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<title>Pratinidhi &amp; News Magazine &amp; : देश</title>
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<description>Pratinidhi &amp; News Magazine &amp; : देश</description>
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<dc:rights>Copyright 2023 Pratinidhi &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>राघव चड्ढा ने AAP विवाद के बीच नई रील साझा कर अगले राजनीतिक कदम का संकेत दिया</title>
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<description><![CDATA[ AAP और राघव चड्ढा के बीच खींचतान जारी है। चड्ढा ने नई &#039;Gen-Z पार्टी&#039; बनाने के सुझाव को &#039;दिलचस्प&#039; बताया है और एक किताब के जरिए AAP नेतृत्व पर तंज कसा है। जानिए क्या है चड्ढा का अगला कदम और AAP के साथ विवाद की असल वजह।, India News in Hindi - Hindustan ]]></description>
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<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 14:14:55 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राघव चड्ढा AAP विवाद, AAP political crisis, राघव चड्ढा next move, Gen-Z पार्टी idea, दिल्ली राजनीति news, new political party India, AAP leadership clash, youth politics India, raghav chadha latest update</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आम आदमी पार्टी के भीतर मचे तूफ़ान के बीच अब हर किसी की निगाहें सिर्फ एक नाम पर टिकी हैं—राघव चड्ढा। पार्टी के शीर्ष नेताओं संग टकराव के बाद चड्ढा का अगला कदम क्या होगा, इसे लेकर माहौल में जबरदस्त सस्पेंस है। इसी बीच उनकी एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिससे उनके भविष्य को लेकर नए कयासों की बाढ़ आ गई है।</p>
<p>राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक रील साझा की, जिसे उन्होंने “दिलचस्प आइडिया” बताया। यह वीडियो कंटेंट क्रिएटर ‘seedhathok’ के रिहान ने बनाया था, जिसमें सुझाव दिया गया था कि चड्ढा को अब अपनी खुद की पार्टी लॉन्च कर देनी चाहिए। वीडियो में क्रिएटर सीधे राघव को संबोधित करते हुए कहता है कि देश के युवा चाहते हैं कि वह ‘जेन-जी पार्टी’ जैसे किसी दमदार नाम के साथ अपनी नई राजनीतिक यात्रा शुरू करें। ऐसा करने पर उन्हें अभूतपूर्व जनसमर्थन मिलने का दावा भी किया गया।</p>
<p>क्रिएटर ने यह भी कहा कि यदि चड्ढा किसी दूसरी पार्टी का हिस्सा बनते हैं, तो शायद उन्हें वह प्यार और समर्थन न मिले, बल्कि आलोचना भी झेलनी पड़ सकती है। वहीं, अपनी पार्टी बनाने की सलाह को युवाओं के भारी समर्थन की गारंटी बताया गया। हालांकि चड्ढा ने यह रील शेयर कर हलचल जरूर मचाई, लेकिन अभी तक उन्होंने इस बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है।</p>
<p>करीब एक सप्ताह पहले, AAP ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाते हुए अशोक कुमार मित्तल को नया उपनेता नियुक्त कर दिया था। इतना ही नहीं, संसद में पार्टी के हिस्से का समय उपयोग करने पर भी चड्ढा को रोक लगा दी गई, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया।</p>
<p>पार्टी और राघव चड्ढा के बीच पनपा यह विवाद कई गंभीर मुद्दों से भरा है, जो अब सतह पर आ चुके हैं और चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।</p>
<p><strong>बीजेपी पर नरमी का आरोप:</strong> AAP ने आरोप लगाया कि चड्ढा संसद में बीजेपी के प्रति नरम रुख अपना रहे थे। पार्टी का कहना था कि उन्होंने गंभीर मुद्दों की जगह ‘हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत’ जैसे विषयों पर बहस की, जो सोशल मीडिया पर जमकर मीम्स का कारण बना।</p>
<p><strong>CEC के खिलाफ महाभियोग से इनकार:</strong> सबसे बड़ा विवाद तब बना जब विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाने का प्रस्ताव आया, लेकिन चड्ढा ने इस पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इस कदम ने पार्टी के भीतर नाराज़गी और बढ़ा दी।</p>
<p><strong>अतिशी के तीखे सवाल:</strong> AAP नेता अतिशी ने सार्वजनिक मंच पर चड्ढा से सवाल पूछते हुए कहा कि वह बीजेपी और पीएम मोदी से सवाल करने से क्यों कतराते हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या चड्ढा ने कभी लोकतंत्र पर होते हमलों या संशोधित वोटर लिस्ट पर सवाल उठाने की हिम्मत दिखाई है।</p>
<p><strong>केजरीवाल की गिरफ्तारी पर चुप्पी:</strong> इसी कड़ी में अतिशी और सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि जब अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया और पूरी पार्टी सड़कों पर थी, तब चड्ढा की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए।</p>
<p>इन तमाम आरोपों से घिरे राघव चड्ढा ने कहा कि पार्टी उन्हें “चुप” कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ कहा कि वह संसद में जनता की आवाज उठाते हैं और यदि यही गलती है तो वह इस गलती को बार-बार दोहराएंगे। विवाद के दौरान उन्होंने अपनी एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह रॉबर्ट ग्रीन की चर्चित किताब ‘The 48 Laws of Power’ पढ़ रहे थे। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “किसी ने यह किताब गिफ्ट की… पहला चैप्टर खोला—‘नेवर आउटशाइन द मास्टर’। कुछ किताबें बिल्कुल सही वक्त पर ही आती हैं।”</p>]]> </content:encoded>
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<title>पेट्रोल&amp;डीजल पर सरकार का ऐसा फैसला, कीमतें सुनकर रह जाएंगे हैरान!</title>
<link>https://pratinidhi.in/petrol-diesel-price-update-centre-cuts-petrol-tax-by-3-and-diesel-tax-to-zero</link>
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<description><![CDATA[ Petrol Diesel : ऊर्जा संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला; पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क घटाकर 3 किया, डीजल पर शून्य
government cut petrol diesel excise duty amid energy ]]></description>
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<pubDate>Fri, 27 Mar 2026 10:51:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पेट्रोल डीजल कीमत अपडेट, petrol excise duty cut, डीजल टैक्स शून्य, crude oil price hike, ऊर्जा संकट भारत, government fuel price decision, पेट्रोल डीजल टैक्स कटौती, HPCL BPCL IOC news, petrol diesel latest news, finance ministry announcement</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बेतहाशा बढ़ोतरी ने देश की तेल कंपनियों की कमर तोड़ दी थी, लेकिन अब सरकार ने ऐसा फैसला लिया है जिसने माहौल ही बदल दिया। केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती कर एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी जैसी कंपनियों को जबरदस्त राहत दे दी है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब कंपनियों का घाटा लगातार बढ़ रहा था और ईंधन की कीमतें स्थिर रखने का दबाव बढ़ता जा रहा था।</p>
<p>पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊर्जा संकट के बीच वित्त मंत्रालय ने 26 मार्च को चौंकाने वाला ऐलान करते हुए पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐतिहासिक फैसला किया। इसके बाद पेट्रोल पर टैक्स 13 रुपये से घटकर सिर्फ 3 रुपये रह गया, जबकि डीजल पर लगाया जाने वाला 10 रुपये प्रति लीटर का टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।</p>
<p>युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 50% तक उछल गई थीं, जिससे सरकारी तेल कंपनियों पर भारी दबाव था। बावजूद इसके, सरकार ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखीं, जिससे कंपनियों को भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा था। यह राहतकारी कदम उन्हें कुछ सांस लेने का मौका देगा और बाजार में स्थिरता लाने में भी मदद करेगा।</p>
<p>रेटिंग एजेंसी ICRA के ताजा आकलन ने स्थिति की गंभीरता को और साफ किया है। उनके अनुसार यदि कच्चे तेल के दाम 100-105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास टिके रहे, तो पेट्रोल पर प्रति लीटर 11 रुपये और डीजल पर 14 रुपये तक का नुकसान ईंधन कंपनियों को झेलना पड़ सकता है। हाल ही में वैश्विक भाव 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचे थे, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर पर आए। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।</p>
<p>भारत अपनी कच्चे तेल की लगभग 88% और प्राकृतिक गैस की लगभग आधी जरूरतें आयात पर निर्भर करता है, जिनमें से अधिकतर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आती हैं। लेकिन संघर्ष बढ़ने पर ईरान द्वारा इस मार्ग को अवरुद्ध कर देने से तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक गई, जिससे संकट और गहरा गया।</p>
<p>नायरा एनर्जी, जो देशभर में 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है, ने बढ़ती लागत का कुछ असर उपभोक्ताओं पर डाल दिया है। अब उसके पंपों पर पेट्रोल 100.71 रुपये और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं जियो-बीपी, जिसके 2,185 आउटलेट हैं, भारी नुकसान के बावजूद अभी तक कीमतें नहीं बढ़ा रहा। सरकारी तेल कंपनियां, जो बाजार का करीब 90% हिस्सा नियंत्रित करती हैं, भी कीमतों को स्थिर रखे हुए हैं।</p>
<p>दरअसल पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण टैक्स है, जिससे बड़ी मात्रा में राजस्व जुटता है। यही पैसा देश के बुनियादी ढांचे, रक्षा जरूरतों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाता है। सरकार के इस बड़े फैसले से न केवल कंपनियों को राहत मिलेगी, बल्कि देश की आर्थिक नाड़ी पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>फ्लाइट यात्रियों के लिए बड़ी राहत! अब 60% सीटों पर नहीं देना होगा चार्ज</title>
<link>https://pratinidhi.in/govt-directive-60-percent-seats-flights-no-extra-charge</link>
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<description><![CDATA[ नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस को नए निर्देश दिए हैं। इनमें कम से कम 60 सीटें मुफ्त देने, एक ही PNR पर यात्रियों को साथ बैठाने और पालतू जानवरों व खेल के सामान के लिए पारदर्शी नीतियां बनाने को कहा गया है। मंत्रालय ने यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने, उन्हें क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदर्शित करने पर जोर दिया। UDAN यात्री कैफे, Flybrary और मुफ्त Wi-Fi जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 10:46:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>उड़ान में 60 प्रतिशत free seats, aviation ministry new rules India, DGCA passenger rights India, free seating policy flights, PNR par saath baithna rule, airline pet policy India, sports equipment baggage rules, India domestic flights news, civil aviation guidelines India, flight travel नई नीतियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारत की उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ऐलान किया है कि अब हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि हर वर्ग के यात्रियों को बराबर मौका मिल सके। यह कदम हवाई यात्रा को पहले से कहीं ज्यादा निष्पक्ष और सभी के लिए आसान बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।</p>
<p>मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है कि एक ही पीएनआर पर टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को अब अलग-अलग जगह बैठने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। DGCA के नए नियमों के तहत ऐसे सभी यात्रियों को एक-दूसरे के पास बैठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ये दिशानिर्देश देशभर की एयरलाइनों में एक जैसी प्रक्रिया और यात्रियों के लिए बेहतर सुविधा लाने की कोशिशों का अहम हिस्सा हैं।</p>
<p>इसके अलावा, मंत्रालय ने एयरलाइंस को खेल का सामान और संगीत वाद्यों को ले जाने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाने का आदेश दिया है। साथ ही पालतू जानवरों को साथ ले जाने की नीतियों को भी साफ, यात्री-अनुकूल और सभी के लिए समझने योग्य बनाने पर जोर दिया गया है। इन नए कदमों से यात्रियों का यात्रा अनुभव और भी सहज होने की उम्मीद है।</p>
<p>आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है UDAN योजना, जिसने दूर-दराज के इलाकों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ कर यात्रा को सुलभ बनाया। लगातार बढ़ती मांग और विस्तार को देखते हुए सरकार यात्रियों को बेहतरीन अनुभव देने के लिए अब और भी सख्त और सुधारवादी कदम उठा रही है।</p>
<p>नए दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि उड़ान में देरी, कैंसिलेशन या बोर्डिंग से मना किए जाने जैसी स्थितियों में एयरलाइंस को यात्रियों के अधिकारों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एयरलाइन वेबसाइटों, ऐप्स, बुकिंग पोर्टल्स और एयरपोर्ट काउंटरों पर इन अधिकारों को साफ-साफ प्रदर्शित करना होगा। खास बात यह कि अब यह जानकारी क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध करानी होगी, ताकि देश के हर कोने का यात्री जागरूक हो सके।</p>
<p>आधिकारिक बयान में कहा गया कि यात्रियों की सुविधा मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के तहत सरकार ने कई यात्री-केंद्रित पहलें शुरू की हैं, जिनमें किफायती भोजन के लिए 'UDAN यात्री कैफे', किताबें पढ़ने के लिए मुफ्त 'Flybrary' और एयरपोर्ट पर उपलब्ध फ्री Wi-Fi जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन सबका मकसद हवाई सफर को न सिर्फ आरामदायक बल्कि यादगार बनाना है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, 13 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा को दी इच्छामृत्यु की इजाजत</title>
<link>https://pratinidhi.in/supreme-court-approves-passive-euthanasia-harish-rana-coma-13-years</link>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने भारत में पहली बार पैसिव यूथेनेशिया को मंजूरी दी है। यह फैसला 13 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा के लिए आया है, जिनकी जिंदगी मशीनों पर थी। कोर्ट ने उनके पिता की गुहार पर लाइफ सपोर्ट हटाने की इजाजत दी। यह निर्णय 2018 के कॉमन कॉज जजमेंट पर आधारित है, जो &#039;गरिमा के साथ मरने के मौलिक अधिकार&#039; को मान्यता देता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 11 Mar 2026 11:45:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुप्रीम कोर्ट passive euthanasia, पैसिव यूथेनेशिया इंडिया केस, कोमा पेशेंट rights India, हरिश राणा सुप्रीम कोर्ट केस, right to die with dignity भारत, Common Cause judgment India, लाइफ सपोर्ट removal case, ईच्छामृत्यु कानून India, Delhi Supreme Court news, वेजिटेटिव स्टेट मरीज अधिकार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>2013 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हरीश राणा अपनी जिंदगी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सपना देख रहे थे, लेकिन किस्मत ने अचानक ऐसा मोड़ लिया जिसने सब कुछ बदल दिया।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने 13 लंबे साल से कोमा में पड़े 32 वर्षीय हरीश राणा के लिए बड़ी संवेदनशील राहत देते हुए पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी है। मशीनों और ट्यूबों के सहारे चल रही हरीश की जिंदगी अब उनके पिता की फरियाद पर गरिमापूर्वक खत्म करने की इजाजत कोर्ट ने दे दी, जिसे देश में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।</p>
<p>यह ऐतिहासिक फैसला 2018 के कॉमन कॉज जजमेंट की नींव पर टिका है, जिसमें लोगों को ‘गरिमा के साथ मृत्यु का अधिकार’ प्रदान किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इस महत्वपूर्ण गाइडलाइन का यह पहला वास्तविक उपयोग है और इसने भारतीय न्याय व्यवस्था में एक नई मिसाल कायम की है।</p>
<p>कभी ऊर्जावान और होनहार छात्र रहे हरीश की दुनिया 2013 में तब उजड़ गई जब वह चंडीगढ़ में अपने पीजी हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। गंभीर ब्रेन इंजरी ने उन्हें वेजिटेटिव स्टेट में धकेल दिया, और उनका शरीर 100 प्रतिशत क्वाड्रिप्लेजिक हो गया, जिससे वे पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हो गए।</p>
<p>बीते 13 वर्षों में हरीश की हालत लगातार बिगड़ती रही। सांस लेने से लेकर पोषण तक हर जरूरत मशीनों पर टिकी रही। ट्रेकियोस्टॉमी और PEG ट्यूब के सहारे चल रही उनकी जिंदगी मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार अब किसी सुधार की ओर बढ़ ही नहीं सकती थी। डॉक्टरों ने साफ कहा कि रिकवरी की कोई संभावना शेष नहीं है।</p>
<p>अपने बेटे की यह दर्दनाक स्थिति वर्षों तक देखते रहने के बाद हरीश के पिता ने हिम्मत जुटाकर अदालत का दरवाजा खटखटाया। दिल्ली हाईकोर्ट से निराश लौटने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने AIIMS के विशेषज्ञों से युक्त प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड गठित किए, ताकि हरीश की स्थिति पर निष्पक्ष राय ली जा सके।</p>
<p>दोनों मेडिकल बोर्ड ने एकमत होकर कहा कि हरीश की हालत कभी बदलने वाली नहीं है और इलाज जारी रखना सिर्फ उसके शरीर को खींचता रहेगा, जिंदगी नहीं लौटाएगा। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने रिपोर्ट पढ़ते हुए यह स्वीकार किया कि किसी इंसान को ऐसी अवस्था में रखना बेहद पीड़ादायक है, और उसे इस तरह जीने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।</p>
<p>कोर्ट ने कहा कि जब दोनों बोर्ड सहमत हों तो कोर्ट की दखल जरूरी नहीं, लेकिन चूंकि यह मामला अभूतपूर्व था, इसलिए फैसला खुद सुनाया गया। कोर्ट ने विशेष तौर पर कहा कि पूरा प्रक्रिया गरिमा और संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाए।</p>
<h3>हरीश राणा की दर्द से भरी अनकही दास्तान</h3>
<h3>एक पिता की मजबूरी: बेटे के जीवन अंत की गुहार</h3>
<h3>सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या अहम आदेश दिए?</h3>
<ul>
<li>हरीश को मिल रहे सभी लाइफ-सपोर्ट इलाज, जिसमें CAN शामिल है, तुरंत बंद किए जाएं।</li>
<li>AIIMS अपने पेलिएटिव केयर सेंटर में हरीश को शिफ्ट कर उसकी हर जरूरत का ध्यान रखे।</li>
<li>इलाज हटाने की प्रक्रिया इस तरह हो कि मरीज की गरिमा पूरी तरह सुरक्षित रहे।</li>
<li>उच्च न्यायालयों को निर्देश दिया गया है कि वे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट्स को मेडिकल बोर्ड के निष्कर्षों से अवगत कराएं।</li>
<li>केंद्र सरकार प्रत्येक जिले के CMO को सेकंडरी मेडिकल बोर्ड हेतु रजिस्टर्ड डॉक्टर्स की सूची उपलब्ध कराए।</li>
<li>कोर्ट ने केंद्र से इस विषय पर एक विस्तृत और स्पष्ट कानून लाने की सिफारिश भी की है।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>2000 KM रेंज, ब्रह्मोस से तेज रफ्तार! दिल्ली से बटन दबते ही किराना हिल्स बनेगा मलबा, सामने आएगा तबाही का खौफनाक मंजर</title>
<link>https://pratinidhi.in/hypersonic-missile-6100-kmph-speed-2000-km-range-remote-attack-kirana-hills</link>
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<description><![CDATA[ Golden Horizon ALBM: भारत अपने मिसाइल सिस्टम को नई टेक्नोलॉजी से लगातार अपडेट कर रहा है. अग्नि सीरीज, ब्रह्मोस, अस्त्र जैसी कैटेगरी की मिसाइलें दुश्मनों की नींद उड़ाने के लिए काफी हैं. इस बीच, इज़रायल ने भारत को ऐसी मिसाइल का ऑफर दिया है, जो सात तहों में छुपे दुश्मन के सैन्य ठिकानों को पलक झपकते ही मलबा बना सकती है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 23 Feb 2026 10:55:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गोल्डन होराइजन ALBM, हाइपरसोनिक मिसाइल भारत, Israel India defence deal, डीप स्ट्राइक मिसाइल क्षमता, एयर लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल, ब्रह्मोस vs ALBM comparison, भारतीय सैन्य तकनीक अपडेट, अग्नि सीरीज missile power, bunker buster missile India, high speed missile 6100 kmph</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>आज की हाई-टेक जंग में मिसाइलें युद्ध की दिशा और नतीजे दोनों बदलने की ताकत रखती हैं. सिर्फ एक कमांड से हजारों किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन के सबसे सुरक्षित ठिकाने को कुछ ही मिनटों में ध्वस्त किया जा सकता है. दुनिया की कई ताकतें इंटर-कॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों पर निर्भर हैं, जिनकी मारक क्षमता और सटीकता दोनों हैरत में डाल देती हैं. भारत भी अग्नि सीरीज जैसी विध्वंसक मिसाइलों के जरिए इस क्लब का मजबूत हिस्सा बन चुका है. अब भारतीय वैज्ञानिक ऐसी नई तकनीक पर काम कर रहे हैं जो बंकर बस्टर हथियारों को नई परिभाषा दे सकती है.</p>
<p>इसी बीच इज़रायल ने भारत के सामने एक चौंका देने वाला प्रस्ताव रखा है—‘गोल्डन होराइजन’ एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल (ALBM), जिसे अब तक की सबसे खतरनाक और रणनीतिक मिसाइलों में गिना जा रहा है. बताया जा रहा है कि यह मिसाइल डीप स्ट्राइक क्षमता में ब्रह्मोस जैसे मशहूर हथियार को भी पीछे छोड़ सकती है. इसकी घातक क्षमता और स्पीड ने रक्षा विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है.</p>
<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक गोल्डन होराइजन को लड़ाकू विमानों से दागा जा सकता है, जिससे दूर बैठे दुश्मन के हाई-सिक्योरिटी टार्गेट भी आसानी से निशाने पर आ जाएंगे. इसकी मारक दूरी 1500 से 2000 किलोमीटर तक मानी जा रही है, जबकि न्यूनतम रेंज लगभग 1000 किलोमीटर बताई जाती है. यह क्षमता भारत को दुश्मन की धरती के भीतर गहराई तक वार करने की ताकत देने वाली है.</p>
<p>इस मिसाइल को भारतीय वायुसेना के Su-30MKI युद्धक विमानों में इंटीग्रेट करने की योजना सामने आई है. गोल्डन होराइजन खासतौर पर भूमिगत न्यूक्लियर फैसिलिटी, हैवी-प्रोटेक्टेड कमांड बंकर और कंक्रीट से घिरे दुश्मन के स्ट्रक्चर को चकनाचूर करने के लिए डिजाइन की गई है. यह एक ऐसी स्ट्राइक वेपन कैटेगरी होगी जिसे रोकना लगभग नामुमकिन माना जाएगा.</p>
<p>भारतीय वायुसेना पहले से इज़रायल की कई हाई-प्रिसिजन मिसाइलों का इस्तेमाल कर रही है, जैसे एयर लोरा (400 किमी) और रैम्पेज (250 किमी). लेकिन गोल्डन होराइजन इन सब से कई गुना ज्यादा घातक, एडवांस्ड और रणनीतिक रूप से निर्णायक हथियार माना जा रहा है. इसकी शक्ति इसे पूरी तरह अलग लीग में खड़ा करती है.</p>
<p>यह मिसाइल बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी में उड़ान भरती है और अंतिम फेज में 6100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हाइपरसोनिक स्पीड हासिल कर लेती है. इतनी जबरदस्त रफ्तार से टकराने पर जो ऊर्जा पैदा होती है, वह गहरे भूमिगत ठिकानों और बेहद मजबूत संरचनाओं को भी ध्वस्त कर सकती है. यही वजह है कि इसे इंटरसेप्ट करना लगभग असंभव बताया जाता है.</p>
<p>हालांकि भारत की ओर से इस मिसाइल की खरीद पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन शुरुआती स्तर की बातचीत जरूर जारी है. अगर यह हथियार भविष्य में भारतीय हथियारागार का हिस्सा बनता है, तो भारत की लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी और देश की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाई मिलेगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>AI Impact Summit में 5 मेगा डील्स का धमाका! डेटा सेंटर से AI चिप फैक्ट्री तक, भारत बनने जा रहा टेक सुपरपावर</title>
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<description><![CDATA[ भारत में AI Impact Summit का आज चौथा दिन है और अब तक कई बड़े-बड़े इनवेस्मेंट का ऐलान हो चुका है. ये इनवेस्टमेंट भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर आदि बनाने में मदद करेगा. इसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एनवीडिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं. आइए इनके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:22:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>AI Impact Summit India, भारत में AI investment, Google mega AI hub Vizag, Microsoft AI infrastructure इंडिया, Nvidia tech investment India, Qualcomm AI data center भारत, AI मॉडल development India, भारत ग्लोबल AI power, Indian AI tech growth, Vishakhapatnam AI data center</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>AI Impact Summit के चौथे दिन भारत के लिए खुशखबरी पर खुशखबरी आती रही। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों ने ऐसा इनवेस्टमेंट बरसाया है, जिसने आने वाले वर्षों में भारत को ग्लोबल AI पावर बनाने की नींव रख दी है। Google, Microsoft, Nvidia और Qualcomm जैसी कंपनियों ने साफ कर दिया है कि अब भारत ही वह जगह है जहां अगली टेक क्रांति जन्म लेगी। समिट में इन कंपनियों ने बताया कि वे देश में अत्याधुनिक डेटा सेंटर, हाई-एंड AI मॉडल और नई पीढ़ी की टेक्नोलॉजी तैयार करेंगी।</p>
<p>बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा जब Google के CEO सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि गूगल अगले 5 सालों में भारत में 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर डालने वाला है। इस दौरान गूगल के CEO के साथ गूगल डीपमाइंड के प्रमुख जीफ डेमिस हासाबिस भी भारत में मौजूद रहे, जिससे इस इनवेस्टमेंट की अहमियत और भी बढ़ गई।</p>
<p><strong>भारत में बनेगा Google का विशाल AI हब</strong></p>
<p>गूगल की यह इनवेस्टमेंट भारत के पहले मेगा AI हब की नींव रखेगी। इसका सबसे बड़ा केंद्र विशाखापत्तनम में बनने वाला विशाल AI डेटा सेंटर होगा, जहां दुनिया के सबसे शक्तिशाली AI मॉडल ट्रेन किए जाएंगे। यही हब क्लाउड सर्विस, AI कंप्यूटिंग और हाई-एंड डेटा प्रोसेसिंग का नया कमांड सेंटर बनने वाला है।</p>
<p><strong>Microsoft का शॉकिंग ऐलान – 50 बिलियन डॉलर का प्लान</strong></p>
<p>AI Impact Summit में Microsoft ने एक ऐसा ऐलान किया जिसने सबको हैरान कर दिया। कंपनी ने कहा कि वह अगले चार सालों में ग्लोबल साउथ में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। यह राशि माइक्रोसॉफ्ट के अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक होगी। पिछले साल कंपनी ने भारत में 17.5 बिलियन डॉलर लगाने का प्लान साझा किया था, जिसे अब और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।</p>
<p><strong>Nvidia की धांसू पार्टनरशिप – Yotta और L&amp;T के साथ बिग प्लान</strong></p>
<p>Yotta Data Services ने घोषणा की है कि वह Nvidia के नए-नए सुपर-चिप्स के डेवलपमेंट पर 2 अरब डॉलर से ज्यादा की भारी-भरकम इनवेस्टमेंट करेगा। इसके लिए एक विशाल AI कंप्यूटिंग हब खड़ा किया जाएगा, जो शुरुआती AI स्टार्टअप्स और बड़े प्रोजेक्ट्स को जबरदस्त ताकत देगा। इसके साथ ही Yotta लगभग 1.2 अरब डॉलर अपने विस्तार के लिए जुटाने की तैयारी कर रहा है।</p>
<p><strong>L&amp;T के साथ मिलकर बनेगी भारत की मेगा AI फैक्ट्री</strong></p>
<p>समिट के दौरान दुनिया भर की टेक कंपनियों की मौजूदगी के बीच Nvidia ने संकेत दिया कि वह भारत में एक विशाल AI फैक्ट्री बनाने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट के लिए वह भारत की दिग्गज कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&amp;T) के साथ हाथ मिलाएगी। यह फैक्ट्री भारत को AI उत्पादन के वैश्विक नक्शे पर सबसे आगे लाने में बड़ी भूमिका निभाएगी।</p>
<p><strong>भारतीय स्टार्टअप Neysa AI ने किया बड़ा धमाका</strong></p>
<p>देशी स्टार्टअप Neysa AI ने फंडिंग की दुनिया में बड़ा कमाल कर दिखाया है। कंपनी ने 1.2 बिलियन डॉलर यानी करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाकर सभी को चौंका दिया। इस निवेश में दुनिया की दिग्गज इनवेस्टमेंट फर्म Blackstone भी शामिल है। Neysa AI एक हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, जो उन्नत तकनीकी ढांचा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>AI Impact Summit 2026: भारत ने रचा इतिहास! पहली बार हुआ ऐसा कि दुनिया रह गई दंग</title>
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<description><![CDATA[ India AI Impact Summit 2026 के दौरान भारत ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है.  समिट के दौरान 24 घंटे के भीतर बड़ी संख्या में लोगों ने AI प्लेज लिया और Guinness World Records बनाया. इसमें  2,50,946 लोगों ने AI प्लेज लिया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल का पूरा क्रेडिट प्रधानमंत्री को दिया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:21:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>AI Impact Summit 2026, AI pledge India record, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जागरूकता, Guinness World Record India, अश्विनी वैष्णव AI initiative, AI microsite portal, भारत AI tech future, digital badge AI campaign, youth AI learning India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>AI इम्पैक्ट समिट ने इस बार इतिहास रच दिया, क्योंकि सिर्फ 24 घंटे में चौंकाने वाले 2,50,946 लोगों ने AI प्लेज लेकर नई रिकॉर्ड बुक लिख डाली. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस अद्भुत उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री को देते हुए कहा कि यह पहल देश को भविष्य की टेक्नोलॉजी की ओर तेजी से आगे बढ़ा रही है. इस प्लेज का उद्देश्य था—लाखों लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शक्ति और इसके सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरुक करना. प्लेज लेने वालों को खास ऑनलाइन बैज देने का भी वादा किया गया था, जिसे लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.</p>
<p><strong>AI प्लेज के लिए बनाया गया स्पेशल पोर्टल</strong></p>
<p>सरकार ने AI प्लेज को आसान और सभी तक पहुंचाने के लिए AI इम्पैक्ट पोर्टल पर एक अलग माइक्रोसाइट तैयार की थी. सोमवार सुबह से लेकर मंगलवार सुबह तक लोग अपने मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप से कुछ ही क्लिक में इस कैंपेन का हिस्सा बन सकते थे. प्लेज के बाद एक छोटा सा क्विज भी आयोजित किया गया, जिसमें भाग लेने वालों को डिजिटल बैज देकर सम्मानित किया गया. इस पहल ने युवाओं से लेकर प्रोफेशनल तक सभी में AI सीखने की लहर पैदा कर दी.</p>
<p><strong>AI Impact Summit को मिला एक दिन का एक्सटेंशन</strong></p>
<p>भारत में चल रहा AI Impact Summit इतना लोकप्रिय साबित हुआ कि सरकार ने इसकी अवधि 20 फरवरी से बढ़ाकर 21 फरवरी कर दी. इस समिट में दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनियों के सीईओ शामिल हुए और भारत में AI, क्लाउड और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बड़े इनवेस्टमेंट का ऐलान किया. गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे दिग्गजों ने भी भारत की टेक जर्नी में नई ऊर्जा भरने का वादा किया. ये आयोजन भारत के AI सेक्टर को ग्लोबल लेवल पर नई पहचान दे रहा है.</p>
<p><strong>चीनी रोबोट को लेकर समिट में मचा बवाल</strong></p>
<p>समिट के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रहा एक चीनी रोबोट, जिसे ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी लेकर आई थी. सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी ने इस रोबोट को खुद बनाने की फर्जी घोषणा की है, जिसके बाद विवाद अचानक भड़क गया. हालांकि गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई दावा नहीं किया, लेकिन तब तक मामला गर्म हो चुका था. अंततः आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को भारत मंडपम में दी गई जगह खाली करने के निर्देश जारी कर दिए.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>125 साल की ब्रिटिश छाया का अंत! पीएम मोदी आज ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का करेंगे ऐतिहासिक उद्घाटन!</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-administrative-changes-seva-tirth-kartavya-bhavan-inauguration</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए पीएमओ भवन &#039;सेवा तीर्थ&#039; और &#039;कर्तव्य भवन&#039; एक व दो का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले, वे दक्षिण ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो 125 साल बाद ब्रिटिश काल की छाप का अंत होगा। पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को &#039;युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय&#039; में बदला जाएगा। यह कदम प्रशासनिक वास्तुकला को उपनिवेशीकरण से मुक्त करने की सरकार की पहल का हिस्सा है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:21:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सेवा तीर्थ उद्घाटन, कर्तव्य भवन Delhi, PM Modi new PMO, प्रशासनिक बदलाव भारत, South Block last meeting, औपनिवेशिक वास्तुकला परिवर्तन, New PMO complex inauguration, भारतीय शासन सुधार, युगे युगेन भारत संग्रहालय, Modi government reforms</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत के प्रशासनिक इतिहास का नया अध्याय खोलने जा रहे हैं। वह भव्य ‘सेवा तीर्थ’ परिसर और कर्तव्य भवन–1 व 2 का उद्घाटन करेंगे, जो देश की शासन व्यवस्था को एक बिल्कुल नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।</p>
<p>13 फरवरी की शाम को होने वाला यह आयोजन सिर्फ एक उद्घाटन नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासन के भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला क्षण होगा। लंबे समय से प्रतीक्षित इस अत्याधुनिक पीएमओ परिसर को लेकर देशभर में उत्सुकता चरम पर है।</p>
<p>उद्घाटन से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण ब्लॉक में एक विशेष कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसे ब्रिटिश शासनकाल में बने इस भवन में आयोजित आखिरी बैठक माना जा रहा है। करीब 125 साल से चली आ रही औपनिवेशिक पहचान से मुक्त होकर भारत के शासन तंत्र में नए दौर की शुरुआत यहीं से होगी।</p>
<p>आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह वही ऐतिहासिक पीएमओ है, जिसे 1900 के शुरुआती दशक में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था। शुक्रवार शाम 4 बजे बैठक खत्म होते ही इसका उपयोग औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।</p>
<p>बैठक के तुरंत बाद पीएमओ का पूरा स्टाफ नए ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में शिफ्ट हो जाएगा। 1921 से सत्ता का केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली करने के साथ ही भारत एक युग का अंत और नए प्रशासनिक युग की शुरुआत दर्ज करेगा।</p>
<p>सरकार इन प्रतिष्ठित भवनों को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित करने जा रही है, जहां भारत की सभ्यता, संस्कृति और इतिहास को विश्वस्तरीय अंदाज में प्रदर्शित किया जाएगा। यह कदम उपनिवेशीकरण की छाप मिटाकर शासन तंत्र में भारतीय आत्मा का संचार करने की एक बड़ी पहल है।</p>
<p>नॉर्थ और साउथ ब्लॉक लगभग सवा सौ वर्षों से सत्ता का धड़कता केंद्र रहे हैं। गौरतलब है कि गृह मंत्रालय पहले ही रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक से हटकर नई जगह स्थानांतरित हो चुका है।</p>
<p>पीएमओ के अनुसार ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवनों का उद्घाटन देश के प्रशासनिक ढांचे में एक क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक है। लंबे समय से कई मंत्रालय केंद्रीय विस्टा क्षेत्र में बिखरे, पुराने व अप्रभावी भवनों से काम कर रहे थे—लेकिन अब सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक ही क्षेत्र में एकत्र होंगे।</p>
<p>सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एक ही कैंपस में होंगे। वहीं कर्तव्य भवन–1 और 2 में रक्षा, वित्त, कानून, स्वास्थ्य, कृषि सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं।</p>
<p>डिजिटल रूप से एकीकृत ये भवन आधुनिक रिसेप्शन, स्मार्ट पब्लिक इंटरफेस ज़ोन और उन्नत वर्कस्पेस के साथ भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में बड़ा ट्विस्ट! राहुल गांधी ने क्यों नहीं किए साइन, कांग्रेस ने बताई अंदरूनी वजह</title>
<link>https://pratinidhi.in/om-birla-no-confidence-issue-rahul-gandhi-absence-congress-clarification</link>
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<description><![CDATA[ राहुल गांधी ने संसदीय परंपराओं के कारण स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। कांग्रेस ने 118 सांसदों के साथ नोटिस देकर स्पीकर पर पक्षपात के आरोप लगाए। टीएमसी ने इससे पहले स्पीकर से बातचीत की अपील की थी। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:28:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राहुल गांधी no confidence motion, ओम बिरला अविश्वास विवाद, लोकसभा speaker controversy, संसद की राजनीति Delhi, Congress no confidence notice, विपक्ष बनाम स्पीकर मामला, parliamentary traditions India, TMC appeal to speaker, Rahul Gandhi non‑signing issue, Lok Sabha political news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>संसद की गरम होती सियासत के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव वाले नोटिस पर हस्ताक्षर करने से खुद को अलग रखा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में नई हलचल मच गई है।</p>
<p>सूत्र बताते हैं कि संसदीय मर्यादाओं और लंबे समय से चली आ रही परंपराओं को ध्यान में रखते हुए कोई भी विपक्षी नेता आमतौर पर स्पीकर को हटाने की मांग पर अपनी सहमति नहीं देता—और राहुल गांधी का कदम भी इसी सोच का हिस्सा माना जा रहा है।</p>
<p>इसी बीच खबर है कि स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा सचिवालय को नोटिस की विस्तृत जांच करने और स्थिति के मुताबिक आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है। इससे आगामी सत्र और भी राजनीतिक रूप से तपा हुआ नजर आ रहा है।</p>
<p>उधर, कांग्रेस ने स्पीकर के खिलाफ आधिकारिक तौर पर अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस थमा दिया है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने दावा किया कि “आज दोपहर 1:14 बजे हमने रूल 94C के तहत स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस जमा किया।”</p>
<p>पार्टी से मिली जानकारी के अनुसार, इस नोटिस पर अब तक 118 सांसदों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया है। वहीं शशि थरूर ने भी पार्टी की रणनीति का समर्थन किया और कहा कि वे पूरी तरह तैयार हैं और जो भी निर्णय पार्टी ले रही है, वे उसके साथ मजबूती से खड़े हैं।</p>
<p>कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जो नोटिस साझा किया, उसमें स्पीकर पर ‘पक्षपात’ करने और विपक्षी नेताओं को बोलने का मौका न देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिससे विवाद और बढ़ गया है।</p>
<p>नोटिस में चार बड़ी घटनाओं का उल्लेख है—सबसे प्रमुख वह पल जब राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस दौरान राहुल ने 2020 के चीन स्टैंडऑफ का जिक्र करते हुए जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित यादों का हवाला दिया था।</p>
<p>नोटिस में आठ सांसदों के निलंबन, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के पूर्व प्रधानमंत्रियों पर की गई टिप्पणी और स्पीकर के उस बयान का भी जिक्र है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का आग्रह किया था—ये सभी मुद्दे अब राजनीतिक तूफान को और तेज कर रहे हैं।</p>
<p>इस पूरे घटनाक्रम पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने खुलासा किया कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से अनुरोध किया था कि अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले स्पीकर से वार्ता की जाए, ताकि समाधान की कोई गुंजाइश निकले।</p>
<p>टीएमसी ने साफ कहा है कि अगर दो से तीन दिनों के भीतर स्पीकर विपक्ष की मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते, तो पार्टी बिना हिचकिचाहट इस नोटिस पर हस्ताक्षर कर देगी, जिससे सियासी हलचल और तेज होना तय है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>‘ब्राह्मण होना योग्यता नहीं!’ संघ प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, किसी भी जाति का व्यक्ति बन सकता है प्रमुख</title>
<link>https://pratinidhi.in/mohan-bhagwat-merit-not-caste-important-in-sangh-leadership-selection</link>
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<description><![CDATA[ मुंबई में आयोजित RSS की व्याख्यानमाला में सरसंघचालक मोहन भागवत ने संगठन की फंडिंग, जाति व्यवस्था, भाषा विवाद, घर वापसी और अवैध प्रवासियों जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि संघ स्वयंसेवकों के सहयोग से चलता है और सभी जातियों के लिए काम करता है. कार्यक्रम में कई चर्चित हस्तियां भी मौजूद रहीं. ]]></description>
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<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 12:30:41 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मोहन भागवत बयान, RSS caste system debate, संघ नेतृत्व चयन प्रक्रिया, Mumbai Vyakhyanmala event, RSS funding controversy, जाति व्यवस्था चर्चा, Mohan Bhagwat speech Mumbai, RSS ideology explained, Sangh volunteers support, social issues India debate</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई में चल रही ‘मुंबई व्याख्यानमाला’ के दूसरे दिन माहौल तब और गर्मा गया, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंच से कई बड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ में किसी भी जाति का व्यक्ति शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकता है। न तो अनुसूचित जाति या जनजाति होना रुकावट है, और न ही ब्राह्मण होना कोई विशेष योग्यता। भागवत ने बताया कि शुरुआती दौर में ब्राह्मणों की संख्या अधिक थी, लेकिन आज संघ हर वर्ग और हर समुदाय के लिए काम कर रहा है।</p>
<p>कार्यक्रम में भागवत ने आरएसएस की फंडिंग को लेकर वर्षों से उठते सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लोगों में जिज्ञासा रहती है कि संघ को पैसा कहां से मिलता है, जबकि सच यह है कि संगठन अपने स्वयंसेवकों के सहयोग और सादगीपूर्ण परंपराओं से चलता है। यात्रा के दौरान कार्यकर्ता बाहर खर्च करने के बजाय स्वयंसेवकों के घर रुकते हैं और वही भोजन करते हैं, जिससे संगठन का ढांचा मजबूत और आत्मनिर्भर बना रहता है।</p>
<p>‘100 Years of Sangh Journey – New Horizons’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में संघ की कार्यशैली से लेकर जाति व्यवस्था, भाषा विवाद, धर्मांतरण और अवैध प्रवासियों जैसे संवेदनशील विषयों पर गहन चर्चा हुई। भागवत ने कहा कि अंग्रेजी भाषा से किसी तरह की दुश्मनी नहीं है, लेकिन जहां संभव हो, मातृभाषा या हिंदी का उपयोग करना ही भारतीय आत्मा के करीब ले जाता है।</p>
<p>मुस्लिम बहुल इलाकों में काम करने की चुनौतियों पर बोलते हुए आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अपशब्दों या उकसावे पर प्रतिक्रिया देने से टकराव बढ़ता है, इसलिए संयम ही बेहतर रास्ता है। भाषा विवाद पर उन्होंने साफ कहा कि यह “स्थानीय बीमारी” है, जिसे फैलने से रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है।</p>
<p>घर वापसी पर भागवत ने दोटूक कहा कि अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं का सम्मान होना चाहिए, लेकिन जहां जबरन धर्मांतरण हुआ है, वहां लोगों को उनकी इच्छा के अनुसार वापस लाना जरूरी है। उन्होंने नारायण वामनराव का उदाहरण देते हुए बताया कि वे ईसाई बने और उनकी पसंद का सम्मान किया गया, लेकिन जिनकी मर्जी के खिलाफ धर्म बदला गया, उन्हें पूरी गरिमा के साथ वापस लाया जाना चाहिए।</p>
<p>अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर उन्होंने सरकार से अपील की कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाए, ताकि देश की जनसंख्या और संसाधनों पर अनावश्यक दबाव न पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवसाय का अवसर हमेशा भारतीयों को मिलना चाहिए, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो।</p>
<p>कार्यक्रम में फिल्मी दुनिया और प्रशासनिक सेवा की कई जानी-मानी हस्तियां भी उपस्थित रहीं, जिनमें अनन्या पांडे, करण जौहर, जैकी श्रॉफ, वरिष्ठ IAS अधिकारी मिलिंद म्हैस्कर और मनीषा म्हैस्कर शामिल थे। संघ के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह आयोजन बेहद खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>India–US ट्रेड डील का बड़ा खुलासा! क्या आएगा, क्या जाएगा, शिवराज ने गिनाए किसानों को मिलने वाले ज़बरदस्त फायदे</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-us-trade-deal-shivraj-statement-benefits-for-farmers</link>
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<description><![CDATA[ भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ किया है कि इस समझौते में किसानों, कृषि और डेयरी हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है. GM उत्पादों से लेकर अनाज, डेयरी और डिब्बाबंद सब्जियों तक, भारत ने अपनी रेड लाइन साफ खींच दी है. ]]></description>
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<pubDate>Sun, 08 Feb 2026 12:28:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>India-US trade deal India, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, किसान हित agriculture, Shivraj Singh Chouhan बयान, GM products ban India, कृषि और डेयरी सेक्टर इंडिया, sensitive agri products India, भोपाल प्रेस कॉन्फ्रेंस, भारतीय खेती संरक्षण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भोपाल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील को लेकर ऐसा भरोसा दिया, जिसने किसानों के दिलों में नई उम्मीद जगा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता न सिर्फ ऐतिहासिक है, बल्कि पूरी दुनिया को यह साफ संदेश देता है कि भारत बातचीत करता है, लेकिन अपने हितों की कीमत पर कभी नहीं झुकता। चौहान ने दोहराया कि किसानों के फायदे पर एक खरोंच तक नहीं आने दी जाएगी और यह डील उसी सोच को मजबूत करती है।</p>
<p>मंत्री चौहान ने स्पष्ट ऐलान किया कि भारत किसी भी कीमत पर देश में आनुवंशिक रूप से संशोधित यानी GM कृषि उत्पादों को प्रवेश नहीं देगा। उन्होंने बताया कि यह फैसला भारतीय खेती, मिट्टी, बीज और कृषि परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखने के लिए बेहद अहम है। उनके अनुसार यह कदम भारत की दीर्घकालिक कृषि सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।</p>
<p><strong>'किसानों के हित सर्वोपरि'</strong></p>
<p>शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ट्रेड डील में भारत ने अपने सभी संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा है। सोयाबीन, मक्का, गेहूं, चावल, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, साइट्रस फल, हरी मटर, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू सहित कई उत्पादों पर किसी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि जिन उत्पादों को लेकर सबसे ज्यादा चिंता थी, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।</p>
<p>उन्होंने दोहराया कि भारत ने अमेरिका के लिए अपने प्रमुख अनाज, फल और डेयरी उत्पादों का दरवाजा बिल्कुल भी नहीं खोला है। मंत्री ने बताया कि अमेरिकी गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, बीन्स, खीरा, मशरूम, दालें, फ्रोजन सब्जियां, संतरा, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी जैसे कृषि उत्पाद भारत में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इतना ही नहीं, मिक्स डिब्बाबंद सब्जियों पर भी पूरी तरह रोक रहेगी।</p>
<p><strong>डेयरी उत्पादों को भी ‘नो एंट्री’</strong></p>
<p>कृषि मंत्री ने साफ कहा कि भारत अपने डेयरी सेक्टर को लेकर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेगा। अमेरिका से आने वाले लिक्विड मिल्क, मिल्क पाउडर, क्रीम, योगर्ट, मक्खन, घी, पनीर और चीज जैसे किसी भी उत्पाद को भारत में अनुमति नहीं दी जाएगी। उनका कहना था कि यह प्रतिबंध देश के करोड़ों किसान परिवारों की आय और रोज़गार को सुरक्षित रखेगा।</p>
<p><strong>भारतीय उत्पादों को अमेरिका में शून्य शुल्क</strong></p>
<p>शिवराज ने बताया कि इस ऐतिहासिक डील के बाद भारतीय किसानों के कई कृषि उत्पादों पर अमेरिका ने अपना टैरिफ 50% से घटाकर सीधा शून्य कर दिया है। इसका अर्थ है कि भारतीय किसानों के सामान अब बिना किसी शुल्क के अमेरिकी बाजार में भेजे जा सकेंगे, जबकि अमेरिकी उत्पादों को भारत में ऐसी कोई छूट नहीं दी गई है।</p>
<p>उन्होंने गर्व से कहा कि मसालों के निर्यात में भारत ने रिकॉर्डतोड़ 88% की वृद्धि दर्ज की है। आज भारतीय मसाले 200 देशों तक पहुंच रहे हैं और 2024-25 में मसाला निर्यात 4.45 बिलियन डॉलर के आंकड़े को छू चुका है, जो भारतीय कृषि ताकत की बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p><strong>पीएम मोदी के नेतृत्व में 9 FTA</strong></p>
<p>चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा दो बातों पर ज़ोर दिया—भारत किसी के सामने झुकेगा नहीं और किसानों के हितों पर कोई समझौता नहीं होगा। वर्तमान ट्रेड डील में इन दोनों बातों का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार अब तक अमेरिका, UAE के 27 देश, ओमान, न्यूजीलैंड और UK सहित 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुकी है, जबकि कई अन्य देशों से बातचीत जारी है।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि ये समझौते अगले दो दशकों में भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे किसानों, मजदूरों, गरीबों, उद्योगों, निर्यातकों और देश के उत्पादन क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।</p>
<p><strong>टेक्सटाइल और MSME को बड़ी राहत</strong></p>
<p>कृषि मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में भारत का टैरिफ अब प्रतिस्पर्धी देशों से काफी कम होकर केवल 18% रह गया है। इससे कपास किसानों, टेक्सटाइल उद्योग, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग वस्तुओं और MSME सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके अलावा महिला स्वयं सहायता समूहों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।</p>
<p><strong>'किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित'</strong></p>
<p>बीजेपी नेता अमित मालवीय ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक भारत ने अमेरिका को मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, साइट्रस फल और हरी मटर जैसे उत्पादों पर किसी तरह की छूट नहीं दी है। यह किसानों के भविष्य की सुरक्षा का बड़ा कदम है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लोकसभा बना रणक्षेत्र, चेयर पर पेपर उछालने पर 8 सांसदों पर बड़ी कार्रवाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/loksabha-row-eight-opposition-mps-suspended-for-paper-throwing</link>
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<description><![CDATA[ संसद के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में उस वक्त भारी हंगामा हो गया जब विपक्षी सांसदों ने चेयर की ओर कागज उछाले. इस अमर्यादित आचरण के बाद स्पीकर ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मणिकम टैगौर और गुरजीत औजला समेत 8 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:45:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लोकसभा सांसद निलंबन, parliament chaos news, विपक्षी सांसद हंगामा, budget session loksabha, स्पीकर की कार्रवाई, parliament paper throwing incident, दिल्ली संसद विवाद, congress mps suspension, लोकसभा आज की खबर, opposition protest news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>लोकसभा में मंगलवार का दिन तब अचानक तनाव से भर गया जब विपक्ष के आठ सांसदों ने पीठासीन अधिकारी की ओर कागज फेंक दिए। इस अभूतपूर्व कदम के बाद सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया और हालात बिगड़ते देख स्पीकर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी आठों सांसदों को पूरे बजट सत्र से निलंबित कर दिया। इनमें सात कांग्रेस सांसद और CPI(M) के एक सांसद शामिल हैं, जिससे विपक्ष और भी भड़क उठा।</p>
<p>घटना के बाद सदन का माहौल इतना गर्म हो गया कि कार्यवाही को बार-बार रोकना पड़ा। दोपहर बाद जब चर्चा चल रही थी, तभी विपक्षी सदस्य अचानक वेल की ओर बढ़े और जोरदार नारेबाजी के बीच पेपर फेंकने लगे। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख कार्यवाही पहले तीन बजे तक स्थगित की गई, लेकिन हंगामा शांत होने का नाम ही नहीं ले रहा था।</p>
<p><strong>स्पीकर ने दिखाई सख्ती, ध्वनिमत से पारित हुआ प्रस्ताव</strong></p>
<p>तीन बजे जब चौथी बार सदन की कार्यवाही शुरू की गई, तो पीठासीन अधिकारी ने अनुशासनहीनता पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि ऐसे व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पेपर उछालने वाले सभी सांसदों को बाकी सत्र से निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। आश्चर्य की बात यह रही कि सदन ने इसे ध्वनिमत से तुरंत मंजूरी दे दी और फैसला लागू कर दिया गया।</p>
<p><strong>इन आठ सांसदों पर गिरी गाज</strong></p>
<p>संसदीय नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मणिकम टैगोर, गुरजीत औजला, राजा वडिंग, हिबी ईडन, किरण रेड्डी, प्रशांत पोडोले, वेंकट रमन और डीन कुरियोकोज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। प्रस्ताव पारित होने के बाद भी विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए और चेयर की ओर फिर से कागज फेंककर विरोध जताया, जिससे माहौल और बिगड़ गया।</p>
<p>विपक्ष का आरोप है कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान कर रहा है। निलंबित सांसदों ने सदन से बाहर निकलते ही संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।</p>
<p>इसी बीच राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी विरोध में शामिल हो गए, जिसके बाद संसद परिसर में माहौल और उग्र हो गया। विपक्ष का साफ कहना है कि सरकार असहमति की आवाज को कुचलना चाहती है और निलंबन इसी रणनीति का हिस्सा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चीन के सामने क्यों चुप रही 56 इंच की छाती? संसद के बाहर राहुल का PM Modi पर तीखा हमला</title>
<link>https://pratinidhi.in/rahul-gandhi-border-tension-why-govt-56-inch-policy-silent-against-china</link>
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<description><![CDATA[ डोकलाम मुद्दा उठने के बाद लोकसभा में भारी हंगामा हुआ. सदन को मंगलवार 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है. सदन के बाहर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 16:54:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राहुल गांधी Doklam issue, India-China सीमा तनाव, राष्ट्रीय सुरक्षा debate, Parliament हंगामा news, 56 inch policy सवाल, Manoj Naravane book controversy, Lok Sabha uproar Delhi, China policy criticism, Congress vs सरकार बयान, defence leadership मुद्दा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चल रही चर्चा अचानक उग्र हो गई जब राहुल गांधी ने डोकलाम का ज्वलंत मुद्दा उठा दिया। देखते ही देखते सदन में जबरदस्त शोर-शराबा मच गया और कार्यवाही पहले शाम 4 बजे तक, फिर सीधे मंगलवार दोपहर 12 बजे तक के लिए रोक दी गई। कांग्रेस का कहना है कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर विषय पर अपनी बात रखने से रोका जा रहा है, जबकि पार्टी लगातार इस मुद्दे पर विस्तृत बहस की मांग कर रही है।</p>
<p>सदन से बाहर निकलकर राहुल गांधी ने मीडिया से खुलकर बात की और हैरान करने वाले दावे किए। राहुल ने कहा कि वे उसी बात को दोहरा रहे हैं जो पूर्व आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी किताब में लिखी है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उस किताब को अभी तक प्रकाशित होने की अनुमति ही नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह पूरा मामला लंबे समय से अटका पड़ा है।</p>
<p>राहुल यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक किताब का नहीं बल्कि देश के सैन्य नेतृत्व की सोच का है। उनके अनुसार, सत्ता पक्ष डर रहा है कि अगर नरवणे की लिखी बातें सामने आ गईं, तो प्रधानमंत्री से लेकर रक्षा मंत्री तक कई बड़े चेहरों की वास्तविक तस्वीर जनता के सामने आ जाएगी। राहुल ने आरोप लगाया कि इससे देश यह भी समझ पाएगा कि चीन के साथ तनाव बढ़ने के दौरान सेना को कैसे निराश किया गया।</p>
<p>उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी आरोप वह लगा रहे हैं वह उनके अपने नहीं, बल्कि पूर्व आर्मी चीफ द्वारा लिखित पुस्तक पर आधारित हैं, जिनका हवाला एक प्रकाशित आर्टिकल में दिया गया है। राहुल का कहना है कि वह केवल वही बातें दोहरा रहे हैं जो पहले से सार्वजनिक हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें सदन में बोलने ही नहीं दिया जा रहा।</p>
<p>राहुल ने यहां तक कहा कि अगर वह किताब सामने आती है, तो मोदी और राजनाथ सिंह से जुड़ी कई ‘छिपी सच्चाइयां’ लोगों के सामने उजागर हो जाएंगी। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि जब चीन सीमा पर तेजी से आगे बढ़ रहा था, तब 56 इंच की छाती आखिर गई कहां?</p>
<p><strong>बीजेपी ने जारी किया नरवणे का पुराना वीडियो</strong></p>
<p>राहुल के आरोपों के बीच बीजेपी ने तुरंत पलटवार करते हुए एक्स पर पूर्व आर्मी चीफ नरवणे का एक पुराना वीडियो साझा किया। इस क्लिप में नरवणे स्पष्ट रूप से कहते नजर आते हैं कि डोकलाम विवाद के दौरान भारत ने अपनी एक इंच भी जमीन नहीं खोई और हालात बिल्कुल उसी स्थिति में हैं जैसे टकराव से पहले थे।</p>
<p><strong>अमित शाह का पलटवार</strong></p>
<p>सदन में राहुल के बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस ने जो भी बातें कहीं, उनमें सत्यता नहीं है। शाह ने राजनाथ सिंह के हवाले से यह भी प्रश्न उठाया कि जब किताब अभी प्रकाशित ही नहीं हुई, तो राहुल उसे सदन में कैसे कोट कर सकते हैं।</p>
<p><strong>किरेन रिजिजू का सख्त बयान</strong></p>
<p>केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी लोकसभा में तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई सदस्य लगातार स्पीकर के निर्देशों का उल्लंघन करे, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। रिजिजू ने राहुल पर आरोप लगाया कि उन्होंने चीन से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे को बिना सूची में शामिल कराए उठाया और एक मैगजीन लेख से उद्धरण देने की कोशिश की, जो नियमों के सीधा उल्लंघन के बराबर है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Budget 2026 का मास्टरस्ट्रोक! न चीन की चाल चलेगी, न ट्रंप की धमकी, ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ से भारत बनेगा डबल पावर</title>
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<description><![CDATA[ Budget 2026 के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रेयर अर्थ कॉरिडोर की जानकारी दी है. रेयर अर्थ कॉरिडोर की मदद से भारत चीन समेत दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करेगा. आइए जानते हैं कि रेयर अर्थ क्या है और इसके कॉरिडोर से भारत को कैसे फायदा होगा. साथ ही यह कॉरिडोर चीन के लिए कैसे मुश्किलें खड़ी करेगा. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 12:08:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Budget 2026 rare earth, रेयर अर्थ कॉरिडोर इंडिया, rare earth corridor benefits, चीन निर्भरता कमी भारत, critical minerals India, टेक इंडस्ट्री विकास भारत, rare earth states Odisha Kerala, global supply chain India, rare earth production India, hightech industry growth India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ऐसा बड़ा ऐलान किया, जिसने पूरे टेक और इंडस्ट्री सेक्टर में हलचल मचा दी। भारत में जल्द ही बनाया जाएगा एक शक्तिशाली ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’, जो ग्लोबल सप्लाई चेन की रुकावटों के बीच देश को नई दिशा देगा। इस कदम से चीन पर निर्भरता कम होगी और हाईटेक इंडस्ट्री को वह मजबूती मिलेगी जिसकी आज दुनिया में सबसे ज्यादा जरूरत है। विशेषज्ञ इसे भारत की टेक्नोलॉजी रीढ़ को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक निर्णय बता रहे हैं।</p>
<p>ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु—इन चार राज्यों में इस मेगा कॉरिडोर का काम तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य है भारत में एक ऐसी सप्लाई चेन तैयार करना, जो रेयर अर्थ एलिमेंट्स के उत्पादन, प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्टेशन को सुपर-स्मूथ बना सके। यह नेटवर्क आने वाले समय में भारत को वैश्विक खनिज शक्ति के रूप में स्थापित कर सकता है।</p>
<p>सीतारमण ने जोर देकर कहा कि नई टेक्नोलॉजी तेज़ी से इंडस्ट्री सिस्टम बदल रही है, और इसी कारण पानी, ऊर्जा और क्रिटिकल मिनरल्स की डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे में भारत को न सिर्फ आत्मनिर्भर होना होगा, बल्कि दुनिया को भी सप्लाई देने की क्षमता हासिल करनी होगी। यही कॉरिडोर इस दिशा में गेम चेंजर साबित होगा।</p>
<p>सरकार की यह योजना केवल आयात पर निर्भरता खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि क्लीन मोबिलिटी, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स को पावर देने के लिए भी तैयार की गई है। यह कॉरिडोर भारत के ग्रीन फ्यूचर को भी मजबूत आधार देने वाला है।</p>
<p><strong>रेयर अर्थ आखिर होता क्या है?</strong></p>
<p>रेयर अर्थ असल में मिनरल्स का वह खास समूह है, जिसके बिना आधुनिक टेक्नोलॉजी की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इन्हीं मिनरल्स को रिफाइन करके इलेक्ट्रिक व्हीकल, एयर टर्बाइन, स्मार्टफोन, डिफेंस टेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस सिस्टम और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे हाईटेक सेक्टर्स तैयार होते हैं। ये मिनरल्स 21वीं सदी की असली ‘टेक फ्यूल’ हैं।</p>
<p><strong>रेयर अर्थ कॉरिडोर क्यों बनाया जा रहा है?</strong></p>
<p>इस कॉरिडोर का फोकस है—भारत में रेयर अर्थ मिनरल्स की माइनिंग से लेकर उनके प्रोसेसिंग और ट्रांसपोर्टेशन तक का एक अलग, मजबूत और हाई-टेक नेटवर्क बनाना। खनिज-संपन्न राज्यों को आपस में जोड़कर देश एक ऐसी सप्लाई चेन तैयार करेगा, जो किसी भी ग्लोबल क्राइसिस में भी बाधित न हो।</p>
<p><strong>चीन का दुनिया पर दबदबा</strong></p>
<p>वर्तमान में चीन दुनिया का सबसे बड़ा रेयर अर्थ सप्लायर है। कुछ समय पहले चीन ने इसकी सप्लाई सीमित कर दी थी, जिसके बाद पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया और कई देशों ने स्थानीय संसाधन खोजने पर जोर देना शुरू किया। भारत का यह कॉरिडोर चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।</p>
<p><strong>भारत को इससे क्या मिलेगा?</strong></p>
<p>इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस कॉरिडोर के चलते भारत की प्रोडक्शन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी, टेक्नोलॉजी इनोवेशन को नई उड़ान मिलेगी और लाखों रोजगार के अवसर बनेंगे। भारत पहली बार रेयर अर्थ टेक्नोलॉजी की वैश्विक रेस में आगे निकल सकता है।</p>
<p><strong>कैसे होती है रेयर अर्थ मिनरल्स की प्रोसेसिंग?</strong></p>
<p>सबसे पहले जियोलॉजिकल सर्वे के जरिए इन मिनरल्स की लोकेशन का पता लगाया जाता है। फिर इन्हें जमीन से निकालकर प्रोसेस किया जाता है, ताकि इन्हें इंडस्ट्री के उपयोग लायक बनाया जा सके। यह प्रक्रिया बेहद तकनीकी और वैज्ञानिक होती है।</p>
<p><strong>बजट में बड़े बदलाव: कस्टम ड्यूटी में राहत</strong></p>
<p>बजट 2026 में सरकार ने हाई-एंड परमानेंट मैग्नेट्स में इस्तेमाल होने वाले मोनाजाइट पर लगने वाली 2.5% कस्टम ड्यूटी हटाने का प्रस्ताव रखा है। कुछ महीनों पहले सरकार 7,280 करोड़ रुपये की परमानेंट मैग्नेट स्कीम भी लॉन्च कर चुकी है। अब प्रोसेसिंग मशीनरी के इंपोर्ट पर भी टैक्स राहत मिलेगी, जिससे यह उद्योग और तेज़ी से बढ़ेगा।</p>
<ul>
<li>खनन के जरिए रेयर अर्थ मिनरल्स को जमीन से निकाला जाता है, जहां ये आमतौर पर पत्थरों के साथ मिले होते हैं।</li>
<li>इसके बाद इन पत्थरों को तोड़कर पाउडर बनाया जाता है।</li>
<li>पाउडर से मिट्टी को अलग करने के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है।</li>
<li>मिनरल्स को एक विशेष केमिकल सॉल्यूशन में घोला जाता है।</li>
<li>इस प्रक्रिया से रेयर अर्थ एलिमेंट्स अलग हो जाते हैं।</li>
<li>अंत में इन्हें रिफाइन कर बेहद शुद्ध रूप में बदला जाता है।</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शेयर बाजार का बदला मिज़ाज! बजट वाले दिन के क्रैश के बाद अचानक आई तेज़ी — निवेशकों की लौटी मुस्कान</title>
<link>https://pratinidhi.in/stock-market-rebound-after-budget-day-decline</link>
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<description><![CDATA[ Stock Market का मूड बजट के दिन रविवार को खराब नजर आया था और सेंसेक्स-निफ्टी क्रैश हो गए थे. वहीं सोमवार इस गिरावट से उबरते हुए दोनों इंडेक्स अचानक तूफानी रफ्तार से भागते हुए नजर आए हैं. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 02 Feb 2026 10:36:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>शेयर बाजार आज तेजी, budget day market crash, Sensex Nifty recovery, STT badhne ka असर, stock market monday rebound, budget ke baad market trend, NSE Nifty 24900 level, BSE Sensex jump news, stock market V-shape recovery</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रविवार की दर्दनाक गिरावट के बाद सोमवार का शेयर बाजार बिल्कुल अलग ही रंग में नजर आया. बजट में STT बढ़ने की घोषणा ने सेंसेक्स और निफ्टी को एक झटके में जमीन पर ला दिया था, लेकिन नए हफ्ते की शुरुआत होते ही बाजार ने करारी वापसी करते हुए सबको चौंका दिया. सुबह लाल निशान में खुला बाजार अचानक रफ्तार पकड़ गया और BSE Sensex 450 से ज्यादा अंक की छलांग लगा गया. इसी के साथ NSE Nifty भी 24,900 के पार निकल गया, हालांकि इस ऊंचाई को छूते ही थोड़ी सुस्ती जरूर दिखाई दी.</p>
<p><strong>बजट के बाद मचा था कोहराम</strong><br>रविवार को पेश हुए आम बजट में जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने STT बढ़ाने का ऐलान किया, तो बाजार में मानो तूफान ही आ गया. देखते ही देखते सेंसेक्स 2400 अंक लुढ़क गया और निफ्टी 750 अंक से ज्यादा धड़ाम हो गया. कुछ ही मिनटों में निवेशकों के करीब 11 लाख करोड़ रुपये हवा हो गए और बाजार का माहौल पूरी तरह निगेटिव हो गया था.</p>
<p><strong>सुस्ती से शुरूआत, फिर जबरदस्त रिवर्सल</strong><br>सोमवार को ट्रेडिंग शुरू होते ही सेंसेक्स 80,722 के मुकाबले 80,555 पर खुला और थोड़ी देर में 80,480 तक फिसल गया. लेकिन इसके बाद मार्केट ने अचानक ‘V-शेप’ रिकवरी दिखाई और कुछ ही पलों में 466 अंकों की तेज छलांग मारते हुए 81,211 के स्तर पर पहुंच गया. निफ्टी भी 24,825 से नीचे खुला था, लेकिन सेंसेक्स की तेजी ने इसे भी नई ऊर्जा दे दी और यह 100 अंक उछलकर सीधे 24,942 तक जा पहुंचा.</p>
<p><strong>तेजी की इस वापसी के पीछे क्या है वजह?</strong><br>मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट में हुए बदलावों को लेकर शुरुआती घबराहट अब कम हो गई है. STT बढ़ने का असर आम निवेशकों और लॉन्गटर्म पोर्टफोलियो पर ज्यादा नहीं पड़ेगा, जबकि बड़ा भार सिर्फ एफएंडओ ट्रेडिंग करने वालों पर आएगा. इस राहत के सेंटिमेंट ने बाजार में फिर भरोसा जगाया. इसके अलावा कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में आई जोरदार तेजी ने भी रिकवरी को मजबूती दी.</p>
<p><strong>इन शेयरों ने दिया बाजार को सहारा</strong><br>बड़ी कंपनियों में Adani Ports (3.30%), Asian Paints (2.50%), L&amp;T (2.30%) और Reliance (1.35%) जैसे दिग्गज शेयरों की शानदार रैली ने गिरते बाजार को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई. मिडकैप सेगमेंट में HP (5%), GMR Airport (3.30%), Bharat Forge (2.10%) और Dixon (2%) ने जबरदस्त छलांग लगाई.</p>
<p>स्मॉलकैप स्टॉक्स में IIFL (3.62%) और Hindustan Copper (3.50%) भी तेजी से उछलते हुए हरे निशान पर मजबूती से टिके रहे. इन सारे शेयरों की ताकत ने मार्केट को गिरावट से खींचकर फिर उठ खड़ा किया.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>₹8000 करोड़ का फंड पड़ा धूल खा रहा! 8 नए शहरों के विकास की योजना 5 साल से अटकी — आखिर वजह क्या है?</title>
<link>https://pratinidhi.in/8000-crore-urban-development-fund-unused-delay-eight-new-cities</link>
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<description><![CDATA[ ​15वें वित्त आयोग का कार्यकाल 31 मार्च को खत्म होने वाला है, लेकिन एक बड़ी टेंशन वाली बात यह है कि नए शहर डेवलेप के लिए निर्धारित 8,000 करोड़ रुपये का फंड पिछले 5 सालों से इस्तेमाल ही नहीं हुआ है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:32:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>शहर की बस सेवा को दुरुस्त करने की जिस मेगा योजना का ऐलान जोर-शोर से 6 साल पहले किया गया था, उसका हाल आज भी अधूरा ही है। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे इंतजार के बाद भी इस प्रोजेक्ट के तहत एक भी नई बस सड़कों पर नहीं उतारी गई, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।</p>
<p>फरवरी 2020 में सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये के विशाल फंड के साथ एक इनोवेटिव PPP मॉडल लॉन्च किया था। दावा किया गया था कि इस मॉडल की मदद से निजी कंपनियां 20,000 से ज्यादा बसों को खरीदने, चलाने और उनकी देखभाल करने में सक्षम होंगी। लेकिन चार साल बाद भी इस वादे की चमक फीकी पड़ती दिख रही है।</p>
<p>इस हफ्ते संसद में पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण ने एक नई उम्मीद जगाई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सरकार ने PM ई-बस सेवा की शुरुआत करके 10,000 ई-बसों के जरिए शहरी बस नेटवर्क को मजबूती देने का बड़ा कदम उठाया है, जो सार्वजनिक परिवहन में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।</p>
<p>सर्वे में बताया गया कि वित्त वर्ष 25 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 14 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 7,293 ई-बसों को मंजूरी दी जा चुकी है। वहीं, डिपो और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने के लिए 983.75 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है, जिसमें से 437.5 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं।</p>
<p>रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि तमाम कोशिशों के बावजूद पब्लिक ट्रांसपोर्ट आज भी कमजोर कड़ी बना हुआ है। आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार हर 1 लाख की आबादी पर 4,060 बसें होनी चाहिए, लेकिन ज्यादातर शहर इस मानक से कोसों दूर हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है।</p>
<p>चौंकाने वाली बात यह है कि पूरे देश में केवल 47,650 बसें ही शहरों के निवासियों को सेवा दे पा रही हैं। इनमें से 61% बसें सिर्फ 9 मेगासिटी में केंद्रित हैं। बसों की कमी, तंग सड़कें और निजी वाहनों की बाढ़ ने मिलकर प्रति लेन यात्री संख्या को काफी कम कर दिया है, जिससे ट्रैफिक जाम और यात्रा समय दोनों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मार्केट में भूचाल! सोना ₹13,000 और चांदी ₹26,000 धड़ाम &amp; Gold&amp;Silver ETF से लेकर Hindustan Copper तक क्रैश</title>
<link>https://pratinidhi.in/gold-silver-price-update-budget-silver-down-26000-gold-down-13000-feb-1-rates</link>
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<description><![CDATA[ Sone Chandi Ka Bhav, 1 February, 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का बजट पेश करने जा रही हैं। उससे पहले आज सोने और चांदी की कीमत में काफी गिरावट दिख रही है। सोने की कीमत में 13,000 रुपये और चांदी की कीमत में 26,000 रुपये की गिरावट आई है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 01 Feb 2026 10:30:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सोना चांदी कीमत गिरावट, gold silver price today, बजट 2026 अपडेट, MCX gold rate Delhi, silver rate india today, सोना चांदी बाजार news, budget before gold crash, gold silver trading update, financial market गिरावट India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली से आज एक बड़ी खबर सामने आई है। बजट 2026-27 पेश होने से कुछ घंटे पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में ऐसा भूचाल आया है कि बाजार हिल गया है। एमसीएक्स पर मार्केट खुलते ही सोना भारी दबाव में आ गया और देखते ही देखते 13,000 रुपये से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि चांदी की कीमतों में 26,000 रुपये से अधिक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। बजट से जुड़ी खास ट्रेडिंग के कारण रविवार होने के बावजूद आज मार्केट खुला रहा।</p>
<p>दो अप्रैल डिलीवरी वाला सोना सुबह के शुरुआती कारोबार में ही करीब 13,000 रुपये टूटकर 1,39,003 रुपये प्रति 10 ग्राम पर फिसल गया। सुबह 9:30 बजे सोना 13,342 रुपये यानी लगभग 8.76% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था। पिछले सत्र में यह 1,52,345 रुपये पर बंद हुआ था और आज खुला 1,51,610 रुपये पर। शुरुआती समय में सोना 1,38,634 रुपये के लो और 1,51,610 रुपये के हाई तक पहुंचा।</p>
<p>चांदी की बात करें तो स्थिति और भी चौंकाने वाली रही। 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी 26,273 रुपये टूटकर करीब 9% की गिरावट के साथ 2,65,652 रुपये पर ट्रेड कर रही है। पिछले कारोबारी दिन यह 2,91,925 रुपये पर बंद हुई थी और आज का ओपनिंग प्राइस 2,84,826 रुपये रहा। इस तेज गिरावट ने निवेशकों को सकते में डाल दिया है।</p>
<p>शुक्रवार को भी सोने-चांदी का यही हाल था, जब दोनों की कीमतों में इतिहास की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना जहां हाल ही में 5,608.35 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा था, वहीं चांदी 121.755 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर थी। लेकिन शुक्रवार के ट्रेड में सोना 4,713.90 डॉलर और चांदी 75 डॉलर प्रति औंस तक गिर गई—यानी वैश्विक मार्केट भी भारी दबाव में है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>मार्केट में हाहाकार! अचानक फूटा बुलबुला &amp; चांदी ₹85,000 धड़ाम, सोने ने भी जमीन पकड़ी</title>
<link>https://pratinidhi.in/why-gold-dropped-11000-and-silver-66000-in-one-day</link>
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<description><![CDATA[ सोने और चांदी की कीमतों में आज रिकॉर्ड गिरावट दर्ज हुई है. चांदी एक ही दिन में लगभग 66 हजार रुपये सस्ती होकर इतिहास का सबसे बड़ा क्रैश बनी. अचानक आई इस तेज गिरावट से कीमती धातुओं के बाजार में हलचल मच गई. निवेशकों के लिए यह उतार-चढ़ाव बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 30 Jan 2026 17:51:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सोना चांदी कीमत गिरावट, gold silver price crash, MCX gold silver today, सोना चांदी मार्केट न्यूज़, Delhi bullion market, silver price fall 66000, gold rate today India, कीमती धातु बाजार गिरावट, निवेशकों के लिए अलर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली से आई एक चौंकाने वाली खबर ने शुक्रवार की सुबह पूरे मार्केट को हिला दिया। महीनों से ऊंचाइयों पर दौड़ रही सोने-चांदी की कीमतें अचानक गोता लगाती नजर आईं। एमसीएक्स पर चांदी ने अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज करते हुए लगभग 66 हजार रुपये का फ्री-फॉल लिया और 4 लाख का आंकड़ा छूने के बाद सीधे 3.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब आ गई। सोना भी पीछे नहीं रहा और करीब 7 प्रतिशत टूटकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास जा पहुंचा। यह गिरावट निवेशकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं रही।</p>
<p>एक दिन पहले तक चांदी 4 लाख रूपये को छूने की दहलीज पर थी, लेकिन आज सुबह से ही मार्केट में भारी दबाव दिखाई देने लगा। दोपहर 3.40 बजे तक चांदी करीब 66 हजार रुपये यानी 16.70 प्रतिशत की जबरदस्त गिरावट के साथ 3.34 लाख रुपये पर फिसल गई। इसी दौरान सोने ने भी 10,954 रुपये का गोता लगाया और 1,58,449 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ पहुंचा, जिसमें 6.47 प्रतिशत की तेज गिरावट देखी गई। चांदी के इतिहास में एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट पहले कभी दर्ज नहीं हुई थी।</p>
<p>पिछले महीने जनवरी में सोने की कीमतें लगातार ऊपर की ओर भाग रही थीं और इसके पीछे दुनिया भर में बढ़ती मांग सबसे बड़ा कारण रही। आर्थिक अनिश्चितताओं के माहौल में क्रिप्टो कंपनियों से लेकर दुनिया के सेंट्रल बैंक तक सोने की ओर तेजी से झुक रहे थे। डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने हालात और तनावपूर्ण कर दिए, जब उन्होंने ईरान पर परमाणु समझौते को लेकर दबाव बनाया और ईरान ने अमेरिका-इजराइल के खिलाफ कड़ी चेतावनी दे डाली। इस माहौल में Tether के CEO की घोषणा ने बाजार को और उत्तेजित कर दिया कि कंपनी अपने पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा सोने में निवेश करेगी।</p>
<p>लेकिन कीमतों के गिरने की असली वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ताज़ा फैसला रहा। फेड ने 2026 की पहली बैठक में ब्याज दरों को 3.50%-3.75% पर स्थिर रखकर बाजार को संकेत दिया कि आर्थिक हालात अब थोड़ा संभल रहे हैं। बेहतर लेबर मार्केट और स्थिर बेरोजगारी दर के चलते यह कदम उठाया गया। इससे पहले 2025 में लगातार तीन बार 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की गई थी, जब महंगाई और बेरोजगारी दोनों बढ़ रही थीं। हालांकि फेड ने यह भी साफ कर दिया कि महंगाई अब भी उम्मीद से ज्यादा ऊंची बनी हुई है, जिससे बाजार में अनिश्चितता और तेज हो गई।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>UGC के नए नियमों पर आज बड़ा फैसला संभव! सुप्रीम कोर्ट में PIL की सुनवाई, CJI जस्टिस सूर्यकांत खुद करेंगे सुनवाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/ugc-rules-controversy-supreme-court-hearing-pil-cji-suryakant-review</link>
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<description><![CDATA[ यूजीसी के नए भेदभाव विरोधी नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं और इनके दुरुपयोग की आशंका है. नियमों के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता समितियों का गठन अनिवार्य किया गया है, जिनमें ओबीसी, एससी, एसटी, महिलाओं और दिव्यांगों का प्रतिनिधित्व जरूरी होगा, जबकि सामान्य वर्ग को संभावित पीड़ित के रूप में शामिल नहीं किया गया है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 11:23:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>UGC नियम विवाद, Supreme Court सुनवाई, भेदभाव विरोधी नियम, General category discrimination, UGC PIL hearing Delhi, समानता समितियां नियम, शिक्षा नीति controversy, CJI Suryakant review, Higher education rules India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट में आज एक बेहद चर्चित सुनवाई होने जा रही है, जिसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए ‘भेदभाव विरोधी नियमों’ को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर विचार किया जाएगा. यह मामला मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ के समक्ष रखा गया है. बुधवार को याचिका का तत्काल उल्लेख होने के बाद कोर्ट ने बिना देरी सुनवाई करने का फैसला लिया था, जिससे इस मुद्दे पर देशभर की निगाहें टिक गई हैं.</p>
<p>याचिका दाखिल करने वालों का कहना है कि यूजीसी द्वारा बनाए गए नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों पर अनुचित भार डालते हैं और उनके साथ अलग तरह का व्यवहार किया जा रहा है. अदालत को बताया गया कि इस नीति के खिलाफ कई स्थानों पर विरोध और नाराजगी देखी जा रही है. इस पर पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वह हालात से अच्छी तरह वाकिफ है और याचिका में मौजूद कुछ तकनीकी खामियों को जल्द ठीक करने के निर्देश दिए.</p>
<p><strong>यूजीसी के नए नियमों में आखिर क्या है?</strong></p>
<p>नए नियमों के तहत देश के हर उच्च शिक्षण संस्थान में अनिवार्य रूप से ‘समानता समितियों’ का गठन करना पड़ेगा. इन समितियों का मुख्य काम होगा—किसी भी तरह के भेदभाव की शिकायत की जांच करना और परिसर में समानता तथा न्यायपूर्ण माहौल सुनिश्चित करना. नियमों के मुताबिक इन समितियों में एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाएं और दिव्यांग समुदायों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी कर दी गई है.</p>
<p><strong>दुरुपयोग की आशंका और बढ़ती चिंताएं</strong></p>
<p>ये नए प्रावधान साल 2012 के पुराने सलाहात्मक नियमों की जगह लागू किए गए हैं. आलोचकों का आरोप है कि इनमें प्रक्रियाओं को लेकर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है और इससे गलत तरीके से इस्तेमाल होने का खतरा बढ़ जाता है. सबसे बड़ी आपत्ति इस बात को लेकर है कि नए ढांचे में ओबीसी समुदायों को भी संभावित पीड़ितों की सूची में शामिल किया गया है, लेकिन सामान्य वर्ग को इससे बाहर रखा गया है—जो उन्हें स्थायी रूप से दोषी मानने जैसा लगता है.</p>
<p><strong>कई राज्यों में भड़का छात्र आंदोलन</strong></p>
<p>इन नियमों के विरोध में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किए हैं. स्थिति गर्माती देख केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आश्वासन दिया कि किसी भी छात्र के साथ नए नियमों के तहत कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कानून का दुरुपयोग बिल्कुल न हो. उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थानों पर भी इस नियम को सही ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी होगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>Oh Sh*t… प्लेन क्रैश से ठीक पहले क्या बोले थे क्रू? अजित पवार हादसे से जुड़ा वो पल जिसने सब कुछ बदल दिया</title>
<link>https://pratinidhi.in/ajit-pawar-plane-crash-crew-last-message-new-details-investigation</link>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर बिजनेस जेट क्रैश में उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हुई। DGCA के अनुसार क्रू के अंतिम शब्द ‘Oh Sh*t’ थे। हादसे की जांच में पायलट के निर्णय, रनवे की स्थिति और संभावित तकनीकी खामियों की गहन पड़ताल हो रही है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 29 Jan 2026 10:35:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अजित पवार plane crash, बारामती विमान हादसा, Ajit Pawar death news, DGCA investigation report, aircraft black box recording, Maharashtra plane accident, pilot decision error, runway landing issue, business jet crash India, aviation safety news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार को जो दर्दनाक विमान हादसा हुआ, उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की जिंदगी कुछ ही पलों में खत्म हो गई. जांच टीमों ने जब ब्लैक बॉक्स की शुरुआती रिकॉर्डिंग सुनी, तो क्रू की अंतिम पुकार ‘Oh Sh*t…’ सुनकर सभी सन्न रह गए. यह साफ संकेत देता है कि विमान अचानक किसी बड़े संकट में फंस गया था.</p>
<p>यह विमान मुंबई से बारामती की ओर आ रहा था और लैंडिंग से कुछ क्षण पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में अजित पवार के अलावा कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट कैप्टन सांभवी पाठक, सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली सवार थे. सभी अपनी मंजिल से बस कुछ ही मीटर दूर थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें मौका नहीं दिया.</p>
<p>DGCA अधिकारियों के अनुसार विमान रनवे की दहलीज तक पहुंचते-पहुंचते नियंत्रण खो बैठा और एयरोड्रम की सीमा के भीतर ही जोरदार टक्कर के साथ गिर पड़ा. टक्कर इतनी भीषण थी कि प्लेन कुछ ही सेकंड में आग की समंदर जैसी लपटों में समा गया. बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा था.</p>
<p><strong>ग्राउंड कंट्रोल और एयरपोर्ट का पूरा मामला</strong></p>
<p>बारामती एयरपोर्ट का ग्राउंड कंट्रोल दो निजी एविएशन अकादमियों—Redbird Aviation और Carver Aviation—के कैडेट्स संभालते हैं. हादसे से पहले क्रू की आखिरी बातचीत इन्हीं के साथ हुई थी. DGCA ने पुष्टि की कि विमान पहले प्रयास में लैंड नहीं कर पाया और दूसरी कोशिश में यह दुर्घटना घट गई. Flightradar24 के डाटा ने भी इसकी पुष्टि की है.</p>
<p>चश्मदीदों ने बताया कि जैसे ही विमान धरती से टकराया, तेज धमाके के साथ आग की लपटें आसमान तक उठ गईं. आसपास मौजूद लोग सदमे में आ गए—लगातार चार से पांच धमाकों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. किसानों और ग्रामीणों ने बताया कि विमान देखते-ही-देखते राख में बदल गया, और वहाँ का नज़ारा किसी बुरे सपने जैसा था.</p>
<p>DGCA अधिकारियों ने कहा कि हादसा रनवे से बेहद कम दूरी पर हुआ, लेकिन यह अभी भी एक बड़ा रहस्य है कि अनुभवी क्रू के बावजूद विमान संतुलन कैसे खो बैठा. अब जांच एजेंसियां मौसम स्थिति, रनवे की तैयारी और लैंडिंग के वक्त लिए गए फैसलों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं.</p>
<p>दुर्भाग्य की बात यह है कि विमान में बैठे सभी पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इनमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पायलट, को-पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट और सुरक्षा अधिकारी शामिल थे. इस हादसे ने महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश को शोक में डूबो दिया.</p>
<p><strong>DGCA की बड़ी कार्रवाई और आगे की पड़ताल</strong></p>
<p>DGCA ने इस दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है. क्रू की अंतिम आवाज में घबराहट भरा ‘Oh Sh*t…’ यह दर्शाता है कि लैंडिंग के क्षणों में कोई अचानक तकनीकी या नियंत्रण संबंधी समस्या उत्पन्न हुई थी. अब रनवे की स्थिति, ग्राउंड कंट्रोल की तैयारी और एयरपोर्ट सिस्टम की क्षमता को भी जांच के दायरे में ले लिया गया है.</p>
<p>सबसे बड़ा सवाल यह है कि विमान की दूसरी लैंडिंग कोशिश क्यों नाकाम हुई. बताया जाता है कि बारामती एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक लैंडिंग एड्स की कमी है, जो किसी भी खराब परिस्थिति में लैंडिंग को और चुनौतीपूर्ण बना देती है.</p>
<p>एयरपोर्ट अधिकारी, निजी एविएशन अकादमियां और DGCA की टीमें मिलकर हर तकनीकी रिकॉर्ड, वॉइस लॉग और डेटा की बारीकी से जांच कर रही हैं. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस भयावह हादसे की असली वजह सामने आ जाएगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>UGC कानून पर फंसी BJP! देशभर के विरोध के बाद बदले मोदी सरकार के सुर, बैकफुट पर आई सरकार?</title>
<link>https://pratinidhi.in/bjp-under-pressure-on-ugc-bill-modi-government-signals-shift-after-widespread-protests</link>
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<description><![CDATA[ UGC के नए कानून के खिलाफ सामान्य वर्ग का विरोध बढ़ता जा रहा है। कई जगह लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं और इस्तीफे भी शुरू हो गए हैं। बढ़ते जनआक्रोश के बीच मोदी सरकार का यह फैसला BJP के लिए गंभीर राजनीतिक चुनौती बनता दिख रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:17:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>UGC new rule protest, यूजीसी नया कानून विवाद, Modi government response, जाति आधारित भेदभाव debate, BJP political challenge, शिक्षा मंत्रालय बयान, UGC regulation 2026 changes, सामान्य वर्ग protest India, campus discrimination rules, Dharmendra Pradhan statement</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साफ शब्दों में कहा कि नए नियमों के तहत अब किसी भी तरह का भेदभाव या उसके नाम पर नियमों का दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर फैसला संविधान की सीमाओं के भीतर ही लिया जाएगा और किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।</p>
<p>UGC New Rule: आखिर यूजीसी के नए रेगुलेशन को लेकर इतना हंगामा क्यों मचा है? शिक्षाविदों की मानें तो इसके पीछे कई बड़े बदलाव हैं, जो पूरे शैक्षणिक माहौल को सीधे प्रभावित करते हैं।</p>
<p>पहले भी कैंपस में जातिगत भेदभाव रोकने के प्रावधान थे, लेकिन 2026 के संशोधित नियमों ने इसकी परिभाषा को पहले से कहीं अधिक व्यापक बना दिया है। अब ‘जाति आधारित भेदभाव’ की श्रेणी में SC-ST के साथ OBC वर्ग के छात्र और कर्मचारी भी स्पष्ट रूप से शामिल कर दिए गए हैं। इन वर्गों की शिकायतों पर संस्थानों को अनिवार्य कार्रवाई करनी होगी, जबकि सामान्य वर्ग के विद्यार्थी सवाल उठा रहे हैं कि क्या इससे समानता का सिद्धांत कमजोर पड़ जाएगा।</p>
<p>पुराने 2012 के नियमों में झूठी शिकायतों पर किसी प्रकार का दंड या जुर्माना तय नहीं था। 2025 के ड्राफ्ट में पेनल्टी का प्रस्ताव जरूर जोड़ा गया, लेकिन 2026 की अंतिम अधिसूचना से उसे हटा दिया गया। इसका तर्क दिया गया कि इससे वास्तविक पीड़ित बिना डर अपनी बात कह सकेंगे और उनकी पहचान भी सुरक्षित रहेगी। वहीं विरोधी पक्ष को आशंका है कि इससे फर्जी आरोपों की संख्या बढ़ सकती है और सामान्य वर्ग के छात्रों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।</p>
<p>नए नियमों में ‘समता समिति’ के गठन को अनिवार्य किया गया है, जिसमें OBC, दिव्यांगजन और SC-ST वर्ग की महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा। छात्र समुदाय सवाल कर रहा है कि इस समिति में सवर्ण वर्ग का प्रतिनिधि क्यों नहीं रखा गया। साथ ही झूठी शिकायतों पर किसी कार्रवाई का अभाव भी बड़ा सवाल बना हुआ है। आलोचक पूछ रहे हैं—जब संविधान सभी नागरिकों को समान दर्जा देता है, तो कैंपस में वैसी समानता दिखाई क्यों नहीं देती?</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अमेरिका की नींद उड़ी! भारत&amp;EU ट्रेड डील फाइनल, PM मोदी ने किया धमाकेदार ऐलान</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-eu-trade-agreement-pm-modi-calls-it-biggest-deal</link>
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<description><![CDATA[ भारत और ईयू के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील फाइनल हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी घोषणा की है। उन्होंने इसे मदर ऑफ ऑल डील्स बताते हुए कहा कि यह समझौता भारत के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। इससे दुनिया का भारत पर भरोसा और बढ़ेगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 27 Jan 2026 11:47:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारत EU ट्रेड डील, इंडिया यूरोपियन यूनियन एग्रीमेंट, मोदी ट्रेेड एग्रीमेंट घोषणा, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इंडिया EU, भारत यूरोप व्यापार समझौता, इंडिया एनर्जी वीक दिल्ली, भारत ग्लोबल ट्रेड इम्पैक्ट, India EU economic ties, historical trade deal India EU</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जबरदस्त घोषणा करते हुए बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड एग्रीमेंट आखिरकार हो गया है। मोदी ने कहा कि यह ऐतिहासिक डील न सिर्फ भारत की वैश्विक छवि को नई उड़ान देगी, बल्कि दुनिया का भरोसा भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत करेगी। यह समझौता दुनिया की कुल जीडीपी के करीब 25% हिस्से और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई पर असर डालता है, जो इसे बेहद प्रभावशाली बनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह डील केवल व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र और कानून के शासन को लेकर दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता का भी मजबूत प्रमाण है।</p>
<p>भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की बातचीत करीब 17 साल पहले यानी 2007 में शुरू हुई थी, लेकिन 2013 में यह बीच में ही रुक गई। बाद में जून 2022 में चर्चा दोबारा शुरू हुई और लगातार 18 दौर की मैराथन वार्ताओं के बाद यह मेगा डील अब पूरी तरह से फाइनल हो चुकी है। इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल्स, लेदर-फुटवियर, जेम्स-एंड-जूलरी, केमिकल्स और समुद्री उत्पादों जैसे प्रमुख सेक्टर्स को भारी राहत मिलने वाली है, क्योंकि यूरोपियन यूनियन में इन पर लगने वाले भारी-भरकम आयात शुल्क में अब बड़ी कटौती होगी। फिलहाल भारतीय वस्तुओं पर EU का औसत टैरिफ 3.8% है, जबकि समुद्री उत्पादों पर 26%, केमिकल्स पर 12.8% और लेदर गुड्स पर 17% तक शुल्क लगता है। इसके मुकाबले EU से आने वाले उत्पादों पर भारत लगभग 9.3% आयात शुल्क वसूलता है।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि यह समझौता दो विशाल आर्थिक शक्तियों के बीच तालमेल और विश्वास का शानदार उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस डील के दूरगामी प्रभाव होंगे और करोड़ों लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे भारत की आर्थिक यात्रा को असाधारण गति मिलेगी।</p>
<p>ऊर्जा क्षेत्र पर बात करते हुए मोदी ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे तेज़ी से उभरते ऊर्जा बाजारों में से एक है और यह क्षेत्र अपार संभावनाओं से भरा हुआ है। उन्होंने बताया कि आगामी वर्षों में भारत तेल और गैस उद्योग में 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक निवेश का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिफाइनिंग हब बनने जा रहा है, जिसकी क्षमता 260 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 300 मीट्रिक टन तक पहुंचाई जाएगी।</p>]]> </content:encoded>
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<title>कर्तव्य पथ पर गरजा भारत का पराक्रम! ब्रह्मोस&amp;आकाश&amp;सूर्यास्त्र की दहाड़, दुनिया ने देखी सेना की अजेय ताकत</title>
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<description><![CDATA[ कर्तव्य पथ पर परेड में टी-90 और अर्जुन टैंक, हेलिकॉप्टर, स्पेशल फोर्सेज़, रोबोटिक डॉग्स, आधुनिक ड्रोन और स्वदेशी मिसाइल और तोप प्रणालियां शामिल होंगी. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर का इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर, हिम योद्धाओं का एनिमल कंटिन्जेंट और विभिन्न रेजिमेंट्स की मार्चिंग टुकड़ियां भी परेड में हिस्सा लेंगी. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Jan 2026 10:44:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>गणतंत्र दिवस परेड दिल्ली, Indian Army शक्ति प्रदर्शन, कर्तव्य पथ military parade, ब्रह्मोस मिसाइल display, आकाश missile system India, T-90 अर्जुन टैंक परेड, स्वदेशी ड्रोन सिस्टम, Dhruv helicopter India, भारतीय सेना modern weapons, Republic Day 2026 India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देश आज अपने गौरवशाली 77वें गणतंत्र दिवस का अलौकिक जश्न मना रहा है, और राजधानी दिल्ली का कर्तव्य पथ एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस भव्य राष्ट्रीय समारोह की कमान संभालेंगी, जबकि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहकर इस पल को और यादगार बनाएंगे. इस साल ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष, भारत की अद्भुत विकास गाथा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य सामर्थ्य एक साथ मिलकर ऐसा नज़ारा पेश करेंगे, जिसे देखकर हर भारतीय का दिल गर्व से भर उठेगा.</p>
<p><strong>भारतीय सेना का दमदार शक्ति प्रदर्शन</strong></p>
<p>इस बार परेड में पहली बार सेना का धांसू फेज़्ड बैटल ऐरे फॉर्मैट देखने को मिलेगा, जिसने पहले ही लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. रिकी एलिमेंट में 61 कैवेलरी के जवान पूरी तरह एक्टिव कॉम्बैट गियर में नजर आएंगे, मानो युद्धभूमि पर उतरने को तैयार हों. इसके बाद आएगा भारत का पहला स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल, हाई मोबिलिटी रिकॉनैसेंस व्हीकल, जिसने देश की तकनीकी प्रगति को नए स्तर पर पहुंचा दिया है. हवा में स्वदेशी DHRUV हेलिकॉप्टर और हथियारबंद RUDRA का ताकतवर प्रहार फॉर्मेशन युद्धक क्षमता की चौंकाने वाली झलक दिखाएगा.</p>
<p>टी-90 भीष्म और मेन बैटल टैंक अर्जुन जब सलामी मंच के सामने से गुजरेंगे, तो गर्व की लहर पूरे कर्तव्य पथ पर दौड़ उठेगी. आसमान में प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर और अपाचे AH-64E की गड़गड़ाहट रोमांच बढ़ा देगी. इसके बाद युद्ध में अहम भूमिका निभाने वाले BMP-2 इन्फैंट्री व्हीकल, नाग मिसाइल सिस्टम और स्पेशल फोर्सेज़ के हाई-टेक वाहन लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेंगे. रोबोटिक डॉग्स, अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स और स्वचालित सिस्टम निग्रहा, भैरव, भूविरक्षा और कृष्णा का प्रदर्शन यह संदेश देगा कि भविष्य की लड़ाइयाँ अब और भी स्मार्ट होंगी.</p>
<p><strong>नजर आएंगे भविष्य की जंग लड़ने वाले वॉरहेड सिस्टम</strong></p>
<p>कॉम्बैट सपोर्ट एलिमेंट में भारत के उन्नत अनमैन्ड वॉरहेड सिस्टम पहली बार इतने बड़े मंच पर दिखाए जाएंगे. शक्तिबाण और दिव्यास्त्र जैसे हाई-टेक सिस्टम आधुनिक मोबिलिटी प्लेटफॉर्म पर सजे होंगे, जो किसी भी चुनौती का मुकाबला करने में सक्षम हैं. स्वॉर्म ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन और टैक्टिकल हाइब्रिड यूएवी ZOLT की मदद से इनकी निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ गई है. ZOLT यूएवी तोपखाने की सटीक फायर डाइरेक्शन तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.</p>
<p>हारोप, मिनी हार्पी, पीसकीपर और स्काई स्ट्राइकर जैसे लॉइटरिंग म्यूनिशन इन सिस्टम की लक्ष्य भेदने की क्षमता को और धारदार बनाते हैं. ये हथियार गहरे युद्ध क्षेत्र में भी भयावह सटीकता के साथ हमला करने में सक्षम हैं. इसके साथ ही लंबी दूरी वाले ड्रोन और स्वॉर्म तकनीक इनका खतरा और मारक क्षमता पहले से कई गुना बढ़ा देती है.</p>
