम करना, त्वचा की समस्याएं, जोड़ों का दर्द</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में गर्म पानी पीने के कई फायदे हैं। ठंडा पानी पीने से तबियत खराब हो सकती है, इसलिए गर्मियों में गर्म पानी पीना बेहतर है।
<br><br>
<strong>1. पेट की समस्याओं से राहत:</strong> गर्म पानी पाचन तंत्र को सुधारता है, पेट की मांसपेशियों को आराम देता है और पाचन क्रिया को सुधारता है। इससे कब्ज, गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।<br><br>
<strong>2. सर्दी और खांसी से राहत:</strong> गर्म पानी गले की सूजन को कम करता है और खांसी को नियंत्रित करता है।<br><br>
<strong>3. वजन घटाने में मददगार:</strong> गर्म पानी शरीर की चर्बी को कम करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है।<br><br>
<strong>4. त्वचा में निखार:</strong> गर्म पानी त्वचा को साफ करता है और मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा की सूजन को कम करता है।<br><br>
<strong>5. जोड़ों के दर्द में आराम:</strong> गर्म पानी जोड़ों की सूजन को कम करता है और जोड़ों के दर्द को नियंत्रित करता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कलौंजी तेल: अस्थमा के लिए रामबाण, जानिए फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/kalonji-oil-benefits-and-uses-for-asthma-diabetes-skin-hair-and-digestion</link>
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<description><![CDATA[ कलौंजी का तेल स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद है। यह मधुमेह और कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है, दर्द से राहत दिलाता है, एलर्जी और अस्थमा के लक्षणों को कम करता है, स्किन और बालों के लिए फायदेमंद है, और कब्ज को दूर करता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:23:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कलौंजी तेल, अस्थमा, दर्द निवारक, स्किन केयर, बालों के लिए, कब्ज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कलौंजी का तेल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होता है। <strong>यह मधुमेह के खतरे को कम करता है, रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है और कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकता है।</strong><br><br>कलौंजी के तेल के फायदे:<br><br><strong>1. दर्द निवारक:</strong> यह मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द को कम करता है। दर्द वाली जगह पर गुनगुना तेल मालिश करने से राहत मिलती है।<br><br><strong>2. एलर्जी और अस्थमा में राहत:</strong> यह एलर्जी और अस्थमा के लक्षणों को कम करता है, श्वसन तंत्र को शांत करता है और सूजन को कम करता है। सुबह-शाम दो बूंदें पी सकते हैं।<br><br><strong>3. स्किन के लिए फायदेमंद:</strong> यह स्किन को मॉइस्चराइज़ करता है, सूजन को कम करता है और दाग-धब्बों को दूर करता है। रात को सोते समय स्किन पर लगा सकते हैं।<br><br><strong>4. बालों के लिए बेजोड़:</strong> यह बालों को मजबूत बनाता है, बालों के झड़ने को रोकता है और बालों को चमकदार बनाता है। बालों के सफेद होने की समस्या में भी उपयोगी है।<br><br><strong>5. कब्ज दूर करता है:</strong> यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज की समस्या से छुटकारा दिलाता है और पेट के दर्द को कम करने में मदद करता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गंजी दुल्हन नीहार सचदेवा: मेहंदी में स्कर्ट लुक</title>
<link>https://pratinidhi.in/bald-bride-neehar-sachdeva-mehendi-look</link>
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<description><![CDATA[ गंजी दुल्हन नीहार सचदेवा ने अपनी मेहंदी सेरेमनी की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें वह अपने दूल्हे राजा के साथ खूबसूरत लग रही हैं। उन्होंने ऑरेंज, ग्रीन और रेड कलर के प्रिंटेड हॉल्टर नेक टॉप के साथ मैचिंग लॉन्ग स्कर्ट पहनी थी, जो लेयर्स पैटर्न में होने के कारण घेरदार और आकर्षक लग रही थी। नीहार ने अपने हाथों को खाली रखा और कानों में ग्रीन और वाइट स्टोन के ईयररिंग्स और नाक में नथ पहनी थी। बचपन में एक बीमारी के कारण नीहार के बाल झड़ गए थे, लेकिन उन्होंने इसे छुपाने की कोशिश नहीं की। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119242868/bald-bride-neehar-sachdeva-shared-mehendi-ceremony-photo-after-2-month-her-beautiful-look-will-win-your-heart-119242868.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:23:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गंजी दुल्हन, नीहार सचदेवा, मेहंदी सेरेमनी, फैशन, ब्राइडल लुक, स्कर्ट, लाइटलाइट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नीहार सचदेवा: गंजी दुल्हन का मेहंदी लुक</strong><br><br>दो महीने पहले, अपनी बेबाकी और खूबसूरती से सबका दिल जीतने वाली गंजी दुल्हन नीहार सचदेवा ने अपनी मेहंदी सेरेमनी की तस्वीरें साझा की हैं। नीहार ने अपने आत्मविश्वास और ब्राइडल लुक से खूब सुर्खियां बटोरी थीं।<br><br>आमतौर पर, सुंदरता को बालों से जोड़ा जाता है, लेकिन नीहार ने एलोपेसिया एरीटा के बावजूद अपने आत्मविश्वास को कम नहीं होने दिया। उन्होंने 2 महीने पहले एक खूबसूरत गंजी दुल्हन के रूप में न केवल लोगों को जवाब दिया, बल्कि उनके दिलों को भी जीता।<br><br>नीहार ने अपनी मेहंदी सेरेमनी की तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह अपने दूल्हे राजा के साथ बेहद खूबसूरत लग रही हैं। बचपन में एक बीमारी के कारण नीहार के बाल झड़ गए थे, लेकिन उन्होंने इसे छुपाने की कोशिश नहीं की। अपनी शादी और मेहंदी के समय, उन्होंने विग नहीं पहनी।<br><br>अपने मेहंदी समारोह में, नीहार ने लहंगा और साड़ी को छोड़कर स्कर्ट और टॉप पहना था। उन्होंने ऑरेंज, ग्रीन और रेड कलर के प्रिंटेड हॉल्टर नेक टॉप के साथ मैचिंग लॉन्ग स्कर्ट पहनी थी, जो लेयर्स पैटर्न में होने के कारण घेरदार और आकर्षक लग रही थी। नीहार ने अपने हाथों को खाली रखा और कानों में ग्रीन और वाइट स्टोन के ईयररिंग्स और नाक में नथ पहनी थी। मिनिमल मेकअप में, उन्होंने पिंक शेड आईशैडो और ब्राउन शेड लिपस्टिक लगाई थी। ग्रीन कलर का लाइनर उनके लुक को और भी खास बना रहा था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्‍या शिशु को छुहारा खिलाना सही है?</title>
<link>https://pratinidhi.in/is-it-safe-to-give-chhuhara-to-babies-after-6-months</link>
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<description><![CDATA[ एक सोशल मीडिया रील में दावा किया गया है कि 6 महीने के बाद बच्‍चे को छुहारा खिलाने से दांत आसानी से निकल आते हैं। पीडियाट्रिक डेंटिस्‍ट डॉ. प्रेमिला नायडू के अनुसार, यह दावा एक हद तक सही है। 6 महीने से ज्‍यादा उम्र के बच्‍चों को छुहारा दिया जा सकता है, लेकिन सावधानी जरूरी है। छुहारे में नेचुरल शुगर, फाइबर, पोटेशियम, मैग्नीशियम और आयरन होता है, जो बच्‍चे के विकास में मदद करते हैं। इसे सुरक्षित तरीके से खिलाएं और डॉक्‍टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:20:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>chhuhara, babies, teething, infant health, parenting, baby food</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[क्‍या 6 महीने के बाद शिशु को छुहारा देना सही है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए एक्‍सपर्ट की राय और छुहारे के फायदे-नुकसान यहां दिए गए हैं।
<br><br>
<strong>क्‍या है दावा?</strong><br>
सोशल मीडिया पर एक रील में दावा किया गया है कि 6 महीने के बाद बच्‍चे को छुहारा खिलाने से उसके दांत आसानी से निकल आते हैं। इसके लिए छुहारे को भूनकर, बीज निकालकर, पाउडर बनाकर बच्‍चे को खिलाना चाहिए।
<br><br>
<strong>दावे का सच</strong><br>
इस दावे की सच्‍चाई जानने के लिए पीडियाट्रिक डेंटिस्‍ट डॉ. प्रेमिला नायडू से बात की गई। उन्‍होंने बताया कि यह दावा एक हद तक सही है। 6 महीने से ज्‍यादा उम्र के बच्‍चों को छुहारा दिया जा सकता है, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है।
<br><br>
<strong>छुहारे के फायदे</strong><br>
छुहारे में नेचुरल शुगर, फाइबर, पोटेशियम, मैग्नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्‍व होते हैं। ये बच्‍चे के विकास में मदद करते हैं। छुहारे को चबाने से दांत निकलने के दौरान होने वाली तकलीफ भी कम हो सकती है।
<br><br>
<strong>कैसे खिलाएं छुहारा?</strong><br>
छुहारा चिपचिपा होता है, इसलिए बच्‍चे को इसे सुरक्षित तरीके से खिलाना चाहिए। घुटन से बचाने के लिए गुठलीदार छुहारा देना बेहतर है। इसे भिगोकर और मसलकर प्यूरी बनाकर भी खिला सकते हैं। आप इसे दलिया या दही में मिलाकर भी बच्‍चे को दे सकते हैं। इसमें नेचुरल शुगर होती है इसलिए कम मात्रा में ही दें।
<br><br>
<strong>डॉक्‍टर की सलाह</strong><br>
बच्‍चे की डाइट में कुछ भी नया शामिल करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें। खासकर, अगर परिवार में एलर्जी का इतिहास रहा हो। सही तरीके से छुहारा दिया जाए तो यह दांत निकलने के दर्द को कम करने का हेल्‍दी तरीका हो सकता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ओरल कैंसर से बचाव: एक्सपर्ट टिप्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/world-oral-health-day-2025-tips-to-prevent-oral-cancer</link>
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<description><![CDATA[ विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है, जिसका लक्ष्य मुख कैंसर के खतरे को कम करने के लिए प्रभावी रणनीतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। कई लोग अभी भी अपनी मौखिक स्वच्छता को पर्याप्त महत्व नहीं देते हैं, जिससे मौखिक रोग हो सकते हैं, खराब मौखिक स्वच्छता इन बीमारियों के बढ़ने का एक मुख्य कारण है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि इन बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मुख कैंसर दुनिया भर में 13वां सबसे आम कैंसर है। तंबाकू, शराब और सुपारी के सेवन के साथ-साथ एचपीवी संक्रमण और होंठों का अत्यधिक धूप में रहना, मुख कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली दैनिक आदतों में से हैं। मुख कैंसर से बचने के लिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी प्रकार के तंबाकू का उपयोग न करें और शराब का सेवन सीमित करें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119240354,imgsize-17424,width-540,height-405,resizemode-75/119240354.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:20:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>oral cancer, oral health, world oral health day, tobacco, alcohol, HPV, oral hygiene</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>ओरल कैंसर से बचाव के उपाय</strong><br><br>हर साल 20 मार्च को विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य ओरल कैंसर के जोखिम को कम करने के प्रभावी तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। कई लोग अभी भी अपनी मौखिक स्वच्छता को पर्याप्त महत्व नहीं देते हैं, जिससे मौखिक रोग हो सकते हैं। खराब मौखिक स्वच्छता इन बीमारियों के बढ़ने का एक प्रमुख कारण है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि इन बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।<br><br>विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस हर साल 20 मार्च को मनाया जाता है ताकि वैश्विक स्तर पर मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और मौखिक स्वच्छता और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी दी जा सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ओरल कैंसर दुनिया भर में 13वां सबसे आम कैंसर है, जिसमें होंठ, मुंह के अन्य भाग और ऑरोफरीनक्स के कैंसर शामिल हैं। कई दैनिक आदतें ओरल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती हैं, और इस विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस पर, हम उन आदतों पर प्रकाश डालेंगे जिनसे आप अनजाने में ओरल कैंसर के खतरे को बढ़ा रहे हैं।<br><br>ओरल कैंसर, जिसे मुंह का कैंसर या मौखिक गुहा का कैंसर भी कहा जाता है, तब होता है जब मुंह के अंदर की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि होती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में यह दोगुना आम है, और हर साल बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी से मरते हैं। डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में दुनिया भर में होंठ और मौखिक गुहा के कैंसर के लगभग 389,846 नए मामले थे, जिसके परिणामस्वरूप 188,438 मौतें हुईं। तंबाकू, शराब और सुपारी के सेवन के साथ-साथ एचपीवी संक्रमण और होठों का अत्यधिक धूप में रहना, ओरल कैंसर के खतरे को बढ़ाने वाली दैनिक आदतों में से हैं।<br><br>ओरल कैंसर से बचने के लिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी प्रकार के तंबाकू का उपयोग न करें और शराब का सेवन सीमित करें। होठों को अत्यधिक धूप से बचाना महत्वपूर्ण है, जिसके लिए सनस्क्रीन लिप उत्पादों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, एचपीवी संक्रमण से बचने और ओरल कैंसर के खतरे को कम करने के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाना फायदेमंद हो सकता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वॉश बेसिन की सफाई: आसान घरेलू उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-home-remedies-to-unclog-bathroom-wash-basin</link>
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<description><![CDATA[ वॉश बेसिन ब्लॉक होने की समस्या आम है, जिसे घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है। बेकिंग सोडा, सिरका और नींबू का घोल, गर्म पानी का इस्तेमाल, और पाइप को साफ करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। इन उपायों से प्लंबर को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती और आसानी से वॉश बेसिन को साफ रखा जा सकता है। वॉश बेसिन की नियमित सफाई से बदबू और गंदगी से भी बचा जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:20:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वॉश बेसिन, ब्लॉक, सफाई, घरेलू उपाय, बेकिंग सोडा, सिरका, नींबू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बाथरूम के वॉश बेसिन को साफ रखने के आसान तरीके</strong><br><br>वॉश बेसिन का ब्लॉक होना एक आम समस्या है, लेकिन इसे कुछ आसान घरेलू उपायों से ठीक किया जा सकता है। कई बार लोग प्लंबर को बुलाते हैं, जो छोटी सी समस्या के लिए भी ज्यादा पैसे लेते हैं। इसलिए, आप खुद से ही इसे ठीक कर सकते हैं।<br><br><strong>1. बेकिंग सोडा, सिरका और नींबू का घोल</strong><br>बेकिंग सोडा, नींबू और सिरका का मिश्रण वॉश बेसिन को साफ करने में मददगार हो सकता है। एक कप बेकिंग सोडा और एक कप सिरका मिलाकर, उसमें एक नींबू निचोड़ें। इस घोल को वॉश बेसिन में डालकर कुछ घंटे के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा गंदगी को धीरे-धीरे निकालकर वॉश बेसिन को साफ कर देगा।<br><br><strong>2. तेज गर्म पानी</strong><br>यदि बेकिंग सोडा से भी वॉश बेसिन साफ नहीं होता है, तो एक बर्तन में तेज गर्म पानी लेकर वॉश बेसिन में डालें। पाइप में जमे साबुन, फेस वॉश और बालों को गर्म पानी बहाकर निकाल देगा, जिससे पानी का प्रवाह ठीक हो जाएगा।<br><br><strong>3. पाइप खोलकर सफाई</strong><br>वॉश बेसिन के पाइप को खोलकर साफ करें। कई बार पाइप में गंदगी जमा हो जाती है, जिससे पानी नहीं निकल पाता। पाइप को उल्टा करके फर्श पर जोर से मारें ताकि गंदगी बाहर निकल जाए। फिर पाइप को वापस लगा दें, जिससे पानी तेजी से निकलने लगेगा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डॉक्टर छाजेड़: 30 दिन में 11 किलो वजन कम, बिना पैसे खर्च किए</title>
<link>https://pratinidhi.in/doctor-chhajed-weight-loss-diet-plan-without-spending-money</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर बिमल छाजेड़ ने वजन कम करने का एक आसान तरीका बताया है, जिससे 30 दिनों में 10 किलो तक वजन कम किया जा सकता है। इस तरीके में कम कैलोरी वाला भोजन खाना होता है, जिससे शरीर में कैलोरी की कमी हो जाती है और शरीर अंदर से वसा को गलाकर ऊर्जा प्राप्त करता है, जिससे वजन कम होता है। खूब सब्जियां और फल खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन रोटी खाने से मना किया गया है। डॉक्टर छाजेड़ के एक मरीज ने इस तरीके का पालन करके 11 किलो वजन कम किया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119242372,imgsize-13918,width-540,height-405,resizemode-75/119242372.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 18:20:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>weight loss, diet plan, Dr. Bimal Chhajer, low calorie food, healthy diet</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>डॉक्टर छाजेड़ के बताए तरीके से 30 दिन में 11 किलो वजन कम, बिना पैसे खर्च किए</strong><br><br>आजकल वजन कम करने के लिए कई तरह के डाइट प्लान मौजूद हैं। लेकिन डॉक्टर बिमल छाजेड़ ने एक ऐसा तरीका बताया है जिससे एक व्यक्ति ने सिर्फ 30 दिनों में 11 किलो वजन कम किया। डॉक्टर छाजेड़ ने अपने वीडियो में बताया कि वजन कम करने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।<br><br>डॉक्टर छाजेड़ ने उन लोगों के लिए एक आसान तरीका बताया है जो अधिक वजन से परेशान हैं। इस तरीके से 30 दिनों में 10 किलो तक वजन कम किया जा सकता है। एक व्यक्ति ने इस तरीके का पालन करके 11 किलो वजन कम किया।<br><br>डॉक्टर छाजेड़ ने अपने वीडियो में बताया कि वजन कम करने के लिए पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि शरीर को कैलोरी की आवश्यकता होती है, जो भोजन से मिलती है। यदि आप कम कैलोरी वाला भोजन खाते हैं, तो आपके शरीर में कैलोरी की कमी हो जाएगी।<br><br>कैलोरी की कमी होने पर शरीर अंदर से वसा को गलाकर ऊर्जा प्राप्त करेगा, जिससे वजन कम होगा। इसलिए, आपको ऐसा भोजन खाना चाहिए जो कम कैलोरी वाला हो और आपका पेट भी भर जाए।<br><br>डॉक्टर छाजेड़ ने कैलोरी की कमी को पूरा करने के लिए खूब सब्जियां खाने की सलाह दी है। आप उन्हें पकाकर या सलाद के रूप में खा सकते हैं। उन्होंने खीरा, गाजर, टमाटर, ब्रोकली, फूल गोभी और पत्ता गोभी को सबसे अच्छे विकल्प बताए हैं।<br><br>डॉक्टर छाजेड़ ने फलों का सेवन करने की भी सलाह दी है, लेकिन उन्होंने आम और केले को छोड़कर अन्य सभी फलों जैसे पपीता, अनार, नाशपाती, तरबूज, खरबूजा और अमरूद को भरपूर मात्रा में खाने की सलाह दी है।<br><br>डॉक्टर छाजेड़ ने वजन कम करने के लिए रोटी न खाने की सलाह दी है, क्योंकि इसमें कार्ब्स होते हैं जो वजन बढ़ाते हैं।<br><br>डॉक्टर छाजेड़ के एक मरीज, जय प्रकाश सिंह ने बताया कि वह दिल की बीमारी का इलाज कराने दिल्ली आए थे। उनका वजन बहुत अधिक था, इसलिए उन्हें वजन कम करने की सलाह दी गई। जय प्रकाश ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर छाजेड़ के कहे अनुसार फल और सब्जियां खाईं, जिससे उनका 11 किलो वजन कम हो गया। पहले उनका वजन 90 किलो था, जो एक महीने में 79 किलो हो गया।]]> </content:encoded>
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<title>तनाव से राहत पाने के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/7-foods-to-add-to-your-diet-to-relieve-stress-and-overthinking</link>
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<description><![CDATA[ तनाव आजकल एक आम समस्या है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। डार्क चॉकलेट, अंडे, दही, नट्स और सीड्स, हल्दी, कॉफी और बैरीज जैसे फूड्स तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं। डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट और मैग्नीशियम होते हैं, जो सेरोटोनिन और एंडोर्फिन बढ़ाते हैं। अंडे में मैग्नीशियम और अमीनो एसिड हैप्पी हार्मोन बढ़ाते हैं। दही में प्रोबायोटिक्स लिवर को स्वस्थ रखते हैं। नट्स और सीड्स जिंक, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। हल्दी में करक्यूमिन सेरोटोनिन और डोपामाइन बढ़ाता है। कॉफी में कैफीन दिमाग को एक्टिव करता है। बैरीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/20032025/20_03_2025-stress_buster_foods_23902734_92218489.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:16:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>stress, diet, foods, mental health, dark chocolate, eggs, yogurt, nuts, seeds, turmeric, coffee, berries</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन गई है। काम का प्रेशर और गलत खानपान की आदतें हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती हैं। तनाव से मुक्ति पाने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ खास फूड्स शामिल कर सकते हैं।</p><br><p><strong>डार्क चॉकलेट:</strong> इसमें एंटीऑक्सीडेंट और मैग्नीशियम होते हैं, जो सेरोटोनिन और एंडोर्फिन के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे तनाव कम होता है और मूड अच्छा होता है।</p><br><p><strong>अंडे:</strong> अंडे में मैग्नीशियम और अमीनो एसिड पाया जाता है, जो हैप्पी हार्मोन को बढ़ाने में मदद करते हैं।</p><br><p><strong>दही:</strong> दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो लिवर को स्वस्थ रखते हैं और मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। यह डिप्रेशन और एंग्जायटी को कम करने में भी सहायक होता है।</p><br><p><strong>नट्स और सीड्स:</strong> सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, बादाम और अखरोट जैसे नट्स और सीड्स जिंक, मैग्नीशियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो तनाव से राहत दिलाते हैं।</p><br><p><strong>हल्दी:</strong> हल्दी में मौजूद करक्यूमिन दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर को बढ़ाने का काम करता है, जिससे मूड अच्छा रहता है और डिप्रेशन कम होता है।</p><br><p><strong>कॉफी:</strong> कॉफी में कैफीन होता है, जो दिमाग को एक्टिव करता है और मूड को बेहतर बनाता है। यह ध्यान केंद्रित करने में भी मदद करता है और डोपामाइन हार्मोन को बढ़ाता है।</p><br><p><strong>बैरीज:</strong> रसभरी, स्ट्रॉबेरी और ब्लूबेरी जैसी बैरीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जो शरीर को चिंता के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाती हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मेनोपॉज: महिलाओं के शरीर में बदलाव और देखभाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/menopause-changes-in-womens-body-and-how-to-take-care</link>
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<description><![CDATA[ मेनोपॉज महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण है, जो 45 से 55 वर्ष की आयु के बीच होता है। इस दौरान हार्मोनल बदलावों के कारण कई शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कमजोर हड्डियां, वजन बढ़ना, हृदय रोग का खतरा, मूड स्विंग्स और त्वचा में बदलाव। सही खानपान, व्यायाम और तनाव प्रबंधन से इन समस्याओं को कम किया जा सकता है। कैल्शियम और विटामिन डी युक्त आहार हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है, जबकि स्वस्थ आहार और योगा वजन को नियंत्रित करते हैं। दिल को स्वस्थ रखने के लिए फल, सब्जियां और हेल्दी फैट का सेवन महत्वपूर्ण है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:15:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मेनोपॉज, महिला स्वास्थ्य, हार्मोनल बदलाव, ऑस्टियोपोरोसिस, वजन बढ़ना, दिल की बीमारी, मूड स्विंग, त्वचा की देखभाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मेनोपॉज एक ऐसा दौर है जब महिलाओं के पीरियड्स हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। यह आमतौर पर 45 से 55 वर्ष की आयु के बीच होता है और इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं को कई शारीरिक बदलावों का सामना करना पड़ता है, लेकिन सही देखभाल से इन प्रभावों को कम किया जा सकता है।<br><br><b>हड्डियों का कमजोर होना:</b> मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन का स्तर कम होने से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। कैल्शियम और विटामिन डी युक्त आहार लें और नियमित रूप से व्यायाम करें।<br><br><b>वजन बढ़ना:</b> मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण वजन बढ़ सकता है। स्वस्थ आहार लें, जिसमें प्रोटीन और फाइबर हो, और नियमित रूप से योगा करें।<br><br><b>दिल की बीमारी का खतरा:</b> मेनोपॉज के बाद दिल को स्वस्थ रखना जरूरी है। फल, सब्जियां और हेल्दी फैट का सेवन करें, व्यायाम करें और तनाव से बचें।<br><br><b>मूड स्विंग्स:</b> हार्मोनल बदलावों के कारण मूड स्विंग्स और तनाव हो सकता है। मेडिटेशन करें, पसंदीदा काम करें और दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं।<br><br><b>त्वचा पर प्रभाव:</b> त्वचा की नमी कम हो सकती है, जिससे रूखापन और झुर्रियां हो सकती हैं। खूब पानी पिएं और विटामिन ई और ओमेगा-3 युक्त आहार लें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>श्रिया लोहिया: 16 साल की उम्र में फॉर्मूला 4 रेसिंग में भारत का नाम रोशन</title>
<link>https://pratinidhi.in/shriya-lohia-16-year-old-formula-4-racer-india</link>
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<description><![CDATA[ हिमाचल प्रदेश की श्रिया लोहिया 16 साल की उम्र में भारत की पहली महिला फॉर्मूला 4 रेसर बनीं। उन्होंने हैदराबाद ब्लैकबर्ड्स टीम की ओर से भारतीय फॉर्मूला चैंपियनशिप में भाग लेकर यह उपलब्धि हासिल की। 9 साल की उम्र में मोटरबाइकिंग शुरू करने वाली श्रिया को 2022 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह अपनी सादगी और फैशन सेंस के लिए भी जानी जाती हैं, और सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। उनके इवेंट लुक्स और कैजुअल स्टाइल भी काफी शानदार होते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119224652/meet-16-year-old-indias-first-female-formula-4-racer-shriya-lohia-whose-simplicity-wins-hearts-119224652.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:15:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>श्रिया लोहिया, फॉर्मूला 4 रेसर, हिमाचल प्रदेश, रेसिंग, मोटरबाइकिंग, राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, इंस्टाग्राम, फैशन, लाइफस्टाइल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>श्रिया लोहिया: 16 साल की उम्र में फॉर्मूला 4 रेसिंग में भारत का नाम रोशन</strong><br><br>हिमाचल प्रदेश की श्रिया लोहिया ने 16 साल की उम्र में भारत की पहली महिला फॉर्मूला 4 रेसर बनकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने हैदराबाद ब्लैकबर्ड्स टीम की ओर से भारतीय फॉर्मूला चैंपियनशिप में भाग लेकर यह उपलब्धि हासिल की है।<br><br>9 साल की उम्र में मोटरबाइकिंग शुरू करने वाली श्रिया को 2022 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने छोटी उम्र में ही 30 से ज्यादा पोडियम फिनिश किए हैं।<br><br>श्रिया लोहिया अपनी सादगी और फैशन सेंस के लिए भी जानी जाती हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें शेयर करती रहती हैं, जिनमें उनका सिंपल और स्टाइलिश लुक देखने को मिलता है।<br><br>श्रिया के इवेंट लुक्स भी काफी शानदार होते हैं। वह वाइट शर्ट के साथ पिंक ब्लेजर और शॉर्ट्स में नजर आती हैं, तो कभी ब्लैक लेस डीटेलिंग वाली ड्रेस में भी वह बेहद खूबसूरत लगती हैं।<br><br>कैजुअल लुक में भी श्रिया का स्टाइल कमाल का होता है। वह शॉर्ट कुर्ता स्टाइल स्लीवलेस टॉप के साथ ब्लैक पैंट्स पहनती हैं, जिसमें उनका थ्रेड वर्क किया गया होता है।<br><br>साड़ी में श्रिया का रूप और भी निखर कर आता है। ब्लैक और रेड साड़ी के साथ स्लीवलेस ब्लाउज में वह बेहद आकर्षक लगती हैं।<br><br>रेसिंग के दौरान भी श्रिया का स्टाइल बरकरार रहता है। वह यूनिफॉर्म में भी परफेक्ट लगती हैं।]]> </content:encoded>
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<title>सूर्य ग्रहण 2025: प्रेग्‍नेंसी में ग्रहण के समय सेफ्टी पिन लगाना सही या गलत?</title>
<link>https://pratinidhi.in/solar-eclipse-2025-pregnancy-tips-should-expectant-mothers-wear-hair-pins-or-safety-pins-during-grahan</link>
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<description><![CDATA[ 29 मार्च, 2025 को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, और गर्भवती महिलाओं को इस दौरान खास सावधान रहने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर माना जाता है कि ग्रहण के समय कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए, जैसे सेफ्टी पिन का इस्‍तेमाल। लेकिन, [Artofliving] के अनुसार, इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है, यह सिर्फ एक मिथ है। [Asterhospitals] के अनुसार, कुछ लोग मानते हैं कि सेफ्टी पिन पहनने से बच्‍चे को क्‍लेफ्ट पैलेट से बचाया जा सकता है, पर इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। ग्रहण के दौरान ईश्‍वर का ध्‍यान करें, मंत्रों का जाप करें, हल्‍का भोजन करें और ग्रहण के बाद ताजा खाना खाएं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119211602/expectant-mothers-should-not-wear-hair-pins-or-safety-pins-during-solar-eclipse-2025-119211602.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:15:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सूर्य ग्रहण, गर्भवती महिलाएं, सेफ्टी पिन, मिथ, ग्रहण के समय सावधानियां, हेयर पिंस, राम मेडिटेशन, सहज समाधि मंत्र, ऊं नमं शिवाय, गायत्री मंत्र, प्रेग्‍नेंसी, क्‍लेफ्ट पैलेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[29 मार्च, 2025 को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर यह माना जाता है कि ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को कुछ चीजों से परहेज करना चाहिए, जिसमें सेफ्टी पिन का प्रयोग भी शामिल है।<br><br><strong>क्‍या है सच्‍चाई?</strong><br>कई लोगों का मानना है कि ग्रहण के दौरान हेयर पिन या सेफ्टी पिन का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहिए। लेकिन, [Artofliving](https://www.artofliving.org/in-en/culture/reads/solar-eclipse-and-pregnant-women) के अनुसार, इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है। यह केवल एक मिथ है।<br><br>[Asterhospitals](https://www.asterhospitals.in/blogs-events-news/aster-rv-bangalore/debunking-myths-of-lunar-eclipse-and-its-effects-pregnancy) के अनुसार, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि सेफ्टी पिन पहनने या तकिए के नीचे चाकू रखने से बच्‍चे को क्‍लेफ्ट पैलेट नामक बीमारी से बचाया जा सकता है। हालांकि, क्‍लेफ्ट पैलेट का कारण अज्ञात है और इसका गर्भावस्था के दौरान ग्रहण से कोई संबंध नहीं है।<br><br><strong>क्‍या करें गर्भवती महिलाएं?</strong><br>ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को ईश्‍वर का ध्‍यान करना चाहिए। राम मेडिटेशन, सहज समाधि मंत्र, ऊं नमं शिवाय का जाप और गायत्री मंत्र का जाप करना अच्‍छा रहता है। इसके अलावा, हल्‍का भोजन करें और एक बार में कम मात्रा में खाएं। ग्रहण के बाद ताजा खाना बनाकर खाएं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>केले से ज्यादा पोटैशियम, दिल के लिए एवोकाडो: 5 फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/avocado-benefits-more-potassium-than-banana-for-healthy-heart</link>
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<description><![CDATA[ एवोकाडो में केले से ज्यादा पोटैशियम होता है और यह दिल के लिए बहुत फायदेमंद है। नैचुरोपैथ श्वेता श्रीवास्तव ने इसके 5 फायदे बताए हैं: यह पोटैशियम से भरपूर है, इसमें हेल्दी फैट होता है, यह एंटी-एजिंग है, आर्थराइटिस के दर्द से राहत देता है, और ग्लूटेन फ्री है। यह दिल, हड्डी और दिमाग के लिए बहुत अच्छा है। अगर आपको ग्लूटेन से एलर्जी है तो भी आप इसका सेवन कर सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119239283/naturopath-sweta-srivastava-told-5-amazing-benefits-of-avocado-including-high-potassium-for-heart-119239283.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:15:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>avocado, potassium, heart health, health benefits, naturopath, श्वेता श्रीवास्तव, एवोकाडो के फायदे, दिल के लिए फायदे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[एवोकाडो: केले से भी ज्यादा शक्ति, दिल को दे जोरदार फायदे!
<br><br>
पोटैशियम दिल के लिए बहुत जरूरी है, और एवोकाडो में केले से भी ज्यादा पोटैशियम होता है।
<br><br>
नैचुरोपैथ श्वेता श्रीवास्तव ने एवोकाडो के 5 फायदे बताए हैं:
<br><br>
1. <strong>पोटैशियम से भरपूर:</strong> एवोकाडो में केले से ज्यादा पोटैशियम होता है, जो दिल के इलेक्ट्रिकल सिग्नल के लिए जरूरी है।
<br><br>
2. <strong>प्लांट फैट:</strong> यह हेल्दी फैट से भरपूर है, जो दिल, हड्डी और दिमाग के लिए जरूरी है।
<br><br>
3. <strong>एंटी-एजिंग:</strong> एवोकाडो में ऐसे गुण होते हैं जो आपको समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं।
<br><br>
4. <strong>आर्थराइटिस के दर्द से राहत:</strong> इसका एक्सट्रैक्ट आर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद करता है।
<br><br>
5. <strong>ग्लूटेन फ्री:</strong> अगर आपको ग्लूटेन से एलर्जी है तो भी आप इसका सेवन कर सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>51 की मलाइका अरोड़ा का जलवा, डीप नेक ड्रेस में ढाया कहर</title>
<link>https://pratinidhi.in/malaika-arora-stuns-in-deep-neck-dress-at-grazia-fashion-awards</link>
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<description><![CDATA[ 51 वर्षीय मलाइका अरोड़ा ने ग्रेजिया फैशन अवॉर्ड्स में ब्लैक डीप नेक कॉकटेल ड्रेस में जलवा बिखेरा, जिसकी स्लिट कट स्कर्ट की कीमत 3.37 लाख रुपये थी। उन्होंने डिजाइनर बिभु महापात्रा की इस ड्रेस के साथ मिनिमल जूलरी और ग्लॉसी मेकअप किया, जिससे उनके बॉडी कर्व्स खूबसूरती से निखर रहे थे। मलाइका हमेशा से ही अपने फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं और इस इवेंट में भी उन्होंने अपने स्टाइल से सभी को प्रभावित किया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119240649/malaika-arora-stuns-in-deep-neck-black-cocktail-dress-with-cloche-skirt-at-grazia-fashion-awards-119240649.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:15:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Malaika Arora, Deep Neck Dress, Slit Skirt, Grazia Fashion Awards</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ग्लैमर और फैशन की दुनिया में मलाइका अरोड़ा का नाम हमेशा से ही छाया रहा है। 51 साल की उम्र में भी मलाइका ने फैशन के नए मापदंड स्थापित किए हैं। हाल ही में, ग्रेजिया फैशन अवॉर्ड्स में मलाइका अरोड़ा ने अपनी उपस्थिति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।<br><br>मलाइका अरोड़ा ने ब्लैक कलर की डीप नेक कॉकटेल ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं। इस ड्रेस में स्लिट कट स्कर्ट भी थी, जिसकी कीमत 3.37 लाख रुपये बताई जा रही है। मलाइका ने इस ड्रेस के साथ मिनिमल जूलरी पहनी थी, जिसमें हीरे और पन्ने का पेंडेंट शामिल था। उन्होंने ग्लॉसी मेकअप के साथ अपने लुक को पूरा किया था।<br><br>मलाइका अरोड़ा की यह ड्रेस फैशन डिजाइनर बिभु महापात्रा ने डिजाइन की थी। इस ड्रेस में मलाइका के बॉडी कर्व्स खूबसूरती से उभर कर आ रहे थे। मलाइका अरोड़ा हमेशा से ही अपने फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं और इस इवेंट में भी उन्होंने अपने स्टाइल से सभी को प्रभावित किया।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>दातून: आयुर्वेदिक फायदे, सही समय और तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/ayurvedic-benefits-of-using-neem-toothpicks</link>
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<description><![CDATA[ नीम की दातून एक प्राचीन आयुर्वेदिक अभ्यास है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह मुंह की दुर्गंध को दूर करता है, दांतों को मजबूत बनाता है, मसूड़ों की सूजन को कम करता है और दांतों को कीड़ों से बचाता है। इसका उपयोग करने का सबसे अच्छा समय सुबह है। नीम की एक छोटी टहनी लें, उसे धो लें, एक सिरे को चबाकर दातून का आकार दें, दांतों पर घुमाकर साफ करें और फिर मुंह को कुल्ला करें। ]]></description>
<enclosure url="http://www.jagranimages.com/images/newimg/20032025/20_03_2025-datoon_23902754.webp" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:15:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नीम दातून, आयुर्वेद, दांतों की देखभाल, मुंह का स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नीम की दातून के कई आयुर्वेदिक लाभ हैं, और इसका उपयोग करने का सही समय और तरीका जानना महत्वपूर्ण है।</strong><br><br>नीम की दातून मसूड़ों की सूजन को कम करने और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है। यदि आपके मसूड़ों में सूजन है, तो नीम की दातून का उपयोग करने से इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। इसलिए, मसूड़ों की सूजन को कम करने के लिए नीम की दातून बहुत उपयोगी है। नीम की दातून का रस दांतों में फंसे कीड़ों को मारने में भी बहुत प्रभावी है।<br><br>लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली: नीम की दातून का उपयोग करना एक प्राचीन आयुर्वेदिक अभ्यास है, और इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। पुराने समय के लोग अभी भी अपने घरों में नीम की दातून बनाते हैं और हर सुबह उठकर इसका उपयोग करते हैं। वे अभी भी दातून का उपयोग करना पसंद करते हैं। आज, हम आपको नीम की दातून का उपयोग करने के कई लाभों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको लाभान्वित करेंगे।<br><br><strong>1. मुंह की दुर्गंध दूर होती है:</strong><br>नीम की दातून का उपयोग करने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है और मुंह का स्वाद बेहतर होता है। यदि आप हर दिन नीम की दातून का उपयोग करते हैं, तो यह आपकी मुंह की दुर्गंध को खत्म कर देगा और आपके दांतों को मजबूत करने में मदद करेगा।<br><br><strong>2. दांतों को मजबूत बनाता है:</strong><br>नियमित रूप से नीम की दातून का उपयोग करने से दांतों को मजबूत बनाने और दांत दर्द को कम करने में मदद मिलती है। यदि आपको दांत दर्द होता है, तो हर दिन नीम की दातून का उपयोग करना शुरू कर दें; इससे आपका दांत दर्द कम हो जाएगा।<br><br><strong>3. मसूड़ों की सूजन को कम करता है:</strong><br>नीम की दातून का उपयोग करने से मसूड़ों की सूजन कम होती है और मसूड़ों का स्वास्थ्य बेहतर होता है। यदि आपके मसूड़ों में सूजन है, तो नीम की दातून का उपयोग करने से इसे काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। इसलिए, मसूड़ों की सूजन को कम करने के लिए नीम की दातून बहुत उपयोगी है।<br><br><strong>4. दांतों को कीड़ों से बचाता है:</strong><br>आजकल, दांतों में कीड़े होना एक आम समस्या है। नीम की दातून का उपयोग करने से आपके दांतों में कीड़े नहीं लगेंगे। नीम की दातून आपके दांतों को कीड़ों से बचाती है। नीम की दातून का रस दांतों में फंसे कीड़ों को मारने में बहुत प्रभावी है।<br><br><strong>नीम की दातून का उपयोग करने का सही समय:</strong><br>नीम की दातून का उपयोग करने का सबसे अच्छा समय सुबह है, जैसे ही आप उठते हैं और अपने दांतों को ब्रश करने से पहले।<br><br><strong>नीम की दातून का उपयोग कैसे करें:</strong><br>1. नीम की एक छोटी टहनी लें और इसे अच्छी तरह से धो लें।<br>2. टहनी के एक सिरे को चबाकर दातून के आकार में बना लें।<br>3. दातून को अपने दांतों पर घुमाकर उन्हें साफ करें।<br>4. दातून का उपयोग करने के बाद, अपने मुंह को अच्छी तरह से कुल्ला करें。]]> </content:encoded>
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<title>नींद में पसीना: इन बीमारियों का हो सकता है संकेत</title>
<link>https://pratinidhi.in/night-sweating-seven-serious-causes-and-diseases</link>
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<description><![CDATA[ रात में सोते समय पसीना आना, जिसे नाइट स्वेटिंग भी कहते हैं, एक गंभीर समस्या हो सकती है। यह प्रोस्टेट कैंसर, मेनोपॉज, हाइपरथायरायडिज्म, तनाव, हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापा जैसी बीमारियों का संकेत हो सकता है। यदि आपको रात में सोते समय अधिक पसीना आता है, तो डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है। लाइफस्टाइल में बदलाव करके इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। शरीर का शुगर लेवल अचानक कम हो जाने पर भी रात में पसीन आने लगता है। डायबिटीज के मरीजों में रात में पसीना आना हाइपोग्लाइसीमिया ब्लड शुगर का कम होने का संकेत हो सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:15:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>night sweating, diabetes, hormonal imbalance, hyperthyroidism, prostate cancer, menopause, stress, heart disease, obesity</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[रात में सोते समय पसीना आना, जिसे नाइट स्वेटिंग भी कहा जाता है, एक आम समस्या नहीं है। यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। <b>लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।</b> ज्यादातर लोगों को नींद में खर्राटे लेने की आदत होती है, जिससे दूसरों की नींद खराब हो जाती है। वहीं, कुछ लोगों को सोते समय पसीना आता है, जिसे वे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।<br><br>आमतौर पर, गर्मी या भारी कंबल ओढ़ने की वजह से पसीना आ सकता है, लेकिन अगर आपने एसी चला रखा है या मौसम ठंडा है, तब भी आपको पसीना आ रहा है, तो यह चिंता का विषय है। सोते समय पसीना आना नॉर्मल नहीं होता है। यह डायबिटीज, हार्मोनल असंतुलन, हाइपरथायरायडिज्म या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से भी हो सकता है। ऐसे में, इसे हल्के में लेने के बजाय इसकी सही वजह जानना जरूरी है।<br><br><b>प्रोस्टेट कैंसर:</b> पुरुषों में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। रात में सोते समय ज्यादा पसीना आना प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण हो सकता है।<br><br><b>मेनोपॉज:</b> महिलाओं को रात में सोते समय ज्यादा पसीना आना मेनोपॉज का संकेत हो सकता है। इस दौरान हार्मोंस में बदलाव होते हैं, जिस कारण अधिक उम्र की महिलाओं को रात में अधिक पसीना आ सकता है।<br><br><b>हाइपरथायरायडिज्म:</b> जब थायरॉइड ग्रंथि ज्यादा मात्रा में थायरॉइड हार्मोन बनाती है, तो हाइपरथायरायडिज्म की स्थिति होती है। जब हाइपरथायरायडिज्म ज्यादा एक्टिव हो जाता है, तो हमारा शरीर गर्मी और पसीना बर्दाश्त नहीं कर पाता है।<br><br><b>तनाव और चिंता:</b> ज्यादा तनाव लेने या चिंता करने से भी रात को सोते समय पसीना आ सकता है। ऐसे में दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं और घबराहट महसूस होने लगती है।<br><br><b>हार्ट डिजीज का खतरा:</b> रात को सोते समय काफी ज्यादा पसीना आ रहा है, तो ये हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। इस स्थिति में एक बार अपने हार्ट की जांच जरूर करा लें।<br><br><b>डायबिटीज:</b> शरीर का शुगर लेवल अचानक कम हो जाने पर भी रात में पसीना आने लगता है। डायबिटीज के मरीजों में रात में पसीना आना हाइपोग्लाइसीमिया ब्लड शुगर का कम होने का संकेत हो सकता है।<br><br><b>मोटापा:</b> रात में सोते समय पसीना आने के पीछे मोटापा भी एक कारण हो सकता है। शरीर का वजन काफी ज्यादा होने पर मरीजों को गर्मी काफी ज्यादा लगती है, जिसकी वजह से उन्हें काफी ज्यादा पसीना आता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बच्चों में मोटापे के कारण और निवारण</title>
<link>https://pratinidhi.in/causes-of-obesity-in-children-and-how-to-prevent-it</link>
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<description><![CDATA[ बच्चों में मोटापा चिंता का विषय है, जिसके मुख्य कारण हैं अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और सोने का अनियमित समय। आजकल बच्चे सुबह देर से उठते हैं और नाश्ता भी देर से करते हैं। वे डिजिटल दुनिया में व्यस्त हो गए हैं और शारीरिक गतिविधियों से दूर रहते हैं। बच्चों के सोने का समय भी निश्चित नहीं होता, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए, बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना माता-पिता की जिम्मेदारी है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:13:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>obesity, children, lifestyle, food habits, physical activity</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बच्चों में मोटापा एक गंभीर समस्या है, जिसके कई कारण हैं।<br><br><b>1. अनियमित खानपान:</b> आजकल बच्चों का खाने का समय निश्चित नहीं होता। वे सुबह देर से उठते हैं और नाश्ता भी देर से करते हैं, जिससे उनके शरीर को सही पोषण नहीं मिल पाता।<br><br><b>2. शारीरिक गतिविधियों की कमी:</b> बच्चे अब डिजिटल दुनिया में व्यस्त हो गए हैं और शारीरिक गतिविधियों से दूर रहते हैं, जिससे मोटापा बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।<br><br><b>3. सोने का अनियमित समय:</b> बच्चों के सोने का समय भी निश्चित नहीं होता, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है और मोटापे का खतरा बढ़ता है।<br><br>इसलिए, बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना माता-पिता की जिम्मेदारी है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>फाइबर की कमी: मोटापे का कारण, NHS रिसर्च</title>
<link>https://pratinidhi.in/fiber-deficiency-cause-of-obesity-nhs-research</link>
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<description><![CDATA[ एक हालिया रिसर्च में सामने आया है कि अमेरिका में बड़ी संख्या में लोग फाइबर का सेवन नहीं कर रहे हैं, जिससे उनका मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो रहा है और मोटापा बढ़ रहा है। फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और वजन घटाने में अहम भूमिका निभाता है। फाइबर की कमी से कब्ज, हृदय रोग, ब्लड शुगर असंतुलन और मोटापा जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। रोजाना 25-30 ग्राम फाइबर का सेवन जरूरी है, जिसके लिए फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:11:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फाइबर, मोटापा, NHS, वजन घटाना, आहार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>फाइबर की कमी: अमेरिका में मोटापे की समस्या का कारण, NHS की रिसर्च में खुलासा</strong><br><br>क्या आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं और परिणाम नहीं मिल रहा? तो शायद आपके खाने में फाइबर की कमी है। हाल ही में हुई एक रिसर्च में पता चला है कि अमेरिका में बहुत से लोग फाइबर नहीं ले रहे हैं, जिससे उनका मेटाबॉलिज्म धीमा हो रहा है और मोटापा बढ़ रहा है।<br><br>फाइबर शरीर के लिए जरूरी है, जैसे प्रोटीन और विटामिन। NHS की रिसर्च के अनुसार, 30% अमेरिकी लोग पर्याप्त फाइबर नहीं खाते हैं, जिससे उनका वजन कम होना मुश्किल हो रहा है।<br><br>फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत करता है और वजन घटाने में मदद करता है। इसकी कमी से मोटापा और कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। रिसर्च बताती है कि फाइबर युक्त खाना खाने से वजन घटाना आसान हो सकता है।<br><br>अगर आप भी वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो फाइबर की कमी हो सकती है। फाइबर कैसे काम करता है और इसकी कमी से क्या परेशानियां हो सकती हैं, आइए जानते हैं।<br><br>फाइबर एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है जो आसानी से नहीं पचता, लेकिन पाचन तंत्र को ठीक रखता है। यह दो तरह का होता है:<br><br><strong>घुलनशील फाइबर:</strong> यह पानी में घुलकर जेल जैसा बनता है और ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है।<br><br><strong>अघुलनशील फाइबर:</strong> यह पेट में खाने को ठीक से चलाने में मदद करता है और कब्ज से बचाता है।<br><br>फाइबर की कमी से जल्दी भूख लगती है, जिससे लोग ज्यादा कैलोरी खाते हैं। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, फैट बर्निंग कम होती है और इंसुलिन के कारण शरीर में चर्बी जमा होने लगती है।<br><br>फाइबर के लिए इन चीजों को खाएं: सेब, नाशपाती, केला, संतरा, पालक, ब्रोकली, गाजर, ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ, चिया सीड्स, बादाम, अखरोट और अलसी के बीज।<br><br>फाइबर की कमी से कब्ज, हृदय रोग, ब्लड शुगर की समस्या और मोटापा जैसी बीमारियां हो सकती हैं।<br><br>डॉ. सुरेंद्र कुमार के अनुसार, रोजाना 25-30 ग्राम फाइबर खाना चाहिए। इसके लिए प्रोसेस्ड फूड की जगह फल और सब्जियां खाएं, साबुत अनाज खाएं और पानी ज्यादा पिएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गर्मी में संतरे का जूस: सेहत और निखार</title>
<link>https://pratinidhi.in/drink-this-one-fruit-juice-all-summer-long-your-heart-will-remain-healthy-for-years-and-your-face-will-glow</link>
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<description><![CDATA[ गर्मी में स्वस्थ रहने के लिए संतरे का जूस एक बेहतरीन विकल्प है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है, इम्युनिटी को मजबूत बनाता है, हार्ट हेल्थ को सुधारता है, त्वचा को निखारता है, पाचन तंत्र को मजबूत करता है, शरीर को ऊर्जा देता है और हीट स्ट्रोक से बचाता है। हमेशा ताजा संतरे का जूस पिएं, चीनी मिलाने से बचें और सुबह खाली पेट पिएं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:08:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>संतरे का जूस, गर्मी, सेहत, हाइड्रेशन, इम्युनिटी, हार्ट हेल्थ, स्किन, पाचन, एनर्जी, हीट स्ट्रोक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मी में <strong>संतरे का जूस: सेहत और निखार का राज</strong><br><br>गर्मी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इस मौसम में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पौष्टिक आहार और जूस का सेवन करना चाहिए। संतरे का जूस गर्मी के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।<br><br><strong>गर्मी में संतरे के जूस के फायदे</strong><br><br><strong>शरीर में पानी की कमी को पूरा करे</strong><br>गर्मी में पसीने के कारण शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स निकलते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन हो सकता है। संतरे का जूस शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।<br><br><strong>इम्युनिटी को मजबूत बनाए</strong><br>संतरे में विटामिन C होता है, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है।<br><br><strong>हार्ट हेल्थ सुधारे</strong><br>संतरे में फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है।<br><br><strong>खूबसूरती भी निखारे</strong><br>संतरे में पाए जाने वाले विटामिन त्वचा को खूबसूरत बनाते हैं और एंटी-एजिंग गुण खून को साफ करते हैं।<br><br><strong>पेट की दिक्कतों को करे दूर</strong><br>संतरे का जूस पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।<br><br><strong>शरीर को रखे एनर्जेटिक</strong><br>संतरे का जूस शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और थकान को दूर करता है।<br><br><strong>हीट स्ट्रोक से करे बचाव</strong><br>संतरे का जूस शरीर को ठंडा रखता है और हीट स्ट्रोक से बचाने में मदद करता है।<br><br><strong>संतरे के जूस को डाइट में शामिल करने का तरीका</strong><br>हमेशा ताजा संतरे का जूस पिएं। चीनी मिलाने से बचें और सुबह खाली पेट पिएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वर्धा खान: साजिद नाडियाडवाला की पत्नी का ग्लैमरस अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/wardha-khan-stylish-looks-sajid-nadiadwala-wife</link>
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<description><![CDATA[ साजिद नाडियाडवाला इन दिनों अपनी फिटनेस और फिल्म &#039;सिकंदर&#039; को लेकर चर्चा में हैं, वहीं उनकी पत्नी वर्धा खान भी अपने स्टाइल स्टेटमेंट से सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर एक्टिव वर्धा अक्सर अपने शानदार लुक्स शेयर करती हैं, जिनमें सूट-बूट से लेकर गाउन तक शामिल हैं। वह अपने एक्सपेरिमेंटल फैशन सेंस और ग्लैमरस अंदाज के लिए जानी जाती हैं, जो उनके इंस्टाग्राम पर साफ दिखाई देता है। वर्धा के हर लुक में उनकी खूबसूरती और स्टाइल का जलवा देखने को मिलता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119212126,imgsize-13413,width-540,height-405,resizemode-75/producer-sajid-nadiadwala-wife-wardha-khan-stylish-looks-will-amaze-you.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 23:45:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वर्धा खान, साजिद नाडियाडवाला, फैशन, स्टाइल, बॉलीवुड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>साजिद नाडियाडवाला की पत्नी वर्धा खान का ग्लैमरस अंदाज</strong><br><br>इन दिनों साजिद नाडियाडवाला अपनी फिल्म 'सिकंदर' से ज्यादा अपनी फिटनेस के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने न केवल वजन कम किया है, बल्कि 59 साल की उम्र में सिक्स-पैक एब्स भी बनाए हैं, जिसके चलते वह सोशल मीडिया पर खूब छाए हुए हैं। वहीं, उनकी पत्नी वर्धा खान का अंदाज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।<br><br>सलमान खान आजकल अपनी आने वाली फिल्म 'सिकंदर' को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें वह पहली बार रश्मिका मंदाना के साथ दिखाई देंगे। फैंस इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं। इससे भी ज्यादा चर्चा फिल्म के निर्माता और सलमान खान के दोस्त साजिद नाडियाडवाला की हो रही है, जिन्होंने अपने ट्रांसफॉर्मेशन से सभी को हैरान कर दिया है। इन सब के बीच, उनकी दूसरी पत्नी वर्धा खान भी लाइमलाइट में आ गई हैं।<br><br>सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाली वर्धा खान का स्टाइल सेंस काफी अच्छा है और वह अक्सर अपने शानदार लुक्स की तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। कभी वह सूट-बूट में अपनी अदाओं का जलवा बिखेरती हैं, तो कभी सूट में उनकी सादगी देखने लायक होती है। यहां हम 59 साल के डायरेक्टर साजिद नाडियाडवाला की नहीं, बल्कि उनकी पत्नी वर्धा खान की कुछ बेहतरीन तस्वीरों पर एक नजर डालेंगे।<br><br>वर्धा खान अपने लुक्स के साथ काफी एक्सपेरिमेंट करती हैं, जिसका सबूत उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर साफ देखा जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक तस्वीर में वह ग्रे कलर के सूट-बूट में अपनी अदाओं का जादू बिखेर रही हैं। इस सूट पर व्हाइट लाइन्स बनी हुई हैं और उन्होंने इसके साथ व्हाइट रफल शर्ट पहनी है, साथ ही रेड लिपस्टिक से अपने लुक को और भी ग्लैमरस बनाया है।<br><br>एक अन्य तस्वीर में, वर्धा एक अवॉर्ड नाइट के लिए व्हाइट शर्ट के साथ ब्लैक स्कर्ट पहने हुए दिखाई दीं। उन्होंने बड़ी स्लीव्स वाले शर्ट के साथ एक छोटी ब्लैक टाई लगाई थी और स्कर्ट में थाई-हाई स्लिट कट उनके ग्लैम कोशेंट को बढ़ा रहा था। इस लुक में भी उनकी रेड लिपस्टिक बरकरार थी।<br><br>वर्धा ने एक अन्य मौके पर क्रीम कलर का गाउन पहना था, जिसकी ऑफ-शोल्डर स्लीव्स को प्लीट्स के साथ पफी लुक देकर डिजाइन किया गया था, जो उनके लुक को और भी निखार रहा था। इसके अलावा, उनका स्टेटमेंट नेकपीस पूरे आउटफिट के साथ अच्छी तरह से मेल खा रहा था। उन्होंने अपने छोटे बालों को कर्ल करके स्टाइल किया था।<br><br>एक और तस्वीर में, वर्धा काले रंग के सूट-बूट में नजर आ रही हैं, जिसमें वह एक बॉस की तरह वाइब्स दे रही हैं। उन्होंने इसके साथ व्हाइट शर्ट, पिंक टाई, ब्लैक वेस्ट कोट और ब्रोच पहना था। उन्होंने अपने बालों को फ्रंट से बैंग्स निकालकर स्टाइलिश बन में बांधा था और रेड लिपस्टिक की जगह पिंक कलर की लिपस्टिक लगाई थी।<br><br>वर्धा ने यहां ब्लैक कलर का काफ्तान पहना है, जिसकी नेकलाइन को सुनहरे थ्रेड वर्क और सेक्वीन वर्क से हाइलाइट किया गया है। काफ्तान के निचले हिस्से में भी हल्का डिजाइन दिया गया है। न्यूड मेकअप के साथ वर्धा का अंदाज बेहद स्टाइलिश लग रहा था।<br><br>वर्धा रेड कलर के सूट में बेहद खूबसूरत लग रही हैं। इस सूट को कढ़ाई और सितारों से हैवी लुक दिया गया है और दुपट्टे को भी किरण लेस लगाकर शानदार बनाया गया है। दुपट्टे को सिर पर ओढ़कर और हाथों में मोतियों का ब्रेसलेट पहनकर वर्धा का अंदाज देखने लायक है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सारा दिन फोन चलाने की आदत से दिमाग पर पड़ता है असर</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-excessive-screen-time-affects-your-brain-negative-effects-on-health</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख बताता है कि आजकल फोन हमारी जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। यह हमारे कई काम आसान करता है और मनोरंजन का भी अच्छा साधन है। लेकिन, बहुत ज्यादा फोन इस्तेमाल करने से हमारे दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे हमारी याददाश्त, सीखने की क्षमता और समझने की शक्ति कम हो सकती है। Stanford Center on Longevity की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्क्रीन पर बहुत ज्यादा समय बिताने से हमारी सेहत पर कई तरह के बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। इससे आंखों में तनाव, गर्दन में दर्द, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में, यह हमारे दिमाग को भी नुकसान पहुंचा सकता है। अध्ययन से पता चला है कि वयस्कों में स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल सीखने, याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, इससे शुरुआती न्यूरोडीजेनेरेशन का खतरा भी बढ़ सकता है। 18 से 25 साल के युवाओं में ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से दिमाग की बाहरी परत, सेरेब्रल कॉर्टेक्स पतली हो जाती है। इसके अलावा, बहुत ज्यादा देर तक फोन चलाने से दिमाग थक जाता है, जिससे पढ़ने या समस्या सुलझाने जैसे कामों पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 23:45:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>excessive screen time, brain health, mental health, physical health, digital wellbeing</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल फोन हमारी जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। यह हमारे कई काम आसान करता है और मनोरंजन का भी अच्छा साधन है। लेकिन, बहुत ज्यादा फोन इस्तेमाल करने से हमारे दिमाग पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे हमारी याददाश्त, सीखने की क्षमता और समझने की शक्ति कम हो सकती है।<br><br>फोन हमें दोस्तों और परिवार से जोड़े रखता है, दुनिया की खबरों से अपडेट रखता है और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाता है। यह मनोरंजन का भी एक महत्वपूर्ण स्रोत है। लेकिन, किसी भी चीज की अति बुरी होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए।<br><br>आजकल ज्यादातर लोग सुबह उठते ही सबसे पहले अपना फोन चेक करते हैं। यह ठीक है, लेकिन घंटों तक फोन में लगे रहने या पूरा दिन फोन चलाने से हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।<br><br>बहुत ज्यादा फोन चलाने से हमारा दिमाग थक जाता है, जिससे हमें काम या पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती है। इसके अलावा, कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि फोन पर ज्यादा समय बिताना कितना नुकसानदायक है।<br><br><b>Stanford Center on Longevity</b> की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्क्रीन पर बहुत ज्यादा समय बिताने से हमारी सेहत पर कई तरह के बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। इससे आंखों में तनाव, गर्दन में दर्द, सामाजिक अलगाव और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में, यह हमारे दिमाग को भी नुकसान पहुंचा सकता है।<br><br>रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अगर आप सिर्फ एक सुबह बिस्तर पर लेटकर एक घंटे तक फोन चलाते हैं, तो इसका ज्यादा बुरा असर नहीं होगा। लेकिन, अगर यह आपकी आदत बन जाती है, तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।<br><br>अध्ययनों से पता चला है कि वयस्कों में स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल सीखने, याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, इससे शुरुआती न्यूरोडीजेनेरेशन का खतरा भी बढ़ सकता है।<br><br>इतना ही नहीं, 18 से 25 साल के युवाओं में ज्यादा स्क्रीन टाइम की वजह से दिमाग की बाहरी परत, सेरेब्रल कॉर्टेक्स पतली हो जाती है। यह परत याददाश्त, फैसले लेने और समस्या सुलझाने जैसे कार्यों के लिए जिम्मेदार होती है।<br><br>इसके अलावा, बहुत ज्यादा देर तक फोन चलाने से दिमाग थक जाता है, जिससे पढ़ने या समस्या सुलझाने जैसे कामों पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है।<br><br>यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>रूचिता घग का टैन रिमूवल पैक: गर्मी में झुलसी त्वचा से पाएं राहत</title>
<link>https://pratinidhi.in/ruchita-ghag-tan-removal-pack-get-relief-from-scorched-skin-in-summer</link>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर रुचिता घग ने धूप से झुलसी त्वचा के लिए टैन रिमूवल पैक बताया है। इस पैक में बेसन, चावल का आटा, हल्दी, टमाटर का पेस्ट और कॉफी पाउडर का इस्तेमाल होता है। टमाटर में विटामिन सी और हल्दी में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को निखारने और टैनिंग को कम करने में मदद करते हैं। धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाने और हल्के रंग के कपड़े पहनने चाहिए। किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119213040/how-to-take-care-of-your-skin-from-sun-and-remove-tanning-by-content-creator-ruchita-ghag-119213040.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 23:45:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टैन रिमूवल पैक, रूचिता घग, सन टैन, बेसन, चावल का आटा, हल्दी, टमाटर का पेस्ट, कॉफी पाउडर, सनस्क्रीन, टैनिंग, डेड स्किन सेल्स, विटामिन सी, स्किन लाइटनिंग, एंटीबैक्टीरियल, एंटी सेप्टिक, एंटी फंगल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रूचिता घग का टैन रिमूवल पैक: गर्मी में झुलसी त्वचा से पाएं राहत</strong><br><br>गर्मियों में तेज धूप से त्वचा झुलस जाती है और टैनिंग हो जाती है। कंटेंट क्रिएटर रुचिता घग ने इंस्टाग्राम पर एक आसान टैन रिमूवल पैक शेयर किया है। यह पैक त्वचा को निखारने और डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है।<br><br><strong>टैन रिमूवल पैक बनाने की सामग्री:</strong><br><ul><li>बेसन: 2-3 चम्मच</li><li>चावल का आटा: 2-3 चम्मच</li><li>हल्दी: 1 चम्मच</li><li>टमाटर का पेस्ट: 1/2 कटोरी</li><li>कॉफी पाउडर: 1 चम्मच</li></ul><br><strong>पैक बनाने और लगाने का तरीका:</strong><br><ol><li>एक कटोरे में बेसन, चावल का आटा, हल्दी, टमाटर का पेस्ट और कॉफी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें।</li><li>इस पेस्ट को चेहरे, हाथ-पैर और पूरे शरीर पर लगाएं।</li><li>30 मिनट तक सूखने दें।</li><li>स्क्रब करते हुए पैक को हटा दें।</li><li>नहाने के बाद मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं।</li></ol><br><strong>टमाटर और हल्दी के फायदे:</strong><br>टमाटर में विटामिन सी होता है, जो त्वचा को गोरा करता है और ब्लीचिंग गुण टैनिंग कम करते हैं। हल्दी रंगत निखारती है और इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो धूप से झुलसी त्वचा को राहत देते हैं।<br><br><strong>सावधानी:</strong> किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>केंडल जेनर: फिटनेस और डाइट सीक्रेट</title>
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<description><![CDATA[ केंडल जेनर, एक प्रसिद्ध अमेरिकी सुपरमॉडल, अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। वह अपने डाइट और एक्सरसाइज रूटीन के माध्यम से अपने फिगर को बनाए रखती हैं। केंडल जेनर कोई खास डाइट फॉलो नहीं करती हैं, लेकिन वह प्रोटीन, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करती हैं। नाश्ते में, वह अंडे, एवोकाडो या ओटमील खाती हैं। दोपहर के भोजन में, वह लीन चिकन और ब्राउन राइस खाती हैं। रात के खाने में, वह स्पेगेटी, सुशी और मार्गेरिटा पिज्जा जैसे खाद्य पदार्थों का आनंद लेती हैं। केंडल जेनर अपने फिगर को बनाए रखने के लिए वर्कआउट भी करती हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 23:45:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>केंडल जेनर, फिटनेस, डाइट, वर्कआउट, सुपरमॉडल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केंडल जेनर, एक प्रसिद्ध अमेरिकी सुपरमॉडल, अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। वह अपने डाइट और एक्सरसाइज रूटीन के माध्यम से अपने फिगर को बनाए रखती हैं।<br><br>केंडल जेनर कोई खास डाइट फॉलो नहीं करती हैं, लेकिन वह प्रोटीन, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करती हैं। नाश्ते में, वह अंडे, एवोकाडो या ओटमील खाती हैं। दोपहर के भोजन में, वह लीन चिकन और ब्राउन राइस खाती हैं। रात के खाने में, वह स्पेगेटी, सुशी और मार्गेरिटा पिज्जा जैसे खाद्य पदार्थों का आनंद लेती हैं।<br><br>केंडल जेनर फ्रोजन योगर्ट खाना पसंद करती हैं और हफ्ते में दो बार खुद को ट्रीट करती हैं। वह कभी-कभी ट्विक्स बार और पीनट बटर कप भी खाती हैं।<br><br>केंडल जेनर अपने फिगर को बनाए रखने के लिए वर्कआउट भी करती हैं। वह सुबह के समय एक्सरसाइज करना पसंद करती हैं और कभी-कभी किकबॉक्सिंग क्लास भी लेती हैं।<br><br>फिट रहने के लिए, केंडल जेनर जल्दी सोती हैं और सुबह जल्दी उठ जाती हैं। वह खूब सारा पानी पीती हैं और हर दिन डिटॉक्स टी का सेवन करती हैं।]]> </content:encoded>
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<title>प्रिंसेस केट की फिटनेस और ग्लोइंग स्किन का राज</title>
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<description><![CDATA[ प्रिंसेस केट की फिटनेस और चमकदार त्वचा का रहस्य उनके स्वस्थ आहार में छिपा है। वह प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचती हैं, और ताजे फल, हरी सब्जियां और प्राकृतिक प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देती हैं। केट सफेद ब्रेड, पास्ता और मैदा से बनी चीजों से परहेज करती हैं, और साबुत अनाज, ब्राउन राइस और ओट्स जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करती हैं। वह लीन प्रोटीन और ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स का सेवन करती हैं, और अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब पानी पीती हैं। ग्रीन जूस और हर्बल टी उनकी डाइट का अहम हिस्सा हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 23:45:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>princess kate, fitness, glowing skin, diet</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ब्रिटिश शाही परिवार की सदस्य, प्रिंसेस केट, अपनी सुंदरता और फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। उनकी चमकदार त्वचा और स्वस्थ शरीर का रहस्य सिर्फ महंगे सौंदर्य उत्पादों या व्यायाम में नहीं, बल्कि उनके स्वस्थ आहार में भी छिपा है।<br><br>प्रिंसेस केट अपने खाने की आदतों के बारे में बहुत सतर्क हैं और कुछ खाद्य समूहों से पूरी तरह से बचती हैं, जिससे उनका चयापचय बेहतर होता है और शरीर स्वस्थ रहता है। उनका आहार योजना न केवल त्वचा को युवा और चमकदार बनाए रखता है, बल्कि उनकी फिटनेस को बनाए रखने में भी मदद करता है।<br><br>वह उन खाद्य पदार्थों से दूर रहती हैं जो शरीर में सूजन बढ़ा सकते हैं या वजन बढ़ा सकते हैं। प्रिंसेस केट प्रोसेस्ड और जंक फूड से पूरी तरह से बचती हैं। इसके बजाय, वह ताजे फल, हरी सब्जियां और प्राकृतिक प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देती हैं।<br><br>प्रिंसेस केट सफेद ब्रेड, पास्ता और मैदा से बनी चीजों से भी परहेज करती हैं। इसके बजाय, वह साबुत अनाज, ब्राउन राइस और ओट्स जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करती हैं। वह लीन प्रोटीन जैसे ग्रिल्ड चिकन, मछली, अंडे, दही और नट्स का सेवन करती हैं।<br><br>प्रिंसेस केट घर का बना खाना पसंद करती हैं और ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देती हैं। वह अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब पानी पीती हैं और ग्रीन जूस और हर्बल टी का सेवन करती हैं।]]> </content:encoded>
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<title>चॉकलेट: स्वाद और सेहत का संगम</title>
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<description><![CDATA[ एक नए शोध में पता चला है कि डार्क चॉकलेट का एक टुकड़ा रोज खाने से सेहत को कई फायदे हो सकते हैं, क्योंकि यह मैग्नीशियम से भरपूर होती है और नींद में सुधार कर सकती है। डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर और दिमाग के लिए अच्छे होते हैं। यह तनाव कम करने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करती है, जिससे सुकून भरी नींद आती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक दिन में 20-30 ग्राम डार्क चॉकलेट खाना सही है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 23:45:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>डार्क चॉकलेट, मैग्नीशियम, नींद, सेहत, एंटीऑक्सीडेंट्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[डार्क चॉकलेट का सेवन न केवल स्वाद के लिए, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। रिसर्च में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट में मौजूद मैग्नीशियम नींद की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है।<br><br>विशेषज्ञों के अनुसार, डार्क चॉकलेट में एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर और दिमाग के लिए लाभकारी होते हैं। यह तनाव को कम करने और मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है, जिससे नींद अच्छी आती है।<br><br>दिन में 20-30 ग्राम डार्क चॉकलेट का सेवन उचित माना जाता है। इसमें मौजूद कोकोआ और कम शुगर इसे मिल्क चॉकलेट से बेहतर विकल्प बनाते हैं।<br><br>डार्क चॉकलेट के फायदों को बढ़ाने के लिए रात में कैफीन से बचना, सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना और मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>सी&amp;सेक्शन के बाद जमीन पर कब बैठें: डॉक्टर की राय</title>
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<description><![CDATA[ एक फैक्ट चेक लेख में, यह जांच की गई कि क्या सी-सेक्शन के बाद 5-6 महीने तक जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। एक सोशल मीडिया रील में किए गए दावे के अनुसार, सी-सेक्शन में पेट की कई परतें कटती हैं और अंदर के टांकों को ठीक होने में समय लगता है, इसलिए जमीन पर बैठने से बचना चाहिए। विशेषज्ञ के अनुसार, यह दावा आधा सच है। सी-सेक्शन के बाद 5-6 महीनों तक फर्श पर बैठना ज्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित होता है, बशर्ते वह दर्द का अनुभव ना करें। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:55:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सी-सेक्शन, डिलीवरी, जमीन पर बैठना, डॉक्टर की सलाह, फैक्ट चेक, स्वास्थ्य, प्रेगनेंसी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक रील में सलाह दी जा रही है कि सी-सेक्शन के बाद महिलाओं को 5-6 महीने तक जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। कुछ महिलाएं ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद शरीर को ठीक होने में लगने वाले समय के कारण ऐसा करती हैं। हालांकि, इस दावे पर विश्वास करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।<br><br>महिलाओं के लिए मां बनना आसान नहीं होता, खासकर सी-सेक्शन डिलीवरी के मामले में, जहां महिलाओं को कई महीनों तक तकलीफ होती है। इसलिए, ऑपरेशन कराने वाली महिलाओं को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इस दौरान उन्हें लंबे समय तक खड़े रहने, बैठने और यहां तक कि ज्यादा चलने से भी मना किया जाता है।<br><br>फेसबुक पर मेघना राठौर नाम के अकाउंट पर मौजूद एक रील में बताया गया है कि सी-सेक्शन के बाद 5-6 महीने तक जमीन पर नहीं बैठना चाहिए। कुछ महिलाएं बिना जांच-परख के ऐसी बातों पर जल्दी विश्वास कर लेती हैं, लेकिन क्या यह वास्तव में सच है? आइए डॉक्टर से जानते हैं।<br><br>रील में दावा किया गया है कि सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद 5-6 महीने तक जमीन पर बैठना हानिकारक होता है, क्योंकि सी-सेक्शन में पेट की कई परतें कटती हैं, जिससे टांके भरने में समय लगता है। ऊपरी टांके जल्दी भर जाते हैं, लेकिन अंदरूनी टांकों को भरने में 5-6 महीने लग जाते हैं। इसलिए, इस दौरान जमीन पर बैठने से बचना चाहिए।<br><br>इस दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने मुंबई के नानावटी मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉ. गायत्री देशपांडे से बात की। उनके अनुसार, यह दावा आधा सच और आधा झूठ है। वे बताती हैं कि सी-सेक्शन के बाद 5-6 महीने तक फर्श पर बैठना ज्यादातर महिलाओं के लिए सुरक्षित होता है, बशर्ते उन्हें दर्द का अनुभव न हो।<br><br>विशेषज्ञों के अनुसार, सीजेरियन के बाद चीरा और अंदरूनी ऊतक आमतौर पर अच्छी तरह से ठीक हो जाते हैं। हालांकि, कोर स्ट्रेंथ अभी भी ठीक हो रही होती है, इसलिए फर्श से उठने जैसी गतिविधियों को सावधानी से किया जाना चाहिए।<br><br>डॉक्टर बताती हैं कि भारतीय संस्कृति में कई परिवार नई माताओं को भोजन या प्रार्थना के लिए फर्श पर क्रॉस-लेग्ड बैठने के लिए कहते हैं। लेकिन अगर असुविधा महसूस हो, तो कुशन जैसे सहारे का उपयोग किया जा सकता है।<br><br>विशेषज्ञ महिलाओं को अचानक होने वाली हरकतों से बचने की सलाह देते हैं, क्योंकि इससे पेट के निचले हिस्से पर दबाव पड़ता है। बेहतर है कि फर्श पर बैठने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। यह तब और भी जरूरी है जब पेट की मांसपेशियों में लंबे समय तक दर्द या कमजोरी का अनुभव हो रहा हो।<br><br>निष्कर्षतः, सजग फैक्ट चेक टीम ने अपनी जांच में इस दावे को आधा सच और आधा झूठ माना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, डिलीवरी के बाद 5-6 महीने तक फर्श पर बैठा जा सकता है, लेकिन कुछ मामलों में दिक्कत हो सकती है, जिसके लिए डॉक्टर से बात करना जरूरी है।]]> </content:encoded>
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<title>प्रेरणा मैसी: नैंसी त्यागी को टक्कर, हॉलीवुड स्टाइल में छाईं</title>
<link>https://pratinidhi.in/prerna-massey-vs-nancy-tyagi-style-hollywood-fashion-inspiration</link>
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<description><![CDATA[ नैंसी त्यागी के कान्स डेब्यू के बाद प्रेरणा मैसी अपने क्लासी स्टाइल से उन्हें टक्कर दे रही हैं। प्रेरणा पेशे से मॉडल हैं और इंस्टाग्राम पर उनके शानदार लुक्स छाए हुए हैं। ब्लैक नेट टॉप हो या पिंक फ्लोरल ड्रेस, प्रेरणा हर अंदाज में कमाल लगती हैं। ओवरसाइज्ड ब्लेजर में उनका हॉलीवुड वाइब भी देखने लायक है। ब्लैक हॉल्टर नेकलाइन ड्रेस में उनकी हॉटनेस और एनिमल प्रिंट जैकेट के साथ किलर लुक उनके फैंस को खूब पसंद आ रहा है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119207229/prerna-massey-stylish-looks-will-give-fashion-influencer-nancy-tyagi-tough-competition-119207229.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:55:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्रेरणा मैसी, नैंसी त्यागी, फैशन, स्टाइल, बॉलीवुड, हॉलीवुड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नैंसी त्यागी को टक्कर दे रहीं प्रेरणा मैसी, स्टाइल में हॉलीवुड को भी मात!</strong><br><br>सोशल मीडिया सेंसेशन नैंसी त्यागी के कान्स डेब्यू के बाद उनके लुक्स काफी वायरल हुए थे। बॉलीवुड सेलेब्स ने भी उनके फैशन सेंस की खूब तारीफ की। लेकिन, अब एक और नाम चर्चा में है- प्रेरणा मैसी। प्रेरणा, नैंसी की तरह कपड़े डिजाइन नहीं करतीं, लेकिन उनका स्टाइल स्टेटमेंट काफी अलग और क्लासी है।<br><br><strong>प्रेरणा मैसी का क्लासी अंदाज</strong><br><br>कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपने डिजाइन किए कपड़ों से सुर्खियां बटोरने वाली नैंसी त्यागी को अब प्रेरणा मैसी टक्कर दे रही हैं। प्रेरणा पेशे से मॉडल हैं और अपने क्लासी स्टाइल से लोगों को दीवाना बना रही हैं।<br><br><strong>इंस्टाग्राम पर छाया जलवा</strong><br><br>प्रेरणा मैसी के इंस्टाग्राम पर उनकी शानदार तस्वीरों की भरमार है। ब्लैक नेट टॉप में उनका ग्लैमरस अंदाज हो या फिर पिंक फ्लोरल ड्रेस में उनका क्लासी लुक, प्रेरणा हर आउटफिट में कमाल लगती हैं। ओवरसाइज्ड ब्लेजर में उनका हॉलीवुड वाइब भी देखने लायक है।<br><br><strong>हॉटनेस और किलर लुक्स</strong><br><br>ब्लैक हॉल्टर नेकलाइन ड्रेस में प्रेरणा की हॉटनेस देखते ही बनती है। वहीं, एनिमल प्रिंट जैकेट के साथ उनका बिना टॉप वाला लुक भी काफी किलर है। प्रेरणा का हर अंदाज उनके फैंस को खूब भा रहा है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>आर्यन शुक्ला: सहज योग से 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड</title>
<link>https://pratinidhi.in/aaryan-shukla-breaks-six-world-records-with-sahaj-yoga-meditation</link>
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<description><![CDATA[ 14 वर्षीय आर्यन शुक्ला ने एक दिन में 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़े, जिसका श्रेय उन्होंने सहज योग ध्यान को दिया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि कैसे इस ध्यान ने उन्हें शांत और केंद्रित रहने में मदद की। श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा स्थापित, यह ध्यान आत्मिक उन्नति पर केंद्रित है, जो शरीर के चक्रों को जागृत करता है और संतुलन, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है। आर्यन के अनुसार, सहज ध्यान तनाव कम करता है, फोकस बढ़ाता है और बेहतर नींद व स्वास्थ्य प्रदान करता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119211003/world-record-holdren-aaryan-shukla-said-sehaj-meditation-helps-him-to-focus-119211003.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:55:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Aaryan Shukla, World Records, Sahaj Yoga Meditation, Mental Calculation, Children Education</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>आर्यन शुक्ला ने सहज योग ध्यान से बनाए 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड</strong><br><br>14 साल के आर्यन शुक्ला ने एक ही दिन में 6 वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को दिए इंटरव्यू में बताया कि वे रोज प्रैक्टिस और सहज योग ध्यान से यह मुकाम हासिल कर पाए हैं।<br><br><strong>सहज योग ध्यान क्या है?</strong><br><br>आर्यन ने बताया कि सहज योग ध्यान से उन्हें शांत और फोकस रहने में मदद मिलती है। यह ध्यान श्री माताजी निर्मला देवी द्वारा 1970 में स्थापित किया गया था। यह स्व-ज्ञान के माध्यम से आत्मिक उन्नति पर केंद्रित है। इस ध्यान क्रिया से शरीर के विभिन्न चक्र जागृत होते हैं, जिससे व्यक्ति के अंदर संतुलन, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रवाह होता है।<br><br><strong>सहज ध्यान के फायदे</strong><br><br>सहज ध्यान तनाव और चिंता दूर करता है, शांत रहने में मदद करता है, रिलैक्स महसूस कराते हैं, अटेंशन और फोकस बढ़ाता है, भावनात्मक स्तर पर स्वस्थ रखता है, नींद अच्छी आती है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।<br><br>आर्यन का कहना है कि उन्हें सहज ध्यान से फोकस बनाने में काफी मदद मिली।]]> </content:encoded>
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<title>अनार: सेहत के लिए 7 बड़े फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/health-benefits-of-eating-pomegranate</link>
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<description><![CDATA[ अनार एक पौष्टिक फल है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। डॉ. माइकल ब्रौन के अनुसार, रोजाना अनार या इसके जूस का सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है। यह गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो सूजन को कम करते हैं। अनार पुरुषों में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करके ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है, साथ ही डायबिटीज, कैंसर और हृदय रोगों से भी बचाता है। यह प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को भी कम करने में सहायक है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:55:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अनार, सेहत, ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक, जोड़ों का दर्द, कैंसर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अनार एक ऐसा फल है जिसके गुणों से हम सब वाकिफ हैं। बचपन में 'अ से अनार' पढ़ने के साथ ही हमें इसके फायदों के बारे में पता चल जाता है। <br><br><b>अनार के फायदे:</b><br>अगर आप रोजाना एक अनार का सेवन करते हैं, तो इससे आपके शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं। डॉक्टर माइकल ब्रौन के अनुसार, अनार या इसके जूस का नियमित सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।<br><br>अनार गठिया और जोड़ों के दर्द में भी आराम दिलाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में इन्फ्लेमेशन को कम करते हैं, जिससे दर्द से राहत मिलती है।<br><br>अनार दिल की बीमारियों के खतरे को भी कम करता है। इसमें मौजूद एसिड हार्ट डिजीज से बचाता है, जो कि दुनियाभर में मौत का एक प्रमुख कारण है।<br><br>अनार पुरुषों के लिए भी फायदेमंद है। यह ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जिससे पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में ब्लड फ्लो बेहतर होता है।<br><br>अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को डायबिटीज, कैंसर और दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, यह प्रोस्टेट कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को भी कम करता है।<br><br><i>(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी यूट्यूब वीडियो पर आधारित है। एनबीटी इनमें से किसी की भी सटीकता व सत्यता की गैरन्टी नहीं लेता है।)</i>]]> </content:encoded>
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<title>धूम्रपान छोड़ने के आसान उपाय: डाइटिशियन श्रेया गोयल के 2 घरेलू नुस्खे</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-home-remedies-to-quit-smoking-dietician-shreya-goyal-tips</link>
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<description><![CDATA[ डाइटिशियन श्रेया गोयल ने स्मोकिंग छोड़ने के 2 घरेलू नुस्खे बताए हैं: मजबूत इच्छाशक्ति के साथ अश्वगंधा का सेवन तनाव कम करता है और निकोटीन की क्रेविंग को नियंत्रित करता है। मुलेठी और लौंग का मिक्सचर चूसने से भी क्रेविंग कम होती है। ये उपाय स्मोकिंग छोड़ने में मददगार हो सकते हैं। स्मोकिंग शरीर के लिए हानिकारक है और इससे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:32:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>smoking, health, dietician, home remedies, nicotine, stress</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[यहां डाइटिशियन श्रेया गोयल द्वारा बताए गए स्मोकिंग (धूम्रपान) छोड़ने के 2 आसान घरेलू नुस्खे दिए गए हैं:<br><br><strong>1. मजबूत इच्छाशक्ति और अश्वगंधा:</strong><br>सबसे पहले अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत करें और स्मोकिंग छोड़ने के कारणों को जानें। तनाव कम करने के लिए अश्वगंधा का सेवन करें। आप इसकी गोली खा सकते हैं या चाय बनाकर पी सकते हैं। यह तनाव को कम करने, निकोटीन की क्रेविंग को नियंत्रित करने और कोर्टिसोल को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे स्मोकिंग छोड़ना आसान हो जाता है।<br><br><strong>2. मुलेठी और लौंग:</strong><br>जब भी स्मोकिंग की क्रेविंग हो, तो मुलेठी और लौंग का मिक्सचर बना लें और उसकी चाय पिएं। इसके अलावा, मुलेठी और लौंग को मिलाकर मुंह में रखें और उसका रस चूसें। अपने मुंह को सूखने न दें।<br><br>ये नुस्खे स्मोकिंग छोड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>सुनीता विलियम्स का भव्य स्वागत: परिवार के साथ जश्न मनाने के तरीके</title>
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<description><![CDATA[ अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के पृथ्वी पर लौटने पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनकी भाभी फाल्गुनी पांड्या ने बताया कि वे जल्द ही भारत आएंगी और परिवार उनके स्वागत की तैयारी कर रहा है। परिवार के साथ समय बिताना, पसंदीदा खाना बनाना और वेकेशन पर जाना जैसे तरीकों से उनकी उपलब्धि का जश्न मनाया जाएगा। सुनीता के चचेरे भाई ने उनके जन्मदिन पर काजू कतली भेजी थी, जिसे उन्होंने अंतरिक्ष में खाया था। परिवार उनके भारत आने पर उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए उत्सुक है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:21:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Sunita Williams, family celebration, achievement, space mission, Indian astronaut</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सुनीता विलियम्स का भव्य स्वागत: परिवार के साथ जश्न मनाने के तरीके</strong><br><br>भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष में नौ महीने बिताने के बाद पृथ्वी पर लौट आई हैं। उनकी इस उपलब्धि पर हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है। सुनीता विलियम्स ने जो किया है, वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।<br><br>उनकी भाभी फाल्गुनी पांड्या ने बताया कि सुनीता की वापसी उनके परिवार के लिए खुशी का पल था और वे जल्द ही भारत आने वाली हैं। परिवार उनके स्वागत की तैयारी कर रहा है। आइए जानते हैं कि परिवार के सदस्य की उपलब्धि को कैसे मनाया जाता है।<br><br><strong>एक साथ बिताएंगे समय</strong><br>परिवार के लिए सबसे कीमती होता है साथ में समय बिताना। फाल्गुनी ने कहा कि सुनीता जल्द ही भारत आएंगी और वे उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए उत्सुक हैं। वे फैमिली वेकेशन पर जाने की योजना बना रहे हैं।<br><br><strong>काजू कतली भेजी थी</strong><br>सुनीता के चचेरे भाई ने उनके जन्मदिन पर काजू कतली भेजी थी, जिसे उन्होंने अंतरिक्ष में खाया था। उन्होंने कहा कि सुनीता को भारत आकर बहुत खुशी होगी।<br><br><strong>सेलिब्रेशन के तरीके</strong><br><ul><li><strong>गेट-टू-गेदर:</strong> परिवार और दोस्तों के साथ मनाएं।</li><li><strong>पसंदीदा खाना:</strong> उनकी पसंद का खाना बनाएं या सरप्राइज डिनर पर ले जाएं।</li><li><strong>आउटिंग:</strong> परिवार के साथ वेकेशन पर जाएं।</li></ul>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सुनीता विलियम्स: सादे लिबास में भी छाईं, PM मोदी संग दिखा खास अंदाज</title>
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<description><![CDATA[ अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की 9 महीने बाद धरती पर वापसी हुई, जिस पर पीएम मोदी ने खुशी जताई। दोनों की एक पुरानी तस्वीर में सुनीता विलियम्स का सादा अंदाज दिखा, जिसमें उन्होंने सफेद प्रिंटेड ड्रेस पहनी थी और कम मेकअप के साथ बालों को नेचुरल रखा था। पीएम मोदी भी अपने देसी अंदाज में दिखे। सुनीता का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को खूब पसंद आया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:19:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुनीता विलियम्स, पीएम मोदी, फैशन, लाइफस्टाइल, भारतीय परिधान, अंतरिक्ष, नरेंद्र मोदी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सुनीता विलियम्स: सादगी में भी दिखा खास अंदाज</strong><br><br>अंतरिक्ष में 9 महीने बिताने के बाद सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी हुई है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उनकी वापसी पर बधाई दी। दोनों की पुरानी मुलाकात की एक तस्वीर में सुनीता का सादा अंदाज लोगों को भा गया।<br><br>सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से लौटीं, जिससे भारत और अमेरिका दोनों में खुशी है। पीएम मोदी ने सुनीता को बधाई देते हुए गर्व जताया। उन्होंने सुनीता को भारत आने का न्योता भी दिया था।<br><br>तस्वीर में पीएम मोदी हमेशा की तरह अपने देसी अंदाज में हाफ स्लीव्स कुर्ता और जैकेट में दिखे। वहीं, सुनीता ने सफेद रंग की प्रिंटेड ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह बेहद सिंपल लग रही थीं। उन्होंने कम से कम मेकअप किया था और बालों को भी नेचुरल रखा था। सुनीता विलियम्स का यह सादगी भरा अंदाज लोगों को खूब पसंद आया।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गर्मियों में गन्ने का जूस: ताजगी और सेहत का खजाना</title>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में गन्ने का जूस एक महत्वपूर्ण पेय है, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। यह न केवल प्यास बुझाता है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। गन्ने के जूस में मौजूद पोषक तत्व पाचन को बेहतर बनाते हैं, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखते हैं। यह शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करता है, हीट स्ट्रोक से बचाता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। गन्ने का जूस डिहाइड्रेशन, लिवर की समस्याओं, वजन घटाने और यूटीआई से बचाने में भी सहायक है। नियमित सेवन से त्वचा में चमक आती है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:19:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गन्ने का जूस, Sugarcane Juice, Benefits Of Sugarcane Juice, डिहाइड्रेशन, वजन कंट्रोल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में गन्ने के जूस का महत्व बढ़ जाता है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने का एक शानदार तरीका है। इस मौसम में, लोग अक्सर मौसमी फल, संतरे या गन्ने का जूस पीना पसंद करते हैं। एक गिलास गन्ने का जूस शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें मौजूद पोषक तत्व आपको स्वस्थ रखते हैं।
<br><br>
गर्मियों में खुद को तरोताजा और हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। नारियल पानी और पानी से भरपूर फल इस मौसम में लोकप्रिय हैं, और गन्ने का जूस भी एक बढ़िया विकल्प है। यह न केवल प्यास बुझाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होता है। यह ठंडक प्रदान करता है, ऊर्जा बढ़ाता है और हीट स्ट्रोक से बचाने में मदद करता है। गन्ने के जूस में आवश्यक पोषक तत्व पाचन में सुधार करते हैं, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देते हैं और त्वचा को स्वस्थ रखते हैं। यह एक प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर के रूप में भी काम करता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। गन्ने का जूस गर्मियों के लिए एक स्वस्थ और स्वादिष्ट विकल्प है।
<br><br>
गन्ने का जूस डिहाइड्रेशन से बचाता है, लिवर को स्वस्थ रखता है, वजन घटाने में सहायक है, यूटीआई से बचाता है और त्वचा की चमक बढ़ाता है। गन्ने का जूस अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड का एक अच्छा स्रोत है, जो त्वचा को चमकदार बनाता है और मुंहासों से छुटकारा दिलाता है।]]> </content:encoded>
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<title>क्या सीड साइक्लिंग पीसीओडी का इलाज है? डॉक्‍टर अंजलि कुमार ने बताई सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/is-seed-cycling-a-definite-cure-for-pcod-dr-anjali-kumar-reveals-the-truth</link>
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<description><![CDATA[ आजकल पीसीओडी एक आम समस्या है, जिससे हार्मोनल असंतुलन होता है और अनियमित पीरियड्स व गर्भधारण में कठिनाई होती है। इसके लिए कई घरेलू उपाय हैं, जैसे सीड साइक्लिंग, जिसकी सलाह सोशल मीडिया पर दी जाती है, लेकिन डॉक्टर इसका समर्थन नहीं करते। स्त्री रोग विशेषज्ञ अंजलि कुमार ने इस विषय पर एक वीडियो साझा किया है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119156869/gynaecologist-anjali-kumar-busted-the-myths-related-to-balance-hormones-by-seed-cycling-119156869.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:11:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PCOD, seed cycling, hormonal imbalance, gynaecologist, Anjali Kumar</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल, पीसीओडी (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) एक आम समस्या बन गई है, जिससे महिलाओं के शरीर में हार्मोनल असंतुलन होता है। इसके कारण अनियमित पीरियड्स और गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याएं आती हैं।</p><br><p>पीसीओडी के इलाज के लिए कई घरेलू उपाय प्रचलित हैं, जिनमें से एक है सीड साइक्लिंग। सोशल मीडिया पर कई लोग हार्मोन को संतुलित करने के लिए सीड साइक्लिंग की सलाह देते हैं, लेकिन डॉक्टर आमतौर पर इसका समर्थन नहीं करते हैं।</p><br><p>स्त्री रोग विशेषज्ञ अंजलि कुमार ने इस विषय पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें उन्होंने सीड साइक्लिंग के बारे में बात की है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नीता अंबानी का शाही अंदाज: 200 साल पुराना तोते वाला पेंडेंट बना आकर्षण</title>
<link>https://pratinidhi.in/nita-ambani-royal-style-200-year-old-parrot-pendant-attracts</link>
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<description><![CDATA[ नीता अंबानी अपनी फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्हें एक 200 साल पुराने तोते की डिजाइन वाले पेंडेंट में देखा गया, जिसने सबका ध्यान खींचा। यह पेंडेंट मैसूर के महाराजा यदुवीर के पेंडेंट जैसा था, जिसे उन्होंने अपनी शादी में पहना था। नीता ने इस पेंडेंट को काले रंग की कांचीपुरम सिल्क साड़ी के साथ पहना था, जिसे स्वदेश ने डिजाइन किया था। नीता अंबानी का 200 साल पुराना नेकपीस सबका ध्यान खींच ले गया। यह पेंडेंट दक्षिण भारत में बनाया गया था और इसमें एम्रल्ड, रूबी, डायमंड और पर्ल जड़े हुए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:11:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नीता अंबानी, पेंडेंट, मैसूर के महाराजा, फैशन, जूलरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नीता अंबानी का शाही अंदाज: 200 साल पुराना तोते वाला पेंडेंट बना आकर्षण</strong><br><br>नीता अंबानी अपनी फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्हें एक 200 साल पुराने तोते की डिजाइन वाले पेंडेंट में देखा गया, जिसने सबका ध्यान खींचा। यह पेंडेंट मैसूर के महाराजा यदुवीर के पेंडेंट जैसा था, जिसे उन्होंने अपनी शादी में पहना था।<br><br><strong>नीता अंबानी का मैसूर के महाराजा जैसा पेंडेंट</strong><br><br>मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी का फैशन के मामले में कोई मुकाबला नहीं है। 60 की उम्र में भी उनका स्टाइल कमाल का है। वेस्टर्न हो या देसी, हर लुक को वह खूबसूरती से कैरी करती हैं। उनके जूलरी कलेक्शन के तो सभी दीवाने हैं।<br><br>दो महीने पहले नीता अंबानी 200 साल पुराने तोते की डिजाइन वाला पेंडेंट पहने नजर आईं। यह पेंडेंट मैसूर के महाराजा यदुवीर के पेंडेंट जैसा है, जो उन्होंने अपनी शादी में पहना था। नीता ने इस पेंडेंट को काले रंग की कांचीपुरम सिल्क साड़ी के साथ पहना था, जिसे स्वदेश ने डिजाइन किया था। उन्होंने मनीष मल्होत्रा के फुल स्लीव्स हाइनेक नेकलाइन वाले वेलवेट ब्लाउज के साथ इसे स्टाइल किया।<br><br><strong>हीरे, रूबी और डायमंड से जड़ा</strong><br><br>नीता अंबानी का 200 साल पुराना नेकपीस सबका ध्यान खींच ले गया। यह पेंडेंट दक्षिण भारत में बनाया गया था और इसमें एम्रल्ड, रूबी, डायमंड और पर्ल जड़े हुए हैं। इसे गोल्ड कुंदन टेक्नीक के साथ रेड और ग्रीन टच देकर फिनिशिंग दी गई।<br><br>महाराजा यदुवीर चामराजा वाडियार ने 27 जून, 2016 को राजकुमारी त्रिशिका कुमारी से शादी की थी। उन्होंने नीता अंबानी जैसे पेंडेंट के साथ ऑफ वाइट शेरवानी पहनी थी। इस पेंडेंट में बनी पक्षी की आकृति कामदेव का वाहन है, जिन्हें प्रेम का देवता कहा जाता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>मुल्तानी मिट्टी: ध्रु राव का नुस्खा, पाएं बेदाग निखार</title>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर ध्रु राव के अनुसार, मुल्तानी मिट्टी में 3 सामग्रियों को मिलाकर लगाने से चेहरे का निखार कई गुना बढ़ जाता है। मुल्तानी मिट्टी में मैग्नीशियम, सिलिका और कैल्शियम जैसे खनिज होते हैं और यह एंटीऑक्सिडेंट और एक्सफोलिएटिंग गुणों से भरपूर है। यह त्वचा को साफ करने, डेड स्किन सेल्स को हटाने और पिगमेंटेशन को कम करने में मदद करता है। इस फेस पैक को बनाने के लिए मुल्तानी मिट्टी, बेसन, हल्दी और कच्चे दूध की आवश्यकता होती है। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए सूखने दें, फिर धो लें। ध्रु राव ने कहा कि यह नुस्खा टैनिंग को कम करने, डार्क स्पॉट को कम करने, सुस्ती को दूर करने, पिगमेंटेशन को ठीक करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:11:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मुल्तानी मिट्टी, फेस पैक, ध्रु राव, स्किन केयर, घरेलू नुस्खे, ग्लोइंग स्किन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मुल्तानी मिट्टी, जिसे आमतौर पर फुलर की मिट्टी के रूप में जाना जाता है, एक लोकप्रिय घरेलू उपचार है जिसका उपयोग सदियों से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। कंटेंट क्रिएटर ध्रु राव के अनुसार, मुल्तानी मिट्टी में 3 सामग्रियों को मिलाकर लगाने से चेहरे का निखार कई गुना बढ़ जाता है।