<p><strong>एयर डिफेंस की रीढ़ – आकाश और ABHRA सिस्टम</strong></p>
<p>परेड में आगे बढ़ते हुए धनुष गन सिस्टम और अमोघ एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन अपनी घातक फायरपावर का प्रदर्शन करेंगे. सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और स्वदेशी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर मिलकर भारत की डीप स्ट्राइक क्षमता का ऐसा प्रदर्शन करेंगे जिसे देखकर दुनिया भी दंग रह जाएगी. इसके बाद आएंगे देश की हवाई सुरक्षा के दो सबसे बड़े स्तंभ – आकाश वेपन सिस्टम और ABHRA मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल.</p>
<p>इनके तुरंत बाद नजर आएगी हाई-टेक ड्रोन शक्ति लॉरी, जिसे कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स ने विकसित किया है और जो भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी है.</p>
<p><strong>‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जीवंत प्रदर्शन</strong></p>
<p>कर्तव्य पथ पर कांच से ढंका इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर भी गुजरेगा, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया जाएगा. इस मिशन में विरासत, विविधता और विकास की अनूठी एकता ही सफलता का मुख्य आधार रही. ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन पर निर्णायक वार किए, जबकि आकाश मिसाइल सिस्टम और एस-400 ने अदम्य सुरक्षा कवच प्रदान किया.</p>
<p>इसके बाद हिमालय के वीर योद्धा अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे. एनिमल कंटिन्जेंट में बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर पोनी, ब्लैक काइट्स और भारत की पारंपरिक नस्ल के उच्च प्रशिक्षित कुत्ते जैसे मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बाई और राजापालयम दर्शकों को रोमांचित कर देंगे. इनके साथ अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरण और ग्लेशियर एटीवी भी खास आकर्षण होगा.</p>
<p>मार्च के अंत में मिक्स्ड स्काउट्स कंटिन्जेंट, राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट और जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री अपनी शौर्यगाथा का प्रतीक बनकर आगे बढ़ेंगे.</p>]]> </content:encoded>
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<title>अविश्वसनीय चोरी! रातों&amp;रात गायब हो गया पूरा पुल—सुबह उठे तो रह गए दंग, पुलिस भी हैरान</title>
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<description><![CDATA[ Korba Bridge Theft News: छत्तीसगढ़ के कोरबा में 60 फीट लंबा और 30 टन वजनी लोहे का पुल रातों-रात चोरी हो गया. गैस कटर से काटकर पुल ले जाने वाले चोरों की तलाश में पुलिस ने SIT गठित की है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 23 Jan 2026 10:32:33 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कोरबा ब्रिज चोरी, Chhattisgarh bridge theft, लोहे का पुल गायब, Korba crime news, हसदेव नहर पुल चोरी, bridge stolen incident, Chhattisgarh SIT investigation, रहस्यमयी पुल चोरी मामला, iron bridge missing case, Korba theft investigation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। सिविल लाइन थाने की CSEB पुलिस चौकी में दर्ज हुई इस शिकायत में दावा किया गया है कि करीब 60 फीट लंबा लोहे का पुल mysteriously गायब हो गया। कलेक्टर कुणाल दुदावत और एसपी सिद्धार्थ तिवारी तक शिकायत पहुंचते ही पूरा पुलिस महकमा अलर्ट मोड में आ गया। मामला इतना सनसनीखेज है कि इसे सुलझाने के लिए तुरंत एक विशेष जांच दल तैनात कर दिया गया है।</p>
<p>शहर के बीचोंबीच बहने वाली हसदेव बाईं तट नहर पर बना यह पुल पिछले चार दशकों से हजारों लोगों की आवाजाही का सहारा था। रातों-रात उसका इस तरह गायब हो जाना लोगों के लिए किसी सदमे से कम नहीं। 40 साल पुराना यह पुल इलाके की रोजमर्रा की जिंदगी का बड़ा हिस्सा था, लेकिन चोरों ने इसे पल भर में उखाड़कर रख दिया और किसी को भनक तक नहीं लगी।</p>
<p><strong>रात में मौजूद, सुबह गायब – चमत्कार या अपराध?</strong></p>
<p>करीब 60 फीट लंबा और 5 फीट चौड़ा यह मजबूत पुल रात 11 बजे तक बिल्कुल सुरक्षित था। वार्ड 17 के लोग इसी पुल से होकर अपने घर पहुंचे थे। लेकिन सुबह जब लोग बाहर निकले, तो पुल की जगह सिर्फ खालीपन था। चौंके हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी खबर वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास को दी, जो मौके पर पहुंचे और देख दंग रह गए—पुल सचमुच चोरी हो चुका था।</p>
<p>लक्ष्मण श्रीवास ने बिना समय गंवाए दोनों बड़े अफसरों—एसपी सिद्धार्थ तिवारी और कलेक्टर कुणाल दुदावत—के पास पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत मिलते ही प्रशासन में जैसे भूचाल आ गया। पुलिस ने मामले को हाई-प्रायोरिटी पर रखते हुए एक स्पेशल टीम तैयार की और जांच बिजली की रफ्तार से शुरू कर दी।</p>
<p>जिस पुल को चोरी किया गया, वह बेहद मजबूत लोहे के गार्डरों से बना था—लगभग रेल पटरियों जितना मजबूत। निर्माण के बाद पिछले 40 वर्षों में इस पुल पर समय का कोई असर नहीं पड़ा था। लेकिन चोर इतने माहिर निकले कि गैस कटर की मदद से पुल को कई हिस्सों में काटकर ले गए और घटनास्थल पर सिर्फ जलने के निशान छोड़ गए।</p>
<p><strong>30 टन लोहा, कीमत लगभग 15 लाख! कौन ले गया?</strong></p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कारनामा किसी छोटे-मोटे चोर का नहीं, बल्कि एक संगठित स्क्रैप माफिया का है। पुल में मौजूद लोहे का वजन 25 से 30 टन बताया जा रहा है, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बैठती है। इतनी बड़ी मात्रा में लोहे को रात में गायब कर देना किसी बड़े गैंग की प्लानिंग का ही नतीजा हो सकता है।</p>
<p><strong>शहर पर बड़ा जल संकट टल गया</strong></p>
<p>चोरों की दुस्साहस भरी करतूत यहीं तक नहीं रुकी। उन्होंने पानी की पाइपलाइन की सुरक्षा के लिए लगाए गए तीन दिशाओं के लोहे के कवच को भी कतरकर उड़ा दिया। सौभाग्य से पानी की मुख्य पाइपलाइन सही सलामत बच गई, वरना कोरबा की ढाई लाख आबादी पानी की बूंद-बूंद को तरस जाती और पूरा शहर हाहाकार में डूब जाता।</p>
<p><strong>प्रशासन सन्न, SIT तैयार – लेकिन माफिया अब भी सक्रिय?</strong></p>
<p>कोरबा पुलिस का दावा है कि शहर में स्क्रैप का अवैध कारोबार बंद कर दिया गया है, लेकिन हाल के महीनों में खुलेआम चल रही स्क्रैप दुकानों ने इस दावे की पोल खोल दी है। पुल चोरी की यह घटना साबित करती है कि जिले में संगठित स्क्रैप माफिया सक्रिय है और बड़े ऑपरेशन को अंजाम दे रहा है। पुलिस ने दो कबाड़ी दुकानों पर छापेमारी भी की, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सफलता हाथ नहीं लगी।</p>
<p>15 लाख रुपये का लोहा रात में गायब हो जाना सिर्फ चोरी नहीं—यह प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल, पूरा शहर सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है: आखिर 60 फीट का पुल बिना किसी के देखे कैसे गायब हो सकता है?</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Love Story Behind Bars: जेल में पनपा प्यार, पैरोल बनी शादी का रास्ता—उम्रकैद दोषियों की कहानी ने सबको चौंकाया</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान में दो अलग-अलग जघन्य हत्याकांडों में उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद उर्फ जैक आज शादी करने जा रहे हैं. जयपुर की सांगानेर ओपन जेल में पनपी यह प्रेम कहानी हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी. जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने दोनों को 15 दिन की पैरोल दी है. शादी अलवर के बड़ौदामेव गांव में हनुमान के पैतृक घर पर हो रही है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 23 Jan 2026 10:28:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राजस्थान prisoners marriage, जेल प्रेम कहानी राजस्थान, Sanganer open jail love story, कैदियों की शादी अलवर, Rajasthan parole marriage case, उम्रकैदियों का रिश्ता खबर, Jaipur open jail couple, criminal love story India, prisoner marriage news India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>जयपुर में इन दिनों एक ऐसी प्रेम कहानी चर्चा में है, जिसे जानकर लोग दंग रह गए हैं. दो कैदी—प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद उर्फ जैक—जो अलग-अलग खौफनाक हत्याकांडों में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं, अब वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत करने जा रहे हैं. ओपन जेल की आज़ाद माहौल में पनपा यह रिश्ता सभी पुराने बंधनों को तोड़कर आगे बढ़ चुका है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों को 15 दिन की पैरोल मिली और अब अलवर के बड़ौदामेव गांव में हनुमान के पैतृक घर पर शादी की रस्में पूरी हो रही हैं. यह घटना पूरे प्रदेश में सनसनी की तरह फैल गई है.</p>
<p>इस अनोखे रिश्ते की कहानी शुरू होती है जयपुर की सांगानेर ओपन जेल से, जहां दोनों कैदियों को करीब एक साल पहले शिफ्ट किया गया था. खुली जेल की व्यवस्था ने उन्हें अपनी जिंदगी को नए नजरिये से देखने का मौका दिया—काम करने की छूट, परिवार से मिलने का अवसर और सामान्य जीवन जैसा अनुभव. इसी दौरान दोनों की मुलाकात धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. पिछले कुछ महीनों से वे जेल परिसर में साथ रह रहे थे, मानो लिव-इन में हों. उनका रिश्ता इतना मजबूत हुआ कि उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया.</p>
<p>नवंबर 2025 में दोनों ने अपने परिवारों को शादी की जानकारी दी और उसके बाद शादी का कार्ड भी छपवा लिया. दिसंबर में पैरोल का आवेदन हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां 7 जनवरी 2026 को कोर्ट ने जिला पैरोल कमेटी को सात दिन में फैसला देने का आदेश दिया. कमेटी ने 15 दिन की पैरोल मंजूर कर दी, जिससे शादी और सभी समारोहों को पूरा करने की अनुमति मिल गई. अधिवक्ता विश्राम प्रजापति ने इस पूरे मामले में उनकी ओर से पैरवी की. पैरोल पूरी होने के बाद दोनों को वापस जेल लौटना होगा.</p>
<p>34 साल की प्रिया सेठ का अतीत बेहद काला रहा है. 2018 में हुए दुष्यंत शर्मा मर्डर केस में वे मुख्य आरोपी थीं और नवंबर 2023 में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई. टिंडर पर दुष्यंत को प्रेमजाल में फंसाकर प्रिया ने अपने लिव-इन पार्टनर दीक्षांत कामरा और साथी लक्ष्य वालिया के साथ मिलकर फिरौती की योजना बनाई थी. पिता से तीन लाख रुपये मिलने के बाद पकड़े जाने के डर से उन्होंने दुष्यंत की हत्या कर दी, शरीर को विकृत किया और उसे सूटकेस में भरकर पहाड़ियों में फेंक दिया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि प्रिया पहले भी अमीर युवकों को ऐप्स के जरिए जाल में फंसा चुकी थी.</p>
<p>दूसरी ओर 29 वर्षीय हनुमान प्रसाद 2017 के अलवर के उस दिल दहला देने वाले हत्याकांड में दोषी हैं, जिसमें एक ही रात में पांच लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. ताइक्वांडो कोच संतोष शर्मा से उनके अवैध संबंधों ने पूरे परिवार को झकझोरने वाली साजिश को जन्म दिया. संदेह होने पर संतोष और हनुमान ने मिलकर पति, तीन बेटों और भतीजे को मार डाला. मार्च 2023 में अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जिसके बाद से हनुमान जेल में है.</p>
<p>अब यह अनोखी प्रेम कहानी अपनी मंज़िल पर पहुंच रही है. बड़ौदामेव के हौली चौक स्थित हनुमान के पैतृक घर में शादी की रस्में 21 जनवरी से ही शुरू हो चुकी हैं. आज घुड़चढ़ी के बाद शाम 6 बजे भव्य रिसेप्शन और प्रीतिभोज रखा गया है. सोशल मीडिया पर इन दोनों की शादी की खबर आग की तरह फैल चुकी है और लोग हैरानी, कौतूहल और भावनाओं के मिले-जुले रंगों के साथ इस अनोखी प्रेम गाथा को देख रहे हैं. दो उम्रकैद कैदी—एक नई जिंदगी की ओर बढ़ते कदम।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>Cold Wave Alert! पहाड़ों पर बर्फ का अटैक, मैदानी इलाकों में बारिश—दिल्ली&amp;NCR से कश्मीर तक मौसम ने बदला मिज़ाज</title>
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<description><![CDATA[ Aaj Ka Mausam: वसंत पंचमी के दिन मौसम ने अचानक करवट बदली है. पहाड़ जम गए हैं. सर्दी का सितम आज पूरे उत्तर भारत पर टूट पड़ा है. पहाड़ों में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है. इससे हाड़ कंपाने वाली ठंड बढ़ गई है. कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक जमकर बर्फबारी हुई है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में सुबह से ही बारिश हो रही है. मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ की वजह से यह बदलाव आया है. दिल्ली-एनसीआर का तापमान गिरकर 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया है. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 23 Jan 2026 10:26:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>उत्तर भारत मौसम अपडेट, कश्मीर हिमाचल बर्फबारी, Delhi NCR rain weather, आज का मौसम अपडेट, पश्चिमी विक्षोभ effect, हिमाचल में भारी बर्फबारी, Kashmir snow tourism, Delhi thand badh rahi hai, North India winter weather</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हिमाचल से कश्मीर तक पड़ी बर्फ की सफेद चादर ने मौसम का मूड ही बदल दिया है और दिल्ली-एनसीआर में भी ठंड ने जोरदार दस्तक दे दी है। रातभर चली तेज हवाओं और सुबह-सुबह बरसी फुहारों ने लोगों को कंपा दिया। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश होती रही, जिससे सुबह का नज़ारा एकदम सर्द और शानदार हो गया। अचानक आए इस मौसम बदलाव ने लोगों को गर्म कपड़ों की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया।</p>
<p>कश्मीर में बर्फबारी ने मानो धरती पर स्वर्ग उतार दिया है। घाटी में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के कारण जगह-जगह मोटी सफेद परत जम गई है। तापमान माइनस में पहुंच गया है और खुले आसमान के नीचे खड़े होते ही लोग बर्फ से ढकने लगे हैं। श्रीनगर में करीब 8 इंच बर्फ गिर चुकी है, जबकि गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम में बर्फ की मोटी चादर नजर आ रही है। सड़कें जाम, उड़ानें रद्द—इसके बावजूद स्थानीय लोगों के चेहरों पर मुस्कान है, क्योंकि भारी तादाद में टूरिस्ट लौटकर आने वाले हैं।</p>
<p>हिमाचल प्रदेश भी बर्फबारी के इस शानदार मौसम का पूरा मजा ले रहा है। शिमला, मनाली और कुल्लू में 10 से 15 इंच तक बर्फ गिर चुकी है, जिससे पूरा इलाका किसी फिल्मी सेट जैसा दिखने लगा है। रोहतांग पास पूरी तरह बंद हो गया है, लेकिन पर्यटकों की खुशी का ठिकाना नहीं है। तीन महीने बाद सूखे मौसम का ब्रेक हुआ है और कुफरी, नारकंडा और मनाली में जमकर बर्फबारी हुई है, जिसने पर्यटन कारोबार में फिर से जान डाल दी है।</p>
<p>मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश ने लोगों को चौंका दिया है। मौसम विभाग ने आज के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे साफ है कि बर्फ और बारिश दोनों का दौर अभी जारी रहने वाला है। किसानों और पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर उम्मीद की चमक है, क्योंकि इस मौसम से उनकी कमाई में बड़ा इजाफा होगा।</p>
<p>दिल्ली-एनसीआर में आज का दिन बारिश और ठंडी हवाओं के नाम रहा। सुबह होते ही रुक-रुक कर होने वाली बारिश ने पूरे माहौल को बेहद ठंडा और ताज़ा कर दिया। तापमान 8 डिग्री तक गिर गया और जिन इलाकों में लोग पिछले दिनों गर्मी की शिकायत कर रहे थे, वहां आज हर तरफ स्वेटर, जैकेट और हुडीज़ की बहार थी। बारिश के चलते एयर क्वालिटी में थोड़ा सुधार हुआ है, हालांकि कोहरा अभी भी छाया हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का यह सिलसिला शुक्रवार तक जारी रहेगा।</p>
<p>हरियाणा और पश्चिमी यूपी भी बारिश की इस लहर से अछूते नहीं रहे। चंडीगढ़, अंबाला और करनाल में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों को राहत मिली है। कुछ जगहों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। यहां तापमान 7 डिग्री तक लुढ़क गया है। पंजाब में हल्की बारिश हुई, जबकि आगरा और मेरठ जैसे पश्चिमी यूपी के इलाकों में बादल तो छाए हैं लेकिन बारिश कम हुई। राजस्थान में तापमान गिरा है, पर जयपुर और जोधपुर में बारिश नहीं हुई। उधर, उत्तराखंड के पहाड़ लगातार बर्फ की सफेदी ओढ़े हुए हैं।</p>
<p>अगले तीन दिनों में दिल्ली-एनसीआर का मौसम कैसा रहेगा, इस पर भी अपडेट आ गया है। आज 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 24 जनवरी को भी ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार हैं, जिसमें अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 7 डिग्री रह सकता है। 25 जनवरी की सुबह कोहरा बढ़ सकता है और तापमान 17 से 6 डिग्री के बीच रहेगा। 26 जनवरी को अधिकतम 19 और न्यूनतम 7 डिग्री तापमान का अनुमान है। इन दिनों किसी खास चेतावनी की जरूरत नहीं है, लेकिन बारिश और हवाओं के चलते एयर क्वालिटी में हल्का सुधार जरूर देखने को मिला है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वंदे भारत स्लीपर: नए डिब्बों में उन्नत सुविधाओं की जानकारी, किराया और मार्ग विवरण जारी</title>
<link>https://pratinidhi.in/vande-bharat-sleeper-new-coaches-advanced-features-fare-route-details</link>
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<description><![CDATA[ देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच 958 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी. इस ट्रेन में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (RAC) की सुविधा नहीं होगी यानी सिर्फ कन्फर्म टिकट ही मिलेगा. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्रा के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है. जिसमें यात्रियों को प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 17 Jan 2026 12:28:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, Howrah Kamakhya Vande Bharat route, लंबे सफर premium train, Indian Rail sleeper upgrade, वंदे भारत AC coach details, semi high speed train India, confirm ticket only train, हावड़ा गुवाहाटी ट्रेन यात्रा, Vande Bharat sleeper facilities, new Vande Bharat launch India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div>
<p>17 जनवरी 2026 भारत के रेल इतिहास में एक ऐसा दिन बनकर दर्ज होगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी. मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को रवाना करेंगे, और इसी के साथ भारतीय रेल एक नई ऊंचाई छू लेगी. पूरी तरह एयर-कंडीशंड यह प्रीमियम ट्रेन रात की लंबी यात्राओं को बेहद आरामदायक, सुरक्षित और शानदार अनुभव में बदल देगी. यह हाई-टेक ट्रेन कोलकाता के हावड़ा स्टेशन से असम की कामाख्या (गुवाहाटी) तक अपनी पहली ऐतिहासिक यात्रा शुरू करेगी.</p>
<p>16 अत्याधुनिक कोचों से तैयार वंदे भारत स्लीपर सेमी हाई-स्पीड कैटेगरी में एक नया मानक स्थापित कर रही है. इसमें 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 लग्जरी फर्स्ट एसी कोच शामिल हैं, जहां 823 यात्री आराम से सफर कर पाएंगे. थर्ड एसी में 611, सेकंड एसी में 188 और फर्स्ट एसी में 24 बर्थ उपलब्ध हैं. 180 किलोमीटर प्रति घंटा की टॉप स्पीड वाली यह ट्रेन 958 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 14 घंटों में तय करेगी, जिससे समय और सुविधा दोनों की बचत होगी.</p>
<p>सबसे खास बात यह है कि इस ट्रेन में सिर्फ कन्फर्म टिकट ही मिलेगा—न कोई RAC, न कोई वेटिंग! यानी यात्रा होगी बिल्कुल स्ट्रेस-फ्री और बिना किसी परेशानी के.</p>
<p><strong>अब जानिए, इस हाई-टेक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में मिलने वाली वो सुविधाएं जो यात्रा को एयरलाइन जैसा खास अनुभव बना देंगी—</strong></p>
<ul>
<li>बेहद आरामदायक स्लीपर बर्थ जिनमें बेहतर कुशनिंग दी गई है</li>
<li>ऊपरी बर्थ पर आसानी से चढ़ने के लिए नई स्टाइलिश और सुरक्षित सीढ़ियां</li>
<li>ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर्स जो सिर्फ स्टेशन पर ही खुलते और बंद होते हैं</li>
<li>KAVACH एंटी-कोलिजन तकनीक, जो ट्रेन की सुरक्षा को और मजबूत बनाती है</li>
<li>हर कोच में CCTV कैमरा, इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और एडवांस्ड फायर डिटेक्शन</li>
<li>बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स और टच-फ्री मॉडर्न फिटिंग्स</li>
<li>बंगाली और असमिया व्यंजनों वाला क्षेत्रीय कैटरिंग सिस्टम</li>
<li>डिसइन्फेक्टेंट तकनीक जिससे कोच हमेशा साफ और जर्म-फ्री रहेंगे</li>
</ul>
<p><strong>हावड़ा से गुवाहाटी रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया</strong></p>
<ul>
<li>AC थ्री-टियर: लगभग ₹2,000–₹2,300 (5% GST सहित)</li>
<li>AC टू-टियर: करीब ₹2,500–₹3,000</li>
<li>फर्स्ट AC: लगभग ₹3,000–₹3,600</li>
</ul>
<p><strong>यात्रा के दौरान वंदे भारत स्लीपर इन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी:</strong></p>
<ul>
<li>बंदेल</li>
<li>नवद्वीप धाम</li>
<li>कटवा</li>
<li>अजीमगंज</li>
<li>न्यू फरक्का</li>
<li>मालदा टाउन</li>
<li>अलुआबारी रोड</li>
<li>न्यू जलपाईगुड़ी (NJP)</li>
<li>जलपाईगुड़ी रोड</li>
<li>न्यू कूच बिहार</li>
<li>न्यू अलीपुरद्वार</li>
<li>न्यू बोंगाईगांव</li>
<li>रंगिया</li>
</ul>
<p><strong>ट्रेन का अनुमानित टाइम-टेबल</strong><br>जानकारी के अनुसार, यह प्रीमियम ट्रेन हावड़ा से शाम 6:20 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 8:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी. वहीं वापसी में कामाख्या से शाम 6:15 बजे निकलकर सुबह 8:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिया है कि 2026 में कई और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें लॉन्च होने वाली हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा और भी तेज, आरामदायक और भरोसेमंद बन जाएगी.</p>
</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गले में शॉल, कंधे पर राइफल! आतंकियों से लोहा लेने मैदान में उतरीं जम्मू की महिलाएं, खुद संभाला सर्च ऑपरेशन</title>
<link>https://pratinidhi.in/jammu-vdg-women-team-search-mission-doda-kishtwar-reasi-security-update</link>
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<description><![CDATA[ जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़ और रियासी जैसे आतंकग्रस्त जिलों में महिलाएं ग्राम रक्षा दल वीडीजी के रूप में सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही हैं। सर्दियों में पुरुष सदस्यों के बाहर जाने पर ये महिलाएं राइफल लेकर गश्त करती हैं और आतंकियों का सामना करने का प्रशिक्षण लेती हैं। इन्होंने कई बार आतंकियों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे गांवों में सुरक्षा मजबूत हुई है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 16 Jan 2026 10:43:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>VDG women security Jammu, डोडा किश्तवाड़ रियासी सुरक्षा, महिला ग्राम रक्षा दल, Jammu terror search mission, पहाड़ी गांव सुरक्षा women patrol, VDG rifle training India, आतंकवाद विरोध women force, Jammu Kashmir security update, women patrolling forest areas, village defense group महिलाएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>जंगलों की खामोशी को चीरतीं, कंधों पर बंदूक संभाले ये साहसी वीडीजी महिलाएं अब आतंकियों की दहशत का जवाब बन चुकी हैं। जम्मू संभाग के डोडा, किश्तवाड़ और रियासी के कई इलाकों में ये वीरांगनाएं दिन-रात पहरा देकर अपने परिवारों ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा की ढाल बन गई हैं।</p>
<p>ठंडी हवाओं और कठिन पहाड़ी रास्तों के बीच, जब पुरुष सदस्य रोजगार के लिए पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और अन्य राज्यों की ओर निकल जाते हैं, तब गांवों की सुरक्षा की कमान ये महिलाएं थाम लेती हैं। दुर्गम जंगलों में लगातार गश्त करते हुए ये महिला दस्ते आतंकियों की हर हलचल पर नजर रखती हैं और किसी भी खतरे का डटकर सामना करती हैं।</p>
<p>भद्रवाह के एसपी विनोद शर्मा के अनुसार, इन महिला वीडीजी को हथियार संचालन, नाका चेकिंग, पेट्रोलिंग और खतरे की स्थिति में त्वरित कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिए जाते हैं। कई महिलाएं आज भी प्रशिक्षण जारी रखते हुए अपनी क्षमताओं को और मजबूत कर रही हैं। थ्री-नॉट-थ्री राइफल से लैस ये महिलाएं उन दुर्गम गांवों की सुरक्षा संभाल रही हैं, जहां पहुंचना भी किसी चुनौती से कम नहीं।</p>
<p>एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हैं कि यदि आप इनसे बात करेंगे, तो महसूस करेंगे कि इनमें देशभक्ति और राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा का जज्बा कितनी गहराई से भरा हुआ है। उनके शब्दों में नहीं, उनके हौसलों में देशप्रेम झलकता है।</p>
<p>याद दिला दें कि 2009 में राजौरी के कलसी इलाके की बहादुर गुज्जर युवती रुखसाना कौसर ने एक आतंकी को मौत के घाट उतारकर पूरे देश को गर्व महसूस कराया था। उनकी इसी वीरता के लिए उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया, जो शांति काल में दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है।</p>
<p>डोडा और किश्तवाड़ इलाके भी महिला बहादुरी की ऐसी कई घटनाओं के साक्षी रहे हैं, जहां महिला वीडीजी ने अपने पुरुष साथियों के साथ मिलकर आतंकियों का सफाया करने में अहम भूमिका निभाई। एसपी विनोद शर्मा के अनुसार, इन जिलों में पुरुषों की अनुपस्थिति में महिलाएं अब एक भरोसेमंद सुरक्षा बल के रूप में उभरकर सामने आई हैं, जो बिना किसी भय के आतंकियों को चुनौती दे रही हैं।</p>
<p>वीडीजी की खासियत यह है कि इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय की महिलाएं कंधे से कंधा मिलाकर सेवा दे रही हैं। 21 वर्षीय शिवानी, जो सिविली गांव की वीडीजी सदस्य हैं, कहती हैं कि उन्हें हर परिस्थिति में लड़ने का प्रशिक्षण मिला है और वे पूरी तरह तैयार हैं देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए।</p>
<p>भद्रवाह के विधायक दिलीप सिंह परिहार का कहना है कि वीडीजी महिलाओं की मौजूदगी मात्र से ही आतंकियों के हौसले पस्त हो जाते हैं और वे गांवों में घुसने से पहले सौ बार सोचते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कोमा में 12 साल, जीवन और मौत के बीच… गाजियाबाद के हरीश की कहानी, इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय तय</title>
<link>https://pratinidhi.in/supreme-court-verdict-soon-euthanasia-case-harish-in-coma-12-years</link>
<guid>https://pratinidhi.in/supreme-court-verdict-soon-euthanasia-case-harish-in-coma-12-years</guid>
<description><![CDATA[ चंडीगढ़ में 2013 में बीटेक छात्र हरीश चौथी मंजिल से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुआ. कुछ लोगों ने इस हादसे के पीछे साजिश की आशंका जताई. गिरने की घटना में उसके सिर में गहरी चोट लगी. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 14 Jan 2026 12:38:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>इच्छामृत्यु सुप्रीम कोर्ट केस, Harish coma case India, पैसिव इच्छामृत्यु सुनवाई, Supreme Court passive euthanasia, हरीश राणा मेडिकल रिपोर्ट, coma patient justice India, चंडीगढ़ गिरने की घटना, long term coma treatment, भारतीय न्यायपालिका euthanasia decision</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देश भर की निगाहें आज उस दिल दहला देने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें सुप्रीम कोर्ट 12 साल से कोमा में पड़े 31 वर्षीय हरीश को पैसिव इच्छामृत्यु देने की मांग पर निर्णय सुनने जा रहा है. गुरुवार 15 जनवरी की यह सुनवाई हज़ारों परिवारों की उम्मीदों और दर्द से जुड़ा बड़ा मोड़ साबित हो सकती है.</p>
<p>मंगलवार को जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कोर्ट के कमेटी रूम में हरीश राणा के माता-पिता से मुलाकात की. जजों ने नज़दीक से उनकी व्यथा सुनी और मामले की वास्तविक स्थिति को समझने की कोशिश की, ताकि अंतिम फ़ैसले तक पहुंचने से पहले परिवार का पक्ष पूरी ईमानदारी से जाना जा सके.</p>
<p>पिछली सुनवाई में पीठ ने साफ कहा था कि वे किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले परिजनों की भावनाओं और मेडिकल रिपोर्ट्स को गंभीरता से परखना चाहते हैं. विशेषज्ञ डॉक्टरों की दो अलग-अलग मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट्स भी कोर्ट के सामने हैं, जिनमें हरीश के ठीक होने की संभावना बेहद कम बताई गई है.</p>
<p><strong>जिंदगी और मौत के बीच अटका हरीश</strong><br>कोर्ट रिकॉर्ड में दर्ज रिपोर्ट्स के मुताबिक हरीश पिछले साढ़े 12 साल से बिस्तर पर निर्जीव-सी सांसें ले रहा है. उसके वकील मनीष जैन बताते हैं कि विशेष तरल आहार भी उसे केवल ट्यूब के ज़रिए दिया जाता है. वह न बोल सकता है, न खुद को किसी भी तरह व्यक्त कर पाता है.</p>
<p>कभी-कभार आंखें खुल भी जाएं तो उनमें हरकत नाम की कोई चीज़ नहीं दिखती. लगातार बिस्तर पर पड़े रहने से उसकी पीठ पर गहरे घाव बन चुके हैं, जो उसकी दशा की गंभीरता खुद ब खुद बयां करते हैं.</p>
<p><strong>2013 की वह हादसों भरी रात</strong><br>चंडीगढ़ में बीटेक की पढ़ाई के दौरान 20 अगस्त 2013 को चौथी मंजिल से गिरने या गिराए जाने की रहस्यमयी घटना ने उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी. सिर में लगी गंभीर चोट और मस्तिष्क को हुए स्थाई नुकसान ने उसे ऐसी स्थिति में पहुँचा दिया, जहां लौटना अब लगभग असंभव बताया जा रहा है.</p>
<p>दर्द से टूटे उसके माता-पिता ने तीन साल पहले सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी कि जब बेटा गरिमापूर्ण जीवन नहीं जी पा रहा, तो उसे कम से कम गरिमापूर्ण मृत्यु मिलनी चाहिए. यही याचिका अब इंसानियत और कानून, दोनों के लिए अग्निपरीक्षा बन चुकी है.</p>
<p><strong>क्या होती है इच्छामृत्यु?</strong><br>इच्छामृत्यु का अर्थ है—किसी व्यक्ति के असहनीय दर्द को खत्म करने के लिए, उसकी इच्छा से, डॉक्टर की मदद से जीवन का शांतिपूर्ण अंत करना. इसे दो भागों में बांटा गया है: एक्टिव और पैसिव इच्छामृत्यु.</p>
<p>एक्टिव इच्छामृत्यु में डॉक्टर सीधे दवा या इंजेक्शन देकर मौत को अंजाम देते हैं, जबकि पैसिव इच्छामृत्यु में इलाज रोक दिया जाता है, वेंटिलेटर से हटाया जाता है या दवाएं बंद कर दी जाती हैं. साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता दी थी.</p>
<p>अब गुरुवार का दिन इस ऐतिहासिक और बेहद संवेदनशील मामले में नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट इच्छामृत्यु पर एक बेहद अहम फैसला करने जा रहा है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बजट 2026 में होम बायर्स की लॉटरी? EMI घटेगी या टैक्स में मिलेगी बड़ी राहत—सबकी निगाहें सरकार पर</title>
<link>https://pratinidhi.in/budget-2026-home-buyers-emi-relief-tax-benefits</link>
<guid>https://pratinidhi.in/budget-2026-home-buyers-emi-relief-tax-benefits</guid>
<description><![CDATA[ भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर अब सुधार से आगे बढ़कर रिकॉर्ड ग्रोथ की ओर है, जिसे बजट 2026 से एक बड़े बूस्ट की उम्मीद है. मध्यम वर्ग से लेकर लक्ज़री इन्वेस्टर तक, हर कोई इस बार बड़े वित्तीय सुधारों की आस लगाए बैठा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 13 Jan 2026 12:22:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बजट 2026 होम लोन राहत, real estate sector growth India, EMI relief budget 2026, घर खरीददार टैक्स छूट, affordable housing India, metro cities property buyers, tier 2 tier 3 real estate boom, commercial real estate India, home loan subsidy expectations, property market budget hopes</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्रीय बजट 2026 के करीब आते ही भारत का रियल एस्टेट सेक्टर जबरदस्त हलचल से भर गया है. बाजार अब सिर्फ रिकवरी नहीं कर रहा, बल्कि तेज रफ्तार में एक नए सुपर-ग्रोथ फेज में प्रवेश कर चुका है. महामारी और ग्लोबल संकटों की मार झेल चुका यह सेक्टर अब पूरी उम्मीद के साथ बजट को देख रहा है कि सरकार कोई ऐसा बड़ा कदम उठाएगी जो इस उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दे.</p>
<p>सबसे बड़ी उम्मीद उन लोगों की है जो पहली बार घर खरीदने का सपनों का सफर शुरू करना चाहते हैं. लोगों को भरोसा है कि इस बार सरकार होम लोन की ब्याज दरों में राहत, सब्सिडी में बढ़ोतरी और लोन चुकाने के लिए ज्यादा समय जैसी सुविधाएं दे सकती है. खासकर मेट्रो शहरों में EMI के बढ़ते दबाव से परेशान खरीदार बजट से बड़ी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं. वहीं, कमर्शियल रियल एस्टेट पर सरकार का बढ़ता ध्यान बाजार में नई ऊर्जा लाने की ओर इशारा कर रहा है.</p>
<p><strong>एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?</strong></p>
<p>रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशंक वासन का मानना है कि अब रियल एस्टेट की असली चमक छोटे शहरों में नजर आ रही है. उनके मुताबिक टियर-2 और टियर-3 शहर न सिर्फ किफायती दामों पर शानदार प्रोजेक्ट्स दे रहे हैं बल्कि असली खरीदारों की जरूरतों पर भी पूरा खरे उतर रहे हैं. बड़े डेवलपर्स का इन इलाकों में आना साबित करता है कि असली डिमांड यहीं है. वे कहते हैं कि नीति सुधार और GST में राहत ने ‘रिवर्स माइग्रेशन’ को तेजी दी है और बजट से उम्मीद है कि टैक्स इंसेंटिव और बेहतर लिक्विडिटी इस सेगमेंट को और मजबूत बनाएंगे.</p>
<p>सिपयत्रा के फाउंडर और पर्सनल फाइनेंस प्रोफेशनल हर्ष गुप्ता का कहना है कि आम निवेशक अब आसान और साफ नियमों की मांग कर रहा है. उनका मानना है कि बजट में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स को सरल बनाना बेहद जरूरी है, ताकि अधिक लोग स्टॉक मार्केट और डिजिटल इन्वेस्टमेंट्स से जुड़ सकें. वे गोल्ड बॉन्ड और डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्पों के लिए भी पारदर्शी नियमों की आवश्यकता पर जोर देते हैं. हर्ष का कहना है कि यदि सरकार लंबी अवधि के निवेशकों को स्पष्ट टैक्स बेनेफिट दे, तो देश में वित्तीय समावेशन में क्रांतिकारी तेजी आ सकती है.</p>
<p>व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के फाउंडर नवदीप सरदाना के मुताबिक रियल एस्टेट सेक्टर की निगाहें इस बजट पर टिकी हुई हैं. पिछले साल ऑफिस स्पेस और प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल देखने को मिला है, जिससे अब लक्जरी रियल एस्टेट बाजार की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है. वे कहते हैं कि हाई-नेट-वर्थ इन्वेस्टर्स चाहते हैं कि सेक्शन 54 और 54F के तहत 10 करोड़ की कैपिटल गेन सीमा को बढ़ाया जाए ताकि बड़े सौदों में आसानी हो. साथ ही इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार ग्रीन फाइनेंसिंग, स्मार्ट होम टेक्नोलॉजी और आसान फंडिंग पर बड़ा कदम उठाएगी. NRI निवेशकों के लिए TDS नियमों में राहत विदेशी पूंजी को और गति दे सकती है.</p>
<p>एलांते ग्रुप की AVP और कमर्शियल सेल्स हेड, हेनम खनेजा का कहना है कि यह बजट सेक्टर में नई जान डाल सकता है. वह बताती हैं कि ऊंची ब्याज दरों के बीच होम लोन पर अतिरिक्त टैक्स लाभ ग्राहकों का आत्मविश्वास बढ़ाएंगे. इसके साथ ही मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट और डेटा सेंटर्स जैसे भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए सरकार को मजबूत नीतियां और वित्तीय सहायता देनी होगी ताकि कमर्शियल रियल एस्टेट में निवेश का प्रवाह तेज हो सके.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;नर्वस नाइंटीज&amp;apos; का शिकार! ISRO का PSLV रॉकेट लगातार दूसरी बार फेल, जानिए क्या हुआ गड़बड़</title>
<link>https://pratinidhi.in/experts-question-isro-pslv-second-lapse-new-signs-in-launch-phase</link>
<guid>https://pratinidhi.in/experts-question-isro-pslv-second-lapse-new-signs-in-launch-phase</guid>
<description><![CDATA[ इसरो का PSLV-C62 मिशन 12 जनवरी 2026 को फेल हो गया. चार स्टेज का रॉकेट 90% सही काम करता है, फिर फेल हो जाता है. तीसरे स्टेज में रोल रेट डिस्टर्बेंस और फ्लाइट पाथ डिस्टर्ब होने के कारण 16 सैटेलाइट्स (अन्वेषा सहित) सही ऑर्बिट में नहीं पहुंचे. यह लगातार दूसरी असफलता (C61 के बाद) है, जिससे ISRO, DRDO, NSIL और देश को 500-800 करोड़ रुपये का वित्तीय व इज्जत को बड़ा झटका लगा है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:12:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ISRO PSLV failure, PSLV-C62 mission news, तीसरे स्टेज में गड़बड़ी, Anvesha satellite loss, ISRO DRDO setback, रोल रेट डिस्टर्बेंस कारण, Indian space mission failure, PSLV anomaly analysis, satellite launch failure India, space mission latest updates</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय अंतरिक्ष मिशन इतिहास में आज का दिन बेहद भारी साबित हुआ। 2026 की पहली लॉन्चिंग के रूप में PSLV-C62 से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सुबह 10:18 बजे शानदार लिफ्टऑफ के कुछ ही मिनट बाद सब कुछ बदल गया। तीसरे स्टेज यानी PS3 के अंत में अचानक ऐसी तकनीकी गड़बड़ी आई कि रॉकेट अपनी गति और दिशा दोनों खो बैठा। उड़ान पाथ डिस्टर्ब हुआ, रोल रेट अनियंत्रित हो गई और मिशन धीरे-धीरे असफलता की ओर बढ़ गया।</p>
<p>इस गड़बड़ी का सबसे बड़ा असर उस पेलोड पर हुआ, जो इस मिशन का दिल था—DRDO का EOS-N1 (अन्वेषा) सैटेलाइट और उसके साथ उड़ रहे अन्य 15 छोटे सैटेलाइट। कुल 16 पेलोड्स सही कक्षा तक पहुंच ही नहीं पाए और अंतरिक्ष में भटक गए या वायुमंडल में जलकर खत्म हो गए। ISRO चीफ वी. नारायणन ने पुष्टि की कि PS3 का प्रदर्शन अंत तक सामान्य दिख रहा था, लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरा कंट्रोल सिस्टम बिगाड़ दिया। वैज्ञानिक अब हर डेटा फ्रेम का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं।</p>
<p><strong>आखिर चूक कहां हुई?</strong></p>
<p>PSLV-C62 की सबसे बड़ी समस्या उसी तीसरे स्टेज में सामने आई, जहां ठोस ईंधन वाला मोटर लगा होता है। शुरुआती रिपोर्ट्स संकेत दे रही हैं कि किसी महत्वपूर्ण बिंदु पर मोटर का व्यवहार अपेक्षा के अनुसार नहीं रहा। हैरानी की बात यह है कि बिल्कुल ऐसी ही दिक्कत 2025 के PSLV-C61 मिशन में भी सामने आई थी, जिसमें चैंबर प्रेशर गिर गया था और EOS-09 सैटेलाइट खो गया था। उस समय पूरे PSLV बेड़े को रोककर समीक्षा हुई, सुधार किए गए, फिर भी वही समस्या दोबारा उभर आई। अब नई फेलियर एनालिसिस कमिटी जांच में जुट गई है।</p>
<p><strong>कितना बड़ा नुकसान?</strong></p>
<p>यह असफल लॉन्च न सिर्फ ISRO बल्कि पूरे देश, DRDO, NSIL और सैन्य रणनीतियों के लिए गंभीर झटका है। एक बड़ी तकनीकी क्षमता, बहुमूल्य डेटा, महीनों की तैयारी और करोड़ों रुपये—सब एक पल में ध्वस्त हो गए। यह सिर्फ तकनीकी विफलता नहीं, बल्कि भारत के स्पेस प्रोग्राम की रफ्तार पर लगा अचानक ब्रेक है, जिसे फिर से पटरी पर लाना आसान नहीं होगा।</p>
<p><strong>वित्तीय नुकसान</strong></p>
<p><strong>प्रतिष्ठा को धक्का</strong></p>
<p><strong>देश और रक्षा क्षेत्र पर असर</strong></p>
<p>ISRO ने आश्वस्त किया है कि डेटा का गहन विश्लेषण जारी है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। PSLV अब भी दुनिया के सबसे भरोसेमंद लॉन्चर्स में गिना जाता है, लेकिन लगातार दो बार तीसरे स्टेज में गड़बड़ी एक गंभीर संकेत है। विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सॉलिड मोटर की और गहराई से टेस्टिंग और सुधार की जरूरत है। इतिहास गवाह है कि ISRO ने हर असफलता को सीख में बदला है—लेकिन इस बार दांव बड़ा है, और उम्मीदें भी।</p>
<p><strong>PSLV-C61 की असफलता की रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं?</strong></p>
<p>मई 2025 में हुए PSLV-C61 मिशन में भी तीसरा स्टेज ही समस्या की जड़ था, जब थ्रस्ट कम पड़ने से सैटेलाइट ऑर्बिट तक नहीं पहुंच पाया। अगस्त 2025 में ISRO प्रमुख ने बताया था कि कमिटी ने जांच पूरी कर ली है और रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजी जा रही है। मगर आश्चर्य की बात है कि जनवरी 2026 तक वह रिपोर्ट आम जनता के सामने नहीं आई।</p>
<p>कई विशेषज्ञों का मानना है कि त्रुटि की वजह चैंबर प्रेशर में गिरावट, निर्माण संबंधी कमजोरी या नोजल-कैसिंग में कोई खामी हो सकती है। ISRO ने स्वीकार किया कि समस्या मौजूद थी, पर पूरी रिपोर्ट जारी नहीं की गई—जो कि संस्था की परंपरा के अनुरूप है, जहां फेलियर रिपोर्ट पहले PMO तक पहुंचती है, फिर तय होता है कि उसे सार्वजनिक किया जाए या नहीं। लेकिन अब, दोबारा वही दिक्कत आने से पारदर्शिता पर सवाल तेज हो गए हैं।</p>
<p>लगातार दूसरी बार PSLV का तीसरा स्टेज विफल हुआ है—और यह सिर्फ तकनीकी खबर नहीं, बल्कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक चेतावनी है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>‘अश्लील कंटेंट बर्दाश्त नहीं!’ Grok विवाद के बाद Elon Musk के X ने चलाया डिजिटल हथौड़ा, 600 अकाउंट्स उड़ाए</title>
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<description><![CDATA[ Elon Musk के X ने 3,500 पोस्ट ब्लॉक किए हैं और 600 अकाउंट डिलीट कर दिए हैं. सूत्रों के अनुसार X  अपने प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक कंटेंट को अनुमति नहीं देगा और सरकारी दिशा-निर्देशों पर काम करेगा. ]]></description>
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<pubDate>Sun, 11 Jan 2026 11:43:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>X obscene content action, एलॉन मस्क X India, Grok AI controversy, अश्लील कंटेंट मामले में कार्रवाई, X platform moderation India, Grok AI abusive content, भारत सरकार MeitY guidelines, X accounts deleted India, social media regulation India, X पर आपत्तिजनक पोस्ट crackdown</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दुनिया के सबसे अमीर अरबपति एलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) ने आखिरकार माना है कि कंटेंट मॉडरेशन में उससे बड़ी चूक हुई है। भारत सरकार द्वारा आपत्तिजनक पोस्टों पर कड़ा रुख अपनाने के बाद प्लेटफॉर्म ने तुरंत एक्शन लेते हुए कई अकाउंट्स को ब्लॉक कर दिया। X ने यह भी वादा किया है कि अब वह भारतीय कानूनों के मुताबिक सख्ती से काम करेगा, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां दोबारा न हों।</p>
<p>यह पूरा मामला तब जोर पकड़ा जब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय MeitY ने X पर बढ़ते अश्लील कंटेंट को लेकर निशानदेही की। पिछले कुछ दिनों से प्लेटफॉर्म पर फैल रही आपत्तिजनक सामग्री ने यूजर्स में नाराजगी और डर दोनों पैदा कर दिया था। खास बात यह थी कि कई अकाउंट Grok AI की मदद से अभद्र और विकृत कंटेंट तैयार कर रहे थे, जिसके चलते भारी आलोचना भी देखने को मिली।</p>
<p><strong>Grok AI क्या है?</strong></p>
<p>Grok असल में एक आधुनिक AI चैटबॉट है, जिसे एलॉन मस्क की कंपनी xAI ने तैयार किया है। यह चैटबॉट X प्लेटफॉर्म और एक अलग ऐप दोनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें यूजर्स टेक्स्ट या वॉयस कमांड देकर सवाल पूछ सकते हैं, टास्क करवा सकते हैं और कई तरह की AI सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे यह बेहद चर्चित टूल बन चुका है।</p>
<p><strong>Grok AI पर विवाद क्यों भड़का?</strong></p>
<p>बीते दिनों Grok AI का एडिटिंग फीचर सुर्खियों में रहा, क्योंकि इसके जरिए आपत्तिजनक और अश्लील इमेज तैयार की जा रही थीं। कई यूजर्स ने महिलाओं और यहां तक कि नाबालिगों की तस्वीरों को इस AI में डालकर गलत और खतरनाक कंटेंट बनाया, जिसने चिंता बढ़ा दी। मामले की गंभीरता को समझते हुए सरकार ने तुरंत सख्त रुख अपनाया और इस पर लगाम लगाने की मांग तेज हो गई।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सोमनाथ मंदिर में PM मोदी कर रहे दुग्धाभिषेक, पूजा&amp;अर्चना के बाद सभा को करेंगे संबोधित</title>
<link>https://pratinidhi.in/somnath-parv-update-pm-modi-major-message-after-milk-abhishek</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में दुग्धाभिषेक कर रहे हैं। पीएम मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के मौके पर गुजरात पहुंचे हैं। इस विशेष धार्मिक आयोजन के हर पल की लाइव अपडेट्स यहां दी जा रही हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 11 Jan 2026 11:27:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, PM Modi Somnath visit, सोमनाथ मंदिर पूजा, Modi dugdhabhishek news, Somnath live updates, गुजरात धार्मिक आयोजन, PM Modi darshan puja, Somnath Shiv Mandir event, shaurya yatra Gujarat, Modi Somnath puja coverage</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सोमनाथ धाम आज एक बार फिर ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां पहुंचकर विशेष पूजा-अर्चना की। पूरा परिसर मंत्रों की गूंज से ऐसा पवित्र हुआ कि वातावरण ही दिव्यता से भर उठा। पीएम मोदी ने भगवान शिव के समक्ष दुग्धाभिषेक कर देश की समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मांगा।</p>
<p>गुजरात में चल रहे भव्य सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लेने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर में आगमन किसी उत्सव से कम नहीं रहा। जैसे ही वे गर्भगृह में पहुंचे, पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के बीच विशेष अनुष्ठान की शुरुआत की, जिसमें प्रधानमंत्री ने पूरे मन से भाग लिया और देशवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की।</p>
<p>पूजा से पहले मंदिर परिसर में वीर शहीदों की स्मृति में आयोजित शौर्य यात्रा ने हर किसी का दिल जीत लिया। 108 सजे-धजे घोड़ों के साथ निकले इस भव्य जुलूस ने सोमनाथ के इतिहास और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं इस अनोखी यात्रा में शामिल हुए और देश की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को नमन किया।</p>
<p>पूरे अनुष्ठान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान शिव के सामने पारंपरिक रीति से दुग्धाभिषेक किया और देश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक क्षण को भावुक होकर देखा।</p>
<p>पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद पीएम मोदी ने शिष्यों के साथ बैठकर मंत्रोच्चार में हिस्सा लिया, जिससे पूरा सोमनाथ क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से झिलमिला उठा। प्रधानमंत्री इन दिनों तीन दिवसीय गुजरात यात्रा पर हैं, जिसमें उनके कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम शामिल हैं।</p>
<h3>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आस्था से भरे अनुष्ठान के साथ सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना सम्पन्न की</h3>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ED रेड के बीच हड़कंप! ममता की मौजूदगी में जबरन गाड़ियों में रखी गई ‘ग्रीन फाइलें’—क्या छुपा है इनके अंदर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/ed-raids-custody-questions-green-documents-cars-loaded-mamata-presence</link>
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<description><![CDATA[ ED ने सेंट्रल कोलकाता में I-PAC के सीनियर पदाधिकारी प्रतीक जैन के घर पर, और सॉल्ट लेक के सेक्टर V में गोदरेज वाटर्साइड बिल्डिंग में फर्म के ऑफिस में छापेमारी करने पहुंची. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 08 Jan 2026 13:34:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ED raid Kolkata, I-PAC office raid, ममता बनर्जी controversy, TMC political documents, कोलकाता सियासत tension, Pratik Jain I-PAC, Bengal politics news, Election strategy leak, Central agency action, TMC vs ED विवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div>
<p>कोलकाता में सियासत का पारा अचानक आसमान छूने लगा है। राजधानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ED की टीम ने I-PAC से जुड़े कई ठिकानों पर धड़ाधड़ छापे मारे, वही फर्म जो ममता बनर्जी की टीएमसी की चुनावी रणनीति तैयार करती है। इस कार्रवाई के कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भड़क उठीं और केंद्रीय एजेंसियों पर TMC के बेहद अहम डॉक्यूमेंट्स “चुराने” का सनसनीखेज आरोप जड़ दिया। हालात इतना तनावपूर्ण हो गए कि दफ्तर से कुछ फाइलें तुरंत ममता के काफिले की कार में सुरक्षित रखवाई गईं।</p>
<p>अब पूरे राज्य में एक ही सवाल गूंज रहा है—इन फाइलों में आखिर ऐसा क्या था, जिसे रातोंरात कार में ले जाना पड़ा? क्या इसमें TMC की चुनावी प्लानिंग थी, या कोई बड़ा राजनीतिक रहस्य? इसका खुलासा तभी होगा जब TMC या ED की ओर से आधिकारिक बयान सामने आएगा, लेकिन फिलहाल पूरे बंगाल में सस्पेंस और सियासी गर्मी चरम पर है।</p>
<p>ED की टीम ने कोलकाता के बीचोंबीच I-PAC अधिकारी प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक सेक्टर V स्थित गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में फर्म के ऑफिस पर दबिश दी। प्रतीक जैन को ममता की चुनावी 'सोच' और 'प्लानिंग टीम' का दिमाग माना जाता है। छापेमारी की खबर फैलते ही सत्ता और विपक्ष दोनों तरफ हलचल तेज हो गई।</p>
<p><strong>'हमारी रणनीति चुराने पहुंचे हैं वे…'</strong></p>
<p>जैसे ही छापों की भनक लगी, TMC कार्यकर्ता और नेता सॉल्ट लेक ऑफिस के बाहर जमा होने लगे। तनाव बढ़ा तो बिधाननगर पुलिस कमिश्नर खुद मौके पर पहुंचे। इस बीच ममता बनर्जी भी तेजी से वहां पहुंचीं और हालात का जायजा लिया।</p>
<p>मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने धमाकेदार आरोप लगाया कि ED का मकसद किसी वित्तीय जांच से ज्यादा TMC के अंदरूनी “पॉलिटिकल सीक्रेट्स” हासिल करना था। ममता ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि ED हमारे IT ऑफिस में पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट, रणनीति, प्लान और गोपनीय डॉक्यूमेंट्स लेने पहुंची। यह सीधा राजनीतिक हस्तक्षेप है।”</p>
<p><strong>'यह सब उस नॉटी होम मिनिस्टर का खेल है…'</strong></p>
<p>इसके बाद ममता ने बिना नाम लिए सीधी चोट गृह मंत्री अमित शाह पर कर दी और आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई उन्हीं की “साजिश” है। उन्होंने कहा, “यह सब उस शरारती गृह मंत्री ने करवाया है, जो देश को सुरक्षित तक नहीं रख सकता। उन्हें हमारी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची चाहिए, इसलिए यह सब किया जा रहा है।”</p>
<p>ममता ने यह भी कहा कि “वे हमारे दस्तावेज़ उठाकर ले जा रहे हैं, जबकि वहां कोई गार्ड भी मौजूद नहीं था। एक तरफ लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं और दूसरी तरफ हमारे राजनीतिक डॉक्यूमेंट्स इकट्ठा किए जा रहे हैं। आखिर ये सब क्यों?”</p>
<p>उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी राजनीतिक पार्टी की रणनीति, प्लान और कैंडिडेट लिस्ट जब्त करना ED का काम है? “क्या यह गृह मंत्री का दायरा है? क्या राजनीतिक सामग्री उठाना जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है?” ममता के इस बयान के बाद बंगाल की सियासत में नई लहर दौड़ पड़ी है।</p>
<p>ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति टीम के दफ्तर में चली ED रेड ने पूरे प्रदेश में तूफान खड़ा कर दिया है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा फ्लैशप्वाइंट बन सकता है।</p>
</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जेल से सरकार चलाएंगे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री? JPC की बैठक में हुआ ऐसा क्या कि मच गया हंगामा!</title>
<link>https://pratinidhi.in/jpc-meeting-discussion-jail-administration-proposal-new-info-cm-pm-role</link>
<guid>https://pratinidhi.in/jpc-meeting-discussion-jail-administration-proposal-new-info-cm-pm-role</guid>
<description><![CDATA[ संयुक्त संसदीय समिति JPC ने 7 जनवरी को एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें जेल से सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्रियों और प्रधानमंत्रियों से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा हुई। समिति की अध्यक्ष अपराजिता सारंगी ने बताया कि कुछ राजनीतिक दलों ने बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। उन्होंने जोर दिया कि जेल से सरकार चलाना लोकतंत्र के लिए अपमानजनक है, जबकि मोदी सरकार कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहती है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 08 Jan 2026 11:42:58 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>JPC meeting politics, संसद समिति चर्चा, जेल से सरकार issue, 130वां संविधान संशोधन bill, Jammu Kashmir reorganisation 2025, केंद्र शासित प्रदेश amendment, अपराजिता सारंगी statement, Indian politics controversy, Delhi political news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बुधवार, 7 जनवरी को हुई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बेहद महत्वपूर्ण बैठक ने पूरे राजनीतिक माहौल में गर्मी बढ़ा दी। 31 सदस्यों वाली यह समिति अपनी तीसरी बैठक में ऐसे तीन बड़े विधेयकों पर चर्चा के लिए बैठी, जो उन प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों की सत्ता पर सीधा असर डालते हैं, जो जेल में रहते हुए भी सरकार चलाने की कोशिश करते हैं।</p>
<p>करीब तीन घंटे चली इस बैठक में जेपीसी ने 130वां संविधान संशोधन विधेयक 2025, जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 और केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025 को बारीकी से खंगाला। ये प्रस्ताव आने वाले समय में भारतीय राजनीति का पूरा चेहरा बदल सकते हैं।</p>
<p>बैठक के बाद समिति की अध्यक्ष अपराजिता सारंगी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कुछ राजनीतिक दलों को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन उन्होंने आने से साफ इनकार कर दिया। यह रवैया खुद में कई सवाल खड़े करता है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।</p>
<p>सारंगी ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मोदी सरकार कानून की सीमाओं में रहकर काम करना चाहती है, जबकि कुछ दल ऐसे हैं जो कानूनी दायरे से बाहर जाकर सत्ता चलाने का सपना देखते हैं। उन्होंने दो टूक कहा—जेल से सरकार चलाने की कोशिश लोकतंत्र का अनादर है और देश के लिए बेहद शर्मनाक।</p>
<p>बैठक के दौरान विपक्षी दल के एक सांसद ने जोर देकर कहा कि इन विधेयकों पर विपक्ष की राय भी अनिवार्य रूप से सुनी जानी चाहिए, ताकि ये कानून एकतरफा न बनें और लोकतंत्र मजबूत हो।</p>
<p>गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अगस्त 2025 में इन तीनों विधेयकों को लोकसभा में पेश किया था। प्रस्तावों के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी केंद्रीय/राज्य मंत्री किसी गंभीर आपराधिक मामले में गिरफ्तार होता है और 30 दिनों तक हिरासत में बना रहता है, तो 31वें दिन उसकी कुर्सी स्वतः छिन जाएगी—चाहे वह इस्तीफा दे या न दे। यह नियम सत्ता के गलियारों में बड़ा भूचाल ला सकता है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;कुत्तों का दिमाग नहीं पढ़ सकते कि कब काटेगा&amp;apos;, स्ट्रीट डॉग पर सुनवाई के दौरान बोला सुप्रीम कोर्ट</title>
<link>https://pratinidhi.in/supreme-court-stray-dogs-cant-read-when-they-may-bite</link>
<guid>https://pratinidhi.in/supreme-court-stray-dogs-cant-read-when-they-may-bite</guid>
<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों पर सुनवाई जारी है, जिसमें पीठ ने टिप्पणी की कि कुत्तों के मन को नहीं पढ़ा जा सकता कि वे कब काटेंगे। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। कोर्ट ने पहले संस्थागत परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाकर नसबंदी, टीकाकरण के बाद आश्रयों में भेजने का निर्देश दिया था। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 07 Jan 2026 12:43:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुप्रीम कोर्ट stray dogs hearing, आवारा कुत्ता काटने का खतरा, dog bite safety India, स्ट्रीट डॉग्स सुप्रीम कोर्ट टिप्पणी, stray dog control Delhi, कुत्तों की नसबंदी vaccination issue, dog menace urban areas, कपिल सिब्बल stray dogs case, जस्टिस संदीप मेहता remarks, public safety stray dogs</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे पर चल रही सुनवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। अदालत ने बेहद गंभीर लहजे में कहा कि किसी भी पल कुत्ता किस मानसिक स्थिति में है, यह समझ पाना असंभव है—और यही अनिश्चितता लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम बन जाती है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान पीठ ने स्पष्ट किया कि आवारा कुत्तों से सिर्फ रेबीज का खतरा नहीं बढ़ता, बल्कि सड़क हादसों में भी ये बड़ी भूमिका निभाते हैं। वहीं डॉग लवर्स का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि देश के सभी कुत्तों को आश्रय गृह में रखना न तो व्यावहारिक है, न ही आर्थिक रूप से संभव। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरे मुद्दे को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से ही हल किया जा सकता है।</p>
<p>सिब्बल ने यह भी कहा कि हर कुत्ते को पकड़ना समाधान नहीं हो सकता। लेकिन इस पर जस्टिस संदीप मेहता ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि रोकथाम हमेशा इलाज से कहीं बेहतर होती है, और इस दिशा में गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।</p>
<p>जस्टिस मेहता ने आगे बताया कि अदालत केवल यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वर्तमान कानूनों और नियमों का पालन सही तरीके से हो—जो अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन राज्यों ने अब तक जवाब नहीं भेजा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बीजेपी–कांग्रेस एक साथ! अंबरनाथ में ऐसा क्या हुआ कि शिंदे का पूरा खेल पलट गया?</title>
<link>https://pratinidhi.in/ambernath-politics-new-front-bjp-congress-partnership-impacts-shinde-strategy</link>
<guid>https://pratinidhi.in/ambernath-politics-new-front-bjp-congress-partnership-impacts-shinde-strategy</guid>
<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद में एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना (शिंदे) का खेल बिगाड़ने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है. शिंदे की पार्टी ने इसे विश्वासघात बताया है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 07 Jan 2026 11:18:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अंबरनाथ राजनीति news, BJP Congress alliance, महाराष्ट्र नगर परिषद चुनाव, शिवसेना शिंदे गुट politics, अंबरनाथ power struggle, Maharashtra political twist, बीजेपी कांग्रेस गठबंधन वजह, स्थानीय राजनीति updates, Ambarnath council majority</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय राजनीति के दो ध्रुव—बीजेपी और कांग्रेस—एक ही मंच पर साथ खड़े हों और मिलकर सत्ता संभालें? यह विचार किसी राजनीतिक फैंटेसी से कम नहीं लगता. अधिकांश लोग तुरंत कह देंगे कि ऐसा होना नामुमकिन है. लेकिन अब सोचिए, अगर हम बताएं कि महाराष्ट्र के एक शहर में यह ‘असंभव’ सच में हो चुका है, तो?</p>
<p>महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद के चुनावों में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. यहां धुर विरोधी बीजेपी और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है और साथ मिलकर सत्ता पर काबिज हो गए हैं. ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ का नारा लगाने वाली बीजेपी ने इसी शहर में कांग्रेस का साथ थामकर सत्ता की राह चुन ली—जो अब चर्चा का सबसे बड़ा कारण बन चुका है.</p>
<p>राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस अनोखे गठबंधन का असली उद्देश्य एकनाथ शिंदे की शिवसेना (शिंदे गुट) को सत्ता से दूर रखना है. कांग्रेस के साथ रिश्ता जोड़ते ही बीजेपी की स्थिति मजबूत हो गई है, और अब अंबरनाथ की नगर परिषद में उनका बहुमत लगभग तय माना जा रहा है. सत्ता समीकरणों में यह उलटफेर हर किसी को चौंका रहा है.</p>
<p>अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी की तेजश्री करंजुले अध्यक्ष बनकर उभरी हैं. आंकड़ों पर नज़र डालें तो बीजेपी के 16, कांग्रेस के 12 और एनसीपी (अजित पवार गुट) के 4 पार्षदों के साथ कुल 32 का मजबूत समर्थन तैयार हो चुका है. कांग्रेस के बिना बीजेपी के पास सिर्फ 20 पार्षदों का साथ था—जो बहुमत से काफी दूर था. लेकिन अब गठबंधन की बदौलत बीजेपी की अध्यक्ष को स्पष्ट बहुमत मिल गया है, जिससे सदन में कामकाज सुचारू रूप से आगे बढ़ सकता है.</p>
<p><strong>शिंदे गुट भड़का, बताया ‘अभद्र गठबंधन’</strong></p>
<p>बीजेपी और कांग्रेस की इस साझेदारी ने शिवसेना (शिंदे) के कैंप में आग लगा दी है. पार्टी नेताओं ने इसे सीधे-सीधे ‘अभद्र गठबंधन’ करार देते हुए अपने सहयोगी बीजेपी पर खुला हमला बोला है. शिवसेना (शिंदे) के विधायक डॉ. बालाजी किनीकर ने इसे विश्वासघात बताते हुए कहा कि कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली बीजेपी द्वारा कांग्रेस से हाथ मिलाना उनकी पार्टी के साथ धोखा है—मानो पीठ में छुरा घोंपने जैसा.</p>
<p><strong>बीजेपी ने दिया करारा जवाब</strong></p>
<p>शिंदे गुट के आरोपों का बीजेपी ने तुरंत जवाब देते हुए उन्हें पूरी तरह खारिज कर दिया. बीजेपी उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि असली ‘अभद्र गठबंधन’ तो वह होता अगर वे 25 साल से भ्रष्टाचार में डूबे शिंदे गुट के साथ सत्ता में आते. उन्होंने साफ किया कि बीजेपी ने कई बार महायुति के तहत गठबंधन की कोशिश की, लेकिन शिंदे गुट ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिए.</p>
<p><strong>अंबरनाथ बना महायुति में तनाव का नया केंद्र</strong></p>
<p>जहां अंबरनाथ में बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन से सत्ता की तस्वीर साफ होती दिख रही है, वहीं यह समीकरण महायुति के भीतर बड़े तनाव की वजह बन गया है. यह गठबंधन राजनीति की ‘मजबूरी’ है या ‘गैर-वाजिब चाल’, इस पर आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं. कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रदीप पाटिल से इस मसले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.</p>]]> </content:encoded>
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<title>क्या ट्रंप पीएम मोदी को भी किडनैप कर लेंगे? कांग्रेस नेता के बयान से सियासी भूचाल</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के एक बयान ने सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने वेनेजुएला की स्थिति का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या भारत में भी ऐसा हो सकता है और क्या ट्रंप पीएम मोदी को किडनैप कर लेंगे। इस बयान पर सोशल मीडिया पर भारी हंगामा हुआ, यूजर्स ने इसे बेतुका बताया। भाजपा ने भी चव्हाण पर हमला बोला है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 Jan 2026 16:46:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Prithviraj Chavan controversy, ट्रंप मोदी किडनैप बयान, Venezuela political comparison, Maharashtra politics news, Congress BJP विवाद, social media reactions India, राजनीतिक बयान विवाद, Delhi political news, Chavan Trump remark, Indian politics debate</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के एक हैरान कर देने वाले बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने वेनेजुएला की घटनाओं का जिक्र करते हुए ऐसा सवाल पूछ दिया, जिसने देखते ही देखते सोशल मीडिया को आग लगा दी। बयान सामने आते ही हर जगह बहस छिड़ गई और लोग दंग रह गए।</p>
<p>वेनेजुएला में हुए सैन्य घटनाक्रम की बात उठाते हुए चव्हाण ने कहा, ‘क्या वही परिदृश्य भारत में भी दोहराया जा सकता है? क्या मिस्टर ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को किडनैप कर लेंगे?’ इस टिप्पणी ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया और यूजर्स ने इसे तर्कहीन और गैर-जिम्मेदाराना बताया।</p>
<p>सोशल मीडिया पर कई लोगों ने चव्हाण के बयान को बचकाना, स्तरहीन और समझ से परे करार दिया। कुछ ने तो इसे भारत जैसे परमाणु शक्ति संपन्न देश के लिए बेहद शर्मनाक बताया। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व शीर्ष अधिकारी एसपी वैद ने भी इस बयान को राष्ट्रीय गरिमा के लिए अपमानजनक करार दिया।</p>
<p>इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर पीएम मोदी को घेरते हुए बयान दिया था। इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए चव्हाण ने और भी तीखी टिप्पणी कर दी। उनका कहना था कि 50 फीसदी टैरिफ किसी भी व्यापारिक संबंध को ठप करने जैसा है, जिसे दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<p>चव्हाण ने आगे कहा कि भारत को नए बाजारों की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे और इसके प्रयास पहले से जारी हैं। वेनेजुएला के उदाहरण का हवाला देते हुए उन्होंने पूछा कि यदि ट्रंप ने भारत के साथ भी ऐसा ही कुछ किया तो क्या स्थिति बनेगी। इस बयान ने सोशल मीडिया पर आक्रोश की लहर पैदा कर दी, वहीं भाजपा ने भी इसे मुद्दा बनाकर चव्हाण पर हमला बोला।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>डिलीवरी बॉय की सैलरी तो जान ली, पर एक घंटे में जोमैटो के सीईओ दीपेंद्र गोयल कितने कमा लेते हैं? अटपटा रिवील!</title>
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<description><![CDATA[ क्या आप जानते हैं कि जोमैटो के सीईओ की सालाना सैलरी कितनी है? दीपेंद्र गोयल एक घंटे में कितनी सैलरी हासिल करते हैं? उनकी सैलरी में हर साल कितनी बढ़ोतरी होती है? हाल ही में दीपेंद्र गोयल ने अपने गिग वर्कर्स की सैलरी के स्ट्रक्चर का खुलासा किया. साथ ही बताया कि साल 2025 में उनके गिग वर्कर्स ने एक घंटे में कितनी कमाई की है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 Jan 2026 16:40:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ज़ोमैटो सीईओ सैलरी, दीपेंद्र गोयल income, gig workers कमाई, delivery boy earnings, Zomato hourly income, CEO vs delivery comparison, gig economy India, Zomato workers salary 2025, Swiggy Zomato incentives, peak demand deliveries</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>हाल के दिनों में डिलीवरी बॉय यानी गिग वर्कर्स लगातार सुर्खियों में रहे हैं. क्रिसमस और न्यू ईयर जैसी पीक डिमांड की तारीखों पर उन्होंने हड़ताल का बड़ा ऐलान कर सभी का ध्यान खींच लिया था. इसी बीच लोगों की नजर उन इंसेंटिव्स पर भी गई जो जोमैटो और स्विगी जैसी बड़ी क्विक-कॉमर्स कंपनियों ने भारी ऑर्डर वॉल्यूम के बीच घोषित किए. खास बात यह रही कि जोमैटो ने 31 दिसंबर की रात रिकॉर्ड तोड़ डिलीवरी का आंकड़ा भी साझा किया, जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी.</p>
<p>अब एक और चौंकाने वाला डेटा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो खुद जोमैटो के को-फाउंडर और सीईओ दीपेंद्र गोयल द्वारा शेयर किया गया है. इस मैसेज में उन्होंने गिग वर्कर्स की कमाई और खासतौर पर उनकी प्रति घंटे की कमाई को सामने रखा. गोयल के मुताबिक 2025 में गिग वर्कर्स की प्रति घंटा आय में 2024 की तुलना में 11% से अधिक का उछाल आया है. लेकिन इसी बीच लोगों के मन में एक बड़ा सवाल उठा—आखिर खुद जोमैटो सीईओ की एक घंटे की सैलरी कितनी है?</p>
<p>आम तौर पर डिलीवरी बॉय की कमाई की तुलना किसी टॉप कंपनी के सीईओ से करना तर्कसंगत नहीं लगता, लेकिन जब कोई सीईओ खुद अपने वर्कर्स की कमाई सामने रखता है तो लोगों की जिज्ञासा बढ़ना लाज़मी है. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि दीपेंद्र गोयल की सालाना सैलरी 3.5 करोड़ रुपए तय की गई है. हैरानी की बात यह है कि यह वेतन अप्रैल 2021 में फिक्स हुआ था और तब से इसमें एक रुपये का भी इजाफा नहीं हुआ. यह पैकेज मार्च 2026 तक इसी तरह जारी रहने वाला है.</p>
<p>अगर इसे महीने के हिसाब से देखें तो गोयल की कमाई करीब 29,16,667 रुपए बैठती है. वहीं उनकी एक दिन की सैलरी लगभग 95,890 रुपए बनती है. इस हिसाब से उनके एक घंटे की कमाई 3,995 रुपए से भी ज्यादा ठहरती है. यह रकम अपने आप में काफी बड़ी है और जाहिर तौर पर उनके गिग वर्कर्स की आमदनी से कई गुना अधिक है.</p>
<p>दीपेंद्र गोयल के ही पोस्ट के अनुसार जोमैटो के डिलीवरी पार्टनर्स की नई प्रति घंटे की कमाई 102 रुपए पहुंच गई है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 11% ज्यादा है. यानी 2024 में यह आंकड़ा लगभग 92 रुपए प्रति घंटा था. लेकिन इसके मुकाबले गोयल की एक घंटे की कमाई 3,995 रुपए है—यानी करीब 39 गुना ज्यादा. विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त वर्ष 2026 के बाद उनके वेतन में बढ़ोतरी की संभावना काफी अधिक है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>घंटों का सफर अब मिनटों में! 180 किमी स्पीड वाली स्लीपर वंदे भारत का रूट चार्ट आया सामने</title>
<link>https://pratinidhi.in/up-sleeper-vande-bharat-180-kmph-new-route-chart</link>
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<description><![CDATA[ हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें जल्द ही लखनऊ के रास्ते पांच रूट पर चलाई जाएंगी। इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 Jan 2026 13:24:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, UP हाईस्पीड ट्रेन, 180 kmph Vande Bharat, लखनऊ नई ट्रेन रूट, Delhi Varanasi Lucknow route, Mumbai Patna Vande Bharat, Ayodhya Jammu sleeper train, Indian Railways new routes, kavach safety system train, high speed sleeper train India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देशभर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पटना, जयपुर, मुंबई, जम्मू और दिल्ली जैसे सुपर बिजी रूट्स पर जल्द ही हाई-टेक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें फर्राटा भरती नजर आएंगी। पहले चरण में मुंबई और पटना के लिए इन प्रीमियम स्लीपर ट्रेनें शुरू की जाएंगी, जिनके आगामी तीन महीनों के भीतर पटरी पर उतरने की पूरी तैयारी है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक दिल्ली से वाराणसी होते हुए लखनऊ के लिए एक खास वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी तैयार की जा रही है। इसी तरह लखनऊ से पटना, मुंबई और जयपुर के अलावा अयोध्या से जम्मू तक भी इन आधुनिक ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की योजना है। रेलवे अफसरों का कहना है कि शुरुआती चरण में दो ट्रेनें लॉन्च होंगी, जबकि बाकी ट्रेनें अगले छह से आठ महीनों में यात्रियों के लिए उपलब्ध होंगी।</p>
<p>नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें 180 किलोमीटर प्रतिघंटा की शानदार रफ्तार से दौड़ेंगी, जिससे पहले से कहीं ज्यादा समय की बचत होगी। सुरक्षा को देखते हुए इन ट्रेनों में अत्याधुनिक कवच सुरक्षा सिस्टम, फायर सेफ्टी तकनीक और एआई कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही सेंसर वाले दरवाजे, आरामदायक सीटें और 99.9 प्रतिशत कीटाणु समाप्त करने वाली हाई-टेक डिसइन्फेक्शन तकनीक सफर को और सुरक्षित व आरामदायक बनाएगी।</p>
<p>इन सुपर मॉडर्न ट्रेनों में कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 823 यात्री एक साथ सफर कर पाएंगे। 11 कोच थर्ड एसी, चार सेकंड एसी और एक फर्स्ट एसी के होंगे। थर्ड एसी में 611 यात्रियों की क्षमता, सेकंड एसी में 188 सीटें और फर्स्ट एसी में कुल 24 लग्जरी बेर्थ उपलब्ध होंगी।</p>
<p>वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने ट्रायल में 180 Kmph की गति छूकर रेलवे में नया इतिहास रच दिया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>‘कब्र खुदेगी…’ नारे से JNU में फिर बवाल! ABVP बोली– ये है हिंदू विरोधी सोच</title>
<link>https://pratinidhi.in/new-controversy-graves-will-be-dug-slogan-jnu-abvp-anti-hindu</link>
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<description><![CDATA[ जेएनयू कैंपस में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी का वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया है. साबरमती हॉस्टल के बाहर छात्रों ने &#039;मोदी-शाह की कब्र खुदेगी&#039; के नारे लगाए. ABVP ने इसे हिंदू विरोधी मानसिकता बताया है, जबकि JNUSU ने इसे विचारधारा की लड़ाई कहा है. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 Jan 2026 12:44:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>JNU controversy news, दिल्ली JNU protest, मोदी शाह नारे विवाद, क़ब्र खुदेगी slogan issue, ABVP vs JNUSU, JNU campus politics, छात्र प्रदर्शन Delhi, anti-government slogans JNU, Sabarmati hostel video, university ideological clash</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली का मशहूर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है, और इस बार मामला ऐसा कि सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मच गई है। देर रात साबरमती हॉस्टल के बाहर वायरल हुए 35 सेकंड के वीडियो में कुछ छात्र कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ तीखे और उग्र नारे लगाते दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो ने इंटरनेट पर आग की तरह फैलकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।</p>
<p>बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम 5 जनवरी 2020 को कैंपस में हुए हमले की छठी बरसी पर आयोजित सभा के दौरान सामने आया। साथ ही छात्रों में हालिया कोर्ट के एक फैसले को लेकर भी गुस्सा देखा गया, जिसके विरोध में चर्चा और नारेबाजी रातभर चली। हालांकि अब तक दिल्ली पुलिस को इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।</p>
<p>सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में इस नारेबाजी को ‘एंटी इंडिया थॉट’ का नाम दिया गया और इसे शरजील इमाम तथा उमर खालिद के समर्थन में बताया गया। वीडियो के सामने आते ही कई लोगों ने इसे विश्वविद्यालय की विचारधारा को खतरनाक तरीके से मोड़ने की कोशिश करार दिया और जमकर प्रतिक्रिया दी।</p>
<p><strong>जेएनयू छात्र संगठनों की सफाई: वैचारिक विरोध, किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं</strong></p>
<p>JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा ने इन आरोपों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश बताया और कहा कि यह सभा 5 जनवरी की हिंसा को याद करने के लिए आयोजित की गई थी। उनका कहना है कि नारों का निशाना कोई व्यक्ति नहीं बल्कि वह वैचारिक ढांचा है, जिसे वे ‘फासीवादी’ मानते हैं। SFI की उपाध्यक्ष गोपिका ने भी यही दोहराया कि विरोध हिंदुत्व की विचारधारा के खिलाफ था, न कि किसी खास नेता के खिलाफ।</p>
<p><strong>राजनीति में बढ़ी हलचल: कपिल मिश्रा और मंत्रियों का हमला</strong></p>
<p>दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, इसलिए सपोले बिलबिला रहे हैं’। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सली, आतंकी और दंगाइयों के समर्थक हताश हैं क्योंकि उनके खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। उनका बयान भी चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।</p>
<p>वहीं यूपी के मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि JNU में जो छात्र ऐसे नारे लगा रहे हैं, वे देश के पैसे से पढ़कर ‘विदेशी मानसिकता’ फैलाते हैं और देश को ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए। उनके बयान ने भी मामले को और उग्र बना दिया है।</p>
<p><strong>ABVP का आरोप: ‘अर्बन नक्सल’ और हिंदू विरोधी मानसिकता</strong></p>
<p>ABVP जेएनयू अध्यक्ष मयंक पांचाल ने इस नारेबाजी को देश-विरोधी मानसिकता बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। उनका दावा है कि नारों में हिंदू विरोधी भावना साफ झलकती है। ABVP ने इसे ‘इंटेलेक्चुअल टेररिज्म’ बताते हुए सोशल मीडिया पर छात्रों के खिलाफ मुहिम भी शुरू कर दी है। संगठन के नेताओं का मानना है कि यह प्रदर्शन उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में किया गया था।</p>
<p><strong>6 साल पुरानी चोट आज भी ताज़ा</strong></p>
<p>5 जनवरी 2020 को जेएनयू में नकाबपोशों द्वारा किए गए हमले के 6 साल बाद भी हमलावरों का न पकड़ जाना छात्रों के लिए बड़ा सवाल है। हर साल की तरह इस बार भी छात्र इस दिन को ‘क्रूर हमला दिवस’ के रूप में याद करते हैं। इसी गुस्से और ताजा कोर्ट फैसले के विरोध ने मिलकर विश्वविद्यालय में फिर से विवाद का बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बिहार के बाद अब झारखंड में भी रेल हादसा! मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरे, मुंबई–हावड़ा रूट ठप</title>
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<description><![CDATA[ बंडामुंडा में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरने से मुंबई-हावड़ा अप लाइन पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया। सुबह हुई इस हादसे के बाद रेलकर्मी और अधिकारी त्वरित बहाली में जुटे हैं। यह इस साल बंडामुंडा रेलखंड की पहली बड़ी दुर्घटना है, जिसे लेकर अधिकारियों पर जानकारी छिपाने के आरोप लगे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 11:35:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मालगाड़ी पटरी से उतरी घटना, Mumbai Howrah rail route block, बंडामुंडा ट्रेन हादसा, Jharkhand rail accident news, चक्रधरपुर रेल मंडल अपडेट, मालगाड़ी derailment today, रेलवे तकनीकी फेलियर झारखंड, train operation halted India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नए साल की सुबह चक्रधरपुर रेल मंडल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बंडामुंडा स्टेशन के पास मुंबई–हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर एक मालगाड़ी अचानक हादसे का शिकार हो गई, जिससे अप लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह थम गई। घटना के तुरंत बाद रेलवे टीम अलर्ट मोड में आ गई और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह लगभग 7:45 बजे बंडामुंडा सेक्शन के के-केबिन के ठीक सामने किलोमीटर पोल 408/11 ई के पास यह बड़ा हादसा हुआ। तेज आवाज के साथ मालगाड़ी अचानक झटके से हिली और देखते ही देखते दो डिब्बे पटरी से नीचे जा गिरे।</p>
<p>मालगाड़ी एन बॉक्स बंडामुंडा से राउरकेला की दिशा में जा रही थी, लेकिन के-केबिन के पास पहुंचते ही बड़ा तकनीकी फेलियर सामने आ गया। अचानक हुए इस हादसे ने न सिर्फ यात्रियों बल्कि रेलवे अधिकारियों में भी हड़कंप मचा दिया, क्योंकि अप लाइन पर परिचालन पूरी तरह रुक गया।</p>
<p>जैसे ही घटना की खबर फैली, इंजीनियरिंग और कैरिज एंड वैगन विभाग की टीमें तेजी से मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों और तकनीकी कर्मचारियों की मदद से डिब्बों को वापस पटरी पर चढ़ाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन स्थिति अभी भी सामान्य होने में समय लग सकता है।</p>
<p>नए साल की शुरुआत में ही बंडामुंडा रेलखंड पर हुए इस पहले बड़े हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि घटना के एक घंटे बाद भी रेलवे की ओर से कोई इमरजेंसी सायरन नहीं बजाया गया, जिससे अधिकारियों के मामले को शांत रखने की कोशिशों पर भी सवाल उठ रहे हैं।</p>
<p>फिलहाल स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन इस दुर्घटना ने चक्रधरपुर रेल मंडल की सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बड़ा नोट फिर संकट में? मार्च 2026 तक बंद हो जाएंगे ₹500 के नोट! RBI की सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे</title>
<link>https://pratinidhi.in/official-info-500-rupee-note-ban-speculation-march</link>
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<description><![CDATA[ 500 रुपये के नोट को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा दावा किया जा रहा है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि 500 रुपये के नोट मार्च 2026 से बंद कर दिए जाएंगे. हालांकि सरकार ने अब इसका जवाब दिया है. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 11:33:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>500 रुपये नोट बंद अफवाह, RBI 500 note news, PIB fact check 500 rupees, fake message viral इंडिया, 500 रुपये नोट मार्च 2026 truth, government clarification currency, RBI currency ban rumour, social media fake claim India, 500 rupee note validity India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चौंकाने वाला दावा जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है कि सरकार मार्च 2026 से 500 रुपये का नोट बंद करने जा रही है। हजारों लोग इस मैसेज को शेयर कर रहे हैं और कई जगह अफरा-तफरी जैसे हालात बनने लगे। लेकिन अब इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसने इस वायरल मैसेज की सच्चाई साफ कर दी है।</p>
<p>सरकारी एजेंसी PIB ने अपनी फैक्ट-चेक रिपोर्ट में साफ कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 500 रुपये के नोटों पर किसी भी तरह की रोक लगाने की कोई घोषणा नहीं की है। PIB ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है। उन्होंने जनता से अपील की है कि ऐसे फेक मैसेज से भ्रमित न हों क्योंकि 500 रुपये का नोट पूरी तरह वैध है और आराम से किसी भी लेन-देन में इस्तेमाल किया जा सकता है।</p>
<p><strong>सोशल मीडिया पर आखिर वायरल क्या हो रहा था?</strong><br>PIB के मुताबिक कुछ पोस्ट्स में यह झूठ फैलाया जा रहा था कि RBI मार्च 2026 से 500 रुपये के नोट को सिस्टम से हटा देगा। इन दावों ने लोगों में बेवजह डर पैदा कर दिया। लेकिन PIB ने दो टूक कहा कि RBI ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और ना ही ऐसी कोई योजना है। लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी खबर की पुष्टि किए बिना उसे शेयर बिल्कुल न करें।</p>
<p><strong>पहले भी उड़ चुकी हैं ऐसी मनगढ़ंत खबरें</strong><br>यह कोई पहली बार नहीं है जब 500 रुपये के नोट को लेकर भ्रम फैलाया गया हो। इससे पहले भी कई बार इसी तरह की फर्जी खबरें वायरल होती रही हैं, जिनमें दावा किया गया था कि 500 का नोट बंद कर दिया जाएगा। हर बार की तरह इस बार भी सरकार और PIB ने स्थिति स्पष्ट करके लोगों को अफवाहों से बचने की सलाह दी है।</p>
<p><strong>पंकज चौधरी ने संसद में क्या कहा था?</strong><br>वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में स्पष्ट रूप से बताया था कि सरकार 500 रुपये के नोटों की सप्लाई रोकने का कोई इरादा नहीं रखती। उन्होंने यह भी कहा था कि लोग बिना किसी चिंता के ATM से 100, 200 और 500 रुपये के नोट निकाल सकते हैं। साथ ही उन्होंने 500 रुपये के नोट वापस लेने की खबरों को सिरे से खारिज किया था।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>छत्तीसगढ़ सुकमा अभियान में सुरक्षा बलों का दावा, मुठभेड़ के दौरान 12 नक्सली मारे जाने की जानकारी</title>
<link>https://pratinidhi.in/chhattisgarh-sukma-operation-12-naxalites-killed-in-encounter</link>
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<description><![CDATA[ छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षाबलों को नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। DRG के जवानों ने किस्टाराम इलाके में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान 12 नक्सलियों को मार गिराया। कई घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने मौके से AK-47 और इंसास राइफल जैसे हथियार भी बरामद किए। यह कार्रवाई नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 03 Jan 2026 11:21:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>छत्तीसगढ़ सुकमा नक्सली मुठभेड़, Sukma Naxal encounter news, DRG search operation Chhattisgarh, किस्टाराम जंगल एनकाउंटर, नक्सल विरोधी अभियान अपडेट, security forces encounter Sukma, AK-47 INSAS recovery Sukma, Chhattisgarh Naxal violence report, सुरक्षाबल नक्सली ऑपरेशन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>छत्तीसगढ़ के सुकमा से इस वक्त एक बड़ी और रोमांचक खबर सामने आई है, जहां नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियान में सुरक्षाबलों ने जबरदस्त सफलता हासिल की है। DRG की टीम ने घने जंगलों में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान 12 खूंखार नक्सलियों को ढेर कर एक बड़ी जीत अपने नाम कर ली है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, किस्टाराम क्षेत्र में सुरक्षा बल सुबह से ही तलाशी अभियान पर निकले थे। तभी अचानक नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद घंटों तक भारी गोलीबारी होती रही। आखिरकार सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए 12 नक्सलियों को मार गिराया। मौके से AK-47 और इंसास राइफल जैसी घातक हथियार भी बरामद किए गए, जिससे पूरा इलाका दहशत में है और सुरक्षा बलों का मनोबल सातवें आसमान पर।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>320 की रफ्तार से बदलेगा भारत! 508 KM का सफर पलक झपकते, 15 अगस्त 2027 से दौड़ेगी बुलेट ट्रेन</title>
<link>https://pratinidhi.in/bullet-train-320-kmph-508-km-journey-15-august</link>
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<description><![CDATA[ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि भारत में बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 से चलेगी। पहले चरण में यह सूरत से वापी के बीच 100 किमी की दूरी तय करेगी। अहमदाबाद-मुंबई मार्ग पर 55 काम पूरा हो चुका है, जिससे 508 किमी की दूरी 2 घंटे 17 मिनट में तय होगी। यह ट्रेन 320 किमीघंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। साथ ही, पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन गुवाहाटी-कोलकाता के बीच जल्द शुरू होगी। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 02 Jan 2026 11:28:25 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बुलेट ट्रेन इंडिया, 15 अगस्त 2027 ट्रेन लॉन्च, Ahmedabad Mumbai bullet train, हाई स्पीड रेल भारत, Surat Vapi bullet train route, 320 kmph train speed, Vande Bharat sleeper train, Guwahati Kolkata new train, India high speed corridor, Ashwini Vaishnaw announcement</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नए साल की शुरुआत भारत के लिए किसी उत्सव से कम नहीं, क्योंकि देश का बहुप्रतीक्षित बुलेट ट्रेन सपना अब सच बनने के बेहद करीब है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रोमांच बढ़ाने वाली बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 15 अगस्त 2027 से भारत की पहली बुलेट ट्रेन पटरियों पर रफ्तार भरने लगेगी। यह ऐलान होते ही देशभर में उत्साह की लहर दौड़ गई है।</p>
<p>उन्होंने हंसी-ठिठोली करते हुए कहा कि अगले स्वतंत्रता दिवस पर बुलेट ट्रेन की सवारी करनी है तो अभी से टिकट বুক करने की तैयारी कर लीजिए। शुरुआत में यह हाई-स्पीड ट्रेन सूरत से वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर के रूट पर दौड़ेगी, जो तकनीक और आधुनिक भारत का नया चेहरा दुनिया को दिखाएगी।</p>
<p>बुलेट ट्रेन में बैठने का सपना हर भारतीय की आंखों में चमकता है, और अब वह पल आने ही वाला है जब देश भी जापान और फ्रांस जैसे देशों की कतार में शामिल हो जाएगा। अहमदाबाद-मुंबई कॉरिडोर पर तैयार हो रही यह हाई-स्पीड रेल भारत में नई उम्मीद और नई ऊर्जा की शुरुआत मानी जा रही है, जिसे लेकर उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।</p>
<p>पूरा प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद अहमदाबाद से मुंबई की लगभग 508 किमी की दूरी सिर्फ 2 घंटे 17 मिनट में तय की जा सकेगी—यानी हवाई यात्रा जैसा अनुभव, वो भी रेल में। फिलहाल इस मेगा प्रोजेक्ट का लगभग 55% काम पूरा हो चुका है, जबकि नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सूरत में जाकर निर्माण की प्रगति की समीक्षा की थी।</p>
<p>इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का 352 किलोमीटर हिस्सा गुजरात और दादरा-नगर हवेली से होकर गुजरेगा, जबकि 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में पड़ेगा। पूरे प्रोजेक्ट को जापान की मदद से नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) तैयार कर रहा है, जिससे इसकी तकनीक विश्वस्तरीय मानी जा रही है।</p>
<p>जापान की प्रसिद्ध शिंकानसेन ट्रेन की तर्ज पर बन रही यह बुलेट ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की शानदार रफ्तार से दौड़ेगी। पूरे रूट पर 12 बड़े स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, वापी, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। खास बात यह है कि 85% रूट, यानी करीब 465 किमी हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिसमें से 326 किमी निर्माण पूरा भी हो चुका है।</p>
<p>दुनियाभर में चीन, जापान, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, इटली और ताइवान जैसे देशों में बुलेट ट्रेनें पहले ही धड़ाधड़ दौड़ रही हैं। इनमें चीन सबसे बड़ा बुलेट ट्रेन नेटवर्क रखता है, जबकि जापान ने 1964 में इस तकनीक की नींव रखी थी। अमेरिका, इंडोनेशिया और मोरक्को भी इन देशों की कतार में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<p>इसी बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक और खुशखबरी दी है। देश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, और यह ट्रेन 18-19 जनवरी से गुवाहाटी से कोलकाता के बीच पटरी पर दौड़ सकती है। ट्रायल रन में 16 कोचों वाली इस ट्रेन ने 182 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार हासिल की, जिसे जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी हरी झंडी दिखाएंगे।</p>
<p>मंत्री ने बताया कि गुवाहाटी-हावड़ा स्लीपर वंदे भारत का थर्ड एसी किराया लगभग 2300 रुपये रहेगा, जबकि हवाई यात्रा पर यही खर्च 6 से 10 हजार तक पहुंच जाता है। इसी तरह सेकंड एसी का किराया करीब 3000 रुपये और फर्स्ट एसी का किराया लगभग 3600 रुपये तक हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि साल खत्म होने से पहले देश में कुल 12 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें ट्रैकों पर दौड़ती नजर आएंगी। यानी आने वाले महीनों में भारतीय रेलवे यात्रियों को एक नई हाई-स्पीड और आरामदायक रेल यात्रा का रोमांचक अनुभव देने जा रहा है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Zomato–Swiggy का मास्टरस्ट्रोक! गिग वर्कर्स की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी, जानकर खुश हो जाएंगे</title>
<link>https://pratinidhi.in/zomato-swiggy-new-decision-gig-workers-earnings-revealed-11222</link>
<guid>https://pratinidhi.in/zomato-swiggy-new-decision-gig-workers-earnings-revealed-11222</guid>
<description><![CDATA[ क्विक कॉमर्स कंपनियों से जुड़े GiG Workers ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशभर में हड़ताल का आह्वान किया था, जिसके बाद अचानक जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों ने उनका पे-आउट बढ़ाने का ऐलान कर दिया. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Zomato Swiggy gig workers, गिग वर्कर्स हड़ताल India, delivery partners payout hike, जोमैटो स्विगी पेमेंट बढ़ोतरी, New Year delivery strike, TGPWU IFAT protest, gig economy India news, डिलीवरी वर्कर्स इंसेंटिव बढ़ोतरी, quick commerce workers strike, online food delivery India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नए साल 2026 से ठीक पहले, यानी बुधवार 31 दिसंबर 2025 को जैसे ही गिग और डिलीवरी वर्कर्स ने देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी, ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनियों में हड़कंप मच गया। न्यू ईयर ईव जैसे हाई-डिमांड दिन पर सर्विस रुकने की आशंका से घबराई बड़ी कंपनियों—जोमैटो और स्विगी ने तुरंत बड़ा फैसला लेते हुए अपने सभी गिग वर्कर्स को ज्यादा भुगतान देने का ऐलान कर दिया। इस घोषणा ने पूरे सेक्टर में हलचल मचा दी।</p>
<p>रिपोर्ट्स बताती हैं कि दोनों कंपनियों ने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इंसेंटिव बढ़ा दिए हैं, ताकि त्योहारों और न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान डिलीवरी चेन बिना रुकावट चल सके। यूनियनों की हड़ताल के बीच यह कदम कंपनियों के उसी पुराने फॉर्मूले का हिस्सा है, जिसमें वे पीक टाइम में पेमेंट बढ़ाकर राइडर्स को एक्टिव रहने के लिए प्रेरित करती हैं।</p>
<p><strong>कंपनियों में बढ़ी चिंता और तनाव</strong><br>तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) ने दावा किया है कि लाखों वर्कर्स इस आंदोलन में शामिल होंगे। वे बेहतर पेमेंट, सुरक्षित माहौल और काम के उचित हालात की मांग कर रहे हैं, जिसे लेकर कंपनियों की बेचैनी और बढ़ गई है।</p>
<p>इंडस्ट्री स्रोतों का कहना है कि अगर यह हड़ताल चली, तो New Year Eve की रात Zomato, Swiggy, Blinkit, Instamart और Zepto जैसी दिग्गज कंपनियों की सर्विस बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसी दिन डिमांड साल की सबसे ऊंची होती है, और किसी भी अड़चन से उनके कारोबार को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>Zomato ने दिया दिलचस्प ऑफर</strong><br>जोमैटो ने पीक टाइम यानी शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक हर ऑर्डर पर 120 से 150 रुपये तक की कमाई का ऑफर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने दावा किया है कि डिलीवरी पार्टनर्स इस दौरान दिनभर में 3,000 रुपये तक कमा सकते हैं, जो ऑर्डर्स की संख्या और उनकी उपलब्धता पर निर्भर करेगा।</p>
<p>इतना ही नहीं, जोमैटो ने थोड़े समय के लिए ऑर्डर रिजेक्ट और कैंसल करने पर लगने वाली पेनल्टी भी हटा दी है। कंपनी की पैरेंट संस्था इटरनल के प्रवक्ता ने बताया कि साल खत्म होने पर और बड़े त्योहारों के समय इस तरह की पॉलिसी उनका स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोटोकॉल होती है, ताकि राइडर्स बड़ी संख्या में उपलब्ध रहें।</p>
<p><strong>Swiggy ने भी पेश किया बड़ा आकर्षक पैकेज</strong><br>जोमैटो की तर्ज पर स्विगी ने भी अपने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए जबरदस्त इंसेंटिव बढ़ा दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 31 दिसंबर और 1 जनवरी के दौरान वर्कर्स 10,000 रुपये तक कमा सकते हैं। साथ ही नए साल की शाम 6 घंटे के पीक स्लॉट (6 PM से 12 AM) में कंपनी 2,000 रुपये तक का अतिरिक्त पीक-आवर बोनस दे रही है, ताकि सबसे व्यस्त रात में पर्याप्त डिलीवरी पार्टनर्स उपलब्ध रहें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Zomato–Swiggy का मास्टरस्ट्रोक! गिग वर्कर्स की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी, जानकर खुश हो जाएंगे</title>
<link>https://pratinidhi.in/zomato-swiggy-new-decision-gig-workers-earnings-revealed</link>
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<description><![CDATA[ क्विक कॉमर्स कंपनियों से जुड़े GiG Workers ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशभर में हड़ताल का आह्वान किया था, जिसके बाद अचानक जोमैटो और स्विगी जैसी कंपनियों ने उनका पे-आउट बढ़ाने का ऐलान कर दिया. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 31 Dec 2025 16:13:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Zomato Swiggy gig workers, गिग वर्कर्स हड़ताल India, delivery partners payout hike, जोमैटो स्विगी पेमेंट बढ़ोतरी, New Year delivery strike, TGPWU IFAT protest, gig economy India news, डिलीवरी वर्कर्स इंसेंटिव बढ़ोतरी, quick commerce workers strike, online food delivery India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नए साल 2026 से ठीक पहले, यानी बुधवार 31 दिसंबर 2025 को जैसे ही गिग और डिलीवरी वर्कर्स ने देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी, ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनियों में हड़कंप मच गया। न्यू ईयर ईव जैसे हाई-डिमांड दिन पर सर्विस रुकने की आशंका से घबराई बड़ी कंपनियों—जोमैटो और स्विगी ने तुरंत बड़ा फैसला लेते हुए अपने सभी गिग वर्कर्स को ज्यादा भुगतान देने का ऐलान कर दिया। इस घोषणा ने पूरे सेक्टर में हलचल मचा दी।</p>
<p>रिपोर्ट्स बताती हैं कि दोनों कंपनियों ने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए इंसेंटिव बढ़ा दिए हैं, ताकि त्योहारों और न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान डिलीवरी चेन बिना रुकावट चल सके। यूनियनों की हड़ताल के बीच यह कदम कंपनियों के उसी पुराने फॉर्मूले का हिस्सा है, जिसमें वे पीक टाइम में पेमेंट बढ़ाकर राइडर्स को एक्टिव रहने के लिए प्रेरित करती हैं।</p>
<p><strong>कंपनियों में बढ़ी चिंता और तनाव</strong><br>तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) ने दावा किया है कि लाखों वर्कर्स इस आंदोलन में शामिल होंगे। वे बेहतर पेमेंट, सुरक्षित माहौल और काम के उचित हालात की मांग कर रहे हैं, जिसे लेकर कंपनियों की बेचैनी और बढ़ गई है।</p>
<p>इंडस्ट्री स्रोतों का कहना है कि अगर यह हड़ताल चली, तो New Year Eve की रात Zomato, Swiggy, Blinkit, Instamart और Zepto जैसी दिग्गज कंपनियों की सर्विस बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। इसी दिन डिमांड साल की सबसे ऊंची होती है, और किसी भी अड़चन से उनके कारोबार को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>Zomato ने दिया दिलचस्प ऑफर</strong><br>जोमैटो ने पीक टाइम यानी शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक हर ऑर्डर पर 120 से 150 रुपये तक की कमाई का ऑफर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने दावा किया है कि डिलीवरी पार्टनर्स इस दौरान दिनभर में 3,000 रुपये तक कमा सकते हैं, जो ऑर्डर्स की संख्या और उनकी उपलब्धता पर निर्भर करेगा।</p>
<p>इतना ही नहीं, जोमैटो ने थोड़े समय के लिए ऑर्डर रिजेक्ट और कैंसल करने पर लगने वाली पेनल्टी भी हटा दी है। कंपनी की पैरेंट संस्था इटरनल के प्रवक्ता ने बताया कि साल खत्म होने पर और बड़े त्योहारों के समय इस तरह की पॉलिसी उनका स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोटोकॉल होती है, ताकि राइडर्स बड़ी संख्या में उपलब्ध रहें।</p>
<p><strong>Swiggy ने भी पेश किया बड़ा आकर्षक पैकेज</strong><br>जोमैटो की तर्ज पर स्विगी ने भी अपने डिलीवरी पार्टनर्स के लिए जबरदस्त इंसेंटिव बढ़ा दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 31 दिसंबर और 1 जनवरी के दौरान वर्कर्स 10,000 रुपये तक कमा सकते हैं। साथ ही नए साल की शाम 6 घंटे के पीक स्लॉट (6 PM से 12 AM) में कंपनी 2,000 रुपये तक का अतिरिक्त पीक-आवर बोनस दे रही है, ताकि सबसे व्यस्त रात में पर्याप्त डिलीवरी पार्टनर्स उपलब्ध रहें।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इफ्तार में जाने पर उठे सवालों से तिलमिलाईं ममता, दुर्गा आंगन विवाद पर चौंकाने वाली प्रतिक्रिया आई</title>
<link>https://pratinidhi.in/mamata-iftar-attendance-questions-durga-angan-controversy-reaction</link>
<guid>https://pratinidhi.in/mamata-iftar-attendance-questions-durga-angan-controversy-reaction</guid>
<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल में दुर्गा आंगन परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद को सच्ची सेक्युलर बताते हुए कहा कि वह हर धर्म के कार्यक्रमों में शामिल होती हैं. वहीं बीजेपी ने इस परियोजना को फर्जी बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 30 Dec 2025 11:19:12 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ममता बनर्जी सेक्युलर बयान, Durga Angan controversy, West Bengal politics news, इफ्तार पार्टी विवाद, Mamata Banerjee reaction, तुष्टिकरण राजनीति debate, धर्मनिरपेक्षता politics India, BJP vs TMC clash, religious events participation controversy</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों ममता बनर्जी की मेगा परियोजना "दुर्गा आंगन" को लेकर उबल रही है, और इसी तूफान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भावुक होकर अपना पक्ष सामने रखा. उन्होंने कहा कि उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं और वह हमेशा से सच्चे अर्थों में सेक्युलर रही हैं. ममता ने आरोप लगाया कि चाहे वह रोजा की दावत में जाएं या किसी और धार्मिक कार्यक्रम में, कुछ लोग हर बार विवाद खड़ा कर देते हैं.</p>
<p>अपनी बात रखते हुए ममता ने कहा कि उन पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाना सबसे बड़ा मिथक है. उन्होंने साफ कहा कि वह हर धर्म के कार्यक्रम में बराबर शामिल होती हैं और यही उनका धर्मनिरपेक्ष चरित्र है. इफ्तार पार्टी में शामिल होने पर उठे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने जोड़ा कि किसी एक समुदाय के कार्यक्रम में जाने को गलत ठहराना पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है.</p>
<p>ममता ने आगे कहा कि जब वह गुरुद्वारे जाती हैं तो सिर ढककर सम्मान प्रकट करती हैं, तो फिर रोजा के समय सिर ढकना सवाल कैसे बन गया. उन्होंने बताया कि धार्मिक कार्यक्रमों में शॉल ओढ़ना कई हिंदू महिलाओं की परंपरा का हिस्सा है और यही भारत की खूबसूरत सांस्कृतिक विविधता है. उन्होंने कहा कि हर धर्म के अपने नियम होते हैं और उनका सम्मान करना ही असली भारतीय पहचान है.</p>
<p><strong>‘मां दुर्गा से प्रार्थना—असुरों का अंत हो, इंसानियत लौट आए’</strong></p>
<p>कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी भावुक होते हुए बोलीं कि कुछ ताकतें समाज में केवल विनाश फैलाना चाहती हैं. उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि वह असुरों का नाश करें और इंसानियत को फिर से दुनिया में वापस लाएं. उन्होंने दुख जताया कि अब तक 50 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक है.</p>
<p>इसी कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने कोलकाता में बनने वाले विशाल "दुर्गा आंगन" की आधारशिला रखी, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा दुर्गा आंगन बताया जा रहा है. ममता ने कहा कि यह परिसर 365 दिन भक्तों के लिए खुला रहेगा और करीब दो लाख वर्ग फीट के क्षेत्र में फैला होगा. यहां रोजाना एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के दर्शन करने की क्षमता होगी, जो इसे एक भव्य धार्मिक केंद्र बनाएगा.</p>
<p><strong>विपक्ष का हमला—‘न टेंडर निकला, न वर्क ऑर्डर’</strong></p>
<p>दूसरी ओर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस परियोजना पर गंभीर प्रश्न उठाए और इसे पूरी तरह संदिग्ध करार दिया. उन्होंने दावा किया कि जिस जमीन पर यह प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है, वह उद्योग लगाने के लिए तय थी लेकिन सरकार ने उद्योगों को भगाकर इसे अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल किया. सुवेंदु ने साफ आरोप लगाया कि न टेंडर हुआ, न वर्क ऑर्डर जारी हुआ, इसलिए पूरा प्रोजेक्ट फर्जी लगता है.</p>
<p>बीजेपी नेता शिशिर बजोरिया ने भी तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी कलह बढ़ने का दावा कर दिया और कहा कि पार्टी के कठिन दिन शुरू हो चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि यह विवाद सरकार के भीतर बढ़ते असंतोष को उजागर करता है.</p>
<p>इस बीच ममता बनर्जी ने कोलकाता के न्यू टाउन में दुर्गा आंगन का शिलान्यास कर दिया है, जिसने इस प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>चलती ट्रेन में आग का तांडव! आंध्र प्रदेश में 158 यात्रियों की जान खतरे में, 1 की मौत</title>
<link>https://pratinidhi.in/andhra-pradesh-tatanagar-ernakulam-express-ac-coach-fire-1-dead</link>
<guid>https://pratinidhi.in/andhra-pradesh-tatanagar-ernakulam-express-ac-coach-fire-1-dead</guid>
<description><![CDATA[ आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के पास यलमंचिली में टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में आग लगने से हड़कंप मच गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। ट्रेन की दो बोगियां आग की चपेट में आ गईं, जिसकी सूचना देर रात 12:45 बजे मिली। मृतक की पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में हुई है। घटना के समय दोनों कोचों में कुल 158 यात्री सवार थे। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 29 Dec 2025 11:31:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>आंध्र प्रदेश ट्रेन आग, Tatanagar Ernakulam Express fire, AC coach me aag, Visakhapatnam train accident, Yelamanchili rail incident, train fire casualty news, railway safety India, passenger coach fire हादसा, Indian train emergency, train accident latest news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली।</strong> देर रात चल रही टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस में अचानक ऐसी आग भड़की कि कुछ ही मिनटों में पूरा माहौल दहशत से भर गया। तेज़ लपटों और धुएं ने यात्रियों को संभलने का मौका ही नहीं दिया। इस भयावह हादसे में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। घटना आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से करीब 66 किलोमीटर दूर यलमंचिली स्टेशन के पास हुई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।</p>
<p>स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि दो कोच पूरी तरह इसकी चपेट में आ गए। रात लगभग 12:45 बजे अचानक धधकती आग दिखी और तुरंत ही अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। पल भर में सुरक्षित सफर एक डरावने हादसे में बदल गया।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि जिस वक्त आग लगी, उस समय एक कोच में 82 यात्री और दूसरे में 76 यात्री मौजूद थे। अफसोस, बी1 कोच से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान चंद्रशेखर सुंदरम के रूप में की गई है। बचाव दल के अनुसार, कई लोग धुएं और लपटों से बाल-बाल बचे।</p>
<p>आग लगने की खबर मिलते ही दमकल की टीमें पूरी ताकत से मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में जले दोनों कोचों को तुरंत ट्रेन से अलग कर दिया गया ताकि बाकी यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल देर तक बना रहा।</p>
<p>फिलहाल आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया है। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंचकर हर एंगल से जांच कर रही है। कुछ यात्री लपटों और धुएं से घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। हादसे ने यात्रियों के दिलों में गहरा सदमा छोड़ दिया और सवाल खड़े कर दिए कि आखिर सफर के दौरान ऐसी त्रासदी कैसे हुई।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिग्विजय सिंह की टिप्पणी से कांग्रेस में तूफान! CM रेवंत रेड्डी का सोनिया गांधी पर बड़ा वार</title>
<link>https://pratinidhi.in/digvijay-remark-stirs-controversy-revanth-invokes-sonia</link>
<guid>https://pratinidhi.in/digvijay-remark-stirs-controversy-revanth-invokes-sonia</guid>
<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के संगठन सुधार संबंधी बयान पर पार्टी में आंतरिक कलह छिड़ गई है। उन्होंने RSS-BJP का उदाहरण दिया था। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोनिया गांधी के नेतृत्व की सराहना करते हुए पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने के उनके फैसलों को सही ठहराया। रेवंत रेड्डी का यह बयान दिग्विजय सिंह की पोस्ट का परोक्ष जवाब माना जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 29 Dec 2025 11:29:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दिग्विजय सिंह बयान controversy, सोनिया गांधी leadership praise, Revanth Reddy news Telangana, कांग्रेस internal conflict, RSS BJP comparison politics, पीवी नरसिम्हा राव PM decision, Manmohan Singh support Congress, Delhi political updates, Congress organizational reform debate</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के ताज़ा बयान ने पार्टी के भीतर बवाल मचा दिया है। आरएसएस और बीजेपी की कार्यशैली का उदाहरण देकर उन्होंने कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की जरूरत बताई, जिसके बाद कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके विचारों पर कड़ा ऐतराज जताया। अब इस राजनीतिक घमासान में तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी भी कूद पड़े हैं।</p>
<p>रेवंत रेड्डी ने बिना नाम लिए दिग्विजय सिंह पर सीधा वार किया। उनका कहना है कि सोनिया गांधी ने हमेशा प्रतिभा को प्राथमिकता दी है—इसका बड़ा उदाहरण है 1991 में पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनाना और 2004 व 2009 में डॉ. मनमोहन सिंह पर विश्वास जताना। रेड्डी के इन शब्दों ने सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।</p>
<p>रेवंत रेड्डी का यह बयान दिग्विजय सिंह की उस पोस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने लिखा था कि आरएसएस और बीजेपी में साधारण कार्यकर्ता भी उच्च पद तक पहुंच सकते हैं। इसी तुलना को लेकर कांग्रेस के भीतर अब नया विवाद भड़क रहा है।</p>
<p>रेड्डी ने कहा कि सोनिया गांधी के फैसलों को देखें तो साफ दिखता है कि एक छोटे से तेलंगाना गांव से उठकर पीवी नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री बने—और यह सब कांग्रेस नेतृत्व के भरोसे का नतीजा था। उन्होंने आगे कहा कि मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर सोनिया गांधी ने एक दूरदर्शी निर्णय लिया था।</p>
<p>तेलंगाना सीएम के मुताबिक, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान निर्माण तक, लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव से लेकर विविधता से भरे राष्ट्र के निर्माण तक—कांग्रेस ने आधुनिक भारत की हर बड़ी कहानी में निर्णायक भूमिका निभाई है।</p>
<p>उधर, शनिवार को दिग्विजय सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर साझा की थी। साथ ही उन्होंने लिखा था कि आरएसएस और जनसंघ में काम करने वाला साधारण कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक बन सकता है। खास बात यह कि उन्होंने इस पोस्ट में राहुल गांधी को भी टैग किया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर स्थिति और गर्म हो गई।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>1 जनवरी से सब बदल जाएगा! LPG, आधार, सैलरी से कार तक &amp; 9 बड़े नियम, सीधा आपकी जेब पर असर</title>
<link>https://pratinidhi.in/rule-change-lpg-aadhaar-salary-car-prices-9-major-changes-from-1-january-impact</link>
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<description><![CDATA[ 1 जनवरी 2026 से एलपीजी गैस कीमत से लेकर कार कीमतों तक कई बड़े बदलाव हो रहे हैं, जो सीधा आपकी जेब पर असर डालेंगे. वहीं बैंकिंग, पेंशन और सैलरी संबंधी भी नियम बदल रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 27 Dec 2025 12:45:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>LPG price change 2026, आधार PAN लिंक नियम, UPI सुरक्षा नियम 2026, नए साल financial changes, कार कीमत बदलाव 2026, salary pension rules update, बैंकिंग नए नियम इंडिया, डिजिटल पेमेंट सिक्योरिटी, 1 जनवरी rule change इंडिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>साल 2025 अब अपने अंतिम पलों में है और बिल्कुल दरवाजे पर खड़ा है धमाकेदार 2026! नए साल के साथ सिर्फ कैलेंडर ही नहीं बदलेगा, बल्कि ऐसी बड़ी आर्थिक हलचलें होने वाली हैं जो आपकी जेब, आपकी बचत और आपके खर्चों पर सीधा असर डालेंगी. 1 जनवरी से LPG, PAN-Aadhaar, UPI, टैक्स, वेतन आयोग… सब कुछ बदलने जा रहा है. जानिए कौन-से नियम आपके रोजमर्रा के जीवन को हिलाने वाले हैं और किन बदलावों के लिए आपको अभी से तैयार रहना चाहिए.</p>
<p><strong>पहला बड़ा झटका – PAN-Aadhaar लिंक अनिवार्य</strong><br>आधार और पैन को लिंक कराने की तारीख अब खत्म होने को है, और अगर 1 जनवरी तक आपने यह काम नहीं किया तो दोनों दस्तावेज एक ही झटके में निष्क्रिय हो जाएंगे. ऐसा हुआ तो आईटीआर रिफंड, बैंकिंग सुविधाएँ, सरकारी योजनाओं के लाभ—सब कुछ रुक जाएगा. नई साल की शुरुआत किसी परेशानी के साथ न हो, इसलिए यह काम बिल्कुल आखिरी समय में न छोड़ें.</p>
<p><strong>दूसरा बड़ा बदलाव – UPI, SIM और मैसेजिंग ऐप्स के कड़े नियम</strong><br>बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार डिजिटल पेमेंट और UPI सिस्टम को और ज्यादा सुरक्षित करने जा रही है. साथ ही SIM वेरिफिकेशन के नियम भी सख्त किए जा रहे हैं ताकि WhatsApp, Telegram और Signal जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिये होने वाली ठगी पर लगाम लग सके. इन नए नियमों का सीधा असर आपकी डिजिटल सुरक्षा पर होगा.</p>
<p><strong>तीसरा बड़ा अपडेट – लोन और FD की नई दरें</strong><br>SBI, PNB और HDFC जैसे बड़े बैंकों ने लोन रेट्स में कटौती का ऐलान कर दिया है, जो 1 जनवरी से लागू होंगे. इसके अलावा नए साल के पहले ही दिन से फिक्स्ड डिपॉजिट की नई ब्याज दरें भी लागू हो जाएंगी. अगर आप निवेश या लोन प्लान कर रहे हैं, तो यह बदलाव आपके वित्तीय फैसलों को तेजी से प्रभावित कर सकते हैं.</p>
<p><strong>चौथा बदलाव – LPG सिलेंडर की नई कीमतें</strong><br>हर महीने LPG सिलेंडर की कीमतें बदलती हैं और 1 जनवरी को भी बड़ा फेरबदल तय माना जा रहा है. दिसंबर में ही कमर्शियल सिलेंडर पर 10 रुपये की कटौती की गई थी, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत 1,580.50 रुपये रह गई. अब नए साल में रसोई का बजट और बढ़ेगा या राहत मिलेगी, यह जानने को सभी की नजरें टिकी हैं.</p>
<p><strong>पांचवा बदलाव – CNG, PNG और जेट फ्यूल के नए रेट</strong><br>LPG की तरह CNG, PNG और ATF (जेट फ्यूल) की कीमतों में भी 1 जनवरी से बदलाव होना है. ATF यानी जेट फ्यूल एयरलाइंस के संचालन पर सीधा प्रभाव डालता है, जिसके दाम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों के लिए अलग-अलग तय होते हैं. ऐसे में वाहनों और फ्लाइट किरायों पर इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है.</p>
<p><strong>छठवां बदलाव – नया टैक्स कानून आने की तैयारी</strong><br>नया Income Tax Act 2025 भले ही 1 जनवरी 2026 से पूरी तरह लागू न हो, लेकिन सरकार जनवरी तक इसके लिए नए ITR फॉर्म और नियमों को नोटिफाई करने जा रही है. यह 1961 के पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा. नए नियमों में टैक्स ईयर की परिभाषा बदलेगी, प्रक्रिया आसान होगी और ITR सिस्टम को पूरी तरह सरल बनाया जाएगा.</p>
<p><strong>सातवां बड़ा प्रभाव – 8वां वेतन आयोग</strong><br>लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, क्योंकि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है. चाहे इसके लागू होने में थोड़ा समय लगे, लेकिन सैलरी और पेंशन 1 जनवरी 2026 से ही जोड़कर दी जाएगी. 7वां वेतन आयोग 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रहा है, ऐसे में नए वेतनमान को लेकर उत्सुकता चरम पर है.</p>
<p><strong>आठवां बदलाव – किसानों के लिए नए प्रावधान</strong><br>उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में PM-किसान योजना का लाभ पाने के लिए अब यूनिक किसान ID अनिवार्य होने जा रही है. साथ ही PM फसल बीमा योजना में भी बड़ा बदलाव किया गया है—अब जंगली जानवरों से नुकसान होने पर 72 घंटे में रिपोर्ट करने पर भी मुआवजा मिलेगा. यह नियम किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.</p>
<p><strong>नौवां बदलाव – गाड़ियों के दाम बढ़ने वाले</strong><br>नए साल में कार और इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना महंगा पड़ सकता है, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से Nissan, BMW, Renault, MG Motor और Ather Energy जैसी कंपनियां 3 हजार रुपये से लेकर 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने जा रही हैं. टाटा मोटर्स और होंडा ने भी बढ़े दामों के संकेत दे दिए हैं. यानी नया साल ऑटो सेक्टर में महंगाई लेकर आ रहा है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या ऑस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया? मद्रास HC ने केंद्र को दी सलाह</title>
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<description><![CDATA[ मद्रास उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को सुझाव दिया है कि वह ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाने की संभावना तलाशे। अदालत ने अश्लील सामग्री की आसान उपलब्धता पर चिंता जताई और जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया, ताकि बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाया जा सके। याचिकाकर्ता ने बच्चों के मानसिक और भावनात्मक विकास को खतरे से बचाने की मांग की है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 26 Dec 2025 11:22:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सोशल मीडिया ban India, Madras High Court order, बच्चों की online safety, Australia social media law, 16 साल से कम उम्र restriction, child protection online, social media regulation India, obscene content रोकथाम, Delhi government suggestion</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div>
<p>ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला अब भारत में भी हलचल मचा रहा है। दुनिया के पहले देश के रूप में ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया को पूरी तरह लॉक कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम के बाद अब भारत में भी ऐसे ही कड़े नियम लाने पर गहन चर्चा शुरू हो गई है, जो करोड़ों परिवारों को सीधे प्रभावित कर सकता है।</p>
<p>मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने केंद्र सरकार को जोरदार सुझाव दिया है कि वह ऑस्ट्रेलिया की राह पर चलते हुए ऐसा ही कानून लाने की संभावना तलाशे, जिससे 16 वर्ष से नीचे के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल बिल्कुल न कर सकें। अदालत ने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी बताया।</p>
<p>मामला साल 2018 की उस जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसे मदुरै के निवासी एस विजयकुमार ने दायर किया था। उन्होंने अदालत को चेताया था कि इंटरनेट पर अश्लील और हानिकारक सामग्री बेहद आसानी से उपलब्ध है, जिससे छोटे बच्चे सबसे ज़्यादा खतरे में हैं। उन्होंने दोनों बाल अधिकार संरक्षण आयोगों से ISP के जरिए जागरूकता फैलाने की मांग भी की थी।</p>
<p>याचिका में यह साफ कहा गया था कि ऑनलाइन पोर्नोग्राफी और चाइल्ड सेक्शुअल अब्यूज सामग्री बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा वार कर रही है। कम उम्र के बच्चों तक ऐसी सामग्री पहुंचना उनके भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक विकास के लिए खतरनाक हो सकता है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की कि CSAM से जुड़ी वेबसाइट और URL लगातार बदलते रहते हैं, इसलिए इन पर पूर्ण रोक लगाना मुश्किल है। अदालत ने कहा कि असली लड़ाई यूजर लेवल पर है, जहां पैरेंटल कंट्रोल और जागरूकता ही बच्चों को बचाने का सबसे मजबूत हथियार बनेगी।</p>
<p>इसी को देखते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्र से अपेक्षा जताई कि वह ऑस्ट्रेलिया की तरह ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध पर गंभीरता से विचार करे। अदालत ने इसे समय की मांग और बच्चों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य कदम बताया।</p>
<p>साथ ही, अंतरिम राहत के रूप में हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि जब तक ऐसा कानून नहीं बन जाता, तब तक संबंधित विभाग जागरूकता अभियानों को और तेज़ और प्रभावी बनाएं, ताकि माता-पिता और बच्चे दोनों डिजिटल खतरों को पहचान सकें और उनसे सुरक्षित रह सकें।</p>
</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जयपुर हिंसा: मस्जिद के पास रेलिंग हटते ही हालात बेकाबू, उग्र भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाया</title>
<link>https://pratinidhi.in/jaipur-violence-mob-attacks-police-after-railing-removed-near-mosque</link>
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<description><![CDATA[ जयपुर के चौमू में धार्मिक स्थल के पास पत्थरों को लेकर दो समुदायों में हिंसा भड़क गई। पुलिस ने शांत कराने की कोशिश की, लेकिन भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, जिसमें कई पुलिस वाले घायल हो गए। फिलहाल, चौमू में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 26 Dec 2025 11:20:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जयपुर चोमू हिंसा, Jaipur violence news, मस्जिद विवाद अपडेट, Chomu stone pelting, police attack Jaipur, धार्मिक तनाव राजस्थान, Rajasthan law and order, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, Kalanderi masjid issue</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>जयपुर के पास बसे चौमू शहर में देर रात वह अफरातफरी मच गई जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। एक धार्मिक स्थल के बाहर वर्षों से पड़े पत्थरों को हटाने की कार्रवाई अचानक दो समुदायों के बीच तनाव की चिंगारी बन गई। कुछ ही मिनटों में मामला इतना बिगड़ गया कि इलाके में दहशत फैल गई और हालात काबू से बाहर होते नजर आए।</p>
<p>पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति शांत कराने की कोशिश की, लेकिन गुस्साई भीड़ ने कानून-व्यवस्था संभाल रही टीम पर ही पथराव शुरू कर दिया। पीटीआई के मुताबिक, इस हमले में चार पुलिसकर्मी चोटिल हो गए और पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। फिलहाल तनाव के बादल छंट चुके हैं और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।</p>
<p>जयपुर के पश्चिम डीसीपी हनुमान प्रसाद मीना ने बताया कि कलंदरी मस्जिद के पास अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। एक पक्ष ने जहां खुद अतिक्रमण हटाया, वहीं कुछ लोगों ने लोहे के कोण लगाकर ढांचे को फिर से खड़ा करने का प्रयास किया। पुलिस जैसे ही इन निर्माणों को हटाने पहुंची, भीड़ ने अचानक हमला बोल दिया। अधिकारी ने कहा कि हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है और फिलहाल माहौल शांत है।</p>
<p>चौमू शहर, जो जयपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर है, वहां बस स्टैंड के पास मौजूद मस्जिद के बाहर पड़े पत्थरों को हटाने के दौरान यह विवाद 25-26 दिसंबर की रात करीब 3 बजे भड़क उठा। आधी रात के बाद अचानक बढ़े तनाव ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया और स्थानीय लोगों में भय का माहौल दिखाई देने लगा।</p>
<p>स्थिति काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। उच्च अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और हालात को संभालने में जुट गए। देर रात चली इस पूरी कार्रवाई ने शहर में अस्थिरता का माहौल बना दिया था, जिसे नियंत्रित करने में टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।</p>
<p>चौमू में 26 दिसंबर की सुबह 7 बजे से 27 दिसंबर सुबह 7 बजे तक इंटरनेट सेवाएं रोक दी गई हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कदम सिर्फ और सिर्फ शांति बहाल रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि हालात पूरी तरह सामान्य हो सकें।</p>
<p>मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि जिस स्थल के बाहर पत्थर पड़े थे, वे लगभग 45 साल पुराने थे। ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर करने के लिए इन्हें हटाने का काम शुरू किया गया, लेकिन इसी प्रक्रिया ने तनाव की आग को हवा दे दी। वर्षों पुरानी चीज़ों के हटाए जाने को लेकर कुछ लोग असहज थे, जिसकी वजह से विवाद ने तूल पकड़ लिया।</p>
<p>प्रशासन ने इससे पहले संबंधित समुदायों के प्रतिनिधियों से बातचीत भी की थी और आपसी सहमति बनने के बाद ही पत्थर हटाने की प्रक्रिया शुरू की थी। यानी फैसला सबकी सहमति से लिया गया था, लेकिन फिर भी अचानक हालात पलट गए और माहौल गरमा गया।</p>
<p>पत्थर हटाने का काम शांतिपूर्वक पूरा भी हो चुका था, लेकिन जैसे ही वहां रेलिंग लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई, कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप में बदल गया और मामूली विवाद ने बड़ी घटना का रूप ले लिया।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>यात्रीगण कृपया ध्यान दें! आज से रेल यात्रा महंगी, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर</title>
<link>https://pratinidhi.in/surprising-turn-in-rail-fare-hike-check-how-much-extra-youll-pay-from-today</link>
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<description><![CDATA[ रेल मंत्रालय ने ट्रेन टिकट किराए में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी कर दी है. 26 दिसंबर 2025 से साधारण श्रेणी में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और मेल/एक्सप्रेस और एसी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर किराया बढ़ेगा. 215 किलोमीटर तक की साधारण यात्रा और उपनगरीय सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इससे पहले 21 दिसंबर को किराया बढ़ाने के फैसले की घोषणा की गई थी. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 26 Dec 2025 11:15:39 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रेल किराया बढ़ोतरी 2025, train fare hike India, रेलवे नए किराए नियम, long distance train charges, साधारण श्रेणी नया किराया, AC coach fare increase, मेल एक्सप्रेस किराया अपडेट, railway ticket price news, train travel budget impact, Indian Railways fare change</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रेल से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आई है। अगर आप भी ट्रेन यात्रा पर निर्भर रहते हैं, तो अब आपका बजट पहले से ज्यादा बढ़ने वाला है। रेल मंत्रालय ने टिकट किराए में इजाफे की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जो शुक्रवार, 26 दिसंबर 2025 से लागू हो जाएगी। इससे पहले 21 दिसंबर को किराया बढ़ाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब इसे औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।</p>
<p><strong>26 दिसंबर से बढ़ेगा किराया, यात्रियों की जेब पर होगा सीधा असर</strong></p>
<p>नए निर्देशों के मुताबिक, साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर तक यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी क्योंकि उन पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। लेकिन जैसे ही दूरी 216 किलोमीटर पार करेगी, किराया अपने आप बढ़ जाएगा। साधारण कोच में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और मेल/एक्सप्रेस की नॉन-एसी तथा सभी एसी क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी लागू होगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।</p>
<p>मंत्रालय का कहना है कि यह साल 2025 में दूसरी बार है जब किराए में संशोधन किया गया है। इससे पहले जुलाई में भी बदलाव हुए थे। रेलवे का तर्क है कि बढ़ते संचालन खर्च और यात्रियों की वहन क्षमता के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े।</p>
<p><strong>215 किमी तक टिकट कीमतों में कोई बदलाव नहीं, रोज़ाना यात्रियों को राहत</strong></p>
<p>मंत्रालय ने साफ किया है कि सीजन टिकट और उपनगरीय (सबअर्बन) सेवाओं में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी ताकि रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को राहत मिलती रहे। साधारण नॉन-एसी कोच में दूसरे दर्जे के लिए 215 किलोमीटर तक किराया जस का तस रहेगा। लेकिन दूरी बढ़ते ही शुल्क क्रमशः बढ़ेगा—216 से 750 किमी तक 5 रुपये, 751 से 1250 किमी तक 10 रुपये, 1251 से 1750 किमी तक 15 रुपये और 1751 से 2250 किमी तक सफर पर 20 रुपये अतिरिक्त देने पड़ेंगे।</p>
<p><strong>मेल–एक्सप्रेस और एसी कोच में बढ़ोतरी दोगुनी, लंबी दूरी की जेब पर ज्यादा असर</strong></p>
<p>स्लीपर और फर्स्ट क्लास में गैर-उपनगरीय यात्राओं के लिए भी 1 पैसा प्रति किलोमीटर की वृद्धि लागू की गई है। वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में स्लीपर से लेकर एसी चेयर कार, एसी-3 टियर, एसी-2 टियर और एसी फर्स्ट क्लास तक सभी में 2 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ोतरी अनिवार्य होगी। उदाहरण के तौर पर, 500 किलोमीटर की नॉन-एसी एक्सप्रेस यात्रा अब यात्रियों को करीब 10 रुपये ज्यादा महंगी पड़ेगी।</p>
<p>अधिसूचना में यह भी साफ कर दिया गया है कि प्रमुख प्रीमियम ट्रेनें—राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत, दुरंतो, गरीब रथ, हमसफर, अमृत भारत और अन्य सभी सेवाएं—इन नए किरायों के दायरे में रहेंगी। हालांकि राहत की बात यह है कि 26 दिसंबर से पहले बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा, भले ही यात्रा की तारीख बाद में क्यों न हो।</p>
<p>अब आपकी रेल यात्रा पहले से ज्यादा महंगी होने वाली है—जेब ढीली करने के लिए तैयार रहें!</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा ट्विस्ट! क्या अब दो नहीं तीन गठबंधन? पुणे में ठाकरे ब्रदर्स–कांग्रेस की दोस्ती के संकेत</title>
<link>https://pratinidhi.in/maharashtra-third-front-shadow-thackeray-congress-proximity-pune</link>
<guid>https://pratinidhi.in/maharashtra-third-front-shadow-thackeray-congress-proximity-pune</guid>
<description><![CDATA[ महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में महायुति और महाविकास अघाड़ी की टूट से सियासी मुकाबला और तेज हो गया है. पुणे पीएमसी में उभरे तीसरे गठबंधन ने पवार परिवार को एक मंच पर ला दिया है. वहीं बीजेपी और शिंदे शिवसेना के सामने ठाकरे ब्रदर्स और कांग्रेस नई राजनीतिक केमिस्ट्री बनाते दिखाई दे रहे हैं. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 26 Dec 2025 10:38:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र तीसरा मोर्चा, पुणे PMC elections, बीएमसी election politics, ठाकरे कांग्रेस alliance, पवार परिवार politics, महायुति breakup news, महाविकास अघाड़ी crisis, Shiv Sena Shinde BJP tussle, Maharashtra nagar nigam polls, Mumbai Pune political equation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की सियासत में इस वक्त ऐसा भूचाल आया है, जिसने बीएमसी समेत 29 नगर निगम चुनावों के सभी पुराने गठबंधन गणित को तहस-नहस कर दिया है. बीजेपी की अगुवाई वाला महायुति हो या विपक्षी महाविकास अघाड़ी—दोनों में ऐसी दरारें पड़ीं कि पूरा चुनावी परिदृश्य ही बदल गया है. अब मैदान में एक तीसरा और बिल्कुल नया मोर्चा उभरता दिख रहा है, जो पूरे राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है.</p>
<p>बीजेपी ने जहां एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ दोस्ती बरकरार रखी, वहीं अजित पवार की एनसीपी को सीधे तौर पर बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके बाद अजित पवार ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अपने चाचा शरद पवार की पार्टी से हाथ मिला लिया. दिलचस्प यह भी है कि मुंबई में उद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन से अलग हुई कांग्रेस ने पुणे में उन्हीं ठाकरे ब्रदर्स का साथ पकड़ लिया है, जिससे नए समीकरण और भी रोचक हो गए हैं.</p>
<p>मुंबई का बीएमसी और पुणे का पीएमसी, दोनों ही नगर निगम चुनावों में इस बार तीन-तीन गठबंधन आमने-सामने हैं. राज्य की दो सबसे बड़ी नगरपालिकाओं में चुनावी मुकाबला इतना तगड़ा हो चुका है कि हर पार्टी अपनी पूरी ताकत झोंकने को मजबूर हो गई है. जनता भी इस बार देख रही है कि कौन सा गठबंधन किस शहर में अपनी पकड़ मजबूत कर पाता है.</p>
<p><strong>बीजेपी–शिंदे का मजबूत लेकिन अधूरा गठबंधन</strong></p>
<p>राज्य की सत्ता संभाल रहे देवेंद्र फडणवीस के महायुति में बीजेपी, शिंदे गुट की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल थी. तीनों ने मिलकर लोकसभा और विधानसभा चुनाव भी लड़े, लेकिन नगर निगम चुनाव आते-आते इस दोस्ती में बड़ी दरार फैल गई. अजित पवार डिप्टी सीएम हैं और उनकी पार्टी के कई मंत्री सरकार में शामिल हैं, फिर भी बीजेपी ने स्थानीय चुनावों में उन्हें दरकिनार कर दिया.</p>
<p>अब बीजेपी और शिंदे गुट मिलकर बीएमसी समेत 29 नगर निगम में जोरदार तरीके से चुनाव लड़ रहे हैं. वहीं अजित पवार की एनसीपी इसमें महायुति का हिस्सा नहीं है. मुंबई से लेकर नागपुर और पुणे तक बीजेपी–शिंदे गठबंधन अपनी पूरी ताकत के साथ उतर चुका है. फडणवीस पहले ही साफ कर चुके हैं कि शिवसेना ही बीजेपी की नैचुरल साथी है, और इस चुनाव में यही समीकरण सबसे ज्यादा चमकता दिख रहा है.</p>
<p><strong>पवार परिवार की अनोखी सियासी जुगलबंदी</strong></p>
<p>मahayuti से दूरी बनते ही अजित पवार ने नई रणनीति तैयार कर ली. मुंबई के बीएमसी चुनाव में उनकी एनसीपी अकेले मैदान में है, लेकिन पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में उन्होंने चाचा शरद पवार की एनसीपी (एसपी) के साथ हाथ मिला लिया है. यह गठबंधन राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है.</p>
<p>शरद पवार की पार्टी पहले महाविकास अघाड़ी का हिस्सा थी, लेकिन अब उसने भी नगर निगम चुनावों के लिए अलग रास्ता चुन लिया है. मुंबई में भले ही उनके पत्ते अभी बंद हों, लेकिन पुणे में दोनों पवार गुटों की दोस्ती खुलकर सामने आ गई है. इस गठबंधन की टाइमिंग भी चौंकाने वाली है, क्योंकि अजित पवार पुणे के प्रभारी मंत्री हैं और उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है.</p>
<p>सीट शेयरिंग को लेकर भी दोनों के बीच गंभीर बातचीत हुई है. शरद पवार गुट ने करीब 40–45 सीटों की मांग रखी है, जबकि अजित पवार 30 सीटें देने को तैयार बताए जाते हैं. अगर यह समझौता होता है तो पवार परिवार अन्य नगर निगमों में भी साथ उतर सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में यह दूसरा शक्तिशाली गठबंधन बन जाएगा.</p>
<p><strong>ठाकरे ब्रदर्स के साथ कांग्रेस का बड़ा दांव</strong></p>
<p>पुणे में तेजी से बदलते समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए ठाकरे ब्रदर्स के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया. मुंबई में हालांकि कांग्रेस ने उद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन से दूरी बनाई थी, लेकिन पुणे के पीएमसी चुनाव में वह उन्हीं दोनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उतरने को तैयार हो गई है. इससे चुनावी माहौल में नई हलचल मच गई है.</p>
<p>पुणे नगर निगम में कांग्रेस अब शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के साथ संयुक्त रूप से अपनी किस्मत आजमाएगी. कांग्रेस ने औपचारिक रूप से शिवसेना (यूबीटी) को प्रस्ताव भेजा है और तीनों दलों के बीच सीट बंटवारा लगभग तय हो चुका है. कुल 41 वार्ड और 165 सीटों पर इस नए गठजोड़ की रणनीति अंतिम रूप लेने वाली है.</p>
<p>इस तरह महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और मनसे का तीसरा बड़ा गठबंधन उभरकर सामने आ रहा है. कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि पुणे में वह किसी हाल में अजित पवार गुट से हाथ नहीं मिलाएगी, जबकि अजित पवार लगातार कांग्रेस को साथ आने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे. कांग्रेस नेता मोहन जोशी के मुताबिक मुंबई की कोर कमेटी ने ठाकरे गुट के साथ गठबंधन पर मुहर लगा दी है और सीट शेयरिंग भी लगभग तय है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;अल्लाह की आवाज आती है&amp; जा उसे खींच ला...&amp;apos;, भाभी से एकतरफा प्यार में कमरे में जा घुसा देवर</title>
<link>https://pratinidhi.in/brother-in-law-obsession-enters-room-citing-signals-shocking-incident</link>
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<description><![CDATA[ अहमदाबाद में भाभी से एकतरफा प्रेम के चलते पीछा और छेड़खानी करने वाले आरोपी एहराज हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जमानत पर छूटने के बाद भी उसने महिला को धमकाया और केस वापस लेने का दबाव बनाया. हिरासत में आरोपी ने दावा किया कि उसने &#039;अल्लाह के कहने पर&#039; ऐसा किया. पुलिस ने मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई शुरू की है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 25 Dec 2025 13:00:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अहमदाबाद harassment case, भाभी देवर विवाद, one sided love crime, पीछा करने का मामला गुजरात, महिला सुरक्षा news, छेड़खानी FIR Ahmedabad, domestic dispute case India, धमकी और stalking केस, obsession crime story, Jamalpur area news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>अहमदाबाद से ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने लोगों को दहला कर रख दिया है. एक शख्स, जो अपनी भाभी के प्रति एकतरफा जुनूनी प्रेम में पूरी तरह पागल हो चुका था, उस पर महिला से छेड़खानी करने का आरोप लगा है. पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो उसने ऐसी बात कही कि हर कोई हैरान रह गया. आरोपी बार‑बार यही कहता रहा कि यह सब उसने "अल्लाह के कहने पर" किया है.</p>
<p><strong>‘भाभी से प्यार है… पीछा करता था और करता रहूंगा!’</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश का 46 वर्षीय एहराज हुसैन तीन साल पहले अहमदाबाद आकर जमालपुर इलाके में रहने लगा था. अक्सर वह अपनी बुआ के घर जाया करता था, लेकिन साल 2024 में उसकी नजर अपनी बुआ की बहू यानी अपनी भाभी पर टिक गई और उसने उसका पीछा करना शुरू कर दिया. विवाद बढ़ने पर उसने महिला के पति के सामने खुलकर कह दिया कि वह उसकी पत्नी से प्रेम करता है और उसके पीछे इसलिए घूमता है क्योंकि उसे देखते बिना चैन नहीं मिलता. इतना ही नहीं, उसने धमकी दी कि अगर किसी ने बीच में पड़ने की कोशिश की तो वह उसकी हत्या कर देगा.</p>
<p><strong>जमानत पर छूटते ही घर में घुस गया</strong></p>
<p>एहराज के खिलाफ 2024 में दानीलीमड़ा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी और कोर्ट में केस चल रहा है. लेकिन जमानत पर बाहर आते ही उसने फिर वही हरकतें दोहरानी शुरू कर दीं. 23 दिसंबर को वह अचानक बुआ के घर घुस आया और महिला का हाथ पकड़कर बोला कि वह उससे प्यार करता है और उसे अपने साथ चलना होगा. उसने दबाव डालते हुए कहा कि जो केस दर्ज किया है वह गलत है और जज से जाकर उसे वापस लेने की बात कहे. महिला ने विरोध किया, लेकिन वह लगातार उसे साथ ले जाने की जिद करता रहा.</p>
<p><strong>‘साथ नहीं आई तो पति को मार दूंगा!’</strong></p>
<p>स्थिति तब बिगड़ गई जब एहराज महिला को जबरदस्ती अपनी ओर खींचने लगा. इस दौरान महिला की सास ने उसे छुड़ाया. इससे उग्र हुआ आरोपी भड़क गया और महिला को साफ‑साफ धमकी दी कि अगर वह साथ नहीं आई तो वह उसके पति की हत्या कर देगा. डरी‑सहमी महिला ने तुरंत गायकवाड़ हवेली थाने में एक और शिकायत दर्ज करवाई.</p>
<p><strong>‘अल्लाह ने कहा… जा उसे खींच ला!’</strong></p>
<p>अब सोशल मीडिया पर आरोपी का एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है जिसमें वह हैरान करने वाले दावे कर रहा है. वह कहता है कि उसे कई बार “आवाजें” सुनाई देती थीं जो उसे भाभी को खींचकर लाने के लिए कहती थीं. दावा करता है कि दिवाली के दिन उसे ख्वाब में आदेश मिला था, और उसने यह बात मजिस्ट्रेट को भी बताई थी. उसका कहना है कि यह “अल्लाह की आवाज” है जो उसे बार‑बार उसी घर जाने के लिए मजबूर करती है.</p>
<p><strong>केस वापस लेने का दबाव बनाता था</strong></p>
<p>एसीपी वाणी दुधात ने बताया कि आरोपी पर महिला का पीछा करने, धमकाने और कोर्ट में बयान बदलने के लिए दबाव डालने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं. एकतरफा प्रेम में अंधा हुआ एहराज पिछले एक साल से महिला को परेशान कर रहा था और केस वापसी के लिए लगातार दबाव बना रहा था. पुलिस के अनुसार मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भयानक सड़क हादसा: स्लीपर कोच बस में लगी आग, 9 की मौत, कई की हालत बेहद नाजुक</title>
<link>https://pratinidhi.in/sleeper-coach-bus-collision-fire-nine-passengers-dead</link>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में दर्दनाक हादसा हो गया. बेंगलुरु से गोकार्णा जा रही एक स्लीपर बस विपरीत दिशा से आ रही एक लॉरी टकरा गई. इसके बाद बस में भीषण आग लग गई. आग की चपेट में आने से 9 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घायलों को हिरियूर और चित्रदुर्ग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 25 Dec 2025 10:59:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कर्नाटक बस हादसा, Chitradurga accident news, sleeper coach bus fire, Bengaluru Gokarna bus crash, सड़क हादसा आज, horrific bus accident India, Hiriyur taluk news, लॉरी बस टक्कर, National Highway accident</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में शनिवार तड़के ऐसा भयावह दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। हिरियूर तालुक में नेशनल हाइवे पर गोरलट्टू गांव के पास एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बेंगलुरु से गोकार्णा जा रही स्लीपर कोच बस तेज रफ्तार में आ रही एक लॉरी से इतनी जोरदार टकराई कि बस कुछ ही मिनटों में आग के समंदर में बदल गई। आसपास मौजूद लोग भी इस खौफनाक मंजर को देखकर सन्न रह गए।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बस रात में बेंगलुरु से निकली थी और यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी। लेकिन करीब 2 बजे, गोरलट्टू गांव पहुंचते ही अचानक हिरियूर की तरफ से आ रही लॉरी डिवाइडर फांदकर उल्टी दिशा में आ गई और सीधे बस को चीरती हुई भिड़ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और बस तुरंत आग की लपटों में घिर गई। यात्रियों को संभलने का भी मौका नहीं मिला।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद बस के अंदर अराजकता फैल गई और लोग जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते हुए बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। एक यात्री ने बताया कि टक्कर के झटके से वह सीट से उछलकर गिर पड़ा, लेकिन हिम्मत करके कांच फोड़कर किसी तरह बाहर निकल पाया। हालांकि, आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोग बस के भीतर ही फंस गए और बाहर आने की कोशिश भी नहीं कर सके।</p>
<p>इस भयावह हादसे में 9 यात्रियों की जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए हिरियूर और चित्रदुर्ग जिला अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। हादसे की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।</p>
<p>जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को मिली, टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। घंटों की मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बस पूरी तरह राख में बदल चुकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज और सभी जरूरी मदद का भरोसा दिया है।</p>
<p>बस में आग लगने से जिंदा जल गए 9 यात्री. (Photo: Screengrab)</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>स्पेस में शक्ति प्रदर्शन! ISRO का ‘बाहुबली’ उड़ा ले गया दुनिया का सबसे भारी सैटेलाइट</title>
<link>https://pratinidhi.in/isro-lvm3-launches-bluebird-3-mission</link>
<guid>https://pratinidhi.in/isro-lvm3-launches-bluebird-3-mission</guid>
<description><![CDATA[ ISRO का LVM3-M6 मिशन आज अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल की ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट में लॉन्च सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. यह दुनिया का सबसे बड़ा कॉमर्शियल संचार सैटेलाइट है, जो सामान्य स्मार्टफोन को स्पेस से सीधे हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड देगा. LVM3 का यह छठा ऑपरेशनल मिशन है और अब तक का सबसे भारी पेलोड. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 24 Dec 2025 12:11:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ISRO LVM3 launch, ब्लूबर्ड-3 सैटेलाइट, AST Spacemobile mission, लो अर्थ ऑर्बिट इंटरनेट, स्पेस से मोबाइल नेटवर्क, हाई स्पीड ब्रॉडबैंड satellite, भारत space mission सफलता, कमर्शियल communication satellite, स्मार्टफोन direct connectivity, स्पेस-बेस्ड internet future</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>बुधवार सुबह ठीक 8:55 बजे इसरो ने इतिहास रचते हुए अपने सबसे पावरफुल रॉकेट LVM3 के जरिए अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल की ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में उड़ान दे दी. इस धमाकेदार लॉन्च के साथ LVM3 की यह छठी ऑपरेशनल मिशन फ्लाइट बन गई, जिसने भारत की स्पेस ताकत को एक बार फिर पूरी दुनिया के सामने साबित कर दिया.</p>
<p>यह मिशन NSIL और AST स्पेसमोबाइल की बड़ी साझेदारी का हिस्सा है, जिसके तहत लो अर्थ ऑर्बिट में दुनिया का सबसे विशाल कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट तैनात हो रहा है. यह हाई-टेक सैटेलाइट सीधे आपके स्मार्टफोन तक स्पेस से हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाएगा, वो भी बिना किसी ग्राउंड नेटवर्क के.</p>
<p>ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 AST की अगली पीढ़ी की सैटेलाइट सीरीज का दमदार सदस्य है, जिसे खास तौर पर ऐसे दुर्गम इलाकों में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है जहां आज तक टावर भी नहीं पहुंच पाए. यह भविष्य के स्पेस-बेस्ड मोबाइल इंटरनेट की शुरुआत मानी जा रही है.</p>
<p>लगभग 600 किलोमीटर ऊपर स्थापित होने वाली यह सैटेलाइट एक ऐसी कम्युनिकेशन लाइन बनाएगी, जो दुनिया के हर कोने को कनेक्टिविटी की नई आज़ादी देगी.</p>
<p>LVM3, जिसे पहले GSLV Mk-III नाम से जाना जाता था, इसरो की सबसे ताकतवर रॉकेट फैमिली का हिस्सा है. पूरी तरह भारतीय तकनीक से तैयार यह रॉकेट भारत की स्पेस क्षमता की रीढ़ है और आने वाले गगनयान मानव मिशन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा.</p>
<p>इस मिशन के जरिए इसरो न सिर्फ कमर्शियल लॉन्च मार्केट में बड़ा मुकाम हासिल कर रहा है, बल्कि AST स्पेसमोबाइल की उस महत्वाकांक्षी योजना को भी ताकत दे रहा है, जो पूरी धरती को एक ही ग्लोबल स्पेस-बेस्ड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ना चाहती है. स्टारलिंक जैसी दिग्गज सेवाओं को टक्कर देने वाला यह मिशन भारत की ग्लोबल स्पेस सर्विसेज में पकड़ को और मजबूत करता है.</p>
<p>श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से उठता हुआ LVM3-M6 मानो आसमान को चीरते हुए भारत की नई उपलब्धि लिख रहा था.</p>
<ul>
<li>वजन लगभग 6100–6500 किलोग्राम के बीच.</li>
<li>223 वर्ग मीटर का विशाल फेज्ड ऐरे एंटीना, जो इसे LEO में सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट बनाता है.</li>
<li>4G और 5G सपोर्ट, जिससे सामान्य स्मार्टफोन को सीधे स्पेस से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड मिलेगा.</li>
<li>प्रत्येक कवरेज सेल में 120 Mbps तक की धमाकेदार स्पीड.</li>
<li>ग्लोबल कांस्टेलेशन का हिस्सा, जिसका लक्ष्य 24×7 विश्व-स्तरीय कनेक्टिविटी.</li>
<li>ब्लूबर्ड 1–5 की तुलना में 10 गुना अधिक बैंडविड्थ क्षमता.</li>
</ul>
<ul>
<li>ऊंचाई: 43.5 मीटर</li>
<li>लिफ्ट-ऑफ वज़न: 640 टन</li>
<li>तीन स्टेज वाला उन्नत रॉकेट</li>
<li>दो पावरफुल सॉलिड स्ट्रैप-ऑन बूस्टर्स (S200)</li>
<li>लिक्विड कोर स्टेज (L110)</li>
<li>क्रायोजेनिक अपर स्टेज (C25)</li>
<li>पेलोड क्षमता: GTO में 4,200 kg, LEO में 8,000 kg तक</li>
<li>पिछले मिशन: चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और वनवेब सहित कई ऐतिहासिक सफलताएं</li>
</ul>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ट्रैफिक जाम का गेम ओवर! भारत में 6 सीटर Air Taxi की टेस्ट शुरू 6 लोग एक साथ भरेंगे उड़ान</title>
<link>https://pratinidhi.in/air-taxi-trial-flight-begins-six-passenger-journey-to-ease-road-chaos</link>
<guid>https://pratinidhi.in/air-taxi-trial-flight-begins-six-passenger-journey-to-ease-road-chaos</guid>
<description><![CDATA[ Sarla Aviation Air Taxi: ग्राउंड टेस्टिंग शुरू होने के साथ ही सरला एविएशन का एयर टैक्सी प्रोग्राम अपने कोर वैलिडेशन फेज में प्रवेश कर गया है. कंपनी का दावा है कि, बेहद कम निवेश में इस मुकाम तक पहुंचना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 22 Dec 2025 15:35:06 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एयर टैक्सी इंडिया, Sarla Aviation air taxi, इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी 2028, दिल्ली मुंबई बेंगलुरु traffic solution, urban air mobility India, एयर टैक्सी ग्राउंड टेस्टिंग, future transport technology, भारत aerospace sector, air taxi trial flight, शहरी सफर air taxi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु की दमघोंटू ट्रैफिक लाइनों के बीच एक नई उम्मीद आसमान में चमक रही है. सड़कें जहां जवाब दे चुकी हैं, वहीं सरला एविएशन ने ट्रैफिक से मुक्ति का रास्ता हवा में तलाश लिया है. उड़ती टैक्सियों के इस रोमांचक सपने को हकीकत बनाने की दिशा में कंपनी ने अपने पहले एयर टैक्सी प्रोग्राम की ग्राउंड टेस्टिंग शुरू कर दी है, जिसने देशभर में हलचल मचा दी है.</p>
<p>अब उड़ान सिर्फ हवाई जहाजों की नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले समय में ऑफिस जाने का तरीका भी बदल सकता है. बेंगलुरु स्थित फैसिलिटी में शुरू हुई यह टेस्टिंग भारत के प्राइवेट एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण मानी जा रही है. सरला एविएशन 2028 तक लोकल कम्यूट के लिए इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी लॉन्च करने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रही है, जिससे शहरी सफर का पूरा खेल बदल सकता है.</p>
<p>ग्राउंड टेस्टिंग के साथ कंपनी का एयर टैक्सी प्रोग्राम अपने सबसे अहम चरण—कोर वैलिडेशन फेज—में प्रवेश कर चुका है. यह वही दौर है जहां डिजिटल प्लान और लैब एक्सपेरिमेंट्स से आगे बढ़कर सिस्टम को असली एयरक्राफ्ट-स्केल पर परखा जाता है. इसी चरण में किसी भी विमान की इंजीनियरिंग क्षमता, सुरक्षा मानक और तकनीकी परिपक्वता की सबसे कठिन परीक्षा होती है.</p>
<p>कंपनी ने बताया कि केवल 9 महीनों की डेवलपमेंट जर्नी में और ग्लोबल स्टैंडर्ड के मुकाबले बहुत कम निवेश के साथ इस स्तर तक पहुंचना एक अप्रत्याशित उपलब्धि है. यह उपलब्धि भारतीय निजी एयरोस्पेस उद्योग के इंजीनियरिंग स्केल, तेज़ एक्जीक्यूशन और सिस्टम मैच्योरिटी का नया मानक बनकर उभरी है, जिसे दुनिया भी गौर से देख रही है.</p>
<p>इस वक्त टेस्टिंग के लिए तैयार किया गया SYL-X1 एक फंक्शनल सब-स्केल एयरक्राफ्ट है, जिसे स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ, प्रोपल्शन इंटीग्रेशन और सिस्टम सेफ्टी को वास्तविक स्केल पर जांचने के लिए डिजाइन किया गया है. यह कोई साधारण मॉडल या अकादमिक प्रोटोटाइप नहीं है, बल्कि इसे शुरुआत से ही सर्टिफिकेशन-फ्रेंडली डिजाइन फिलॉसफी के साथ डेवलप किया गया है. यही डेमॉन्स्ट्रेटर भविष्य के 15-मीटर विंगस्पैन वाले फुल-स्केल एयरक्राफ्ट की नींव बनेगा.</p>
<p>सरला एविएशन के को-फाउंडर और CTO राकेश गोंकर का कहना है कि यह उपलब्धि साबित करती है कि जब भारतीय इंजीनियर वैश्विक अनुभव, अनुशासन और उच्च मानकों के साथ काम करते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है. उनका फोकस तेजी से आगे बढ़ने पर नहीं, बल्कि ऐसी तकनीक बनाने पर है जो दशकों तक टिक सके और भारत को एक नए एयरोस्पेस युग में ले जाए.</p>
<p>इसी दौरान कंपनी ने भारत मोबिलिटी जैसे राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन के लिए एक फुल-स्केल स्टैटिक एयरक्राफ्ट तैयार किया है. साथ ही, सरला एविएशन ने 13 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाकर आने वाले वर्षों के लिए अपनी डेवलपमेंट स्ट्रेटजी को और मजबूत किया है, जिससे तकनीक को रफ्तार देने में बड़ी मदद मिलेगी.</p>
<p>कंपनी का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट एक 6-सीटर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी है, जिसे बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली और पुणे जैसे भीड़भाड़ वाले महानगरों में यात्रा को मिनटों का खेल बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. 2024 में बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने सरला एविएशन के साथ मिलकर एयरपोर्ट से इलेक्ट्रिक फ्लाइंग टैक्सी सर्विस की दिशा में एक प्रमुख साझेदारी भी की थी.</p>
<p>दोनों संस्थाओं के बीच सस्टेनेबल एयर मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए एक स्टेटमेंट ऑफ कोलैबोरेशन साइन किया गया था, जिसमें खासतौर पर eVTOL तकनीक पर जोर दिया गया है. अब ग्राउंड टेस्टिंग के साथ यह सपना एक बेहद वास्तविक रूप ले चुका है और ये पहल आने वाले वर्षों में भारत के शहरी ट्रांसपोर्ट को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रेलवे के किराये में जबरदस्त उछाल, 26 दिसंबर से दिल्ली–देहरादून वंदे भारत का नया किराया</title>
<link>https://pratinidhi.in/train-fare-hike-26-dec-delhi-dehradun-vande-bharat-new-fares</link>
<guid>https://pratinidhi.in/train-fare-hike-26-dec-delhi-dehradun-vande-bharat-new-fares</guid>
<description><![CDATA[ 26 दिसंबर से रेलवे किराया बढ़ेगा, जिसमें दिल्ली-देहरादून रूट पर 6 रुपये और वंदे भारत ट्रेनों पर बढ़ोतरी तय की गई है. नई दरें देहरादून आने-जाने वाली सभी ट्रेनों पर लागू होंगी. यह बदलाव यात्रियों के लिए अपडेटेड किराया संरचना जानना जरूरी बनाता है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 22 Dec 2025 11:40:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रेलवे किराया बढ़ोतरी, Delhi Dehradun train fare, वंदे भारत नया किराया, Dehradun Howrah route fare, 26 दिसंबर railway update, लंबी दूरी ट्रेन किराया, Dehradun travel news, Indian Railways fare hike, Uttarakhand train updates, AC sleeper fare change</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रेलवे ने 26 दिसंबर से किराए में बदलाव का बड़ा फैसला लेकर यात्रियों को चौंका दिया है। नई दरों के लागू होते ही देहरादून से दिल्ली की यात्रा लगभग छह रुपये तक महंगी होने जा रही है। लंबी दूरी की ट्रेनों पर इसका असर और ज्यादा दिखेगा, खासकर देहरादून-हावड़ा रूट पर जहां किराया सीधे 32 रुपये तक बढ़ जाएगा। वंदे भारत ट्रेनें भी इस बढ़ोतरी से अछूती नहीं हैं। जानिए देहरादून से चलने वाली हर ट्रेन की नई किराया सूची और आपके सफर पर इसका कितना असर पड़ेगा।</p>
<p>देहरादून से रोजाना चलने वाली 17 ट्रेनों में हर दिन दस हजार से ज्यादा लोग सफर करते हैं। लेकिन स्टेशन प्रशासन के अनुसार अभी तक आधिकारिक आदेश नीचे के स्तर तक नहीं पहुंचा है। वाणिज्य निरीक्षण एसके अग्रवाल के मुताबिक किराया अपडेट हमेशा उच्च कार्यालय से आता है, इसलिए अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है।</p>
<p>सबसे लंबी दूरी तय करने वाली उपासना एक्सप्रेस, जो देहरादून से हावड़ा तक पूरे 1587 किलोमीटर का सफर करती है, इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा प्रभावित होगी। एसी फर्स्ट क्लास का मौजूदा किराया 4355 रुपये था, जो अब बढ़कर 4387 रुपये हो जाएगा। वहीं स्लीपर क्लास का किराया 690 रुपये से बढ़कर 722 रुपये हो जाएगा, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।</p>
<p>देहरादून-अमृतसर के बीच दौड़ने वाली लाहौरी एक्सप्रेस में भी किराया बढ़ोतरी लागू होगी। एसी कोच का टिकट 870 रुपये से बढ़कर 881 रुपये होने वाला है, जबकि स्लीपर श्रेणी में 320 रुपये की जगह अब 331 रुपये देने होंगे। हल्की बढ़ोतरी होते हुए भी रोजाना सफर करने वालों के लिए यह फर्क महसूस होने वाला है।</p>
<p>देहरादून-कुमाऊं मार्ग पर चलने वाली नैनी-दून जनशताब्दी और काठगोदाम एक्सप्रेस में किराया सात रुपये तक बढ़ने जा रहा है। करीब 336 किमी दूरी तय करने वाली इन ट्रेनों में एसी चेयरकार का किराया 575 रुपये से बढ़कर 582 रुपये हो जाएगा। कुमाऊं के यात्रियों को यह बदलाव जरूर खल सकता है।</p>
<p>देहरादून-लखनऊ रूट पर यात्रा अब पहले से 11 रुपये तक महंगी होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस की एसी चेयरकार में टिकट 1490 रुपये से बढ़कर 1501 रुपये हो जाएगा, जबकि एग्जीक्यूटिव चेयरकार 2725 रुपये से बढ़कर 2736 रुपये हो जाएगा। नॉन एसी कोच वाली ट्रेनों में भी प्रति यात्री 11 रुपये की बढ़ोतरी निश्चित की गई है।</p>
<p>दिल्ली जाने वालों के लिए भी यह किराया संशोधन राहत भरा नहीं है। देहरादून-दिल्ली वंदे भारत की एसी चेयरकार अब 905 रुपये की बजाय 911 रुपये में मिलेगी, जबकि एग्जीक्यूटिव चेयरकार 1700 रुपये से बढ़कर 1706 रुपये में। शताब्दी एक्सप्रेस में भी किराया बढ़कर 1071 और 1626 रुपये तक पहुंच जाएगा। नॉन एसी कोच में सफर करने वालों को 225 रुपये की जगह 231 रुपये देने पड़ेंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मनरेगा की जगह आएगा G Ram G: संसद में नया बिल पेश करेगी सरकार, 125 दिन रोजगार की मिलेगी गारंटी</title>
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<description><![CDATA[ सरकार मनरेगा की जगह जी राम जी को लाने के लिए संसद में एक नया बिल पेश करेगी। इस बिल के तहत, लोगों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। सरकार का उद्देश्य इस नए कार्यक्रम के माध्यम से रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है। यह विधेयक ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 15:43:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>G Ram G रोजगार गारंटी, VB-G RAM G mission, ग्रामीण रोजगार reform, मनरेगा नया कानून, सरकार employment scheme, ग्रामीण विकास India, parliament employment bill, 125 days job guarantee, Delhi government decision</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>मनरेगा को अलविदा कहने का वक्त करीब! केंद्र सरकार अब एक बिल्कुल नए और दमदार कानून G Ram G को लाने जा रही है, जो आने वाले दिनों में ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल सकता है। फाइल फोटो में दिख रही झलक अब एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिक गई हैं।</p>
<p>बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी करते हुए केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह नया कानून लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लोकसभा सांसदों के बीच विधेयक की प्रति बांट दी गई है, जिससे साफ है कि मनरेगा का अध्याय अब खत्म होने के कगार पर है और ग्रामीण रोजगार संरचना में बड़ा पुनर्गठन होने वाला है।</p>
<p>सूत्रों के मुताबिक, नए कानून का नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025’ रखा गया है, जिसे संक्षेप में VB-G RAM G कहा जाएगा। दावा किया जा रहा है कि यह मिशन ग्रामीण विकास को एक नई ऊंचाई देगा और गांवों में रोजगार के लिए मजबूत और आधुनिक ढांचा तैयार करेगा।</p>
<p>नए प्रस्ताव में यह महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल है कि हर ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों तक मजदूरी रोजगार की गारंटी दी जाएगी। उम्मीद है कि लोकसभा में इस पर जल्द ही जोरदार चर्चा होगी। कानून लागू होने के बाद ऐसे परिवारों को सीधी गारंटी मिलेगी, जिनके युवा सदस्य शारीरिक श्रम आधारित कार्य करने के लिए तैयार रहते हैं।</p>
<p>विधेयक के मसौदे में यह भी प्रस्तावित है कि काम पूरा होने के 7 से 15 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए। और अगर ऐसा नहीं होता, तो सरकार बेरोजगारी भत्ता देने के लिए बाध्य होगी—यानी देरी का सीधा मुआवजा। यह प्रावधान ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।</p>
<p>संसद में बिल पेश होने से पहले बीजेपी ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने अपने सभी सांसदों को आदेश दिया है कि 15 से 19 दिसंबर के बीच हर हाल में लोकसभा में मौजूद रहें। इस कदम से अंदाजा लगाया जा रहा है कि सरकार इस विधेयक को किसी भी कीमत पर पास कराने के मूड में है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पुणे में खौफनाक वारदात, चलती क्लास के बीच बच्चे का गला काटकर फरार हुआ क्लासमेट! स्टूडेंट गैंगवॉर की आशंका</title>
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<description><![CDATA[ Pune Student Attacked: पुणे के खेड़ में एक निजी क्लास में एक बदमाश ने बाइक से आकर एक बच्चे का गला रेत दिया. पुलिस को शक है कि यह बच्चों के गैंगवॉर का मामला है. हमले के समय टीचर क्लास ले रहे थे. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 11:29:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Pune student attack, पुणे खेड़ घटना, private class stabbing case, Maharashtra crime news, छात्र पर हमला Pune, school safety issue, kids gangwar Pune, classroom attack incident, Pune police investigation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>पुणे के खेड़ इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे महाराष्ट्र को हिला दिया है. सुबह-सुबह एक प्राइवेट क्लास में बाइक पर धमकते हुए घुसे एक बदमाश ने अचानक एक छात्र पर हमला कर दिया. चंद सेकंड में बच्चे का गला रेतने के बाद आरोपी उसी तेज रफ्तार बाइक पर फरार हो गया, और क्लास में चीख-पुकार मच गई.</p>
<p>सोमवार 15 दिसंबर की यह वारदात किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं थी. खबर मिलते ही राजगुरुनगर पुलिस फौरन पहुंची और पूरे इलाके में जांच तेज कर दी. शुरुआती जानकारी में यह मामला बच्चों की गैंगवॉर से जुड़ा बताया जा रहा है, जिससे माता-पिता और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है. क्लासरूम के अंदर हथियार लेकर घुस जाना, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.</p>
<p>जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—हमलावर कोई बाहरी नहीं, बल्कि पीड़ित बच्चे का ही क्लासमेट था. जब टीचर पढ़ा रहे थे, तभी उसी दौरान आरोपी ने अचानक चाकू से वार कर दिया. वार के तुरंत बाद वह अपनी टू-व्हीलर पर बैठा और आंखों के सामने गायब हो गया. अभी तक हमले के पीछे क्या वजह थी, यह राज़ ही बना हुआ है.</p>
<p>घटना के बाद खून से सने हाल में मिले बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. इस दर्दनाक घटना ने प्राइवेट क्लासों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता खड़ी कर दी है. लोग पूछ रहे हैं—आखिर बच्चों का बचपन कितना सुरक्षित है?</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली&amp;मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो जगह भीषण हादसे, कंटेनर में घुसी तेज रफ्तार कार; गाड़ियों के उड़े परखच्चे और 2 की मौत</title>
<link>https://pratinidhi.in/mysterious-double-crash-delhi-mumbai-expressway-speeding-car-kills</link>
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<description><![CDATA[ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दो स्थानों पर हुए भीषण हादसों में तेज रफ्तार कार के कंटेनर से टकराने की घटना चर्चा में रही।  
मेवात में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई और दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।  
दुर्घटनाओं के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर कारणों की पड़ताल तेज कर दी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 15 Dec 2025 11:09:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे हादसा, नूंह कोहरा accident, Faridabad car crash, तेज रफ्तार कार टक्कर, Haryana expressway news, container collision हादसा, dense fog highway accident, double crash expressway, road safety awareness India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमवार की सुबह खौफनाक बन गई, जब दो अलग-अलग जगहों पर हुए तेज रफ्तार हादसों ने लोगों को दहला दिया। फरीदाबाद में एक कार इतनी जोरदार टक्कर के बाद कंटेनर में जा घुसी कि उसका आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस दर्दनाक नज़ारे को देखकर मौके पर मौजूद लोग भी सन्न रह गए।</p>
<p>वहीं नूंह इलाके में घने कोहरे ने तबाही मचा दी, जहां एक साथ कई वाहन आपस में भिड़ गए। धुंध इतनी घनी थी कि कुछ मीटर आगे का भी रास्ता दिखाई नहीं दे रहा था और ड्राइवरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार गूंजने लगी।</p>
<p><span class="cf0">हरियाणा के नूंह जिले में सुबह का कोहरा कहर बनकर उतरा और एक्सप्रेसवे पर सुनामी जैसी टक्करें होने लगीं। इसी बीच फरीदाबाद में तेज रफ्तार का खतरनाक खेल सामने आया, जहां एक कार कंटेनर से भिड़कर कबाड़ में तब्दील हो गई। इन दोनों दिल दहला देने वाली घटनाओं में दो लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">नरियाला पठकपुर गांव के आसपास हुए हादसे को लेकर स्थानीय लोगों ने बताया कि कोहरे की मोटी चादर ने दृश्यता लगभग खत्म कर दी थी। इसी बीच एक के बाद एक वाहन आपस में टकराते चले गए। सूचना मिलते ही एनएचएआई टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सड़क को साफ कराने में जुट गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज रफ्तार इस मार्ग पर हादसों का सबसे बड़ा कारण बन चुकी है।</span></p>
<p><span class="cf0">फरीदाबाद में लगभग सुबह 8 बजे धुंध ने अंधेरे जैसा माहौल बना रखा था। उसी दौरान सीकरी के पास तेज रफ्तार फोर्ड एंडेवर अचानक खड़े कंटेनर में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।</span></p>
<p><strong><em><span class="cf0">फरीदाबाद में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त कार। जागरण</span></em></strong></p>
<p><span class="cf0">पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को सिविल अस्पताल भेज दिया गया। जांच में सामने आया कि एक्सप्रेसवे से उतरते समय एंडेवर बहुत तेज दौड़ रही थी, जिसकी वजह से घनी धुंध में ड्राइवर सड़क पर खड़े कंटेनर को पहचान नहीं पाया। ड्राइवर की पहचान जयपुर निवासी संदीप के रूप में हुई है, जबकि उसके साथी के बारे में पता लगाया जा रहा है।</span></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>संसद हमले के जवाब में सरहद पर थी सेना… फिर भारत ने अपने कदम पीछे क्यों खींच लिए!</title>
<link>https://pratinidhi.in/after-parliament-clash-army-ready-at-border-why-did-india-suddenly-pause</link>
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<description><![CDATA[ 13 दिसंबर 2001 का संसद हमला भारत के लोकतंत्र और सुरक्षा पर सीधा हमला था. आतंकियों ने संसद परिसर में घुसकर गोलियां चलाईं, जिसमें सुरक्षाकर्मी शहीद हुए. इस हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन पराक्रम शुरू किया और सीमा पर बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती हुई लेकिन ऑपरेशन बिना युद्ध के समाप्त हुआ. यह घटना भारत-पाक संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में निर्णायक मोड़ साबित हुई. ]]></description>
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<pubDate>Sat, 13 Dec 2025 12:44:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>संसद हमला 2001, Parliament attack history, ऑपरेशन पराक्रम भारत, India Pakistan tension, आतंकवादी हमला दिल्ली, national security India, अटल बिहारी वाजपेयी सरकार, border military deployment, Lashkar Jaish terror attack, India defence response</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>13 दिसंबर 2001 की सुबह भारत की संसद पर हुआ दिल दहला देने वाला आतंकवादी हमला आज भी करोड़ों देशवासियों की यादों में जिंदा है. लोकतंत्र के इस सर्वोच्च मंदिर पर हुए हमले ने पूरे देश को हिला दिया था, लेकिन हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर संसद की गरिमा को अक्षुण्ण रखा. यह वह काला दिन था जिसने न सिर्फ भारत की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान पर गहरा घाव भी छोड़ा.</p>
<p>पांच हथियारबंद आतंकी बड़े साजो-सामान के साथ संसद परिसर में घुस आए और अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. इस मुठभेड़ में नौ बहादुर लोग शहीद हुए, जिनमें सुरक्षा बलों के जवान और संसद कर्मचारी शामिल थे. हालांकि सभी हमलावर मौके पर ढेर कर दिए गए, लेकिन इस वारदात ने भारत को गुस्से और हैरानी में झकझोर दिया. सरकार ने तुरंत ही लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद को जिम्मेदार ठहराया और पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाया. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली NDA सरकार ने 1971 से भी बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी.</p>
<p>भारत ने ऑपरेशन पराक्रम के तहत सीमा पर 5 से 8 लाख सैनिकों की विशाल तैनाती कर दुनिया को चौंका दिया. जवाब में पाकिस्तान ने भी लगभग 3 लाख सैनिक मोर्चे पर भेज दिए. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार इतनी बड़ी सैन्य तैनाती आमने-सामने खड़ी थी. करीब नौ महीनों तक भारतीय सेना सीमा पर डटी रही, लेकिन कूटनीतिक दबाव और पाकिस्तान द्वारा आतंकी संगठनों पर कार्रवाई के वादे के बाद सेना को वापस बुलाया गया. फिर भी भारत ने कूटनीतिक स्तर पर बड़ी बढ़त हासिल की.</p>
<p><strong>हमले की पृष्ठभूमि और तत्काल प्रतिक्रियाएं</strong></p>
<p>यह हमला किसी एक दिन की साजिश नहीं था, बल्कि कश्मीर विवाद और भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्तों की लंबी कड़ी का हिस्सा था. कारगिल युद्ध के दो साल बाद भी रिश्ते पटरी पर नहीं आए थे, ऊपर से कंधार विमान अपहरण ने हालात और बिगाड़ दिए थे. ऐसे में 13 दिसंबर को फर्जी पहचान और वाहनों के सहारे आतंकी संसद में दाखिल हुए और अंधाधुंध गोलियां चलाईं. हमलावरों का निशाना उस समय उपराष्ट्रपति कृष्णकांत का काफिला भी था, लेकिन किसी बड़े नेता को नुकसान नहीं पहुंचा.</p>
<p>हमले के तुरंत बाद सरकार का रुख बेहद सख्त हो गया. गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने संसद में कहा कि यह पूरी तरह पाकिस्तान की सोची-समझी साजिश है. भारत ने मांग की कि पाकिस्तान LeT और JeM के सरगनाओं को गिरफ्तार करे, उनके दफ्तर बंद करे और उनकी संपत्तियां जब्त करे. जब इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो भारत ने 21 दिसंबर को अपना उच्चायुक्त वापस बुला लिया. जनवरी 2002 आते-आते आठ लाख भारतीय सैनिक LOC और सीमा पर तैनात हो चुके थे, और ऑपरेशन पराक्रम पूरे जोर पर था.</p>
<p>लेकिन बड़ा सवाल यह था—क्या यह सचमुच युद्ध का संकेत था? कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी ने कई अहम बैठकें कीं, जहां सीमित युद्ध और नियंत्रण रेखा पार करने पर चर्चा हुई. NSA ब्रजेश मिश्रा ने कहा कि CCS आतंकवाद पर कड़ा एक्शन चाहती थी और जरूरत पड़ने पर सीमा पार कार्रवाई की अनुमति देने को तैयार थी. दूसरी ओर, विदेश मंत्री जसवंत सिंह संयम पर जोर देते रहे और युद्ध की संभावना को कम बताते रहे.</p>
<p><strong>सरकार के मन में क्या चल रहा था?</strong></p>
<p>जनवरी 2002 के शुरुआती दिनों में भारतीय सेनाएं पूरी तैयारी के साथ पाकिस्तान सीमा पर खड़ी थीं. युद्ध-पूर्व की तैयारियां तेज रफ्तार से चल रही थीं और समय भी रणनीतिक रूप से बेहद अनुकूल माना जा रहा था. ऑपरेशन पराक्रम के दौरान भारत को सैन्य बढ़त भी हासिल थी, जबकि 9/11 के बाद अमेरिका की नई रणनीति ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय दबाव में डाल रखा था.</p>
<p>तीन दशकों में यह पहली बार था जब भारतीय सेना इतनी व्यापक स्तर पर तैयार खड़ी थी और अब सिर्फ राजनीतिक आदेश की प्रतीक्षा थी. कई सुरक्षा विशेषज्ञ इसे ऐसा सुनहरा अवसर बताते हैं जब भारत पाकिस्तान को आतंकवाद पर निर्णायक कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर सकता था. लेफ्टिनेंट जनरल एच.एस. पनाग (सेवानिवृत्त) के अनुसार संसद हमले के बाद हुई CCS की बैठक में तीनों सेनाध्यक्ष मौजूद थे, और यहीं से इतिहास ने करवट लेनी शुरू की.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कर्नाटक सत्ता संघर्ष फिर उफान पर, बेटे की नई चिंगारी से डीके खेमे में अजीब उथल‑पुथल!</title>
<link>https://pratinidhi.in/karnataka-power-struggle-flares-son-spark-dk-camp-turmoil</link>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर एक बार फिर से विवाद बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींन्द्र द्वारा नेतृत्व को लेकर दिए गए एक बयान को लेकर उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों का पारा चढ़ा हुआ है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 12 Dec 2025 11:46:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Karnataka CM controversy, कर्नाटक राजनीति संकट, Siddaramaiah Yathindra बयान, DK Shivakumar supporters anger, Karnataka leadership change issue, Congress high command decision Karnataka, CM पद विवाद Karnataka, Karnataka political news Hindi, Karnataka CM chair tussle</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर धमाकेदार मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर उठी हलचल शांत होने का नाम नहीं ले रही। हाई कमान ने दोनों दिग्गज नेताओं को साथ बैठाकर मामला निपटाने की कोशिश की थी, लेकिन सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र का ताज़ा बयान आग में घी डालने जैसा साबित हो रहा है। उनके एक बयान ने उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों को जोरदार तरीके से भड़का दिया है।</p>
<p>बेलगावी में मीडिया से बातचीत के दौरान यतींद्र ने साफ-साफ कहा कि राज्य में नेतृत्व को लेकर किसी भी तरह का बदलाव संभव नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि हाई कमान ने स्थिति स्पष्ट कर दी है और मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी तरह की खींचतान या अदला-बदली पर कोई चर्चा नहीं है। यतींद्र के मुताबिक “अब सब कुछ बिल्कुल साफ है, और इस मुद्दे पर किसी तरह का संशय नहीं होना चाहिए।”</p>
<p>हालांकि विवाद इस बयान से नहीं, बल्कि पिछले हफ्ते दिए गए उनके एक तीखे कमेंट से भड़का है। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि जो लोग नेतृत्व परिवर्तन का सपना देख रहे हैं, वे सपने देखते रहें, क्योंकि कांग्रेस नेतृत्व पहले ही फैसला सुना चुका है। इसी टिप्पणी को लेकर शिवकुमार गुट के नेता भड़क उठे और इसे ‘अहंकारी बयान’ बताया।</p>
<p>जब इस बयान पर डीके शिवकुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने बेहद संयमित तरीके से जवाब दिया। शिवकुमार ने कहा कि इस पर प्रतिक्रिया देने के बजाय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया खुद ही अपने बेटे की ओर से जवाब देंगे। हालांकि उनका शांत लहजा भी उनके समर्थकों को शांत नहीं कर सका और बयानबाज़ी तेज होती चली गई।</p>
<p>कांग्रेस विधायक इकबाल हुसैन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेतृत्व पर चर्चा करते ही नोटिस थम जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों के बयान अचानक ‘जादू’ बन जाते हैं। उन्होंने सीधे-सीधे कहा कि किसी को भी हाई कमान से ऊपर जाने का अधिकार नहीं है, और बयान देने से पहले नेताओं को अपनी सीमाएं समझनी चाहिए। उन्होंने इसे पार्टी अनुशासन का सीधा उल्लंघन बताया।</p>
<p>उधर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीब माने जाने वाले नेता यतींद्र के बचाव में उतर आए हैं। शहरी विकास मंत्री बायरथी सुरेश ने कहा कि सिद्धारमैया हमेशा हाई कमान के निर्देशों का पालन करते आए हैं और आगे भी करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर किसी तरह का निर्णय नहीं हुआ है और पार्टी की जो भी लाइन होगी, वही अंतिम होगी।</p>
<p>गौरतलब है कि कर्नाटक में 2.5 साल में सत्ता हस्तांतरण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। कहा जाता है कि सरकार गठन के समय सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच यही सहमति बनी थी। हालांकि शिवकुमार ने कभी सार्वजनिक रूप से ये दावा नहीं किया, लेकिन उनके समर्थक इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाते रहे। बढ़ते तनाव के बाद हाई कमान को हस्तक्षेप करना पड़ा और हाल ही में दोनों नेताओं में एक अस्थायी सहमति बनी थी, मगर यतींद्र का बयान उस शांति को फिर से हिला गया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>उड्डयन मंत्री का करोड़ों जैसा सख्त अलर्ट: IndiGo की नीयत साबित हुई तो जानें क्या होगा</title>
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<description><![CDATA[ एजेंडा आज तक 2025 के सत्र में नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने IndiGo एयरलाइंस के हजारों यात्रियों को हुई बड़ी परेशानी पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह पूरा संकट इंडिगो के आंतरिक कुप्रबंधन का नतीजा है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी। मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करते हुए एयरलाइंस से जवाबदेही और सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह मुद्दा देश में एयर ट्रैवल की विश्वसनीयता पर भी एक महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 11 Dec 2025 17:30:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>IndiGo crisis, उड्डयन मंत्री, flight cancellation, इंडिगो कुप्रबंधन, air travel issues, राम मोहन नायडू, FDTL rules, airline investigation, passengers trouble</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>पिछले कई दिनों से इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानें जिस तरह लड़खड़ा गई हैं, उसने देशभर के हजारों यात्रियों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं. लगातार कैंसिलेशन और देरी के बीच अब नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बेहद कड़े शब्दों में इंडिगो के सीईओ को चेतावनी दे डाली है. मंत्री ने साफ कहा कि अगर जांच में एक प्रतिशत भी यह संकेत मिला कि यह संकट जानबूझकर पैदा किया गया है, तो सरकार सबसे सख्त कार्रवाई करने में एक पल भी नहीं लगाएगी.</p>
<p>‘एजेंडा आज तक 2025’ के मंच पर पहुंचे मंत्री नायडू ने इंडिगो की व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा करते हुए बताया कि हालिया अफरा-तफरी एयरलाइन के अंदरूनी कुप्रबंधन का नतीजा है. नई गाइडलाइंस लागू होने के बाद भी इंडिगो अपना रोस्टर समय पर और सही तरीके से नहीं बना पाई, जिसके कारण उड़ानें रोकनी पड़ीं और सैकड़ों यात्रियों की योजनाएं बिगड़ती चली गईं. उन्होंने कहा कि एक छोटी सी लापरवाही कैसे राष्ट्रीय स्तर का संकट बन गई, यह सबके सामने है.</p>
<p>मंत्री ने आगे कहा कि इंडिगो के इंटरनल क्रू रोस्टरिंग सिस्टम में ऐसी खामियां थीं, जिन्हें FDTL यानी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के नियमों के अनुसार आसानी से सुधारा जा सकता था. लेकिन ऐसा नहीं किया गया और नतीजा यह हुआ कि 3 और 4 दिसंबर को फ्लाइटें धड़ाधड़ कैंसिल होती गईं, मानो एक डोमिनो इफेक्ट शुरू हो चुका हो. इस स्थिति ने ना केवल यात्रियों की यात्रा बिगाड़ी, बल्कि एयरलाइन की विश्वसनीयता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया.</p>
<p>जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार या DGCA इस पूरे समय सो रही थी, तो मंत्री ने साफ कहा कि नए FDTL नियम 1 नवंबर से लागू हो चुके थे और एयरलाइन से लगातार बातचीत भी हो रही थी. शुरुआती दिनों में कैंसिलेशन सामान्य थे और कुछ समय बाद स्थिति स्थिर भी दिखी, इसलिए किसी बड़ी गड़बड़ी का संकेत नहीं मिला. लेकिन अचानक से उड़ानों का चरमराना बेहद चौंकाने वाला था.</p>
<p>मंत्री नायडू ने बताया कि 1 दिसंबर को मंत्रालय ने इंडिगो के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक भी की थी, ताकि यह समझा जा सके कि नए नियमों से उन्हें कोई दिक्कत है या नहीं. लेकिन एयरलाइन ने कभी यह नहीं बताया कि अंदरूनी सिस्टम में कोई समस्या है. मंत्रालय ने हर स्तर पर नजर बनाए रखी और इंडिगो को कई मौके दिए कि वे अपनी चिंताओं को सामने रखें, मगर कंपनी की ओर से कोई चेतावनी नहीं दी गई.</p>
<p>मंत्री ने दो टूक कहा कि मंत्रालय का काम एयरलाइंस का रोस्टर बनाना नहीं है, बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करना है. एयरलाइन को खुद तय मानकों पर चलना होता है और FDTL नियम इसलिए लागू किए गए थे ताकि पायलट, क्रू और यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो. सभी एयरलाइंस ने भरोसा दिया था कि वे नियमों का पालन कर रही हैं, इंडिगो ने भी यही कहा — लेकिन इसका उल्टा सामने आया.</p>
<p>उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह लड़ाई सरकार बनाम इंडिगो की नहीं है, बल्कि उन आम लोगों की है जो समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना चाहते थे. मंत्री ने कहा कि उनकी पहली जिम्मेदारी है कि उड़ान सेवाएं सामान्य हों और भविष्य में ऐसी अराजकता दोबारा न हो. इसी उद्देश्य से इंडिगो के पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई है.</p>
<p><strong>क्या इंडिगो ने सरकार को धोखा दिया?</strong></p>
<p>जब मंत्री से सीधे पूछा गया कि क्या इंडिगो ने भारत सरकार को गुमराह किया है, तो उन्होंने बेहद कड़ा जवाब दिया. उनका कहना था कि ऐसा समाधान निकाला जाएगा कि आगे कोई भी एयरलाइन मंत्रालय को धोखा देने की कल्पना तक न कर सके. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह स्थिति दोबारा कभी नहीं होगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी वे खुद लेते हैं. जांच रिपोर्ट के बाद सच सबके सामने आ जाएगा.</p>
<p><strong>इंडिगो के सीईओ पर क्या होगा एक्शन?</strong></p>
<p>जब यह सवाल उठा कि क्या सरकार किसी प्राइवेट एयरलाइन के सीईओ को बर्खास्त कर सकती है, तो मंत्री नायडू ने कहा कि हर कदम कानून के मुताबिक उठाया जाएगा. लेकिन जिस पैमाने पर आम लोगों को परेशानी हुई है, उसके लिए कड़ा एक्शन तय है. मंत्री ने दोहराया कि यदि जांच में यह साबित हुआ कि मामला जानबूझकर खड़ा किया गया, तो इंडिगो के सीईओ के खिलाफ भी बड़ा कदम उठाया जा सकता है और इस बारे में बातचीत एयरलाइन से सीधी होगी.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>लोकसभा में अमित शाह के भाषण के बीच राहुल गांधी ने दिया चैलेंज तो गृह मंत्री ने दिया खतरनाक जवाब</title>
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<description><![CDATA[ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में चुनावी सुधारो पर भाषण दिया। उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 10 Dec 2025 18:25:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अमित शाह लोकसभा भाषण, राहुल गांधी चैलेंज, चुनावी सुधार विवाद, SIR स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, संसद बहस आज, अमित शाह बनाम राहुल गांधी, विपक्ष vs सरकार टकराव, लोकसभा लाइव अपडेट, चुनाव सुधार बिल, राजनीतिक बयानबाजी, अमित शाह प्रतिक्रिया, राहुल गांधी हमला, संसद में हंगामा, भारतीय राजनीति समाचार, लोकसभा आज की बड़ी खबर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>लोकसभा के माहौल में आज उस वक्त जबरदस्त हलचल मच गई, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनावी सुधारों पर बोलने उठे। शुरुआत में उन्होंने विपक्ष के तीखे सवालों पर पलटवार किया, फिर लगातार कांग्रेस पर हमला बोलते हुए SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर साफ कहा कि 2004 तक किसी ने इसका विरोध नहीं किया था, लेकिन अब अचानक शोर मचाया जा रहा है। शाह के भाषण के बीच ही विपक्ष के नेता राहुल गांधी अचानक खड़े हुए और मंच से ही उन्हें खुली चुनौती दे डाली। इसके बाद सदन का माहौल और गरमाता चला गया।</p>
<p>जैसे ही अमित शाह SIR पर अपनी बात आगे बढ़ा रहे थे, राहुल गांधी ने बीच में रुकावट डालते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिबेट करने की चुनौती दे दी। शाह ने शांत स्वर में जवाब दिया कि वह 30 साल से संसद और विधानसभा में लगातार चुने जाते रहे हैं और ऐसा हस्तक्षेप पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि उनके बोलने का क्रम वही तय करेंगे, न कि राहुल गांधी।</p>
<p>इसके बाद राहुल गांधी फिर से उठे और बोले कि गृह मंत्री डरे और घबराए हुए जवाब दे रहे हैं। इस टिप्पणी पर अमित शाह ने तुरंत कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के चेहरे पर बेचैनी की लकीरें साफ देख ली हैं, लेकिन वह किसी भी उकसावे में नहीं आएंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि उनका भाषण उनके तरीके से ही चलेगा। शाह ने यह भी याद दिलाया कि विपक्ष को बोलने का हक है पर सुनने का भी उतना ही हक है। इसके बाद सदन ठहाकों से गूंज उठा।</p>
<p>अपने भाषण में अमित शाह ने राहुल गांधी के 5 नवंबर 2025 वाले बयान पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘परमाणु बम’ जैसा दावा किया था कि हरियाणा में एक ही घर में 501 वोट दर्ज हैं। शाह ने बताया कि चुनाव आयोग ने खुद स्पष्ट किया कि हाउस नंबर 265 कोई साधारण मकान नहीं बल्कि एक एकड़ की पुश्तैनी जमीन पर बना संयुक्त आवास है, जहां कई परिवार रहते हैं। हर परिवार को अलग घर नंबर नहीं दिए गए, इसलिए पूरे परिसर का एक ही नंबर लिखा जाता है और कुछ परिवारों में तीन पीढ़ियां साथ रहती हैं। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था तो उसी समय से है जब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी, इसलिए न यह घर फर्जी है और न ही वोट।</p>
<p>अमित शाह ने आगे कहा कि SIR चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता को बनाए रखने का अहम हिस्सा है। अगर मतदाता सूची ही गड़बड़ हो तो चुनाव कैसे निष्पक्ष हो सकते हैं? इसी वजह से चुनाव आयोग ने 2025 में SIR करने का निर्णय लिया, ताकि मतदाता सूची को समय-समय पर ठीक किया जा सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नेहरू, इंदिरा और सोनिया... लोकसभा में अमित शाह ने दिए वोट चोरी के 3 उदाहरण, कांग्रेस  को दी चुनौती</title>
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<description><![CDATA[ लोकसभा में अमित शाह के भाषण के दौरान हंगामा हुआ, जिसमें उन्होंने नेहरू के प्रधानमंत्री बनने को &#039;पहली वोट चोरी&#039; बताया। इस बयान पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके कारण सदन में शोरगुल और विरोध प्रदर्शन हुआ। शाह के इस आरोप ने राजनीतिक बहस को और भी तेज कर दिया है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 10 Dec 2025 18:24:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अमित शाह लोकसभा भाषण, वोट चोरी विवाद, नेहरू वोट चोरी आरोप, इंदिरा गांधी चुनाव विवाद, सोनिया गांधी राजनीतिक बहस, संसद शीतकालीन सत्र हंगामा, विपक्ष बनाम सरकार विवाद, सरदार पटेल नेहरू वोटिंग, कांग्रेस भाजपा टकराव, अमित शाह SIR चर्चा, लोकसभा राजनीतिक uproar, नेहरू प्रधानमंत्री चयन विवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>संसद के शीतकालीन सत्र की गरमागरम बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने SIR पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर सीधा वार किया। शाह ने कहा कि विपक्ष पिछले कई महीनों से ‘वोट चोरी’ का शोर मचा रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि देश को बताया जाए कि असली वोट चोरी कब और कैसे हुई थी। उनके इस बयान ने सदन का माहौल एकदम बदल दिया।</p>
<p>अमित शाह ने जोर देकर कहा कि वोट चोरी तीन तरीकों से होती है। पहला, जब कोई व्यक्ति योग्य नहीं होते हुए भी मतदाता सूची में शामिल हो जाए। दूसरा, जब चुनाव जीतने के लिए अनैतिक या गलत रास्तों का इस्तेमाल हो। तीसरा, जब किसी को जनता की इच्छा के विपरीत सत्ता की कुर्सी मिल जाए। शाह ने दावा किया कि ये तीनों स्थितियां भारत के राजनीतिक इतिहास में पहले भी सामने आ चुकी हैं।</p>
<p>शाह ने कहा कि देश में पहली बड़ी वोट चोरी तब हुई जब स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के चयन का वक्त आया। उस समय कांग्रेस के विभिन्न प्रांतों के अध्यक्षों को एक-एक वोट का अधिकार था। सरदार पटेल को 28 वोट मिले थे, जबकि जवाहरलाल नेहरू को सिर्फ 2 वोट। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नेहरू बने। शाह ने कहा कि इस फैसले के बाद कांग्रेस के सांसदों तक ने हंगामा किया था।</p>
<p>अमित शाह के अनुसार वोट चोरी का दूसरा बड़ा उदाहरण तब देखने को मिला जब इंदिरा गांधी रायबरेली से चुनाव जीतकर आईं। राजनारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जिसमें आरोप लगाया गया कि चुनाव नियमों के अनुसार नहीं हुए। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इंदिरा गांधी का चुनाव गलत तरीके से हुआ था और उसे रद्द कर दिया। शाह ने इसे भी ‘महान वोट चोरी’ करार दिया।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले को बचाने के लिए संसद में ऐसा कानून लाया गया जिसमें प्रधानमंत्री के खिलाफ किसी भी तरह का केस करने पर रोक लगा दी गई। शाह ने कहा कि इंदिरा गांधी ने खुद को ही कानूनी सुरक्षा देकर इस वोट चोरी को ढकने की कोशिश की थी।</p>
<p>अमित शाह ने तीसरी कथित वोट चोरी पर बात करते हुए कहा कि यह मामला हाल ही में दिल्ली की एक सिविल अदालत में पहुंचा है। आरोप है कि सोनिया गांधी देश की नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही मतदाता बन गई थीं। शाह ने कहा कि यह तथ्य अदालत में दर्ज है और अब सोनिया गांधी को इसका जवाब न्यायालय में देना होगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>संकट अभी टला नहीं, इंडिगो की 300 से ज्यादा उड़ानें रद्द, एडवाइजरी जारी &amp; &amp;apos;घर से निकलने से पहले स्टेटस चेक करें&amp;apos;</title>
<link>https://pratinidhi.in/indigo-over-300-flights-cancelled-advisory-check-status</link>
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<description><![CDATA[ एयरलाइन अभी भी ऑपरेशंस को स्थिर करने की कोशिश में है, लेकिन सरकार ने स्थिति सामान्य होने तक एयरलाइन को 10% तक फ्लाइट कटौती करने का आदेश पहले ही दे दिया है. ]]></description>
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<pubDate>Wed, 10 Dec 2025 11:26:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>इंडिगो फ्लाइट रद्द, इंडिगो संकट, फ्लाइट स्टेटस चेक, DGCA निर्देश, एविएशन मंत्रालय मॉनिटरिंग, इंडिगो ऑपरेशंस स्थिरता, फ्लाइट कटौती 10 प्रतिशत, दिल्ली एयरपोर्ट उड़ानें रद्द, यात्री रिफंड जानकारी, इंडिगो एडवाइजरी, फ्लाइट कैंसिलेशन अपडेट, एयरलाइन ऑपरेशनल मुद्दे, इंडिया एविएशन न्यूज़, इंडिगो शेड्यूल डिसरप्शन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>संसद में को केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने जोर देकर कहा कि हालात तेजी से पटरी पर लौट रहे हैं, दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और प्रभावित यात्रियों को रिफंड भी दिया जा रहा है. लेकिन सच यही है कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है. बुधवार (10 दिसंबर 2025) को भी 300 से ज्यादा फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा, जबकि इससे एक दिन पहले 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं. ये घटनाएँ साफ दिखाती हैं कि संकट अभी खत्म होने से काफी दूर है.</p>
<p>DGCA और एविएशन मंत्रालय की कड़ी मॉनिटरिंग के बावजूद एयरलाइन संचालन पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाया है. सरकार ने पहले ही आदेश जारी कर दिए थे कि स्थिति सामान्य होने तक इंडिगो को अपनी उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती करनी होगी. इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में भी रोजाना सैकड़ों यात्री अपनी बुक की हुई फ्लाइट्स पर असर पड़ता देख सकते हैं. ये फैसला जरूरी तो है, लेकिन इसका असर यात्रियों की परेशानी बढ़ा रहा है.</p>
<p>यात्रियों के लिए सरकारी एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि एयरपोर्ट रवाना होने से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस जरूर चेक कर लें. आखिरी वक्त पर शेड्यूल में बदलाव होने की पूरी संभावना है, इसलिए किसी भी गड़बड़ी से बचने के लिए अपडेट रहना बेहद जरूरी है. PTI की रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय ने इंडिगो को मजबूरन 10 प्रतिशत उड़ानें कम करने का आदेश दिया है, ताकि कंपनी धीरे-धीरे अपने संचालन को दोबारा संभाल सके.</p>
<p>नए फ्लाइट सर्विस नियमों का दूसरा चरण लागू होते ही इंडिगो की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई. इस दौरान 4,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं और सैकड़ों फ्लाइट्स घंटों की देरी से चलीं. एविएशन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को मंत्रालय में बुलाकर स्थिति की पूरी जानकारी ली गई. एल्बर्स ने आश्वासन दिया कि 6 दिसंबर तक सभी प्रभावित यात्रियों को 100 प्रतिशत रिफंड भेज दिया गया है.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>Goa Fire Tragedy का दिल दहला देने वाला सच: 25 मौतें, उत्तराखंड–UP के युवा सपनों संग खामोश, परिवारों में कोहराम!</title>
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<description><![CDATA[ गोवा के भयावह क्लब अग्निकांड में 25 लोगों की दर्दनाक मौत, जिनमें उत्तराखंड के 5 और उत्तर प्रदेश के 2 युवा शामिल. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवारों से बात कर सांत्वना दी और शव जल्द घर पहुंचाने के निर्देश दिए. क्लब में काम करने वाले युवाओं की पहचान सामने आई, जिनमें कानपुर के रोहन सिंह की दिल दहला देने वाली कहानी भी शामिल. पूरा उत्तर भारत इस त्रासदी से सदमे में है. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 08 Dec 2025 12:26:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Goa fire tragedy, Uttarakhand news, UP news, nightclub fire, youth death</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देहरादून से लेकर लखनऊ और गोवा तक दर्द की एक लंबी लहर दौड़ गई है। हाल ही में गोवा के एक हाई-प्रोफ़ाइल नाइट क्लब में लगी आग ने 25 जिंदगियों को निगल लिया—और उन राख में दफन हैं उत्तराखंड के 5 और उत्तर प्रदेश के 2 सपने, जो अपने घरों में खुशियों की रोशनी वापस लाने निकले थे।</p>
<p>इस हृदयविदारक हादसे के बाद पहाड़ से मैदान तक मातम पसरा है। उत्तराखंड के जितेंद्र सिंह, सुमित नेगी, मनीष सिंह, सतीश सिंह और सुरेंद्र सिंह… सातों घरों की उम्मीदें एक ही रात में बुझ गईं। मनीष चंपावत का लाल था, जबकि टिहरी के जितेंद्र और सतीश को तो पूरा इलाका जानता था—मेहनती, हंसमुख, जीवन से भरे हुए।</p>
<p>उत्तर प्रदेश भी इस त्रासदी से अछूता नहीं रहा। सुनील कुमार और कानपुर के रोहन सिंह—दोनों के सपने भी उसी क्लब की आग में खामोश हो गए। लेकिन रोहन की कहानी तो दिल को चीरकर रख देती है। नेपाल में पिता को खो देने के बाद उसकी मामी रूपा सिंह ने उसे गोद लिया, पाला, पढ़ाया, और उसके खाना बनाने के जुनून को पहचानकर उसे शेफ बनने का रास्ता दिखाया। फरवरी में ही वह गोवा पहुंचा था, नई जिंदगी का पहला पन्ना खोलते हुए… पर उसकी कहानी वहीं थम गई, धुएं की चपेट में, दम घुटने से।</p>
<p>रोहन के ममेरे भाई अजय सिंह का कहना था कि वे दोनों बचपन से साथ बड़े हुए, साथ खेले, साथ पढ़े—और अब एक दर्दनाक खबर ने उन्हें हमेशा के लिए अलग कर दिया।</p>
<p>इधर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों से बात कर सांत्वना दी और गोवा सरकार से संपर्क कर राहत और शवों की जल्द वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है।</p>
<p>देश भर में इस त्रासदी ने सवाल खड़े कर दिए हैं—आखिर कब तक ऐसी लापरवाहियां मासूम जिंदगियों को निगलती रहेंगी? फिलहाल, कई घरों की चूल्हे बुझ गए हैं, और माताओं के आंगन में गूंजती हंसी हमेशा के लिए खामोश हो चुकी है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>IndiGo में मचा तूफ़ानी हाहाकार! 650 उड़ानें रद्द, 300 और grounded – वायरल लेटर ने खोला सबसे बड़ा ‘अंदरूनी राज’</title>
<link>https://pratinidhi.in/indigo-crisis-viral-letter-exposes-internal-collapse</link>
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<description><![CDATA[ IndiGo पर देशभर में जारी भारी संकट ने यात्रियों की नींद उड़ा दी है, जहां रविवार को 650 और सोमवार को लगभग 300 उड़ानें रद्द हो गईं। इस बीच एक पूर्व कर्मचारी का वायरल लेटर एयरलाइन की अंदरूनी टूट-फूट और वर्षों की अनदेखी को बेनकाब कर रहा है। 610 करोड़ रुपये रिफंड जारी करने के बावजूद हालात काबू में नहीं। कंपनी की तरफ से अभी भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 08 Dec 2025 11:13:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>IndiGo crisis, IndiGo viral letter, IndiGo flights cancelled</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाने वाली IndiGo इन दिनों ऐसे बवंडर में फंस गई है, जिसने पूरे एविएशन सेक्टर को हिला कर रख दिया है। रविवार को जहां करीब 650 उड़ानें एक झटके में रद्द करनी पड़ीं, वहीं सोमवार को भी यात्रियों को अलर्ट जारी करते हुए साफ चेतावनी दी गई—‘उड़ानों में रुकावटें जारी रहेंगी’। रिपोर्ट्स कहती हैं कि लगभग 300 और फ्लाइट्स को कैंसिल करना पड़ा है। लेकिन असली तूफान तो उस वायरल लेटर ने खड़ा किया है, जिसे खुद को IndiGo का पूर्व कर्मचारी बताने वाले एक शख्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।</p>