<b>मुल्तानी मिट्टी के फायदे</b>
मुल्तानी मिट्टी में मैग्नीशियम, सिलिका और कैल्शियम जैसे खनिज होते हैं। यह एंटीऑक्सिडेंट और एक्सफोलिएटिंग गुणों से भी भरपूर है। यह त्वचा को साफ करने, डेड स्किन सेल्स को हटाने और पिगमेंटेशन को कम करने में मदद करता है।

<b>फेस पैक बनाने के लिए सामग्री:</b>
<ul>
<li>मुल्तानी मिट्टी - 1 बड़ा चम्मच</li>
<li>बेसन - 1 बड़ा चम्मच</li>
<li>हल्दी - 1/3 चम्मच</li>
<li>कच्चा दूध - 2 चम्मच</li>
</ul>
<b>फेस पैक बनाने की विधि:</b>
<ol>
<li>एक कटोरी में मुल्तानी मिट्टी, बेसन और हल्दी मिलाएं।</li>
<li>आवश्यकतानुसार कच्चा दूध डालकर चिकना पेस्ट बना लें।</li>
<li>ध्यान रखें कि दूध को धीरे-धीरे मिलाएं ताकि पेस्ट पतला न हो जाए।</li>
<li>पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए सूखने दें।</li>
<li>चेहरे को धो लें और देखें कि आपकी त्वचा कितनी चमकदार दिखती है।</li>
</ol>
<b>ध्रु राव का नुस्खा</b>
ध्रु राव ने अपने इंस्टाग्राम पर मुल्तानी मिट्टी से बने एक नुस्खे को साझा किया है। उन्होंने कहा कि यह नुस्खा टैनिंग को कम करने, डार्क स्पॉट को कम करने, सुस्ती को दूर करने, पिगमेंटेशन को ठीक करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शरीर में चीनी का खतरा: इन 10 चीजों से करें परहेज</title>
<link>https://pratinidhi.in/hidden-sugar-foods-to-avoid-for-better-health</link>
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<description><![CDATA[ चीनी एक खतरनाक पदार्थ है जो कई बीमारियों का कारण बन सकता है। कई खाद्य पदार्थों में चीनी छिपी होती है, जिससे बचना मुश्किल होता है। डायबिटीज, मोटापा, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों से बचने के लिए चीनी, गुड़ और तेजी से ब्लड ग्लूकोज बढ़ाने वाली चीजों का सेवन कम करना चाहिए। क्लीनिकल न्यूट्रिशन कोच डॉ. रीमा ने 10 ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान की है जिनमें चीनी छिपी होती है, जैसे डायजेस्टिव बिस्किट, टोमैटो सॉस, पीनट बटर, ब्रेकफास्ट सीरीयल्स, फ्लेवर्ड योगर्ट, प्रोटीन बार, पैकेटबंद लस्सी, एनर्जी ड्रिंक, कॉफी-चाय प्रीमिक्स, सलाद ड्रेसिंग और मयोनीज। इन खाद्य पदार्थों से परहेज करके आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119199826/clinical-nutrition-coach-dr-reema-told-10-danger-foods-with-hidden-sugar-you-should-avoid-eating-119199826.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:11:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चीनी, घातक बीमारी, शुगर, डायबिटीज, मोटापा, हार्ट डिजीज, कैंसर, ब्लड ग्लूकोज, क्लीनिकल न्यूट्रिशन कोच, शुगर बम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>चीनी: एक धीमा जहर</strong><br><br>चीनी एक खतरनाक पदार्थ है जो कई बीमारियों का कारण बन सकता है। कई खाद्य पदार्थों में चीनी छिपी होती है, जिससे बचना मुश्किल होता है। इसलिए, सावधानीपूर्वक मीठा खाना चाहिए। डायबिटीज, मोटापा, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों से बचने के लिए चीनी, गुड़ और तेजी से ब्लड ग्लूकोज बढ़ाने वाली चीजों का सेवन कम करना चाहिए।
<br><br><strong>छिपी हुई चीनी वाले खाद्य पदार्थ</strong><br><br>क्लीनिकल न्यूट्रिशन कोच डॉ. रीमा ने 10 ऐसे खाद्य पदार्थों की पहचान की है जिनमें चीनी छिपी होती है:<br><br>1. <strong>डायजेस्टिव बिस्किट:</strong> इनमें 3-5 चम्मच चीनी, रिफाइंड आटा और अस्वास्थ्यकर तेल होता है।<br>2. <strong>टोमैटो सॉस:</strong> एक चम्मच में एक चम्मच चीनी होती है।<br>3. <strong>पीनट बटर:</strong> कुछ ब्रांडों में एक सर्विंग में 1-2 चम्मच चीनी होती है।<br>4. <strong>ब्रेकफास्ट सीरीयल्स:</strong> एक सर्विंग में 3-4 चम्मच चीनी हो सकती है।<br>5. <strong>फ्लेवर्ड योगर्ट:</strong> एक सर्विंग में 5-6 चम्मच चीनी हो सकती है।<br>6. <strong>प्रोटीन बार:</strong> एक बार में 5-6 चम्मच चीनी हो सकती है।<br>7. <strong>पैकेटबंद लस्सी</strong><br>8. <strong>एनर्जी ड्रिंक</strong><br>9. <strong>कॉफी-चाय प्रीमिक्स</strong><br>10. <strong>सलाद ड्रेसिंग और मयोनीज</strong><br><br>इन खाद्य पदार्थों से परहेज करके आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अंतरिक्ष में सुनीता विलियम्स के खुले बालों का रहस्य</title>
<link>https://pratinidhi.in/the-mystery-of-sunita-williams-open-hair-in-space</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में बताया गया है कि अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट महिलाएं अपने बाल खुले क्यों रखती हैं, खासकर सुनीता विलियम्स के उदाहरण के साथ। अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी के कारण बाल हवा में तैरते रहते हैं, जिससे उन्हें बांधने की जरूरत नहीं होती। एस्ट्रोनॉट बिना पानी के शैम्पू और तौलिये का इस्तेमाल करते हैं। करेन न्यबर्ग ने 2012 में अपने बालों को धोने का तरीका साझा किया, जिसमें गर्म पानी और विशेष शैम्पू का उपयोग शामिल था। गुरुत्वाकर्षण की कमी और विशेष उत्पादों के कारण अंतरिक्ष में बालों को खुला रखना आसान होता। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:08:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष, बाल, गुरुत्वाकर्षण, माइक्रोग्रैविटी, एस्ट्रोनॉट, हेयर केयर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अंतरिक्ष में एस्ट्रोनॉट महिलाओं को देखकर अक्सर यह सवाल उठता है कि वे अपने बाल खुले क्यों रखती हैं। सुनीता विलियम्स ने भी अपने अंतरिक्ष प्रवास के दौरान नौ महीने तक बाल खुले रखे थे। इसका कारण यह है कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण बल (ग्रेविटी फोर्स) का प्रभाव बहुत कम होता है, जिसे माइक्रोग्रैविटी कहते हैं।<br><br>पृथ्वी पर गुरुत्वाकर्षण के कारण बालों को बांधना या संभालना पड़ता है, लेकिन अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी के चलते बाल हवा में तैरते रहते हैं, इसलिए उन्हें बांधने की आवश्यकता नहीं होती। एस्ट्रोनॉट अक्सर बिना पानी के इस्तेमाल होने वाले शैम्पू और तौलिये का उपयोग करते हैं, जिससे बालों को प्राकृतिक रूप से तैरने में मदद मिलती है।<br><br>अंतरिक्ष यात्री करेन न्यबर्ग ने 2012 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के दौरान अपने बालों को धोने का तरीका साझा किया था। उन्होंने बताया कि वे थोड़ा गर्म पानी, बिना धोए शैम्पू, कंघी, शीशे और तौलिये का इस्तेमाल करती हैं। न्यबर्ग के अनुसार, वह थोड़ा गर्म पानी अपने स्कैल्प पर डालती हैं और फिर पानी को बालों के सिरे तक ले जाती हैं। वे बताती हैं कि कभी-कभी पानी दूर चला जाता है, और उन्हें उसे इकट्ठा करना पड़ता है।<br><br>इस प्रकार, अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण की कमी और विशेष हेयर केयर उत्पादों के उपयोग के कारण एस्ट्रोनॉट महिलाएं अपने बालों को खुला रखना पसंद करती हैं। करेन न्यबर्ग के अनुभव से पता चलता है कि अंतरिक्ष में बालों की देखभाल कैसे की जाती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शरीर की सूजन: शुगर&amp;कैंसर का खतरा, इन 4 चीजों से करें खत्म, नींबू देगा साथ</title>
<link>https://pratinidhi.in/foods-that-reduce-inflammation-and-prevent-cancer-and-diabetes</link>
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<description><![CDATA[ शरीर में सूजन की समस्या आजकल आम हो गई है, जो डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है। यशोदा हॉस्पिटल की डाइटीशियन डॉक्टर भावना गर्ग के अनुसार, विटामिन सी, विटामिन ई और पॉलीफेनोल्स से भरपूर खाद्य पदार्थ सूजन को कम करने में मदद करते हैं। संतरा, नींबू, बादाम, अखरोट, ग्रीन टी और हल्दी जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन सूजन को कम करने में सहायक होता है। इसके साथ ही, नियमित व्यायाम और तनाव कम करना भी जरूरी है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119151426/dietician-for-yashoda-hospital-told-about-4-foods-that-can-reduce-inflammation-in-body-and-prevent-cancer-and-diabetes-119151426.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:08:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Anti-inflammatory diet, शरीर की सूजन, कैंसर, डायबिटीज, विटामिन सी, विटामिन ई, पॉलीफेनोल्स, नींबू, Foods to reduce inflammation, Yashoda Hospital, Dr. Bhavna Garg, antioxidants, free radicals, oxidative stress, प्रोसेस्ड फूड, तले-भुने भोजन, हाई-कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन, ग्रीन टी, हल्दी, फल, सब्जियां, मेवे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से शरीर में सूजन की समस्या बढ़ती जा रही है। यह सूजन कई गंभीर बीमारियों जैसे डायबिटीज, हृदय रोग और कैंसर का कारण बन सकती है। यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की डाइटीशियन डॉक्टर भावना गर्ग के अनुसार, कुछ खास पोषक तत्वों को डाइट में शामिल करके सूजन को कम किया जा सकता है।<br><br><strong>विटामिन सी:</strong> यह एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो फ्री रेडिकल्स को खत्म करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह संतरा, नींबू, मौसमी, आंवला, कीवी, पपीता और शिमला मिर्च में पाया जाता है।<br><br><strong>विटामिन ई:</strong> यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके सूजन को नियंत्रित करता है, त्वचा को चमकदार बनाता है और हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखता है। यह बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज, पालक, ब्रोकली, एवोकाडो और मूंगफली में पाया जाता है।<br><br><strong>पॉलीफेनोल्स:</strong> यह सूजन को कम करने के साथ-साथ दिल की सेहत को भी सुधारता है और दिमाग को स्वस्थ बनाए रखता है। यह ग्रीन टी, डार्क चॉकलेट, जामुन, ब्लूबेरी, हल्दी, अदरक, अंगूर और अनार में पाया जाता है।<br><br>एक्सपर्ट का मानना है कि प्रोसेस्ड फूड और हाई-कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन के अधिक सेवन से शरीर में सूजन बढ़ रही है। नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और तनाव को कम करके भी सूजन को कंट्रोल किया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>गर्भावस्था में अंतिम अल्ट्रासाउंड: 36&amp;38 सप्ताह में क्यों?</title>
<link>https://pratinidhi.in/last-ultrasound-during-pregnancy-between-36-38-weeks-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ प्रेग्‍नेंसी में बच्‍चे के विकास पर नजर रखने के लिए समय-समय पर अल्‍ट्रासाउंड कराया जाता है। सोशल मीडिया पर वायरल दावे के अनुसार, प्रेग्‍नेंसी में आखिरी अल्ट्रासाउंड 36-38 सप्‍ताह के बीच कराना चाहिए। डॉक्‍टर कविता कोवी के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान आखिरी अल्ट्रासाउंड 36 से 38 सप्ताह के बीच किया जाता है, जिसे बायोफिजिकल प्रोफाइल या ग्रोथ स्कैन कहते हैं। यह डिलीवरी से पहले बच्चे की स्थिति, विकास, एमनियोटिक द्रव, प्लेसेंटल फंक्शन और समग्र स्वास्थ्य का आकलन करता है। यह अल्‍ट्रासाउंड भ्रूण के विकास में बाधा जैसी जटिलताओं का पता लगाने के लिए जरूरी है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को सच पाया है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:08:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>pregnancy, ultrasound, 36-38 weeks, fetal development, amniotic fluid, placenta</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>प्रेग्‍नेंसी में अंतिम अल्‍ट्रासाउंड: 36-38 सप्‍ताह में क्यों?</strong><br><br>प्रेग्‍नेंसी में बच्‍चे के बारे में जानने के लिए अल्‍ट्रासाउंड जरूरी है। सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल है कि आखिरी अल्‍ट्रासाउंड 36-38 सप्‍ताह में होना चाहिए। पहली बार मां बनने वाली महिलाएं कंफ्यूज रहती हैं, इसलिए सच्‍चाई जानना जरूरी है।<br><br>प्रेग्‍नेंसी में बच्‍चे के विकास को देखने के लिए समय-समय पर अल्‍ट्रासाउंड होता है। इससे बच्‍चे की तस्‍वीरें लेकर उसकी सही पोजीशन और विकास का पता चलता है। कुछ लोग कई बार अल्‍ट्रासाउंड कराते हैं, तो कुछ सिर्फ एक या दो बार।<br><br>इंस्‍टाग्राम पर एक रील में कहा गया है कि लास्‍ट अल्‍ट्रासाउंड 36-38 सप्‍ताह के बीच होना चाहिए। इस दावे की सच्‍चाई जानने के लिए डॉक्‍टर कविता कोवी से बात की गई।<br><br>डॉक्‍टर कविता कोवी के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान आखिरी अल्ट्रासाउंड 36 से 38 सप्ताह के बीच किया जाता है। इसे बायोफिजिकल प्रोफाइल या ग्रोथ स्कैन कहते हैं। यह डिलीवरी से पहले बच्चे की स्थिति, विकास, एमनियोटिक द्रव, प्लेसेंटल फंक्शन और समग्र स्वास्थ्य का आकलन करता है।<br><br>डॉक्‍टर बताती हैं कि यह अल्‍ट्रासाउंड भ्रूण के विकास में बाधा, कम या ज्‍यादा एमनियोटिक फ्लूड, प्लेसेंटल समस्याएं या ब्रीच पोजीशन जैसी जटिलताओं का पता लगाने के लिए जरूरी है। इससे पता चलता है कि नॉर्मल डिलीवरी होगी या सी-सेक्‍शन। हालांकि, कम जोखिम वाली प्रेग्‍नेंसी में इसकी सलाह नहीं दी जाती।<br><br>डॉक्‍टर के अनुसार, प्रीनटल अल्ट्रासाउंड के लिए अपनी डॉक्‍टर से बात करनी चाहिए। वह सही सलाह दे सकती हैं। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को सच पाया है।]]> </content:encoded>
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<title>हरकीरत कौर का नया अंदाज: फूलों वाले कुर्ते में छाईं सुखबीर बादल की बेटी</title>
<link>https://pratinidhi.in/harkirat-kaur-new-look-sukhbir-singh-badal-daughter-flaunts-floral-kurta-at-pre-wedding-function</link>
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<description><![CDATA[ पंजाब के दिग्गज नेता सुखबीर सिंह बादल की बेटी हरकीरत कौर की शादी की तस्वीरें वायरल होने के बाद, उनके प्री-वेडिंग फंक्शन का नया लुक सामने आया है। मेकअप आर्टिस्ट लवलीन रामचंदानी ने हरकीरत की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें वह फूलों की कढ़ाई वाले कुर्ते में नजर आ रही हैं। उन्होंने पेस्टल रंग का कढ़ाई वाला कुर्ता पहना है, जिस पर फूलों का डिजाइन है। उन्होंने कम जूलरी पहनी है और न्यूड मेकअप किया है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119191792,imgsize-16118,width-540,height-405,resizemode-75/sukhbir-singh-badal-daughter-harkirat-kaur-looks-beautiful-in-pista-green-embroidered-kurta-set.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:05:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हरकीरत कौर, सुखबीर सिंह बादल, फैशन, लाइफस्टाइल, कुर्ता, डिजाइनर कपड़े</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[पंजाब के जाने-माने नेता सुखबीर सिंह बादल और बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल की बेटी हरकीरत कौर की शादी खूब चर्चा में रही। <strong>शादी की खूबसूरत तस्वीरें वायरल होने के बाद, अब उनके प्री-वेडिंग फंक्शन का एक नया लुक सामने आया है।</strong><br><br><strong>हरकीरत कौर बादल का नया और खूबसूरत अंदाज</strong><br><br>अकाली दल के पूर्व प्रधान और पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल की बेटी हरकीरत कौर ने इसी साल फरवरी में अबू धाबी के बिजनेसमैन तेजवीर सिंह तूर से शादी की। इस शादी में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई बड़े नेता शामिल हुए थे, और शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब छाई रहीं। <strong>हल्के गुलाबी रंग के जोड़े में दुल्हन बहुत सुंदर लग रही थीं, और अब एक महीने बाद उनकी नई तस्वीरें आई हैं।</strong><br><br>हरकीरत की मेकअप आर्टिस्ट लवलीन रामचंदानी ने उनकी कुछ नई तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें उनका देसी अंदाज लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। फूलों की कढ़ाई वाले एक खूबसूरत सूट में वह बहुत हसीन लग रही हैं, और अब उनका यह लुक काफी चर्चा में है। <strong>उनके इस रूप पर हर कोई मोहित हो जाएगा।</strong><br><br><strong>कुर्ते पर खूबसूरत कढ़ाई</strong><br><br>अपनी शादी में हरकीरत गुलाबी रंग के जोड़े में दुल्हन बनी थीं, लेकिन इस बार वह पेस्टल रंग के कुर्ते में नजर आ रही हैं। उन्होंने हल्के पिस्ता ग्रीन रंग का खूबसूरत कढ़ाई वाला कुर्ता पहना है। इस कुर्ते पर गुलाबी रंग से बॉर्डर बनाया गया है और पत्तियों का डिजाइन भी है, जो देखने में बहुत प्यारा लग रहा है।<br><br><strong>कुर्ते की खासियत</strong><br><br>हरकीरत का कुर्ता फुल स्लीव्स का है, और इसकी डीप वी नेकलाइन को पिंक बॉर्डर से हाइलाइट किया गया है, जिससे यह फ्रंट में जैकेट जैसा दिखता है। नेक पर ग्रीन सेक्वीन सितारों से सजा फैब्रिक भी लगाया गया है, जिससे एक स्क्वायर नेकलाइन बनी है, जो बहुत स्टनिंग लग रही है। उन्होंने इसे मैचिंग दुपट्टे के साथ स्टाइल किया है, जिसके बॉर्डर पर कढ़ाई है।<br><br><strong>डिजाइन पर आ जाएगा दिल</strong><br><br>हरकीरत के कुर्ते का डिजाइन बहुत अच्छा है, और इस पर किया गया काम उनके लुक को और भी खूबसूरत बना रहा है। पेस्टल शेड का इस्तेमाल करके थ्रेड वर्क से फ्लोरल पैटर्न बनाया गया है, और सेक्वीन सितारों ने इसमें शाइन एड की है।<br><br>कुर्ते पर हैवी वर्क किया गया है, और नेट की स्लीव्स पर बेल बनी है। बॉर्डर को सितारों वाली लटकन से सजाया गया है। दुपट्टे के बॉर्डर पर फ्लोरल बेल बनाकर उसे फूलों के डिजाइन में काटा गया है, जो इसे और भी अच्छा लुक दे रहा है।<br><br><strong>जूलरी</strong><br><br>हरकीरत ने अपने फ्लोरल कुर्ते के साथ ज्यादा जूलरी नहीं पहनी है। उन्होंने सिर्फ हीरे और पन्ने की फ्लोरल जूलरी पहनी है, जो उनके लुक को कॉम्प्लिमेंट कर रही है। उनके हीरे-पन्ने के फ्लोरल स्टड ईयररिंग्स और मैचिंग चोकर सेट दोनों ही उनकी आउटफिट के साथ बहुत अच्छे लग रहे हैं।<br><br><strong>हेयर और मेकअप</strong><br><br>हेयर और मेकअप को भी आउटफिट को ध्यान में रखते हुए मिनिमल रखा गया है। न्यूड ग्लॉसी लिप्स, ब्राउनिश शेड आईशैडो और ब्लश्ड चीक्स के साथ हरकीरत का नूर और भी निखरकर सामने आ रहा है।<br><br>उन्होंने बालों को मिडिल पार्टिशन के साथ साइड ब्रेड में बांधा है, और फिर पीले-सफेद फूलों को लगाकर उन्हें हाफ पिनअप करके खुला छोड़ दिया है। हरकीरत का यह अंदाज बहुत ही शानदार है।]]> </content:encoded>
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<title>कमर दर्द से राहत: आसान टिप्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-tips-to-relieve-back-pain-while-sitting-and-standing</link>
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<description><![CDATA[ कमर दर्द आजकल एक आम समस्या है, जिसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे गलत तरीके से बैठना या भारी सामान उठाना। इससे बचने के लिए सही मुद्रा अपनाएं, नियमित रूप से व्यायाम करें, वजन को नियंत्रित रखें, भारी सामान उठाते समय सावधानी बरतें, और पर्याप्त आराम करें। कुछ योगासन भी मांसपेशियों को आराम देकर और लचीलापन बढ़ाकर मदद कर सकते हैं। नियमित योगाभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और कमर दर्द से राहत मिलती है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:05:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कमर दर्द, योगासन, लाइफस्टाइल, स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गलत तरीके से बैठने या भारी सामान उठाने के कारण आजकल लोगों को कमर दर्द की शिकायत हो रही है, जिसकी वजह से उन्हें दूसरों से मदद लेनी पड़ती है। कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन जीवनशैली में बदलाव करके इससे राहत पाई जा सकती है।<br><br>आजकल लोग घंटों ऑफिस में बैठकर काम करते हैं और गलत तरीके से बैठते हैं, जिससे कमर दर्द होना आम बात हो गई है। कुछ योगासन मांसपेशियों को आराम देकर और लचीलापन बढ़ाकर मदद कर सकते हैं। नियमित योगाभ्यास से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और कमर दर्द से राहत मिलती है। योगासन ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर तनाव कम करते हैं।<br><br>कमर दर्द के मुख्य कारण हैं गलत मुद्रा में बैठना, भारी वजन उठाना, शारीरिक गतिविधियों में कमी और मोटापा। गलत तरीके से बैठने या चलने से, ऑफिस में घंटों कुर्सी पर गलत तरीके से बैठे रहने से कमर दर्द होता है। क्षमता से अधिक भारी सामान उठाने से पीठ की मांसपेशियों और रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है। शारीरिक गतिविधियों में कमी और व्यायाम न करने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे कमर दर्द होता है। मोटापे से ग्रस्त लोगों में भी कमर दर्द की समस्या अधिक होती है।<br><br>कमर दर्द से बचने के लिए सही मुद्रा अपनाएं, नियमित रूप से व्यायाम करें, वजन को नियंत्रित रखें, भारी सामान उठाते समय सावधानी बरतें, और पर्याप्त आराम करें। कमर दर्द होने पर ज्यादा देर तक खड़े रहने या झुकने से बचें। भुजंगासन, शलभासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, बालासन, मार्जरी आसन और ताड़ासन जैसे योगासन का अभ्यास करें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>हार्ट अटैक से बचने के लिए चकोतरा खाने का सही तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/right-way-to-eat-grapefruit-to-clear-cholesterol-and-prevent-heart-attack</link>
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<description><![CDATA[ हार्ट अटैक से बचने के लिए कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना जरूरी है, जिसके लिए चकोतरा एक बेहतरीन फल है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, चकोतरा LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और आर्टरी को साफ रखता है। इसे संतरे की तरह छीलकर खाना चाहिए, फांकों की झिल्ली के साथ, क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। चकोतरा को रूम टेम्परेचर पर रखना चाहिए और नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:05:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हार्ट अटैक, कोलेस्ट्रॉल, चकोतरा, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, दिल की बीमारी, आर्टरी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>हार्ट अटैक से बचने के लिए चकोतरा: एक अचूक उपाय</strong><br><br>आजकल कम उम्र में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, जिसका मुख्य कारण कोलेस्ट्रॉल का अनियंत्रित स्तर है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, चकोतरा LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है।<br><br><strong>हार्ट अटैक का कारण और बचाव</strong><br><br>हार्ट अटैक का मुख्य कारण कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज है। आर्टरी में ब्लॉकेज होने से हृदय को पर्याप्त खून और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिससे हार्ट अटैक आ सकता है। चकोतरा में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स आर्टरी को साफ रखने में मदद करते हैं।<br><br><strong>चकोतरा खाने का सही तरीका</strong><br><br>चकोतरा को संतरे की तरह छीलकर खाना चाहिए और फांकों के ऊपर की झिल्ली को नहीं उतारना चाहिए। इस झिल्ली में पेक्टिन नामक फाइबर होता है, जो LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है।<br><br><strong>अन्य महत्वपूर्ण बातें</strong><br><br>चकोतरा को हमेशा रूम टेम्परेचर पर रखना चाहिए और एक हफ्ते के अंदर खा लेना चाहिए। यह फल न केवल कोलेस्ट्रॉल को कम करता है, बल्कि हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।]]> </content:encoded>
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<title>दक्षिण अमेरिकी चमगादड़ों में मिला नया कोरोना वायरस: इंसानों के लिए कितना खतरनाक?</title>
<link>https://pratinidhi.in/scientists-found-new-coronavirus-in-south-american-bats-could-it-infect-humans-know-here</link>
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<description><![CDATA[ ब्राजील में वैज्ञानिकों ने चमगादड़ों में एक नया कोरोना वायरस खोजा है, जो MERS वायरस के समान है। साओ पाउलो और सेरा के शोधकर्ताओं ने हांगकांग विश्वविद्यालय के साथ मिलकर इसे खोजा। यह वायरस 2012 में सऊदी अरब में पाए गए MERS-CoV से मिलता-जुलता है, जिससे 850 मौतें हुई थीं। वैज्ञानिकों ने ब्राजील के चमगादड़ों में सात कोरोना वायरस की पहचान की और पाया कि यह वायरस मनुष्यों और ऊंटों में पाए जाने वाले MERS स्ट्रेन से मिलता है। MERS ऊंटों से इंसानों में फैलता है, जिसके लक्षणों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। कोविड-19 की तरह, लोगों को चिंता है कि क्या यह नया वायरस मनुष्यों को संक्रमित कर सकता है, जिसका पता 2025 के अंत तक चलेगा. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 18:05:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>coronavirus, bats, south america, MERS virus, infect humans, Brazil, Middle East Respiratory Syndrome, MERS-CoV</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ब्राजील में वैज्ञानिकों ने चमगादड़ों में एक नए प्रकार के कोरोना वायरस की खोज की है, जिससे कोरोना वायरस की वापसी की आशंकाएं बढ़ गई हैं। यह वायरस घातक MERS वायरस के समान है और दक्षिण अमेरिका में इस तरह का पहला मामला है।</p><br><p>साओ पाउलो और सेरा के शोधकर्ताओं ने हांगकांग विश्वविद्यालय के सहयोगियों के साथ मिलकर इस नए कोरोना वायरस की खोज की है। उनके निष्कर्ष 'जर्नल ऑफ मेडिकल वायरोलॉजी' में प्रकाशित हुए हैं। इस खोज के बाद लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं।</p><br><p>शोधकर्ताओं के अनुसार, यह नया वायरस मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम वायरस (MERS-CoV) से मिलता-जुलता है, जिसके कारण 2012 में सऊदी अरब में 850 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन से अधिक देशों में संक्रमण फैल गया था।</p><br><p>अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने पूर्वोत्तर ब्राजील के फोर्टालेजा शहर में चमगादड़ों से एकत्र किए गए नमूनों में सात कोरोना वायरस की पहचान की। ये चमगादड़ दो अलग-अलग प्रजातियों के थे।</p><br><p>वैज्ञानिकों ने पाया कि नए वायरस में मनुष्यों और ऊंटों में पाए जाने वाले MERS से संबंधित कोरोना वायरस के स्ट्रेन से "उच्च समानताएं" हैं।</p><br><p>सीडीसी के अनुसार, MERS एक श्वसन बीमारी है जो MERS-CoV नामक कोरोना वायरस के कारण होती है। यह वायरस ऊंटों से इंसानों में फैल सकता है और मानव-से-मानव संचरण भी संभव है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं, जो संपर्क के 5-6 दिन बाद दिखाई देते हैं।</p><br><p>कोविड-19 की तरह, जो चमगादड़ों से उत्पन्न हुआ, लोगों को चिंता है कि क्या यह नया वायरस मनुष्यों को संक्रमित कर सकता है। हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसकी क्षमता का निर्धारण करने के लिए 2025 के अंत में प्रयोग किए जाएंगे।</p><br><p>यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।</p>]]> </content:encoded>
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<title>Magnesium ki Kami: इन फूड्स से पाएं सुकून भरी नींद</title>
<link>https://pratinidhi.in/magnesium-deficiency-foods-for-better-sleep</link>
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<description><![CDATA[ रात को नींद न आना एक आम समस्या है, जिसके पीछे मैग्नीशियम की कमी हो सकती है। मैग्नीशियम शरीर को शांत करता है और नींद को बेहतर बनाता है। पालक, बादाम, कद्दू के बीज, डार्क चॉकलेट और केला मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स हैं जो अच्छी नींद में मदद करते हैं। इन फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके नींद की क्वालिटी को सुधारा जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली के लिए अच्छी नींद लेना जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 11:03:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Magnesium, Insomnia, Foods, Sleep, Health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>मैग्नीशियम की कमी: इन फूड्स से पाएं सुकून भरी नींद</strong><br/><br/>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद न आना एक आम समस्या बन गई है। कई बार यह समस्या शरीर में मैग्नीशियम की कमी के कारण भी हो सकती है। मैग्नीशियम एक ऐसा मिनरल है जो शरीर को शांत करने और नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।<br/><br/><strong>मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स:</strong><br/><br/><strong>पालक:</strong> पालक मैग्नीशियम का एक बेहतरीन स्रोत है। यह शरीर को आराम देने और स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है।<br/><br/><strong>बादाम:</strong> बादाम मैग्नीशियम और मेलाटोनिन का एक बड़ा स्रोत हैं, जो नींद को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।<br/><br/><strong>कद्दू के बीज:</strong> कद्दू के बीज मैग्नीशियम का एक और बेहतरीन स्रोत हैं। ये शरीर को शांत करने और नींद को प्रेरित करने में मदद करते हैं।<br/><br/><strong>डार्क चॉकलेट:</strong> डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत है। यह शरीर को आराम देने और तनाव को कम करने में मदद करता है। हालांकि, इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।<br/><br/><strong>केला:</strong> केला पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। यह शरीर को आराम देने और नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।]]> </content:encoded>
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<title>ब्रेस्ट कैंसर: हर 20 में से 1 महिला को खतरा, WHO की चेतावनी</title>
<link>https://pratinidhi.in/breast-cancer-cases-and-deaths-expected-to-rise-worldwide-who-warns</link>
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<description><![CDATA[ विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है और हर 20 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में इसका खतरा है। 2025 तक इस बीमारी से होने वाली मौतों में भी वृद्धि हो सकती है, इसलिए इसके लक्षणों और जोखिम कारकों के बारे में जानना जरूरी है। जल्दी पता लगने पर इसका इलाज संभव है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119157229/breast-cancer-cases-and-deaths-expected-to-rise-worldwide-who-warns-know-its-symptoms-causes-and-treatment-in-hindi-119157229.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 11:03:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>breast cancer, WHO, cancer, health, women, symptoms, treatment, diagnosis</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है, जिसके मामले आने वाले सालों में और बढ़ने की आशंका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर 20 में से 1 महिला को अपने जीवनकाल में ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा है, और 2025 तक इस बीमारी से होने वाली मौतों में भी वृद्धि हो सकती है।</p><br><p>यह बीमारी इसलिए भी खतरनाक है क्योंकि ज्यादातर महिलाओं को इसके लक्षणों की जानकारी नहीं होती है, जिससे वे समय पर इसका पता नहीं लगा पाती हैं।</p><br><p><b>ब्रेस्ट कैंसर के कुछ सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:</b></p><br><ul>
<li>स्तन में गांठ या मोटापन</li>
<li>स्तन के आकार या रूप में परिवर्तन</li>
<li>त्वचा में गड्ढे या लालिमा</li>
<li>निप्पल से असामान्य स्त्राव</li>
</ul><br><p><b>ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम कारक:</b></p><br><ul>
<li>बढ़ती उम्र</li>
<li>पारिवारिक इतिहास</li>
<li>मोटापा</li>
<li>शराब और तंबाकू का सेवन</li>
</ul><br><p>ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है, खासकर अगर इसे जल्दी पकड़ लिया जाए। उपचार में सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी शामिल हो सकते हैं।</p><br><p><i>डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता,सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।</i></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>धनिया और पुदीने का जूस: वजन घटाने और डिटॉक्स का आसान उपाय</title>
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<description><![CDATA[ धनिया और पुदीने का जूस वजन घटाने और शरीर को डिटॉक्स करने का एक प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है। यह जूस न केवल पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है, जिससे शरीर में जमी चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। चरक फार्मा की मेडिकल एडवाइजर डॉक्टर मानसी मौर्या के अनुसार, धनिया और पुदीना दोनों में औषधीय गुण होते हैं जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालते हैं। इसके अलावा, यह जूस इम्यूनिटी को बढ़ाता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। धनिया और पुदीने में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद होते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 11:01:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>weight loss, detox, coriander, mint, juice, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[धनिया और पुदीने का जूस वजन घटाने और शरीर को डिटॉक्स करने का एक प्राकृतिक और प्रभावी तरीका है। यह जूस न केवल पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है, जिससे शरीर में जमी चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। चरक फार्मा की मेडिकल एडवाइजर डॉक्टर मानसी मौर्या के अनुसार, धनिया और पुदीना दोनों में औषधीय गुण होते हैं जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं और फैट बर्निंग की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं।<br><br>इस जूस के नियमित सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। यह वजन घटाने में तेजी लाता है, पेट की समस्याओं जैसे एसिडिटी, गैस और कब्ज से राहत दिलाता है। धनिया और पुदीना दोनों ही प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर हैं, जो लिवर और किडनी को स्वस्थ रखते हैं, जिससे शरीर की सफाई प्रक्रिया बेहतर होती है। इसके अलावा, यह जूस इम्यूनिटी को बढ़ाता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है। धनिया और पुदीने में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद होते हैं, जिससे त्वचा चमकदार और बाल मजबूत होते हैं।<br><br>इसलिए, यदि आप स्वस्थ तरीके से वजन घटाना चाहते हैं, पाचन क्रिया को सुधारना चाहते हैं, शरीर को डिटॉक्स करना चाहते हैं, इम्यूनिटी को बढ़ाना चाहते हैं और स्वस्थ त्वचा और बाल पाना चाहते हैं, तो धनिया और पुदीने का जूस आपके दैनिक आहार में शामिल करने के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है।<br><br>यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रात को अच्छी नींद के लिए योगासन</title>
<link>https://pratinidhi.in/yoga-asanas-for-good-sleep-and-cure-insomnia</link>
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<description><![CDATA[ आजकल की जीवनशैली में नींद की कमी एक आम समस्या है। संतुलित आहार और व्यायाम के साथ-साथ अच्छी नींद भी जरूरी है। नींद की कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं। सोने से पहले बालासन, वज्रासन, सर्वांगासन, सुखासन और शवासन जैसे योगासन करने से अच्छी नींद आती है और तनाव कम होता है। ये आसन शरीर और दिमाग को शांत करते हैं और पाचन क्रिया को सुधारते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 11:01:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Yoga, Sleep, Insomnia, Balasana, Vajrasana, Sarvangasana, Sukhasana, Shavasana</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रात को अच्छी नींद के लिए योगासन</strong><br/><br/>आजकल लोगों की स्लीपिंग पैटर्न काफी बदल गई है। देर रात तक मोबाइल चलाने की वजह से सेहत पर बुरा असर पड़ता है और नींद की समस्या होती है।<br/><br/>अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और 8 घंटे की नींद जरूरी है। नींद की कमी से अनिद्रा, चिड़चिड़ापन और खून की कमी जैसी बीमारियां हो सकती हैं।<br/><br/><strong>सोने से पहले करें ये योगासन:</strong><br/><br/><strong>1. बालासन:</strong> शरीर और दिमाग को रिलैक्स करता है, तनाव कम करता है। वज्रासन में बैठकर माथा जमीन पर टिकाएं और हाथ आगे फैलाएं।<br/><br/><strong>2. वज्रासन:</strong> खाने के बाद और सोने से पहले करें। पाचन क्रिया को मजबूत करता है और तनाव से मुक्ति दिलाता है।<br/><br/><strong>3. सर्वांगासन:</strong> पैरों को दीवार के सहारे ऊपर उठाएं। इससे नींद जल्दी आती है और झुर्रियां भी कम होती हैं।<br/><br/><strong>4. सुखासन:</strong> ध्यान मुद्रा में बैठकर मन को शांत करें। इससे मानसिक तनाव कम होता है।<br/><br/><strong>5. शवासन:</strong> पीठ के बल लेटकर आंखें बंद करें और सांस पर ध्यान दें। इससे पूरे शरीर को शांति मिलती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अंडों की महंगाई से बचें: ये 5 फूड दिलाएंगे भरपूर प्रोटीन</title>
<link>https://pratinidhi.in/avoid-expensive-eggs-these-5-foods-will-give-you-plenty-of-protein</link>
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<description><![CDATA[ अमेरिका में अंडों की कीमतों में अस्थिरता के कारण प्रोटीन प्राप्त करने का खर्च बढ़ गया है। बर्ड फ्लू के कारण अंडों के दाम में उछाल आया है, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी रहती है। प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई अन्य खाद्य विकल्प उपलब्ध हैं, जैसे सोयाबीन, ग्रीक योगर्ट, मछली, डेयरी प्रोडक्ट और चिकन। सोयाबीन एक कंप्लीट प्रोटीन है, ग्रीक योगर्ट हाई प्रोटीन वैल्यू वाला होता है, सालमन और टूना मछली प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं, दूध और दही प्रोटीन से भरपूर होते हैं, और चिकन ब्रेस्ट प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 23:50:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>protein, eggs, soybean, greek yogurt, fish, chicken</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अमेरिका में अंडों की कीमतों में अस्थिरता के कारण लोगों को प्रोटीन प्राप्त करने में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। <strong>अंडे के अलावा</strong>, प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई अन्य खाद्य विकल्प उपलब्ध हैं।<br><br>बर्ड फ्लू के कारण अंडों के दाम में उछाल आया है, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। हालांकि, उत्पादन स्थिर होने से कीमतों में गिरावट शुरू हो गई है, लेकिन बर्ड फ्लू के बार-बार होने वाले मामलों से बाजार में अस्थिरता बनी रहती है। बहुत से लोग प्रोटीन के लिए अंडों पर निर्भर करते हैं, इसलिए अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की सूची दी गई है जिनसे प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत पूरी की जा सकती है।<br><br><strong>अंडे के अलावा प्रोटीन के कुछ बेहतरीन स्रोत इस प्रकार हैं:</strong><br><br>1. <strong>सोयाबीन:</strong> यह शाकाहारियों और मांसाहारियों दोनों के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। यह एक कंप्लीट प्रोटीन है जिसमें एनिमल प्रोटीन के बराबर क्वालिटी होती है, लेकिन इसमें फैट कम होता है।<br><br>2. <strong>ग्रीक योगर्ट:</strong> यह अपने हाई प्रोटीन वैल्यू के लिए जाना जाता है और ब्रेकफास्ट या स्मूदी के लिए अच्छा विकल्प है।<br><br>3. <strong>मछली:</strong> सालमन और टूना मछली प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।<br><br>4. <strong>डेयरी प्रोडक्ट:</strong> दूध और दही भी प्रोटीन से भरपूर होते हैं।<br><br>5. <strong>चिकन:</strong> चिकन, विशेष रूप से चिकन ब्रेस्ट, प्रोटीन का अच्छा स्रोत है।<br><br>यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लिली कॉलिन्स की फिटनेस का राज: हेल्दी लाइफस्टाइल से पाया टोन्ड फिगर</title>
<link>https://pratinidhi.in/lilly-collins-fitness-secrets-healthy-lifestyle-weight-loss-journey</link>
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<description><![CDATA[ लिली कॉलिन्स, &#039;Emily in Paris&#039; एक्ट्रेस, अपनी फिटनेस के लिए मशहूर हैं। उन्होंने वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन से सबको चौंका दिया। लिली 3-4 लीटर पानी, डिटॉक्स वॉटर और ग्रीन टी पीती हैं। उनकी डाइट में हाई-प्रोटीन फूड, हरी सब्जियां और हेल्दी फैट्स शामिल हैं। वह योगा, मेडिटेशन और नेचर वॉक से स्ट्रेस कम करती हैं। लिली हफ्ते में 5-6 दिन कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती हैं, जिससे उनकी बॉडी टोन रहती है। 7-8 घंटे की नींद भी उनकी फिटनेस का राज है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119151548/paris-superstar-lilly-collins-stunning-weight-loss-discover-her-ultimate-fitness-secret-119151548.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 23:50:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लिली कॉलिन्स, वेट लॉस, फिटनेस, हेल्दी लाइफस्टाइल, बैलेंस्ड डाइट, वर्कआउट, मेंटल हेल्थ, योगा, मेडिटेशन, स्लीप साइकल, कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, डिटॉक्स ड्रिंक्स, हाइड्रेशन, ग्लोइंग स्किन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>लिली कॉलिन्स की फिटनेस जर्नी: एक हेल्दी लाइफस्टाइल</strong><br><br>हॉलीवुड एक्ट्रेस लिली कॉलिन्स, जिन्हें 'Emily in Paris' से पहचान मिली, अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। 35 साल की लिली ने अपने वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन से सबको हैरान कर दिया है। उनकी फिटनेस जर्नी सिर्फ वेट लॉस नहीं, बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की कहानी है।<br><br>लिली ने शानदार बॉडी पाने के लिए खास फिटनेस रूटीन, डाइट और वर्कआउट प्लान बनाया। उन्होंने वजन कम करने के साथ अपनी स्किन और हेल्थ को भी बेहतर बनाया। उनका यह सफर कई लोगों के लिए प्रेरणादायक है।<br><br>इस आर्टिकल में लिली कॉलिन्स की फिटनेस जर्नी, डाइट प्लान, वर्कआउट रूटीन और मेंटल हेल्थ के बारे में बताया गया है।<br><br><strong>हाइड्रेशन और डिटॉक्स ड्रिंक्स:</strong><br>लिली दिन में 3-4 लीटर पानी पीती हैं, जिससे उनकी स्किन ग्लोइंग रहती है। वह नींबू, पुदीना और खीरे वाला डिटॉक्स वॉटर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ग्रीन टी लेती हैं।<br><br><strong>बैलेंस्ड डाइट:</strong><br>लिली हमेशा बैलेंस्ड डाइट लेती हैं, जिसमें हाई-प्रोटीन फूड, ग्रीन वेजिटेबल्स, गुड फैट्स, लो कार्ब्स और हेल्दी ड्रिंक्स शामिल होते हैं।<br><br><strong>मेंटल हेल्थ:</strong><br>लिली योगा और मेडिटेशन से स्ट्रेस कम करती हैं और माइंड को शांत रखती हैं। वह गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाती हैं, मॉर्निंग मेडिटेशन करती हैं और नेचर वॉक पर जाती हैं।<br><br><strong>स्लीप साइकल:</strong><br>लिली के अनुसार, 7-8 घंटे की नींद जरूरी है। वह सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन टाइम कम कर देती हैं और मेडिटेशन करती हैं।<br><br><strong>वर्कआउट:</strong><br>लिली हफ्ते में 5-6 दिन वर्कआउट करती हैं, जिसमें कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, योगा और पिलाटे्स शामिल हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>खीरे से पाएं निखरी त्वचा: 1 सब्जी से चेहरा बनेगा चमकदार</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-get-instant-glowing-skin-with-cucumber-face-pack-in-hindi</link>
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<description><![CDATA[ खीरा एक ऐसी सब्जी है जो चेहरे को चमकदार बना सकती है। खीरे का फेस पैक बनाने के लिए खीरे को कद्दूकस कर लें और उसका रस निकाल लें, फिर उसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें। खीरे के फेस पैक से त्वचा को हाइड्रेट, मुंहासों को कम, ठंडक और रंगत को निखार मिलता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 23:46:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>खीरा, त्वचा, फेस पैक, घरेलू उपाय, ब्यूटी टिप्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज हम आपको एक ऐसी सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके चेहरे को चमकदार बना सकती है और इसका असर आपको पहले ही इस्तेमाल में दिखने लगेगा। जी हां, हम बात कर रहे हैं खीरे की। खीरे का फेस पैक आपकी त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होता है।</p><br><p><strong>खीरे का फेस पैक बनाने का तरीका:</strong></p><br><p>खीरे का फेस पैक बनाने के लिए सबसे पहले खीरे को कद्दूकस कर लें और फिर उसका रस निकाल लें। अब इस रस में एक चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इस मिश्रण को अच्छी तरह से मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लें।</p><br><p><strong>खीरे के फेस पैक के फायदे:</strong></p><br><p>खीरे के फेस पैक से आपकी त्वचा को कई तरह के फायदे मिलते हैं। यह आपकी त्वचा को हाइड्रेट रखता है, मुंहासों को कम करने में मदद करता है, त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और रंगत को निखारता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बेसन से पाएं निखरी त्वचा: 6 आसान तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/besan-benefits-for-skin-6-easy-ways-to-use-besan-for-glowing-skin</link>
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<description><![CDATA[ बेसन हमारी त्वचा के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे कई तरह के फेस पैक बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकते हैं, जिससे आप अलग-अलग तरह की स्किन प्रॉब्लम को ठीक कर सकते हैं। बेसन में हल्दी मिलाकर लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार होता है और हल्दी के जीवाणुरोधी गुण मुंहासों को बढ़ने और मवाद को फैलने से रोकते हैं। एक कटोरी में बेसन, एलोवेरा जेल और गुलाब जल मिलाकर पैक बना लें और इसे अपने चेहरे पर लगाएं। यह उपाय आपकी त्वचा को हाइड्रेट और पोषण देने में मदद करेगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 23:46:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बेसन, फेस पैक, त्वचा की देखभाल, घरेलू नुस्खे, हल्दी, दही, एलोवेरा, शहद, मुल्तानी मिट्टी, खीरा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[इस लेख में, हम बेसन के 6 अलग-अलग फेस पैक बनाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे, जो त्वचा से मुंहासों को कम करने, मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं।<br><br>बेसन त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है। इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के फेस पैक बनाने के लिए किया जा सकता है, जो विभिन्न प्रकार की त्वचा की समस्याओं को ठीक करते हैं। आज हम आपको बेसन को 6 अलग-अलग सामग्रियों के साथ मिलाकर 6 अलग-अलग तरह के फेस पैक बनाने का तरीका बताने जा रहे हैं।<br><br>बेसन में हल्दी मिलाकर लगाने से त्वचा की रंगत में सुधार होता है और हल्दी के जीवाणुरोधी गुण मुंहासों को बढ़ने और मवाद को फैलने से रोकते हैं।<br><br>यदि आपकी त्वचा पर बार-बार तेल जमा हो जाता है या दाने निकल आते हैं, तो बेसन के साथ दही मिलाकर लगाएं। दही गर्मी से बढ़ने वाली त्वचा की समस्याओं को ठीक करने में फायदेमंद होता है।<br><br>एक कटोरी में बेसन, एलोवेरा जेल और गुलाब जल मिलाकर पैक बना लें और इसे अपने चेहरे पर लगाएं। यह उपाय आपकी त्वचा को हाइड्रेट और पोषण देने में मदद करेगा।<br><br>चेहरे पर बेसन, शहद और कच्चे दूध का पेस्ट लगाने से त्वचा रूखी नहीं होती और लंबे समय तक नमी बनी रहती है।<br><br>बेसन और मुल्तानी मिट्टी दोनों ही त्वचा को एक्सफोलिएट करने, मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने और त्वचा को गहराई से साफ करने में फायदेमंद होते हैं। आप गुलाब जल के साथ मिलाकर फेस पैक तैयार कर सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं।<br><br>त्वचा को ताजगी और ठंडक देने के लिए एक चम्मच बेसन में खीरे का रस और गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा हाइड्रेटेड रहेगी।]]> </content:encoded>
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<title>राधा रानी बनी दुल्हन: हल्दी में कृष्ण संग रचाया रास</title>
<link>https://pratinidhi.in/bride-harriddhi-modi-turned-radha-rani-for-her-haldi-ceremony-inspired-by-krishna-leela-and-brij-ki-holi</link>
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<description><![CDATA[ इंटरनेट पर एक दुल्हन का अंदाज वायरल हो रहा है, जिसने अपनी हल्दी को बरसाना की रासलीला में बदल दिया। हर्रिद्धि मोदी नामक दुल्हन ने राधा रानी की तरह सज-संवरकर सभी को आकर्षित किया। उन्होंने न केवल राधा रानी की तरह लहंगा-चोली पहनी, बल्कि कृष्ण के साथ रासलीला भी की। समारोह में शामिल मेहमान भी गोपियों की तरह सज-धजकर आए थे। दूल्हा-दुल्हन ने अपने मेकअप, हेयर और जूलरी को राधा रानी जैसा रखा। दुल्हन ने पर्पल, पिंक और ग्रीन कलर का थ्री शेड लहंगा पहना था, और जूलरी पर भी खास ध्यान दिया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 23:43:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Radha Rani, bride, haldi ceremony, Krishna Leela, Brij ki Holi, wedding, Indian wedding, fashion, lifestyle</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>अपनी हल्दी में बरसाने की 'राधा रानी' बनी दुल्हन</b><br><br> इंटरनेट पर एक दुल्हन का अंदाज खूब वायरल हो रहा है, जिसने अपनी हल्दी को बरसाना की रासलीला में बदल दिया। इस दुल्हन ने राधा रानी की तरह सज-संवरकर सभी को आकर्षित किया।<br><br><b>दुल्हन का राधा रानी लुक</b><br><br>हर्रिद्धि मोदी नामक एक दुल्हन ने अपनी हल्दी सेरेमनी को खास बनाने के लिए बरसाना का रूप दिया। उन्होंने न केवल राधा रानी की तरह लहंगा-चोली पहनी, बल्कि कृष्ण के साथ रासलीला भी की। समारोह में शामिल मेहमान भी गोपियों की तरह सज-धजकर आए थे। हर्रिद्धि मोदी और ऋषभ की हल्दी सेरेमनी में बरसाना की होली और रासलीला की यादें ताजा हो गईं।<br><br><b>यूनिक कॉन्सेप्ट से हल्दी बनी स्पेशल</b><br><br>दूल्हा-दुल्हन ने इस विशेष दिन को और भी खास बनाने के लिए एक यूनिक कॉन्सेप्ट का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने मेकअप, हेयर और जूलरी को राधा रानी जैसा रखा। फूलों वाली होली के बीच हुई हल्दी में दूल्हे ने बेज कलर का कुर्ता-पजामा और सी ग्रीन जैकेट पहनी थी।<br><br><b>दुल्हन का लहंगा</b><br><br>दुल्हन ने पर्पल, पिंक और ग्रीन कलर का थ्री शेड लहंगा पहना था, जिस पर सेक्वीन सितारों से खूबसूरत पैटर्न बनाया गया था। उन्होंने पिंक और ग्रीन कलर का ब्लाउज पहना था, जिस पर सुनहरे थ्रेड वर्क से फूलों की बेल बनाई गई थी।<br><br><b>जूलरी का रखा खास ध्यान</b><br><br>दुल्हन ने राधा रानी जैसा लुक पाने के लिए जूलरी पर भी खास ध्यान दिया। उन्होंने चोकर सेट और सी ग्रीन मोतियों वाला रानी हार पहना था। चेन वाले झुमके और नोजपिन उनकी सुंदरता को और बढ़ा रहे थे।]]> </content:encoded>
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<title>सुनीता विलियम्स की घर वापसी: अंतरिक्ष से लौटने पर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां</title>
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<description><![CDATA[ नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की सुरक्षित वापसी का पूरी दुनिया इंतजार कर रही है, लेकिन उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं हैं। अंतरिक्ष यात्रा रोमांचक है, पर पृथ्वी पर लौटना चुनौतीपूर्ण है। गुरुत्वाकर्षण के बिना रहने से शरीर में बदलाव आते हैं, और पृथ्वी के वातावरण में अनुकूलन में हफ्तों या महीनों लग सकते हैं। अंतरिक्ष में रहने से मांसपेशियों, हड्डियों, संतुलन और दृष्टि पर असर पड़ता है। नासा अंतरिक्ष यात्रियों को ट्रेनिंग, पुनर्वास और मेडिकल सहायता प्रदान करता है ताकि वे जल्दी ठीक हो सकें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 23:38:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुनीता विलियम्स, अंतरिक्ष यात्रा, माइक्रोग्रैविटी, स्वास्थ्य, नासा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[पूरी दुनिया नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रही है। 18 मार्च को वे पृथ्वी पर लौट सकते हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं हैं।<br><br>अंतरिक्ष यात्रा रोमांचक है, पर पृथ्वी पर लौटना चुनौतीपूर्ण है। गुरुत्वाकर्षण के बिना रहने से शरीर में बदलाव आते हैं, और पृथ्वी के वातावरण में अनुकूलन में हफ्तों या महीनों लग सकते हैं। थकान, चलने में कठिनाई और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।<br><br>अंतरिक्ष में रहने से मांसपेशियों, हड्डियों, संतुलन और दृष्टि पर असर पड़ता है। नासा अंतरिक्ष यात्रियों को ट्रेनिंग, पुनर्वास और मेडिकल सहायता प्रदान करता है ताकि वे जल्दी ठीक हो सकें।]]> </content:encoded>
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<title>बच्चों में ऑटिज्म: स्क्रीन का खतरा</title>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने बच्चों को खाना खिलाने या व्यस्त रखने के लिए स्क्रीन के इस्तेमाल के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने एक केस स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि कैसे एक बच्चे में लगातार स्क्रीन देखने के कारण वर्चुअल ऑटिज्म के लक्षण विकसित हो गए। डॉक्टर माधवी ने बताया कि बच्चे ने आई कॉन्टैक्ट करना बंद कर दिया और अपने नाम पर प्रतिक्रिया देना भी कम कर दिया। उन्होंने माता-पिता को वायरल बुखार के बाद भी बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने और एक साल के बच्चे के नाम पर प्रतिक्रिया न देने पर सतर्क रहने की सलाह दी है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119155231/doctor-madhavi-bhardwaj-disclose-is-it-right-to-show-screen-while-feeding-the-baby-119155231.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 23:38:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>virtual autism, screen time, children, parenting</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बच्चों में बढ़ता वर्चुअल ऑटिज्म का खतरा: डॉक्टर माधवी भारद्वाज की राय</strong><br><br>आजकल बच्चों को खाना खिलाने या व्यस्त रखने के लिए माता-पिता अक्सर फोन या स्क्रीन का सहारा लेते हैं। हालांकि, यह तरीका बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है और वर्चुअल ऑटिज्म का कारण बन सकता है।<br><br><strong>डॉक्टर माधवी भारद्वाज का नजरिया</strong><br><br>पीडियाट्रिशियन डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने इस विषय पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने एक मरीज का उदाहरण दिया, जिसमें बच्चे को लगातार स्क्रीन दिखाने के कारण कई समस्याएं हुईं।<br><br><strong>केस स्टडी: आई कॉन्टैक्ट की समस्या</strong><br><br>डॉक्टर माधवी ने बताया कि एक मां अपने बच्चे को रूटीन चेकअप के लिए लाई थी। मां ने शिकायत की कि बच्चा आई कॉन्टैक्ट नहीं कर रहा है। डॉक्टर माधवी ने बताया कि बच्चा पिछले 17 महीनों से उनके पास आ रहा था और पहले कोई समस्या नहीं थी।<br><br><strong>अस्पताल में स्क्रीन का उपयोग</strong><br><br>मां ने बताया कि बच्चे को होमटाउन ले जाने पर उसकी तबीयत खराब हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। अस्पताल में बच्चे को व्यस्त रखने के लिए परिवार ने उसे स्क्रीन दिखानी शुरू कर दी।<br><br><strong>घर आने के बाद समस्याएँ</strong><br><br>अस्पताल से घर आने के बाद बच्चे ने खाना खाना कम कर दिया, और उसे खाना खिलाने के लिए फिर से स्क्रीन का सहारा लेना पड़ा। बच्चा स्क्रीन पर इतना निर्भर हो गया कि उसके बिना खाना खाने से मना करने लगा। इस कारण बच्चे में कई बदलाव आए।<br><br><strong>रिस्पांस में कमी</strong><br><br>लगातार फोन देखने के कारण बच्चे ने रिस्पांस करना कम कर दिया था। पहले वह बातें करता था और अपने नाम पर प्रतिक्रिया देता था, लेकिन अब उसने यह सब बंद कर दिया था। डॉक्टर ने इसे वर्चुअल ऑटिज्म का नाम दिया, जिसमें बच्चा वर्चुअल दुनिया में खो जाता है और बाहरी दुनिया से बात नहीं करना चाहता।<br><br><strong>बचाव के उपाय</strong><br><br>डॉक्टर माधवी ने इस समस्या से बचने के लिए कहा कि वायरल बुखार के बाद बच्चे की भूख कम हो जाती है, लेकिन इसके लिए फोन का सहारा लेना ठीक नहीं है। फोन देखकर खाना खाने से बच्चे को भोजन के बारे में जानकारी नहीं होती और उसे पता नहीं चलता कि वह क्या और कितना खा रहा है। यदि एक साल का होने के बाद बच्चा अपने नाम पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, तो इसे खतरे का संकेत समझना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>कद्दू के बीज: कोलेस्ट्रॉल कम करने का प्राकृतिक उपाय</title>
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<description><![CDATA[ कद्दू के बीज कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होते हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व होते हैं। ये बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं। कद्दू के बीजों को कच्चा या भूनकर खाया जा सकता है, या सलाद और स्मूदी में मिलाया जा सकता है। प्रतिदिन 30 ग्राम कद्दू के बीज खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है। अधिक मात्रा में खाने से पेट की समस्या हो सकती है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:14:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कद्दू के बीज, कोलेस्ट्रॉल, स्वास्थ्य लाभ, कोलेस्ट्रॉल कम करें, स्वस्थ वसा, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>कद्दू के बीज: कोलेस्ट्रॉल कम करने का प्राकृतिक उपाय</strong><br><br>कद्दू के बीज कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इनमें फाइबर, प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।<br><br><strong>कद्दू के बीज कैसे कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं?</strong><br><br>कद्दू के बीजों में मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करते हैं। फाइबर शरीर से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को निकालने में मदद करता है।<br><br><strong>कद्दू के बीज खाने के तरीके</strong><br><br>कद्दू के बीजों को कच्चा या भूनकर खाया जा सकता है। भुने हुए बीज स्वादिष्ट होते हैं और एक स्वस्थ नाश्ते के रूप में काम करते हैं। प्रतिदिन एक मुट्ठी (लगभग 30 ग्राम) कद्दू के बीज खाने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इन्हें सलाद, दही या स्मूदी में मिलाकर भी खाया जा सकता है। कद्दू के बीज का तेल भी कोलेस्ट्रॉल को कम करने में फायदेमंद होता है।<br><br><strong>ध्यान रखने योग्य बातें</strong><br><br>कद्दू के बीजों को सीमित मात्रा में खाएं, क्योंकि अधिक मात्रा में खाने से पेट की समस्या हो सकती है। यदि आप किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो कद्दू के बीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>तरबूज की मिठास: 30 सेकंड में पहचानें, डेकोर दीदी की टिप्स!</title>
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<description><![CDATA[ यह लेख डेकोर दीदी द्वारा बताए गए तरबूज को बिना काटे पहचानने के टिप्स के बारे में है। गर्मी में तरबूज की मांग बढ़ जाती है, लेकिन सही तरबूज का चुनाव करना मुश्किल हो सकता है। डेकोर दीदी ने कुछ टिप्स साझा किए हैं जिनसे बिना काटे ही मीठा और लाल तरबूज पहचाना जा सकता है। इन टिप्स में पीले धब्बे, टहनी का रंग, जाल और स्किन की जाँच करना शामिल है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119145744/decor-didi-share-easy-and-useful-tips-to-check-red-and-sweet-watermelon-before-buying-119145744.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:11:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तरबूज, मीठा तरबूज, लाल तरबूज, डेकोर दीदी, गर्मी, हाइड्रेटेड, टिप्स, पहचान, खरीदारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मी के मौसम में तरबूज की मांग बढ़ जाती है, लेकिन सही तरबूज का चुनाव करना मुश्किल हो सकता है। <b>डेकोर दीदी</b> ने कुछ टिप्स साझा किए हैं जिनसे बिना काटे ही मीठा और लाल तरबूज पहचाना जा सकता है।<br><br>गर्मी में शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है, और तरबूज एक लोकप्रिय विकल्प है। डेकोर दीदी के अनुसार, बिना काटे तरबूज को पहचानने के कुछ तरीके हैं।<br><br>सबसे पहले, तरबूज पर <b>पीले धब्बे</b> की जाँच करें। यह धब्बा इंगित करता है कि तरबूज बिना किसी रसायन के पकाया गया है। यदि पीला धब्बा नहीं है, तो हो सकता है कि इसे रसायनों से पकाया गया हो।<br><br>दूसरा, तरबूज की <b>टहनी</b> को देखें। भूरे रंग की सूखी टहनी का मतलब है कि तरबूज पूरी तरह पकने के बाद तोड़ा गया है। हरी टहनी वाले तरबूज से बचें, क्योंकि यह कच्चा हो सकता है।<br><br>तीसरा, रसीले तरबूज की पहचान के लिए, तरबूज के ऊपर <b>भूरे रंग के जाल</b> को देखें। यह इंगित करता है कि तरबूज रसीला है।<br><br>अंत में, तरबूज की <b>स्किन</b> को देखें। डल स्किन वाला तरबूज मीठा और पका हुआ होता है। शाइनी स्किन वाले तरबूज से बचें। गहरे हरे रंग का तरबूज कच्चा या कोल्ड स्टोरेज वाला हो सकता है। तरबूज को ठोक कर भी देखें, खोखली आवाज आने पर तरबूज पका हुआ माना जाता है।]]> </content:encoded>
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<title>आंखों की रोशनी बढ़ाने का घरेलू उपाय: बादाम, सौंफ और मिश्री से पाएं तेज नजर</title>
<link>https://pratinidhi.in/ayurveda-doctor-robin-sharma-told-how-to-make-natural-home-remedy-for-weak-eye-sight-with-almond-saunf-and-mishri</link>
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<description><![CDATA[ अगर आपकी दृष्टि कमजोर हो रही है, तो आयुर्वेदिक उपाय से घर पर ही इलाज संभव है। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. रॉबिन शर्मा ने चश्मा हटाने का घरेलू उपाय बताया है, जिसमें बादाम, सौंफ और मिश्री को पीसकर सेवन करने की सलाह दी गई है। यह मिश्रण आंखों को ताकत देने के साथ दिमाग और पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। इसके अलावा, आंखों के लिए जरूरी पोषण, व्यायाम, स्क्रीन टाइम कम करना, और धूम्रपान छोड़ना भी महत्वपूर्ण है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:11:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आंखों की रोशनी, घरेलू उपाय, बादाम, सौंफ, मिश्री, आयुर्वेद, रोबिन शर्मा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अगर आपकी दृष्टि कमजोर हो रही है और आपको धुंधला दिखाई देता है, तो आप इसका इलाज घर पर ही कर सकते हैं। इसके लिए आपको किसी हेल्थ ड्रिंक या दवा की आवश्यकता नहीं है। आयुर्वेद में इसका एक उपाय है, जिसके लिए आपको 3 चीजों को पीसकर उनका सेवन करना होगा।<br><br>चश्मा कई लोगों के लिए परेशानी का सबब होता है। वे हमेशा के लिए इससे छुटकारा पाना चाहते हैं। ऐसा करने के लिए, वे बाजार से स्वास्थ्य पेय खरीदते हैं ताकि पोषण प्राप्त करके दृष्टि की कमजोरी को दूर किया जा सके। लेकिन बाजार में मिलने वाले पेय पदार्थों में पोषण कम और स्वाद और चीनी अधिक होती है। इसके बजाय, आप घर पर ही, अपने हाथों से एक देसी नुस्खा बना सकते हैं।<br><br>आयुर्वेद में ऐसे कई घरेलू उपचार बताए गए हैं जो शरीर की गंभीर समस्याओं को भी दूर कर सकते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. रॉबिन शर्मा ने चश्मा हटाने के लिए एक घरेलू उपाय साझा किया है, जो आपको कई लाभ प्रदान कर सकता है।<br><br>दृष्टि में सुधार कैसे करें? उन्होंने कहा, 'मैंने इस उपाय से बच्चों की आंखों पर लगे मोटे चश्मे तक को उतरते हुए देखा है। इस उपाय को घर पर अपने हाथों से बनाएं, जो न केवल आपकी आंखों को मजबूत करेगा बल्कि आपके मस्तिष्क को भी कई गुना तेज करेगा और आपके पाचन तंत्र को भी मजबूत करेगा।'<br><br><b>बाजार से 3 चीजें खरीदें</b><br>------------------------<br><br>200 ग्राम बादाम<br>200 ग्राम सौंफ<br>200 ग्राम धागे वाली मिश्री<br><br><b>इस तरह बनाएं दृष्टि तेज करने वाली दवा</b><br>-----------------------------<br><br>तीनों चीजों को मिक्सर में डालकर अच्छी तरह पीस लें।<br>इसका एक छोटा चम्मच दूध के साथ लें।<br>यदि आप दूध नहीं पीते हैं, तो आप पाउडर को खाली भी खा सकते हैं।<br><br><b>तेज दृष्टि के लिए क्या खाएं?</b><br>------------------------------------<br><br><b>इन युक्तियों का पालन करें</b><br>-------------------<br><br>ऐसी डाइट लें जिसमें आंखों के लिए जरूरी पोषण हो<br>पूरे शरीर का व्यायाम करने से आंखों को भी मजबूती मिलती है<br>आंखों के लिए अलग से व्यायाम करें<br>स्क्रीन टाइम कम करें<br>धूम्रपान छोड़ दें<br>धूप और धूल से बचने के लिए बाहर चश्मा पहनें<br><br><b>कौन से पोषक तत्व लें</b><br>--------------------------<br><br>विटामिन ए: गाजर, पालक, शकरकंद, अंडे की जर्दी, डेयरी उत्पाद<br>ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन: पालक, हरी मटर, पिस्ता, कद्दू, स्वीट कॉर्न<br>ओमेगा 3 और 6 फैटी एसिड: मछली, सीप, अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट, सोयाबीन, टोफू, भांग के बीज, सूरजमुखी के बीज, पीनट बटर<br>विटामिन सी: शिमला मिर्च, अमरूद, खट्टे फल, नींबू, ब्रोकली<br>विटामिन ई: बादाम, अलसी के बीज, बीज का तेल, सूरजमुखी के बीज<br>जिंक: सीप, मांस, मूंगफली, कद्दू के बीज<br><br>अस्वीकरण: लेख में दिए गए नुस्खों की जानकारी और दावे पूरी तरह से इंस्टाग्राम पर प्रकाशित रील पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और प्रभावशीलता के लिए ज़िम्मेदार नहीं है। किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नीम की पत्तियां: क्या ये अनचाही प्रेगनेंसी को रोक सकती हैं?</title>
<link>https://pratinidhi.in/neem-leaves-can-prevent-unwanted-pregnancy-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ एक सोशल मीडिया रील में दावा किया गया है कि नीम की पत्तियां अनचाही प्रेगनेंसी को रोक सकती हैं। एक फैक्ट चेक में यह दावा गलत पाया गया। डॉक्टर बंदिता सिन्हा के अनुसार, नीम की पत्तियों में गर्भनिरोधक गुण होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। नीम में औषधीय गुण होते हैं, लेकिन परिवार नियोजन के लिए सुरक्षित और विज्ञान-आधारित विकल्पों का चयन करना चाहिए। गर्भनिरोधक के लिए डॉक्टर से सलाह लेना और सिद्ध तरीकों का उपयोग करना ज़रूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:11:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नीम की पत्तियां, प्रेगनेंसी, गर्भनिरोधक, फैक्ट चेक, स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है कि नीम की पत्तियां अनचाही प्रेगनेंसी को रोकने में कारगर हैं। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए एक फैक्ट चेक किया गया।<br><br><strong>दावा:</strong><br>रील में दावा किया गया है कि यदि कोई महिला गलती से गर्भवती हो जाती है, तो नीम की पत्ती खाने से अनचाही प्रेगनेंसी को रोका जा सकता है।<br><br><strong>सच्चाई:</strong><br>मुंबई के एक अस्पताल की डॉक्टर बंदिता सिन्हा के अनुसार, यह दावा भरोसेमंद नहीं है। कुछ संस्कृतियों में नीम की पत्तियों को गर्भनिरोधक माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह साबित नहीं हुआ है कि वे वास्तव में गर्भनिरोधक के रूप में काम करती हैं।<br><br><strong>धारणा का कारण:</strong><br>कुछ साहित्य बताते हैं कि नीम का अर्क बाहरी रूप से लगाने पर शुक्राणुनाशक गुणों के कारण फायदेमंद होता है। हालांकि, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि नीम की पत्तियां खाने से गर्भनिरोधक लाभ मिलता है।<br><br><strong>नीम के औषधीय गुण:</strong><br>नीम में औषधीय गुण होते हैं और इसका उपयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। डॉक्टर का मानना है कि परिवार नियोजन और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए हमेशा सुरक्षित और विज्ञान-आधारित विकल्पों का चयन करना चाहिए।<br><br><strong>डॉक्टर की सलाह:</strong><br>गर्भनिरोधक विकल्प चुनने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है। कपल्स ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स, आईयूडी या कंडोम जैसे सिद्ध तरीकों का भी उपयोग कर सकते हैं। गर्भावस्था को रोकने के लिए इन तरीकों को सुरक्षित और प्रभावी माना गया है।<br><br><strong>निष्कर्ष:</strong><br>फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को गलत पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नीम की पत्तियां स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक प्रभावी उपाय हैं, लेकिन गर्भनिरोधक के रूप में इसके काम करने की गारंटी देना मुश्किल है।]]> </content:encoded>
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<title>सफेद बालों को काला करने के असरदार घरेलू नुस्खे</title>
<link>https://pratinidhi.in/effective-home-remedies-to-blacken-white-hair</link>
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<description><![CDATA[ सफेद बालों से छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर रोहित माधव साने ने कुछ घरेलू नुस्खे बताए हैं। आंवला-भृंगराज तेल, करी पत्ता तेल, हिना-इंडिगो हेयर डाई और काले तिल का सेवन बालों को प्राकृतिक रूप से काला करने में मदद कर सकते हैं। ये नुस्खे बालों को मजबूत और चमकदार भी बनाते हैं। इन उपायों को अपनाकर आप केमिकल युक्त हेयर डाई से बच सकते हैं और अपने बालों को स्वस्थ रख सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119149094/how-to-colour-thread-like-white-hair-black-with-natural-remedies-shared-by-ayurvedic-doctor-rohit-madhav-sane-119149094.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:08:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सफेद बाल, आयुर्वेदिक उपचार, घरेलू नुस्खे, बालों का काला रंग, आंवला, भृंगराज, करी पत्ता, हिना, इंडिगो, काले तिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अगर आप सफेद बालों से परेशान हैं और केमिकल हेयर डाई का उपयोग नहीं करना चाहते, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर रोहित माधव साने द्वारा बताए गए नुस्खों को आजमाएं। ये नुस्खे बालों को काला करने के साथ-साथ उन्हें मजबूत और चमकदार भी बनाते हैं। <br><br><strong>आंवला-भृंगराज तेल:</strong> आंवला और भृंगराज बालों को काला करने और जड़ों को मजबूत करने में मदद करते हैं। इस तेल को बनाने के लिए, 2 चम्मच आंवला पाउडर, 2 चम्मच भृंगराज पाउडर और 2 चम्मच नारियल तेल को मिलाकर गरम करें। ठंडा होने पर इस तेल से स्कैल्प की मालिश करें और रात भर लगा रहने दें। अगली सुबह हर्बल शैम्पू से धो लें।<br><br><strong>करी पत्ता तेल:</strong> करी पत्ता एंटीऑक्सीडेंट और अमीनो एसिड से भरपूर होता है, जो बालों के रोम को पोषण देता है और प्राकृतिक रंग को बनाए रखता है। इस तेल को बनाने के लिए, नारियल तेल में करी पत्ते डालकर तब तक पकाएं जब तक कि वे काले न हो जाएं। ठंडा होने पर इस तेल को स्कैल्प पर लगाएं और 5-10 मिनट तक मालिश करें। हफ्ते में दो बार इस तेल का उपयोग करें।<br><br><strong>हिना-इंडिगो हेयर डाई:</strong> हिना बालों को कंडीशन करती है और इंडिगो उन्हें गहरा काला रंग देता है। इस डाई को बनाने के लिए, हिना पाउडर, इंडिगो पाउडर, आंवला पाउडर और कॉफी पाउडर को पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को बालों पर लगाएं और 1-2 घंटे बाद धो लें।<br><br><strong>काले तिल:</strong> काले तिल में आयरन और मिनरल्स होते हैं जो मेलेनिन उत्पादन को बढ़ाते हैं। काले तिल को बादाम और शहद के साथ मिलाकर खाने से बालों को पोषण मिलता है और वे काले होते हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>बच्चों का मोटापा: कारण और समाधान</title>
<link>https://pratinidhi.in/obesity-in-children-causes-and-solutions</link>
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<description><![CDATA[ आजकल बच्चों में मोटापा एक आम समस्या बन गई है, जिसके पीछे अनहेल्दी लाइफस्टाइल, जंक फूड का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी जैसे कारण हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए प्रोत्साहित करें, उन्हें फल, सब्जियां और प्रोटीन युक्त आहार दें, और स्क्रीन टाइम को सीमित करें। बच्चों के साथ खुलकर बात करें और उन्हें 7-8 घंटे की भरपूर नींद लेने की सलाह दें। नियमित ब्रेकफास्ट और फिजिकल एक्टिविटीज भी वजन कम करने में मदद करते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:08:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Obesity in children, Child weight loss tips, How to control child obesity, Prevent childhood obesity</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बच्चों में मोटापा: कारण और निवारण</strong><br><br>आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल के चलते बच्चों में मोटापे की समस्या आम हो गई है। माता-पिता भी अपने बच्चों के बढ़ते वजन को लेकर चिंतित हैं और कई उपाय करने के बाद भी उन्हें अच्छे परिणाम नहीं मिलते। इस लेख में, हम बच्चों का वजन कम करने के कुछ प्रभावी टिप्स बता रहे हैं।<br><br><strong>मोटापे के कारण</strong><br><br>बच्चे जंक फूड खाना पसंद करते हैं, जिससे कम उम्र में ही उनका वजन बढ़ने लगता है। वे दिनभर मोबाइल में लगे रहते हैं और बाहर खेलने नहीं जाते, जिससे मोटापे की समस्या होती है। कई बार बच्चे ज्यादा डाइट लेने लगते हैं, जिससे उनका वजन बढ़ सकता है।<br><br><strong>माता-पिता क्या करें</strong><br><br><ul><li>माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को आउटडोर गेम्स खेलने के लिए प्रोत्साहित करें और मोबाइल से दूर रखें।</li><li>बच्चों को घर पर डांस और एक्सरसाइज जैसी फिजिकल एक्टिविटीज करवाएं।</li><li>बच्चों को फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त आहार के महत्व के बारे में बताएं।</li><li>बच्चों को सिर्फ घर का बना खाना ही खिलाएं और जंक फूड से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं।</li><li>टीवी, कंप्यूटर और मोबाइल फोन के इस्तेमाल को सीमित करें।</li><li>बच्चों के साथ खुलकर बात करें और उनकी भावनाओं को समझें।</li><li>बच्चों को नियमित रूप से ब्रेकफास्ट करने की सलाह दें, जिसमें राजमा, ब्रोकली, मटर, फूड ग्रेन पास्ता और ओटमील जैसी चीजें शामिल हों।</li><li>बच्चों को 7-8 घंटे की भरपूर नींद लेने की सलाह दें।</li></ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गंदी हवा: फेफड़े, दिमाग और दिल पर खतरा</title>
<link>https://pratinidhi.in/gandi-hawa-fephade-dimag-aur-dil-par-khatra</link>
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<description><![CDATA[ आजकल वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, जिससे भारत के कई शहर जूझ रहे हैं और समय से पहले मौतों की संख्या बढ़ रही है। यह प्रदूषण फेफड़ों के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों में से 36% फेफड़ों के कैंसर, 34% स्ट्रोक, और 27% हृदय रोगों के कारण होती हैं। 2019 में, वायु प्रदूषण के कारण दुनियाभर में 42 लाख मौतें हुईं। भारत में, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है, जो सांस के मरीजों, अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए खतरनाक है. ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119152166/air-pollution-can-cause-premature-death-due-to-damaged-lungs-brain-and-heart-told-by-world-health-organization-119152166.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:08:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वायु प्रदूषण, फेफड़े, दिमाग, हार्ट, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन, लंग कैंसर, स्ट्रोक, हार्ट डिजीज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गया है, जिससे भारत के कई शहर त्रस्त हैं। इसके चलते समय से पहले होने वाली मौतों की तादाद बढ़ रही है। यह प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। </p><br><p>हम जिस हवा में सांस लेते हैं, वह कई स्थानों पर बहुत ज्यादा प्रदूषित हो गई है। इसमें मौजूद हानिकारक तत्व, धूल, और जहरीली गैसें इसे खतरनाक बना रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी हवा में सांस लेने से जीवनकाल कम हो सकता है। इससे फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है, क्योंकि PM2.5 जैसे प्रदूषक फेफड़ों में जमा हो जाते हैं, जिससे वे धीरे-धीरे खराब होने लगते हैं।</p><br><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वायु प्रदूषण से शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग प्रभावित हो सकते हैं, जिनके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। ये अंग काम करना बंद कर सकते हैं, जिससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। दुनिया भर में वायु प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों में से 36% फेफड़ों के कैंसर, 34% स्ट्रोक (दिमाग की नस फटना), और 27% हृदय रोगों के कारण होती हैं।</p><br><p>विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण 2019 में दुनियाभर में 42 लाख मौतें समय से पहले हुईं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले वायु प्रदूषण के कारण हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, और फेफड़ों का कैंसर जैसी बीमारियां हो रही हैं। भारत में भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है, खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में। यह हवा सांस के मरीजों, अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>पीसीओएस के लक्षणों को कम करने के लिए क्या खाएं?</title>
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<description><![CDATA[ पीसीओएस आजकल एक आम समस्या है, जो कई महिलाओं को प्रभावित कर रही है। इसे कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव और बैलेंस्ड डाइट जरूरी है। बादाम एक बेहतरीन विकल्प है, जिसे नाश्ते में शामिल करना चाहिए। डॉ. रितिका समद्दर के अनुसार, पीसीओएस के लिए हेल्दी और जल्दी बनने वाले ब्रेकफास्ट विकल्प फायदेमंद होते हैं। कुछ ब्रेकफास्ट ऑप्शंस हैं: बादाम और ओट मिल्क स्मूदी, क्विनोआ उपमा, बादाम फ्लोर पैनकेक, हेल्दी मूंग दाल चीला, और होल व्हीट टोस्ट विद एल्मंड बटर। यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:06:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PCOS, Diet, Health, Women, Almonds, Breakfast</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>वेट गेन, हेयर लॉस...पीसीओएस के लक्षणों को करना है खत्म तो Dr. ने बताया क्या-क्या खाएं</strong><br><br>पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) आजकल एक आम समस्या बन गई है, जो कई महिलाओं को प्रभावित कर रही है। खासकर, भारत में यह हार्मोनल असंतुलन की वजह से होती है, जो मेटाबॉलिज्म और वजन पर असर डालती है। इसे कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव और बैलेंस्ड डाइट बहुत जरूरी है। सही खानपान से शरीर को हेल्दी रखा जा सकता है।<br><br><strong>पीसीओएस डाइट में बादाम:</strong><br>बादाम एक बेहतरीन विकल्प है। यह पूरे दिन एनर्जी देता है, इसलिए इसे नाश्ते में शामिल करना चाहिए। बादाम को कई तरह से खा सकते हैं, जैसे बादाम बटर, बादाम मिल्क या सीधे बादाम। इससे पीसीओएस को मैनेज करने में मदद मिलती है।<br><br>डॉ. रितिका समद्दर (मैक्स हेल्थकेयर) के अनुसार, पीसीओएस के लिए हेल्दी और जल्दी बनने वाले ब्रेकफास्ट विकल्प बहुत फायदेमंद होते हैं। ये नाश्ते पोषण और स्वाद का सही बैलेंस बनाए रखते हैं। नाश्ते में अनाज, हरी सब्जियां और बादाम शामिल करने से हार्मोन बैलेंस, वजन कंट्रोल और सेहत अच्छी रहती है।<br><br><strong>ब्रेकफास्ट ऑप्शंस:</strong><br><br><strong>बादाम और ओट मिल्क स्मूदी:</strong><br>यह स्मूदी फाइबर, हेल्दी फैट और प्रोटीन से भरपूर होती है, जो ब्लड शुगर को बैलेंस करती है। ओट्स, बादाम और बादाम मिल्क को मिक्स करके स्मूदी बनाएं और ऊपर से मिक्स सीड्स डालें।<br><br><strong>क्विनोआ उपमा:</strong><br>क्विनोआ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर ज्यादा होते हैं, जिससे पेट देर तक भरा रहता है। इसमें गाजर, मटर और बीन्स जैसी सब्जियां डालकर खाएं और ऊपर से कटे हुए बादाम डालें।<br><br><strong>बादाम फ्लोर पैनकेक:</strong><br>यह लो-कार्ब और ग्लूटेन-फ्री होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है। मैदा की जगह बादाम का आटा इस्तेमाल करें और हेल्दी पैनकेक बनाएं।<br><br><strong>हेल्दी मूंग दाल चीला:</strong><br>मूंग दाल प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इसमें पालक, गाजर और शिमला मिर्च मिलाकर एल्मंड योगर्ट के साथ खाएं।<br><br><strong>होल व्हीट टोस्ट विद एल्मंड बटर:</strong><br>होल ग्रेन ब्रेड और एल्मंड बटर का कॉम्बिनेशन ब्लड शुगर और इंसुलिन को कंट्रोल करता है। टोस्ट पर एल्मंड बटर, जामुन, सीड्स और दालचीनी डालें। आप इसमें हल्का सा शहद भी मिला सकते हैं।<br><br><strong>डिस्क्लेमर:</strong> यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>डिनर में रोटी&amp;चावल छोड़ने के फायदे: वजन कम करने और पाचन को बेहतर बनाने में कैसे मदद करता है</title>
<link>https://pratinidhi.in/benefits-of-skipping-roti-and-rice-in-dinner-for-weight-loss-and-healthy-lifestyle</link>
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<description><![CDATA[ डिनर में ज्‍यादा भोजन नहीं करना चाहिए, क्‍योंकि इससे वजन बढ़ सकता है। हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल के लिए डिनर में बदलाव जरूर करें। डिनर में रोटी और चावल छोड़ने से वजन पर असर पड़ेगा और सेहत में भी बदलाव दिखेंगे। रात में इन्‍हें छोड़ने से शरीर कम कैलोरी लेगा और वजन कम होगा। रात में रोटी और चावल न खाने से ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है और डायबिटीज का खतरा कम होता है। डिनर में ग्रिल्‍ड सब्‍जियां, पनीर, सब्‍जियों का सूप, उबले अंडे या चिकन और दूध ले सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:06:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>डिनर, रोटी, चावल, वजन घटाना, पाचन, स्वास्थ्य, carb diet, weight loss</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[डिनर में ज्‍यादा भोजन नहीं करना चाहिए, क्‍योंकि इससे वजन बढ़ सकता है और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं। संतुलित आहार जरूरी है ताकि शरीर को सभी पोषक तत्‍व मिलें। हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल के लिए डिनर में बदलाव जरूर करें।
<br><br>
आजकल खराब लाइफस्‍टाइल के कारण मोटापे की समस्‍या बढ़ रही है। लोग फिटनेस और सेहत के प्रति जागरूक हो गए हैं, खासकर वजन घटाने के लिए खानपान में बदलाव कर रहे हैं। हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल अपनाकर वजन कम किया जा सकता है। इसके लिए डिनर में रोटी और चावल छोड़ने से वजन पर असर पड़ेगा और सेहत में भी बदलाव दिखेंगे।
<br><br>
रोटी और चावल में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर को एनर्जी देते हैं, लेकिन ज्‍यादा मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ सकता है। रात में इन्‍हें छोड़ने से शरीर कम कैलोरी लेगा और वजन कम होगा। एक्‍सपर्ट भी रात में हल्‍का खाना खाने की सलाह देते हैं, क्‍योंकि रोटी और चावल को पचने में समय लगता है। इनकी जगह सूप, सब्‍जियां या प्रोटीन युक्‍त भोजन लेना पेट के लिए फायदेमंद होता है और कब्‍ज से राहत म‍िलती है।
<br><br>
रात में रोटी और चावल न खाने से ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है, इंसुलिन लेवल बैलेंस रहता है और डायबिटीज का खतरा कम होता है। अगर पेट निकला हुआ है तो रात में फुल मील नहीं लेना चाहिए, क्‍योंकि इससे पेट और कमर पर चर्बी बढ़ सकती है। रोटी और चावल छोड़ने से पेट की चर्बी कम होगी और दिल स्‍वस्‍थ रहेगा।
<br><br>
डिनर में ग्रिल्‍ड सब्‍जियां, पनीर, सब्‍जियों का सूप, उबले अंडे या चिकन और दूध ले सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शुभदीप का पहला जन्मदिन: काले पठानी सूट में क्यूटनेस</title>
<link>https://pratinidhi.in/shubhdeep-first-birthday-celebration-sidhu-moosewala-son</link>
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<description><![CDATA[ दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के बेटे शुभदीप सिंह सिद्धू का पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर, शुभदीप को काले पठानी सूट और गुलाबी पगड़ी में सजाया गया था। इस भव्य आयोजन में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल हुए और उन्होंने शुभदीप को आशीर्वाद दिया। शुभदीप की मासूमियत और क्यूटनेस ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। शुभदीप को अक्सर पठानी सूट और पगड़ी में ही देखा जाता है। होली के अवसर पर भी, वह सफेद पठानी सूट में नजर आए थे। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:06:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सिद्धू मूसेवाला, शुभदीप सिंह सिद्धू, जन्मदिन, पठानी सूट, चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाबी सिंगर, शशुभदीप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सिद्धू मूसेवाला के बेटे शुभदीप का पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया.</strong><br><br>दिवंगत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के बेटे शुभदीप सिंह सिद्धू का पहला जन्मदिन 17 मार्च को मनाया गया। इस अवसर पर, शुभदीप को काले पठानी सूट और गुलाबी पगड़ी में सजाया गया था, जिसमें वह बहुत ही प्यारे लग रहे थे।<br><br><strong>जन्मदिन समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए.</strong><br><br>इस भव्य आयोजन में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल हुए और उन्होंने शुभदीप को आशीर्वाद दिया। समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिनमें शुभदीप अपनी मां चरण कौर के साथ केक काटते हुए दिखाई दे रहे हैं।<br><br><strong>शुभदीप की क्यूटनेस ने सबका मन मोह लिया.</strong><br><br>शुभदीप की मासूमियत और क्यूटनेस ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, और लोग उन्हें प्यार और आशीर्वाद दे रहे हैं। शुभदीप की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं।<br><br><strong>शुभदीप हमेशा पठानी सूट में ही नजर आते हैं.</strong><br><br>शुभदीप को अक्सर पठानी सूट और पगड़ी में ही देखा जाता है। होली के अवसर पर भी, वह सफेद पठानी सूट में नजर आए थे, जिसमें वह बहुत ही प्यारे लग रहे थे।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हाई ब्लड प्रेशर: ये फल करेंगे स्वाभाविक रूप से नियंत्रण, डाइट में करें शामिल</title>
<link>https://pratinidhi.in/high-blood-pressure-naturally-control-with-these-fruits-include-in-diet</link>
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<description><![CDATA[ हाई ब्लड प्रेशर एक आम समस्या है, जिसे कंट्रोल करने के लिए डाइट में बदलाव करना जरूरी है। कुछ फल जैसे केला, संतरा, अनार, तरबूज और कीवी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इनमें पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने और ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने में सहायक होते हैं। हाई बीपी के मरीजों को सोडियम और ट्रांस फैट का सेवन कम करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:03:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>High Blood Pressure, Fruits, Diet, Healthy Heart, Potassium, Antioxidants</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।</strong><br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खानपान की वजह से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ती जा रही है। अगर इसे कंट्रोल न किया जाए तो दिल की बीमारी, स्ट्रोक और किडनी की समस्या हो सकती है। हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपनी डाइट पर ध्यान देना चाहिए और सोडियम व ट्रांस फैट का कम सेवन करना चाहिए। कुछ फल ऐसे हैं जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं।<br><br><strong>केला:</strong> केले में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। यह सोडियम के प्रभाव को कम करता है और रक्त वाहिकाओं को आराम देता है।<br><br><strong>संतरा:</strong> संतरा विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर में फायदेमंद है।<br><br><strong>अनार:</strong> अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स और पोटैशियम होता है, जो दिल के लिए अच्छा माना जाता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है।<br><br><strong>तरबूज:</strong> तरबूज में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और ब्लड प्रेशर को कम करता है।<br><br><strong>कीवी:</strong> कीवी में मैग्नीशियम, पोटैशियम और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय: Dr. दीपिका राणा का देसी नुस्खा</title>
<link>https://pratinidhi.in/home-remedies-to-reduce-bad-cholesterol-and-reduce-risk-of-heart-attack</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर दीपिका राणा ने कोलेस्ट्रॉल कम करने और हार्ट अटैक से बचने के लिए एक घरेलू नुस्खा बताया है, जिसमें अर्जुन की छाल और दालचीनी का उपयोग किया जाता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से खून की नसें ब्लॉक हो सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक और हार्ट डिजीज का खतरा होता है। इस नुस्खे के लिए आधा चम्मच अर्जुन की छाल, थोड़ी दालचीनी, और एक गिलास पानी चाहिए। पानी में अर्जुन की छाल और दालचीनी डालकर उबालें, फिर छानकर चाय की तरह पिएं। यह उपाय कोलेस्ट्रॉल कम करने, फ्री रैडिकल डैमेज से बचाने, दिल को स्वस्थ रखने, और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:03:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कोलेस्ट्रॉल, हार्ट अटैक, अर्जुन की छाल, दालचीनी, घरेलू उपाय, आयुर्वेदिक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[डॉक्टर दीपिका राणा द्वारा सुझाया गया कोलेस्ट्रॉल कम करने का घरेलू नुस्खा जो हार्ट अटैक से भी बचाव करेगा।
<br><br>
कोलेस्ट्रॉल एक गंभीर समस्या है, जिससे हार्ट अटैक हो सकता है। इसे कम करने के लिए घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। डॉक्टर ने अर्जुन की छाल और दालचीनी से बनी रेमेडी बताई है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करके हार्ट अटैक के खतरे को कम कर सकती है।
<br><br>
कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ना एक गंभीर समस्या है जिससे बहुत से लोग पीड़ित हैं। यह एक गंदा पदार्थ है जो थोड़ा-बहुत शरीर के लिए ज़रूरी है, लेकिन इसका लेवल बढ़ने से खून की नसें ब्लॉक हो सकती हैं, जिससे हार्ट अटैक और हार्ट डिजीज हो सकती हैं।
<br><br>
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए कई बार सारी उम्र दवाएं लेनी पड़ती हैं, लेकिन इसे कुछ घरेलू उपायों से भी कम किया जा सकता है। अर्जुन की छाल और दालचीनी दो ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के लिए प्रभावी हैं और अनगिनत स्वास्थ्य लाभ देती हैं।
<br><br>
डॉक्टर दीपिका राणा के अनुसार दालचीनी और अर्जुन की छाल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं, और आप इनका इस्तेमाल कर सकते हैं। इस नुस्खे को बनाने के लिए आधा चम्मच अर्जुन की छाल, थोड़ी दालचीनी, और एक गिलास पानी की आवश्यकता होगी।
<br><br>
इसे बनाने के लिए एक बर्तन में एक गिलास पानी भरकर उसमें अर्जुन की छाल और दालचीनी डालें। फिर पानी को अच्छी तरह उबाल लें और जब यह उबल-उबलकर आधा रह जाए तो इसे अच्छी तरह छान लें।
<br><br>
डॉक्टर के अनुसार अर्जुन की छाल और दालचीनी के पानी को चाय की तरह घूंट-घूंट सेवन करना चाहिए। रोजाना इसके सेवन से न केवल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है, बल्कि कई बीमारियों के खतरे को भी कम किया जा सकता है।
<br><br>
अर्जुन की छाल और दालचीनी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो फ्री रैडिकल डैमेज से बचाते हैं, गंदे कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं, और दिल के रोगों से बचाते हैं। इन जड़ी बूटियों से बनी चाय पीने से दिल स्वस्थ और मजबूत बनता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है। यह आयुर्वेदिक चाय पाचन तंत्र के लिए भी बेहतरीन है, और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिला सकती है。]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तैलीय त्वचा के लिए डॉक्टर झुनझुनवाला के 5 असरदार फेस पैक</title>
<link>https://pratinidhi.in/homeopathy-doctor-smriti-jhunjhunwala-5-effective-natural-remedies-for-oily-skin</link>
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<description><![CDATA[ चेहरे पर बार-बार जमा होने वाले तेल से परेशान हैं? होम्योपैथी डॉक्टर स्मृति झुनझुनवाला ने 5 घरेलू नुस्खे बताए हैं जो आपकी स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल को सोखने, जरूरी नमी बनाए रखने और निखार देने में मदद करेंगे। इन नुस्खों में मुल्तानी मिट्टी, नीम, चंदन, बेसन और ग्रीन टी जैसे प्राकृतिक तत्व शामिल हैं। ये फेस पैक बनाने में आसान हैं और तैलीय त्वचा से छुटकारा पाने में मदद कर सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119117747/homeopathy-doctor-smriti-jhunjhunwala-share-5-effective-natural-remedies-for-oily-skin-119117747.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:03:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Oily Skin, Face Pack, Homeopathy, Natural Remedies, Skin Care, डॉक्टर झुनझुनवाला, चेहरे से तेल, मुल्तानी मिट्टी, गुलाब जल, नीम, संतरे, चंदन, बेसन, हल्दी, ग्रीन टी, एप्पल साइडर विनेगर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>चेहरे के तेल को कम करने के लिए होम्योपैथिक उपचार</b><br><br>गर्मी के मौसम में चेहरे पर तेल जमा होना एक आम समस्या है। तैलीय त्वचा वाले लोगों के लिए यह और भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि उनकी त्वचा में सीबम का उत्पादन अधिक होता है। सीबम त्वचा को नम रखने के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिकता से मुंहासे, ब्लैकहेड्स और चेहरे पर चिकनापन आ सकता है।<br><br>ऐसे में, तैलीय त्वचा को नियंत्रित करने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जा सकते हैं। होम्योपैथी डॉक्टर स्मृति झुनझुनवाला ने 5 ऐसे घरेलू नुस्खे बताए हैं, जो चेहरे से अतिरिक्त तेल को सोखने और निखार लाने में मदद कर सकते हैं।<br><br><b>मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल फेस पैक</b><br><br>मुल्तानी मिट्टी, दही और गुलाब जल को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएं और 20-25 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर ठंडे पानी से धो लें। तैलीय और मुंहासे वाली त्वचा के लिए नींबू के रस की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं।<br><br><b>नीम और संतरे का फेस पैक</b><br><br>नीम पाउडर, संतरे का पाउडर और शहद को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें।<br><br><b>चंदन फेस पैक</b><br><br>चंदन पाउडर, तुलसी के पत्तों का रस और एलोवेरा जेल को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर ठंडे पानी से धो लें।<br><br><b>बेसन-हल्दी फेस पैक</b><br><br>बेसन, हल्दी का रस और खीरे का रस को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर ठंडे पानी से धो लें।<br><br><b>ग्रीन टी फेस पैक</b><br><br>ग्रीन टी, एप्पल साइडर विनेगर और शहद को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बेटियों की परवरिश: 7 ज़रूरी नियम, दीपक बजाज से सीखें</title>
<link>https://pratinidhi.in/seven-essential-rules-for-raising-daughters-learn-from-deepak-bajaj</link>
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<description><![CDATA[ मोटिवेशनल स्पीकर दीपक बजाज ने बेटियों की परवरिश के लिए 7 जरूरी टिप्स दिए हैं। इनमें बेटी की भावनाओं को समझना, मां को सम्मान देना, पिता का महत्व, काबिलियत का एहसास, ध्यान देना और सुनना शामिल हैं। बजाज कहते हैं कि बेटी होना सौभाग्य की बात है और उनकी परवरिश में इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119113085/motivational-speaker-deepak-bajaj-give-7-tips-on-how-to-raise-daughters-119113085.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 10:24:00 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बेटियों की परवरिश, दीपक बजाज, मोटिवेशनल स्पीकर, बेटी की परवरिश, पेरेंटिंग टिप्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बेटियों की परवरिश: दीपक बजाज के 7 जरूरी टिप्स</strong><br><br>हर माता-पिता के मन में यह सवाल उठता है कि बेटी की परवरिश कैसे करें। मोटिवेशनल स्पीकर दीपक बजाज ने 7 टिप्स दिए हैं:<br><br>1. <strong>भावनाओं को समझें:</strong> बेटी की भावनाओं को अनदेखा न करें। उन्हें समझने की कोशिश करें।<br><br>2. <strong>मां को सम्मान दें:</strong> पिता अपनी पत्नी को सम्मान दें, क्योंकि इससे बेटी सीखती है कि महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए।<br><br>3. <strong>पिता का महत्व:</strong> बेटी के जीवन में पिता का होना जरूरी है। पिता का प्यार और साथ उसे आत्मविश्वास देता है।<br><br>4. <strong>काबिलियत का एहसास:</strong> बेटी को बताएं कि वह सब कुछ कर सकती है। उसे सशक्त बनने में मदद करें।<br><br>5. <strong>ध्यान दें:</strong> जब बेटी को जरूरत हो, तो उसे अपना ध्यान दें और उसकी भावनाओं को समझें।<br><br>6. <strong>सुनना जरूरी:</strong> कभी-कभी सुनना भी एक अच्छा उपाय होता है। बेटी जब बात करना चाहे, तो उसे ध्यान से सुनें।<br><br>7. <strong>सौभाग्य:</strong> बेटी होना सौभाग्य की बात है।]]> </content:encoded>
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<title>बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए 12 साल की उम्र तक सिखाएं ये 4 आदतें</title>
<link>https://pratinidhi.in/crucial-habits-to-impart-to-your-child-for-a-respectful-and-cultured-life</link>
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<description><![CDATA[ आजकल बच्चों को संस्कारी बनाना एक चुनौती है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार दें, ताकि वे समाज में उनका नाम रोशन करें। बच्चों को समय का पालन करना, स्वच्छता का ध्यान रखना, बड़ों का सम्मान करना और दूसरों के प्रति सहानुभूति रखना सिखाना चाहिए। ये आदतें उन्हें जीवन में सफल और संस्कारी बनाने में मदद करेंगी। समय का पालन करने वाले बच्चे जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं, जबकि स्वच्छता उन्हें दूसरों से अलग बनाती है। सम्मान और सहानुभूति उन्हें समाज में अच्छा स्थान दिलाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 10:20:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>संस्कार, बच्चे, आदतें, समय की पाबंदी, स्वच्छता, अनुशासन, सहयोग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बच्चों को संस्कारी बनाना आजकल एक बड़ी चुनौती है। यदि सही समय पर उन्हें अच्छे संस्कार नहीं दिए गए, तो यह माता-पिता के लिए एक विफलता हो सकती है। इसलिए, बच्चों को अच्छे संस्कार देना महत्वपूर्ण है ताकि वे समाज में परिवार का नाम रोशन कर सकें। संस्कारी बच्चे सभी को प्रिय होते हैं।
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हर माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे संस्कारी बनें, और इसके लिए बचपन से ही प्रयास करना चाहिए। बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए अच्छी आदतें सिखानी चाहिए, क्योंकि ये संस्कार जीवन भर उनके साथ रहते हैं। इसलिए, बच्चों को शुरू से ही अच्छे संस्कार देने का प्रयास करना चाहिए ताकि वे समाज में उनका नाम रोशन करें। आज हम उन 4 आदतों के बारे में बात करेंगे जो बच्चों को बचपन में ही सिखानी चाहिए।
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<strong>1. समय का पालन:</strong> बच्चों को समय का पालन करना सिखाएं। उन्हें बताएं कि समय का सही उपयोग कैसे करें और अपने कार्यों को समय पर पूरा करें। जो बच्चे समय का पालन नहीं करते, वे अक्सर जीवन में सफल नहीं हो पाते हैं। इसलिए, समय का पालन सिखाना बहुत जरूरी है।
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<strong>2. स्वच्छता और सफाई:</strong> यदि बच्चों को सफाई का महत्व समझाया जाए, तो वे बड़े होने तक इसका ध्यान रखते हैं। यह उन्हें दूसरों से अलग बनाता है। बच्चों को अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना सिखाएं।
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<strong>3. सम्मान और अनुशासन:</strong> जो बच्चे बड़ों का सम्मान करते हैं, वे जीवन में आगे बढ़ते हैं। सम्मान पाने का सबसे बड़ा तरीका है दूसरों को सम्मान देना। बच्चों को बड़ों का सम्मान करना और अनुशासन में रहना सिखाएं।
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<strong>4. सहयोग और सहानुभूति:</strong> बच्चों को दूसरों की मदद करना और उनकी भावनाओं का सम्मान करना सिखाएं। उन्हें सिखाएं कि मुश्किल समय में दूसरों को कैसे सहयोग दिया जाता है और परेशान लोगों की मदद कैसे की जाती है।]]> </content:encoded>
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<title>कॉफी पीते समय इन 3 गलतियों से बचें</title>
<link>https://pratinidhi.in/things-to-avoid-before-drinking-coffee-according-to-nutritionist</link>
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<description><![CDATA[ कॉफी एक लोकप्रिय पेय है, लेकिन इसे पीते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, ऑर्गेनिक कॉफी का चुनाव करें, खाली पेट कॉफी न पिएं, और उठने के 60-90 मिनट बाद ही कॉफी पिएं। कॉफी अम्लीय होती है और पेट की परत को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए इसे हमेशा कुछ खाने के बाद ही पिएं। सुबह जल्दी कॉफी पीने से कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, इसलिए उठने के 60-90 मिनट बाद कॉफी पीना सबसे अच्छा है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 10:15:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Drinking Coffee Side Effects, कॉफी के नुकसान, expert advice on coffee, nutritionist shweta shah, coffee drinking tips</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कॉफी एक लोकप्रिय और फायदेमंद पेय है, लेकिन इसे पीने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, कॉफी पीते समय कुछ गलतियाँ करने से बचना चाहिए।<br><br><b>ऑर्गेनिक कॉफी का चुनाव:</b> कॉफी की फसल पर कीटनाशकों का छिड़काव अधिक होता है, इसलिए ऑर्गेनिक कॉफी का चयन करना बेहतर है।<br><br><b>खाली पेट कॉफी न पिएं:</b> कॉफी अम्लीय होती है और पेट की परत को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए इसे हमेशा कुछ खाने के बाद ही पिएं।<br><br><b>सही समय पर कॉफी पिएं:</b> उठने के 60-90 मिनट बाद कॉफी पीना सबसे अच्छा है, क्योंकि सुबह जल्दी कॉफी पीने से कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है।<br><br>इन बातों का ध्यान रखकर आप कॉफी के फायदों का आनंद ले सकते हैं और नुकसानों से बच सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>हनीमून सिस्टाइटिस: कारण, लक्षण और इलाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/honeymoon-cystitis-causes-symptoms-and-treatment</link>
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<description><![CDATA[ हनीमून सिस्टाइटिस महिलाओं में होने वाला एक आम संक्रमण है, जो यौन सक्रियता के कारण होता है। इसके लक्षणों में पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और पेट में दर्द शामिल हैं। यौन संबंध के दौरान बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से मूत्राशय में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे संक्रमण हो सकता है। इस संक्रमण को रोकने के लिए, यौन संबंध से पहले और बाद में जननांगों को धोना, यौन संबंध के बाद तुरंत पेशाब करना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महत्वपूर्ण है। डॉक्टर मनन गुप्ता के अनुसार, साफ-सफाई बनाए रखना और सही गर्भनिरोधक उपायों का उपयोग करना भी आवश्यक है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 10:15:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हनीमून सिस्टाइटिस, यूरिनरी ट्रैक्ट इनफेक्शन, महिलाओं में संक्रमण, यौन सक्रियता, पेशाब में जलन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हनीमून सिस्टाइटिस, जिसे पोस्टकोइटल सिस्टाइटिस भी कहा जाता है, महिलाओं में होने वाला एक आम संक्रमण है। यह संक्रमण यौन सक्रियता के कारण हो सकता है, खासकर नई शादीशुदा महिलाओं में।<br><br><b>लक्षण:</b><br>इस बीमारी के लक्षणों में पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और पेट में दर्द शामिल हैं।<br><br><b>कारण:</b><br>यौन संबंध के दौरान बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से मूत्राशय में प्रवेश कर सकते हैं, जिससे संक्रमण हो सकता है। कुछ महिलाओं में, कुछ गर्भनिरोधक विधियां, जैसे शुक्राणुनाशक जैल, भी बैक्टीरिया के विकास को बढ़ावा दे सकती हैं।<br><br><b>उपचार:</b><br>हनीमून सिस्टाइटिस का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। दर्द और जलन को कम करने के लिए दर्द निवारक दवाएं भी दी जा सकती हैं।<br><br><b>रोकथाम:</b><br>इस संक्रमण को रोकने के लिए, यौन संबंध से पहले और बाद में जननांगों को धोना, यौन संबंध के बाद तुरंत पेशाब करना और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना महत्वपूर्ण है। डॉक्टर मनन गुप्ता के अनुसार, साफ-सफाई बनाए रखना और सही गर्भनिरोधक उपायों का उपयोग करना भी आवश्यक है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>घी, शहद और मछली: क्या है इनका खतरनाक मेल, एक्सपर्ट्स की राय</title>
<link>https://pratinidhi.in/ghee-honey-fish-dangerous-combinations-expert-advice</link>
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<description><![CDATA[ घी का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसे कुछ चीजों के साथ मिलाकर खाना हानिकारक हो सकता है। मछली और घी को एक साथ खाने से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ सकते हैं, जिससे त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। घी और शहद को बराबर मात्रा में मिलाने से हृदय प्रभावित हो सकता है और पाचन क्रिया बिगड़ सकती है। मूली और घी को एक साथ खाने से त्वचा संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। गर्म पानी के साथ घी पीने से एसिडिटी हो सकती है, और ठंडे खाने के साथ घी खाने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। इसलिए, घी का सेवन सही तरीके से करना महत्वपूर्ण है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 10:13:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>घी, शहद, मछली, सेहत, टॉक्सिन, पाचन, आयुर्वेद, स्किन एलर्जी, पेट दर्द, मूली, कब्ज, लिवर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>घी, शहद और मछली: कब हैं खतरनाक?</strong><br/><br/>भारतीय संस्कृति में घी का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन इसे गलत तरीके से खाने से यह हानिकारक हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, घी को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ मिलाकर खाने से सेहत को नुकसान हो सकता है। नई दिल्ली के जनरल फिजिशियन डॉ. पीयूष मिश्रा के अनुसार, घी को शहद या मछली के साथ खाना पाचन संबंधी समस्याएँ पैदा कर सकता है।<br/><br/><strong>घी और मछली का मेल:</strong><br/>घी और मछली दोनों ही स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं, लेकिन एक साथ खाने से शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ सकते हैं, जिससे त्वचा संबंधी रोग हो सकते हैं। इससे पाचन तंत्र भी प्रभावित हो सकता है और एसिडिटी की समस्या हो सकती है।<br/><br/><strong>शहद और घी का मेल:</strong><br/>घी और शहद को बराबर मात्रा में मिलाने से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह हृदय को प्रभावित कर सकता है और पाचन क्रिया को बिगाड़ सकता है।<br/><br/><strong>मूली और घी का मेल:</strong><br/>मूली को घी के साथ खाने से त्वचा संबंधी समस्याएँ, ब्लोटिंग और पेट दर्द हो सकता है।<br/><br/><strong>गर्म पानी और घी का मेल:</strong><br/>घी को गर्म पानी में मिलाकर पीने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है और एसिडिटी हो सकती है।<br/><br/><strong>ठंडा खाना और घी का मेल:</strong><br/>ठंडे खाने के साथ घी का सेवन करने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और गैस की समस्या हो सकती है।<br/><br/><strong>डिस्क्लेमर:</strong> यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आंवला पाउडर: एक महीने में गुनगुने पानी से सेहत में 5 फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/amla-powder-with-lukewarm-water-health-benefits</link>
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<description><![CDATA[ आंवला, जिसे आयुर्वेद में अमृत माना गया है, विटामिन C से भरपूर होता है और शरीर को कई लाभ प्रदान करता है। सुबह गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच आंवला पाउडर लेने से इम्युनिटी मजबूत होती है, पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, त्वचा चमकदार और युवा बनी रहती है, बाल घने और मजबूत होते हैं, और वजन घटाने में मदद मिलती है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर लीवर को डिटॉक्सिफाई करता है। इसे नियमित रूप से एक महीने तक लेने से बेहतर परिणाम मिलते हैं। स्वाद के लिए शहद मिला सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 23:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आंवला पाउडर, गुनगुना पानी, सेहत, Amla Powder, Lukewarm Water, Health, इम्युनिटी, पाचन तंत्र, त्वचा, बाल, वजन घटाना, Immunity, Digestion, Skin, Hair, Weight Loss</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>आंवला: एक आयुर्वेदिक अमृत</strong></p><br/> <p>आंवला को आयुर्वेद में अमृत के समान माना गया है। यह विटामिन C का भंडार है और शरीर को कई प्रकार से लाभ पहुंचाता है। यदि आप प्रतिदिन सुबह गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच आंवला पाउडर का सेवन करते हैं, तो आपको एक महीने में आश्चर्यजनक परिणाम दिखाई देंगे।</p><br/> <p><strong>इम्युनिटी को मजबूत करता है</strong></p><br/> <p>आजकल बीमारियों से बचने के लिए मजबूत इम्युनिटी का होना आवश्यक है। आंवला में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यदि आप बार-बार सर्दी, खांसी या मौसमी बीमारियों से ग्रस्त होते हैं, तो आंवला आपके स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक होगा। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है और मुक्त कणों से लड़ता है, जिससे आप अधिक सक्रिय और ऊर्जावान महसूस करते हैं।</p><br/> <p><strong>पाचन क्रिया को ठीक रखता है</strong></p><br/> <p>आंवला पाउडर का नियमित सेवन आपके पाचन तंत्र को सुदृढ़ करता है। यह शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है, लीवर को डिटॉक्सिफाई करता है और पेट की सूजन को कम करता है।</p><br/> <p><strong>त्वचा को चमकदार और युवा बनाता है</strong></p><br/> <p>आंवला में एंटीऑक्सीडेंट्स की उच्च मात्रा होती है, जो त्वचा को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे त्वचा कसी हुई और युवा बनी रहती है।</p><br/> <p><strong>बालों को घना, लंबा और मजबूत बनाता है</strong></p><br/> <p>आंवला बालों के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक है। यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है, रूसी को कम करता है और बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है।</p><br/> <p><strong>वजन घटाने में सहायक</strong></p><br/> <p>आंवला पाउडर मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे शरीर तेजी से फैट बर्न करता है। यह शरीर में जमा अतिरिक्त वसा को निकालने में भी मदद करता है।</p><br/> <p><strong>सेवन कैसे करें</strong></p><br/> <ul> <li>प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में 1 चम्मच आंवला पाउडर मिलाकर पिएं।</li> <li>स्वाद अधिक खट्टा लगने पर शहद मिला सकते हैं।</li> <li>उत्तम परिणामों के लिए, इसे कम से कम 1 महीने तक नियमित रूप से सेवन करें।</li> </ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नाखून चबाने की आदत: कितनी खतरनाक?</title>
<link>https://pratinidhi.in/nail-biting-habit-risks-and-health-problems</link>
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<description><![CDATA[ नाखून चबाने की आदत सेहत के लिए हानिकारक है। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। तनाव या चिंता में लोग अक्सर नाखून चबाते हैं, जो धीरे-धीरे आदत बन जाती है। इससे नाखूनों और आसपास की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। उंगलियां मुंह में डालने से शरीर में बैक्टीरिया जा सकते हैं। नाखून चबाने से दांतों में क्रैक आ सकता है, फंगल इंफेक्शन और ऊतक क्षति भी हो सकती है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है। नाखून के टुकड़े निगलने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और पेट में इंफेक्शन हो सकता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119113649/side-effects-of-biting-your-nails-from-which-you-are-at-high-risk-119113649.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 23:00:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>nail biting, health risks, hygiene, bacterial infection, digestive problems</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[नाखून चबाने की आदत सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। इससे पेट से जुड़ी कई समस्याएं और बीमारियां हो सकती हैं। <br><br>रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसी आदतें होती हैं जो अनजाने में हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाती हैं, जिनमें से एक है नाखून काटना। नाखून काटना हाइजीन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन दांतों से नाखून काटना नुकसानदायक है। नाखूनों में मौजूद गंदगी और बैक्टीरिया पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं।<br><br><b>नेल बाइटिंग क्यों है नुकसानदायक?</b><br>तनाव या चिंता में लोग अक्सर नाखून चबाते हैं, जो धीरे-धीरे आदत बन जाती है। इससे नाखूनों और आसपास की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। उंगलियां मुंह में डालने से शरीर में बैक्टीरिया जा सकते हैं।<br><br>यह आदत घबराहट, बोरियत या अकेलेपन में शुरू होती है, लेकिन भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है। नाखून चबाने से दांतों में क्रैक आ सकता है और वे गलत तरीके से संरेखित हो सकते हैं। नाखूनों में फंगल इंफेक्शन और ऊतक क्षति भी हो सकती है, जिससे दर्द और सूजन हो सकती है। नाखून के टुकड़े निगलने से पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और पेट में इंफेक्शन हो सकता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>विटामिन बी12: 6 चीजें जो दें भरपूर ताकत</title>
<link>https://pratinidhi.in/vitamin-b12-foods-benefits-and-deficiency-symptoms</link>
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<description><![CDATA[ विटामिन बी12 दिमाग, नर्वस सिस्टम और ताकत के लिए जरूरी है, और इसकी कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कॉरपोरेट नौकरी करने वाले 57% पुरुष इस विटामिन की कमी से जूझ रहे हैं। विटामिन बी12 कुछ ही खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, इसलिए अंडा, डेयरी उत्पाद, चिकन, मछली, और फोर्टिफाइड फूड्स को डाइट में शामिल करें। शाकाहारियों के लिए फोर्टिफाइड प्लांट बेस्ड मिल्क और सीरियल्स अच्छे विकल्प हैं। विटामिन बी12 के अवशोषण के लिए प्रोबायोटिक फूड्स जैसे दही और फर्मेंटेड फूड्स भी जरूरी हैं। आयरन और फोलेट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करें। गंभीर कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लें और जंक फूड से परहेज करें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 19:38:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>विटामिन बी12, कोबालामिन, एनीमिया, डेयरी प्रोडक्ट, प्रोबायोटिक फूड, आयरन, फोलेट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[विटामिन बी12, जिसे कोबालामिन भी कहते हैं, दिमाग, नर्वस सिस्टम और शरीर की ताकत के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से एनीमिया, दिमागी कमजोरी और थकान जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इनसे बचने के लिए विटामिन बी12 से भरपूर खाना खाना चाहिए। एक रिपोर्ट के अनुसार, कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाले 57% पुरुष विटामिन बी12 की कमी से जूझ रहे हैं, जिसकी वजह गलत खान-पान, तनाव और सुस्त लाइफस्टाइल है। यह विटामिन शरीर में एनर्जी बनाए रखने, दिमाग को सही तरीके से काम करने और लाल रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए जरूरी है। अच्छी बात यह है कि खान-पान में बदलाव करके इस विटामिन की कमी को दूर किया जा सकता है।<br><br>विटामिन बी12 कुछ ही चीजों में पाया जाता है, इसलिए अंडा (खासकर पीला भाग), दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स, चिकन, मछली, जानवरों की कलेजी और फोर्टिफाइड फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। शाकाहारी खाने में विटामिन बी12 नहीं होता, इसलिए फोर्टिफाइड प्लांट बेस्ड मिल्क, फोर्टिफाइड सीरियल्स और न्यूट्रिशनल यीस्ट का सेवन करना चाहिए।<br><br>सिर्फ विटामिन बी12 वाले फूड खाने से ही काम नहीं चलेगा, इसे अच्छी तरह से पचाने के लिए प्रोबायोटिक फूड्स जैसे दही, योगर्ट, इडली-डोसा जैसे फर्मेंटेड फूड और अचार भी खाने चाहिए। हेल्दी बैक्टीरिया की कमी से भी विटामिन बी12 कम हो सकता है। विटामिन बी12 को ठीक से काम करने के लिए आयरन और फोलेट भी जरूरी है। इसके लिए पालक, मेथी, दाल, फलियां, चुकंदर, अनार, फ्लैक्स सीड और बादाम खाना चाहिए।<br><br>अगर विटामिन बी12 का लेवल बहुत कम है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर सप्लीमेंट लेने की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए कैप्सूल, गोली, इंजेक्शन या मल्टीविटामिन ले सकते हैं। जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें, क्योंकि ये गट को खराब कर सकते हैं और विटामिन बी12 के अवशोषण को कम कर सकते हैं। ज्यादा चीनी भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>अलाना पांडे: फूलों वाली ड्रेस में जीत लिया दिल</title>
<link>https://pratinidhi.in/alanna-panday-floral-printed-dress-wins-hearts-wedding-anniversary</link>
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<description><![CDATA[ अनन्या पांडे की कजिन सिस्टर अलाना पांडे सोशल मीडिया पर काफी फेमस हैं। हाल ही में, उन्होंने अपनी सेकंड वेडिंग एनिवर्सरी के मौके पर पति आइवर और बेटे रिवर के साथ खूबसूरत तस्वीरें शेयर कीं। अलाना पांडे ने आइवरी कलर की फ्लोरल प्रिंटेड ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने अपने लुक को मिनिमल जूलरी और न्यूड ग्लॉसी मेकअप के साथ कंप्लीट किया था। अलाना पांडे का फैशन सेंस बहुत ही क्लासी है और वह हमेशा अपने स्टनिंग लुक्स से लोगों का दिल जीत लेती हैं। मां बनने के बाद भी उनका ग्लैम फैक्टर कम नहीं हुआ है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119114986/ananya-panday-cousin-alanna-panday-floral-printed-dress-wins-hearts-as-she-celebrates-her-wedding-anniversary-119114986.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 19:38:47 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Alanna Panday, floral dress, fashion, wedding anniversary, style</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>अलाना पांडे: फूलों वाली ड्रेस में जीत लिया दिल</strong><br><br>अनन्या पांडे की कजिन सिस्टर अलाना पांडे सोशल मीडिया पर काफी फेमस हैं। हाल ही में, उन्होंने अपनी सेकंड वेडिंग एनिवर्सरी के मौके पर पति आइवर और बेटे रिवर के साथ खूबसूरत तस्वीरें शेयर कीं।<br><br>अलाना पांडे ने आइवरी कलर की फ्लोरल प्रिंटेड ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने अपने लुक को मिनिमल जूलरी और न्यूड ग्लॉसी मेकअप के साथ कंप्लीट किया था।<br><br>अलाना पांडे का फैशन सेंस बहुत ही क्लासी है और वह हमेशा अपने स्टनिंग लुक्स से लोगों का दिल जीत लेती हैं। मां बनने के बाद भी उनका ग्लैम फैक्टर कम नहीं हुआ है।<br><br>अलाना पांडे ने अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, '2 साल पहले हमने शादी की थी और यह सबसे अच्छा फैसला था जो हमने कभी लिया था।']]> </content:encoded>
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<item>
<title>तुलसी गबार्ड: बुलेट प्रूफ जैकेट से सूट&amp;बूट तक, अमेरिकी इंटेल चीफ का अनोखा अंदाज़</title>
<link>https://pratinidhi.in/tulsi-gabbard-us-intel-chief-fashion-style-indian-visit</link>
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<description><![CDATA[ अमेरिकी इंटेल चीफ तुलसी गबार्ड अपनी स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में भारत दौरे पर सुरक्षा समिट में भाग लेने के दौरान उनके फैशन सेंस ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनके स्टाइल में फॉर्मल और कैजुअल लुक्स का मिश्रण देखने को मिलता है। वह बुलेट प्रूफ जैकेट में भी उतनी ही स्टाइलिश लगती हैं, जितनी सूट-बूट में। कैजुअल लुक में, तुलसी वाइट टॉप के साथ ब्लू जींस और बेज कलर की पफर जैकेट में नजर आईं। फॉर्मल मौकों पर, तुलसी ज्यादातर सूट-बूट में दिखाई देती हैं। स्पोर्टी लुक में, तुलसी बेसिक कपड़े पहनना पसंद करती हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119111537/us-intel-chief-tulsi-gabbard-is-a-fashionista-her-stylish-looks-in-formal-suit-and-casual-attire-are-amazing-119111537.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तुलसी गबार्ड, अमेरिकी इंटेल चीफ, स्टाइलिश लुक्स, फैशन, सूट-बूट, बुलेट प्रूफ जैकेट, स्टाइल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[तुलसी गबार्ड, अमेरिकी इंटेल चीफ, अपनी स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में भारत दौरे पर, सुरक्षा समिट में भाग लेने के दौरान, उनके फैशन सेंस ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।<br><br><b>फॉर्मल और कैजुअल लुक्स का मिश्रण:</b><br>तुलसी गबार्ड की स्टाइल में फॉर्मल और कैजुअल लुक्स का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है। उन्होंने राजनाथ सिंह से मुलाकात के दौरान गुलाबी रंग का कोट पहना था, जिसके साथ ब्लैक वेस्ट और पैंट्स वियर किए थे।<br><br><b>फिटनेस और स्टाइल:</b><br>43 वर्षीय तुलसी गबार्ड अपनी फिटनेस के साथ-साथ स्टाइल के लिए भी जानी जाती हैं। वह बुलेट प्रूफ जैकेट में भी उतनी ही स्टाइलिश लगती हैं, जितनी सूट-बूट में।<br><br><b>कैजुअल अंदाज:</b><br>कैजुअल लुक में, तुलसी वाइट टॉप के साथ ब्लू जींस और बेज कलर की पफर जैकेट में नजर आईं। ब्राउन बेल्ट और ब्लैक लोफर के साथ उन्होंने सिल्वर हूप्स पहने थे।<br><br><b>फॉर्मल अंदाज:</b><br>फॉर्मल मौकों पर, तुलसी ज्यादातर सूट-बूट में दिखाई देती हैं। उनका ऑल ब्लैक लुक हो या वाइट ब्लेजर के साथ, हर अंदाज में वह परफेक्ट लगती हैं।<br><br><b>स्पोर्टी लुक:</b><br>स्पोर्टी लुक में, तुलसी बेसिक कपड़े पहनना पसंद करती हैं। प्रिंटेड या प्लेन टैंक टॉप के साथ टाइट्स और शूज उनके स्पोर्टी लुक को कंप्लीट करते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हाथों की चर्बी घटाने के आसान उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-exercises-to-reduce-arm-fat-in-10-days</link>
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<description><![CDATA[ फिटनेस कोच इमरान खान कुछ आसान एक्सरसाइज बता रहे हैं, जिनसे बिना ज्यादा मेहनत किए हाथों की चर्बी कम की जा सकती है। इनमें आर्म सर्कल्स, आर्म फ्लैपिंग, शैडो बॉक्सिंग, बिना वजन के बाइसेप कर्ल्स, ट्राइसेप्स डिप्स और वॉल पुश-अप्स शामिल हैं। ये एक्सरसाइज बाहों को टोन करने, ताकत बढ़ाने और लचीलापन सुधारने में मदद करती हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119113072,imgsize-16118,width-540,height-405,resizemode-75/119113072.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हाथों की चर्बी, एक्सरसाइज, फिटनेस, टोनिंग, आर्म फैट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>हाथों की चर्बी कम करने के 6 आसान तरीके</b><br><br>फिटनेस कोच इमरान खान बता रहे हैं कुछ आसान एक्सरसाइज, जिनसे आप बिना ज्यादा मेहनत किए अपने हाथों की चर्बी को कम कर सकते हैं। ये एक्सरसाइज आपकी बाहों को टोन करने, उन्हें ताकतवर बनाने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करेंगी।<br><br><b>आर्म सर्कल्स (हाथों को घुमाना):</b><br>हाथों को बाहर की ओर फैलाकर छोटे और बड़े गोल घुमाव करें। यह एक्सरसाइज आपके कंधों और बाइसेप्स को टोन करती है, लचीलापन बढ़ाती है और ब्लड सर्कुलेशन को सुधारती है।<br><br><b>आर्म फ्लैपिंग (हाथों को ऊपर-नीचे करना):</b><br>अपने दोनों हाथों को साइड में रखें और छोटे-छोटे कंट्रोल्ड मूवमेंट में ऊपर-नीचे करें। यह एक्सरसाइज रक्त संचार को बढ़ाती है, मांसपेशियों को ताकत देती है और ऊपरी बाहों को टोन करती है।<br><br><b>शैडो बॉक्सिंग (हवा में मुक्के मारना):</b><br>हवा में हल्के मुक्के मारें। यह एक मजेदार और हल्का कार्डियो व्यायाम है, जो बाहों को टोन करता है, रक्त संचार को बढ़ाता है और ऊपरी शरीर को मजबूत बनाता है।<br><br><b>बिना वजन के बाइसेप कर्ल्स:</b><br>अपनी मुट्ठी बांधकर ऐसे उठाएं जैसे आप डंबल उठा रहे हों। यह व्यायाम बाइसेप्स को मजबूत करता है, मांसपेशियों की बनावट को सुधारता है और बिना जोड़ों पर ज्यादा दबाव डाले बाहों को टोन करता है।<br><br><b>ट्राइसेप्स डिप्स:</b><br>एक मजबूत कुर्सी का सहारा लेकर अपने शरीर को ऊपर-नीचे करें। यह एक्सरसाइज विशेष रूप से ट्राइसेप्स (बाजू के पिछले हिस्से) को टोन करती है और हाथों की ढीली त्वचा को कसने में मदद करती है।<br><br><b>वॉल पुश-अप्स:</b><br>दीवार के सामने खड़े होकर, हाथों से धक्का देकर अपने शरीर को आगे-पीछे करें। यह हल्का व्यायाम बाहों को मजबूत करता है, ऊपरी शरीर की ताकत बढ़ाता है और अतिरिक्त चर्बी जलाने में मदद करता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईशा देओल ने खोला हेमा मालिनी की खूबसूरती का राज</title>
<link>https://pratinidhi.in/hema-malini-beauty-secret-esha-deol-reveals-her-mothers-beauty-secret</link>
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<description><![CDATA[ ईशा देओल ने अपनी मां हेमा मालिनी के ब्यूटी सीक्रेट का खुलासा किया है। हेमा मालिनी टैनिंग से बचने के लिए ग्लिसरीन और नींबू का मिश्रण इस्तेमाल करती थीं। ईशा देओल भी इस नुस्खे को अपनाती हैं। हेमा मालिनी बचपन में बेसन का पेस्ट भी लगाती थीं, जिससे उनकी त्वचा में निखार आता था। हेमा मालिनी की खूबसूरती और नृत्य के प्रति प्रेम ही उन्हें युवा रखता है। यह नुस्खा टैनिंग को दूर करने और त्वचा को जवां बनाए रखने में मददगार है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119115164/esha-deol-and-hema-malini-119115164.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हेमा मालिनी, ईशा देओल, टैनिंग, ब्यूटी सीक्रेट, स्किन केयर, ग्लिसरीन, नींबू, बेसन, चना का आटा, होम रेमेडी, टैन रिमूवल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>हेमा मालिनी की खूबसूरती का राज, बेटी ईशा देओल ने खोला:</b><br><br>क्या आप भी टैनिंग से परेशान हैं? हेमा मालिनी का सीक्रेट नुस्खा आजमाएं, जिसे ईशा देओल ने साझा किया है। यह नुस्खा आपके हाथों-पैरों के कालेपन को दूर करेगा और त्वचा को जवां बनाए रखने में मददगार होगा।<br><br>हेमा मालिनी, 76 साल की उम्र में भी अपनी खूबसूरती से सबको हैरान करती हैं। उनकी सुंदरता और नृत्य के प्रति प्रेम ही उन्हें युवा रखता है। शूटिंग के बाद भी उनकी त्वचा चमकती रहती है।<br><br>बढ़ती उम्र में खूबसूरत दिखना आसान नहीं है। ईशा देओल ने अपनी मां के ब्यूटी सीक्रेट का खुलासा किया। हेमा मालिनी एक डिब्बी में एक खास मिश्रण रखती थीं।<br><br>ईशा देओल ने बताया कि उनकी मां ग्लिसरीन और नींबू का मिश्रण इस्तेमाल करती थीं, जो टैनिंग को दूर करता था। ईशा देओल भी इस नुस्खे का पालन करती हैं। इसके अलावा, हेमा मालिनी बचपन में बेसन का पेस्ट भी लगाती थीं, जिससे त्वचा में निखार आता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बच्चों को मैदा खिलाने से होने वाली खतरनाक बीमारियां</title>
<link>https://pratinidhi.in/harmful-diseases-caused-by-feeding-maida-to-children</link>
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<description><![CDATA[ मैदा बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है, क्योंकि इसमें पोषक तत्वों की कमी होती है और यह आसानी से पचता भी नहीं है। मैदा से बनी चीजें पचाने में मुश्किल होती हैं, जिससे बच्चों में कब्ज, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मैदा में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जिससे बच्चों का वजन बढ़ सकता है और वे मोटापे का शिकार हो सकते हैं। कुछ बच्चों को मैदा से एलर्जी हो सकती है, जिससे उन्हें त्वचा पर चकत्ते, खुजली और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मैदा में चीनी की मात्रा अधिक होती है, जिससे बच्चों के दांतों में कैविटी हो सकती है। इसलिए, बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें मैदा से बनी चीजें देने से बचना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मैदा, बच्चे, सेहत, बीमारियां, पाचन, एलर्जी, मोटापा, दांत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>मैदा: बच्चों के लिए हानिकारक</b><br><br>मैदा से बनी चीजें बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं। मैदा में पोषक तत्वों की कमी होती है और यह आसानी से पचता भी नहीं है। इसके कारण बच्चों में मोटापा, पाचन संबंधी समस्याएं और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, बच्चों को मैदा से बनी चीजें देने से बचना चाहिए।<br><br><b>मैदा के नुकसान:</b><br><br><b>1. पाचन संबंधी समस्याएं:</b> मैदा से बनी चीजें पचाने में मुश्किल होती हैं, जिससे बच्चों में कब्ज, गैस और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।<br><br><b>2. मोटापा:</b> मैदा में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, जिससे बच्चों का वजन बढ़ सकता है और वे मोटापे का शिकार हो सकते हैं।<br><br><b>3. एलर्जी:</b> कुछ बच्चों को मैदा से एलर्जी हो सकती है, जिससे उन्हें त्वचा पर चकत्ते, खुजली और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।<br><br><b>4. दांतों की समस्या:</b> मैदा में चीनी की मात्रा अधिक होती है, जिससे बच्चों के दांतों में कैविटी हो सकती है।<br><br>इसलिए, बच्चों को स्वस्थ रखने के लिए उन्हें मैदा से बनी चीजें देने से बचना चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईद के खास पकवान: मेहमानों के लिए बनाएं ये स्वादिष्ट रेसिपी</title>
<link>https://pratinidhi.in/eid-feast-special-delicious-recipes-to-impress-your-guests</link>
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<description><![CDATA[ ईद का त्योहार नजदीक है, और इस खास मौके को और भी खास बनाने के लिए लोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार करते हैं। ईद रमजान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है, और इस अवसर पर घरों में सेवइयां बनाई जाती हैं। किमामी सेवई ईद के त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ईद पर आप कुछ विशेष व्यंजन बना सकते हैं जो आपके मेहमानों को बहुत पसंद आएंगे।रमजान का महीना चल रहा है, और ईद आने में थोड़ा ही समय बचा है। ईद का त्योहार न केवल इबादत और खुशियों का त्योहार है, बल्कि यह स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। ईद के दिन, घरों में विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं जो ईद की खुशियों को और बढ़ाते हैं। इस दिन, मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है। ईद के विशेष मेनू में किमामी सेवई सबसे पहले आती है। इस दिन, किमामी सेवई के साथ कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं। इस ईद पर, आप शामी कबाब, चिकन टिक्का और मटन बिरयानी बनाकर अपने मेहमानों का दिल जीत सकते हैं। ये व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि जल्दी भी बन जाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Eid, recipes, food, festival, Indian cuisine, sweets, dishes</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ईद का त्योहार नजदीक है, और इस खास मौके को और भी खास बनाने के लिए लोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार करते हैं। ईद रमजान के पवित्र महीने के समापन का प्रतीक है, और इस अवसर पर घरों में सेवइयां बनाई जाती हैं। किमामी सेवई ईद के त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस ईद पर आप कुछ विशेष व्यंजन बना सकते हैं जो आपके मेहमानों को बहुत पसंद आएंगे।<br><br>
रमजान का महीना चल रहा है, और ईद आने में थोड़ा ही समय बचा है। ईद का त्योहार न केवल इबादत और खुशियों का त्योहार है, बल्कि यह स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है। ईद के दिन, घरों में विशेष व्यंजन बनाए जाते हैं जो ईद की खुशियों को और बढ़ाते हैं। इस दिन, मेहमानों का आना-जाना लगा रहता है। ईद के विशेष मेनू में किमामी सेवई सबसे पहले आती है। इस दिन, किमामी सेवई के साथ कई प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं। इस ईद पर, आप शामी कबाब, चिकन टिक्का और मटन बिरयानी बनाकर अपने मेहमानों का दिल जीत सकते हैं। ये व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि जल्दी भी बन जाते हैं।<br><br>
शीर खुरमा एक लोकप्रिय मिठाई है जिसे ईद के अवसर पर बनाया जाता है। यदि आपके परिवार में मीठा पसंद करने वाले लोग हैं, तो आप शीर खुरमा बना सकते हैं। यह सेवई, दूध, खजूर और मेवों से बनाया जाता है और सभी को बहुत पसंद आता है।<br><br>
किमामी सेवइयां एक स्वादिष्ट व्यंजन है जो ईद पर हर घर में बनाया जाता है। इसका स्वाद ऐसा होता है कि जो कोई भी इसे एक बार खाता है, वह इसका स्वाद नहीं भूल पाता है।<br><br>
बटर चिकन ईद की दावत को खास बनाने के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह स्वादिष्ट होता है और सभी को पसंद आता है। इसे नान या रोटी के साथ परोसा जा सकता है। इसे बनाना आसान है, और इसे बनाकर आप प्रशंसा प्राप्त कर सकते हैं।<br><br>
चिकन शामी कबाब ईद पर सबसे अच्छे मांसाहारी स्नैक्स में से एक है। यह प्याज, हरी मिर्च और धनिया पत्ती के मसालेदार मिश्रण, चिकन और चने की दाल से बनाया जाता है और इसका स्वाद बहुत अच्छा होता है।<br><br>
कहा जाता है कि बिरयानी के बिना ईद का जश्न अधूरा है। यह मटन, चावल और विभिन्न मसालों से बनाया जाता है। आप अपनी क्रेविंग को पूरा करने के लिए इसे रायता या मसालेदार सलाद के साथ खा सकते हैं।<br><br>
हरियाली चिकन टिक्का बनाना बहुत आसान है। यह धनिया, पुदीना, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च के पेस्ट में मैरीनेट करके बनाया जाता है। आप इसे स्टार्टर के रूप में परोस सकते हैं। यह घर के सदस्यों के साथ-साथ मेहमानों को भी बहुत पसंद आएगा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बच्चों में अच्छी आदतें: स्कूल से आने के बाद सिखाएं ये 5 आदतें</title>
<link>https://pratinidhi.in/good-habits-for-kids-teach-your-kids-these-manners-to-get-appreciate</link>
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<description><![CDATA[ बच्चों को बचपन से ही अच्छी आदतें सिखाना ज़रूरी है, जैसे स्कूल बैग और सामान को व्यवस्थित करना, हाथ-मुँह धोना, लंच बॉक्स निकालना और समय का सही उपयोग करना। ये आदतें उन्हें संस्कारी और सफल बनाती हैं, साथ ही बीमारियों से भी बचाती हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को आत्मनिर्भर बनाएं और उनके साथ संवाद करके मजबूत रिश्ता कायम करें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Good habits, Kids, School, Bag, Cleanliness, Time management</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Good Habits for Kids:</strong> बच्चों को बचपन से ही अच्छी आदतें सिखाना बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसा करने से वे संस्कारी बनते हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। इसलिए, बच्चों को छोटी उम्र से ही अच्छी आदतें सिखाने पर ध्यान देना चाहिए। आज हम आपको उन 5 आदतों के बारे में बताएंगे जो हर बच्चे को स्कूल से घर लौटने के बाद सीखनी चाहिए।