<p>उस पत्र ने जैसे पूरी एयरलाइन की परतें उधेड़कर रख दी हों। लेटर में 2006 के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कर्मचारी लिखता है—तब टीम में जुनून था, गर्व था, एक सपने की उड़ान थी। लेकिन धीरे-धीरे वही गर्व अहंकार में बदल गया, और बढ़ती ग्रोथ एक अंधे लालच में। पत्र में एयरलाइन के शीर्ष प्रबंधन पर वर्षों से चल रहे आंतरिक पतन, टूटते मनोबल और अनियंत्रित सत्ता के आरोप लगाए गए हैं।</p>
<p>वायरल लेटर का सबसे चुभने वाला हिस्सा वह है, जिसमें लिखा है—“ये संकट रातोरात नहीं आया। यह सालों की अनदेखी, बिगड़ते माहौल और डर की संस्कृति का जमा हुआ घाव है।” कर्मचारी का दावा है कि ऐसे-ऐसे लोगों को ऊंचे पद दिए गए, जो एक ईमेल तक ठीक से नहीं लिख पाते थे, मगर सत्ता और ESOP पाने के लिए योग्यताएं पीछे छूटती गईं।</p>
<p>पत्र आगे और भी चौंकाता है—पायलटों, इंजीनियरों और ग्राउंड स्टाफ़ को कथित तौर पर बढ़ते नेतृत्व को सही साबित करने के लिए दबाया गया। जो भी असुरक्षित ड्यूटी टाइमिंग, थकान या ऑपरेशनल दबाव पर चिंता जताता, उसे ठपकियां मिलतीं, धमकाया जाता या अपमानित किया जाता। 16 हजार से 18 हजार रुपये कमाने वाला ग्राउंड स्टाफ़ तीन लोगों का काम अकेले करता—दौड़ता, झेलता, चुप रहता। जिम्मेदारी शून्य, डर 100%।</p>
<p>पूर्व कर्मचारी ने चुभते शब्दों में लिखा—“आज जो फ्लाइट डिले, कैंसिलेशन और स्टाफ की कमी दिख रही है, यह असल में सालों से जमा हुए तनाव का विस्फोट है। हम बरसों से टूटते गए और बस एक घंटे के ज्यादा आराम की दुआ करते रहे।”</p>
<p>वहीं एयरलाइन की ओर से यात्रियों को 610 करोड़ रुपये रिफंड किए जाने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन इस वायरल लेटर पर IndiGo की तरफ से अब तक एक शब्द भी नहीं बोला गया है। और यही चुप्पी इस पूरे ड्रामे को और भी गहराई और रहस्य से भर देती है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>कर्तव्य पथ पर वीरतापूर्ण कदम: 603 अग्निवीरों ने राष्ट्र के नए रक्षक के रूप में शपथ ली!</title>
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<description><![CDATA[ कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर, रानीखेत में 603 अग्निवीर नवसैनिक भारतीय सेना में शामिल हुए। कठिन 31 सप्ताह के प्रशिक्षण के बाद, उन्होंने मातृभूमि की सेवा का संकल्प लिया। ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव ने परेड की अगुवाई करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। अग्निवीरों ने देश की रक्षा के लिए अपनी पूरी शक्ति समर्पित करने की शपथ ली, और यह गर्वपूर्ण क्षण परिवार के सदस्यों ने देखा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 15:30:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अग्निवीर, भारतीय सेना, रानीखेत, कुमाऊं रेजिमेंट, परेड, ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव, मातृभूमि की सेवा, 603 अग्निवीर, सैनिक भर्ती, फर्ज की शपथ</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>रानीखेत स्थित कुमाऊं रेजिमेंट केंद्र में भारतीय सेना में 603 अग्निवीरों का समावेश हुआ। 31 सप्ताह की चुनौतीपूर्ण ट्रेनिंग के पश्चात, उन्होंने मातृभूमि की सेवा का प्रण लिया। परेड में कमांडेंट ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव ने सलामी दी और जवानों का उत्साह बढ़ाया। अग्निवीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सुरक्षा करने का वचन दिया। इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह उनके परिजन बने।</p>
<p><span>कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर (केआरसी) मुख्यालय में छठे बैच के 603 अग्निवीर नए सैनिक भारतीय सेना का हिस्सा बन गए।</span></p>
<p><strong>रानीखेत:</strong> कुमाऊं रेजिमेंट सेंटर (केआरसी) मुख्यालय की प्रतिष्ठित सैन्य परंपरा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। फर्ज के अग्निपथ पर कदम रखते हुए छठे बैच के 603 अग्निवीर नए सैनिक भारतीय सेना में सम्मिलित हुए।</p>
<p>31 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद, उत्साह से भरे रिक्रूट्स जैसे ही बहादुरगढ़ के द्वार से बाहर आए, उनके अंदर मातृभूमि की सेवा का उत्साह प्रबल हो गया। केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव ने कसम परेड के दौरान उनका उत्साहवर्धन किया।</p>
<p>अग्निवीरों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि सेना में सेवा करने का अवसर केवल भाग्यशाली लोगों को मिलता है। उन्होंने उन नवसैनिकों में जोश भरते हुए कहा कि उन्हें जहाँ भी भेजा जाए, रेजिमेंट का नाम ऊँचा करना चाहिए।</p>
<p>केआरसी मुख्यालय के ऐतिहासिक सोमनाथ ग्राउंड ने मंगलवार को अग्निवीर नवसैनिकों के छठे बैच की कसम परेड को देखा।</p>
<p>लगभग सात महीने के कठिन प्रशिक्षण और देशसेवा की अग्निपरीक्षा में तप कर निकलने वाले अग्निवीरों ने उत्साह, जुनून और जज्बे के साथ कदमताल की, जिससे अन्य युवाओं को भी सेना में भर्ती होकर मातृभूमि की सेवा की प्रेरणा मिली। परेड की सलामी कमांडेंट ब्रिगेडियर संजय कुमार यादव और डिप्टी कमांडेंट कर्नल प्रभु रामदास ने ली।</p>
<p>अंतिम कदम उठाने के बाद, अग्निवीर नवसैनिकों ने देश की गरिमा, सुरक्षा और आवश्यकता पड़ने पर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों का त्याग करने की शपथ ली।</p>
<p>धर्मग्रंथ के साथ सेना के धार्मिक मार्गदर्शकों ने उन्हें कसम दिलवाई। अग्निवीरों के माता-पिता, भाई-बहन और अन्य परिवारजन इस गौरवपूर्ण पल के साक्षी बने।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या आज अडियाला जेल का ताला खुलेगा? इमरान के समर्थकों से बौखलाई शहबाज सरकार, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 का साया!</title>
<link>https://pratinidhi.in/will-adiala-jail-open-today-shehbaz-government-reacts-to-imrans-missing-supporters</link>
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<description><![CDATA[ Imran Khan&#039;s health remains a mystery, as the Pakistani government has yet to provide solid evidence. This has led to ongoing protests from his party, PTI, and supporters. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 14:13:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>इमरान खान, अडियाला जेल, शहबाज सरकार, PTI समर्थक, इस्लामाबाद हाईकोर्ट, धारा 144, राजनीतिक प्रदर्शन, गुमशुदा समर्थक, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ, इमरान खान स्वास्थ्य</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>पाकिस्तान में इमरान खान से मिलने की कोशिशों को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी बवाल मचा हुआ है। अभी तक पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान से संपर्क नहीं किया जा सका है। उनकी बहनें और बेटे निरंतर सरकार से उनके जीवित होने का प्रमाण मांग रहे हैं। सरकार इस विषय पर मौन धारण किए हुए है। इसके बाद, PTI ने यह घोषणा की है कि मंगलवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट और रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। जहां एक ओर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में इमरान खान से संबंधित याचिका पर सुनवाई का आयोजन है, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थकों ने कोर्ट से अडियाला जेल तक मार्च करने का ऐलान किया है।</p>
<p>इमरान खान के समर्थक संघर्ष के लिए तैयार हैं, उनकी बहनें भी इनमें शामिल हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने इमरान से मुलाकात की प्रतीक्षा में प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया है। दूसरी तरफ, प्रशासन ने भी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस को तैनात कर दिया है। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदियां लगाई गई हैं। हालात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी गई है। यह आदेश डिप्टी कमिश्नर डॉ. हसन वकार चीमा द्वारा जारी किया गया है, जो 1 से 3 दिसंबर तक तीन दिनों के लिए प्रभावी रहेगा। आदेश में उल्लेख किया गया है कि रावलपिंडी जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर खतरा है, इसलिए लोगों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।</p>
<p>PTI के नेता असद कैसर ने एक प्रमुख समाचार पत्र से बताया कि संसद के दोनों सदनों के विपक्षी सांसद पहले इस्लामाबाद हाईकोर्ट के बाहर एकत्र होंगे और फिर वहां से अडियाला जेल की ओर मार्च करेंगे। उनका कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है और जेल प्रशासन भी अदालत के निर्देशों को मानने के लिए तैयार नहीं है। तनाव तब और बढ़ गया था जब पिछले हफ्ते खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री को आठवीं बार इमरान खान से मिलने से रोका गया, जिसके बाद उन्होंने अडियाला जेल के बाहर धरना दिया। इमरान खान के परिवार के सदस्य भी कई हफ्तों से उनसे मिलने में असमर्थ हैं।</p>
<p>वहीं, खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में गवर्नर शासन पर भी आज निर्णय लिया जा सकता है। यदि आज राज्य के मुख्यमंत्री आफरीदी प्रदर्शन में शामिल होते हैं, तो शहबाज सरकार एक महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खास सलाहकार और प्रमुख नेता राणा सनाउल्लाह का कहना है कि राज्य में गवर्नर शासन ही अंतिम उपाय होगा।</p>
<p>खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि अगर उनमें हिम्मत है तो खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन लागू कर दिखाएं, हम किसी से नहीं डरते। मुख्यमंत्री अफरीदी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रदेश में पहले से ही पीटीआई के संस्थापक इमरान खान का शासन है, इसलिए किसी और प्रकार के शासन की आवश्यकता नहीं है। अगर हिम्मत है तो गवर्नर शासन लागू करके दिखाएं।</p>
<p>इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन पर भ्रष्टाचार और आतंकवाद समेत कई आरोप लगाए गए हैं। उन्हें 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से सत्ता से बाहर किया गया था। PTI लगातार सरकार से यह मांग कर रही है कि इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति का सही रिपोर्ट प्रस्तुत किया जाए और उनके परिवार को उनसे मिलने दिया जाए, क्योंकि हाल के दिनों में उनकी बहनों को भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई है।</p>
<p>हालांकि, पिछले हफ्ते अडियाला जेल प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि इमरान खान की तबीयत संतोषजनक है, उन्हें कहीं भी स्थानांतरित नहीं किया गया है और उनका समुचित चिकित्सा उपचार हो रहा है। अधिकारियों ने उनकी सेहत को लेकर फैल रही अटकलों को निराधार बताया है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>अगर आपका फोन खो गया है, तो इसे करें ब्लॉक! जानें क्यों ये 5 संचार फीचर्स हैं बेहद खास और उपयोग में आसान!</title>
<link>https://pratinidhi.in/if-your-phone-is-lost-block-it-5-essential-communication-features</link>
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<description><![CDATA[ संचार साथी ऐप चर्चा का विषय बन गया है और जल्द ही आपके मोबाइल में स्थापित होगा। दूरसंचार विभाग ने इस ऐप को इंस्टॉल करने के लिए नोटिस जारी किया है। आगामी दिनों में सभी कंपनियों को इसे यूजर्स के उपकरणों पर लागू करना आवश्यक होगा। यह ऐप आपको धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने और आपके खोए हुए फोन को ब्लॉक या अनब्लॉक करने में मदद करेगा। आइए इसके विशेष फीचर्स पर नजर डालें। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 14:06:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>फोन खो गया, फोन ब्लॉक करें, संचार साथी ऐप, धोखाधड़ी रिपोर्ट करें, साइबर सुरक्षा, फर्जी कॉल्स, मोबाइल डिवाइस, ओटीए अपडेट, नागरिक सेवाएँ, संचार मंत्रालय</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>संचार मंत्रालय ने संचार साथी एप के संबंध में एक सूचना जारी की है। इसके अनुसार, यह एप सभी मोबाइल डिवाइस में पहले से स्थापित मिलेगा। यहां तक कि पुराने मोबाइलों में भी ओटीए अपडेट के माध्यम से इसे इंस्टॉल किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इस एप के जरिए उपयोगकर्ताओं को कई लाभ मिलेंगे।</p>
<p>उदाहरण के लिए, यह एप लोगों को नकली फोन खरीदने से बचाने, साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षा प्रदान करने और फर्जी कॉल्स की रिपोर्टिंग जैसी कई सुविधाएँ प्रदान करता है। DoT ने इस एप को उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने के लिए कंपनियों को 120 दिनों का समय दिया है। हालांकि, आप चाहें तो इसे खुद भी डाउनलोड कर सकते हैं और इसका उपयोग कर सकते हैं।</p>
<p>संचार साथी कई कार्यों में आपकी सहायता कर सकता है। चाहे आपको किसी धोखाधड़ी नंबर की रिपोर्ट करनी हो या अपने खोए हुए फोन को ब्लॉक करना हो, यह सब आप सरलता से इस एप के जरिए कर सकते हैं। जैसे ही आप एप खोलेंगे, आपको विभिन्न नागरिक सेवाओं का पृष्ठ दिखाई देगा।</p>
<p>यहां पहला विकल्प चक्षु सेवा का होगा, जिसका उपयोग करके आप संदिग्ध कॉल्स या संदेशों को रिपोर्ट कर सकते हैं। यह कॉल या मैसेज आपके वॉट्सऐप पर आया हो या सीधे फोन पर, आप इन्हें रिपोर्ट कर सकते हैं। यहां आपको अपनी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी।</p>
<p>दूसरा विकल्प फोन को ब्लॉक या अनब्लॉक करने का है। इसका मतलब है कि आप अपने चोरी हुए या गुम हुए फोन की रिपोर्ट देकर उसे ब्लॉक कर सकते हैं। यदि आपका खोया फोन वापस मिल जाता है, तो आप उसे अनब्लॉक भी कर सकते हैं। अनब्लॉक करने के लिए आपको कारण भी बताना होगा।</p>
<p>तीसरा विकल्प आपके मोबाइल कनेक्शन की जानकारी प्राप्त करना है। इसका मतलब है कि आप जान सकते हैं कि आपके नाम पर कितने फोन नंबर सक्रिय हैं। यदि कोई नंबर आपके नाम पर नहीं है, तो आप इस एप के माध्यम से उसे रिपोर्ट कर सकते हैं। इसकी सहायता से आप यह पता लगा सकते हैं कि कोई आपके नाम पर धोखाधड़ी वाला नंबर तो नहीं इस्तेमाल कर रहा है।</p>
<p>चौथा फीचर फोन की वास्तविकता जानने का है। यानी आप यह पता कर सकते हैं कि क्या आपका फोन असली है या नहीं। इसके लिए आपको केवल अपने फोन का 15 अंकों का IMEI नंबर दर्ज करना होगा। IMEI नंबर सबमिट करते ही आपको उस नंबर से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त हो जाएगी। जैसे, फोन का ब्रांड, मॉडल नंबर और निर्माता का नाम।</p>
<p>इसका पांचवां फीचर अंतरराष्ट्रीय कॉल्स की रिपोर्टिंग करना है। यदि कोई अंतरराष्ट्रीय कॉल भारतीय नंबर से आती है, तो आप इसे यहां रिपोर्ट कर सकते हैं। आपको अपने नंबर, कॉल आने वाले नंबर, कॉल का समय, देश और अन्य जानकारियाँ दर्ज करनी होंगी।</p>
<p>सामूहिक रूप से, आप इस एप का उपयोग उन सभी सेवाओं के लिए कर पाएंगे, जिनके लिए आप पहले संचार साथी की वेबसाइट पर जाते थे। चूंकि, यह एप उपयोगकर्ताओं के फोन में स्थापित रहेगा, इसलिए धोखाधड़ी कॉल्स की रिपोर्टिंग और अन्य सेवाओं का उपयोग करना और भी सरल हो जाएगा।</p>
<p>संचार साथी एप का उपयोग धोखाधड़ी रिपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है। (फोटो: ITG)</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>सरकार का बड़ा ऐलान: संचार साथी ऐप को डिलीट करना चाहते हैं ? जानें, क्यों इसे रखना जरूरी नहीं!</title>
<link>https://pratinidhi.in/government-announcement-why-you-should-keep-communication-partner-app</link>
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<description><![CDATA[ Sanchar Sathi APP: Amid ongoing controversy, the government stated it&#039;s not mandatory to have this app on your phone, and users can delete it if desired, as confirmed by Union Minister Jyotiraditya Scindia. ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 13:39:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>संचार साथी ऐप, संचार साथी डिलीट करना, सरकार का ऐलान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, ऐप की आवश्यकता, जासूसी आरोप, उपभोक्ता सुरक्षा, फोन में ऐप, हटाने की प्रक्रिया, कॉल मॉनीटरिंग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>संचार साथी ऐप के चारों ओर चल रहे विवाद के बीच, सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसे अपने फोन में रखना अनिवार्य नहीं है। साथ ही, उपयोगकर्ता इसे आसानी से हटा भी सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की। दूरसंचार विभाग ने नवंबर में यह निर्देश दिया था कि भारत में उपयोग हो रहे फोन में संचार साथी ऐप होना आवश्यक होगा। विपक्ष ने इस ऐप के माध्यम से जासूसी के आरोप लगाए हैं।</p>
<p>सिंधिया ने कहा, 'इस ऐप के संदर्भ में न तो कोई जासूसी हो रही है, न ही कॉल मॉनीटरिंग। यदि आप चाहें, तो इसे सक्रिय करें। यदि नहीं चाहते, तो इसे सक्रिय करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यदि आप इसे अपने फोन में रखना चाहते हैं, तो रख सकते हैं। और यदि आप इसे हटाना चाहते हैं, तो हटा दें...। यदि आपको संचार साथी की आवश्यकता नहीं है, तो बेझिझक हटा दें। इसे हटाने में कोई दिक्कत नहीं है।'</p>
<p>उन्होंने कहा, 'यह उपभोक्ता की सुरक्षा से संबंधित है...। यदि आपको इसे हटाना है, तो आप हटा सकते हैं। यह अनिवार्य नहीं है। यदि आप इस ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो इस पर रजिस्ट्रेशन नहीं करें। लेकिन हर व्यक्ति को यह जानना आवश्यक है कि यह ऐप चोरी और धोखाधड़ी से सुरक्षा के लिए है। इसे हर व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। यदि आपको हटाना है, तो हटा दें। यदि उपयोग नहीं करना है, तो रजिस्टर मत करें। जब आप रजिस्टर नहीं करेंगे, तो यह सक्रिय कैसे होगा।'</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने विरोध करने वाले विपक्ष पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं होता और वह मुद्दा खोजने की कोशिश करता है, तो हम उनकी मदद नहीं कर सकते। हमारी ज़िम्मेदारी उपभोक्ताओं की सहायता और सुरक्षा करना है। संचार साथी वास्तव में क्या है? यह एक ऐप है, एक पोर्टल है, जो हर उपभोक्ता को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करता है। यह जन भागीदारी का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें लोगों को आपत्ति नहीं, बल्कि स्वागत करना चाहिए।'</p>
<p>उन्होंने कहा, 'इस ऐप के माध्यम से जब आप मोबाइल फोन खरीदते हैं, तो आप आईएमईआई नंबर की सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आज तक संचार साथी पोर्टल के 20 करोड़ डाउनलोड हो चुके हैं। ऐप के डेढ़ करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है। इसकी सफलता का कारण है कि देश का हर नागरिक इस अभियान का हिस्सा बनना चाहता है। वह खुद जन भागीदारी के आधार पर अपनी सुरक्षा को नियमित रूप से सुनिश्चित कर सके।'</p>
<p>उन्होंने बताया, 'अब तक लगभग पौने दो करोड़ फर्जी कनेक्शनों को इसी जन भागीदारी के माध्यम से डिसकनेक्ट किया गया है। लगभग 20 लाख चोरी हुए फोन को ट्रेस किया गया है। साढ़े सात लाख चोरी के फोन उपयोगकर्ताओं के हाथों में वापस लौटाए गए हैं। करीब 21 लाख फोन उपयोगकर्ता की पहचान और रिपोर्ट के आधार पर ही डिसकनेक्ट किए गए हैं...।'</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारतीय नौसेना का बैटल स्ट्राइक ग्रुप अरब सागर में, ऑपरेशन सिंदूर जारी &amp; ये खबर पाकिस्तान को हिला देगी!</title>
<link>https://pratinidhi.in/indian-navy-battle-strike-group-arab-sea-operation-sindoor-pakistan-news</link>
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<description><![CDATA[ नेवी प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी सक्रिय है। INS विक्रांत के साथ कैरियर बैटल ग्रुप ने पाकिस्तानी नौसेना को मुश्किल में डाल दिया है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 13:32:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय नौसेना, बैटल स्ट्राइक ग्रुप, ऑपरेशन सिंदूर, अरब सागर, पाकिस्तान, INS विक्रांत, नौसेना प्रमुख, एडमिरल त्रिपाठी, समुद्री सुरक्षा, कैरियर बैटल ग्रुप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>नेवी प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी का यह बयान पाकिस्तान की चिंताओं को बढ़ा देगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी सक्रिय है। इसलिए, कई जानकारियाँ सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। मई 2025 में पहलगाम हमले के बाद आरंभ हुए इस ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय नौसेना ने उत्तरी अरब सागर में अपने कैरियर बैटल ग्रुप (INS विक्रांत सहित) को बेहद आक्रामक तरीके से तैनात किया है।</p>
<p>परिणाम? पाकिस्तानी नौसेना अपने जहाजों को समुद्र में नहीं उतार पाई। वे या तो कराची-ग्वादर बंदरगाहों के भीतर रहे या मकरान तट के नजदीक छिपे रहे। एडमिरल ने कहा कि हमारी इस आक्रामक तैनाती ने पाकिस्तान को गंभीर आर्थिक क्षति पहुंचाई है। पिछले सात महीनों से नौसेना उत्तरी अरब सागर में निरंतर उच्चतम स्तर की ऑपरेशंस को अंजाम दे रही है।</p>
<p>मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री सुरक्षा और नौसेना की शक्ति पर विशेष ध्यान दिया। इस पर एडमिरल त्रिपाठी ने पीएम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने साझा किया कि दीवाली के अवसर पर पीएम मोदी ने INS विक्रांत पर रात बिताई और नौसेना की बहु-आयामी क्षमताओं का गहराई से अवलोकन किया।</p>
<p>हर साल 4 दिसंबर को मनाए जाने वाले नौसेना दिवस को इस बार केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाने की योजना है।</p>
<p>एडमिरल त्रिपाठी ने पिछले साल के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा...</p>
<p>एडमिरल ने गर्व से बताया कि पिछले साल के नौसेना दिवस से अब तक हमने एक नई पनडुब्बी और 12 नए युद्धपोतों को नौसेना में शामिल किया है। INS उदयगिरी भारतीय नौसेना का 100वां युद्धपोत बन गया है।</p>
<p>एडमिरल त्रिपाठी ने अंत में कहा कि हमने हिंद महासागर क्षेत्र में निरंतर ऑपरेशनल तैयारियां बनाए रखी हैं। हमारा प्रत्येक जहाज, हर एक सिपाही हर समय तैयार है। चाहे वह ऑपरेशन सिंदूर हो, लाल सागर में हूतियों को सबक सिखाना हो, समुद्री डाकुओं को पकड़ना हो या श्रीलंका में राहत पहुंचाना हो – भारतीय नौसेना आज दुनिया की सबसे सतर्क, सबसे शक्तिशाली और सबसे मानवीय नौसेनाओं में से एक मानी जाती है।</p>
<p>पाकिस्तान की चिंता का कारण यह है कि उसे पता है – अरब सागर में हमारा कैरियर बैटल ग्रुप अब भी दृढ़ता से तैनात है... और ऑपरेशन सिंदूर का अंत होने का कोई संकेत नहीं है।</p>
<p>INS विक्रांत की गन से फायरिंग करते हुए। (फाइल फोटो: भारतीय नौसेना)</p>]]> </content:encoded>
</item>

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<title>कुवैत से हैदराबाद आ रही फ्लाइट में बम की धमकी, इंडिगो एयरलाइन का विमान मुंबई में सुरक्षित उतरा</title>
<link>https://pratinidhi.in/bomb-threat-flight-kuwait-hyderabad-indigo-airlines-lands-safely-mumbai-investigations-underway</link>
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<description><![CDATA[ सूचनाओं के अनुसार, यह चेतावनी हैदराबाद हवाई अड्डे को एक ईमेल के माध्यम से भेजी गई। इसमें उल्लेख किया गया कि एक मानव बम विमान में मौजूद है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 02 Dec 2025 10:36:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बम धमकी, इंडिगो एयरलाइंस, कुवैत से हैदराबाद, मुंबई हवाईअड्डा, विमान सुरक्षित लैंडिंग, सुरक्षा जांच, मानव बम, हवाई यात्रा सुरक्षा, आतंकवाद, विमान उड़ाने की धमकी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कुवैत से हैदराबाद की ओर आ रही इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान में मंगलवार को बम की धमकी दी गई। इसके बाद विमान को मुंबई में मोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, विमान ने बाद में मुंबई हवाईअड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की और यात्रियों को बाहर निकालकर विमान की जांच की गई। उड़ान को हवाई अड्डे के अलग-थलग क्षेत्र में ले जाया गया। इसके साथ ही सुरक्षा दलों को तैनात कर दिया गया।</p>
<p>फिलहाल उड़ान में बम मिलने की कोई खबर नहीं है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसके बावजूद पिछले दो हफ्तों में लगातार हवाई अड्डों और विमानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। पहले कनाडा के टोरंटो से दिल्ली आ रहे विमान में बम की अफवाह फैलाई गई, जबकि इससे पहले मुंबई से वाराणसी जा रही उड़ान को भी बम की धमकी मिली थी। इसके अलावा कुछ असामाजिक तत्व दिल्ली हवाईअड्डा, गोवा हवाईअड्डा और चेन्नई हवाईअड्डे को भी उड़ाने की धमकी दे चुके हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मोदी या इंदिरा: किसके फैसले सख्त?</title>
<link>https://pratinidhi.in/modi-vs-indira-who-took-stronger-decisions-for-india</link>
<guid>https://pratinidhi.in/modi-vs-indira-who-took-stronger-decisions-for-india</guid>
<description><![CDATA[ सर्वे में 42% लोगों ने पीएम मोदी को इंदिरा गांधी से अधिक सशक्त नेता माना। &#039;ऑपरेशन सिंदूर&#039; के बाद, पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए। 72% लोगों ने इसे भारत की सैन्य क्षमता की सराहना करते हुए बड़ी उपलब्धि माना। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद, भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/121274504/narendra-modi-vs-indira-gandhi-121274504.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 19 May 2025 23:53:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नरेंद्र मोदी, इंदिरा गांधी, ऑपरेशन सिंदूर, सर्वे, सशक्त फैसले, पाकिस्तान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>नई दिल्ली:</b> 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि और भी मजबूत हुई है। पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद, <b>पीएम मोदी</b> और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के नेतृत्व और फैसलों की तुलना हो रही है।<br><br><b>आईएएनएस मैटराइज सर्वे</b> के अनुसार, 42% लोगों का मानना है कि पीएम मोदी ने इंदिरा गांधी से ज्यादा सशक्त फैसले लिए। वहीं, 29% लोग इंदिरा गांधी के पक्ष में थे। सर्वे में लोगों से पूछा गया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद कौन सा नेता ज्यादा सशक्त फैसले लेने में सक्षम है?<br><br>इस सवाल के जवाब में 42% लोगों ने <b>पीएम मोदी</b> को चुना, जबकि 29% ने इंदिरा गांधी को। 17% लोगों के अनुसार दोनों नेता अपनी-अपनी स्थिति में बराबर थे। 5% को लगता है कि कोई भी प्रभावी नहीं था, और 7% अनिश्चित रहे।<br><br>22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद, भारतीय सेना ने <b>ऑपरेशन सिंदूर</b> चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए।<br><br>सर्वे में यह भी पूछा गया कि क्या पाकिस्तान में घुसकर हमला करना एक बड़ी उपलब्धि है? 72% लोगों ने इसे भारत की सैन्य क्षमता की सराहना करते हुए बड़ी उपलब्धि माना। 9% ने इसे कुछ हद तक माना, जबकि 12% ने इनकार किया, और 7% अनिश्चित थे।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>उपराष्ट्रपति धनखड़ ने प्रोटोकॉल उल्लंघन पर जताई नाराजगी</title>
<link>https://pratinidhi.in/vice-president-dhankhar-expresses-displeasure-over-protocol-violation-raises-issue-of-his-photo</link>
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<description><![CDATA[ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रोटोकॉल के महत्व पर जोर देते हुए चीफ जस्टिस बी आर गवई के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ अपनी तस्वीर न होने पर दुख व्यक्त किया और खुद को प्रोटोकॉल का &#039;पीड़ित&#039; बताया। धनखड़ ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि उनके बाद आने वाले उपराष्ट्रपति की तस्वीर अवश्य लगाई जाए। चीफ जस्टिस गवई ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और मुंबई पुलिस आयुक्त के उनके स्वागत के लिए मौजूद न होने पर नाराजगी जताई थी। धनखड़ ने नौकरशाहों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सीजेआई का आभार व्यक्त किया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 19 May 2025 23:53:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रोटोकॉल, चीफ जस्टिस बी आर गवई, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, तस्वीर, उल्लंघन, सुप्रीम कोर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रोटोकॉल के महत्व पर जोर देते हुए चीफ जस्टिस बी आर गवई के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ अपनी तस्वीर न होने पर दुख व्यक्त किया और खुद को प्रोटोकॉल का 'पीड़ित' बताया।<br><br>धनखड़ ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया कि उनके बाद आने वाले उपराष्ट्रपति की तस्वीर अवश्य लगाई जाए। उन्होंने चीफ जस्टिस गवई की नाराजगी का समर्थन करते हुए कहा कि प्रोटोकॉल का पालन करना आवश्यक है।<br><br><strong>क्या है मामला?</strong><br><br>चीफ जस्टिस गवई ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और मुंबई पुलिस आयुक्त के उनके स्वागत के लिए मौजूद न होने पर नाराजगी जताई थी। न्यायमूर्ति गवई ने 14 मई को उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।<br><br><strong>'...सीजेआई का वास्तव में आभारी हूं'</strong><br><br>दिल्ली में एक कार्यक्रम में धनखड़ ने कहा कि उन्हें आज सुबह एक महत्वपूर्ण बात याद आई कि हमें प्रोटोकॉल में विश्वास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रधान न्यायाधीश और प्रोटोकॉल को बहुत महत्व दिया जाता है। उपराष्ट्रपति ने नौकरशाहों का ध्यान आकर्षित करने के लिए सीजेआई का आभार व्यक्त किया।]]> </content:encoded>
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<title>पाकिस्तान की हरकतों का पर्दाफाश: मोदी सरकार का नया प्लान</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-prepares-to-expose-pakistan-modi-government-new-plan</link>
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<description><![CDATA[ भारत सरकार पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए तैयार है। इसके लिए, पहलगाम आतंकी हमलों और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने हेतु विभिन्न दलों के सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को दुनिया की राजधानियों में भेजने का विचार है, जिसका उद्देश्य सीमा पार आतंकवाद पर भारत के रुख को मजबूत करना है। माना जा रहा है कि विभिन्न दलों के सांसदों वाले प्रतिनिधिमंडल को निकट भविष्य में दुनिया के विभिन्न महाद्वीपों की राजधानियों में भेजा जा सकता है, ताकि कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के पाकिस्तान के प्रयासों के बीच मेजबानों को भारतीय दृष्टिकोण से अवगत कराया जा सके। विदेश मंत्रालय अन्य मंत्रालयों और विभागों के साथ मिलकर सांसदों के लिए बातचीत के बिंदु तैयार कर रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 17 May 2025 11:19:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारत, पाकिस्तान, आतंकवाद, मोदी सरकार, सांसद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> भारत, पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब करने की तैयारी में है। मोदी सरकार ने इसके लिए एक खास प्लान बनाया है।<br><br>पहलगाम में हुए आतंकी हमलों और ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने के लिए सरकार, अलग-अलग पार्टियों के सांसदों को दुनिया के अलग-अलग देशों में भेजेगी। इसका मकसद है कि सीमा पार से होने वाले आतंकवाद पर भारत की बात को और मजबूती से रखा जाए, ताकि पाकिस्तान की गलत बातों का जवाब दिया जा सके।<br><br>माना जा रहा है कि बहुत जल्द ही अलग-अलग पार्टियों के सांसद दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जाएंगे। वे कश्मीर मामले को दुनिया के सामने गलत तरीके से पेश करने की पाकिस्तान की कोशिशों के बीच, भारत का नजरिया रखेंगे।<br><br>खबर है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की थी, जिसके बाद भारत ने यह कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय, दूसरे मंत्रालयों के साथ मिलकर सांसदों के लिए जरूरी बातें तैयार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग देशों में भारतीय दूतावास भी इस काम में मदद करेंगे। यह पहली बार है जब मोदी सरकार, कश्मीर और पाकिस्तान से आने वाले आतंकवाद पर भारत का पक्ष रखने के लिए सांसदों को जिम्मेदारी देगी।<br><br>सांसद, पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तान के रोल, पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डे और पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान ने कैसे सीमा पार आतंकवाद से भारत को निशाना बनाया है, इस पर बात करेंगे। यह भी बताया जाएगा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई थी। इसके बाद, पाकिस्तान ने भारतीय सेना के ऑपरेशन्स के खिलाफ हमले करके अपनी हरकतों को बढ़ा दिया।]]> </content:encoded>
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<title>प्रवीण सूद को एक्सटेंशन: सीबीआई डायरेक्टर का कार्यकाल बढ़ सकता है</title>
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<description><![CDATA[ सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद को एक साल का एक्सटेंशन मिल सकता है, क्योंकि नए डायरेक्टर के चुनाव पर बनी कमेटी किसी नाम पर सहमत नहीं हो पाई। इस कमेटी में पीएम मोदी, सीजेआई संजीव खन्ना और राहुल गांधी शामिल थे, जिनकी मीटिंग बेनतीजा रही। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग जल्द ही एक्सटेंशन का नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अफसर हैं और सीबीआई डायरेक्टर बनने से पहले वे राज्य के डीजीपी थे। उन्होंने 25 मई, 2023 को सीबीआई डायरेक्टर का पद संभाला था। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 May 2025 17:04:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>CBI Director Praveen Sood, extension, selection committee, PM Modi, CJI Sanjeev Khanna, Rahul Gandhi, Department of Personnel and Training (DOPT), IPS officer, CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद, एक्सटेंशन, सिलेक्शन कमेटी, पीएम मोदी, सीजेआई संजीव खन्ना, राहुल गांधी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> <br><br>सीबीआई (CBI) के डायरेक्टर प्रवीण सूद को एक साल का एक्सटेंशन मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, नए डायरेक्टर के चुनाव के लिए बनी कमेटी किसी भी नाम पर सहमत नहीं हो पाई है। इस कमेटी में प्रधानमंत्री मोदी, सीजेआई संजीव खन्ना और लोकसभा में एलओपी राहुल गांधी शामिल थे।<br><br>बताया जा रहा है कि इनकी मीटिंग पीएमओ में हुई थी, लेकिन कमेटी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई, जिसके चलते सूद को एक्सटेंशन मिलने की संभावना है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) जल्द ही एक्सटेंशन का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर सकता है। DOPT ही CBI के लिए नोडल मंत्रालय है। <br><br>सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पैनल के सदस्य नए डायरेक्टर की नियुक्ति पर कोई फैसला नहीं ले पाए, जिसके चलते चर्चा किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। कानून के अनुसार, किसी मौजूदा डायरेक्टर को एक साल तक का एक्सटेंशन मिल सकता है।<br><br>प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अफसर हैं। CBI डायरेक्टर बनने से पहले वे राज्य के डीजीपी थे। उन्होंने 25 मई, 2023 को CBI डायरेक्टर का पद संभाला था।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>न्यायपालिका में जातिगत भेदभाव: मोची के बेटे को निशाना बनाने पर SC सख्त</title>
<link>https://pratinidhi.in/supreme-court-reinstates-judicial-officer-targeted-for-being-cobbler-son-in-punjab-caste-discrimination-case</link>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका में जातिगत भेदभाव की कड़ी निंदा करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि एक न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मोची का बेटा था। जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर दुख जताते हुए कहा कि यह कब तक चलता रहेगा? उन्होंने कहा कि पंजाब में न्यायपालिका में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह निचली जाति से ताल्लुक रखते हैं। प्रेम कुमार को सेवा में तत्काल बहाल करने का आदेश दिया गया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 May 2025 17:04:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>सुप्रीम कोर्ट, न्यायिक अधिकारी, जातिगत भेदभाव, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, मोची, जस्टिस सूर्यकांत, प्रेम कुमार, बर्खास्तगी, बहाल, न्यायपालिका, जाति आधारित भेदभाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका में जातिगत भेदभाव की कड़ी निंदा करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि एक न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मोची का बेटा था।<br><br>जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर दुख जताते हुए कहा कि यह कब तक चलता रहेगा? उन्होंने कहा कि पंजाब में न्यायपालिका में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह निचली जाति से ताल्लुक रखते हैं।<br><br>जस्टिस कांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने प्रेम कुमार की एसीआर का अवलोकन किया। प्रेम कुमार 2014 में पंजाब में अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश के पद पर सीधी भर्ती थे। शीर्ष अदालत ने कहा कि उनके ट्रैक रिकॉर्ड और ईमानदारी को पर्यवेक्षक जज ने अच्छा कहा था।<br><br>प्रेम कुमार के लिए प्रदर्शन और ईमानदारी का रोलरकोस्टर मूल्यांकन नियमित हो गया और अप्रैल 2022 में, प्रशासनिक पक्ष में HC ने उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया। अपनी गरिमा की रक्षा के लिए, कुमार ने एक रिट याचिका के माध्यम से HC के समक्ष अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी।<br><br>इस साल जनवरी में, हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने रिट याचिका को स्वीकार कर लिया, पूर्ण न्यायालय की 7 मार्च, 2022 की सिफारिश को रद्द कर दिया और साथ ही 20 अप्रैल, 2022 के आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने खंडपीठ के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की।<br><br>अपील को खारिज करते हुए, जस्टिस कांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि वह एक निचली जाति से ताल्लुक रखते हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। यह हाईकोर्ट में एक बड़ी समस्या है। हाईकोर्ट को अपने न्यायिक अधिकारियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>पाक को ग्रे लिस्ट में डालने की तैयारी में भारत</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-preparing-to-put-pakistan-on-fatf-grey-list</link>
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<description><![CDATA[ पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ाया है। भारत ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता कम करने को कहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एडीबी अध्यक्ष से मुलाकात में यह मुद्दा उठाया। भारत, पाकिस्तान को फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में डालने की कोशिश कर रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से उसे मदद मिलना मुश्किल हो जाए। सीतारमण ने इटली के वित्त मंत्री से भी मुलाकात की और उनसे पाकिस्तान के साथ वित्तीय संबंधों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 May 2025 17:01:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Pakistan Grey List Fatf, आर्थिक नाकाबंदी, पाकिस्तान, FATF, ग्रे लिस्ट, भारत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, भारत ने पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। भारत ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से यह आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता को कम करे, ताकि आतंकवादियों को पनाह देने वाले इस देश को सबक सिखाया जा सके।<br><br><strong>वित्त मंत्री की एडीबी अध्यक्ष से मुलाकात:</strong> वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एडीबी के अध्यक्ष मसातो कांडा के साथ इटली में हुई एक बैठक में इस मुद्दे को उठाया। सूत्रों के अनुसार, भारत, पाकिस्तान को फिर से FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की ग्रे लिस्ट में शामिल करने की रणनीति बना रहा है, ताकि अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से उसे मिलने वाली मदद को मुश्किल किया जा सके।<br><br><strong>टेरर फाइनेंसिंग पर भारत की चिंता:</strong> वित्त मंत्री सीतारमण ने एडीबी अध्यक्ष के साथ मुलाकात में वैश्विक टेरर फाइनेंसिंग के मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एडीबी को पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में कमी करनी चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है।<br><br><strong>एडीबी की पाकिस्तान को वित्तीय सहायता:</strong> वर्तमान में, एडीबी ने पाकिस्तान को पब्लिक सेक्टर लोन, ग्रांट और टेक्निकल सहायता के रूप में कुल 43.4 बिलियन डॉलर की वित्तीय मदद मंजूर की है। हाल ही में, इसने पाकिस्तान के लिए 50 करोड़ डॉलर की मदद को मंजूरी दी थी।<br><br><strong>इटली के वित्त मंत्री के साथ बैठक:</strong> वित्त मंत्री सीतारमण ने इटली के मिलान शहर में एडीबी की 58वीं सालाना मीटिंग में भाग लिया। इस दौरान, उन्होंने इटली के वित्त मंत्री जियॉनकार्लो जियोर्जेत्ती से भी मुलाकात की और उनसे पाकिस्तान के साथ वित्तीय संबंधों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।<br><br><strong>FATF की ग्रे लिस्ट में डालने की कोशिश:</strong> भारत, पाकिस्तान को एक बार फिर से FATF की ग्रे लिस्ट में डलवाने का प्रयास कर रहा है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बाद, वित्त मंत्री की इस विदेश यात्रा में ब्रिटेन और इटली सहित यूरोपीय देशों और अमेरिका से इस बारे में संपर्क किया गया है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कश्मीर में आतंक: दाऊद का पाक कनेक्शन, सरकार पर दबदबा!</title>
<link>https://pratinidhi.in/kashmir-pehalgam-terror-attack-dawood-ibrahim-connection-in-pakistan-terror-network</link>
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<description><![CDATA[ पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान का असली चेहरा फिर सामने आया है। भारत जवाबी कार्रवाई पर विचार कर रहा है। लेखक हुसैन जैदी ने पाकिस्तान में दाऊद इब्राहिम के दबदबे को लेकर कई खुलासे किए। दाऊद के भारत और मुंबई में बॉलीवुड से अच्छे संबंध थे, और पाकिस्तान में भी उसने फिल्म इंडस्ट्री में पैठ बनाई। दाऊद जानता है कि राजनेताओं को नियंत्रित करके देश पर शासन किया जा सकता है। जैदी ने कहा कि दाऊद पाकिस्तान में किंगमेकर बन गया है, और सरकार तकनीकी रूप से उसके द्वारा चलाई जा रही है। राजनेता उससे लाभ लेने के लिए उसके करीब आ रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 06 May 2025 16:59:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Kashmir, Terrorism, Dawood Ibrahim, Pakistan, Underworld, Husain Zaidi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, पाकिस्तान का असली चेहरा फिर से दुनिया के सामने आ गया है। भारत इस हमले का जवाब देने की तैयारी कर रहा है। इस बीच, कश्मीर में आतंकवाद के पीछे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का कनेक्शन सामने आया है। मशहूर लेखक हुसैन जैदी, जो दाऊद इब्राहिम के बारे में लिखते हैं, उन्होंने पाकिस्तान में दाऊद के प्रभाव के बारे में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।<br><br>जैदी के अनुसार, दाऊद के भारत और मुंबई में बॉलीवुड से अच्छे संबंध थे। पाकिस्तान में भी उसने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पैठ बनाई। दाऊद जानता है कि यदि राजनेताओं को नियंत्रित किया जाए तो पूरे देश पर शासन किया जा सकता है। पाकिस्तान में, दाऊद इतना शक्तिशाली है कि वह सरकार को भी चला रहा है।<br><br>जैदी ने कहा कि दाऊद पाकिस्तान में किंगमेकर बन गया है। पाकिस्तान की सरकार तकनीकी रूप से दाऊद द्वारा ही चलाई जा रही है। दाऊद के प्रभाव को देखते हुए, राजनेता उसके करीब आने लगे और उससे लाभ लेने लगे। जैदी ने अपने दोस्त के हवाले से बताया कि जब वह दाऊद से मिलने जाता था, तो उसने देखा कि दाऊद के रिसेप्शन हॉल में किसी प्रांत का मुख्यमंत्री इंतजार कर रहा होता था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली की गर्मी से बेहाल तहव्वुर राणा: NIA से मांगी परिवार से बात करने की इजाजत</title>
<link>https://pratinidhi.in/mumbai-attack-mastermind-tahawwur-rana-demands-family-talk-due-to-delhi-heat</link>
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<description><![CDATA[ मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा, जो एनआईए की हिरासत में है, ने दिल्ली की गर्मी के बारे में शिकायत की है। उसने अपने खिलाफ आरोपों और संभावित सजाओं के बारे में पूछताछ की है। राणा ने परिवार से बात करने की इच्छा व्यक्त की है, लेकिन एनआईए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह बातचीत केवल कोर्ट के माध्यम से ही हो सकती है। राणा ने मुंबई हमले में शामिल होने से इनकार किया है, और जांच एजेंसी उसकी लिखावट और आवाज के नमूने लेने की योजना बना रही है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:51:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Tahawwur Rana, Mumbai Attack, NIA, Delhi Heat, Terrorism, India, Crime</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड में से एक तहव्वुर हुसैन राणा एनआईए की पूछताछ के दौरान अपनी जिंदगी के बारे में सोचने लगा है। <br><br>उसने अधिकारियों से यूएपीए समेत उसके उपर लगाई गई अन्य तमाम धाराओं के बारे में पूछा है कि इनमें अधिकतम सजा कितनी हो सकती है। उसे बताया गया कि उसके खिलाफ आईपीसी और यूएपीए की कई धाराओं में मामला दर्ज है।<br><br> जिनमें देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, साजिश रचने और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने से हुई लोगों की मौतों के मामले में अगर उसके उपर दोष सिद्ध हो जाते हैं तो उसे उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा हो सकती है। 10 अप्रैल को अमेरिका से भारत लाए गए राणा के मामले में सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया।<br><br>वैसे तो एनआईए की पूछताछ में अभी तक उसने कोई टॉर्चर करने या अन्य किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की है। लेकिन उसने दिल्ली की गर्मी से परेशान होने वाली बात जरूर की है। उसने कहा है कि यहां गर्मी अधिक है। हालांकि उसे सेंट्रलाइड एसी बिल्डिंग में रखा गया है, लेकिन इसके बावजूद उसे अमेरिका के मुकाबले यहां गर्मी अधिक लग रही है।<br><br> सूत्रों ने यह भी बताया कि उसने अपनी फैमिली से बात करने की इच्छा जाहिर की है। जिसके जवाब में एनआईए अधिकारियों ने कहा है कि यह बातचीत कोर्ट के माध्यम से ही हो सकेगी। वह कनाडा में रह रहे अपने छोटे भाई से बात करना चाहता है। सूत्रों का कहना है कि मुंबई अटैक के बारे में उससे जो-जो जानकारी लेने की कोशिश की जा रही हैं। अभी तक वह इनमें से उन तमाम आरोपों से मानने से इंकार कर रहा है, जो मुंबई अटैक को अंजाम देने के लिए किए गए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पत्नी को संपत्ति मानना गलत: दिल्ली हाई कोर्ट</title>
<link>https://pratinidhi.in/delhi-high-court-verdict-on-adultery-case-citing-draupadi</link>
<guid>https://pratinidhi.in/delhi-high-court-verdict-on-adultery-case-citing-draupadi</guid>
<description><![CDATA[ दिल्ली हाई कोर्ट ने व्यभिचार के एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि पत्नी को पति की संपत्ति मानना गलत है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने महाभारत में द्रौपदी के जुए में हारने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए आरोपी को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एक महिला को पति की संपत्ति समझना महाभारत काल से चली आ रही पुरुषवादी सोच है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया जिसमें व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया था। हाई कोर्ट ने शिकायत को रद्द करते हुए कहा कि व्यभिचार अब अपराध नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Apr 2025 16:43:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Delhi High Court, Adultery, Mahabharat, Draupadi, IPC 497, Supreme Court</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>दिल्ली हाई कोर्ट ने व्यभिचार के एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि पत्नी को पति की संपत्ति मानना गलत है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने महाभारत में द्रौपदी के जुए में हारने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए आरोपी को बरी कर दिया।</p><br/><p>कोर्ट ने कहा कि एक महिला को पति की संपत्ति समझना महाभारत काल से चली आ रही पुरुषवादी सोच है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी हवाला दिया जिसमें व्यभिचार को अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया था।</p><br/><p>जस्टिस कृष्णा ने कहा कि द्रौपदी को जुए में दांव पर लगाना और उसके बाद महाभारत का युद्ध होना, औरत को संपत्ति मानने के भयानक नतीजों को दर्शाता है।</p><br/><p>इस मामले में, पति ने आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी का किसी और आदमी के साथ अफेयर है। हाई कोर्ट ने इस शिकायत को रद्द करते हुए कहा कि व्यभिचार अब अपराध नहीं है और पति-पत्नी के बीच धोखा एक निजी मामला है।</p><br/><p>कोर्ट ने औरतों पर मालिकाना हक जताने की पुरानी सोच की आलोचना करते हुए आरोपी को बरी कर दिया।</p>]]> </content:encoded>
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<title>रायपुर: रशियन युवती ने नशे में स्कूटर सवारों को मारी टक्कर, तीन घायल</title>
<link>https://pratinidhi.in/russian-woman-hits-scooter-riders-in-raipur-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया कि रायपुर में एक रशियन युवती ने शराब पीकर एक्सीडेंट किया। जांच में पता चला कि यह घटना 5 फरवरी 2025 की है, जिसमें एक तेज रफ्तार कार ने स्कूटर को टक्कर मारी और तीन लोग घायल हो गए। एक्स (ट्विटर) पर वीडियो को शेयर करते हुए प्रीत अहरू ने लिखा कि रायपुर में देर रात रशियन युवती ने शराब के नशे में एक्टिवा सवार तीन युवकों को मारी जोरदार टक्कर। सजग टीम की पड़ताल में यह दावा अधूरा सच पाया गया। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 17:56:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रायपुर, रशियन युवती, शराब, एक्सीडेंट, स्कूटर, घायल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>रायपुर: नशे में धुत रशियन युवती ने स्कूटर सवारों को मारी टक्कर, तीन घायल</strong><br><br>सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि रायपुर में एक रशियन युवती ने शराब पीकर एक्सीडेंट किया। जांच में पता चला कि यह घटना 5 फरवरी 2025 की है। एक तेज रफ्तार कार ने स्कूटर को टक्कर मारी, जिससे तीन लोग घायल हो गए।<br><br><strong>हाइलाइट्स:</strong><br><ul><li>सोशल मीडिया पर वायरल हुआ सड़क हादसे का वीडियो</li><li>रायपुर में नशे में धुत रूसी महिला का एक्सीडेंट मामला</li><li>वीडियो को हाल की घटना के रूप में गलत तरीके से फैलाया गया</li></ul><br>दावा किया जा रहा है कि बीती रात एक रशियन युवती ने शराब के नशे में एक्सीडेंट कर दिया।<br><br>नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो एक सड़क हादसे का है, जिसमें पुलिस एक युवती को घेरे हुए खड़ी है। सड़क पर कुछ लोग भी खड़े हैं और देखने से लग रहा है कि युवती नशे में है। पुलिस उसे गाड़ी में बिठाने की कोशिश कर रही है, लेकिन युवती दूर हटकर खड़ी हो जाती है। इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह मामला रायपुर का है, जहां एक रशियन युवती ने शराब पीकर एक्सीडेंट कर दिया। सजग टीम की पड़ताल में यह दावा अधूरा सच पाया गया।<br><br>वीडियो किस दावे के साथ शेयर किया गया?<br>एक्स (ट्विटर) पर वीडियो को शेयर करते हुए प्रीत अहरू नाम के एक शख्स ने लिखा है, 'यह सिर्फ भारत में हो सकता है। रायपुर में देर रात एक रशियन युवती ने शराब के नशे में एक्टिवा सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। पुलिसकर्मियों से की धक्का-मुक्की, जमकर मचा बवाल, तीनों युवक गंभीर रूप से घायल।'<br><br>क्या है दावे की सच्चाई?<br>सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इस वीडियो की सच्चाई का पता लगाने के लिए हमने खबर को इंटरनेट पर तलाशा। यहां संबंधित कीवर्ड के साथ सर्च करने पर हमें कुछ खबरों के लिंक मिले। इन खबरों की जांच से पता चला कि यह घटना तो सही है, लेकिन मामला हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि लगभग ढाई महीने पुराना है।<br><br>7 फरवरी 2025 की हिंदुस्तान टाइम्स की एक खबर के अनुसार, 5 फरवरी की रात छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक तेज रफ्तार कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एक रूसी महिला और एक वकील नशे में थे और कार चला रहे थे। हादसे के बाद पुलिस ने रूसी महिला और वकील को हिरासत में ले लिया।<br><br>यह जानकारी 7 फरवरी 2025 की टाइम्स ऑफ इंडिया और एनडीटीवी की खबरों में भी मिली।<br><br>निष्कर्ष:<br>सोशल मीडिया पर एक्सीडेंट से जुड़े एक वीडियो को हाल-फिलहाल की घटना के तौर पर वायरल किया जा रहा है। सजग टीम की पड़ताल में यह दावा अधूरा सच पाया गया। रायपुर में एक्सीडेंट की यह घटना हुई थी, लेकिन मामला 5 फरवरी 2025 का है।<br><br>आपकी सजगता, हमारी प्रतिबद्धता।]]> </content:encoded>
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<title>बेटे से शादी: वायरल वीडियो की सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/fake-viral-video-mother-son-marriage-scripted</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, एक महिला अपने बेटे से शादी करने का दावा कर रही है, जिसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। सजग टीम की पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और मनोरंजन के लिए बनाया गया है। ट्विटर पर एक महिला और युवक का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें महिला अपने बेटे से शादी करने की बात कह रही है। सजग टीम ने गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए पाया कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और यूट्यूब पर अपलोड किया गया है। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे फर्जी हैं। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 17:56:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Fact Check, वायरल वीडियो, स्क्रिप्टेड वीडियो, सोशल मीडिया, फर्जी खबर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर आजकल एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अपने ही बेटे से शादी करने का दावा कर रही है। इस वीडियो को गलत तरीके से सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। सजग टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल की, तो पता चला कि यह सिर्फ एक स्क्रिप्टेड वीडियो है, जिसे मनोरंजन के लिए बनाया गया था।<br><br>दरअसल, ट्विटर पर एक महिला और युवक का वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिला यह कहती हुई नजर आ रही है कि उसके साथ खड़ा युवक उसका बेटा है और उसने अपने बेटे से ही शादी कर ली है। जब उससे खून के रिश्ते पर सवाल किया जाता है, तो वह कहती है कि वह अपने बेटे के साथ शादी करके बहुत खुश है। सजग टीम ने जब इस वीडियो की सच्चाई जांची, तो पाया कि यह एक स्क्रिप्टेड वीडियो है।<br><br>ट्विटर पर इस वीडियो को शेयर करते हुए नेशनल मुस्लिम नाम के एक हैंडल ने लिखा है कि 'हिंदू महिला ने अपने ही बेटे को पति बनाकर मां-बेटे के रिश्ते को तार-तार कर दिया।' इसी तरह के दावे के साथ यह वीडियो रिजवान हैदर और द मुस्लिम नाम के एक्स हैंडल से भी शेयर किया गया है। फेसबुक पर भी apsmurshidabad नाम के पेज ने इसे शेयर किया है।<br><br>इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए सजग टीम ने गूगल रिवर्स इमेज सर्च का सहारा लिया। पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसे एक यूट्यूब चैनल पर मनोरंजन के मकसद से अपलोड किया गया है। Saddam Day Vlog नाम के यूट्यूब चैनल पर 3 अप्रैल 2025 को यह वीडियो अपलोड किया गया था। इस चैनल पर आपको ऐसे कई वीडियो मिल जाएंगे।<br><br>निष्कर्ष यह है कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक हिंदू महिला ने अपने ही बेटे से शादी कर ली है। वीडियो में महिला शादी को लेकर बात करती हुई भी दिखाई दे रही है। लेकिन, सजग टीम की पड़ताल में यह साफ हो गया है कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसे सिर्फ मनोरंजन के लिए यूट्यूब पर अपलोड किया गया है। इसलिए, इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर जो भी दावे किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से फर्जी हैं।]]> </content:encoded>
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<title>मौसम का मिजाज: दिल्ली से बिहार&amp;राजस्थान तक, कहीं लू तो कहीं बारिश</title>
<link>https://pratinidhi.in/weather-forecast-18-april-2025-aaj-ka-mausam-kaisa-rahega-delhi-ncr-up-bihar-rajasthan-temprature-severe-heat-wave</link>
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<description><![CDATA[ 18 अप्रैल 2025 को दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश में मौसम बदल गया है। उत्तर-पश्चिम भारत में लू का प्रकोप जारी है, जबकि हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में लू की स्थिति बनी रहेगी। दिल्ली में लू का प्रकोप रहेगा। राजस्थान में भीषण गर्मी पड़ेगी। हरियाणा और पंजाब में तापमान 40 के पार जा सकता है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पश्चिम बंगाल में बारिश की संभावना है। विभिन्न शहरों में तापमान अलग-अलग रहेगा. ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 15:44:22 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मौसम, गर्मी, लू, बारिश, तापमान, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, weather, heatwave, rain, temperature, Delhi, Bihar, Rajasthan</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[18 अप्रैल 2025 को मौसम का हाल: <strong>दिल्ली-एनसीआर</strong> समेत पूरे देश में मौसम में बदलाव आया है। <strong>उत्तरी-पश्चिमी भारत</strong> में लू का प्रकोप जारी है, जबकि <strong>हिमालयी क्षेत्रों</strong> में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। <strong>दक्षिणी और पूर्वोत्तर भारत</strong> के कुछ इलाकों में बारिश और आंधी का अनुमान है। <strong>राजस्थान, हरियाणा और पंजाब</strong> में लू की स्थिति बनी रहेगी।<br><br>मुख्य बातें:<br><br><ul><li><strong>दिल्ली</strong> में लू का प्रकोप, तापमान 39-41 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।</li><li><strong>हिमाचल प्रदेश</strong> में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है।</li><li><strong>राजस्थान</strong> में भीषण गर्मी, तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।</li></ul><br><br>18 अप्रैल 2025 को मौसम का पूर्वानुमान: दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे देश में मौसम बदल गया है। मौसम विभाग ने आज के मौसम का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जबकि हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना है। दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भी कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी का अनुमान है। जानिए आज कहां कैसा मौसम रहेगा।<br><br>दिल्ली-एनसीआर में मौसम:<br><br>राजधानी <strong>दिल्ली</strong> में आज आसमान साफ रहेगा, लेकिन लू से राहत नहीं मिलेगी। अधिकतम तापमान 39-41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22-24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा में नमी कम रहने से गर्मी का असर और बढ़ेगा। मौसम विभाग ने दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।<br><br>राजस्थान में लू:<br><br>मौसम विभाग के मुताबिक, <strong>राजस्थान</strong> के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे पश्चिमी जिलों में आज लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जो सामान्य से 3-8 डिग्री अधिक है। पूर्वी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर लू का प्रभाव रहेगा। हालांकि, 19 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और आंधी से तापमान में मामूली कमी की उम्मीद है।<br><br>हरियाणा और पंजाब में तापमान:<br><br><strong>हरियाणा और पंजाब</strong> में आज लू की स्थिति बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हिसार, रोहतक और अमृतसर जैसे क्षेत्रों में गर्म और शुष्क मौसम रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।<br><br>विभिन्न शहरों में तापमान:<br><br><table><tr><th>शहर</th><th>न्यूनतम तापमान (°C)</th><th>अधिकतम तापमान (°C)</th></tr><tr><td>दिल्ली</td><td>25</td><td>39</td></tr><tr><td>नोएडा</td><td>25</td><td>36</td></tr><tr><td>गाजियाबाद</td><td>25</td><td>35</td></tr><tr><td>लखनऊ</td><td>25</td><td>39</td></tr><tr><td>जयपुर</td><td>27</td><td>41</td></tr><tr><td>भोपाल</td><td>26</td><td>42</td></tr><tr><td>मुंबई</td><td>23</td><td>33</td></tr><tr><td>पटना</td><td>26</td><td>37</td></tr><tr><td>जम्मू</td><td>18</td><td>34</td></tr><tr><td>प्रयागराज</td><td>25</td><td>37</td></tr><tr><td>कोलकाता</td><td>26</td><td>40</td></tr><tr><td>अहमदाबाद</td><td>28</td><td>41</td></tr><tr><td>बेंगलुरु</td><td>27</td><td>42</td></tr><tr><td>कानपुर</td><td>24</td><td>38</td></tr><tr><td>वाराणसी</td><td>24</td><td>35</td></tr></table><br><br>उत्तराखंड में बारिश:<br><br><strong>उत्तराखंड</strong> के पर्वतीय क्षेत्रों, जैसे चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी में आज पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से गरज के साथ हल्की बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चलने की संभावना है। मैदानी इलाकों में गर्मी का असर रहेगा, लेकिन तापमान 35-38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।<br><br>हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी:<br><br><strong>हिमाचल प्रदेश</strong> में 18 और 19 अप्रैल को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, खासकर शिमला, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में। तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) और गरज के साथ बारिश की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।<br><br>मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम:<br><br><strong>मध्य प्रदेश</strong> के पश्चिमी हिस्सों में आज लू की स्थिति बनी रहेगी, जिसमें अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में गर्म और शुष्क मौसम रहेगा। हालांकि, पूर्वी मध्य प्रदेश में छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं, <strong>छत्तीसगढ़</strong> में आज मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। रायपुर और बिलासपुर जैसे शहरों में गर्मी का असर बना रहेगा।<br><br>बिहार में बारिश:<br><br><strong>बिहार</strong> में 18 अप्रैल को कुछ स्थानों पर गरज के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। तेज हवाएं (50-60 किमी/घंटा) भी चल सकती हैं। पटना, गया और भागलपुर जैसे क्षेत्रों में मौसम आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 35-38 डिग्री सेल्सियस रहेगा।<br><br>पश्चिम बंगाल में बारिश:<br><br>गंगीय <strong>पश्चिम बंगाल</strong> में आज ओलावृष्टि और गरज के साथ बारिश की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भी तेज हवाओं (50-60 किमी/घंटा) के साथ बारिश हो सकती है। कोलकाता में मौसम आंशिक रूप से बादल छाया रहेगा, और अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस रहेगा.]]> </content:encoded>
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<title>कच्छ पुलिस ने सूदखोरों से बचाकर मनाया बेटी का जन्मदिन</title>
<link>https://pratinidhi.in/kutch-police-rescues-father-from-loan-sharks-celebrates-daughters-birthday</link>
<guid>https://pratinidhi.in/kutch-police-rescues-father-from-loan-sharks-celebrates-daughters-birthday</guid>
<description><![CDATA[ कच्छ पुलिस ने एक व्यक्ति की बेटी का जन्मदिन मनाया, जिसके पैसे एक सूदखोर ने छीन लिए थे। व्यक्ति ने बेटी के लिए केक खरीदने के लिए 170 रुपये बचाए थे, लेकिन शकील ध्रुइया नामक एक सूदखोर ने उससे पैसे छीन लिए। मुंद्रा पीआई राकेश ठुम्मर ने अर्फा के लिए केक मंगवाया और पुलिस के साथ मिलकर जन्मदिन मनाया। पुलिस ने शकील के ऑफिस पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए तलाशा गया। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 18 Apr 2025 15:40:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कच्छ पुलिस, सूदखोर, बेटी का जन्मदिन, वायरल पोस्ट, मुंद्रा पुलिस स्टेशन, शकील ध्रुइया, अर्फा, राकेश ठुम्मर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>कच्छ पुलिस की मानवता: सूदखोरों से बचाकर मनाया बेटी का जन्मदिन</strong><br><br>सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों के अनुसार, मुंद्रा पुलिस ने एक व्यक्ति की बेटी का जन्मदिन मनाया, जिसके पैसे एक सूदखोर ने छीन लिए थे। व्यक्ति ने अपनी बेटी के लिए केक खरीदने के लिए मात्र 170 रुपये बचाए थे, लेकिन शकील ध्रुइया नामक एक सूदखोर ने उससे वह पैसे छीन लिए।<br><br>कच्छ के मुंद्रा पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति पहुंचा, जो बेहद भावुक था। उसने बताया कि वह अपनी बेटी अर्फा के लिए केक खरीदने गया था, लेकिन शकील नाम के एक स्थानीय गुंडे ने उससे पैसे छीन लिए, क्योंकि उसने उससे ऊंचे ब्याज पर पैसे उधार लिए थे।<br><br>मुंद्रा पीआई राकेश ठुम्मर ने अर्फा के लिए केक मंगवाया और कच्छ पुलिस के साथ मिलकर उसका जन्मदिन मनाया। इसके बाद, पुलिस ने शकील के ऑफिस पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए और एक अवैध उधार देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया।<br><br>सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे की सच्चाई जानने के लिए तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए तलाशा गया। वेस्ट कच्छ के एसपी के एक्स हैंडल से किए गए एक ट्वीट में वायरल हो रही तस्वीरें और वीडियो मिले, जिसमें एक बच्ची पुलिस दफ्तर में केक काटती हुई नजर आ रही है।]]> </content:encoded>
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<title>मुख्तार अब्बास नकवी: वक्फ कानून आस्था का संरक्षण, धार्मिक स्थलों को नहीं नुकसान</title>
<link>https://pratinidhi.in/no-harm-to-religion-or-religious-sites-mukhtar-abbas-naqvi-responds-to-opponents-of-waqf-law</link>
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<description><![CDATA[ मुख्तार अब्बास नकवी ने वक्फ संशोधन कानून का समर्थन करते हुए कहा कि यह कानून आस्था की रक्षा और व्यवस्था में सुधार के लिए है, न कि किसी धर्म के खिलाफ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस कानून को लेकर झूठ फैला रहे हैं। नकवी ने कहा कि वक्फ सिस्टम में कमियों को दूर करना जरूरी है और यह कानून धर्म और धार्मिक स्थलों को नुकसान नहीं पहुंचाता। उन्होंने विपक्ष पर गुमराह करने और सांप्रदायिक षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 15 Apr 2025 11:14:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वक्फ संशोधन कानून, मुख्तार अब्बास नकवी, वक्फ सिस्टम, धार्मिक स्थल, सांप्रदायिक षड्यंत्र, मुर्शिदाबाद हिंसा, कांग्रेस, भाजपा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मुख्तार अब्बास नकवी ने वक्फ संशोधन कानून पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि यह कानून आस्था की रक्षा और व्यवस्था को सुधारने के लिए है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह किसी धर्म विशेष का नहीं, बल्कि पूरे देश का कानून है। नकवी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस कानून के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं।<br><br>नई दिल्ली से जागरण ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्तार अब्बास नकवी ने वक्फ संशोधन कानून पर चल रही राजनीतिक बहस पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वक्फ सिस्टम में जो कमियां थीं, उन्हें दूर करना जरूरी है और इस सफाई में देश और धर्म दोनों की भलाई है। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संशोधन कानून धर्म और धार्मिक स्थलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है।<br><br>नकवी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग डर और भ्रम फैलाकर सीधे-सादे लोगों को गुमराह कर रहे हैं और सांप्रदायिक षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे साजिशी लोगों से सावधान रहना चाहिए। नकवी ने कहा कि वक्फ संशोधन कानून भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत कदम है। यह वक्फ सिस्टम में सुधार लाएगा और उसे मजबूत बनाएगा। उन्होंने वक्फ संशोधन कानून के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों पर कहा कि जो लोग संसद में इस पर बहस नहीं कर पाए, वे अब सड़कों पर गलत तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>मोदी ने क्यों सराहा चीनी विद्वान को, योग के प्रचार में योगदान की वजह?</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-praises-chinese-scholar-for-promoting-yoga-strengthening-cultural-ties</link>
<guid>https://pratinidhi.in/pm-modi-praises-chinese-scholar-for-promoting-yoga-strengthening-cultural-ties</guid>
<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के विद्वान प्रोफेसर वांग झीचेंग को पत्र लिखकर योग को बढ़ावा देने के लिए सराहा। वाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने प्रोफेसर वांग को पत्र सौंपा, जो भारत-चीन सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक है। मोदी ने वांग के भारतीय दर्शन को समझाने के प्रयासों की सराहना की। वांग ने 2016 में मोदी को भगवत गीता का अनुवाद भेंट किया, जिससे चीन में योग की लोकप्रियता बढ़ी, योग चीनी शहरों में लोकप्रिय हुआ, और लाखों लोग इसमें भाग लेते हैं। योग भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न अंग बन गया है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:35:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, China, Professor Wang Zhicheng, Yoga, Vedanta, Indian Culture, Cultural Relations, India-China Relations, Prateek Mathur</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के विद्वान प्रोफेसर वांग झीचेंग को पत्र लिखकर उनकी योग, वेदांत और भारतीय संस्कृति को चीन में लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की प्रशंसा की है। हांग्जो में भारत के वाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने प्रोफेसर वांग को यह पत्र सौंपा। यह घटना भारत और चीन के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक है, खासकर जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।<br><br>इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारत और चीन के सांस्कृतिक संबंधों को और भी अधिक मजबूत करना है। चीन में योग की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, और अब लाखों लोग इस अभ्यास को अपना रहे हैं। योग भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न और गहरा हिस्सा बन चुका है।<br><br>नई दिल्ली में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोफेसर वांग झीचेंग को पत्र लिखकर उनकी सराहना की। प्रोफेसर वांग, जो भारत के एक बड़े प्रशंसक हैं, को मोदी ने उनके योग, वेदांत और भारतीय संस्कृति को चीन में लोकप्रिय बनाने के प्रयासों के लिए सराहा। वाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने हांग्जो में झेजियांग विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित एक समारोह में प्रोफेसर वांग को प्रधानमंत्री का यह विशेष पत्र सौंपा। यह घटना भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, खासकर इस वर्ष जब दोनों देश अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। मोदी ने अपने पत्र में वांग द्वारा भारतीय दर्शन को समझाने के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की, जिसमें योग और वेदांत पर किए गए उनके कार्यों की प्रशंसा शामिल है।<br><br>वाणिज्य दूत माथुर ने प्रोफेसर वांग के 'भारतीय संस्कृति को लोकप्रिय बनाने के अथक प्रयासों' की सराहना करते हुए कहा कि योग सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक शक्तिशाली माध्यम बन गया है। वाणिज्य दूतावास ने माथुर के हवाले से कहा, 'प्रोफेसर वांग का योगदान भारत और चीन की साझा आकांक्षाओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, क्योंकि हम अपने इतिहास और परंपराओं के माध्यम से एक दूसरे के साथ जुड़ना चाहते हैं।' माथुर ने यह भी कहा कि 'चीन में योग की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि यह सभी को आकर्षित करता है और हमारे लोगों को करीब लाने में सक्षम है।'<br><br>इस लेख में एक प्रश्न पूछा गया है कि क्या आप मानते हैं कि योग भारत और चीन के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में सहायक हो सकता है? जिसके चार संभावित उत्तर हैं: हां, बिल्कुल; नहीं, नहीं लगता; शायद; और मुझे नहीं पता।<br><br>प्रोफेसर वांग ने 2016 में हांग्जो में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को भगवत गीता का अपना अनुवाद भेंट किया था। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप चीन में योग की लोकप्रियता में वृद्धि हुई है, और यह अब शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक लोकप्रिय अभ्यास बन गया है। पिछले एक दशक में, योग चीनी शहरों में तेजी से लोकप्रिय हुआ है, और लाखों लोग नियमित रूप से कक्षाओं, कार्यशालाओं और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसे आयोजनों में भाग लेते हैं। योग और भारतीय संस्कृति का प्रभाव अब केवल शारीरिक व्यायाम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह चीनी समाज में गहराई से समाहित हो गया है।]]> </content:encoded>
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<title>नेशनल हेराल्ड केस: ED का कांग्रेस पर शिकंजा, 661 करोड़ की संपत्ति जब्त</title>
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<description><![CDATA[ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस से जुड़े एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 661 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए नोटिस जारी किया है। ईडी ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में स्थित संपत्तियों को कुर्क किया है। इन संपत्तियों में दिल्ली में हेराल्ड हाउस, मुंबई के बांद्रा इलाके की संपत्ति और लखनऊ में एजेएल बिल्डिंग शामिल हैं। ईडी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य पर एजेएल की 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को धोखाधड़ी से हासिल करने का आरोप लगाया है। कोर्ट ने इस मामले में जांच को बरकरार रखा है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:35:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>National Herald Case, Enforcement Directorate, Money Laundering, Associated Journals Limited, Sonia Gandhi, Rahul Gandhi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस से जुड़े एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) मामले में 661 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कब्जे के लिए नोटिस जारी किया है।<br><br>ईडी ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ स्थित संपत्तियों को कुर्क किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। ईडी ने कहा कि उसने सक्षम संपत्ति रजिस्ट्रार को संबंधित दस्तावेज सौंप दिए हैं, जहां संपत्तियां स्थित हैं।<br><br>इन संपत्तियों के 'प्रमुख हिस्सों' पर शुक्रवार को नोटिस चस्पा किए गए, जिनमें दिल्ली में आईटीओ स्थित 'हेराल्ड हाउस', मुंबई के बांद्रा इलाके की संपत्ति और लखनऊ में स्थित 'एजेएल बिल्डिंग' शामिल है।<br><br>नोटिस में ईडी ने परिसर को खाली करने के लिए कहा है। मुंबई के बांद्रा (पूर्व) में 'हेराल्ड हाउस' में स्थित जिंदल साउथ वेस्ट प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को हर महीने प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक के नाम पर किराया जमा करने का निर्देश दिया गया है।<br><br>नवंबर 2023 में ईडी ने एजेएल के 90.2 करोड़ रुपये के शेयर के अलावा, 661 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को कुर्क किया था। ईडी के अनुसार, मामले में कुल 'अपराध से अर्जित आय' 988 करोड़ रुपये थी। कांग्रेस ने जांच को 'प्रतिशोध की रणनीति' करार दिया है।

ईडी ने कहा कि शिकायत में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य पर एजेएल से जुड़ी 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियों को धोखाधड़ी से अपने अधीन लेने का आरोप है। दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने जांच को आगे बढ़ाते हुए कार्रवाई को बरकरार रखा। ईडी ने दावा किया कि 'यंग इंडियन' ने मात्र 50 लाख रुपये में एजेएल की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति 'हासिल' की।]]> </content:encoded>
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<title>गुजरात में कांग्रेस का मिशन: अंबेडकर जयंती से &amp;apos;संविधान बचाओ यात्रा&amp;apos;</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग के बाद गुजरात में सक्रियता दिखाते हुए &#039;संविधान बचाओ यात्रा&#039; शुरू करेगी, जिसका उद्देश्य बीजेपी पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाना है। राहुल गांधी भी गुजरात का दौरा करेंगे। अंबेडकर जयंती पर यात्रा की शुरुआत होगी, जिसमें जिग्नेश मेवाणी जैसे नेता शामिल होंगे और दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:35:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, गुजरात, संविधान बचाओ यात्रा, राहुल गांधी, अंबेडकर जयंती</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अहमदाबाद में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग के बाद, कांग्रेस गुजरात में सक्रिय हो गई है। पार्टी 14 अप्रैल से 'संविधान बचाओ यात्रा' शुरू करेगी, जिसके माध्यम से बीजेपी पर संविधान और संस्थाओं पर हमला करने का आरोप लगाया जाएगा। राहुल गांधी भी 15 अप्रैल को गुजरात का दौरा कर सकते हैं, जहां वे जिलाध्यक्षों के सशक्तिकरण की योजना शुरू करेंगे।<br><br>पार्टी के रणनीतिकारों के अनुसार, इन सभी योजनाओं पर गुजरात कांग्रेस में विचार-विमर्श चल रहा है। उनका कहना है कि एआईसीसी सत्र के बाद, अब वे अपनी आगामी योजनाओं को अंतिम रूप देने में लगे हैं और अगले एक दिन में सब कुछ तय हो जाएगा।<br><br>सूत्रों के अनुसार, अंबेडकर जयंती पर इस यात्रा की शुरुआत होगी। सोशल एक्टिविस्ट जिग्नेश मेवाणी इस यात्रा का मुख्य चेहरा होंगे और सक्रिय रूप से इसमें भाग लेंगे। पार्टी की योजना है कि इस यात्रा में पूरी प्रदेश इकाई को शामिल किया जाए। यह यात्रा हर जिले और ग्रामीण क्षेत्र में जाएगी, और लोगों को बताया जाएगा कि बीजेपी कैसे संविधान और संस्थाओं पर हमला कर रही है। पार्टी दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को यह बताएगी कि बीजेपी सरकार में उनके अधिकारों को खतरा है।]]> </content:encoded>
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<title>मायावती पर दानिश अली का पलटवार: वक्फ बिल पर राहुल को घेरना पड़ा महंगा</title>
<link>https://pratinidhi.in/congress-leader-danish-ali-slams-mayawati-on-rahul-gandhi-waqf-bill-criticism</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता दानिश अली ने मायावती पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अपने एकमात्र सांसद का भी वोट वक्फ विधेयक के खिलाफ नहीं दिलवा सकीं। दानिश अली ने मायावती के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें मायावती ने राहुल गांधी के वक्फ बिल पर न बोलने की आलोचना की थी। दानिश अली ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी संसद के अंदर और बाहर संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। मायावती ने कांग्रेस और भाजपा पर दलितों के आरक्षण के अधिकार को अप्रभावी बनाने का आरोप लगाया था। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:35:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>दानिश अली, मायावती, वक्फ बिल, राहुल गांधी, बसपा, कांग्रेस, संसद, आलोचना, वोट, सांसद, धार्मिक अल्पसंख्यक, आईएनडीआईए गठबंधन, संविधान, आरक्षण, दलित</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, जागरण डेस्क।</strong> वक्फ बिल पर संसद में चर्चा के दौरान राहुल गांधी के न बोलने पर मायावती ने निशाना साधा था, जिसके बाद कांग्रेस नेता दानिश अली ने पलटवार करते हुए कहा कि मायावती अपने एकमात्र सांसद का भी वोट नहीं दिलवा सकीं।<br><br>दानिश अली ने कहा कि मायावती को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस और राहुल गांधी संसद के अंदर और बाहर संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह किसी दबाव में हुआ या महज एक संयोग था?<br><br>मायावती ने पहले कहा था कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलितों के आरक्षण के अधिकार को अप्रभावी बना रहे हैं। उन्होंने धार्मिक अल्पसंख्यकों को इन पार्टियों के धोखे से बचने की सलाह दी थी। दानिश अली ने इसी बात का जवाब दिया है।]]> </content:encoded>
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<title>कांग्रेस की रणनीति: पिछड़ा वर्ग पर फोकस, नेतृत्व में बदलाव की तैयारी</title>
<link>https://pratinidhi.in/congress-strategy-focus-backward-schedule-caste-after-ahmedabad</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस पार्टी अब पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति पर ध्यान केंद्रित करेगी। अहमदाबाद अधिवेशन में संगठन को मजबूत करने की रणनीति बनी है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है। पार्टी के पुराने नेताओं के अनुसार, रणनीति को लागू करने से पहले पार्टी को स्पष्टता लानी होगी। उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रमुख पदों पर सवर्णों का वर्चस्व है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ही भाजपा से मुकाबला कर सकती है और पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के लिए खुलकर राजनीति करने की रणनीति समझाई। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:33:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, नेतृत्व, रणनीति, दलित, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, अहमदाबाद अधिवेशन, राहुल गांधी, वोटबैंक, उत्तर प्रदेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कांग्रेस पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अब पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति पर ध्यान केंद्रित करने की तैयारी में है। अहमदाबाद अधिवेशन में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने संगठन को मजबूत करने और जिलाध्यक्षों को शक्ति देने की रणनीति बनाई है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है।<br><br>पार्टी के पुराने नेताओं के अनुसार, रणनीति को लागू करने से पहले पार्टी को स्पष्टता लानी होगी। उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रमुख पदों पर सवर्णों का वर्चस्व है, जिनमें दलित, पिछड़े या अल्पसंख्यक समुदाय का कोई भी व्यक्ति नहीं है।<br><br>कांग्रेस अब खुलकर पिछड़ों की राजनीति करने की तैयारी कर रही है, जबकि भाजपा इसी वोटबैंक के सहारे मजबूत हुई है। राहुल गांधी ने बिना किसी क्षेत्रीय दल का नाम लिए यह संदेश दिया कि कांग्रेस ही भाजपा से मुकाबला कर सकती है। उन्होंने पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों के लिए खुलकर राजनीति करने की रणनीति भी समझाई।<br><br>पार्टी का शीर्ष नेतृत्व सवर्णों की बात नहीं करना चाहता, इसलिए वे अपने वर्गों के वोट को आकर्षित नहीं कर सकते। कांग्रेस का ध्यान पिछड़ों पर है, लेकिन वर्तमान में पार्टी के पास इस वर्ग का कोई प्रमुख नेता नहीं है जिसे आगे किया जा सके। अब दलित और अल्पसंख्यक ही बचते हैं, जो कांग्रेस के पुराने वोटबैंक रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>DRDO का खुलासा: भारत को 2035 तक मिलेगा 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-to-get-first-indigenous-5th-generation-stealth-fighter-jet-by-2035-drdo-chief-reveals</link>
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<description><![CDATA[ डीआरडीओ चीफ समीर वी. कामत ने बताया कि भारत को पहला 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट 2035 तक मिलेगा। उन्होंने लेजर हथियार से लक्ष्य भेदने की क्षमता का प्रदर्शन किया और कहा कि भारत एयरो इंजन प्रोग्राम के लिए विदेशी कंपनियों से सहयोग करेगा। कई अन्य प्रोजेक्ट भी इस साल पूरे होंगे। भारत अब उन देशों में शामिल है जिनके पास लेजर हथियार जैसी आधुनिक तकनीक है। DRDO is also working on high energy microwave and electromagnetic pulse technologies, which will give it star wars like capabilities. ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:33:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>DRDO, Stealth Fighter Jet, AMCA, Military Technology, Defense</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> भारत अपनी सैन्य शक्ति को लगातार बढ़ा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में लेजर हथियार से लक्ष्य को भेदने की क्षमता का प्रदर्शन किया। <br><br>डीआरडीओ के चेयरमैन समीर वी. कामत ने यह भी बताया कि भारत का पहला स्वदेशी 5वीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA), 2035 तक तैयार हो जाएगा।<br><br>कामत ने कहा कि एक नया फाइटर जेट बनाने में 10 से 15 साल लगते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2024 में मंजूरी मिली थी, इसलिए 2035 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।<br><br><strong>एयरो इंजन प्रोग्राम:</strong><br>डीआरडीओ एक एयरो इंजन प्रोग्राम शुरू करना चाहता है और इसके लिए विदेशी कंपनियों के साथ सहयोग करने की योजना है। कामत ने कहा कि इंजन तकनीक बहुत जटिल है, लेकिन भारत ने कावेरी इंजन से बहुत कुछ सीखा है।<br><br>उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान इंजन तकनीक सिक्स्थ जनरेशन में पहुंच गई है, इसलिए विदेशी कंपनियों के साथ काम करके विकास के समय को कम किया जा सकता है। उम्मीद है कि इस बारे में जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी।<br><br><strong>अन्य प्रोजेक्ट:</strong><br>कामत ने बताया कि कई अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी इस साल पूरे होने वाले हैं। इनमें VSHORAD, MPATGM और LCA Mark II शामिल हैं।<br><br>डीआरडीओ चेयरमैन ने यह जानकारी 30-किलोवाट लेजर-आधारित हथियार प्रणाली के प्रदर्शन के दौरान दी। इस प्रणाली से विमानों, मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया जा सकता है।<br><br>कामत ने कहा कि भारत हाई एनर्जी माइक्रोवेव और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स जैसी तकनीकों पर भी काम कर रहा है, जो उसे 'स्टार वार्स' जैसी क्षमता प्रदान करेंगी।<br><br>इस सफलता के साथ, भारत अमेरिका, चीन और रूस जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिनके पास लेजर हथियार जैसी आधुनिक तकनीक है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>मौसम का बदला मिजाज: दिल्ली से बिहार तक बारिश और गर्मी का अलर्ट</title>
<link>https://pratinidhi.in/weather-forecast-delhi-bihar-rain-heat-alert</link>
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<description><![CDATA[ मौसम विभाग ने 14 अप्रैल 2025 के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तर-पश्चिमी भारत में लू से थोड़ी राहत, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में बारिश की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से राहत रहेगी, पर पंजाब और हरियाणा में मौसम शुष्क रहेगा। हिमाचल प्रदेश में सुहावना मौसम, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में उमस बनी रहेगी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है। सतर्क रहें, सावधानी बरतें। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:33:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मौसम, बारिश, गर्मी, दिल्ली, बिहार, तापमान, लू, ओलावृष्टि, आंधी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मौसम विभाग ने 14 अप्रैल 2025 के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। उत्तर-पश्चिमी भारत में लू से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन पंजाब और हरियाणा में मौसम शुष्क बना रहेगा।
<br><br>
<b>दिल्ली-एनसीआर में मौसम:</b> दिल्ली में गर्मी से थोड़ी राहत रहेगी, अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।<br><br>
<b>अन्य राज्यों का हाल:</b> हिमाचल प्रदेश में मौसम सुहावना रहेगा, जबकि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। राजस्थान और गुजरात में गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन उमस बनी रहेगी। महाराष्ट्र में भी उमस भरी गर्मी का अनुमान है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार और झारखंड में भी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।
<br><br>
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।]]> </content:encoded>
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<title>वक्फ कानून पर विजय की पार्टी का विरोध</title>
<link>https://pratinidhi.in/actor-vijay-party-tvk-supreme-court-waqf-act-hearing</link>
<guid>https://pratinidhi.in/actor-vijay-party-tvk-supreme-court-waqf-act-hearing</guid>
<description><![CDATA[ नए वक्फ कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर हो रही हैं। विपक्षी दलों और मुस्लिम संगठनों के साथ, अभिनेता थलापति विजय की पार्टी टीवीके ने भी कानून को चुनौती दी है। वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के खिलाफ दायर याचिका पर 16 अप्रैल को सुनवाई होगी। केंद्र सरकार ने भी कैविएट याचिका दायर कर कोर्ट से अनुरोध किया है कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले उनकी दलीलें सुनी जाएं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 09:42:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वक्फ कानून, सुप्रीम कोर्ट, थलापति विजय, टीवीके पार्टी, वक्फ संशोधन अधिनियम 2025</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[नए वक्फ कानून के खिलाफ आवाजें तेज हो रही हैं। कई विपक्षी नेता और मुस्लिम संगठन सुप्रीम कोर्ट में इसके खिलाफ याचिकाएं दायर कर रहे हैं। इसी बीच, साउथ के एक्टर और टीवीके पार्टी के प्रमुख थलापति विजय ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।<br><br>तमिल फिल्म अभिनेता थलापति विजय की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। यह याचिका नए वक्फ कानून के खिलाफ है, जिस पर 16 अप्रैल को सुनवाई होगी।<br><br>दरअसल, वक्फ संशोधन कानून के लागू होने के बाद भी विवाद थमता नहीं दिख रहा है। विपक्षी दल और मुस्लिम संगठन इसका विरोध कर रहे हैं, जबकि कुछ याचिकाएं इसके समर्थन में भी दाखिल की गई हैं। रविवार को थलापति विजय की पार्टी ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। थलपति विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके), ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को चुनौती दी है।<br><br>हालांकि, इस अधिनियम के समर्थन में भी कई अर्जियां सुप्रीम कोर्ट में आई हैं। केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दायर की है, जिसमें कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि कोई भी आदेश देने से पहले केंद्र सरकार की बात भी सुनी जाए। केंद्र का कहना है कि अदालत को बिना सुनवाई के कोई भी फैसला नहीं लेना चाहिए।<br><br>केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि उन्हें इस मामले में अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए, ताकि अदालत के फैसले में उनकी दलीलें भी शामिल हों। संसद के दोनों सदनों ने बजट सत्र में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। गजट अधिसूचना जारी होने के साथ ही वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट (उम्मीद) अधिनियम, 1995 हो गया है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राष्ट्रपति के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेगी सरकार</title>
<link>https://pratinidhi.in/government-likely-to-file-review-petition-on-supreme-court-order-regarding-presidential-timeframe-on-bills</link>
<guid>https://pratinidhi.in/government-likely-to-file-review-petition-on-supreme-court-order-regarding-presidential-timeframe-on-bills</guid>
<description><![CDATA[ केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है जिसमें राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए विधेयकों पर निर्णय लेने की समय सीमा तय की गई है। सरकार उस आदेश पर भी पुनर्विचार कर सकती है जिसमें राज्यपाल द्वारा भेजे गए विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा रोकने की स्थिति में राज्य सरकारों को सीधे राष्ट्रपति से संपर्क करने की अनुमति दी गई है। सरकार को लगता है कि यह नियम सही नहीं है और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 14 Apr 2025 09:42:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Supreme Court, President, Governor, Review Petition, Bills, Timeframe, Government, State Government, Supreme Court order</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केंद्र सरकार <strong>सुप्रीम कोर्ट</strong> के उस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है जिसमें <strong>राष्ट्रपति और राज्यपालों</strong> के लिए समय सीमा तय करने की बात कही गई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार उस आदेश पर भी फिर से विचार कर सकती है जिसमें राज्यपाल द्वारा भेजे गए विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा रोकने की स्थिति में राज्य सरकारों को सीधे संपर्क करने की अनुमति दी गई है। <br><br>सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर फैसले के लिए राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए समय सीमा तय की थी। अब सरकार इस फैसले पर समीक्षा याचिका दायर करने की सोच रही है। सूत्रों ने बताया कि सरकार समय सीमा की समीक्षा के साथ-साथ शीर्ष अदालत के उस आदेश की भी समीक्षा कर सकती है जिसमें कहा गया है कि अगर राज्यपाल द्वारा भेजे गए विधेयक को राष्ट्रपति रोकते हैं, तो राज्य सरकारें सीधे संपर्क कर सकती हैं। <br><br>सूत्रों ने यह भी बताया कि सरकार इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिका दायर करेगी। याचिका के आधार पर विचार किया जा रहा है और इसकी जानकारी सरकार के अदालत में पहुंचने के बाद ही मिल पाएगी। यदि सरकार कोर्ट जाती है, तो समीक्षा याचिका जस्टिस जेबी पारदीवाला और आर महादेवन की पीठ के सामने ही दायर की जाएगी, जिन्होंने यह फैसला सुनाया था। <br><br>शीर्ष अदालत के 8 अप्रैल के फैसले के बाद, तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सरकारी राजपत्र में 10 लंबित विधेयकों को अधिनियम के रूप में अधिसूचित किया था। अपने आदेश में, शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया था कि राष्ट्रपति को राज्यपाल द्वारा विचार के लिए भेजे गए विधेयकों पर प्राप्ति की तारीख से तीन महीने के भीतर फैसला लेना चाहिए। <br><br>सरकार विशेष रूप से उस बात पर पुनर्विचार करना चाहती है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजते हैं और राष्ट्रपति उस पर कोई फैसला नहीं लेते हैं, तो राज्य सरकार सीधे राष्ट्रपति से बात कर सकती है। सरकार को लगता है कि यह नियम सही नहीं है और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, इसलिए वह सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कांग्रेस: गुजरात में बीजेपी को हराने के लिए आज़ादी की दूसरी लड़ाई का ऐलान</title>