<strong>1. स्कूल बैग और सामान को व्यवस्थित करना:</strong>
बच्चों को सिखाएं कि वे अपने स्कूल बैग और अन्य सामान को सही ढंग से व्यवस्थित रखें। इससे उन्हें अपना सामान ढूंढने में आसानी होगी और वे समय का बेहतर उपयोग कर पाएंगे। उन्हें बताएं कि हर चीज को उसकी जगह पर रखना चाहिए।<br><br>
<strong>2. हाथ और चेहरा धोना:</strong>
स्कूल से आने के बाद बच्चों को हाथ और चेहरा धोने की आदत डालें। यह उन्हें स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाने में मदद करेगा। घर लौटते ही उन्हें यूनिफॉर्म बदलने और हाथ धोने के लिए कहें, ताकि वे साफ-सुथरे रहें।<br><br>
<strong>3. बैग से लंच बॉक्स निकालना:</strong>
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना महत्वपूर्ण है। उन्हें सिखाएं कि वे स्कूल बैग से अपना लंच बॉक्स निकालें ताकि उसे धोया जा सके और अगले दिन फिर से इस्तेमाल किया जा सके। उन्हें छोटे-छोटे कामों की जिम्मेदारी सौंपें।<br><br>
<strong>4. समय का सही उपयोग करना:</strong>
बच्चों को समय का सही उपयोग करना सिखाएं। इससे उन्हें अपने काम समय पर पूरे करने में मदद मिलेगी। उन्हें अपने माता-पिता के साथ बातचीत करने के लिए भी प्रोत्साहित करें, ताकि वे अपने विचार और भावनाएं साझा कर सकें और मजबूत संबंध बना सकें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पैरेंट्स मीटिंग में टीचर से जरूर पूछें ये सवाल, ताकि बच्चे की प्रोग्रेस रहे पता</title>
<link>https://pratinidhi.in/parents-teacher-meeting-important-questions-to-ask-teachers-about-childs-progress</link>
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<description><![CDATA[ पैरेंट्स-टीचर मीटिंग एक महत्वपूर्ण अवसर है जहाँ माता-पिता अपने बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। टीचर से बच्चे की एकेडमिक प्रोग्रेस, व्यवहार, सुधार के क्षेत्र, प्रेरणा और भविष्य की योजनाओं के बारे में जरूर पूछें। इससे आपको बच्चे के विकास और शिक्षा में मदद मिलेगी। पैरेंट्स मीटिंग बच्चों की प्रोग्रेस जानने का मौका होता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप जब पैरेंट्स टीचर मीटिंग में जाएं तो बच्चों की प्रोग्रेस के बारे में जरूर सवाल करें ताकि आपको पता रहे कि आपके बच्चे की स्कूल में क्या प्रोग्रेस है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:05:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Parents Teacher Meeting, child progress, teacher questions, academic growth, motivate child</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>पैरेंट्स मीटिंग में टीचर से जरूर पूछें ये सवाल, ताकि बच्चे की प्रोग्रेस रहे पता</strong><br><br>पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) एक महत्वपूर्ण अवसर होता है, जहाँ माता-पिता अपने बच्चों की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह मीटिंग बच्चों के विकास और शिक्षा से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा करने का मौका देती है।<br><br><strong>1. एकेडमिक प्रोग्रेस:</strong><br>टीचर से बच्चे की एकेडमिक प्रोग्रेस के बारे में जरूर पूछें। इससे आपको पता चलेगा कि बच्चा किन विषयों में अच्छा कर रहा है और किन विषयों में उसे सुधार की जरूरत है।<br><br><strong>2. व्यवहार संबंधी प्रश्न:</strong><br>बच्चे का स्कूल में व्यवहार कैसा है, यह जानना भी जरूरी है। टीचर आपको बता सकते हैं कि बच्चा अनुशासन में रहता है या नहीं और अपने साथियों के साथ कैसा व्यवहार करता है।<br><br><strong>3. सुधार के क्षेत्र:</strong><br>टीचर से यह भी पूछें कि बच्चे को किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। इससे आपको बच्चे की कमजोरियों का पता चलेगा और आप उन्हें दूर करने में मदद कर सकते हैं।<br><br><strong>4. प्रेरणा कैसे दें:</strong><br>यह भी जानना जरूरी है कि आप घर पर बच्चे को कैसे प्रेरित कर सकते हैं। टीचर आपको कुछ उपयोगी सुझाव दे सकते हैं।<br><br><strong>5. भविष्य की योजना:</strong><br>अंत में, टीचर से बच्चे के भविष्य के बारे में उनकी योजनाओं के बारे में पूछें। इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आप बच्चे के भविष्य के लिए कैसे बेहतर निर्णय ले सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>होंठों को हानिकारक लिप बाम से बचाएं: डॉक्टर मिक्की मेहता के सुझाव</title>
<link>https://pratinidhi.in/harmful-effects-of-lip-balm-and-natural-alternatives-according-to-dr-mickey-mehta</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर मिक्की मेहता ने लिप बाम के इस्तेमाल के खतरों के बारे में बताया है। उन्होंने कहा कि लिप बाम में मौजूद हानिकारक केमिकल्स कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए, उन्होंने लिप बाम की जगह नेचुरल घी और तेल लगाने की सलाह दी है और लिप लिकिंग की आदत छोड़ने को कहा है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:05:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लिप बाम, हानिकारक केमिकल्स, डॉक्टर मिक्की मेहता, होंठों की देखभाल, प्राकृतिक उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[डॉक्टर मिक्की मेहता ने लिप बाम के हानिकारक प्रभावों के बारे में बताया है और इसके इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि लिप बाम में मौजूद हानिकारक केमिकल्स जैसे पैराबेन, पेट्रोलियम जेली, ब्यूटाइलेटेड हाइड्रोक्सी एनिसोल (बीएचए), ब्यूटाइलेटेड हाइड्रॉक्सीटोल्यूइन (बीएचटी) और अल्कोहल कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं।<br><br>डॉक्टर मेहता के अनुसार, लिप बाम पर 'एक्सटर्नल यूज ऑनली' लिखा होने का कारण यह है कि इसमें मौजूद रंग कैंसर का कारण बन सकते हैं। लिप बाम को चाटने से ये हानिकारक केमिकल्स, रंग और प्रिजर्वेटिव मुंह में चले जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।<br><br>इसलिए, डॉक्टर मेहता लिप बाम की जगह नेचुरल घी और तेल लगाने की सलाह देते हैं। ये होंठों को कोमल बनाए रखने और फटने से रोकने में मदद करते हैं। उन्होंने लिप लिकिंग की आदत छोड़ने और केमिकल युक्त लिप बाम से बचने की सलाह दी है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एक्ने के दाग: कारण, निदान और डॉक्टर अग्नि बॉस के सुझाव</title>
<link>https://pratinidhi.in/acne-scars-causes-treatment-and-dermatologist-agni-bose-suggestions</link>
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<description><![CDATA[ एक्ने की समस्या से हर कोई परेशान है, और इसके दाग और भी तकलीफदेह होते हैं। डॉक्टर अग्नि बॉस ने 5 एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बताए हैं जो एक्ने के काले दाग-धब्बों को सूखने से बचाने और उन्हें हल्का करने में मदद कर सकते हैं। विटामिन सी काले धब्बों को हल्का करता है, नियासिनमाइड स्किन बैरियर को मजबूत करता है, एएचए और बीएचए डेड स्किन सेल्स को हटाते हैं, रेटिनोइड्स कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देते हैं, और एजेलिक एसिड मेलेनिन के प्रोडक्शन को कम करता है। इन उपायों से एक्ने के दागों को कम किया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:02:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Acne scars, Dry acne scars, Black acne scars, Dermatologist Agni Bose, Vitamin C, Niacinamide, AHA, BHA</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>एक्ने के दाग: कारण, निदान और डॉक्टर अग्नि बॉस के सुझाव</strong><br><br>एक्ने की समस्या से आज हर कोई परेशान है, चाहे वो महिला हो या पुरुष। एक्ने होने के बाद जो दाग रह जाते हैं, वे और भी ज्यादा तकलीफदेह होते हैं। कई बार ये दाग काले पड़ जाते हैं और सूखने लगते हैं।<br><br>कंसलटेंट डर्मेटोलॉजिस्ट और डर्मा सर्जन डॉक्टर अग्नि बॉस ने 5 ऐसे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स बताए हैं, जो एक्ने के काले दाग-धब्बों को सूखने से बचाने और उन्हें हल्का करने में मदद कर सकते हैं।<br><br><strong>विटामिन सी:</strong><br>विटामिन सी काले धब्बों को हल्का करने और त्वचा की रंगत को एक समान करने में मदद करता है। यह मेलेनिन प्रोडक्शन को रोकने और पर्यावरण से होने वाले नुकसान से बचाने का काम करता है। डॉक्टर अग्नि बॉस के अनुसार, 10-20% एल-एस्कॉर्बिक एसिड वाले सीरम का इस्तेमाल करना चाहिए।<br><br><strong>नियासिनमाइड:</strong><br>नियासिनमाइड (विटामिन बी3) काले धब्बों को कम करने और स्किन बैरियर को मजबूत करने में मदद करता है। यह सूजन को कम करने, चेहरे से एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करने और ओवरऑल स्किन टेक्सचर को बेहतर बनाने में भी फायदेमंद होता है।<br><br><strong>एएचए और बीएचए:</strong><br>अल्फा हाइड्रोक्सी एसिड (AHAs) और बीटा हाइड्रोक्सी एसिड (BHA) जैसे एक्सफोलिएंट डेड स्किन सेल्स को हटाते हैं और नई स्किन को बढ़ावा देते हैं। ग्लाइकोलिक एसिड (AHA) पिगमेंटेशन को कम करता है, जबकि सैलिसिलिक एसिड (BHA) मुंहासों के घावों को सुखाने में मदद करता है।<br><br><strong>रेटिनोइड्स:</strong><br>रेटिनोइड्स विटामिन ए का डेरिवेटिव है, जो सेल टर्नओवर को बढ़ाने और कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह काले धब्बों को कम करने, त्वचा की बनावट में सुधार करने और भविष्य में मुंहासे होने से रोकने में भी प्रभावी है।<br><br><strong>एजेलिक एसिड:</strong><br>एजेलिक एसिड मेलेनिन के प्रोडक्शन को कम करता है और पिगमेंटेशन को हल्का करता है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो एक्टिव एक्ने के लिए भी काम करते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>रोहित शर्मा: मालदीव में परिवार संग कूल अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/rohit-sharma-stylish-look-with-family-in-maldives</link>
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<description><![CDATA[ रोहित शर्मा IPL से पहले अपने परिवार के साथ मालदीव में छुट्टियां मना रहे हैं। चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद रोहित शर्मा का बदला हुआ अंदाज और उनकी बेटी समायरा की क्यूटनेस लोगों को खूब पसंद आ रही है। रोहित शर्मा कभी बेटी समायरा के साथ पूल में पोज देते हुए नजर आते हैं, तो कभी समुद्र किनारे स्टाइलिश अंदाज में दिखाई देते हैं। रितिका सजदेह अपनी सादगी से सबका ध्यान खींच रही हैं। रोहित शर्मा ब्लैक एंड वाइट लुक में भी काफी कूल लग रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:00:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Rohit Sharma, Samaira Sharma, Ritika Sajdeh, Maldives, IPL, Champions Trophy, Fashion, Stylish look, Family vacation, Cricket, Hat, Beach look</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[रोहित शर्मा <strong>IPL</strong> शुरू होने से पहले अपने परिवार के साथ मालदीव में छुट्टियां मना रहे हैं। <strong>चैंपियंस ट्रॉफी</strong> जीतने के बाद रोहित शर्मा का बदला हुआ अंदाज और उनकी बेटी समायरा की क्यूटनेस लोगों को खूब पसंद आ रही है।<br><br>समुद्र किनारे रोहित शर्मा का स्टाइल देखने लायक है। चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद रोहित शर्मा अपने परिवार के साथ मालदीव में क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं। उन्होंने अपनी पत्नी रितिका सजदेह और बच्चों के साथ कई तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें उनका मस्ती भरा अंदाज देखने को मिल रहा है। फैंस को उनका यह बदला हुआ रूप काफी पसंद आ रहा है।<br><br>रोहित शर्मा कभी बेटी समायरा के साथ पूल में पोज देते हुए नजर आते हैं, तो कभी समुद्र किनारे स्टाइलिश अंदाज में दिखाई देते हैं। रितिका के साथ भी उनकी जोड़ी शानदार लग रही है। समायरा भी छोटी सी उम्र में फैशन गोल्स दे रही हैं। रोहित शर्मा भी सिर पर अलग-अलग तरह की टोपियां लगाए हुए स्टाइल के मामले में किसी से कम नहीं हैं।<br><br>समायरा एक प्रिंटेड बॉडीसूट में बेहद प्यारी लग रही हैं। रोहित शर्मा पर्पल कलर की टी-शर्ट और ऑरेंज शॉर्ट्स में दिखाई दे रहे हैं, जिसके साथ उन्होंने Adidas की पर्पल हैट और चश्मा लगाया है। समायरा ने टाई एंड डाई स्टाइल वाली ब्लू, वाइट और पिंक शॉर्ट्स पहनी है और पापा जैसे स्टाइल की हैट लगाई है। दोनों स्विमिंग पूल में मस्ती करते हुए दिखाई दे रहे हैं।<br><br>रोहित शर्मा ने बेटी समायरा के साथ मस्ती करते हुए कई फोटोज शेयर की हैं, जिसमें वह अलग-अलग स्टाइल की टोपी लगाए हुए हैं। एक फोटो में वह ग्रे वेस्ट और शॉर्ट्स पहने हुए हैं, जिसके साथ उन्होंने काली हैट लगाई है। दूसरी ओर, वह वाइट टी-शर्ट के साथ ग्रे टोपी पहने हुए हैं। समायरा वाइट कलर की फ्लोई ड्रेस पहनकर क्यूट पोज दे रही हैं। खुले बाल और जीभ निकालने का उनका अंदाज सबको खूब पसंद आ रहा है।<br><br>रितिका सजदेह अपनी सादगी से सबका ध्यान खींच रही हैं। एक फोटो में वह येलो कलर की टी-शर्ट पहने हुए हैं, तो दूसरी तरफ रोहित की बाहों में ब्लैक फ्लोरल प्रिंटेड रफल स्लीव्स टॉप में दिखाई दे रही हैं। उनके खुले बाल और ब्लैक वॉच उनके लुक को और भी शानदार बना रहे हैं।<br><br>रोहित शर्मा पिंक कलर की प्रिंटेड शर्ट पहने हुए हैं, जिस पर बीच वाला वाइब्स देता प्रिंटेड डिजाइन है। उन्होंने इसे वाइट कॉटन ट्राउजर के साथ पेयर किया है और हाथ में लग्जरी वॉच पहनी है।<br><br>रोहित शर्मा ब्लैक एंड वाइट लुक में भी काफी कूल लग रहे हैं। उन्होंने वाइट कलर की शर्ट पहनी है, जिस पर ब्लैक प्रिंटेड डिजाइन बना है। उन्होंने अपनी ऑरेंज शॉर्ट्स के साथ इसमें कलर ऐड किया है। सिर पर टोपी और काला चश्मा लगाए हुए वह कूल वाइब्स दे रहे हैं। समायरा ब्लू पिंक स्विमसूट में नजर आ रही हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>रिश्ते में खटास से बचने के लिए पार्टनर से छिपाएं ये बातें</title>
<link>https://pratinidhi.in/secrets-you-should-hide-from-your-partner-to-avoid-relationship-problems</link>
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<description><![CDATA[ रिश्तों में कुछ बातें छिपाना बेहतर होता है, खासकर पति-पत्नी के बीच। पूर्व प्रेमी/प्रेमिका के बारे में बात न करें, बुरे अनुभव साझा करने से बचें, और घर के लोगों की नकारात्मक बातें पार्टनर को न बताएं। पार्टनर के दोस्तों या परिवार के बारे में नकारात्मक बातें करने से भी बचें। इन बातों का ध्यान रखकर रिश्ते में तनाव से बचा जा सकता है। हमेशा सकारात्मक रहें और भविष्य की योजनाएं साझा करें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:00:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>relationship, partner, secrets, honesty, trust</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रिश्तों में कुछ बातें ऐसी होती हैं जिन्हें छिपाना बेहतर होता है</strong>, खासकर पति-पत्नी के रिश्ते में। कुछ मामलों में ईमानदारी जरूरी है, लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें बताने से रिश्ते में खटास आ सकती है।<br><br><strong>पहली बात जो आपको अपने पार्टनर से छिपानी चाहिए</strong>, वह है आपके पूर्व प्रेमी या प्रेमिका के बारे में। शादी के बाद कोई भी अपने साथी के अतीत के बारे में नहीं जानना चाहता। ऐसी बातें रिश्ते को खराब कर सकती हैं, इसलिए बेहतर है कि आप इस बारे में बात न करें।<br><br><strong>दूसरी बात, अपने बुरे अनुभवों के बारे में बात करने से बचें।</strong> अपने पार्टनर के साथ हमेशा सकारात्मक बातें करें और भविष्य की योजनाएं साझा करें। अपने बुरे अनुभवों को बताने से रिश्ते में तनाव आ सकता है।<br><br><strong>तीसरी बात, अपने घर के लोगों की नकारात्मक बातें अपने पार्टनर को न बताएं।</strong> अगर आपके घर के लोग आपके पार्टनर के बारे में कुछ गलत कहते हैं, तो इसे अपने तक ही रखें। ऐसा करने से घर में और अधिक तनाव पैदा हो सकता है, क्योंकि आपका पार्टनर भी प्रतिक्रिया देगा और माहौल खराब हो जाएगा।<br><br>इसके अतिरिक्त, अपने पार्टनर के दोस्तों या परिवार के सदस्यों के बारे में नकारात्मक बातें न करें। ऐसा करने से आपके रिश्ते में तनाव आ सकता है। हमेशा सकारात्मक रहने की कोशिश करें और अपने पार्टनर के करीबियों के बारे में नकारात्मक बातें कहने से बचें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>युवाओं की सेहत और मोटापा: भारतीय जीवनशैली से सुधार</title>
<link>https://pratinidhi.in/obesity-and-youth-health-improving-with-indian-lifestyle</link>
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<description><![CDATA[ मोटापे से बिगड़ती सेहत की चर्चा हर तरफ है, लेकिन इसे भारतीय जीवनशैली और आहार-विहार से सुधारा जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोटापे को बीमारियों की जड़ बताया है, और भारत में मोटापे के शिकार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 2050 तक 44 करोड़ भारतीय मोटापे की चपेट में आ सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे बढ़ने से रोका जा सकता है, जिसमें &#039;वन मील ए डे&#039; का अभ्यास और दोपहर में भोजन करना शामिल है। भारतीयों को चिकनाई और मैदा से दूर रहना चाहिए, सूर्योदय से पहले उठना चाहिए, और योग करना चाहिए। बीएमआई हमेशा सही परिणाम नहीं देता, इसलिए डॉक्टरों को अन्य माप भी लेने चाहिए। मोटापा कई रोगों का कारण बन सकता है, जिसके लिए स्वास्थ्य सेवा में सुधार जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:00:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मोटापा, युवा, सेहत, भारतीय आहार, भारतीय विहार, जीवनशैली, डॉ. मिक्की मेहता, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बीएमआई, स्वस्थ जीवनशैली, आर्थिकी, रोग, आयुर्वेद, योग, व्यायाम, शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार, पारंपरिक जीवनशैली, इंटरमिटेंट डाइट, वजन घटाना, आहार-विहार परंपरा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>युवाओं में मोटापा: एक गंभीर समस्या</strong></p><br><br><p>आजकल हर तरफ मोटापे से बिगड़ती सेहत की चर्चा है, लेकिन इसे सुधारना मुश्किल नहीं है। डॉ. मिक्की मेहता के अनुसार, भारतीय जीवनशैली और आहार-विहार की परंपरा को अपनाकर सेहत को संतुलित किया जा सकता है।</p><br><br><p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मोटापे को बीमारियों की जड़ बताया है। भारत में मोटापे के शिकार लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आशंका है कि 2050 तक 44 करोड़ भारतीय मोटापे की चपेट में होंगे।</p><br><br><p>मोटापे से बचने के दो तरीके हैं: पहला, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे बढ़ने से रोका जाए। दूसरा, महंगी दवाओं और सर्जरी पर पैसा खर्च किया जाए।</p><br><br><p><strong>भारतीय परंपरा में सही पोषण</strong></p><br><br><p>आजकल कई तरह की डाइट प्रचलन में हैं, लेकिन भारतीय परंपरा में हमेशा से 'वन मील ए डे' का अभ्यास होता आया है। इसमें लोग जीने के लिए भोजन करते थे, भोजन के लिए नहीं जीते थे।</p><br><br><p>दोपहर में 10 से 2 बजे के बीच भोजन करना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस समय पाचन शक्ति सबसे तेज होती है। सुबह फल और शाम को सूप या काढ़ा लिया जा सकता है।</p><br><br><p><strong>स्वस्थ रहने का संकल्प</strong></p><br><br><p>भारतीयों में मोटापा इसलिए भी बढ़ा है क्योंकि हमने चिकनाई और मैदा खाना शुरू कर दिया है। पैकेटबंद और प्रोसेस्ड भोजन का सेवन बढ़ गया है। हमें सूर्योदय से पहले उठना चाहिए और योग अभ्यास करना चाहिए।</p><br><br><p><strong>बीएमआई पर सवाल</strong></p><br><br><p>मोटापे का आकलन करने के लिए बीएमआई की गणना पर भरोसा किया जाता है, लेकिन लैंसेट के अनुसार, बीएमआई हमेशा सही परिणाम नहीं देता है। डॉक्टरों को कमर की परिधि या शरीर की चर्बी को मापकर पुष्टि करनी चाहिए कि किसी व्यक्ति को मोटापा है या नहीं।</p><br><br><p><strong>आर्थिकी पर दबाव</strong></p><br><br><p>अधिक वजन वाले या मोटापे से ग्रस्त आधे से अधिक वयस्क आठ देशों में रहते हैं। लैंसेट रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में 49.71% और भारत में 12.41% लोग इस श्रेणी में आते हैं।</p><br><br><p><strong>बीमारी का दरवाजा</strong></p><br><br><p>मोटापा कई रोगों का कारण बन सकता है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवा, खाद्य वातावरण और सार्वजनिक नीतियों में सुधार की आवश्यकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ईद पर पाएं चांद सा निखार: 5 आसान स्किन केयर टिप्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/eid-2025-get-glowing-skin-with-these-5-easy-skincare-tips</link>
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<description><![CDATA[ ईद के त्योहार में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, और हर कोई चाहता है कि उनकी त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिखे। रमजान के महीने में रोजा रखने के कारण त्वचा सुस्त और बेजान हो सकती है। लेकिन, कुछ आसान स्किन केयर टिप्स अपनाकर आप ईद पर चांद सा निखार पा सकते हैं: दिन में दो बार चेहरे की क्लींजिंग, एलोवेरा और गुलाबजल का इस्तेमाल, हल्दी के पानी से स्टीम, बेसन और दही का पैक, और बर्फ से मसाज। इन उपायों से त्वचा को हाइड्रेट, ठंडक और चमक मिलेगी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:00:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>स्किन केयर टिप्स, ईद, ग्लोइंग स्किन, एलोवेरा, गुलाबजल, हल्दी, बेसन, दही</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>ईद पर चांद सा निखार पाने के लिए 5 आसान स्किन केयर टिप्स</b><br><br>ईद के त्योहार में अब कुछ ही दिन बाकी हैं, और हर कोई चाहता है कि उनकी त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिखे। रमजान के महीने में रोजा रखने के कारण त्वचा सुस्त और बेजान हो सकती है। लेकिन, कुछ आसान स्किन केयर टिप्स अपनाकर आप ईद पर चांद सा निखार पा सकते हैं।<br><br><b>1. दो बार चेहरे की क्लींजिंग:</b><br>दिन में दो बार चेहरे को अच्छी तरह से साफ करना जरूरी है। सुबह और रात में सोने से पहले फेस वॉश का इस्तेमाल करें। इससे चेहरे से धूल, गंदगी और एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाते हैं।<br><br><b>2. एलोवेरा और गुलाबजल:</b><br>एलोवेरा जेल में गुलाबजल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। यह त्वचा को ठंडक देगा और हाइड्रेट करेगा। इसे रात को सोने से पहले भी लगाया जा सकता है।<br><br><b>3. हल्दी के पानी से स्टीम:</b><br>हल्दी के पानी से चेहरे को स्टीम दें। इससे स्किन के पोर्स खुल जाते हैं और चेहरे की गंदगी साफ हो जाती है। हल्दी त्वचा को रिजूवनेट करने में भी मदद करती है।<br><br><b>4. बेसन और दही का पैक:</b><br>बेसन, दही और हल्दी का फेस पैक लगाएं। यह नेचुरल स्क्रबर की तरह काम करता है और चेहरे की खोई हुई चमक को लौटाता है।<br><br><b>5. बर्फ से मसाज:</b><br>रोजाना बर्फ के एक क्यूब से चेहरे की मसाज करें। इससे त्वचा खिली-खिली नजर आती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वजन कम करने के चक्कर में जा सकती है जान, जानिए कितना और कैसे कम करें वजन</title>
<link>https://pratinidhi.in/losing-more-than-10kg-weight-can-be-deadly-be-careful</link>
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<description><![CDATA[ एक नए अध्ययन के अनुसार, 10 किलो से ज्यादा वजन कम करने से जान का खतरा बढ़ सकता है। तेजी से वजन बढ़ना या कम होना दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। अध्ययन में पाया गया कि 10 किलो से ज्यादा वजन बढ़ने से हृदय रोग से मौत का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है, और 10 किलो से ज्यादा वजन कम करने वाले लोगों में भी मृत्यु दर 54% ज्यादा पाई गई। वजन घटाने के लिए डॉक्टर की निगरानी में वजन घटाएं और धीरे-धीरे वजन कम करें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119102706/according-to-new-study-losing-more-than-10kg-could-be-deadly-know-how-much-weight-loss-is-healthy-and-best-ways-to-loss-weight-119102706.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:58:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वजन कम करना, मोटापा, हृदय रोग, स्वास्थ्य, BMI</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>वजन कम करने के चक्कर में जा सकती है जान, जानिए कितना और कैसे कम करें वजन</strong><br><br>एक नए अध्ययन में पाया गया है कि 10 किलो से ज्यादा वजन कम करने से जान का खतरा बढ़ सकता है। एंग्लिया रस्किन यूनिवर्सिटी (ARU) के एक अध्ययन के अनुसार, तेजी से वजन बढ़ना या कम होना दोनों ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।<br><br><strong>अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष</strong><br><ul><li>10 किलो से ज्यादा वजन बढ़ने से हृदय रोग से मौत का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है।</li><li>किसी भी कारण से मृत्यु का खतरा लगभग दोगुना हो जाता है।</li><li>10 किलो से ज्यादा वजन कम करने वाले लोगों में भी मृत्यु दर 54% ज्यादा पाई गई।</li></ul><br><strong>वजन बढ़ने के कारण</strong><br><ul><li>उच्च बॉडी मास इंडेक्स (BMI)</li><li>धूम्रपान</li><li>शराब का अधिक सेवन</li><li>कम उम्र में मोटापा</li></ul><br><strong>वजन घटाने के लिए सुझाव</strong><br><ul><li>डॉक्टर की निगरानी में वजन घटाएं।</li><li>धीरे-धीरे वजन कम करें।</li><li>संतुलित आहार लें।</li><li>नियमित रूप से व्यायाम करें।</li><li>पर्याप्त नींद लें।</li></ul><br>अध्ययन के शोधकर्ताओं का कहना है कि वजन को नियंत्रित रखना सबसे सुरक्षित विकल्प है। तेजी से वजन बढ़ने या घटने से हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>14 दिन में वजन घटाने का घरेलू नुस्खा</title>
<link>https://pratinidhi.in/doctor-saleem-home-remedy-for-weight-loss-in-14-days</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर सलीम जैदी ने वजन घटाने और तोंद कम करने के लिए एक घरेलू नुस्खा बताया है। इसके लिए आपको लौंग, दालचीनी और जीरा को समान मात्रा में लेकर पीसना है। फिर एक चम्मच पाउडर को एक गिलास पानी में उबालकर, छानकर शहद मिलाकर पीना है। इसे सुबह खाली पेट 2-3 महीने तक लेने से मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और पेट, जांघों की चर्बी कम होती है। शुगर के मरीज शहद की जगह शुगर-फ्री का इस्तेमाल करें और हमेशा सीलोन दालचीनी ही लें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:58:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वजन घटाना, तोंद कम करना, घरेलू नुस्खा, डॉक्टर सलीम जैदी, लौंग, दालचीनी, जीरा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में वजन बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। लोग इसे कम करने के लिए कई तरह के तरीके अपनाते हैं, लेकिन हर तरीका सफल नहीं होता। ऐसे में क्यों न डॉ. सलीम जैदी के बताए घरेलू नुस्खे को आजमाया जाए?</p><br><p>डॉ. सलीम जैदी ने वजन और तोंद को कम करने के लिए एक खास पानी के बारे में बताया है।</p><br><p><strong>सामग्री:</strong> इस नुस्खे के लिए आपको तीन चीजों की जरूरत होगी: लौंग, दालचीनी और जीरा।</p><br><p><strong>विधि:</strong></p><br><ol><li>तीनों सामग्रियों को समान मात्रा में लें (जैसे 25 ग्राम प्रत्येक)।</li><li>इन्हें अच्छी तरह से पीसकर महीन पाउडर बना लें।</li><li>एक टी-स्पून पाउडर को एक गिलास पानी में उबाल लें, जब तक कि पानी तीन-चौथाई न रह जाए।</li><li>पानी को छानकर हल्का गर्म होने दें, फिर उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं।</li><li>अगर आपको शुगर है, तो शहद की जगह शुगर-फ्री या स्टीविया का इस्तेमाल करें।</li></ol><br><p>इस पानी को सुबह खाली पेट पिएं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से 14 दिनों में आपको अपने मेटाबॉलिज्म में फर्क महसूस होगा और शरीर हल्का लगेगा।</p><br><p>डॉक्टर सलीम के अनुसार, इस पानी को पीने से पेट और जांघों के आसपास जमा चर्बी कम होने लगती है।</p><br><p><strong>कब तक पिएं:</strong> डॉ. सलीम ने इस ड्रिंक को कम से कम 2 से 3 महीने तक लेने की सलाह दी है।</p><br><p><strong>सावधानी:</strong></p><br><ul><li>हमेशा सीलोन दालचीनी का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि सामान्य दालचीनी लीवर पर बुरा असर डाल सकती है।</li><li>पाउडर को धूप, गर्मी और नमी से दूर रखें।</li></ul>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>पुराने कूलर को AC जैसा बनाने का आसान तरीका</title>
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<description><![CDATA[ पुराने कूलर को AC जैसा बनाने के लिए मटके का इस्तेमाल करें। मटके में छेद करके उसे कूलर में रखें और पंप को मटके में डालें। हनीकोम्ब पैड की जगह खस वाले पैड का इस्तेमाल करें। नया कूलर खरीदते समय बीएलडीसी मोटर वाला कूलर खरीदें। इन टिप्स से गर्मी का मौसम सुकून से बिताया जा सकता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119103880/how-to-make-cooler-air-more-cool-like-ac-with-a-simple-hack-using-matka-or-clay-pot-119103880.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:58:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>cooler, matka, AC, summer, cooling hacks</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मी के मौसम में पुराने कूलर से ठंडी हवा न आने की चिंता अब दूर! एक आसान उपाय, मटके का इस्तेमाल, आपके कूलर को AC जैसा बना सकता है और पैसे भी बचा सकता है।

सोशल मीडिया पर एक शानदार ट्रिक शेयर की गई है जिसमें कूलर में मटका लगाने की बात बताई गई है। इस ट्रिक को अपनाने से गर्मी में कूलर से गर्म हवा आने की टेंशन नहीं रहेगी।

<b>मटका कैसे लगाएं:</b> एक मटका लें और उसमें 4-5 छेद करें। मटके को कूलर में रखें और कूलर पंप को मटके में डालें। कूलर को पानी से भर दें, जो छेदों से मटके में जाएगा। यह वाष्पीकरण के कारण कूलिंग इफेक्ट को बढ़ाता है, जिससे कूलर 3 गुना अधिक प्रभावी हो जाता है।

<b>पैड का चुनाव:</b> हनीकोम्ब पैड की जगह खस वाले पैड चुनें। खस वाले पैड सस्ते और टिकाऊ होते हैं।

<b>नया कूलर खरीदते समय:</b> बीएलडीसी मोटर वाला कूलर खरीदें। यह बिजली की बचत करता है। पंप का फ्लो रेट 800 प्रति लीटर घंटा होना चाहिए।