<link>https://pratinidhi.in/congress-announces-second-battle-for-freedom-to-defeat-bjp-in-gujarat</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस ने गुजरात से बीजेपी के खिलाफ &#039;आजादी की दूसरी लड़ाई&#039; का ऐलान किया है। कांग्रेस इस लड़ाई को विचारधारा की लड़ाई बता रही है, जिसमें वह बीजेपी-संघ की विभाजनकारी सोच का मुकाबला करेगी। गुजरात को इसलिए चुना गया क्योंकि इस राज्य का आजादी की लड़ाई में अहम योगदान रहा है। कांग्रेस ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती के आयोजन का ऐलान करके भी अपनी दावेदारी को मजबूत करने की कोशिश की है। राहुल गांधी ने गुजरात जीतने की चुनौती दी है और कांग्रेस इस मिशन में जुट गई है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 12 Apr 2025 12:34:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, गुजरात, बीजेपी, गांधी, पटेल, आजादी की दूसरी लड़ाई, मल्लिकार्जुन खरगे, मोदी, शाह, सरदार पटेल की 150वीं जयंती, राहुल गांधी, मिशन गुजरात, कांग्रेस अधिवेशन, महानायक, विरासत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> कांग्रेस, जो देशभर में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है, उसने गुजरात में बीजेपी को हराने के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। कांग्रेस ने गुजरात की धरती से ही बीजेपी के खिलाफ अपनी लड़ाई का बिगुल फूंका है।<br><br>कांग्रेस ने इस लड़ाई को सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई बताया है। कांग्रेस का कहना है कि जिस तरह से उसने आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों का सामना किया था, उसी तरह आज वह बीजेपी-संघ की विभाजनकारी सोच से लड़ रही है। कांग्रेस ने इसे 'आजादी की दूसरी लड़ाई' का नाम दिया है।<br><br>कांग्रेस ने गुजरात को इसलिए चुना क्योंकि इस राज्य का आजादी की लड़ाई में अहम योगदान रहा है। गुजरात ने महात्मा गांधी, सरदार पटेल और दादाभाई नौरोजी जैसे कई महान नेता दिए। बीजेपी द्वारा इन नेताओं की विरासत पर दावा करने की कोशिशों के जवाब में कांग्रेस ने यह कदम उठाया है। कांग्रेस ने सरदार पटेल की 150वीं जयंती के आयोजन का ऐलान करके भी अपनी दावेदारी को मजबूत करने की कोशिश की है।<br><br>कांग्रेस ने साबरमती के तट से 'न्याय पथ' का प्रस्ताव पारित करके अपने विचारों को स्पष्ट किया है। कांग्रेस का कहना है कि राष्ट्रवाद, अखंडता और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर उसके विचार गांधी और पटेल से प्रेरित हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ही बीजेपी-संघ को हरा सकती है। कांग्रेस का मानना है कि बीजेपी को हराने के लिए सबसे पहले गुजरात में उसे कमजोर करना होगा।<br><br>राहुल गांधी ने गुजरात जीतने की चुनौती दी है और कांग्रेस इस मिशन में जुट गई है। 2017 में कांग्रेस सत्ता के करीब पहुंची थी और इस बार वह बीजेपी के किले में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने गुजरात को लेकर तीन स्तर पर योजना बनाई है। पहला, गांधी-पटेल जैसे नेताओं की विरासत पर दावा पेश करना। दूसरा, कांग्रेस शासन में गुजरात के विकास कार्यों को सामने रखना। तीसरा, बीजेपी सरकार की नाकामियों को गिनाना।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>एलियन अटैक: राजस्थान में AI वीडियो वायरल, सच्चाई कुछ और</title>
<link>https://pratinidhi.in/rajasthan-alien-attack-ai-video-viral-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर एलियन के हमले का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में एलियन ने हमला किया है। वीडियो में, एक व्यक्ति एक एलियन जैसे दिखने वाले प्राणी की ओर इशारा कर रहा है। फैक्ट चेक में पाया गया कि वीडियो एआई द्वारा बनाया गया था। कुंदन पाठक नाम के एक यूजर ने फेसबुक पर वीडियो शेयर करते हुए इसे राजस्थान में एलियन का हमला बताया। सजग की टीम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो 80% तक एआई जनरेटेड है। एक अन्य एआई टूल से जांच करने पर यह वीडियो 45% एआई द्वारा निर्मित निकला। निष्कर्ष में, यह वीडियो फर्जी साबित हुआ। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 17:26:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एलियन, राजस्थान, वायरल वीडियो, AI, फैक्ट चेक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक रहस्यमय जीव का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि राजस्थान पर एलियन ने हमला किया है। वीडियो में, एक व्यक्ति एक एलियन जैसे दिखने वाले प्राणी की ओर इशारा कर रहा है। <br><br><b>दावा:</b> राजस्थान में एलियन देखे जाने की खबर वायरल हो रही है। नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब जीव का वीडियो वायरल हो रहा है। उपयोगकर्ता दावा कर रहे हैं कि एलियन ने राजस्थान पर हमला किया है। वीडियो में, एक व्यक्ति एलियन जैसे जीव की ओर इशारा कर रहा है। <br><br>इस जीव को एलियन बताकर साझा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की सच्चाई की जांच करने पर पता चला कि यह AI द्वारा बनाया गया है।<br><br><b>उपयोगकर्ता का दावा क्या है?</b><br>फेसबुक पर कुंदन पाठक नाम के एक उपयोगकर्ता ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, "राजस्थान में एलियन का हमला।" एआई क्रिएचर नामक एक यूट्यूबर चैनल ने भी इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, "लॉस एंजिल्स में यूएफओ देखा गया।" एलियन के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर विभिन्न दावों के साथ साझा किया जा रहा है।<br><br><b>वायरल वीडियो का सच क्या है?</b><br>सजग टीम ने वायरल वीडियो की सच्चाई का पता लगाने के लिए फैक्ट चेक किया, तो पाया कि एलियन का वीडियो नकली था। सजग टीम ने सबसे पहले गूगल पर राजस्थान में एलियन के हमले की रिपोर्ट की खोज शुरू की। हालांकि, टीम को गूगल पर एलियन का उल्लेख करने वाली कोई रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद, टीम ने वीडियो को एआई टूल से चेक किया। हाइव मॉडरेशन के परिणाम के अनुसार, वायरल वीडियो 80% तक एआई द्वारा बनाया गया है।<br><br>एक अन्य एआई टूल से वीडियो की जांच करने पर, परिणाम में यह वीडियो 45% एआई द्वारा निर्मित निकला।निष्कर्ष: सजग की जांच में राजस्थान में एलियन के हमले का दावा करने वाला वीडियो फर्जी निकला। वायरल वीडियो एआई के माध्यम से बनाया गया था। उपयोगकर्ता इस वीडियो को झूठे दावों के साथ साझा कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अमित शाह की जयशंकर और डोभाल संग मीटिंग: तहव्वुर राणा कनेक्शन?</title>
<link>https://pratinidhi.in/amit-shah-meeting-with-jaishankar-and-doval-tahawwur-rana-connection</link>
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<description><![CDATA[ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जो मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा के प्रत्यर्पण के संभावित मुद्दे पर केंद्रित थी। बैठक में खुफिया ब्यूरो के निदेशक और विदेश सचिव भी शामिल थे। केंद्र सरकार की एक टीम राणा को भारत लाने के लिए पहले से ही अमेरिका में है, ताकि उस पर 26/11 मुंबई हमलों के मामले में मुकदमा चलाया जा सके। राणा को दिल्ली लाया जा सकता है और एनआईए की हिरासत में रखा जाएगा, वह डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा हुआ है। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 07:31:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Amit Shah, Jaishankar, Ajit Doval, Tahawwur Rana, Extradition, India, Meeting</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री <strong>अमित शाह</strong> ने बुधवार को विदेश मंत्री <strong>एस जयशंकर</strong> और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार <strong>अजीत डोभाल</strong> के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। <br><br>सूत्रों के अनुसार, यह बैठक मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड <strong>तहव्वुर हुसैन राणा</strong> को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण करने की चर्चा के बीच हुई। गृह मंत्री ने विदेश मंत्री और एनएसए के साथ भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। <br><br>खुफिया ब्यूरो के निदेशक <strong>तपन डेका</strong> और विदेश सचिव <strong>विक्रम मिस्री</strong> भी बैठक में उपस्थित थे, लेकिन चर्चा किए गए विषयों पर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका द्वारा <strong>तहव्वुर राणा</strong> को भारत प्रत्यर्पित करने की संभावना है, और इस मुद्दे पर भी बात हुई। केंद्र सरकार की एक टीम पहले से ही अमेरिका में है ताकि <strong>राणा</strong> को भारत लाया जा सके, ताकि उस पर 26/11 मुंबई हमलों के मामले में मुकदमा चलाया जा सके। <br><br><strong>राणा</strong> को दिल्ली लाया जा सकता है और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में रखा जाएगा। उसे लॉस एंजिलिस के महानगर निरुद्ध केंद्र में रखा गया था। वह पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी <strong>डेविड कोलमैन हेडली</strong> से जुड़ा हुआ है, जो 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सुप्रीम कोर्ट में स्टालिन सरकार: नीट से मुक्ति की कानूनी लड़ाई जारी</title>
<link>https://pratinidhi.in/stalin-government-to-approach-supreme-court-in-neet-battle</link>
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<description><![CDATA[ तमिलनाडु सरकार नीट परीक्षा से छूट पाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्यपाल पर बिल को राष्ट्रपति के पास भेजने में देरी करने का आरोप लगाया है। सरकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेगी। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 07:29:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>NEET, Tamil Nadu, MK Stalin, Supreme Court, Legal Battle</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में राज्य को नीट परीक्षा से छूट दिलाने के लिए जरूरी कानूनी कदम उठाने की योजना बनाई गई है। इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका दायर की जाएगी। <br><br>स्टालिन ने कहा कि नीट ऐसी परीक्षा नहीं है जिससे राज्य पीछे हट सके। उन्होंने राज्यपाल पर बिल को राष्ट्रपति के पास भेजने में देरी करने और राजनीति करने का आरोप लगाया। स्टालिन ने कहा कि उनकी सरकार नीट से मुक्ति के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। <br><br>उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु सरकार नीट से मुक्ति के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी, भले ही राष्ट्रपति राज्य के बिल को मंजूरी न दें। इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी और सुप्रीम कोर्ट में नए सिरे से याचिका दायर करने जैसे विकल्पों पर विचार किया जाएगा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मोदी कैबिनेट: रेलवे और अन्य परियोजनाओं को मिली मंजूरी, राज्यों को होगा विकास का फायदा</title>
<link>https://pratinidhi.in/modi-cabinet-approves-railway-and-infrastructure-projects-for-multiple-states</link>
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<description><![CDATA[ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल मार्ग पर भीड़भाड़ कम करने के उद्देश्य से दो रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पंजाब और हरियाणा में जीरकपुर बाईपास और आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में तिरुपति-पकाला-कटपडी रेल खंड का दोहरीकरण किया जाएगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यातायात को सुधारना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण भी किया जाएगा, जिससे किसानों को फायदा होगा और जल उपयोग की दक्षता में सुधार होगा। इन परियोजनाओं से देश में बुनियादी ढांचे का विकास होगा। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 07:29:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मोदी कैबिनेट, रेलवे प्रोजेक्ट, जीरकपुर बाईपास, तिरुपति-पाकला-कटपडी रेलवे लाइन, कृषि सिंचाई योजना, जल प्रबंधन आधुनिकीकरण, अश्विनी वैष्णव, नरेंद्र मोदी, आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचा विकास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>मोदी कैबिनेट ने रेलवे समेत तीन अहम प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, इन राज्यों को मिलेगा फायदा</strong><br><br>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में, तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें जीरकपुर बाईपास का निर्माण, तिरुपति-पाकला-कटपडी सिंगल रेलवे लाइन का दोहरीकरण, और कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण शामिल है।<br><br>कैबिनेट ने पंजाब और हरियाणा में 1,878.31 करोड़ रुपये की लागत से 19.2 किलोमीटर लंबे जीरकपुर बाईपास के निर्माण को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 1,332 करोड़ रुपये की लागत से 104 किलोमीटर लंबे तिरुपति-पकाला-कटपडी रेल खंड का दोहरीकरण किया जाएगा।<br><br>इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्यों में यातायात को सुधारना, जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। जीरकपुर बाईपास छह लेन का होगा और यह पटियाला, दिल्ली, मोहाली एरोसिटी से आने वाले यातायात को हिमाचल प्रदेश के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।<br><br>तिरुपति-पाकला-कटपडी रेल खंड का दोहरीकरण रेलवे की लाइन क्षमता को बढ़ाएगा और ट्रेनों की गति और सेवा में सुधार करेगा। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत जल प्रबंधन का आधुनिकीकरण किसानों को सूक्ष्म सिंचाई सुविधाएं प्रदान करेगा और जल उपयोग की दक्षता में सुधार करेगा।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>26/11 हमले के दोषी तहव्वुर राणा को फांसी की मांग</title>
<link>https://pratinidhi.in/demand-for-hanging-of-mumbai-attack-convict-tahawwur-rana</link>
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<description><![CDATA[ शहीद जवान राहुल शिंदे के पिता सुभाष शिंदे ने 26/11 मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा को फांसी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राणा को जिंदा रखने का कोई मतलब नहीं है, उसे फांसी दी जानी चाहिए। सुभाष शिंदे ने बताया कि 26 नवंबर 2008 को उनके बेटे राहुल ने ताजमहल पैलेस होटल पर हुए आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई थी। तहव्वुर राणा 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ता डेविड हेडली का साथी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राणा को भारत को सौंपने की घोषणा की थी. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 10 Apr 2025 07:29:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Tahawwur Rana, 26/11 Mumbai Attack, Rahul Shinde, Subhash Shinde, David Headley, Ajmal Kasab</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> 26/11 मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा को फांसी देने की मांग शहीद जवान राहुल शिंदे के पिता सुभाष शिंदे ने की है। उन्होंने कहा कि राणा को जिंदा रखने का कोई मतलब नहीं है, उसे फांसी दी जानी चाहिए।<br><br>सुभाष शिंदे ने बताया कि 26 नवंबर 2008 को उनके बेटे राहुल ने ताजमहल पैलेस होटल पर हुए आतंकी हमले में अपनी जान गंवाई थी। राहुल उन पहले पुलिसकर्मियों में से थे, जिन्होंने होटल में प्रवेश किया था। उन्होंने कहा कि हमले में कई लोग मारे गए, और 16 साल बाद भी उस दर्द का असर है।<br><br>तहव्वुर राणा 26/11 हमले के मुख्य साजिशकर्ता डेविड हेडली का साथी है। उसे लॉस एंजिल्स की जेल में रखा गया था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में उसकी अपील खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसे भारत लाने की तैयारी है। 26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने मुंबई में रेलवे स्टेशन, होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। जिंदा पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब को 2012 में फांसी दी गई थी।<br><br>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राणा को भारत को सौंपने की घोषणा की थी। ट्रंप ने राणा को खतरनाक बताते हुए उसे न्याय के लिए भारत भेजने की बात कही थी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हाइड्रोजन ट्रेन: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल, जानें इसकी खासियत</title>
<link>https://pratinidhi.in/hydrogen-train-trial-begins-jind-sonipat-route</link>
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<description><![CDATA[ भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल जींद-सोनीपत रूट पर शुरू हो गया है। यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है और 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है। रेल मंत्रालय ने 35 हाइड्रोजन ट्रेनें तैयार करने के लिए 2800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। हाइड्रोजन ट्रेन में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रिएक्शन से बिजली पैदा होती है, जिससे यह प्रदूषण-मुक्त होती है। भारत में निर्मित हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन की क्षमता सबसे अधिक है। ट्रायल के बाद इसे नियमित संचालन में लाने की योजना है। भारतीय रेलवे हेरिटेज और पहाड़ी मार्गों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित करने की तैयारी कर रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 01 Apr 2025 18:16:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>हाइड्रोजन ट्रेन, भारत, जींद-सोनीपत रूट, पर्यावरण के अनुकूल, 1200 हॉर्सपावर, 2638 यात्री, स्वच्छ परिवहन, शून्य कार्बन उत्सर्जन, हेरिटेज रूट्स</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारत में हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल शुरू हो गया है, जो जींद-सोनीपत रूट पर हो रहा है। यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है और दूसरी ट्रेनों से काफी अलग है। इसे चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है। यह 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है और एक बार में 2638 यात्रियों को ले जा सकती है.<br><br>रेल मंत्रालय ने हाइड्रोजन ईंधन सेल-आधारित ट्रेनों के निर्माण के लिए 2800 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिसके तहत 35 ऐसी ट्रेनें तैयार की जा रही हैं। यह ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। यह पहल कार्बन उत्सर्जन को कम करने और शून्य कार्बन लक्ष्य की ओर बढ़ने में अहम भूमिका निभाएगी।<br><br>हाइड्रोजन ट्रेन में एक हाइड्रोजन ईंधन सेल होता है, जिसमें हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रिएक्शन से बिजली पैदा होती है। इस घटना में केवल पानी और ऊर्जा उत्पन्न होती है, जो इसे पर्यावरण के लिए बहुत ही साफ और प्रदूषण-मुक्त बनाती है।<br><br>भारत में तैयार हाइड्रोजन से चलने वाले रेल इंजन को स्वदेशी टैलेंट का इस्तेमाल कर विकसित किया गया है। अभी दुनिया में केवल चार देशों में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें हैं, लेकिन भारत में निर्मित हाइड्रोजन ट्रेन के इंजन की क्षमता सबसे अधिक है.<br><br>ट्रायल के दौरान ट्रेन की तकनीकी क्षमता और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया जाएगा। सफल परीक्षण के बाद इसे नियमित संचालन में लाने की योजना है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देते हुए देश के हेरिटेज रूट्स को नई पहचान देना है। भारतीय रेलवे हेरिटेज और पहाड़ी मार्गों पर 35 हाइड्रोजन ट्रेनें संचालित करने की तैयारी कर रहा है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>HAL पर NYT का आरोप: भारत ने कहा, रिपोर्ट गलत</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-rejects-nyt-report-on-hal-says-its-factually-incorrect-and-misleading</link>
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<description><![CDATA[ विदेश मंत्रालय ने न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट को खारिज किया है जिसमें HAL पर रूस को प्रतिबंधित तकनीक भेजने का आरोप लगाया गया था। मंत्रालय ने कहा कि HAL ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया है। रिपोर्ट में कहा गया था कि 2023-24 में एक ब्रिटिश फर्म ने HAL को तकनीक भेजी, जिसका इस्तेमाल रूस की हथियार एजेंसी के साथ लेनदेन में किया गया। HAL ने HR स्मिथ की सहायक कंपनी से पार्ट्स मिलने के बाद रूस को कई बार उपकरणों की शिपमेंट की। विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को निराधार बताया है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 01 Apr 2025 18:16:14 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>HAL, New York Times, Russia, MEA, Defense</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर रूस को प्रतिबंधित तकनीक भेजने का आरोप लगाया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को गलत और भ्रामक बताया है। मंत्रालय ने कहा कि HAL ने सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया है। विदेश मंत्रालय ने 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक करार दिया है। मंत्रालय ने कहा कि इस रिपोर्ट में तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। इसके जरिए एक खास पॉलिटिकल नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई है।<br><br>विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह से पालन किया है। HAL एक सरकारी कंपनी है। यह कंपनी दूसरे देशों के साथ व्यापार के नियमों और अंतिम इस्तेमाल की शर्तों का पालन करती है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि हमने द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट देखी है। यह रिपोर्ट तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने रणनीतिक व्यापार नियंत्रण और अंतिम उपयोगकर्ता प्रतिबद्धताओं पर अपने सभी अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का ईमानदारी से पालन किया है।<br><br>मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि भारत में रणनीतिक व्यापार को लेकर एक मजबूत कानूनी ढांचा है। यह ढांचा भारतीय कंपनियों की विदेशी गतिविधियों को निर्देशित करता है। मंत्रालय बताया कि रणनीतिक व्यापार पर भारत का मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा अपनी कंपनियों के विदेशी वाणिज्यिक उद्यमों का मार्गदर्शन करना जारी रखता है। हम प्रतिष्ठित मीडिया आउटलेट्स से ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित करते समय बुनियादी सावधानी बरतने की उम्मीद करते हैं, जिसे स्पष्ट रूप से इस मामले में अनदेखा किया गया।<br><br>न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि 2023 और 2024 के बीच, एक ब्रिटिश एयरोस्पेस फर्म, एचआर स्मिथ ग्रुप (HR Smith Group) ने HAL को प्रतिबंधित तकनीक भेजी। बाद में पता चला कि इस तकनीक का इस्तेमाल रूस की सरकारी हथियार एजेंसी, रोसोबोरोनएक्सपोर्ट (Rosoboronexport) के साथ लेनदेन में किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, HAL ने एचआर स्मिथ की सहायक कंपनी, टेकटेस्ट (Techtest) से पार्ट्स मिलने के बाद रूस को कई बार उपकरणों की शिपमेंट की।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>औरंगजेब छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को मिटाने में असफल रहे: राज ठाकरे</title>
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<description><![CDATA[ राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के लिए बिगुल बजा दिया है और सभी मराठी लोगों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब, छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को मिटाना चाहता था, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। उन्होंने इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे से न देखने की अपील की और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले गलत इतिहास से बचने का आग्रह किया। उन्होंने धर्म के आधार पर देश की प्रगति की संभावना पर सवाल उठाया और धार्मिक सुधारों के महत्व पर जोर दिया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:17:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राज ठाकरे, औरंगजेब, छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, बीएमसी चुनाव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने बीएमसी और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए अपनी पार्टी की तैयारियों का शंखनाद कर दिया है। उन्होंने सभी मराठी भाषियों से एकजुट होने का आह्वान किया है। <br><br>औरंगजेब की कब्र को लेकर चल रहे विवाद के बीच, राज ठाकरे ने कहा कि मुगल शासक औरंगजेब, छत्रपति शिवाजी महाराज की विरासत को मिटाने के लिए लगातार प्रयास करता रहा, लेकिन वह कभी सफल नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी कहा कि वह चाहते हैं कि पूरी दुनिया यह जाने कि कैसे औरंगजेब जैसे मुगल शासकों ने मराठों को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन अंत में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।<br><br>शिवाजी पार्क में आयोजित अपनी वार्षिक गुड़ी पड़वा रैली में राज ठाकरे ने कहा कि इतिहास को जाति और धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले गलत इतिहास से बचने और इसके बजाय इतिहास की किताबें पढ़ने का आग्रह किया।<br><br>राज ठाकरे ने फिल्म 'छावा' का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को विक्की कौशल या अक्षय खन्ना की वजह से संभाजी महाराज और औरंगजेब के बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि औरंगजेब का जन्म गुजरात के दाहोद में हुआ था और जो लोग राजनीतिक कारणों से लोगों को भड़का रहे हैं, उनका इतिहास से कोई संबंध नहीं है।<br><br>राज ठाकरे ने यह भी कहा कि कोई भी देश धर्म के आधार पर तरक्की नहीं कर सकता। उन्होंने तुर्की का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे उसने अपने देश में सुधारों को अपनाया। उन्होंने कहा कि धर्म को घर की चारदीवारी के भीतर ही रहना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>सुप्रीम कोर्ट: मैला प्रथा उन्मूलन &amp; अब और नहीं!</title>
<link>https://pratinidhi.in/supreme-court-says-manual-scavenging-must-be-completely-eliminated-know-why</link>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग को पूरी तरह से खत्म करने का निर्देश दिया है और मेट्रो शहरों के अधिकारियों को मैनुअल स्कैवेंजिंग के कारण हुई मौतों के पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड और बेंगलुरु के BBMP को फटकार लगाई और मैनुअल स्कैवेंजिंग को रोकने के लिए उठाए गए कदमों पर स्पष्टीकरण मांगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत के दौरान मजदूरों की मौत को मैनुअल स्कैवेंजिंग से अलग नहीं किया जा सकता। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:17:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Supreme Court, Manual Scavenging, सुप्रीम कोर्ट, मैनुअल स्कैवेंजिंग, हाथ से मैला उठाना, Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013, Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के एक महत्वपूर्ण फैसले का हवाला देते हुए कहा कि हाथ से कचरा और गंदगी उठाने की प्रथा को पूरी तरह से खत्म किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि सीवर की सफाई के लिए किसी भी मजदूर को असुरक्षित तरीके से नहीं उतारा जाना चाहिए।<br><br>अदालत ने मेट्रो शहरों के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि पिछले तीन महीनों में मैनुअल स्कैवेंजिंग के कारण हुई मौतों के पीड़ितों के परिवारों को चार सप्ताह के भीतर 30 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने मैनुअल स्कैवेंजिंग और खतरनाक सफाई कार्यों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।<br><br>कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) को फटकार लगाते हुए कहा कि वह यह स्पष्ट करे कि मैनुअल स्कैवेंजिंग को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। बेंगलुरु के BBMP के हलफनामे को भी गलत पाया गया, क्योंकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2023 और 2024 में भी मैनुअल स्कैवेंजिंग से मौतें हुई हैं।<br><br>हैदराबाद जल एवं सीवरेज बोर्ड ने तर्क दिया कि मौतें पुरानी पाइपलाइन की मरम्मत के दौरान हुईं, न कि मैनुअल स्कैवेंजिंग के कारण। हालांकि, कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया और कहा कि सीवर लाइन की सफाई और मरम्मत के दौरान मजदूरों की मौत को अलग नहीं किया जा सकता।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भूकंप से बैंकॉक में टूटा स्विमिंग पूल? वायरल वीडियो का सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/earthquake-in-bangkok-swimming-pool-collapses-viral-video-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया गया है कि बैंकॉक में भूकंप के कारण एक स्विमिंग पूल टूट गया। फैक्ट चेक में पता चला है कि यह वीडियो चीन का है, थाईलैंड का नहीं। म्यांमार में आए भूकंप के झटकों का असर थाईलैंड और चीन तक महसूस किया गया था। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया था कि यह वीडियो बैंकॉक के चाइना टाउन का है, लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया। सजग टीम ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए गूगल लेंस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उन्हें डेली मेल न्यूज नाम के यूट्यूब चैनल पर यही वीडियो मिला। इस वीडियो में बताया गया कि भूकंप के दौरान चीन की छत पर बने पूल के पानी में लोग बह गए। न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि चीन के युन्नान प्रांत में एक छत पर बने पूल से पानी की तेज लहर में लोग बह गए थे। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:07:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भूकंप, बैंकॉक, स्विमिंग पूल, वायरल वीडियो, फैक्ट चेक, चीन, थाईलैंड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बैंकॉक में भूकंप के कारण एक स्विमिंग पूल टूट गया।</p><br><p>इस वीडियो में दिख रहा है कि एक होटल की छत पर बना स्विमिंग पूल भूकंप के कारण टूट गया और उसका पानी अचानक से लोगों के ऊपर गिर गया, जिससे लोग उसमें बह गए।</p><br><p>हालांकि, फैक्ट चेक में पता चला है कि यह वीडियो चीन का है, थाईलैंड का नहीं। म्यांमार में आए भूकंप के झटकों का असर थाईलैंड और चीन तक महसूस किया गया था।</p><br><p>सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया था कि यह वीडियो बैंकॉक के चाइना टाउन का है, लेकिन जांच में यह दावा गलत पाया गया।</p><br><p>सजग टीम ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए गूगल लेंस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उन्हें डेली मेल न्यूज नाम के यूट्यूब चैनल पर यही वीडियो मिला। इस वीडियो में बताया गया कि भूकंप के दौरान चीन की छत पर बने पूल के पानी में लोग बह गए।</p><br><p>न्यूज 18 की एक रिपोर्ट में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि चीन के युन्नान प्रांत में एक छत पर बने पूल से पानी की तेज लहर में लोग बह गए थे।</p><br><p>इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि स्विमिंग पूल के पानी में लोगों के बहने का वीडियो बैंकॉक का नहीं है, बल्कि चीन का है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>AI से बनी मोनालिसा की वायरल तस्वीर का सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/fact-check-maha-kumbh-girl-monalisa-ai-generated-photo</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर मोनालिसा का कुत्ते के साथ वीडियो वायरल हुआ, जिसकी जांच सजग टीम ने की। जांच में पता चला कि वीडियो AI द्वारा बनाया गया है। इंस्टाग्राम यूजर monalisaofficial1 ने यह वीडियो पोस्ट किया था। टीम ने गूगल लेंस और sightengine.com जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल किया, जिसके अनुसार तस्वीर 92% तक नकली पाई गई। decopy.ai से चेक करने पर यह 99% तक नकली निकली। निष्कर्ष यह है कि मोनालिसा का यह नया लुक AI द्वारा बनाया गया है, जिसे यूजर्स फर्जी तरीके से शेयर कर रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:07:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Monalisa, AI, Fact Check, Viral Video, Mahakumbh</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा का कुत्ते के साथ एक वीडियो वायरल हो रहा था। सजग टीम ने जब इसकी जांच की तो पता चला कि यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि AI द्वारा बनाया गया है। इंस्टाग्राम यूजर monalisaofficial1 ने इस वीडियो को पोस्ट किया था, जिसमें मोनालिसा कुत्ते को प्यार करती दिख रही हैं।<br><br>सजग टीम ने आगे जांच की तो पाया कि मोनालिसा का यह नया लुक AI से तैयार किया गया है। टीम ने वीडियो के कीफ्रेम निकालकर गूगल लेंस से चेक किए, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। गूगल पर भी इस तस्वीर से संबंधित कोई रिपोर्ट नहीं मिली। इसके बाद, AI टूल sightengine.com पर तस्वीर अपलोड की गई, जिसके अनुसार यह तस्वीर 92% तक नकली है।<br><br>इसके बाद, वायरल तस्वीर को decopy.ai से चेक किया गया, जिसमें यह 99% तक नकली पाई गई। निष्कर्ष यह है कि महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा का यह नया लुक AI द्वारा बनाया गया है और यह फर्जी है। यूजर्स इस फर्जी तस्वीर को शेयर कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>न्यायपालिका में जवाबदेही: जस्टिस वर्मा केस</title>
<link>https://pratinidhi.in/judiciary-accountability-justice-yashwant-varma-case</link>
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<description><![CDATA[ दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर से जली हुई नकदी मिलने की घटना ने न्यायपालिका में जवाबदेही और पारदर्शिता की बहस को फिर से शुरू कर दिया है। इस घटना ने नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) के मुद्दे को भी उठाया है, जिसे 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अगर NJAC होता तो स्थिति अलग होती। कॉलेजियम के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं और मांग उठ रही है कि न्यायपालिका में जवाबदेही तय करने के लिए NJAC की तर्ज पर एक आयोग का गठन किया जाए। जस्टिस वर्मा को निष्पक्ष सुनवाई का मौका मिलना चाहिए और मामले का निष्कर्ष जल्दी निकलना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:07:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>न्यायपालिका, जवाबदेही, जस्टिस यशवंत वर्मा, एनजेएसी, कॉलेजियम सिस्टम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के घर से जली हुई नकदी मिलने की घटना ने न्यायपालिका में जवाबदेही और पारदर्शिता की बहस को फिर से शुरू कर दिया है। <br><br>इस घटना ने नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) के मुद्दे को भी उठाया है, जिसे 2015 में न्यायपालिका में पारदर्शिता लाने के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि अगर NJAC होता तो स्थिति अलग होती। <br><br>धनखड़ का कहना है कि अगर NJAC होता, तो सुप्रीम कोर्ट के जजों का कॉलेजियम जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेजने का फैसला नहीं कर पाता। कॉलेजियम के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं और NJAC भाई-भतीजावाद और अपारदर्शिता को खत्म करने का वादा करता है। <br><br>कॉलेजियम सिस्टम पहले भी विवादों में रहा है, जैसे कि उसने एक दागदार जज को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश की थी। अब मांग उठ रही है कि न्यायपालिका में जवाबदेही तय करने के लिए NJAC की तर्ज पर एक आयोग का गठन किया जाए। ऐसा आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि न्यायपालिका अपने सदस्यों को बचाने की कोशिश न करे। <br><br>जस्टिस वर्मा को एक अच्छा जज माना जाता है, लेकिन इस आरोप ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। किसी भी जवाबदेही प्रक्रिया में, उन्हें निष्पक्ष सुनवाई का मौका मिलना चाहिए और मामले का निष्कर्ष जल्दी निकलना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>क्या थाईलैंड में भूकंप से 1 लाख से अधिक लोग मारे गए? वायरल वीडियो की सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/thailand-earthquake-bridge-collapse-viral-video-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर थाईलैंड में पुल टूटने का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें 1 लाख 12 हजार लोगों के मरने का दावा किया गया। सजग टीम ने पड़ताल में पाया कि वीडियो दो हफ्ते पुराना है, जबकि थाईलैंड में भूकंप 28 मार्च को आया था। वीडियो में दिख रहे दृश्य और आवाजें डिजिटल रूप से बनाई गई हैं, और यह असली नहीं है। एनडीटीवी के अनुसार, बैंकॉक में भूकंप से 17 लोगों की मौत हुई है, जबकि 83 लापता हैं। यह दावा झूठा है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 30 Mar 2025 19:07:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>थाईलैंड, भूकंप, वायरल वीडियो, फैक्ट चेक, बैंकॉक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> म्यांमार में आए भूकंप के झटकों के बाद, सोशल मीडिया पर थाईलैंड में एक पुल टूटने का वीडियो वायरल हो रहा था। इस वीडियो में दावा किया गया कि इस घटना में 1 लाख 12 हजार लोगों की जान चली गई। <br><br>सजग टीम ने जब इस वायरल दावे की पड़ताल की, तो पाया कि यह दावा झूठा है। इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने इस वीडियो को शेयर किया था, जिसमें थाईलैंड में पुल टूटने से इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत होने की बात कही गई थी।<br><br>सजग टीम ने वीडियो की सच्चाई जानने के लिए गूगल लेंस का इस्तेमाल किया, जिससे पता चला कि ये वीडियो दो हफ्ते पुराना है, जबकि थाईलैंड में भूकंप 28 मार्च को आया था। इससे स्पष्ट होता है कि वीडियो का थाईलैंड भूकंप से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद, वीडियो के अलग-अलग कीफ्रेम को गूगल लेंस से जांचा गया, जिससे एक महीने पहले यूट्यूब पर अपलोड किए गए वीडियो का पता चला। यूट्यूबर ने बताया कि वीडियो में दिख रहे दृश्य और आवाजें डिजिटल रूप से बनाई गई हैं, और यह वीडियो असली नहीं है।<br><br>हालांकि, वीडियो के फर्जी होने के बावजूद, थाईलैंड में भूकंप से हुई मौतों का आंकड़ा अभी भी स्पष्ट नहीं था। टीम ने गूगल पर थाईलैंड भूकंप से हुई मौतों की खोज की, जिससे एनडीटीवी का एक लाइव ब्लॉग मिला। इसके अनुसार, बैंकॉक में भूकंप से 17 लोगों की मौत हुई है, जबकि 83 लोग अभी भी लापता हैं।<br><br><strong>निष्कर्ष:</strong> थाईलैंड में भूकंप से 1 लाख से अधिक लोगों की मौत का दावा झूठा है। वायरल वीडियो भी डिजिटल रूप से बनाया गया है। सजग टीम की पड़ताल में यह दावा गलत साबित हुआ।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दुश्मन को मात देने वाले प्रचंड हेलीकॉप्टर: सेना और वायुसेना को मिलेंगे</title>
<link>https://pratinidhi.in/army-air-force-to-get-prachand-helicopters</link>
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<description><![CDATA[ रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ 156 प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए अनुबंध किया है। ये हेलीकॉप्टर एक महीने के बाद सेना और वायुसेना को सौंप दिए जाएंगे। स्वदेशी हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक और मिसाइल प्रणालियों से लैस हैं। इन हेलीकॉप्टरों की कॉम्बैट रेडियस 500 किमी और अधिकतम गति 330 किमी/घंटा है। सुरक्षा पर कैबिनेट समिति से मंजूरी मिली। रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। ये हेलीकॉप्टर उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बेहद प्रभावी हैं। 90 प्रचंड हेलीकॉप्टर भारतीय सेना को और 66 प्रचंड हेलीकॉप्टर वायुसेना को मिलेंगे। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 13:59:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Prachand Helicopters, HAL, Light Combat Helicopter, Indian Army, Air Force, Defense Ministry</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[दुश्मन को मात देने वाली शानदार खूबियों से लैस, भारतीय सेना को 90 और वायुसेना को 66 प्रचंड हेलीकॉप्टर मिलेंगे।<br><br>पूनम पाण्डे द्वारा रिपोर्ट, अशोक उपाध्याय द्वारा संपादित। नवभारत टाइम्स, 28 मार्च 2025, रात 9:23 बजे।<br><br>प्रचंड हेलीकॉप्टर: रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ 156 प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए अनुबंध किया है। ये हेलीकॉप्टर एक महीने के बाद सेना और वायुसेना को सौंप दिए जाएंगे। स्वदेशी हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक और मिसाइल प्रणालियों से लैस हैं। इन हेलीकॉप्टरों की कॉम्बैट रेडियस 500 किमी और अधिकतम गति 330 किमी/घंटा है।<br><br>मुख्य विशेषताएं:<br>सुरक्षा पर कैबिनेट समिति से मंजूरी मिली।<br>रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।<br>ये हेलीकॉप्टर उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बेहद प्रभावी हैं।<br>90 प्रचंड हेलीकॉप्टर भारतीय सेना को और 66 प्रचंड हेलीकॉप्टर वायुसेना को मिलेंगे।<br><br>नई दिल्ली: रक्षा मंत्रालय ने एचएएल के साथ 156 प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता सुरक्षा पर कैबिनेट समिति की मंजूरी के बाद किया गया। इसके तहत 90 प्रचंड हेलीकॉप्टर भारतीय सेना को और 66 वायुसेना को मिलेंगे। वर्तमान में, वायुसेना के पास 10 और सेना के पास 5 प्रचंड हेलीकॉप्टर हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ दो अनुबंध किए हैं, जिनके तहत 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड की आपूर्ति की जाएगी। इसमें प्रशिक्षण और अन्य संबंधित उपकरण शामिल हैं। इन अनुबंधों की कुल लागत 62700 करोड़ रुपये (करों को छोड़कर) है। पहले अनुबंध में वायुसेना के लिए 66 एलसीएच की आपूर्ति और दूसरे अनुबंध में सेना के लिए 90 एलसीएच की आपूर्ति शामिल है। इन हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति तीन साल बाद शुरू होगी और अगले पांच वर्षों में पूरी की जाएगी।<br><br>प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर पहले स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर हैं। सेना के हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर में 20 मिमी की गन, 70 मिमी का रॉकेट, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल हेलिना और एक एयर-टू-एयर मिसाइल होगी। यह मिसाइल वायुसेना के हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर में लगने वाली मिसाइल से अलग होगी। वायुसेना को मिलने वाले हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर में फ्रांस की मिस्ट्राल-2 मिसाइलें लगेंगी। स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड को एचएएल ने डिजाइन और विकसित किया है। इसका वजन 5.8 टन है। हल्के वजन का फायदा यह है कि यह उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी अपनी पूरी क्षमता से मिसाइलों और अन्य हथियारों के साथ आसानी से काम कर सकता है।<br><br>विशेषताएं क्या हैं?<br><br>कारगिल युद्ध के समय से ही हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। यह दुनिया का एकमात्र अटैक हेलीकॉप्टर है जो 5,000 मीटर की ऊंचाई पर हथियारों और ईंधन के साथ उड़ान भरने और उतरने में सक्षम है। इससे सेना की उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मारक क्षमता काफी बढ़ जाती है। इसकी कॉम्बैट रेडियस 500 किलोमीटर है। यह 21 हजार फीट तक की ऊंचाई तक काम कर सकता है। इसकी अधिकतम गति 330 किमी प्रति घंटा है। प्रचंड दुनिया का पहला ऐसा अटैक हेलीकॉप्टर है जो सियाचिन जैसे इलाके में भी पूरी क्षमता से काम कर सकता है।<br><br>दुश्मन के रडार में आना मुश्किल<br><br>प्रचंड में दुश्मन को चकमा देने के लिए ऐसी विशेषताएं हैं कि यह आसानी से दुश्मन के रडार की पकड़ में नहीं आएगा। इसके शरीर और रोटर पर गोली का कोई खास असर नहीं होगा। इसमें पायलट हेलमेट माउंटेड साइट है और इंफ्रारेड साइटिंग सिस्टम के माध्यम से जमीन और हवा में किसी भी लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाया जा सकता है। यह हेलीकॉप्टर सेल्फ प्रोटेक्शन सूट से लैस है, जिसमें रडार और लेजर मिसाइल वार्निंग सिस्टम लगा हुआ है। यह कम दृश्यता में दिन-रात किसी भी मौसम में काम कर सकता है। इसका उपयोग एंटी इन्फेंट्री (पैदल सेना के खिलाफ), एंटी आर्मर (सेना को ले जाने वाले वाहनों के खिलाफ) और एंटी यूएवी के रूप में किया जा सकता है। इसका उपयोग आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी किया जा सकता है।]]> </content:encoded>
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<title>भारत ने म्यांमार में भूकंप पीड़ितों के लिए &amp;apos;ऑपरेशन ब्रह्मा&amp;apos; शुरू किया</title>
<link>https://pratinidhi.in/operation-brahma-india-helps-myanmar-earthquake-relief</link>
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<description><![CDATA[ भारत ने म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद &#039;ऑपरेशन ब्रह्मा&#039; शुरू किया, जिसके तहत 15 टन राहत सामग्री भेजी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय वायुसेना का विमान C-130J राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंच चुका है। इस सहायता में आवश्यक दवाएं भी शामिल हैं। म्यांमार में भूकंप से 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1670 से अधिक घायल हैं। भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई थी। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 13:59:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Myanmar, Earthquake, India, Operation Brahma, Relief Material, Humanitarian Assistance</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद, भारत ने तत्काल सहायता प्रदान करते हुए <strong>'ऑपरेशन ब्रह्मा'</strong> शुरू किया है।<br><br>इस ऑपरेशन के तहत, भारत सरकार ने भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों के लिए 15 टन राहत सामग्री भेजी है, जिसमें टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाएं शामिल हैं।<br><br>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारतीय वायुसेना का विमान <strong>C-130J</strong> राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंच चुका है। इस सहायता में पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, कैनुला, सीरिंज, दस्ताने और कॉटन बैंडेज जैसी आवश्यक दवाएं भी शामिल हैं।<br><br>म्यांमार में आए भूकंप से 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 1670 से अधिक घायल हैं। भारत इस मुश्किल घड़ी में अपने पड़ोसी देश के साथ खड़ा है। भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई थी, जिससे म्यांमार और थाईलैंड में इमारतों को नुकसान पहुंचा।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>महंगे हवाई किराए पर संसद में हंगामा, सरकार से समाधान की मांग</title>
<link>https://pratinidhi.in/increase-in-air-fares-issue-raised-in-parliament-2025</link>
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<description><![CDATA[ लोकसभा में महंगे हवाई किराए का मुद्दा उठा, विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा और कहा कि &#039;हवाई चप्पल वालों को हवाई यात्रा&#039; का नारा झूठा साबित हुआ है। सांसदों ने एयरलाइंस पर मनमाने ढंग से किराया वसूलने का आरोप लगाया, खासकर त्योहारों और महाकुंभ जैसे मौकों पर। कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस ने सरकार से कार्रवाई की मांग की, जबकि बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने एआई को कीमतों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराया। चर्चा में एटीएफ पर लगने वाले वैट का मुद्दा भी उठा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 29 Mar 2025 13:04:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महंगे हवाई किराए, लोकसभा, एयरलाइंस, किराया, संसद, हवाई यात्रा, एविएशन मिनिस्टर, वैट, टिकट दरें</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[लोकसभा में <strong>महंगे हवाई किराए</strong> का मुद्दा गरमाया। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए कहा कि <strong>'हवाई चप्पल वालों को हवाई यात्रा'</strong> का नारा झूठा साबित हुआ है। सांसदों ने आरोप लगाया कि एयरलाइंस मनमाने ढंग से किराया वसूल रही हैं, खासकर त्योहारों और महाकुंभ जैसे मौकों पर।<br><br>कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस ने सरकार से इस पर ध्यान देने और संसदीय समिति की सिफारिशों को लागू करने की मांग की, जिसमें बिना वजह किराया बढ़ाने पर एयरलाइंस पर जुर्माना लगाने की बात कही गई थी। समाजवादी पार्टी के आनंद भदौरिया ने कहा कि प्रयागराज का किराया इतना ज्यादा था कि आम आदमी हवाई यात्रा के बारे में सोच भी नहीं सकता था।<br><br>तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा ने कहा कि 2019 से 2024 के बीच हवाई किरायों में 43% की बढ़ोतरी हुई है, और सरकार को इसे किफायती बनाना चाहिए। बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि छोटे शहरों में विकास न होने और एआई के कारण किराए बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई की वजह से टिकटों की कीमतें कुछ ही मिनटों में बदल जाती हैं।<br><br>चर्चा में एटीएफ पर लगने वाले वैट का मुद्दा भी उठा। बिहार और तमिलनाडु 29% वैट ले रहे हैं, जबकि दिल्ली 25% और असम 23.65% वैट ले रहे हैं। मंत्रालय ने राज्यों से वैट कम करने का आग्रह किया है, ताकि किराए कम हो सकें। डीजीसीए ने एयरलाइंस से पिछले दो साल का टिकट डेटा मांगा है, ताकि कीमतों में उतार-चढ़ाव का विश्लेषण किया जा सके।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>विशेषाधिकार हनन: अमित शाह को राहत, कांग्रेस के आरोप खारिज</title>
<link>https://pratinidhi.in/privilege-violation-notice-against-amit-shah-dismissed</link>
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<description><![CDATA[ राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस को खारिज कर दिया है। कांग्रेस के जयराम रमेश ने यह नोटिस दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अमित शाह ने सोनिया गांधी पर आक्षेप लगाए थे। कांग्रेस का आरोप था कि अमित शाह ने राज्यसभा में एक विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनिया गांधी के खिलाफ टिप्पणी की थी, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। जयराम रमेश ने नियम 188 के तहत यह नोटिस दिया था। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 27 Mar 2025 16:04:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अमित शाह, विशेषाधिकार हनन, कांग्रेस, सोनिया गांधी, राज्यसभा, जयराम रमेश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस को खारिज कर दिया है। कांग्रेस के जयराम रमेश ने यह नोटिस दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अमित शाह ने सोनिया गांधी पर आक्षेप लगाए थे।
<br><br>
कांग्रेस का आरोप था कि अमित शाह ने राज्यसभा में एक विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनिया गांधी के खिलाफ टिप्पणी की थी, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। जयराम रमेश ने नियम 188 के तहत यह नोटिस दिया था, जिसमें कहा गया था कि गृह मंत्री ने भले ही सोनिया गांधी का नाम न लिया हो, लेकिन उनका उल्लेख किया और प्रधानमंत्री राहत कोष के कामकाज पर आरोप लगाए।
<br><br>
जयराम रमेश ने कहा कि अमित शाह ने कहा था कि कांग्रेस के शासन में पीएम राहत कोष पर एक परिवार का नियंत्रण था और कांग्रेस अध्यक्ष उसी परिवार का हिस्सा थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह ने बिना किसी आधार के सोनिया गांधी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से आरोप लगाए हैं।
<br><br>
वहीं, अमित शाह ने आपदा प्रबंधन विधेयक 2024 पर बहस के दौरान कहा था कि कांग्रेस के शासनकाल में पीएम राहत कोष बनाया गया था, जिस पर एक परिवार का नियंत्रण था, जबकि उनकी सरकार ने पीएम केयर फंड शुरू किया।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>भारत&amp;चीन कूटनीतिक वार्ता: सीमा पर सहयोग और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर चर्चा</title>
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<description><![CDATA[ भारत और चीन के बीच बीजिंग में कूटनीतिक वार्ता हुई, जिसमें सीमा प्रबंधन, सीमा पार नदियों और कैलाश-मानसरोवर यात्रा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने दिसंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई वार्ता में लिए गए निर्णयों को लागू करने पर विचार किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देश सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की अगली बैठक के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए, जो इस साल के अंत में दिल्ली में होगी। उन्होंने सीमा-पार सहयोग और आदान-प्रदान को जल्द शुरू करने पर भी विचार किया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 11:46:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>India China Border Situation, भारत और चीन के बीच कूटनीतिक वार्ता, कैलाश मानसरोवर यात्रा, सीमापार सहयोग, India China Discuss Cross Border Cooperation Kailash Mansarovar Yatra, India China Relation, WMCC, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी), Ajit Doval, Wang Yi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारत और चीन के बीच राजनयिक चर्चा जारी है। बीजिंग में हुई कूटनीतिक वार्ता में कई मुद्दों पर बात हुई। दोनों पक्षों ने कई उपायों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि डब्ल्यूएमसीसी की बैठक सकारात्मक रही।<br><br>नई दिल्ली में, भारत और चीन ने सीमा प्रबंधन, नदियों, कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर ध्यान केंद्रित किया। दोनों देशों ने परामर्श और समन्वय के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।<br><br>विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और चीन सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की अगली बैठक के लिए मिलकर काम करेंगे। यह बैठक इस साल के अंत में दिल्ली में होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि डब्ल्यूएमसीसी की बैठक रचनात्मक थी और एलएसी पर स्थिति की समीक्षा की गई।<br><br>विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमा पर शांति जरूरी है। दोनों पक्षों ने पूर्वी लद्दाख में एलएसी की स्थिति पर चर्चा की। अभी एलएसी पर दोनों पक्षों के लगभग 50,000 से 60,000 सैनिक हैं। दिसंबर में डोभाल ने वांग के साथ सीमा मुद्दे पर बात की थी।<br><br>23 अक्टूबर को मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक में एसआर तंत्र को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि डब्ल्यूएमसीसी वार्ता में दोनों पक्षों ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई।<br><br>विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमा-पार सहयोग और कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर भी चर्चा हुई। वार्ता में भारतीय दल का नेतृत्व गौरांगलाल दास ने किया। चीनी दल का नेतृत्व हांग लियांग ने किया। यह बैठक विक्रम मिस्री की बीजिंग यात्रा के बाद हुई।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>बोफोर्स: भाजपा का सोनिया&amp;राहुल पर हमला, इस्तीफे की मांग</title>
<link>https://pratinidhi.in/bjp-attacks-on-bofors-case-demands-resignation-from-sonia-and-rahul-gandhi</link>
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<description><![CDATA[ भाजपा ने बोफोर्स घोटाले को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और सोनिया गांधी और राहुल गांधी से इस्तीफे की मांग की। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि चित्रा सुब्रमण्यम की किताब &#039;बोफोर्स गेट&#039; में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए गए हैं। भाजपा ने मांग की है कि जब तक क्वात्रोची के गांधी परिवार के साथ संबंधों की जांच नहीं हो जाती, तब तक सोनिया और राहुल इस्तीफा दे दें। भाजपा ने आरोप लगाया कि क्वात्रोची ने राजीव गांधी के साथ संबंधों का इस्तेमाल रक्षा सौदों को प्रभावित करने के लिए किया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 11:36:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बोफोर्स घोटाला, भाजपा, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, इस्तीफा, चित्रा सुब्रमण्यम, बोफोर्स गेट, क्वात्रोची, राजीव गांधी, रक्षा सौदा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, पीटीआई।</strong> बोफोर्स घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस पर फिर से हमला बोला है। भाजपा ने बोफोर्स घोटाले पर एक पत्रकार की किताब का हवाला देते हुए सोनिया गांधी और राहुल गांधी से इस्तीफे की मांग की है। <br><br>भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि चित्रा सुब्रमण्यम की किताब 'बोफोर्स गेट' में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए गए हैं। भाजपा ने मांग की है कि जब तक इटली के कथित बिचौलिए ओत्तावियो क्वात्रोची के गांधी परिवार के साथ संबंधों की पूरी तरह से जांच नहीं हो जाती, तब तक सोनिया गांधी और राहुल गांधी अपने संसदीय सीटों से इस्तीफा दे दें।<br><br>भाजपा ने आरोप लगाया कि क्वात्रोची ने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और उनकी पत्नी सोनिया गांधी के साथ अपने करीबी संबंधों का इस्तेमाल रक्षा सौदों को प्रभावित करने के लिए किया था। गौरव भाटिया ने राजीव गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने क्वात्रोची को कुछ कंपनियों के पक्ष में रक्षा फाइलों को बदलने की अनुमति दी थी। हालांकि, कांग्रेस पार्टी ने अभी तक इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>कलयुगी बेटी या मजबूरी? वायरल वीडियो की सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/did-daughter-reject-father-the-truth-behind-viral-video</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक युवती अपने पिता को छोड़कर प्रेमी के साथ जा रही है। दावा किया जा रहा है कि यह घटना तमिलनाडु में हुई, लेकिन जाँच से पता चला कि वीडियो स्क्रिप्टेड है और केवल मनोरंजन के लिए बनाया गया है। वीडियो में युवती का पिता हाथ जोड़कर उसे समझाने की कोशिश कर रहा है। सोशल मीडिया पर इसे तमिलनाडु की घटना बताकर शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक बेटी द्वारा प्रेमी के लिए पिता को छोड़ने का दावा किया जा रहा है। सजग टीम ने वीडियो की सच्चाई जाँची और पाया कि यह स्क्रिप्टेड है और वास्तविकता से इसका कोई संबंध नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 26 Mar 2025 11:33:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वायरल वीडियो, फ़ैक्ट चेक, तमिलनाडु, स्क्रिप्टेड वीडियो, मनोरंजन, बेटी, पिता, प्रेमी, सोशल मीडिया, सच्चाई, नकली, दावा, सजग टीम, जांच</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक युवती अपने पिता को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ जा रही है। यह दावा किया जा रहा है कि यह घटना तमिलनाडु में हुई। हालाँकि, जाँच से पता चला है कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और केवल मनोरंजन के लिए बनाया गया है।<br><br>वायरल वीडियो में, युवती को अपने पिता को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ जाते हुए दिखाया गया है। युवती का पिता हाथ जोड़कर अपनी बेटी को समझाने की कोशिश कर रहा है। सोशल मीडिया पर, वीडियो को तमिलनाडु की घटना के रूप में दर्शाया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक बेटी ने अपने प्रेमी के लिए अपने पिता को त्याग दिया। सजग टीम ने इस वीडियो की सच्चाई की जाँच की।<br><br>सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि जितेंद्र प्रताप सिंह नामक एक व्यक्ति ने एक्स पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि एक पिता का दर्द देखिए। एक पिता अपनी बेटी के जन्म पर खुश होता है और उसे देवी की तरह पाल-पोसकर बड़ा करता है। वह यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करता है कि उसकी बेटी को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, और उसे प्यार और देखभाल के साथ पालता है।<br><br>पोस्ट में आगे लिखा है कि लेकिन बाद में, वह एक ऐसे बेकार आदमी के प्यार में पड़ जाती है जो अपने लिए अंडरवियर भी नहीं खरीद सकता और उस पिता के प्यार और बलिदान को भूल जाती है जिसने उसे पाला है। ऐसी बेटियों के बारे में हम क्या कह सकते हैं? कल, जब वह आदमी अपनी ज़रूरतें पूरी कर लेगा और उसे छोड़ देगा, तो पिता का संघर्ष फिर से शुरू हो जाएगा। यह तमिलनाडु से एक दिल दहला देने वाली घटना है।<br><br>इसी दावे के साथ, इस वीडियो को काम्या, निर्मल कुमार झा, राजेश सिंह और कज्जो काजल नामक एक्स हैंडल से भी शेयर किया गया है।<br><br>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को करीब से देखने पर, ऊपरी दाहिने कोने पर साईविजय नामक एक वॉटरमार्क दिखाई देता है। जब हमने इस वॉटरमार्क की तलाश की, तो हमें इसी नाम का एक यूट्यूब चैनल मिला, जहाँ यह वायरल वीडियो 19 मार्च, 2025 को अपलोड किया गया था, जो 6 दिन पहले था।<br><br>वीडियो के विवरण में लिखा है कि यह वीडियो केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है और इसे संबंधित व्यक्तियों की अनुमति से बनाया और अपलोड किया गया है। इस चैनल पर ऐसे कई वीडियो अपलोड किए गए हैं। यूट्यूब के अलावा, यह वीडियो संबंधित व्यक्ति के इंस्टाग्राम पेज पर भी पोस्ट किया गया है।<br><br>निष्कर्ष के तौर पर, सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है जिसमें दावा किया गया है कि यह तमिलनाडु की एक घटना है। यह दावा किया गया है कि एक बेटी ने अपने प्रेमी के लिए अपने पिता को छोड़ दिया। सजग टीम की जाँच में, यह वीडियो स्क्रिप्टेड पाया गया। इस वीडियो का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।<br><br>आपकी जागरूकता हमारी प्रतिबद्धता है। सच की तुलना में झूठ बहुत तेज़ी से फैलता है। फ़ेक न्यूज़, भ्रामक व्हाट्सएप मैसेज और फ़ेक वायरल पोस्ट के बारे में जागरूक रहना हम सभी की ज़िम्मेदारी है। यदि आपको कोई ऐसा संदेश, पोस्ट या लिंक मिलता है जिस पर आपको संदेह है, तो आप हमें इसकी पुष्टि के लिए भेज सकते हैं। फ़ेक न्यूज़ की जाँच करने वाली हमारी विशेषज्ञों की टीम पूरी जागरूकता के साथ जाँच करेगी और आपको सच्चाई से अवगत कराएगी।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>एकनाथ शिंदे ने कुणाल कामरा की टिप्पणी पर दी प्रतिक्रिया</title>
<link>https://pratinidhi.in/eknath-shinde-reacts-to-kunal-kamras-comment-on-maharashtra-politics</link>
<guid>https://pratinidhi.in/eknath-shinde-reacts-to-kunal-kamras-comment-on-maharashtra-politics</guid>
<description><![CDATA[ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कॉमेडियन कुणाल कामरा की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बोलने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन हर चीज की एक सीमा होती है। उन्होंने अपनी आलोचना की तुलना किसी के खिलाफ बोलने के लिए सुपारी लेने से की। शिंदे ने स्टूडियो पर शिवसैनिकों द्वारा की गई तोड़फोड़ पर भी टिप्पणी की और कहा कि वह बर्बरता को सही नहीं ठहराते। कामरा ने माफी मांगने से इनकार कर दिया और कहा कि वह इस भीड़ से नहीं डरते। उन्होंने कहा कि एक कॉमेडियन के शब्दों के लिए किसी कार्यक्रम स्थल पर हमला करना बेतुका है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 17:57:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>एकनाथ शिंदे, कुणाल कामरा, महाराष्ट्र, राजनीति, व्यंग्य, अभिव्यक्ति की आजादी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कॉमेडियन कुणाल कामरा की टिप्पणी पर पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। कामरा ने शिंदे पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया था। शिंदे ने कहा कि बोलने की स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन हर चीज की एक सीमा होती है।</p><br><p>शिंदे ने अपनी आलोचना की तुलना किसी के खिलाफ बोलने के लिए सुपारी लेने से की। उन्होंने कहा कि वह व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन किसी के खिलाफ बोलते समय शालीनता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस बात पर ध्यान नहीं देते कि कौन क्या कहता है, क्योंकि उनका काम खुद बोलता है।</p><br><p>शिंदे ने स्टूडियो पर शिवसैनिकों द्वारा की गई तोड़फोड़ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दूसरों को भी एक निश्चित स्तर बनाए रखना चाहिए, अन्यथा क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि वह बर्बरता को सही नहीं ठहराते हैं।</p><br><p>कुणाल कामरा ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक कॉमेडियन के शब्दों के लिए किसी कार्यक्रम स्थल पर हमला करना उतना ही बेतुका है जितना कि टमाटर ले जा रहे ट्रक को पलट देना क्योंकि आपको बटर चिकन पसंद नहीं आया।</p><br><p>कामरा ने कहा कि उन्होंने वही कहा जो अजीत पवार ने एकनाथ शिंदे के बारे में कहा था। उन्होंने कहा कि वह इस भीड़ से नहीं डरते हैं और इस घटना के शांत होने का इंतजार नहीं करेंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<item>
<title>रेलवे सुरक्षा बल के ASI समेत दो रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार</title>
<link>https://pratinidhi.in/cbi-arrested-rpf-asi-bribery-case-uttarakhand-railway</link>
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<description><![CDATA[ सीबीआई ने रिश्वतखोरी के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक एएसआई समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने उत्तराखंड में एक शिकायतकर्ता के डंपर को जब्त न करने के बदले रिश्वत मांगी थी, जिस पर रेलवे फाटक को नुकसान पहुंचाने का आरोप था। शुरू में दो लाख की रिश्वत मांगी गई, फिर 20 हजार पर बात बनी। शिकायतकर्ता ने सीबीआई को खबर दी, जिसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में एएसआई हरीश चंद्र सिंह और जसबीर सिंह शामिल हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 25 Mar 2025 12:27:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रिश्वतखोरी, सीबीआई, रेलवे सुरक्षा बल, गिरफ्तारी, उत्तराखंड, रेलवे फाटक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वत लेने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक एएसआई और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने उत्तराखंड में एक शिकायतकर्ता के डंपर को जब्त न करने के बदले में रिश्वत की मांग की थी, जिस पर शीश महल रेलवे फाटक को नुकसान पहुंचाने का आरोप था। शुरू में दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी, लेकिन बाद में यह राशि 20 हजार रुपये पर तय हो गई। शिकायतकर्ता ने सीबीआई को सूचित किया, जिसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपियों को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।<br><br>गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एएसआई हरीश चंद्र सिंह, जो उत्तराखंड के काठगोदाम आरपीएफ पोस्ट पर तैनात हैं, और जसबीर सिंह, जो रेलवे स्टेशन लाल कुआं हल्द्वानी में आरपीएफ टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल) हैं, शामिल हैं। सीबीआई ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद, काठगोदाम रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट के एएसआई और लालकुआं रेलवे स्टेशन के एक अन्य अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।<br><br>आरोप है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को गिरफ्तार न करने और रेलवे अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर में उसके डंपर को जब्त न करने के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसे बाद में घटाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया। सीबीआई ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया और आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी भी की।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>देश छोड़कर जाने वालों की बढ़ती संख्या: क्या पश्चिम की दुनिया ज्यादा लुभाती है?</title>
<link>https://pratinidhi.in/increasing-number-of-people-leaving-the-country-indian-perspective</link>
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<description><![CDATA[ लेख में उमेश चतुर्वेदी बताते हैं कि क्यों भारतीय पश्चिमी देशों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वे कहते हैं कि कभी कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता था, लेकिन अब पश्चिमी देश वैसे बन गए हैं। इन देशों में बेहतर जीवन, प्रतिभा का सम्मान और भाई-भतीजावाद की कमी जैसे कारण हैं जो भारतीयों को वहां जाने के लिए प्रेरित करते हैं। हालांकि, लेखक यह भी बताते हैं कि ट्रंप प्रशासन अवैध प्रवासियों को वापस भेज रहा है। भारत में VIP कल्चर और आरक्षण के कारण भी लोग विदेश जा रहे हैं। पश्चिमी देशों में बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं भी लोगों को आकर्षित करती हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:15:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Increasing Number Of People Leaving The Country Cannot Be Considered The Failure Of Any One Government, भारत, राज्य, बिजनेस, लाइफस्टाइल, धर्म, IPL, मनोरंजन, दुनिया, टेक, ऑटो, Gulf, US, अमेरिका, पश्चिमी यूरोप, अवैध प्रवासन, नागरिकता, ट्रंप प्रशासन, भाई-भतीजावाद, आरक्षण, श्रम, प्रतिभा, लोकतांत्रिक चेतना, VIP कल्चर, पलायन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> कभी कश्मीर को नूरजहां ने 'धरती का स्वर्ग' कहा था, लेकिन आज वैसी ही स्थिति अमेरिका और पश्चिमी यूरोप के कुछ देशों की हो गई है।<br><br>उमेश चतुर्वेदी के लेख के अनुसार, महज चार सदी पहले तक जो देश अंधकार युग से गुजर रहे थे, उनका समाज अब इतना बदल चुका है कि दुनिया उनकी ओर खिंची चली आती है। दुनियाभर के लोग मौका मिलते ही जायज-नाजायज तरीकों से इन देशों में घुसने की कोशिश करते हैं। अतीत में यह बेहतर जीवन और समृद्ध भविष्य की गारंटी होती थी, लेकिन ट्रंप युग में हालात बदल गए हैं।<br><br>लेखक के अनुसार, अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में प्रतिभा और श्रम का सम्मान है, जो लोगों को आकर्षित करता है। हालांकि, अवैध रूप से वहां पहुंचने वाले भारतीयों को ट्रंप प्रशासन अमानवीय तरीके से वापस भेज रहा है।<br><br>लेखक का मानना है कि भारत में भाई-भतीजावाद और VIP कल्चर के चलते कई लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिलता। वहीं, पश्चिम में प्रतिभा और श्रम को महत्व दिया जाता है, जिससे लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।<br><br>लेखक के अनुसार, भारत में आरक्षण के चलते गैर-आरक्षित समुदाय के प्रतिभाशाली लोग भी पलायन करने को मजबूर हैं। तमिलनाडु में आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद वहां के गैर-आरक्षित समुदाय के कई लोग अमेरिका, मलेशिया और सिंगापुर में सफल कारोबारी और इंजीनियर बने।<br><br>लेखक का मानना है कि पश्चिमी देशों में बेहतर जीवन, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं मौजूद हैं, जो लोगों को आकर्षित करती हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>वक्फ संशोधन: मुस्लिम समाज के लिए तरक्की का नया रास्ता</title>
<link>https://pratinidhi.in/waqf-amendment-a-new-path-to-progress-for-the-muslim-community</link>
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<description><![CDATA[ लेखिका कौसर जहां कहती हैं कि वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन कानून को लेकर विपक्ष का सियासत करना दुर्भाग्यपूर्ण है। मुस्लिम समुदाय के अधिकांश लोगों को यह बात समझ आ गई है, मगर उन्हें गुमराह करने की कोशिश हो रही है। वक्फ सुधारों को लेकर कोई भी यह नहीं समझा सका कि इससे आम मुसलमान को क्या फायदा या नुकसान होगा। हां, धर्म के नाम पर ठेकेदारी करने वालों को जरूर डर है कि उनकी दुकान बंद हो जाएगी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:15:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>वक्फ बोर्ड, मुस्लिम समुदाय, वक्फ संशोधन, भ्रष्टाचार, महिला प्रतिनिधित्व, समानता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन को लेकर विपक्ष की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण है। मुस्लिम समुदाय के लिए जड़ता नुकसानदेह है, और ज्यादातर लोग इसे समझते हैं, लेकिन उन्हें गुमराह किया जा रहा है। वक्फ सुधारों पर कई मुस्लिम विद्वानों से बात करने पर, यह स्पष्ट हुआ कि इससे आम मुसलमान को कोई नुकसान नहीं होगा।</p><br><p>धर्म के नाम पर ठेकेदारी करने वालों को डर है कि उनकी दुकानें बंद हो जाएंगी और अवैध कब्जों का पर्दाफाश होगा। कट्टरपंथी आम मुस्लिमों को ढाल बनाना चाहते हैं ताकि संपत्ति का दुरुपयोग छिप सके, जबकि इसका उपयोग उनकी बेहतरी के लिए होना चाहिए।</p><br><p>इन सुधारों से आम मुसलमानों को फायदा होगा और चंद लोगों का एकाधिकार खत्म होगा। संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में भी विरोधियों ने सार्थक सुझाव के बजाय चर्चा रोकने की कोशिश की। मुस्लिम समाज में सुधारों का हिस्सा बनने और कट्टरपंथी ताकतों से मुक्त होने की छटपटाहट है। मुस्लिम महिलाएं समान भागीदारी चाहती हैं, और वक्फ संशोधन संविधान की भावना के अनुरूप है, जो बराबरी के सिद्धांत पर टिका है।</p><br><p>महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और नए विचार आएंगे। केंद्र सरकार ने पुरानी गलतियों को सुधार कर नई व्यवस्था के लिए संशोधन प्रस्तावित किए हैं, जिससे वक्फ बोर्ड प्रभावी रूप से काम कर पाएगा। यह सच्चर कमिटी की सिफारिशों के अनुरूप है। यह धार्मिक मामलों में दखल नहीं है, बल्कि संपत्तियों के प्रबंधन का मामला है। वक्फ को चुनिंदा लोगों के चंगुल से मुक्त करना जरूरी है ताकि संपत्तियों का बेहतर उपयोग हो सके।</p><br><p>अधिनियम में संशोधन करके एक पारदर्शी, जवाबदेह और समान प्रतिनिधित्व की व्यवस्था लागू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के उपेक्षित तबकों की भागीदारी का इंतजाम है। नए प्रावधानों में वक्फ संपत्ति को निष्पक्ष तरीके से चिह्नित करने और विवादों का कानूनी निस्तारण करने की व्यवस्था है। इन संशोधनों से वक्फ बोर्ड अधिक सक्षम, पारदर्शी और जवाबदेह होगा। केंद्र सरकार कैग के जरिये ऑडिट करा सकेगी, और वक्फ जमीनों को राजस्व विभाग में रजिस्टर्ड कराने से पारदर्शिता आएगी।</p><br><p>न्याय के लिए अदालत जाने का मौका मिलेगा, और ट्रिब्यूनल के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। पुराना कानून मुसलमानों को बांटने वाला था, इसलिए हमें नए सर्वसमावेशी कानून का स्वागत करना चाहिए, क्योंकि बदलाव समय की जरूरत है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>विपक्षी एकता: सिब्बल ने इंडिया गठबंधन को एकजुट रहने की सलाह दी</title>
<link>https://pratinidhi.in/kapil-sibal-india-alliance-unity-recommendation</link>
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<description><![CDATA[ राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने विपक्षी गठबंधन &#039;इंडिया&#039; को सार्वजनिक रूप से एकजुट दिखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को बिखरा हुआ नहीं दिखना चाहिए और एक औपचारिक संरचना की सिफारिश की, जिसमें प्रवक्ताओं को शामिल किया जाए। सिब्बल ने &#039;इंडिया&#039; में शामिल दलों से भविष्य के लिए एक सुसंगत नीति और वैचारिक ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर कहा कि यह देखना होगा कि एनडीए के सहयोगी क्या करते हैं, क्योंकि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Kapil Sibal, India Alliance, Opposition Unity, Political Strategy, Indian Politics</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' को सार्वजनिक रूप से एकजुट दिखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को बिखरा हुआ नहीं दिखना चाहिए। सिब्बल ने गठबंधन के लिए एक औपचारिक संरचना की भी सिफारिश की, जिसमें प्रवक्ताओं को शामिल किया जाए जो गठबंधन के विचारों को व्यक्त कर सकें। <br><br>सिब्बल ने 'इंडिया' में शामिल दलों से भविष्य के लिए एक सुसंगत नीति, वैचारिक ढांचे और कार्यक्रम की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सोचने के तरीके में एकरूपता होनी चाहिए।<br><br>हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में 'इंडिया' के सहयोगी दलों के बीच मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर सिब्बल ने कहा कि 'इंडिया' को एकजुट दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन के प्रवक्ताओं की नियुक्ति तक, यह प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ पाएगा। सिब्बल ने 'इंडिया' गठबंधन के लिए एक औपचारिक राजनीतिक ढांचे की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिसका वह लंबे समय से समर्थन कर रहे हैं।<br><br>सिब्बल ने विश्वास व्यक्त किया कि विपक्षी गठबंधन सफल होगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने लोकसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से मुकाबला करने के लिए 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस' (इंडिया) का गठन किया है। उन्होंने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर कहा कि यह देखना होगा कि एनडीए के सहयोगी इस मामले में क्या करते हैं, क्योंकि बीजेपी के पास बहुमत नहीं है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राज्यसभा में आरक्षण पर हंगामा: कांग्रेस पर रिजिजू का सवाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/rajya-sabha-uproar-over-muslim-reservation-kiren-rijiju-questions-congress</link>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक में मुस्लिमों को आरक्षण देने के मुद्दे पर राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ। किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से पूछा कि वे संविधान क्यों बदलना चाहते हैं। जेपी नड्डा ने इसे संविधान बदलने की कोशिश करार दिया, जबकि मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कोई संविधान को नहीं बदल रहा है। कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राज्यसभा, आरक्षण, कांग्रेस, किरेन रिजिजू, कर्नाटक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क।</strong> कर्नाटक में सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4 फीसदी आरक्षण के एलान और डीके शिवकुमार के संविधान बदलने वाले बयान पर राज्यसभा में हंगामा हुआ। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मुद्दा उठाया, जिसके बाद कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
<br><br>
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे संविधान बदलने की कोशिश बताया और कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि कोई संविधान को नहीं बदल रहा है, वे संविधान के रक्षक हैं।
<br><br>
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को कोई नहीं बदल सकता। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर बाबासाहेब आंबेडकर के संविधान की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया और उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है और वे मुस्लिम आरक्षण को संविधान में जगह देने की बात कर रहे हैं, जबकि बाबा साहेब अंबेडकर इसके खिलाफ थे।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>एयर इंडिया की शिकायत पर डीजीसीए का संज्ञान</title>
<link>https://pratinidhi.in/air-india-complaints-supriya-sule-david-warner-dgca-cognizance</link>
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<description><![CDATA[ सांसद सुप्रिया सुले और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वार्नर ने एयर इंडिया की ख़राब सेवाओं पर सवाल उठाए हैं. सुप्रिया सुले ने फ्लाइट में देरी और डेविड वार्नर ने बिना पायलट के फ्लाइट में इंतजार करने पर नाराजगी जताई. इससे पहले, शिवराज सिंह चौहान ने टूटी सीटों और एक बुजुर्ग यात्री को व्हीलचेयर सहायता न मिलने की शिकायत की थी. डीजीसीए ने इन सभी मामलों पर संज्ञान लिया है. एयर इंडिया की सेवाओं पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 16:13:10 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Air India, Supriya Sule, David Warner, DGCA, Flight Delay, Aviation</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>एयर इंडिया की ख़राब सेवा पर सवाल: सुप्रिया सुले और डेविड वार्नर ने उठाई आवाज</strong><br><br>एयर इंडिया एक बार फिर अपनी ख़राब सेवाओं के चलते सवालों के घेरे में है. सांसद सुप्रिया सुले और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेविड वार्नर ने हाल ही में एयर इंडिया की सेवाओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई है. सुप्रिया सुले ने प्रीमियम किराया देने के बावजूद फ्लाइट में देरी होने की शिकायत की, जबकि डेविड वार्नर ने बिना पायलट के फ्लाइट में घंटों इंतजार करने पर नाराजगी जताई. <br><br>इन घटनाओं से पहले, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी टूटी सीटों को लेकर एयर इंडिया की आलोचना की थी. इसके अतिरिक्त, एक बुजुर्ग यात्री को व्हीलचेयर सहायता न मिलने की भी शिकायत आई थी. इन सभी मामलों पर डीजीसीए ने संज्ञान लिया है, जिससे एयर इंडिया की सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं.]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शिंदे पर कामरा के कटाक्ष से शिवसेना में आक्रोश</title>
<link>https://pratinidhi.in/comedian-kunal-kamra-criticism-of-eknath-shinde-creates-outrage</link>
<guid>https://pratinidhi.in/comedian-kunal-kamra-criticism-of-eknath-shinde-creates-outrage</guid>
<description><![CDATA[ कुणाल कामरा की टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने यूनिकॉन्टिनेंटल क्लब में तोड़फोड़ की, जहां कामरा ने एकनाथ शिंदे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शिंदे गुट के नेता राहुल कनाल ने कामरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कामरा को गिरफ्तार करने की मांग की है, लेकिन पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। कामरा ने अपने शो में एक गाने के माध्यम से शिंदे का मजाक उड़ाया, जिसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 24 Mar 2025 12:05:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Kunal Kamra, Eknath Shinde, Shiv Sena, Maharashtra Politics, Comedian, Controversy</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कॉमेडियन कुणाल कामरा की टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। शिवसेना के कई कार्यकर्ताओं ने यूनिकॉन्टिनेंटल क्लब में तोड़फोड़ की, क्योंकि कुणाल कामरा ने कथित तौर पर इसी क्लब में एकनाथ शिंदे पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।</p><br><p>वीडियो वायरल होने के बाद, शिंदे गुट के नेता राहुल कनाल ने मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में कामरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप है कि कामरा ने खार पश्चिम स्थित यूनी कॉन्टिनेंटल क्लब में एक लाइव शो के दौरान डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की।</p><br><p>शिवसेना कार्यकर्ताओं ने कुणाल कामरा को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं। पुलिस का कहना है कि शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के खार इलाके में होटल यूनिकॉन्टिनेंटल में तोड़फोड़ की, जहां कामरा ने एक शो में एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कहकर उनका मजाक उड़ाया था।</p><br><p>कुणाल कामरा ने अपने शो में फिल्म 'दिल तो पागल है' के एक गाने का इस्तेमाल करते हुए डिप्टी सीएम शिंदे का मजाक उड़ाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस वीडियो को शेयर किया। यह घटना 2022 में एकनाथ शिंदे द्वारा की गई बगावत की ओर इशारा करती है।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>इंडो&amp;चीन बॉर्डर रोड: पहले फेज की एक सड़क अब भी अधूरी</title>
<link>https://pratinidhi.in/indo-china-border-road-project-one-road-first-phase-still-not-completed</link>
<guid>https://pratinidhi.in/indo-china-border-road-project-one-road-first-phase-still-not-completed</guid>
<description><![CDATA[ सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने संसद की स्थायी समिति को बताया कि भारत-चीन सीमा सड़क परियोजना के पहले चरण में देरी हुई है। 2008 में शुरू हुई 13 सड़कों में से अभी भी एक सड़क का काम बाकी है, जो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित मुनस्यारी-बुगडियार-मिलम सड़क है। बीआरओ ने कहा कि दुर्गम इलाकों में सख्त चट्टानों को काटना मुश्किल है, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण काम करने के लिए सीमित समय मिलता है, और निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी एक समस्या है। प्राकृतिक आपदाओं और भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण परियोजनाओं में और देरी होती है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 23 Mar 2025 06:59:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Indo-China border road, BRO, infrastructure project, Uttarakhand, पिथौरागढ़, मुनस्यारी-बुगडियार-मिलम सड़क</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारत-चीन सीमा सड़क परियोजना के पहले चरण में एक सड़क अभी भी अधूरी है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने संसद की स्थायी समिति को इस बारे में जानकारी दी है। <br><br>बीआरओ के महानिदेशक ने समिति को बताया कि परियोजना के पहले चरण में देरी हुई है। 2008 में शुरू हुई 13 सड़कों में से अभी भी एक सड़क का काम बाकी है। यह <strong>मुनस्यारी-बुगडियार-मिलम</strong> सड़क है, जो उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। इस सड़क के बनने से सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और इसे पूरा होने में लगभग एक साल और लगेगा।<br><br>बीआरओ ने स्थायी समिति को यह भी बताया कि उन्हें सड़कों के निर्माण में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दुर्गम इलाकों में सख्त चट्टानों को काटना मुश्किल है, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण काम करने के लिए सीमित समय मिलता है, निर्माण सामग्री की उपलब्धता भी एक समस्या है। इसके अतिरिक्त, प्राकृतिक आपदाओं के कारण संसाधनों को अन्यत्र मोड़ने की आवश्यकता होती है, जिससे सड़क निर्माण में और देरी होती है। भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी प्रक्रियाओं में भी समय लगता है।<br><br>बीआरओ ने यह भी बताया कि प्रतिष्ठित ठेकेदार दूरदराज के इलाकों और वहां की कठिनाइयों के कारण परियोजनाओं में भाग लेने के इच्छुक नहीं हैं।]]> </content:encoded>
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<title>न्यायिक नियुक्तियों में पारदर्शिता की आवश्यकता: हरीश साल्वे</title>
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<description><![CDATA[ भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने न्यायिक नियुक्तियों में पारदर्शिता की वकालत की है। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के एक जज से जुड़े &#039;घर पर नकदी&#039; मामले के बाद यह बात कही। साल्वे ने वर्तमान कॉलेजियम प्रणाली की कमियों को उजागर करते हुए, इसमें सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने न्यायपालिका के खिलाफ निराधार आरोपों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है। जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर नकदी मिलने की घटना का हवाला देते हुए, साल्वे ने न्यायिक नियुक्ति प्रणाली में बदलाव की मांग की। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:12:52 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>न्यायिक नियुक्ति, हरीश साल्वे, कॉलेजियम प्रणाली, पारदर्शिता, दिल्ली हाई कोर्ट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> दिल्ली हाई कोर्ट के एक जज से जुड़े 'घर पर नकदी' मामले के बाद, भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने न्यायपालिका में पारदर्शिता की वकालत की है। उन्होंने न्यायिक नियुक्तियों की वर्तमान प्रणाली की कमियों को उजागर करते हुए, इसमें सुधार की आवश्यकता बताई।<br><br>साल्वे ने न्यायपालिका के खिलाफ निराधार आरोपों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने न्यायपालिका की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी।<br><br>जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर नकदी मिलने की घटना का हवाला देते हुए, साल्वे ने न्यायिक नियुक्ति प्रणाली में बदलाव की मांग की। उन्होंने सांसदों से इस मुद्दे पर विचार करने और एक बेहतर प्रणाली बनाने का आग्रह किया।<br><br>साल्वे ने कहा कि न्यायपालिका एक सम्मानित संस्था है और इसे मजबूत बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कॉलेजियम प्रणाली की कमियों को दूर करने के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) के बारे में भी बात की, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।]]> </content:encoded>
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<title>विदेश में भारतीय नागरिकों को स्थानीय कानूनों का पालन करने की सलाह</title>
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<description><![CDATA[ भारत सरकार ने विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों से स्थानीय कानूनों का पालन करने की अपेक्षा की है, खासकर हमास का समर्थन करने के आरोप में कुछ भारतीयों को अमेरिकी अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हिरासत में लिए गए बदर खान सूरी और कनाडा भागी रंजिनी श्रीनिवासन ने भारतीय अधिकारियों से संपर्क नहीं किया है। सरकार ने वीजा नीति को देश का संप्रभु अधिकार बताया और कहा कि जैसे विदेशी नागरिकों से भारत में भारतीय कानूनों का पालन करने की अपेक्षा है, वैसे ही भारतीयों से विदेशों में स्थानीय कानूनों का पालन करने की अपेक्षा है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 17:08:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय नागरिक, विदेशी कानून, विदेश मंत्रालय, हमास</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारत सरकार ने हाल ही में कहा है कि वह विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों से अपेक्षा करती है कि वे वहां के स्थानीय कानूनों और नियमों का पालन करें। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ भारतीय नागरिकों को हमास का समर्थन करने के आरोप में अमेरिकी अधिकारियों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के टीचर बदर खान सूरी, जिन्हें हिरासत में लिया गया है, और रंजिनी श्रीनिवासन, जो कार्रवाई के डर से कनाडा भाग गई हैं, दोनों ने ही इस मामले में भारतीय अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं किया है। <strong>जायसवाल ने कहा कि अगर वे संपर्क करते हैं, तो सरकार मामले को देखेगी।</strong> उन्होंने यह भी कहा कि वीजा और आव्रजन नीति किसी भी देश का संप्रभु अधिकार है। सरकार का यह बयान इस बात पर जोर देता है कि जैसे भारत में विदेशी नागरिकों से भारतीय कानूनों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है, वैसे ही विदेशों में भारतीय नागरिकों से भी स्थानीय कानूनों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>थरूर की भाजपा सांसद संग सेल्फी से सियासी हलचल</title>
<link>https://pratinidhi.in/shashi-tharoor-selfie-with-bjp-leader-baijayant-panda-creates-political-buzz</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता शशि थरूर की भाजपा उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा के साथ सेल्फी वायरल होने के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। थरूर ने पहले पीएम मोदी की लीडरशिप की तारीफ की थी, जिसके बाद कांग्रेस में उनके बयानों को लेकर चिंता जताई गई थी। थरूर ने पार्टी में नेतृत्व की कमी पर भी सवाल उठाए थे और कहा था कि उनके पास कई विकल्प हैं। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा को जन्म दे दिया है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:00:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>शशि थरूर, भाजपा, बैजयंत जय पांडा, कांग्रेस, सेल्फी, राजनीति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता शशि थरूर की भाजपा उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा के साथ एक सेल्फी वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है, खासकर थरूर के भाजपा में शामिल होने की अटकलों को हवा मिल गई है। <br><br>हाल ही में थरूर ने पीएम मोदी की लीडरशिप की तारीफ की थी, जिसके बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। थरूर ने कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख की आलोचना करने पर उन्हें शर्मिंदगी हुई, क्योंकि पीएम मोदी ने दोनों देशों के राष्ट्रपतियों से मुलाकात कर मामले को संभाला था।<br><br>कांग्रेस में नेतृत्व की कमी पर चिंता जताते हुए थरूर ने कहा था कि अगर पार्टी ने उन्हें इस्तेमाल नहीं किया तो उनके पास कई विकल्प हैं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम के लोगों का समर्थन मिलने की बात भी कही थी।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>परिसीमन के विरोध में विपक्षी दलों का जमावड़ा</title>
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<description><![CDATA[ तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके ने परिसीमन के मुद्दे पर विपक्षी दलों की बैठक बुलाई, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन कर रहे हैं। इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता शामिल हुए। स्टालिन ने इस बैठक को निष्पक्ष परिसीमन के लिए आंदोलन की शुरुआत बताया। हालांकि, ममता बनर्जी ने इससे दूरी बना ली। भाजपा नेता अन्नामलाई ने इस बैठक को भ्रामक नाटक करार देते हुए डीएमके मंत्रियों पर उत्तरी भारतीयों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने जनसंख्या वृद्धि पर अपमानजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 10:57:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Delimitation, DMK, MK Stalin, Opposition Meeting, Chennai, Pinarayi Vijayan, Revanth Reddy, Bhagwant Mann, BJP, Annamalai</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[परिसीमन के मुद्दे पर तमिलनाडु की सत्तारूढ़ डीएमके ने विपक्षी दलों के नेताओं को चेन्नई में एक बैठक के लिए आमंत्रित किया, जिसमें केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डीके शिवकुमार जैसे नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।<br><br>मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि यह बैठक निष्पक्ष परिसीमन के लिए एक आंदोलन की शुरुआत है। हालांकि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बैठक से किनारा कर लिया है।<br><br>भाजपा नेता के अन्नामलाई ने इस बैठक को एक 'भ्रामक नाटक' करार दिया है। अन्नामलाई ने डीएमके मंत्रियों पर उत्तरी भारत के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने राज्य मंत्री अनबरसन के कथित भाषण का एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया, जिसमें उत्तरी राज्यों में जनसंख्या वृद्धि पर "अपमानजनक" तुलना की गई थी।<br><br>पिछले कुछ महीनों से नई नेशनल एजुकेशन Policy को लेकर केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच विवाद चल रहा है। स्टालिन सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार तमिलनाडु में हिंदी को थोपने की कोशिश कर रही है।]]> </content:encoded>
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<title>औरंगजेब: खलनायक या विवादित शासक? इतिहास में असली मुद्दे</title>
<link>https://pratinidhi.in/Aurangzeb-villain-or-controversial-ruler-real-issues-in-history</link>
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<description><![CDATA[ लेख में औरंगजेब के मकबरे पर विवाद, इतिहास को हिंदू-मुस्लिम नजरिए से देखने की बढ़ती प्रवृत्ति, और दलितों एवं पिछड़ी जातियों के साथ ऐतिहासिक अन्याय जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है। यह सवाल किया गया है कि क्या मुस्लिम शासकों को खलनायक बनाकर हिंदू समाज की समस्याओं को छिपाया जा रहा है, और दलितों को मंदिर का पुजारी बनाने के लिए कौन लड़ेगा। लेखक का तर्क है कि भारत को स्वतंत्रता से पहले के घावों को कुरेदने के बजाय समानता की ओर बढ़ना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 10:57:44 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Aurangzeb, Indian History, Hindu-Muslim, Caste Discrimination, Historical Injustice</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>औरंगजेब: खलनायक या विवादित शासक? इतिहास में असली मुद्दे</strong></p><br><p>संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) से एलोरा गुफाओं की तरफ जाने वाले रास्ते पर खुल्दाबाद में, मुगल सम्राट औरंगजेब की सादगी भरी कब्र स्थित है।</p><br><p>जहां शाहजहां ने ताजमहल जैसा शानदार मकबरा बनवाया, वहीं औरंगजेब ने बिना गुंबद और शानो-शौकत वाली साधारण कब्र बनवाई, जिसमें कुछ फीट तक कच्ची मिट्टी और एक छोटा पौधा है।</p><br><p>क्या यही वह सादी कब्र है, जिसे BJP सांसद उदयनराजे भोसले ध्वस्त करना चाहते हैं? सवाल यह है कि क्या 17वीं सदी का एक बादशाह ही हिंदुत्व का सबसे बड़ा दुश्मन है?</p><br><p>भारतीय इतिहास में हिंसा को हिंदू-मुस्लिम के चश्मे से देखने का चलन बढ़ रहा है, जो चिंताजनक है। इतिहास में हिंदू राजाओं के बीच भी युद्ध हुए और यूरोपीय देशों ने लूटपाट की।</p><br><p>मुस्लिम शासकों को खलनायक बनाना, हिंदुओं को एकजुट और पीड़ित दिखाने की कोशिश है। इससे जातिवाद, महिलाओं और आदिवासियों पर अत्याचार जैसे मुद्दे छिप जाते हैं।</p><br><p>अगर एक हिंदू इतिहास में जख्म ढूंढकर बदला ले सकता है, तो दलित और पिछड़ी जातियां भी सवर्णों के खिलाफ खड़ी हो सकती हैं, जिन्हें सदियों तक अन्याय सहना पड़ा।</p><br><p>अगर निचली जातियां जालिम शासकों की इमारतें गिराने लगेंगी, तो भारत में बहुत कम ऐतिहासिक इमारतें बचेंगी।</p><br><p>केरल में दलितों को मंदिर में पुजारी बनाने के लिए कौन लड़ेगा?</p><br><p>भारत सदियों से भेदभाव खत्म करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन 1891 में साक्षरता दर बहुत कम थी।</p><br><p>कम भेदभाव वाले धर्मों में साक्षरता ज्यादा थी। इसलिए, औरंगजेब से आगे भी सोचने लायक बहुत कुछ है।</p><br><p>समानता की ओर बढ़ रहा भारत केवल 75 साल पुराना देश है, जिसके संविधान में एक दलित की प्रमुख भूमिका है।</p><br><p>आजादी से पहले के जख्मों को कुरेदते रहेंगे, तो आगे नहीं बढ़ पाएंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जाति जनगणना: राहुल गांधी ने दोहराई मांग, बीजेपी का पलटवार</title>