इन टिप्स को अपनाकर गर्मी का मौसम सुकून से बिताया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>सोशल मीडिया रील्स: रिश्तों में दूरियां?</title>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर रिलेशनशिप रील्स का चलन बढ़ रहा है, लेकिन ये कपल्स के रिश्तों को मजबूत करने की जगह दूरियां बढ़ा सकती हैं। रील्स में दिखाए जाने वाले रिश्ते अक्सर परफेक्ट लगते हैं, जिससे असल जिंदगी में कपल्स में निराशा बढ़ सकती है। इंस्टाग्राम पर रील्स देखकर तुलना करने से रिश्तों में खटास आ सकती है। दिखावे के पीछे भागने के बजाय अपने रिश्तों पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि असली इमोशंस से ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स की परवाह करने से रिश्तों में प्यार कम हो रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:58:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>relationship reels, social media, couples, relationship advice</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर रिलेशनशिप रील्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन क्या ये कपल्स के रिश्तों को मजबूत कर रही हैं या दूरियां बढ़ा रही हैं? <br><br>आजकल हर कोई इंस्टाग्राम और फेसबुक रील्स बनाने में व्यस्त है। सोशल मीडिया लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है, जहां रिलेशनशिप से जुड़े रील्स बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। इन रील्स में प्यार और रोमांस को दिखाया जाता है, लेकिन ये असल जिंदगी से अलग होते हैं।<br><br>रील में दिखाए जाने वाले रिश्ते अक्सर परफेक्ट लगते हैं, जहां पार्टनर्स एक-दूसरे को गिफ्ट देते हैं और घूमने जाते हैं। हालांकि, असल जिंदगी में ऐसा हमेशा संभव नहीं होता, जिससे कपल्स में निराशा बढ़ सकती है।<br><br>इंस्टाग्राम पर 30 सेकंड की रील देखकर कपल्स तुलना करने लगते हैं, जिससे रिश्तों में खटास आ सकती है। सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली हर चीज सही नहीं होती है, इसलिए दिखावे के पीछे भागने के बजाय अपने रिश्तों पर ध्यान देना जरूरी है। आजकल कपल्स सोशल मीडिया पर अपने रिश्ते को परफेक्ट दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन असली इमोशंस से ज्यादा लाइक्स और कमेंट्स की परवाह करने से रिश्तों में प्यार कम हो रहा है।<br><br>किसी भी रिश्ते को चलाने के लिए बातचीत बहुत जरूरी है। रील्स देखकर रिश्ते की तुलना करने से गलतफहमियां और झगड़े बढ़ सकते हैं। इसलिए, रील्स को सिर्फ मनोरंजन के लिए देखें और अपने रिश्ते की तुलना उनसे न करें। दिखावे के बजाय प्यार और समय को प्राथमिकता दें, रिश्ते की खुशियों को महसूस करें और किसी भी समस्या को समय पर सुलझाएं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>दिल्ली&amp;एनसीआर के पास खूबसूरत हिल स्टेशन</title>
<link>https://pratinidhi.in/hill-stations-near-delhi-ncr-for-relaxing-and-adventurous-getaway</link>
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<description><![CDATA[ दिल्ली-एनसीआर के पास कई खूबसूरत हिल स्टेशन हैं, जहां कुछ घंटों की ड्राइव करके पहुंचा जा सकता है। गर्मी शुरू होते ही लोग हिल स्टेशनों पर घूमने की योजना बनाने लगते हैं। ये जगहें गर्मी में सुकून का एहसास कराती हैं और यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी आनंद लिया जा सकता है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या मेरठ में रहने वालों के लिए उत्तराखंड और हिमाचल की वादियों में कई हिल स्टेशन मौजूद हैं। ऋषिकेश, रानीखेत, अल्मोड़ा, कानाताल, नैनीताल और औली प्रमुख हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:51:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Hill Stations, Delhi NCR, Weekend Trip, Adventure Sports, ऋषिकेश, नैनीताल, औली, रानीखेत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[दिल्ली-एनसीआर के पास कई खूबसूरत हिल स्टेशन हैं, जहां कुछ घंटों की ड्राइव करके पहुंचा जा सकता है। गर्मी शुरू होते ही लोग हिल स्टेशनों पर घूमने की योजना बनाने लगते हैं। ये जगहें गर्मी में सुकून का एहसास कराती हैं और यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स का भी आनंद लिया जा सकता है।
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दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद या मेरठ में रहने वालों के लिए उत्तराखंड और हिमाचल की वादियों में कई हिल स्टेशन मौजूद हैं। ये हिल स्टेशन अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए प्रसिद्ध हैं। ऋषिकेश और हरिद्वार आध्यात्मिक और एडवेंचर स्पॉट हैं, जबकि नैनीताल, औली और रानीखेत जैसे हिल स्टेशन पहाड़ों की खूबसूरती का अनुभव कराते हैं।
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यहां कुछ प्रमुख हिल स्टेशनों के बारे में बताया गया है:
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<strong>ऋषिकेश:</strong> मेरठ से लगभग 2 घंटे की ड्राइव पर स्थित, यहां गंगा नदी के किनारे योगा और रिवर राफ्टिंग का आनंद लिया जा सकता है। बंजी जंपिंग भी यहां की जा सकती है।
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<strong>रानीखेत:</strong> 'मिनी स्विट्जरलैंड' के नाम से मशहूर, यहां हरे-भरे जंगल, बर्फ से ढके पहाड़ और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। चौबटिया गार्डन और झूला देवी मंदिर यहां के प्रमुख स्थल हैं।
<br><br>
<strong>अल्मोड़ा:</strong> कुमाऊं में स्थित, यह एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हिल स्टेशन है। यहां से हिमालय की कुमाऊं पर्वत श्रृंखला का सुंदर नजारा देखा जा सकता है।
<br><br>
<strong>कानाताल:</strong> उत्तराखंड में बसा, यह एक छोटा सा हिल स्टेशन है जो अपनी खूबसूरती और शांति के लिए जाना जाता है। यहां धनोल्टी के इको पार्क में घूमा जा सकता है और जंगलों में ट्रैकिंग की जा सकती है।
<br><br>
<strong>नैनीताल:</strong> उत्तराखंड का एक लोकप्रिय हिल स्टेशन, इसे 'झीलों का शहर' भी कहा जाता है। नैनी झील, नैना देवी मंदिर और स्नो व्यू पॉइंट यहां के प्रमुख आकर्षण हैं।
<br><br>
<strong>औली:</strong> उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित, यह स्कीइंग के लिए प्रसिद्ध है। यहां औली झील और नंदा देवी भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कैल्शियम का खजाना: दूध नहीं, तिल खिलाएं, हड्डियां मजबूत बनाएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/benefits-of-sesame-seeds-for-children-bone-health</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख उन बच्चों के लिए तिल के बीज के लाभों पर प्रकाश डालता है जो दूध पीना पसंद नहीं करते हैं। तिल कैल्शियम, विटामिन डी, मैग्नीशियम और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और उनके स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। लेख में तिल के सेवन के विभिन्न तरीकों और अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह दी गई है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:52:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तिल के बीज, कैल्शियम, दूध का विकल्प, हड्डियां, विटामिन डी, एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण, मैग्नीशियम, तिल का तेल, प्राकृतिक औषधि, सेहत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कई बच्चे दूध पीने में आनाकानी करते हैं, जिससे माता-पिता चिंतित रहते हैं। ऐसे में, तिल के बीज एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं क्योंकि ये कैल्शियम से भरपूर होते हैं। यदि बच्चे दूध नहीं पीते हैं, तो उन्हें तिल से बनी चीजें खिलाई जा सकती हैं।<br><br>हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए दूध पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन कुछ लोग इसे पसंद नहीं करते। तिल कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है और हड्डियों को मजबूत रखने में मददगार प्राकृतिक औषधि है।<br><br>तिल के सेवन के कई फायदे हैं:<br><br><strong>1. कैल्शियम का स्रोत:</strong> तिल में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और उन्हें कमजोर होने से बचाता है।<br><br><strong>2. विटामिन डी का स्रोत:</strong> तिल में विटामिन डी भी पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए आवश्यक है।<br><br><strong>3. एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण:</strong> तिल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो हड्डियों की सूजन को कम करते हैं और उन्हें मजबूत बनाते हैं।<br><br><strong>4. मैग्नीशियम का स्रोत:</strong> तिल में मैग्नीशियम भी होता है, जो हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है और उनके टूटने को रोकता है।<br><br>तिल की तासीर गर्म होती है और इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर में कैल्शियम की अधिकता हो सकती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज के लिए 7 अद्भुत घरेलू उपाय</title>
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<description><![CDATA[ अगर आपको डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल है, तो आप घर में मौजूद कुछ चीजों का उपयोग करके दवाओं पर अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं। एक डॉक्टर ने 7 मसालों और जड़ी-बूटियों के बारे में बताया है जो बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकते हैं।तुलसी को सिर्फ एक पौधा समझने की भूल न करें। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं। पुदीने की पत्तियों में पाचन को बढ़ावा देने की क्षमता होती है और यह सांसों की दुर्गंध को भी ताज़ा करता है। लहसुन और अदरक दोनों ही शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ हैं जिनका उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है। अदरक पाचन में सहायता करता है और मतली को कम करता है, जबकि लहसुन हृदय रोगियों के लिए एक उत्कृष्ट भोजन है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:52:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>cholesterol, diabetes, herbs, spices, ayurveda, homeopathy, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए 7 घरेलू मसाले</strong><br><br>अगर आपको डायबिटीज या हाई कोलेस्ट्रॉल है, तो आप घर में मौजूद कुछ चीजों का उपयोग करके दवाओं पर अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं। एक डॉक्टर ने 7 मसालों और जड़ी-बूटियों के बारे में बताया है जो बीमारियों से लड़ने में मदद कर सकते हैं।<br><br><strong>घर में मौजूद मसालों से इलाज</strong><br><br>यदि आपके पास सही जानकारी है, तो आप घर पर मौजूद चीजों से बीमारियों का इलाज कर सकते हैं। आयुर्वेद प्रत्येक वस्तु के उपयोग के तरीकों और लाभों की व्याख्या करता है। इस बार, होम्योपैथी डॉक्टर रेखा सरोहा ने 7 शक्तिशाली मसालों और जड़ी-बूटियों की सिफारिश की हैं, जो संभवतः आपकी रसोई में कहीं धूल जमा कर रहे हैं।<br><br><strong>गुणकारी मसाले</strong><br><br>प्रत्येक मसाला अविश्वसनीय रूप से फायदेमंद है और शरीर को लाभ पहुंचा सकता है। डायबिटीज, हृदय रोग, अपच और जोड़ों के दर्द जैसी स्थितियों में इनका सेवन बहुत मददगार हो सकता है। तो आइये जानते हैं कि कौन सा मसाला कोलेस्ट्रॉल कम करता है और कौन सा डायबिटीज का इलाज कर सकता है।<br><br><strong>तुलसी और पुदीना</strong><br><br>तुलसी को सिर्फ एक पौधा समझने की भूल न करें। इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं। पुदीने की पत्तियों में पाचन को बढ़ावा देने की क्षमता होती है और यह सांसों की दुर्गंध को भी ताज़ा करता है।<br><br><strong>लहसुन और अदरक</strong><br><br>लहसुन और अदरक दोनों ही शक्तिशाली जड़ी-बूटियाँ हैं जिनका उपयोग मसाले के रूप में किया जाता है। अदरक पाचन में सहायता करता है और मतली को कम करता है, जबकि लहसुन हृदय रोगियों के लिए एक उत्कृष्ट भोजन है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय स्वास्थ्य में सुधार करता है।<br><br><strong>दालचीनी और हल्दी</strong><br><br>अपने भोजन में हल्दी का प्रयोग अवश्य करें। इसमें करक्यूमिन होता है, जो सूजन को कम करता है और जोड़ों को मजबूत करता है। दालचीनी आपके ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और डायबिटीज को प्रबंधित करने में भी मदद कर सकती है।<br><br><strong>ऑरेगैनो</strong><br><br>आपने पिज्जा और पास्ता पर छिड़का हुआ ऑरेगैनो देखा होगा। यह विटामिनों से भरपूर होता है और इसमें जीवाणुरोधी गुण होते हैं जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं।<br><br><strong>डिस्क्लेमर:</strong> इस लेख में दी गई जानकारी और दावे पूरी तरह से इंस्टाग्राम पर प्रकाशित रीलों पर आधारित हैं। NBT उनकी प्रामाणिकता, सटीकता या प्रभाव के लिए ज़िम्मेदार नहीं है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आयुर्वेदिक पाउडर: घर पर बनाएं, पाएं निखरी त्वचा</title>
<link>https://pratinidhi.in/ayurvedic-powder-make-at-home-get-radiant-skin</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख एक ऐसे आयुर्वेदिक पाउडर के बारे में है जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है और चेहरे पर निखार लाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इस पाउडर को बनाने के लिए चावल का आटा, मुल्तानी मिट्टी, चंदन, बेसन, नीम पाउडर, एलोवेरा जेल और गुलाब जल की आवश्यकता होती है। सभी सामग्री को मिलाकर एक पेस्ट बना लें और इसे चेहरे पर 10 मिनट के लिए लगाएं। फिर अपना चेहरा धो लें। इस पाउडर को रोजाना इस्तेमाल करने से आपकी स्किन साफ और ग्लोइंग हो जाएगी। एलोवेरा और चावल का आटा त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119100215/how-to-make-ayurvedic-powder-for-face-to-get-radiant-glowing-skin-119100215.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:52:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आयुर्वेदिक पाउडर, चेहरे की देखभाल, त्वचा निखार, घरेलू उपाय, सौंदर्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आज हम आपको एक ऐसे आयुर्वेदिक पाउडर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी त्वचा को निखारने में मदद करेगा। इसे बनाना और इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है, और यह आपकी त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बना देगा।

<strong>आयुर्वेदिक पाउडर बनाने के लिए आपको निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी:</strong><br><br>
* 1 चम्मच चावल का आटा<br>
* 1 चम्मच मुल्तानी मिट्टी<br>
* 1 चम्मच चंदन पाउडर<br>
* 1/2 चम्मच बेसन<br>
* 1/2 चम्मच नीम पाउडर<br>
* 1 चम्मच एलोवेरा जेल<br>
* गुलाब जल, आवश्यकतानुसार<br><br>
<strong>विधि:</strong><br><br>
1. एक कांच के कंटेनर में सभी सामग्री को मिलाएं।<br>
2. अच्छी तरह मिलाएं और आपका आयुर्वेदिक पाउडर तैयार है।<br><br>
<strong>इस्तेमाल करने का तरीका:</strong><br><br>
1. एक कटोरी में 2 चम्मच आयुर्वेदिक पाउडर लें।<br>
2. इसमें 1 चम्मच एलोवेरा जेल और आवश्यकतानुसार गुलाब जल मिलाएं।<br>
3. अच्छी तरह मिलाएं और पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं।<br>
4. 10 मिनट तक सूखने दें।<br>
5. अपना चेहरा धो लें और देखें कि आपकी त्वचा कितनी चमकदार दिखती है।<br><br>
आप इस आयुर्वेदिक पाउडर को रोजाना फेस वॉश की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं और अपनी त्वचा को चमकदार बनाए रख सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मां और आईएएस: दिव्या मित्तल की प्रेरणादायक कहानी</title>
<link>https://pratinidhi.in/ias-divya-mittal-motherhood-experience-struggle</link>
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<description><![CDATA[ आईएएस दिव्या मित्तल ने अपनी मदरहुड यात्रा साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने अपनी डिमांडिंग नौकरी और मां होने की जिम्मेदारियों को संतुलित किया। उन्होंने समाज के दबावों का सामना कर रही अपनी बेटी के आत्मविश्वास को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। मित्तल ने कहा कि मां बनने के बाद आने वाली चुनौतियों के लिए वो तैयार नहीं थीं और उन्हें कई बार गिल्ट भी होता है। उन्होंने महिलाओं को अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने और नकारात्मकता का सामना करने के बावजूद इंसानियत में विश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक मां अपने बच्चे को जो प्यार दे सकती है वो कोई और नहीं दे सकता। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:50:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>IAS Divya Mittal, Motherhood Problems, Motherhood Experience, Struggle, Working Mother, Parenting, Society Pressure, Confidence, Guilt, Inspiration</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>2 बेटियों की मां और IAS ऑफिसर ने रोकर बिताई हैं कई रातें, कहानी सुनकर हर मां का कलेजा बैठ जाए!</strong><br><br>आईएएस दिव्या मित्तल ने अपनी मदरहुड यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि यह उनके लिए कितना मुश्किल रहा। उन्होंने बताया कि अपनी डिमांडिंग जॉब के कारण उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ती है और कई बार उन्हें ऐसा लगता है कि उनसे कोई गलती हो रही है या वो सही कर रही हैं या नहीं।<br><br>दिव्या मित्तल ने कहा कि चाहे आप कितने ही बड़े मुकाम पर पहुंच जाएं, आपको अपने बच्चे की परवरिश खुद ही करनी पड़ती है। एक मां जो प्यार और दुलार अपने बच्चे को दे सकती है, वो कोई और नहीं दे सकता। लोगों को लगता होगा कि ऊंची पोस्ट पर बैठी महिलाओं को मदरहुड में उतनी परेशानियां नहीं आतीं जितनी आम औरतों को आती हैं, लेकिन ऐसा नहीं है।<br><br>आईएएस ऑफिसर दिव्या मित्तल ने एक्स पर पोस्ट करके अपनी मदरहुड यात्रा के बारे में बताया। दिव्या ने कहा कि वो मां बनने के बाद आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार नहीं थीं। उनकी आठ साल की बेटी को सोसायटी प्रेशर से जूझना पड़ रहा था, इसलिए उन्होंने उसके कॉन्फिडेंस को बढ़ाने का काम किया, जबकि उनकी खुद की जॉब बहुत ज्यादा डिमांडिंग है।<br><br>अपनी पोस्ट में, मित्तल ने खुलासा किया कि उनकी आठ साल की बेटी पहले से ही सामाजिक दबावों का सामना कर रही है, जो लोग राय व्यक्त करने पर उसकी आवाज को दबाने की कोशिश करते हैं। मित्तल ने इस बात पर जोर दिया कि बेटी के आत्मविश्वास को बनाए रखना कितना जरूरी है।<br><br>दिव्या ने यह भी कहा कि उन्हें अपनी बेटी के साथ बिताए पलों से काफी सुकून मिलता है। वो उन्हें अपना हीरो मानती हैं और इससे उन्हें काफी मोटिवेशन मिलती है। मित्तल का मानना है कि जब बच्चे अपने माता-पिता को चुनौतियों का सामना करते समय दृढ़ता दिखाते हुए देखते हैं, तो वे यह अमूल्य सबक सीखते हैं कि गिरना गलत नहीं है, लेकिन खड़े होना जरूरी है।<br><br>मित्तल ने मदरहुड से जुड़े गिल्ट के बारे में भी बताया, जो अक्सर मांओं को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि वे पर्याप्त नहीं हैं या उनसे कोई गलती हो रही है। उन्होंने मांओं को खुद को माफ करने और यह समझने के लिए प्रोत्साहित किया कि वे अपने अनोखे तरीकों से एक ऐसा संसार बना रही हैं, जहां उनके बच्चे अपने हर सपने को पूरा कर सकते हैं।<br><br>दिव्या का कहना है कि भले ही आपको कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता हो, लेकिन आपको अपनी उपलब्धियों पर भी गर्व करना चाहिए। हर इंसान की जर्नी अलग होती है और उन्हें अलग-अलग मुश्किलें आती हैं। वह यह भी मानती हैं कि नकारात्मकता का सामना करने के बावजूद इंसानियत में विश्वास बनाए रखना महत्वपूर्ण है।<br><br>दिव्या मित्तल की इस जर्नी और एक्सपीरियंस से पता चलता है कि एक औरत भले ही कितनी ऊंची पोस्ट पर पहुंच जाए, उसे मां बनने के बाद मुश्किलों और चुनौतियों का सामना करना ही पड़ता है और उन्हें अपने करियर के साथ-साथ अपने परिवार और बच्चों को भी संभालना पड़ता है।]]> </content:encoded>
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<title>कोरोना जैसा वायरस HKU1: लक्षण, कारण और बचाव</title>
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<description><![CDATA[ कोलकाता में एक 45 वर्षीय महिला में कोरोना जैसा वायरस HKU1 पाया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत स्थिर है। यह वायरस ज्यादातर अपर रेस्पिरेटरी सिस्टम को इफेक्ट करता है और सामान्य सर्दी-जुकाम जैसी परेशानी पैदा करता है। कुछ केसेस में यह निमोनिया या ब्रोंकियोलाइटिस जैसी गंभीर लंग्स डिजीज का कारण भी बन सकता है। HCoV-HKU1 बेटाकोरोनावायरस फैमिली का वायरस है, जिसमें SARS और MERS जैसे खतरनाक वायरस भी शामिल हैं। हालांकि, यह COVID-19 जितना खतरनाक नहीं है और आमतौर पर हल्के रेस्पिरेटरी इंफेक्शन का कारण बनता है। फिलहाल इस वायरस का कोई टीका या स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं है, लेकिन बेसिक सावधानियां बरतकर इंफेक्शन के खतरे को कम किया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:50:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>HKU1, Coronavirus, Symptoms, Prevention, Health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कोलकाता में एक 45 वर्षीय महिला में कोरोना जैसा वायरस HKU1 पाया गया है। महिला पिछले 15 दिनों से बुखार, खांसी और सर्दी से परेशान थी, जिसके बाद उसे साउथ कोलकाता के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उसकी हालत स्थिर है और चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, इस वायरस के बारे में जानकारी रखना जरूरी है ताकि समय रहते सावधानी बरती जा सके। यह वायरस ज्यादातर अपर रेस्पिरेटरी सिस्टम को इफेक्ट करता है और सामान्य सर्दी-जुकाम जैसी परेशानी पैदा करता है। कुछ केसेस में यह निमोनिया या ब्रोंकियोलाइटिस जैसी गंभीर लंग्स डिजीज का कारण भी बन सकता है.<br><br>ह्यूमन कोरोनावायरस HKU1 क्या है?<br>HCoV-HKU1 बेटाकोरोनावायरस फैमिली का वायरस है, जिसमें SARS और MERS जैसे खतरनाक वायरस भी शामिल हैं। हालांकि, यह COVID-19 जितना खतरनाक नहीं है और आमतौर पर हल्के रेस्पिरेटरी इंफेक्शन का कारण बनता है।<br><br>HCoV-HKU1 के लक्षण क्या हैं?<br>ज्यादातर मामलों में हल्के लक्षण दिखाई देते हैं और मरीज बिना इलाज के ठीक हो जाता है, लेकिन बूढ़ों, बच्चों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों में इंफेक्शन सीरियस हो सकता है। यह वायरस आमतौर पर फ्लू या सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण पैदा करता है, जैसे कि लगातार खांसी, बहती नाक या नाक का बंद होना, गले में खराश, बुखार, छींक आना, थकान और कमजोरी, सिरदर्द और गंभीर मामलों में सांस लेने में तकलीफ और निमोनिया या ब्रोंकाइटिस।<br><br>किन लोगों को ज्यादा खतरा है?<br>हालांकि यह वायरस COVID-19 जितना खतरनाक नहीं है, फिर भी कुछ लोगों के लिए यह ज्यादा रिस्की हो सकता है, जैसे कि 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग, नवजात और छोटे बच्चे, अस्थमा या सीओपीडी जैसी लंग्स डिजीज वाले मरीज, कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग (जैसे कैंसर मरीज, ऑर्गन ट्रांसप्लांट कराने वाले, HIV/AIDS मरीज) और डायबिटीज या हार्ट डिजीज से पीड़ित लोग।<br><br>HCoV-HKU1 कैसे फैलता है?<br>यह वायरस संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से, संक्रमित सरफेस (जैसे मोबाइल, दरवाज़े के हैंडल) को छूने के बाद चेहरे, मुंह या नाक को छूने से और संक्रमित व्यक्ति के करीब रहने से (जैसे परिवार या भीड़भाड़ वाली जगहों में) फैलता है।<br><br>बचाव कैसे करें?<br>फिलहाल इस वायरस का कोई टीका या स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं है, लेकिन बेसिक सावधानियां बरतकर इंफेक्शन के खतरे को कम किया जा सकता है, जैसे कि बार-बार हाथ धोना (कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से), भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखना, बार-बार छुई जाने वाली सरफेस को सैनिटाइज करना (जैसे मोबाइल, टेबल, दरवाज़े के हैंडल), छींकते या खांसते समय मुंह और नाक को ढंकना, पौष्टिक खाना खाना, भरपूर पानी पीना और पर्याप्त नींद लेना ताकि इम्यूनिटी स्ट्रांग बनी रहे。]]> </content:encoded>
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<title>वेट लॉस के लिए ब्लैक कॉफी: 28 दिन में पाएं निखार</title>
<link>https://pratinidhi.in/black-coffee-for-weight-loss-lose-weight-and-get-glowing-skin-in-28-days</link>
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<description><![CDATA[ वजन कम करना एक चुनौती है, लेकिन ब्लैक कॉफी एक सरल उपाय है। ब्लैक कॉफी में कैफीन होता है जो वजन घटाने में मदद करता है और चेहरे पर निखार लाता है, क्योंकि यह पेट को साफ करती है। नियमित सेवन से फैट पिघलता है। ब्लैक कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं, रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं, और पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। इसे बनाना आसान है: एक कप पानी गरम करें, कॉफी पाउडर डालें, और घोलकर पी लें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:46:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Weight Loss, Black Coffee, Health, Lifestyle, Caffeine, Antioxidants</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Weight Loss:</strong> हर कोई बढ़ते वजन से परेशान है, और इसे कम करना एक मुश्किल काम है। लेकिन, एक सरल उपाय है जिससे आप वजन कम कर सकते हैं।
<br><br>
अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं, तो ब्लैक कॉफी पीना शुरू कर दें। इसमें मौजूद कैफीन वजन घटाने में मदद करता है और चेहरे पर निखार लाता है, क्योंकि यह पेट को साफ करती है। नियमित सेवन से फैट पिघलता है।<br><br>ब्लैक कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं, रक्तचाप को नियंत्रित करते हैं, और पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं।<br><br>इसे बनाना आसान है: एक कप पानी गरम करें, कॉफी पाउडर डालें, और घोलकर पी लें। आप अपने स्वादानुसार पाउडर की मात्रा को बढ़ा सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जम्पिंग स्क्वॉट्स: वजन घटाने और मांसपेशियों के लिए एक बेहतरीन एक्सरसाइज</title>
<link>https://pratinidhi.in/jumping-squats-benefits-for-weight-loss-and-muscle-gain</link>
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<description><![CDATA[ जम्पिंग स्क्वॉट्स एक हाई इंटेंसिटी वर्कआउट है, जो आप आसानी से अपने फ‍िटनेस रूटीन में शामिल कर सकते हैं। यह न केवल आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है बल्कि सहनशक्ति यानी क‍ि Stamina भी बढ़ाता है। इस एक्सरसाइज से पैर को मजबूती म‍िलती है। इसके साथ ही ग्लूट्स, कोर और द‍िल के लि‍ए भी ये फायदेमंद है। जम्प स्क्वाट का सबसे आसान और सामान्‍य तरीका है बेसिक जंप स्क्वाट। बर्पी जंप स्‍क्वॉट एक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट के लिए शानदार ऑप्‍शन हो सकता है। रोजाना इस Exercise को करने से शरीर टोन होता है और फिटनेस लेवल सुधरता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:46:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जम्पिंग स्क्वॉट्स, वेट लॉस, मसल्स गेन, हाई इंटेंसिटी वर्कआउट, स्टैमिना</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>जम्पिंग स्क्वॉट्स: वजन घटाने और मांसपेशियों के लिए एक बेहतरीन एक्सरसाइज</strong><br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोगों का वजन तेजी से बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण है अनियमित दिनचर्या, जिसमें देर रात तक जागना, लंबे समय तक बैठे रहना और तैलीय भोजन का सेवन करना शामिल है। इस समस्या के कारण लोग कई बीमारियों से घिरते जा रहे हैं। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं या मांसपेशियां बढ़ाना चाहते हैं, तो जम्पिंग स्क्वॉट्स आपके लिए एक कारगर व्यायाम हो सकता है।<br><br>जम्पिंग स्क्वॉट्स एक उच्च तीव्रता वाला व्यायाम है जिसे आप आसानी से अपनी फिटनेस रूटीन में शामिल कर सकते हैं। शारीरिक ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए सही एक्सरसाइज का चुनाव करना बहुत जरूरी है। जम्प स्क्वाट एक बेहतरीन व्यायाम है जो न केवल आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है, बल्कि आपकी सहनशक्ति को भी बढ़ाता है।<br><br>यह व्यायाम पैरों को मजबूती प्रदान करता है, साथ ही ग्लूट्स, कोर और हृदय के लिए भी फायदेमंद है। इस लेख में, हम जम्प स्क्वॉट्स के कुछ अलग-अलग तरीकों के बारे में जानेंगे जो आपके फिट रहने के सपने को पूरा कर सकते हैं।<br><br><strong>बेसिक जंप स्क्वाट</strong><br>यह जंप स्क्वाट का सबसे आसान और सामान्य तरीका है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर पैरों को कंधों की चौड़ाई जितना खोल लें। अब घुटनों को मोड़ते हुए नीचे की ओर बैठ जाएं जैसे आप कुर्सी पर बैठ रहे हों। फिर पूरे बल के साथ ऊपर कूदें और धीरे-धीरे वापस स्क्वॉट पोजीशन में आ जाएं। इस प्रक्रिया को कम से कम 15 से 20 बार दोहराएं।<br><br><strong>बॉक्स जंप स्क्वाट</strong><br>यदि आप अपनी ताकत और स्टैमिना दोनों को बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको बॉक्स जंप स्क्वाट जरूर आज़माना चाहिए। इसे करना बहुत आसान है। अपने सामने एक बॉक्स या किसी ऊंचे प्लेटफॉर्म को रखें। अब स्क्वॉट पोजीशन से ज़ोर लगाकर बॉक्स पर कूदें और फिर वापस नीचे आ जाएं। इसे कम से कम 10 बार ज़रूर करें।<br><br><strong>बर्पी जंप स्क्वाट</strong><br>बर्पी जंप स्क्वाट एक उच्च-तीव्रता वाले वर्कआउट के लिए शानदार विकल्प है। इसे करने के लिए सबसे पहले प्लैंक पोजीशन में आ जाएं। फिर स्क्वॉट करें और ज़ोर लगाकर जंप करें। इस प्रक्रिया को कम से कम 10 बार दोहराएं।<br><br>जंप स्क्वाट न केवल मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है, बल्कि स्टैमिना भी बढ़ाता है। रोजाना इस एक्सरसाइज को करने से शरीर टोन होता है और फिटनेस लेवल सुधरता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>केरल में बच्चों में वायरल मेनिनजाइटिस का प्रकोप</title>
<link>https://pratinidhi.in/viral-meningitis-outbreak-in-kerala-symptoms-prevention</link>
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<description><![CDATA[ केरल में 5 बच्चों में वायरल मेनिनजाइटिस के मामले सामने आए हैं, जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की झिल्ली को प्रभावित करता है। यह वायरस के कारण होता है और बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस से कम गंभीर है। लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न शामिल हैं। यह छींकने, खांसने या दूषित सतहों को छूने से फैलता है। बचाव के लिए टीके लगवाएं, हाथ धोएं, बीमारों से दूर रहें और मच्छरों से बचें। लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:46:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Viral Meningitis, Kerala, Symptoms, Prevention, Children&#039;s Health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केरल में हाल ही में 5 बच्चों में वायरल मेनिनजाइटिस के मामले सामने आए हैं। यह एक वायरल संक्रमण है जो मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की झिल्ली को प्रभावित करता है। समय पर इलाज न होने पर यह गंभीर हो सकता है।
<br><br>
<b>वायरल मेनिनजाइटिस क्या है?</b>
<br><br>
वायरल मेनिनजाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास की झिल्लियों में सूजन आ जाती है। यह सूजन वायरस के संक्रमण के कारण होती है और बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस की तुलना में कम गंभीर होती है।
<br><br>
<b>कारण:</b>
<br><br>
यह कई वायरस के कारण हो सकता है, जिनमें एंटरोवायरस, हरपीस सिम्प्लेक्स वायरस, वेस्ट नाइल वायरस, मम्प्स वायरस और एचआईवी शामिल हैं।
<br><br>
<b>लक्षण:</b>
<br><br>
लक्षण हल्के से गंभीर तक हो सकते हैं, जैसे कि तेज बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, कंपकंपी, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, मतली, उल्टी, भ्रम, थकान, भूख में कमी और चिड़चिड़ापन। कुछ मामलों में, नाक बहना, खांसी और शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
<br><br>
<b>कैसे फैलता है?</b>
<br><br>
यह छींकने, खांसने, खाना या निजी सामान साझा करने, बीमार व्यक्ति के करीब जाने या दूषित सतहों को छूने से फैल सकता है। मच्छर के काटने से भी यह फैल सकता है।
<br><br>
<b>बचाव:</b>
<br><br>
चिकनपॉक्स, खसरा और मम्प्स के टीके लगवाएं। खाने से पहले और बाथरूम जाने के बाद हाथ धोएं। बीमार लोगों से दूर रहें। मच्छरों के काटने से बचें और शाम को पूरी बाजू के कपड़े पहनें। सतहों को कीटाणुरहित करें, मास्क पहनें और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से मिलें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नारियल: सेहत का खजाना, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान</title>
<link>https://pratinidhi.in/health-benefits-of-eating-coconut-every-day</link>
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<description><![CDATA[ नारियल दांतों और पेट के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इसमें मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड्स (एमसीटी) होते हैं जो वजन कम करने में मदद करते हैं। नारियल पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और कमजोरी दूर करता है, लेकिन नारियल खाने के भी कई फायदे हैं। यह वजन कम करने, हृदय को स्वस्थ रखने, पाचन में सुधार करने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक है। नारियल में मौजूद लॉरिक एसिड इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जबकि विटामिन ई त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:44:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नारियल, स्वास्थ्य, एमसीटी, वजन कम, दिल, पाचन, इम्यून सिस्टम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[नारियल एक ऐसा फल है जो दांतों और पेट दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद मीडियम-चेन ट्राइग्लिसराइड्स (एमसीटी) वजन घटाने में सहायक होते हैं, क्योंकि वे शरीर में जमा वसा को जलाकर वजन कम करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से नारियल का सेवन करने से एक महीने में ही परिणाम दिखने लगते हैं।<br><br>नारियल पानी पीने के फायदों से तो सभी परिचित हैं, जो शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और कमजोरी दूर करता है। लेकिन नारियल खाने के भी कई आश्चर्यजनक लाभ हैं।<br><br><strong>1. वजन कम करने में सहायक:</strong> नारियल में मौजूद एमसीटी वसा को जलाकर वजन कम करने में मदद करते हैं।<br><br><strong>2. हृदय को रखे स्वस्थ:</strong> एमसीटी हृदय स्वास्थ्य को सुधारते हैं, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं और हृदय रोगों के खतरे को कम करते हैं।<br><br><strong>3. पाचन में सुधार:</strong> नारियल का सेवन पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए लाभकारी है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सुधारता है और कब्ज, गैस जैसी समस्याओं को दूर करता है।<br><br><strong>4. इम्यून सिस्टम को बनाए मजबूत:</strong> नारियल में मौजूद लॉरिक एसिड इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है। विटामिन ई और अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने में सहायक हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शहनाज हुसैन के ब्यूटी टिप्स: बिना मेकअप के कैसे दिखें खूबसूरत</title>
<link>https://pratinidhi.in/shahnaz-husain-beauty-tips-how-to-look-beautiful-without-makeup</link>
<guid>https://pratinidhi.in/shahnaz-husain-beauty-tips-how-to-look-beautiful-without-makeup</guid>
<description><![CDATA[ शहनाज हुसैन के ब्यूटी टिप्स में, बिना मेकअप के खूबसूरत दिखने के उपाय बताए गए हैं। ज्यादा मेकअप से चेहरे की नेचुरल ब्यूटी खत्म हो जाती है। शहनाज हुसैन के बताए 6 टिप्स अपनाकर आप अपने चेहरे को पहले से ज्यादा खूबसूरत बना सकते हैं। खूब पानी पिएं, तरबूज का जूस लगाएं, फलों का मास्क इस्तेमाल करें, बालों को प्राकृतिक रूप से सुखाएं, तुलसी फेस पैक का इस्तेमाल करें और पुदीना, नींबू, पानी और बर्फ का सेवन करें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:39:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>खूबसूरत, शहनाज हुसैन, ब्यूटी टिप्स, स्किन केयर, घरेलू नुस्खे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>शहनाज हुसैन के ब्यूटी टिप्स: बिना मेकअप के कैसे दिखें खूबसूरत</strong><br><br>अगर आप अपने चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है। ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन ने कुछ टिप्स दिए हैं, जिनसे आप बिना किसी केमिकल के अपनी सुंदरता को कई गुना बढ़ा सकते हैं।<br><br>शहनाज हुसैन का मानना है कि सुंदर दिखने के लिए मेकअप जरूरी नहीं है। ज्यादा मेकअप के इस्तेमाल से चेहरे की नेचुरल ब्यूटी खत्म हो जाती है। अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करते हैं, तो आपको मेकअप की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। शहनाज हुसैन के बताए 6 टिप्स अपनाकर आप अपने चेहरे को पहले से ज्यादा खूबसूरत बना सकते हैं।<br><br><strong>1. खूब पानी पिएं</strong><br>खूबसूरत दिखने के लिए त्वचा को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। रोजाना खाली पेट पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और एरेटेड ड्रिंक्स से बचें। जूस, सूप और हरी सब्जियां चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाते हैं। पानी पीने से झुर्रियां और दाग-धब्बे भी कम होते हैं। पिंपल्स और ड्राईनेस से बचने के लिए दिन में दो लीटर पानी जरूर पिएं। इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकल जाएंगे।<br><br><strong>2. तरबूज का जूस</strong><br>तरबूज का जूस स्किन के लिए अच्छा टोनर है और यह ड्राईनेस कम करता है। यह त्वचा को ठंडक, रिफ्रेश और कोमल बनाता है। तरबूज के जूस को चेहरे पर 20 मिनट तक लगाएं और फिर धो लें।<br><br><strong>3. फलों का मास्क</strong><br>केला, सेब, पपीता और संतरा जैसे फलों को मिलाकर मास्क बनाएं और चेहरे पर लगाएं। 30 मिनट बाद चेहरे को धो लें। इससे चेहरे को ठंडक मिलेगी, डेड स्किन साफ होगी और सन टैनिंग कम होगी।<br><br><strong>4. बालों को प्राकृतिक रूप से सुखाएं</strong><br>जल्दबाजी में गीले बालों में कंघी करने से बचें। शहनाज हुसैन के अनुसार, बालों को धोने के बाद उन्हें प्राकृतिक रूप से हवा में सूखने दें। ड्रायर का इस्तेमाल कम करें। बालों को तौलिए से कसकर बांधने की बजाय हल्के से लपेटें, ताकि तौलिया पानी सोख ले।<br><br><strong>5. तुलसी फेस पैक</strong><br>चेहरे को साफ करने के लिए तुलसी के पत्तों का फेस मास्क बनाएं। तुलसी के पत्तों को पीसकर चेहरे पर लगाएं। इससे आपकी स्किन क्लीयर और ग्लोइंग बनेगी।<br><br><strong>6. पुदीना, नींबू, पानी और बर्फ</strong><br>पुदीने के पत्ते डाइजेशन को बेहतर बनाते हैं और ठंडक देते हैं। पुदीने को गर्म पानी में उबालकर ठंडा होने दें। फिर इसमें एक चम्मच नींबू का रस और बर्फ डालकर पिएं। आप चाहें तो शहद, नमक और काली मिर्च भी मिला सकते हैं।<br><br>डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। अपनी स्किन के अनुसार किसी भी नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है या आपको कोई एलर्जी है, तो स्किन स्पेशलिस्ट से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>कड़ी पत्ता के पौधे को जंगल जैसा बनाने के उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/secrets-to-grow-curry-plant-like-a-forest-kavita-tiwari-tips</link>
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<description><![CDATA[ कड़ी पत्ता भारतीय रसोई में महत्वपूर्ण है और सेहत के लिए फायदेमंद है। कविता तिवारी के अनुसार, पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए हार्ड प्रूनिंग जरूरी है, जिसे दिसंबर या मार्च में किया जा सकता है। सर्दियों में फर्टिलाइजर से बचें और गर्मियों में पौधे को सीधी धूप से बचाएं, मिट्टी में नमी बनाए रखें लेकिन ओवरवाटरिंग से बचें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119069079/kavita-tiwari-share-secret-of-curry-plant-to-make-it-healthy-and-increase-growth-faster-119069079.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:50:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कड़ी पत्ता, पौधा, ग्रोथ, कविता तिवारी, गार्डनिंग टिप्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कड़ी पत्ता, भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो खाने के स्वाद को बढ़ाता है और सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। गार्डनिंग एक्सपर्ट कविता तिवारी बताती हैं कि कैसे कड़ी पत्ते के पौधे को गमले में ही जंगल जैसा बनाया जा सकता है।
<br><br>
कविता तिवारी के अनुसार, पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए हार्ड प्रूनिंग करना जरूरी है। उन्होंने दिसंबर में अपने पौधे की कटाई-छटाई की थी, जिससे उसकी ग्रोथ अच्छी हुई। आप मार्च में भी ऐसा कर सकते हैं। इससे पौधा घना होता है और ज्यादा पत्तियां निकलती हैं।
<br><br>
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि सर्दियों में पौधे को फर्टिलाइजर नहीं देना चाहिए, क्योंकि यह डोरमेंसी पीरियड होता है और इससे पत्ते पीले पड़ सकते हैं। गर्मियों में पौधे को सीधी धूप से बचाएं और मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन ओवरवाटरिंग से बचें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>विदेशी डॉक्टर बनी कश्मीरी दुल्हन, फूलों वाले लहंगे में छाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/foreign-doctor-turned-kashmiri-bride-floral-lehenga</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर आजकल शादियों के सीजन में ब्राइडल लुक वायरल होते रहते हैं। इस लेख में, एक विदेशी डॉक्टर दुल्हन के बारे में बताया गया है जो कश्मीरी दुल्हन बनकर सबका दिल जीत रही हैं। मेकअप आर्टिस्ट साहिबा बैग ने डॉक्टर दुल्हनिया की तस्वीरें शेयर की हैं। मेहंदी में उन्होंने कश्मीरी ब्राइड्स की तरह देझूर पहना था, और शादी के दिन वह फूलों वाले लहंगे में बहुत सुंदर लग रही थीं। डॉ. पैगे रीली ने मेहंदी सेरेमनी के लिए मसाबा गुप्ता के लेबल हाउस ऑफ मसाबा का येलो लहंगा चुना, और शादी के लिए राहुल मिश्रा का फ्लोरल पैटर्न वाला लहंगा चुना। उन्होंने ग्रीन स्टोन वाली जूलरी पहनी थी और साइड पार्टीशन करके बालों को खुला छोड़ा था। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:45:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Kashmiri Bride, Floral Lehenga, Indian Wedding, Bridal Look, Wedding Fashion</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल सोशल मीडिया पर शादियों के सीजन में एक से बढ़कर एक ब्राइडल लुक वायरल हो रहे हैं। ऐसी ही एक विदेशी दुल्हन, जो पेशे से डॉक्टर हैं, कश्मीरी दुल्हन बनकर सबका दिल जीत रही हैं। मेकअप आर्टिस्ट साहिबा बैग ने उनकी खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। मेहंदी के फंक्शन में उन्होंने कश्मीरी दुल्हनों की तरह कानों में देझूर पहना था। शादी के दिन उन्होंने फूलों वाला लहंगा पहना था।<br><br>डॉक्टर पैगे रीली ने अपनी मेहंदी सेरेमनी के लिए मसाबा गुप्ता के लेबल हाउस ऑफ मसाबा का पीले रंग का लहंगा चुना, जिस पर सेक्वीन सितारों से पत्तियों का डिजाइन बना हुआ था। उन्होंने वी नेकलाइन वाली हाफ स्लीव्स चोली पहनी थी, जिस पर पिंक और वाइट कलर का फ्लोरल प्रिंट था। उन्होंने पिच कलर के दुपट्टे को प्लीट्स में करके साइड में टकइन किया और येलो दुपट्टे को दूसरे शोल्डर पर प्लीट्स में करके छोड़ दिया।<br><br>प्री-वेडिंग फंक्शन के लिए उन्होंने ग्रीन कलर के पर्ल नेकपीस, चोकर सेट, झुमके और लटकन वाली चूड़ियां पहनीं और कानों में देझूर भी कैरी किए, जिससे वह एकदम कश्मीरी दुल्हन लग रही थीं। खुले कर्ली बालों और पिंकिश टोन मेकअप में उनका देसी अंदाज बहुत ही कमाल का लग रहा था।<br><br>शादी के लिए उन्होंने राहुल मिश्रा का खूबसूरत फ्लोरल पैटर्न वाला लहंगा चुना, जिस पर सिल्वर सेक्वीन सितारों और रंग-बिरंगे थ्रेड वर्क से फूल बने हुए थे। डीप नेकलाइन वाले दुपट्टे पर भी सेम डिजाइन था। उन्होंने दुपट्टे को एक साइड में ओपन रखकर सिर पर ओढ़ा और दूसरी तरफ उसे हाथ में पिनअप किया। दुपट्टे पर बने हिरण, मोर और फूल बहुत ही सुंदर लग रहे थे। उन्होंने ग्रीन स्टोन वाली जूलरी के साथ ब्राइडल लुक को स्टाइल किया, जिसमें चूड़ियां, ईयररिंग्स और पासा शामिल थे। साइड पार्टीशन करके बालों को खुला रखा और पिंक लिप्स के साथ हरी बिंदी लगाई, जिससे वह बहुत हसीन लग रही थीं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>पैनकेक: बच्चों के लिए आसान और स्वादिष्ट रेसिपी</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-and-tasty-pancake-recipe-for-kids</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख बच्चों के लिए घर पर आसानी से बनने वाले स्वादिष्ट पैनकेक की रेसिपी बताता है। इसमें सामग्री और बनाने की विधि के साथ-साथ सीक्रेट टिप्स और स्पेशल ट्विस्ट भी दिए गए हैं। यह पैनकेक बनाने का एक सरल और मजेदार तरीका है, जिससे बच्चे खुश हो जाएंगे और उन्हें एक हेल्दी नाश्ता मिलेगा। आप चॉकलेट या फल मिलाकर इसे और भी स्वादिष्ट बना सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:45:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पैनकेक, रेसिपी, बच्चों के लिए नाश्ता, Fluffy Pancake Recipe, टेस्टी पैनकेक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>पैनकेक: बच्चों के लिए आसान और स्वादिष्ट रेसिपी</strong><br><br>अगर आपके घर में बच्चे हैं, तो उनके लिए स्वादिष्ट और हेल्दी पैनकेक बनाना एक शानदार विकल्प है। यह कैफे-स्टाइल सुपर सॉफ्ट और स्पंजी पैनकेक बनाने की सीक्रेट रेसिपी है।<br><br><strong>सामग्री:</strong><br><ul><li>1 कप मैदा</li><li>1 टेबलस्पून चीनी</li><li>1 टीस्पून बेकिंग पाउडर</li><li>½ टीस्पून बेकिंग सोडा</li><li>1 कप दूध</li><li>1 अंडा (या 2 टेबलस्पून दही)</li><li>1 टीस्पून वैनिला एसेंस</li><li>2 टेबलस्पून मक्खन (पिघला हुआ)</li><li>एक चुटकी नमक</li></ul><br><strong>बनाने की विधि:</strong><br><ol><li>मैदा, चीनी, बेकिंग पाउडर, बेकिंग सोडा और नमक को मिलाएं।</li><li>दूध, अंडा (या दही), वैनिला एसेंस और मक्खन डालकर फेंटें।</li><li>सूखी सामग्रियों को गीले मिश्रण में मिलाएं।</li><li>5-10 मिनट के लिए छोड़ दें।</li><li>नॉन-स्टिक तवा गरम करें और मक्खन लगाएं।</li><li>बैटर डालें और फैलाएं।</li><li>बुलबुले आने पर पलट दें और गोल्डन ब्राउन होने तक पकाएं।</li><li>शहद, मेपल सिरप या फलों के साथ सर्व करें।</li></ol><br><strong>सीक्रेट टिप्स:</strong><br><ul><li>बैटर को ज्यादा ना फेंटें।</li><li>बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा सही मात्रा में डालें।</li><li>बैटर को 5-10 मिनट रेस्ट दें।</li><li>मीडियम आंच पर पकाएं।</li></ul><br><strong>स्पेशल ट्विस्ट:</strong><br><ul><li>चॉकलेट पैनकेक के लिए कोको पाउडर डालें।</li><li>हेल्दी पैनकेक के लिए फल मिलाएं।</li><li>अलग-अलग शेप में बनाएं।</li></ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बच्चों की इन गलतियों पर तुरंत लें एक्शन, वरना होगी दिक्कत</title>
<link>https://pratinidhi.in/never-support-children-in-these-cases</link>
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<description><![CDATA[ हर माता-पिता को अपने बच्चों से प्यार होता है, लेकिन कुछ गलतियों पर उन्हें डांटना भी ज़रूरी है। बच्चों को झूठ बोलने, बड़ों के साथ बदतमीजी करने और नशा करने जैसी आदतों के लिए कभी भी समर्थन नहीं देना चाहिए। इन मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, वरना भविष्य में दिक्कतें हो सकती हैं। बच्चों को सही मार्गदर्शन देना और उनकी गलत आदतों को सुधारना माता-पिता की जिम्मेदारी है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:40:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Parenting, बच्चों की गलतियाँ, झूठ बोलना, बड़ों का सम्मान, नशा, अनुशासन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हर माता-पिता को अपने बच्चे प्रिय होते हैं, लेकिन यह जानना ज़रूरी है कि कुछ गलतियों पर उन्हें डांटना भी आवश्यक है। बच्चों की कुछ गलतियों को नज़रअंदाज़ करने से वे बिगड़ सकते हैं।
<br><br>
<strong>1. जब बच्चे झूठ बोलें:</strong> यदि आपका बच्चा स्कूल या कॉलेज में झूठ बोलता है, तो उनका साथ न दें। उन्हें तुरंत डांटें और झूठ बोलने की आदत छुड़वाएं।
<br><br>
<strong>2. जब बच्चा बड़ों के साथ बदतमीजी करे:</strong> बच्चों को बड़ों की इज्जत करना सिखाएं। उनकी बदतमीजी को अनदेखा न करें, वरना भविष्य में दिक्कत हो सकती है।
<br><br>
<strong>3. जब बच्चा नशा करने लगे:</strong> यदि आपका बच्चा गलत संगत में पड़कर नशा करने लगे, तो उनका समर्थन न करें। उनकी गलत आदतों में उनका साथ न दें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दुखी जीवन: इन 3 आदतों से लोग करते हैं नफ़रत</title>
<link>https://pratinidhi.in/unhappy-people-3-habits-that-make-people-hate-them</link>
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<description><![CDATA[ कुछ लोग दूसरों की खुशी से जलते हैं और कभी खुश नहीं रहते। वे दूसरों के जीवन में तांका-झांकी करते हैं और दूसरों को खुश देखकर जलते हैं। ऐसे लोग लंबे समय तक कोई रिश्ता नहीं निभा पाते। इसलिए, हमें उन लोगों से सावधान रहना चाहिए जो दूसरों के जीवन में कांटे बोते हैं। जलन रखने वाले, चुगली करने वाले और दूसरों को परेशान करने वाले लोग कभी सुखी नहीं रहते। पीड़ित व्यक्ति की बद्दुआएं उन्हें लगती हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:38:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>jealousy, gossip, troublemakers, relationships, happiness</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोग दूसरों की खुशी से जलते हैं। ऐसे लोग कभी भी अपने जीवन में खुश नहीं रह पाते, क्योंकि वे दूसरों की खुशियों में अपनी खुशियाँ नहीं ढूंढ पाते। उनका ज्यादातर समय दूसरों से ईर्ष्या करने में बीतता है, जिससे वे दुखी रहते हैं। इसलिए, ऐसे लोगों से दूर रहना ही बेहतर है।<br><br>ऐसे लोग दूसरों के जीवन में तांका-झांकी करते रहते हैं और दूसरों को खुश देखकर जलते हैं। वे दूसरों के दुखों से कम, बल्कि दूसरों की खुशियों से ज्यादा परेशान होते हैं। ऐसे लोग लंबे समय तक कोई रिश्ता नहीं निभा पाते। इसलिए, हमें उन लोगों से सावधान रहना चाहिए जो दूसरों के जीवन में कांटे बोते हैं और कभी खुश नहीं रहते। ऐसे लोगों को समय रहते पहचानना जरूरी है ताकि उनसे दूरी बनाई जा सके।<br><br><strong>1. दूसरों से जलन रखने वाले:</strong><br>जलन रखने वाले लोग कभी सुखी नहीं रहते। वे दूसरों की खुशी से जलते हैं और अपनी खुशियों को महसूस नहीं कर पाते। उनका दिन ईर्ष्या में बीतता है, इसलिए उनसे दूर रहें।<br><br><strong>2. चुगली करने वाले:</strong><br>चुगली करने वाले लोग किसी की बात को बढ़ा-चढ़ाकर दूसरों के सामने पेश करते हैं और लोगों के बीच में झगड़ा करवाते हैं। जब ऐसे लोगों की पहचान हो जाती है, तो लोग उनसे दूर भागते हैं।<br><br><strong>3. दूसरों को परेशान करने वाले:</strong><br>दूसरों को परेशान करने वाले लोग कभी सुखी नहीं रहते। पीड़ित व्यक्ति की बद्दुआएं उन्हें लगती हैं। इसलिए, हमें किसी को परेशान नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी मदद करनी चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पपीते के पत्तों का जूस: डायबिटीज और पेट की समस्याओं में रामबाण</title>
<link>https://pratinidhi.in/papaya-leaf-juice-benefits-diabetes-and-stomach-problems</link>
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<description><![CDATA[ पपीते के पत्ते का जूस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने और इंसुलिन उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है, प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाता है, डेंगू और मलेरिया में उपयोगी है, और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह जूस बहुत उपयोगी है। पपीता खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और वायरल बुखार से बचाव होता है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:36:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पपीता, पपीते के पत्ते, जूस, डायबिटीज, पेट, इम्यून सिस्टम, प्लेटलेट्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[पपीते के पत्ते का जूस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। इस जूस में मौजूद तत्व इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जिससे डायबिटीज को कंट्रोल करना आसान हो जाता है।
<br><br>
पपीता कब्ज के लिए भी अच्छा माना जाता है और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है। रोजाना पपीता खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और वायरल बुखार से बचाव होता है। पपीते के पत्ते का जूस पीने से शरीर कई बीमारियों से दूर रहता है।
<br><br>
पपीते के पत्ते का जूस पीने से पेट साफ रहता है। इसमें मौजूद तत्व पेट को साफ करने में मदद करते हैं, जिससे कब्ज, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। हफ्ते में एक बार इस जूस को पीने से काफी आराम मिलता है।
<br><br>
यह जूस प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने में भी मदद करता है, जो डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों में उपयोगी है। डेंगू और मलेरिया से पीड़ित लोगों के लिए यह जूस बहुत फायदेमंद है, क्योंकि यह कम हुई प्लेटलेट्स को बढ़ाने में मदद करता है।
<br><br>
पपीते के पत्ते का जूस इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम होता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए यह जूस बहुत उपयोगी है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शहद और लहसुन: सुबह खाली पेट सेवन से पाएं बीमारियों से राहत</title>
<link>https://pratinidhi.in/eat-garlic-soaked-in-honey-on-an-empty-stomach-for-these-health-benefits</link>
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<description><![CDATA[ शहद में भीगा लहसुन खाने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह हाई बीपी को नियंत्रित करता है, क्योंकि इसमें एलिसिन नामक एसिड होता है जो रक्तचाप को कम करता है। यह शुगर के मरीजों के लिए भी उत्तम है, क्योंकि यह मधुमेह को नियंत्रित करता है। लहसुन हृदय रोग को रोकने में मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं को भी दूर करता है। इसे बनाने के लिए 2-3 लहसुन की कलियों को 1 चम्मच शहद में भिगोकर सुबह खाली पेट खाएं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:35:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लहसुन, शहद, स्वास्थ्य, बीमारियां, हाई बीपी, शुगर, दिल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।</strong><br><br>लहसुन एक प्राकृतिक औषधि है और इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। यह शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। सुबह खाली पेट लहसुन का सेवन करना आपके दिल के लिए भी अच्छा होता है। इसलिए, लहसुन को अपनी दिनचर्या में शामिल करना महत्वपूर्ण है। शहद के साथ मिलाकर खाने से इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं।
<br><br><strong>1. हाई बीपी में राहत:</strong><br>लहसुन उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है। इसमें एलिसिन नामक एक एसिड होता है, जो रक्तचाप को कम करता है। रात को शहद में लहसुन भिगोकर सुबह खाने से हाई बीपी में आराम मिलता है।
<br><br><strong>2. शुगर के लिए उत्तम:</strong><br>यह नुस्खा शुगर के मरीजों के लिए बहुत अच्छा है। लहसुन मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें मौजूद तत्व रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करते हैं। रात को एक चम्मच शहद में लहसुन भिगोकर सुबह सेवन करें।
<br><br><strong>3. दिल को रखे स्वस्थ:</strong><br>लहसुन हृदय रोग को रोकने में मददगार है। इसके तत्व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं। सुबह खाली पेट लहसुन चबाकर पानी पीने से दिल स्वस्थ रहता है।
<br><br><strong>4. पाचन में सहायक:</strong><br>लहसुन पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। इसमें एलिसिन नामक यौगिक पाचन को सुधारता है और कब्ज, गैस जैसी समस्याओं को कम करता है।
<br><br><strong>शहद में लहसुन कैसे डुबोएं:</strong><br>- 2-3 लहसुन की कलियां लें।<br>- 1 चम्मच शहद में भिगो दें।<br>- सुबह खाली पेट खा लें।<br>- अधिक मात्रा में लहसुन खाने से बचें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>केला शेक में मिलाएं ये 3 चीजें, तेजी से बढ़ेगा वजन</title>
<link>https://pratinidhi.in/banana-shake-recipe-for-weight-gain-with-dates-butter-and-peanut-butter</link>
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<description><![CDATA[ केला शेक एक पौष्टिक पेय है जो वजन बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसे और भी गुणकारी बनाने के लिए इसमें खजूर, मक्खन और पीनट बटर मिलाया जा सकता है। खजूर ऊर्जा प्रदान करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। मक्खन कैलोरी और वसा का अच्छा स्रोत है। पीनट बटर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। बनाना शेक बनाने के लिए केले, दूध, मक्खन, खजूर और पीनट बटर को मिक्सर में मिलाकर सेवन करें। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:35:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>केला शेक, वजन बढ़ाना, खजूर, मक्खन, पीनट बटर, स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केला शेक एक पौष्टिक और स्वादिष्ट पेय है, जो वजन बढ़ाने में सहायक हो सकता है। इसे और भी गुणकारी बनाने के लिए इसमें कुछ विशेष चीजें मिलाई जा सकती हैं।<br><br><b>1. खजूर:</b> खजूर को बनाना शेक में मिलाकर पीने से न केवल स्वाद बढ़ता है, बल्कि शरीर को तुरंत ऊर्जा भी मिलती है। खजूर में मौजूद तत्व मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।<br><br><b>2. मक्खन:</b> मक्खन कैलोरी और वसा का अच्छा स्रोत है, जो वजन बढ़ाने में मददगार होते हैं। यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।<br><br><b>3. पीनट बटर:</b> पीनट बटर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसका सीमित मात्रा में सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है।<br><br><b>बनाना शेक बनाने की विधि:</b> 2-3 केले, 1 गिलास दूध, 1-2 चम्मच मक्खन, कुछ खजूर और 2 चम्मच पीनट बटर को मिक्सर में मिलाकर सेवन करें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शहद वाली चाय: दूध की चाय का बेहतरीन विकल्प, तेजी से वजन घटाने में मददगार</title>
<link>https://pratinidhi.in/honey-tea-a-healthy-alternative-to-milk-tea-for-weight-loss</link>
<guid>https://pratinidhi.in/honey-tea-a-healthy-alternative-to-milk-tea-for-weight-loss</guid>
<description><![CDATA[ दूध वाली चाय के नुकसान को देखते हुए हनी टी एक बेहतर विकल्प है। यह न केवल स्वस्थ रखती है, बल्कि दिनभर ऊर्जावान भी बनाए रखती है। शहद मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। नियमित सेवन से सर्दी, फ्लू से बचाव होता है और वजन कम करने में मदद मिलती है। हनी टी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं। सुबह उठकर इसे पीना सेहत के लिए फायदेमंद है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:35:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Honey Tea, Weight Loss, Immunity, Cold, Cough, Metabolism</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Honey Tea Benefits:</strong> दूध वाली चाय से होने वाले नुकसानों को देखते हुए, अब इसका विकल्प ढूंढना जरूरी हो गया है। थायरॉइड और मोटापे से परेशान लोगों के लिए दूध वाली चाय किसी जहर से कम नहीं है। ऐसे में, शहद वाली चाय (हनी टी) एक बेहतर विकल्प है।<br><br>हनी टी न केवल आपको स्वस्थ रखेगी, बल्कि दूध वाली चाय से होने वाली बीमारियों से भी बचाएगी। यह चाय आपको दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने में भी मदद करती है। शहद ऊर्जा का एक प्राकृतिक स्रोत है, जो मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।<br><br>नियमित रूप से हनी टी का सेवन करने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं और गले की खराश को दूर करते हैं। गर्म पानी के साथ शहद मिलाकर पीने से सर्दी, फ्लू जैसे संक्रमणों से भी बचाव होता है। हनी टी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो सर्दी और खांसी को कम करने में सहायक होते हैं। सुबह उठकर हनी टी पीना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।<br><br>अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो हनी टी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। सुबह और शाम हनी टी पीने से वजन तेजी से कम होता है।]]> </content:encoded>
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<title>पेट की चर्बी कम करने के आसान उपाय</title>
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<description><![CDATA[ पेट की चर्बी बढ़ने की समस्या आजकल आम है, जिसके मुख्य कारण खराब जीवनशैली और गलत खानपान हैं। नियमित व्यायाम, स्वस्थ भोजन, पर्याप्त पानी पीना और शराब-धूम्रपान से परहेज करना पेट की चर्बी को कम करने के कुछ सरल उपाय हैं। इन उपायों को अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने पेट को कम कर सकता है और स्वस्थ जीवन जी सकता है। यह जरूरी है कि आप रिफाइंड ऑयल की जगह देसी घी का प्रयोग करें। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:35:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पेट की चर्बी, तोंद, व्यायाम, हेल्दी फूड, पानी, अल्कोहल, धूम्रपान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>पेट की चर्बी कम करने के आसान उपाय</strong><br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट का बढ़ना एक आम समस्या बन गई है। खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण अक्सर लोगों के पेट पर चर्बी जमा हो जाती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कुछ आसान उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं।<br><br><strong>1. नियमित व्यायाम:</strong><br>नियमित व्यायाम करने से पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। व्यायाम करने से शरीर में जमा वसा जलती है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। रोजाना एक्सरसाइज करने की आदत डालें।<br><br><strong>2. स्वस्थ भोजन:</strong><br>स्वस्थ आहार लेने से पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। स्वस्थ आहार में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन शामिल होने चाहिए। तला-भुना और फास्ट फूड खाने से बचें।<br><br><strong>3. पर्याप्त पानी:</strong><br>पर्याप्त पानी पीने से पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। पानी पीने से शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है।<br><br><strong>4. शराब और धूम्रपान से बचें:</strong><br>शराब और धूम्रपान से पेट की चर्बी बढ़ती है। इसलिए इनसे बचना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>ब्लड प्रेशर कंट्रोल: ये 5 फूड्स रखेंगे आपके दिल को दुरुस्त</title>
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<description><![CDATA[ उच्च रक्तचाप एक गंभीर समस्या है जो हृदय को नुकसान पहुंचा सकती है। कुछ खाद्य पदार्थ रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इस लेख में ऐसे ही पांच खाद्य पदार्थों के बारे में बताया गया है:

1.  **हरी पत्तेदार सब्जियां:** पालक, केल, मेथी और सरसों का साग पोटेशियम से भरपूर होते हैं, जो सोडियम के प्रभाव को कम करते हैं और रक्त वाहिकाओं को आराम देते हैं। इनमें मैग्नीशियम और नाइट्रेट्स भी होते हैं जो रक्तचाप को कम करते हैं।
2.  **केला:** पोटेशियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है, जो शरीर में सोडियम के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है।
3.  **ओट्स:** फाइबर से भरपूर होते हैं और इनमें सोडियम की मात्रा कम होती है। इनमें बीटा-ग्लूकन होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
4.  **लहसुन:** एलिसिन नामक यौगिक होता है, जो रक्त वाहिकाओं को आराम देता है और रक्तचाप को कम करता है। यह नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाता है, जो रक्त वाहिकाओं को चौड़ा करता है।
5.  **दही:** कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत है। कैल्शियम रक्त वाहिकाओं को लचीला बनाता है, जबकि प्रोबायोटिक्स कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करते हैं और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं。 ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:35:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>High Blood Pressure, Foods To Control Blood pressure, दिल की सेहत, हरी पत्तेदार सब्जियां, पोटैशियम, सोडियम, ब्लड वेसल्स, मैग्नीशियम, नाइट्रेट्स, केला, ओट्स, फाइबर, सोडियम, बीटा-ग्लूकन, कोलेस्ट्रॉल, लहसुन, एलिसिन, नाइट्रिक ऑक्साइड, एंटीऑक्सीडेंट, दही, कैल्शियम, प्रोबायोटिक्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[उच्च रक्तचाप एक गंभीर समस्या है जो हृदय को नुकसान पहुंचा सकती है। बीपी बढ़ने की वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, कुछ खास फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है। ये फूड्स न सिर्फ बीपी को नियंत्रित करते हैं, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं।

<strong>हरी पत्तेदार सब्जियां:</strong>
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल, मेथी और सरसों का साग पोटैशियम से भरपूर होती हैं। पोटैशियम शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करके रक्त वाहिकाओं को आराम देता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।<br><br>
<strong>केला:</strong>
केला पोटैशियम का एक बेहतरीन स्रोत है। यह शरीर में सोडियम के स्तर को संतुलित करने में मदद करता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है।<br><br>
<strong>ओट्स:</strong>
ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं और इनमें सोडियम की मात्रा कम होती है। ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और दिल को स्वस्थ रखता है।<br><br>
<strong>लहसुन:</strong>
लहसुन में एलिसिन नामक कंपाउंड पाया जाता है, जो रक्त वाहिकाओं को आराम देता है और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है।<br><br>
<strong>दही:</strong>
दही कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स का एक अच्छा स्रोत है। कैल्शियम रक्त वाहिकाओं को लचीला बनाता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।]]> </content:encoded>
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<title>क्या प्याज और गुड़ का रस कद बढ़ाता है?</title>
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<description><![CDATA[ एक इंस्टाग्राम पोस्ट में दावा किया गया है कि प्याज के रस और गुड़ का रोजाना सेवन करने से कद बढ़ सकता है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की सच्चाई का पता लगाया है। टीम ने पाया कि प्याज के रस और गुड़ का सेवन एचजीएच के स्राव पर कोई खास प्रभाव नहीं डालता है। इस उपाय से स्वास्थ्य संबंधी अन्य फायदे तो मिल सकते हैं, लेकिन इससे कद नहीं बढ़ेगा। डॉक्टरों का सुझाव है कि कद बढ़ाने के लिए किसी हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:35:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्याज का रस, गुड़, कद, ग्रोथ हार्मोन, हेल्थ एक्सपर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[Fact Check: क्या गुड़ और प्याज का रस कद बढ़ाते हैं? डॉक्टर का कहना है कि इनका ग्रोथ हार्मोन पर कोई असर नहीं होता।<br><br>कई लोगों में छोटे कद को लेकर आत्मविश्वास की कमी देखी जाती है, और वे इससे छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय खोजते हैं। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि प्याज के रस और गुड़ का रोजाना सेवन करने से कद बढ़ सकता है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की सच्चाई का पता लगाया है।<br><br>कद न बढ़ने पर व्यक्तित्व से जुड़ी हीन भावनाएँ पैदा हो सकती हैं। इसलिए, बचपन से ही कद बढ़ाने के उपाय बताए जाते हैं, जिनमें व्यायाम और खानपान पर ध्यान देना शामिल है। सोशल मीडिया पर एक घरेलू नुस्खे की चर्चा है, जिसमें प्याज के रस और गुड़ के सेवन से कद बढ़ने का दावा किया जा रहा है।<br><br>सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की जाँच की है ताकि पता चल सके कि यह साक्ष्य आधारित है या सिर्फ एक अनुमान। टीम ने यह भी पता लगाया है कि क्या यह उपाय वास्तव में लोगों को कद बढ़ाने में मदद कर सकता है। इस जाँच के परिणाम और कारणों को जानने के लिए आगे पढ़ें।<br><br>हार्मोन होते हैं एक्टिवेट<br>इस पोस्ट में कहा गया है कि प्याज के रस और गुड़ का सेवन ग्रोथ हार्मोन को एक्टिवेट करता है, जिससे कद बढ़ता है। पोस्ट में इस मिश्रण को रोज सुबह-शाम लेने की सलाह दी गई है।<br><br>पौष्टिक मिश्रण, लेकिन...<br>जयपुर के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के जनरल फिजिशियन डॉ. अंकित पटेल का कहना है कि प्याज के रस और गुड़ दोनों में ही पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। प्याज में विटामिन सी, विटामिन के और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं, जबकि गुड़ में आयरन, कैल्शियम और विटामिन बी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व हृदय स्वास्थ्य और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद होते हैं।<br><br>ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन<br>कद बढ़ाने में ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन (एचजीएच) की अहम भूमिका होती है, जो पिट्यूटरी ग्रंथि से स्रावित होता है। डॉ. पटेल के अनुसार, प्याज के रस और गुड़ का सेवन एचजीएच के स्राव पर कोई खास प्रभाव नहीं डालता है। इस उपाय से स्वास्थ्य संबंधी अन्य फायदे तो मिल सकते हैं, लेकिन इससे कद नहीं बढ़ेगा। इसलिए, कद बढ़ाने के लिए इस पर निर्भर रहना सही नहीं है।<br><br>निष्कर्ष<br>सजग फैक्ट चेक टीम ने अपनी जाँच में पाया कि यह दावा गलत है। डॉक्टरों का सुझाव है कि इस नुस्खे का सेवन अन्य शारीरिक लाभों के लिए किया जा सकता है, लेकिन कद बढ़ाने के लिए किसी हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर है।<br><br>आपकी सजगता हमारी जिम्मेदारी<br>झूठ सच से ज्यादा तेजी से फैलता है। इसलिए, फ़ेक न्यूज़, भ्रामक व्हाट्सएप मैसेज और फ़ेक वायरल पोस्ट से सावधान रहना जरूरी है। यदि आपको कोई ऐसा मैसेज, पोस्ट या लिंक मिलता है जिस पर आपको संदेह है, तो आप उसे जाँच के लिए भेज सकते हैं। हमारी एक्सपर्ट्स की टीम जाँच करके आपको सच्चाई बताएगी。]]> </content:encoded>
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<title>क्या मूंग दाल में नॉनवेज से ज्यादा प्रोटीन होता है?</title>
<link>https://pratinidhi.in/fact-check-moong-dal-protein-versus-nonveg</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर मूंग दाल में नॉनवेज से ज्यादा प्रोटीन होने का दावा किया जा रहा है, जिसे सजग फैक्ट चेक टीम ने गलत बताया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, 100 ग्राम मूंग दाल में 24 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि नॉनवेज में इससे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। एनीमल प्रोटीन में 9 जरूरी एमिनो एसिड होते हैं, जो मूंग दाल में कम होते हैं। मूंग दाल को बैलेंस डाइट में शामिल किया जा सकता है, लेकिन यह नॉनवेज का विकल्प नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मूंग दाल, प्रोटीन, नॉनवेज, शक्तिशाली बॉडी, हरी मूंग की दाल, सजग फैक्ट चेक टीम, एनीमल प्रोटीन, एमिनो एसिड, डायबिटीज एजुकेटर, कंसल्टेंट डायटीशियन, पूजा शाह भावे, हेल्दी बॉडी, बैलेंस डाइट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि मूंग की दाल में नॉनवेज से ज्यादा प्रोटीन होता है, जो शक्तिशाली बॉडी के लिए जरूरी है। <br><br>सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की पड़ताल की है। सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर और कंसल्टेंट डायटीशियन पूजा शाह भावे ने इस जांच में मदद की।<br><br>एक्सपर्ट्स के अनुसार, 100 ग्राम मूंग दाल में 24 ग्राम प्रोटीन होता है, जो 100 ग्राम मछली में मिलने वाले 25 ग्राम प्रोटीन के बराबर है। लेकिन, हम आमतौर पर 30-40 ग्राम मूंग ही खाते हैं, जिससे 9 ग्राम प्रोटीन मिलता है। जबकि, एक बार में 100-150 ग्राम मछली खा लेते हैं। 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में 31 ग्राम और 100 ग्राम अंडे में 13 ग्राम प्रोटीन होता है। इससे साबित होता है कि मूंग में नॉनवेज से ज्यादा प्रोटीन नहीं होता है।<br><br>एनीमल प्रोटीन में सभी 9 जरूरी एमिनो एसिड सही मात्रा में होते हैं, जबकि मूंग की दाल में मेथिओनिन कम होता है। मूंग दाल में फाइबर, मिनरल, विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, लेकिन यह नॉनवेज के प्रोटीन का बेहतर विकल्प नहीं है।<br><br>सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को गलत पाया है। एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि मूंग दाल को बैलेंस डाइट में प्रोटीन सोर्स के तौर पर शामिल किया जा सकता है, लेकिन नॉनवेज के विकल्प के तौर पर नहीं।]]> </content:encoded>
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<title>पपीता: सुबह खाली पेट खाने के फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/papaya-benefits-eating-daily-in-morning</link>
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<description><![CDATA[ पपीता एक ऐसा फल है जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें विटामिन, मिनरल, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रोजाना एक कटोरी पपीता खाने से पाचन तंत्र मजबूत होता है, इम्युनिटी बढ़ती है, त्वचा स्वस्थ रहती है, वजन घटाने में मदद मिलती है, आंखों की रोशनी बढ़ती है, दिल स्वस्थ रहता है, कैंसर का खतरा कम होता है, हड्डियां मजबूत होती हैं, डायबिटीज नियंत्रित रहती है और सूजन कम होती है। सुबह खाली पेट पपीता खाने से विशेष लाभ मिलते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:33:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पपीता, स्वास्थ्य, पाचन, इम्युनिटी, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>पपीता: सुबह खाली पेट खाने के फायदे</strong><br><br>पपीता एक स्वादिष्ट और सेहतमंद फल है जिसके रोजाना सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। पपीता में विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।<br><br><strong>पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है:</strong><br>पपीता में पपेन नामक एंजाइम होता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। यह प्रोटीन को तोड़ने में मदद करता है, जिससे पाचन आसान हो जाता है। फाइबर की उच्च मात्रा कब्ज से राहत दिलाती है।<br><br><strong>इम्युनिटी बढ़ाता है:</strong><br>विटामिन सी से भरपूर पपीता शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जो संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं।<br><br><strong>त्वचा के लिए फायदेमंद:</strong><br>एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं, झुर्रियों को कम करते हैं और उम्र बढ़ने के लक्षणों को धीमा करते हैं।<br><br><strong>वजन घटाने में सहायक:</strong><br>कैलोरी में कम और फाइबर से भरपूर होने के कारण, पपीता वजन घटाने के लिए उत्तम है। फाइबर पेट को भरा रखता है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है।<br><br><strong>आंखों के लिए लाभदायक:</strong><br>विटामिन ए और बीटा-कैरोटीन से भरपूर पपीता आंखों की रोशनी बढ़ाता है और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं से बचाता है।<br><br><strong>दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद:</strong><br>पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं और कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीडेशन को रोकते हैं, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है।<br><br><strong>कैंसर के खतरे को कम करता है:</strong><br>पपीता में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद करते हैं।<br><br><strong>हड्डियों को मजबूत बनाता है:</strong><br>विटामिन के और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करते हैं।<br><br><strong>डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद:</strong><br>कम शुगर और उच्च फाइबर की मात्रा ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करती है।<br><br><strong>सूजन कम करने में मददगार:</strong><br>एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन को कम करते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>नींबू और शहद: एक महीने में पाएं हैरतअंगेज फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/lemon-and-honey-amazing-health-benefits-in-one-month</link>
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<description><![CDATA[ नींबू और शहद एक प्राकृतिक औषधि है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। नियमित सेवन से वजन घटता है, पाचन क्रिया सुधरती है, त्वचा स्वस्थ होती है और प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है। नींबू में सिट्रिक एसिड और शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट नींबू और शहद का पानी पीने से विशेष लाभ होता है। एक नींबू का रस और एक चम्मच शहद को एक गिलास पानी में मिलाकर पिएं। लेख में दी गई सलाह सामान्य जानकारी के लिए है, चिकित्सीय सलाह के लिए डॉक्टर से परामर्श करें। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:45:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नींबू, शहद, स्वास्थ्य, वजन कम करना, पाचन, इम्यून सिस्टम, त्वचा, नींबू और शहद के फायदे, Lemon, Honey, Health, Weight Loss, Digestion, Immune System, Skin, Benefits of Lemon and Honey</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[नींबू और शहद का मिश्रण एक प्राकृतिक उपचार है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से कई फायदे मिलते हैं, खासकर सुबह खाली पेट लेने से स्वास्थ्य बेहतर होता है।<br><br><strong>वजन घटाने में सहायक:</strong> नींबू और शहद वजन घटाने में सहायक होते हैं। नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड शरीर की चर्बी को कम करता है, जबकि शहद में एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर को स्वस्थ रखते हैं।<br><br><strong>पाचन क्रिया में सुधार:</strong> यह मिश्रण पाचन क्रिया को भी सुधारता है। नींबू में सिट्रिक एसिड पाचन में मदद करता है, और शहद के एंटी-बैक्टीरियल गुण पाचन तंत्र में संक्रमण को रोकते हैं।<br><br><strong>त्वचा के लिए फायदेमंद:</strong> नींबू और शहद त्वचा के लिए भी फायदेमंद हैं। नींबू में विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है, जबकि शहद एंटीऑक्सीडेंट के रूप में त्वचा से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।<br><br><strong>प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत:</strong> इसके अलावा, यह मिश्रण प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। नींबू में विटामिन सी होता है, और शहद एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को डिटॉक्स करता है।<br><br><strong>सेवन विधि:</strong> एक नींबू का रस, एक चम्मच शहद, एक गिलास पानी में मिलाकर पिएं।<br><br><strong>डिस्क्लेमर:</strong> इस लेख में दी गई सलाह केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लेना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से परामर्श करें।]]> </content:encoded>
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<title>नारियल पानी: क्या यह फैट कम करने में मददगार है? जानिए सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/is-coconut-water-helpful-in-reducing-fat-know-the-truth</link>
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<description><![CDATA[ आजकल हर कोई हेल्थ को लेकर परेशान है और फैट लॉस करना चाहता है, लेकिन मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता। नारियल पानी आपकी मदद कर सकता है, क्योंकि इसमें कैलोरी कम होती है और यह ब्लोटिंग से भी छुटकारा दिलाता है। शारदा हॉस्पिटल की डायटीशियन वर्षा बताती हैं कि नारियल पानी वेट लॉस में कारगर है, क्योंकि इसमें इलेक्ट्रोलाइट पोटेशियम होता है, जो बॉडी में फ्लूड बैलेंस बनाए रखता है। नारियल में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट हेल्दी मेटाबॉलिज्म भी प्रदान करते हैं। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को सही पाया है, लेकिन बेहतर रिजल्ट के लिए प्रोफेशनल हेल्प लेने की सलाह दी जाती है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:34:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फैट लॉस, कोकोनट वाटर, हेल्थ, वेट लॉस, नारियल पानी, Coconut water, health, weight loss, fat loss</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नारियल पानी: क्या यह फैट कम करने में मददगार है?</strong><br><br>आजकल हर कोई हेल्थ को लेकर बहुत परेशान है और फैट लॉस करना चाहता है। इसके लिए लोग कई तरह के तरीके अपनाते हैं, लेकिन हमेशा मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता। ऐसे में नारियल पानी आपकी मदद कर सकता है। सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में यह दावा किया गया है, जिसे सजग फैक्ट चेक टीम ने सही पाया है।<br><br><strong>नारियल पानी के फायदे</strong><br>अगर आप एक्सरसाइज, डाइट और मोटिवेशन के बाद भी वजन कम नहीं कर पा रहे हैं, तो नारियल पानी पीना शुरू कर दें। यह आपके वेट लॉस जर्नी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।<br><br><strong>कम कैलोरी वाला पानी</strong><br>नारियल पानी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है, इसलिए इसे पीने से फैट नहीं बढ़ता है।<br><br><strong>ब्लोटिंग से भी छुटकारा</strong><br>नारियल पानी वजन कम करने के साथ-साथ ब्लोटिंग और वाटर रिटेंशन में भी फायदेमंद है। शारदा हॉस्पिटल की डायटीशियन वर्षा बताती हैं कि नारियल पानी वेट लॉस में कारगर माना जाता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट पोटेशियम होता है, जो बॉडी में फ्लूड बैलेंस बनाए रखता है।<br><br><strong>पोटेशियम के फायदे</strong><br>पोटेशियम की भरपूर मात्रा से बॉडी को कई फायदे होते हैं। यह वाटर रिटेंशन की वजह बनने वाले सोडियम के प्रभाव को बैलेंस करता है। फ्लूड बैलेंस ब्लोटिंग को भी कम करता है और पाचन भी सुधरता है।<br><br><strong>हेल्दी मेटाबॉलिज्म</strong><br>नारियल में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट हेल्दी मेटाबॉलिज्म भी प्रदान करते हैं, जिससे वेट लॉस की प्रक्रिया आसान हो जाती है। हालांकि, यह पानी कोई जादू की गोली नहीं है, लेकिन ब्लोटिंग और वाटर रिटेंशन कम करने की वजह से इसे वजन कम करने वाली डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।<br><br>सजग फैक्ट चेक टीम ने अपनी जांच में इस दावे को बिल्कुल सही पाया है। हालांकि, वेट लॉस के बेहतर रिजल्ट के लिए प्रोफेशनल हेल्प लेने की सलाह दी जाती है।]]> </content:encoded>
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<title>कच्चे दूध से बनाएं फेस पैक, पाएं निखरी त्वचा</title>
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<description><![CDATA[ लेख में चेहरे पर प्राकृतिक चमक पाने के लिए कच्चे दूध का उपयोग करने के बारे में बताया गया है। इसमें बताया गया है कि कच्चा दूध त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने, काले धब्बों को हल्का करने, त्वचा की टोन को समान करने, त्वचा को पोषण देने और लैक्टिक एसिड की मात्रा के कारण मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है। लेख में कच्चे दूध और बेसन, शहद, ओट्स और गुलाब जल जैसी अन्य सामग्रियों का उपयोग करके फेस पैक बनाने की विधि भी दी गई है। पैक को 15 मिनट के लिए लगाने के बाद धोने का है, जिससे त्वचा मॉइस्चराइज़ और चमकदार हो जाती है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:34:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कच्चा दूध, फेस पैक, त्वचा, निखार, घरेलू उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अगर आपके चेहरे पर दाग-धब्बे हैं या त्वचा में चमक नहीं है, तो कच्चे दूध का उपयोग करें। यहां एक प्रभावी और आसान तरीका है जिससे आप कच्चे दूध का फेस पैक बनाकर अपनी त्वचा की चमक वापस पा सकते हैं।

विभिन्न सौंदर्य उत्पादों पर निर्भर रहने के बजाय, जो केवल ऊपरी चमक प्रदान करते हैं, आप घर पर मौजूद सामग्री का उपयोग करके एक प्राकृतिक फेस पैक बना सकते हैं जो आपकी त्वचा को चमकदार बनाएगा। यदि आप इस पैक को शाम को बाहर टहलने जाने से पहले लगाते हैं, तो आपकी सहेलियाँ निश्चित रूप से आपकी चमकदार त्वचा का रहस्य पूछेंगी।

लेकिन पहले, चेहरे पर कच्चा दूध लगाने के फायदों के बारे में जानें। कच्चा दूध त्वचा को निखारने के लिए सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। यह त्वचा को मॉइस्चराइज़ करता है, दाग-धब्बों को हल्का करता है, त्वचा की टोन को समान करता है, पोषण देता है और इसमें लैक्टिक एसिड होता है जो मृत त्वचा कोशिकाओं को एक्सफोलिएट करता है।

फेस पैक बनाने के लिए आपको चाहिए: 2 चम्मच बेसन, 5 चम्मच कच्चा दूध, 1 चम्मच शहद, 1 चम्मच ओट्स और 2 चम्मच गुलाब जल।

फेस पैक बनाने का तरीका:

1. एक कटोरे में बेसन और कच्चा दूध मिलाएं।
2. शहद, ओट्स और गुलाब जल डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
3. पैक को चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट तक सूखने दें।
4. अपना चेहरा धो लें और नई चमक देखें।
5. बाद में मॉइस्चराइज़ करना न भूलें।

अस्वीकरण: एलर्जी की प्रतिक्रिया से बचने के लिए लगाने से पहले पैच परीक्षण करें। संवेदनशील त्वचा होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>सेहत के लिए: टोस्टेड या सादी ब्रेड, क्या है बेहतर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/toasted-bread-vs-plain-bread-which-is-more-beneficial-for-health</link>
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<description><![CDATA[ ब्रेकफास्ट में ब्रेड एक आम विकल्प है, लेकिन टोस्टेड और सादी ब्रेड के बीच अंतर जानना जरूरी है। टोस्टेड ब्रेड में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है और यह आसानी से पच जाती है, जो डायबिटीज और एसिडिटी वाले लोगों के लिए फायदेमंद है। वेट लॉस के लिए ब्राउन या मल्टीग्रेन ब्रेड बेहतर है। स्वाद और टेक्सचर के आधार पर अपनी पसंद की ब्रेड चुनें। हेल्दी ब्रेकफास्ट के लिए ब्राउन ब्रेड को टोस्ट करके हेल्दी टॉपिंग्स के साथ खाएं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:34:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टोस्टेड ब्रेड, सादी ब्रेड, सेहत, पोषण, वेट लॉस, डायबिटीज, ग्लाइसेमिक इंडेक्स, एसिडिटी, पाचन, ब्राउन ब्रेड, मल्टीग्रेन ब्रेड, हेल्दी ब्रेकफास्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ब्रेकफास्ट में ब्रेड का सेवन आजकल आम है। कुछ लोग सादी ब्रेड पसंद करते हैं, जबकि कुछ इसे टोस्ट करके खाते हैं। क्या टोस्टेड और सादी ब्रेड में कोई अंतर है? क्या टोस्ट करने से ब्रेड के पोषक तत्वों में बदलाव आता है? क्या यह वजन घटाने में सहायक है या नुकसानदायक? <br><br>

<strong>टोस्ट करने से पोषक तत्वों में बदलाव:</strong> टोस्ट करने से ब्रेड में नमी कम होती है, जिससे वह कुरकुरी हो जाती है। टोस्टेड ब्रेड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) सादी ब्रेड से कम होता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा है। टोस्ट करने से ब्रेड का स्टार्च भी टूटता है, जिससे यह पचने में आसान हो जाती है। <br><br>

<strong>वेट लॉस के लिए:</strong> वेट लॉस के लिए सादी या टोस्टेड ब्रेड में से कोई भी विशेष रूप से बेहतर नहीं है। ब्राउन ब्रेड या मल्टीग्रेन ब्रेड को टोस्ट करके खाना बेहतर है, क्योंकि इससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। <br><br>

<strong>पेट की समस्याओं में:</strong> एसिडिटी होने पर टोस्टेड ब्रेड खाना फायदेमंद है, क्योंकि यह आसानी से पच जाती है। अगर पाचन धीमा है, तो सादी ब्रेड बेहतर है।<br><br>

<strong>स्वाद और टेक्सचर:</strong> टोस्टेड ब्रेड कुरकुरी होती है, जबकि सादी ब्रेड सॉफ्ट होती है। अपनी पसंद के अनुसार ब्रेड का चुनाव करें।<br><br>

<strong>कौन सी ब्रेड खाएं:</strong> टोस्टेड और सादी ब्रेड दोनों के अपने फायदे हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए टोस्टेड ब्रेड बेहतर है, जबकि अधिक एनर्जी के लिए ब्राउन ब्रेड बेहतर है। हेल्दी ब्रेकफास्ट के लिए ब्राउन ब्रेड को टोस्ट करके हेल्दी टॉपिंग्स के साथ खाएं।]]> </content:encoded>
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<title>साक्षी पंत का रिसेप्शन लुक: लहंगा और मंगलसूत्र में सजी, लेकिन एक चीज रही मिसिंग</title>
<link>https://pratinidhi.in/rishabh-pant-sister-sakshi-wedding-reception-look-lehenga-and-mangalsutra</link>
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<description><![CDATA[ ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी के रिसेप्शन की तस्वीरें सामने आई हैं। साक्षी लहंगा और मंगलसूत्र पहने खूबसूरत लग रही थीं, लेकिन उनके श्रृंगार में सिंदूर की कमी दिखी। उन्होंने ब्लू और ऑरेंज कलर का प्रिंटेड लहंगा पहना था, जिसके साथ हैवी एम्ब्रायडरी वाला ब्लाउज और लाइट पिंक दुपट्टा था। उनके मंगलसूत्र में डायमंड पेंडेंट था, जो क्लासी लुक दे रहा था। रिसेप्शन से पहले साक्षी के प्री-वेडिंग फंक्शन में महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना भी शामिल हुए थे। साक्षी ने 12 मार्च को बिजनेसमैन अंकित चौधरी से शादी की। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:22:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Sakshi Pant, Rishabh Pant, Wedding Reception, Lehenga, Mangalsutra, Fashion, Indian Wedding</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी का रिसेप्शन:</strong><br/><br/>भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी खूब चर्चा में रही। रिसेप्शन की तस्वीरों में साक्षी लहंगा और मंगलसूत्र पहने नजर आईं, लेकिन उनके श्रृंगार में एक चीज की कमी दिखी।<br/><br/><strong>प्री-वेडिंग फंक्शन:</strong><br/><br/>साक्षी पंत की शादी के प्री-वेडिंग फंक्शन में महेंद्र सिंह धोनी और सुरेश रैना भी अपनी पत्नियों के साथ शामिल हुए थे। 12 मार्च को साक्षी ने बिजनेसमैन अंकित चौधरी से शादी की।<br/><br/><strong>रिसेप्शन लुक:</strong><br/><br/>रिसेप्शन में साक्षी ब्लू और ऑरेंज कलर के प्रिंटेड लहंगे में नजर आईं, जिसे उन्होंने वाइन कलर की शेरवानी के साथ मैच किया था। उन्होंने हैवी एम्ब्रायडरी वाला ब्लाउज और लाइट पिंक दुपट्टा पहना था। उनका वेलवेट शॉल भी काफी आकर्षक था।<br/><br/><strong>मंगलसूत्र:</strong><br/><br/>साक्षी ने लहंगे से मैचिंग ब्लू और ऑरेंज स्टोन वाली सिल्वर ज्वेलरी पहनी थी, जिसमें नेकपीस और इयररिंग्स शामिल थे। उन्होंने गोल्डन बैंगल के साथ लाल चूड़ियां भी पहनी थीं। उनके मंगलसूत्र में ब्लैक बीड्स के साथ डायमंड पेंडेंट था, जो क्लासी लुक दे रहा था।<br/><br/><strong>एक चीज की कमी:</strong><br/><br/>लहंगा और मंगलसूत्र पहनने के बावजूद, साक्षी के लुक में सिंदूर की कमी खली। उन्होंने मंगलसूत्र तो पहना था, लेकिन मांग में सिंदूर नहीं भरा था।]]> </content:encoded>
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<title>किडनी को स्वस्थ रखने के लिए छोड़ दें ये आदतें</title>
<link>https://pratinidhi.in/habits-that-damage-your-kidneys-and-how-to-avoid-them</link>
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<description><![CDATA[ किडनी को स्वस्थ रखना महत्वपूर्ण है, और कुछ आदतें इसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। ज्यादा नमक, कम पानी, अधिक कैफीन, धूम्रपान और शराब का सेवन किडनी के लिए हानिकारक हो सकता है। इन आदतों को छोड़कर और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी को स्वस्थ रखा जा सकता है। नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह भी जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:18:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>किडनी, स्वास्थ्य, आदत, नमक, पानी, कैफीन, सिगरेट, शराब</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>किडनी को खतरे में डाल सकती हैं आपकी ये आदतें, आज ही बदल लें</strong><br><br>स्वस्थ जीवन के लिए शरीर का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, और कुछ गलत आदतें इसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए, समय रहते इन आदतों को छोड़ देना चाहिए।<br><br><strong>1. ज्यादा नमक का सेवन:</strong> ज्यादा नमक खाने से किडनी खराब हो सकती है। नमक ब्लड प्रेशर बढ़ाता है, जिससे किडनी पर दबाव पड़ता है।<br><br><strong>2. कम पानी पीना:</strong> कम पानी पीने से किडनी को नुकसान हो सकता है। पानी किडनी को साफ करने और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।<br><br><strong>3. कैफीन का अधिक सेवन:</strong> कैफीन ब्लड प्रेशर बढ़ाकर किडनी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।<br><br><strong>4. धूम्रपान:</strong> सिगरेट पीने से किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।<br><br><strong>5. शराब का सेवन:</strong> शराब किडनी को नुकसान पहुंचाती है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।<br><br>इन आदतों को छोड़कर और डॉक्टर की सलाह से सही आहार लेकर किडनी को स्वस्थ रखा जा सकता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या सही पोजीशन में दूध पिलाने से शिशु को हिचकी आती है?</title>
<link>https://pratinidhi.in/is-it-true-that-babies-get-hiccups-due-to-improper-breastfeeding</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे के अनुसार, नवजात शिशुओं को गलत तरीके से दूध पिलाने पर हिचकी आती है। डॉक्टरों के अनुसार, यह दावा गलत है। हिचकी का कारण इममेच्‍योर डायफ्राम होता है, न कि दूध पिलाने की तकनीक। डॉक्टरों का सुझाव है कि मां को कम से कम 4 महीने तक शिशु को स्तनपान कराना चाहिए, क्योंकि इससे मां और बच्चे दोनों को फायदा होता है। स्तनपान से बॉन्डिंग मजबूत होती है, वजन घटता है और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी कम होता है। इसलिए, सही जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:18:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>स्‍तनपान, शिशु, हिचकी, मां का दूध, डॉक्टर, फैक्‍ट चेक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि अगर नवजात शिशुओं को सही तरीके से दूध नहीं पिलाया जाता है, तो उन्हें हिचकी आ सकती है। इस दावे में कितनी सच्चाई है, यह जानना जरूरी है।
<br><br>
इस बारे में डॉक्टरों का कहना है कि नवजात शिशुओं में हिचकी आना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसका दूध पिलाने की तकनीक से कोई सीधा संबंध नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार, हिचकी इममेच्‍योर डायफ्राम के कारण होती है।
<br><br>
डॉक्टरों का यह भी कहना है कि मां को कम से कम 4 से 4.5 महीने तक शिशु को स्तनपान कराना चाहिए। इससे मां और बच्चे के बीच बॉन्डिंग मजबूत होती है, और यह प्रेग्‍नेंसी के बाद वजन घटाने में भी मददगार होता है। स्तनपान एक नेचुरल कैलोरी बर्नर है और ब्रेस्‍ट कैंसर को भी बढ़ने से रोक सकता है।
<br><br>
इसलिए, नई माताओं को शिशु को स्तनपान कराने की सही पोजीशन के बारे में जानकारी लेनी चाहिए, ताकि आगे होने वाली समस्‍याओं से बचा जा सके।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बालों की ग्रोथ के लिए होम्योपैथी: डॉक्टर का घरेलू नुस्खा</title>
<link>https://pratinidhi.in/homeopathy-doctor-natural-remedy-for-hair-growth</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख होम्योपैथी डॉक्टर राजू राम द्वारा बताए गए एक घरेलू हेयर मास्क के बारे में है, जो बालों के विकास को बढ़ावा देने और उन्हें सुंदर बनाने में मदद करता है। मास्क बनाने के लिए एलोवेरा और दही को मिलाकर बालों और स्कैल्प पर लगाया जाता है। एलोवेरा बालों को नुकसान से बचाने और दही बालों को मजबूत और चमकदार बनाने में मदद करता है। यह मास्क सभी उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त है और बालों के विकास को प्रोत्साहित करने का एक प्राकृतिक तरीका है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:15:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बालों की ग्रोथ, हेयर मास्क, एलोवेरा, दही, घरेलू नुस्खा, होम्योपैथी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[यदि आप अपने बालों के पतले, रूखे और बेजान होने से परेशान हैं, और आपके बालों की ग्रोथ धीमी हो गई है, तो होम्योपैथी डॉक्टर राजू राम द्वारा बताए गए उपाय को अपनाना चाहिए। आज हम आपको उनके द्वारा बताए गए एक प्रभावी हेयर मास्क के बारे में बताएँगे, जो बालों के विकास को बढ़ावा देगा और उन्हें सुंदर बनाएगा।<br><br>हर महिला लंबे और घने बाल चाहती है, जबकि पुरुष चाहते हैं कि बढ़ती उम्र में भी उनके बाल बने रहें और गंजापन न हो। इसके लिए, हम सभी संभव प्रयास करते हैं और विभिन्न प्रकार के हेयर ग्रोथ उत्पादों का उपयोग करते हैं, जो हमारी स्कैल्प को नुकसान पहुंचा सकते हैं।<br><br>रासायनिक उत्पादों का उपयोग करने के बजाय, होम्योपैथी डॉक्टर राजू राम गोयल द्वारा बताए गए उपाय को अपनाना बेहतर है। यह पूरी तरह से प्राकृतिक है और बालों के विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्कैल्प को साफ करने में भी मदद करता है। आइए, हम आपको डॉक्टर गोयल द्वारा बताए गए हेयर मास्क को बनाने की विधि बताते हैं, ताकि आप भी अपने पतले और रूखे बालों को मजबूती से बढ़ा सकें।<br><br>बालों की ग्रोथ क्यों रुक जाती है?<br><br>कई बार ऐसा होता है कि कुछ लोगों के बालों की ग्रोथ धीमी हो जाती है या वे बढ़ना बंद कर देते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे तनाव, खराब जीवनशैली और स्कैल्प से संबंधित समस्याएँ। लेकिन सबसे बड़ा कारण है बालों को सही मात्रा में पोषण न मिलना।<br><br>इसलिए, होम्योपैथी डॉक्टर द्वारा बताए गए उपाय से आप अपने बालों में पोषण की कमी को पूरा कर सकते हैं। आइए, इसे बनाने और उपयोग करने का तरीका जानते हैं।<br><br>हेयर मास्क बनाने के लिए आपको क्या चाहिए?<br><br>*   एलोवेरा - 4 चम्मच<br>*   दही - 4 चम्मच<br><br>**नोट:** बताई गई सामग्री को आप अपने बालों की लंबाई के अनुसार बढ़ा या घटा सकते हैं। डॉक्टर ने सामग्री की मात्रा का उल्लेख नहीं किया है, इसलिए हमने दोनों सामग्री को बराबर मात्रा में लिया है।<br><br>नुस्खा कैसे तैयार करें?<br><br>*   सबसे पहले, एक कटोरा लें और उसमें बराबर मात्रा में दही और एलोवेरा जेल डालकर अच्छी तरह मिला लें।<br>*   लीजिए, बालों के लिए फायदेमंद हेयर मास्क दो चीजों से तैयार है।<br>*   इसे अपने बालों और स्कैल्प पर अच्छी तरह से लगाएँ और 30 मिनट तक सूखने दें।<br>*   समय पूरा होने के बाद, अपने बालों को धो लें और फिर देखें कि लगातार इसका उपयोग करने पर आपके बालों की ग्रोथ कैसे बढ़ने लगती है।<br>*   डॉक्टर ने कहा कि हर उम्र के लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, खासकर कम उम्र के लोगों के लिए यह अधिक फायदेमंद हो सकता है।<br><br>बालों पर एलोवेरा लगाने के फायदे<br><br>एलोवेरा हमारे बालों से जुड़ी कई समस्याओं को ठीक करने में फायदेमंद होता है, जिसमें बालों का डैमेज, बालों का झड़ना, स्प्लिट एंड्स और डैंड्रफ जैसी हेयर प्रॉब्लम्स शामिल हैं। साथ ही, यह हवा में मौजूद हानिकारक कणों से बालों को बचाने का काम करता है।<br><br>बालों पर दही लगाने से क्या होता है?<br><br>दही में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी5, विटामिन डी और पोटेशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे बालों को मजबूत बनाने, चमकदार बनाने और टूटने से रोकने में मदद करते हैं। इसके अलावा, दही हमारी स्कैल्प से गंदगी को साफ करने में मदद करता है और हेयर फॉलिकल्स को भी क्लीन रखने का काम करता है।]]> </content:encoded>
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<title>शुगर कंट्रोल: श्वेता शाह का 7+7+7 जूस फॉर्मूला</title>
<link>https://pratinidhi.in/shweta-shah-juice-recipe-for-blood-sugar-control</link>
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<description><![CDATA[ आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने हाई शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए एक आसान जूस की रेसिपी बताई है। इस जूस को बनाने के लिए बेल पत्ते, कड़ी पत्ते और इटैलियन बेजल को 7+7+7 की मात्रा में लेकर पीस लें। इस जूस को खाली पेट पीने से शुगर लेवल कंट्रोल में मदद मिलती है। इसके अलावा, कवासिया विजय सरी वुड को रात भर पानी में भिगोकर सुबह उस पानी को पीने से भी शुगर कंट्रोल होता है। यह जानकारी न्यूट्रिशनिस्ट के सुझावों पर आधारित है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:15:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>शुगर कंट्रोल, आयुर्वेदिक जूस, श्वेता शाह, 7+7+7 फॉर्मूला, डायबिटीज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>शुगर कंट्रोल के लिए श्वेता शाह का खास जूस: 7+7+7 फॉर्मूला</strong><br><br>आयुर्वेदिक न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने हाई शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए एक आसान तरीका बताया है। उन्होंने एक खास जूस की रेसिपी शेयर की है, जिसे बनाना और सेवन करना बेहद आसान है।<br><br>आजकल डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण गलत लाइफस्टाइल और डाइट है। श्वेता शाह ने इस समस्या को दूर करने के लिए एक जूस का सुझाव दिया है।<br><br>स्पीकिंग ट्री को दिए इंटरव्यू में श्वेता ने बताया कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह जूस एक कारगर उपाय है। इस जूस को बनाने के लिए बेल पत्ते, कड़ी पत्ते और इटैलियन बेजल (तुलसी नहीं) की जरूरत होती है।<br><br>इन पत्तों को 7+7+7 की मात्रा में लें। अगर शुगर लेवल ज्यादा है तो पत्तों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। पत्तों को पीसकर जूस बनाएं और खाली पेट पिएं। श्वेता शाह के अनुसार, इससे शुगर लेवल काफी हद तक कंट्रोल में आ सकता है।<br><br>इसके अलावा, श्वेता ने कवासिया विजय सरी वुड को रात भर पानी में भिगोकर सुबह उस पानी को पीने की सलाह दी है। यह उपाय भी शुगर कंट्रोल करने में सहायक है।<br><br><strong>डिस्क्लेमर:</strong> इस लेख में दी गई जानकारी न्यूट्रिशनिस्ट के नुस्खों पर आधारित है। एनबीटी इसकी सटीकता की गारंटी नहीं लेता।]]> </content:encoded>
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<title>नींबू पानी: 8 फायदे और स्वास्थ्य लाभ</title>
<link>https://pratinidhi.in/lemon-water-8-health-benefits</link>
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<description><![CDATA[ नींबू पानी एक सरल और प्रभावी उपाय है जो ताजगी देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाता है। इसके फायदे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने, वजन कम करने, त्वचा को ग्लोइंग बनाने, इम्युनिटी को मजबूत करने, शरीर को डिटॉक्स करने, हृदय को स्वस्थ रखने, किडनी स्टोन से बचाने और सांसों की बदबू को दूर करने में शामिल हैं। इसे बनाना भी आसान है: एक गिलास पानी में नींबू का रस मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:15:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नींबू पानी, स्वास्थ्य, फिटनेस, डिटॉक्स, इम्युनिटी, पाचन, त्वचा, किडनी स्टोन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[नींबू पानी: 8 स्वास्थ्य लाभ<br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहना एक चुनौती है। ऐसे में नींबू पानी एक सरल और प्रभावी उपाय है। यह न केवल ताजगी देता है, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाता है। नींबू पानी पीने के कई फायदे हैं, जिनमें पाचन तंत्र को दुरुस्त रखना, वजन कम करना, त्वचा को ग्लोइंग बनाना, इम्युनिटी को मजबूत करना, शरीर को डिटॉक्स करना, हृदय को स्वस्थ रखना, किडनी स्टोन से बचाना और सांसों की बदबू को दूर करना शामिल है।<br><br><b>पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त:</b><br>नींबू में साइट्रस एसिड होता है, जो पेट के एसिड को बैलेंस करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। यह पेट को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और भारीपन जैसी समस्याएं दूर होती हैं।<br><br><b>वजन कम करने में मददगार:</b><br>नींबू में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं, जिससे शरीर तेजी से फैट बर्न करता है। इसके अलावा, नींबू पानी पाचन को भी सुधारता है, जिससे पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है।<br><br><b>त्वचा को बनाए ग्लोइंग और जवां:</b><br>नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को अंदर से साफ करते हैं और झुर्रियों, दाग-धब्बों को कम करते हैं। यह त्वचा की कोशिकाओं को रिपेयर करने में मदद करता है, जिससे आपकी स्किन हमेशा जवां और हेल्दी बनी रहती है।<br><br><b>इम्युनिटी को बनाए मजबूत:</b><br>नींबू पानी पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। नींबू में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं और आपको हेल्दी बनाए रखते हैं।<br><br><b>शरीर को करे डिटॉक्स:</b><br>नींबू पानी पीने से शरीर प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स होता है और लिवर को साफ करने में मदद मिलती है। यह बॉडी को हाइड्रेटेड रखता है और आपको दिनभर फ्रेश और एनर्जेटिक महसूस करवाता है।<br><br><b>हार्ट को हेल्दी रखे:</b><br>नींबू में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कंट्रोल में रखते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर भी संतुलित रहता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।<br><br><b>किडनी स्टोन से बचाए:</b><br>नींबू में साइट्रिक एसिड होता है, जो किडनी में जमा होने वाले कैल्शियम डिपॉजिट को घोलने में मदद करता है। इससे पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है और अगर पहले से पथरी है, तो उसे धीरे-धीरे बाहर निकालने में भी मदद मिलती है।<br><br><b>सांसों की बदबू दूर करे:</b><br>नींबू का एसिड मुंह में बैक्टीरिया को खत्म करता है, जिससे सांसें ताजा बनी रहती हैं। साथ ही, यह दांतों और मसूड़ों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है।<br><br><b>कैसे बनाएं हेल्दी नींबू पानी:</b><br>एक गिलास गुनगुने या सामान्य पानी में ½ या 1 नींबू का रस मिलाएं। स्वाद के लिए 1 चुटकी काला नमक या 1 चम्मच शहद मिला सकते हैं। इसे सुबह खाली पेट पीना सबसे अच्छा होता है।]]> </content:encoded>
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<title>दिमाग तेज करने के 6 आसान तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/6-easy-ways-to-boost-brain-power-in-the-morning</link>
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<description><![CDATA[ अगर आपका दिमाग कमजोर है और याद करने की क्षमता भी कम है, तो आपको अपने लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव करना चाहिए। रोजाना सुबह कुछ काम करके आप अपनी ब्रेन पावर बूस्ट कर सकते हैं।गहरी सांस लेना, आँखों की एक्सरसाइज, याददाश्त बढ़ाने का अभ्यास, माइंडफुल मेडिटेशन, जोर से पढ़ना और चलना या स्ट्रेचिंग जैसे काम करके आप अपनी ब्रेन पावर बूस्ट कर सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:15:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दिमाग तेज, याददाश्त, ब्रेन पावर, लाइफस्टाइल, मेडिटेशन, एक्सरसाइज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>यदि आपका मस्तिष्क कमजोर महसूस होता है और स्मरण शक्ति कम हो रही है, तो आपको अपनी जीवनशैली में कुछ परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। प्रतिदिन सुबह कुछ गतिविधियाँ करके, आप अपनी मानसिक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।</p><br><br><p><strong>गहरी सांस लेने का अभ्यास (2 मिनट):</strong> शांत होकर बैठें, अपनी आँखें बंद करें, और नाक के माध्यम से 4 सेकंड तक गहरी सांस लें। सांस को 4 सेकंड तक रोककर रखें, और फिर 6 सेकंड तक मुंह से धीरे-धीरे छोड़ें। यह क्रिया मस्तिष्क को ऑक्सीजन प्रदान करती है, तनाव को कम करती है, और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को बढ़ाती है।</p><br><br><p><strong>आँखों का व्यायाम (2 मिनट):</strong> अपने सिर को स्थिर रखते हुए, केवल अपनी आँखों को दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाएँ। इसके बाद, आँखों को गोलाकार घुमाने का अभ्यास करें। यह व्यायाम आँखों की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है, कंप्यूटर स्क्रीन से होने वाली थकान को कम करता है, और दृश्य स्मृति को बेहतर बनाता है।</p><br><br><p><strong>स्मरण शक्ति बढ़ाने का अभ्यास (3 मिनट):</strong> अपनी सुबह के नाश्ते, पिछली दिन की बातचीत, या बीते दिन की सफलताओं को याद करने का प्रयास करें। कुछ कठिन शब्दों को लिखें, और फिर 1 मिनट के बाद उन्हें फिर से याद करने की कोशिश करें। यह अभ्यास अल्पकालिक स्मृति और प्रतिक्रिया समय को सुधारता है।</p><br><br><p><strong>माइंडफुल मेडिटेशन (5 मिनट):</strong> एक शांत जगह पर बैठें, अपनी आँखें बंद करें, और अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करें। अपने विचारों को बिना किसी निर्णय के अपने मन से गुजरने दें। यह तकनीक ध्यान केंद्रित करने, तनाव को कम करने, और मानसिक स्पष्टता को बढ़ाने में सहायक होती है।</p><br><br><p><strong>जोर से पढ़ना और चलना या स्ट्रेचिंग (कुल 9 मिनट):</strong> किसी पुस्तक, समाचार पत्र, या पत्रिका के किसी भाग को जोर से पढ़ें। यह स्मरण शक्ति, उच्चारण, और सोचने की गति को बढ़ाता है। इसके साथ ही, हल्का टहलें या स्ट्रेचिंग करें, और अपने शरीर की प्रत्येक गतिविधि पर ध्यान केंद्रित करें। यह मानसिक और शारीरिक सतर्कता को बढ़ाता है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>खाना खाने के बाद गैस? जीरा चबाएं, तुरंत आराम पाएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/gas-problem-after-eating-chew-cumin-seeds-for-instant-relief</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख खाना खाने के बाद गैस और पेट दर्द से राहत पाने के लिए जीरा चबाने के फायदों पर चर्चा करता है। जीरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो पेट में सूजन और दर्द को कम करते हैं। यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, रक्तचाप को नियंत्रित करने और आंतों को साफ करने में भी मदद करता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:13:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>gas, pet dard, jeera, pachan, blood pressure</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>खाना खाने के बाद गैस की समस्या: जीरा है रामबाण इलाज</strong><br><br>लगभग हर कोई खाना खाने के बाद गैस की समस्या से परेशान रहता है। कई लोगों को खाना खाने के तुरंत बाद पेट में गैस बनने की शिकायत होती है, जिससे पेट फूलने लगता है। यह एक गंभीर समस्या है जो व्यक्ति को पूरी तरह से परेशान कर देती है। कई बार महंगी दवाएं खाने के बाद भी आराम नहीं मिलता, लेकिन आयुर्वेद में इसका इलाज है। अगर आपको भी खाना खाने के बाद गैस बनने की शिकायत रहती है, तो जीरा चबाना एक कारगर उपाय हो सकता है। जीरा पेट के लिए एक रामबाण मसाले के रूप में काम करता है।<br><br><strong>जीरा के फायदे:</strong><br><br><strong>गैस और पेट दर्द में राहत:</strong> जीरा गैस और पेट दर्द को कम करने में मदद करता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो पेट में सूजन और दर्द को कम करते हैं। यह अपच, गैस, पेट दर्द और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में भी उपयोगी है।<br><br><strong>पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है:</strong> जीरा पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाने और कब्ज, गैस और अन्य पाचन समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं।<br><br><strong>ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है:</strong> जीरा ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं।<br><br><strong>आंतों को साफ करता है:</strong> जीरा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो रक्त में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकालने और आंतों को साफ करने में मदद करता है।<br><br><strong>इस्तेमाल का तरीका:</strong> खाना खाने के बाद एक चम्मच जीरा मुंह में लेकर चबाएं। इससे खाना जल्दी पचेगा और पेट में बनने वाली गैस से राहत मिलेगी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मिट्टी या घास: किस पर चलना है बेहतर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/mitti-ya-ghas-kis-par-chalna-hai-behtar</link>
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<description><![CDATA[ आजकल लोग फिटनेस को लेकर काफी सजग हैं और वॉकिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। मिट्टी पर चलना एक बेहतरीन वर्कआउट है, क्योंकि इसकी असमान सतह के कारण शरीर को संतुलन बनाए रखने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे मसल्स एक्टिव होते हैं और कैलोरी बर्न होती है। घास पर चलना आरामदायक होता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मानसिक शांति मिलती है। रिलैक्स करने के लिए घास पर चलना बेहतर है, जबकि कैलोरी बर्न करने के लिए मिट्टी पर चलना अच्छा है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:13:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>walking, exercise, calories, fitness, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>फिटनेस के लिए मिट्टी या घास पर चलना: क्या है बेहतर?</strong><br><br>आजकल लोग फिटनेस को लेकर काफी सजग हैं और वॉकिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मिट्टी पर चलना ज्यादा फायदेमंद है या घास पर? किस सतह पर चलने से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है?<br><br>अगर आप वजन घटाने या फिट रहने के लिए रोजाना वॉक करते हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि किस सतह पर चलने से आपको ज्यादा फायदा मिलता है। बहुत से लोग सुबह-सुबह पार्क में नंगे पैर घास पर टहलते हैं, तो कुछ मिट्टी के रास्तों पर चलना पसंद करते हैं। दोनों के अपने फायदे हैं।<br><br><strong>मिट्टी पर चलने के फायदे</strong><br><br>मिट्टी पर चलना एक बेहतरीन वर्कआउट है। मिट्टी की सतह थोड़ी असमान होती है, जिससे शरीर को संतुलन बनाए रखने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे मसल्स ज्यादा एक्टिव होते हैं और ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। मिट्टी पर 30 मिनट तक चलने से लगभग 150-180 कैलोरी बर्न होती है।<br><br><strong>घास पर चलने के फायदे</strong><br><br>घास पर चलना आरामदायक होता है। नंगे पैर घास पर चलने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और मानसिक शांति मिलती है। घास पर 30 मिनट तक चलने से लगभग 120-150 कैलोरी बर्न होती है।<br><br><strong>क्या है बेहतर?</strong><br><br>अगर आप रिलैक्स करना चाहते हैं, तो घास पर चलना बेहतर है। वहीं, अगर आप ज्यादा कैलोरी बर्न करना चाहते हैं, तो मिट्टी पर चलना अच्छा विकल्प है। आप चाहें तो दोनों को मिलाकर भी कर सकते हैं। हफ्ते में कुछ दिन मिट्टी पर और कुछ दिन घास पर चलें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चिया सीड्स और नींबू: पेट की चर्बी कम करने का अचूक उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/chia-seeds-and-lemon-an-effective-remedy-to-reduce-belly-fat</link>
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<description><![CDATA[ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खानपान की वजह से ज्यादातर लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं। अगर आप चिया सीड्स को नींबू के साथ मिलाकर पीते हैं, तो वजन घटाने में काफी मदद मिल सकती है। चिया सीड्स पेट की चर्बी को कम करने में सहायक होते हैं। इनमें फाइबर और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो पेट को भरा हुआ महसूस कराती है और भूख को कम करती है। नींबू को भी फैट कटर के रूप में जाना जाता है। इसलिए, इन दोनों का मिश्रण पेट की चर्बी को कम करने में बहुत मददगार साबित होता है। यदि आप चिया सीड्स का सेवन नींबू के साथ एक महीने तक करते हैं, तो आपको इसका परिणाम बहुत जल्दी देखने को मिलेगा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:13:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Chia Seeds, Weight Loss, Belly Fat, Lemon, Fiber, Protein, Metabolism</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। <b>Chia Seeds Benefit:</b> आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खानपान की वजह से ज्यादातर लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि हर चौथा व्यक्ति मोटापे से परेशान है, क्योंकि लोग फास्ट फूड का ज्यादा सेवन कर रहे हैं और स्वस्थ भोजन को छोड़ रहे हैं। अगर आप चिया सीड्स को नींबू के साथ मिलाकर पीते हैं, तो वजन घटाने में काफी मदद मिल सकती है।<br><br><b>1. पेट की चर्बी होगी कम:</b><br>चिया सीड्स पेट की चर्बी को कम करने में सहायक होते हैं। इनमें फाइबर और प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है, जो पेट को भरा हुआ महसूस कराती है और भूख को कम करती है। नींबू को भी फैट कटर के रूप में जाना जाता है। इसलिए, इन दोनों का मिश्रण पेट की चर्बी को कम करने में बहुत मददगार साबित होता है और तेजी से पेट की चर्बी घटाता है।<br><br><b>2. वजन कम करने में मददगार:</b><br>चिया सीड्स वजन घटाने में भी मदद करते हैं। इनमें फाइबर और प्रोटीन होता है, जो पेट को भरा रखता है और भूख को नियंत्रित करता है। चिया सीड्स पाचन तंत्र को सुधारने में भी मदद करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज, गैस और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है।<br><br><b>3. एक महीने में मिलेगा आराम:</b><br>यदि आप चिया सीड्स का सेवन नींबू के साथ एक महीने तक करते हैं, तो आपको इसका परिणाम बहुत जल्दी देखने को मिलेगा। इसमें पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करता है। चिया सीड्स त्वचा को निखारने में भी काफी मदद करते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो त्वचा में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गेहूं के आटे को बनाएं शुगर फ्रेंडली: आसान उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-make-wheat-flour-sugar-friendly-easy-tips</link>
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<description><![CDATA[ गेहूं के आटे की रोटी को अक्सर ब्लड शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदायक माना जाता है, और मोटापे से ग्रस्त लोगों को भी इससे बचने की सलाह दी जाती है। लेकिन, कुछ घरेलू नुस्खों के माध्यम से गेहूं की रोटी को बिना किसी चिंता के खाया जा सकता है। मेथी दाना, अजवाइन, और अलसी जैसे प्राकृतिक औषधियों को आटे में मिलाकर खाने से शुगर के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है। इन सामग्रियों में फाइबर और प्रोटीन की मौजूदगी रक्त शर्करा को कंट्रोल करने में मदद करती है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:13:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गेहूं का आटा, शुगर कंट्रोल, मेथी दाना, अजवाइन, अलसी, घरेलू नुस्खे</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> गेहूं के आटे की रोटी को ब्लड शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदायक माना जाता है। मोटापे से परेशान लोगों को भी इससे परहेज करने की सलाह दी जाती है। लेकिन, कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाकर गेहूं की रोटी को टेंशन फ्री होकर खाया जा सकता है।<br><br><strong>1. मेथी दाना:</strong> मेथी दाना एक प्राकृतिक औषधि है, जो शुगर को कंट्रोल करने में सहायक है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है, जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है। मेथी दाना को पीसकर आटे में मिलाकर रोटी खाने से शुगर को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।<br><br><strong>2. अजवाइन:</strong> अजवाइन भी एक प्राकृतिक औषधि है और शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में सहायक है। अजवाइन के बीजों को गेहूं के साथ पिसवाकर रोटी बनाई जा सकती है।<br><br><strong>3. अलसी:</strong> अलसी भी एक प्राकृतिक औषधि है, जो शुगर को कंट्रोल करने में मदद करती है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है, जो रक्त में शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मददगार है। इन तीनों चीजों को गेहूं के आटे में मिलाकर शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।<br><br><strong>4. इस्तेमाल का तरीका:</strong> गेहूं पिसवाने के दौरान इन तीनों चीजों को मिलाकर पिसवा सकते हैं। या फिर, घर में पीसकर आटा गूंथने के दौरान भी मिला सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आलिया भट्ट की पसंदीदा पास्ता रेसिपी: एक स्वादिष्ट अनुभव</title>
<link>https://pratinidhi.in/alia-bhatt-shares-mac-and-cheese-pasta-recipe-by-her-mother</link>
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<description><![CDATA[ आलिया भट्ट ने अपने 32वें जन्मदिन पर अपनी मां सोनी राजदान की पसंदीदा मैक एंड चीज पास्ता रेसिपी साझा की। उन्होंने अपनी मां के किचन की झलक दिखाई और रेसिपी के बारे में बताया। पास्ता बनाते समय व्हिस्क टूटने की वजह से आलिया ने व्हिस्क पकड़ने का सही तरीका भी बताया। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:13:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आलिया भट्ट, सोनी राजदान, मैक एंड चीज पास्ता, रेसिपी, बॉलीवुड, सेलिब्रिटी कुकिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आलिया भट्ट, जिनका आज 32वां जन्मदिन है, ने हाल ही में अपनी मां सोनी राजदान की पसंदीदा मैक एंड चीज पास्ता रेसिपी साझा की। उन्होंने एक वीडियो में अपनी मां के किचन की झलक दिखाई और बताया कि कैसे उनकी मां बहुत स्वादिष्ट खाना बनाती हैं। आलिया ने कहा कि वह अपनी मां से खाना बनाना सीखती हैं, खासकर अपनी बेटी राहा के लिए।<br><br>मैक एंड चीज पास्ता बनाने के लिए आवश्यक सामग्री में पास्ता, दूध, बटर, मैदा, चीज, गोल्डन ब्राउन शुगर और ओरिगैनो शामिल हैं।<br><br>इस रेसिपी में, पहले पास्ता को उबालकर अलग रख लें। फिर, एक पैन में बटर और मैदा डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि यह चिपके नहीं। दूध डालकर चलाते रहें, और जब सॉस चिकना हो जाए तो उसमें चीज मिलाएं। ओरिगैनो डालकर पास्ता मिलाएं और थोड़ी देर पकाएं। फिर, इसे बेकिंग ट्रे में डालकर ऊपर से चीज डालकर सुनहरा भूरा होने तक बेक करें।<br><br>आलिया ने पास्ता बनाते समय व्हिस्क को ऊपर से पकड़ा था, जिसके कारण वह टूट गया। व्हिस्क को हमेशा बीच से पकड़ना चाहिए और एक उंगली नीचे की ओर रखनी चाहिए ताकि बेहतर नियंत्रण रहे।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>कोल्ड ड्रिंक्स से खतरा: मुंह के कैंसर का रिस्क</title>
<link>https://pratinidhi.in/cold-drinks-increase-risk-oral-cancer</link>
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<description><![CDATA[ एक नए अध्ययन में पाया गया है कि मीठे पेय पदार्थों का सेवन करने से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, खासकर महिलाओं में। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के अनुसार, रोजाना मीठे पेय पीने वाली महिलाओं में ओरल कैंसर का खतरा पांच गुना तक बढ़ जाता है। यह अध्ययन &#039;जामा ओटोलैरींगोलॉजी-हेड एंड नेक सर्जरी&#039; में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने पाया कि शुगर-युक्त पेय पदार्थों का संबंध पहली बार सिर और गले के कैंसर से जुड़ा है। बचाव के लिए, शोधकर्ताओं ने मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करने की सलाह दी है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:11:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>oral cancer, sugary drinks, women&#039;s health, cancer risk, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि कोल्ड ड्रिंक्स जैसे मीठे पेय पदार्थों का सेवन करने से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, रोजाना मीठे पेय पीने वाली महिलाओं में ओरल कैंसर का खतरा पांच गुना तक बढ़ जाता है।<br><br>यह अध्ययन 'जामा ओटोलैरींगोलॉजी-हेड एंड नेक सर्जरी' में प्रकाशित हुआ है। इसमें पाया गया कि युवा लोगों में, विशेष रूप से जो धूम्रपान और शराब नहीं पीते हैं, उनमें भी मुंह के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। पहले, यह बीमारी तंबाकू, शराब या सुपारी खाने वाले बुजुर्ग पुरुषों में आम थी।<br><br>शोधकर्ताओं ने पाया कि शुगर-युक्त पेय पदार्थों का संबंध पहली बार सिर और गले के कैंसर से जुड़ा है। जिन महिलाओं में ओरल कैंसर का कोई ज्ञात जोखिम नहीं था, उनमें भी मीठे पेय पदार्थों के अधिक सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ गया।<br><br>साल 2020 में, ओरल कैंसर के 3,55,000 से अधिक नए मामले सामने आए, जिनमें से 1,77,000 लोगों की जान चली गई। युवा, गैर-धूम्रपान करने वाली महिलाओं में यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है, जिसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है। यह वृद्धि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण से भी संबंधित नहीं है।<br><br>अध्ययन की प्रमुख लेखिका डॉ. ब्रिटनी बार्बर ने बताया कि ओरल कैंसर ब्रेस्ट या आंत के कैंसर से कम आम है, लेकिन गैर-धूम्रपान करने वाली महिलाओं में इसके मामले बढ़ रहे हैं।<br><br>बचाव के लिए, शोधकर्ताओं ने मीठे पेय पदार्थों का सेवन कम करने, नियमित रूप से मुंह की जांच कराने, संतुलित आहार लेने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।]]> </content:encoded>
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<title>दही: नाश्ते में एक कटोरी, सेहत के लिए अनेक फायदे</title>
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<description><![CDATA[ सुबह नाश्ते में दही खाने से पाचन क्रिया दुरुस्त होती है और पेट संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। यह इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है, दिल को सेहतमंद रखता है, हाई बीपी को कंट्रोल करता है और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाता है। दही में प्रोबायोटिक्स, विटामिन सी, ई और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हैं। यह वजन कम करने में भी सहायक है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:09:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दही, नाश्ता, सेहत, पाचन, इम्यूनिटी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सुबह नाश्ते में एक कटोरी दही का सेवन करने से सेहत को कई फायदे मिलते हैं। दही पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है और पेट संबंधी समस्याओं को दूर करता है। <strong>दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो पाचन क्रिया को सुधारते हैं।</strong><br><br><strong>इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है दही</strong>। इसमें विटामिन सी और ई होता है, जो शरीर को संक्रमणों से लड़ने में मदद करते हैं।<br><br>दही दिल को सेहतमंद बनाता है और हाई बीपी को कंट्रोल करने में मददगार है। <strong>दही त्वचा के लिए भी फायदेमंद है</strong>, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं।<br><br>यह वजन कम करने में भी सहायक है, क्योंकि इसमें प्रोटीन और फाइबर होता है, जो पेट को भरा रखता है और भूख को कम करता है।]]> </content:encoded>
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<title>फ्लाइट में सीट अपग्रेड: इकोनॉमी के पैसों में फर्स्ट क्लास का सफर</title>
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<description><![CDATA[ हर कोई आरामदायक यात्रा चाहता है, खासकर फर्स्ट क्लास में, लेकिन यह महंगा होता है। कुछ टिप्स से आप बिना पैसे खर्च किए सीट अपग्रेड करवा सकते हैं। फ्लाइट अटेंडेंट्स के साथ अच्छा व्यवहार करें, विनम्र रहें, धैर्य दिखाएं, उनकी मेहनत की सराहना करें, बातचीत करें, मदद करें, और सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करें। सीट अपग्रेड की गारंटी नहीं है और यह फ्लाइट लैंड होने से पहले होता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:09:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फर्स्ट क्लास, फ्लाइट अपग्रेड, हवाई यात्रा, फ्लाइट अटेंडेंट्स, सफर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हर कोई चाहता है कि यात्रा आरामदायक हो, और फर्स्ट क्लास में यात्रा करना सबसे आरामदायक होता है। हालांकि, फर्स्ट क्लास का टिकट महंगा होता है, लेकिन कुछ टिप्स की मदद से आप बिना अधिक पैसे खर्च किए अपनी सीट को फर्स्ट क्लास में अपग्रेड करवा सकते हैं।</p><br><p>फ्लाइट अटेंडेंट्स हवाई यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का ध्यान रखते हैं। फ्लाइट अटेंडेंट्स के साथ अच्छा व्यवहार करके और उनके प्रति आभार व्यक्त करके आप फर्स्ट क्लास में सीट अपग्रेड करवा सकते हैं।</p><br><p><strong>फ्लाइट अटेंडेंट्स के साथ सीट अपग्रेड करवाने के कुछ टिप्स:</strong></p><br><ul><li><strong>विनम्रता और सम्मान:</strong> फ्लाइट अटेंडेंट्स के साथ हमेशा विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करें।</li><li><strong>धैर्य और समझदारी:</strong> यदि आपको कुछ चाहिए तो धैर्य रखें और उनके काम में बाधा न डालें।</li><li><strong>सराहना:</strong> फ्लाइट अटेंडेंट्स की मेहनत और सेवा की सराहना करें।</li><li><strong>बातचीत:</strong> फ्लाइट अटेंडेंट्स के साथ छोटी-छोटी बातचीत करें।</li><li><strong>मदद:</strong> यदि आप देखें कि फ्लाइट अटेंडेंट्स किसी मुश्किल में हैं, तो उनकी मदद करने की कोशिश करें।</li><li><strong>नाम लेकर बुलाएं:</strong> फ्लाइट अटेंडेंट्स को उनके नाम से बुलाएं।</li><li><strong>सोशल मीडिया पर सराहना:</strong> फ्लाइट अटेंडेंट्स की सेवा से खुश हैं, तो सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ करें।</li></ul><br><p>यह ध्यान रखें कि सीट अपग्रेड की गारंटी नहीं है। यदि फ्लाइट में सीट खाली नहीं है, तो फ्लाइट अटेंडेंट चाहकर भी आपकी सीट अपग्रेड नहीं कर पाएंगे। सीट अपग्रेड ज्यादातर फ्लाइट लैंड होने से पहले होते हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>कैटरीना को छोड़ विक्की की साली पर टिकी नजर</title>
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<description><![CDATA[ होली के उत्सव में कैटरीना कैफ की बहन इसाबेल कैफ ने अपने स्टाइल से सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने सफेद शर्ट और जींस पहनी थी, जिसमें वह बहुत खूबसूरत लग रही थीं। कैटरीना कैफ ने भी एक मिनी ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह सुंदर दिख रही थीं। विक्की कौशल और उनके भाई सन्नी कौशल भी सफेद टी-शर्ट और जींस में स्मार्ट लग रहे थे। इसाबेल कैफ ने कैटरीना कैफ को भी मात दे दी। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:14:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Katrina Kaif, Vicky Kaushal, Isabelle Kaif, Holi, Bollywood, Fashion, Lifestyle, White Shirt, Celebration</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>कैटरीना कैफ</strong> की बहन <strong>इसाबेल कैफ</strong> ने होली के दौरान अपनी खूबसूरती और स्टाइल से सबका ध्यान खींचा। वह <strong>विक्की कौशल</strong> के साथ होली मनाती हुई बेहद आकर्षक लग रही थीं।<br><br>बॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुकीं <strong>कैटरीना कैफ</strong> के ससुराल में इसाबेल ने सफेद रंग की शर्ट और जींस पहनी थी, जिसमें वह बहुत खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने कम से कम एक्सेसरीज का इस्तेमाल किया था, जिससे उनका लुक और भी निखर रहा था।<br><br><strong>कटरीना कैफ</strong> ने rixo ब्रांड की एक मिनी ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह हमेशा की तरह सुंदर दिख रही थीं। वहीं, <strong>विक्की कौशल</strong> और उनके भाई <strong>सन्नी कौशल</strong> भी सफेद टी-शर्ट और जींस में स्मार्ट लग रहे थे।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>रागी की रोटी: शुगर कंट्रोल और वजन घटाने में मददगार</title>
<link>https://pratinidhi.in/start-eating-ragi-flour-roti-to-control-sugar-and-help-in-weight-loss</link>
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<description><![CDATA[ रागी का आटा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यदि आपको गेहूं की रोटी से परेशानी हो रही है, तो रागी के आटे की रोटी खाना शुरू कर दें। यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा। रागी का आटा शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह वजन कम करने में भी मदद करता है क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है, जो पेट को भरा रखता है और भूख को कम करता है। रागी का आटा पाचन तंत्र को सुधारने में भी मदद करता है क्योंकि इसमें फाइबर होता है। रागी के आटे से पेट साफ होता है तो यह त्वचा में भी निखार लाता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:14:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रागी का आटा, शुगर कंट्रोल, वजन कम करना, पाचन तंत्र, त्वचा, स्वास्थ्य लाभ, गेहूं की रोटी, फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[रागी का आटा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यदि आपको गेहूं की रोटी से परेशानी हो रही है, तो रागी के आटे की रोटी खाना शुरू कर दें। यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होगा। रागी का आटा शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है, जो रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह वजन कम करने में भी मदद करता है क्योंकि इसमें फाइबर और प्रोटीन होता है, जो पेट को भरा रखता है और भूख को कम करता है। रागी का आटा पाचन तंत्र को सुधारने में भी मदद करता है क्योंकि इसमें फाइबर होता है, जो पाचन में सुधार करता है और कब्ज, गैस और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है। इसके अलावा, रागी का आटा त्वचा को सुधारने में मदद करता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो त्वचा में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करते हैं और त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं।
गेहूं की रोटी ब्लड शुगर के मरीजों के लिए अच्छी नहीं होती है। गेहूं ब्लड शुगर बढ़ाता है। इसके साथ ही मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी गेहूं का आटा ठीक नहीं रहता है। ऐसे में रागी का आटा आपकी सेहत के लिए बहुत अच्छा है। यह एक पौष्टिक आटा है जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। रागी के आटे से पेट साफ होता है तो यह त्वचा में भी निखार लाता है।]]> </content:encoded>
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<title>2:2:1 वॉकिंग रूल: फिट रहने और वजन कम करने का तरीका</title>
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<description><![CDATA[ 2:2:1 वॉकिंग नियम एक सरल और प्रभावी तरीका है जो 2 मिनट की तेज चाल, 2 मिनट की जॉगिंग और 1 मिनट की सामान्य चाल का एक चक्र है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, कैलोरी बर्न करता है, वजन घटाने में मदद करता है, हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है, और मूड को बेहतर बनाता है और तनाव कम करता है। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अच्छा है, और सही फुटवियर पहनना और व्यायाम करने से पहले और बाद में पानी पीना इसे और असरदार बना सकता है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:14:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>walking, weight loss, fitness, health, exercise, jogging, brisk walk, metabolism</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>फिट रहने और वजन घटाने के लिए 2:2:1 वॉकिंग नियम</strong><br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, हर कोई फिट और स्वस्थ रहना चाहता है। लेकिन, व्यस्त जीवनशैली के कारण, लोगों के पास जिम जाने या भारी व्यायाम करने का समय नहीं होता है। ऐसे में, 2:2:1 वॉकिंग नियम एक सरल और प्रभावी तरीका है जिससे आप आसानी से वजन कम कर सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।<br><br><strong>क्या है 2:2:1 वॉकिंग नियम?</strong><br><br>यह नियम 2 मिनट की तेज चाल (ब्रिस्क वॉक), 2 मिनट की जॉगिंग और 1 मिनट की सामान्य चाल का एक चक्र है। इस चक्र को बार-बार दोहराया जाता है। डॉ. अखिलेश यादव के अनुसार, यह तकनीक इंटरवल ट्रेनिंग पर आधारित है, जो शरीर को हाई और लो इंटेंसिटी का मिश्रण प्रदान करती है, जिससे फैट तेजी से बर्न होता है और स्टैमिना बढ़ता है।<br><br><strong>2:2:1 वॉकिंग नियम के फायदे</strong><br><br><ul><li>मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है</li><li>कैलोरी बर्न करता है</li><li>वजन घटाने में मदद करता है</li><li>हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है</li><li>फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है</li><li>मूड को बेहतर बनाता है और तनाव कम करता है</li></ul><br><br><strong>इसे करने का सही समय</strong><br><br>इस नियम को करने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट है। हालांकि, आप इसे भोजन के बाद या शाम को भी कर सकते हैं।<br><br><strong>कैसे बनाएं इसे और असरदार</strong><br><br><ul><li>सही फुटवियर पहनें</li><li>व्यायाम करने से पहले और बाद में पानी पिएं</li><li>वॉकिंग के दौरान सीढ़ियां चढ़ें या हाथ हिलाकर चलें</li></ul><br><br><strong>निष्कर्ष</strong><br><br>2:2:1 वॉकिंग नियम एक सरल, प्रभावी और आसान तरीका है जिससे आप वजन कम कर सकते हैं, फिट रह सकते हैं और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पेट की चर्बी कम करने के 5 आसान उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/5-easy-ways-to-lose-belly-fat-without-gym-and-expensive-diet-plan</link>
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<description><![CDATA[ वजन कम करने के लिए जिम और डाइटिंग की जरूरत नहीं है। कुछ आसान घरेलू उपायों से भी पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। चीनी का सेवन कम करें, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर आहार खाएं, नेचुरल फैट कटर आजमाएं, रोजाना 8 घंटे की नींद लें और भरपूर पानी पिएं। इन उपायों को अपनाकर आप बिना जिम जाए और डाइटिंग किए भी पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/119029607/how-to-lose-weight-without-gym-expert-shares-5-simple-ways-to-loss-belly-fat-119029607.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:14:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वजन कम करना, पेट की चर्बी, हेल्दी लाइफस्टाइल, चीनी का सेवन, प्रोटीन, फाइबर, ग्रीन टी, नींद, पानी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>पेट की चर्बी कम करने के 5 आसान उपाय</strong><br><br>आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में वजन बढ़ना एक आम समस्या है। वजन कम करने के लिए लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं और डाइटिंग करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों से भी पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है?<br><br><strong>1. चीनी का सेवन कम करें:</strong><br>चीनी का सेवन कम करने से पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिलती है। चीनी वाले पेय पदार्थों की जगह पानी, चाय या कॉफी का सेवन करें।<br><br><strong>2. प्रोटीन और फाइबर खाएं:</strong><br>प्रोटीन और फाइबर से भरपूर आहार खाने से पेट की चर्बी कम होती है। ये पाचन में मदद करते हैं और भूख को कम करते हैं।<br><br><strong>3. नेचुरल फैट कटर आजमाएं:</strong><br>ग्रीन टी, मछली, सेब का सिरका और मिर्च जैसे नेचुरल फैट कटर पेट की चर्बी को कम करने में मदद करते हैं।<br><br><strong>4. रोजाना 8 घंटे की नींद लें:</strong><br>पर्याप्त नींद लेने से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर कम होता है, जिससे पेट की चर्बी कम होती है।<br><br><strong>5. भरपूर पानी पिएं:</strong><br>पानी पीने से पाचन बेहतर होता है और भूख कम लगती है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।<br><br>इन आसान उपायों को अपनाकर आप बिना जिम जाए और डाइटिंग किए भी पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;फर्श पर लगा पक्के से पक्का होली का रंग भी आसानी से छूट जाएगा&amp;apos; कुलदीप सिंघानिया ने बताया कैसे लगाना है पोछा</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-remove-holi-color-stain-from-floor-easy-trick</link>
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<description><![CDATA[ होली के रंग से फर्श और दीवारों पर लगे दागों को हटाने के लिए कंटेंट क्रिएटर कुलदीप सिंघानिया ने आसान घरेलू उपाय बताए हैं। फर्श के लिए नींबू, बेकिंग सोडा और विनेगर के मिश्रण का इस्तेमाल करें या सफेद टाइल्स के लिए बेकिंग सोडा पेस्ट और नींबू का प्रयोग करें। दीवारों के दाग हटाने के लिए विनेगर और बेकिंग सोडा का पेस्ट लगाएं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:14:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>holi, color stain, floor cleaning, kuldeep singhania, home cleaning hacks</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[होली का त्योहार रंगों और मस्ती से भरा होता है, लेकिन कई बार ये फर्श पर जिद्दी दाग छोड़ जाता है, जिससे महिलाएं परेशान हो जाती हैं। कंटेंट क्रिएटर कुलदीप सिंघानिया ने फर्श से होली के पक्के रंग को छुड़ाने का आसान तरीका बताया है। उनका कहना है कि इस ट्रिक से जिद्दी से जिद्दी दाग भी आसानी से निकल जाएंगे।<br><br>सिंघानिया के अनुसार, फर्श से रंग छुड़ाने के लिए नींबू, बेकिंग सोडा और विनेगर का इस्तेमाल करें। इन तीनों को मिलाकर दाग वाली जगह पर लगाएं और फिर पोछा मार दें। यदि दाग जिद्दी है, तो पेस्ट को कुछ देर के लिए लगा रहने दें।<br><br>इसके अतिरिक्त, टाइल्स से सूखे गुलाल को हटाने के लिए उसे गीला होने से बचाएं और डस्टपैन से उठा लें। गीले गुलाल पर टिश्यू रखकर, बाद में नींबू रगड़ें। गीले रंग के दाग के लिए बेकिंग सोडा का पेस्ट लगाएं और स्पंज से रगड़कर साफ करें। फर्श के दागों पर गर्म पानी डालकर कुछ मिनट बाद सूती कपड़े से पोंछें।<br><br>दीवारों पर लगे रंगों को साफ करने के लिए विनेगर, बेकिंग सोडा या नींबू के पेस्ट का उपयोग करें। पेस्ट को दाग पर लगाकर 5-10 मिनट बाद गीले कपड़े से साफ कर दें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>परीक्षा का तनाव: माता&amp;पिता का दबाव बच्चों को कैसे प्रभावित करता है</title>
<link>https://pratinidhi.in/parental-pressure-and-its-impact-on-childrens-mental-health</link>
<guid>https://pratinidhi.in/parental-pressure-and-its-impact-on-childrens-mental-health</guid>
<description><![CDATA[ परीक्षा के समय माता-पिता का तनाव बच्चों पर पढ़ाई का दबाव बनाता है, जिससे उनकी मानसिक सेहत प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि पेरेंटल प्रेशर प्यार और चिंता से आता है, लेकिन इससे बच्चों में डिप्रेशन और चिंता बढ़ सकती है। बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए, उनके प्रयासों को पहचानें, पर्सनल कमेंट से बचें, और उन्हें चुनने का मौका दें। पढ़ाई की अच्छी आदतों को बढ़ावा दें और सकारात्मक माहौल बनाए रखें। मानसिक बीमारियों के बारे में जानकारी रखें ताकि बच्चों को समय रहते सहायता मिल सके। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:14:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>parental pressure, exam stress, children&#039;s mental health, parenting, परीक्षा का तनाव, माता-पिता का दबाव, बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य, पालन-पोषण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[एग्जाम के समय, माता-पिता भी तनाव में आ जाते हैं, जिससे वे बच्चों पर अच्छे अंक लाने का दबाव डालते हैं।<br><br>विशेषज्ञों के अनुसार, माता-पिता का यह दबाव बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। माता-पिता को अपने बच्चों से उम्मीदें होती हैं, लेकिन अनजाने में वे बच्चों पर पढ़ाई का इतना दबाव डाल देते हैं कि उनकी मानसिक स्थिति खराब हो जाती है। यह दबाव खासकर परीक्षाओं के दौरान बढ़ जाता है।<br><br>डॉ. क्रतिश्री सोमन्ना के अनुसार, पेरेंटल प्रेशर माता-पिता के प्यार और चिंता से आता है। वे चाहते हैं कि उनके बच्चों को वे अवसर मिलें जो उन्हें नहीं मिल पाए। सिंगल पेरेंट, घर की समस्याएं या सामाजिक मुद्दे भी इस दबाव को बढ़ा सकते हैं।<br><br><b>पेरेंटल प्रेशर का बच्चों पर असर:</b><br><br><b>डिप्रेशन:</b> लगातार बुराई सुनने से बच्चे खुद को दोषी मानने लगते हैं।<br><b>चिंता:</b> ज्यादा अंक लाने का दबाव पैनिक अटैक का कारण बन सकता है।<br><br><b>बच्चों को प्रोत्साहित करने के तरीके:</b><br><br>ग्रेड के आधार पर निष्कर्ष न निकालें, प्रयासों की सराहना करें, पर्सनल कमेंट से बचें, और बच्चों को चुनने का मौका दें। एक सुरक्षित माहौल बनाएं जहाँ बच्चे बिना तनाव के महसूस करें।<br><br>पढ़ाई की अच्छी आदतों को प्रोत्साहित करें और सकारात्मक माहौल बनाए रखें। मानसिक बीमारियों के बारे में जानें ताकि बच्चों की मानसिक स्थिति को खराब होने से बचाया जा सके।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>फूलों से सजी होली: धनश्री, दीया, और मसाबा का अनोखा अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/dhanashree-verma-dia-mirza-masaba-gupta-bollywood-celebs-celebrated-holi-with-flowers</link>
<guid>https://pratinidhi.in/dhanashree-verma-dia-mirza-masaba-gupta-bollywood-celebs-celebrated-holi-with-flowers</guid>
<description><![CDATA[ इस बार बॉलीवुड में कई हसीनाओं ने फूलों से होली मनाई। दीया मिर्जा ने बेटे अवयान संग सफेद सूट में फूलों से होली खेली, तो नेहा कक्कड़ ने गुलाबी सूट में पूजा के बाद फूलों से होली का आनंद लिया। धनश्री वर्मा लाइट कलर की साड़ी में नेहा के घर होली मनाने पहुंचीं। सोनाली बेंद्रे ने सफेद कुर्ते में गेंदे के फूलों से मस्ती की, वहीं मसाबा गुप्ता ने अपने बेबी और पेट डॉग की तस्वीरें शेयर कीं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:10:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Holi celebration, Bollywood celebrities, Flower Holi, Dhanashree Verma, Dia Mirza, Masaba Gupta, Bollywood fashion, Holi 2025</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[जहां अधिकतर बॉलीवुड हस्तियां रंगों के साथ होली मना रही थीं, वहीं कुछ अभिनेत्रियों ने फूलों से होली का त्योहार मनाया। कुछ ने सुंदर सूट पहने थे, तो कुछ साड़ियों में लिपटी हुई नजर आईं।<br><br>बॉलीवुड में हर साल की तरह इस बार भी होली की धूम रही, रंगों और पार्टियों की भरमार रही। हालांकि, कुछ अभिनेत्रियों ने रंग वाली होली की बजाय फूलों से होली मनाई। किसी ने सूट पहना तो किसी ने खूबसूरत साड़ी। एक अभिनेत्री ने अपनी तस्वीर साझा करने के बजाय अपने बच्चे और पालतू कुत्ते की फूलों के साथ तस्वीरें साझा कीं।<br><br><strong>दीया मिर्जा ने अपने बेटे अवयान के साथ फूलों से होली खेली।</strong> उन्होंने सफेद सूट पहना था और हरे रंग का दुपट्टा ओढ़ा था। अवयान ने सफेद रंग का प्रिंटेड कुर्ता सेट पहना था।<br><br><strong>नेहा कक्कड़ ने होली पर पूजा का आयोजन किया।</strong> गुलाबी सूट में सजी गायिका ने पहले पूजा की और फिर फूलों से होली खेली।<br><br>धनश्री वर्मा ने नेहा कक्कड़ के घर पर होली मनाई। हल्के रंग की साड़ी में वह बहुत सुंदर लग रही थीं। उनकी तस्वीरें बताती हैं कि उन्होंने फूलों से होली खेलने में कितना आनंद लिया।<br><br>सोनाली बेंद्रे, जो सफेद रंग के कुर्ते और बॉटम्स में तैयार थीं, ने भी फूलों से होली खेली। उन्होंने गेंदे के फूलों की पंखुड़ियों को उछालकर खूब मस्ती की।<br><br>मसाबा गुप्ता ने भी अपने घर पर फूलों की होली का आयोजन किया और अपने बच्चे और पालतू कुत्ते की प्यारी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं।]]> </content:encoded>
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<title>होली में शिशु की त्वचा को रंगों से बचाने के तरीके</title>
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<description><![CDATA[ होली के दौरान बच्चों की त्वचा को रंगों से बचाने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग करें और त्वचा को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहनाएं। आंखों और कानों को सुरक्षित रखें, और रंग लगने पर बेबी सोप से अच्छी तरह साफ करें। शिशु की त्वचा को हानिकारक रंगों से बचाने के लिए ये उपाय महत्वपूर्ण हैं।होली का त्योहार खुशियां लेकर आता है, लेकिन रंगों में मौजूद रसायन बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसलिए, बच्चों की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करें और त्वचा की देखभाल करें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:10:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>होली, शिशु की त्वचा, रंग, ऑर्गेनिक रंग, सुरक्षा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[होली 2025 में बच्चों का ध्यान: होली अभी खत्म नहीं हुई है, छोटे बच्चों की त्वचा को रंगों से बचाने के तरीके जान लें।<br><br>यदि आपके घर में एक छोटा बच्चा है, तो होली खेलते समय सावधान रहना चाहिए। होली के रंग शिशु की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे में यहां बताए गए टिप्स उन्हें रंगों से बचाकर सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं।<br><br>होली का त्योहार चेहरों पर खुशियां लेकर आता है। होली के रंग न केवल लोगों के बीच आपसी मतभेद मिटाते हैं, बल्कि रिश्तों में नई शुरुआत भी कराते हैं। हालांकि, ये रंग आपको नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। खासकर छोटे बच्चों के लिए ये बहुत हानिकारक होते हैं।<br><br>दरअसल, बच्चों की त्वचा नाजुक होती है और रंगों में रसायन होते हैं, जो शिशु की त्वचा और बालों के स्वास्थ्य को खराब कर देते हैं। अपने छोटे बच्चे को इन सभी खतरों से बचाने और सुरक्षित रखने के लिए उपाय करना जरूरी है। यहां बताया गया है कि छोटे बच्चों की त्वचा को हानिकारक रंगों से कैसे बचाया जा सकता है।<br>ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग करें<br><br>होली के दौरान अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए आपको सबसे पहले प्राकृतिक और ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग करना होगा। ये रंग रसायन-मुक्त होते हैं, जो छोटे बच्चों की त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते। खुद भी सीसा, पारा और क्रोमियम वाले रंगों को खरीदने से बचें। ये शिशु की त्वचा पर जलन, चकत्ते और एलर्जी पैदा कर सकते हैं।<br><br>सुरक्षित कपड़े पहनाएं<br><br>अनजाने में बच्चे की त्वचा पर रंग न लग जाए, इसके लिए जरूरी है कि बच्चे को सही से तैयार किया जाए। इसके लिए उन्हें लंबी बाजू वाले सूती कपड़े पहनाएं। इससे उनके शरीर का आधा हिस्सा ढका रहेगा। इसके अलावा बच्चों के बालों को रंग से बचाने के लिए उन्हें टोपी पहनाई जा सकती है।<br><br>क्रीम लगाएं<br><br>अगर आप बच्चे को साथ लेकर बाहर होली खेलने जा रहे हैं, तो उसकी त्वचा पर बेबी-फ्रेंडली क्रीम या लोशन लगाना चाहिए। यह रंगों को त्वचा में प्रवेश करने और जलन पैदा करने से रोकता है।<br><br>आंखों और कानों को सुरक्षित रखें<br><br>होली के दौरान अपने बच्चों की आंखों और कानों को सुरक्षित रखना जरूरी है। आंखों को रंग के छींटों से बचाने के लिए चश्मे का इस्तेमाल किया जा सकता है। बच्चे के कानों में कॉटन बॉल रखना भी एक अच्छा विकल्प है।<br><br>बेबी सोप का इस्तेमाल करें<br><br>बच्चे को रंग लग जाए, तो उसे अच्छी तरह से साफ करें। ऐसा साबुन इस्तेमाल करें, जिसमें एलोवेरा, नारियल तेल और ओटमील जैसे प्राकृतिक तत्व मौजूद हों। ये रंगों को तो अच्छी तरह से हटाते ही हैं, साथ ही त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने में भी मदद करते हैं।<br><br>डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।]]> </content:encoded>
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<title>गट हेल्थ: लंबी और स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी टिप्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/gut-health-tips-for-long-and-healthy-life</link>
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<description><![CDATA[ गट हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें, विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें, तनाव का प्रबंधन करें और नियमित रूप से व्यायाम करें। गट हेल्थ में सुधार करके स्वस्थ और लंबी लाइफ जी सकते हैं। गट हेल्थ अच्छा होने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:05:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गट हेल्थ, माइक्रोबायोम, फाइबर, स्ट्रेस मैनेजमेंट, एक्सरसाइज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>गट हेल्थ: लंबी और स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी टिप्स</b><br><br>स्वस्थ जीवन के लिए गट हेल्थ का ध्यान रखना आवश्यक है। गट हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए कुछ सुझाव:<br><br><b>फाइबर युक्त भोजन:</b> फाइबर पाचन के लिए महत्वपूर्ण है। साबुत अनाज, ओट्स, चिया सीड्स, और फल जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें।<br><br><b>विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ:</b> विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां और अनाज खाएं।<br><br><b>तनाव प्रबंधन:</b> तनाव गट हेल्थ को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। तनाव को कम करने के लिए व्यायाम और ध्यान करें।<br><br><b>नियमित व्यायाम:</b> व्यायाम गट में सूजन को कम करता है और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है।]]> </content:encoded>
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<title>Vitamin E: पाएं ग्लास स्किन, इस्तेमाल करें ये तरीके</title>
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<description><![CDATA[ विटामिन-ई, जिसे टोकोफेरॉल भी कहा जाता है, त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है। यह सेल्स को डैमेज होने से बचाता है, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और हेल्दी स्किन को प्रमोट करता है। विटामिन-ई एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है, जो स्किन को हील करने, डार्क स्पॉट्स को कम करने और पिगमेंटेशन को घटाने में मदद करता है। विटामिन-ई कैप्सूल को एलोवेरा, गुलाब जल, चुकंदर के जूस, बादाम और फेस पैक के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 11:05:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Vitamin-E, ग्लास स्किन, स्किन केयर, एलोवेरा, गुलाब जल, एंटीऑक्सीडेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>विटामिन-ई से ग्लास स्किन पाने के तरीके</strong><br><br>आजकल हर कोई ग्लास स्किन पाना चाहता है, और विटामिन-ई इस सपने को पूरा करने में मददगार हो सकता है। विटामिन-ई, जिसे टोकोफेरॉल भी कहते हैं, सेल्स को नुकसान से बचाता है, इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, स्किन को हेल्दी बनाता है, और रिप्रोडक्टिव हेल्थ को भी सपोर्ट करता है। यह एक फैट सॉल्युबल विटामिन है और शरीर में स्टोर रहता है, फिर भी इसे डाइट के जरिए लेना जरूरी है।<br><br>विटामिन-ई एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो स्किन को हील करता है, डार्क स्पॉट्स और पिगमेंटेशन को कम करता है। इसे स्किनकेयर रूटीन में शामिल करने से स्किन हाइड्रेटेड रहती है और झुर्रियों से छुटकारा मिलता है। विटामिन-ई कैप्सूल को सीधे चेहरे पर लगा सकते हैं, लेकिन इसे इस्तेमाल करने के और भी कई तरीके हैं।<br><br><strong>विटामिन-ई को स्किन के लिए कैसे इस्तेमाल करें:</strong><br><br>1. <strong>एलोवेरा, विटामिन-ई और गुलाब जल:</strong> 3 टेबलस्पून एलोवेरा जेल, 3 विटामिन-ई कैप्सूल और ½ टेबलस्पून गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे पर 15 मिनट लगाएं और फिर धो लें। इससे स्किन चमकदार और हाइड्रेटेड रहेगी।<br><br>2. <strong>होंठों के लिए:</strong> विटामिन-ई कैप्सूल में चुकंदर का जूस मिलाकर होंठों पर लगाएं। इससे होंठ मुलायम और गुलाबी बनेंगे।<br><br>3. <strong>नाइट क्रीम:</strong> विटामिन-ई कैप्सूल को मॉइस्चराइजर में मिलाकर लगाने से यह हाइड्रेटिंग नाइट क्रीम का काम करता है।<br><br>4. <strong>काले घेरों के लिए:</strong> विटामिन-ई कैप्सूल को बादाम के साथ मिलाकर आंखों के नीचे लगाने से काले घेरे कम होते हैं।<br><br>5. <strong>फेस पैक:</strong> मुल्तानी मिट्टी या बेसन के फेस पैक में विटामिन-ई कैप्सूल मिलाकर चेहरे पर लगाएं। ऑयली स्किन वाले लोग विटामिन-ई का ज्यादा इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे स्किन ऑयली हो सकती है।<br><br>6. <strong>विटामिन-ई युक्त खाद्य पदार्थ:</strong> अपनी डाइट में सूरजमुखी के बीज, बादाम, हेजलनट, पालक, एवोकाडो, मूंगफली, कीवी, टोफू, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, लाल शिमला मिर्च जैसे विटामिन-ई से भरपूर फूड्स शामिल करें।]]> </content:encoded>
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<title>अग्रता शर्मा का मालदीव में ग्लैमरस अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/agrata-sharmma-honeymoon-photos-from-maldives-in-ruffle-skirt-and-top</link>
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<description><![CDATA[ कुमार विश्वास की बेटी अग्रता शादी के बाद मालदीव में हनीमून मना रही हैं, जहाँ उन्होंने पति के साथ ग्लैमरस तस्वीरें साझा कीं। शादी के रिसेप्शन में पीएम मोदी भी शामिल हुए थे, लेकिन हनीमून की तस्वीरों में अग्रता का वेस्टर्न अवतार दिखा। उन्होंने प्रिंटेड स्कर्ट-टॉप पहना था और उनके पैरों में पायल थी। पवित्र ने वाइट प्रिंटेड शर्ट और बेज पैंट पहनी थी। अग्रता ने सटल मेकअप के साथ बालों को खुला रखा था। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Mar 2025 15:41:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Agrata Sharma, Kumar Vishwas, Honeymoon, Maldives, Fashion, Lifestyle</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कुमार विश्वास की बेटी अग्रता अपनी शादी के बाद एक बार फिर से चर्चा में हैं। इस बार, उनके सुर्खियों में आने का कारण है उनका बदला हुआ रूप, जो हनीमून के दौरान मालदीव में देखने को मिला। तस्वीरों में, वह अपने पति की बाहों में एक आधुनिक अंदाज में नजर आ रही हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.<br><br>अग्रता शर्मा, कुमार विश्वास की बड़ी बेटी हैं। उन्होंने 2 मार्च को पवित्र खंडेलवाल के साथ शादी की थी। यह समारोह परिवार और करीबी दोस्तों की उपस्थिति में हुआ था, और शादी की तस्वीरें अभी भी सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। शादी में अग्रता ने लाल रंग का पारंपरिक जोड़ा पहना था, जबकि दिल्ली में रिसेप्शन पार्टी के लिए उन्होंने साड़ी लुक अपनाया था। रिसेप्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए थे।<br><br>शादी के सभी कार्यक्रमों और रिसेप्शन में अग्रता का देसी अंदाज देखने को मिला। लेकिन, मालदीव में हनीमून के दौरान, उन्होंने सादगी का दामन छोड़ वेस्टर्न कपड़े पहने। इन तस्वीरों में, वह अपने पति की बाहों में ग्लैमरस अंदाज में दिखाई दे रही हैं। (फोटो साभार: इंस्टाग्राम @agratasharmma)<br><br>पवित्र को प्रिंटेड शर्ट में देखा गया<br>अग्रता ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपने पति के साथ एक तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में दोनों समुद्र की लहरों के बीच रोमांटिक अंदाज में पोज दे रहे हैं। पवित्र ने अपनी पत्नी को गोद में उठाया हुआ है और उन्होंने सफेद प्रिंटेड शर्ट के साथ बेज रंग की पैंट पहनी है, जिसमें वह डैशिंग लग रहे हैं।<br><br>स्कर्ट-टॉप में खूबसूरत अग्रता<br>अग्रता ने भी पवित्र की तरह रंगीन स्कर्ट-टॉप पहना है। इस ऑउटफिट में सफेद बेस पर हरे रंग के बॉक्स बने हुए हैं, और पीले डॉट्स से उन्हें हाइलाइट किया गया है। बिना किसी कढ़ाई के, यह प्रिंट ऑउटफिट को स्टाइलिश बना रहा है। अग्रता ने स्लीवलेस क्रॉप टॉप को रफल स्कर्ट के साथ पेयर किया है, जिससे उन्हें खूबसूरत लुक मिला है।<br><br>पायल में दिखीं अग्रता<br>अग्रता और पवित्र की यह तस्वीर साइड से ली गई है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने मंगलसूत्र पहना है या नहीं, लेकिन उनके पैरों में पायल जरूर दिखाई दे रही है। बालों में चश्मा लगाए हुए, अग्रता अपने लुक को पूरा करती हैं और अपने पति की आंखों में आंखें डालकर मुस्कुराती हुई दिखाई देती हैं।<br><br>सटल मेकअप<br>अग्रता ने ब्राउनिश पिंक लिप्स के साथ अपने मेकअप को सटल रखा है, और उन्होंने अपने बालों को बिना किसी स्टाइलिंग के खुला छोड़ दिया है। उनके वेवी मैसी हेयर उनके लुक को और भी आकर्षक बना रहे हैं, और वह अपने वेस्टर्न लुक से सबका दिल जीत रही हैं।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>होली के रंग को आसानी से निकालें</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-remove-holi-colours-from-clothes-without-brush-easy-trick</link>
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<description><![CDATA[ यूट्यूबर शोभा बैंसला ने होली के रंग को कपड़ों से आसानी से निकालने का तरीका बताया है। इसके लिए नींबू, विनेगर, नमक, एंटासिड (इनो) और वॉशिंग पाउडर की जरूरत होती है। सबसे पहले एक बर्तन में नींबू, विनेगर, नमक, वॉशिंग पाउडर और इनो मिलाएं। फिर कपड़ों की मात्रा के अनुसार पानी डालकर उबाल लें। जब पानी उबलने लगे तो गंदे कपड़े को डालकर दबा दें, एक मिनट बाद पानी का रंग बदल जाएगा और कपड़ा साफ हो जाएगा। फिर कपड़े को धोकर सुखा लें। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 16:55:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Holi, cleaning, clothes, stains, Shobha Bainsla</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[होली खेलने के दौरान कपड़ों पर रंग लगने का डर लोगों को खुलकर खेलने से रोकता है। यूट्यूबर शोभा बैंसला ने कपड़ों से होली का रंग निकालने का आसान तरीका बताया है, जिसमें कपड़ों को घिसने की भी जरूरत नहीं है.<br><br>भारतीय संस्कृति में दिवाली और होली बड़े त्योहार हैं। दिवाली पर नए कपड़े पहने जाते हैं, जबकि होली खेलने के लिए पुराने कपड़े पहने जाते हैं, क्योंकि लोगों को डर होता है कि रंग से कपड़े खराब हो जाएंगे। अगर गलती से किसी पसंदीदा कपड़े पर होली का रंग लग जाए, तो यूट्यूबर शोभा बैंसला ने एक आसान तरीका बताया है।<br><br>इसके लिए आपको नींबू, विनेगर, नमक, एंटासिड (इनो) और वॉशिंग पाउडर की आवश्यकता होगी।<br><br>सबसे पहले, एक बर्तन में नींबू काटकर डालें, फिर विनेगर, नमक, वॉशिंग पाउडर और इनो का एक पैकेट मिलाएं। कपड़ों की मात्रा के अनुसार पानी मिलाकर बर्तन को गैस पर रखकर उबाल लें।<br><br>जब पानी उबलने लगे, तो गंदे कपड़े को बर्तन में डालकर दबा दें ताकि वह पूरी तरह डूब जाए। एक मिनट बाद, पानी का रंग बदल जाएगा और कपड़ा लगभग साफ हो जाएगा। फिर कपड़े को सामान्य पानी से धोकर सुखा लें। इस तरह, आप मिनटों में कपड़े को साफ कर सकते हैं।<br><br>**डिस्क्लेमर: इस लेख में किए गए दावे इंस्टाग्राम वीडियो और इंटरनेट पर मिली जानकारी पर आधारित हैं। एनबीटी इसकी सत्यता और सटीकता जिम्मेदारी नहीं लेता है।**]]> </content:encoded>
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<title>रोहित सचदेवा के नुस्खे से बढ़ाएं बालों की ग्रोथ</title>
<link>https://pratinidhi.in/rohit-sachdeva-home-remedy-for-hair-growth-natural-serum</link>
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<description><![CDATA[ अगर आप बालों के झड़ने और धीमी ग्रोथ से परेशान हैं, तो रोहित सचदेवा का बताया नुस्खा आपके लिए मददगार हो सकता है। रोहित का कहना है कि इस सीरम के इस्तेमाल से केवल 2 हफ्तों में ही आपको फर्क दिखने लगेगा। मेथी के बीज बालों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये बालों को झड़ने से रोकते हैं, उन्हें बढ़ाते हैं और जड़ों से मजबूत बनाते हैं। रोहित सचदेवा ने मेथी दाना से हेयर सीरम बनाने का तरीका बताया है, जो इस प्रकार है: मेथी दाना, कलौंजी, लौंग, करी पत्ता और पानी को रातभर भिगोकर अगली सुबह बालों पर लगाएं। ]]></description>
<enclosure url="http://static.toiimg.com/thumb/msid-118925612,width-400,resizemode-4/118925612.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 15:43:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>hair growth, hair serum, methi, curry leaves, natural remedies</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>रोहित सचदेवा के बताए नुस्खे से पाएं बालों की ग्रोथ में तेजी</b><br><br>अगर आप बालों के झड़ने और धीमी ग्रोथ से परेशान हैं, तो कंटेंट क्रिएटर रोहित सचदेवा का बताया नुस्खा आपके लिए मददगार हो सकता है। रोहित का कहना है कि इस सीरम के इस्तेमाल से केवल 2 हफ्तों में ही आपको फर्क दिखने लगेगा।<br><br><b>मेथी का महत्व</b><br>मेथी के बीज बालों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये बालों को झड़ने से रोकते हैं, उन्हें बढ़ाते हैं और जड़ों से मजबूत बनाते हैं।<br><br><b>सीरम बनाने की विधि</b><br>रोहित सचदेवा ने मेथी दाना से हेयर सीरम बनाने का तरीका बताया है, जो इस प्रकार है:<br><br><b>सामग्री:</b><br>* मेथी दाना- 1 चम्मच<br>* कलौंजी- 1 चम्मच<br>* लौंग- 2-3<br>* करी पत्ता- 12-15 पत्ते<br>* पानी- 1/2 गिलास<br><br><b>बनाने का तरीका:</b><br>1. एक बाउल में मेथी दाना, कलौंजी, लौंग और करी पत्ता डालें।<br>2. आधा गिलास पानी डालकर रातभर भिगो दें।<br>3. अगली सुबह, पानी का रंग पीला हो जाएगा।<br>4. सीरम को स्प्रे बोतल में भरकर रात को सोने से पहले बालों पर लगाएं और सुबह धो लें।<br><br><b>सीरम के फायदे</b><br>रोहित सचदेवा ने इस सीरम के कई फायदे बताए हैं:<br>1. मेथी बालों को मजबूत करती है और हेयर फॉल कम करती है।<br>2. कलौंजी बालों को नेचुरली काला रखती है और शाइनी बनाती है।<br>3. लौंग डैंड्रफ साफ करती है और स्कैल्प इंफेक्शन रोकती है।<br>4. करी पत्ता बालों की नई ग्रोथ को बढ़ावा देता है।<br><br><b>कलौंजी के फायदे</b><br>कलौंजी बालों को काला करने, मजबूती देने और चमकदार बनाने में भी फायदेमंद होती है।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>साक्षी पंत का हल्दी में डांस और कॉकटेल नाइट लुक</title>
<link>https://pratinidhi.in/sakshi-pant-wedding-haldi-mehndi-cocktail-night-looks</link>
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<description><![CDATA[ क्रिकेटर ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं। हल्दी, मेहंदी और कॉकटेल नाइट में साक्षी बेहद खूबसूरत लग रही थीं। मेहंदी सेरेमनी में साक्षी ने गुलाबी रंग का लहंगा, हल्दी सेरेमनी में पीले रंग का शरारा और कॉकटेल नाइट में सिल्वर रंग का गाउन पहना था। इन सभी रस्मों में साक्षी बेहद खूबसूरत लग रही थीं, और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। ऋषभ पंत और उनकी मां भी शादी की रस्मों में शामिल हुए। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 15:40:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>साक्षी पंत, ऋषभ पंत, शादी, हल्दी, मेहंदी, कॉकटेल नाइट, फैशन, लाइफस्टाइल, सेलिब्रिटी वेडिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी की रस्में: हल्दी, मेहंदी और कॉकटेल नाइट में छाईं साक्षी</strong><br><br>क्रिकेटर ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाली हैं। उनकी शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं, और इन रस्मों में साक्षी के परिवार के साथ-साथ कई क्रिकेटर्स भी शामिल हो रहे हैं।<br><br>साक्षी पंत अपनी शादी के हर फंक्शन में बेहद खूबसूरत लग रही हैं। हाल ही में, उनकी हल्दी, मेहंदी और कॉकटेल नाइट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें साक्षी का शानदार अंदाज देखने को मिल रहा है।<br><br><strong>मेहंदी सेरेमनी</strong><br>मेहंदी सेरेमनी में साक्षी ने गुलाबी रंग का खूबसूरत लहंगा पहना था, जिसमें पीले और हरे रंग के फूलों का बॉर्डर था। उन्होंने अपने बालों को खुला रखा था और स्टनिंग जूलरी पहनी थी।<br><br><strong>हल्दी सेरेमनी</strong><br>हल्दी सेरेमनी में साक्षी ने पीले रंग का शरारा पहना था, जिस पर रंग-बिरंगे फूलों का प्रिंट था। उन्होंने अपने बालों को ब्रेड में बांधा था और कलरफुल बीट्स से बनी माथा पट्टी लगाई थी।<br><br><strong>कॉकटेल नाइट</strong><br>कॉकटेल नाइट में साक्षी ने सिल्वर रंग का चमचमाता गाउन पहना था, जिसमें वह बेहद ग्लैमरस लग रही थीं। उन्होंने डायमंड नेकलेस और ईयररिंग्स के साथ अपने लुक को पूरा किया था।<br><br>इन सभी रस्मों में साक्षी बेहद खूबसूरत लग रही थीं, और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।]]> </content:encoded>
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<title>धोनी और रैना ने ऋषभ पंत की बहन की शादी में किया धमाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/ms-dhoni-suresh-raina-dance-at-rishabh-pant-sister-wedding</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर एमएस धोनी और सुरेश रैना का ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी में डांस का वीडियो वायरल हो रहा है। पत्नियों के साथ धोनी और रैना ने खूब मस्ती की। साक्षी पंत ने बिजनेसमैन अंकित चौधरी से शादी की। धोनी और रैना के देसी लुक को लोगों ने पसंद किया। प्रियंका ने धोती स्कर्ट के साथ स्टाइलिश चोली पहनी थी, जबकि साक्षी ने शिमरी आउटफिट चुना था। दोनों दुल्हनों ने कम जूलरी पहनी थी। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-118924106,width-640,height-480,resizemode-75/ms-dhoni-and-suresh-raina-danced-at-rishabh-pant-sister-wedding-sakshi-dhoni-priyanka-chaudhary-looks-amazing.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 15:40:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>MS Dhoni, Suresh Raina, Rishabh Pant, Sakshi Dhoni, Priyanka Chaudhary, Wedding, Dance, Fashion</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एमएस धोनी और सुरेश रैना का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वे ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी के फंक्शन में जमकर डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस समारोह में उनकी पत्नियाँ भी उपस्थित थीं, जिन्होंने अपनी फैशन सेंस से सभी का ध्यान आकर्षित किया।<br><br>ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत ने 12 मार्च को बिजनेसमैन अंकित चौधरी के साथ विवाह बंधन में बंधने का फैसला किया है। साक्षी के भाई ऋषभ चैंपियंस ट्रॉफी के तुरंत बाद मसूरी पहुंचे। साक्षी के हल्दी, मेहंदी और कॉकटेल पार्टी में एमएस धोनी और सुरेश रैना अपनी पत्नियों के साथ शामिल हुए और खूब मस्ती की। ऋषभ, धोनी और रैना ने डांस फ्लोर पर एक साथ डांस किया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।<br><br>कैप्टन कूल धोनी और रैना के देसी लुक को भी लोगों ने बहुत पसंद किया, और उनकी पत्नियाँ भी स्टाइल के मामले में किसी से पीछे नहीं थीं। दोनों ने देसी लुक को मॉडर्न टच दिया और खूबसूरत अंदाज में अपने आउटफिट्स को कैरी किया। जहाँ दोनों का अंदाज बहुत शानदार था, वहीं दुल्हन साक्षी के वेडिंग लुक्स की तरह वे भी चर्चा का विषय बन गईं।<br><br>सुरेश रैना ने शादी के लिए ब्लैक एंड वाइट आउटफिट को चुना, जिसमें वह बंदगला शेरवानी और पजामे में दिखे। उन्होंने प्रिंटेड पॉकेट स्क्वायर और लोफर के साथ लुक को पूरा किया। वहीं, एमएस धोनी ब्लैक शेरवानी में दिखाई दिए, जिस पर गोल्डन पैटर्न से अलग-अलग जानवरों की आकृति बनी हुई थी। उन्होंने ब्लैक पैंट्स और शूज के साथ अपने लुक को पूरा किया, जिसमें वे काफी डैशिंग लग रहे थे।<br><br>प्रियंका ने धोती स्कर्ट के साथ स्टाइलिश चोली पहनी थी और दुपट्टे को अपने हाथों पर कैरी किया था। उनकी चोली में फ्लोरल पैटर्न के साथ सेक्वीन वर्क था और सेंटर में छोटे-छोटे बटन लगे थे। इसके साथ उन्होंने पिच कलर की धोती स्कर्ट पहनी थी, जिसकी नॉटेड प्लीट्स उसे खूबसूरत बना रही थी।<br><br>साक्षी ने इवेंट को ध्यान में रखते हुए शिमरी आउटफिट चुना। उन्होंने वी नेकलाइन वाला फुल स्लीव्स फ्रॉक स्टाइल टॉप पहना और उसके साथ मैचिंग शरारा पहना, जिस पर गोल्डन सितारों से बना सेक्वीन पैटर्न था, जिससे वह बहुत स्टाइलिश दिख रही थीं।<br><br>साक्षी और प्रियंका ने अपने लुक में जूलरी को कम रखा, ताकि उनके आउटफिट्स हाइलाइट हो सकें। दोनों ने सिर्फ ईयररिंग्स पहने थे और प्रियंका एक बैग भी लिए हुए थीं। उन्होंने खुले बालों को सॉफ्ट कर्ल किया था, जबकि साक्षी ने मिडिल पार्टीशन के साथ हाफ बालों को पिनअप करके वेवी टच दिया था।]]> </content:encoded>
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<title>शिशु में दिखने वाले खतरनाक संकेत</title>
<link>https://pratinidhi.in/dangerous-signs-in-newborns-according-to-doctor</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टरों के अनुसार, नवजात शिशुओं में कुछ खतरे के संकेत दिखाई देते हैं जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए। यदि शिशु 6-8 घंटे से अधिक समय तक पेशाब नहीं करता है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। बार-बार पीली या हरी उल्टी होना और पेट फूलना भी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। दूध पीने में कठिनाई या सांस लेने में तकलीफ भी खतरे के संकेत हैं। शिशु का तापमान बहुत कम या बहुत अधिक होना भी चिंता का विषय है। इन संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 15:40:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>newborn, baby, health, doctor, signs, vomiting, urine, dehydration, feeding</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>शिशु में दिखने वाले खतरनाक संकेत</strong><br><br>डॉक्टरों के अनुसार, नवजात शिशुओं में कुछ खतरे के संकेत दिखाई देते हैं जिन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए। यदि शिशु 6-8 घंटे से अधिक समय तक पेशाब नहीं करता है, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है। बार-बार पीली या हरी उल्टी होना और पेट फूलना भी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, जिसके लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, यदि शिशु दूध पीने में कठिनाई महसूस कर रहा है या उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो यह भी खतरे का संकेत है। शिशु का तापमान बहुत कम या बहुत अधिक होना भी चिंता का विषय है। इन संकेतों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।<br><br><strong>डिस्क्लेमर:</strong> इस लेख में दी गई जानकारी पूरी तरह से डॉक्टर द्वारा साझा किए गए पोस्ट पर आधारित है। एनबीटी इनमें से किसी भी जानकारी की सटीकता, सत्यता व असर की गैरन्टी नहीं लेता है।]]> </content:encoded>
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<title>अंबानी की बहुओं को टक्कर देने वाली साड़ियाँ: श्लोका मेहता की बहनों का रॉयल अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/shloka-mehta-sisters-royal-style-ambani-wedding</link>
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<description><![CDATA[ श्लोका मेहता की कजिन बहनें आशना और आरिया, अनंत अंबानी की शादी में Hermès की सिल्क साड़ियों में नजर आईं। ये साड़ियां 2011 में लॉन्च हुई थीं और दुनिया में इनके सिर्फ 28 पीस ही बने थे। आरिया ने साड़ी को शिमरी गोल्डन ब्लाउज और हीरे-पन्ने के ब्रोच के साथ पहना था। उनकी मां पायल मेहता ने ये साड़ियां उन्हें दी थीं, जो आर्ट और डिजाइन की शौकीन हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 15:38:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>श्लोका मेहता, अंबानी वेडिंग, Hermès, सिल्क साड़ी, फैशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>अंबानी वेडिंग: श्लोका मेहता की बहनों ने खींचा ध्यान, पहनी खास सिल्क साड़ी</strong><br><br>मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी के फंक्शन में श्लोका मेहता की कजिन बहनों, आशना और आरिया की साड़ियों ने सबका ध्यान खींचा। इस रॉयल वेडिंग में, जहां अंबानी परिवार की लेडीज के फैशन की चर्चा थी, वहीं श्लोका की बहनों की Hermès की सिल्क साड़ियों ने लाइमलाइट चुरा ली।<br><br><strong> Hermès सिल्क साड़ियों की खासियत</strong><br><br>आशना और आरिया ने जो साड़ियां पहनी थीं, वो लग्जरी ब्रांड Hermès की थीं और 2011 में लॉन्च हुई थीं। दुनिया में सिर्फ 28 पीस ही बने थे, जिनमें से दो साड़ियां इन बहनों के पास हैं। आरिया ने अपनी साड़ी को अलग अंदाज में पहना था, जिसके साथ उन्होंने शिमरी गोल्डन ब्लाउज और हीरे-पन्ने का ब्रोच लगाया था। उन्होंने तीन अलग-अलग तरह के हार और रूबी-हीरे के कंगन भी पहने थे, जिससे उनका लुक काफी क्लासी लग रहा था।<br><br><strong>मां ने दी थी साड़ियां</strong><br><br>आशना और आरिया को ये साड़ियां उनकी मां पायल मेहता ने दी थीं, जिन्हें आर्ट और डिजाइन का शौक था। पायल ने ये साड़ियां एक बुटीक से खरीदी थीं, जब आरिया सिर्फ 11 साल की थी।]]> </content:encoded>
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<title>यामिनी की प्रेरणादायक वेट लॉस यात्रा: 25 किलो घटाकर HR मैनेजर ने किया कमाल</title>
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<description><![CDATA[ इस लेख में फरीदाबाद की 27 वर्षीय एचआर मैनेजर यामिनी थापलियाल की कहानी बताई गई है, जिन्होंने आहार और व्यायाम के माध्यम से एक वर्ष में 25 किलो वजन कम किया। उसने जंक फूड बंद कर दिया, चीनी और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को कम कर दिया और शक्ति प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने फैड डाइट से परहेज किया और इसके बजाय संतुलित आहार खाया, यहां तक कि संयम में चॉकलेट का भी आनंद लिया। उनकी यात्रा उन लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो वजन कम करना चाहते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 15:38:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>weight loss, HR manager, Yamini Thapliyal, diet, exercise, fitness, transformation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>फरीदाबाद की 27 वर्षीय एचआर मैनेजर यामिनी थापलियाल ने अपनी वेट लॉस यात्रा से कई लोगों को प्रेरित किया है। </p><br/><p>कभी 83 किलो की रहीं यामिनी थापलियाल ने सफलतापूर्वक 25 किलो वजन कम किया, जिससे उनका वजन 59 किलो हो गया। </p><br/><p>उन्होंने यह परिवर्तन अनुशासित आहार और कसरत दिनचर्या के माध्यम से प्राप्त किया।</p><br/><p>यामिनी की यात्रा तब शुरू हुई जब उन्हें एहसास हुआ कि उनका वजन उनके स्वास्थ्य और लोगों की धारणा को प्रभावित कर रहा है। </p><br/><p>उन्हें अपने आकार के कारण आलोचना और अवांछित टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, जिसने उन्हें बदलाव करने के लिए प्रेरित किया।</p><br/><p>यामिनी को अपने फिटनेस लक्ष्यों तक पहुंचने में एक साल लग गया।</p><br/><p> उन्होंने घर पर दौड़ना, सीढ़ियाँ चढ़ना और रस्सी कूदना जैसे बुनियादी व्यायाम से शुरुआत की।</p><br/><p> धीरे-धीरे, उन्होंने जिम वर्कआउट को शामिल किया और शक्ति प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित किया, सप्ताह में पांच दिन वेट ट्रेनिंग को समर्पित किया। </p><br/><p>उनकी दिनचर्या में दो दिन ऊपरी शरीर के लिए, दो निचले शरीर के लिए और एक कार्डियो और कार्यात्मक प्रशिक्षण के लिए शामिल थे, प्रत्येक सत्र लगभग 1.5 घंटे तक चलता था। </p><br/><p>यामिनी ने अपने आहार में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया: उन्होंने जंक फूड पूरी तरह से बंद कर दिया।</p><br/><p> उन्होंने चीनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी कम कर दिया, जिससे उन्हें स्वच्छ और स्वस्थ आहार बनाए रखने में मदद मिली। </p><br/><p>उन्होंने फैड डाइट से परहेज किया और इसके बजाय संतुलित आहार पर ध्यान केंद्रित किया, किसी भी खाद्य समूह को पूरी तरह से खत्म करने के बजाय भाग के आकार को नियंत्रित किया। </p><br/><p>उन्होंने यहां तक कि संयम में चॉकलेट का आनंद लेने की अनुमति दी, अपनी कैलोरी सेवन पर नज़र रखी और पूरी बार के बजाय केवल एक या दो ब्लॉक ही खाए।</p><br/><p>यामिनी की कहानी दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प, आहार के प्रति संतुलित दृष्टिकोण और निरंतर व्यायाम से महत्वपूर्ण वजन घटाना और एक स्वस्थ जीवन शैली प्राप्त की जा सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>फेफड़ों का कैंसर: स्मोकिंग के बिना भी महिलाओं को खतरा, मेदांता के डॉक्टर ने बताई 5 वजह</title>
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<description><![CDATA[ मेदांता अस्पताल के डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि धूम्रपान न करने वाली महिलाओं में भी फेफड़ों का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण, पैसिव स्मोकिंग, जेनेटिक और हार्मोनल प्रभाव, कुछ व्यवसायों में हानिकारक गैसों के संपर्क में आना और पहले से मौजूद फेफड़ों की बीमारियां महिलाओं में फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारण हैं। डॉ. कुमार ने महिलाओं को समय पर स्क्रीनिंग और जांच कराने, घर के अंदर के प्रदूषण को कम करने और धूम्रपान से बचने की सलाह दी है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118915163/dr-from-medanta-hospital-top-5-major-causes-of-lung-cancer-in-women-118915163.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 12:17:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फेफड़ों का कैंसर, महिलाओं में फेफड़ों का कैंसर, डॉ. अरविंद कुमार, मेदांता अस्पताल, धूम्रपान, वायु प्रदूषण, एस्ट्रोजन, जेनेटिक म्यूटेशन, पैसिव स्मोकिंग, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), फेफड़ों की फाइब्रोसिस, टीबी (ट्यूबरकुलोसिस), जागरूकता, स्क्रीनिंग, नियमित स्वास्थ्य जांच, लंग ट्रांसप्लांट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[महिलाओं में फेफड़ों के कैंसर के बढ़ते मामलों को लेकर मेदांता अस्पताल के डॉ. अरविंद कुमार ने चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि धूम्रपान न करने वाली महिलाओं में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। <br><br><strong>महिलाओं में फेफड़ों के कैंसर के कारण:</strong><br><ul><li><strong>वायु प्रदूषण:</strong> वाहनों और उद्योगों से निकलने वाला धुआं महिलाओं के लिए बड़ा खतरा है।</li><li><strong>पैसिव स्मोकिंग:</strong> जो महिलाएं धूम्रपान नहीं करतीं, लेकिन धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहती हैं, उनमें भी खतरा बढ़ जाता है।</li><li><strong>जेनेटिक और हार्मोनल प्रभाव:</strong> कुछ जीन म्यूटेशन और एस्ट्रोजन हार्मोन भी कैंसर को बढ़ावा देते हैं।</li><li><strong>कामकाजी महिलाओं के लिए जोखिम:</strong> कुछ व्यवसायों में हानिकारक गैसों और रसायनों के संपर्क में आने से खतरा बढ़ता है।</li><li><strong>पहले से मौजूद फेफड़ों की बीमारियां:</strong> COPD, फेफड़ों की फाइब्रोसिस या टीबी जैसी बीमारियों से भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।</li></ul><br><strong>जागरूकता की जरूरत:</strong><br>डॉ. कुमार ने महिलाओं को समय पर स्क्रीनिंग और जांच कराने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने घर के अंदर के प्रदूषण को कम करने, धूम्रपान से बचने और शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिमाग तेज करने के लिए खाएं ये 6 चीजें</title>
<link>https://pratinidhi.in/6-vitamin-b12-and-omega-3-foods-for-brain-and-memory-power</link>
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<description><![CDATA[ आज के समय में दिमाग को तेज और याददाश्त को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। डॉ. प्रवीण गुप्ता के अनुसार, दूध, नट्स, मछली, हल्दी, हरी पत्तेदार सब्जियां और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थ दिमाग के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। साबुत अनाज मानसिक ऊर्जा का स्रोत हैं, हरी पत्तेदार सब्जियां मस्तिष्क स्वास्थ्य को बनाए रखती हैं, हल्दी मस्तिष्क के लिए चमत्कारी मसाला है, मछली दिमाग के लिए बढ़िया फूड है, नट्स ब्रेन के लिए हेल्दी स्नैक्स हैं और दूध दिमाग तेज करने के लिए बहुत अच्छा है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118913269/neurologist-dr-praveen-told-6-vitamin-b12-and-omega-3-foods-that-in-increase-brain-and-memory-power-118913269.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 12:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दिमाग, याददाश्त, विटामिन बी12, ओमेगा 3, दूध, नट्स, मछली, हल्दी, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, दिमाग को तेज रखना और याददाश्त को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। हमारा दिमाग शरीर के सबसे ज्यादा ऊर्जा इस्तेमाल करने वाले अंगों में से एक है, इसलिए इसे सही तरीके से काम करने के लिए पोषक तत्वों की जरूरत होती है।</p><br><p><strong>डॉ. प्रवीण गुप्ता</strong>, जो फोर्टिस अस्पताल में न्यूरोलॉजी के हेड हैं, बताते हैं कि कुछ खास फूड्स दिमाग को बेहतर बनाने, याददाश्त बढ़ाने और दिमागी फंक्शन को सुधारने में मदद कर सकते हैं।</p><br><p>डॉक्टर के अनुसार, दूध, नट्स, मछली, हल्दी, हरी सब्जियां और साबुत अनाज ऐसे फूड्स हैं, जिन्हें खाने से दिमाग को फायदा होता है।</p><br><p><strong>दिमाग के लिए 6 सुपरफूड्स:</strong></p><br><ol><li><strong>साबुत अनाज:</strong> जई, ब्राउन राइस और क्विनोआ जैसे साबुत अनाज दिमाग को लगातार ऊर्जा देते हैं, जिससे ध्यान और याददाश्त बेहतर होती है।</li><br><li><strong>हरी पत्तेदार सब्जियां:</strong> पालक, केल और ब्रोकली में विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो दिमाग को स्वस्थ रखते हैं।</li><br><li><strong>हल्दी:</strong> हल्दी में मौजूद करक्यूमिन दिमाग के लिए बहुत अच्छा होता है, क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं।</li><br><li><strong>मछली:</strong> सैल्मन, मैकेरल और सार्डिन जैसी मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो दिमाग की कोशिकाओं के बीच बेहतर कनेक्शन बनाने में मदद करता है।</li><br><li><strong>नट्स:</strong> नट्स में हेल्दी फैट, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन होते हैं, जो दिमाग को तेज करते हैं।</li><br><li><strong>दूध:</strong> दूध में कैल्शियम और विटामिन B12 होता है, जो दिमाग की कोशिकाओं को आपस में जुड़ने और याददाश्त को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।</li></ol><br><p>इन फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप अपने दिमाग को स्वस्थ और तेज रख सकते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>हनी सिंह का वजन घटाने का राज: 30 दिन में 17 किलो कम!</title>
<link>https://pratinidhi.in/honey-singh-weight-loss-journey-diet-and-workout-plan</link>
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<description><![CDATA[ मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह ने सिर्फ एक महीने में 17 किलो वजन घटाकर अपने प्रशंसकों को चौंका दिया है। उनके वजन घटाने में ग्रीन डिटॉक्स ड्रिंक, सख्त डाइट प्लान और इंटेंस वर्कआउट रूटीन का बड़ा योगदान रहा। हनी सिंह के फिटनेस कोच अरुण कुमार के अनुसार, सही डाइट प्लान, कड़ी एक्सरसाइज और एक खास ग्रीन जूस ने उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने में मदद की। डिटॉक्स ड्रिंक को बनाने के लिए चुकंदर, खीरा, आंवला, गाजर और धनिया पत्ते का इस्तेमाल किया गया। हनी सिंह ने प्रोसेस्ड फूड, शुगर और शराब से दूरी बनाई। वजन कम करने के लिए हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट रूटीन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो को फॉलो किया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118915211/honey-singh-lost-17-kg-just-in-1-month-know-his-diet-and-workout-plan-to-lose-weight-fast-118915211.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 12:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Honey Singh, Weight Loss, Diet Plan, Green Juice, Workout, Fitness, Yo Yo Honey Singh, रैपर यो यो हनी सिंह, वेट लॉस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>हनी सिंह का वजन घटाने का राज: 30 दिन में 17 किलो कम!</b><br><br>मशहूर रैपर यो यो हनी सिंह ने सिर्फ एक महीने में 17 किलो वजन घटाकर अपने प्रशंसकों को चौंका दिया है। उन्होंने 95 किलो से 77 किलो तक का सफर तय किया, जिससे यह साबित होता है कि समर्पण और अनुशासन से कुछ भी संभव है।<br><br>उनके वजन घटाने में तीन मुख्य चीजें शामिल थीं: ग्रीन डिटॉक्स ड्रिंक, सख्त डाइट प्लान और इंटेंस वर्कआउट रूटीन। हनी सिंह के फिटनेस कोच अरुण कुमार के अनुसार, सही डाइट प्लान, कड़ी एक्सरसाइज और एक खास ग्रीन जूस ने उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने में मदद की।<br><br><b>ग्रीन जूस का महत्व</b><br>हनी सिंह की डाइट में ग्रीन जूस का अहम रोल रहा। यह जूस शरीर को डिटॉक्स करने और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है। यह आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर था, जिससे शरीर की चर्बी तेजी से घटने में मदद मिली। इस डिटॉक्स ड्रिंक को बनाने के लिए चुकंदर, खीरा, आंवला, गाजर और धनिया पत्ते का इस्तेमाल किया गया। हनी सिंह ने रोजाना सुबह खाली पेट इस जूस का सेवन किया।<br><br><b>हनी सिंह का डाइट प्लान</b><br><ul><li>ब्रेकफास्ट: एक गिलास ग्रीन डिटॉक्स जूस और मिक्स वेजिटेबल पल्प</li><li>लंच: उबला हुआ चिकन और थोड़ा चावल</li><li>शाम का स्नैक: एक कटोरी सब्जी का सूप या उबला हुआ चिकन</li><li>डिनर: हरी सब्जियां या सूप</li></ul><br>हनी सिंह ने प्रोसेस्ड फूड, शुगर और शराब से दूरी बनाई।<br><br><b>वर्कआउट रूटीन</b><br>हनी सिंह ने वजन कम करने के लिए हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट रूटीन, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो और हाई-रेप्स सेट्स को फॉलो किया। उन्होंने सप्लीमेंट्स के बिना नेचुरल तरीके से वजन घटाया और अपनी डाइट में रोजाना लगभग 60 ग्राम प्रोटीन शामिल किया।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>भाई ने ईद पर बहन को बनाया शहजादी, खुद सिले कपड़े</title>
<link>https://pratinidhi.in/brother-makes-sister-princess-by-stitching-clothes-on-eid</link>
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<description><![CDATA[ रमजान के महीने में एक भाई ने अपनी बहन के लिए खुद कपड़े सिलकर एक अनूठी मिसाल पेश की है। सोशल मीडिया पर फैशन वीडियो बनाने वाले शहनवाज खान ने अपनी बहन जोया के लिए ईद का खास शरारा सेट तैयार किया। जोया ने जब इसे पहना तो वह बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। शहनवाज अपनी बहन की हर फरमाइश पूरी करते हैं, चाहे वह कपड़े हों या मेकअप, और जोया भी अपने आत्मविश्वास से सबका दिल जीत लेती हैं। इस बार उन्होंने नीले रंग के कपड़े से फुल स्लीव्स का कुर्ता और प्लाजो बनाया, जिसे मोतियों से सजाया गया था। जोया ने पिंक मेकअप के साथ अपने लुक को पूरा किया, जिससे वह और भी हसीन लग रही थीं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 12:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Eid, fashion, social media, influencer, brother-sister</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[रमजान का महीना चल रहा है और ईद की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस बीच, एक भाई ने अपनी बहन के लिए कपड़े सिलकर सभी का ध्यान खींचा है.<br><br><strong>शहनवाज खान</strong>, जो सोशल मीडिया पर फैशन वीडियो के लिए जाने जाते हैं, ने अपनी बहन <strong>जोया</strong> के लिए ईद का शरारा सेट बनाया। जोया ने जब ईद के लिए नए कपड़े मांगे, तो शहनवाज ने खुद ही यह खूबसूरत आउटफिट डिजाइन किया।<br><br>शहनवाज अपनी बहन जोया की डिमांड पर तरह-तरह के कपड़े सिलते हैं और उसे तैयार भी करते हैं। वह बालों से लेकर मेकअप तक सब कुछ खुद ही करते हैं। जोया भी अपने अंदाज और आत्मविश्वास से लोगों का दिल जीत लेती हैं।<br><br>शहनवाज ने आउटफिट को डिजाइन करने का पूरा वीडियो शेयर किया है। उन्होंने नीले रंग का फैब्रिक लेकर फुल स्लीव्स वाला कुर्ता बनाया, जिसके साथ प्लेन प्लाजो पैंट्स डिजाइन की। दुपट्टे को मोतियों की लटकन लगाकर सजाया।<br><br>जोया के कुर्ते को सिल्वर सेक्वीन सितारों और स्टोन से डिजाइन किया गया है, जिससे उसे हैवी लुक मिला है। कुर्ते और स्लीव्स के बॉर्डर को चौड़ा रखा गया है। पैंट्स और दुपट्टा लुक को बैलेंस कर रहे हैं। दुपट्टे पर मोतियों को लगाकर बॉर्डर को हाइलाइट किया गया है।<br><br>जोया ने पिंकिश टोन मेकअप के साथ लुक को पूरा किया। पिंक लिप्स, ब्लश्ड चीक्स और आईशैडो से उनके चेहरे पर फ्रेशनेस बनी रही। बालों में एक्सटेंशन लगाकर उन्हें सॉफ्ट कर्ल्स करके खुला रखा गया, जिसकी लोगों ने खूब तारीफ की।]]> </content:encoded>
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<title>मच्छर भगाने के लिए प्याज और लौंग: कविता गर्ग का आसान उपाय</title>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर कविता गर्ग ने मच्छर भगाने का आसान तरीका बताया है। इसके लिए प्याज में छेदकर उसमें सरसों का तेल, कपूर और लौंग डालकर दीया बनाएं और शाम को जलाएं। एक अन्य विधि में नीम की सूखी पत्तियां, प्याज-लहसुन के छिलके, तेजपत्ता, लौंग और कपूर को पीसकर दीये में जलाएं। यह तरीका पूनम देवनानी ने बताया है और उनके अनुसार यह सबसे सस्ता उपाय है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 12:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मच्छर, प्याज, लौंग, घरेलू उपाय, कविता गर्ग, मक्खी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>मच्छरों से छुटकारा पाने का आसान तरीका: कविता गर्ग का नुस्खा</b><br><br>सर्दी कम होने के साथ ही मच्छरों की संख्या बढ़ने लगी है, खासकर शाम के समय। कंटेंट क्रिएटर कविता गर्ग ने मच्छरों को भगाने का एक सरल उपाय बताया है, जिसके लिए आपको ज्यादा कुछ खरीदने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि ज्यादातर चीजें आपकी रसोई में ही मिल जाएंगी।<br><br>मौसम बदलने पर कुछ समस्याएं हल हो जाती हैं, जबकि कुछ और परेशानियां शुरू हो जाती हैं। सर्दियों में कपड़ों को संभालने की चिंता कम हो जाती है, लेकिन मच्छरों की समस्या बढ़ जाती है, जो रातों में भी सोने नहीं देते।<br><br>मच्छरों से तुरंत राहत पाने के लिए लोग अक्सर केमिकल युक्त उत्पादों का उपयोग करते हैं, जिनसे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इसलिए, कविता गर्ग एक प्राकृतिक तरीका बता रही हैं जिससे मच्छरों को घर से भगाया जा सकता है।<br><br><b>आवश्यक सामग्री:</b><br><ul><li>एक प्याज</li><li>4-5 लौंग</li><li>फूलबाती</li><li>सरसों का तेल</li><li>कपूर</li></ul><br><br><b>इस्तेमाल करने का तरीका:</b><br>सबसे पहले, प्याज के बीच में चाकू की मदद से एक छेद बनाएं ताकि यह दीये की तरह जल सके। फिर, प्याज के अंदर सरसों का तेल, कपूर और लौंग डालें। इस प्रकार, आपका मच्छर भगाने वाला दीया तैयार हो जाएगा। इसे शाम के समय जलाएं जब मच्छर काटने लगते हैं। कविता गर्ग का दावा है कि इस उपाय से मच्छर और मक्खियां दूर रहेंगी।<br><br><b>दीये में धुआं करके भी मच्छरों को भगाएं</b><br>आप चाहें तो नीम की सूखी पत्तियों का चूर्ण, प्याज और लहसुन के छिलके, तेजपत्ता, लौंग और कपूर को मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण को दीये में जलाकर शाम को मच्छरों को भगा सकते हैं। पूनम देवनानी के अनुसार, यह मच्छर भगाने का सबसे सस्ता तरीका है।]]> </content:encoded>
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<title>पलाश के पानी से खेलें होली, पाएं स्किन की बीमारियों से राहत</title>
<link>https://pratinidhi.in/palash-flower-holi-water-benefits-for-skin-and-health</link>
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<description><![CDATA[ होली के त्योहार में रासायनिक रंगों से होने वाले नुकसान से बचने के लिए पलाश के फूलों से बने पानी का उपयोग एक बेहतर विकल्प है। आयुर्वेदिक चिकित्सक दीक्षा भावसार सावलिया के अनुसार, पलाश के फूल त्वचा को एलर्जी और संक्रमण से बचाते हैं, साथ ही शरीर को कीटाणुरहित करते हैं। यह पानी एक्जिमा, फंगल इंफेक्शन और सोरायसिस जैसी बीमारियों में भी लाभकारी है। पलाश के फूलों का पेस्ट बनाकर लगाने से त्वचा की रंगत सुधरती है और दाग-धब्बे कम होते हैं। इसके अतिरिक्त, पलाश के पानी का सेवन एसिडिटी, सिरदर्द और माइग्रेन से राहत दिलाता है। यह कफ और पित्त दोष को संतुलित कर रक्त विकारों से भी बचाता है। इस प्रकार, पलाश के फूलों से बना होली का पानी स्वास्थ्य और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118917617/how-to-make-holi-water-with-palash-flower-and-their-health-benefits-and-uses-118917617.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 12:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Palash flower, Holi water, skin benefits, Ayurveda, natural Holi colors</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>होली के लिए पलाश के फूलों का उपयोग: एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प</strong><br><br>होली के त्योहार में रासायनिक रंगों का उपयोग त्वचा के लिए हानिकारक हो सकता है, जिससे एलर्जी और संक्रमण का खतरा होता है। <br><br>आयुर्वेदिक चिकित्सक दीक्षा भावसार सावलिया के अनुसार, पलाश के फूलों से बना होली का पानी एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प है। <br><br><strong>पलाश के पानी के फायदे</strong><br><br>पलाश के फूल, जो गर्मी में खिलते हैं, त्वचा को हानिकारक प्रभावों से बचाते हैं और शरीर को कीटाणुरहित करते हैं। <br><br>यह पानी एक्जिमा, फंगल इंफेक्शन, सोरायसिस और त्वचा के चकत्तों को ठीक करने में भी मदद करता है।<br><br><strong>पलाश के पानी का उपयोग कैसे करें</strong><br><br>पलाश के फूलों को पानी में उबालकर इस पानी से स्नान करें या फिर इसे त्वचा पर लगाएं। <br><br>पलाश के फूलों का पेस्ट बनाकर त्वचा पर लगाने से रंगत में सुधार होता है और दाग-धब्बे कम होते हैं।<br><br><strong>पलाश के पानी के अन्य लाभ</strong><br><br>पलाश के फूलों का पानी पीने से एसिडिटी, सिरदर्द और माइग्रेन से राहत मिलती है। <br><br>यह शरीर में कफ और पित्त दोष को संतुलित करता है और रक्त विकारों से बचाता है।<br><br><strong>निष्कर्ष</strong><br><br>पलाश के फूलों से बना होली का पानी न केवल सुरक्षित है, बल्कि त्वचा और स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। इस होली, रासायनिक रंगों से बचें और प्रकृति के इस अद्भुत उपहार का आनंद लें।]]> </content:encoded>
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<title>तुलसी फेस मास्क: पाएं मुंहासों से मुक्ति और निखरी त्वचा</title>
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<description><![CDATA[ रुचिता घग द्वारा साझा किया गया तुलसी फेस मास्क मुंहासों को कम करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है। इसे बनाने के लिए तुलसी की पत्तियों को पानी में पीसकर बेसन और हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाएं, फिर धो लें। तुलसी के डिटॉक्सिफाइंग और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। हफ्ते में दो बार इस्तेमाल करें और प्राकृतिक रूप से निखरी त्वचा पाएं। यह त्वचा की टोन को ठीक करने, पोषण देने और त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में भी सहायक है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118918051/how-to-make-tulsi-face-mask-to-reduce-acne-and-pimples-by-content-creator-ruchita-ghag-118918051.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 12:17:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तुलसी फेस मास्क, एक्ने, पिंपल्स, रुचिता घग, ग्लोइंग स्किन, फेस मास्क, स्किन केयर, होम रेमेडीज, ब्यूटी टिप्स, नेचुरल स्किन केयर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>तुलसी फेस मास्क: मुंहासों से मुक्ति और निखरी त्वचा का राज</b><br><br>आज हम आपको तुलसी से बने एक ऐसे फेस मास्क के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके चेहरे से मुंहासों को दूर करके उसे चमकदार बनाने में मदद करेगा। यह नुस्खा कंटेंट क्रिएटर रुचिता घग ने अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया है, और यह बहुत ही फायदेमंद है। तो आइये, जानते हैं कि इसे कैसे बनाया और इस्तेमाल किया जाता है।<br><br><b>तुलसी फेस मास्क बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:</b><br><ul><li>तुलसी की पत्तियां - 1 मुट्ठी</li><li>पानी - 1 कटोरी</li><li>बेसन - 2 चम्मच</li><li>हल्दी - 1/3 चम्मच</li></ul><br><b>तुलसी फेस मास्क बनाने की विधि:</b><br><ol><li>सबसे पहले, एक कटोरी पानी में तुलसी की पत्तियों को डालकर मिक्सी में पीस लें।</li><li>तैयार पेस्ट को एक कटोरी में निकालें और उसमें बेसन और हल्दी डालकर अच्छी तरह मिलाएं।</li><li>तैयार पैक को अपने चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट तक सूखने दें।</li><li>समय पूरा होने के बाद, अपना चेहरा धो लें और देखें कि आपके चेहरे पर कितना निखार आता है।</li><li>चेहरा धोने के बाद, मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें।</li><li>आप इस नुस्खे का इस्तेमाल हफ्ते में दो बार कर सकते हैं और प्राकृतिक रूप से साफ और चमकदार त्वचा पा सकते हैं।</li></ol><br><b>तुलसी फेस मास्क के फायदे:</b><br><ul><li>तुलसी के डिटॉक्सिफाइंग गुण प्रदूषण, यूवी किरणों और तनाव के कारण असमान त्वचा टोन को ठीक करने में मदद करते हैं।</li><li>तुलसी एसेंशियल ऑयल त्वचा को पोषण और नमी प्रदान करते हैं।</li><li>तुलसी के सुखदायक गुण रेडनेस, खुजली और एक्जिमा, सोरायसिस और रोसैसिया जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करते हैं।</li><li>इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं।</li><li>एंटीऑक्सीडेंट गुण पिगमेंटेशन को कम करने में मदद करते हैं।</li><li>तुलसी के एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान और यूवी विकिरण से बचाने में मदद करते हैं।</li></ul><br>यह फेस मास्क न केवल मुंहासों को कम करने में मदद करता है, बल्कि त्वचा को स्वस्थ और चमकदार भी बनाता है।]]> </content:encoded>
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<title>सर्दी&amp;खांसी और कमजोरी: दादी मां के अचूक नुस्खे</title>
<link>https://pratinidhi.in/effective-home-remedies-for-cough-cold-weakness</link>
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<description><![CDATA[ बदलते मौसम में स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। दादी मां के पुराने घरेलू नुस्‍खे मददगार हो सकते हैं। हल्‍दी, शहद, अदरक, तुलसी और लौंग जैसे तत्‍व इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। सर्दी-खांसी के लिए घरेलू कफ सीरप बहुत अच्‍छा है। मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए दही और शहद का फेस पैक लगाएं। बालों को सिल्‍की बनाने के लिए तेल में नींबू मिलाकर मालिश करें। डार्क सर्कल से छुटकारा पाने के लिए बादाम का तेल लगाएं। इम्‍यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्‍दी वाला दूध पिएं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:35:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Home remedies, Cough, Cold, दादी मां के नुस्‍खे, सर्दी-खांसी, कमजोरी, immunity, त्वचा, बाल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बदलते मौसम में स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी समस्‍याएं बढ़ जाती हैं। सर्दी-खांसी, गले में खराश और कमजोरी की शिकायत आम है। कई लोग मुंहासे, डार्क सर्कल और बेजान बालों से परेशान रहते हैं। ऐसे में दादी मां के पुराने घरेलू नुस्‍खे मददगार हो सकते हैं।
<br><br>