<link>https://pratinidhi.in/rahul-gandhi-reiterates-demand-for-caste-census-bjp-calls-it-anti-dalit-mentality</link>
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<description><![CDATA[ राहुल गांधी ने जाति जनगणना की वकालत करते हुए इसे असमानता और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में आवश्यक बताया है। उन्होंने प्रोफेसर सुखदेव थोराट के साथ महाड़ सत्याग्रह के संदर्भ में इस मुद्दे पर बात की। बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने प्रोफेसर थोराट के साथ दलितों के संघर्ष और बाबासाहेब अंबेडकर के समानता के सपने पर भी चर्चा की। बीजेपी नेता सीआर. केसवन ने राहुल गांधी के बयानों को कांग्रेस की वंशवादी मानसिकता का प्रतीक बताया और कांग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119307492,imgsize-17426,width-540,height-405,resizemode-75/119307450.cms" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 22 Mar 2025 08:21:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जाति जनगणना, राहुल गांधी, बीजेपी, सुखदेव थोराट, दलित विरोधी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राहुल गांधी ने जाति जनगणना को असमानता और भेदभाव की सच्चाई लाने के लिए आवश्यक कदम बताया है। उन्होंने प्रोफेसर सुखदेव थोराट के साथ बातचीत में इसे महाड़ सत्याग्रह की लड़ाई का ही एक रूप बताया। इसके विपरीत, बीजेपी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पर 'दलित विरोधी मानसिकता' का आरोप लगाया।<br><br>राहुल गांधी ने जाति जनगणना की मांग करते हुए कहा कि यह बहुत जरूरी है। बीजेपी ने कांग्रेस पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया और राहुल ने अंबेडकर की लड़ाई को आज की असमानता के खिलाफ बताया।<br><br>राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने प्रोफेसर थोराट के साथ इस विषय पर विस्तार से बात की है। थोराट एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, अर्थशास्त्री और दलित मुद्दों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने महाड़ सत्याग्रह और प्रशासन, शिक्षा, नौकरशाही और संसाधनों तक दलितों की पहुंच के लिए किए जा रहे संघर्ष पर चर्चा की।<br><br>कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 98 साल पहले शुरू हुई हिस्सेदारी की लड़ाई आज भी जारी है। 20 मार्च 1927 को बाबासाहेब अंबेडकर ने महाड़ सत्याग्रह के माध्यम से जातिगत भेदभाव को चुनौती दी थी। यह सिर्फ पानी के अधिकार की नहीं, बल्कि समानता और सम्मान की लड़ाई थी। जातिगत जनगणना इस असमानता की सच्चाई को सामने लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जबकि इसके विरोधी इस सच्चाई को सामने नहीं आने देना चाहते। बाबासाहेब का सपना अभी भी अधूरा है और उनकी लड़ाई सिर्फ अतीत की नहीं, बल्कि आज की भी लड़ाई है जिसे हम पूरी ताकत से लड़ेंगे।<br><br>राहुल गांधी के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता सीआर. केसवन ने कहा कि राहुल गांधी का योग्यता पर दिया गया बयान कांग्रेस की वंशवादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के उन नेताओं का अपमान किया है, जिन्होंने अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त की है। केसवन ने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है और योग्यता को दबाने की कोशिश करती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>अनुच्छेद 370 हटने के बाद J&amp;amp;K में आतंकवाद में कमी: अमित शाह</title>
<link>https://pratinidhi.in/amit-shah-says-terrorism-decreased-after-article-370-revoked-in-jammu-and-kashmir</link>
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<description><![CDATA[ राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा करते हुए अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में आतंकवाद, पथराव और जबरदस्ती बंद की घटनाओं में कमी आई है, जितना निवेश राज्य में आया, उतना पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक नेता को वहां आतंकवादी नजर आया था। मोदी सरकार के आने के बाद उरी और पुलवामा हमलों के बाद पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की गयी। भारत अब अमेरिका और इजराइल की श्रेणी में आ गया है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 23:12:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Amit Shah, Article 370, Jammu Kashmir, Terrorism, Rajya Sabha</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवाद, पथराव और जबरदस्ती बंद की घटनाओं में कमी आई है।</p><br><p>उन्होंने विपक्षी नेताओं पर प्रहार करते हुए कहा कि जितना निवेश राज्य में आया, उतना पहले कभी नहीं हुआ था।</p><br><p>अमित शाह ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक नेता वहां पदयात्रा के लिए गए थे और उन्हें वहां आतंकवादी नजर आया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने आतंकवाद और आतंकवादियों के समर्थकों की कमर तोड़ दी है।</p><br><p>उन्होंने कांग्रेस के शासन और पिछले दस वर्षों की तुलना करते हुए कहा कि पहले पड़ोसी देश से आतंकवादी सीमा पार कर आते थे और यहां धमाके करते थे, हत्याएं करते थे।</p><br><p>उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद उरी और पुलवामा हमलों के बाद पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक की गयी।</p><br><p>उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब अमेरिका और इजराइल की श्रेणी में आ गया है जो अपनी सीमा और सेना की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>नितिन गडकरी की टोपी वाली तस्वीर: 6 साल पुरानी फोटो वायरल</title>
<link>https://pratinidhi.in/nitin-gadkari-cap-photo-old-picture-viral-falsely-linked-to-nagpur-violence</link>
<guid>https://pratinidhi.in/nitin-gadkari-cap-photo-old-picture-viral-falsely-linked-to-nagpur-violence</guid>
<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर नितिन गडकरी की एक पुरानी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें वह मुस्लिम टोपी पहने हुए हैं। यह तस्वीर 2019 की है, जब उन्होंने ईद पर नागपुर में बधाई दी थी। नागपुर हिंसा के बाद इस तस्वीर को गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है। पुलिस ने भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को हाल की घटना बताकर फैलाया जा रहा है, लेकिन यह 6 साल पुरानी है। गूगल रिवर्स इमेज सर्च से पता चला कि गडकरी ने 2019 में ईद-उल-फितर पर मुस्लिम टोपी पहनी थी। यह तस्वीर रेडिफ और नेशनल हेराल्ड में भी मिली। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 21 Mar 2025 22:34:46 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Nitin Gadkari, Nagpur violence, Social media, Fact Check, Muslim cap, Viral photo</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[नागपुर में हुई हिंसा के बाद, सोशल मीडिया पर नितिन गडकरी की टोपी पहने हुए एक पुरानी तस्वीर वायरल हो रही है। यह तस्वीर जून 2019 की है, जब गडकरी ने ईद के मौके पर नागपुर में बधाई दी थी। इस तस्वीर को गलत तरीके से अभी की घटना बताकर शेयर किया जा रहा है।<br><br>नई दिल्ली में, नागपुर हिंसा के बाद भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है, और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, नितिन गडकरी की मुस्लिम टोपी पहने हुए एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसे हाल की घटना बताकर फैलाया जा रहा है।<br><br>सजग टीम ने इस तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए जांच की।<br><br>एक्स (ट्विटर) पर अरुण यादव नाम के एक व्यक्ति ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा कि 'ये टोपी वाले आपका साथ नहीं देंगे, हम हिंदू ही देंगे'। एक अन्य यूजर ने लिखा कि 'गडकरी जी, वो आपको टोपी पहना रहा है, सावधान रहिये'।<br><br>इसी तरह के दावों के साथ यह तस्वीर कई और एक्स हैंडल्स से शेयर की गई।<br><br>इस तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए गूगल रिवर्स इमेज सर्च का इस्तेमाल किया गया। पता चला कि यह तस्वीर 6 साल पुरानी है और इसे गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है।<br><br>5 जून 2019 की मिंट की एक खबर के अनुसार, नितिन गडकरी ने ईद-उल-फितर पर नागपुर में लोगों को बधाई दी थी और मुस्लिम टोपी पहनी थी।<br><br>यह तस्वीर रेडिफ, फर्स्ट पोस्ट जर्नल और नेशनल हेराल्ड में भी मिली।<br><br>निष्कर्ष यह है कि नितिन गडकरी की 6 साल पुरानी तस्वीर को नागपुर हिंसा के बाद गलत तरीके से शेयर किया जा रहा है।]]> </content:encoded>
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<title>जम्मू&amp;कश्मीर में एनआईए का एक्शन: आतंकियों के मददगारों पर छापेमारी</title>
<link>https://pratinidhi.in/nia-raids-on-terrorist-supporters-in-jammu-and-kashmir</link>
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<description><![CDATA[ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के मददगारों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों से जुड़े 12 स्थानों पर की गई। एनआईए ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों के ओजीडब्ल्यू के घरों की तलाशी ली और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। संदिग्धों पर आतंकवादियों को रसद, भोजन और आश्रय प्रदान करने और उन्हें सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित कराने में शामिल होने का आरोप है। माना जाता है कि इसके बाद आतंकवादी कश्मीर घाटी के भीतरी इलाकों में प्रवेश करने में सफल रहे। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:11:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>NIA Raid Jammu Kashmir, जम्मू-कश्मीर में एनआईए का एक्शन, पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकियों के मददगारों के ठिकानों पर छापेमारी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[जम्मू-कश्मीर में एनआईए (NIA) ने आतंकवादियों के मददगारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को 12 स्थानों पर छापे मारे। यह कार्रवाई सीमा पार पाकिस्तान से घुसपैठ करने वाले आतंकवादियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर की गई।

<br><br>
एनआईए के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले साल दर्ज किए गए एक मामले के तहत की गई है, जिसमें आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमले किए थे। जांच एजेंसी ने बताया कि आतंकवादियों को घुसपैठ में मदद करने वाले और उन्हें रसद, भोजन और आश्रय प्रदान करने वाले संदिग्धों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई।
<br><br>
एनआईए की टीमों ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के नए बने समूहों और उनके सहयोगियों से जुड़े ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) के घरों की तलाशी ली। इस दौरान आतंकवादियों को ओजीडब्ल्यू से जोड़ने वाली कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।
<br><br>
रिपोर्टों में कहा गया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले ओजीडब्ल्यू और आतंकी सहयोगियों ने आतंकवादियों की मदद की थी। संदिग्धों ने आतंकवादियों को जम्मू प्रांत के कठिन इलाकों से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित कराने में भी मदद की। माना जाता है कि इसके बाद आतंकवादी कठुआ, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, राजौरी, पुंछ और कश्मीर घाटी के भीतरी इलाकों में जाने में सफल रहे।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>संसद में अमित शाह ने TMC सांसद को दिया करारा जवाब</title>
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<description><![CDATA[ संसद में टीएमसी सांसद साकेत गोखले की टिप्पणी पर अमित शाह ने करारा जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे किसी की कृपा से नहीं, बल्कि सात बार चुनाव जीतकर यहाँ पहुंचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीआई गृह मंत्रालय के अंतर्गत नहीं आती और उनके द्वारा दर्ज मामले चुनावी हिंसा से संबंधित हैं, जो सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के तहत दर्ज किए गए हैं। सदन में साकेत गोखले की व्यक्तिगत टिप्पणी पर हंगामा हुआ, जिसके बाद उनके शब्दों को कार्यवाही से बाहर कर दिया गया। किरेन रिजिजू ने भी गोखले के भाषण की आलोचना की। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 11:11:17 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Amit Shah, Saket Gokhale, Rajya Sabha, Parliament, TMC, CBI, Home Ministry</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[संसद के बजट सत्र में राज्यसभा के दौरान, टीएमसी सांसद साकेत गोखले की टिप्पणी पर अमित शाह ने जवाब दिया कि वे किसी की कृपा से नहीं, बल्कि अपने सात बार के चुनावी जीत के बलबूते पर यहाँ हैं। <br><br>चर्चा के दौरान, जब साकेत गोखले ने सीबीआई के बारे में बात शुरू की, तो अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सीबीआई गृह मंत्रालय के अंतर्गत नहीं आती। इसके बाद, गोखले ने गृहमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी की, जिसके जवाब में शाह ने कहा कि वे किसी की कृपा या विचारधारा के विरोध के कारण नहीं हैं, बल्कि जनता के समर्थन से यहाँ पहुंचे हैं।<br><br>अमित शाह ने यह भी कहा कि सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए मामले सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों के तहत चुनावी हिंसा से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि बंगाल में हुई हिंसा के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जिसके बाद पीड़ितों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच का आदेश प्राप्त किया।<br><br>शाह ने टीएमसी सांसदों पर हाईकोर्ट का सम्मान न करने का आरोप लगाया और कहा कि पश्चिम बंगाल में सीबीआई की विशेष अदालत न होने के कारण मामलों में परिणाम नहीं आ रहे हैं। सदन के नेता जेपी नड्डा ने साकेत गोखले से माफी मांगने और अपने शब्दों को वापस लेने की मांग की, जबकि सभापति जगदीप धनखड़ ने भी गोखले से अपनी व्यक्तिगत टिप्पणी वापस लेने को कहा, जिसे गोखले ने अस्वीकार कर दिया।<br><br>किरेन रिजिजू ने भी साकेत गोखले के भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा की गरिमा को गिराया है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>बुमराह के बचपन का वायरल वीडियो: सच क्या है?</title>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर जसप्रीत बुमराह के बचपन का बताकर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जो कि झूठा है। यह वीडियो नेपाल के एक स्कूल का है, जहाँ एक छात्र &#039;दिलबर-दिलबर&#039; गाने पर डांस कर रहा है। जाँच में पता चला कि वीडियो में दिख रहा लड़का बुमराह नहीं है, बल्कि वह नेपाल के एक स्कूल का छात्र है। सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाई जा रही है, इसलिए वायरल वीडियो की सच्चाई जानना जरूरी है। वीडियो सितंबर 2024 में वायरल हुआ था। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 08:31:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जसप्रीत बुमराह, वायरल वीडियो, फैक्ट चेक, हार्दिक पंड्या, सोशल मीडिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यह जसप्रीत बुमराह के बचपन का वीडियो है।<br><br>हालांकि, पड़ताल में यह दावा झूठा निकला है।<br><br>दरअसल, यह वीडियो नेपाल के एक स्कूल का है, जहां एक छात्र एक समारोह में 'दिलबर-दिलबर' गाने पर डांस कर रहा है।<br><br>इस वीडियो को जसप्रीत बुमराह का बताकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।<br><n**दावे की सच्चाई**<br><br>वीडियो में दिख रहा लड़का जसप्रीत बुमराह नहीं है। यह वीडियो नेपाल के एक स्कूल का है।<br><br>सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने से बचें।<br><br>यह वीडियो सितंबर 2024 में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।<br><br>पड़ताल में यह साफ हो गया है कि वायरल वीडियो में दिख रहा लड़का जसप्रीत बुमराह नहीं है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>डॉ. गुरमीत सिंह बने ESRDS&amp;फ्रांस बोर्ड के ट्रस्टी, भारत के पहले सिख</title>
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<description><![CDATA[ डॉ. गुरमीत सिंह को इकोले सुप्रीयर रॉबर्ट डी सोरबोन (ईएसआरडीएस), फ्रांस के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में नियुक्त किया गया है। वह पहले सिख हैं जिन्हें यह पद मिला है। XXII सोरबोन इंटरनेशनल डॉक्टरेट कॉन्वोकेशन में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। डॉ. गुरमीत सिंह की नियुक्ति शिक्षा और वैश्विक नेतृत्व में उनके योगदान को मान्यता देती है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत और सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है। इस अवसर पर, मानद डॉक्टरेट और भारत सम्मान पुरस्कार प्रदान किए गए, और एक पुस्तक का विमोचन हुआ। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 08:31:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Dr Gurmeet Singh, ESRDS-फ्रांस, बोर्ड ऑफ ट्रस्टी, भारत, सिख</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<b>नई दिल्ली:</b> भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि बेल्लामोंडे होटल्स के <b>चेयरमैन डॉ. गुरमीत सिंह</b> को <b>इकोले सुप्रीयर रॉबर्ट डी सोरबोन (ESRDS), फ्रांस</b> के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में नियुक्त किया गया है।<br><br>यह पहली बार है कि किसी भारतीय सिख को इस प्रतिष्ठित फ्रांसीसी विश्वविद्यालय द्वारा यह सम्मान दिया गया है। <b>XXII सोरबोन इंटरनेशनल डॉक्टरेट कॉन्वोकेशन</b> का आयोजन नई दिल्ली के बेल्लामोंडे में हुआ, जिसमें कई विशिष्ट व्यक्तियों ने भाग लिया।<br><br>कार्यक्रम की अध्यक्षता <b>ESRDS-फ्रांस</b> के अध्यक्ष <b>डॉ. जॉन थॉमस प्राडे</b> ने की, साथ ही <b>डॉ. विवेक चौधरी</b> और <b>डॉ. निर्मल बंसल</b> भी उपस्थित थे। पूर्व सांसद <b>डॉ. मीनाक्षी लेखी</b> और नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित <b>डॉ. बार्ट एस. फिशर</b> भी विशेष अतिथियों में शामिल थे।<br><br>डॉ. गुरमीत सिंह की नियुक्ति आतिथ्य, शिक्षा और वैश्विक नेतृत्व में उनके अद्वितीय योगदान को दर्शाती है। वह लंबे समय से ESRDS-फ्रांस से जुड़े रहे हैं और अब भारत और फ्रांस के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करेंगे। डॉ. जॉन थॉमस प्राडे ने कहा कि डॉ. गुरमीत सिंह का अनुभव बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण होगा।<br><br>डॉ. गुरमीत सिंह ने कहा कि उन्हें इस वैश्विक मंच पर भारत और सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है। वह शिक्षा में नवाचार और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस जिम्मेदारी को शिक्षा और व्यावसायिक विकास के नए अवसर उत्पन्न करने के लिए एक प्रेरणा मानते हैं।<br><br>इस अवसर पर, मानद डॉक्टरेट और भारत सम्मान पुरस्कार प्रदान किए गए, साथ ही '<b>Revolution in Banking – Wheels of India’s Growth Story</b>' नामक पुस्तक का अनावरण किया गया। शिक्षा, प्रशासन, समाज सेवा और कला में योगदान करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।<br><br>डॉ. गुरमीत सिंह की उपलब्धि भारत और सिख समुदाय के लिए गर्व की बात है। यह सफलता न केवल भारतीयों को, बल्कि शिक्षा और व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी प्रेरित करेगी, और भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करेगी।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>शशि थरूर की तारीफ़ पर बीजेपी का तंज: कांग्रेस को चाहिए अब नए नफ़रत करने वाले!</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी के रुख की प्रशंसा करने पर बीजेपी ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया है। बीजेपी का कहना है कि अब पीएम मोदी को नए नफरत करने वालों की जरूरत है, क्योंकि पुराने प्रशंसक बन रहे हैं। थरूर ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भारत की विदेश नीति की सराहना की, जिसके बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 08:31:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>शशि थरूर, पीएम मोदी, बीजेपी, कांग्रेस, रूस-यूक्रेन युद्ध, रायसीना डायलॉग, अमित मालवीय, संबित पात्रा, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, कूटनीति, संयुक्त राष्ट्र, नरेंद्र मोदी, रविशंकर प्रसाद, भारत, यूक्रेन, रूस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कांग्रेस सांसद <strong>शशि थरूर</strong> के <strong>रूस-यूक्रेन युद्ध</strong> पर <strong>पीएम मोदी</strong> के रुख की तारीफ करने पर <strong>बीजेपी</strong> ने <strong>कांग्रेस</strong> पर तंज कसा है। बीजेपी का कहना है कि अब <strong>पीएम मोदी</strong> को नए नफरत करने वालों की जरूरत है, क्योंकि पुराने तो प्रशंसक बन रहे हैं। <strong>बीजेपी</strong> आईटी सेल के प्रमुख <strong>अमित मालवीय</strong> ने थरूर के बयान का एक वीडियो शेयर करते हुए यह बात कही। बीजेपी नेता <strong>संबित पात्रा</strong> ने भी <strong>कांग्रेस</strong> से थरूर के रुख की सराहना करने को कहा है। थरूर ने रायसीना डायलॉग में माना कि उन्होंने भारत की कूटनीतिक नीति की आलोचना करके गलती की थी, उन्होंने कहा कि भारत ने दोनों देशों के साथ दोस्ती निभाकर सही काम किया है। थरूर ने कहा कि भारत शांति स्थापित करने में मदद कर सकता है, जो बहुत कम देश कर सकते हैं। बीजेपी नेता <strong>रविशंकर प्रसाद</strong> ने भी थरूर के बयान का स्वागत किया और कहा कि मोदी सरकार के फैसले देश के हित में हैं।<br><br>यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जहाँ कुछ लोग इसे कांग्रेस के भीतर बदलते विचारों का संकेत मान रहे हैं, वहीं बीजेपी इसे अपनी नीतियों की जीत के रूप में देख रही है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>औरंगजेब: आरएसएस का बड़ा संदेश, विपक्ष को नसीहत</title>
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<description><![CDATA[ औरंगजेब विवाद पर आरएसएस ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि वह आज के समय में प्रासंगिक नहीं है। आरएसएस ने नागपुर में हुई हिंसा की निंदा की और कहा कि किसी भी तरह की हिंसा समाज के लिए हानिकारक है। आरएसएस के प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने कहा कि औरंगजेब को अप्रासंगिक करार दिया जाना चाहिए। आरएसएस ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। नागपुर में हिंसा उस अफवाह के बाद भड़की कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहा था। हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए और लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 20 Mar 2025 08:31:02 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Aurangzeb, RSS, controversy, Maharashtra, violence, Nagpur, Mughals, Fadnavis, opposition</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>औरंगजेब: आरएसएस का बड़ा संदेश, विपक्ष को नसीहत</strong><br><br>महाराष्ट्र के संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद और नागपुर में हिंसा के बाद, आरएसएस ने इस मामले पर अपनी राय व्यक्त की है। आरएसएस ने स्पष्ट रूप से कहा कि औरंगजेब आज के समय में प्रासंगिक नहीं है।<br><br><strong>मुख्य बातें:</strong><br><ul><li>औरंगजेब को लेकर विवाद के बीच आरएसएस का स्पष्ट संदेश</li><li>आरएसएस के मुख्य प्रवक्ता सुनील आंबेकर का कहना है कि औरंगजेब आज के दौर में प्रासंगिक नहीं हैं</li><li>नागपुर हिंसा पर आरएसएस ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा समाज के लिए हानिकारक है</li></ul><br><br>आरएसएस ने कहा कि हिंसा समाज के लिए हानिकारक है और 17वीं सदी के मुगल बादशाह औरंगजेब को अप्रासंगिक बताया। आरएसएस के इस बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पता चलता है कि आरएसएस फडणवीस के साथ है और विपक्ष को भी नसीहत दी गई है। आरएसएस ने यह भी स्पष्ट किया कि मुगलों के खिलाफ उनका रुख क्या है। आरएसएस ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को हटाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह अप्रासंगिक है।<br><br>नागपुर में हिंसा सोमवार रात को भड़की, जब पुलिस पर पथराव किया गया। यह अफवाह थी कि छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहा था, जिसके कारण हिंसा हुई। हिंसा में तीन डीसीपी सहित 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए, और लगभग 50 लोगों को गिरफ्तार किया गया।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पाकिस्तान में चाइनीज कॉल सेंटर लूट: वायरल वीडियो का सच</title>
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<description><![CDATA[ पाकिस्तान में आर्थिक तंगी के बीच, चाइनीज कॉल सेंटर में लूट का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो में स्थानीय लोग कंप्यूटर और लैपटॉप लूटते दिखे। FIA की छापेमारी के बाद, लोगों ने कॉल सेंटर में घुसकर सामान लूटा। सजग टीम ने गूगल लेंस से वीडियो की जाँच की और पाया कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा सही है। NDTV की रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है। यह घटना पाकिस्तान में हुई है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:21:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पाकिस्तान, चाइनीज कॉल सेंटर, लूट, वायरल वीडियो, फैक्ट चेक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>पाकिस्तान में चाइनीज कॉल सेंटर में लूट: वायरल वीडियो का सच</strong><br><br>आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, स्थानीय लोग एक चाइनीज कॉल सेंटर से कंप्यूटर और लैपटॉप लूटते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना की जानकारी मिलने पर पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने कॉल सेंटर पर छापा मारा।<br><br><strong>क्या है वायरल वीडियो का सच?</strong><br><br>सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया कि पाकिस्तानियों ने चाइनीज कॉल सेंटर को लूट लिया है। सजग टीम ने इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए गूगल लेंस का इस्तेमाल किया। जाँच में पता चला कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि पाकिस्तानी लोगों ने वास्तव में कॉल सेंटर को लूटा था।<br><br>नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की FIA ने कॉल सेंटर पर छापेमारी की थी, जिसके बाद स्थानीय लोग कॉल सेंटर में घुसकर लैपटॉप और कंप्यूटर लूट ले गए। NDTV की एक रिपोर्ट में भी इसी तरह की जानकारी दी गई है, जिसमें बताया गया है कि पाकिस्तान में फेक कॉल सेंटर पर छापेमारी के दौरान लोगों ने लैपटॉप और कंप्यूटर लूट लिए।<br><br><strong>निष्कर्ष</strong><br><br>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा कॉल सेंटर में लूट का वीडियो सच है। यह वीडियो पाकिस्तान का है और हालिया घटना से संबंधित है। सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से सही है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>क्या 200 रुपये के नोट पर दिखेगी छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर?</title>
<link>https://pratinidhi.in/fact-check-chhatrapati-shivaji-maharaj-image-on-200-rupee-note</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा कि 200 रुपये के नोट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर लगाई जाएगी, गलत है। RBI ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। वर्तमान में, 200 रुपये के नोट पर महात्मा गांधी की ही तस्वीर है, और RBI ने अभी तक इसमें किसी भी बदलाव की जानकारी नहीं दी है। सजग की टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर और दावे की सच्चाई जानने के लिए उसे गूगल लेंस से चेक किया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर किए गए पुराने पोस्ट मिले। RBI ने इस नोट में किसी भी तरह के बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी है। ]]></description>
<enclosure url="http://static.toiimg.com/thumb/msid-119203601,imgsize-13109,width-400,height-300/119203601.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 19:21:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>200 rupee note, Chhatrapati Shivaji Maharaj, RBI, fact check, viral claim</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है कि 200 रुपये के नोट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर लगाई जाएगी, लेकिन यह दावा गलत है। <br><br>सजग की जांच के अनुसार, RBI ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है। वर्तमान में, 200 रुपये के नोट पर महात्मा गांधी की ही तस्वीर है, और RBI ने अभी तक इसमें किसी भी बदलाव की जानकारी नहीं दी है।<br><br>सोशल मीडिया पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर वाले नोट की एक तस्वीर वायरल हो रही है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए, यूजर्स दावा कर रहे हैं कि भारत सरकार ने फैसला किया है कि अब 200 रुपये के नोट पर महात्मा गांधी की जगह शिवाजी महाराज की तस्वीर होगी।<br><br>इंस्टाग्राम पर एक पेज ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर वाले 200 रुपये के नोट की एक तस्वीर वायरल की है। इस तस्वीर पर लिखा है कि भारत सरकार का बड़ा फैसला, 200 रुपये के नोट पर अब छत्रपति शिवाजी महाराज की फोटो लगेगी।<br><br>सजग की टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर और दावे की सच्चाई जानने के लिए उसे गूगल लेंस से चेक किया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर किए गए पुराने पोस्ट मिले। इन पोस्ट के मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि इस तरह का दावा पहले भी वायरल हो चुका है, लेकिन अभी तक 200 रुपये के नोट पर महात्मा गांधी की ही तस्वीर छप रही है। उसके बाद सजग की टीम ने RBI की वेबसाइट पर जाकर उसका नोटिफिकेशन चेक किया, लेकिन वहां भी नोट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर छापने की कोई भी जानकारी नहीं मिली।<br><br>बता दें कि साल 2016 में नोटबंदी के बाद 200 रुपये के नोट को भारतीय करेंसी में शामिल किया गया था। जिसके बाद अभी तक RBI ने इस नोट में किसी भी तरह के बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी है।<br><br>निष्कर्ष यह है कि भारतीय करेंसी 200 रुपये के नोट पर छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर छापने का दावा सजग की जांच में झूठा निकला। RBI ने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है।]]> </content:encoded>
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<title>संसद में हंगामा और रेल मंत्री का ब्यौरा: मोदी सरकार की रेलवे योजनाएँ</title>
<link>https://pratinidhi.in/indian-parliament-uproar-railway-budget-pm-modi-ashwini-vaishnaw</link>
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<description><![CDATA[ संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य के बाद विपक्ष के हंगामे के बीच, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि भारत में रेल किराया सस्ता है और सरकार रेलवे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नई ट्रेनों और यात्री सुविधाओं के विस्तार की भी घोषणा की। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को बजट में उचित आवंटन किया गया है। रेलवे जल्द ही जम्मू से श्रीनगर के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू करने की योजना बना रही है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 10:58:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रेलवे बजट, अश्विनी वैष्णव, नरेंद्र मोदी, महाकुंभ, विपक्ष, रेल किराया, वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>संसद में विपक्ष का हंगामा और रेल मंत्री का रेलवे का ब्यौरा</strong><br/><br/>संसद के बजट सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ के सफल आयोजन पर बात की, जिसके बाद विपक्ष ने हंगामा किया। इस बीच, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 49 मिनट में रेलवे का पूरा लेखा-जोखा पेश किया और कहा कि भारत में रेल किराया अभी भी सस्ता है।<br/><br/><strong>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का रेल बजट पर वक्तव्य</strong><br/><br/>लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ के सफल आयोजन पर 12 मिनट का भाषण दिया। इसके बाद, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए रेल मंत्रालय के तहत अनुदानों की मांगों पर हुई चर्चा का जवाब दिया। विपक्ष के हंगामे के बावजूद, उन्होंने सभी सवालों के जवाब दिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना महामारी के बाद रेलवे अपने सारे खर्चे खुद के राजस्व से पूरा कर रहा है। सदन ने विपक्षी सदस्यों के प्रस्तावों को खारिज करते हुए अनुदान मांगों को पारित कर दिया।<br/><br/><strong>भारत में रेल किराया सस्ता: रेल मंत्री</strong><br/><br/>रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के लिए 2,52,200 करोड़ रुपए के बजट आवंटन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि 2020 से यात्री किरायों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय देशों के मुकाबले भारत में रेल किराया 15 से 20 गुना कम है। भारत में 350 किलोमीटर की यात्रा सामान्य श्रेणी में 121 रुपए में हो जाती है, जबकि पाकिस्तान में 436, बांग्लादेश में 323 और श्रीलंका में 413 रुपए देने पड़ते हैं।<br/><br/>रेल मंत्री ने यह भी कहा कि रेलवे प्रति किलोमीटर यात्रा पर 1.38 रुपए खर्च करती है, लेकिन यात्रियों से केवल 71 पैसे लेती है, जिससे यात्रियों को 47 फीसदी का डिस्काउंट मिलता है। इस डिस्काउंट के लिए रेलवे हर साल लगभग 60 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी देती है। इस साल रेलवे 720 करोड़ यात्रियों को सुविधा देगी।<br/><br/><strong>गैर-बीजेपी राज्यों से भेदभाव के आरोप पर रेल मंत्री का जवाब</strong><br/><br/>रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे को सिस्टम चलाने के लिए लगभग 2 लाख 75 हजार करोड़ रुपए खर्च करने पड़ते हैं, जबकि रेलवे 2 लाख 78 हजार करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त कर रहा है। उन्होंने विपक्ष के भेदभाव के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बजट में सभी राज्यों को रिकॉर्ड आवंटन किया गया है।<br/><br/><strong>नई ट्रेनों की घोषणा</strong><br/><br/>अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जल्द ही जम्मू से श्रीनगर के बीच ट्रेनों का संचालन शुरू होगा। इसके अलावा, 50 नई वंदे भारत, 260 वंदे भारत स्लीपर, 100 नई अमृत भारत, 50 नई मेमू और 50 नई नमो भारत ट्रेनें भी बनाई जाएंगी। मुंबई लोकल की समस्या को दूर करने के लिए 238 नई ट्रेनें बनाई जाएंगी।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने की कवायद, खरगे&amp;राहुल की अहम बैठक</title>
<link>https://pratinidhi.in/congress-kharge-rahul-meeting-strategy-for-upcoming-elections</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने महासचिवों और प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें आगामी कांग्रेस अधिवेशन और संगठन में सुधार जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए तत्पर है और जल्द ही दिल्ली में जिलाध्यक्षों की बैठक आयोजित करेगी। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने इंदिरा भवन में महासचिवों और प्रभारियों के साथ तीन घंटे तक बैठक की, जिसमें रणनीति पर चर्चा हुई। 8 और 9 अप्रैल को अहमदाबाद में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 10:58:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, कांग्रेस अधिवेशन, संगठन सुधार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कांग्रेस पार्टी आगामी चुनावों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी सिलसिले में, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने महासचिवों और प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में आगामी कांग्रेस अधिवेशन और संगठन में सुधार जैसे मुद्दों पर विचार किया गया।
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<strong>बैठक के मुख्य अंश:</strong>
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कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए तत्पर है। कांग्रेस अधिवेशन और संगठन सुधार पर मंथन किया गया। कांग्रेस जल्द ही दिल्ली में अपने जिलाध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करेगी।
<br><br>
नई दिल्ली: कांग्रेस ने अपने संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से तैयारी कर ली है। पार्टी आने वाले दिनों में जमीनी स्तर पर पकड़ बनाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। कांग्रेस जल्द ही सीडब्ल्यूसी की बैठक के साथ-साथ अधिवेशन भी आयोजित करेगी। इसी संदर्भ में, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने मंगलवार को इंदिरा भवन में महासचिवों और प्रभारियों के साथ तीन घंटे तक एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
<br><br>
मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राहुल गांधी और संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल भी उपस्थित थे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पार्टी जल्द ही पूरे देश में जिलाध्यक्षों की बैठक करेगी। यह जानकारी मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने बैठक के बाद दी। जयराम रमेश ने बताया कि 27-28 मार्च और 3 अप्रैल को इंदिरा भवन में जिलाध्यक्षों की बैठक होगी। कांग्रेस में इस तरह का आयोजन लगभग 16 साल बाद हो रहा है। इसके अतिरिक्त, 8 और 9 अप्रैल को पार्टी अहमदाबाद में दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करेगी। 8 अप्रैल को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की विस्तारित बैठक होगी, जबकि 9 अप्रैल को अधिवेशन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>दिल्ली&amp;एनसीआर में गर्मी, यूपी में बारिश का अलर्ट</title>
<link>https://pratinidhi.in/weather-forecast-in-delhi-ncr-up-rajasthan-jharkhand-on-march-19-2025</link>
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<description><![CDATA[ दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का असर बढ़ने लगा है, मंगलवार को न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने तेज हवाएं चलने के आसार जताए हैं। उत्तर प्रदेश में 21 और 22 मार्च को बारिश की संभावना है, लखनऊ में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदला, कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। मध्य प्रदेश में पश्चिमी हवाओं से मौसम बदला, तापमान में गिरावट आई। झारखंड में ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 10:56:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मौसम, बारिश, तापमान, दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान, झारखंड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div><strong>नई दिल्ली:</strong></div><div>मार्च के महीने में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में गर्मी बढ़ने लगी है, और तापमान में वृद्धि हो रही है।</div><br/><div>दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।</div><br/><div>उत्तर प्रदेश में 21 और 22 मार्च को बारिश होने की संभावना है। लखनऊ में मंगलवार को न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।</div><br/><div>राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदल गया है, और कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि हुई है। 19 मार्च को हनुमानगढ़ और गंगानगर जिले में बारिश होने की संभावना है।</div><br/><div>मध्य प्रदेश में पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण मौसम में बदलाव आया है, और अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट आई है।</div><br/><div>झारखंड के कई जिलों में 20 और 21 मार्च को ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मायावती की तबीयत को लेकर वायरल सच: अस्पताल में भर्ती या मॉक ड्रिल?</title>
<link>https://pratinidhi.in/fact-check-mayawati-health-deterioration-rumor-false-nsg-mock-drill-at-residence</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर मायावती की तबीयत बिगड़ने की अफवाह वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सजग टीम ने जांच में पाया कि यह दावा झूठा है। असल में, एनएसजी द्वारा लखनऊ में मायावती की सुरक्षा जांचने के लिए मॉक ड्रिल की गई थी, जिसका वीडियो गलत दावे के साथ फैलाया गया। न्यूज 18 हिंदी के अनुसार, एनएसजी कमांडो ने मायावती के आवास पर मॉक ड्रिल की, जिसमें सुरक्षाकर्मी, ड्राइवर, पुलिस, फायर विभाग और मेडिकल टीम शामिल थे। वायरल दावा गलत है, मायावती स्वस्थ हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 10:56:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मायावती, तबीयत, हॉस्पिटल, भर्ती, एनएसजी, मॉक ड्रिल, लखनऊ, सुरक्षा, वायरल वीडियो, फैक्ट चेक, सोशल मीडिया, एंबुलेंस, कमांडो, बीएसपी, यूपी, मुख्यमंत्री, सजग टीम, एक्स (ट्विटर), गूगल, न्यूज 18 हिंदी, एबीपी न्यूज, जनसत्ता, हिंदुस्तान न्यूज वेबसाइट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही थी कि मायावती जी की तबियत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन यह खबर गलत है। असल में, एनएसजी द्वारा लखनऊ में मायावती की सुरक्षा की जांच के लिए मॉक ड्रिल की गयी थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ फैलाया गया।
<br><br>
सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा था कि मायावती जी की तबियत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में ले जाया गया। इस दावे के साथ एक वीडियो भी शेयर किया गया, जिसमें लखनऊ स्थित मायावती आवास से कुछ गाड़ियां बाहर निकलती दिख रही हैं। सजग टीम ने इस दावे की जांच की और पाया कि यह दावा झूठा है।
<br><br>
एक्स (ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर करते हुए INDIA ONE THINK नामक हैंडल ने लिखा, 'बसपा सुप्रीमो बहन मायावती जी की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से हॉस्पिटल में ले जाया गया है। बुद्ध भीम से प्रार्थना करते हैं, बहन जी जल्दी स्वस्थ होकर हम सबके बीच आएं।' जांच में पता चला कि मायावती जी के आवास पर एनएसजी कमांडो द्वारा मॉक ड्रिल की जा रही थी।
<br><br>
न्यूज 18 हिंदी की खबर के अनुसार, लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती के आवास पर एनएसजी कमांडो का एक दस्ता तेजी से दाखिल हुआ। एंबुलेंस भी सायरन बजाती हुई अंदर गई और एनएसजी कमांडो के घेरे में बाहर आई। बाद में पता चला कि यह मॉक ड्रिल थी, जिसमें सुरक्षाकर्मी, ड्राइवर, स्थानीय पुलिस, फायर विभाग और मेडिकल टीम शामिल थे।
<br><br>
इस प्रकार, सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ। मायावती जी पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उनके आवास पर एनएसजी द्वारा सिर्फ एक मॉक ड्रिल की गयी थी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>शिवाजी महाराज के पुनर्जन्म: पीएम मोदी पर बीजेपी सांसद का दावा</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-past-life-chhatrapati-shivaji-maharaj-bjp-mp-controversial-claim</link>
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<description><![CDATA[ ओडिशा के बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित ने संसद में दावा किया कि पीएम नरेंद्र मोदी पूर्व जन्म में छत्रपति शिवाजी महाराज थे, जिससे विवाद खड़ा हो गया। विपक्षी दलों ने इसे शिवाजी महाराज का अपमान और उनकी विरासत का राजनीतिकरण बताया। पुरोहित ने एक संत के हवाले से यह दावा किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं और विपक्षी दलों ने बीजेपी पर निशाना साधा। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस बयान की आलोचना की। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 10:56:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पीएम मोदी, छत्रपति शिवाजी महाराज, बीजेपी, सांसद, प्रदीप पुरोहित, संसद, विवाद, राजनीतिकरण, विरासत, पूर्व जन्म, ओडिशा, लोकसभा, मराठा साम्राज्य, विरोध, अपमान, प्रियंका चतुर्वेदी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[ओडिशा से बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के एक बयान ने संसद में विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व जन्म में छत्रपति शिवाजी महाराज थे।<br><br>इस टिप्पणी पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे शिवाजी महाराज का अपमान और उनकी विरासत का राजनीतिकरण करने का प्रयास बताया। पुरोहित ने यह दावा एक संत के हवाले से किया था।<br><br>पुरोहित ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि एक संत ने उन्हें बताया कि पीएम मोदी का पिछला जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में हुआ था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी आज भारत को दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की भावना से काम कर रहे हैं।<br><br>इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। विपक्षी दलों ने बीजेपी पर शिवाजी महाराज की विरासत का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस बयान की आलोचना की और कहा कि पीएम मोदी की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से करना गलत है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सीमा हैदर ने बेटी को दिया जन्म, नागरिकता पर सवाल</title>
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<description><![CDATA[ पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर, जो अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर चुकी हैं, ने हाल ही में सचिन मीणा से शादी के बाद एक बेटी को जन्म दिया है। सीमा हैदर और उसकी बेटी दोनों स्वस्थ हैं। अब सवाल यह है कि क्या सीमा हैदर की बेटी को भारत की नागरिकता मिलेगी, क्योंकि सीमा हैदर अवैध रूप से भारत आई हैं, इसलिए उनकी बेटी को नागरिकता मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं। सीमा हैदर मई 2023 में पाकिस्तान से भारत आई थीं और सचिन से शादी करने का दावा किया है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 10:56:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Seema Haider, Sachin Meena, Indian Citizenship, Pakistani woman, illegal entry, birth, daughter</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर ने सचिन मीणा से शादी की है और हाल ही में एक बेटी को जन्म दिया है। सीमा हैदर और उसकी बेटी दोनों स्वस्थ हैं। अब सवाल यह है कि क्या सीमा हैदर की बेटी को भारत की नागरिकता मिलेगी? इसके लिए क्या नियम हैं, यह जानना जरूरी है।<br><br>सीमा हैदर, जो अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर चुकी हैं, ने एक बेटी को जन्म दिया है। वह दो साल पहले अपने चार बच्चों के साथ भारत आई थीं। उन्होंने धर्म परिवर्तन किया और गौतमबुद्ध नगर जिले में सचिन मीणा के साथ रहने लगीं। सीमा का दावा है कि उन्होंने सचिन से शादी की है। उनके वकील एपी सिंह ने बताया कि सीमा ने ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में सुबह 4 बजे बेटी को जन्म दिया, और माँ और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।<br><br>वकील एपी सिंह ने कहा कि सीमा मीणा (सीमा हैदर) और सचिन मीणा के घर बेटी का जन्म हुआ है। उन्होंने कहा कि सचिन और सीमा की बेटी का जन्म भारत में शादी के बाद हुआ है और जल्द ही नामकरण संस्कार किया जाएगा।<br><br>पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर को अभी तक भारत की नागरिकता नहीं मिली है। वह गैरकानूनी तरीके से भारत में रह रही हैं। भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 के अनुसार, भारत में जन्मे किसी भी बच्चे को भारत की नागरिकता तभी मिल सकती है जब उसके माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो, और माता-पिता अवैध प्रवासी नहीं होने चाहिए। सीमा हैदर अवैध रूप से भारत आई हैं, इसलिए उनकी बेटी को नागरिकता मिलने में दिक्कतें आ सकती हैं।<br><br>सीमा हैदर मई 2023 में पाकिस्तान के सिंध प्रांत स्थित जैकोबाबाद से अपने बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते भारत आई थीं। जुलाई में वह तब सुर्खियों में आईं जब भारतीय अधिकारियों ने उन्हें उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा इलाके में सचिन के साथ रहते हुए पकड़ा। दोनों 2019 में एक ऑनलाइन गेम खेलते समय संपर्क में आए थे।<br><br>सीमा के पहले पति गुलाम हैदर से चार बच्चे हैं, और उन्होंने अपने बच्चों की कस्टडी पाने के लिए एक भारतीय वकील की सेवाएँ ली थीं। जुलाई 2023 में सीमा और सचिन को गिरफ्तार किया गया था। सीमा पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने का आरोप है, जबकि सचिन पर अवैध अप्रवासी को शरण देने का मामला दर्ज किया गया था। बाद में दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। सीमा का दावा है कि सचिन से शादी के बाद उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राजनाथ सिंह: पाकिस्तान को सैन्य हथियार ना दें &amp; नीदरलैंड से अपील</title>
<link>https://pratinidhi.in/rajnath-singh-urges-netherlands-not-to-supply-military-equipment-to-pakistan</link>
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<description><![CDATA[ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नीदरलैंड्स से पाकिस्तान को सैन्य उपकरण और तकनीक न देने का आग्रह किया, क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने नीदरलैंड्स के रक्षा मंत्री से बात करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद का समर्थन कर रहा है और भारत अपने मित्र देशों से उम्मीद करता है कि वे पाकिस्तान को सैन्य सहायता न दें, क्योंकि इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी। उन्होंने नीदरलैंड्स से भारत के शिपयार्ड का उपयोग करने का आग्रह किया। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 19 Mar 2025 10:56:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Rajnath Singh, नीदरलैंड्स, पाकिस्तान, सैन्य उपकरण, तकनीक, आतंकवाद, रक्षा मंत्री, रुबेन बर्कलमैन्स, क्षेत्रीय सुरक्षा, शिपयार्ड</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> रक्षा मंत्री <strong>राजनाथ सिंह</strong> ने <strong>नीदरलैंड्स</strong> से आग्रह किया है कि वह <strong>पाकिस्तान</strong> को सैन्य उपकरण और तकनीक प्रदान न करे, क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा है। <strong>राजनाथ सिंह</strong> ने नीदरलैंड्स के रक्षा मंत्री के साथ बातचीत में पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थक बताया। नीदरलैंड्स के रक्षा मंत्री <strong>रुबेन बर्कलमैन्स</strong> भारत की यात्रा पर हैं, जहाँ उन्होंने रक्षा मंत्री <strong>राजनाथ सिंह</strong> से मुलाकात की।<br><br>सूत्रों के अनुसार, <strong>राजनाथ सिंह</strong> ने कहा कि <strong>पाकिस्तान</strong> लगातार आतंकवाद का समर्थन कर रहा है और वह आतंकवाद का प्रायोजक है। इसलिए, भारत अपने सभी मित्र राष्ट्रों से यह अपेक्षा करता है कि वे पाकिस्तान को सैन्य सहायता न दें। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को हथियार देने से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ेगी।<br><br><strong>राजनाथ सिंह</strong> ने नीदरलैंड्स के रक्षा मंत्री को बताया कि हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कुछ मामलों की जानकारी भी दी। <strong>राजनाथ सिंह</strong> ने यह भी उल्लेख किया कि भारत दशकों से पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का शिकार रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने मित्र देशों से उम्मीद करता है कि वे क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान को तकनीकी सहायता देने से बचें।<br><br>इसके अतिरिक्त, <strong>राजनाथ सिंह</strong> ने <strong>रुबेन बर्कलमैन्स</strong> के साथ भारत के शिपयार्ड के बारे में भी बात की और उनकी क्षमताओं का वर्णन किया। उन्होंने नीदरलैंड्स से भारत के शिपयार्ड का उपयोग करने का आग्रह किया और अपनी आपूर्ति श्रृंखला में भारतीय कंपनियों को शामिल करने का सुझाव दिया।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: मुस्लिम मोहल्ले में नेत्रहीन हिंदू बुजुर्ग पर हमले का सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/fact-check-misleading-claim-of-muslim-attack-on-blind-hindu-elder-viral-video</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक हिंदू नेत्रहीन बुजुर्ग को मुस्लिम मोहल्ले में पीटा गया। सजग टीम की जांच में पाया गया कि यह दावा गलत है और वीडियो करीब साढ़े पांच साल पुराना है। वीडियो में, एक बाजार में दो बुजुर्ग दिख रहे हैं, जिनमें से एक दूसरे को लाठी से मारता है। यह दावा किया गया कि जब एक नेत्रहीन हिंदू बुजुर्ग गलती से मुस्लिम मोहल्ले में चला गया, तो उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। सजग टीम ने गूगल लेंस की मदद से वीडियो की सच्चाई का पता लगाया और पाया कि यह भ्रामक है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:14:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Fact Check, Misleading claim, Viral video, Hindu, Muslim, Blind elder, Social media, Fake news, Old video</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक <STRONG>भ्रामक वीडियो</STRONG> वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक हिंदू नेत्रहीन बुजुर्ग को मुस्लिम मोहल्ले में पीटा गया। <BR><BR>सजग टीम की जांच में पाया गया कि यह दावा गलत है। वीडियो करीब <STRONG>साढ़े पांच साल</STRONG> पुराना है और इसमें दिख रहे बुजुर्गों के समुदाय की पुष्टि नहीं हो पाई है। <BR><BR>वीडियो में, एक बाजार में दो बुजुर्ग दिख रहे हैं। उनमें से एक, दूसरे को लाठी से मारता है। यह दावा किया गया कि जब एक नेत्रहीन हिंदू बुजुर्ग गलती से मुस्लिम मोहल्ले में चला गया, तो उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। <BR><BR>सजग टीम ने इस दावे की पड़ताल की और पाया कि यह <STRONG>भ्रामक</STRONG> है। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में इस वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। <BR><BR>सजग टीम ने गूगल लेंस की मदद से वीडियो की सच्चाई का पता लगाया। उन्हें सोशल मीडिया पर कुछ लिंक मिले, लेकिन उनमें वीडियो की जगह या बुजुर्गों के समुदाय के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। <BR><BR>फेसबुक पर एक <STRONG>साढ़े पांच साल</STRONG> पुरानी पोस्ट मिली, जिसमें यह वीडियो था। पोस्ट में एक कहावत लिखी थी, लेकिन इसमें दोनों बुजुर्गों के समुदाय के बारे में कुछ नहीं कहा गया था। इसलिए, बिना किसी सबूत के यह कहना गलत है कि उनमें से एक हिंदू और दूसरा मुस्लिम है। <BR><BR>सजग टीम का निष्कर्ष है कि यह वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>वायुसेना को क्यों चाहिए अधिक ताकत?</title>
<link>https://pratinidhi.in/indian-air-force-need-more-power-to-counter-china-pakistan-advanced-fighter-plane-explained</link>
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<description><![CDATA[ भारतीय वायुसेना को आधुनिक विमानों और लंबी दूरी की मिसाइलों की जरूरत है क्योंकि चीन और पाकिस्तान अपनी सैन्य शक्ति बढ़ा रहे हैं। भारत स्वदेशी 5-जी विमान (AMCA) का विकास कर रहा है, लेकिन इसमें एक दशक लगेगा। वायुसेना के लड़ाकू विमानों की संख्या घटकर 30 स्क्वाड्रन रह गई है, जबकि कम से कम 42 स्क्वाड्रन होने चाहिए। भारतीय वैज्ञानिकों ने &#039;अस्त्र&#039; मिसाइल विकसित की है, जो 100 किलोमीटर तक दुश्मन विमान को निशाना बना सकती है। चीन ने दुनिया की सबसे लंबी मारक दूरी वाली एयर-टू-एयर मिसाइलें तैनात कर दी हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:14:11 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय वायुसेना, लड़ाकू विमान, चीन, पाकिस्तान, मिसाइलें, AMCA, राफेल, सुखोई-30, अस्त्र मिसाइल, तेजस LCA, मेटियोर मिसाइल, माइका मिसाइल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>भारतीय वायुसेना को क्यों चाहिए अधिक ताकत, जानें चीन, पाकिस्तान से कितनी चुनौती</strong></p><br><p>भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हाल ही में कहा कि भारत के पास भले ही छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान न हों, लेकिन भारतीय पायलट उन्हें उड़ाने में सक्षम हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य शक्ति को देखते हुए भारत को आधुनिक विमानों और लंबी दूरी की मिसाइलों की आवश्यकता है।</p><br><p>एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि भारतीय वायुसेना पर सभी को गर्व है, लेकिन हमें आधुनिक लड़ाकू विमान चाहिए। चीन ने पहले ही छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित कर लिए हैं, जबकि भारत के पास अभी भी 4.5 पीढ़ी के राफेल और सुखोई-30 जैसे विमान हैं। पाकिस्तान भी जल्द ही चीन में बने पांचवीं पीढ़ी के विमान अपने बेड़े में शामिल करने वाला है, जो भारत के लिए चिंता का विषय है।</p><br><p>भारत जिस स्वदेशी 5-जी विमान (AMCA) का विकास कर रहा है, वह एक दशक से पहले मिलने की संभावना नहीं है। इसके अलावा, वायुसेना के लड़ाकू विमानों की संख्या घटकर 30 स्क्वाड्रन रह गई है, जबकि कम से कम 42 स्क्वाड्रन होने चाहिए। पाकिस्तान और चीन अपनी लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों से लैस कर रहे हैं, और भारत भी अपने विमानों पर मिसाइलें लगा रहा है।</p><br><p>हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को लड़ाकू विमानों से दागा जाता है। ये मिसाइलें दुश्मन के विमानों को आसमान में ही नष्ट करने में सक्षम होती हैं। भारतीय वैज्ञानिकों ने 'अस्त्र' मिसाइल विकसित की है, जो 100 किलोमीटर तक दुश्मन विमान को निशाना बना सकती है।</p><br><p>'अस्त्र' का ताजा परीक्षण पिछले 12 मार्च को स्वदेशी तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) पर किया गया। भारतीय वायुसेना ने राफेल पर 150 किलोमीटर तक मार करने वाली मेटियोर एयर-टू-एयर मिसाइलें तैनात की हैं, लेकिन इनकी संख्या सीमित है।</p><br><p>भारतीय वायुसेना को आसमानी युद्ध में बढ़त बनाने के लिए अधिक दूरी तक मार करने वाली एयर-टू-एयर मिसाइलों की जरूरत है। चीन ने अपने देश में ही विकसित दुनिया की सबसे लंबी मारक दूरी वाली एयर-टू-एयर मिसाइलें तैनात कर भारतीय वायुसेना के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाकुंभ की सफलता पर पीएम मोदी का संसद में भाषण</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-praises-maha-kumbh-success-in-parliament-highlights-indias-grandeur</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में प्रयागराज में संपन्न महाकुंभ की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने महाकुंभ में योगदान करने वाले देश के करोड़ों लोगों को नमन किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की भव्यता देखी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने यह अहसास कराया कि देश अगले 1000 वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इस वर्ष का महाकुंभ हमारी सोच को और भी मजबूत करता है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:11:21 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Maha Kumbh, Prayagraj, Parliament, Budget Session</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में प्रयागराज में हुए महाकुंभ की सफलता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में योगदान देने वाले करोड़ों लोगों को वे नमन करते हैं। <br><br>पीएम मोदी ने लोकसभा में कहा कि जिस प्रकार महाकुंभ का आयोजन हुआ, उसके लिए वे देश के नागरिकों के सामने सिर झुकाते हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की भव्यता को देखा। <br><br>पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने यह अहसास कराया कि देश अगले 1000 वर्षों के लिए तैयार हो रहा है। इस वर्ष का महाकुंभ हमारी सोच को और भी मजबूत करता है और देश की सामूहिक चेतना हमें देश की शक्ति के बारे में बताती है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कांग्रेस अधिवेशन: खरगे की अहम बैठक, रोडमैप पर चर्चा</title>
<link>https://pratinidhi.in/congress-president-kharge-meeting-on-congress-session-in-ahemadabad-roadmap</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महासचिवों और प्रभारियों के साथ बैठक की, जिसमें संगठन सुधार पर चर्चा हुई। अहमदाबाद में होने वाले अधिवेशन में संगठन की मजबूती पर विचार होगा। मुकुल वासनिक कमेटी की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना है। खरगे ने कठोर कदम के संकेत दिए हैं, और राहुल गांधी ने संगठन की कमियों पर बात की। अधिवेशन में सख्त फैसले और कांग्रेस के रोडमैप पर चर्चा हो सकती है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 10:18:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस, मल्लिकार्जुन खरगे, अहमदाबाद अधिवेशन, संगठन सुधार, कांग्रेस रोडमैप</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को पार्टी के महासचिवों और प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। <br><br>यह बैठक शाम 5 बजे हुई, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के. सी. वेणुगोपाल जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन में सुधार लाना और आगामी कांग्रेस अधिवेशन की तैयारियों पर विचार करना था। <br><br>बैठक में गुजरात के अहमदाबाद में होने वाले कांग्रेस अधिवेशन पर भी चर्चा हुई। इस अधिवेशन में संगठन को मजबूत करने और जवाबदेही तय करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया जाएगा। <br><br>मुकुल वासनिक कमेटी की रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई, जिसका उद्देश्य संगठन में पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों को तय करना है। इस कमेटी ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्षों को जिम्मेदारी देने और उनकी जवाबदेही बढ़ाने की सिफारिश की है। <br><br>कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पार्टी में कठोर कदम उठाने के संकेत दिए हैं, और राहुल गांधी ने भी पार्टी नेताओं और संगठन की कमियों पर खुलकर बात की है। माना जा रहा है कि अधिवेशन में संगठन को लेकर कुछ सख्त फैसले लिए जा सकते हैं, और कांग्रेस के भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा हो सकती है।]]> </content:encoded>
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<title>गंगाजल भेंट: मोदी जी का तुलसी गबार्ड को कुंभ का उपहार</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-gifts-kumbh-gangajal-to-us-tulsi-gabbard-receives-tulsi-mala</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात की और उन्हें गंगाजल भेंट किया, जबकि गबार्ड ने मोदी को तुलसी माला दी। दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी को गहरा करने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर बात हुई। इससे पहले, भारत ने गबार्ड के सामने खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस का मुद्दा उठाया। गबार्ड दो दिन की भारत यात्रा पर हैं, और उनकी अजीत डोभाल के साथ बैठक में खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा हुई। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 18 Mar 2025 10:18:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पीएम मोदी, तुलसी गबार्ड, गंगाजल, कुंभ, अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक, राजनाथ सिंह, अजीत डोभाल, रक्षा संबंध, सुरक्षा संबंध, भारत-अमेरिका साझेदारी, खालिस्तानी संगठन, सिख फॉर जस्टिस</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान, पीएम मोदी ने गबार्ड को हाल ही में संपन्न महाकुंभ से गंगाजल भेंट किया, जबकि अमेरिकी खुफिया प्रमुख ने मोदी को तुलसी की माला दी।<br><br>इससे पहले, गबार्ड ने राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय चर्चा की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में रक्षा और सुरक्षा संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई।<br><br>बैठक के बाद, राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें नई दिल्ली में अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से मिलकर खुशी हुई। उन्होंने रक्षा और सूचना साझा करने सहित कई मुद्दों पर चर्चा की, जिसका उद्देश्य भारत-अमेरिका साझेदारी को और गहरा करना है। यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की गबार्ड से मुलाकात के एक दिन बाद हुई है। इससे पहले, भारत ने तुलसी गबार्ड के सामने भारत विरोधी खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस को लेकर चर्चा की और संगठन के खिलाफ कार्रवाई करने की बात रखी।<br><br>गबार्ड दो दिन की भारत यात्रा पर हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और तुलसी गबार्ड के बीच बैठक में मुख्य रूप से खुफिया जानकारी साझा करने और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा हुई, जो भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप थी और यह एक 'अच्छी चर्चा' थी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बीजेपी में दो सुर: योगी का 80&amp;20, गडकरी का जाति पर लात</title>
<link>https://pratinidhi.in/yogi-adityanath-nitin-gadkari-bjp-two-voices</link>
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<description><![CDATA[ बीजेपी में दो दिग्गज नेताओं, योगी आदित्यनाथ और नितिन गडकरी के बयानों से चर्चा छिड़ गई है। योगी आदित्यनाथ ने 2027 के चुनाव को 80 बनाम 20 की लड़ाई बताया, वहीं नितिन गडकरी ने जातिवाद के खिलाफ सख्त लहजे में बात की। गडकरी ने कहा कि जाति की बात करने वालों को वे लात मारेंगे। उनके इस बयान का कई विपक्षी दलों ने समर्थन किया है। गडकरी हमेशा से पार्टी लाइन से अलग हटकर बोलते रहे हैं, जबकि योगी आदित्यनाथ कट्टर हिंदुत्व की छवि रखते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 22:57:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>योगी आदित्यनाथ, नितिन गडकरी, बीजेपी, राजनीति, जातिवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राजनीति में कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल है। बीजेपी में कुछ ऐसा ही दिख रहा है, जहां दो बड़े नेताओं की राय अलग-अलग है। ये नेता हैं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।<br><br>योगी आदित्यनाथ ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर 80 बनाम 20 की लड़ाई का जिक्र किया।<br><br>वहीं, नितिन गडकरी ने जातिवाद के खिलाफ बोलते हुए कहा कि जो जाति की बात करेगा, उसे वे लात मारेंगे। गडकरी अक्सर पार्टी लाइन से अलग राय रखते हैं, जिससे नई बहस छिड़ जाती है।<br><br>गडकरी ने नागपुर में कहा कि किसी के साथ जाति, धर्म, भाषा या लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने गुणों से बड़ा होता है, जाति से नहीं।<br><br>गडकरी ने यह भी कहा कि वे अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे, चाहे कोई उन्हें वोट दे या न दे। उन्होंने शिक्षा को समाज और देश के विकास के लिए जरूरी बताया।<br><br>गडकरी पहले भी पार्टी लाइन से हटकर बयान देते रहे हैं, जिसके चलते विरोधी दल भी उनकी तारीफ करते हैं। उनके मुस्लिम समुदाय के बारे में दिए गए बयान से बीजेपी में कुछ लोग असहज हो सकते हैं, लेकिन कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी ने उनका समर्थन किया है।<br><br>योगी आदित्यनाथ ने 80-20 फॉर्मूले की बात करके 2027 के चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि 2027 की लड़ाई 80 बनाम 20 की होगी।<br><br>सवाल यह है कि बीजेपी में दो बड़े नेताओं की राय अलग-अलग क्यों है। गडकरी हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात करते हैं, जबकि योगी आदित्यनाथ कट्टर हिंदुत्व की राह पर चलते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>हलाल बजट पर प्रियांक खरगे का बीजेपी पर हमला</title>
<link>https://pratinidhi.in/priyank-kharge-angry-at-bjp-for-calling-karnataka-budget-halal-budget</link>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बीजेपी पर &#039;हलाल बजट&#039; कहने पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बीजेपी मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए करती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए और कहा कि क्या वह भारत के अंदर पाकिस्तान बना रही है? खरगे ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा मदरसा शिक्षकों के वेतन में वृद्धि और मौलाना आज़ाद विकास निगम बोर्ड को 1000 करोड़ रुपये देने पर भी सवाल उठाया। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के बजट का विरोध करने का एलान किया है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 17:56:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कर्नाटक, कांग्रेस, बीजेपी, हलाल बजट, प्रियांक खरगे, मुस्लिम तुष्टिकरण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>बेंगलुरु:</strong> कर्नाटक में कांग्रेस सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को <strong>'हलाल बजट'</strong> कहे जाने पर मंत्री <strong>प्रियांक खरगे</strong> ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल करती है।<br><br><strong>प्रियांक खरगे</strong> ने बीजेपी से सवाल किया कि अगर राज्य का बजट <strong>'हलाल'</strong> है, तो क्या केंद्र सरकार, जो अल्पसंख्यक मंत्रालय चला रही है, भारत के अंदर पाकिस्तान बना रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपनी लोकप्रियता खोने पर हमेशा मुस्लिम एंगल का सहारा लेती है।<br><br><strong>खरगे</strong> ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने मदरसा शिक्षकों के वेतन में तीन गुना वृद्धि की है और मौलाना आज़ाद विकास निगम बोर्ड को 1000 करोड़ रुपये दिए हैं, तो क्या यह तुष्टिकरण नहीं है? उन्होंने बीजेपी पर अंदरूनी कलह से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दे उठाने का आरोप लगाया।<br><br>बीजेपी ने कांग्रेस सरकार के बजट का विरोध करने का एलान किया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष <strong>बी.वाई. विजयेन्द्र</strong> ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस की मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति का विरोध करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, लेकिन वह कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीतियों के खिलाफ हैं। <strong>विजयेन्द्र</strong> ने उपमुख्यमंत्री <strong>डीके शिवकुमार</strong> के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने बीजेपी को मुस्लिम समुदाय को बड़े पद देने की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने ही <strong>डॉ. अब्दुल कलाम</strong> को राष्ट्रपति और <strong>नजमा हेपतुल्ला</strong>, <strong>न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर</strong> और <strong>मोहम्मद आरिफ खान</strong> को राज्यपाल बनाया था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत का 5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट: वायुसेना होगी और भी शक्तिशाली</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-to-develop-fifth-generation-stealth-fighter-jet-amca</link>
<guid>https://pratinidhi.in/india-to-develop-fifth-generation-stealth-fighter-jet-amca</guid>
<description><![CDATA[ भारत अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान AMCA के विकास को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। रक्षा मंत्रालय की एक समिति समय-सीमा और दक्षता को सुधारने पर काम कर रही है, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ेगी। इस कमेटी में रक्षा सचिव और DRDO के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह कदम पाकिस्तान द्वारा चीनी जेट खरीदने की तैयारी के मद्देनजर उठाया गया है। वायुसेना 126 AMCA जेट को शामिल करने की योजना बना रही है, जिनमें आधुनिक फीचर होंगे। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-119095911,imgsize-13417,width-540,height-405,resizemode-75/india-to-step-fifth-generation-stealth-fighter-jet-iaf-more-powerful-126-jets-amca.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:50:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Stealth Fighter Jet, AMCA, Indian Air Force, Defense, Fighter Jets</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारत अपनी वायुसेना को और भी शक्तिशाली बनाने के लिए 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान AMCA के विकास को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। रक्षा मंत्रालय की एक उच्च-स्तरीय समिति इस परियोजना की समय-सीमा और दक्षता को सुधारने के लिए काम कर रही है, जिसमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ाई जाएगी।<br><br>इस कमेटी के अध्यक्ष रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह हैं, और इसमें वायु सेना उपप्रमुख एयर मार्शल एसपी धरकर, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, और DRDO और ADA के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। यह कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, जो AMCA के भविष्य की रूपरेखा तय करेगी।<br><br>यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पाकिस्तान चीन से 40 J-35A स्टेल्थ फाइटर जेट खरीदने की तैयारी में है, जबकि चीन छठी पीढ़ी के फाइटर जेट का प्रोटोटाइप दिखा रहा है। चीन ने अपने पांचवीं पीढ़ी के चेंगदू J-20 जेट को भारत के सामने वाले एयरफील्ड में तैनात कर दिया है।<br><br>कमिटी 110 किलो न्यूटन थ्रस्ट वाले इंजन के निर्माण पर भी विचार कर रही है, जिसके लिए विदेशी तकनीक की मदद ली जाएगी। इस दौड़ में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन की बड़ी कंपनियां शामिल हैं। वायुसेना 126 AMCA जेट को शामिल करने की योजना बना रही है, जिनमें AI-पावर्ड सिस्टम और नेटसेंट्रिक वारफेयर सिस्टम जैसे आधुनिक फीचर होंगे।]]> </content:encoded>
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<title>लेक्स फ्रिडमैन का पीएम मोदी के साथ उपवास: एक आध्यात्मिक संवाद</title>
<link>https://pratinidhi.in/lex-fridman-fasts-before-podcast-with-pm-modi-a-spiritual-dialogue</link>
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<description><![CDATA[ अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन ने पीएम मोदी के साथ इंटरव्यू के सम्मान में 45 घंटे का उपवास रखा। उन्होंने मोदी जी से उपवास के महत्व के बारे में पूछा, जिसके जवाब में मोदी जी ने इसे अनुशासन और सोचने की क्षमता बढ़ाने का एक तरीका बताया। मोदी जी ने कहा कि भारतीय शास्त्रों में उपवास को शरीर, मन और आत्मा को ऊपर उठाने का एक साधन माना गया है। उन्होंने बताया कि उपवास के दौरान इंद्रियां अधिक संवेदनशील हो जाती हैं और सोचने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। मोदी जी ने यह भी कहा कि उपवास केवल खाना छोड़ने से कहीं बढ़कर एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है और यह आत्म-अनुशासन का एक रूप है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:48:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लेक्स फ्रिडमैन, पीएम मोदी, उपवास, आध्यात्म, साक्षात्कार</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई अपनी बातचीत के सम्मान में 45 घंटे का उपवास रखा, जिसमें उन्होंने केवल पानी पिया। इस अनुभव के बारे में फ्रिडमैन ने मोदी जी से सवाल किया। जवाब में, मोदी जी ने उपवास को अनुशासन और सोचने की क्षमता को बढ़ाने का एक तरीका बताया।<br><br>फ्रिडमैन ने बताया कि उन्होंने यह उपवास इसलिए किया ताकि वे आध्यात्मिक ढंग से बातचीत कर सकें, क्योंकि उन्होंने सुना था कि मोदी जी अक्सर उपवास करते हैं। उन्होंने मोदी जी से उपवास के कारणों और उस दौरान उनके मन की स्थिति के बारे में पूछा।<br><br>मोदी जी ने फ्रिडमैन के उपवास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में धार्मिक परंपराएं जीवन जीने का तरीका हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के हिंदू धर्म पर दिए गए व्याख्या का हवाला देते हुए कहा कि यह केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है।<br><br>मोदी जी ने भारतीय शास्त्रों में शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा और मानवता को ऊपर उठाने के महत्व पर बात की। उन्होंने बताया कि उपवास इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक उपयोगी साधन है, लेकिन यह सब कुछ नहीं है। उनके अनुसार, उपवास अनुशासन लाता है और आंतरिक व बाहरी संतुलन बनाने में मदद करता है। उन्होंने फ्रिडमैन के अनुभव का उदाहरण देते हुए बताया कि उपवास के दौरान इंद्रियां अधिक संवेदनशील हो जाती हैं, जिससे देखने और प्रतिक्रिया करने की क्षमता बढ़ जाती है।<br><br>मोदी जी ने यह भी कहा कि उपवास सोचने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है और नया दृष्टिकोण प्रदान कर सकता है, जिससे लीक से हटकर सोचने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपवास का मतलब सिर्फ खाना छोड़ना नहीं है, बल्कि यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। वे लंबे उपवास से पहले आयुर्वेदिक और योगिक अभ्यासों से अपने शरीर को तैयार करते हैं।<br><br>मोदी जी ने उपवास को आत्म-अनुशासन और भक्ति का एक रूप बताया। उनके लिए, उपवास के दौरान भी मन आत्मनिरीक्षण करता रहता है, जिससे यह एक परिवर्तनकारी अनुभव बन जाता है। उन्होंने बताया कि उपवास का उनका अभ्यास व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है और यह केवल भोजन छोड़ने से कहीं बढ़कर है। विभिन्न प्रयोगों के माध्यम से उन्होंने अपने शरीर और मन को परिष्कृत किया है, जिससे यह उनके लिए एक लंबी और अनुशासित यात्रा बन गई है।]]> </content:encoded>
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<title>पीएम मोदी के साथ 3 घंटे तक बात करने वाले लेक्स फ्रिडमैन कौन हैं?</title>
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<description><![CDATA[ अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने पॉडकास्ट इंटरव्यू के बाद भारत में सुर्खियों में हैं। सोवियत संघ में जन्मे और अमेरिका में पले-बढ़े फ्रिडमैन एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक और पॉडकास्टर हैं जिनके पॉडकास्ट में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खेल और राजनीति जैसे विषयों पर चर्चा होती है। फ्रिडमैन ने इस इंटरव्यू को अपने जीवन की सबसे प्रभावशाली बातचीत में से एक बताया है। फ्रिडमैन का पॉडकास्ट विज्ञान, टेक्नोलॉजी, खेल और राजनीति जैसे क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों के साथ दिलचस्प बातचीत के लिए जाना जाता है। उनके यूट्यूब चैनल पर 48 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:48:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>लेक्स फ्रिडमैन, नरेंद्र मोदी, पॉडकास्ट, अमेरिकी वैज्ञानिक, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन इन दिनों भारत में चर्चा का विषय बने हुए हैं, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके पॉडकास्ट इंटरव्यू के बाद। फ्रिडमैन, जिनका जन्म सोवियत संघ में हुआ और परवरिश अमेरिका में, एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक और पॉडकास्टर हैं। उनके पॉडकास्ट में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खेल और राजनीति जैसे विषयों पर चर्चा होती है.<br><br>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पॉडकास्ट करने के बाद लेक्स फ्रिडमैन को भारत में लोग जानने के लिए उत्सुक हैं। फ्रिडमैन ने इस इंटरव्यू को अपने जीवन की सबसे प्रभावशाली बातचीत में से एक बताया है।<br><br>लेक्स फ्रिडमैन एक जाने-माने अमेरिकी वैज्ञानिक हैं, जो कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करते हैं। उन्होंने 'द लेक्स फ्रिडमैन पॉडकास्ट' 2018 में शुरू किया, जिसमें अब पीएम मोदी भी शामिल हुए हैं। 1983 में सोवियत संघ में जन्मे, फ्रिडमैन सोवियत संघ के विघटन के बाद अमेरिका चले गए और ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की।<br><br>फ्रिडमैन का पॉडकास्ट विज्ञान, टेक्नोलॉजी, खेल और राजनीति जैसे क्षेत्रों के प्रभावशाली लोगों के साथ दिलचस्प बातचीत के लिए जाना जाता है। वह मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में रिसर्चर भी हैं। उनके पॉडकास्ट में एलन मस्क, जेफ बेजोस, मार्क जुकरबर्ग और वलोडिमिर जेलेंस्की जैसे कई वैश्विक नेता और वैज्ञानिक शामिल हो चुके हैं।<br><br>फ्रिडमैन के पॉडकास्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्लोबल पॉलिटिक्स, क्रिप्टोकरेंसी, प्रोडक्टिविटी और नई टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर चर्चा होती है। उनके यूट्यूब चैनल पर 48 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं और उनके वीडियो को 82 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया है। फ्रिडमैन का पॉडकास्ट दुनिया के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली पॉडकास्ट में गिना जाता है.]]> </content:encoded>
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<title>युद्ध के मैदान से कभी समाधान नहीं निकलता... रूस&amp;यूक्रेन वॉर पर साफ&amp;साफ बोले PM मोदी</title>
<link>https://pratinidhi.in/russia-ukraine-conflict-pm-modi-says-dialogue-is-the-only-solution</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत से निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में इसका समाधान नहीं मिलेगा, दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर आना होगा। भारत शांति के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में काम करने को तैयार है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को संघर्ष से दूर रहना चाहिए और समन्वय अपनाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि प्रगति विकास से आएगी, विस्तारवाद से नहीं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:42:24 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Russia Ukraine War, नरेंद्र मोदी, रूस-यूक्रेन संघर्ष, शांति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि इसका समाधान युद्ध के मैदान में नहीं, बल्कि बातचीत की मेज पर ही संभव है।<br><br>अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के साथ एक संवाद में, पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत इस मामले में तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ अपने सौहार्दपूर्ण संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि वह दोनों देशों को यह समझाने का प्रयास करेंगे कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है।<br><br>पीएम मोदी ने कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों को ही बातचीत के माध्यम से समाधान ढूंढना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत शांति का समर्थन करता है और शांतिदूत के रूप में कार्य करने के लिए हमेशा तैयार है।<br><br>उन्होंने कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया में आए बदलावों पर भी बात की और कहा कि दुनिया को संघर्ष से दूर रहकर सहयोग को अपनाना चाहिए।]]> </content:encoded>
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<title>मोदी का पाकिस्तान पर प्रहार: आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-on-pakistan-terrorism-and-peace-indian-relations</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेक्स फ्रिडमैन के पॉडकास्ट इंटरव्यू में पाकिस्तान के साथ भारत के तनावपूर्ण रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और शांति की कोशिशों को नाकाम करने का आरोप लगाया। मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने शांति की हर कोशिश का जवाब दुश्मनी से दिया। उन्होंने 1947 के विभाजन को दर्दनाक बताते हुए कहा कि पाकिस्तान ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का रास्ता नहीं चुना। मोदी ने पाकिस्तान के नेतृत्व से आतंकवाद का रास्ता छोड़ने का आग्रह किया और कहा कि पाकिस्तान के लोग खुद शांति चाहते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:39:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Lex Fridman, Pakistan, India, Terrorism, Podcast, द्विपक्षीय संबंध, भारत-पाकिस्तान विभाजन, शांति, कूटनीति</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन को दिए इंटरव्यू में भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि पाकिस्तान ने शांति की हर कोशिश का जवाब दुश्मनी से दिया है।<br><br>पीएम मोदी ने 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन को एक दर्दनाक घटना बताया। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद पाकिस्तान से उम्मीद थी कि वह शांतिपूर्ण तरीके से रहेगा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ा है।<br><br>पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में जहां भी आतंकवादी हमला होता है, उसका निशान किसी न किसी तरह पाकिस्तान की ओर जाता है। उन्होंने 11 सितंबर के हमलों का उदाहरण देते हुए कहा कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में ही छिपा था।<br><br>पीएम मोदी ने पाकिस्तान के नेतृत्व से आतंकवाद का रास्ता छोड़ने और शांति की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान के लोग खुद शांति चाहते हैं, क्योंकि वे सालों से आतंकवाद से परेशान हैं।<br><br>पीएम मोदी ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को सुधारने के लिए किए गए अपने प्रयासों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि 2014 में उन्होंने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया था। उन्होंने 2015 में लाहौर की अचानक यात्रा भी की थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि शांति की हर कोशिश का पाकिस्तान ने दुश्मनी से जवाब दिया।]]> </content:encoded>
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<title>ड्रग्स के खिलाफ एक्शन: एनसीबी और बीएसएफ ने पकड़ी करोड़ों की ड्रग्स</title>
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<description><![CDATA[ बीएसएफ और एनसीबी ने भारत-पाकिस्तान सीमा और पूर्वोत्तर राज्यों में हेरोइन और नशे की गोलियों की एक बड़ी खेप जब्त की है। एनसीबी ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया और 88 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन गोलियां जब्त कीं। बीएसएफ ने पंजाब के एक गांव से हेरोइन के 10 पैकेट बरामद किए। गृह मंत्रालय ने बताया कि एनसीबी ने दो अलग-अलग जगहों से 88 करोड़ रुपये की नशे की मेथमफेटामाइन गोलियों की खेप जब्त की है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:39:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Drugs, NCB, BSF, Punjab, Manipur, Assam, Heroin, Methamphetamine, Drug Cartel, Amit Shah, India-Pakistan Border, नशे की गोलियां</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई में, बीएसएफ और एनसीबी ने भारत-पाकिस्तान सीमा और पूर्वोत्तर राज्यों में हेरोइन और नशे की गोलियों की एक बड़ी खेप जब्त की है।<br><br>एनसीबी ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया और 88 करोड़ रुपये की मेथमफेटामाइन गोलियां जब्त कीं।<br><br>बीएसएफ ने पंजाब के एक गांव से हेरोइन के 10 पैकेट बरामद किए। गृह मंत्रालय ने बताया कि एनसीबी ने दो अलग-अलग जगहों से 88 करोड़ रुपये की नशे की मेथमफेटामाइन गोलियों की खेप जब्त की है।<br><br>मामले में इंटरनेशनल ड्रग कार्टेल से जुड़े चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।<br><br>पहली कार्रवाई में एनसीबी के इंफाल जोन के अधिकारियों ने 13 मार्च को लिलोंग इलाके के पास एक ट्रक को रोका। ट्रक के टूल बॉक्स में 102 किलो 390 ग्राम मेथमफेटामाइन की गोलियां भरी हुई थीं।<br><br>ट्रक में सवार दो लोगों को पकड़ लिया गया। इसी मामले में एक और संदिग्ध रिसीवर को भी पकड़ लिया गया, जिसके पास से एक कार भी जब्त की गई। इस संदिग्ध ड्रग कार्टेल का स्रोत मोरेह बताया गया।]]> </content:encoded>
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<title>ट्रंप पर पीएम मोदी का बयान: दूसरे कार्यकाल में पहले से ज्यादा तैयार</title>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनके अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ गहरे विश्वास के संबंध हैं, क्योंकि वे दोनों अपने-अपने देशों के हितों को सबसे ऊपर रखते हैं। लेक्स फ्रिडमैन के साथ एक पॉडकास्ट में मोदी ने ट्रंप की प्रशंसा की और उन्हें साहसी बताया, जो अपने निर्णय स्वयं लेते हैं और अमेरिका के प्रति समर्पित हैं। मोदी ने अपनी हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप की टीम के सदस्यों से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने 2019 में ह्यूस्टन में आयोजित &#039;हाउडी मोदी&#039; कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। मोदी ने ट्रंप की अमेरिका के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की, यहां तक कि गोली लगने के बाद भी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:39:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप, भारत-अमेरिका संबंध, लेक्स फ्रिडमैन, पॉडकास्ट इंटरव्यू</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनके अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ गहरे विश्वास के संबंध हैं।<br><br>वे दोनों अपने-अपने देशों के हितों को सबसे ऊपर रखते हैं। लेक्स फ्रिडमैन के साथ एक पॉडकास्ट में मोदी ने ट्रंप की प्रशंसा की और उन्हें साहसी बताया, जो अपने निर्णय स्वयं लेते हैं और अमेरिका के प्रति समर्पित हैं।<br><br>उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप का यह समर्पण तब दिखा जब पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी। मोदी ने कहा कि ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में पहले से अधिक तैयार दिख रहे हैं, उनके पास स्पष्ट योजनाएं और रोडमैप हैं जो उन्हें अपने लक्ष्यों तक ले जाएंगे।<br><br>मोदी ने अपनी हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान ट्रंप की टीम के सदस्यों से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने एक मजबूत और सक्षम टीम बनाई है जो उनके दृष्टिकोण को लागू करने में पूरी तरह सक्षम है। इस दौरान, उन्होंने उपराष्ट्रपति जे डी वेंस, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड, विवेक रामास्वामी और एलन मस्क के साथ अपनी बैठकों को याद किया।<br><br>मोदी ने 2019 में ह्यूस्टन में आयोजित 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जहां ट्रंप दर्शकों के बीच बैठकर उनका भाषण सुन रहे थे। उन्होंने कहा कि यह ट्रंप की विनम्रता थी और यह दिखाता है कि उनमें साहस है।<br><br>मोदी ने उस पल को भी याद किया जब उन्होंने ट्रंप से दर्शकों का अभिवादन करने के लिए भीड़ में चलने को कहा और ट्रंप बिना किसी हिचकिचाहट के सहमत हो गए, जिससे उनकी सुरक्षा टीम सकते में आ गई थी। मोदी ने कहा कि यह आपसी विश्वास और मजबूत बंधन का प्रतीक था।<br><br>मोदी ने ट्रंप की अमेरिका के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की, यहां तक कि गोली लगने के बाद भी। उन्होंने कहा कि यह 'अमेरिका फर्स्ट' की भावना को दर्शाता है, जैसे वह 'भारत पहले' में विश्वास करते हैं।]]> </content:encoded>
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<title>अमेरिकी एयरस्ट्राइक से यमन में तनाव, निशाने पर ईरान या सऊदी?</title>
<link>https://pratinidhi.in/american-airstrike-yemen-tension-iran-saudi</link>
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<description><![CDATA[ यमन में अमेरिकी एयरस्ट्राइक से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। हूतियों और ईरान ने हमले की निंदा की है, जबकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह सऊदी अरब को संदेश देने और यमन को इजरायल के खिलाफ कार्रवाई से रोकने का प्रयास है। हूतियों ने जवाबी हमले की चेतावनी दी है, और ईरान ने इसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका लंबी लड़ाई नहीं चाहता और इजरायल भी संघर्ष से दूर रहेगा, क्योंकि हूतियों पर हमले से क्षेत्रीय अशांति बढ़ सकती है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत करने को कहा था। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 17 Mar 2025 11:39:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>यमन, अमेरिकी एयरस्ट्राइक, ईरान, सऊदी अरब, हूती, इजरायल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> यमन में अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। हूतियों और ईरान ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने सऊदी अरब को संदेश देने और यमन को इजरायल के खिलाफ कार्रवाई से रोकने की कोशिश की है।<br><br>हूतियों ने अमेरिका और ब्रिटेन पर यमन की राजधानी सना के रिहाइशी इलाकों में हमला करने का आरोप लगाया है। हूती समूह ने जवाबी हमले की चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।<br><br>ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि अमेरिका ईरान की विदेश नीति तय नहीं कर सकता। रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख हुसैन सलामी ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी धमकी का जवाब देगा। जानकारों का कहना है कि इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में अशांति फैल सकती है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यह एयर स्ट्राइक सऊदी अरब के लिए एक सांकेतिक रणनीति है।<br><br>डॉ. ओमैर अनस के अनुसार, अमेरिका इस स्ट्राइक के जरिए दो संदेश देना चाहता है। पहला, सऊदी अरब को विश्वास में नहीं लिया गया, जिससे अमेरिका नाराज है। दूसरा, यमन को इजरायल के खिलाफ कार्रवाई से दूर रहने का संकेत दिया गया है।<br><br>एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका लंबी लड़ाई नहीं चाहता और इजरायल भी संघर्ष से दूर रहेगा। हूतियों पर हमले से पूरे क्षेत्र में अशांति हो सकती है और देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। हूतियों ने जनवरी में हमास और इजरायल के बीच सीजफायर के बाद हमले रोक दिए थे, लेकिन बाद में इजरायली जहाजों पर हमला करने की धमकी दी।<br><br>यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई को पत्र लिखकर न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत करने को कहा था। खामनेई ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा कि अमेरिका दबाव डाल रहा है। जानकारों का मानना है कि यह ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति हो सकती है, खासकर तब जब चीन और रूस ने ईरान के प्रोग्राम का समर्थन किया है।]]> </content:encoded>
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<title>कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण: विशेषज्ञों की राय, कोर्ट में टिकना मुश्किल!</title>
<link>https://pratinidhi.in/muslim-reservation-in-karnataka-sparks-political-row-constitutional-validity-questioned</link>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक सरकार के सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4% आरक्षण देने के फैसले पर बीजेपी ने आपत्ति जताई है, इसे असंवैधानिक बताया है। कानूनी जानकारों के अनुसार, इस फैसले का कोर्ट में टिकना मुश्किल है। यह मामला पहले भी विवादों में रहा है और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार को आरक्षण देने का अधिकार है, पर कोर्ट यह तय करेगा कि यह फैसला संविधान के दायरे में है या नहीं। सुप्रीम कोर्ट के वकील ज्ञानंत सिंह के अनुसार, टेंडर में धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के अंतर्गत नहीं आता। पिछली बीजेपी सरकार ने भी मुस्लिम ओबीसी आरक्षण को खत्म कर दिया था, जिसे कोर्ट में चुनौती दी गई थी। यह मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:43:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Muslim reservation, Karnataka, BJP, government contracts, constitutional validity</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कर्नाटक सरकार द्वारा सरकारी ठेकों में मुसलमानों को 4% आरक्षण देने के फैसले पर बीजेपी ने इसे संविधान के खिलाफ बताया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि इस फैसले को कोर्ट में चुनौती मिलने पर टिक पाना मुश्किल है।<br><br>कर्नाटक सरकार ने सरकारी ठेकों में मुसलमानों को 4% आरक्षण दिया, जिसका बीजेपी विरोध कर रही है। बीजेपी ने इस आरक्षण को असंवैधानिक बताते हुए कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही मुस्लिम आरक्षण का एक मामला लंबित है।<br><br>कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, कैबिनेट ऐसे फैसले ले सकती है, लेकिन अगर किसी को आपत्ति है तो वह कोर्ट में जा सकता है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यह देखना होगा कि आरक्षण संवैधानिक दायरे में है या नहीं। कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण का मामला पहले भी विवादों में रहा है और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।<br><br>लोकसभा के पूर्व सेक्रेटरी जनरल पीडीटी अचारी का कहना है कि राज्य सरकार आरक्षण दे सकती है, और कई राज्यों ने ऐसा किया भी है। कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में मुसलमानों को ओबीसी श्रेणी में रखा गया है, जिससे उन्हें सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण मिलता है। इस बार नया यह है कि टेंडर प्रक्रिया में आरक्षण दिया गया है। हालांकि, इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है, जहाँ अदालत यह तय करेगी कि यह संविधान के अनुसार है या नहीं।<br><br>सुप्रीम कोर्ट के वकील ज्ञानंत सिंह का कहना है कि यह मामला सरकारी नौकरी से नहीं, बल्कि टेंडर से जुड़ा है, इसलिए संवैधानिक रूप से इस आरक्षण का टिक पाना मुश्किल है। संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में आरक्षण का प्रावधान है, जो शिक्षा और सरकारी नौकरी तक ही सीमित है। टेंडर में धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के अंतर्गत 'पब्लिक एंप्लॉयमेंट' की परिभाषा में नहीं आता है। इसके अलावा, यह फैसला आर्टिकल 19(1)(जी) में दिए गए व्यापार और वाणिज्य के मौलिक अधिकार का भी उल्लंघन करता है।<br><br>सिंह ने यह भी बताया कि पिछली बीजेपी सरकार ने मुस्लिम ओबीसी आरक्षण को खत्म कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। उस समय सरकार ने कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। फिलहाल, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।]]> </content:encoded>