डॉ. पीयूष मिश्रा के अनुसार, बदलते मौसम में स्‍वस्‍थ रहने के लिए प्राकृतिक तरीकों को अपनाना जरूरी है। हल्‍दी, शहद, अदरक, तुलसी और लौंग जैसे तत्‍व इम्‍यूनिटी को मजबूत बनाते हैं।
<br><br>

दादी मां के नुस्‍खों में सर्दी-खांसी के लिए घरेलू कफ सीरप बहुत अच्‍छा है। एक गिलास गर्म पानी में आधा चम्‍मच शहद, कुछ बूंदें नींबू और एक चुटकी दालचीनी पाउडर मिलाकर दिन में दो-तीन बार पिएं।
<br><br>

मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए दो बड़े चम्‍मच दही में आधा चम्‍मच शहद मिलाकर चेहरे पर 25 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें। हफ्ते में दो-तीन बार ऐसा करने से त्‍वचा साफ और मुलायम बनी रहेगी।
<br><br>

बालों को सिल्‍की और स्‍मूद बनाने के लिए नारियल या सरसों के तेल में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर बालों की मालिश करें और तीन घंटे बाद शैंपू कर लें।
<br><br>

डार्क सर्कल से छुटकारा पाने के लिए रात को सोने से पहले आंखों के नीचे बादाम का तेल लगाएं और हल्‍के हाथों से मसाज करें।
<br><br>

इम्‍यूनिटी बढ़ाने के लिए हल्‍दी वाला दूध पिएं। हल्‍दी में मौजूद एंटीबायोटिक गुण शरीर को संक्रमण से बचाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>फल या जूस: सेहत के लिए क्या है बेहतर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/fruit-or-juice-what-is-more-healthy</link>
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<description><![CDATA[ विशेषज्ञों का कहना है कि फल खाने से सेहत को ज्यादा फायदा होता है क्योंकि जूस में फाइबर नहीं होता। फल और सब्जियों में पोषक तत्वों के साथ-साथ हेल्दी फाइबर भी होता है, जो जूस निकालने के दौरान नष्ट हो जाता है। फाइबर पाचन क्रिया को सही रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन 30 ग्राम फाइबर और महिलाओं को 25 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है। इसलिए फल खाने की आदत को बरकरार रखना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:33:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फल, जूस, सेहत, फाइबर, विटामिन, पोषक तत्व</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आहार में फल और जूस के फायदे: पोषण किससे मिलेगा ज्यादा?<br><br>आमतौर पर सलाह दी जाती है कि हर दिन के भोजन में कम से कम एक फल जरूर शामिल करें। कुछ लोग फल खाने की जगह जूस पीना ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फल ज्यादा फायदेमंद है या जूस? आइए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।<br><br>सेहतमंद रहने के लिए हेल्थ एक्सपर्ट्स हमेशा सही डाइट और नियमित एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। ये दोनों चीजें फिटनेस के लिए बहुत जरूरी हैं। भोजन के माध्यम से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जो शरीर को बीमारियों से बचाते हैं, अंगों को ठीक से काम करने में मदद करते हैं और उनके विकास के लिए आवश्यक होते हैं।<br><br>हमें अपने दैनिक आहार में फल और सब्जियों को अवश्य शामिल करना चाहिए। ये हमें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर, मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और फ्लू जैसी समस्याओं से बचा सकते हैं।<br><br>हालांकि, कई लोग फल खाने की बजाय जूस पीना पसंद करते हैं, खासकर वे लोग जो वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं। वे जूस इसलिए पीते हैं ताकि उनका पेट भरा रहे और वजन घटाने में मदद मिले। लेकिन सवाल यह है कि क्या फलों का जूस, साबुत फल से ज्यादा फायदेमंद होता है?<br><br>फल या जूस: कौन है ज्यादा फायदेमंद?<br><br>अगर आप भी फल खाने की जगह जूस पीने के शौकीन हैं, तो अपनी इस आदत को बदलने की कोशिश करें, क्योंकि फल के मुकाबले जूस उतना फायदेमंद नहीं होता। यह सुनकर कई लोगों को हैरानी होगी कि फल, जूस से ज्यादा बेहतर माना जाता है।<br><br>फल क्यों है बेहतर विकल्प<br><br>आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि फल खाना या उसका जूस पीना तो एक ही बात है, फिर जूस को कम फायदेमंद क्यों कहा जा रहा है? इस बारे में मेयो क्लिनिक ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि जूस में फलों में पाए जाने वाले ज्यादातर विटामिन, खनिज और प्लांट केमिकल होते हैं।<br><br>जबकि साबुत फल और सब्जियों में पोषक तत्वों और मिनरल्स के साथ-साथ हेल्दी फाइबर भी होता है, जो जूस निकालने के दौरान नष्ट हो जाता है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि शरीर, फलों और सब्जियों की तुलना में जूस से पोषक तत्वों को ज्यादा अच्छी तरह से सोख सकता है, लेकिन यह सच नहीं है।<br><br>फाइबर क्या है?<br><br>फाइबर एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है, जो दो तरह का होता है: घुलनशील (सॉल्युबल) और अघुलनशील (इनसॉल्युबल)। ये दोनों ही प्रकार के फाइबर शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। फाइबर पाचन क्रिया को सही रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, यह ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। फाइबर की मदद से वजन को भी नियंत्रित रखा जा सकता है।<br><br>फाइबर की दैनिक जरूरत<br><br>हेल्थ एक्सपर्ट्स रोजाना फाइबर को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। बेटर हेल्थ के अनुसार, वयस्क पुरुषों को प्रतिदिन 30 ग्राम फाइबर और महिलाओं को 25 ग्राम फाइबर की जरूरत होती है।<br><br>डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शिल्पा शिरोडकर ने 51 की उम्र में OMAD डाइट से घटाया 14 किलो वजन</title>
<link>https://pratinidhi.in/omad-diet-shilpa-shirodkar-lost-weight-at-51-years-old</link>
<guid>https://pratinidhi.in/omad-diet-shilpa-shirodkar-lost-weight-at-51-years-old</guid>
<description><![CDATA[ 51 वर्षीय शिल्पा शिरोडकर ने OMAD डाइट से 14 किलो वजन घटाया। यह डाइट इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक कठिन रूप है, जिसमें व्यक्ति पूरे दिन में एक बार भोजन करता है और 23 घंटे उपवास करता है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है और कैलोरीज को कंट्रोल करती है। शिल्पा ने इस डाइट से शारीरिक और मानसिक रूप से बेहतर महसूस किया। OMAD का मतलब है ‘वन मील अ डे’, जिसमें व्यक्ति कैलोरीज कम लेता है और शरीर वजन घटाने पर काम करता है। लंच के समय एक मील खाना बेहतर है, जिसमें सभी पोषक तत्व शामिल हों। किसी भी डाइट प्लान को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118886738/omad-diet-is-good-for-weight-loss-shilpa-shirodkar-lost-14-kg-weight-118886738.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:33:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>OMAD डाइट, शिल्पा शिरोडकर, वजन घटाना, इंटरमिटेंट फास्टिंग, मेटाबॉलिज्म, कैलोरीज, फैट बर्न, हेल्दी लाइफ़स्टाइल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[51 वर्षीय बिग बॉस 18 की कंटेस्टेंट शिल्पा शिरोडकर ने OMAD डाइट से 14 किलो वजन घटाकर सबको चौंका दिया।<br><br>शिल्पा शिरोडकर का यह अनुभव उन लोगों के लिए प्रेरणादायक है जो कम समय में वजन कम करना चाहते हैं। उन्होंने OMAD (one meal a day) डाइट का पालन किया, लेकिन इस डाइट को अपनाने से पहले इसके लाभ और जोखिमों को समझना जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही किसी डाइट प्लान का चयन करना चाहिए।<br><br>बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर ने अपनी फिटनेस जर्नी से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया है। 51 साल की उम्र में भी उन्होंने लगभग 14 किलो वजन कम करके यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और सही डाइट से कोई भी अपने फिटनेस लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।<br><br>हाल के वर्षों में OMAD डाइट बहुत तेजी से लोकप्रिय हो रही है, खासकर उन लोगों के बीच जो इंटरमिटेंट फास्टिंग के कांसेप्ट को अपनाकर अपना वजन घटाना चाहते हैं। इस डाइट में व्यक्ति पूरे दिन में सिर्फ एक बार भोजन करता है और बाकी 23 घंटे उपवास में बिता देता है। यह डाइट हमारे मेटाबॉलिज्म को बढ़ाती है, कैलोरीज को कंट्रोल में रखती है और शरीर को फैट बर्न मोड में लाने का काम करती है। शिल्पा शिरोडकर ने इस डाइट को अपनाने के बाद न केवल अपने वजन को कम किया, बल्कि खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से भी बेहतर महसूस किया।<br><br>ओएमएडी डाइट का पूरा नाम ‘वन मील अ डे’ है। यह डाइट इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक कठिन रूप है। इंटरमिटेंट फास्टिंग में व्यक्ति 14 या 16 घंटे भूखा रहता है और 8 या 10 घंटे में खाना खाता है, लेकिन ओएमएडी डाइट में व्यक्ति पूरे दिन में केवल एक बार ही खाना खाता है और बाकी के 23 घंटों में कुछ भी नहीं खाता है। इस डाइट प्लान को फॉलो करने से व्यक्ति कैलोरीज का सेवन कम करता है और बाकी के समय में हमारा शरीर वजन घटाने पर कार्य करता है।]]> </content:encoded>
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<title>पुदीने की चाय: गर्मियों में कमजोर पाचन और सिर दर्द से राहत</title>
<link>https://pratinidhi.in/mint-tea-benefits-for-health-digestion-and-headache</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में पुदीने की चाय पीने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, यह पाचन को सुधारती है और सिर दर्द से राहत दिलाती है। पुदीने में विटामिन ए, सी, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को बीमारियों और संक्रमणों से बचाने में मदद करते हैं। पुदीने की चाय पेट की खराबी, सांसों की दुर्गंध, IBS के लक्षणों, नेजल कंजेशन और सिर दर्द को कम करने में भी मदद करती है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:33:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पुदीना, चाय, स्वास्थ्य, आयुर्वेद, पेट, सिर दर्द</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में पुदीने की चाय पीने के कई फायदे हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर के अनुसार, पुदीने की चाय पाचन को सुधारती है और सिर दर्द से राहत दिलाती है। <br><br>भारत में चाय एक लोकप्रिय पेय है, और कई लोग दूध वाली चाय से दिन की शुरुआत करते हैं। लेकिन, पुदीने की चाय पीने से शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।<br><br>पुदीने में विटामिन ए, सी, पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व होते हैं। यह शरीर को बीमारियों और संक्रमणों से बचाने में मदद करता है।<br><br>पुदीने की चाय पीने से पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और इम्यूनिटी बढ़ती है। यह पेट की खराबी को ठीक करने, सांसों की दुर्गंध को कम करने, IBS के लक्षणों को कम करने, नेजल कंजेशन से राहत दिलाने और सिर दर्द को कम करने में भी मदद करता है।<br><br>मशहूर आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार सावलिया के अनुसार, पुदीने की चाय पेट के लिए बहुत अच्छी होती है। इसमें मेन्थॉल होता है, जो पाचन तंत्र को शांत करता है और पेट की समस्याओं से राहत दिलाता है।]]> </content:encoded>
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<title>तारक मेहता की दया बेन: डिलीवरी में गायत्री मंत्र का जाप</title>
<link>https://pratinidhi.in/disha-vakani-revealed-experience-of-pregnancy-and-delivery-time</link>
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<description><![CDATA[ तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम दिशा वकानी ने बताया कि उन्हें डिलीवरी के दौरान चीखने से बचने की सलाह दी गई थी, क्योंकि इससे बच्चे को डर लग सकता है। इसलिए उन्होंने गायत्री मंत्र का जाप किया। विशेषज्ञों के अनुसार, चीखने से महिला का रक्तचाप बढ़ सकता है और ऑक्सीजन का स्तर गिर सकता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक है। प्रसव के दौरान दर्द कम करने के लिए शांत रहना, मानसिक तकनीकों का उपयोग करना और गायत्री मंत्र का जाप करना फायदेमंद हो सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:21:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>disha vakani, pregnancy, delivery, गायत्री मंत्र, लेबर रूम, प्रेग्नेंसी जर्नी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>तारक मेहता की दया बेन ने डिलीवरी के दौरान गायत्री मंत्र का जाप किया</strong><br><br>तारक मेहता का उल्टा चश्मा की मशहूर अदाकारा दिशा वकानी, जो दया बेन के नाम से भी जानी जाती हैं, ने अपनी गर्भावस्था के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्हें सलाह दी गई थी कि प्रसव के दौरान चीखने से बच्चे को डर लग सकता है, इसलिए उन्होंने गायत्री मंत्र का जाप किया।<br><br><strong>डिलीवरी के दौरान चीखने के नुकसान</strong><br><br>विशेषज्ञों के अनुसार, प्रसव के दौरान चीखने से महिला का रक्तचाप बढ़ सकता है, जो हृदय रोगियों के लिए खतरनाक है। इससे गर्दन, जबड़े और कंधों की मांसपेशियों में भी अकड़न हो सकती है। तेज आवाज से सांस फूलने और ऑक्सीजन का स्तर गिरने का खतरा भी होता है, जिससे मां और बच्चे दोनों प्रभावित हो सकते हैं।<br><br><strong>दर्द से राहत के लिए सांस लेने की तकनीक</strong><br><br>कुछ महिलाओं को चीखने से दर्द में राहत मिलती है, जबकि अन्य को तनाव महसूस होता है। इसलिए, प्रसव के दौरान दर्द को प्रबंधित करने के लिए सांस लेने की सही तकनीक का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।<br><br><strong>शिशु पर प्रभाव</strong><br><br>मां के चीखने या तनाव लेने से एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन निकलते हैं, जो शिशु को तनावग्रस्त कर सकते हैं। यदि चीखने से मां को सांस लेने में तकलीफ होती है, तो यह बच्चे के लिए भी हानिकारक हो सकता है।<br><br><strong>दर्द कम करने के उपाय</strong><br><br>प्रसव के दौरान दर्द कम करने के लिए शांत रहना, मानसिक तकनीकों का उपयोग करना, एक्यूप्रेशर, अरोमा थेरेपी, संगीत और मालिश जैसे तरीकों को अपनाना फायदेमंद हो सकता है। गायत्री मंत्र का जाप भी लाभकारी माना जाता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>सलमान खान के फार्म हाउस पर वलूशा: ग्लैमरस अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/salman-khan-farmhouse-waluscha-sizzling-glamorous-looks</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में वलूशा डिसूजा के ग्लैमरस अंदाज और स्टाइलिश लुक्स के बारे में बताया गया है। लॉकडाउन के दौरान सलमान खान के फार्महाउस पर रहने के बाद वलूशा चर्चा में आईं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर उनकी खूबसूरत तस्वीरें हैं, जिनसे उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। लेख में उनके कुछ खास लुक्स का भी वर्णन किया गया है, जैसे वाइट ब्रालेट के साथ डेनिम जींस, ब्लैक शॉर्ट ड्रेस, वाइट स्ट्रैपी कॉरसेट ड्रेस और पर्पल गाउन। इन सभी लुक्स में वलूशा बेहद खूबसूरत और आकर्षक लग रही हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118881112/waluscha-de-sousa-sizzling-looks-will-win-your-heart-who-stayed-with-salman-khan-at-his-farmhouse-in-lockdown-118881112.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:21:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वलूशा डिसूजा, सलमान खान, ग्लैमरस, फैशन, स्टाइल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>वलूशा डिसूजा, जो लॉकडाउन के दौरान सलमान खान के फार्महाउस पर रहने के बाद चर्चा में आईं, अपने ग्लैमरस अंदाज के लिए जानी जाती हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स उनकी खूबसूरत तस्वीरों से भरे हुए हैं।</p><br><br> <p>कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के दौरान, वलूशा ने सलमान खान का इंटरव्यू लिया, जिसके बाद वे दोस्त बन गए। वलूशा अब 'क्रैकडाउन' और 'एस्केप लाइव' जैसी सीरीज में काम कर चुकी हैं और अपने फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं।</p><br><br> <p>43 साल की और तीन बच्चों की मां वलूशा डिसूजा आज भी अपने स्टाइल से सबको हैरान कर देती हैं। चाहे वह वाइट ब्रालेट के साथ ओपन शर्ट और डेनिम जींस में हों, या फिर ब्लैक शॉर्ट ड्रेस और ऊंची हील्स में, वलूशा हर लुक में कमाल लगती हैं। वाइट ड्रेस में उनका सिजलिंग अंदाज हो या फिर पर्पल गाउन में उनका हसीन रूप, वलूशा हर अंदाज में खूबसूरत दिखती हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>होली के पक्के रंग: 2 आसान ट्रिक्स से पाएं छुटकारा</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-tips-to-remove-holi-colors-from-skin</link>
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<description><![CDATA[ होली के पक्के रंगों से छुटकारा पाने के लिए यहां दो आसान उपाय बताए गए हैं। पहला, होली खेलने से पहले क्रीम और सनस्क्रीन मिलाकर लगाएं ताकि रंग आसानी से धुल जाए। दूसरा, होली के बाद चेहरे के लिए एक खास पेस्ट बनाएं जिसमें टमाटर का पेस्ट, कॉफी, दही और चावल का आटा शामिल हो। इस पेस्ट को लगाने से पक्का रंग भी गायब हो जाता है। लेख में दी गई जानकारी इंस्टाग्राम वीडियो पर आधारित है और किसी भी उपाय को आजमाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेने की सलाह दी जाती है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:21:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Holi, skin care, holi colors, tomato paste, coffee, curd, rice flour, sunscreen, cream</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[होली के पक्के रंगों से परेशान हैं? तो ये दो आसान उपाय आपके लिए हैं। इन उपायों से आप बिना किसी चिंता के होली खेल सकते हैं और रंगों को आसानी से छुड़ा सकते हैं।<br><br>होली खेलने का मजा रंगों को छुड़ाने की मेहनत से कहीं ज्यादा होता है। पक्के रंग छुड़ाना एक मुश्किल काम है, लेकिन ये दो ट्रिक्स आपके चेहरे और शरीर से रंग निकालने में मदद करेंगी।<br><br>पहली ट्रिक है होली खेलने से पहले क्रीम और सनस्क्रीन मिलाकर लगाना। इससे रंग आसानी से धुल जाएगा। दूसरी ट्रिक है होली खेलने के बाद चेहरे के लिए एक खास पेस्ट बनाना।<br><br>इस पेस्ट को बनाने के लिए आपको चाहिए 2 चम्मच टमाटर का पेस्ट, 1 चम्मच कॉफी, 1 चम्मच दही और 2 चम्मच चावल का आटा। इन सबको मिलाकर चेहरे पर लगाएं और देखें कि कैसे पक्का रंग भी गायब हो जाता है।<br><br>लेख में दी गई जानकारी इंस्टाग्राम वीडियो पर आधारित है। किसी भी उपाय को आजमाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सफलता के लिए कुत्ते से सीखें ये 4 गुण</title>
<link>https://pratinidhi.in/chanakya-niti-learn-these-qualities-from-dog-for-success</link>
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<description><![CDATA[ आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में सफलता के कई रहस्य बताए हैं। उन्होंने कुत्ते के 4 गुणों को अपनाने की बात कही है: सतर्क नींद, वफादारी, संतोष, और निडरता। इन गुणों को अपनाकर मनुष्य सफलता और सम्मान प्राप्त कर सकता है। सतर्क नींद का अर्थ है हमेशा तैयार रहना, वफादारी का अर्थ है अपने कार्यों के प्रति समर्पित रहना, संतोष का अर्थ है जितना मिले उतने में खुश रहना, और निडरता का अर्थ है मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार रहना। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118892021/these-4-qualities-human-should-learn-from-a-dog-for-success-according-to-chanakya-niti-118892021.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:21:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Chanakya Niti, Dog Qualities, Success, Human Qualities</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में सफलता के कई रहस्य बताए हैं। उन्होंने कुत्ते के इन 4 गुणों को अपनाने की बात कही है:</p><br><p><strong>1. कुत्तों की तरह नींद:</strong> चाणक्य के अनुसार, मनुष्य को कुत्ते की तरह सोना चाहिए, जो हल्की सी आहट पर भी तुरंत जाग जाते हैं। इसका अर्थ है कि हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए ताकि आने वाली परेशानियों से निपट सकें।</p><br><p><strong>2. वफादारी:</strong> कुत्ते अपने मालिक के प्रति वफादार होते हैं और उनकी हर बात मानते हैं। इसी तरह, मनुष्य को भी अपने कार्यों के प्रति वफादार रहना चाहिए।</p><br><p><strong>3. संतोष:</strong> कुत्ते थोड़े में ही संतुष्ट हो जाते हैं। मनुष्य को भी जितना मिले, उतने में ही संतोष करना चाहिए और लालच से दूर रहना चाहिए। </p><br><p><strong>4. निडरता और बहादुरी:</strong> कुत्ते बहादुर होते हैं और अपने मालिक की रक्षा के लिए जान पर भी खेल जाते हैं। मनुष्य को भी निडर होकर मुश्किलों का सामना करना चाहिए।</p><br><p>इन गुणों को अपनाकर मनुष्य सफलता और सम्मान प्राप्त कर सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंसेफेलाइटिस: कारण, लक्षण और बचाव</title>
<link>https://pratinidhi.in/encephalitis-causes-symptoms-and-prevention</link>
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<description><![CDATA[ इंसेफेलाइटिस एक गंभीर बीमारी है जो मस्तिष्क में सूजन का कारण बनती है और जानलेवा हो सकती है। डब्ल्यूएचओ ने इसे वैश्विक स्वास्थ्य खतरे के रूप में चिह्नित किया है। यह संक्रमण, बैक्टीरिया या प्रतिरक्षा प्रणाली की खराबी के कारण हो सकता है। लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, भ्रम और दौरे शामिल हैं। उपचार लक्षणों और गंभीरता पर निर्भर करता है और इसमें एंटीवायरल दवाएं और अन्य उपचार शामिल हो सकते हैं। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को खतरा अधिक है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118880873/who-called-encephalitis-a-global-health-threat-know-why-its-dangerous-with-symptoms-and-risk-factors-in-hindi-118880873.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:17:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>इंसेफेलाइटिस, WHO, स्वास्थ्य खतरा, लक्षण, बचाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>इंसेफेलाइटिस: एक गंभीर खतरा</strong></p><br><p>इंसेफेलाइटिस एक गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा बीमारी है जो किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे एक बढ़ते वैश्विक स्वास्थ्य खतरे के रूप में पहचाना है। यह मस्तिष्क में सूजन का कारण बनता है, जो संक्रमण, बैक्टीरिया या वायरस के कारण हो सकता है।</p><br><p><strong>WHO की रिपोर्ट</strong></p><br><p>WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंसेफेलाइटिस से सभी आयु समूहों के लोग प्रभावित होते हैं और इससे मृत्यु दर भी अधिक है। 2021 में, यह 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में तंत्रिका संबंधी समस्याओं का चौथा प्रमुख कारण था।</p><br><p><strong>कारण और प्रकार</strong></p><br><p>इंसेफेलाइटिस विभिन्न वायरस और बैक्टीरिया के कारण हो सकता है। कुछ मामलों में, यह प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा मस्तिष्क पर हमला करने के कारण होता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, इंसेफेलाइटिस के दो मुख्य प्रकार हैं: संक्रामक इंसेफेलाइटिस (संक्रमण के कारण) और ऑटोइम्यून इंसेफेलाइटिस (प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण)।</p><br><p><strong>लक्षण</strong></p><br><p>इंसेफेलाइटिस के लक्षणों में सिरदर्द, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, थकान, भ्रम और दौरे शामिल हो सकते हैं। ऑटोइम्यून इंसेफेलाइटिस के लक्षणों में व्यक्तित्व में बदलाव, स्मृति हानि और मनोविकृति शामिल हो सकते हैं।</p><br><p><strong>इलाज</strong></p><br><p>इंसेफेलाइटिस का इलाज लक्षणों और गंभीरता पर निर्भर करता है। उपचार में एंटीवायरल दवाएं, स्टेरॉयड इंजेक्शन और अन्य दवाएं शामिल हो सकती हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>शिव योग: तन और मन के लिए 4 योगासन</title>
<link>https://pratinidhi.in/yoga-asanas-for-mental-and-physical-health-inspired-from-lord-shiva</link>
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<description><![CDATA[ भगवान शिव से प्रेरित योगासन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। नटराजासन मांसपेशियों को मजबूत करता है, हनुमानासन कमर और पेट की चर्बी को कम करता है, लिंग मुद्रा शरीर में गर्मी पैदा करती है, और शांभवी मुद्रा तनाव को कम करती है। इन योगासनों को करके आप स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118881468/4-yoga-asanas-for-mental-and-physical-health-inspired-from-lord-shiva-118881468.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:17:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Yoga Asanas, Lord Shiva, Mental Health, Physical Health, Natarajasana, Hanumanasana, Linga Mudra, Shambhavi Mudra, नटराजासन, हनुमानासन, लिंग मुद्रा, शांभवी मुद्रा, योगासन, शिव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[महाशिवरात्रि के अवसर पर, भगवान शिव से प्रेरित कुछ योगासन आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। ये योगासन न केवल आपको स्वस्थ रखते हैं, बल्कि भगवान शिव के प्रति आपकी श्रद्धा को भी दर्शाते हैं।<br><br><strong>नटराजासन:</strong> यह आसन भगवान शिव के नटराज रूप को समर्पित है। इसे करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, मानसिक एकाग्रता बढ़ती है और शरीर का संतुलन सुधरता है।<br><br><strong>हनुमानासन:</strong> यह आसन हनुमान जी की शक्ति और भक्ति का प्रतीक है। इसके नियमित अभ्यास से कमर के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पैर टोन होते हैं और कूल्हा लचीला बनता है।<br><br><strong>लिंग मुद्रा:</strong> यह मुद्रा शरीर में गर्मी पैदा करती है और अग्नि तत्व को संतुलित करती है। इसके अभ्यास से सर्दी-जुकाम, अस्थमा और साइनस जैसी बीमारियों से राहत मिलती है।<br><br><strong>शांभवी मुद्रा:</strong> यह मुद्रा स्त्री शक्ति को सक्रिय करती है और तनाव, डिप्रेशन और चिंता को कम करने में मदद करती है।]]> </content:encoded>
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<title>आंवला: एक हजार साल से आयुर्वेद का सबसे शक्तिशाली फल</title>
<link>https://pratinidhi.in/amla-ayurvedas-most-powerful-fruit-for-weight-loss-and-eyesight</link>
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<description><![CDATA[ आंवला, जिसे आयुर्वेद में गुणों की खान माना गया है, कई बीमारियों को दूर करने, वजन को नियंत्रित करने और बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह विटामिन सी से भरपूर होता है और आयरन की कमी, भूख न लगना, बालों का सफेद होना, कमजोर रोशनी और वजन की समस्याओं में फायदेमंद है। इसे कच्चा, चूर्ण, जूस या कैंडी के रूप में खाया जा सकता है। वजन बढ़ाने के लिए इसे घी के साथ और घटाने के लिए शहद के साथ लिया जा सकता है। खांसी और जुकाम होने पर इसे शहद के साथ लेना चाहिए, लेकिन जोड़ों के दर्द वाले लोगों को इससे बचना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 18:21:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आंवला, आयुर्वेद, विटामिन सी, स्वास्थ्य, बालों का झड़ना, रोग प्रतिरोधक क्षमता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आंवला को साधारण फल समझने की भूल नहीं करनी चाहिए। आयुर्वेद में इसे गुणों का भंडार माना जाता है। इसके सेवन से अनेक रोग दूर होते हैं, शरीर में मांस की वृद्धि होती है और सफेद बालों से निजात मिलती है। लेकिन इसके लिए आंवला का सही ढंग से सेवन करना आवश्यक है।<br><br>जब भी शक्तिशाली फलों की बात होती है, तो आयुर्वेदिक विशेषज्ञ आंवला का उल्लेख अवश्य करते हैं। आयुर्वेद में इसे अत्यंत लाभकारी फल माना गया है, जिसका एक बड़ा कारण है। आयुर्वेदिक डॉक्टर दीक्षा भावसार सावलिया के अनुसार, यह फल हजारों वर्षों से आयुर्वेदिक उपचारों में प्रयुक्त होता आ रहा है।<br><br>शरीर को पोषण के लिए छह रसों की आवश्यकता होती है। आंवला में नमकीन रस को छोड़कर शेष पांच रस विद्यमान होते हैं, जिसके कारण इसे पूर्ण आहार माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, संतुलित आहार वही है जिसमें सभी छह रस हों। इसलिए, आंवला को अपने आहार में अवश्य शामिल करें।<br><br>विशेषज्ञों के अनुसार, आंवला पांच विशिष्ट समस्याओं में अत्यंत प्रभावी है। यह सफेद बालों को दूर करने में सहायक है, जिसे लोग मजाक में 'बालों में चांदी आना' कहते हैं। आंवला का सेवन कई प्रकार से किया जा सकता है, परन्तु कुछ लोगों को इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। आइए, आंवला के सेवन के उचित तरीके, लाभ और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।<br><br><strong>आंवला के पांच प्रमुख लाभ</strong><br>डॉक्टर दीक्षा का कहना है कि आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है, जो पांच समस्याओं के निवारण में सहायक है: आयरन की कमी, भूख न लगना, बालों का सफेद होना, दृष्टि कमजोर होना, वजन न बढ़ना या मोटापा आदि।<br><br><strong>आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए आंवला का सेवन कैसे करें?</strong><br>आंवला आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक होता है। यह आंखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, मोतियाबिंद से बचाव करता है, इंट्राकुलर प्रेशर को कम करता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है। इसे कच्चा, चूर्ण, जूस या कैंडी के रूप में खाया जा सकता है।<br><br><strong>सफेद बालों को काला करने में मददगार</strong><br>आंवला बालों के लिए एक उत्तम टॉनिक है, जो बालों का झड़ना, सफेद बाल और रूसी को दूर करने में मदद करता है। यह एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी से भरपूर होता है, जो सफेद बालों की समस्या को कम कर सकता है। यह बालों के रोम को मजबूत करता है, खोपड़ी में रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है और बालों के विकास को प्रोत्साहित करता है। आंवला का सेवन करने के अतिरिक्त, इसे हेयर ऑयल में मिलाकर भी लगाया जा सकता है।<br><br><strong>शारीरिक शक्ति बढ़ाने का उपाय</strong><br>वजन बढ़ाने के लिए आंवला का प्रयोग इस प्रकार करें:<br>एक चम्मच आंवला पाउडर लें।<br>इसे एक चम्मच घी के साथ मिलाएं।<br>इसे खाने के पांच मिनट बाद गुनगुना पानी पिएं।<br>वजन घटाने के लिए:<br>आंवला शॉट बनाएं।<br>इसमें एक चम्मच शहद मिलाएं।<br>प्रतिदिन सुबह इसका सेवन करें।<br><br><strong>आंवला शॉट बनाने की विधि</strong><br>तीन आंवलों को काट लें और उन्हें बिना पानी डाले ग्राइंडर/ब्लेंडर में डालें।<br>इसे बारीक पीस लें और फिर स्मूथ पेस्ट को छलनी में डालें।<br>अच्छी तरह दबाकर रस निकाल लें।<br>आपका आंवला शॉट तैयार है।<br><br><strong>आंवला का सेवन करते समय सावधानियां</strong><br>आंवला प्रकृति में ठंडा होता है, इसलिए खांसी और जुकाम से पीड़ित व्यक्तियों को इसका सेवन शहद के साथ करना चाहिए। आंवला स्वाद में खट्टा होता है, इसलिए जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि खट्टे खाद्य पदार्थों से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि यह आपको अनुकूल नहीं है, तो इसका सेवन न करें।]]> </content:encoded>
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<title>बच्चों का दिमाग: प्‍यार से नहीं, इन गलतियों से होता है खराब</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-parents-mistakes-affect-childrens-brains-and-parenting-tips-in-hindi</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर देबमिता दत्ता का कहना है कि बच्चे लाड़-प्यार से नहीं, बल्कि माता-पिता की तीन गलतियों से बिगड़ते हैं। पहली गलती है प्यार की कमी को तोहफों से भरना, दूसरी है बच्चों को लालच देना, और तीसरी है रोना बंद करवाने के लिए उनकी हर बात मान जाना। डॉक्टर देबमिता का सुझाव है कि बच्चों को खूब प्यार दें, उनकी बातें सुनें और उन्हें हर चीज न देने का कारण समझाएं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 18:19:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Parenting, Child care, Dr. Debmita Dutta, Child psychology, Parenting tips</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>डॉक्टर देबमिता दत्ता: बच्चों के बिगड़ने के कारण</strong><br><br>अक्सर लोग कहते हैं कि बच्चे प्यार से बिगड़ते हैं, लेकिन डॉक्टर देबमिता दत्ता का मानना है कि बच्चे <strong>प्यार से नहीं</strong>, बल्कि माता-पिता की कुछ गलतियों से बिगड़ते हैं। आजकल बच्चों की परवरिश मुश्किल हो गई है, जहाँ उन्हें डांटने की बजाय दोस्ती करनी होती है।<br><br>डॉक्टर देबमिता के अनुसार, बच्चे तीन मुख्य कारणों से बिगड़ते हैं:<br><br><strong>1. प्यार की कमी को तोहफों से भरना:</strong><br>जब माता-पिता बच्चे के साथ नहीं होते और तोहफे देकर कमी पूरी करते हैं, तो बच्चे बिगड़ सकते हैं।<br><br><strong>2. लालच देना:</strong><br>बच्चों से काम करवाने के लिए लालच देना गलत है। उन्हें जिम्मेदारी समझकर काम करना चाहिए।<br><br><strong>3. रोना बंद करवाने के लिए मान जाना:</strong><br>बच्चों को चुप कराने के लिए उनकी हर बात मानना गलत है। माता-पिता को टैंट्रम्स को हैंडल करना सीखना चाहिए।<br><br>डॉक्टर देबमिता का सुझाव है कि बच्चों को खूब प्यार दें, उनकी बातें सुनें और उन्हें हर चीज न देने का कारण समझाएं।]]> </content:encoded>
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<title>देवर की शादी में भाभी का सोने से लदा अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/bhabhi-wore-bridal-lehenga-with-gold-jewellery-at-devar-wedding-her-styling-grabs-attention</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर इन दिनों शादियों के सीजन में ब्राइडल लुक्स की धूम मची हुई है। इसी बीच, सना बजरंगी नाम की एक महिला अपने देवर की शादी में सोने के गहनों से लदी हुई नजर आई। वंदना मेकओवर नाम के इंस्टाग्राम पेज से उनकी तस्वीरें शेयर की गईं, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। सना ने दुल्हन की तरह लाल रंग का लहंगा पहना था और वह सिर से पैर तक सोने के गहनों से लदी हुई थीं। उन्होंने रानी हार से भी बड़ा हार पहना था, जो उनकी कमर से भी नीचे तक जा रहा था। इसके साथ ही, उन्होंने मांग टीका, पासा, बड़ी सी सोने की नथ, हेयर एक्सेसरीज और झुमके भी पहने थे. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 18:16:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>bhabhi, wedding, gold jewellery, lehenga, fashion</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>देवर की शादी में भाभी का छाया सोने से लदा अंदाज</strong><br><br>सोशल मीडिया पर इन दिनों शादियों के सीजन में ब्राइडल लुक्स की धूम मची हुई है। इसी बीच, एक भाभी ने अपने देवर की शादी में ऐसा रूप धरा कि हर कोई देखता रह गया।<br><br><strong>सना बजरंगी का वायरल लुक</strong><br><br>सना बजरंगी नाम की एक महिला अपने देवर की शादी में सोने के गहनों से लदी हुई नजर आई। वंदना मेकओवर नाम के इंस्टाग्राम पेज से उनकी तस्वीरें शेयर की गईं, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। सना ने दुल्हन की तरह लाल रंग का लहंगा पहना था और वह सिर से पैर तक सोने के गहनों से लदी हुई थीं।<br><br><strong>दुल्हन से कम नहीं</strong><br><br>सना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, जिसमें उनके परिवार के सदस्य भी सोने के गहनों से सजे हुए हैं। सना का लुक इतना खास था कि हर कोई उन्हें देखता ही रह गया। उन्होंने रानी हार से भी बड़ा हार पहना था, जो उनकी कमर से भी नीचे तक जा रहा था। इसके साथ ही, उन्होंने मांग टीका, पासा, बड़ी सी सोने की नथ, हेयर एक्सेसरीज और झुमके भी पहने थे।<br><br><strong>मेकअप भी था खास</strong><br><br>सना ने अपने मेकअप को भी लाउड रखा था। उन्होंने शिमरी आईशैडो के साथ आइज को स्टोन लगाकर सजाया था। माथे की बिंदी, लिपस्टिक और ओवरऑल मेकअप भी काफी अलग था। उन्होंने बालों को मिडिल पार्टिशन के साथ साइड में पफी लुक देकर बन में बांधा था और पीछे की ओर दुपट्टा लगा लिया था।]]> </content:encoded>
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<title>तेजस्वी सूर्या की दुल्हन: सिल्क साड़ी में शिवश्री, सुंदरता देख सब हैरान!</title>
<link>https://pratinidhi.in/tejasvi-surya-wedding-sivasri-skandaprasad-bride-silk-saree</link>
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<description><![CDATA[ बेंगलुरु साउथ के बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने 6 मार्च को कर्नाटक की भरतनाट्यम डांसर शिवश्री स्कंदप्रसाद से शादी की। शादी में कई केंद्रीय मंत्री और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। शिवश्री के ब्राइडल लुक, खासकर उनकी साड़ियों ने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने अपनी शादी के अटायर में भरतनाट्यम के प्रति अपना प्रेम दर्शाया। डिजाइनर लेबल ने दीपिका पादुकोण के लिए भी साड़ी डिजाइन की थी। तेजस्वी और शिवश्री के लुक को लोगों ने खूब सराहा। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118880083/bjp-mp-tejasvi-surya-bride-sivasri-skandaprasad-looked-beautiful-in-silk-saree-her-elegance-will-win-your-heart-118880083.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 18:16:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तेजस्वी सूर्या, शिवश्री स्कंदप्रसाद, साड़ी, विवाह, ब्राइडल लुक, कांजीवरम सिल्क, अंगड़ी, दीपिका पादुकोण, भरतनाट्यम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बेंगलुरु साउथ के बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या 6 मार्च को शादी के बंधन में बंध गए। उनकी शादी और रिसेप्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं। तेजस्वी की दुल्हन शिवश्री स्कंदप्रसाद की खूबसूरती ने सबका ध्यान खींचा है।</p><br><p>राजनीति के गलियारों में शादियों का सीजन चल रहा है। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के बेटों के बाद, तेजस्वी सूर्या ने भी कर्नाटक की भरतनाट्यम डांसर शिवश्री स्कंदप्रसाद से शादी कर ली।</p><br><p>इस शादी में कई केंद्रीय मंत्री और राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं। लेकिन, सबसे ज्यादा चर्चा शिवश्री के ब्राइडल लुक की हो रही है। शादी और रिसेप्शन में उनकी साड़ियों ने लोगों का मन मोह लिया।</p><br><p>शिवश्री ने अपनी शादी के अटायर में भरतनाट्यम के प्रति अपना प्रेम दर्शाया। उन्होंने लाल, हरे और सुनहरे रंग की साड़ी को विशेष अंदाज में पहना था। सुनहरे रेशम से सजी बॉर्डर और पल्लू पर गोल्डन वर्क था। ग्रीन कलर का ब्लाउज और गोल्डन लेस से ढकी हाफ स्लीव्स बेहद आकर्षक लग रही थीं।</p><br><p>शिवश्री ने ट्रेडिशनल ज्वेलरी से अपने ब्राइडल लुक को और भी खास बनाया। लेयर्ड नेकपीस, झुमके, मांगटीका और माथापट्टी उनकी संस्कृति को दर्शा रहे थे। नो मेकअप लुक में भी उनका नेचुरल ग्लो देखते ही बनता है।</p><br><p>तेजस्वी और शिवश्री के लुक के पीछे बेंगलुरु के डिजाइनर लेबल का कमाल है। इसी लेबल ने दीपिका पादुकोण के लिए भी साड़ी डिजाइन की थी। तेजस्वी ने सिल्क ब्रोकेड अचकन और जरी की धोती पहनी थी, जबकि शिवश्री ने सुनहरे पीले रंग की कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनी थी।</p><br><p>शिवश्री ने साड़ी को ओपन पल्ला स्टाइल में पहना था, और राउंड नेकलाइन का ब्लाउज उनके लुक को ग्रेसफुल बना रहा था।</p><br><p>शिवश्री ने कांजीवरम सिल्क साड़ी को गोल्ड ज्वेलरी के साथ पेयर किया था। हैवी पेंडेंट वाला नेकपीस, झुमके, बिंदी, मैचिंग चूड़ियां, काजल, आईलाइनर, ब्राउन आईशैडो और लिपस्टिक उनके रूप को और भी निखार रहे थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रेग्‍नेंसी में मिक्‍सर ग्राइंडर यूज करना: एक्‍सपर्ट की राय</title>
<link>https://pratinidhi.in/can-a-pregnant-lady-use-mixer-grinder-expert-advice</link>
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<description><![CDATA[ गर्भावस्था में मिक्सर ग्राइंडर के उपयोग को लेकर गर्भवती महिलाओं के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। डॉक्टरों के अनुसार, मिक्सर ग्राइंडर का उपयोग बच्चे के लिए सुरक्षित है, क्योंकि इसका कंपन गर्भाशय तक नहीं पहुंचता। एमनियोटिक द्रव बच्चे को बाहरी आवाजों से बचाता है। रिसर्च भी बताती है कि कम फ्रीक्वेंसी वाले कंपन भ्रूण को नुकसान नहीं पहुंचाते। हालांकि, मिक्सर चलाते समय आरामदायक स्थिति में रहें और एर्गोनॉमिक एप्लाइंसेस का इस्तेमाल करें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 15:31:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>pregnancy, mixer grinder, doctor advice, safe appliances, gynecologist</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्भावस्था के दौरान मिक्सी का उपयोग करने को लेकर गर्भवती महिलाओं के मन में अक्सर सवाल उठते हैं। इस बारे में डॉक्टरों का क्या कहना है, आइए जानते हैं।<br><br><b>डॉक्टरों की राय</b><br>विशेषज्ञों के अनुसार, मिक्सी के इस्तेमाल से गर्भ में पल रहे बच्चे को कोई खतरा नहीं होता। मिक्सी चलाते समय होने वाला कंपन गर्भाशय तक नहीं पहुंचता, इसलिए बच्चे पर इसका कोई असर नहीं होता।<br><br><b>सुरक्षा के कारण</b><br>मिक्सी का कंपन उसकी सतह तक ही सीमित रहता है और गर्भाशय के अंदर मौजूद एमनियोटिक द्रव बच्चे को बाहरी आवाजों और कंपनों से सुरक्षित रखता है।<br><br><b>रिसर्च क्या कहती है</b><br>रिसर्च में पाया गया है कि कम फ्रीक्वेंसी वाले घरेलू उपकरणों के कंपन का भ्रूण पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। हल्की कंपन वाली गतिविधियां गर्भावस्था में सुरक्षित हैं, बशर्ते मां को कोई शारीरिक समस्या न हो।<br><br><b>अन्य डॉक्टरों की राय</b><br>कुछ डॉक्टरों का मानना है कि तेज आवाज से बच्चे की मूवमेंट बढ़ सकती है, लेकिन यह कोई चिंता की बात नहीं है। बच्चा एमनियोटिक द्रव से घिरा होता है, जिससे वह तेज आवाजें सुन सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मिक्सी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।<br><br><b>सावधानियां</b><br>मिक्सी चलाते समय पीठ पर दबाव आ सकता है, इसलिए आरामदायक स्थिति में खड़े रहें। एर्गोनॉमिक एप्लाइंसेस का उपयोग करना बेहतर होता है, और किसी भी तरह की असुविधा होने पर ध्यान दें।]]> </content:encoded>
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<title>चैंपियंस ट्रॉफी छोड़ हार्दिक पंड्या की 19.5 करोड़ की घड़ी देख रहे सब, 30 ग्राम वजन और दुनिया में बने बस 50 मॉडल</title>
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<description><![CDATA[ चैंपियंस ट्रॉफी में जीत के बाद हार्दिक पंड्या की 19.5 करोड़ की घड़ी चर्चा का विषय बनी। यह Richard Mille की RM 27-04 मॉडल की अल्ट्रा रेयर वॉच है, जिसे Rafa Nadal के साथ डिजाइन किया गया है। हल्की और शानदार डिजाइन वाली यह घड़ी दुनिया में केवल 50 लोगों के पास है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118875771/118875771.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 15:26:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हार्दिक पंड्या, रिचर्ड Mille, घड़ी, चैंपियंस ट्रॉफी, लग्जरी घड़ी, राफा Nadal, RM 27-04</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद हार्दिक पंड्या को खूब वाहवाही मिल रही है। <strong>उनके कमबैक ने फैंस का दिल जीत लिया है।</strong> <br><br>इस बीच, उनकी एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें लोगों का ध्यान ट्रॉफी से ज़्यादा उनकी घड़ी पर है। 9 मार्च को भारत ने 12 साल बाद आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती। <br><br>हार्दिक पंड्या के प्रदर्शन की भी खूब सराहना हुई, लेकिन सबकी निगाहें उनकी घड़ी पर टिकी रहीं। जीत के बाद हार्दिक की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए, उनमें वे खुशी से नाचते और पोज़ देते दिखे। उनकी घड़ी देखकर पता चला कि यह क्रिकेट के मैदान पर पहनी जाने वाली सबसे महंगी घड़ियों में से एक है। <br><br>हार्दिक ने Richard Mille की RM 27-04 मॉडल की घड़ी पहनी थी, जिसे Rafa Nadal के साथ मिलकर डिज़ाइन किया गया है। इंस्टाग्राम पेज Luxurious के अनुसार, इस घड़ी की कीमत 19.5 करोड़ रुपये है। हार्दिक ने इसे टीम इंडिया की जर्सी और चैंपियंस ब्लेज़र के साथ पहना था। <br><br>टीटा-कार्बन से बनी इस घड़ी का वजन सिर्फ 30 ग्राम है। यह एक लिमिटेड एडिशन घड़ी है, जिसके केवल 50 मॉडल ही बने हैं, और उनमें से एक हार्दिक के पास है। इसका ब्लैक डायल, रेड डीटेलिंग और ग्रे बैंड इसे शानदार लुक देते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>बालों को काला करने का दादी&amp;नानी का नुस्खा</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-make-white-hair-black-naturally-grandmother-remedy-kiran-kukreja</link>
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<description><![CDATA[ न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने सफेद बालों को काला करने का दादी-नानी के जमाने का नुस्खा साझा किया है। इस नुस्खे में कलौंजी, काले तिल, आंवला पाउडर और करी पत्ता को भूनकर पाउडर बनाया जाता है, जिसे तेल में मिलाकर बालों पर लगाने से बाल काले होते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118877625/how-to-colour-my-white-hair-black-with-grandmother-and-mother-remedy-shared-by-nutritionist-kiran-kukreja-118877625.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 15:26:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सफेद बाल, बालों को काला करना, घरेलू नुस्खा, किरण कुकरेजा, कलौंजी, काले तिल, आंवला पाउडर, करी पत्ता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने सफेद बालों को काला करने के लिए एक प्राचीन नुस्खा साझा किया है, जो उनकी दादी और माँ के समय से चला आ रहा है। <br><br>इस नुस्खे के लिए, आपको कलौंजी, काले तिल, आंवला पाउडर, करी पत्ता और तेल की आवश्यकता होगी। <br><br>सबसे पहले, कलौंजी, काले तिल, आंवला पाउडर और करी पत्ता को एक कड़ाही में डालकर अच्छी तरह से भून लें। जब ये सामग्री काली हो जाएं, तो उन्हें ठंडा होने दें और फिर मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें। <br><br>अब, एक कटोरी में अपनी पसंद का तेल लें और उसमें एक चम्मच पाउडर मिलाकर अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण को थोड़ी देर के लिए गैस पर पकाएं और हल्का गुनगुना कर लें। <br><br>तैयार मिश्रण को अपने सफेद बालों पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें। हेयर वॉश करने के बाद, आप देखेंगे कि आपके बाल काले होने लगे हैं। किरण कुकरेजा के अनुसार, इस नुस्खे को हफ्ते में दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>केसर: जिम और डाइट के बिना वजन घटाने का एक्सपर्ट उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/kesar-expert-solution-for-weight-loss-without-gym-and-diet</link>
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<description><![CDATA[ डाइटिशियन श्रेया गोयल ने वजन कम करने के लिए केसर के पानी को एक प्रभावी उपाय बताया है। उन्होंने कहा कि 20 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि यह कोर्टिसोल हॉर्मोन के स्तर को कम करके बेली फैट को घटाने में मदद करता है। केसर का पानी बनाने के लिए, 4 शुद्ध केसर के रेशे रात भर एक गिलास पानी में भिगो दें और सुबह उठकर इस पानी को पी लें। केसर न केवल वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि यह ताकत बढ़ाता है, त्वचा को साफ करता है, और तनाव को कम करता है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें। ]]></description>
<enclosure url="http://static.langimg.com/thumb/118878537/how-to-lose-weight-without-gym-diet-or-medicine-dietician-told-kesar-drink-recipe-to-reduce-hormonal-belly-fat-118878537.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 15:26:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वेट लॉस, केसर, डाइट, हॉर्मोन, कोर्टिसोल, बेली फैट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में, वजन कम करना एक चुनौती बन गया है। लोग अक्सर जिम, डाइटिंग, दवाइयों या सर्जरी का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार वजन फिर से बढ़ जाता है। डाइटिशियन श्रेया गोयल के अनुसार, कोर्टिसोल हॉर्मोन की वजह से ऐसा हो सकता है। उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक आसान उपाय बताया है: केसर का पानी।<br><br>मोटापा कई बीमारियों का कारण है, और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इसे कैंसर के खतरे से भी जोड़ता है। स्वस्थ रहने के लिए एक्सरसाइज और सही खानपान जरूरी है, लेकिन कई बार ये उपाय भी नाकाम हो जाते हैं। ऐसे में, केसर का पानी एक विकल्प हो सकता है।<br><br>डाइटिशियन श्रेया गोयल का कहना है कि 20 से 45 वर्ष की आयु के लोगों के लिए केसर का पानी विशेष रूप से फायदेमंद है। यह कोर्टिसोल हॉर्मोन के स्तर को कम करके बेली फैट को घटाने में मदद करता है।<br><br><b>केसर का पानी बनाने की विधि:</b><br>4 शुद्ध केसर के रेशे रात भर एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह उठकर इस पानी को पी लें।<br><br>केसर न केवल वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि यह ताकत भी बढ़ाता है। रात को सोने से पहले दूध में केसर मिलाकर पीने से शरीर को ताकत मिलती है। इसके अलावा, केसर त्वचा को साफ करता है, झाइयों को कम करता है, और एनीमिया से बचाता है।<br><br>केसर में मौजूद क्रोसिन और साफ्रानाल जैसे तत्व तनाव और चिंता को कम करते हैं, मूड को बेहतर बनाते हैं, और नींद की गुणवत्ता में सुधार करते हैं। यह नर्वस सिस्टम को शांत करता है और तनाव से होने वाले विकारों से बचाता है।<br><br><b>डिस्क्लेमर:</b> इस लेख में दी गई जानकारी इंस्टाग्राम पर प्रकाशित एक रील पर आधारित है। कृपया किसी भी उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>तनाव: कितना झेल सकता है इंसान?</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-much-stress-can-a-human-handle-and-ways-to-manage-it</link>
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<description><![CDATA[ तनाव एक गंभीर समस्या है जो मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से प्रभावित करती है। अत्यधिक और लगातार तनाव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, जिससे हृदयघात, उच्च रक्तचाप और अन्य रोग हो सकते हैं। तनाव के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कठिन कार्य, डरावनी फिल्में, या व्यक्तिगत समस्याएँ। तनाव को प्रबंधित करने के लिए, मित्र बनाएं, व्यायाम करें, पर्याप्त नींद लें और मनोवैज्ञानिक से परामर्श लें। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, मानव शरीर कम मात्रा में तनाव का सामना करने के लिए बना है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 13:03:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तनाव, स्ट्रेस, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य, हार्ट अटैक, उच्च रक्तचाप, एक्सरसाइज, नींद, सामाजिक संपर्क</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>तनाव: एक गंभीर समस्या</strong><br><br>तनाव केवल मानसिक ही नहीं, शारीरिक रूप से भी प्रभावित करता है। थोड़ा तनाव सामान्य है, लेकिन अत्यधिक और लगातार तनाव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे हृदयघात, उच्च रक्तचाप और अन्य रोग हो सकते हैं। व्यायाम, पर्याप्त नींद और सामाजिक संपर्क के माध्यम से इसे कम किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि मनुष्य कितना तनाव सहन कर सकता है?<br><br>आमतौर पर, लोग तनाव के बारे में मज़ाक करते हुए पाए जाते हैं, और कभी-कभी तनाव से जूझ रहे लोगों पर टिप्पणी करने से भी नहीं हिचकिचाते। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह मामूली लगने वाला तनाव भी गंभीर परिणाम दे सकता है? क्या आपने कभी सोचा है कि एक व्यक्ति कितना तनाव झेल सकता है?<br><br><strong>तनाव के कारण</strong><br><br>वैसे तो तनाव किसी कठिन कार्य के दौरान होने की संभावना अधिक होती है, लेकिन कभी-कभी डरावनी फिल्में देखने या डेट पर जाने जैसे कारणों से भी हो सकता है। खतरे या असामान्य महसूस होने पर, शरीर एड्रेनालाईन या कोर्टिसोल जैसे तनाव हार्मोन से भर जाता है। इससे हृदय गति और रक्तचाप बढ़ जाता है, और ऊर्जा का स्तर भी बढ़ जाता है, ताकि आप अचानक आने वाले तनाव से निपट सकें। इसका प्रभाव कुछ समय तक रहता है, और फिर शरीर सामान्य स्थिति में आ जाता है।<br><br>तनाव किसी विशेष स्थिति या कार्य के प्रति प्रतिक्रिया स्वरूप होता है। स्थिति सामान्य होने पर, आप बेहतर महसूस करते हैं। अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अनुसार, मानव शरीर कम मात्रा में तनाव का सामना करने के लिए बना है, लेकिन जब तनाव दीर्घकालिक या गंभीर हो जाता है, तो शरीर पर इसके नकारात्मक प्रभाव दिखाई देते हैं.<br><br>तनाव पेट में भी कुछ अजीब महसूस कराता है। प्रस्तुति देने से पहले आपको पेट में दर्द या गड़बड़ी महसूस हो सकती है। कई बार, तनाव के पीछे बड़े कारण भी हो सकते हैं, जैसे कि पति-पत्नी के बीच झगड़ा या भूकंप या आतंकवादी हमले जैसी स्थितियाँ।<br><br>बार-बार तीव्र तनाव होने से हृदय की धमनियों में सूजन हो सकती है, जो हृदयघात का एक कारण है। इसके अलावा, तनाव से निपटने के तरीके का असर कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर भी पड़ता है।<br><br><strong>तनाव को प्रबंधित करने के तरीके:</strong><br><br><ul><li>मित्र बनाएं और लोगों से मिलें।</li><li>नियमित रूप से व्यायाम करें।</li><li>हर रात पर्याप्त नींद लें।</li><li>यदि आप लगातार तनाव महसूस करते हैं, तो किसी मनोवैज्ञानिक से परामर्श लें.</li></ul>]]> </content:encoded>
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<title>कब्ज से राहत पाने के लिए खाएं ये 6 फल</title>
<link>https://pratinidhi.in/6-best-fruits-for-constipation-according-to-gastroenterologist</link>
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<description><![CDATA[ कब्ज एक आम समस्या है जिसके कारण पेट ठीक से साफ नहीं हो पाता और बवासीर का खतरा बढ़ जाता है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने कब्ज से राहत के लिए 6 फलों का सेवन करने की सलाह दी है। इनमें कीवी, नाशपाती, सेब, पपीता, प्रून्स और बेरीज शामिल हैं। कीवी में एक्टीनिडीन होता है जो पाचन क्रिया को तेज करता है, नाशपाती में सोर्बिटोल होता है जो लैक्सेटिव की तरह काम करता है। सेब में फाइबर होता है जिससे मल त्याग आसान होता है। पपीता में डायजेस्टिव एंजाइम होते हैं और प्रून्स और बेरीज फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। लेख में दी गई जानकारी इंस्टाग्राम पर आधारित है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 13:01:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कब्ज, फल, बवासीर, पेट, कीवी, नाशपाती, सेब, पपीता, प्रून्स, बेरीज, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कब्ज एक आम समस्या है जिससे पेट ठीक से साफ नहीं हो पाता। इससे पेट दर्द और भारीपन हो सकता है, साथ ही बवासीर का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर इन खतरों को कम करने के लिए 6 फल खाने की सलाह देते हैं। <br><br>अगर आपका पेट हफ्ते में दो-तीन बार ही साफ होता है, तो यह कब्ज का संकेत हो सकता है, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है। कब्ज की वजह से बवासीर, खूनी बवासीर और फिशर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।<br><br>गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने कब्ज से आराम पाने के लिए 6 फलों के बारे में बताया है। उनके अनुसार, फाइबर से भरपूर ये फल पाचन तंत्र को ठीक रखते हैं और परेशानी कम करते हैं।<br><br><b>कब्ज से राहत के लिए क्या खाएं:</b><br><br><b>कीवी:</b> डेंगू में भी कीवी खाने की सलाह दी जाती है। यह इम्युनिटी बढ़ाता है और इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है। डॉ. सेठी के अनुसार, इसमें एक्टीनिडीन होता है, जो पाचन क्रिया को तेज करता है।<br><br><b>नाशपाती:</b> इसमें सोर्बिटोल होता है, जो एक शुगर एल्कोहॉल है और लैक्सेटिव की तरह काम करता है। ज्यादा मात्रा में सोर्बिटोल लेने से ब्लोटिंग और डायरिया हो सकता है।<br><br><b>सेब:</b> सेब खाने से कई बीमारियां दूर होती हैं, जिनमें कब्ज भी शामिल है। इसमें फाइबर होता है, जिससे मल त्याग आसान हो जाता है। सेब दिल और दिमाग के लिए भी अच्छा है।<br><br><b>पपीता:</b> पपीता पेट के लिए हमेशा से ही अच्छा माना गया है। यह कब्ज दूर करता है और पेट साफ करने में मदद करता है। इसमें डायजेस्टिव एंजाइम होते हैं।<br><br><b>प्रून्स और बेरीज:</b> प्रून्स में फाइबर होता है, जिससे मल त्याग आसान होता है। बेरीज एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर होते हैं।<br><br><b>डिस्क्लेमर:</b> इस लेख में दी गई जानकारी इंस्टाग्राम पर आधारित है। एनबीटी इसकी सत्यता की ज़िम्मेदारी नहीं लेता। किसी भी उपाय को करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>गर्वित के नुस्खे से हाथों का कालापन दूर</title>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर गर्वित बब्बर ने हाथों का कालापन दूर करने के लिए एक घरेलू नुस्खा बताया है जिसमें बेसन, दही, कॉफी और नींबू का उपयोग किया गया है। यह नुस्खा टैनिंग को कम करने और त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है. ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-118873165,imgsize-18819,width-540,height-405,resizemode-75/118873165.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 13:01:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>टैनिंग, घरेलू नुस्खा, त्वचा, नींबू, बेसन, दही, कॉफी, गर्वित बब्बर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कंटेंट क्रिएटर गर्वित बब्बर ने हाथों का कालापन दूर करने के लिए एक घरेलू नुस्खा बताया है। इस नुस्खे में प्राकृतिक चीजों का उपयोग किया गया है जो त्वचा के लिए फायदेमंद हैं। गर्वित ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने खुद इस नुस्खे को आजमाया और उसका असर दिखाया।<br><br>यह नुस्खा बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता है:<br><br><ul><li><strong>1 चम्मच बेसन</strong></li><li><strong>1 चम्मच दही</strong></li><li><strong>1 चम्मच कॉफी</strong></li><li><strong>1/2 नींबू</strong></li></ul><br>टैन रिमूवल पैक बनाने की विधि:<br><br><ol><li>एक कटोरी में दही, बेसन, कॉफी और नींबू का रस मिलाएं।</li><li>सभी चीजों को अच्छी तरह से मिलाएं और पेस्ट बना लें।</li><li>इस पेस्ट को टैनिंग वाले हाथ पर लगाएं और 5 मिनट तक सूखने दें।</li><li>5 मिनट के बाद, निचोड़े हुए नींबू से 5 मिनट तक हाथों की मालिश करें।</li><li>समय पूरा होने के बाद हाथ धो लें।</li><li>दोनों हाथों को एक साथ लाने पर आप देखेंगे कि जिस हाथ पर नुस्खा लगाया गया था, उसकी टैनिंग हल्की हो गई है।</li></ol><br>नींबू में ब्लीचिंग गुण होते हैं जो त्वचा से टैनिंग को हल्का करते हैं। इसमें विटामिन सी भी होता है, जो त्वचा को चमकदार बनाता है। नींबू के छिलके को काले कोहनी और घुटनों पर रगड़कर भी कालापन कम किया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>भाग्‍यश्री: लैंगिक भेदभाव नहीं, बेटों को भी सिखाएं घर के काम</title>
<link>https://pratinidhi.in/bhagyashree-reveals-gender-equality-teach-household-chores-to-sons-and-daughters</link>
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<description><![CDATA[ बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री ने पेरेंट्स को सलाह दी है कि बेटे और बेटियों में अंतर नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से बच्चों में एकदूसरे के प्रति समान भावना पैदा होगी। भाग्यश्री 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेसस में से एक हैं। उनकी फिटनेस को देखकर उम्र का अनुमान लगाना मुश्किल है। फिलहाल एक्ट्रेस दो बच्‍चों की मां हैं और सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हुए पेरेंटिंग टिप्स शेयर करती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने मदरहुड जर्नी और पेरेंटिंग को लेकर खुलकर बात की। विशेषज्ञ मानते हैं कि बेटियों की तरह बेटाें को भी घर के छोटे मोटे काम सिखाने चाहिए। खाना पकाना ही नहीं, बल्कि उन्‍हें घर की साफ सफाई, कपड़े धोना और चीजों को मैनेज करना भी सिखाएं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118871831/bhagyashree-opens-up-on-gender-equality-at-home-teach-household-chores-to-sons-along-with-daughters-118871831.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 13:01:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Bhagyashree, gender equality, parenting, household chores, sons, daughters, parenting tips, बच्चों की परवरिश, लैंगिक समानता, घर के काम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बॉलीवुड अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता-पिता को यह सलाह दी है कि उन्हें अपने बेटों और बेटियों के बीच कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से बच्चों में एक-दूसरे के प्रति समानता की भावना विकसित होगी। आइए जानते हैं कि भाग्यश्री ने अपने बच्चों का पालन-पोषण कैसे किया।<br><br>भाग्यश्री 90 के दशक की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनकी फिटनेस को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल है। वर्तमान में, वह दो बच्चों की माँ हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से पेरेंटिंग टिप्स साझा करती रहती हैं। हाल ही में, उन्होंने मातृत्व और पेरेंटिंग के बारे में खुलकर बात की।<br><br>एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि एक माँ को घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपने सपनों को साकार करने के लिए कितना संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में विश्वास रखती हैं। तो आइए जानते हैं कि भाग्यश्री ने अपने बच्चों का पालन-पोषण कैसे किया और आप उनसे क्या सीख सकते हैं।<br><br>भाग्यश्री ने अपने बच्चों को कभी भी नैनी के भरोसे नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि एक माँ के लिए काम और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना बहुत मुश्किल होता है। यह एक ऐसी लड़ाई है जिसे हर दिन जीतना होता है। परिवार में सभी लोग थे, लेकिन भाग्यश्री अपने बच्चों का पालन-पोषण खुद करना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने अपने बच्चों को कभी भी नैनी के भरोसे नहीं छोड़ा। वह अपनी बेटी को फिल्म सेट पर भी साथ ले जाती थीं।<br><br>भाग्यश्री का कहना है कि बेटे और बेटी के बीच लैंगिक समानता होनी चाहिए। बेटियों के साथ-साथ बेटों को भी घर के कामों को संभालना सिखाना ज़रूरी है, जैसे कि उन्हें खाना बनाना सिखाना। इससे बच्चों को न केवल आनंद मिलता है, बल्कि उनमें समानता की गहरी भावना भी विकसित होती है।<br><br>भाग्यश्री ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को शुरू से ही समानता की शिक्षा दी है। उन्होंने कभी भी अपनी बेटी से यह नहीं कहा कि 'भाई थका हुआ आया है, उसे पानी दो'। भाग्यश्री का मानना है कि माता-पिता का ऐसा कहना बेटियों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।<br><br>विशेषज्ञों का मानना है कि बेटियों की तरह बेटों को भी घर के छोटे-मोटे काम सिखाने चाहिए। उन्हें न केवल खाना बनाना सिखाना चाहिए, बल्कि घर की साफ-सफाई, कपड़े धोना और चीजों को व्यवस्थित करना भी सिखाना चाहिए।<br><br>बेटों को घर के काम सिखाने से उनमें जिम्मेदारी की भावना पैदा होती है। इतना ही नहीं, घर के काम करने से उनमें संतुष्टि की भावना भी विकसित होती है और ऐसे बच्चे नैतिक मूल्यों को सीखते हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>आयुर्वेद से हड्डियों में कैल्शियम कैसे बढ़ाएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/ayurvedic-ways-to-increase-calcium-in-bones</link>
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<description><![CDATA[ यह लेख हड्डी के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम के महत्व पर जोर देता है और सुझाव देता है कि सफेद तिल कैल्शियम का एक बड़ा स्रोत है। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. इरफान के अनुसार, कैल्शियम की कमी से निपटने के लिए 5 से 75 वर्ष की आयु के लोग सफेद तिल का सेवन कर सकते हैं। लेख में उल्लेख किया गया है कि 100 ग्राम सफेद तिल में 975 मिलीग्राम कैल्शियम होता है, जो दूध और अन्य डेयरी उत्पादों से अधिक है। यह सफेद तिल के बीज का पाउडर तैयार करने की विधि और दूध के साथ इसका सेवन कैसे करें, यह भी बताता है। इसके अलावा, यह कैल्शियम के लाभों पर प्रकाश डालता है, जैसे हड्डियों और दांतों को मजबूत करना, मांसपेशियों के कार्य में सहायता करना, हृदय गति को नियंत्रित करना और रक्तचाप को संतुलित करना। लेख एक अस्वीकरण के साथ समाप्त होता है जिसमें कहा गया है कि यह केवल सामान्य जानकारी के लिए है और अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह दी जाती है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 11:18:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>calcium, white sesame seeds, ayurveda, bone health, osteoporosis</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[क्या आपकी हड्डियां कमजोर हैं या जोड़ों से आवाज आती है? तो एक आयुर्वेदिक उपाय आपकी हड्डियों में कैल्शियम की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है। कैप्सूल पर निर्भर रहने के बजाय, अपनी हड्डियों को मजबूत करने के लिए सफेद तिल को अपने आहार में शामिल करने पर विचार करें। आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. इरफान का सुझाव है कि सफेद तिल कैल्शियम का एक उत्कृष्ट स्रोत है जो 5 से 75 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है। ये बीज कैल्शियम की खुराक की आवश्यकता के बिना कैल्शियम की कमी को दूर कर सकते हैं।<br><br>सफेद तिल कैल्शियम से भरपूर होते हैं, जिसमें लगभग 975 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम होता है, जो दूध और अन्य डेयरी उत्पादों में कैल्शियम की मात्रा से अधिक है। उपयोग करने के लिए, 300-400 ग्राम तिल को भूनें, उन्हें पीसकर पाउडर बना लें और एक साफ कंटेनर में स्टोर करें। इस पाउडर का एक चम्मच सुबह और शाम दूध के साथ सेवन करें। यह उपाय बच्चों के लिए भी फायदेमंद है, जिससे उनकी ताकत और संज्ञानात्मक कार्य में सुधार होता है।<br><br>कैल्शियम मजबूत हड्डियों और दांतों को बनाए रखने, ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने, मांसपेशियों के कार्य का समर्थन करने, हृदय गति को विनियमित करने और रक्तचाप को संतुलित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह शरीर के भीतर हार्मोन और एंजाइम उत्पादन में भी सहायता करता है।<br><br>अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करता है और पेशेवर चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। व्यक्तिगत मार्गदर्शन के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पाएं निखरी त्वचा: बेसन और चावल के आटे का कमाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/get-glowing-skin-with-besan-and-rice-flour-face-pack</link>
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<description><![CDATA[ हर कोई चमकदार त्वचा चाहता है और इसके लिए बेसन और चावल के आटे का फेस पैक एक अच्छा विकल्प है। बेसन त्वचा को एक्सफोलिएट करता है, डेड स्किन सेल्स हटाता है और निखार लाता है। चावल का आटा त्वचा को टाइट करता है और झुर्रियां कम करता है, जबकि शहद नमी प्रदान करता है। इस फेस पैक को बनाने के लिए बेसन, चावल का आटा, एलोवेरा जेल, रोज वॉटर, शहद और ओट्स पाउडर को मिलाकर पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। 15-20 मिनट बाद धो लें। इसे हर दूसरे दिन लगाने से त्वचा में निखार आता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 11:18:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>instant glowing skin, चेहरे पर निखार, rice flour, besan, फेस पैक, बेसन, चावल का आटा, एलोवेरा जेल, रोज वॉटर, शहद, ओट्स पाउडर, स्किन, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, स्किन केयर, एक्सफोलिएट, डेड स्किन सेल्स, एक्ने, फाइन लाइन्स, झुर्रियां, मॉइस्चराइजर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा हमेशा चमकदार और स्वस्थ दिखे। इसके लिए लोग कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स और स्किन केयर ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार ये चीजें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।<br><br>ऐसे में बेसन और चावल के आटे से बना फेस पैक एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। बेसन त्वचा को एक्सफोलिएट करता है, डेड स्किन सेल्स को हटाता है और त्वचा को निखारता है। साथ ही, यह त्वचा से अतिरिक्त तेल को सोखकर मुंहासों को कम करने में भी मदद करता है। चावल का आटा त्वचा को टाइट करता है, जिससे झुर्रियां कम होती हैं। शहद त्वचा को नमी प्रदान करता है और उसे मुलायम और चमकदार बनाए रखता है।<br><br><b>फेस पैक बनाने की विधि:</b><br>2 चम्मच बेसन<br>1 चम्मच चावल का आटा<br>1 चम्मच एलोवेरा जेल<br>आवश्यकतानुसार रोज वॉटर<br>1 चम्मच शहद<br>1/2 चम्मच ओट्स पाउडर<br><br>सभी सामग्री को मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएं और 15-20 मिनट बाद धो लें। इस फेस पैक को हर दूसरे दिन लगाने से त्वचा में निखार आता है।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>होली के रंग: असली और नकली रंगों की पहचान</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-identify-real-and-fake-colors-in-holi-festival</link>
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<description><![CDATA[ होली का त्योहार आने वाला है, इसलिए रंगों की खरीदारी में सावधानी बरतें। सिंथेटिक रंग त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। असली गुलाल की पहचान करने के लिए चमकदार रंग से बचें, गुलाल को छूकर देखें, गंध से पहचानें और घोलकर देखें। असली रंग नेचुरल फील देता है और पानी में जल्दी घुल जाता है। होली के लिए हर्बल गुलाल का इस्तेमाल करना सुरक्षित है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118847832/how-to-identify-difference-between-real-and-fake-colors-before-buying-in-holi-festival-118847832.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 11:18:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>होली, रंग, गुलाल, नकली रंग, असली रंग, त्योहार, केमिकल, स्किन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[होली का त्योहार आने वाला है, और बाजार रंग-बिरंगे रंगों से सज गए हैं। लेकिन रंगों की खरीदारी में सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि सिंथेटिक रंग त्वचा के लिए हानिकारक हो सकते हैं। <br><br><b>असली गुलाल की पहचान कैसे करें:</b><br>1. <b>चमकदार रंग से बचें:</b> अधिक चमकदार और गहरे रंग नकली हो सकते हैं, क्योंकि उनमें कांच का पाउडर, रेत और केमिकल मिले होते हैं।<br><br>2. <b>छूकर पहचानें:</b> गुलाल को छूने पर अगर वह बहुत चिकना या रूखा लगे, तो उसमें सिंथेटिक केमिकल हो सकते हैं। असली रंग नेचुरल फील देता है।<br><br>3. <b>गंध से पहचानें:</b> रंग को सूंघें। अगर उसमें पेट्रोल, केरोसिन या केमिकल की गंध आए, तो वह नकली है। प्राकृतिक रंगों की गंध तेज नहीं होती।<br><br>4. <b>घोलकर देखें:</b> रंग को पानी में घोलें। अगर वह जल्दी घुल जाए, तो असली है, वरना नकली हो सकता है।<br><br>होली के लिए हर्बल गुलाल का इस्तेमाल करना सुरक्षित है।]]> </content:encoded>
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<title>वजन घटाने के गलत तरीकों से हुई मौत: यूट्यूब डाइट और वाटर डाइट का ख़तरा</title>
<link>https://pratinidhi.in/kerala-girl-died-due-to-wrong-weight-loss-methods-youtube-water-diet</link>
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<description><![CDATA[ केरल के कन्नूर में 19 वर्षीय श्रीनंदा की एनोरेक्सिया नर्वोसा के कारण मौत हो गई, जो एक गंभीर खाने का विकार है। वह पझाशिराजा NSS कॉलेज में पढ़ती थी और वजन बढ़ने की चिंता के कारण पिछले एक साल से ठीक से भोजन नहीं कर रही थी। उसने खाना छोड़ दिया और अत्यधिक व्यायाम करने लगी थी। डॉ. नागेश प्रभु ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के समय, उसका ब्लड प्रेशर, पल्स और शुगर लेवल बहुत कम थे, और आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान हुआ था। उसने पिछले पांच महीनों से भोजन का सेवन बहुत कम कर दिया था और सिर्फ गर्म पानी पर जीवित थी। एनोरेक्सिया नर्वोसा एक गंभीर बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को वजन बढ़ने का डर होता है और इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस बीमारी से बचने के लिए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। वजन कम करने के लिए सही तरीका और एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि ऑनलाइन नुस्खे सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 11:18:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>weight loss, anorexia nervosa, eating disorder, Kerala, water diet, YouTube, mental health, nutrition counseling</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केरल के कन्नूर में 19 वर्षीय श्रीनंदा की एनोरेक्सिया नर्वोसा के कारण मौत हो गई। यह एक गंभीर खाने का विकार है, जिससे पीड़ित व्यक्ति को वजन बढ़ने का डर रहता है।<br><br>श्रीनंदा का थलसेरी कोऑपरेटिव अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहाँ उसने अंतिम सांस ली। वह पझाशिराजा NSS कॉलेज, मट्टन्नूर में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। परिवार के अनुसार, वह वजन बढ़ने की चिंता के कारण पिछले एक साल से ठीक से भोजन नहीं कर रही थी। उसने खाना छोड़ दिया और अत्यधिक व्यायाम करने लगी थी। वह यूट्यूब पर बताए गए डाइट प्लान और वाटर डाइट का पालन कर रही थी।<br><br>डॉ. नागेश प्रभु ने बताया कि श्रीनंदा 10 दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। अस्पताल में भर्ती होने के समय, उसका ब्लड प्रेशर और पल्स बहुत कम थी। उसका ब्लड शुगर लेवल 40-50 था, जो सामान्य से बहुत कम था। शरीर में जरूरी खनिज भी कम थे और आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान हुआ था।<br><br>बताया जा रहा है कि उसने पिछले पांच महीनों से भोजन का सेवन बहुत कम कर दिया था और इसे परिवार से छुपा रही थी। वह सिर्फ गर्म पानी पर जीवित थी। दो हफ्ते पहले ब्लड शुगर कम होने और सांस लेने में तकलीफ होने के कारण उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।<br><br>डॉ. प्रभु ने कहा कि इस बीमारी में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। जब श्रीनंदा को अस्पताल लाया गया, तब उसकी स्थिति इतनी गंभीर थी कि मनोचिकित्सा संभव नहीं था। उसका वजन मुश्किल से 24 किलो था और शुगर लेवल, सोडियम और ब्लड प्रेशर भी बेहद कम थे। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ।<br><br>एनोरेक्सिया नर्वोसा एक गंभीर बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को वजन बढ़ने का डर होता है। वह बहुत कम खाना खाता है या खाना छोड़ देता है। इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसके इलाज में मेडिकल केयर, पोषण परामर्श और मनोचिकित्सा शामिल हैं।<br><br>इस बीमारी से बचने के लिए, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सही इलाज के लिए मनोचिकित्सक और पोषण विशेषज्ञ से मदद लें। मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यह दुखद घटना दर्शाती है कि एनोरेक्सिया नर्वोसा एक गंभीर बीमारी है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।<br><br>वजन कम करने के लिए सही तरीका और एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है। ऑनलाइन वजन कम करने के तमाम नुस्खे सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>रस्सी कूदना: आसान कार्डियो, दमदार वेट लॉस</title>
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<description><![CDATA[ रस्सी कूदना एक सरल, मजेदार और प्रभावी व्यायाम है जो स्वास्थ्य से लेकर वजन घटाने तक कई चीजों के लिए फायदेमंद है। नए शोध बताते हैं कि यह एक बेहतरीन कार्डियो वर्कआउट है जो शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाता है, शरीर में ऑक्सीजन की खपत बढ़ाता है, और सहनशक्ति व ऊर्जा में सुधार करता है। मैक्स हॉस्पिटल के डॉ. अखिलेश यादव के अनुसार, सही तरीके से रस्सी कूदने से हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है, कैलोरी बर्न होती है और पूरे शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं। यह कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य को बढ़ाता है, फेफड़ों की क्षमता में सुधार करता है, और शरीर के संतुलन को बढ़ाता है। रस्सी कूदने से दौड़ने की तुलना में जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है, जिससे यह उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प है जो दौड़ने या साइकिल चलाने में सक्षम नहीं हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 11:16:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>cardio, weight loss, skipping rope, exercise, fitness, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रोजाना सिर्फ 10 मिनट रस्सी कूदना: आसान और दमदार कार्डियो वर्कआउट</strong><br><br>रस्सी कूदना एक सरल, मजेदार और प्रभावी व्यायाम है जिसे हर कोई कर सकता है। यह स्वास्थ्य से लेकर वजन घटाने तक कई चीजों के लिए फायदेमंद है।<br><br>अगर आपको लगता है कि रस्सी कूदना सिर्फ बच्चों का खेल है, तो फिर से सोचें! नए शोध बताते हैं कि यह एक बेहतरीन कार्डियो वर्कआउट है जो आपकी शारीरिक फिटनेस को बेहतर बना सकता है। यह शरीर में ऑक्सीजन की खपत को बढ़ाता है, जिससे सहनशक्ति और ऊर्जा दोनों में सुधार होता है।<br><br>रस्सी कूदना न केवल मजेदार है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसके लिए जिम जाने की जरूरत नहीं है, बस एक अच्छी गुणवत्ता वाली रस्सी और थोड़ी सी खुली जगह चाहिए। रोजाना 10 से 15 मिनट रस्सी कूदने से हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है, कैलोरी बर्न होती है और पूरे शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं।<br><br>मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली के ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. अखिलेश यादव के अनुसार, रस्सी कूदने का अधिकतम लाभ उठाने के लिए इसे सही तरीके से करना बहुत जरूरी है, अन्यथा घुटनों या टखनों पर अधिक दबाव पड़ सकता है। रस्सी कूदने के सही तरीके और फायदों के बारे में जानें, ताकि आप इसे अपनी दैनिक एक्सरसाइज में आसानी से शामिल कर सकें।<br><br><strong>स्टैमिना बूस्टर और कार्डियो वर्कआउट</strong><br><br>एनसीबीआई के अनुसार, रस्सी कूदना एक उच्च तीव्रता वाला कार्डियो वर्कआउट है। इसे करने से आपके हृदय और फेफड़े मजबूत होते हैं। रस्सी कूदने से हृदय गति तेज होती है, जिससे कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य बेहतर होता है। यह फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है। यदि आपको दौड़ने या साइकिल चलाने में रुचि नहीं है, तो रस्सी कूदना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। शुरुआत में 20 सेकंड तक धीरे-धीरे रस्सी कूदें, फिर धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाएं। दो-तीन मिनट के सेट में 5 से 10 मिनट तक रस्सी कूदें। धीरे-धीरे समय और गति दोनों बढ़ा सकते हैं।<br><br><strong>तेजी से कैलोरी बर्न और वेट लॉस के लिए फायदेमंद</strong><br><br>यदि आप वजन कम करना चाहते हैं, तो रस्सी कूदना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। 10 मिनट में यह 100 से 150 कैलोरी बर्न कर सकता है। रस्सी कूदने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जिससे शरीर लगातार फैट बर्न करता है। 1 मिनट तक रस्सी कूदें, फिर 30 सेकंड आराम करें। कम से कम 10 बार इस प्रक्रिया को दोहराएं। एक्सरसाइज के दौरान सही डाइट लेना जरूरी है, ताकि मांसपेशियों की रिकवरी हो सके।<br><br><strong>बॉडी का बैलेंस सुधारे</strong><br><br>रस्सी कूदना आपके हाथ, पैर और आंखों के समन्वय को बेहतर बनाता है। इससे आपका फोकस और रिफ्लेक्स तेज होता है। एथलीट और डांसर रस्सी कूदने को प्राथमिकता देते हैं, इससे बॉडी बैलेंस सुधरता है, जिससे गिरने या चोट लगने का खतरा कम हो जाता है। यह शरीर में न्यूरोमस्कुलर कंट्रोल बढ़ाता है, जिससे शरीर की हरकतें बेहतर होती हैं। धीरे-धीरे एक पैर से रस्सी कूदें। साधारण स्टेप्स से शुरुआत करें और क्रॉसओवर मूव्स ट्राई कर सकते हैं।<br><br><strong>पूरे शरीर की मसल्स पर असर दिखाए</strong><br><br>रस्सी कूदना सिर्फ पैरों की नहीं, बल्कि पूरे शरीर की एक्सरसाइज है। इससे पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, कोर मसल्स टाइट होती हैं, आर्म्स और शोल्डर भी टोन होते हैं, क्योंकि रस्सी घुमाने से हाथों की मसल्स का भी इस्तेमाल होता है। रस्सी कूदते समय कोर टाइट रखें और बैक स्ट्रेट। अलग-अलग मूव्स ट्राई करने से पूरे शरीर पर असर देखने को मिलता है।<br><br><strong>जोड़ों पर कम पड़ता है दबाव</strong><br><br>रिसर्च के अनुसार, रस्सी कूदने से दौड़ने की तुलना में जोड़ों पर कम प्रेशर पड़ता है। यह कम प्रभाव वाला वर्कआउट है, इससे घुटनों और टखनों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता। यदि इसे सही तरीके से किया जाए, तो यह बहुत असरदार साबित हो सकता है। जो लोग दौड़ने या साइकिल चलाने में सक्षम नहीं हैं, उनके लिए रस्सी कूदना एक अच्छा विकल्प है। रस्सी कूदने के लिए आप सख्त जमीन की बजाय योगा मैट का इस्तेमाल करें। अच्छे जूते पहनें, फिर धीरे-धीरे स्पीड और ड्यूरेशन दोनों बढ़ाएं।]]> </content:encoded>
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<title>बेटे को महिलाओं का सम्मान करना सिखाएं: विकास दिव्यकीर्ति</title>
<link>https://pratinidhi.in/vikas-divyakirti-parenting-tips-teach-sons-to-respect-women</link>
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<description><![CDATA[ विकास दिव्यकीर्ति ने पेरेंटिंग पर जोर देते हुए कहा कि बेटों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाना चाहिए। उन्हें घर के कामों में हाथ बंटाने, अपनी भावनाओं को व्यक्त करने, आत्म-सम्मान के साथ जीने और बड़ों का आदर करने की सीख देनी चाहिए। लड़कों को यह सिखाना महत्वपूर्ण है कि वे महिलाओं के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा वे अपनी मां और बहन के साथ करते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 11:16:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Vikas Divyakirti, parenting, son, relationship, respect for women, family values</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>विकास दिव्यकीर्ति की पेरेंटिंग टिप्स: बेटों को सिखाएं महिलाओं का सम्मान</strong><br><br>दृष्टि आईएएस कोचिंग सेंटर के संस्थापक विकास दिव्यकीर्ति ने अपनी पेरेंटिंग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात साझा की है। उन्होंने बताया कि वे अपने बेटे को हमेशा यह सिखाते हैं कि जैसा व्यवहार वह अपनी बहन या मां के लिए नहीं चाहेगा, वैसा ही व्यवहार उसे किसी भी महिला, चाहे वह गर्लफ्रेंड हो या पत्नी, के साथ नहीं करना चाहिए।<br><br><strong>बेटों को क्या सिखाना चाहिए:</strong><br><br><strong>घर के काम:</strong> विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं कि लड़कों को घर के कामों में भी हाथ बंटाना चाहिए। यह धारणा गलत है कि घर के काम सिर्फ लड़कियों के लिए होते हैं।<br><br><strong>भावनाओं को व्यक्त करना:</strong> लड़कों को रोने से नहीं रोकना चाहिए। रोना भावनाओं को व्यक्त करने का एक तरीका है और हर किसी को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का अधिकार है।<br><br><strong>आत्म-सम्मान:</strong> बेटों को आत्म-सम्मान के साथ जीना सिखाना चाहिए। उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाना सिखाएं।<br><br><strong>बड़ों का सम्मान:</strong> बेटों को माता-पिता और बड़ों का सम्मान करना सिखाएं। उन्हें बताएं कि उनकी सेवा करना और उनकी बात मानना सबसे बड़ा धर्म है।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>दालचीनी से पाएं सिल्की और मजबूत बाल: इस्तेमाल का सही तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/how-to-use-cinnamon-for-better-hair-growth-and-hair-fall-treatment</link>
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<description><![CDATA[ हर कोई घने, मजबूत और चमकदार बाल चाहता है। दालचीनी बालों के लिए एक प्राकृतिक हर्बल टॉनिक है, जो एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, डैंड्रफ और खुजली को कम करता है, बालों को टूटने से बचाता है और एक्स्ट्रा ऑयल हटाता है। दालचीनी और नारियल तेल, एलोवेरा या अंडे से हेयर मास्क बनाकर इस्तेमाल करें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 09:33:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दालचीनी, हेयर ग्रोथ, बालों की देखभाल, स्कैल्प, ब्लड सर्कुलेशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> हर कोई चाहता है कि उसके बाल घने, मजबूत और चमकदार दिखें। आजकल के प्रदूषण और गलत खानपान के कारण बालों को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में प्राकृतिक उपाय सबसे अच्छे हैं।
<br><br>
दालचीनी एक सुगंधित मसाला है और बालों की ग्रोथ को बढ़ाने वाला हर्बल टॉनिक भी है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं। दालचीनी का उपयोग बालों के विकास के लिए अच्छा है।
<br><br>
<strong>बालों के लिए दालचीनी के फायदे:</strong>
<br>
<ul>
 <li>यह स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है।</li>
 <li>यह डैंड्रफ और खुजली को कम करता है।</li>
 <li>यह बालों को टूटने से बचाता है।</li>
 <li>यह स्कैल्प से एक्स्ट्रा ऑयल हटाता है।</li>
</ul>
<br><br>
<strong>हेयर ग्रोथ के लिए दालचीनी का उपयोग:</strong>
<br><br>
<strong>दालचीनी और नारियल तेल हेयर मास्क:</strong> एक चम्मच दालचीनी पाउडर, दो चम्मच नारियल तेल और एक चम्मच शहद मिलाकर स्कैल्प पर मसाज करें। 20-30 मिनट बाद धो लें। इसे हफ्ते में 1-2 बार इस्तेमाल करें।
<br><br>
<strong>दालचीनी और एलोवेरा हेयर मास्क:</strong> दो चम्मच एलोवेरा जेल, एक चम्मच दालचीनी पाउडर और एक चम्मच जैतून का तेल मिलाकर पेस्ट बनाएं और स्कैल्प पर लगाएं। 30 मिनट बाद धो लें।
<br><br>
<strong>दालचीनी और अंडा हेयर मास्क:</strong> एक अंडा, एक चम्मच दालचीनी पाउडर और एक चम्मच बादाम तेल मिलाकर बालों पर लगाएं और 25-30 मिनट बाद धो लें। यह बालों को घना और मजबूत बनाता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>फ्रिज में लीकेज की समस्या: गर्मियों में समाधान के उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/refrigerator-leakage-problem-summer-solutions</link>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में फ्रिज से पानी टपकने की समस्या आम है। फ्रिज को नियमित रूप से साफ करें, डोर सील और कंडेंसर की जांच करें, और ड्रेनेज सिस्टम को ठीक रखें। इन उपायों से आप फ्रिज में लीकेज की समस्या का समाधान पा सकते हैं। यदि समस्या बनी रहती है, तो आपको फ्रिज के तकनीशियन से संपर्क करना चाहिए। फ्रिज में लीकेज की समस्या का सबसे बड़ा कारण वोल्टेज भी रहता है। अगर आपका फ्रिज बहुत कम वोल्टेज में चलता है तो इसका कंडेंसर और मोटर फूंक जाती है। जिससे कूलिंग नहीं हो पाती। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 09:33:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फ्रिज, लीकेज, गर्मियां, सफाई, कूलिंग, घरेलू उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> गर्मियों में फ्रिज से पानी टपकने की समस्या एक आम बात है। गर्मी शुरू होते ही कई घरों में यह परेशानी शुरू हो जाती है। इस मौसम में ठंडा पानी और बर्फ की जरूरत बढ़ जाती है, लेकिन फ्रिज से पानी टपकने लगे तो चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में, मैकेनिक को बुलाने से पहले कुछ आसान उपाय करके आप खुद भी लीकेज की वजह पता कर सकते हैं।
<br><br>
<strong>1. फ्रिज को नियमित रूप से साफ करें</strong><br>
फ्रिज को साफ रखना बहुत जरूरी है। इसके अंदर जमी धूल और गंदगी को हटा दें। इससे फ्रिज की ठंडक बनी रहती है और लीकेज की दिक्कत कम होती है। इसलिए समय-समय पर फ्रिज को साफ करते रहें।
<br><br>
<strong>2. डोर सील की जांच करें</strong><br>
फ्रिज के दरवाजे की सील को चेक करें और अगर वह खराब हो गई है तो उसे बदल दें। सील खराब होने पर फ्रिज से ठंडी हवा बाहर निकलती है और लीकेज होने लगती है। इससे फ्रिज में बर्फ नहीं जम पाती और पानी बाहर बहता रहता है। अगर फ्रिज ठंडा नहीं हो रहा है तो डोर सील की जांच जरूर करें।
<br><br>
<strong>3. कंडेंसर की सफाई है जरूरी</strong><br>
फ्रिज के कंडेंसर को साफ रखना भी जरूरी है। कंडेंसर में जमी धूल और गंदगी भी लीकेज का कारण बन सकती है। इसलिए कंडेंसर को नियमित रूप से साफ करते रहें, इससे लीकेज की समस्या नहीं होगी।
<br><br>
<strong>4. ड्रेनेज सिस्टम को चेक करें</strong><br>
फ्रिज के ड्रेनेज सिस्टम को चेक करें और खराब होने पर उसे बदल दें। ड्रेनेज सिस्टम खराब होने से फ्रिज में पानी जमा हो जाता है और लीकेज होती है। इसके अलावा, फ्रिज को समय-समय पर चेक करते रहें और कोई दिक्कत दिखने पर उसे तुरंत ठीक करें। इससे फ्रिज की ठंडक बनी रहेगी और लीकेज की समस्या कम होगी। इन उपायों से आप फ्रिज में लीकेज की समस्या को ठीक कर सकते हैं। अगर फिर भी दिक्कत बनी रहती है, तो किसी तकनीशियन से संपर्क करें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>देसी नुस्खों से फैटी लिवर का इलाज: काढ़ा जो निकालेगा चर्बी</title>
<link>https://pratinidhi.in/desi-nuskhe-se-fatty-liver-ka-ilaj-kadha-jo-nikalega-charbi</link>
<guid>https://pratinidhi.in/desi-nuskhe-se-fatty-liver-ka-ilaj-kadha-jo-nikalega-charbi</guid>
<description><![CDATA[ फैटी लिवर एक आम समस्या है जो खराब जीवनशैली और गलत खानपान के कारण होती है। न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने इसके लिए एक घरेलू काढ़ा बनाने की विधि बताई है जिसमें हल्दी, अदरक और गिलोय का उपयोग होता है। यह काढ़ा लिवर को डिटॉक्स करता है, पाचन को सुधारता है और सूजन को कम करता है। सर्वोत्तम परिणाम के लिए इसे रोजाना खाली पेट पीना चाहिए। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118847211/home-remedy-for-fatty-liver-nutritionist-shweta-shah-suggests-natural-kadha-for-boost-liver-function-118847211.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 09:33:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फैटी लिवर, देसी उपाय, काढ़ा, न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह, लिवर फंक्शन, हल्दी, अदरक, गिलोय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>फैटी लिवर: कारण और देसी इलाज</strong><br><br>आजकल की खराब जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से फैटी लिवर की समस्या आम हो गई है। इस समस्या में लिवर में अत्यधिक फैट जमा हो जाता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। शराब का अधिक सेवन, मोटापा, हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल और टाइप 2 डायबिटीज इसके मुख्य कारण हैं।<br><br><strong>घरेलू उपाय: काढ़ा</strong><br><br>न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह ने फैटी लिवर के लिए एक विशेष काढ़ा बनाने की विधि बताई है। इस काढ़े में हल्दी, अदरक और गिलोय का उपयोग किया जाता है, जो लिवर को साफ करने और उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।<br><br><strong>काढ़ा बनाने की विधि:</strong><br><br>1. दो कप पानी में आधा चम्मच गिलोय पाउडर, आधा चम्मच हल्दी पाउडर और अदरक की 2-3 स्लाइस डालें।<br>2. इसे 10-15 मिनट तक उबालें, जब तक पानी आधा न हो जाए।<br>3. इसे छानकर गुनगुना पिएं।<br><br><strong>काढ़े के फायदे:</strong><br><br>यह लिवर को डिटॉक्स करता है, पाचन को सुधारता है, सूजन को कम करता है, फैट मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, लिवर एंजाइम को संतुलित करता है और गट हेल्थ को सुधारता है।<br><br>न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, सर्वोत्तम परिणाम के लिए इस काढ़े को रोजाना खाली पेट पीना चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>होली पर पाचन शक्ति को मजबूत रखने के लिए ग्रीन टी</title>
<link>https://pratinidhi.in/green-tea-benefits-for-digestion-during-holi</link>
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<description><![CDATA[ होली के त्योहार में स्वादिष्ट पकवानों का आनंद लेने के साथ पाचन, प्रतिरक्षा और मनोदशा को बेहतर रखने के लिए ग्रीन टी एक कारगर उपाय है। ग्रीन टी में विटामिन, खनिज, और अमीनो एसिड जैसे पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके सेवन से पाचन क्रिया सुधरती है, सूजन कम होती है, और मतली, दस्त और कब्ज से राहत मिलती है। ग्रीन टी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है, तनाव कम करती है, और वजन घटाने में भी सहायक होती। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-118846725,imgsize-13098,width-540,height-405,resizemode-75/118846725.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 09:21:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>green tea, digestion, holi, immunity, health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[होली के त्योहार में अगर आप स्वादिष्ट पकवानों का आनंद लेने से खुद को नहीं रोक पाते हैं, तो एक खास ड्रिंक आपके पाचन, प्रतिरक्षा और मनोदशा को बेहतर रखने में मदद कर सकती है। <strong>होली में गुजिया, पापड़, पकौड़े, और मिठाइयाँ खूब खाई जाती हैं, जिससे अक्सर पेट खराब होने का डर रहता है।</strong> ऐसे में, <strong>ग्रीन टी का सेवन आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक हो सकता है।</strong><br><br>ग्रीन टी में विटामिन ए, ई, के, बी5, राइबोफ्लेविन, थायमीन, मैंगनीज, पोटैशियम, कॉपर, आयरन और अमीनो एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके सेवन से पेट, दिल, वजन, प्रतिरक्षा और दिमाग को कई फायदे मिलते हैं। <strong>ग्रीन टी पाचन और सूजन में मददगार होती है, साथ ही मतली, दस्त और कब्ज से भी राहत दिला सकती है।</strong><br><br>ग्रीन टी पीने से इम्यूनिटी बढ़ती है, जिससे शरीर बीमारियों और संक्रमणों से लड़ने में सक्षम होता है। NIH के अनुसार, ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाते हैं और सूजन संबंधी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि ग्रीन टी में एल-थीनाइन नामक अमीनो एसिड होता है, जो तनाव कम करके शांति प्रदान करता है। NLM के शोध के अनुसार, ग्रीन टी वजन घटाने और रखरखाव में भी सहायक है, क्योंकि इसमें मौजूद कैटेचिन और कैफीन ऊर्जा चयापचय को बढ़ाते हैं, जिससे वजन कम होता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>फैशन डिजास्टर: IIFA 2025 में सितारों का निराशाजनक अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/iifa-2025-worst-dressed-celebs</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर में IIFA अवॉर्ड्स 2025 का आयोजन हुआ, जिसमें कुछ सितारे फैशन के मामले में निराश करते दिखे। महिमा चौधरी हरे रंग की ड्रेस में बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगीं, वहीं नोरा फतेही भी अपनी ड्रेस से लोगों को इंप्रेस करने में नाकाम रहीं। शालिनी पासी ब्लैक ड्रेस में जंच नहीं रही थीं, जबकि श्रेया घोषाल और माधुरी दीक्षित की ड्रेसेस भी दर्शकों को पसंद नहीं आईं। इन सितारों को सोशल मीडिया पर उनके फैशन विकल्पों के लिए ट्रोल किया गया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118845019/worst-looks-of-celebs-from-iifa-2025-from-mahima-chaudhry-to-nora-fatehi-and-shalini-passi-118845019.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 08:55:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>IIFA 2025, Worst Looks, Celebs, माधुरी दीक्षित, महिमा चौधरी, नोरा फतेही, शालिनी पासी, श्रेया घोषाल, Fashion, Bollywood, जयपुर, Green Carpet, Style, हीरे का हार, Side se kati dress</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>IIFA 2025: फैशन के मामले में कुछ सितारे हुए निराश</strong><br><br>जयपुर में आयोजित IIFA अवॉर्ड्स 2025 में कई बॉलीवुड हस्तियों ने शिरकत की। इस दौरान, कुछ सितारे अपने फैशन से दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहे, जबकि कुछ ऐसे भी थे जिनका फैशन सेंस लोगों को पसंद नहीं आया। इन सितारों को सोशल मीडिया पर उनके फैशन विकल्पों के लिए ट्रोल किया गया।<br><br><strong>महिमा चौधरी:</strong><br>महिमा चौधरी IIFA अवॉर्ड्स 2025 में एक निराशाजनक हरे रंग की ड्रेस में नजर आईं, जो उन पर बिल्कुल भी अच्छी नहीं लग रही थी। उनका मेकअप भी उनके लुक के साथ मेल नहीं खा रहा था।<br><br><strong>नोरा फतेही:</strong><br>नोरा फतेही, जो हमेशा अपने फैशन सेंस से लोगों को आकर्षित करती हैं, इस बार IIFA अवॉर्ड्स 2025 में अपनी ड्रेस से प्रभावित करने में विफल रहीं। ड्रेस के साथ उनका मेकअप भी कुछ खास नहीं था।<br><br><strong>शालिनी पासी:</strong><br>शालिनी पासी भी IIFA अवॉर्ड्स 2025 में एक खराब ब्लैक ड्रेस में दिखाई दीं, जो उन पर जंच नहीं रही थी। उनका मेकअप भी उनके लुक को निखारने में असफल रहा।<br><br><strong>श्रेया घोषाल:</strong><br>श्रेया घोषाल, जो अपने फैशन के लिए जानी जाती हैं, IIFA अवॉर्ड्स 2025 में एक ऐसी ड्रेस में नजर आईं जो दर्शकों को पसंद नहीं आई। उनका मेकअप भी उनके आउटफिट के साथ मेल नहीं खा रहा था।<br><br><strong>माधुरी दीक्षित:</strong><br>माधुरी दीक्षित, जो हमेशा अपने फैशन सेंस से लोगों को मोहित करती हैं, इस बार IIFA अवॉर्ड्स 2025 में अपनी ड्रेस से निराश किया। उनका मेकअप भी उनकी ड्रेस के साथ मेल नहीं खा रहा था।]]> </content:encoded>
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<title>चीनी छोड़ो, ये 8 देसी चीजें भरेंगी शरीर में ताकत और देंगी हेल्दी मिठास</title>
<link>https://pratinidhi.in/healthy-indian-alternatives-to-sugar-for-health-and-energy</link>
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<description><![CDATA[ चीनी का ज्यादा सेवन डायबिटीज का खतरा बढ़ाता है। सफेद चीनी में पोषक तत्व नहीं होते और यह कई बीमारियों का कारण बन सकती है। इसकी जगह गुड़, शहद, खजूर, कोकोनट शुगर, स्टीविया, पाम शुगर और एगेव नेक्टर जैसे 8 देसी विकल्प इस्तेमाल कर सकते हैं। ये न केवल मिठास देते हैं, बल्कि शरीर को ताकत और पोषण भी देते हैं। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 08:55:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चीनी विकल्प, देसी मिठास, हेल्दी फूड, गुड़, शहद, खजूर, कोकोनट शुगर, स्टीविया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>चीनी छोड़ो, ये 8 देसी चीजें भरेंगी शरीर में ताकत और देंगी हेल्दी मिठास</b><br><br>आजकल चीनी का सेवन बहुत बढ़ गया है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ रहा है। इससे बचने के लिए हेल्दी विकल्प अपनाना जरूरी है।<br><br><b>सफेद चीनी: एक धीमा जहर</b><br>रिफाइंड होने के कारण, सफेद चीनी में पोषक तत्व नहीं होते और यह टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग और मोटापे का खतरा बढ़ाती है। इसलिए इसे 'सफेद जहर' कहा जाता है।<br><br><b>चीनी के 8 हेल्दी विकल्प</b><br>1. <b>गुड़:</b> आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर, पाचन और इम्यूनिटी के लिए अच्छा।<br>2. <b>शहद:</b> एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल से भरपूर, गले की खराश में फायदेमंद।<br>3. <b>खजूर:</b> फाइबर, आयरन और पोटैशियम से भरपूर, मिठाई की जगह खा सकते हैं।<br>4. <b>कोकोनट शुगर:</b> जिंक, आयरन, कैल्शियम और इनयूलिन से भरपूर, डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहतर।<br>5. <b>स्टीविया, पाम शुगर और एगेव नेक्टर:</b> ये भी सफेद चीनी के अच्छे विकल्प हैं।<br><br>डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह लें।]]> </content:encoded>
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<title>सभ्यता बाली: अपनी शादी का मेकअप खुद करके बनीं दुल्हन</title>
<link>https://pratinidhi.in/sabhyata-bali-bridal-makeup-video-diy-tips-and-tricks</link>
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<description><![CDATA[ कंटेंट क्रिएटर सभ्यता बाली ने अपनी शादी के दिन खुद का मेकअप करके एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने स्टेप-बाय-स्टेप ब्राइडल मेकअप करने का तरीका बताया है। इस लेख में, उन्होंने मेकअप करने के सारे स्टेप बताये हैं। जिसको फॉलो करके आप अपनी शादी में मेकअप के पैसे बचा सकती हैं और अपना पसंदीदा मेकअप लुक पा सकती हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 08:55:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Bridal makeup, Sabhyata Bali, DIY makeup, Wedding makeup, Makeup tutorial</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आज हम आपको अपनी शादी में खुद का मेकअप करने का तरीका बताने जा रहे हैं। आपने सोचा होगा कि अपनी शादी में कौन मेकअप करता है। कंटेंट क्रिएटर सभ्यता बाली ने ऐसा किया, उन्होंने अपनी शादी के दिन अपना ब्राइडल मेकअप खुद किया और वीडियो भी शेयर किया।<br><br>शादी हर लड़की के लिए एक खास दिन होता है, इसलिए वे अपने ब्राइडल लुक को और भी खूबसूरत बनाने के लिए एक पेशेवर मेकअप आर्टिस्ट को नियुक्त करती हैं। इसका एक कारण है कि दुल्हन शादी के दिन सबसे खूबसूरत दिखती है। कई बार, सबसे अच्छे मेकअप आर्टिस्ट के साथ भी, मेकअप बहुत सफेद हो जाता है या इतना अधिक हो जाता है कि लड़की का चेहरा बदल जाता है।<br><br>इन सभी परेशानियों के बाद, क्या होगा अगर हम कहें कि एक लड़की ने अपनी शादी में अपना ब्राइडल मेकअप खुद किया है? यह सुनकर आपको भी अजीब लगा होगा! लेकिन यह सच है क्योंकि कंटेंट क्रिएटर सभ्यता बाली ने खुद अपने ब्राइडल मेकअप का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। 24 फरवरी, 2025 को शेयर किए गए इस वीडियो में, उन्होंने मेकअप का स्टेप-बाय-स्टेप ट्यूटोरियल दिखाया।<br><br><strong>आप भी अपनी शादी में खुद का मेकअप कर सकती हैं</strong><br><br>*   बुनियादी त्वचा की देखभाल और मेकअप बेस<br>*   सबसे पहले टोनर और मॉइस्चराइजर लगाएं।<br>*   इसके बाद पूरे चेहरे पर प्राइमर लगाएं।<br>*   अब आई मेकअप शुरू करें, पहले ब्राउन आईशैडो से स्मोकी लुक दें।<br>*   इसके बाद गालों पर जहां मुंहासे या निशान हैं, वहां कंसीलर लगाएं।<br>*   इसके बाद अपनी त्वचा के रंग के हिसाब से फाउंडेशन लगाएं।<br>*   अब अपने चेहरे की विशेषताओं को निखारने के लिए ब्रॉन्जर का इस्तेमाल करें।<br>*   इसके बाद गालों को गुलाबी बनाने के लिए ब्लश लगाएं और इसे गालों पर ब्लेंड करें।<br><br><strong>9 शुरुआती स्टेप के बाद ये चीजें लगाएं</strong><br><br>*   कंसीलर की मदद से अपने चेहरे पर चमक लाएं।<br>*   मेकअप को सेट करने के लिए ढीला पाउडर लगाएं।<br>*   अब अपने स्मोकी ब्राउन आईलाइनर के ऊपर शिमरी आईशैडो लगाएं।<br>*   आंखों को बड़ा और सुंदर बनाने के लिए आईलाइनर का इस्तेमाल करें।<br>*   आईब्रो को हाइलाइट करने के लिए आइब्रो पेंसिल का इस्तेमाल करें।<br>*   इसके बाद लंबे समय तक टिकने वाले कॉम्पैक्ट का इस्तेमाल करें।<br>*   अब मेकअप बेस को सेटिंग स्प्रे से सेट करने का समय है।<br><br><strong>अपने ब्राइडल मेकअप को इस तरह दें फिनिशिंग लुक</strong><br><br>*   सेटिंग स्प्रे को अच्छी तरह सूखने दें और फिर गालों पर हाइलाइटर लगाएं।<br>*   पलकों को बड़ा दिखाने के लिए फॉल्स आईलैशेस लगाएं।<br>*   होंठों को आकार देने के लिए लिप लाइनर का इस्तेमाल करें।<br>*   फिर लिपस्टिक लगाएं, सभ्यता ने दो लिपस्टिक शेड को मिक्स किया है, तो आप भी ऐसा कर सकती हैं।<br>*   इसके अलावा, आंखों पर इनर कॉर्नर विंग लगाएं।<br>*   फिनिशिंग पाउडर की मदद से अपने लुक को पूरा करें।<br>*   अब आखिर में बिंदी लगाएं और फिर से चेहरे पर मेकअप सेटिंग स्प्रे लगाएं।<br><br>*   इन स्टेप्स को फॉलो करके आप अपनी शादी में मेकअप के पैसे बचा सकती हैं और अपना पसंदीदा मेकअप लुक पा सकती हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अदरक का पानी: जादू से कम नहीं, शुगर कंट्रोल और वजन कम</title>
<link>https://pratinidhi.in/ginger-water-benefits-for-diabetes-and-weight-loss</link>
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<description><![CDATA[ अदरक का पानी एक प्राकृतिक औषधि है जो डायबिटीज और वेट लॉस में मदद कर सकता है। डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, यह पाचन शक्ति को बढ़ाता है, गैस और ब्लोटिंग को कम करता है, मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है और ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखता है। इसे बनाने के लिए, एक कप पानी में आधा चम्मच अदरक डालकर उबालें और ठंडा करके दिन में दो बार सेवन करें। अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो खांसी, सर्दी और इंफेक्शन से बचाने में मददगार होते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 18:07:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अदरक, पानी, डायबिटीज, वेट लॉस, मेटाबॉलिज्म, इम्यूनिटी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अदरक का पानी किसी जादू से कम नहीं है। <b>अदरक खाने के कई फायदे हैं</b>, लेकिन इसका पानी भी कई समस्याओं का समाधान कर सकता है। <br><br>डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, अदरक का पानी अपने रूटीन में शामिल करें। यह शरीर के लिए नेचर की मेडिसिन है और कई बीमारियों को रोकने में मदद करता है। <b>यह डायबिटीज और वेट लॉस में भी फायदेमंद है।</b><br><br><b>अदरक का पानी पीने के फायदे:</b><br><br><b>गैस और ब्लोटिंग का इलाज:</b> अदरक का पानी पाचन शक्ति को बढ़ाता है और गैस-ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों को दूर करता है।<br><br><b>वजन कम करने में मददगार:</b> अदरक मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और फैट को जल्दी बर्न करता है, जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है।<br><br><b>इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है:</b> अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो खांसी, सर्दी और इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं।<br><br><b>डायबिटीज में लाभकारी:</b> अदरक का पानी ब्लड शुगर को कंट्रोल में रख सकता है।<br><br><b>अदरक का पानी कैसे बनाएं:</b><br><br>1 कप पानी में आधा चम्मच कद्दूकस किया अदरक डालें। इसे पांच मिनट तक उबालें और ठंडा करके छान लें। खाना खाने के बाद दिन में दो बार इसका सेवन करें।]]> </content:encoded>
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<title>टंग क्लीनर: सावधान! क्या आप भी करते हैं नियमित इस्तेमाल, जानिए खतरे</title>
<link>https://pratinidhi.in/if-you-also-clean-your-tongue-with-a-regular-tongue-cleaner-then-be-careful-these-damages-are-happening-every-day</link>
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<description><![CDATA[ नियमित टंग क्लीनर का उपयोग करने से जीभ को नुकसान हो सकता है। इसके अत्यधिक उपयोग से जीभ पर घाव, एलर्जी, मुंह में सूखापन और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। टंग क्लीनर में मौजूद रसायन मुंह में सूखापन और जीभ की रंगत बदल सकते हैं। इससे बचने के लिए टंग क्लीनर का उपयोग सीमित करना चाहिए और जीभ को साफ करने के लिए अन्य तरीकों का उपयोग करना चाहिए, जैसे कि ब्रश या गर्म पानी से धोना। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 18:07:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Tongue Cleaner, जुबान, जीभ, बैक्टीरिया, एलर्जी, मुंह में सूखापन, घाव, सूजन, साफ करने के तरीके, जुबान साफ करने के नुकसान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अगर आप भी अपनी जीभ को साफ करने के लिए नियमित रूप से टंग क्लीनर का उपयोग करते हैं, तो आपको सावधान रहने की आवश्यकता है। <br><br>सुबह उठकर अपनी जीभ को साफ करना एक अच्छी आदत है, लेकिन नियमित टंग क्लीनर का उपयोग आपकी जीभ के लिए हानिकारक हो सकता है। टंग क्लीनर का अत्यधिक उपयोग आपकी जीभ को नुकसान पहुंचा सकता है, क्योंकि इससे आपकी जीभ पर घाव होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, हर रोज इसका उपयोग करने से बचना चाहिए।<br><br><strong>जीभ में एलर्जी का खतरा:</strong> टंग क्लीनर का अधिक उपयोग जीभ की संवेदनशीलता को बढ़ा सकता है। इससे जीभ पर छोटे-छोटे घाव हो सकते हैं और एलर्जी की समस्या हो सकती है।<br><br><strong>मुंह में सूखापन:</strong> टंग क्लीनर में मौजूद रसायन मुंह में सूखापन पैदा कर सकते हैं, जिससे लार की कमी और दर्द हो सकता है।<br><br><strong>बैक्टीरिया का खतरा:</strong> टंग क्लीनर का अधिक उपयोग जीभ पर बैक्टीरिया बढ़ा सकता है, जिससे मुंह में दुर्गंध और जीभ में दर्द हो सकता है।<br><br><strong>अत्यधिक उपयोग हानिकारक:</strong> टंग क्लीनर का अधिक उपयोग जीभ में दर्द, घाव और सूजन का कारण बन सकता है, जिससे खाने में कठिनाई हो सकती है। इन नुकसानों से बचने के लिए, टंग क्लीनर का उपयोग सीमित करें और जीभ को साफ करने के लिए अन्य तरीकों का उपयोग करें, जैसे कि ब्रश या गर्म पानी से धोना।]]> </content:encoded>
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<title>आईफा इन्विटेशन कार्ड: अनंत अंबानी के वेडिंग कार्ड को भी पीछे छोड़ेगा</title>
<link>https://pratinidhi.in/iifa-invitation-card-vs-anant-ambani-wedding-card-a-cultural-showcase</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर में आईफा अवॉर्ड सेरेमनी के लिए बना 7 किलो का इन्विटेशन कार्ड अनंत अंबानी के वेडिंग कार्ड से भी ज्यादा चर्चा में है। इस कार्ड में राजस्थानी संस्कृति की झलक है, जिसे डिजाइनर चंद्र प्रकाश गोयल और आशीष गोयल ने खास मेहमानों के लिए बनाया है। कार्ड में हवामहल, सिटी पैलेस जैसे आर्टिफैक्ट्स हैं, साथ ही गोल्ड वर्क वाली मार्बल प्लेट और गुलाब का इत्र भी है। यह कार्ड माधुरी दीक्षित, शाहरुख खान और अंबानी परिवार को भेजा गया है। डिजाइनर कहते हैं कि वीआईपी कार्ड थोड़ा अलग है, लेकिन दोनों में राजस्थान की कला और विरासत को दर्शाया गया है। आम लोग भी अपने वेडिंग कार्ड में शहर के मशहूर टूरिस्ट प्लेस की तस्वीरें और खास चीजें शामिल कर सकते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 16:49:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>IIFA, Invitation Card, Rajasthan, Anant Ambani, Wedding Card, Culture, Handicrafts, Tourism</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राजस्थान के जयपुर में आयोजित हो रहे आईफा अवॉर्ड सेरेमनी की मनमोहक तस्वीरें लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। इस समारोह का निमंत्रण पत्र विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो राजस्थानी संस्कृति को दर्शाता है। यह निमंत्रण पत्र न केवल अनंत अंबानी की शादी के कार्ड को टक्कर देता है, बल्कि शादी के कार्ड के लिए नए विचार भी प्रस्तुत करता है।<br><br>आईफा 2025 का आयोजन जितना भव्य है, उतना ही आकर्षक इसका निमंत्रण पत्र भी है। इस कार्ड को चंद्र प्रकाश गोयल और आशीष गोयल नामक डिजाइनरों ने डिजाइन किया है। आदर्श नगर के रहने वाले इन डिजाइनरों ने विशेष वीवीआईपी और वीआईपी मेहमानों के लिए यह कार्ड बनाया है। उल्लेखनीय है कि 7 किलो के इस कार्ड में राजस्थान की सुंदरता को दर्शाया गया है।<br><br>जिस प्रकार अनंत अंबानी की शादी का कार्ड चर्चा का विषय बना था, उसी प्रकार अब यह आईफा निमंत्रण पत्र भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह कार्ड किसी क्षेत्र की संस्कृति को प्रदर्शित करने के कारण विशेष रूप से पसंद किया जा रहा है। तो चलिए, हम आपको बताते हैं कि इस 7 किलो के कार्ड में क्या-क्या शामिल है, और आप भी अपने शादी के कार्ड में किस प्रकार के विशेष तत्व जोड़ सकते हैं।<br><br>कार्ड में राजस्थान की विरासत<br>कार्ड के बाहरी भाग की बात करें तो, कृत्रिम चमड़े से बने बॉक्स को एक संदूक का आकार दिया गया है, जिसे बाड़मेरी कशीदाकारी कपड़े से सजाया गया है। इसे खोलते ही हवामहल, सिटी पैलेस, अल्बर्ट हॉल, आईफा ट्रॉफी, स्टेज और ग्रीन कारपेट की कलाकृतियाँ दिखाई देती हैं, जिन्हें एक्रेलिक, लेजर कटिंग और एनग्रेविंग से बनाया गया है। भूरे-काले रंग के कार्ड को यूवी प्रिंट से शिमरी प्रभाव दिया गया है।<br><br>उपहार में मार्बल प्लेट<br>बॉक्स में कुछ उपहार भी हैं, जैसे कि सोने के काम वाली मार्बल प्लेट, लाख से बने दो हाथी (जिनमें मीनाकारी और कुंदन का काम शामिल है) और भपका तकनीक से बना गुलाब का इत्र। ये सभी वस्तुएँ राजस्थान की विशेषता को दर्शाती हैं। पर्यटन विभाग ने लघु चित्रकला भी रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह निमंत्रण पत्र माधुरी दीक्षित, शाहरुख खान, करीना कपूर, शाहिद कपूर, अंबानी, अडाणी और मुख्यमंत्री को भेजा गया है।<br><br>7 किलो का आईफा निमंत्रण कार्ड<br><br>वीवीआईपी से अलग वीआईपी कार्ड<br>हैम्पोरियो बाय फ्रेंड्स कार्ड के डिजाइनरों के अनुसार, वीवीआईपी कार्ड से वीआईपी कार्ड थोड़ा अलग है। दोनों का पैटर्न एक जैसा है, लेकिन आकार और उपहार अलग-अलग हैं। आईफा की कलाकृतियों के साथ निमंत्रण पत्र और ब्लू पॉटरी उपहार हैं। इसमें एक पैन स्टैंड, ट्रे और वॉल पेंटिंग भी शामिल हैं। कार्ड डिजाइन में राजस्थान की कला और कारीगरों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो यहाँ की विरासत को दर्शाता है।<br><br>आप भी ऐसा कर सकते हैं<br>आईफा की तरह 7 किलो का कार्ड बनवाना हर किसी के लिए संभव नहीं है। ऐसे में, आप सामान्य शादी के कार्ड में कुछ विशेष तत्व जोड़ सकते हैं, जैसे कि अपने शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की तस्वीरें और यहाँ बनने वाली विशेष वस्तुओं को शामिल कर सकते हैं। ये उपहार के रूप में अच्छे लगेंगे, साथ ही शादी के बहाने आस-पास की जगहों पर घूमने जाने के लिए लोगों की रुचि बढ़ेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि आपका कार्ड अद्वितीय होने के कारण हर कोई इसकी सराहना करेगा।]]> </content:encoded>
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<title>प्रियंका चोपड़ा की नोज जॉब: मां मधु चोपड़ा ने बताई सर्जरी की कहानी</title>
<link>https://pratinidhi.in/priyanka-chopra-nose-job-mother-madhu-chopra-shared-surgery-story</link>
<guid>https://pratinidhi.in/priyanka-chopra-nose-job-mother-madhu-chopra-shared-surgery-story</guid>
<description><![CDATA[ प्रियंका चोपड़ा की नोज जॉब को लेकर उनकी मां डॉक्टर मधु चोपड़ा ने एक घटना साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे प्रियंका चोपड़ा की नोज जॉब गलत हो गई थी। डॉक्टर मधु चोपड़ा ने प्लास्टिक सर्जरी और कॉस्मेटोलॉजी के बीच का अंतर बताया। मधु चोपड़ा ने बताया कि प्रियंका अपनी नोज जॉब गलत होने पर बहुत दुखी थी, लेकिन उनके पिता ने उन्हें समझाया कि यह ठीक हो सकता है। बाद में, प्रियंका ने एक और सर्जरी करवाई और अपनी नाक को ठीक करवाया। डॉक्टर मधु चोपड़ा ने कहा कि कॉस्मेटोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी का सहारा तभी लेना चाहिए जब जरूरत हो। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118839740/priyanka-chopra-mother-doctor-madhu-shared-her-daughter-nose-job-incident-in-an-podcast-118839740.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 16:49:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्रियंका चोपड़ा, नोज जॉब, मधु चोपड़ा, प्लास्टिक सर्जरी, कॉस्मेटोलॉजी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्रियंका चोपड़ा की नोज जॉब को लेकर उनकी मां, डॉक्टर मधु चोपड़ा ने एक घटना साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे प्रियंका चोपड़ा की नोज जॉब गलत हो गई थी।<br><br>डॉक्टर मधु चोपड़ा ने प्लास्टिक सर्जरी और कॉस्मेटोलॉजी के बीच का अंतर बताते हुए कहा कि प्लास्टिक सर्जरी में री-मॉडलिंग, रिपेयरिंग और फिक्सिंग शामिल है, जबकि कॉस्मेटोलॉजी त्वचा, बाल और नाखूनों की देखभाल करती है। उन्होंने राखी सावंत के डायलॉग को याद करते हुए कहा कि 'वट गॉड डिड नॉट गिव मी, डॉक्टर गिव मी'।<br><br>मधु चोपड़ा ने बताया कि प्रियंका अपनी नोज जॉब गलत होने पर बहुत दुखी थी, लेकिन उनके पिता ने उन्हें समझाया कि यह ठीक हो सकता है। बाद में, प्रियंका ने एक और सर्जरी करवाई और अपनी नाक को ठीक करवाया। डॉक्टर मधु चोपड़ा ने कहा कि कॉस्मेटोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी का सहारा तभी लेना चाहिए जब जरूरत हो।]]> </content:encoded>
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<title>ललित पाटीदार: चेहरे पर भेड़िए जैसे बाल, हनुमान कहकर पूजते हैं लोग</title>
<link>https://pratinidhi.in/lalit-patidar-hairiest-face-guinness-world-record-werewolf-syndrome</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर ललित पाटीदार नाम खूब वायरल हो रहा है, जिनके चेहरे पर भेड़िए जैसे घने बाल हैं। नांदलेटा गांव के रहने वाले ललित को उनके चेहरे पर उगे 201.72 सेमी लंबे बालों के कारण गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। ललित को बचपन में अपने बालों से भरे चेहरे और शरीर के कारण काफी तानों का सामना करना पड़ा। ललित एक खास बीमारी से पीड़ित हैं, जिसे वेयरवुल्फ सिंड्रोम कहा जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में हाइपरट्रिकोसिस के नाम से भी जाना जाता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 16:36:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ललित पाटीदार, वेयरवुल्फ सिंड्रोम, हाइपरट्रिकोसिस, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, बाल हनुमान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>ललित पाटीदार: एक अनोखी कहानी</strong><br/><br/>सोशल मीडिया पर इन दिनों ललित पाटीदार नाम खूब चर्चा में है। ललित के चेहरे पर भेड़िए जैसे घने बाल हैं, जिसके चलते उनके चेहरे की असली पहचान छिप गई है।<br/><br/><strong>गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज</strong><br/><br/>नांदलेटा गांव के रहने वाले ललित को उनके चेहरे पर उगे 201.72 सेमी लंबे बालों के कारण गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।<br/><br/><strong>बचपन में झेली परेशानियां</strong><br/><br/>न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, ललित को बचपन में अपने बालों से भरे चेहरे और शरीर के कारण काफी तानों का सामना करना पड़ा।<br/><br/><strong>बाल हनुमान के रूप में पूजा</strong><br/><br/>एक समय था जब लोग ललित से डरते थे और उनका मजाक उड़ाते थे, लेकिन बाद में उन्हें बाल हनुमान के रूप में पूजा जाने लगा।<br/><br/><strong>शर्म को बनाया गर्व</strong><br/><br/>ललित ने इस मुश्किल सफर में हार नहीं मानी और अपने बालों वाले चेहरे और शरीर को गर्व से दिखाते हैं। वह सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें और वीडियो भी पोस्ट करते हैं।<br/><br/><strong>वेयरवुल्फ सिंड्रोम से पीड़ित</strong><br/><br/>ललित एक खास बीमारी से पीड़ित हैं, जिसे वेयरवुल्फ सिंड्रोम कहा जाता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में हाइपरट्रिकोसिस के नाम से भी जाना जाता है। यह स्थिति उन जीन्स के कारण होती है जो शरीर पर बालों के विकास के लिए जिम्मेदार होते हैं।<br/><br/><strong>जीन की भूमिका</strong><br/><br/>हाइपरट्रिकोसिस मुख्य रूप से उन जीन्स के कारण होता है जो शरीर पर बालों के विकास के लिए जिम्मेदार होते हैं। मानव जाति के शुरुआती समय में इस तरह के घने बाल होते थे, लेकिन समय के साथ इनकी जरूरत कम होने से जीन निष्क्रिय होने लगा।<br/><br/><strong>गर्भ में जीन का सक्रिय होना</strong><br/><br/>हाइपरट्रिकोसिस के मामलों में, यह जीन गर्भ में सक्रिय हो जाता है, जिससे बच्चे के शरीर पर घने बाल उगते हैं। इस जीन के सक्रिय होने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।<br/><br/><strong>संभावित कारण</strong><br/><br/>विज्ञान के अनुसार, कुछ कारक जीन को सक्रिय कर सकते हैं, जैसे - कुपोषण, खराब आहार, खाने से जुड़े विकार, कुछ स्टेरॉयड, कैंसर और सेल म्यूटेशन, ऑटोइम्यून बीमारियां आदि।]]> </content:encoded>
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<title>प्रेग्‍नेंसी में दीपिका कक्कड़ पर बेटी को छोड़ने का आरोप: जच्चा&amp;बच्चा पर असर</title>
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<description><![CDATA[ टीवी एक्‍ट्रेस दीपिका कक्‍कड़ को बेटी को छोड़ने के आरोप लगने पर काफी दुख हुआ। प्रेग्‍नेंसी के दौरान ट्रोलिंग का उन पर बुरा असर पड़ा, जिससे उन्‍हें तनाव हुआ और समय से पहले बच्‍चे को जन्‍म देना पड़ा। डॉक्‍टरों के अनुसार, नकारात्‍मक बातों से गर्भवती महिलाओं में कार्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है, जिससे शिशु के विकास पर असर पड़ता है और जेस्‍टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए प्रेग्‍नेंसी में खुश रहना जरूरी है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 15:27:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Dipika Kakkad, Pregnancy, Trolling, Women Health, Baby Health</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[टीवी एक्‍ट्रेस दीपिका कक्‍कड़ को उनकी पर्सनल लाइफ के चलते अक्‍सर चर्चाओं में देखा जाता है। हाल ही में, उन्‍हें सोशल मीडिया पर उनकी बेटी को छोड़ने के आरोप लगाए गए, जिससे वे काफी आहत हुईं।
<br><br>
दीपिका ने बताया कि जब ये आरोप लगे, उस दौरान वे प्रेग्‍नेंट थीं और इन बातों का उनके स्‍वास्‍थ्‍य पर बहुत बुरा असर पड़ा। <strong>प्रेग्‍नेंसी में महिलाओं को खुश रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन नकारात्‍मक बातें उनकी प्रेग्‍नेंसी जर्नी को मुश्किल बना सकती हैं।</strong>
<br><br>
प्रेग्‍नेंसी एक नाजुक दौर होता है और तनाव गर्भवती महिला के लिए हानिकारक हो सकता है। दीपिका ने बताया कि ट्रोलिंग की वजह से उनके मन में डर बैठ गया था कि लोग उनके आने वाले बच्‍चे के बारे में भी गलत बातें करेंगे।
<br><br>
तनाव के कारण दीपिका को समय से पहले बच्‍चे को जन्‍म देना पड़ा। डॉक्‍टरों के अनुसार, नकारात्‍मक बातों से महिलाओं में कार्टिसोल हार्मोन रिलीज होता है, जो शिशु के विकास को प्रभावित करता है। इससे जेस्‍टेशनल डायबिटीज और इंफेक्‍शन का खतरा भी बढ़ जाता है।]]> </content:encoded>
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<title>गर्मियों में बच्चों को पिलाएं ये 4 खास जूस, सेहत से भरपूर</title>
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<description><![CDATA[ गर्मियों में बच्चों को हाइड्रेटेड रखना महत्वपूर्ण है, इसलिए कोल्ड ड्रिंक की जगह घर के बने जूस पिलाएं। नारंगी का जूस विटामिन सी से भरपूर होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। तरबूज का जूस पानी की मात्रा अधिक होने के कारण हाइड्रेटेड रखता है और विटामिन सी व लाइकोपीन से भरपूर होता है। पपीता का जूस पाचन में मदद करता है और विटामिन सी व पोटैशियम से भरपूर होता है। अंगूर का जूस भी पोटैशियम और विटामिन सी से भरपूर होता है और हाइड्रेटेड रखने में सहायक है। जूस पिलाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 15:27:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>juices, summer, children, health, hydration, orange juice, watermelon juice, papaya juice, grape juice, vitamin C, potassium</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में बच्चों को कोल्ड ड्रिंक की जगह दें ये 4 खास जूस, जो रखेंगे उन्हें दिन भर तरोताजा<br><br>गर्मियों में बच्चों को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है। कोल्ड ड्रिंक की जगह जूस पिलाने से उनकी सेहत भी बनेगी और वे तरोताजा महसूस करेंगे। जूस बच्चों के शारीरिक विकास में मदद करता है।<br><br><b>1. नारंगी का जूस:</b><br>नारंगी का जूस विटामिन सी से भरपूर होता है, जो बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और हाइड्रेटेड रखता है।<br><br><b>2. तरबूज का जूस:</b><br>तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो बच्चों को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। यह विटामिन सी और लाइकोपीन से भरपूर होता है, जो बच्चों के पेट को ठंडा रखता है।<br><br><b>3. पपीता का जूस:</b><br>पपीता में पपैन नामक एंजाइम होता है, जो पाचन में मदद करता है। यह विटामिन सी और पोटैशियम से भरपूर होता है।<br><br><b>4. अंगूर का जूस:</b><br>अंगूर में पोटैशियम और विटामिन सी होता है, जो बच्चों के लिए फायदेमंद है और हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।<br><br>बच्चों को जूस पिलाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें और हमेशा ताज़ा जूस ही पिलाएं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>चहल की मिस्ट्री गर्ल: आलीशान घर की झलक</title>
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<description><![CDATA[ चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत के बाद, लोगों का ध्यान युजवेंद्र चहल के साथ बैठी मिस्ट्री गर्ल पर गया है, जिससे हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। इस लेख में, उस मिस्ट्री गर्ल, आरजे मैहवश के आलीशान घर की तस्वीरें दिखाई गई हैं, जो &#039;बिग बॉस ओटीटी 2&#039; में भी नजर आ चुकी हैं। उनके घर का लिविंग एरिया क्लासी लुक देता है, जिसमें बेज कलर का सोफा सेट और वुडन शोकेस है। घर के अलग-अलग हिस्सों को यूनिक स्टाइल में सजाया गया है, जिसमें हैंगिंग प्लेट्स और शोपीस शामिल हैं। बालकनी और टेरिस एरिया में मिनिमल सजावट है, जिसमें मिरर रैलिंग और प्लांट्स लगे हैं। पूरे घर में प्लांट्स से सजावट की गई है, जो फेस्टिव सीजन में और भी अट्रैक्टिव लगती है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 14:51:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Yuzvendra Chahal, RJ Mahvash, luxury house, cricket, Champions Trophy, home decor</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की विजय के बाद, लोगों की निगाहें क्रिकेटर युजवेंद्र चहल के साथ बैठी एक रहस्यमयी महिला पर टिकी हैं। हाल ही में तलाक के बाद चहल का इस महिला के साथ दिखना कई सवाल खड़े कर रहा है, और लोग इस मिस्ट्री गर्ल के बारे में जानने को उत्सुक हैं। इस उत्सुकता को शांत करते हुए, हम आपको आरजे मैहवश नामक इस महिला के शानदार घर की झलक दिखाने जा रहे हैं।<br><br>9 मार्च, 2025 का दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, जब टीम ने 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ ही, दुबई क्रिकेट स्टेडियम में चहल के साथ बैठी एक खूबसूरत महिला ने सबका ध्यान खींचा। अब हर कोई जानना चाहता है कि यह मिस्ट्री गर्ल कौन है।<br><br>जैसा कि विदित है, युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का हाल ही में तलाक हुआ है, जिसके चलते लोगों की दिलचस्पी इस नई महिला में बढ़ गई है। हम आपको बता दें कि युजी के साथ नजर आई इस मिस्ट्री गर्ल का नाम आरजे मैहवश है, जो 'बिग बॉस ओटीटी 2' जैसे रियलिटी शो में भी दिखाई दे चुकी हैं। हम आपको उनके आलीशान घर की सैर कराते हैं, जो होम डेकोर के लिए नए मानक स्थापित करता है।<br><br><strong>क्लासी लिविंग एरिया</strong><br><br>मैहवश, जिनका पूरा नाम महवश अमु है, का लिविंग रूम बेहद क्लासी है। हल्के रंगों से सजे इस कमरे में बेज रंग का आरामदायक सोफा सेट, कुशन और पर्दे हैं। सामने की दीवार पर टीवी लगा है और उसके नीचे काले रंग की लकड़ी का शोकेस है, जो हल्के रंग के साथ खूबसूरती से मेल खाता है।<br><br><strong>यूनिक होम डेकोरेशन</strong><br><br>आरजे मैहवश ने अपने घर के हर कोने को अनोखे अंदाज में सजाया है। एक तरफ दीवार पर नीले रंग की हैंगिंग प्लेट्स लगी हैं, तो दूसरी तरफ लिविंग एरिया को खास चीजों से सजाया गया है। सादगी बनाए रखने के लिए कुछ दीवारों पर केवल एक शोपीस लगाया गया है। इस प्रकार, मैहवश का घर न केवल लग्जरी दिखता है, बल्कि क्लासी भी लगता है।<br><br><strong>बालकनी और टेरिस एरिया</strong><br><br>मैहवश के घर की बालकनी और टेरेस एरिया में कम से कम सजावट देखने को मिलती है। मिरर रैलिंग से सजी बालकनी में कुछ पौधे लगे हैं, जबकि छत की रैलिंग महलों से प्रेरित होकर डिजाइन की गई है। पीले और सफेद रंग का फ्लोर इस जगह की खूबसूरती में चार चांद लगाता है।<br><br><strong>पौधों से सजावट</strong><br><br>मैहवश के घर में हर जगह पौधे दिखाई देते हैं, चाहे वह होली-दिवाली पर घर को सजाने की बात हो या सामान्य रूप से पौधे रखने की। मैहवश की पसंद हर स्थिति में आकर्षक है। उन्होंने बालकनी के अलावा इंडोर पौधों को स्टैंड पर सजाया है और त्योहारों पर सफेद फूलों को गमलों में सजाकर रखा है।]]> </content:encoded>
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<title>रमजान 2025: डायबिटीज में इफ्तार और सेहरी में क्या खाएं, क्या नहीं?</title>
<link>https://pratinidhi.in/ramadan-2025-foods-to-avoid-for-diabetics-in-iftar-and-sehri</link>
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<description><![CDATA[ रमजान में डायबिटीज के मरीजों को रोजा रखने के दौरान इफ्तार और सेहरी में अपनी डाइट का खास ख्याल रखना चाहिए। इफ्तार में मीठा खाने से बचें और संतुलित डाइट लें। गेहूं की रोटी की जगह बेसन या बाजरे की रोटी खाएं, और सेहरी में चावल से परहेज करें। सेहरी में चना खाना बेहतर विकल्प है। लेख में दी गई सलाह केवल सामान्य जानकारी के लिए है, इसलिए हमेशा डॉक्टर से सलाह लें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 14:51:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Ramadan, Diabetes, Iftar, Sehri, Foods to avoid, Blood sugar</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[रमजान के महीने में डायबिटीज के मरीजों को रोजा रखने के दौरान अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। इफ्तार और सेहरी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में जानकारी होना जरूरी है।<br><br><b>इफ्तार में संतुलित डाइट:</b><br>डायबिटीज के मरीजों को इफ्तार में मीठा खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शुगर का स्तर बढ़ सकता है। इसके बजाय, संतुलित डाइट लें।<br><br><b>गेहूं की जगह बेसन की रोटी:</b><br>इफ्तार में गेहूं की रोटी की जगह बेसन या बाजरे की रोटी खाना बेहतर होता है। गेहूं की रोटी में कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा अधिक होती है, जो ब्लड शुगर को बढ़ा सकती है।<br><br><b>सेहरी में चावल से परहेज:</b><br>सेहरी में चावल खाने से ब्लड शुगर बढ़ सकता है। इसलिए, सेहरी में चना खाना बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह हाई प्रोटीन होता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है।<br><br>*Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।*]]> </content:encoded>
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<title>रोहित&amp;रितिका की शादी: नीले लहंगे में दुल्हन रितिका का दिलकश अंदाज</title>
<link>https://pratinidhi.in/rohit-sharma-ritika-sajdeh-wedding-blue-lehenga-bridal-look</link>
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<description><![CDATA[ भारतीय क्रिकेट टीम ने 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर देश को खुश किया। रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह का ब्राइडल लुक अभी भी चर्चा में है। 2015 में दोनों की शादी हुई थी। रितिका ने मिंट और नीले रंग का लहंगा पहना था, जिस पर सिल्वर एम्ब्रॉयडरी थी। उन्होंने हैवी नेकपीस और झुमके पहने थे, जबकि रोहित ने गुलाबी पगड़ी पहनी थी। रितिका ने मेकअप को सादा रखा था। रोहित ने अपनी कप्तानी में शानदार प्रदर्शन किया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118833019/when-indian-cricketer-rohit-sharma-got-married-with-ritika-sajdeh-her-bridal-look-and-simplicity-will-win-your-heart-118833019.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 14:49:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रोहित शर्मा, रितिका सजदेह, शादी, ब्राइडल लुक, क्रिकेट, चैंपियंस ट्रॉफी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारतीय क्रिकेट टीम ने 12 साल बाद चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर देश को गौरवान्वित किया। <strong>रोहित शर्मा</strong> ने कप्तानी में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी पत्नी <strong>रितिका सजदेह</strong> का ब्राइडल लुक आज भी चर्चा में है।<br><br>दुबई में न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती। <strong>रोहित शर्मा</strong> की कप्तानी में यह दूसरा आईसीसी खिताब है। इससे पहले उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता था। <strong>रितिका सजदेह</strong> 2015 में <strong>रोहित</strong> की हमसफर बनीं। शादी के 10 साल बाद भी उनका स्टाइल और खूबसूरती बरकरार है।<br><br><strong>रोहित</strong> और <strong>रितिका</strong> की सगाई 3 जून 2015 को हुई थी, और 13 दिसंबर को मुंबई में शादी हुई। <strong>रोहित</strong> ने शादी में राघवेंद्र राठौर की शेरवानी और रिसेप्शन में ट्रॉय कोस्टा का सूट पहना था। <strong>रितिका</strong> ने शादी और रिसेप्शन में मिंट और नीले रंग का लहंगा पहना था।<br><br><strong>रितिका</strong> के लहंगे पर सिल्वर एम्ब्रॉयडरी थी और उन्होंने मैचिंग ब्लाउज पहना था। उन्होंने दो अलग-अलग तरीकों से दुपट्टा स्टाइल किया था। <strong>रितिका</strong> ने चोकर, हैवी नेकपीस, झुमके, मांगटीका और चूड़ियाँ पहनी थीं। <strong>रोहित</strong> ने गुलाबी रंग की पगड़ी पहनी थी। <strong>रितिका</strong> ने मेकअप को सिंपल रखा था।]]> </content:encoded>
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<title>जीरा: छोटा दाना, बड़े फायदे, जानें 2 खास इस्तेमाल</title>
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<description><![CDATA[ जीरा एक करामाती मसाला है जो पाचन को सुधारता है। डॉ. रोबिन शर्मा जीरा के दो उपयोग बताते हैं: एसिडिटी के लिए जीरा, धनिया, सौंफ और मिश्री का मिश्रण खाने के बाद लें। प्रसूता महिलाओं के लिए जीरा और मेथी दाना रात भर भिगोकर सुबह दूध के साथ लें, जिससे ब्रेस्ट मिल्क बढ़ेगा और कमर दर्द में आराम मिलेगा। जीरा पाचन सुधारता है, आयरन बढ़ाता है, ब्लड शुगर कम करता है, कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है और वजन घटाने में मदद करता है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118836539/according-to-ayurveda-doctor-robin-sharma-told-2-best-uses-of-cumin-seed-or-jeera-for-body-118836539.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 14:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जीरा, cumin seeds, jeera, आयुर्वेद, health, lifestyle</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[जीरा एक अद्भुत मसाला है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद है। आयुर्वेद के अनुसार, जीरा पाचन क्रिया को सुधारने और भोजन को पचाने में मदद करता है। डॉ. रोबिन शर्मा जीरा के दो ऐसे उपयोग बताते हैं जिनके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है।
<br><br>
जीरा, धनिया, सौंफ और मिश्री को बराबर मात्रा में मिलाकर पीस लें। इस मिश्रण का एक छोटा चम्मच दिन में दो-तीन बार खाने के बाद पानी के साथ लेने से पुरानी से पुरानी एसिडिटी में भी राहत मिलती है।
<br><br>
इसके अलावा, एक चम्मच जीरा और एक चम्मच मेथी दाना को रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह इसे एक गिलास दूध के साथ लें। यह उपाय उन महिलाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो अभी-अभी माँ बनी हैं। यह न केवल ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन को बढ़ाता है, बल्कि डिलीवरी के बाद होने वाले कमर दर्द और जोड़ों के दर्द से भी आराम दिलाता है।
<br><br>
जीरा दर्द निवारक दवाओं के दुष्प्रभावों से बचने में भी मदद करता है और पेट को स्वस्थ रखता है। जीरा के नियमित सेवन से पाचन बेहतर होता है, आयरन की कमी पूरी होती है, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, वजन प्रबंधन में मदद मिलती है और शरीर की सूजन कम होती है।]]> </content:encoded>
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<title>आईफा 2025: शाहरुख के हीरे और हसीनाओं का जलवा</title>
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<description><![CDATA[ जयपुर में आइफा अवॉर्ड 2025 में सितारों ने एक से बढ़कर एक शानदार लुक दिखाए। कुछ हीरोइनों ने गाउन में अपना ग्लैमरस रूप दिखाया, तो कुछ साड़ियों में सादगी भरे अंदाज में नजर आईं। शाहरुख खान के हीरे भी खूब चमके। करीना कपूर Tony Ward के गाउन में, कटरीना कैफ तरुण तिहिलियानी के लहंगे में, कृति सैनन राजेश प्रताप सिंह की ड्रेस में और रेखा कांजीवरम साड़ी में नजर आईं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118835689/best-looks-from-iifa-2025-from-shah-rukh-khan-diamond-choker-to-kareena-kapoor-and-katrina-kaif-stylish-gown-118835689.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 14:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>IIFA 2025, Shah Rukh Khan, Diamond Choker, Kareena Kapoor, Katrina Kaif, Stylish Gown, Diya Kumari, Fashion, Bollywood, Celebrity Looks</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>जयपुर में आइफा अवॉर्ड 2025: सितारों का जलवा</strong><br><br>जयपुर में दो दिन तक चले आइफा अवॉर्ड 2025 में सितारों ने एक से बढ़कर एक शानदार लुक दिखाए। कुछ सितारों के स्टाइल ने सबका दिल जीत लिया। हीरोइनों ने गाउन में अपना ग्लैमरस रूप दिखाया, तो कुछ साड़ियों में सादगी भरे अंदाज में नजर आईं।<br><br><strong>आइफा में बॉलीवुड सितारों के साथ दीया कुमारी भी छाईं</strong><br><br>सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस टीम इंडिया की जीत का जश्न मना रहे हैं, तो बॉलीवुड सितारों की जयपुर वाली ग्लैम नाइट भी चर्चा में है। आइफा अवॉर्ड 2025 की ग्रीन कार्पेट पर बी-टाउन हसीनाओं का ग्लैमरस रूप देखने को मिला, तो जयपुर की राजकुमारी दीया कुमारी की सादगी ने भी सबका दिल जीत लिया।<br><br><strong>शाहरुख खान के हीरे भी चमके</strong><br><br>हालांकि, यहां सिर्फ हीरोइन ही नहीं, बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के हीरे भी खूब चमके। किंग खान के ऑल ब्लैक लुक के साथ हसीनाओं ने बाकी एक्ट्रेसेस को स्टाइल में पीछे छोड़ दिया। शाहरुख खान का डायमंड चोकर लुक बहुत खास था।<br><br><strong>अन्य सितारे</strong><br><br>करीना कपूर Tony Ward के गाउन में, कटरीना कैफ तरुण तिहिलियानी के लहंगे में, कृति सैनन राजेश प्रताप सिंह की ड्रेस में और रेखा कांजीवरम साड़ी में नजर आईं।]]> </content:encoded>
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<title>इम्युनिटी के लिए 5 फूड्स: डॉक्टर रेखा सरौहा की राय</title>
<link>https://pratinidhi.in/foods-to-boost-immunity-naturally-according-to-homeopathy-doctor</link>
<guid>https://pratinidhi.in/foods-to-boost-immunity-naturally-according-to-homeopathy-doctor</guid>
<description><![CDATA[ इम्युनिटी हर उम्र के व्यक्ति के लिए जरूरी है और इसे प्राकृतिक रूप से मजबूत किया जा सकता है। होम्योपैथी डॉक्टरों के अनुसार, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए खट्टे फल, अदरक, दही, हल्दी और लहसुन जैसे खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए। ये खाद्य पदार्थ विटामिन सी, एंटीइंफ्लामेटरी गुण, प्रोबायोटिक्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 14:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>इम्यूनिटी, रोग प्रतिरोधक क्षमता, खट्टे फल, विटामिन सी, अदरक, एंटीइंफ्लामेटरी, दही, प्रोबायोटिक्स, हल्दी, करक्यूमिन, एंटीऑक्सीडेंट, लहसुन, व्हाइट ब्लड सेल्स, संक्रमण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[इम्युनिटी हर उम्र के व्यक्ति के लिए जरूरी है। कमजोर इम्युनिटी बार-बार बीमार पड़ने का संकेत है, जिसे प्राकृतिक रूप से मजबूत किया जा सकता है। होम्योपैथी डॉक्टरों के अनुसार, इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पांच खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए।<br><br>जब कोई व्यक्ति बीमार होता है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम एक्टिव हो जाता है और व्हाइट ब्लड सेल्स जैसे तत्व बैक्टीरिया और वायरस को नष्ट करते हैं। इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए खट्टे फल, अदरक, दही, हल्दी और लहसुन का सेवन करना चाहिए।<br><br>खट्टे फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं और व्हाइट ब्लड सेल्स के उत्पादन को बढ़ाते हैं। अदरक में एंटीइंफ्लामेटरी गुण होते हैं, जो सर्दी और गले की खराश से लड़ते हैं। दही प्रोबायोटिक्स का स्रोत है और आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट और इम्युनिटी बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर होता है। लहसुन बैक्टीरिया और वायरस को मारने में मदद करता है और व्हाइट ब्लड सेल्स का उत्पादन बढ़ाता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रिश्तों में मर्दों की गलत आदतें: पत्नियों को नापसंद</title>
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<description><![CDATA[ पति-पत्नी का रिश्ता सबसे मजबूत होता है, लेकिन यह उतना ही नाजुक भी होता है। कई बार कुछ गलतियों की वजह से यह रिश्ता कमजोर हो जाता है। इस रिश्ते में विश्वास बहुत जरूरी है। मर्दों को झूठ बोलने, समय पर घर न आने, अफेयर रखने और पत्नी की भावनाओं का सम्मान न करने से बचना चाहिए। ये आदतें रिश्ते को तबाह कर सकती हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 13:11:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रिश्ते, आदतें, पत्नी, पति, झूठ बोलना, समय पर घर नहीं आना, अफेयर, भावनाओं का सम्मान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रिश्तों को तबाह कर देती हैं मर्दों की ये आदतें, चेहरा भी देखना पसंद नहीं करती पत्नियां</strong><br><br>पति-पत्नी का रिश्ता दुनिया का सबसे मजबूत रिश्ता होता है, लेकिन यह उतना ही नाजुक भी होता है। कई बार कुछ गलतियों की वजह से यह रिश्ता कमजोर हो जाता है। इस रिश्ते में विश्वास बहुत जरूरी है और अगर एक बार यह टूट जाए तो रिश्ते में दरार आ जाती है। इसलिए, मर्दों को कुछ ऐसी गलतियाँ करने से बचना चाहिए जो रिश्ते को खत्म कर सकती हैं।<br><br><strong>1. झूठ बोलना:</strong><br>पति-पत्नी के रिश्ते में झूठ बोलना एक बुरी आदत है। जब पत्नी को पता चलता है कि उसका पति झूठ बोल रहा है, तो वह उस पर विश्वास करना बंद कर देती है।<br><br><strong>2. समय पर घर न आना:</strong><br>समय पर घर न आना भी पत्नी को परेशान कर सकता है। जब पति समय पर घर नहीं आता है, तो पत्नी को लगता है कि वह उसकी भावनाओं का सम्मान नहीं करता है।<br><br><strong>3. किसी और के साथ अफेयर:</strong><br>अगर किसी मर्द का किसी दूसरी महिला के साथ अफेयर है, तो पत्नी इसे कभी माफ नहीं कर सकती। इस स्थिति में रिश्ता टूटने की संभावना बहुत अधिक होती है।<br><br><strong>4. पत्नी की भावनाओं का सम्मान न करना:</strong><br>पत्नी की भावनाओं का सम्मान न करना भी रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है। जब पति अपनी पत्नी की भावनाओं का सम्मान नहीं करता है, तो पत्नी को लगता है कि वह उसकी परवाह नहीं करता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बच्चों से मजाक में भी न कहें ये बातें, पड़ेगा बुरा असर</title>
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<description><![CDATA[ बच्चों के साथ बोलते समय हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि आपकी बातों का उन पर क्या असर हो रहा है। मजाक में भी ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए जो उनके आत्मविश्वास को ठेस पहुंचाएं या उन्हें नकारात्मक महसूस कराएं। बच्चों को प्रोत्साहित करना और उनकी क्षमताओं पर विश्वास दिलाना बहुत जरूरी है। तुलना करने और हतोत्साहित करने से बचें, क्योंकि इसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 13:11:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Parenting Tips, बच्चों का आत्मविश्वास, नकारात्मकता, सफलता, Motivation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बच्चों के साथ बातचीत करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। अनजाने में कही गई बातें उनके मन पर गहरा असर डाल सकती हैं। यहां कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं जो बच्चों को कभी नहीं कहनी चाहिए:<br><br><strong>1. तुम बहुत मूर्ख हो:</strong> इस तरह के शब्द बच्चों में आत्मविश्वास की कमी ला सकते हैं। उन्हें प्रोत्साहित करें और उनकी गलतियों को सुधारने में मदद करें।<br><br><strong>2. तुम कभी कुछ नहीं कर पाओगे:</strong> यह बात बच्चों को नकारात्मक बना सकती है। उन्हें अपनी क्षमताओं पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करें।<br><br><strong>3. दूसरों के बच्चे तुमसे अच्छे हैं:</strong> तुलना करने से बच्चों का मनोबल गिरता है। उन्हें बेहतर करने के लिए प्रेरित करें।<br><br><strong>4. तुम्हारे जैसे बच्चे कभी सफल नहीं होते:</strong> ऐसे वाक्य बच्चों को अंदर तक तोड़ देते हैं। इन बातों से बचें, क्योंकि इनका असर लंबे समय तक रहता है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बालों का झड़ना रोकना: गुरुवाणी के खास फूड्स</title>
<link>https://pratinidhi.in/foods-for-healthy-hair-and-scalp-according-to-dr-guruvani</link>
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<description><![CDATA[ डॉक्टर गुरुवाणी रावू ने हेल्दी हेयर के लिए खास फूड्स बताए हैं। स्कैल्प को साफ रखने के लिए अमरूद, पपीता, पालक और रागी खाएं। बालों को मजबूत बनाने के लिए अंडा, ग्रीक योगर्ट, मूंग की दाल और पनीर का सेवन करें, क्योंकि इनमें प्रोटीन भरपूर होता है। बालों का झड़ना रोकने के लिए पुदीने की चाय, कद्दू के बीज, मेथी दाना और तिल खाएं, जो आयरन और जिंक से भरपूर हैं। ओमेगा-3 से भरपूर फूड बालों को शाइनी बनाते हैं और स्कैल्प में नमी बनाए रखते हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118817631/hair-fall-to-watch-scalp-know-4-hair-problem-solution-shared-by-dr-guruvani-ravu-118817631.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 08:03:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>hair fall, scalp, hair problems, Dr. Guruvani Rao, healthy hair</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बालों का झड़ना रोकना: गुरुवाणी के खास फूड्स</strong><br><br>आज हम आपको डॉक्टर गुरुवाणी द्वारा बताए गए उन फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके बालों को स्वस्थ रखने, स्कैल्प को साफ करने और बालों का झड़ना रोकने में मददगार हो सकते हैं। डॉक्टर ने हमें कौन से फूड खाने की सलाह दी है, आइए जानते हैं।<br><br>बालों से जुड़ी कई समस्याएं हैं, जिनसे हर कोई जूझ रहा है, लेकिन ये समस्याएं आपके केमिकल वाले शैंपू और अन्य हेयर प्रोडक्ट के इस्तेमाल से ठीक नहीं होंगी। बल्कि आपको कुछ ऐसा करना होगा जो बालों की समस्या को जड़ से ठीक करने में मदद करे, और ऐसा तभी होगा जब आप अपनी बालों की समस्या के हिसाब से भोजन करेंगे।<br><br>इसलिए आज हम आपको इस लेख में डॉक्टर गुरुवाणी रावू द्वारा उनके पर्सनल इंस्टाग्राम पर शेयर की गई उस पोस्ट के बारे में बताने वाले हैं, जिसमें उन्होंने उन फूड्स के बारे में बताया है जो हेल्दी हेयर पाने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसमें बालों का झड़ना, स्कैल्प को साफ करने और उन्हें शाइनी बनाने तक, हर तरह की समस्याओं का उपाय दिया गया है।<br><br><strong>स्लैल्प को साफ करने के लिए</strong><br>अगर आपकी स्कैल्प गंदी या खुजलीदार रहती है, तो डॉक्टर गुरुवाणी ने चार विटामिन से भरपूर फूड बताए हैं, जिन्हें आप अपनी स्कैल्प को साफ और हेल्दी बनाए रखने के लिए खा सकते हैं। ये चीजें हैं: अमरूद, पपीता, पालक और रागी। अगर आपने इन्हें खाना शुरू कर दिया, तो आप गंदी स्कैल्प से छुटकारा पा सकते हैं।<br><br><strong>बालों को मजबूती देने के लिए</strong><br>बालों को मजबूत बनाने का काम प्रोटीन करता है। ऐसे में डॉक्टर गुरुवाणी ने अंडा, ग्रीक योगर्ट, मूंग की दाल और पनीर खाने की सलाह दी है। ये सभी फूड प्रोटीन से भरपूर हैं, जो बालों को मजबूती देने और दोमुंहे बालों को रोकने में मददगार हो सकते हैं। इसलिए आप इन्हें अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।<br><br><strong>बालों का झड़ना कैसे रोकें</strong><br>अगर आपके सिर से बाल तेजी से झड़ रहे हैं, तो पुदीने की चाय, कद्दू के बीज, मेथी दाना और तिल, ये सभी आयरन और जिंक से भरपूर हैं। साथ ही, अगर आप हार्मोन बैलेंस वाले फूड लेना चाहते हैं, तो मोरिंग लीफ, अनार, सूरजमुखी के बीज और राजमा खाएं। इन सभी चीजों को आप अपने आहार में शामिल करके बालों का झड़ना रोक सकते हैं।<br><br><strong>हेल्दी बालों के लिए क्या खाएं?</strong><br>बालों में चमक लाने के लिए आपको अपनी डाइट में ओमेगा-3 से भरपूर फूड शामिल करने चाहिए, ताकि आपके बाल खुलकर चमक सकें। इन चीजों को खाने से स्कैल्प में नमी बनी रहेगी और बाल भी मजबूत रहेंगे।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आइफा 2025 में करीना कपूर का जलवा, साड़ी में छाईं</title>
<link>https://pratinidhi.in/kareena-kapoor-stuns-in-saree-at-iifa-awards-2025</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर में आइफा अवॉर्ड्स के दौरान करीना कपूर ने तरुण तिहिलानी की डिजाइन की हुई कस्टम साड़ी पहनी, जिसे रिया कपूर ने स्टाइल किया था। मेहरून रंग की इस साड़ी पर सुनहरे सितारों का बॉर्डर था और करीना ने इसे कॉरसेट ब्लाउज के साथ पहना था। ग्रीन स्टोन वाला चोकर सेट और गोल्डन एक्सेसरीज उनके लुक को और भी खास बना रहे थे। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118815309/kareena-kapoor-khan-looks-stunning-in-draped-saree-with-corset-blouse-at-iifa-2025-awards-118815309.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 07:55:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Kareena Kapoor, IIFA Awards, Fashion, Saree, Bollywood</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[जयपुर में आइफा अवॉर्ड्स में करीना कपूर ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। शाहिद कपूर के साथ उनके वीडियो के बाद, उनके स्टाइल की चर्चा हो रही है। करीना ने रेड कार्पेट पर देसी लुक अपनाया, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं।<br><br>करीना ने तरुण तिहिलानी की कस्टम ड्रेप्ड साड़ी पहनी थी, जिसे रिया कपूर ने स्टाइल किया था। साड़ी मेहरून रंग की थी और उस पर सुनहरे सितारों का बॉर्डर था। उन्होंने कॉरसेट ब्लाउज के साथ साड़ी को मॉडर्न लुक दिया था, जिस पर खूबसूरत एम्ब्रॉयडरी की गई थी।<br><br>करीना ने ग्रीन स्टोन वाला चोकर सेट, कंगन और ईयररिंग्स पहने थे। उन्होंने गोल्डन बैग और रिंग के साथ लुक को पूरा किया। बालों को स्लीक बन में बांधा था और माथे पर बिंदी लगाई थी। न्यूड लिप्स और शिमरी आईशैडो के साथ उनका मेकअप भी बहुत अच्छा लग रहा था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मसालों के पानी से करें वजन कम</title>
<link>https://pratinidhi.in/benefits-of-cumin-fennel-coriander-water-for-weight-loss</link>
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<description><![CDATA[ जीरा, सौंफ और धनिया का पानी एक स्वास्थ्यवर्धक पेय है जो पाचन को बेहतर बनाता है, वजन घटाने में मदद करता है, इम्युनिटी को बढ़ाता है, और त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद है। यह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक प्रदान करता है। इसे बनाना आसान है: बस जीरा, सौंफ और धनिया के बीज को पानी में उबालें, छानें और ठंडा करके पिएं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 18:20:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जीरा, सौंफ, धनिया, वजन घटाना, Detox Water, मेटाबॉलिज्म</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>मसालों का पानी: सेहत और स्वाद का संगम</strong><br><br>भारतीय रसोई में पाए जाने वाले मसाले न केवल भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होते हैं। इनमें वजन घटाने और इम्युनिटी बढ़ाने जैसे गुण शामिल हैं। जीरा, सौंफ और धनिया जैसे मसालों का पानी (डिटॉक्स वाटर) आयुर्वेद में भी महत्वपूर्ण माना गया है।<br><br><strong>जीरा, सौंफ और धनिया के पानी के फायदे</strong><br><br>यह पानी पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। जीरा पाचन एंजाइम को सक्रिय करता है, जिससे गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। सौंफ पेट की ऐंठन को कम करती है, जबकि धनिया पेट की जलन और सूजन को शांत करता है।<br><br>यह वजन घटाने में भी मददगार है क्योंकि जीरा मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और फैट बर्न करने में मदद करता है। सौंफ शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है, और धनिया भी मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देता है।<br><br>इसके अलावा, यह पानी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद है। जीरा और धनिया ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं। गर्मियों में इस पानी का सेवन शरीर को ठंडक प्रदान करता है।<br><br><strong>पानी बनाने की विधि</strong><br><br>इसे बनाने के लिए, एक लीटर पानी में एक चम्मच जीरा, सौंफ और धनिया के बीज डालकर 10-15 मिनट तक उबालें। फिर इसे छानकर ठंडा करें और दिन भर में थोड़ा-थोड़ा करके पिएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बच्चों के लिए दिन में सोना: क्यों है ज़रूरी?</title>
<link>https://pratinidhi.in/importance-of-daytime-naps-for-children-development</link>
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<description><![CDATA[ अक्‍सर बच्‍चे स्‍कूल से आने के बाद दोपहर में सोते हैं क्‍योंकि ऐसा माना जाता है कि दोपहर में झपकी लेना उनके विकास के लिए आवश्‍यक है। बच्‍चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, तो कुछ को दिन में सोना पसंद होता है और कुछ को नहीं। पेरेंट्स अक्‍सर सोचते हैं कि क्‍या बच्‍चों के लिए दिन में सोना इतना जरूरी है। शुरुआती समय में बच्‍चों के विकास में दोपहर की झपकी बहुत जरूरी होती है। बच्‍चों को मानसिक विकास और शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ रहने के लिए झपकी की जरूरत होती है। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118784218/does-child-can-skip-daytime-naps-or-its-necessary-to-take-118784218.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 14:27:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>daytime naps, children&#039;s sleep, child development, parenting, toddler sleep</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[स्कूल से आने के बाद अक्‍सर बच्‍चे दोपहर में सोते हैं, क्‍योंकि ऐसा माना जाता है कि दोपहर में झपकी लेना उनके विकास के लिए बहुत ही आवश्‍यक है। <br><br>ऐसे में बच्‍चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, तो क्‍या उनके लिए दोपहर में सोना जरूरी होता है? कुछ बच्‍चे दिन में सोना पसंद करते हैं, तो कुछ को अच्‍छा नहीं लगता। इसलिए पेरेंट्स अक्‍सर ये सोचते हैं कि क्‍या बच्‍चों के लिए दिन में सोना इतना जरूरी है। शुरुआती समय में बच्‍चों के विकास में दोपहर की झपकी बहुत जरूरी होती है। <br><br>टॉडलर और छोटे बच्‍चों को मानसिक विकास, भावनात्‍मक संतुलन और शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ रहने के लिए झपकी की जरूरत होती है। बच्‍चों को झपकी लेने के कई फायदे होते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>त्वचा को निखारने के लिए ब्लीच: नुकसान और सुरक्षित विकल्प</title>
<link>https://pratinidhi.in/bleach-effects-and-safe-options-for-skin</link>
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<description><![CDATA[ चेहरे पर निखार लाने के लिए महिलाएं ब्लीच का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन ब्लीच त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। ब्लीच में मौजूद केमिकल्स त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीन लेते हैं, जिससे त्वचा रूखी और संवेदनशील हो जाती है। ब्लीच के सुरक्षित विकल्प हैं: बेसन और हल्दी का उबटन, गुलाबजल और चंदन का पैक, नींबू और शहद, एलोवेरा जेल और फलों का फेस पैक। ये तरीके त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 14:27:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ब्लीच, त्वचा, निखार, घरेलू उपाय, चेहरा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>चेहरे पर ब्लीच: नुकसान और सुरक्षित विकल्प</strong><br><br>आजकल महिलाएं चेहरे पर तुरंत निखार लाने के लिए ब्लीच का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि ब्लीच त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है? ब्लीच में मौजूद केमिकल्स त्वचा की प्राकृतिक नमी को छीन लेते हैं, जिससे त्वचा रूखी और संवेदनशील हो जाती है। लंबे समय तक ब्लीच का इस्तेमाल करने से त्वचा पतली और कमजोर हो सकती है।<br><br><strong>ब्लीच के नुकसान:</strong><br><ul><li>त्वचा की संवेदनशीलता बढ़ना</li><li>एलर्जी और रैशेज</li><li>त्वचा का रंग बिगड़ना</li><li>प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर होना</li><li>लंबे समय में नुकसान</li></ul><br><strong>ब्लीच के सुरक्षित विकल्प:</strong><br>अगर आप त्वचा को निखारने के लिए ब्लीच का इस्तेमाल कर रही हैं, तो इसकी जगह कुछ प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके अपनाएं, जैसे:<br><ul><li>बेसन और हल्दी का उबटन</li><li>गुलाबजल और चंदन का पैक</li><li>नींबू और शहद</li><li>एलोवेरा जेल</li><li>फलों का फेस पैक</li></ul><br>ये तरीके त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चाय पीने से आयरन की कमी: सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/fact-check-tea-and-iron-deficiency</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर ज्यादा चाय पीने से आयरन की कमी होने के दावे की सच्चाई सजग फैक्ट चेक टीम ने जांची। टीम ने पाया कि चाय पीने से आयरन के अवशोषण में कमी हो सकती है, लेकिन यह आयरन की कमी का कारण नहीं बनती। डॉक्टरों का मानना है कि चाय में पॉलीफेनोल नामक यौगिक होता है जो आयरन के अवशोषण को कम कर सकता है, लेकिन यह प्रभाव तभी होता है जब चाय के साथ आयरन युक्त भोजन का सेवन किया जाए। आयरन की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार लेने की सलाह दी जाती है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 11:41:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>चाय, आयरन की कमी, स्वास्थ्य, पॉलीफेनोल, संतुलित आहार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हर घर में चाय के शौकीन होते हैं, लेकिन उन्हें इसके बड़े नुकसानों की जानकारी नहीं होती। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया है कि ज्यादा चाय पीने से आयरन की कमी हो जाती है। सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे की सच्चाई जानने की कोशिश की है.<br><br>चाय पीना कोई नई बात नहीं है, लेकिन क्या चाय के शौकीनों को पता है कि ज्यादा चाय पीने से आयरन की कमी हो सकती है, जो बाद में बीमारियों का कारण बन सकती है? शायद उन्हें नहीं पता, क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया के इस दावे के बारे में नहीं सुना है।<br><br>जरूरत से ज्यादा चाय पीने से आयरन की कमी हो सकती है, जिससे खून की कमी हो सकती है। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए सजग फैक्ट चेक टीम ने मेरठ के छत्रपति शिवाजी सुभारती हॉस्पिटल के डॉ. त्रेहन प्रशांत से बात की।<br><br>डॉ. प्रशांत के अनुसार, चाय और आयरन की कमी के बीच सीधा संबंध नहीं है, इसलिए ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। एक शोध के मुताबिक, चाय पीने से आयरन के अवशोषण में 62% तक की कमी हो सकती है, क्योंकि चाय में पॉलीफेनोल नामक यौगिक होता है। हालांकि, यह प्रभाव तभी होता है जब चाय के साथ आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाए।<br><br>डॉक्टरों का मानना है कि चाय पीने से आयरन के अवशोषण में कमी हो सकती है, लेकिन यह आयरन की कमी का कारण नहीं बनती। इसलिए, सजग फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को गलत साबित किया है। आयरन की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार लेने की सलाह दी जाती है.]]> </content:encoded>
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<item>
<title>पेट की चर्बी कम करने के लिए मेथी: 20 दिनों में पाएं स्लिम बेली</title>
<link>https://pratinidhi.in/fenugreek-for-belly-fat-melt-belly-fat-in-20-days</link>
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<description><![CDATA[ आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या है। मेथी एक ऐसा मसाला है जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। मेथी में फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेथी का पानी, चाय, पाउडर और अंकुरित दानों के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है। मेथी का इस्तेमाल करते समय इसकी मात्रा का ध्यान रखें। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 10:54:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मेथी, पेट की चर्बी, वजन कम करना, बेली फैट, घरेलू उपाय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क।</strong> आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट की चर्बी बढ़ना एक आम समस्या है। मेथी एक ऐसा मसाला है जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। मेथी में फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं।
<br><br>
अगर आप भी अपने पेट की चर्बी से परेशान हैं, तो मेथी आपके लिए एक नेचुरल और असरदार उपाय हो सकती है। मेथी का सही तरीके से इस्तेमाल करके आप महज 20 दिनों में ही अपने पेट की चर्बी को कम कर सकते हैं।
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<strong>मेथी का इस्तेमाल कैसे करें?</strong>
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*   <strong>मेथी का पानी:</strong> रात को एक चम्मच मेथी के दानों को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इस पानी को छानकर पी लें।
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*   <strong>मेथी की चाय:</strong> एक कप पानी में आधा चम्मच मेथी के दाने डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर पी लें।
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*   <strong>मेथी का पाउडर:</strong> मेथी के दानों को पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लें।
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*   <strong>मेथी के अंकुरित दाने:</strong> मेथी के दानों को अंकुरित करके भी खाया जा सकता है। इसे सलाद के रूप में या सीधे चबाकर खाया जा सकता है।
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<strong>यह भी ध्यान रखें:</strong> मेथी का इस्तेमाल करते समय इसकी मात्रा का ध्यान रखें। अगर आप किसी बीमारी से परेशान हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सुबह की आदतें</title>
<link>https://pratinidhi.in/morning-habits-for-healthy-kidney-in-hindi</link>
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<description><![CDATA[ किडनी हमारे शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, इसलिए इसे स्वस्थ रखना जरूरी है। सुबह की कुछ आदतें किडनी को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं, जिनमें नाश्ते में कम नमक खाना, सक्रिय रहना, ताजे फल और सब्जियां खाना, और पर्याप्त पानी पीना शामिल है। ये आदतें किडनी को बेहतर ढंग से काम करने और स्वस्थ रहने में मदद करती हैं। स्वस्थ किडनी के लिए इन आदतों को अपनाएं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 07:50:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>किडनी, स्वास्थ्य, सुबह की आदतें, ब्लड प्रेशर, खानपान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>किडनी को स्वस्थ रखने के लिए सुबह की आदतें</b><br><br>किडनी हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो रक्त को फिल्टर करके अपशिष्ट उत्पादों को यूरिन के माध्यम से बाहर निकालता है। यह ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करता है। किडनी के स्वस्थ रहने के लिए सुबह कुछ अच्छी आदतें अपनाना जरूरी है।<br><br><b>सुबह की आदतें जो किडनी को स्वस्थ रखती हैं:</b><br><br>1. <b>ब्रेकफास्ट में नमक कम लें:</b> नाश्ते में ज्यादा नमक खाने से बचें, क्योंकि इससे यूरिन में कैल्शियम की मात्रा कम हो सकती है, जिससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।<br><br>2. <b>एक्टिव रहें:</b> सुबह उठकर योग, स्ट्रेचिंग या एक्सरसाइज करें। इससे शरीर से पसीना निकलता है, जो किडनी के काम को आसान बनाता है।<br><br>3. <b>ताजे फल खाएं:</b> सुबह के नाश्ते में ताजे फल और सब्जियां शामिल करें। नमक की जगह मसालों और हर्ब्स का प्रयोग करें।<br><br>4. <b>पानी का ट्रैक रखें:</b> पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी को अपशिष्ट और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गुड़ में मिलावट: कैसे करें पहचान, सेहत पर असर</title>
<link>https://pratinidhi.in/jaggery-adulteration-health-effects-and-detection</link>
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<description><![CDATA[ आजकल चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल बढ़ गया है, क्योंकि चीनी को डायबिटीज और मोटापे का कारण माना जाता है। लेकिन, गुड़ में खतरनाक केमिकल की मिलावट हो रही है। एफडीए ने बेंगलुरु में मिलावटी गुड़ के कुछ सैंपल पकड़े हैं, जिनमें वॉशिंग सोडा, चॉक पाउडर और &#039;मेटानिल येलो&#039; मिलाया गया था। ये केमिकल शरीर के लिए खतरनाक हैं और किडनी व लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। FSSAI के अनुसार, गुड़ में चॉक पाउडर की जांच करने के लिए, एक गिलास पानी में गुड़ का पाउडर मिलाएं; अगर चॉक मिली होगी तो वह नीचे बैठ जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 17:30:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Jaggery, adulteration, health, FSSAI, kidney damage, food safety</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>गुड़ में मिलावट: कैसे करें पहचान, सेहत पर असर</strong><br><br>आजकल लोग चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि हेल्थ एक्सपर्ट्स चीनी को डायबिटीज और मोटापे का कारण मानते हैं। रिफाइन होने के कारण चीनी में कोई पोषण नहीं होता। इसलिए लोग गुड़ या शहद का उपयोग करते हैं, ताकि चीनी के नुकसानों से बचा जा सके।<br><br>लेकिन, यदि पता चले कि डायबिटीज से बचने का यह तरीका किडनी खराब कर सकता है, तो क्या होगा? यह सच है, क्योंकि गुड़ में खतरनाक केमिकल की मिलावट हो रही है। एफडीए ने बेंगलुरु में मिलावटी गुड़ के कुछ सैंपल पकड़े हैं, जिनमें वॉशिंग सोडा, चॉक पाउडर और 'मेटानिल येलो' नामक गोल्ड येलो रंग मिलाया गया था।<br><br>वॉशिंग सोडा में सोडियम कार्बोनेट होता है, जो एक एल्कालाइन केमिकल है। यह इंसानों के सेवन के लिए सही नहीं है और खाने पर मुंह, गले व पेट में जलन हो सकती है। इससे उल्टी या डायरिया भी हो सकता है। मेटानिल येलो केमिकल डाई खाने में इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबंधित है, मगर गैरकानूनी तरीके से इसे मिठाई, हल्दी या दालों में मिला देते हैं। यह शरीर के लिए खतरनाक है और जी मिचलाना, उल्टी, पेट दर्द और डायरिया कर सकता है। यह केमिकल लिवर और किडनी को खराब कर सकता है।<br><br><strong>गुड़ में चॉक पाउडर की जांच कैसे करें:</strong><br>FSSAI के अनुसार, एक पारदर्शी गिलास में पानी लें और उसमें 10 ग्राम गुड़ का पाउडर मिलाएं। अगर इसमें चॉक मिली होगी, तो यह गिलास के नीचे बैठने लगेगी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिला दिवस 2025: अच्छी सेहत के लिए मानसिक शांति जरूरी</title>
<link>https://pratinidhi.in/womens-day-2025-importance-of-mental-peace-and-work-life-balance-for-women</link>
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<description><![CDATA[ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य और वर्क-लाइफ बैलेंस पर जोर दिया गया है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, महिलाओं को अपनी देखभाल को प्राथमिकता देनी चाहिए, नियमित ब्रेक लेने चाहिए, सीमाएं तय करनी चाहिए, और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। सकारात्मक Self-Talk, टाइम मैनेजमेंट, और मजबूत सामाजिक संबंध भी महत्वपूर्ण हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 17:30:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महिला दिवस, वर्क-लाइफ बैलेंस, मानसिक स्वास्थ्य, सेल्फ केयर, टाइम मैनेजमेंट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>महिला दिवस 2025:</strong> महिलाओं के लिए मानसिक शांति और वर्क-लाइफ बैलेंस</p><br><p>अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर, महिलाओं के जीवन में मानसिक शांति और वर्क-लाइफ बैलेंस के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। अक्सर महिलाएं घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच खुद को भूल जाती हैं।</p><br><p><strong>एक्सपर्ट टिप्स:</strong></p><br><ul><li><strong>खुद की देखभाल:</strong> सिद्धि अइया के अनुसार, महिलाओं को अपनी देखभाल को प्राथमिकता देनी चाहिए और सकारात्मक Self-Talk के माध्यम से खुद को प्रेरित करना चाहिए।</li><li><strong>नियमित ब्रेक:</strong> काम के बीच में ब्रेक लेना, फोन से दूर रहना, और नियमित नींद की दिनचर्या का पालन करना महत्वपूर्ण है।</li><li><strong>सीमाएं तय करें:</strong> डॉ. दीक्षा कालरा के अनुसार, काम के घंटे तय करना और टेक्नोलॉजी-फ्री टाइम बिताना जरूरी है।</li><li><strong>सेल्फ केयर को प्राथमिकता:</strong> योग, व्यायाम, मेडिटेशन, और जर्नलिंग के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।</li><li><strong>टाइम मैनेजमेंट:</strong> टू-डू लिस्ट बनाकर काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।</li><li><strong>रिश्तों को बेहतर बनाएं:</strong> दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं और उनसे मदद मांगने में संकोच न करें।</li><li><strong>पौष्टिक आहार लें:</strong> प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी डाइट को शामिल करें, और कैफीन और प्रोसेस्ड फूड्स से बचें।</li><li><strong>अच्छी नींद लें:</strong> सोने की एक तय रूटीन बनाएं और कम से कम सात घंटे की नींद लें।</li></ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ऑफिस में ज्‍यादा बैठने से बीमार‍ियां: बचाव के तरीके</title>
<link>https://pratinidhi.in/office-sitting-job-health-risks-and-prevention</link>
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<description><![CDATA[ आजकल हर कोई 6 से 8 घंटे लगातार बैठकर काम कर रहा है, जिससे शरीर कई बीमारियों का घर बन जाता है। ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं जैसे मसल्स कमजोर होना, वजन बढ़ना, दिल की बीमारियां, डायबिटीज, कमर दर्द और मानसिक तनाव। इससे बचने के लिए हर 30 से 40 मिनट पर उठकर वॉक करें, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें, ब्रेक लेते रहें, पानी पीते रहें और हेल्दी डाइट लें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:59:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>sitting job, health risk, prevention tips, lifestyle, office work</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जहां हर कोई 6 से 8 घंटे लगातार बैठकर काम कर रहा है, शरीर कई बीमारियों का घर बन जाता है। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि आप इससे कैसे बच सकते हैं।