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<title>AI से बनी मोनालिसा और विराट कोहली की वायरल तस्वीर का सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/ai-generated-image-of-monalisa-and-virat-kohli-goes-viral-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर मोनालिसा और विराट कोहली की एक AI-जनरेटेड तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दोनों क्रिकेट ग्राउंड पर मिले। सजग टीम की पड़ताल में यह तस्वीर AI द्वारा निर्मित पाई गई। इंस्टाग्राम पर reactionkhanneha नामक यूजर ने इसे वीडियो के रूप में शेयर किया। AI टूल्स के अनुसार, यह तस्वीर 99% तक डीपफेक है। सजग टीम ने रिवर्स इमेज सर्च के माध्यम से भी इसकी पुष्टि की, जिससे पता चला कि अन्य पोस्ट में भी यही दावा किया गया है। यह तस्वीर यूजर्स द्वारा गलत तरीके से शेयर की जा रही है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:43:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>विराट कोहली, मोनालिसा, वायरल तस्वीर, AI जनरेटेड, सोशल मीडिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा और क्रिकेटर विराट कोहली की एक साथ तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। <br><br>दावा किया जा रहा है कि दोनों की यह मुलाकात क्रिकेट ग्राउंड पर हुई। <br><br>सजग की टीम ने जब इस तस्वीर की पड़ताल की, तो पाया कि यह तस्वीर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा बनाई गई है। <br><br>इंस्टाग्राम पर reactionkhanneha नामक यूजर ने इस तस्वीर को वीडियो के रूप में शेयर किया और लिखा, 'विराट कोहली से मिली वायरल मोना'। <br><br>सजग टीम ने वायरल वीडियो के कीफ्रेम निकालकर रिवर्स इमेज सर्च किया, जिससे पता चला कि अन्य पोस्ट में भी यही दावा किया गया है। <br><br>AI टूल sightengine के अनुसार, यह तस्वीर 99% तक डीपफेक है, जबकि decopy.ai के अनुसार 94% तक फेक है। <br><br>इस प्रकार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही विराट कोहली और मोनालिसा की तस्वीर AI द्वारा बनाई गई साबित हुई, जिसे यूजर्स गलत तरीके से शेयर कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>जाफर ट्रेन हाइजैक: चीन&amp;पाक रिश्तों में बढ़ी अविश्वास की खाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/jaffar-train-hijack-deepens-mistrust-between-china-and-pakistan</link>
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<description><![CDATA[ बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने के बाद चीन और पाकिस्तान के बीच अविश्वास गहरा सकता है। चीन बलूचिस्तान में अपने निवेश को लेकर चिंतित है, जबकि BLA चीनी निवेश का विरोध कर रही है। बलूचिस्तान में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चीनी अधिकारी चिंतित हैं। पाकिस्तान ने CPEC में चीनी कर्मियों की सुरक्षा के लिए SSD तैनात की है, फिर भी चीन को पाकिस्तान की क्षमता पर संदेह है। BLA चीनी निवेश को उत्पीड़न में भागीदारी के रूप में देखती है और लगातार हमले कर रही है। CPEC में भागीदारी बढ़ने से BLA ने चीन को निशाना बनाया है, जिससे रिश्तों पर असर पड़ सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 23:43:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>BLA, जाफर एक्सप्रेस, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा, बलूचिस्तान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक करने के बाद, चीन और पाकिस्तान के बीच अविश्वास की खाई और गहरी हो सकती है। चीन, बलूचिस्तान में अपने भारी निवेश को लेकर पहले से ही चिंतित है, क्योंकि बीएलए लगातार चीनी निवेश का विरोध कर रही है।
<br><br>
<strong>बलूचिस्तान में सुरक्षा को लेकर चिंता:</strong> बलूचिस्तान में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चीनी अधिकारी लगातार चिंता जता रहे हैं। CPEC में शामिल चीनी कर्मियों की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने 15,000 जवानों वाली स्पेशल सिक्योरिटी डिवीजन (SSD) तैनात की है। फिर भी, चीन को पाकिस्तान की क्षमता पर संदेह है।
<br><br>
<strong>बीएलए का विरोध:</strong> बीएलए और अन्य विद्रोही समूह चीनी निवेश को बलूच लोगों पर पाकिस्तानी सेना के उत्पीड़न में भागीदारी के रूप में देखते हैं। अगस्त 2023 में हुए एक बड़े हमले सहित सीपीईसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे चीनी नागरिकों पर बीएलए के हमले लगातार जारी हैं।
<br><br>
<strong>रिश्तों पर असर:</strong> बीएलए की कार्रवाई बलूच विद्रोहियों के एक व्यापक आंदोलन का हिस्सा है। CPEC में चीनी भागीदारी बढ़ने के साथ, BLA ने चीन को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जिससे चीन और पाकिस्तान के रिश्तों पर असर पड़ सकता है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>&amp;apos;मुसलमान IAS&amp;IPS अफसर बनें&amp;apos;, क्यों बोले गडकरी?</title>
<link>https://pratinidhi.in/nitin-gadkari-says-more-muslims-should-become-ias-ips-officers</link>
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<description><![CDATA[ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर के ननमुदा संस्थान के दीक्षांत समारोह में कहा कि नेताओं को सार्वजनिक मंच पर जातिगत और धार्मिक मुद्दों से बचना चाहिए, विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका नारा है, जो करेगा जाति की बात, उसको मारूंगा लात। गडकरी ने मुस्लिम समुदाय से ज्यादा से ज्यादा इंजीनियर, डॉक्टर, आईएएस और आईपीएस अधिकारी बनने का आह्वान किया, जिससे देश का विकास होगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति कलाम का उदाहरण दिया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 15:26:45 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Nitin Gadkari, Muslim, IAS, IPS, politics, development</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नागपुर:</strong> केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ननमुदा संस्थान के दीक्षांत समारोह में जाति और धर्म पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वे सार्वजनिक मंचों पर जातिगत और धार्मिक मुद्दों से बचते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि नेताओं को विकास पर ध्यान देना चाहिए।<br><br>गडकरी ने कहा कि उनका एक पुराना नारा है: <i>"जो करेगा जाति की बात, उसको मारूंगा लात।"</i> उन्होंने बताया कि वे चुनाव हारने या मंत्री पद जाने की कीमत पर भी इस रुख पर कायम रहे।<br><br>उन्होंने अंजुमन-ए-इस्लाम संस्थान (नागपुर) इंजीनियरिंग कॉलेज का उदाहरण दिया, जिसे उन्होंने तब अनुमति दी थी जब वे एमएलसी थे। गडकरी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को ज्यादा से ज्यादा इंजीनियर, डॉक्टर, आईएएस और आईपीएस अधिकारी बनना चाहिए, जिससे देश का विकास होगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण भी दिया।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कांग्रेस: नई मुस्लिम लीग? कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण पर बीजेपी का हमला</title>
<link>https://pratinidhi.in/congress-new-muslim-league-karnataka-govt-muslim-reservation-bjp-attack</link>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक सरकार द्वारा मुस्लिम ठेकेदारों को 4% आरक्षण देने पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए इसे &#039;नई मुस्लिम लीग&#039; करार दिया है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर योजनाओं को लागू करना असंवैधानिक है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया, जिस पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी सवाल उठाए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कर्नाटक सरकार, मुस्लिम आरक्षण, अमित मालवीय, कांग्रेस, बीजेपी, तुष्टिकरण की राजनीति, असंवैधानिक, सिद्दारमैया, अर्जुन राम मेघवाल, केटीपीपी अधिनियम</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कर्नाटक सरकार ने मुस्लिम ठेकेदारों के लिए 4% आरक्षण की घोषणा की है, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला है। <strong>बीजेपी नेता अमित मालवीय</strong> ने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए उसे 'नई मुस्लिम लीग' बताया है।<br><br>मालवीय ने कहा कि धर्म के आधार पर योजनाएं लागू करना असंवैधानिक है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिस पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी सवाल उठाए।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>अग्निपथ योजना: पहले बैच की अग्निपरीक्षा, चार साल पूरे!</title>
<link>https://pratinidhi.in/agnipath-scheme-first-batch-of-agniveers-complete-four-years</link>
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<description><![CDATA[ अगले साल अग्निपथ योजना की &#039;अग्निपरीक्षा&#039; होगी, जिसमें पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे हो जाएंगे। इस बैच के 75% अग्निवीरों को सेना से बाहर कर दिया जाएगा, हालांकि, कुछ राज्य सरकारों और पैरा मिलिट्री बलों ने इन अग्निवीरों के लिए कोटा निर्धारित किया है। स्थायी नौकरी पाने वाले 25% अग्निवीरों का चयन अंतिम मूल्यांकन के बाद किया जाएगा। सरकार ने अग्निपथ योजना में किसी भी बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है। अग्निवीरों को सालाना 30 दिन की छुट्टी मिलती है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अग्निपथ स्कीम, अग्निवीर, भारतीय सेना, मूल्यांकन, रोजगार, कोटा, पैरा मिलिट्री फोर्स, परमानेंट, बदलाव, छुट्टी, वीरगति, विकलांग, टेक्निकल आर्म</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[अगले साल अग्निपथ योजना की <strong>अग्निपरीक्षा</strong> होगी, जिसमें पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल पूरे हो जाएंगे। इस बैच के 75% अग्निवीरों को सेना से बाहर कर दिया जाएगा। हालांकि, कुछ राज्य सरकारों और पैरा मिलिट्री बलों ने इन अग्निवीरों के लिए कोटा निर्धारित किया है। स्थायी नौकरी पाने वाले 25% अग्निवीरों का चयन अंतिम मूल्यांकन के बाद किया जाएगा।<br><br>अग्निवीरों का मूल्यांकन चार साल तक जारी रहेगा, जिसमें 75% बाहर हो जाएंगे और 25% स्थायी होंगे। सरकार ने अग्निपथ योजना में किसी भी बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है।<br><br>अग्निपथ योजना के पहले बैच के अग्निवीरों के चार साल अगले साल अक्टूबर-नवंबर में पूरे हो जाएंगे, जिसके बाद 75% अग्निवीर सेना से बाहर हो जाएंगे। पैरा मिलिट्री फोर्स सहित कई राज्य सरकारों ने पुलिस में अग्निवीरों के लिए कुछ कोटा निर्धारित किया है। अग्निवीरों के बाहर निकलने के बाद, यह मूल्यांकन किया जाएगा कि उन्हें कहां और कैसा रोजगार मिल रहा है। सेना में अग्निवीरों का अंतिम मूल्यांकन अभी बाकी है।<br><br>रेजिमेंटल सेंटर से ही अग्निवीरों के स्थायी होने का मूल्यांकन शुरू हो गया था। सभी अग्निवीरों का पहला मूल्यांकन रेजिमेंटल सेंटर में हो रहा है। चार साल के दौरान हर साल मूल्यांकन हो रहा है, जिसके लिए उन्हें दो बार मौका भी दिया जा रहा है। हर छह महीने में टेस्ट हो रहे हैं, और जिस बार की परफॉर्मेंस अच्छी रही, उस बार के मार्क्स उस साल के मूल्यांकन में जुड़ रहे हैं। अग्निवीर सेना की इंटरनल वेबसाइट ASAAN में ये मार्क्स देख सकते हैं। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, हर स्तर पर अग्निवीरों को काउंसिलिंग भी दी जा रही है। पहले बैच का फाइनल मूल्यांकन होना बाकी है, जिसके बाद सभी को एक साथ कंपाइल किया जाएगा।<br><br>हर ट्रेड में से 25% को स्थायी होने का विकल्प मिलेगा। अग्निवीरों के चार साल पूरे होने से करीब दो महीने पहले उन्हें बता दिया जाएगा कि किन 25% को सेना में स्थायी होने का विकल्प दिया जा रहा है। सेना ने पहले ही कहा है कि अगर कोई अग्निवीर बैटल कैजुवल्टी (लाइन ऑफ ड्यूटी में जख्मी होना) है और उसे गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिला है, तो उनका सेना में स्थायी होना सुनिश्चित है। अलग-अलग सम्मान और अवॉर्ड के अलग अतिरिक्त पॉइंट होंगे। स्पोर्ट्स के भी अलग पॉइंट्स दिए जाएंगे, जबकि अनुशासनहीनता पर नेगेटिव मार्क्स मिलेंगे।<br><br>अग्निवीर का पहला बैच निकलने के बाद, इस पर बात होगी कि क्या फीडबैक है और क्या कुछ बदलाव किए जाने चाहिए। सरकार की तरफ से पहले ही इसके साफ संकेत दिए जा चुके हैं कि अग्निपथ स्कीम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया जाने वाला है। अग्निवीरों को सालाना 30 दिन की छुट्टी मिलती है, जबकि रेगुलर सैनिकों को सालाना 90 दिन की। इसमें अग्निवीरों को कुछ राहत दी जा सकती है। अग्निवीर अगर वीरगति को प्राप्त होते हैं या डिसएबल्ड (विकलांग) होते हैं, तो उन्हें और उनके परिवार को रेगुलर सैनिकों की तरह की मदद पर भी सेना सिफारिश कर चुकी है। इसके साथ ही टेक्निकल आर्म में अग्निवीरों की अधिकतम उम्र बढ़ाई जा सकती है।]]> </content:encoded>
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<title>अमेरिकी पॉडकास्टर से PM मोदी की बातचीत: बचपन, हिमालय और सार्वजनिक जीवन के अनुभव</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-interview-with-lex-fridman-podcast-on-childhood-himalaya-and-public-life</link>
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<description><![CDATA[ पॉपुलर पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन ने पीएम मोदी का इंटरव्यू लिया, जिसमें पीएम मोदी ने अपने बचपन, हिमालय के अनुभव और सार्वजनिक जीवन पर बात की। फ्रिडमैन ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर कीं और पीएम मोदी ने बातचीत को आकर्षक बताया। पॉडकास्ट में एआई, मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। फ्रिडमैन ने पीएम मोदी के आध्यात्मिक पक्ष को सराहा और उन्हें एक दिलचस्प व्यक्ति बताया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Lex Fridman, Podcast Interview, Make in India, Digital India</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> मशहूर अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक पॉडकास्ट इंटरव्यू किया। इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने अपने बचपन के दिनों, हिमालय में बिताए समय और अपने सार्वजनिक जीवन के सफर के बारे में कई बातें साझा कीं। <br><br>फ्रिडमैन ने इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर कीं, जिसके जवाब में पीएम मोदी ने इस बातचीत को 'आकर्षक' और 'ऐतिहासिक' बताया। उन्होंने लोगों से इस संवाद को सुनने और इसका हिस्सा बनने का आग्रह किया। <br><br>पॉडकास्ट में अंतरराष्ट्रीय मामलों के साथ-साथ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों पर भी पीएम मोदी के विचार शामिल हैं। फ्रिडमैन ने पीएम मोदी के आध्यात्मिक पहलू पर भी प्रकाश डालते हुए उन्हें सबसे दिलचस्प व्यक्तियों में से एक बताया है। उन्होंने कहा कि वे पीएम मोदी के साथ पॉडकास्ट पर बातचीत करने के लिए उत्सुक हैं, ताकि भारत के जटिल इतिहास और उसमें उनकी भूमिका के बारे में और जान सकें।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पीएम मोदी में दिखा बेटे का रूप, धीरेंद्र शास्त्री हुए भावुक</title>
<link>https://pratinidhi.in/dhirendra-krishna-shastri-emotional-video-on-pm-modi-praises-his-spirituality-and-affection</link>
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<description><![CDATA[ धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके अंदर एक बेटा छिपा है। पीएम मोदी ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मां को शॉल भेंट की और उनसे बातचीत की। पीएम मोदी ने धीरेंद्र शास्त्री की मां से कहा कि आप इनकी चिंता मत करो मैं इनके साथ बड़े भाई के तौर पर खड़ा हूं। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि पीएम मोदी का यह स्नेह भरा व्यवहार उनके दिल को छू गया। बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर अस्पताल में एक वार्ड पीएम मोदी की मां के नाम पर होगा। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Dhirendra Krishna Shastri, Bageshwar Dham, Balaji Cancer Institute, Spirituality</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके भीतर एक पुत्र छिपा है, जिसने उनके हृदय को स्पर्श किया। यह बात उन्होंने बालाजी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के शिलान्यास समारोह के दौरान कही।<br><br>23 फरवरी को, पीएम मोदी ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मां को शॉल भेंट की और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि वह धीरेंद्र शास्त्री के बड़े भाई के रूप में हमेशा उनके साथ हैं। इस भावुक क्षण को याद करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने पीएम मोदी की आध्यात्मिकता और मातृ प्रेम की सराहना की।<br><br>सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में, धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि पीएम मोदी ने उनकी मां के स्वास्थ्य के बारे में पूछा और दिल्ली से उनके लिए शॉल लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का यह स्नेह भरा व्यवहार उनके दिल को छू गया। धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी घोषणा की कि बागेश्वर धाम में बनने वाले कैंसर अस्पताल में एक वार्ड पीएम मोदी की मां के नाम पर होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिलना कठिन है, क्योंकि उनका अध्यात्म के प्रति गहरा समर्पण है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर बीजेपी के सवाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/rahul-gandhi-vietnam-visit-bjp-questions</link>
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<description><![CDATA[ भाजपा ने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर सवाल उठाए, जिसमें उनके वियतनाम में अधिक समय बिताने और &#039;असाधारण लगाव&#039; पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिकरण बताते हुए कहा है कि विदेश यात्रा करने पर कोई पाबंदी नहीं है। बीजेपी ने राहुल गांधी को गैर-गंभीर नेता के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया है, जबकि कांग्रेस ने बीजेपी पर निजी दौरे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राहुल गांधी, वियतनाम, बीजेपी, कांग्रेस, विदेश यात्रा</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भाजपा ने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र से ज्यादा समय वियतनाम में बिता रहे हैं और उन्हें इस 'असाधारण लगाव' का कारण बताना चाहिए। <br><br>कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि विदेश यात्रा करना हर नागरिक का अधिकार है और भाजपा बेवजह इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर नेता हर त्योहार पर देश में ही रहे। <br><br>भाजपा गांधी की विदेश यात्राओं को निशाना बनाकर उन्हें गैर-गंभीर नेता के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है। अमित मालवीय ने राहुल गांधी की गुप्त विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए और कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा। कांग्रेस ने कहा कि विदेश जाने पर किसी की कोई पाबंदी नहीं है और राहुल गांधी जहां गए होंगे, वहां उन्होंने होली मनाई होगी।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>धनखड़ सोमवार से संसद आएंगे, जयराम रमेश ने दी जानकारी</title>
<link>https://pratinidhi.in/jagdeep-dhankhar-to-attend-parliament-from-monday-after-health-recovery</link>
<guid>https://pratinidhi.in/jagdeep-dhankhar-to-attend-parliament-from-monday-after-health-recovery</guid>
<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ हृदय रोग के उपचार के बाद स्वस्थ होकर सोमवार से राज्यसभा की कार्यवाही में शामिल होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। धनखड़ को 9 मार्च को एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल जाकर उनका हालचाल लिया था। सोमवार को सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:47:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Jagdeep Dhankhar, Vice President, Rajya Sabha, Jairam Ramesh, Congress, Health recovery, Parliament, Heart condition, AIIMS, Narendra Modi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को बताया कि उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़, हृदय रोग के उपचार के बाद स्वस्थ होकर सोमवार से राज्यसभा की कार्यवाही में भाग लेंगे। <br><br>पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से उनके आवास पर मुलाकात की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उपराष्ट्रपति तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं और 17 मार्च से राज्यसभा की कार्यवाही की अध्यक्षता करेंगे।<br><br>कांग्रेस नेता के इस पोस्ट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। सोमवार को सदन में रक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और विदेश मामलों पर संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की परिषद में एक सदस्य का चुनाव होगा। मणिपुर के बजट और रेल मंत्रालय के कामकाज पर भी चर्चा की जाएगी।<br><br><strong>9 मार्च को एम्स में हुए थे भर्ती</strong><br><br>उपराष्ट्रपति धनखड़ को 9 मार्च को बेचैनी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में रखा और स्टेंट प्रत्यारोपण किया गया। 12 मार्च को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एम्स जाकर उनका हालचाल जाना था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>असम: सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस प्रवक्ता गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला?</title>
<link>https://pratinidhi.in/assam-congress-leader-arrested-over-social-media-post-himanta-sarma-reacts</link>
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<description><![CDATA[ असम कांग्रेस के प्रवक्ता रीतम सिंह को सोशल मीडिया पोस्ट के लिए गिरफ्तार किया गया, जिसमें उन्होंने भाजपा नेताओं के खिलाफ मामलों की स्थिति के बारे में सवाल उठाया था। कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी की निंदा की है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की आलोचना करते हुए इस गिरफ्तारी को अत्याचार बताया। गौरव गोगोई ने भी रीतम सिंह के घर पहुंचकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह मामला एक दलित महिला के अपमान से जुड़ा है। गोगोई ने असम पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:45:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Assam, Congress, Social Media, Arrest, Ritam Singh, Himanta Sarma, BJP, Police, Defamation, Dalit, Gaurav Gogoi, Amit Shah</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>असम कांग्रेस प्रवक्ता की गिरफ्तारी: एक नजर</strong><br><br>असम कांग्रेस के प्रवक्ता रीतम सिंह को सोशल मीडिया पोस्ट के चलते गिरफ्तार किया गया। उन्होंने भाजपा नेताओं के खिलाफ मामलों की स्थिति पर सवाल उठाया था। गुवाहाटी पुलिस की मदद से लखीमपुर जिला पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया, जिसके बाद कांग्रेस ने इस कार्रवाई की निंदा की है।<br><br><strong>रीतम सिंह का पोस्ट क्या था?</strong><br><br>रीतम सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने 2021 के धेमाजी जिले के दुष्कर्म मामले का जिक्र किया। उन्होंने दोषियों को सजा मिलने पर संतोष जताया, लेकिन मानब डेका, भबेश कलिता और राजन गोहेन जैसे नेताओं के बारे में सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या कानून सबके लिए समान है।<br><br><strong>कांग्रेस की प्रतिक्रिया</strong><br><br>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की आलोचना करते हुए इस गिरफ्तारी को अत्याचार बताया। गौरव गोगोई ने भी रीतम सिंह के घर पहुंचकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने रीतम सिंह को घसीटा और उनसे बात करने की अनुमति नहीं दी।<br><br><strong>मुख्यमंत्री का जवाब</strong><br><br>मुख्यमंत्री सरमा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यह मामला एक दलित महिला के अपमान से जुड़ा है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया।<br><br><strong>गोगोई का निशाना</strong><br><br>गोगोई ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस पर हमले के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि कांग्रेस नेताओं के ट्वीट पर तुरंत गिरफ्तारी हो रही है। उन्होंने असम पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण पर भाजपा का विरोध: क्या यह देश के लिए घातक है?</title>
<link>https://pratinidhi.in/bjp-opposition-to-muslim-reservation-in-karnataka-government-contracts</link>
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<description><![CDATA[ कर्नाटक सरकार द्वारा सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4% आरक्षण देने के फैसले पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा ने इस फैसले को देश के लिए हानिकारक बताते हुए कहा कि यह संविधान की भावना के खिलाफ है और मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा है। पार्टी ने इस मुद्दे को अदालत में ले जाने की चेतावनी दी है और कांग्रेस सरकार की आलोचना की है। रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और राहुल गांधी पर निशाना साधा है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:45:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कर्नाटक, आरक्षण, मुस्लिम, भाजपा, सरकारी ठेके, सिद्दरमैया सरकार, संविधान, तुष्टीकरण, राजनीति, देश</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कर्नाटक सरकार के सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को 4% आरक्षण देने के फैसले पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा ने इस फैसले को देश के लिए हानिकारक बताया है और सिद्दरमैया सरकार की आलोचना करते हुए इसे बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान के खिलाफ बताया है।<br><br>भाजपा के अनुसार, यह फैसला मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति का हिस्सा है और देश की एकता के लिए खतरा है। पार्टी का कहना है कि संविधान धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है। रविशंकर प्रसाद ने मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह फैसला राहुल गांधी की सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता।<br><br>भाजपा ने इस मुद्दे को उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय में ले जाने की चेतावनी दी है। अमित मालवीय ने कांग्रेस सरकार को 'नई मुस्लिम लीग' करार दिया है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी इस फैसले को तुष्टीकरण की राजनीति बताया है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर भाजपा का सवाल</title>
<link>https://pratinidhi.in/rahul-gandhi-vietnam-visit-bjp-raises-questions</link>
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<description><![CDATA[ भाजपा ने राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपने &#039;असाधारण लगाव&#039; के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने बताया कि राहुल नए साल के दौरान भी वियतनाम में थे, जहां उन्होंने 22 दिन बिताए। कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को विदेश यात्रा करने का अधिकार है और भाजपा उनके निजी दौरे का राजनीतिकरण कर रही है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:43:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राहुल गांधी, वियतनाम, भाजपा, रविशंकर प्रसाद, कांग्रेस, मनमोहन सिंह</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वियतनाम यात्रा पर सवाल उठाए हैं। पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पूछा कि राहुल अपने निर्वाचन क्षेत्र से ज्यादा समय वियतनाम में क्यों बिता रहे हैं।<br><br>भाजपा ने कहा कि राहुल गांधी को वियतनाम के प्रति अपने 'असाधारण लगाव' के बारे में स्पष्टीकरण देना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल नए साल के दौरान भी वियतनाम में थे और उन्होंने वहां 22 दिन बिताए थे। उन्होंने सवाल किया कि राहुल अपने निर्वाचन क्षेत्र में ज्यादा समय क्यों नहीं बिताते।<br><br>कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी को विदेश यात्रा करने का अधिकार है। पार्टी ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के निजी दौरे का राजनीतिकरण कर रही है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;इंडिया&amp;apos; गठबंधन: प्रकाश करात ने धर्मनिरपेक्ष मंच की आवश्यकता पर जोर दिया</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-alliance-prakash-karat-emphasizes-need-for-secular-platform</link>
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<description><![CDATA[ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के नेता प्रकाश करात ने आगामी चुनावों के लिए धर्मनिरपेक्ष विपक्षी दलों के गठबंधन का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि &#039;इंडिया&#039; गठबंधन लोकसभा चुनावों के लिए बना था, राज्य चुनावों के लिए नहीं। करात ने गठबंधन को व्यापक दृष्टिकोण से देखने और धर्मनिरपेक्ष दलों के एक मंच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद गठबंधन की सफलता और चुनौतियों पर भी बात की, साथ ही बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गठबंधनों का उल्लेख किया। उन्होंने पश्चिम बंगाल और दिल्ली में संभावित गठबंधनों की कठिनाइयों को भी स्वीकार किया। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:39:51 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>इंडिया गठबंधन, लोकसभा चुनाव, प्रकाश करात, धर्मनिरपेक्ष विपक्षी मंच, विपक्षी एकता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के नेता प्रकाश करात ने कहा है कि आगामी चुनावों के लिए धर्मनिरपेक्ष विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन लोकसभा चुनावों के लिए बनाया गया था, न कि राज्य चुनावों के लिए।<br><br>करात ने कहा कि गठबंधन को व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए ताकि यह केवल चुनावी राजनीति से प्रभावित न हो। उन्होंने धर्मनिरपेक्ष दलों के एक व्यापक मंच की आवश्यकता पर बल दिया।<br><br>करात ने यह भी कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद गठबंधन को लेकर कोई खास चर्चा नहीं हुई है, क्योंकि घटक दलों के राज्यों में अपने-अपने समीकरण हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि 'इंडिया' गठबंधन के कारण बीजेपी को लोकसभा में अपना बहुमत खोना पड़ा।<br><br>हालांकि, करात ने महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों में विपक्ष को लगे झटके का भी जिक्र किया, जहां महा विकास अघाड़ी (MVA) का प्रदर्शन लोकसभा चुनाव जैसा नहीं रहा। उन्होंने कहा कि राज्यों में स्थिति अलग-अलग है और 'इंडिया' गठबंधन का गठन मुख्य रूप से लोकसभा चुनावों के लिए किया गया था।<br><br>करात ने बिहार और तमिलनाडु जैसे राज्यों में गठबंधन की सफलता का उल्लेख किया, लेकिन पश्चिम बंगाल और दिल्ली में संभावित गठबंधनों की कठिनाइयों को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा के बाद गठबंधन को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर कोई खास विचार नहीं किया गया है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मुंबई में यातायात: फ्लाईओवर बना मुसीबत!</title>
<link>https://pratinidhi.in/mumbai-transport-woes-flyovers-become-problem</link>
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<description><![CDATA[ मुंबई, जो कभी अपने सुव्यवस्थित परिवहन के लिए जानी जाती थी, आज ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों से जूझ रही है। फ्लाईओवर और मेट्रो लाइनों के निर्माण के बावजूद, शहर की परिवहन समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिक सड़कें बनाने से ट्रैफिक कम नहीं होता, बल्कि बढ़ता है। मुंबई का प्रसिद्ध BEST बस नेटवर्क भी बदहाल हो गया है। शहर में फ्लाईओवर पर जाम, खचाखच भरी लोकल ट्रेनें और खाली मेट्रो लाइनें, यह सब मिलकर मुंबई को एक &#039;जाम वाला शहर&#039; बनाते हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:39:08 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मुंबई, ट्रांसपोर्ट, प्रोजेक्ट, ट्रैफिक जाम, फ्लाईओवर, मेट्रो, लोकल ट्रेन, सार्वजनिक परिवहन, समस्या, समाधान, भीड़, सरकार, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, बीकेसी, कनेक्टिविटी, बेस्ट बस, कर्ज</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मुंबई, जो कभी अपने सुव्यवस्थित परिवहन के लिए जानी जाती थी, आज ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेनों से जूझ रही है। फ्लाईओवर और मेट्रो लाइनों के निर्माण के बावजूद, शहर की परिवहन समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं।
<br><br>
1990 के दशक में, मुंबई में कई फ्लाईओवर बनाए गए, खासकर वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर। हालांकि, इन फ्लाईओवर ने ट्रैफिक जाम को कम करने की बजाय बढ़ा दिया है। अब, फ्लाईओवर पर भी 30 मिनट तक का जाम लगना आम बात है।
<br><br>
विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक सड़कें बनाने से ट्रैफिक कम नहीं होता, बल्कि बढ़ता है। मुंबई इसका एक उदाहरण है, जहाँ करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद ट्रैफिक की समस्या जस की तस बनी हुई है।
<br><br>
लोकल ट्रेनों में भीड़भाड़ भी एक गंभीर समस्या है। सरकार ने मेट्रो का निर्माण शुरू किया, लेकिन मेट्रो लाइनें भी भीड़भाड़ वाली हैं या खराब कनेक्टिविटी के कारण खाली रहती हैं।
<br><br>
मुंबई का प्रसिद्ध BEST बस नेटवर्क भी बदहाल हो गया है, क्योंकि सरकार के पास इसे चलाने के लिए पर्याप्त धन नहीं है। शहर में फ्लाईओवर पर जाम, खचाखच भरी लोकल ट्रेनें और खाली मेट्रो लाइनें, यह सब मिलकर मुंबई को एक 'जाम वाला शहर' बनाते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पीएचडी: पिता के सवाल आज जयशंकर के लिए हकीकत!</title>
<link>https://pratinidhi.in/s-jaishankar-reveals-fathers-question-on-phd-became-reality</link>
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<description><![CDATA[ विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने &#039;फाइनेंशियल टाइम्स&#039; को दिए इंटरव्यू में अपने पिता के साथ पीएचडी को लेकर हुई बातचीत का एक किस्सा साझा किया, जिसमें उनके पिता ने उनसे पूछा था कि वे क्या बनना चाहते हैं। आज जयशंकर ने अपनी उपलब्धियों से उन सवालों का जवाब दे दिया है। उन्होंने बताया कि उनके पिता उन्हें चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित करते थे। जयशंकर ने जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी की और एक सफल राजनयिक बने, जिससे भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई दिशा मिली। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू के बाद सबसे लंबे समय तक विदेश मंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। इंटरव्यू में उन्होंने राजनीति में प्रवेश करने और धर्मनिरपेक्षता जैसे मुद्दों पर भी बात की。 ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:36:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>S Jaishankar, PhD, Indian Foreign Minister, Financial Times, Interview, Indian Diplomacy</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय कूटनीति को नई पहचान दी है, यह उनके डीएनए में है। उन्होंने 'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में अपने पिता से जुड़ा एक किस्सा साझा किया, जिसमें उनके पिता ने पीएचडी को लेकर एक सवाल किया था जो आज सच हो गया है।<br><br><strong>जयशंकर ने भारतीय कूटनीति को और अधिक आक्रामक बना दिया है।</strong> उनके पिता ने एक बार उनकी पीएचडी की योजना पर सवाल उठाया था, लेकिन आज जयशंकर ने अपनी उपलब्धियों से खुद को साबित कर दिया है।<br><br>एस. जयशंकर ने भारतीय कूटनीति का चेहरा बदल दिया है। उनके पिता, कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम, परमाणु हथियार हासिल करने के समर्थक थे। जयशंकर ने एक बार अपने पिता से पीएचडी करने की इच्छा जताई, जिसके जवाब में उनके पिता ने पूछा कि वे क्या बनना चाहते हैं। आज, जयशंकर ने उन दोनों सवालों के जवाब हासिल कर लिए हैं। उन्होंने 'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में यह कहानी सुनाई।<br><br>'लंच विद एफटी' एक प्रसिद्ध इंटरव्यू कार्यक्रम है जिसमें दुनियाभर की हस्तियों का इंटरव्यू लिया जाता है। इस बार एस. जयशंकर का इंटरव्यू फॉरेन एडिटर एलेक रसेल ने किया, जिसमें उन्होंने पीएचडी को लेकर अपने पिता की बात याद की।<br><br>जयशंकर ने कहा कि उनके पिता उन्हें चुनौती देने के लिए प्रोत्साहित करते थे। जब वे पीएचडी करने की सोच रहे थे, तो उनके पिता के. सुब्रमण्यम ने उनसे पूछा कि क्या वे दूसरों के काम का विश्लेषण करना चाहते हैं या चाहते हैं कि कोई उनके काम का विश्लेषण करे।<br><br>जयशंकर ने जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में पीएचडी की और एक सफल राजनयिक बने, जिससे भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नई दिशा मिली। उनके पिता के सवालों का जवाब उन्होंने अपने जीवन में हासिल कर लिया। अब दूसरे उनके कार्यों का विश्लेषण करेंगे। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू के बाद सबसे लंबे समय तक विदेश मंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है।<br><br>रसेल ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें 2019 में विदेश मंत्री बनने पर राजनीति में प्रवेश करने में संकोच हुआ, क्योंकि कुछ लोगों ने सोचा था कि वे 'हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडे' का समर्थन कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा कि यह उनके लिए कोई मुद्दा नहीं था, क्योंकि वे एक राष्ट्रवादी परिवार से आते हैं।<br><br>रसेल ने इंदिरा जयसिंह की टिप्पणी पर भी सवाल किया कि 'धर्म का शासन कानून के शासन की जगह ले रहा है।' जयशंकर ने जवाब दिया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जिसका मतलब यह नहीं है कि आप अपने धर्म का दमन करें। उन्होंने कहा कि यह एक अभिजात्यवादी दृष्टिकोण था जिसे देश ने पीछे छोड़ दिया है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पीएम मोदी टीम इंडिया मुलाकात: वायरल वीडियो का सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-meeting-team-india-is-from-after-2023-world-cup-beware-of-misleading-claims-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि पीएम मोदी ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीतने के बाद टीम इंडिया से मुलाकात की। यह दावा गलत है। वीडियो 2023 वर्ल्ड कप के बाद का है, जब पीएम मोदी ने हार के बाद खिलाड़ियों से मुलाकात की थी। JNK KOCH और Satyveer Pal जैसे यूजर्स ने गलत दावा किया था। सजग की टीम ने पड़ताल में पाया कि वीडियो 21 नवंबर 2023 को बीजेपी के यू्ट्यूब चैनल पर अपलोड हुआ था, जिसमें पीएम मोदी वर्ल्ड कप में हार के बाद खिलाड़ियों से मिल रहे थे। Jansatta और Jagran.com ने भी इस खबर को कवर किया था। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:36:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पीएम मोदी, टीम इंडिया, चैंपियंस ट्रॉफी, वायरल वीडियो, फैक्ट चेक, वर्ल्ड कप 2023</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारतीय टीम की जीत के बाद, पीएम मोदी का टीम इंडिया से मिलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो हाल ही में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद का है, लेकिन यह सच नहीं है।<br><br>यह वीडियो वास्तव में 2023 वर्ल्ड कप के बाद का है, जब पीएम मोदी ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों से मुलाकात की थी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है।<br><br>यूट्यूबर JNK KOCH और फेसबुक यूजर Satyveer Pal ने इस वीडियो को शेयर करते हुए इसे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की जीत के बाद का बताया था।<br><br>सजग की टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल की, तो पाया कि यह वीडियो 21 नवंबर 2023 को भारतीय जनता पार्टी के यू्ट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। इस वीडियो में पीएम मोदी वर्ल्ड कप में हार के बाद खिलाड़ियों से मुलाकात कर रहे हैं।<br><br>Jansatta और Jagran.com जैसी कई न्यूज वेबसाइट ने भी इस मुलाकात को कवर किया था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>श्रीलंका दौरे पर पीएम मोदी, सौर ऊर्जा परियोजना का करेंगे उद्घाटन</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-to-visit-sri-lanka-in-april-to-inaugurate-solar-power-plant</link>
<guid>https://pratinidhi.in/pm-modi-to-visit-sri-lanka-in-april-to-inaugurate-solar-power-plant</guid>
<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने श्रीलंका का दौरा करेंगे, जो पिछले साल हुए समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण है। इस दौरान कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसमें संपूर सोलर पावर स्टेशन का उद्घाटन भी शामिल है। विदेश मंत्री हेरथ ने बताया कि भारत और श्रीलंका के संबंध घनिष्ठ हैं और श्रीलंका का पहला राजनयिक दौरा भारत का ही था। पीएम मोदी के दौरे में सौर ऊर्जा स्टेशन का उद्घाटन भी होगा, जिसका निर्माण श्रीलंका और भारत मिलकर कर रहे हैं। हेरथ ने कहा कि भारत के प्रति सद्भावना नीति से श्रीलंका को कई फायदे हुए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 16 Mar 2025 08:36:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पीएम मोदी, श्रीलंका, दौरा, समझौते, सोलर पावर प्लांट, अनुरा कुमारा दिसानायके, विजिथा हेरथ, संपूर सौर ऊर्जा संयंत्र, भारत-श्रीलंका संबंध, द्विपक्षीय समझौते, कूटनीतिक यात्रा, आर्थिक सहयोग, सामरिक सहयोग</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने श्रीलंका दौरे पर जाएंगे। श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेरथ ने संसद में यह घोषणा की। यह दौरा पिछले साल श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की दिल्ली यात्रा के दौरान हुए समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण है।<br><br>इस यात्रा में कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसमें संपूर सोलर पावर स्टेशन का उद्घाटन भी शामिल है। यह पीएम मोदी का 2015 के बाद श्रीलंका का चौथा दौरा होगा। विदेश मंत्री हेरथ ने संसद में बजट आवंटन पर बहस के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका के संबंध बहुत घनिष्ठ हैं और श्रीलंका का पहला राजनयिक दौरा भारत का ही था।<br><br>पीएम मोदी के इस दौरे पर सम्पुर सौर ऊर्जा स्टेशन के उद्घाटन के अलावा, कई नए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह सौर ऊर्जा संयंत्र पूर्वी त्रिंकोमाली जिले के सम्पुर शहर में 135 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगा। इसका निर्माण श्रीलंका की सरकारी बिजली कंपनी सिलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CEB) और भारत की NTPC मिलकर कर रही हैं। हेरथ ने बताया कि NPP सरकार की भारत के प्रति सद्भावना नीति से श्रीलंका को कई फायदे हुए हैं।]]> </content:encoded>
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<title>यूक्रेन युद्ध रोकने में मोदी, ट्रंप और लूला के प्रयासों को पुतिन ने सराहा</title>
<link>https://pratinidhi.in/putin-thanks-modi-trump-and-lula-for-efforts-to-end-ukraine-war</link>
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<description><![CDATA[ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के प्रयासों की सराहना की है। पुतिन ने कहा कि अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित युद्धविराम से लम्बे समय तक शांति स्थापित होनी चाहिए और संकट की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलनी चाहिए। नई दिल्ली में गुरुवार को राष्ट्रपति पुतिन ने इन नेताओं को धन्यवाद दिया और युद्ध को समाप्त करने के लिए उनकी कोशिशों के लिए आभार व्यक्त किया। यूक्रेन के युद्धविराम पर पुतिन ने पहली बार खुलकर बात की और कहा कि वे युद्धविराम के प्रस्ताव से सहमत हैं, लेकिन इससे स्थायी शांति आनी चाहिए और समस्या की जड़ को भी खत्म किया जाना चाहिए। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:13:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>व्लादिमीर पुतिन, नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रम्प, लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, रूस-यूक्रेन संघर्ष, युद्धविराम, शांति वार्ता, कूटनीति, बेलारूस, अलेक्जेंडर लुकाशेंको, यूक्रेन, रूस-भारत द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन, वलोडिमिर जेलेंस्की, कुर्स्क, भारत का रुख, यूक्रेन संकट</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के प्रयासों की सराहना की है। पुतिन ने कहा कि अमेरिका की तरफ से प्रस्तावित युद्धविराम से लम्बे समय तक शांति स्थापित होनी चाहिए और संकट की जड़ तक पहुंचने में मदद मिलनी चाहिए.
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नई दिल्ली में गुरुवार को राष्ट्रपति पुतिन ने इन नेताओं को धन्यवाद दिया और युद्ध को समाप्त करने के लिए उनकी कोशिशों के लिए आभार व्यक्त किया। यूक्रेन के युद्धविराम पर पुतिन ने पहली बार खुलकर बात की और कहा कि वे युद्धविराम के प्रस्ताव से सहमत हैं, लेकिन इससे स्थायी शांति आनी चाहिए और समस्या की जड़ को भी खत्म किया जाना चाहिए।
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पुतिन ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कई देशों के नेता इस मुद्दे पर ध्यान दे रहे हैं और समय दे रहे हैं, जिसके लिए रूस उनका आभारी है क्योंकि यह युद्ध रोकने और लोगों की जान बचाने का एक नेक काम है।
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पुतिन ने कहा कि रूस अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव से सहमत है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी भी बातचीत की जरूरत है ताकि यह युद्धविराम स्थायी शांति की ओर ले जाए और संकट की जड़ को भी खत्म करे।
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ट्रम्प ने कहा था कि अब यह रूस पर निर्भर है। अमेरिका, रूस पर युद्धविराम के लिए दबाव बना रहा है। अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच शांति वार्ता हुई थी, जिसके बाद यूक्रेन 30 दिनों के युद्धविराम के लिए तैयार हो गया था, जिसे अमेरिका का समर्थन है।
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पुतिन ने कुर्स्क में यूक्रेन की हालिया 'घुसपैठ' के बाद युद्धविराम के मतलब पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या इसका मतलब यह है कि वहां से सब चले जाएंगे? उन्होंने यह भी कहा कि क्या हमें उन्हें रिहा कर देना चाहिए जबकि उन्होंने नागरिकों के खिलाफ कई अपराध किए हैं? या यूक्रेनी नेतृत्व उन्हें आत्मसमर्पण करने का आदेश देगा? यह स्पष्ट नहीं है।
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इससे पहले, पुतिन ने भारत को उन तीन देशों में शामिल किया था जिनसे वे यूक्रेन संघर्ष को लेकर लगातार संपर्क में हैं और कहा था कि ये देश इस समस्या को सुलझाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं।
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पिछले साल जुलाई में, पीएम मोदी 22वें भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस गए थे और अगस्त में यूक्रेन भी गए थे।
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यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के भारत के रुख पर जोर दिया।
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पीएम मोदी ने व्हाइट हाउस में कहा कि भारत शांति के साथ है और युद्ध का हल युद्ध के मैदान में नहीं मिल सकता। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की सराहना की और कहा कि युद्ध का हल तभी मिल सकता है जब इस मुद्दे पर ऐसे मंच पर चर्चा की जाए जहां दोनों देश मौजूद हों। उन्होंने ट्रंप के प्रयासों का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि वह जल्द ही सफल होंगे।]]> </content:encoded>
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<title>चीन में होली: वायरल वीडियो का सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/fact-check-indians-celebrating-holi-in-china-viral-video</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि चीन में भारतीय होली मना रहे हैं। सजग टीम ने जाँच में पाया कि यह वीडियो चीन के लैंटर्न फेस्टिवल का है, न कि होली का। इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए इसे &#039;चीन में भारतीयों की होली&#039; बताया था। सजग टीम ने गूगल लेंस से जाँच की तो पता चला कि वीडियो एक महीने पुराना है और चीन के स्प्रिंग फेस्टिवल का है। एक चीनी फेसबुक अकाउंट ने भी इसे लैंटर्न फेस्टिवल बताया था। सजग टीम का उद्देश्य है कि लोग भ्रामक खबरों से बचें। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 18:13:37 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Holi, China, Viral Video, Lantern Festival, Fact Check</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रंगीन आतिशबाजी दिखाई दे रही है और दावा किया जा रहा है कि यह चीन में भारतीयों द्वारा मनाई जा रही होली का दृश्य है। सजग टीम ने इस दावे की जाँच की और पाया कि यह वीडियो वास्तव में चीन के लैंटर्न फेस्टिवल का है, न कि होली का। यह वीडियो भ्रामक जानकारी के साथ साझा किया जा रहा है।<br><br>सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे हैं कि वीडियो चीन में भारतीयों द्वारा मनाई जा रही होली का है। इंस्टाग्राम पर schoollife_time नामक एक यूजर ने इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा, 'चीन में भारतीयों की होली'। कई अन्य यूजर्स ने भी इसी तरह के दावे के साथ इस रंगीन आतिशबाजी के वीडियो को साझा किया है।<br><br>सजग टीम ने वायरल वीडियो की सच्चाई का पता लगाने के लिए गूगल लेंस का उपयोग करके जाँच की। जाँच में पता चला कि कुछ पोस्ट में इस वीडियो को चीन के लैंटर्न फेस्टिवल का बताया गया है।<br><br>इसके अतिरिक्त, बीजे पार्क नामक एक यूट्यूब चैनल मिला, जहाँ इस वायरल वीडियो को एक महीने पहले अपलोड किया गया था। इससे यह स्पष्ट हो गया कि वीडियो एक महीने पुराना है, जबकि होली हाल ही में मनाई गई थी।<br><br>सजग टीम ने आगे जाँच करते हुए 16 फरवरी को इंस्टाग्राम पर अपलोड किए गए एक वीडियो को पाया। इस वीडियो में कई वीडियो को मिलाकर एक संकलित वीडियो बनाया गया था, जिसमें वायरल वीडियो भी शामिल था। इस वीडियो को चीन के स्प्रिंग फेस्टिवल के रूप में दर्शाया गया था।<br><br>इसके अतिरिक्त, 'न्यूज डेली न्यूज' नामक एक चीनी फेसबुक अकाउंट पर 13 फरवरी को वायरल वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें इसे चीन का लैंटर्न फेस्टिवल बताया गया था।<br><br>निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर चीन में भारतीयों की होली बताकर साझा किया जा रहा वीडियो वास्तव में होली का नहीं है। जाँच में पाया गया कि यह वीडियो चीन के लैंटर्न फेस्टिवल का है और इसे गलत दावे के साथ प्रसारित किया जा रहा है। सजग टीम का उद्देश्य है कि लोग भ्रामक खबरों से बचें और सही जानकारी प्राप्त करें।]]> </content:encoded>
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<title>मणिपुर में शांति प्रयासों के बीच, लूटे गए हथियार जमा कराए गए</title>
<link>https://pratinidhi.in/manipur-ethnic-clashes-weapons-surrendered-amit-shah-peace-efforts</link>
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<description><![CDATA[ मणिपुर में जातीय संघर्ष के बीच गृह मंत्रालय शांति बहाल करने की कोशिश कर रहा है। अमित शाह के निर्देशों के बाद भी कांगपोकपी जिले में हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण फ्री मूवमेंट शुरू नहीं हो सका। सरकारी अपील के बाद 13 हजार से अधिक हथियार सरेंडर किए गए हैं, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण है। राज्यपाल अजय भल्ला ने लूटे हुए हथियार जमा करने की अपील की थी, जिसके बाद 13,123 हथियार जमा कराए गए। कुकी-जो समुदाय केंद्र शासित प्रदेश की मांग कर रहा है। पुलिस-प्रशासन मुक्त आवाजाही शुरू कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 00:44:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मणिपुर, हथियार, गृह मंत्रालय, शांति, मैतेई, कुकी, कांगपोकपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मणिपुर में जारी जातीय संघर्ष के बीच, गृह मंत्रालय शांति बहाल करने के लिए प्रयासरत है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद भी, 8 मार्च को कांगपोकपी जिले में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण फ्री मूवमेंट शुरू नहीं हो सका। सरकारी अपील के बाद मैतेई और कुकी समुदाय के लोगों ने 13 हजार से अधिक हथियार सरेंडर किए हैं, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।<br><br>राज्य में 13 फरवरी से राष्ट्रपति शासन लागू है। राज्यपाल अजय भल्ला ने लोगों से लूटे हुए हथियार जमा करने की अपील की थी, जिसके बाद 13,123 हथियार और गोला-बारूद जमा कराए गए। इनमें रायफल, पिस्तौल, हैंड ग्रेनेड, बम और आईईडी शामिल हैं। सबसे अधिक हथियार इंफाल ईस्ट और वेस्ट जिले में जमा हुए।<br><br>फ्री मूवमेंट के विरोध में कुकी-जो समुदाय केंद्र शासित प्रदेश की मांग कर रहा है और इसके लिए पंफलेट बांटकर वोटिंग करा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुकी बहुल इलाकों में सड़क मार्ग को बंद करने के लिए पत्थर फेंके जा रहे हैं। पुलिस-प्रशासन लोगों की सुरक्षा के साथ मुक्त आवाजाही शुरू कराने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि मणिपुर में हालात कंट्रोल में हैं, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>जम्मू&amp;कश्मीर में छिपे 77 आतंकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट!</title>
<link>https://pratinidhi.in/77-terrorists-hiding-in-jammu-and-kashmir-security-agencies-alert</link>
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<description><![CDATA[ खुफिया एजेंसियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 77 आतंकवादी छिपे हैं, जिनमें से 60 पाकिस्तानी हैं और लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं, क्योंकि ये आतंकवादी नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमला करने की फिराक में हैं। पिछले साल 75 आतंकवादी मारे गए थे। हाल ही में, कठुआ में तीन नागरिकों के शव मिले थे, जिसके बाद एनआईए भी मामले की जांच कर रही है। इन आतंकवादियों में से 35 लश्कर-ए-तैयबा, 21 जैश-ए-मोहम्मद और कुछ हिज्बुल मुजाहिद्दीन के हैं। इसके अतिरिक्त, 17 स्थानीय आतंकवादी भी सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियां मानती हैं कि आतंकवादियों को स्थानीय लोगों से कम मदद मिल रही है, लेकिन कुछ लोग अभी भी उन्हें सहायता प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में, बांदीपोरा में आतंकवादियों की मदद करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 15 Mar 2025 00:44:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>जम्मू-कश्मीर, आतंकवादी, सुरक्षा एजेंसियां, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिद्दीन</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में अभी भी 77 आतंकवादी छिपे हुए हैं, जिनमें से 60 पाकिस्तान से हैं। ये आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं क्योंकि ये आतंकवादी नागरिकों और सुरक्षा बलों पर हमला करने की फिराक में हैं.<br><br>इनमें से अधिकतर आतंकवादी पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में छिपे हुए हैं। पिछले साल सुरक्षा बलों ने 75 आतंकवादियों को मार गिराया था। हाल ही में, कठुआ में तीन नागरिकों के शव मिले थे, जिसके बाद एनआईए भी मामले की जांच में शामिल हो गई है।<br><br>खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन विदेशी आतंकवादियों में से 35 लश्कर-ए-तैयबा, 21 जैश-ए-मोहम्मद और कुछ हिज्बुल मुजाहिद्दीन के हैं। इसके अतिरिक्त, 17 स्थानीय आतंकवादी भी सक्रिय हैं, जिनमें से 3 जम्मू क्षेत्र में और 14 कश्मीर घाटी में हैं।<br><br>सुरक्षा एजेंसियां यह भी मानती हैं कि आतंकवादियों को स्थानीय लोगों से कम मदद मिल रही है, लेकिन कुछ लोग अभी भी उन्हें भोजन, आवास, परिवहन और धन जैसी सहायता प्रदान कर रहे हैं। हाल ही में, बांदीपोरा में आतंकवादियों की मदद करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ था। सुरक्षा बल इन आतंकवादियों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>भारत&amp;पाक सीमा पर सौर ऊर्जा प्लांट का विरोध</title>
<link>https://pratinidhi.in/opposition-opposed-approval-of-solar-power-plant-on-india-pak-border</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने लोकसभा में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास एक निजी कंपनी को सौर ऊर्जा परियोजना की मंजूरी का विरोध किया और सदन से वॉकआउट किया। कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि सेना की आपत्ति के बावजूद कंपनी को सीमा के पास परियोजना की अनुमति दी गई, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और कहा कि सभी एजेंसियों से मंजूरी के बाद ही परियोजना को मंजूरी दी जाती है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया, जबकि गौरव गोगोई ने ऊर्जा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 14 Mar 2025 15:36:07 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारत-पाकिस्तान सीमा, सौर ऊर्जा प्लांट, लोकसभा, विरोध, वॉकआउट, निजी कंपनी, राष्ट्रीय सुरक्षा, कांग्रेस, अदाणी समूह, ऊर्जा सुरक्षा, प्रहलाद जोशी, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, द्रमुक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली:</strong> भारत-पाकिस्तान सीमा के पास एक निजी कंपनी के सौर ऊर्जा परियोजना को स्वीकृति देने के मामले में, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने लोकसभा में विरोध प्रदर्शन किया और सदन से बाहर चले गए।</p><br><p>कांग्रेस के सदस्यों ने सदन में यह आरोप लगाया कि सेना की आपत्ति के बावजूद, एक निजी कंपनी को अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास ऊर्जा परियोजना स्थापित करने की अनुमति दी गई है। उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया।</p><br><p>केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने विपक्ष के इन आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना प्रस्ताव को स्वीकृति देने से पहले केंद्र और राज्य की सभी संबंधित एजेंसियों से अनुमति ली जाती है।</p><br><p>कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल पूछते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा को एक साथ चलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी समूह की सौर ऊर्जा परियोजना को मंजूरी देने में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया है।</p><br><p>तिवारी ने दावा किया कि यह परियोजना अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सिर्फ एक किलोमीटर की दूरी पर होगी, जबकि सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, इस तरह की बड़ी परियोजना कम से कम 10 किलोमीटर दूर होनी चाहिए।</p><br><p>इस पर, प्रहलाद जोशी ने कहा कि लाइसेंस जारी करने से पहले केंद्र, राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से मंजूरी मांगी जाती है।</p><br><p>कांग्रेस और द्रमुक के सांसद मंत्री के जवाब से असंतुष्ट थे और उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए नारेबाजी की। जब उनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया, तो उन्होंने सदन से वॉकआउट किया।</p><br><p>कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि गुजरात के खावड़ा में बन रही सौर ऊर्जा परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा के नियमों के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय सीमा से 10 किलोमीटर दूर क्यों नहीं है।</p><br><p>गोगोई ने कहा कि सरकार ने उनके सवालों का जवाब नहीं दिया, इसलिए उन्होंने वॉकआउट किया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या अडानी समूह राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर है और क्या सेना की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>मॉरीशस में पीएम मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-gets-highest-civilian-honor-mauritius-talks-about-both-countries-relation-brk</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्होंने इस अवसर पर भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक रिश्तों और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने 1998 में अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन में अपनी यात्रा को याद किया और भारत और मॉरीशस के बीच आस्था के मजबूत संबंधों की बात कही। मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी को &#039;द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन&#039; सम्मान देने की घोषणा की। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:43:36 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>पीएम मोदी, मॉरीशस, नागरिक सम्मान, नवीनचंद्र रामगुलाम, भारत-मॉरीशस संबंध</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर, उन्होंने कहा कि मॉरीशस में उन्हें अपनों के बीच होने का अनुभव होता है। उन्होंने इस सम्मान को भारत और मॉरीशस के ऐतिहासिक रिश्तों का सम्मान बताया.<br><br>पोर्ट लुईस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने भारत और मॉरीशस के साझा इतिहास और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने महाकुंभ से लाए गए गंगाजल का उल्लेख किया, जिसे गंगा तालाब को अर्पित किया जाएगा।<br><br>पीएम मोदी ने 1998 में अंतरराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन में अपनी यात्रा को याद किया और भारत और मॉरीशस के बीच आस्था के मजबूत संबंधों की बात कही, खासकर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के बाद मॉरीशस में हुए उत्साह का उल्लेख किया।<br><br>मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने पीएम मोदी को 'द ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन' सम्मान देने की घोषणा की, जिससे वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बन गए。]]> </content:encoded>
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<title>बलूचिस्तान में आजादी की मांग: BLA का हिंसक विद्रोह</title>
<link>https://pratinidhi.in/balochistan-independence-bla-violent-insurgency</link>
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<description><![CDATA[ बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) बलूचिस्तान का सबसे मजबूत विद्रोही समूह है, जो पाकिस्तान से आजादी चाहता है। इस संगठन ने हाल के महीनों में अपने हमलों को तेज कर दिया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना और चीनी नागरिक निशाने पर आए हैं। बीएलए का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान के गैस और खनिज संसाधनों का शोषण करती है। 2022 में, बीएलए ने कई हमलों से सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया, जिसमें महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल भी शामिल था। बलूचिस्तान, चीन के सीपीईसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यहां 1948 से ही आजादी की मांग उठ रही है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:39:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>बलूचिस्तान, बीएलए, पाकिस्तान, आजादी, विद्रोह, चीन, ग्वादर बंदरगाह, सीपीईसी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) बलूचिस्तान में सक्रिय विद्रोही समूहों में सबसे मजबूत है। यह अफगानिस्तान और ईरान से लगे खनिज-समृद्ध क्षेत्र में सक्रिय है, जहाँ चीन ने ग्वादर बंदरगाह में निवेश किया है।<br><br>हालांकि पहले बीएलए कम सक्रिय था, लेकिन हाल के महीनों में उसने हमलों को तेज कर दिया है, जिससे पाकिस्तानी सेना और चीनी नागरिक निशाने पर आए हैं।<br><br>बीएलए का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम प्रांत बलूचिस्तान को स्वतंत्र कराना है। यह प्रांत अफगानिस्तान और ईरान से सटा हुआ है। बीएलए का आरोप है कि सरकार बलूचिस्तान के गैस और खनिज संसाधनों का शोषण करती है।<br><br>2022 में, बीएलए ने सेना और नौसेना के ठिकानों पर हमले करके सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया। उसने महिला आत्मघाती हमलावरों को तैयार किया और कराची विश्वविद्यालय में चीनी नागरिकों पर हमला किया।<br><br>बीएलए अक्सर बलूचिस्तान में बुनियादी ढांचे और सुरक्षा बलों को निशाना बनाता है, जिसमें ग्वादर बंदरगाह भी शामिल है। बीएलए, चीन पर इस्लामाबाद के साथ मिलकर बलूचिस्तान का शोषण करने का आरोप लगाता है।<br><br>बलूचिस्तान, चीन के 60 अरब डॉलर के सीपीईसी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 1948 में भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद से ही बलूच एक अलग देश की मांग कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<title>पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट का ऑडिट: बीजेपी की चुनाव आयोग से मांग</title>
<link>https://pratinidhi.in/bjp-demands-election-commission-audit-of-voter-list-in-west-bengal-amid-controversies</link>
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<description><![CDATA[ भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और चुनाव आयोग से ऑडिट की मांग की है। उनका दावा है कि टीएमसी सरकार के दौरान मतदाता सूची में महत्वपूर्ण गड़बड़ियां हुई हैं, जिसमें लगभग 13 लाख दोहरे मतदाता हैं। भाजपा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची का ऑडिट चाहती है। चुनाव आयोग ने उनके अनुरोध पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को बसाया है और उनके नाम मतदाता सूची में शामिल किए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:37:30 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>BJP, Election Commission, Voter List, West Bengal, Audit, TMC, Duplicate Voters, Electoral Malpractice</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार के नेतृत्व में एक भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मिलकर मतदाता सूची के ऑडिट की मांग की। भाजपा का दावा है कि टीएमसी सरकार के पिछले 14 वर्षों के दौरान मतदाता सूची में महत्वपूर्ण गड़बड़ियां हुई हैं। अमित मालवीय ने कहा कि वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची का ऑडिट चाहते हैं। आयोग को सूचित किया गया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 13 लाख दोहरे मतदाता हैं, जहां मतदाता का नाम, रिश्तेदार का नाम और उम्र समान हैं। आयोग को 8450 ईपीआईसी नंबरों के बारे में भी जानकारी दी गई जहां दोहराव हुआ था और कुछ मतदाता अन्य राज्यों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में भी पंजीकृत थे। मालवीय ने कहा कि चुनाव आयोग ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे उनके अनुरोध पर विचार करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को बसाया है और उनके नाम मतदाता सूची में शामिल किए हैं।]]> </content:encoded>
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<title>पीओके पर जयशंकर का बयान: हवा बदली, अब इंतजार है भारत को</title>
<link>https://pratinidhi.in/jaishankar-statement-on-pok-india-waits-for-pakistan-occupied-kashmir-return</link>
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<description><![CDATA[ विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पीओके को वापस लेने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में पीओके शामिल है और इसे वापस लेने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। यह बयान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सवाल के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि ऐसा करने से कौन रोक रहा है। लेख में पीओके की वर्तमान स्थिति, पाकिस्तान के नियंत्रण के बावजूद वहां के लोगों के विद्रोह, और बलूच लोगों के भारत से समर्थन मांगने की बात भी की गई है। सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई बमबारी के बाद पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का डर भी कम हुआ है, जिससे ऐसा लगता है कि पीओके के लिए कोई तैयारी चल रही है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 12 Mar 2025 11:13:16 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Jaishankar, POK, India, Pakistan, Kashmir, Article 370, सर्जिकल स्ट्राइक</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए कश्मीर के हिस्से की वापसी का इंतजार कर रहा है। सरकार की नीतियों में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को वापस लेना शामिल है, और इस दिशा में वर्तमान सरकार कदम उठा सकती है।<br><br>ब्रिटेन और आयरलैंड के दौरे के दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत ने कश्मीर में अधिकांश समस्याओं का समाधान कर लिया है और अब पीओके की वापसी का इंतजार है। इस बयान के बाद, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सवाल किया कि ऐसा करने से कौन रोक रहा है।<br><br>जयशंकर से पहले, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी संसद में कह चुके हैं कि पीओके और अक्साई चिन जम्मू-कश्मीर की नीतियों का हिस्सा हैं। सेना प्रमुख ने भी कहा है कि सेना तैयार है। केंद्र सरकार की वर्तमान नीति पिछली सरकारों से अलग है। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और पुलवामा हमले के बाद सीमा पार बमबारी करने जैसे कदम अप्रत्याशित थे।<br><br>पीओके की वर्तमान स्थिति आर्थिक और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से चिंताजनक है। यह क्षेत्र दो भागों में विभाजित है: जम्मू-कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान। 1963 में, पाकिस्तान ने काराकोरम के उत्तर में स्थित 5,000 वर्ग किमी शक्सगाम क्षेत्र को चीन को दे दिया था। चीन-पाक आर्थिक गलियारा भी इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिसका भारत विरोध करता रहा है। भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पीओके को अभिन्न अंग बनाना आवश्यक है।<br><br>यह मानना गलत है कि पीओके के लोग पाकिस्तान का समर्थन करते हैं। कबायलियों द्वारा कब्जा किए गए क्षेत्र को भले ही कश्मीर के एक वर्ग ने स्वतंत्र घोषित कर दिया हो, लेकिन इसका नियंत्रण इस्लामाबाद के पास है। विधानसभा होने के बावजूद, इसके पास कोई अधिकार नहीं हैं, और पाकिस्तान ने कभी इसे अपना प्रांत घोषित करने की हिम्मत नहीं दिखाई है।<br><br>पाक नियंत्रण के बावजूद, पीओके में इस्लामाबाद के खिलाफ विद्रोह होते रहते हैं। खनिज और औषधीय संपदा से समृद्ध होने के बावजूद, यह क्षेत्र विकास से दूर है। पाकिस्तान ने इसे आतंकवादियों के प्रशिक्षण और शरणस्थली के रूप में इस्तेमाल किया है। हाल के वर्षों में, 'इंडिया जिंदाबाद' के नारे के साथ कई आंदोलन हुए हैं। 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक का भी विरोध नहीं हुआ था। 2015 के बाद से, पीओके के कई संगठन भारत सरकार द्वारा किए गए विकास की तरह अपने क्षेत्र में भी विकास चाहते हैं।<br><br>गिलगित-बाल्टिस्तान, जो पीओके का हिस्सा है, में अधिकतर बलूच हैं। बलूच लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ मुक्ति का संघर्ष है, और बलूच विद्रोही नेता लगातार भारत से मदद मांगते हैं। पहले, ऐसे बयानों का पाकिस्तान और कई मुस्लिम देशों के साथ यूरोप और अमेरिका ने भी विरोध किया था, लेकिन इस बार पाकिस्तान को छोड़कर किसी ने विरोध नहीं किया।<br><br>सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई बमबारी के बाद, पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का डर अब खत्म हो गया है। वर्तमान सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, ऐसा लगता है कि पीओके के लिए कोई तैयारी चल रही है।]]> </content:encoded>
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<title>वायरल वीडियो: बस में छेड़छाड़ की सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/viral-video-truth-of-molestation-incident-on-bus-scripted-video</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया गया कि मुस्लिम लड़कों ने हिंदू लड़की से छेड़छाड़ की, लेकिन जांच में यह स्क्रिप्टेड निकला। सजग टीम की पड़ताल में यह दावा फर्जी पाया गया। यह वीडियो अमन बेनीवाल नाम के यूट्यूबर ने बनाया था, जिसे मनोरंजन के मकसद से बनाया गया था। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 16:00:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>viral video, bus molestation, fact check, scripted video, social media</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक बस में एक लड़की के साथ छेड़छाड़ हो रही है और एक लड़का इसका विरोध कर रहा है। यह दावा किया गया कि मुस्लिम लड़कों ने हिंदू लड़की के साथ छेड़छाड़ की। जाँच करने पर पता चला कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और इसे मनोरंजन के लिए दो साल पहले बनाया गया था।<br><br>सोशल मीडिया पर यह वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें दो लड़के बस में एक लड़की के साथ छेड़छाड़ करते हुए दिख रहे हैं। एक तीसरा लड़का छेड़छाड़ का विरोध करता है और उन लड़कों को सबक सिखाता है। दावा किया जा रहा है कि मुस्लिम लड़कों ने हिंदू लड़की से छेड़छाड़ की और एक अकेले हिंदू लड़के ने उन्हें सबक सिखाया। सजग टीम ने जाँच करके पाया कि यह दावा गलत है।<br><br>एक्स (ट्विटर) पर आशीष व्यास नाम के एक व्यक्ति ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 'जिहादी ने हिंदू लड़की को छेड़ा... वहां खड़े हिंदू भाई ने अकेले ही सबक सिखा दिया।' इसी तरह के दावे के साथ यह वीडियो अमित बोकन गुर्जर और netsa rajpurohit जैसे कई एक्स अकाउंट से भी शेयर किया गया है।<br><br>इस वीडियो की सच्चाई जानने के लिए इसे गूगल लेंस से खोजा गया। पता चला कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड है और अमन बेनीवाल नाम के एक यूट्यूबर ने 23 फरवरी 2023 को अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया था। वीडियो के साथ यह भी लिखा था कि यह वीडियो सिर्फ मनोरंजन के लिए है।<br><br>यूट्यूब चैनल पर इसी तरह के कई और वीडियो भी हैं। इससे पता चलता है कि सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ एक स्क्रिप्टेड वीडियो शेयर किया जा रहा है।<br><br>इसलिए, यह दावा गलत है कि बस में मुस्लिमों ने एक हिंदू लड़की के साथ छेड़छाड़ की और एक हिंदू लड़के ने उन्हें सबक सिखाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो स्क्रिप्टेड है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>खरगे के बयान पर राज्यसभा में हंगामा</title>
<link>https://pratinidhi.in/parliament-budget-session-ruckus-in-rajya-sabha-over-kharge-statement</link>
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<description><![CDATA[ राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान से हंगामा मच गया। बजट सत्र के दौरान नई शिक्षा नीति पर चर्चा के दौरान, खरगे ने एक विवादास्पद टिप्पणी की जिससे सदन में हंगामा हो गया। सत्ता पक्ष ने खरगे की भाषा पर आपत्ति जताई, जिसके बाद उन्होंने माफी मांगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने डीएमके को &#039;अलोकतांत्रिक और असभ्य&#039; पार्टी बताया था, जिसके जवाब में डीएमके सांसद कनिमोझी ने प्रधान की आलोचना की। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 15:31:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Parliament, Budget Session, Mallikarjun Kharge, New Education Policy, Dharmendra Pradhan, Rajya Sabha, DMK, Kanimozhi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान पर भारी हंगामा हुआ। यह घटना बजट सत्र के दौरान हुई, जब नई शिक्षा नीति पर चर्चा चल रही थी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बयान दिया, जिस पर खरगे ने आपत्ति जताई। जब उपसभापति ने खरगे को बोलने से रोका, तो वे क्रोधित हो गए और उन्होंने विवादास्पद टिप्पणी की।

<br><br>
खरगे ने कहा, 'क्या-क्या ठोकना है, हम ठीक से ठोक देंगे, सरकार को ठोकेंगे।' इस बयान पर सदन में हंगामा मच गया। सत्ता पक्ष ने खरगे की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई। जेपी नड्डा ने कहा कि इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है और खरगे को माफी मांगनी चाहिए।
<br><br>
विवाद बढ़ने पर खरगे ने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो वे माफी मांगते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वे सरकार से माफी नहीं मांगेंगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सदन में डीएमके को 'अलोकतांत्रिक और असभ्य' पार्टी बताया था, जिसके जवाब में डीएमके सांसद कनिमोझी ने प्रधान की आलोचना की थी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पीएम मोदी और इमरान खान की डिनर तस्वीर: Fact Check में एडिटेड निकली</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-and-imran-khan-dinner-edited-photo-viral-fact-check</link>
<guid>https://pratinidhi.in/pm-modi-and-imran-khan-dinner-edited-photo-viral-fact-check</guid>
<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और इमरान खान की एक एडिटेड तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें उन्हें साथ में डिनर करते दिखाया गया है। सजग की टीम ने जांच में पाया कि यह तस्वीर फेक है। असली तस्वीर 2015 की है, जिसमें इमरान खान के साथ उनकी पत्नी बैठी हैं। इस एडिटेड तस्वीर को सोशल मीडिया पर गलत दावों के साथ शेयर किया जा रहा है। कुछ यूजर्स बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 09:29:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>PM Modi, Imran Khan, Fact Check, Viral Photo, Edited Photo, Social Media</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें <strong>पीएम मोदी और इमरान खान</strong> एक साथ डिनर करते हुए दिख रहे हैं।<br><br>इस तस्वीर के साथ यह दावा किया जा रहा है कि दोनों नेता एक साथ खाना खा रहे हैं।<br><br><strong>सजग की टीम ने</strong> जब इस तस्वीर की जांच की तो पाया कि यह तस्वीर <strong>एडिटेड</strong> है।<br><br>यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है और इस पर कई तरह के कमेंट्स भी किए जा रहे हैं।<br><br>कुछ यूजर्स इस तस्वीर को शेयर करते हुए <strong>बीजेपी पर निशाना</strong> साध रहे हैं।<br><br>जांच में पता चला है कि असली तस्वीर में <strong>इमरान खान के साथ उनकी पत्नी</strong> बैठी हुई हैं।<br><br>यह तस्वीर <strong>2015</strong> की है, जिसे एडिट करके सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रेल संशोधन विधेयक: राज्यसभा में पारित, अश्विनी वैष्णव का बयान</title>
<link>https://pratinidhi.in/railway-amendment-bill-passed-rajya-sabha-ashwini-vaishnaw-statement</link>
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<description><![CDATA[ राज्यसभा ने ध्वनिमत से रेल (संशोधन) विधेयक, 2024 पारित किया, जिसका उद्देश्य रेलवे बोर्ड का पुनर्गठन और कानूनों को सरल बनाना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दुर्घटना सुधार के कदमों पर प्रकाश डाला और निजीकरण या केंद्रीयकरण से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से संसद के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने रेल मंत्री पर निशाना साधा, जिसके जवाब में वैष्णव ने रेलवे के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने रेलवे सुरक्षा में निवेश और दुर्घटनाओं में कमी का उल्लेख किया। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 09:29:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>रेल संशोधन विधेयक, अश्विनी वैष्णव, राज्यसभा, रेलवे बोर्ड, रेलवे दुर्घटनाएं, निजीकरण, केंद्रीयकरण</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[राज्यसभा ने <strong>रेल (संशोधन) विधेयक, 2024</strong> को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। <br><br>यह विधेयक रेलवे बोर्ड के पुनर्गठन और रेलवे कानूनों को सरल बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। <br><br>सदन में चर्चा के दौरान, रेल मंत्री <strong>अश्विनी वैष्णव</strong> ने रेलवे दुर्घटनाओं को कम करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विधेयक से संसद के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।<br><br><strong>अश्विनी वैष्णव</strong> ने कहा कि इस विधेयक से रेलवे का निजीकरण या केंद्रीयकरण नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार रेलवे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और संसद के अधिकारों की रक्षा करेगी।<br><br>मंत्री ने विपक्ष को सलाह दी कि वे <strong>महाकुंभ</strong> के दौरान <strong>नई दिल्ली रेलवे स्टेशन</strong> पर हुई भगदड़ जैसी घटनाओं का राजनीतिकरण न करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस घटना से सबक लेते हुए स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें प्रमुख स्टेशनों पर वेटिंग हॉल का निर्माण शामिल है।<br><br><strong>कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा</strong> ने रेल मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल एक ‘टेक्नोक्रेट’ को मंत्री बनाने से रेलवे का विकास नहीं होगा। जवाब में, <strong>वैष्णव</strong> ने कहा कि वह एक टेक्नोक्रेट और पूर्व नौकरशाह हैं, लेकिन यदि उनकी प्रतिबद्धता में कोई कमी है तो उन पर सवाल उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने रेलवे के विद्युतीकरण में अभूतपूर्व काम किया है, जो पहले 60 वर्षों में नहीं हुआ था।<br><br><strong>वैष्णव</strong> ने बताया कि रेलवे सुरक्षा में 1.14 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सालाना औसतन 131 रेल दुर्घटनाएं होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर 30 रह गई है। उन्होंने यह भी कहा कि <strong>ममता बनर्जी</strong> के रेल मंत्री रहते हुए लगाए गए टक्कर-रोधी उपकरण सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते थे, जिसके कारण पिछली सरकार ने उन्हें खारिज कर दिया था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गंगा जल: महाकुंभ में स्नान योग्य, सरकार का लोकसभा में खुलासा</title>
<link>https://pratinidhi.in/ganga-water-maha-kumbh-prayagraj-sangam-fit-for-bathing</link>
<guid>https://pratinidhi.in/ganga-water-maha-kumbh-prayagraj-sangam-fit-for-bathing</guid>
<description><![CDATA[ सरकार ने लोकसभा में बताया कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में गंगा जल स्नान के लिए उपयुक्त था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार, जल गुणवत्ता के सभी प्रमुख मानक संतोषजनक थे। गंगा की सफाई के लिए 2022-2025 के दौरान 7421 करोड़ रुपये प्रदान किए गए। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि गंगा जल में पीएच, डीओ, बीओडी और एफसी का स्तर सामान्य था, जो स्नान के लिए उपयुक्त है। सीपीसीबी ने 12 जनवरी से हर हफ्ते दो बार गंगा और यमुना के पानी की जांच की। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 11 Mar 2025 09:29:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Ganga River, Prayagraj, Mahakumbh, Central Pollution Control Board, Water Quality</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>प्रयागराज:</strong> लोकसभा में सरकार ने बताया कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज में गंगा जल स्नान के लिए उपयुक्त पाया गया।<br><br>केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार, जल गुणवत्ता के सभी प्रमुख मानक संतोषजनक थे। सरकार ने गंगा की सफाई के लिए 2022-2025 के दौरान 7421 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।<br><br>केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीपीसीबी की नई रिपोर्ट के अनुसार, गंगा जल में पीएच, डीओ, बीओडी और एफसी का स्तर सामान्य था, जो स्नान के लिए उपयुक्त है।<br><br>यह रिपोर्ट पहले की रिपोर्ट से अलग है, जिसमें पानी को स्नान के लिए अयोग्य बताया गया था। सरकार ने गंगा सफाई के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) को यह धन दिया है।<br><br>सीपीसीबी ने पहले एनजीटी को बताया था कि प्रयागराज में कई जगहों पर पानी नहाने लायक नहीं है, क्योंकि एफसी का स्तर अधिक था। लेकिन बाद में, 28 फरवरी को एक नई रिपोर्ट में बताया गया कि महाकुंभ के दौरान पानी नहाने के लिए ठीक था।<br><br>सीपीसीबी ने 12 जनवरी से हर हफ्ते दो बार गंगा और यमुना के पानी की जांच की, जिसमें अमृत स्नान के दिन भी शामिल हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;अहंकारी राजा&amp;apos; जैसे बोल रहे स्टालिन, धर्मेंद्र प्रधान पर किया पलटवार</title>
<link>https://pratinidhi.in/stalin-hits-back-at-pradhan-over-new-education-policy-row</link>
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<description><![CDATA[ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच नई शिक्षा नीति को लेकर वाकयुद्ध छिड़ गया है। स्टालिन ने प्रधान को &#039;अहंकारी राजा&#039; कहकर उनकी आलोचना की, जबकि प्रधान ने तमिलनाडु सरकार को &#039;बेईमान&#039; बताया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्र सरकार ने तमिलनाडु पर एनईपी को लागू करने से पीछे हटने का आरोप लगाया, जिसके बाद स्टालिन ने पलटवार करते हुए केंद्र पर राज्य को धन न देने का आरोप लगाया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 16:36:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>स्टालिन, धर्मेंद्र प्रधान, तमिलनाडु, नई शिक्षा नीति, डीएमके, केंद्र सरकार, संसद, विवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर पलटवार करते हुए उन्हें 'अहंकारी राजा' बताया। यह विवाद नई शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच बढ़ते टकराव के बीच हुआ है।

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संसद के बजट सत्र में, धर्मेंद्र प्रधान ने तमिलनाडु सरकार को 'बेईमान' कहा था, जिसके बाद डीएमके सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर प्रधान की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए।
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प्रधान ने आरोप लगाया था कि तमिलनाडु सरकार ने पहले पीएम श्री योजना को लागू करने पर सहमति जताई थी, लेकिन बाद में इनकार कर दिया। स्टालिन ने केंद्र पर तमिलनाडु को धन न देने और राज्य के सांसदों को 'असभ्य' कहने का भी आरोप लगाया। डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने कहा कि उन्होंने कभी भी एनईपी पर सहमति नहीं जताई थी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भूपेश बघेल के घर ED की रेड, कांग्रेस सांसद ने अमित शाह को घेरा</title>
<link>https://pratinidhi.in/ed-raid-on-bhupesh-baghel-congress-mp-criticizes-amit-shah</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने ईडी को पीएम मोदी और अमित शाह का पालतू कुत्ता बताया है, जब एजेंसी ने छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर छापा मारा। टैगोर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बघेल के साथ खड़ी है, वहीं बघेल ने इसे पंजाब में कांग्रेस को रोकने की साजिश करार दिया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 14:51:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ED, अमित शाह, भूपेश बघेल, कांग्रेस, सांसद, मणिकम टैगोर, प्रवर्तन निदेशालय, नरेंद्र मोदी, पालतू कुत्ता, छत्तीसगढ़, छापेमारी, भाजपा, कांग्रेस पार्टी, पंजाब, महासचिव</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कांग्रेस नेता ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई की आलोचना करते हुए एक विवादास्पद टिप्पणी की। पार्टी सांसद मणिकम टैगोर ने ईडी को 'पालतू कुत्ता' करार दिया। एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में, मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि ईडी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पालतू कुत्ते के रूप में काम कर रही है।

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने ईडी को पीएम मोदी और अमित शाह का पालतू कुत्ता बताया और कहा कि वे इस कुत्ते को जहां चाहें भेज सकते हैं। टैगोर ने बघेल को कांग्रेस के लिए एक मजबूत नेता बताया और कहा कि पार्टी और छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर फर्जी आरोप लगाने का भी आरोप लगाया।

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ईडी की कार्रवाई पर भूपेश बघेल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह उन्हें पंजाब में कांग्रेस को रोकने की साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इस लड़ाई को लड़ेंगे और जीतेंगे।]]> </content:encoded>
</item>

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<title>महाकुंभ में संगम का पानी नहाने लायक: CPCB की NGT को रिपोर्ट</title>
<link>https://pratinidhi.in/maha-kumbh-sangam-water-quality-cpcb-report-to-ngt-2025</link>
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<description><![CDATA[ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान संगम का पानी नहाने योग्य पाया गया। CPCB ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को बताया कि महाकुंभ में नदी का पानी नहाने लायक था, जिसके लिए सांख्यिकीय विश्लेषण का उपयोग किया गया। रिपोर्ट में 12 जनवरी से 22 फरवरी तक गंगा और यमुना नदी के पानी की गुणवत्ता की निगरानी की गई, जिसमें विभिन्न मापदंडों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए। बोर्ड ने 28 फरवरी को यह रिपोर्ट NGT को सौंपी। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 07:55:04 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Mahakumbh, Sangam Water Quality, CPCB, NGT, Prayagraj, Water Quality</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[महाकुंभ 2025 को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने एक नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान संगम का पानी नहाने के लिए उपयुक्त पाया गया है।<br><br><strong>मुख्य बातें:</strong><br><ul><li>CPCB ने NGT को संगम के पानी की गुणवत्ता पर रिपोर्ट सौंपी।</li><li>रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान पानी की गुणवत्ता ठीक थी।</li><li>यह रिपोर्ट 12 जनवरी से 22 फरवरी तक की निगरानी पर आधारित है।</li></ul><br><br>नई दिल्ली: CPCB ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए बताया कि महाकुंभ में नदी का पानी नहाने लायक था। रिपोर्ट में सांख्यिकीय विश्लेषण का उपयोग किया गया, क्योंकि विभिन्न स्थानों और समयों पर लिए गए पानी के नमूनों में अंतर था, इसलिए ये नमूने पूरी नदी की गुणवत्ता को पूरी तरह से नहीं दर्शाते थे।<br><br>बोर्ड की 28 फरवरी की रिपोर्ट, जिसे 7 मार्च को NGT की वेबसाइट पर अपलोड किया गया, बताती है कि 12 जनवरी से गंगा नदी पर पांच स्थानों और यमुना नदी पर दो स्थानों पर जल निगरानी की गई। रिपोर्ट में पाया गया कि विभिन्न तिथियों पर लिए गए नमूनों में पीएच, घुलित ऑक्सीजन (डीओ), जैव रासायनिक ऑक्सीजन मांग (बीओडी) और फीकल कोलीफॉर्म काउंट (एफसी) जैसे मापदंडों में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए।]]> </content:encoded>
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<title>महिला दिवस से पहले थानेदार पर बलात्कार का आरोप, मामला 4 साल पुराना</title>
<link>https://pratinidhi.in/police-officer-accused-of-assault-before-women-day-old-news-goes-viral-again</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर एक पुलिस अधिकारी द्वारा एक महिला के साथ बलात्कार की खबर हाल की घटना बताकर शेयर की जा रही है। फैक्ट चेक में पता चला कि खबर चार साल पुरानी है और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 07:52:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Fact Check, Rajasthan, police officer, assault, women day, viral news</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक न्यूज क्लिपिंग शेयर की जा रही है जिसमें दावा किया गया है कि महिला दिवस से तीन दिन पहले एक थानेदार ने शिकायत दर्ज कराने आई एक महिला के साथ बलात्कार किया। इस खबर को अब गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, यूजर्स इसे हाल की घटना बताकर झूठा दावा कर रहे हैं। फैक्ट चेक में पता चला कि खबर चार साल पुरानी है। सोशल मीडिया यूजर्स ने घटना हाल ही में होने का दावा करते हुए शेयर किया और अधिकारियों से कार्रवाई करने का आग्रह किया। रिवर्स इमेज सर्च से 9 मार्च, 2021 का एक इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आया, जिसमें वही क्लिपिंग थी। आगे की जांच में 8 मार्च, 2021 की आज तक की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें अलवर जिले में एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा केडली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने आई एक महिला के साथ कथित बलात्कार की घटना का विवरण दिया गया है। यह निर्धारित किया गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित न्यूज क्लिपिंग हाल की नहीं है और यूजर्स इसे भ्रामक दावों के साथ शेयर कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>मणिपुर में फ्री मूवमेंट रुका, विरोध के बाद फिर होगा रिव्यू</title>
<link>https://pratinidhi.in/manipur-free-movement-stopped-after-violent-protests</link>
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<description><![CDATA[ मणिपुर में अमित शाह के आदेश पर 8 मार्च से शुरू होने वाले फ्री मूवमेंट को विरोध के चलते रोक दिया गया। कुकी इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 27 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। हालात अभी तनावपूर्ण बने हुए हैं और पुलिस व प्रशासन स्थिति की समीक्षा करेंगे। शनिवार को, गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद, मणिपुर में फ्री मूवमेंट की अनुमति देने के पहले ही दिन कुकी क्षेत्रों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। कुकी-जो समुदाय ने सुरक्षाबलों की कार्रवाई के विरोध में कांगपोकपी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया। पुलिस के अनुसार, रविवार को कोई नई घटना नहीं हुई, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। फ्री मूवमेंट को फिलहाल रोक दिया गया। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 07:52:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Manipur, Free Movement, Protests, Amit Shah, Violence</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[मणिपुर में अमित शाह के आदेश पर 8 मार्च से शुरू होने वाले फ्री मूवमेंट को विरोध के चलते रोक दिया गया। कुकी इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए, जिसमें 27 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। हालात अभी तनावपूर्ण बने हुए हैं और पुलिस व प्रशासन स्थिति की समीक्षा करेंगे.<br><br>शनिवार को, गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद, मणिपुर में फ्री मूवमेंट की अनुमति देने के पहले ही दिन कुकी क्षेत्रों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए। कुकी-जो समुदाय ने सुरक्षाबलों की कार्रवाई के विरोध में कांगपोकपी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया। पुलिस के अनुसार, रविवार को कोई नई घटना नहीं हुई, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। फ्री मूवमेंट को फिलहाल रोक दिया गया है।<br><br>सोमवार को प्रभावित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। कुकी और मैतेई समुदायों से बातचीत जारी है। स्थिति को ध्यान में रखते हुए फ्री मूवमेंट पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिंसा वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।<br><br>पुलिस अधिकारी ने कहा कि शनिवार को बल की कमी के कारण हिंसा नहीं हुई। कुकी प्रदर्शनकारियों के हमलों में 27 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, सड़कों को अवरुद्ध किया, टायर जलाए और पेड़ गिराए।<br><br>प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग की और गुलेल का इस्तेमाल किया। शनिवार को स्थिति और खराब हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने एक निजी वाहन में आग लगा दी और इंफाल से सेनापति जिले जा रही एक सरकारी बस को रोकने का प्रयास किया।<br><br>यह विरोध मेइती संगठन फेडरेशन ऑफ सिविल सोसाइटी द्वारा आयोजित शांति मार्च के खिलाफ था, जिसे पुलिस ने कांगपोकपी जिले में पहुंचने से पहले ही रोक दिया था। प्रदर्शनकारी सरकारी बस के बजाय अपनी निजी गाड़ियों में थे।<br><br>मई 2023 में जातीय हिंसा के बाद से मणिपुर में फ्री मूवमेंट प्रभावित है। कुकी क्षेत्रों में मैतेई और मैतेई क्षेत्रों में कुकी समुदाय के लोग जाने से बचते हैं, जिससे समस्या हो रही है। इस आवाजाही को सुचारू करने के लिए अमित शाह ने मणिपुर पुलिस और प्रशासन को 8 मार्च से फ्री मूवमेंट शुरू करने का निर्देश दिया था।<br><br>सरकारी बसें चलाने की योजना थी, लेकिन विरोध के कारण इसे रोक दिया गया। मणिपुर के लोगों का कहना है कि हिंसा के कारण कामकाज, रोजगार और शिक्षा प्रभावित हो रही है, और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो रहा है।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>RSS के खिलाफ बयान पर दिग्विजय सिंह का पलटवार</title>