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ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने से शरीर कई बीमारियों का घर बन सकता है। रोजाना छह घंटे या उससे ज्यादा समय तक बिना ब्रेक के बैठे रहने से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठे रहने से मसल्स कमजोर हो जाते हैं, वजन बढ़ जाता है, और दिल की बीमारियां, डायबिटीज, कमर दर्द और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ब्लड सर्कुलेशन भी ठीक से नहीं हो पाता है।

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<strong>लगातार बैठे रहने से होने वाले खतरे:</strong>

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*   कुर्सी पर लगातार बैठे रहने से मसल्स में जकड़न होती है, जिससे गर्दन में दर्द हो सकता है।
*   एक ही पोश्चर में बैठे रहने से कंधों में जकड़न होती है और हाथों में भी दर्द बना रहता है।
*   लगातार बैठे रहने से कैलोरी बर्न नहीं होती, जिससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है।
*   लगातार कुर्सी पर बैठकर स्क्रीन पर देखने से तनाव का खतरा बढ़ जाता है।
*   काफी समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पर प्रेशर पड़ता है।
*   घंटों बैठे रहने से थकान हो सकती है।
*   लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहने और फिजिकल एक्टिविटी न करने से नींद न आने की समस्या हो सकती है।
*   ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो सकता है।

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<strong>सेहत का ख्याल कैसे रखें:</strong>

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अगर आपको घंटों बैठकर काम करना होता है, तो हर 30 से 40 मिनट पर उठकर वॉक जरूर करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है। ऑफिस में ही छोटी-छोटी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। ये मांसपेशियों को राहत देने और जकड़न को कम करने का काम करेंगी। काम के बीच-बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेते रहें। इससे आप खुद को फिजिकली एक्टिव रख पाएंगे और मोटापे को भी कंट्रोल किया जा सकता है। ऑफिस के टाइम पर ब्रेक लेने से दिमाग को भी आराम मिलता है। शरीर में पानी की कमी न होने दें और समय-समय पर पानी पीते रहें। इससे आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर रहेगा और हेल्दी डाइट भी लें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिला शक्ति: 5 अमर इमारतें</title>
<link>https://pratinidhi.in/womens-day-2025-5-iconic-monuments-built-by-women-in-india</link>
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<description><![CDATA[ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर भारत की उन 5 इमारतों की बात की जा रही है, जिन्हें महिला शासकों ने बनवाया था। इनमें इतिमाद-उद-दौला (आगरा), हुमायूं का मकबरा (दिल्ली), विरुपाक्ष मंदिर (पट्टाडकल), रानी की वाव (पाटन, गुजरात) और लाल दरवाजा मस्जिद (जौनपुर) शामिल हैं। ये इमारतें महिला शक्ति और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं। इन इमारतों को देखने हर साल लाखों लोग भारत आते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:57:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महिला दिवस, इमारतें, भारत, संस्कृति, वास्तुकला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[महिला दिवस 2025: भारत की 5 अमर इमारतें, जो महिला शक्ति का प्रतीक हैं।<br><br>हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन लैंगिक समानता, प्रजनन अधिकार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। इस अवसर पर, हम आपको भारत में महिलाओं द्वारा निर्मित 5 इमारतों के बारे में बताएंगे, जो अपनी सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं।<br><br><b>इतिमाद-उद-दौला, आगरा</b><br><br>ताजमहल के बारे में तो सभी ने सुना होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आगरा में एक मिनी ताजमहल भी है? यह मकबरा एक बेटी ने अपने पिता के लिए बनवाया था। महारानी नूरजहां ने 1622 और 1628 के बीच अपने पिता मीर गयास बेग की याद में इस मकबरे का निर्माण करवाया था।<br><br><b>हुमायूं का मकबरा, नई दिल्ली</b><br><br>दिल्ली में हुमायूं का मकबरा एक लोकप्रिय ऐतिहासिक स्थल है। इसे 1565 और 1572 के बीच हुमायूं की पत्नी हामिदा बानू बेगम ने बनवाया था। यह भारत का पहला उद्यान-मकबरा था।<br><br><b>विरुपाक्ष मंदिर, पट्टाडकल</b><br><br>विक्रमादित्य द्वितीय की पत्नी लोकमहादेवी ने 740 ईस्वी में अपने पति की पल्लवों पर विजय के उपलक्ष्य में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। यह द्रविड़ वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।<br><br><b>रानी की बाव, पाटन, गुजरात</b><br><br>रानी उदयमती ने 1063 में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। 2014 में, यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल घोषित किया।<br><br><b>लाल दरवाजा मस्जिद, जौनपुर</b><br><br>इस मस्जिद का निर्माण 1447 में बीबी राजे ने करवाया था, जो सुल्तान महमूद शर्की की रानी थीं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सायरा कबीर: कटरीना कैफ को लहंगा लुक में दी मात</title>
<link>https://pratinidhi.in/katrina-kaif-versus-sairah-kabir-lehenga-look-who-won-vicky-kaushals-wifes-heart</link>
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<description><![CDATA[ इस लेख में, मेघा चौधरी बताती हैं कि कैसे कबीर खान की बेटी सायरा कबीर ने करिश्मा कोहली की शादी में कैटरीना कैफ और इसाबेल कैफ को अपने फैशन सेंस और डांस से मात दी। कैटरीना, जो अपनी दोस्त की शादी में शामिल हुई थीं, ने नीले रंग का फ्लोरल लहंगा पहना था, जबकि इसाबेल ने पीले रंग का लहंगा पहना था। हालाँकि, सायरा, जिसने गुलाबी और सुनहरे रंग का लहंगा पहना था, ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। सायरा ने कैटरीना के साथ &#039;जिंदगी ना मिलेगी दोबारा&#039; के गाने &#039;सूरज की रोशनी&#039; पर भी डांस किया, जिससे वह और भी लोकप्रिय हो गईं। उनके फैशन सेंस और डांस के कारण, कई लोगों का मानना ​​है कि सायरा ने कैटरीना और इसाबेल दोनों को मात दे दी। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118798426/kabir-khan-daughter-sairah-kabir-overpower-katrina-kaif-stylish-lehenga-look-and-dance-at-karishma-kohli-wedding-118798426.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:52:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Katrina Kaif, Sairah Kabir, Lehenga, Fashion, Karishma Kohli Wedding, Kabir Khan Daughter, Stylish Lehenga Look, Dance, Vicky Kaushal, Isabelle Kaif, कटरीना कैफ, सायरा कबीर, लहंगा, फैशन, करिश्मा कोहली शादी, कबीर खान की बेटी, स्टाइलिश लहंगा लुक, डांस, विक्की कौशल, इसाबेल कैफ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कैटरीना कैफ को टक्कर देने वाली 17 साल की लड़की मिल ही गई, सायरा ने लहंगा-चोली पहनकर विक्की की पत्नी और साली को भी मात दे दी।<br><br>मेघा चौधरी द्वारा लिखित इस लेख में बताया गया है कि कैसे कैटरीना कैफ अपनी दोस्त की शादी में देसी अंदाज में पहुंचीं और छा गईं। लेकिन 17 साल की सायरा ने आते ही सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।<br><br><strong>सायरा कबीर ने कैटरीना कैफ को स्टाइल में मात दे दी।</strong><br><br>कैटरीना कैफ आजकल फिल्मों में कम दिख रही हैं, लेकिन स्टाइल के मामले में वह आज भी नए ट्रेंड सेट करती हैं। वह कभी किसी इवेंट में तो कभी किसी शादी में नजर आती हैं। इस बार वह अपनी बेस्ट फ्रेंड करिश्मा कोहली की शादी में आई थीं। उनके डांस मूव्स और लहंगे में उनका अंदाज बहुत प्यारा लग रहा था। लेकिन जैसे ही कबीर खान और मिनी माथुर की बेटी सायरा ने एंट्री मारी, विक्की कौशल की पत्नी का चार्म थोड़ा फीका पड़ गया।<br><br>17 साल की सायरा ने कैटरीना के साथ 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' के गाने 'सूरज की रोशनी' पर डांस किया। वह लहंगा-चोली में बहुत प्यारी लग रही थीं। उनके सामने कैटरीना के डांस और अदाओं का जादू नहीं चला। इसाबेल कैफ का मेकअप भी सायरा के आगे फीका पड़ गया। सायरा का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग उसे बहुत पसंद कर रहे हैं।<br><br><strong>सायरा ने सबको पीछे छोड़ दिया और वह शादी की हाइलाइट बन गईं।</strong><br><br>कैटरीना अपनी बहन इसाबेल के साथ शादी में आई थीं। उन्होंने दुल्हन के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। कैटरीना ने नीले फ्लोरल प्रिंट का लहंगा पहना था, जबकि इसाबेल ने पीले रंग का लहंगा पहना था। लेकिन सायरा, जो लाल साड़ी पहने अपनी मां के बगल में बैठी थी, शादी की हाइलाइट बन गईं। वह लहंगे में सबसे अलग दिख रही थीं और उनका डांस तो कमाल का था।<br><br><strong>कैटरीना का लुक</strong><br><br>पिछले कुछ समय से कैटरीना का एयरपोर्ट लुक ही चर्चा में था, लेकिन अपनी दोस्त की शादी में उन्होंने अपना देसी रूप दिखाया। उन्होंने महिमा महाजन के लेबल का लहंगा पहना था। उनकी कॉरसेट चोली बहुत अच्छी लग रही थी और लहंगे में छोटी-छोटी प्लीट्स उसे शानदार बना रही थीं।<br><br>लहंगे पर गुलाबी फूलों का सुंदर प्रिंट था और सितारों से कॉरसेट और नेकलाइन को हाईलाइट किया गया था। दुपट्टे पर भी सितारों का बॉर्डर था और उसे फूलों से सजाया गया था। कैटरीना ने इसे स्टनिंग जूलरी के साथ पेयर किया था।<br><br><strong>अब बात करते हैं सायरा की</strong><br><br>सायरा ने शादी के दिन के लिए पिंक और गोल्डन कलर का लहंगा-चोली चुना था। उनकी स्लीवलेस चोली में वी नेकलाइन थी और सेंटर से कट दिया गया था, जिससे वह स्टाइलिश लग रही थी। पिंक सिल्क स्कर्ट पर सुनहरे फूलों का प्रिंट था और लोअर पोर्शन को हैवी लुक दिया गया था।<br><br><strong>सायरा के अंदाज पर टिकी नजरें</strong><br><br>अपने लुक को स्टाइल करने के लिए सायरा ने कम से कम जूलरी पहनी थी, जिससे वह क्लासी लग रही थी। उन्होंने दोनों हाथों में गोल्डन कंगन और पेंडेंट पहना था और बालों को बीच से पार्टिशन करके सीधा रखा था। वह बहुत प्यारी लग रही थी, इसलिए कैटरीना और उनकी बहन से ज्यादा लोगों की नजरें सायरा पर टिकी थीं।<br><br><strong>इसाबेल के लुक पर भी डालिए नजर</strong><br><br>कैटरीना और सायरा के बाद अब बात करते हैं इसाबेल के लुक की। उन्होंने पीले फ्लोरल प्रिंट का लहंगा पहना था। उनकी हाफ स्लीव्स चोली को मिरर वर्क से सजाया गया था और बॉर्डर पर पीले मोती की लटकन लगी हुई थी। स्कर्ट और दुपट्टे पर गुलाबी और हरे फूल बने हुए थे और दुपट्टे पर सितारे लगाए गए थे। हालांकि, इतना सजने के बाद भी उनका स्टाइल फीका ही रहा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डॉ. प्रिया भावे: 45 की उम्र में &amp;apos;आयरन लेडी&amp;apos;, प्रेरणादायक कहानी</title>
<link>https://pratinidhi.in/dr-priya-bhave-inspiration-story-of-iron-lady-at-45</link>
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<description><![CDATA[ 45 वर्षीय डॉक्टर प्रिया भावे ने 7 घंटे 40 मिनट में 1900 मीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी करके &#039;आयरन मैन&#039; का खिताब जीता। दो बच्चों की मां होने के बावजूद, उन्होंने यह मुश्किल रेस पूरी की और प्रदेश की पहली महिला बनीं। मिलिंद सोमन को आदर्श मानने वाली प्रिया अब &#039;फुल आयरन मैन&#039; प्रतियोगिता को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं, जो और भी कठिन है। उनकी कहानी सिखाती है कि जुनून हो तो उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियां आड़े नहीं आतीं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118798790/dr-priya-bhave-chittawar-completed-the-ironman-triathlon-at-the-age-of-45-her-story-will-inspire-every-woman-118798790.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:52:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आयरन मैन, प्रिया भावे, ट्रायथलॉन, स्वीमिंग, साइकिलिंग, दौड़, मिलिंद सोमन, महिला दिवस, हेल्थ, लाइफस्टाइल, रिलेशनशिप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[महिला दिवस के अवसर पर, हम आपको मध्य प्रदेश की 45 वर्षीय डॉक्टर प्रिया भावे की प्रेरणादायक कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने 'आयरन मैन' का खिताब जीता।<br><br>प्रिया भावे ने 7 घंटे 40 मिनट में 1900 मीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी करके यह उपलब्धि हासिल की। दो बच्चों की मां होने के बावजूद, उन्होंने यह मुश्किल रेस पूरी की और प्रदेश की पहली महिला बनीं।<br><br>प्रिया भावे सुपर मॉडल मिलिंद सोमन को अपना आदर्श मानती हैं। उन्होंने मिलिंद सोमन से प्रेरणा लेते हुए 45 साल की उम्र में इस मुश्किल चुनौती को स्वीकार किया।<br><br>प्रिया भावे ने बताया कि शुरुआत में प्रैक्टिस करना मुश्किल था, लेकिन उनकी मां ने उन्हें हर कदम पर साथ दिया। उन्होंने सुबह 3.30 बजे उठकर प्रैक्टिस की और अपने परिवार और काम के बीच संतुलन बनाए रखा।<br><br>प्रिया भावे अब 'फुल आयरन मैन' प्रतियोगिता को पूरा करने की कोशिश कर रही हैं, जो 'हाफ आयरन मैन' से भी ज्यादा कठिन है। 'फुल आयरन मैन' में 3.8 किमी तैराकी, 180.2 किमी साइकिलिंग और 42.2 किमी दौड़ शामिल है, और इसे 16 घंटे से कम समय में पूरा करना होता है।<br><br>प्रिया भावे की कहानी यह सिखाती है कि यदि आपमें कुछ पाने का जुनून है, तो उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियां आपके रास्ते में नहीं आ सकती हैं।]]> </content:encoded>
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<title>सायरा कबीर: कैटरीना कैफ को मात देने वाली 17 वर्षीय स्टार</title>
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<description><![CDATA[ कैटरीना कैफ अपनी दोस्त करिश्मा कोहली की शादी में शामिल हुईं, जहाँ उनके डांस और देसी लुक की खूब चर्चा हुई। लेकिन, इस शादी में कबीर खान की 17 साल की बेटी सायरा कबीर ने भी सबका ध्यान खींचा। सायरा ने कटरीना कैफ के साथ फिल्म &#039;जिंदगी ना मिलेगी दोबारा&#039; के गाने &#039;सूरज की रोशनी&#039; पर डांस किया, जिसमें वह लहंगे-चोली में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। लोगों का कहना था कि सायरा के आगे कटरीना का जादू फीका पड़ गया। यहां तक कि कटरीना की बहन इसाबेल कैफ भी सायरा के सामने नहीं टिक पाईं। सायरा का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग उसे खूब पसंद कर रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:50:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Katrina Kaif, Sairah Kabir, Lehenga, Fashion, Wedding, Bollywood</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कैटरीना कैफ अपनी दोस्त करिश्मा कोहली की शादी में शामिल हुईं, जहाँ उनके डांस और देसी लुक की खूब चर्चा हुई। लेकिन, इस शादी में कबीर खान की 17 साल की बेटी सायरा कबीर ने भी सबका ध्यान खींचा।</p><br><p>सायरा ने कटरीना कैफ के साथ फिल्म 'जिंदगी ना मिलेगी दोबारा' के गाने 'सूरज की रोशनी' पर डांस किया, जिसमें वह लहंगे-चोली में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। लोगों का कहना था कि सायरा के आगे कटरीना का जादू फीका पड़ गया। यहां तक कि कटरीना की बहन इसाबेल कैफ भी सायरा के सामने नहीं टिक पाईं। सायरा का डांस वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग उसे खूब पसंद कर रहे हैं।</p><br><p>शादी में कटरीना नीले रंग के फ्लोरल प्रिंट वाले लहंगे में नजर आईं, जबकि इसाबेल ने पीले रंग का लहंगा पहना था। लेकिन, सायरा लाल साड़ी में अपनी मां के बगल में बैठी हुई सबसे अलग और खूबसूरत दिख रही थीं।</p><br><p>कटरीना ने जो लहंगा पहना था, वह महिमा महाजन के लेबल का था, जिसकी कॉरसेट चोली बहुत ही आकर्षक थी। लहंगे में छोटी-छोटी प्लीट्स थीं, जो उसे शानदार फ्लो दे रही थीं। लहंगे पर गुलाबी फूलों का प्रिंट था और सितारों से कॉरसेट और नेकलाइन को हाईलाइट किया गया था।</p><br><p>वहीं, सायरा ने पिंक और गोल्डन कलर का लहंगा-चोली पहना था, जिसकी स्लीवलेस चोली को वी नेकलाइन के साथ सेंटर से कट दिया गया था। पिंक सिल्क स्कर्ट पर सुनहरे फूलों को प्रिंट किया गया था। अपने लुक को पूरा करने के लिए सायरा ने मिनिमल जूलरी पहनी थी, जिससे वह क्लासी लग रही थीं।</p><br><p>इसाबेल कैफ ने येलो फ्लोरल प्रिंट वाला लहंगा पहना था, जिसकी हाफ स्लीव्स चोली को मिरर वर्क से सजाया गया था। स्कर्ट और दुपट्टे पर गुलाबी और हरे फूल बने थे। लेकिन, इतना सजने के बाद भी उनका स्टाइल फीका ही रहा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रिया भावे: 45 की उम्र में &amp;apos;आयरन लेडी&amp;apos;, 7 घंटे 40 मिनट तक स्वीमिंग</title>
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<description><![CDATA[ 45 वर्षीय डॉ. प्रिया भावे ने &#039;आयरन मैन&#039; का खिताब जीतकर प्रेरणा दी। ओरछा में अपनी शारीरिक सीमाओं का एहसास होने पर उन्होंने जीवनशैली बदलने का फैसला किया। 7 घंटे 40 मिनट में 1900 मीटर तैराकी, 90 किमी साइकिलिंग और 21 किमी दौड़ पूरी कर इतिहास रचा। मिलिंद सोमन को आदर्श मानती हैं, 3 साल तक कठिन अभ्यास किया। मां के सहयोग से वह सुबह 3.30 बजे उठकर अभ्यास करती थीं। अब &#039;फुल आयरन मैन&#039; की तैयारी कर रही हैं, जिसमें 3.8 किमी तैराकी, 180.2 किमी साइकिलिंग और 42.2 किमी दौड़ शामिल है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:50:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आयरन मैन, प्रिया भावे, ट्रायथलॉन, मिलिंद सोमन, महिला दिवस, स्वीमिंग, साइकिलिंग, दौड़, मोटिवेशन, इंस्पिरेशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>प्रिया भावे: 45 की उम्र में 'आयरन लेडी'</strong><br><br>45 साल की उम्र में दो बच्चों की मां प्रिया भावे ने 'आयरन मैन' का खिताब जीतकर कई लोगों को प्रेरित किया है। आमतौर पर इस उम्र में भागदौड़ करना मुश्किल माना जाता है, लेकिन प्रिया ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से कुछ भी मुमकिन है।<br><br>प्रिया बताती हैं कि एक बार मरीजों को देखने के लिए ओरछा गईं थीं। वहां मंदिरों में घूमने की इच्छा हुई, लेकिन शरीर साथ नहीं दे रहा था। तभी उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने की जरूरत है।<br><br>इसके बाद प्रिया ने 7 घंटे 40 मिनट में 1900 मीटर तैराकी, 90 किलोमीटर साइकिलिंग और 21 किलोमीटर की दौड़ पूरी करके 'आयरन मैन' का खिताब जीता। दो बच्चों की मां होने के बावजूद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।<br><br>प्रिया सुपर मॉडल मिलिंद सोमन को अपना आदर्श मानती हैं। उनका कहना है कि जब मिलिंद 50 साल की उम्र में यह कर सकते हैं, तो वह 45 में क्यों नहीं। प्रिया ने 3 साल तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने स्विमिंग सीखी और हर मौसम में प्रैक्टिस की। उनके कोच चैतन्य सर ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया।<br><br>प्रिया बताती हैं कि रेस में सबसे पहले 2000 मीटर तक समुद्र में स्विमिंग करनी होती है। खारे पानी में स्वीमिंग करने से पैर भारी हो जाते हैं। इसके बाद 90 किलोमीटर साइकिल चलाना होता है, जो कि बहुत मुश्किल होता है।<br><br>प्रिया का कहना है कि उनकी मां ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने घर का काम संभाला और बच्चों की देखभाल की, जिससे प्रिया को प्रैक्टिस करने का समय मिल पाया। प्रिया सुबह 3.30 बजे उठकर प्रैक्टिस के लिए निकल जाती थीं और एक दिन में दो इवेंट करती थीं।<br><br>प्रिया अब 'फुल आयरन मैन' कंप्लीट करने की कोशिश में हैं, जो कि 'हाफ आयरन मैन' से भी ज्यादा कठिन होता है। 'फुल आयरन मैन' प्रतियोगिता में 3.8 किमी तैराकी, 180.2 किमी साइकिलिंग और 42.2 किमी दौड़ शामिल है, जिसे 16 घंटे से कम समय में पूरा करना होता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कब्ज से राहत: 3 आसान घरेलू उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-home-remedies-for-constipation-according-to-dr-saleem-zaidi</link>
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<description><![CDATA[ कब्ज एक आम समस्या है जिससे राहत पाने के लिए डॉक्टर सलीम जैदी ने 3 आसान घरेलू नुस्खे बताए हैं। अजवाइन और गुड़ का पानी पाचन को बेहतर बनाता है, भीगी हुई किशमिश फाइबर प्रदान करती है, और अलसी का पाउडर पाचन को सुधारता है। इन नुस्खों के साथ खूब पानी पिएं और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:49:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Constipation, Home Remedies, Dr Saleem Zaidi, Natural remedy, Ajwain, Jaggery, Raisins, Flaxseed, Fiber, Digestion</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कब्ज एक आम पाचन समस्या है, जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। अगर आपको भी 2-3 दिन में पेट साफ करने में दिक्कत होती है, तो आप कब्ज के शिकार हो सकते हैं।</p><br><p>डॉक्टर सलीम जैदी ने कब्ज से राहत पाने के लिए 3 आसान और प्राकृतिक घरेलू नुस्खे बताए हैं:</p><br><p><strong>1. अजवाइन और गुड़ का पानी:</strong> एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवाइन और गुड़ का एक छोटा टुकड़ा डालकर 5 मिनट तक उबालें। इसे गर्म-गर्म पीने से पाचन बेहतर होता है और पेट साफ होता है।</p><br><p><strong>2. भीगी हुई किशमिश का पानी:</strong> एक चम्मच किशमिश को रात भर पानी में भिगोकर रखें। सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं और किशमिश को खा लें। किशमिश में फाइबर होता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है।</p><br><p><strong>3. अलसी का पाउडर:</strong> एक चम्मच अलसी के पाउडर को गर्म दूध या पानी में मिलाकर सोने से पहले पिएं। अलसी में घुलनशील फाइबर होता है, जो पाचन को सुधारता है।</p><br><p>इन नुस्खों के साथ, खूब पानी पिएं और अपने आहार में फल और सब्जियों जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>बालों को तेजी से बढ़ाने का आसान घरेलू उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-home-remedy-for-long-and-strong-hair-fast</link>
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<description><![CDATA[ स्वामी ध्यान नीरव ने बालों को तेजी से बढ़ाने का एक आसान घरेलू नुस्खा बताया है। उन्होंने एलोवेरा और अरंडी के तेल के मिश्रण का उपयोग करने की सलाह दी है। उनके अनुसार, एलोवेरा के पल्प में बराबर मात्रा में अरंडी का तेल मिलाएं और अच्छी तरह फेंट लें। इस मिश्रण को बालों की जड़ों से लेकर सिरे तक लगाएं और रात भर लगा रहने दें। अगली सुबह, हल्के शैम्पू से बालों को धो लें। इस उपाय को सप्ताह में दो बार दोहराएं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:49:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बालों का विकास, एलोवेरा, अरंडी का तेल, घरेलू उपाय, स्वामी ध्यान नीरव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>क्या आपके बाल सारे नुस्खे आजमाने के बाद भी नहीं बढ़ रहे?</strong> स्वामी ध्यान नीरव जी ने एक सरल उपाय बताया है जो आपके लिए मददगार हो सकता है। <br><br>हर कोई लंबे और घने बाल चाहता है। स्वामी ध्यान नीरव ने अपने संयासी आयुर्वेदा चैनल पर एक आसान नुस्खा साझा किया है। उनका दावा है कि इस उपाय से बाल इतनी तेजी से बढ़ेंगे कि आपको उन्हें कटवाने की आवश्यकता होगी।<br><br><strong>नुस्खा क्या है?</strong><br>एलोवेरा का ताजा पत्ता लें और उसमें से बालों की लंबाई के अनुसार पल्प निकाल लें। फिर, एलोवेरा के पल्प में बराबर मात्रा में अरंडी का तेल मिलाएं और अच्छी तरह फेंट लें। इस मिश्रण को बालों की जड़ों से लेकर सिरे तक लगाएं और रात भर लगा रहने दें। अगली सुबह, हल्के शैम्पू या आंवाल, रीठा और शिकाकाई के घोल से बालों को धो लें।<br><br>स्वामी जी के अनुसार, इस उपाय को सप्ताह में दो बार दोहराएं। इससे आपके बालों की जड़ें मजबूत होंगी, बाल घने होंगे और बालों का बढ़ना फिर से शुरू हो जाएगा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हुडा कट्टन: 6 हजार डॉलर से मिलियन डॉलर का कॉस्मेटिक साम्राज्य</title>
<link>https://pratinidhi.in/huda-kattans-cosmetic-empire-from-6000-dollar-loan-to-million-dollar-success</link>
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<description><![CDATA[ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हुडा कट्टन की प्रेरणादायक कहानी: $6,000 के ऋण से $550 मिलियन का ब्यूटी ब्रांड बनाया। 2008 में फाइनेंस में ग्रेजुएट होने के बाद, नौकरी छूटी तो 2010 में ब्यूटी ब्लॉग शुरू किया, 2013 में बहनों के साथ आईलैशेस सीरीज शुरू की। 2020 तक $510 मिलियन की मालकिन बनीं, जो महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118799118/take-6000-dollar-from-her-sister-and-build-million-dollar-company-know-huda-kattan-success-story-on-womens-day-2025-118799118.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:48:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हुडा कट्टन, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, ब्यूटी ब्रांड, कॉस्मेटिक, सफलता की कहानी, महिला उद्यमी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर, हम हुडा कट्टन की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने अपनी बहन से $6,000 लेकर एक ब्यूटी ब्रांड शुरू किया और आज वो $550 मिलियन की मालकिन हैं। <br><br>हुडा कट्टन ने 2008 में फाइनेंस में ग्रेजुएशन की और दुबई में नौकरी की, लेकिन 2009 में नौकरी छूट गई। 2010 में, उन्होंने लॉस एंजिल्स के एक मेकअप स्कूल में पढ़ाई की और बाद में हुडा ब्यूटी नाम से एक ब्लॉग शुरू किया। <br><br>2013 में, उन्होंने अपनी बहनों के साथ मिलकर फेक आईलैशेस की एक सीरीज शुरू की, जिसके लिए उन्होंने अपनी बहन से $6,000 उधार लिए थे। 2020 तक, कट्टन की नेट वर्थ $510 मिलियन हो गई और वे अमेरिका की सेल्फ-मेड रिचेस्ट वुमन में से एक बन गईं। आज, हुडा ब्यूटी के 140 से अधिक प्रोडक्ट्स हैं। <br><br>हुडा कट्टन उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं।]]> </content:encoded>
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<title>रिश्ते में रोमांस बरकरार रखने के उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/relationship-tips-how-to-keep-romance-alive-between-husband-and-wife</link>
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<description><![CDATA[ पति-पत्नी के रिश्ते को आपसी समझदारी और तालमेल से खूबसूरत बनाया जा सकता है। रिश्ते में ईमानदारी बनाए रखना, बातचीत में लहजे का ध्यान रखना, पार्टनर को बदलने की कोशिश न करना, रोमांस को बरकरार रखना और इमोशनल इंटिमेसी बनाए रखना जरूरी है। इन सुझावों को अपनाकर रिश्ते में रोमांस को हमेशा बनाए रखा जा सकता है। रिश्ते की नींव हमेशा विश्वास पर टिकी होनी चाहिए। रिश्ते में हमेशा एक दूसरे के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:47:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Relationship Tips, पति-पत्नी, रिश्ता, प्यार, रोमांस, नजदीकियां, ईमानदारी, लहजा, इमोशनल इंटिमेसी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>पति-पत्नी के रिश्ते में रोमांस को बनाए रखने के उपाय</strong><br><br>हर रिश्ता आपसी समझदारी और तालमेल से खूबसूरत बनता है। पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए कुछ स्वस्थ सुझावों को अपनाकर रोमांस को बरकरार रखा जा सकता है।<br><br><strong>रिश्ते में ईमानदारी जरूरी</strong><br>किसी भी रिश्ते की नींव विश्वास पर टिकी होती है। रिश्ते में एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहना चाहिए और झूठ बोलने से बचना चाहिए।<br><br><strong>बातचीत में लहजे का महत्व</strong><br>रिश्ते में बातचीत का बने रहना जरूरी है, लेकिन बात करते समय लहजे पर ध्यान देना चाहिए। गलत लहजे में बात करने से अच्छी बात का भी महत्व कम हो जाता है।<br><br><strong>बदलाव की अपेक्षा न करें</strong><br>रिश्ते की शुरुआत में अपने पार्टनर को स्वीकार करना चाहिए और उनमें बदलाव की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए। समस्या होने पर पार्टनर से बात करके समाधान निकालना चाहिए।<br><br><strong>रोमांस का महत्व</strong><br>शादी को कितने भी साल हो जाएं, रिश्ते में रोमांस बनाए रखने के लिए एक-दूसरे को समय देना जरूरी है।<br><br><strong>इमोशनल इंटिमेसी जरूरी</strong><br>रिश्ते में इमोशनल इंटिमेसी बनाए रखना भी जरूरी है। इसके बिना इंटिमेसी क्षणिक सुख होता है।]]> </content:encoded>
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<title>करीना का क्लासी अंदाज: हेडलाइन वाली स्कर्ट&amp;टॉप में एयरपोर्ट पर छाईं</title>
<link>https://pratinidhi.in/kareena-kapoor-khan-gazette-print-dress-airport-look-style</link>
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<description><![CDATA[ करीना कपूर खान को हाल ही में एयरपोर्ट पर हेडलाइन प्रिंटेड स्कर्ट-टॉप में देखा गया, जिसमें वह बेहद क्लासी लग रही थीं। यह ड्रेस ब्रिटिश फैशन डिजाइनर जॉन गैलियानो के स्प्रिंग/समर 2001 कलेक्शन की है। करीना ने अपने लुक को ब्लैक Hermès Birkin बैग और हाई बूट्स के साथ एक्सेसराइज किया था। इस मौके पर करीना के साथ उनके दोनों बेटे तैमूर और जेह भी थे। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:43:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Kareena Kapoor Khan, Gazette Print Dress, John Galliano, High Knee Boots, Hermès Bag, Fashion, Bollywood, Style Statement, Airport Look</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान अपने स्टाइल स्टेटमेंट के लिए जानी जाती हैं।</strong><br><br>हाल ही में, उन्हें एयरपोर्ट पर एक अनोखे अंदाज में देखा गया। उन्होंने हेडलाइन प्रिंटेड स्कर्ट-टॉप पहना था, जिसमें वह बेहद क्लासी लग रही थीं।<br><br>करीना ने जो स्कर्ट-टॉप पहना था, उस पर अखबारों की हेडलाइंस प्रिंटेड थीं। यह ड्रेस ब्रिटिश फैशन डिजाइनर जॉन गैलियानो के स्प्रिंग/समर 2001 कलेक्शन की है।<br><br>करीना ने अपने लुक को ब्लैक Hermès Birkin बैग और हाई बूट्स के साथ एक्सेसराइज किया था। उन्होंने न्यूड मेकअप और वेवी हेयरस्टाइल से अपने लुक को कंप्लीट किया था।<br><br>इस मौके पर करीना के साथ उनके दोनों बेटे तैमूर और जेह भी थे। तैमूर और जेह दोनों ही कैजुअल लुक में नजर आए।]]> </content:encoded>
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<title>महिला दिवस 2025: महिलाओं की अनकही सेहत समस्याएं</title>
<link>https://pratinidhi.in/womens-day-2025-health-problems-women-need-to-discuss</link>
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<description><![CDATA[ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं को समर्पित है और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। आज महिला दिवस पर महिलाओं को उनकी सेहत के प्रति जागरूक करना महत्वपूर्ण है। कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिन पर खुलकर बात नहीं की जाती है, जिससे महिलाएं जानकारी के अभाव में गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाती हैं। इन विषयों पर जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। पीरियड्स, सेक्स के दौरान दर्द, मेनोपॉज और यूट्रस से जुड़ी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करना चाहिए। तनाव और डिप्रेशन आजकल आम हैं, जिसके लिए महिलाओं को इमोशनल सपोर्ट की जरूरत होती है। महिला दिवस को जागरूकता अभियान के रूप में मनाना चाहिए ताकि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 12:05:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>International Women&#039;s Day, Womens Day 2025, महिलाओं की सेहत, पीरियड्स, पीसीओडी, हार्मोनल असंतुलन, सेक्स के समय होने वाला दर्द, एंडोमेट्रियोसिस, ड्राई वेजाइना, मेनोपॉज, मूड स्विंग्स, हड्डियों की कमजोरी, Uterus, फाइब्रॉइड्स, सिस्ट, यूट्रस कैंसर, मेंटल हेल्‍थ, तनाव, डिप्रेशन, इमोशनल सपोर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>महिला दिवस 2025: सेहत की अनकही तकलीफें</strong><br><br>हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं को समर्पित है और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन उन महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है जो हमारे जीवन में महत्वपूर्ण हैं।<br><br>आज महिला दिवस पर महिलाओं को उनकी सेहत के प्रति जागरूक करना महत्वपूर्ण है। कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं जिन पर खुलकर बात नहीं की जाती है, जिससे महिलाएं जानकारी के अभाव में गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाती हैं। इन विषयों पर जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।<br><br><strong>पीरियड्स और समस्याएं</strong><br><br>हर महिला को पीरियड्स के दौरान दर्द का अनुभव होता है, लेकिन इस बारे में बात करने से हिचकिचाती हैं। कई महिलाएं पीसीओडी और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याओं से जूझती हैं, लेकिन डॉक्टर से सलाह नहीं लेतीं।<br><br><strong>सेक्स के दौरान दर्द</strong><br><br>सेक्स के दौरान दर्द एंडोमेट्रियोसिस का लक्षण हो सकता है। यह तब होता है जब गर्भाशय की अंदरूनी परत गर्भाशय के बाहर जमा हो जाती है। ड्राई वेजाइना भी दर्द का कारण बन सकती है।<br><br><strong>मेनोपॉज की अनदेखी</strong><br><br>मेनोपॉज महिलाओं के जीवन में एक बड़ा बदलाव है, जिससे मूड स्विंग्स, हड्डियों की कमजोरी और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं होती हैं। फिर भी, इस पर बात करने से कतराती हैं।<br><br><strong>Uterus से जुड़ी समस्याएं</strong><br><br>फाइब्रॉइड्स, सिस्ट, एंडोमेट्रियोसिस और यूट्रस कैंसर जैसी बीमारियां महिलाओं में आम हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।<br><br><strong>मेंटल हेल्थ</strong><br><br>तनाव और डिप्रेशन आजकल आम हैं, जिसके लिए महिलाओं को इमोशनल सपोर्ट की जरूरत होती है। महिला दिवस को जागरूकता अभियान के रूप में मनाना चाहिए ताकि महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सुबह खाली पेट खाएं ये 5 नट्स, मिलेंगे अनगिनत फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/health-benefits-of-eating-soaked-nuts-on-empty-stomach</link>
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<description><![CDATA[ नट्स शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। सुबह खाली पेट नट्स खाने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं। ब्‍लैक किशमिश त्‍वचा और बालों के लिए अच्‍छी होती है और ब्‍लड फ्लो को बेहतर करती है। पिस्‍ता आंखों की रोशनी बढ़ाता है और नींद अच्‍छी आती है। बादाम कोलेस्‍ट्रॉल और ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। खजूर एनर्जी देता है और हड्डियों के लिए अच्‍छा होता है। अखरोट मांसपेशियों को मजबूत करता है और दिल-दिमाग के लिए अच्‍छा होता है। नट्स को भिगोकर और छिलका उतारकर खाना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 12:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नट्स, हेल्दी नाश्ता, प्रोटीन, विटामिन, खनिज, आयरन, फास्फोरस, एंटी-ऑक्सीडेंट, ओमेगा-3 फैटी एसिड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>सुबह खाली पेट इन 5 नट्स को खाने से होंगे अद्भुत फायदे</strong><br><br>शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नट्स का सेवन करना बहुत ही लाभदायक होता है। यदि आप एक हेल्‍दी नाश्‍ता खोज रहे हैं, तो नट्स आपके लिए एक अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है। इनमें प्रोटीन, निकोटिन एसिड, थायमिन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, खनिज, आयरन, फास्‍फोरस और कई पोषक तत्‍व पाए जाते हैं। ये आपको अंदर से मजबूत बनाते हैं और दिनभर ताजगी बनाए रखते हैं। आईए विस्‍तार से जानते हैं क‍ि ये नट्स कौन-कौन से हैं और इनके क्‍या फायदे हैं:<br><br><strong>ब्‍लैक किशमिश:</strong> ब्‍लैक किशमिश में एंटी-ऑक्‍सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्‍वचा और बालों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत अच्‍छे माने जाते हैं। इनमें एल-आर्जिनिन और एंटी-ऑक्‍सीडेंट भी होते हैं, जो आयरन से भरपूर होते हैं। ये यूट्रस और ओवरीज में ब्‍लड फ्लो को बेहतर करते हैं।<br><br><strong>पिस्‍ता:</strong> पिस्‍ता हेल्‍दी फैट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन बी-6 और थायमिन जैसे जरूरी पोषक तत्‍वों से भरपूर होता है। यह आंखों की रोशनी को तेज करने में मदद करता है, आंतों को स्‍वस्‍थ रखता है और रात में अच्‍छी नींद लाने में सहायक होता है।<br><br><strong>बादाम:</strong> बादाम प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, कैल्शियम, कॉपर, मैग्‍नीशियम और राइबोफ्लेविन, आयरन, पोटेशियम, जिंक और विटामिन-बी से भरपूर होता है। यह कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है और ब्‍लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है।<br><br><strong>खजूर:</strong> खजूर में सेलेनियम, मैंगनीज, मैग्‍नीशियम और आयरन जैसे पोषक तत्‍व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसे खाने से तुरंत एनर्जी मिलती है और यह त्‍वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। यह हड्डियों के लिए भी बहुत अच्‍छा माना जाता है।<br><br><strong>अखरोट:</strong> अखरोट एंटी-ऑक्‍सीडेंट और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। रोजाना अखरोट खाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यह दिल और दिमाग के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। इसमें प्रोटीन के अलावा फाइबर, कॉपर, आयरन, पोटेशियम, कैल्शियम, विटामिन बी6, फोलेट, मैंगनीज जैसे पोषक तत्‍व भी होते हैं।<br><br><strong>इन्‍हें खाने का सही तरीका:</strong> नट्स को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट इनका सेवन करें। बादाम का छिलका उतारकर खाएं। नट्स और सीड्स को नाश्‍ते में शामिल करके आप अपने स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बना सकते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शेफ पंकज भदौरिया के आसान कुकिंग ट्रिक्स: महिला दिवस स्पेशल</title>
<link>https://pratinidhi.in/chef-pankaj-bhadouria-easy-cooking-tricks-womens-day-special</link>
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<description><![CDATA[ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, शेफ पंकज भदौरिया ने कुछ आसान रसोई टिप्स साझा किए हैं जो महिलाओं के लिए किचन के काम को आसान बना सकते हैं, जैसे कि सूखे मेवों को काटने से पहले उन्हें फ्रिज में रखना, लोहे के बर्तनों को जंग से बचाने के लिए सरसों का तेल लगाना, अदरक-लहसुन के पेस्ट में सिरका मिलाना, दही के बर्तन को आटे के डिब्बे में रखना और पराठे के आटे में जैतून का तेल मिलाना. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 11:43:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Women&#039;s Day, Chef Pankaj Bhadouria, cooking tricks, kitchen tips, easy cooking, समय बचाने के तरीके</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, <b>शेफ पंकज भदौरिया</b> ने कुछ रसोई टिप्स साझा किए हैं जो महिलाओं के लिए किचन के काम को आसान बना सकते हैं।<br><br><b>सूखे मेवे काटना:</b> सूखे मेवों को काटने से पहले उन्हें फ्रिज में रख दें। इससे वे सख्त हो जाएंगे और काटना आसान हो जाएगा।<br><br><b>लोहे के बर्तनों को जंग से बचाना:</b> लोहे के बर्तनों को धोने के बाद, उन्हें अच्छी तरह से सुखा लें और जंग से बचाने के लिए उन पर सरसों का तेल लगाएं।<br><br><b>अदरक-लहसुन के पेस्ट की लाइफ बढ़ाना:</b> अदरक-लहसुन का पेस्ट बनाते समय 40% अदरक और 60% लहसुन का उपयोग करें। पेस्ट में थोड़ा सा सिरका मिलाने से भी यह लंबे समय तक ताजा रहता है।<br><br><b>गाढ़ा दही जमाना:</b> दही जमाने के लिए दही के बर्तन को रात भर आटे के डिब्बे में रख दें।<br><br><b>फटे बिना स्टफ्ड पराठा बनाना:</b> पराठे के आटे में जैतून का तेल मिलाएं। पनीर के पराठे को थोड़ा मोटा बेलें और आटा गूंथते समय उसमें नमक डालें।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>70 के दशक में जीनत अमान ने बिकिनी पहन फैशन में लाई नई बयार</title>
<link>https://pratinidhi.in/zeenat-aman-brought-new-wave-of-fashion-by-wearing-bikini-in-70s</link>
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<description><![CDATA[ जीनत अमान ने 70 के दशक में अपने बोल्ड फैशन से तहलका मचा दिया था। उन्होंने पर्दे पर बिकिनी पहनकर और कई सिजलिंग आउटफिट्स पहनकर फैशन के नए ट्रेंड सेट किए। जीनत आज भी अपने ग्लैमरस अंदाज से लोगों को प्रेरित करती हैं। महिला दिवस पर उनके कुछ पुराने लुक्स को याद किया जा रहा है, जो आज भी फैशन के दीवानों के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने उस जमाने में बिकिनी पहनने का साहस दिखाया और आज भी उनका जलवा कायम है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 11:33:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जीनत अमान, फैशन, बॉलीवुड, महिला दिवस, बिकिनी, स्टाइल, ट्रेंड, ओजी फैशन क्वीन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा जीनत अमान, जिन्होंने 70 के दशक में अपने बोल्ड और unconventional फैशन से दर्शकों को चौंका दिया था, आज भी फैशन आइकन बनी हुई हैं।<br><br><strong>जीनत अमान: फैशन की नई परिभाषा</strong><br>जीनत अमान ने अपने समय में सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्रियों में अपना नाम दर्ज कराया। उन्होंने न केवल बेहतरीन फिल्मों में काम किया, बल्कि अपने ग्लैमरस अंदाज से भी एक अलग पहचान बनाई। जीनत ने पर्दे पर कई सिजलिंग आउटफिट्स पहनकर फैशन की दुनिया में नए ट्रेंड स्थापित किए। आज 73 साल की उम्र में भी उनका फैशन सेंस लाजवाब है।<br><br><strong>महिला दिवस पर जीनत के पुराने लुक्स</strong><br>जीनत अमान के इंस्टाग्राम पर आने के बाद से ही उनके शानदार स्टाइल की झलक देखने को मिलती रहती है। इस महिला दिवस पर उनके कुछ पुराने लुक्स पर एक नजर डालते हैं।<br><br><strong>शुरुआती असाइनमेंट और आइकॉनिक लुक</strong><br>जीनत के शुरुआती असाइनमेंट में, वह व्हाइट कलर की रेड फूलों से सजी साड़ी और स्लीवलेस ब्लाउज में बेहद खूबसूरत लग रही थीं। माथे पर बिंदी और प्यारी मुस्कान उनके लुक को और भी आकर्षक बना रही थी।<br><br>जीनत का 'दम मारो दम' लुक आज भी आइकॉनिक है। इस गाने में उन्होंने रुद्राक्ष की माला के साथ थाई-हाई स्लिट कट येलो प्रिंटेड ड्रेस पहनी थी। वेस्ट पर ब्लू फैब्रिक वाली बेल्ट, माथे पर तिलक, खुले बाल और चश्मा उनके ग्लैमरस लुक को कंप्लीट कर रहे थे।<br><br><strong>बिकिनी में जीनत</strong><br>जीनत अमान उन अभिनेत्रियों में से थीं, जिन्होंने उस दौर में पर्दे पर बिकिनी पहनने का साहस दिखाया। व्हाइट कलर की बिकिनी में वह बेहद बोल्ड और खूबसूरत लग रही थीं।<br><br><strong>आज भी कायम है जलवा</strong><br>जीनत अमान ने जवानी के दिनों में अपने ग्लैमरस लुक से सबको मात दी, और आज भी उनका जलवा कायम है। ब्लैक ड्रेस हो या व्हाइट 3डी फ्लोरल पैटर्न वाली ड्रेस, हर अंदाज में वह कमाल की लगती हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नए शोध में दावा: स्वस्थ शुक्राणु वाले पुरुष लंबा जीवन जीते हैं</title>
<link>https://pratinidhi.in/naye-adhyayann-men-dava-badhiya-sperm-vale-purush-ji-sakte-hain-lamba-jivan-sperm-men-honi-chahiye-4-khubi</link>
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<description><![CDATA[ एक नए अध्ययन के अनुसार, अच्छी स्पर्म क्वालिटी वाले पुरुष लंबा जीवन जीते हैं। कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने 80,000 पुरुषों पर 50 साल तक अध्ययन किया और पाया कि उच्च मोटाइल स्पर्म काउंट वाले पुरुष अधिक समय तक जीवित रहते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि स्पर्म क्वालिटी पुरुषों के समग्र स्वास्थ्य का एक संकेतक हो सकता है और वे आगे स्पर्म क्वालिटी और विशिष्ट बीमारियों के बीच संबंध का पता लगाने का इरादा रखते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:35:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>sperm quality, life expectancy, men&#039;s health, fertility, motile sperm, semen analysis</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>एक नए अध्ययन में पाया गया है कि बेहतर स्पर्म क्वालिटी वाले पुरुष लंबा जीवन जीते हैं।</p><br><p>कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने 80,000 पुरुषों पर 50 साल तक अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि जिन पुरुषों में 120 मिलियन से अधिक मोटाइल स्पर्म थे, वे कम मोटाइल स्पर्म वाले पुरुषों की तुलना में 2-3 साल अधिक जीवित रहे।</p><br><p>यह अध्ययन ह्यूमन रिप्रोडक्शन नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। शोधकर्ताओं का मानना है कि स्पर्म की गुणवत्ता पुरुषों के समग्र स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता का संकेत हो सकती है। वे यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या स्पर्म की गुणवत्ता और कुछ बीमारियों के बीच कोई संबंध है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सद्गुरु की परवरिश: बेटी राधे ने बताए बचपन के खास सवाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/sadhguru-parenting-daughter-radhe-jaggi-childhood-questions</link>
<guid>https://pratinidhi.in/sadhguru-parenting-daughter-radhe-jaggi-childhood-questions</guid>
<description><![CDATA[ सद्गुरु की बेटी राधे जग्गी ने अपनी परवरिश के बारे में बताया कि उनके पिता उनसे बचपन में दो सवाल पूछते थे जिससे उनकी टेंशन दूर हो जाती थी। सद्गुरु का मानना है कि बच्चों को दंडित करने के बजाय उनसे बात करना चाहिए। राधे ने बताया कि उनके पिता उन्हें डांटने के बजाय उनसे पूछते थे &#039;क्या हुआ?&#039; और &#039;क्या किया?&#039;। बच्चों को बिना डर के माता-पिता से बात करने में सहज महसूस करना चाहिए। गलती करने पर बच्चों को डांटने के बजाय उनसे पूछना चाहिए कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। सद्गुरु की तरह परवरिश के लिए बच्चों के मार्गदर्शक बनें। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:33:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Sadhguru, Radhe Jaggi, Parenting, Childhood, Questions, Emotional Intelligence</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[हाल ही में, सद्गुरु की बेटी, राधे जग्गी ने अपनी परवरिश के बारे में जानकारी साझा की। राधे ने बताया कि वह बचपन में काफी नटखट थीं, लेकिन उनके पिता का उनके साथ व्यवहार करने का तरीका सबसे अलग था। वह उनसे सिर्फ दो प्रश्न पूछते थे।<br><br>सद्गुरु का मानना है कि बच्चों की परवरिश में उन्हें दंडित करने के बजाय, उनके साथ बैठकर आराम से बातचीत करना और उनसे सवाल पूछना अधिक महत्वपूर्ण है। इस दृष्टिकोण से, उनकी बेटी में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत विकास हुआ है।<br><br>अपने एक हालिया इंटरव्यू में, सद्गुरु की बेटी राधे ने खुलासा किया कि उनका बचपन दूसरों से अलग क्यों था। उनके अनुसार, उनके पिता उन्हें डांटने या सजा देने के बजाय, उनके साथ बैठकर बात करते थे और उनसे केवल दो सवाल पूछते थे। ये दो सवाल थे: 'क्या हुआ?' और 'क्या किया?'। ये सवाल सरल लग सकते हैं, लेकिन राधे को उनके साथ खुलकर बात करने में आसानी होती थी। सद्गुरु का उद्देश्य अपनी बेटी को डराने के बजाय उसे जागरूक और जिम्मेदार बनाना था।<br><br>राधे के अनुसार, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि बच्चे बिना किसी डर के अपने माता-पिता से बात करने में सहज महसूस करें। उन्हें यह नहीं लगना चाहिए कि बात करने पर उन्हें डांटा या चिल्लाया जाएगा। जब बच्चे खुलकर अपने माता-पिता से बात करते हैं, तो उनके रिश्ते में विश्वास और ईमानदारी बढ़ती है।<br><br>गलती करने पर बच्चों को डांटने या उनकी आलोचना करने के बजाय, उनसे यह पूछना बेहतर है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। आलोचना केवल बच्चों के आत्मविश्वास को कम करती है और उन्हें कोई लाभ नहीं पहुंचाती है।<br><br>यदि आप सद्गुरु के समान अपने बच्चे का पालन-पोषण करना चाहते हैं, तो आपको यह सीखना होगा कि अपने बच्चे के मार्गदर्शक बनें, न कि हिटलर की तरह व्यवहार करें। बच्चों पर कठोर नियम लागू करने के बजाय, उन्हें तर्क के साथ जिम्मेदारी से निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करें।<br><br>सद्गुरु की तरह अपने बच्चों की परवरिश करने के लिए, आपको उन पर हुकुम चलाने के बजाय उनसे बात करनी चाहिए और उन्हें उनकी गलतियों का एहसास दिलाना चाहिए। इससे बच्चों को अपनी गलतियों को समझने में मदद मिलेगी और आपके साथ उनका रिश्ता सकारात्मक बना रहेगा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महिलाओं के लिए बिकनी बॉडी डाइट प्लान: गर्मियों में कूल दिखने के लिए आसान उपाय</title>
<link>https://pratinidhi.in/bikini-body-diet-plan-easy-ways-to-look-cool-in-summer</link>
<guid>https://pratinidhi.in/bikini-body-diet-plan-easy-ways-to-look-cool-in-summer</guid>
<description><![CDATA[ सर्दियों में खान-पान में लापरवाही बरतने से वजन बढ़ना स्वाभाविक है, और गर्मियों में पसंदीदा कपड़े पहनने की चिंता होती है। डॉ. गीता श्रॉफ के अनुसार, सही डाइट और एक्सरसाइज से वजन को नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आप भी बिकनी बॉडी पाना चाहते हैं, तो यहां 7 दिन का डाइट प्लान दिया गया है जिसमें विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन विकल्प शामिल हैं। डाइट पर सख्त रहें, कम से कम 3 महीने तक फॉलो करें, हफ्ते में एक दिन चीट मील ले सकते हैं, तेल और चीनी से बचें, एक्सरसाइज करें और पर्याप्त पानी पिएं। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/118735569/to-get-bikini-body-follow-these-5-easy-diet-plan-suggested-by-doctor-geeta-shroff-118735569.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:33:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>bikini body, diet plan, women&#039;s health, weight loss, healthy eating</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[गर्मियों में बिकनी बॉडी पाने के लिए डाइट प्लान

<br><br>
सर्दियों में खान-पान में लापरवाही बरतने से वजन बढ़ना स्वाभाविक है, और गर्मियों में पसंदीदा कपड़े पहनने की चिंता होती है। डॉ. गीता श्रॉफ के अनुसार, सही डाइट और एक्सरसाइज से वजन को नियंत्रित किया जा सकता है।
<br><br>
यदि आप भी बिकनी बॉडी पाना चाहते हैं, तो यहां 7 दिन का डाइट प्लान दिया गया है:
<br><br>
<strong>पहला दिन:</strong>
<br>
ब्रेकफास्ट: अंडा/दलिया/ओट्स/उपमा/चीला
<br>
मिड मॉर्निंग: ग्रीन टी/फल/प्रोटीन शेक/छाछ
<br>
लंच: राजमा-चावल/ग्रील्ड चिकन/मिक्स वेज, दाल, रोटी/दही सलाद
<br>
स्नैक्स: मखाना/भुना चना/मुरमुरे/उबले अंडे
<br>
डिनर: ग्रिल्ड फिश/ब्राउन राइस/मूंग दाल चीला/सूप, बेक्ड वेजीस
<br><br>
<strong>दूसरा दिन:</strong>
<br>
ब्रेकफास्ट: बनाना स्मूदी/प्रोटीन पैनकेक/2 इडली/पनीर सैंडविच
<br>
मिड मॉर्निंग: ड्राई फ्रूट्स/केला/सेब
<br>
लंच: दाल-चावल, दही, सब्जी/कढ़ी-चावल/चिकन करी-रोटी/वेज फ्राइड राइस
<br>
स्नैक्स: ग्रीन टी/प्रोटीन शेक
<br>
डिनर: सब्जी, रोटी, सलाद/ब्राउन राइस, चिकन/सूप
<br><br>
<strong>तीसरा दिन:</strong>
<br>
ब्रेकफास्ट: स्ट्रॉबेरी स्मूदी/पोहा/डोसा/उत्तम
<br>
मिड मॉर्निंग: फल/ड्राई फ्रूट्स/ब्लैक कॉफी
<br>
लंच: ब्रोकली, ग्रिल्ड फिश/पालक, कॉर्न सलाद/पनीर मूंगदाल चीला
<br>
स्नैक्स: उबले अंडे/मूंगफली सलाद/ग्रीन टी
<br>
डिनर: ब्राउन राइस, ग्रिल्ड चिकन/सलाद
<br><br>
<strong>चौथा और पांचवां दिन:</strong>
<br>
ब्रेकफास्ट: दलिया/पैनकेक/अंडा-पाव
<br>
मिड मॉर्निंग: वेजिटेबल/फल/मखाना/ग्रीन टी
<br>
लंच: स्प्राउट्स सलाद/छोले-चावल/पनीर सब्जी, रोटी
<br>
स्नैक्स: ब्रेड स्लाइस, पीनट बटर/भेलपूरी
<br>
डिनर: बॉयल्ड चिकन/फिश, ब्राउन राइस/किनुआ उपमा/ग्रीन सलाद
<br><br>
<strong>छठा और सातवां दिन:</strong>
<br>
ब्रेकफास्ट: दलिया/प्रोटीन शेक/सोया रोल
<br>
मिड मॉर्निंग: उबले अंडे/ग्रीन टी/ब्लैक कॉफी/ड्राई फ्रूट्स
<br>
लंच: ग्रिल्ड चिकन/सफेद मटर सब्जी, रोटी/सलाद/मटर पुलाव
<br>
स्नैक्स: नट्स, ग्रीक योगर्ट/चने की चाट/मूंगफली सलाद
<br>
डिनर: ग्रिल्ड फिश/पनीर सैंडविच/टोफू सलाद
<br><br>
<strong>ध्यान रखने योग्य बातें:</strong>
<br>
डाइट पर सख्त रहें, कम से कम 3 महीने तक फॉलो करें, हफ्ते में एक दिन चीट मील ले सकते हैं, तेल और चीनी से बचें, एक्सरसाइज करें और पर्याप्त पानी पिएं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वॉशिंग मशीन में कढ़ाई वाले कपड़े धोने का आसान तरीका</title>
<link>https://pratinidhi.in/easy-way-to-wash-embroidered-clothes-in-washing-machine</link>
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<description><![CDATA[ कढ़ाई वाले कपड़ों को वॉशिंग मशीन में धोने को लेकर लोगों के मन में डर रहता है कि कहीं वे खराब न हो जाएं, जिसके कारण वे ड्राई क्लीनिंग का सहारा लेते हैं। कंटेंट क्रिएटर ममता भाटिया ने एक ट्रिक साझा की है जिससे ड्राई क्लीनिंग का खर्च बचेगा। कढ़ाई वाले कपड़ों को तकिए के कवर में डालकर जेंटल साइकिल पर धोएं और छाया में सुखाएं। गर्म पानी का इस्तेमाल न करें, हैवी स्पिन अवॉयड करें, और रंग छोड़ने वाले कपड़ों को अलग से धोएं। कपड़ों को सीधी धूप में न सुखाएं। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:33:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वॉशिंग मशीन, कढ़ाई वाले कपड़े, ममता भाटिया, धोने का तरीका, ड्राई क्लीनिंग, कपड़े धोने की ट्रिक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[वॉशिंग मशीन में कढ़ाई वाले कपड़ों को धोने को लेकर अकसर लोगों के मन में डर बना रहता है कि कहीं वे खराब न हो जाएं। इस डर के चलते, वे ड्राई क्लीनिंग का सहारा लेते हैं, जिससे उनका खर्च बढ़ जाता है। लेकिन, कंटेंट क्रिएटर ममता भाटिया ने एक ऐसी ट्रिक साझा की है जिससे अब आपको ड्राई क्लीनिंग पर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

आजकल वाशिंग मशीन ने कपड़े धोने के काम को बहुत ही आसान बना दिया है। ज्यादातर लोग कामकाजी हैं, और ऐसे में मशीनों का इस्तेमाल करके काम को जल्दी और आसानी से निपटाना चाहते हैं।

हालांकि, अगर आपको वाशिंग मशीन का सही इस्तेमाल करना नहीं आता है, तो आपके कपड़े खराब भी हो सकते हैं, खासकर कढ़ाई और वर्क वाले कपड़े। लेकिन, ममता भाटिया की ट्रिक जानने के बाद, आप कढ़ाई वाले कपड़ों को भी वाशिंग मशीन में धो सकेंगे।

<strong>कढ़ाई वाले कपड़ों को धोने का तरीका:</strong>

ममता भाटिया की ट्रिक के अनुसार, कढ़ाई वाले कपड़ों को वाशिंग मशीन में धोने के लिए आपको 3 स्टेप्स फॉलो करने होंगे। सबसे पहले, कढ़ाई वाली कुर्ती को तकिए के कवर में डालकर बांध दें। फिर, इसे जेंटल साइकिल पर मशीन में धो लें। धोने के बाद, इसे छाया में सुखा लें। ममता भाटिया का दावा है कि इस ट्रिक से कढ़ाई वाले कपड़े साफ भी हो जाएंगे और उनके खराब होने का खतरा भी नहीं रहेगा।

<strong>इन बातों का रखें ध्यान:</strong>

<ul>
<li>वाशिंग मशीन में गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।</li>
<li>कढ़ाई वाले कपड़े धोते वक्त हैवी स्पिन अवॉयड करें।</li>
<li>शॉल, ब्लेजर और भारी साड़ियों को इस तरह से न धोएं।</li>
<li>रंग छोड़ने वाले कपड़ों को एक साथ न धोएं, बल्कि अलग-अलग कवर का इस्तेमाल करें।</li>
<li>कपड़ों को सीधी धूप में न सुखाएं, उन्हें छाया या रात के वक्त सूखने के लिए डालें।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>किडनी फेल होने के संकेत: पेट दर्द, सूजन और हाई बीपी?</title>
<link>https://pratinidhi.in/kidney-failure-signs-stomach-pain-swelling-high-bp</link>
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<description><![CDATA[ किडनी की विफलता के संकेत शरीर स्वयं देता है, जैसे पेट दर्द, पैरों में सूजन और उच्च रक्तचाप। सजग फैक्ट चेक टीम ने डॉक्टर से बात करके सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की। किडनी शरीर में खून साफ़ करने, विषाक्त पदार्थों को बहार निकलने और पानी और खनिजों का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। तरल पदार्थ के निर्माण के कारण गुर्दे की विफलता से पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन हो सकती है। इन लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श किया जाना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Mar 2025 14:33:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>किडनी फेलियर, स्वास्थ्य, फैक्ट चेक, रोग, लक्षण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>किडनी की विफलता के संकेत शरीर स्वयं देता है, जैसे पेट दर्द, पैरों में सूजन और उच्च रक्तचाप। यूट्यूब पर एक वीडियो में ऐसा ही दावा किया गया है। सजग फैक्ट चेक टीम ने एक डॉक्टर से बात करके सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की।</p><br><p>किडनी शरीर में खून साफ़ करने, विषाक्त पदार्थों को बहार निकलने और पानी और खनिजों का संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शरीर इसके विफल होने के संकेत देता है, जैसे पेट के दोनों ओर दर्द, पैरों में सूजन, आंखों में दर्द और उच्च रक्तचाप।</p><br><p>डॉक्टर राजेश अग्रवाल के अनुसार, गुर्दे की पथरी या संक्रमण के कारण कमर या पेट के एक तरफ तेज़ दर्द हो सकता है, हालांकि यह गुर्दे की विफलता में आम नहीं है। तरल पदार्थ के निर्माण के कारण गुर्दे की विफलता से पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन हो सकती है। गुर्दे के ठीक से काम नहीं करने पर शरीर में विषाक्त पदार्थों के निर्माण के कारण त्वचा में खुजली, चकत्ते या सूखापन हो सकता है।</p><br><p>गुर्दे की कमजोरी के कारण शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन कम होने से एनीमिया हो सकता है, जिससे थकान और कमजोरी हो सकती है। बार-बार पेशाब आना गुर्दे में संक्रमण या पथरी के कारण हो सकता है, लेकिन गुर्दे की विफलता के कारण नहीं। गुर्दे की खराबी से रक्तचाप बढ़ सकता है, और उच्च रक्तचाप से गुर्दे खराब हो सकते हैं। उच्च रक्तचाप आंखों को प्रभावित कर सकता है, लेकिन आंखों में दर्द सीधे तौर पर गुर्दे की विफलता से संबंधित नहीं है।</p><br><p>डॉक्टरों के अनुसार, सूजन, थकान, उच्च रक्तचाप और त्वचा में खुजली गुर्दे की विफलता के संकेत हैं, जबकि पेट के एक तरफ दर्द और आंखों में भारीपन सीधे तौर पर संबंधित नहीं हैं। इन लक्षणों को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श किया जाना चाहिए।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>बाजरे की रोटी के फायदे</title>
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<description><![CDATA[ बाजरे की रोटी एक पौष्टिक भोजन है जो गेहूं की रोटी की जगह ले सकता है। यह फाइबर, विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है, जो वजन को नियंत्रित करने, मधुमेह को रोकने, हृदय स्वास्थ्य में सुधार करने, पाचन में सुधार करने और प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह ग्लूटेन मुक्त भी है, जो इसे सीलिएक रोग वाले लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है। बाजरे की रोटी त्वचा और बालों के लिए भी अच्छी होती है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 03 Mar 2025 16:23:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बाजरा, रोटी, स्वास्थ्य, फाइबर, वजन, डायबिटीज, दिल, ग्लूटेन-फ्री, त्वचा, बाल, पाचन, इम्यूनिटी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बाजरे की रोटी: एक पौष्टिक विकल्प</strong><br><br>आमतौर पर, हम अपने दैनिक आहार में दाल, चावल, रोटी और सब्जी शामिल करते हैं। इनमें से, हम गेहूं की रोटी खाना अधिक पसंद करते हैं क्योंकि वे नरम और स्वादिष्ट होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गेहूं के बजाय बाजरे की रोटी खाना आपके स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद होता है? आइए बाजरे की रोटी खाने के फायदों के बारे में जानें।<br><br><strong>पोषक तत्वों से भरपूर</strong><br><br>बाजरा एक पोषक तत्वों से भरपूर अनाज है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और विटामिन-बी जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत बनाने और रक्त परिसंचरण को बेहतर करने में मदद करता है।<br><br><strong>वजन नियंत्रण में मददगार</strong><br><br>बाजरे में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है। इससे एक्स्ट्रा कैलोरी का सेवन कम होता है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। यदि आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो बाजरे की रोटी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है।<br><br><strong>डायबिटीज के लिए फायदेमंद</strong><br><br>बाजरे का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (जीआई) कम होता है, जिसके कारण यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए बाजरे की रोटी एक हेल्दी ऑप्शन है, क्योंकि यह शुगर लेवल को अचानक बढ़ने नहीं देता।<br><br><strong>दिल के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक</strong><br><br>बाजरे में मौजूद मैग्नीशियम और पोटेशियम दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद करता है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है।<br><br><strong>ग्लूटेन-फ्री विकल्प</strong><br><br>बाजरा ग्लूटेन-फ्री होता है, जो उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जो ग्लूटेन इनटॉलरेंस या सीलिएक डिजीज से पीड़ित हैं। गेहूं में ग्लूटेन होता है, जो कुछ लोगों के लिए पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है। बाजरे की रोटी खाने से ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है।<br><br><strong>त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद</strong><br><br>बाजरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स त्वचा और बालों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने के साथ-साथ बालों को मजबूत और घना बनाने में मदद करता है।<br><br><strong>पाचन तंत्र को मजबूत बनाए</strong><br><br>बाजरे में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। यह आंतों की सफाई करके पाचन क्रिया को बेहतर तरीके से फंक्शन करने में मदद करता है।<br><br><strong>इम्यून पावर बढ़ाए</strong><br><br>बाजरे में मौजूद जिंक और आयरन शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह शरीर को इन्फेक्शन और बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है.]]> </content:encoded>
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<title>शनिवार 17 अगस्त का राशिफल: इन 7 राशि वालों का होगा आर्थिक उदय</title>
<link>https://pratinidhi.in/Horoscope-for-Saturday-August-17-These-7-zodiac-signs-will-have-economic-growth</link>
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<description><![CDATA[ आज का दिन सावधानी से बिताएं। चोट और बीमारी से बचाव करें, खासकर आंखों की सुरक्षा पर ध्यान दें। कोई पुराना रोग फिर से उभर सकता है, इसलिए सेहत को लेकर सतर्क रहें। कीमती सामान का ध्यान रखें, खोने की संभावना है। अनावश्यक विवादों से दूर रहें और दूसरों से हल्के-फुल्के मजाक से बचें। गुस्सा और नकारात्मकता हावी रह सकते हैं, जिससे चिंता और तनाव बढ़ेगा। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 16 Aug 2024 13:55:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आज का दिन सावधानी से बिताएं। चोट और बीमारी से बचाव करें, खासकर आंखों की सुरक्षा पर ध्यान दें। कोई पुराना रोग फिर से उभर सकता है, इसलिए सेहत को लेकर सतर्क रहें।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मेष</strong><br>आज का दिन सावधानी से बिताएं। चोट और बीमारी से बचाव करें, खासकर आंखों की सुरक्षा पर ध्यान दें। कोई पुराना रोग फिर से उभर सकता है, इसलिए सेहत को लेकर सतर्क रहें। कीमती सामान का ध्यान रखें, खोने की संभावना है। अनावश्यक विवादों से दूर रहें और दूसरों से हल्के-फुल्के मजाक से बचें। गुस्सा और नकारात्मकता हावी रह सकते हैं, जिससे चिंता और तनाव बढ़ेगा। अनावश्यक खर्च से बचने की कोशिश करें और किसी भी तरह की बहस से दूरी बनाए रखें। जोखिम लेने से बचें।</p>
<p><strong>वृषभ</strong><br>आज अप्रत्याशित खर्चे आ सकते हैं, जिससे आपको कर्ज लेने की नौबत आ सकती है। मानसिक तनाव बना रहेगा। घर और बाहर से सहयोग प्राप्त होगा, जिससे कुछ राहत मिलेगी। उपहार और सौगात मिलने के योग हैं, जो आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएंगे। बेरोजगारी की समस्या दूर होगी और अचानक लाभ की संभावनाएं बन सकती हैं। कुछ बड़ी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी और निवेश या नौकरी से मनचाहा लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>मिथुन</strong><br>किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में न लें, असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। लेन-देन में सावधानी बरतें। थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है, लेकिन व्यापारिक यात्राएं सफल रहेंगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल होंगे और अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार में भी अच्छा लाभ मिलेगा, लेकिन लापरवाही से बचें।</p>
<p><strong>कर्क</strong><br>आज कोई भी काम जल्दबाजी में न करें, पुराना रोग परेशानी दे सकता है। कुछ जरूरी सामान गुम हो सकता है, जिससे चिंता और तनाव बढ़ेगा। अविवाहित लोगों को विवाह का प्रस्ताव मिल सकता है। आपके प्रयास सफल होंगे और निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में तरक्की और व्यापार में लाभ मिलेगा। हालांकि, लापरवाही से बचें।</p>
<p><strong>सिंह</strong><br>व्यापार अच्छा चलेगा, लेकिन आय में कमी हो सकती है। दुखद समाचार मिलने की संभावना है, जिससे अनावश्यक भागदौड़ होगी। काम में मन नहीं लगेगा और संघर्ष की स्थिति बन सकती है। आपको अधिक प्रयास करने होंगे, लेकिन दूसरों के बहकावे में न आएं। महत्वपूर्ण निर्णय स्वयं लें, तभी लाभ मिलेगा।</p>
<p><strong>कन्या</strong><br>आज किसी उत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा और यात्रा लाभकारी रहेगी। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी। व्यापार आपकी इच्छानुसार चलेगा और नौकरी में आपके काम की सराहना होगी। लाभ के अवसर प्राप्त होंगे, लेकिन व्यस्तता के कारण स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी होगा। लापरवाही न करें।</p>
<p><strong>तुला</strong><br>रोजगार में वृद्धि होगी और बेरोजगारी दूर होगी। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल होंगे और संचित धन में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। शेयर बाजार में सोच-समझकर निवेश करें, संपत्ति के कामों से बड़ा लाभ हो सकता है। परेशानियों से दूर रहने की कोशिश करें।</p>
<p><strong>वृश्चिक</strong><br>कोर्ट-कचहरी में लंबित काम पूरे होंगे और जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यापार मनमुताबिक चलेगा और शेयर बाजार से लाभ होगा। नौकरी में उच्च अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। भाग्य आपका साथ देगा और सभी काम पूरे होंगे। जल्दबाजी से बचें।</p>
<p><strong>धनु</strong><br>बातचीत में हल्के शब्दों का प्रयोग करने से बचें। प्रतिद्वंद्विता कम होगी, लेकिन शत्रु सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी। वाहन और मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें और कीमती सामान संभालकर रखें। ऐसा कुछ न करें जिससे बाद में पछताना पड़े। जोखिम लेने से बचें।</p>
<p><strong>मकर</strong><br>धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और लंबित कोर्ट-कचहरी के कामों में अनुकूल परिणाम मिलेंगे। व्यापार अच्छा चलेगा और निवेश शुभ रहेगा। दूसरों के काम में हस्तक्षेप न करें। चोट और बीमारी से बचें, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। दुष्ट लोग नुकसान पहुंचा सकते हैं। लाभ में वृद्धि होगी और प्रसन्नता रहेगी।</p>
<p><strong>कुंभ</strong><br>पुराना रोग परेशानी देगा और विरोधी सक्रिय रहेंगे। आपको कुछ बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कोई नई योजना बनेगी और कामकाज में सुधार होगा। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी और प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होगी। निवेश शुभ रहेगा।</p>
<p><strong>मीन</strong><br>बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे और व्यापारिक यात्रा से मनचाहा लाभ मिलेगा। आपको बार-बार लाभ के अवसर मिलेंगे, इसलिए विवेक का प्रयोग करें। बेकार की बातों में समय बर्बाद न करें। निवेश शुभ रहेगा और नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। व्यापार की गति बढ़ेगी और लाभ में वृद्धि होगी। लापरवाही से बचें।</p>]]> </content:encoded>
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