<link>https://pratinidhi.in/digvijay-singh-reacts-to-rahul-gandhi-statement-on-rss</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गुजरात दौरे पर दिग्विजय सिंह ने आरएसएस को लेकर प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने कहा था कि कुछ कांग्रेसी बीजेपी से जुड़े हैं, जिस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्हें गुजरात में आरएसएस के खिलाफ बोलने से मना किया गया था क्योंकि हिंदू नाराज हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि आरएसएस हिंदुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता और बीजेपी धर्म के नाम पर लोगों को लूटती है। राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं को जनता से जुड़ने और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने की बात कही। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 10 Mar 2025 07:52:15 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Rahul Gandhi, Digvijay Singh, RSS, BJP, Gujarat, Congress</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> कांग्रेस नेता राहुल गांधी के गुजरात दौरे पर दिग्विजय सिंह ने आरएसएस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। <br><br>राहुल गांधी ने गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि कुछ लोग कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते हैं, जबकि कुछ बीजेपी से जुड़े हुए हैं। इस पर दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उन्हें याद है जब वह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में प्रचार करने गए थे, तब उन्हें आरएसएस के खिलाफ बोलने से मना किया गया था क्योंकि हिंदू नाराज हो जाएंगे।<br><br>दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस हिंदुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता, बल्कि धर्म के नाम पर उन्हें गुमराह करता है। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी शोषक तत्वों का समूह है जो धर्म के नाम पर लोगों को लूट कर सत्ता हासिल करना चाहता है।<br><br>राहुल गांधी ने अहमदाबाद में कहा था कि कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है, लेकिन कुछ नेता बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं को जनता से जुड़ने की जरूरत है और अगर सख्त कार्रवाई करनी पड़े तो 30-40 लोगों को निकाल देना चाहिए।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>तेलंगाना सरकार और केंद्र में फंड को लेकर टकराव</title>
<link>https://pratinidhi.in/telangana-government-and-center-clash-over-funds</link>
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<description><![CDATA[ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर राज्य के लिए पर्याप्त फंड जारी न करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादों को पूरा करने का दबाव है। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इन आरोपों का खंडन किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस मुद्दे पर चर्चा करने और केंद्र के समक्ष इसे उठाने के लिए सभी सांसदों की एक बैठक बुलाई थी। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 18:21:31 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>तेलंगाना, केंद्र सरकार, रेवंत रेड्डी, जी किशन रेड्डी, फंड आवंटन, राजनीतिक विवाद</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>तेलंगाना सरकार और केंद्र के बीच फंड को लेकर टकराव जारी है।</strong><br><br>तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर राज्य के लिए पर्याप्त फंड जारी न करने का आरोप लगाया है, जिसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादों को पूरा करने का दबाव है।<br><br><strong>रेवंत रेड्डी का आरोप और बीजेपी का पलटवार</strong><br><br>मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी राज्य की परियोजनाओं में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार तेलंगाना को पर्याप्त फंड नहीं दे रही है।<br><br><strong>केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी का जवाब</strong><br><br>केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर केंद्र के साथ सहयोग न करने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए निराधार आरोप लगा रहे हैं।<br><br><strong>बीजेपी का दावा</strong><br><br>बीजेपी का कहना है कि हाल ही में हुए एमएलसी चुनावों में बीजेपी की जीत जनता का कांग्रेस के खिलाफ फैसला है।<br><br><strong>राज्य मंत्रिमंडल की बैठक</strong><br><br>राज्य मंत्रिमंडल ने इस मुद्दे पर चर्चा करने और केंद्र के समक्ष इसे उठाने के लिए सभी सांसदों की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें बीजेपी और बीआरएस ने दूरी बनाई।<br><br><strong>बैठक में चर्चा</strong><br><br>बैठक में राज्य के मुद्दों पर संसद में स्थगन प्रस्ताव लाने पर विचार किया गया। डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि केंद्र राज्य की परियोजनाओं को मंजूरी देने में सहयोग नहीं कर रहा है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पंजाब के खेतों में सांप: वायरल वीडियो का सच</title>
<link>https://pratinidhi.in/strange-snakes-in-punjab-fields-proven-fake-video-viral-on-social-media-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया गया कि पंजाब के खेतों में अजीबोगरीब सांप पाए गए। सजग टीम ने जाँच में पाया कि यह दावा झूठा है। गूगल पर ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, और AI टूल्स ने वीडियो को 94% फ़ेक बताया। यूट्यूब पर एक यूजर ने दावा किया कि खाद डालने के बाद सांप निकले, लेकिन AI विश्लेषण से पता चला कि वीडियो 99% फ़ेक है। निष्कर्ष यह है कि दावा गलत है और वीडियो AI द्वारा बनाया गया है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 18:18:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>strange snakes in punjab fields, fake video, viral on social media, fact check</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें दावा किया गया था कि पंजाब के खेतों में अजीबोगरीब सांप पाए गए हैं। <br><br>सजग टीम ने इस वीडियो की जाँच की और पाया कि यह दावा झूठा है। गूगल पर भी ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली और AI टूल से चेक करने पर वीडियो 94% फ़ेक निकला।<br><br>यह वीडियो यूट्यूब पर शेयर किया गया था, जिसमें एक यूजर ने दावा किया था कि खेतों में खाद डालने के बाद सांप निकले थे।<br><br>सजग टीम ने AI टूल का इस्तेमाल करके पाया कि वीडियो 99% फ़ेक है। इसलिए, यह निष्कर्ष निकाला गया कि यह दावा गलत है और वीडियो AI द्वारा बनाया गया था।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>सदन में टैरिफ मुद्दा: विपक्ष की सरकार को घेरने की रणनीति</title>
<link>https://pratinidhi.in/opposition-to-raise-tariff-issue-in-parliament-budget-session</link>
<guid>https://pratinidhi.in/opposition-to-raise-tariff-issue-in-parliament-budget-session</guid>
<description><![CDATA[ विपक्षी दल संसद के बजट सत्र में ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ नीति पर सरकार से जवाब मांगेंगे। कांग्रेस ने पीएम मोदी से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या भारत अमेरिकी टैरिफ कटौती की शर्तों पर सहमत है। डीएमके और कांग्रेस तमिलनाडु में लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन और नई शिक्षा नीति का विरोध करेंगे। कांग्रेस ने ट्रम्प के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत टैरिफ कम करने पर सहमत है। जयराम रमेश ने सरकार से भारतीय हितों की रक्षा करने का आग्रह किया और मोदी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 18:16:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>संसद, बजट सत्र, विपक्षी दल, ट्रम्प प्रशासन, टैरिफ नीति, नरेंद्र मोदी, पीयूष गोयल, कांग्रेस, डीएमके, तमिलनाडु</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[संसद के आगामी बजट सत्र में, जो सोमवार से शुरू हो रहा है, विपक्षी पार्टियाँ ट्रम्प प्रशासन की टैरिफ नीति पर सरकार के जवाबदेही की मांग करने वाली हैं। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वे संसद में यह स्पष्ट करें कि क्या भारतीय पक्ष अमेरिकी टैरिफ में कटौती की शर्तों से सहमत है।<br><br>बजट सत्र का दूसरा भाग सोमवार को शुरू होने वाला है। विपक्षी दल इस चरण का उपयोग ट्रम्प प्रशासन द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ के जवाब में सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाने के लिए करेंगे। इसके अतिरिक्त, डीएमके और कांग्रेस, तमिलनाडु में अपने सहयोगियों के साथ, दक्षिणी क्षेत्रों में लोकसभा क्षेत्रों के जनसंख्या-आधारित परिसीमन और नई शिक्षा नीति में भाषा नीति का विरोध करने की योजना बना रहे हैं।<br><br>शनिवार को, कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारतीय पक्ष टैरिफ कम करने के लिए 'सहमत' हो गया है। यह बयान उस समय आया जब वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल वाशिंगटन में वार्ता कर रहे थे। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में स्पष्ट करें कि क्या कोई समझौता हुआ है और क्या भारत ने अमेरिकी दबाव के आगे अपने हितों का समर्पण किया है।<br><br>कांग्रेस ने सरकार से भारतीय हितों, विशेष रूप से किसानों और विनिर्माण क्षेत्रों की रक्षा करने का भी आग्रह किया। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल व्यापार वार्ता के लिए वाशिंगटन डीसी में हैं, और राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक वीडियो बयान में कहा कि भारतीय पक्ष कुछ टैरिफ कटौती के लिए सहमत हो गया है।<br><br>अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के जयराम रमेश ने सवाल किया कि मोदी सरकार ने किन शर्तों पर सहमति व्यक्त की है और क्या भारतीय किसानों और निर्माताओं के हितों से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि 10 मार्च को संसद की कार्यवाही शुरू होने पर प्रधानमंत्री इस मामले पर स्पष्टीकरण दें। ट्रम्प को वीडियो में यह कहते हुए सुना गया कि भारत टैरिफ कम करने के लिए सहमत हो गया है, लेकिन अब बहुत कम क्योंकि किसी ने आखिरकार उनकी पोल खोल दी है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>भारत&amp;अमेरिका व्यापार वार्ता: टैरिफ में कमी पर जोर, गोयल ने की अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात</title>
<link>https://pratinidhi.in/india-us-trade-deal-talks-goyal-meets-us-officials-amid-trumps-tariff-threats</link>
<guid>https://pratinidhi.in/india-us-trade-deal-talks-goyal-meets-us-officials-amid-trumps-tariff-threats</guid>
<description><![CDATA[ भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है, जिसमें टैरिफ में कमी और बाजार पहुंच को सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की। ट्रंप प्रशासन ने टैरिफ कम करने पर भारत की सहमति का दावा किया है। भारत सरकार ने कहा कि 2025 तक एक बिजनेस डील की दिशा में यह बातचीत यूएई, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसे देशों के लिए भारत द्वारा कम किए गए टैरिफ के संदर्भ में देखी जानी चाहिए। पीयूष गोयल ने अमेरिकी कॉमर्स सचिव और व्यापार प्रतिनिधि से बातचीत की। भारत ने हाल ही में कई देशों के साथ टैरिफ में कमी की है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 18:16:54 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारत-अमेरिका व्यापार, टैरिफ, पीयूष गोयल, अमेरिकी अधिकारी, व्यापार समझौता</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। इस दौरान टैरिफ में कमी और बाजार पहुंच को सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मुलाकात की।<br><br><strong>मुख्य बातें:</strong><br><ul><li>भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है।</li><li>पीयूष गोयल ने अमेरिका में व्यापार प्रतिनिधियों से मुलाकात की।</li><li>ट्रंप ने भारत पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।</li></ul><br>नई दिल्ली में हुई बातचीत में, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों से मुलाकात की। यह मुलाकात राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने की धमकी के बीच हुई। भारत सरकार ने कहा है कि 2025 तक एक बिजनेस डील की दिशा में यह बातचीत यूएई, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड जैसे देशों के लिए भारत द्वारा कम किए गए टैरिफ के संदर्भ में देखी जानी चाहिए।<br><br>पीयूष गोयल ने अमेरिका के तीन दिवसीय दौरे में अमेरिकी कॉमर्स सचिव और व्यापार प्रतिनिधि से बातचीत की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत और अमेरिका दोनों के अपने हित और संवेदनशीलताएं हैं। ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में भी दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर चर्चा हुई थी, लेकिन नतीजा नहीं निकला।<br><br>भारत ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया, यूएई, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के तहत टैरिफ में कमी की है। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ भी इसी तरह की बातचीत चल रही है। ट्रंप ने भारत पर भारी टैरिफ लगाने का आरोप लगाया था, लेकिन भारत ने टैरिफ में कमी करने पर सहमति जताई है। फरवरी 2025 में, भारत और अमेरिका एक समझौते के पहले चरण पर बातचीत करने के लिए सहमत हुए।]]> </content:encoded>
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<title>सोना तस्करी: एक्ट्रेस रान्या राव गिरफ्तार, CBI की कार्यवाई से तस्करों में हड़कंप!</title>
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<description><![CDATA[ कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने गोल्ड स्मगलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। रान्या राव को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से 12.56 करोड़ रुपये मूल्य का 14.2 किलोग्राम सोना बरामद हुआ था। सीबीआई ने सोने की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ मामला दर्ज कर मुंबई और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर जांच शुरू कर दी है। कर्नाटक सरकार ने हवाई अड्डे के प्रोटोकॉल सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रोटोकॉल सेवाओं के नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 07:48:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Ranya Rao, Gold Smuggling, CBI, DRI, Bengaluru Airport, Kannada Actress, गिरफ्तारी, सोना तस्करी, कार्रवाई, जांच</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव की गिरफ्तारी के बाद, सीबीआई ने गोल्ड स्मगलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए तेज़ी से कार्रवाई शुरू कर दी है। सीबीआई ने विभिन्न हवाई अड्डों के माध्यम से विदेश से भारत में सोने की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के साथ मिलकर काम कर रही है।<br><br>रान्या राव को बेंगलुरु हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से 12.56 करोड़ रुपये मूल्य का 14.2 किलोग्राम सोना बरामद हुआ था। सीबीआई ने सोने की तस्करी करने वाले गिरोहों के खिलाफ मामला दर्ज कर मुंबई और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर जांच शुरू कर दी है। रान्या राव पर दुबई से 17 सोने की छड़ें लाने का आरोप है और उन्हें 18 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।<br><br>सोशल मीडिया पर रान्या की सूजी हुई आंखों और चोटों वाली तस्वीरें वायरल होने के बाद, कर्नाटक राज्य महिला आयोग ने हिरासत में मारपीट की आशंका पर चिंता जताई है। हवाई अड्डे के प्रोटोकॉल सेवाओं के दुरुपयोग की भी जांच हो रही है और कर्नाटक सरकार ने प्रोटोकॉल सेवाओं के नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। रान्या ने डीआरआई को दिए अपने बयान में सोने की तस्करी की बात स्वीकार की है।<br><br>कन्नड़ फिल्मों की अभिनेत्री रान्या राव 3 मार्च को दुबई से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 14.8 किलो सोने के साथ गिरफ्तार की गई थीं। सीबीआई अधिकारियों ने डीआरआई के साथ मिलकर इस मामले की जांच करने की पुष्टि की है और दो सीबीआई टीमें मुंबई और बेंगलुरु हवाई अड्डों पर भेजी गई हैं।<br><br>यह मामला हवाई अड्डे के प्रोटोकॉल सेवाओं के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है। कर्नाटक सरकार ने मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) में बदलाव करने का फैसला किया है और सुरक्षा सुविधाएं अब केवल अधिकारियों तक ही सीमित रहेंगी, उनके परिवार या सहयोगियों को नहीं।]]> </content:encoded>
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<title>कांग्रेस में गुटबाजी: राहुल गांधी ने गुजरात में नेताओं को दी चेतावनी</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुजरात दौरे पर पार्टी नेताओं को गुटबाजी को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पार्टी अपने वोट प्रतिशत में पांच फीसदी की भी बढ़ोतरी करने में सफल होती है, तो वह गुजरात में सत्ता में आ सकती है। बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अपनी ही पार्टी के लोगों को अपमानित कर रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 07:48:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राहुल गांधी, कांग्रेस, गुटबाजी, गुजरात, बीजेपी</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुजरात दौरे पर अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि जो लोग बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।<br><br>उन्होंने कहा कि कांग्रेस में दो गुट हैं, जिनमें से आधे बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को पार्टी से निकालने की चेतावनी दी है।<br><br>राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस को जिला, ब्लॉक और उच्च स्तर पर नेताओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन वे जंजीरों में जकड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं को, जिनमें मैं भी शामिल हूं, गुजरात के लोगों के बीच जाना होगा, उनकी आवाज सुननी होगी।<br><br>उन्होंने तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर पार्टी अपने वोट प्रतिशत में पांच फीसदी की भी बढ़ोतरी करने में सफल होती है, तो वह गुजरात में सत्ता में आ सकती है।<br><br>राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी पिछले 30 साल से गुजरात की सत्ता से बाहर है, लेकिन अब बदलाव की जरूरत है। उन्होंने इस गुजरात दौरे के जरिए समूचे देश के पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठित होने का सीधा संदेश दिया।<br><br>बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वह अपनी ही पार्टी के लोगों को अपमानित कर रहे हैं।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>भारत&amp;पाक सीमा: अमेरिका ने नागरिकों को यात्रा से किया आगाह</title>
<link>https://pratinidhi.in/us-advisory-for-citizens-not-to-travel-near-india-pakistan-border-due-to-terrorism</link>
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<description><![CDATA[ अमेरिका ने आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष की आशंका के चलते भारत-पाकिस्तान सीमा के पास यात्रा न करने की चेतावनी दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि इन क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियां हो सकती हैं, इसलिए पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करें। अमेरिकियों को बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में भी यात्रा न करने की सलाह दी गई है। पाकिस्तान आतंकवाद से दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है, जहां हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 07:48:27 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>अमेरिका, भारत-पाकिस्तान सीमा, यात्रा चेतावनी, आतंकवाद, पाकिस्तान</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>न्यूयॉर्क, पीटीआई।</strong> अमेरिका ने अपने नागरिकों को भारत-पाकिस्तान सीमा के पास यात्रा न करने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी आतंकवाद और सशस्त्र संघर्ष की आशंका के चलते जारी की गई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने एक एडवाइजरी जारी कर कहा है कि इन क्षेत्रों में आतंकी गतिविधियां हो सकती हैं। इसलिए, अमेरिकी नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा पर पुनर्विचार करना चाहिए।

<strong>बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में भी यात्रा न करने की सलाह</strong>
<br><br>
एडवाइजरी में अमेरिकियों को बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की यात्रा न करने की भी सलाह दी गई है। यह परामर्श राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी कांग्रेस को यह बताए जाने के कुछ दिनों बाद आया है कि पाकिस्तान ने 2021 के काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती बम विस्फोट में शामिल एक ISIS आतंकवादी को पकड़ लिया है। इस विस्फोट में 13 अमेरिकी सेवा सदस्य और लगभग 170 अफगान मारे गए थे।

<strong>पाकिस्तान आतंकवाद से दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश</strong>
<br><br>
ऑस्ट्रेलिया स्थित इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा प्रकाशित वैश्विक सूचकांक में पाकिस्तान को आतंकवाद से दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश बताया गया है। इस सूचकांक में दुनिया की 99.7 प्रतिशत आबादी को कवर करते हुए 163 देशों का सर्वेक्षण किया गया था। पाकिस्तान में आतंकवादी हिंसा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, विशेष रूप से इसके पश्चिमी प्रांतों खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में। यहां तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे समूहों ने नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है।]]> </content:encoded>
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<title>भाजपा का राहुल गांधी पर हमला: विदेश में किससे मिलते हैं?</title>
<link>https://pratinidhi.in/bjp-targets-rahul-gandhi-over-gujarat-tour-who-does-he-meet-abroad</link>
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<description><![CDATA[ भाजपा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए पूछा कि वे विदेश में किससे मिलते हैं और उनकी मिलीभगत किसके साथ है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल को अपनी पार्टी की हार के लिए खुद को जिम्मेदार मानना चाहिए। शहजाद पूनावाला ने राहुल पर पार्टी कार्यकर्ताओं को विफलताओं के लिए दोषी ठहराने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस अपने आदर्शों से भटक गई है। ]]></description>
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<pubDate>Sun, 09 Mar 2025 07:46:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>राहुल गांधी, भाजपा, कांग्रेस, गुजरात दौरा, सुधांशु त्रिवेदी, शहजाद पूनावाला</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>नई दिल्ली:</strong> गुजरात दौरे पर कांग्रेस नेताओं पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने पूछा कि राहुल गांधी विदेश में किससे मिलते हैं और उनकी मिलीभगत किसके साथ है? पार्टी ने कहा कि कांग्रेस नेता को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले आत्मचिंतन करना चाहिए।<br><br>भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि उनकी पार्टी की हार के लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के 140 साल के इतिहास में सबसे असफल नेता गुजरात में कार्यकर्ताओं को सफलता का मंत्र सिखा रहे थे। त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार संवैधानिक संस्थाओं, सरकार और मीडिया पर दोषारोपण करने के बाद अब अपनी पार्टी के लोगों को भी दोष दे रहे हैं।<br><br>भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि राहुल गांधी गुजरात में अपनी और अपनी पार्टी को ट्रोल कर रहे थे। उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी कार्यकर्ताओं को उनकी विफलताओं के लिए दोषी ठहराया। पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा कि अगर चुनाव में पार्टी को हराना एक कला है, तो राहुल गांधी उसके कलाकार हैं।<br><br>सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस से किसी ने भी गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा देखने नहीं गया, जिससे पता चलता है कि पार्टी अपने आदर्शों से भटक गई है।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पुरानी तस्वीर से खरगे पर निशाना: इफ्तार पार्टी की सच्चाई</title>
<link>https://pratinidhi.in/old-photo-of-mallikarjun-kharge-iftar-party-viral-with-misleading-claims</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर मल्लिकार्जुन खरगे की 2006 की इफ्तार पार्टी की तस्वीर वायरल हो रही है, जिसे कुछ यूजर्स भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं। तस्वीर को खरगे के गंगा स्नान पर दिए गए बयान के बाद वायरल किया जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि खरगे रोजा इफ्तार से गरीबी दूर करने की बात कर रहे हैं। पड़ताल में पता चला कि यह तस्वीर पुरानी है और इसे गलत दावे के साथ पेश किया जा रहा है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:48:01 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Mallikarjun Kharge, Iftar Party, Fact Check, Social Media, Congress</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर मल्लिकार्जुन खरगे की एक पुरानी तस्वीर वायरल हो रही है, जिसमें वे इफ्तार करते दिख रहे हैं। यह तस्वीर 2006 की है, जब खरगे बेंगलुरु में एक इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे। कुछ यूजर्स इस तस्वीर को खरगे के गंगा स्नान पर दिए गए बयान के बाद भ्रामक दावे के साथ शेयर कर रहे हैं।<br><br>दावा किया जा रहा है कि खरगे गंगा स्नान से गरीबी दूर नहीं होने की बात कर रोजा इफ्तार से गरीबी दूर करने की बात कर रहे हैं।<br><br>सजग की टीम ने पड़ताल में पाया कि यह तस्वीर 2006 की है, जब खरगे कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थे और बेंगलुरु में एक इफ्तार पार्टी में शामिल हुए थे।<br><br>यह तस्वीर उस वक्त वायरल हुई है जब खरगे ने महाकुंभ को लेकर विवादास्पद टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि क्या गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी दूर होती है। इसी बयान के बाद यूजर्स ने उनकी पुरानी तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया है।<br><br>निष्कर्ष यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मल्लिकार्जुन खरगे की इफ्तार करते हुए तस्वीर पुरानी है और इसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है。]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गुजरात कांग्रेस पर राहुल गांधी का हमला: पार्टी में बदलाव के संकेत</title>
<link>https://pratinidhi.in/rahul-gandhi-attacks-gujarat-congress-hints-at-changes-in-party</link>
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<description><![CDATA[ गुजरात दौरे पर राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात कांग्रेस के कुछ नेता बीजेपी की बी-टीम की तरह काम कर रहे हैं और पार्टी में कुछ नेता ऐसे हैं जो जनता से जुड़े नहीं हैं। राहुल गांधी ने पार्टी संगठन में बड़े बदलाव के संकेत दिए और कहा कि जरूरत पड़ने पर 10 से 40 नेताओं को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात कांग्रेस पार्टी सही दिशा दिखाने में असमर्थ है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 16:44:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Rahul Gandhi, Gujarat Congress, BJP, Congress Party, Gujarat Politics</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>अहमदाबाद:</strong> गुजरात दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात कांग्रेस के कुछ नेता बीजेपी की बी-टीम की तरह काम कर रहे हैं। गांधी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कांग्रेस में कई 'बब्बर शेर' हैं, लेकिन वे सभी बंधे हुए हैं। उन्होंने जोर दिया कि हर किसी को जनता के लिए काम करना होगा।<br><br>राहुल गांधी ने आगे कहा कि गुजरात में विकास अटका हुआ है और उसे आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात कांग्रेस पार्टी सही दिशा दिखाने में असमर्थ है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कुछ नेता ऐसे हैं जो जनता से जुड़े नहीं हैं और उनमें से कुछ बीजेपी के लिए काम करते हैं।<br><br>राहुल गांधी ने पार्टी संगठन में बड़े बदलाव के संकेत दिए और कहा कि जरूरत पड़ने पर 10 से 40 नेताओं को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यहां रेस के घोड़े को शादी में और शादी के घोड़े को रेस में दौड़ाया जाता है।<br><br>राहुल गांधी ने पार्टी के नेताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि कई वरिष्ठ नेता जो अलग-अलग स्तरों पर अध्यक्ष बने बैठे हैं, उनमें दो तरह के नेता हैं। पहले वे जो सीधे जनता से जुड़े हुए हैं और जिनके दिल में कांग्रेस है। दूसरे वे नेता हैं जो जनता से कटे हुए हैं, जिन्हें जनता के मुद्दों के बारे में कुछ भी नहीं पता है और उनमें से आधे बीजेपी के लिए काम करते हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>ललित मोदी: वानुआतु नागरिकता, भारतीय पासपोर्ट सरेंडर!</title>
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<description><![CDATA[ ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया है, क्योंकि उन्होंने वानुआतु की नागरिकता प्राप्त कर ली है। विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। उनके कानूनी सलाहकार मेहबूब अबदी ने बताया कि मोदी ने भारतीय पासपोर्ट को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सरेंडर करने के सभी कदम उठाए हैं। ललित मोदी पर आईपीएल के शीर्ष अधिकारी रहते हुए करोड़ों रुपये के गबन के आरोप हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ललित मोदी के आवेदन की जांच की जाएगी। वानुआतु दक्षिणी प्रशांत द्वीप राष्ट्र है, और अब मोदी वहां के नागरिक बन गए हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 12:08:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>ललित मोदी, भारतीय पासपोर्ट, सरेंडर, वानुआतु, नागरिकता, BCCI, उच्चायोग, विदेश मंत्रालय, गबन, आईपीएल</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष और आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी ने <strong>लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग</strong> में अपना भारतीय पासपोर्ट जमा करने के लिए आवेदन किया है।<br><br>विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मोदी ने <strong>वानुआतु की नागरिकता</strong> प्राप्त कर ली है। उनके कानूनी सलाहकार मेहबूब अबदी ने भी इसकी पुष्टि की है।<br><br>मेहबूब अबदी ने बताया कि ललित मोदी ने भारतीय पासपोर्ट को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सरेंडर करने के सभी कदम उठाए हैं। ललित मोदी पर आईपीएल के शीर्ष अधिकारी रहते हुए करोड़ों रुपये के गबन के आरोप हैं और वे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल हैं।<br><br>विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ललित मोदी के आवेदन की जांच की जाएगी और उनके खिलाफ कानून के तहत मामला आगे बढ़ाया जा रहा है।<br><br>मेहबूब अबदी ने यह भी बताया कि ललित मोदी के खिलाफ किसी भारतीय एजेंसी ने किसी अदालत में कोई चार्जशीट या शिकायत दायर नहीं की है। वानुआतु दक्षिणी प्रशांत द्वीप राष्ट्र है, और अब मोदी वहां के नागरिक बन गए हैं, जिससे उन्हें भारत वापस लाने में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>राजीव गांधी को अय्यर ने बताया &amp;apos;बेहतरीन&amp;apos; पीएम, बीजेपी पर हमला</title>
<link>https://pratinidhi.in/manishankar-aiyar-defends-rajiv-gandhi-comment-targets-bjp</link>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने राजीव गांधी की शिक्षा पर की गई अपनी टिप्पणी पर मचे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर दुष्प्रचार का आरोप लगाया है। अय्यर ने कहा कि बीजेपी ने उनके लंबे इंटरव्यू का एक छोटा सा हिस्सा काटकर गलत तरीके से पेश किया, जबकि उन्होंने पूरे इंटरव्यू में राजीव गांधी को &#039;बेहतरीन&#039; प्रधानमंत्री बताया था। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के डीएनए में गांधी परिवार है और पार्टी कार्यकर्ता हमेशा उन्हें सम्मान की नजर से देखते रहे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी नेता अमित मालवीय ने &#039;एक्स&#039; पर एक वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें अय्यर को राजीव गांधी की शिक्षा के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है, जिससे कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 12:07:50 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Manishankar Aiyar, Rajiv Gandhi, BJP, Congress, Controversy, Propaganda</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[कांग्रेस नेता <strong>मणिशंकर अय्यर</strong> ने <strong>राजीव गांधी</strong> की शिक्षा पर की गई अपनी टिप्पणी पर मचे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने उनके दो घंटे से अधिक के इंटरव्यू से एक छोटा सा हिस्सा निकालकर गलत प्रचार किया। अय्यर ने जोर देकर कहा कि उन्होंने पूरे इंटरव्यू में <strong>राजीव गांधी</strong> को 'बेहतरीन' प्रधानमंत्री बताया था। यह विवाद उनकी नई किताब '<strong>ए मेवरिक इन पॉलिटिक्स</strong>' पर एक चर्चा के दौरान शुरू हुआ, जो '<strong>फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया</strong>' में आयोजित की गई थी।<br><br>अय्यर ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने उनके लंबे इंटरव्यू से एक छोटी सी क्लिप निकालकर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है। उन्होंने विशेष रूप से बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख <strong>अमित मालवीय</strong> पर आरोप लगाया कि उन्होंने इंटरव्यू के 2 घंटे 23 मिनट में से केवल 50 सेकंड का क्लिप निकालकर सोशल मीडिया पर फैला दिया, जिसमें राजीव गांधी की शिक्षा पर उनकी टिप्पणी दिखाई गई थी। अय्यर ने कहा कि उन्होंने अपनी किताब में भी यही बात लिखी थी, लेकिन उस समय किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।<br><br>अय्यर ने आगे कहा कि अगर अमित मालवीय या किसी और ने दस सेकंड और सुने होते, तो उन्हें यह भी सुनाई देता कि वे राजीव गांधी को अब तक का सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री बता रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने राजीव गांधी की प्रशंसा की थी, लेकिन बीजेपी ने जानबूझकर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया, क्योंकि वे सिर्फ विवाद पैदा करना चाहते हैं।<br><br>कांग्रेस में गांधी परिवार के दबदबे के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने कहा कि गांधी परिवार कांग्रेस के डीएनए में है। उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के सदस्य पार्टी में किसी पद पर रहे हों या न रहे हों, लेकिन पार्टी कार्यकर्ता और नेता हमेशा उन्हें सम्मान की नजर से देखते रहे हैं। अय्यर का मानना है कि गांधी परिवार कांग्रेस का एक अभिन्न अंग है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी नेता अमित मालवीय ने 'एक्स' पर एक वीडियो क्लिप साझा की, जिसमें अय्यर को राजीव गांधी की शिक्षा के बारे में बात करते हुए सुना जा सकता है।<br><br>इस क्लिप में अय्यर को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि राजीव गांधी को इंग्लैंड में पढ़ाई के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। जैसे ही यह क्लिप वायरल हुई, सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया, जिससे कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। अय्यर का कहना है कि पूरे मामले को संदर्भ से काटकर पेश किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बात पूरी तरह से रखने का मौका नहीं दिया गया और बीजेपी ने जानबूझकर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर विवाद खड़ा किया।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>रमजान में मुस्लिम कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी: सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप</title>
<link>https://pratinidhi.in/supreme-court-dismisses-petition-muslim-employees-leaving-office-early-ramzan</link>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकार के रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी देने के फैसले के खिलाफ याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय जाने का निर्देश दिया, जिसके बाद याचिका वापस ले ली गई। यह मामला तब उठा जब दोनों राज्य सरकारों ने मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान में एक घंटा पहले दफ्तर छोड़ने की अनुमति दी थी, जिससे देश में राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 12:07:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Supreme Court, Ramzan, Muslim Employees, Early Leave, Petition Dismissed, Andhra Pradesh, Telangana</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों द्वारा रमजान के महीने में मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले दफ्तर छोड़ने की इजाजत देने के निर्णय के विरुद्ध दायर याचिका को खारिज कर दिया है। <br><br>कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे संबंधित उच्च न्यायालय में अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इस मामले ने देश में राजनीतिक बहस को जन्म दिया था। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि वे अपनी शिकायत उच्च न्यायालय में ले जाएं।<br><br>याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि उन्होंने दोनों राज्यों के आदेशों को चुनौती दी थी। कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को उच्च न्यायालय जाने की सलाह दी। इसके बाद, याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।<br><br>तेलंगाना सरकार ने एक आदेश जारी किया था जिसमें मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान एक घंटा पहले दफ्तर छोड़ने की अनुमति दी गई थी। इसी तरह, आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दौरान जल्दी छुट्टी देने का आदेश जारी किया था।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>स्कूल में बच्चे की पिटाई: वीडियो यूपी का नहीं, ट्यूनीशिया में 2021 में हुई घटना</title>
<link>https://pratinidhi.in/child-beating-video-tunisia-fact-check</link>
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<description><![CDATA[ सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शिक्षक एक छोटे बच्चे को बेरहमी से पीट रहा है। वीडियो उत्तर प्रदेश के एक स्कूल का बताया जा रहा था, लेकिन जांच में पता चला कि यह वीडियो ट्यूनीशिया के सॉसे का है और यह घटना 2021 में हुई थी। सजग की टीम ने वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए रिवर्स इमेज सर्च का उपयोग किया और पाया कि यह वीडियो तीन साल पुराना है। न्यूज एफएम नामक एक उपयोगकर्ता ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि यह घटना ट्यूनीशिया के सॉसे शहर में हुई थी। ]]></description>
<enclosure url="http://navbharattimes.indiatimes.com/thumb/msid-118797524,imgsize-17414,width-540,height-405,resizemode-75/118797524.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Sat, 08 Mar 2025 11:33:43 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>child beating, viral video, fact check, tunisia, uttar pradesh</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शिक्षक एक छोटे बच्चे को निर्दयतापूर्वक पीट रहा है। यह दावा किया जा रहा था कि वीडियो उत्तर प्रदेश के एक स्कूल का है, लेकिन जांच में पता चला कि यह वीडियो ट्यूनीशिया के सॉसे का है और यह घटना 2021 में हुई थी।<br><br>सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में, एक व्यक्ति एक छोटे बच्चे को बेरहमी से पीट रहा है, जबकि कमरे में अन्य बच्चे भी मौजूद हैं। इस वीडियो को साझा करते हुए, यह दावा किया गया कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के एक स्कूल का है। हालाँकि, सजग की टीम ने जब इस वीडियो की पड़ताल शुरू की, तो उपयोगकर्ताओं का दावा गलत निकला।<br><br>उपयोगकर्ताओं का दावा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश का है। एक्स पर @PUNE__24 नाम के एक उपयोगकर्ता ने वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'ये दरिंदे महंगी-महंगी फीस लेते हैं और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, इन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती?' एक अन्य उपयोगकर्ता ने भी इसी कैप्शन के साथ वीडियो साझा किया और यूपी पुलिस से शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।<br><br>सजग की टीम ने इस वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए रिवर्स इमेज सर्च का उपयोग किया। इससे पता चला कि यह वीडियो तीन साल पुराना है, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह हालिया नहीं है। न्यूज एफएम नामक एक उपयोगकर्ता ने वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि यह घटना ट्यूनीशिया के सॉसे शहर में हुई थी, जहाँ एक शिक्षक एक स्कूली छात्र के साथ हिंसक हो गया था।<br><br>इसके बाद, सजग की टीम को jawharafm.net पर एक रिपोर्ट मिली, जिसके अनुसार सॉसे के तिफला क्षेत्र के एक प्राथमिक विद्यालय में एक शिक्षक ने 10 साल के बच्चे के साथ मारपीट की थी।<br><br>निष्कर्ष यह है कि सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को यूपी के स्कूल का बताया जा रहा है, वह वास्तव में भारत का नहीं है। वायरल वीडियो सॉसे का है और यह घटना 2021 में हुई थी।<br><br>यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि झूठ सच की तुलना में अधिक तेज़ी से फैलता है। हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम फ़ेक न्यूज़, भ्रामक व्हाट्सएप संदेशों और फ़ेक वायरल पोस्ट के बारे में सतर्क रहें। यदि आपको कोई ऐसा संदेश, पोस्ट या लिंक मिलता है जिस पर आपको संदेह है, तो आप हमें इसकी पुष्टि के लिए भेज सकते हैं। हमारी विशेषज्ञ टीम, जो फ़ेक न्यूज़ की जाँच करती है, पूरी लगन से जाँच करेगी और आपको सच्चाई से अवगत कराएगी।]]> </content:encoded>
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<item>
<title>महिला दिवस पर महिलाएं संभालेंगी पीएम मोदी का सोशल मीडिया अकाउंट</title>
<link>https://pratinidhi.in/pm-modi-special-appeal-to-women-on-womens-day-to-share-life-journeys</link>
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<description><![CDATA[ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को अपने जीवन की यात्राएं नमो एप पर साझा करने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि कुछ महिलाओं को उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने का मौका मिलेगा। पीएम मोदी ने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की और सभी से उनके सम्मान का आग्रह किया। उन्होंने पहले भी 2020 में अपने अकाउंट्स महिलाओं को सौंपे थे। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:12:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महिला दिवस, पीएम मोदी, सोशल मीडिया, नमो एप, जीवन यात्राएं</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<strong>महिला दिवस पर महिलाएं संभालेंगी पीएम मोदी का सोशल मीडिया अकाउंट, जीवन यात्राएं साझा करने का अनुरोध</strong><br><br>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं से आग्रह किया है कि वे अपनी जीवन की कहानियों को नमो एप पर साझा करें। इन जीवन यात्राओं में से कुछ महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने का अवसर मिलेगा।<br><br><strong>पीएम मोदी ने नमो एप पर महिलाओं से जीवन यात्राएं साझा करने का किया अनुरोध</strong><br><br>प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी दी कि वे नमो एप ओपन फोरम पर प्रेरणादायक जीवन यात्राएं देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ महिलाओं को 8 मार्च को महिला दिवस पर उनके डिजिटल सोशल मीडिया अकाउंट्स को संभालने के लिए चुना जाएगा। उन्होंने महिलाओं से और भी जीवन यात्राएं साझा करने का अनुरोध किया है।<br><br><strong>पीएम ने पहले भी किया था यह एलान</strong><br><br>पीएम मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा था कि ये सफल महिलाएं उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने काम और अनुभव के बारे में बात करेंगी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की सराहना की और महिलाओं की अदम्य भावना का जश्न मनाने और सम्मान करने का आह्वान किया।<br><br><strong>पहले भी पीएम ने किया था ऐसा</strong><br><br>प्रधानमंत्री ने 8 मार्च, 2020 को भी इसी तरह का कदम उठाते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को विभिन्न क्षेत्रों की सात अग्रणी महिलाओं को सौंपे थे। मोदी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले वैश्विक नेताओं में से एक हैं, जिनके एक्स, यूट्यूब और इंस्टाग्राम सहित अन्य प्लेटफार्म पर करोड़ों फॉलोअर्स हैं।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;कुछ लोग खुद को ओवर स्मार्ट समझते हैं&amp;apos;, समय रैना पर SC की तल्ख टिप्पणी; रणवीर इलाहाबदिया को सशर्त राहत</title>
<link>https://pratinidhi.in/supreme-court-allows-ranveer-allahbadia-to-resume-show-blasts-samay-raina</link>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबदिया को &#039;इंडिया गॉट लेटेंट&#039; शो को कुछ शर्तों के साथ चलाने की इजाजत दे दी है। कोर्ट ने रणवीर को शो में शालीनता बनाए रखने का हलफनामा देने के लिए कहा है। कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हो रही अश्लीलता पर चिंता जताई है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रणवीर के शो पर रोक हटाने का विरोध किया था। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:08:26 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Supreme Court, Ranveer Allahbadia, Samay Raina, India Got Latent, अभद्र टिप्पणी, यूट्यूबर</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने 'इंडिया गॉट लेटेंट' शो में अश्लील टिप्पणी करने के आरोपी यूट्यूबर रणवीर इलाहाबदिया को कुछ शर्तों के साथ शो चलाने की अनुमति दे दी है।

<br><br>
जस्टिस सूर्यकांत और एनके सिंह की बेंच ने यह फैसला रणवीर की अपील पर दिया, जिसमें उन्होंने शो पर लगी रोक हटाने की गुहार लगाई थी। रणवीर ने कहा था कि शो से 280 कर्मचारियों की रोजी-रोटी चलती है। कोर्ट ने रणवीर को शो में शालीनता और नैतिकता बनाए रखने का हलफनामा देने के लिए कहा है।
<br><br>
कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हो रही अश्लीलता पर चिंता जताई और कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस बारे में नियम बनाने और सभी पक्षों से सलाह करके प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।
<br><br>
इस मामले में, समय रैना नामक एक व्यक्ति ने कनाडा में एक शो के दौरान अदालत की कार्यवाही पर मजाक किया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि कुछ लोग खुद को बहुत चालाक समझते हैं, लेकिन कोर्ट को उनसे निपटना आता है।
<br><br>
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रणवीर के शो पर रोक हटाने का विरोध किया और कहा कि शो में इस्तेमाल की गई भाषा अश्लील और विकृत थी।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>&amp;apos;किसी को &amp;apos;मियां&amp;तियां&amp;apos; या पाकिस्तानी कहना अपराध नहीं&amp;apos;</title>
<link>https://pratinidhi.in/miyan-tian-or-pakistani-word-is-not-a-crime-supreme-court-says-no-hurt-to-religious-sentiments</link>
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<description><![CDATA[ सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी को मियां-तियां या पाकिस्तानी कहना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा अपराध नहीं है। यह टिप्पणी जस्टिस बीवी नागरत्ना और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने एक सरकारी कर्मचारी को पाकिस्तानी कहने के आरोपी के खिलाफ मामला बंद करते हुए की। मामला झारखंड के एक उर्दू अनुवादक और एक कार्यवाहक क्लर्क द्वारा दर्ज कराया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उनके धर्म का हवाला देकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि मियां-तियां और पाकिस्तानी कहना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बराबर नहीं है। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:07:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>Supreme Court, Miyan Tian, Pakistani, Religious Sentiments, Jharkhand High Court, IPC Section 298, IPC Section 504, IPC Section 353</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति को <strong>मियां-तियां</strong> या <strong>पाकिस्तानी</strong> कहना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा अपराध नहीं है। <br><br>जस्टिस बीवी नागरत्ना और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह टिप्पणी एक सरकारी कर्मचारी को <strong>पाकिस्तानी</strong> कहने के आरोपी के खिलाफ मामला बंद करते हुए की। <br><br>यह मामला झारखंड के एक उर्दू अनुवादक और एक कार्यवाहक क्लर्क द्वारा दर्ज कराया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि जब वे सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के बारे में जानकारी देने के लिए आरोपी से मिले, तो आरोपी ने उनके धर्म का हवाला देकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। <br><br>शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन को रोकने के लिए आपराधिक बल का इस्तेमाल किया। इसके परिणामस्वरूप, आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 298, 504 और 353 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।<br><br>सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि अपीलकर्ता पर <strong>मियां-तियान</strong> और <strong>पाकिस्तानी</strong> कहकर सूचनाकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। अदालत ने कहा कि हालांकि ये बयान सही नहीं हैं, लेकिन ये सूचनाकर्ता की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बराबर नहीं हैं।<br><br>शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी की ओर से ऐसा कोई कार्य नहीं किया गया जिससे शांति भंग हो सकती हो। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अपीलकर्ता द्वारा कोई हमला या बल का प्रयोग नहीं किया गया था, इसलिए उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353 लागू नहीं की जा सकती।]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>गृह मंत्री ने ली नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा बैठक</title>
<link>https://pratinidhi.in/amit-shah-chairs-meeting-goa-cm-review-implementation-criminal-laws</link>
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<description><![CDATA[ अमित शाह ने गोवा में नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गोवा को इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में एक मानक स्थापित करने का लक्ष्य दिया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से संगठित अपराध और आतंकवाद जैसे मामलों की निगरानी करने और अपराधियों से बरामद संपत्ति को सही मालिकों को वापस करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि गोवा इन कानूनों को लागू करके एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा। ]]></description>
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<pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:06:48 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>criminal laws, Amit Shah, Goa, Pramod Sawant, review meeting, forensic</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गोवा में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की उपस्थिति में नई दिल्ली में एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में, गोवा में पुलिस, जेल, अदालत, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। अमित शाह ने 100 प्रतिशत फोरेंसिक नमूना परीक्षण प्राप्त करने पर बल दिया।</p><br><p>अमित शाह ने कहा कि गोवा को तीन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में एक मानक स्थापित करना चाहिए और एक आदर्श राज्य बनना चाहिए। उन्होंने तेजी से न्याय प्रदान करने के लक्ष्य का सख्ती से पालन करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने आपराधिक मामलों में सात वर्ष से अधिक की सजा के प्रावधान वाले मामलों में 90 प्रतिशत दोषसिद्धि दर प्राप्त करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।</p><br><p>शाह ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि वे संगठित अपराध, आतंकवाद और भीड़ द्वारा हत्या से संबंधित मामलों की नियमित निगरानी करें, ताकि संबंधित प्रावधानों का दुरुपयोग न हो। उन्होंने निर्देश दिया कि इन धाराओं के तहत मामले दर्ज करने से पहले पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी की अनुमति ली जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नए कानूनों के प्रावधानों के अनुसार अपराधियों से बरामद संपत्ति उसके सही मालिकों को वापस की जाए।</p><br><p>भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम ने अंग्रेजों के समय की भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और 1872 के भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान लिया है। ये कानून पिछले वर्ष 1 जुलाई से लागू हुए थे। इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करके गोवा एक राष्ट्रीय मानक स्थापित करेगा।</p><br><p>बैठक के बाद, प्रमोद सावंत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'मैं अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराता हूं कि न्याय को बनाए रखने और नागरिकों के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करने के लिए गोवा इन कानूनों को लागू करते हुए एक मिसाल पेश करेगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>महाराष्ट्र में न शिंदे न फडणवीस, ये नेता बनेगा मुख्यमंत्री? शपथ ग्रहण से पहले बढ़ी सियासी हलचल</title>
<link>https://pratinidhi.in/Murlidhar-Mohol-Emerges-as-a-Contender-for-Chief-Minister-Post</link>
<guid>https://pratinidhi.in/Murlidhar-Mohol-Emerges-as-a-Contender-for-Chief-Minister-Post</guid>
<description><![CDATA[ महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज, बीजेपी नेता मुरलीधर मोहोल मुख्यमंत्री पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में उभरे। फडणवीस-शिंदे के सत्ता समीकरणों के बीच बीजेपी नेतृत्व नए चेहरों और युवा नेताओं को आगे लाने पर विचार कर रहा है। पुणे में लोकप्रिय मोहोल की छवि और विकास कार्यों पर पार्टी को भरोसा। जल्द आ सकती है आधिकारिक घोषणा। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 30 Nov 2024 11:18:05 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में पुणे के पूर्व मेयर मुरलीधर मोहोल का नाम सामने आया। बीजेपी नेतृत्व नए चेहरे पर विचार कर रहा है। उनके संगठनात्मक कौशल और लोकप्रियता को पार्टी की रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में नई हलचल शुरू हो गई है। पुणे नगर निगम के पूर्व मेयर और वरिष्ठ बीजेपी नेता मुरलीधर मोहोल का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में प्रमुखता से सामने आ रहा है। माना जा रहा है कि बीजेपी नेतृत्व इस बार नए चेहरे को सामने लाने पर विचार कर रही है।</p>
<p><strong>फडणवीस और शिंदे के बाद मुरलीधर मोहोल पर नजर</strong><br>मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच सत्ता के समीकरणों को लेकर चल रहे मतभेद के बीच मुरलीधर मोहोल का नाम चर्चा में आया है। बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि मोहोल का व्यक्तित्व और उनका जमीनी जुड़ाव पार्टी के लिए सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।</p>
<p><strong>बीजेपी की रणनीति में बदलाव की अटकलें</strong><br>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में बीजेपी अपने पारंपरिक समीकरणों से हटकर कुछ नया करने की योजना बना रही है। मुरलीधर मोहोल का चयन करना इस बात का संकेत हो सकता है कि पार्टी राज्य की राजनीति में नई रणनीति के साथ उतरना चाहती है।</p>
<p><strong>पुणे में लोकप्रियता बनी ताकत</strong><br>मुरलीधर मोहोल पुणे में अपनी लोकप्रियता और संगठनात्मक कुशलता के लिए जाने जाते हैं। उनके नेतृत्व में पुणे नगर निगम ने कई विकास कार्य किए हैं, जो उन्हें एक प्रभावी नेता के रूप में स्थापित करते हैं। बीजेपी को उम्मीद है कि उनकी सादगी और प्रभावी नेतृत्व राज्यभर में पार्टी की छवि को और मजबूत कर सकता है।</p>
<p><strong>सहयोगियों और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं</strong><br>मुरलीधर मोहोल के नाम को लेकर बीजेपी में अंदरूनी सहमति बनने की खबरें हैं, लेकिन सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) और विपक्षी पार्टियों ने इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला शिवसेना और एनसीपी के रुख पर भी निर्भर करेगा।</p>
<p><strong>युवा चेहरे पर भरोसा जताने की तैयारी</strong><br>महाराष्ट्र की राजनीति में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए बीजेपी यह कदम उठा सकती है। मुरलीधर मोहोल को मुख्यमंत्री बनाकर पार्टी युवाओं और शहरी मतदाताओं को साधने का प्रयास कर सकती है।</p>
<p><strong>पार्टी नेतृत्व का अंतिम फैसला शेष</strong><br>हालांकि, मुख्यमंत्री पद के लिए मुरलीधर मोहोल का नाम सुर्खियों में है, लेकिन बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही पार्टी इस विषय में आधिकारिक घोषणा कर सकती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>क्या बदल जाएंगे महाराष्ट्र चुनाव के आंकड़े? कांग्रेस ने कर दिया ये काम, चुनाव आयोग करेगा फैसला</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र चुनाव में वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी और मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जांच की मांग की है। पार्टी ने इस मुद्दे पर पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बचाने पर जोर दिया है। जानिए इस विवाद से जुड़ी पूरी खबर। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 29 Nov 2024 16:24:20 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र चुनाव, कांग्रेस, चुनाव आयोग, अनियमितताएं, वोटिंग मशीन, ईवीएम गड़बड़ी, लोकतंत्र, निष्पक्ष जांच, चुनाव प्रक्रिया, पारदर्शिता, महाराष्ट्र राजनीति, चुनाव सुधार, मतदाता सूची, कांग्रेस मांग, चुनाव आयोग प्रतिक्रिया</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न हुए चुनावों पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए चुनाव आयोग से तत्काल बैठक की मांग की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>
<p><strong>चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग</strong><br>कांग्रेस ने कहा कि चुनाव के दौरान वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी और मतदाता सूचियों में अनियमितताओं की कई शिकायतें मिली हैं। पार्टी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। इसके अलावा, कांग्रेस ने कहा कि ये मुद्दे लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर सकते हैं।</p>
<p><strong>चुनावी प्रक्रिया पर कांग्रेस का रुख</strong><br>पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनावों में मतदान के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी की खबरें आईं, जिससे मतदाताओं को परेशानी हुई। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया।</p>
<p><strong>चुनाव आयोग पर दबाव बनाने की कोशिश</strong><br>कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर गड़बड़ियों के सबूत पेश करने की पेशकश की है। पार्टी के अनुसार, यदि इन मामलों की जांच नहीं की गई, तो यह भविष्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और नुकसान पहुंचा सकता है।</p>
<p><strong>चुनावों में पारदर्शिता की आवश्यकता</strong><br>कांग्रेस ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक राजनीतिक दल का नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा मामला है। पार्टी ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर एकजुट होकर चुनाव आयोग पर पारदर्शिता बढ़ाने के लिए दबाव बनाएं।</p>
<p><strong>सरकार और आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार</strong><br>महाराष्ट्र में अनियमितताओं के आरोपों पर अब तक चुनाव आयोग या सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, कांग्रेस के इस कदम ने चुनावी प्रक्रिया में सुधार की बहस को हवा दे दी है।</p>
<p><strong>लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठाया गया कदम</strong><br>कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए चुनाव प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता आवश्यक है। पार्टी ने मांग की है कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर गंभीरता से विचार करे और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाराष्ट्र में बड़ा सियासी खेल: फडणवीस या शिंदे, किसे मिलेगा ताज और किस पर मंडराएगा खतरा</title>
<link>https://pratinidhi.in/maharashtra-politics-amit-shah-eknath-shinde-devendra-fadnavis-cm-speculations-2024</link>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई मुलाकात ने कई अटकलों को जन्म दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के संकेत दिए गए। इसे लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच सत्ता संतुलन की चर्चा जोरों पर है। ]]></description>
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<pubDate>Fri, 29 Nov 2024 11:23:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई मुलाकात ने कई अटकलों को जन्म दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के संकेत दिए गए।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई मुलाकात ने कई अटकलों को जन्म दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुलाकात में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाने के संकेत दिए गए। इसे लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच सत्ता संतुलन की चर्चा जोरों पर है।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। शिंदे और शाह के बीच हुई इस बैठक को भाजपा की आगामी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस कदम से पार्टी महाराष्ट्र में अपने आधार को और मजबूत करना चाहती है। फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपने की अटकलें इस दिशा में एक बड़ा संकेत हो सकता है।</p>
<p>भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन के बीच पिछले साल हुए घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति को नई दिशा दी थी। शिंदे गुट ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करते हुए भाजपा के साथ सरकार बनाई थी। लेकिन हाल ही में बढ़ते राजनीतिक दबाव और आगामी चुनावों के मद्देनजर भाजपा के रणनीतिकारों ने नए समीकरण तैयार करने शुरू कर दिए हैं।</p>
<p>इस मुलाकात के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं के बीच हलचल तेज हो गई है। हालांकि, एकनाथ शिंदे ने इसे एक सामान्य बैठक करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा हुई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को संभावित बदलाव का संकेत माना जा रहा है।</p>
<p>आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा महाराष्ट्र में सत्ता संरचना को और मजबूत करना चाहती है। देवेंद्र फडणवीस का अनुभव और उनकी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें नेतृत्व सौंपने का मन बना सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगा।</p>]]> </content:encoded>
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<title>प्रियंका गांधी की शपथ: नेहरू&amp;गांधी परिवार का संसद में 71 साल पुराना इतिहास दोहराया</title>
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<description><![CDATA[ कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने लोकसभा सांसद के रूप में शपथ ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें संसद सदस्य की शपथ दिलाई। इस शपथ के साथ ही गांधी-नेहरू परिवार का एक और सदस्य संसद में प्रवेश कर गया है। प्रियंका गांधी नेहरू परिवार की 16वीं सदस्य हैं, जिन्होंने लोकसभा में कदम रखा है। इस ऐतिहासिक क्षण ने एक बार फिर इस परिवार की संसदीय परंपरा को मजबूत किया। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 28 Nov 2024 13:10:03 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने लोकसभा सांसद के रूप में शपथ ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें संसद सदस्य की शपथ दिलाई। इस शपथ के साथ ही गांधी-नेहरू परिवार का एक और सदस्य संसद में प्रवेश कर गया है।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने लोकसभा सांसद के रूप में शपथ ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें संसद सदस्य की शपथ दिलाई। इस शपथ के साथ ही गांधी-नेहरू परिवार का एक और सदस्य संसद में प्रवेश कर गया है। प्रियंका गांधी नेहरू परिवार की 16वीं सदस्य हैं, जिन्होंने लोकसभा में कदम रखा है। इस ऐतिहासिक क्षण ने एक बार फिर इस परिवार की संसदीय परंपरा को मजबूत किया।</p>
<p><strong>राहुल-प्रियंका की जोड़ी ने दोहराया इतिहास</strong><br>प्रियंका गांधी के संसद में आने से 71 साल पुराना इतिहास भी दोहराया गया। 1953 तक लोकसभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू और उनकी बहन विजयलक्ष्मी पंडित एक साथ सदस्य थे। अब प्रियंका और राहुल गांधी के रूप में नेहरू-गांधी परिवार के भाई-बहन की जोड़ी संसद में साथ नजर आएगी। इस परिवार का भारतीय संसद से यह रिश्ता पीढ़ियों से चलता आ रहा है।</p>
<p><strong>पहली लोकसभा में गांधी परिवार के पांच सदस्य</strong><br>1951-52 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में नेहरू-गांधी परिवार के पांच सदस्य संसद पहुंचे थे। इनमें पंडित जवाहरलाल नेहरू, फिरोज गांधी, उमा नेहरू, विजयलक्ष्मी पंडित और श्योराजवती नेहरू शामिल थीं। नेहरू के प्रधानमंत्री बनने के साथ ही यह परिवार भारतीय राजनीति का अभिन्न हिस्सा बन गया।</p>
<p><strong>दूसरी लोकसभा में घट गई संख्या</strong><br>1957 के दूसरे लोकसभा चुनाव में नेहरू-गांधी परिवार से तीन सदस्य संसद पहुंचे। इनमें पंडित नेहरू, उमा नेहरू और फिरोज गांधी शामिल थे। हालांकि, फिरोज गांधी का कार्यकाल बीच में ही खत्म हो गया, जब 1960 में उनका निधन हो गया।</p>
<p><strong>तीसरी लोकसभा में सिर्फ एक सदस्य</strong><br>1962 में हुए तीसरे लोकसभा चुनाव में नेहरू परिवार से सिर्फ पंडित नेहरू संसद पहुंचे। उनके निधन के बाद फूलपुर सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी बहन विजयलक्ष्मी पंडित जीतीं, जिससे परिवार का संसदीय प्रतिनिधित्व जारी रहा।</p>
<p><strong>आपातकाल के बाद नेहरू-गांधी परिवार का संसद से बाहर होना</strong><br>1977 के आम चुनाव में आपातकाल के विरोध के कारण इंदिरा गांधी और संजय गांधी दोनों हार गए। यह पहला मौका था जब संसद में नेहरू-गांधी परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। हालांकि, 1978 में इंदिरा गांधी ने कर्नाटक के चिकमंगलूर से जीत हासिल कर इस खालीपन को समाप्त कर दिया।</p>
<p><strong>नई पीढ़ी का बढ़ता कद</strong><br>मौजूदा लोकसभा में प्रियंका गांधी के साथ उनके भाई राहुल गांधी भी सांसद हैं। वहीं, उनकी मां सोनिया गांधी राज्यसभा में राजस्थान से सांसद हैं। यह पहली बार है जब गांधी परिवार के तीन सदस्य एक साथ संसद में सक्रिय हैं। इससे यह परिवार भारतीय राजनीति में अपनी प्रमुखता बनाए हुए है।</p>
<p><strong>नेहरू-गांधी परिवार की संसदीय यात्रा का महत्व</strong><br>नेहरू-गांधी परिवार भारतीय संसद के इतिहास में अद्वितीय स्थान रखता है। यह परिवार न केवल भारतीय राजनीति की धारा को प्रभावित करता रहा है, बल्कि इसके सदस्यों ने हर चुनौती के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। प्रियंका गांधी के संसद में आने से यह परंपरा और मजबूत हुई है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाराष्ट्र में नई सरकार का खाका तैयार: देवेंद्र फडणवीस सीएम, दो डिप्टी सीएम की संभावना</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र में सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। महायुति गठबंधन के तीनों प्रमुख दलों के नेता आज दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय होने की उम्मीद है। एकनाथ शिंदे द्वारा सीएम पद की दौड़ से पीछे हटने के बाद देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि आज शाम तक सीएम का चेहरा स्पष्ट हो जाएगा। ]]></description>
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<pubDate>Thu, 28 Nov 2024 12:04:57 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र में सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। महायुति गठबंधन के तीनों प्रमुख दलों के नेता आज दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय होने की उम्मीद है।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में सरकार गठन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। महायुति गठबंधन के तीनों प्रमुख दलों के नेता आज दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम निर्णय होने की उम्मीद है। एकनाथ शिंदे द्वारा सीएम पद की दौड़ से पीछे हटने के बाद देवेंद्र फडणवीस का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि आज शाम तक सीएम का चेहरा स्पष्ट हो जाएगा।</p>
<p><strong>बीजेपी के पास रहेगा कैबिनेट का आधा हिस्सा</strong><br>सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र की नई कैबिनेट में बीजेपी आधे पद अपने पास रख सकती है। शिवसेना (शिंदे गुट) को तीन प्रमुख विभागों के साथ 12 कैबिनेट सीटें मिल सकती हैं। वहीं, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को नौ मंत्री पद मिलने की संभावना है। कुल 43 मंत्रियों की संभावित कैबिनेट में महत्वपूर्ण विभागों का बंटवारा आज तय हो सकता है।</p>
<p><strong>शिवसेना को मिल सकते हैं ये प्रमुख विभाग</strong><br>शिवसेना (शिंदे गुट) को शहरी विकास, लोक निर्माण और जल संसाधन जैसे प्रमुख विभाग मिल सकते हैं। इस बंटवारे से शिवसेना को सरकार में प्रभावी हिस्सेदारी दी जाएगी। हालांकि, बीजेपी का दबदबा नए मंत्रिमंडल में भी बरकरार रहेगा।</p>
<p><strong>दो डिप्टी सीएम की संभावना</strong><br>नई सरकार में दो उपमुख्यमंत्रियों की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवसेना और एनसीपी से एक-एक डिप्टी सीएम हो सकते हैं। इस प्रस्ताव से गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश होगी। मुख्यमंत्री पद के लिए बीजेपी से देवेंद्र फडणवीस का नाम लगभग तय माना जा रहा है।</p>
<p><strong>शिंदे के संकेत और गठबंधन की रणनीति</strong><br>कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को बयान देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के फैसले को स्वीकार करने की बात कही थी। उनके इस बयान से यह स्पष्ट हो गया था कि अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से होगा। इस बीच, गठबंधन के नेता महाराष्ट्र के भविष्य को लेकर सहमति बनाने की कोशिश में जुटे हैं।</p>
<p><strong>महायुति की चुनौती और अवसर</strong><br>महायुति गठबंधन में बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट), और एनसीपी के बीच विभागों और पदों का संतुलन बनाना एक चुनौती है। लेकिन यह गठबंधन महाराष्ट्र में स्थिर सरकार देने के लिए प्रतिबद्ध है। आज शाम तक मुख्यमंत्री के नाम और नई कैबिनेट की संरचना पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाराष्ट्र में BJP दे सकती है चौंकाने वाला फैसला, फडणवीस के अलावा अन्य नामों पर चर्चा</title>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यमंत्री पद को लेकर चौंकाने वाला फैसला ले सकती है। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस के अलावा कई अन्य नामों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का यह कदम संभावित गठबंधन, युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और जातिगत समीकरणों को साधने की दिशा में हो सकता है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 27 Nov 2024 13:36:35 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यमंत्री पद को लेकर चौंकाने वाला फैसला ले सकती है। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस के अलावा कई अन्य नामों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>महाराष्ट्र में आगामी चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यमंत्री पद को लेकर चौंकाने वाला फैसला ले सकती है। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के लिए देवेंद्र फडणवीस के अलावा कई अन्य नामों पर भी विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी का यह कदम संभावित गठबंधन, युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और जातिगत समीकरणों को साधने की दिशा में हो सकता है।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री पद के लिए नए नामों की चर्चा</strong><br>राज्य में BJP द्वारा संभावित मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में कई नाम सामने आ रहे हैं। इनमें वर्तमान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ ही कुछ युवा और क्षेत्रीय नेताओं के नामों पर भी चर्चा हो रही है। पार्टी की रणनीति में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाना अहम है, जिससे अधिकतम समर्थन प्राप्त किया जा सके।</p>
<p><strong>शिंदे गुट और गठबंधन की भूमिका</strong><br>महाराष्ट्र में शिंदे गुट के साथ गठबंधन BJP के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के साथ तालमेल बनाए रखना भी पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में BJP का फैसला न केवल गठबंधन को स्थिरता देगा, बल्कि राज्य की राजनीति में पार्टी की मजबूती भी सुनिश्चित करेगा।</p>
<p><strong>फडणवीस की भूमिका पर सवाल</strong><br>देवेंद्र फडणवीस, जिन्होंने 2014 से 2019 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी छवि बनाई, का नाम अब भी प्रबल दावेदारों में शामिल है। हालांकि, पार्टी में नए चेहरों और युवाओं को आगे लाने की नीति फडणवीस की भूमिका को सीमित कर सकती है।</p>
<p><strong>BJP की रणनीति और आगामी चुनाव</strong><br>महाराष्ट्र में BJP की रणनीति आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकती है। पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णय से न केवल राज्य में BJP का भविष्य तय होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डालेगा। अब देखना होगा कि BJP अपने नेतृत्व चयन में कौन सा कदम उठाती है और इसे कैसे जनता के सामने पेश करती है।</p>]]> </content:encoded>
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<title>महाराष्ट्र और झारखंड में सरकार बनाने की तैयारी, महिलाओं की इन योजनाओं ने दिलाई जीत</title>
<link>https://pratinidhi.in/maharashtra-jharkhand-women-centric-schemes-victory-trend</link>
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<description><![CDATA[ महाराष्ट्र और झारखंड में सरकार गठन की तस्वीर अब स्पष्ट हो गई है। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन और झारखंड में इंडी गठबंधन की सत्ता में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। दोनों राज्यों में सभी सीटों के रुझान आने के बाद एक खास ट्रेंड सामने आया है। यह ट्रेंड महिलाओं के लिए शुरू की गई योजनाओं का है, जिनका सीधा फायदा चुनावी नतीजों में दिखा है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 23 Nov 2024 17:09:13 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>महाराष्ट्र और झारखंड में सरकार गठन की तस्वीर अब स्पष्ट हो गई है। महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन और झारखंड में इंडी गठबंधन की सत्ता में वापसी लगभग तय मानी जा रही है।</media:keywords>
<content:encoded></content:encoded>
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<item>
<title>धमकियों का सिलसिला जारी: भारतीय एयरलाइंस की सुरक्षा चाक&amp;चौबंद, 40 फ्लाइट्स को खतरा</title>
<link>https://pratinidhi.in/Panic-due-to-bomb-threat-Emergency-landing-of-more-than-20-planes-security-tightened</link>
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<description><![CDATA[ भारतीय एयरलाइनों को बम धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, विस्तारा, स्पाइसजेट, स्टार एयर और एलायंस एयर के 20 से अधिक विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इन धमकियों से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कुछ विमानों की आपात लैंडिंग भी करानी पड़ी है। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Oct 2024 15:55:42 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>भारतीय एयरलाइनों को बम धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, विस्तारा, स्पाइसजेट, स्टार एयर और एलायंस एयर के 20 से अधिक विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय एयरलाइनों को बम धमकी मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को एयर इंडिया, इंडिगो, अकासा एयर, विस्तारा, स्पाइसजेट, स्टार एयर और एलायंस एयर के 20 से अधिक विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इन धमकियों से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है और एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। कुछ विमानों की आपात लैंडिंग भी करानी पड़ी है।</p>
<p>इंडिगो की दिल्ली और मुंबई से इस्तांबुल, जोधपुर से दिल्ली, और विस्तारा की उदयपुर से मुंबई जाने वाली उड़ानें भी धमकी की चपेट में आईं। दुबई-जयपुर एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को आपात लैंडिंग करानी पड़ी, हालांकि बाद में जांच में बम की धमकी अफवाह साबित हुई। विमान में कुल 189 यात्री सवार थे।</p>
<p>विस्तारा की दिल्ली से लंदन जा रही फ्लाइट को भी बम की धमकी मिली, जिसके बाद फ्लाइट को फ्रैंकफर्ट डायवर्ट कर दिया गया। सोशल मीडिया के जरिए धमकी मिलने पर अधिकारियों को सूचित किया गया और अनिवार्य सुरक्षा जांच के बाद विमान को लंदन भेजा गया। विस्तारा ने बताया कि सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठाया गया था।</p>
<p>इसी तरह, शुक्रवार को अकासा एयर की बेंगलुरु से मुंबई जाने वाली फ्लाइट (QP 1366) को बम की धमकी मिली, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सभी यात्रियों को उतारकर विमान की जांच की गई। इंडिगो की मुंबई और दिल्ली से इस्तांबुल जाने वाली फ्लाइट और जोधपुर से दिल्ली आने वाली फ्लाइट को भी अलर्ट मिला, जिनकी गहन जांच की गई।</p>
<p>हाल के दिनों में करीब 40 विमानों को बम की धमकी मिल चुकी है, हालांकि सभी फर्जी साबित हुई हैं। बावजूद इसके, फ्लाइट को डायवर्ट और रद्द करना पड़ा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। एयरलाइनों को इन धमकियों के कारण सुरक्षा जांच में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।</p>
<p>नागरिक उड्डयन मंत्रालय अब इस मामले में सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। बम की धमकी देने वाले व्यक्ति को नो-फ्लाई सूची में डालने पर विचार किया जा रहा है, जिससे ऐसे लोग किसी भी विमान में यात्रा नहीं कर सकेंगे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>उत्तराखंड की चुनौतियों पर चर्चा: मुख्यमंत्री धामी और नीति आयोग उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण बैठक</title>
<link>https://pratinidhi.in/Discussion-on-the-challenges-of-Uttarakhand-Important-meeting-of-CM-Dhami-and-NITI-Aayog-Vice-Chairman</link>
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<description><![CDATA[ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और राज्य से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बेरी का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में पर्वतीय, मैदानी, भाबर और तराई क्षेत्र हैं, जो प्राकृतिक आपदाओं, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ]]></description>
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<pubDate>Sat, 19 Oct 2024 15:31:09 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और राज्य से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की।</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और राज्य से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बेरी का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में पर्वतीय, मैदानी, भाबर और तराई क्षेत्र हैं, जो प्राकृतिक आपदाओं, वनाग्नि, पलायन और फ्लोटिंग जनसंख्या जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि उत्तराखंड दो अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ा होने के कारण सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, और हिमालयी राज्यों की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीति निर्धारण की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़ने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य कर रही है, जिसे गेम-चेंजर साबित होने की उम्मीद है। इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अत्यधिक धनराशि और तकनीकी सहयोग की जरूरत है, जिसके लिए उन्होंने नीति आयोग से सहयोग की मांग की।</p>
<p>उन्होंने कहा कि राज्य की मूल जनसंख्या करीब सवा करोड़ है, लेकिन धार्मिक और पर्यटन राज्य होने के कारण यहां साल भर में 10 गुना अधिक फ्लोटिंग आबादी का आवागमन होता है, जिसके लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास की नीति बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता पर भी चर्चा की और कहा कि राज्य हर साल प्राकृतिक आपदाओं के कारण भारी जन-धन की हानि झेलता है।</p>
<p>उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए विशेष नीति और वनाग्नि से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधनों की मांग की। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नीति बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने उत्तराखंड को सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में पहला स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी। उन्होंने राज्य की चुनौतियों को समझते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बेरी ने यह भी कहा कि नीति आयोग राज्य के आकांक्षी जनपदों और विकासखंडों के विकास के लिए हर संभव समर्थन प्रदान करेगा।</p>
<p>इस बैठक में उत्तराखंड सेतु आयोग के उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।</p>]]> </content:encoded>
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<title>क्या सच में गिर सकती है मोदी सरकार? प्रशांत किशोर का विपक्ष को संकेत!</title>
<link>https://pratinidhi.in/Can-Modi-government-really-fall-Prashant-Kishor-signal-to-the-opposition</link>
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<description><![CDATA[ प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि यदि आईएनडीआईए गठबंधन ने हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में बीजेपी को हराने में सफलता प्राप्त की, तो इसका सीधा असर केंद्र में मोदी सरकार पर पड़ेगा। उनके अनुसार, इन राज्यों में बीजेपी की हार केंद्र में मोदी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण झटका साबित हो सकती है। ]]></description>
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<pubDate>Wed, 25 Sep 2024 17:05:49 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी: &#039;अगर विपक्षी गठबंधन ने बीजेपी को हराया, तो गिर सकती है मोदी सरकार!&#039;</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>देश के जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर इन दिनों काफी चर्चा में हैं। इस बार चर्चा का कारण उनकी हालिया 'फेल' भविष्यवाणी है। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के बाद किशोर ने दावा किया था कि बीजेपी को 300 से ज्यादा सीटें मिलेंगी, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत रही। उनके आंकड़े पूरी तरह से गलत साबित हुए, जिसके बाद उन्होंने खुद इस गलती को स्वीकार किया।</p>
<p>हालांकि, अब उन्होंने एक ऐसा बयान दिया है, जो विपक्षी नेताओं के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। एक मीडिया आउटलेट को दिए इंटरव्यू में किशोर ने बताया कि अगर विपक्षी गठबंधन यानी आईएनडीआईए आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी को हरा देता है, तो केंद्र में मोदी की सरकार संकट में आ सकती है।</p>
<p>क्या है किशोर का सुझाव?</p>
<p>प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि यदि आईएनडीआईए गठबंधन ने हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में बीजेपी को हराने में सफलता प्राप्त की, तो इसका सीधा असर केंद्र में मोदी सरकार पर पड़ेगा। उनके अनुसार, इन राज्यों में बीजेपी की हार केंद्र में मोदी सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण झटका साबित हो सकती है।</p>
<p>बीजेपी की वर्तमान स्थिति</p>
<p>गौरतलब है कि हाल के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। पार्टी ने 240 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि NDA के घटक दलों के साथ मिलकर यह आंकड़ा 292 पर पहुंचा। बीजेपी के लिए इसका सबसे बड़ा सहयोग टीडीपी और जदयू ने किया, जो एनडीए 3.0 के लिए बेहद जरूरी है।</p>
<p>इस संदर्भ में प्रशांत किशोर का बयान विपक्ष के लिए एक रणनीतिक दिशा-निर्देश के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्ष आगामी चुनावों में इस सलाह को गंभीरता से लेगा और बीजेपी को चुनौती देने में सफल होगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>JDU की मांगें नहीं मानेगी बीजेपी, सरकार की मजबूती के लिए छोटे दलों से भी साधा संपर्क</title>
<link>https://pratinidhi.in/BJP-will-not-accept-JDU-demands-have-also-contacted-smaller-parties-to-strengthen-the-government</link>
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<description><![CDATA[ इस चुनाव में नीतीश कुमार और नायडू किंगमेकर फैक्टर बनकर उभरे हैं, इसलिए दोनों को ही लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. खासतौर पर यह कि जेडीयू सरकार में शामिल होगी तो उसकी तरफ से बड़ी शर्तें रखी जा सकती हैं. ]]></description>
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<pubDate>Thu, 06 Jun 2024 18:24:18 +0530</pubDate>
<dc:creator>omshivjee</dc:creator>
<media:keywords>JDU की मांगें नहीं मानेगी बीजेपी, सरकार की मजबूती के लिए छोटे दलों से भी साधा संपर्क</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं. बीजेपी बहुमत से पीछे रह गई है, लेकिन NDA ने 272 का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है. अब सरकार बनाने की कवायद जारी है. चूंकि इस चुनाव में नीतीश कुमार और नायडू किंगमेकर फैक्टर बनकर उभरे हैं, इसलिए दोनों को ही लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं.</p>
<p>खासतौर पर यह कि जेडीयू सरकार में शामिल होगी तो उसकी तरफ से बड़ी शर्तें रखी जा सकती हैं. इन चर्चाओं के बीच सामने आया है कि बीजेपी गठबंधन के नियमों और गठबंधन धर्म के तहत ही काम करेगी. गैरजरूरी मांगों के आगे नहीं झुकेगी.</p>
<p>गठबंधन धर्म के तहत ही काम करेगी बीजेपी सूत्रों के मुताबिक सामने आया है कि, जेडीयू की अनावश्यक मांगों के आगे बीजेपी नहीं झुकेगी. बीजेपी गठबंधन के नियमों और गठबंधन धर्म के तहत ही काम करेगी. मंत्रालय का बंटवारा हो या मंत्रियों की संख्या, सहयोगियों की चिंताओं का ध्यान भी रखा जाएगा.</p>
<p>बीजेपी अपने सभी सहयोगियों को साथ लेकर चलेगी. बीजेपी निर्दलीय सांसदों और छोटे-छोटे दलों के संपर्क में भी है. क्या नीतीश कुमार ने दिया है कोई फॉर्मूला? असल में, सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि नीतीश कुमार ने मंत्री पद को लेकर एक फॉर्मूला सामने रखा है. नीतीश के फॉर्मूले के मुताबिक उन्हें 4 सांसदों पर एक मंत्री पद दिया जाना चाहिए. इस हिसाब से उनके 12 सांसद हैं, इसलिए उन्हें कैबिनेट में three मंत्री पद मिलने चाहिए.</p>
<p>इस बार सहयोगी दलों पर निर्भर बीजेपी बता दें कि लोकसभा चुनावों के नतीजों में एनडीए तो बहुमत (272) से ज्यादा (293) सीटें हासिल करने में कामयाब रहा है, लेकिन बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई है. इसलिए अब सीटों के हिसाब से सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद बीजेपी को सहयोगी दलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है.</p>
<p>बीजेपी के बाद एनडीए में चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी sixteen सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है. वहीं नीतीश कुमार की जेडीयू ने 12 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की है. लोकसभा चुनाव का 'N फैक्टर' लोकसभा चुनाव के नतीजों ने एन फैक्टर दिया है- नमो, नीतीश और नायडू. नमो यानि नरेंद्र मोदी के चेहरे को आगे कर चुनाव मैदान में उतरे एनडीए को सरकार बनाने का जनादेश मिला, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) लगातार तीसरी बार बहुमत के साथ मोदी सरकार नहीं बना पाई है.</p>
<p>जेडीयू को 12 और TDP को sixteen सीटें मिलीं अब एक एन यानी नेहरू की बराबरी कर लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए पीएम मोदी को दो अन्य एन- नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू की पार्टियों के रुख पर निर्भर रहना पड़ेगा. नीतीश और नायडू के रुख से ही सरकार तय होनी है. नीतीश की अगुवाई वाले जनता दल (यूनाइटेड) को 12 और नायडू की तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) को sixteen सीटें मिली. ये दोनों दल भी एनडीए में हैं.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बीजेपी के खिलाफ आरोप: &amp;apos;रामनवमी हिंसा&amp;apos; में सीएम ममता बनर्जी का हमला</title>
<link>https://pratinidhi.in/Allegations-against-BJP-CM-Mamata-Banerjee-attack-on-Ram-Navami-violence</link>
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<description><![CDATA[ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले और अन्य जगहों पर रामनवमी के दौरान हुई हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर हमलावर है. इस बीच सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने हिंसा कराई है.   ]]></description>
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<pubDate>Thu, 18 Apr 2024 16:30:38 +0530</pubDate>
<dc:creator>Pratinidhi</dc:creator>
<media:keywords>पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर मेंरामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हुए विस्फोट में एक महिला घायल हो गई.</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p>पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले और अन्य जगहों पर रामनवमी के दौरान हुई हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर हमलावर है. इस बीच सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने हिंसा कराई है.  </p>
<p>टीएमसी की चीफ ममता बनर्जी ने गुरुवार (18 अप्रैल, 2024) को कहा, ''आपको पता है कि परसो बीजेपी ने ही हमला किया. पुलिस घायल हुई है. एक धर्म वालों के सिर फोड़े गए हैं. बीजेपी विधायक दल बल लेकर आया था.'' </p>
<p>दरअसल, बीजेपी ने आरोप लगाया था कि रामनवमी के दौरान हिंसा टीएमसी के लोगों ने की थी. पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि रामनवमी के जुलूस पर हमला टीएमसी के लोगों ने किया. सीएम ममता बनर्जी ने लोगों को उकसाने की कोशिश की. हम चाहते हैं कि मामले की जांच एनआईए करें.</p>
<p>पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर मेंरामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हुए विस्फोट में एक महिला घायल हो गई. पुलिस ने इस संबंध में जानकारी शेयर की. एक पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया था कि विस्फोट शाम को हुआ, इसमें एक महिला घायल हो गई. हम घटना की जांच कर रहे हैं.</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>बंगाल में राम नवमी पर राजनीतिक उत्सव: शोभायात्रा में हिंसा, पत्थरबाजी और झड़प, BJP ने ममता को घेरा</title>
<link>https://pratinidhi.in/Political-celebration-on-Ram-Navami-in-Bengal-Violence-stone-pelting-and-clashes-in-the-procession-BJP-surrounds-Mamata</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Thu, 18 Apr 2024 12:06:40 +0530</pubDate>
<dc:creator>Pratinidhi</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;">पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रामनवमी के जुलूस के दौरान पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. दरअसल, मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर स्थित शक्तिपुर इलाके में बुधवार की शाम को राम नवमी शोभायात्रा के दौरान झड़प और हिंसा का दावा किया गया है, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की खबर है. दावा किया जा रहा है कि जब राम नवमी की शोभायात्रा निकाली जा रही थी, तभी इलाके में पत्थरबाजी शुरू हो गई और लोगों को छतों से पथराव करते देखा गया. नौबत यह आ गई कि पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा है. भाजपा का आरोप है कि रेजीनगर में हिंदू श्रद्धालुओं को निशाना बनाया गया.</p>
<p style="text-align: justify;">समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर में बुधवार शाम को रामनवमी की शोभा यात्रा के दौरान विस्फोट भी हुआ है, जिसमें एक महिला घायल हो गई. पुलिस ने बताया कि घायल महिला को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि विस्फोट बुधवार शाम को हुआ. इसमें एक महिला घायल हो गई. हम घटना की जांच कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विस्फोट बम से हुआ या किसी अन्य कारण से धमाका हुआ.</p>
<p style="text-align: justify;">यह भी बताया गया कि यह घटना बुधवार शाम शक्तिपुर इलाके में हुई, जब एक समूह राम नवमी के मौके पर जुलूस का नेतृत्व कर रहा था. सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें इस इलाके में लोग अपनी छतों से शोभायात्रा पर पथराव करते दिख रहे हैं. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. पुलिस ने आगे कहा कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और क्षेत्र में अतिरिक्त बल भेजा गया है.</p>
<p style="text-align: justify;">वहीं, भाजपा नेता अमित मालवीय ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि मुर्शिदापाद के रेजीनगर में हिंदू श्रद्धालुओं को रामनवमी उत्सव के दौरान निशाना बनाया गया. अमित मालवीय ने कहा, ‘ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के लिए कलंक हैं. वह एक बार फिर रामनवमी शोभा यात्रा की सुरक्षा करने में विफल रहीं. मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में हिंदू श्रद्धालुओं को निशाना बनाया गया. इस क्षेत्र में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. बस इस ओर इशारा कर रहा हूं, ताकि वह (ममता) खुद पर हुए हमले के लिए हिंदुओं को दोषी न ठहराएं.’</p>
<p style="text-align: justify;">अमित मालवीय ने एक और पोस्ट में कहा, ‘मुर्शिदाबाद के रेजीनगर में रामनवमी शोभा यात्रा पर हुए हमले के लिए ममता बनर्जी के भड़काऊ सांप्रदायिक भाषण जिम्मेदार हैं. चुनाव आयोग को बंगाल की मुख्यमंत्री के गैर-जिम्मेदाराना बयानों पर ध्यान देना चाहिए, जिससे हिंदुओं के खिलाफ लक्षित हिंसा हो रही है.</p>
<p style="text-align: justify;">उन्होंने एक और वीडियो शेयर कर कहा, ‘बंगाल बर्बाद हो रहा है और इसके लिए ममता बनर्जी जिम्मेदार हैं. उनके निंदनीय और सांप्रदायिक भाषणों के कारण पूरे बंगाल में राम भक्तों पर हमले हुए हैं. मुर्शिदाबाद में बड़े पैमाने पर दंगे के बाद अब मेदिनीपुर के एगरा में श्रीराम भक्तों को निशाना बनाया गया. रामनवमी शोभा यात्रा पर हुए क्रूर हमले के विरोध में अब भाजपा कार्यकर्ता एगरा थाने का घेराव करेंगे. बंगाली हिंदुओं की रक्षा करने में विफल रहने के लिए बंगाल की मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.</p>]]> </content:encoded>
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